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  • मध्यप्रदेश में गर्मी का कहर, 44 डिग्री के पार पहुंच सकता है पारा

    मध्यप्रदेश में गर्मी का कहर, 44 डिग्री के पार पहुंच सकता है पारा


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। 22 मई 2026 को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का असर देखने को मिलेगा। राजधानी भोपाल सहित कई जिलों में तापमान 41 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक राहत मिलने के आसार बेहद कम हैं और प्रदेश के कई हिस्सों में हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर और मध्य भारत में चल रही गर्म और शुष्क हवाओं का असर मध्यप्रदेश पर भी साफ दिखाई दे रहा है। प्रदेश के ग्वालियर, चंबल, बुंदेलखंड, रीवा, सागर और उज्जैन संभाग में गर्म हवाओं का असर अधिक रहेगा। दोपहर के समय सड़कों और बाजारों में लोगों की आवाजाही कम देखने को मिल सकती है।

    राजधानी भोपाल में दिन का तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जबकि ग्वालियर, खजुराहो, नौगांव और दतिया जैसे इलाकों में पारा 44 डिग्री तक पहुंच सकता है। रात के तापमान में भी बढ़ोतरी होने से लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। मौसम विभाग ने ‘वार्म नाइट’ की स्थिति को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी है।

    भीषण गर्मी का असर जनजीवन पर साफ दिखाई देने लगा है। दोपहर के समय बाजारों में सन्नाटा पसरा रहता है और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। सड़क किनारे ठंडे पेय पदार्थ, गन्ने का रस, छाछ और लस्सी की दुकानों पर लोगों की भीड़ बढ़ गई है। वहीं अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, सिरदर्द और लू से संबंधित मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है।

    मौसम विभाग और स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचने की सलाह दी गई है। बाहर निकलते समय सिर को ढंकने, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने और लगातार पानी पीते रहने की अपील की गई है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।

    विशेषज्ञों के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता फिलहाल कमजोर है, जिसके कारण प्रदेश में बारिश की संभावना बेहद कम बनी हुई है। आने वाले तीन-चार दिनों तक तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में 45 डिग्री के करीब तापमान पहुंचने की आशंका भी जताई जा रही है।

    गर्मी के इस तीखे दौर ने बिजली की मांग भी बढ़ा दी है। एसी, कूलर और पंखों के लगातार इस्तेमाल से कई शहरों में बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां अपनाने की अपील की है।

  • शुक्रवार के ये वास्तु उपाय बदल देंगे घर की किस्मत, आएगी बरकत

    शुक्रवार के ये वास्तु उपाय बदल देंगे घर की किस्मत, आएगी बरकत


    नई दिल्ली। शुक्रवार का दिन हिंदू धर्म में धन, समृद्धि और सौभाग्य की देवी मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए विशेष माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि इस दिन कुछ सरल उपाय अपनाए जाएं तो घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और आर्थिक समस्याएं धीरे-धीरे कम होने लगती हैं।

    वास्तु विशेषज्ञों का मानना है कि शुक्रवार के दिन घर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। मुख्य द्वार को हमेशा साफ और आकर्षक रखना चाहिए क्योंकि इसे ऊर्जा प्रवेश का प्रमुख स्थान माना जाता है। दरवाजे पर हल्दी या कुमकुम से स्वस्तिक और लक्ष्मी चरण चिह्न बनाना शुभ माना जाता है। इससे घर में शुभ ऊर्जा का प्रवेश होता है और नकारात्मकता दूर होती है।

    शुक्रवार के दिन घर में घी का दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना गया है। विशेष रूप से पूजा स्थल और मुख्य द्वार पर दीपक जलाने से वातावरण शुद्ध होता है और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। साथ ही, घर में सुगंधित अगरबत्ती या धूप का प्रयोग करने से मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा बनी रहती है।

    वास्तु के अनुसार शुक्रवार को घर में सफेद या गुलाबी रंग के फूलों का उपयोग करना चाहिए। यह रंग शांति और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। साथ ही, घर के उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) को हमेशा साफ और व्यवस्थित रखना चाहिए क्योंकि यह दिशा धन और ज्ञान की मानी जाती है।

    शुक्रवार को घर में तुलसी के पौधे की पूजा करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है। तुलसी में जल अर्पित कर दीपक जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और आर्थिक बाधाएं दूर होती हैं। इसे घर की समृद्धि के लिए अत्यंत प्रभावी उपाय माना गया है।

    वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में टूटे-फूटे सामान या अनावश्यक कबाड़ को शुक्रवार से पहले ही हटा देना चाहिए। इससे नकारात्मक ऊर्जा कम होती है और नए अवसरों के मार्ग खुलते हैं।

    इसके अलावा, शुक्रवार के दिन दान का विशेष महत्व बताया गया है। सफेद वस्त्र, मिठाई, या जरूरतमंदों को भोजन कराने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में स्थायी सुख-समृद्धि का वास होता है।

    कुल मिलाकर, शुक्रवार के ये सरल वास्तु उपाय न केवल घर के वातावरण को सकारात्मक बनाते हैं, बल्कि आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करने में सहायक माने जाते हैं। श्रद्धा और विश्वास के साथ अपनाए गए ये उपाय जीवन में स्थिरता और खुशहाली ला सकते हैं।

  • नौतपा में तपेगा मौसम ही नहीं, बदल सकती है जीवन की दिशा

    नौतपा में तपेगा मौसम ही नहीं, बदल सकती है जीवन की दिशा

    नई दिल्ली। साल 2026 में Nautapa की शुरुआत 25 मई से होने जा रही है। इस अवधि को हिंदू पंचांग और ज्योतिष में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, जब सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं और पृथ्वी पर उनकी ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है। मान्यता है कि इन नौ दिनों के दौरान भीषण गर्मी अपने चरम पर होती है और लू चलने की संभावना अधिक रहती है।

    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार नौतपा केवल मौसम का बदलाव नहीं बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा का विशेष समय भी होता है। सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करने से तापमान में वृद्धि होती है और यह समय साधना, दान और आत्मशुद्धि के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस अवधि में किए गए दान और धार्मिक कार्य सूर्य देव को प्रसन्न करते हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।

    नौतपा के दौरान सबसे अधिक महत्व जल दान को दिया गया है। इस समय राहगीरों को पानी पिलाना, प्याऊ लगवाना और मिट्टी के घड़े में ठंडा पानी वितरित करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। इसके साथ ही शरबत, छाछ, तरबूज और अन्य शीतल पेय पदार्थों का दान भी विशेष फलदायी बताया गया है। मान्यता है कि ऐसे कार्य न केवल लोगों को गर्मी से राहत देते हैं बल्कि आध्यात्मिक रूप से भी शुभ परिणाम देते हैं।

    इसके अलावा अन्न दान को भी इस अवधि में अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। गेहूं, चावल, दाल और गुड़ जैसे खाद्य पदार्थों का दान करने से व्यक्ति के जीवन में स्थिरता आती है और कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इससे आत्मविश्वास बढ़ता है और आर्थिक समस्याओं में धीरे-धीरे कमी आती है।

    नौतपा के दौरान वस्त्र दान का भी विशेष महत्व बताया गया है। सूती कपड़े, चप्पल, छाता और तौलिया जैसी आवश्यक वस्तुएं जरूरतमंदों को देने से सेवा भाव बढ़ता है और समाज में मान-सम्मान प्राप्त होता है। इसे पुण्य और कल्याणकारी कार्य माना गया है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस समय सुबह सूर्य को जल अर्पित करना और “ॐ सूर्याय नमः” मंत्र का जाप करना अत्यंत शुभ होता है। कई लोग इस अवधि में उपवास भी रखते हैं, जिससे मानसिक और शारीरिक शुद्धि होती है। ऐसा माना जाता है कि सूर्य मजबूत होने से व्यक्ति के नेतृत्व क्षमता और निर्णय लेने की शक्ति में वृद्धि होती है।

    कुल मिलाकर नौतपा 2026 केवल भीषण गर्मी का संकेत नहीं, बल्कि एक ऐसा समय है जिसे सही दिशा में उपयोग करके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन, स्वास्थ्य लाभ और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त की जा सकती है।

  • 22 मई 2026: तुला राशि वालों की चमक सकती है किस्मत, सैलरी बढ़ने के योग

    22 मई 2026: तुला राशि वालों की चमक सकती है किस्मत, सैलरी बढ़ने के योग



    नई दिल्ली। तुला राशि वालों के लिए कल का दिन काफी सकारात्मक और लाभदायक रहने के संकेत दे रहा है। नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर उनकी मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है। लंबे समय से जिस वेतन वृद्धि या प्रमोशन का इंतजार था, उससे जुड़ी कोई अच्छी खबर मिल सकती है।

    ऑफिस में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और आपकी कार्यशैली की सराहना हो सकती है। नए प्रोजेक्ट या जिम्मेदारियां मिलने के भी योग हैं, जो भविष्य में करियर ग्रोथ का रास्ता खोल सकती हैं।

    व्यापार से जुड़े लोगों के लिए भी समय अनुकूल रहेगा। रुके हुए काम पूरे होने की संभावना है और आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। निवेश से जुड़े मामलों में लाभ मिलने के संकेत हैं।

    पारिवारिक जीवन में खुशियों का माहौल बना रहेगा। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। किसी करीबी से शुभ समाचार मिलने की संभावना है।

    स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन गर्मी के मौसम को देखते हुए खानपान और पानी का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। मानसिक रूप से भी आप आत्मविश्वास और ऊर्जा से भरपूर महसूस करेंगे।

    प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी और रिश्तों में मजबूती आएगी। छात्रों के लिए भी दिन अच्छा रहेगा और पढ़ाई में मन लगेगा।

  • रेड कार्पेट पर छाईं मौनी रॉय, नया लुक सोशल मीडिया पर वायरल

    रेड कार्पेट पर छाईं मौनी रॉय, नया लुक सोशल मीडिया पर वायरल

     
    नई दिल्ली। कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 में इस बार बॉलीवुड सितारों का ग्लैमर लगातार चर्चा में बना हुआ है और इसी बीच मौनी रॉय का नया लुक सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। अपने स्टाइलिश अंदाज और खूबसूरती के लिए मशहूर मौनी ने कान्स के रेड कार्पेट पर एक बार फिर ऐसा फैशन स्टेटमेंट दिया, जिसने फैंस को दीवाना बना दिया।

    हाल ही में अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में रहीं मौनी रॉय अब अपने ग्लैमरस अंदाज को लेकर चर्चा बटोर रही हैं। कान्स 2026 से सामने आई उनकी तस्वीरों में उनका ट्रेडिशनल और मॉडर्न फ्यूजन लुक हर किसी का ध्यान खींच रहा है। सोशल मीडिया पर फैंस लगातार उनके इस नए अवतार की तारीफ कर रहे हैं।

    मौनी ने इस खास मौके पर बेहद क्लासिक लेकिन एलिगेंट आउटफिट चुना। उनका यह ड्रेस डिजाइन गुजरात की प्रसिद्ध पाटन पटोला कला से प्रेरित बताया जा रहा है। नीले बेस कलर पर बने मल्टीकलर प्रिंट्स पूरे आउटफिट को बेहद आकर्षक बना रहे थे। पारंपरिक डिजाइनों और मॉडर्न सिल्हूट का यह मिश्रण उनके लुक को अलग पहचान दे रहा था।

    उनकी ड्रेस की सबसे खास बात पीछे लगी लंबी चमकदार नीली ट्रेल रही, जिसने पूरे लुक में रॉयल टच जोड़ दिया। रेड कार्पेट पर चलते समय यह ट्रेल बेहद शानदार दिखाई दे रही थी और कैमरों की नजरें लगातार उन्हीं पर टिकी रहीं।

    मौनी रॉय ने अपने इस लुक को बहुत ही सटल और मिनिमल तरीके से स्टाइल किया। उन्होंने बेहद हल्का मेकअप रखा और खुले बालों के साथ सिंपल लेकिन क्लासी अंदाज अपनाया। खास बात यह रही कि उन्होंने ‘नो ज्वेलरी’ ट्रेंड को फॉलो किया, जिससे पूरा फोकस उनके आउटफिट और नैचुरल ब्यूटी पर बना रहा।

    सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों पर फैंस लगातार कमेंट कर रहे हैं। कोई उन्हें “क्वीन ऑफ एलिगेंस” बता रहा है तो कोई उनके लुक को कान्स के सबसे खूबसूरत फैशन मोमेंट्स में शामिल कर रहा है। फैशन एक्सपर्ट्स भी उनके इस फ्यूजन स्टाइल की तारीफ कर रहे हैं।

    कान्स फिल्म फेस्टिवल हमेशा से ही इंटरनेशनल फैशन और ग्लैमर का सबसे बड़ा मंच माना जाता है, जहां दुनियाभर के सितारे अपने खास अंदाज से लोगों का ध्यान खींचते हैं। ऐसे में मौनी रॉय का यह रॉयल और स्टाइलिश लुक भारतीय फैशन की खूबसूरती को भी शानदार तरीके से पेश करता नजर आया।

  • आज का राशिफल 22 मई 2026: तुला राशि वालों को मिल सकता है आर्थिक लाभ

    आज का राशिफल 22 मई 2026: तुला राशि वालों को मिल सकता है आर्थिक लाभ


    नई दिल्ली। 22 मई 2026 का राशिफल कई राशियों के लिए शुभ संकेत लेकर आया है। खासतौर पर तुला राशि वालों को नौकरी और आय में बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं, जबकि अन्य राशियों को भी करियर, स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन में नए अवसर मिल सकते हैं।

    मेष राशि
    मेष राशि वालों के लिए दिन ऊर्जा से भरा रहेगा। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। परिवार का सहयोग मिलेगा और रुके काम पूरे होने के संकेत हैं।

    वृषभ राशि
    वृषभ राशि वालों को आर्थिक मामलों में सतर्क रहने की जरूरत है। निवेश सोच-समझकर करें। किसी पुराने मित्र से मुलाकात मन प्रसन्न करेगी।

    मिथुन राशि
    मिथुन राशि वालों के लिए दिन सकारात्मक रहेगा। नौकरी में प्रशंसा मिल सकती है। छात्रों के लिए समय अनुकूल रहेगा।

    कर्क राशि
    कर्क राशि वालों को भावनात्मक फैसले लेने से बचना होगा। परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक शांति मिलेगी।

    सिंह राशि
    सिंह राशि वालों के लिए करियर में उन्नति के संकेत हैं। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात भविष्य में लाभ दिला सकती है।

     कन्या राशि
    कन्या राशि वालों को कार्यक्षेत्र में मेहनत का पूरा फल मिलेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें और खानपान संतुलित रखें।

     तुला राशि
    तुला राशि वालों के लिए कल का दिन बेहद शुभ रहने वाला है। नौकरीपेशा लोगों को सैलरी बढ़ने या प्रमोशन की खुशखबरी मिल सकती है। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

    वृश्चिक राशि
    वृश्चिक राशि वालों को जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचना चाहिए। यात्रा के योग बन रहे हैं और परिवार में शुभ कार्य की चर्चा हो सकती है।

    धनु राशि
    धनु राशि वालों के लिए नए अवसरों का दिन रहेगा। व्यापार में लाभ के संकेत हैं और आत्मविश्वास बढ़ेगा।

     मकर राशि
    मकर राशि वालों को कार्यक्षेत्र में संयम बनाए रखना होगा। किसी पुराने विवाद का समाधान निकल सकता है।

     कुंभ राशि
    कुंभ राशि वालों को पारिवारिक मामलों में समझदारी से काम लेना होगा। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है।
     

    मीन राशि
    मीन राशि वालों के लिए दिन लाभकारी रहेगा। रुका हुआ धन वापस मिलने के योग हैं और मानसिक तनाव कम होगा।
  • POK में मारा गया पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड, हमजा बुरहान की गोली मारकर हत्या

    POK में मारा गया पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड, हमजा बुरहान की गोली मारकर हत्या



    नई दिल्ली। 2019 के चर्चित पुलवामा आतंकी हमला के मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल आतंकी हमजा बुरहान की पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में हत्या कर दी गई है। ‘डॉक्टर’ के नाम से पहचाने जाने वाले हमजा को मुजफ्फराबाद के पास अज्ञात बंदूकधारियों ने गोलियों से भून डाला। हमले में उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमजा बुरहान का असली नाम अर्जुमंद गुलजार डार था और वह जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रत्नीपोरा का रहने वाला था। बताया जा रहा है कि वह पिछले कई वर्षों से POK में एक स्कूल टीचर की फर्जी पहचान के साथ रह रहा था। इसी आड़ में वह आतंकी नेटवर्क, ट्रेनिंग कैंप और घुसपैठ गतिविधियों को संचालित कर रहा था।

    सूत्रों के अनुसार, मुजफ्फराबाद के घने जंगल वाले इलाके में अज्ञात हमलावरों ने उसे निशाना बनाया। हमलावरों ने उस पर अंधाधुंध फायरिंग की, जिससे कई गोलियां लगने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। फिलहाल हमलावरों की पहचान नहीं हो सकी है।

    हमजा आतंकी संगठन अल-बद्र का प्रमुख कमांडर था और वह जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी नेटवर्क के साथ भी सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ था। भारत सरकार ने वर्ष 2022 में उसे UAPA के तहत आधिकारिक तौर पर आतंकवादी घोषित किया था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की पुलवामा हमले से जुड़ी चार्जशीट में भी उसका नाम प्रमुख साजिशकर्ताओं में शामिल था।

    बताया जाता है कि हमजा पाकिस्तान जाकर आतंकी संगठन अल-बद्र में शामिल हुआ था और बाद में उसका कमांडर बन गया। वह पाकिस्तान से ही जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने, युवाओं को संगठन में भर्ती करने और फंडिंग जुटाने का काम करता था।

    गृह मंत्रालय के अनुसार, हमजा युवाओं को आतंकवादी गतिविधियों के लिए उकसाने और आतंकी संगठनों के लिए आर्थिक मदद जुटाने में भी सक्रिय था। पुलवामा हमले के अलावा उसे कई अन्य आतंकी घटनाओं का भी मास्टरमाइंड माना जाता था।

    14 फरवरी 2019 को हुए पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। उस दिन जवानों का काफिला जम्मू से श्रीनगर जा रहा था, तभी पुलवामा के लेथपोरा इलाके में विस्फोटकों से भरी एक कार जवानों की बस से टकरा गई थी। धमाका इतना भीषण था कि बस के परखच्चे उड़ गए थे। इस आत्मघाती हमले को स्थानीय आतंकी आदिल अहमद डार ने अंजाम दिया था, जबकि इसकी जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी।

    एनआईए की विस्तृत जांच में मसूद अजहर, अब्दुल रऊफ असगर, उमर फारूक और हमजा बुरहान समेत कई आतंकियों को इस हमले की साजिश में शामिल पाया गया था। अब हमजा की मौत को आतंकी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

    हालांकि, उसकी हत्या किसने और किन कारणों से की, इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

  • ‘कुर्बानी पर रोक बर्दाश्त नहीं’: हुमायूं कबीर के बयान से गरमाई बंगाल की राजनीति..

    ‘कुर्बानी पर रोक बर्दाश्त नहीं’: हुमायूं कबीर के बयान से गरमाई बंगाल की राजनीति..

    नई दिल्ली । बकरीद से पहले पश्चिम बंगाल में कुर्बानी को लेकर राजनीतिक माहौल अचानक गरमा गया है। राज्य सरकार की ओर से पशु वध को लेकर जारी किए गए नए निर्देशों के बाद अब इस मुद्दे ने सियासी रंग पकड़ लिया है। आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख और विधायक हुमायूं कबीर के तीखे बयान ने राज्य की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि धार्मिक परंपराओं में हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा और कुर्बानी की परंपरा पहले की तरह जारी रहेगी।

    दरअसल राज्य सरकार ने हाल ही में पशु वध नियंत्रण कानून के तहत एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया है। इसमें बिना फिटनेस प्रमाण पत्र के गाय और भैंस के वध पर सख्त रोक लगाने की बात कही गई है। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया कि किसी भी बैल, बछड़े, गाय या भैंस का वध निर्धारित नियमों और प्रमाण पत्र के बिना नहीं किया जा सकेगा। बकरीद से ठीक पहले जारी इस निर्देश के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

    इसी मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए हुमायूं कबीर ने सरकार पर धार्मिक मामलों में दखल देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुर्बानी की परंपरा सदियों पुरानी है और इसे कोई रोक नहीं सकता। उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम समुदाय अपने धार्मिक अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। उनके बयान के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। कबीर ने कहा कि सरकार प्रशासन चलाने तक सीमित रहे और धार्मिक परंपराओं में हस्तक्षेप करने से बचे।

    हुमायूं कबीर ने अपने बयान में यह भी कहा कि कुर्बानी केवल एक धार्मिक प्रक्रिया नहीं बल्कि आस्था और परंपरा का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि समाज में पहले से चली आ रही धार्मिक परंपराओं को राजनीतिक मुद्दा बनाना ठीक नहीं है। उनके अनुसार किसी भी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले कदम सामाजिक तनाव को बढ़ा सकते हैं। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में सावधानी बरतनी चाहिए।

    इस विवाद के बीच राज्य की राजनीति में माहौल और अधिक गर्म हो गया है। विपक्षी दल जहां सरकार के फैसले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं, वहीं कई सामाजिक संगठनों ने भी इस मुद्दे पर संतुलित रवैया अपनाने की अपील की है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बकरीद से पहले उठा यह विवाद आने वाले दिनों में और बड़ा रूप ले सकता है।

    हुमायूं कबीर पहले भी कई विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रह चुके हैं। पिछले वर्षों में भी उनके कुछ बयान राजनीतिक बहस का कारण बने थे। हालांकि इस बार उनका बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में धार्मिक और राजनीतिक मुद्दों को लेकर पहले से ही संवेदनशील माहौल बना हुआ है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस पूरे मामले का असर आगामी चुनावी समीकरणों पर भी देखने को मिल सकता है।

    फिलहाल राज्य में प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। सरकार की ओर से लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की जा रही है। वहीं राजनीतिक बयानबाजी के बीच आम जनता की नजर अब इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में यह विवाद किस दिशा में आगे बढ़ता है।

  • डॉक्टरों के लिए बड़ी खुशखबरी, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेजों में 118 प्रोफेसर पदों पर भर्ती शुरू, जानिए पूरी प्रक्रिया

    डॉक्टरों के लिए बड़ी खुशखबरी, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेजों में 118 प्रोफेसर पदों पर भर्ती शुरू, जानिए पूरी प्रक्रिया

    नई दिल्ली । चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रहे अनुभवी डॉक्टरों और शिक्षकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। कर्मचारी राज्य बीमा निगम ने देश के विभिन्न ईएसआईसी मेडिकल कॉलेजों और पीजीआईएमएसआर संस्थानों में प्रोफेसर पदों पर भर्ती के लिए बड़ा भर्ती अभियान शुरू किया है। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत अलग-अलग मेडिकल विभागों में कुल 118 पदों पर योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति की जाएगी। भर्ती को लेकर जारी अधिसूचना के बाद मेडिकल शिक्षा क्षेत्र से जुड़े अभ्यर्थियों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है।

    भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत एनाटॉमी, अनेस्थीसियोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, सामुदायिक चिकित्सा, सामान्य चिकित्सा, सामान्य सर्जरी, माइक्रोबायोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, पीडियाट्रिक्स, पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी, मनोरोग चिकित्सा, रेस्पिरेटरी मेडिसिन और ब्लड बैंक समेत कई महत्वपूर्ण विभागों में रिक्तियां निकाली गई हैं। मेडिकल शिक्षा और अस्पताल प्रबंधन से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यह भर्ती स्वास्थ्य शिक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

    आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन माध्यम से शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित अंतिम तिथि तक अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। भर्ती में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों के पास संबंधित विषय में एमडी, एमएस या समकक्ष मान्यता प्राप्त पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री होना अनिवार्य रखा गया है। इसके साथ ही संबंधित विषय में निर्धारित वर्षों का शिक्षण अनुभव भी जरूरी होगा। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि चयनित उम्मीदवार मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण योगदान दे सकें।

    आयु सीमा की बात करें तो उम्मीदवारों की अधिकतम उम्र 50 वर्ष निर्धारित की गई है। हालांकि आरक्षित वर्गों से आने वाले अभ्यर्थियों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में विशेष छूट प्रदान की जाएगी। भर्ती प्रक्रिया में उम्मीदवारों का चयन इंटरव्यू, शॉर्टलिस्टिंग और दस्तावेज सत्यापन के आधार पर किया जाएगा। चयनित उम्मीदवारों को आकर्षक वेतनमान के साथ अन्य सरकारी सुविधाएं और भत्ते भी दिए जाएंगे। जानकारी के अनुसार चयनित प्रोफेसरों को प्रति माह एक लाख तेइस हजार रुपये से लेकर दो लाख पंद्रह हजार रुपये तक का वेतन मिल सकेगा।

    आवेदन शुल्क को लेकर भी अलग-अलग श्रेणियों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। सामान्य, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस और विभागीय पुरुष उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क निर्धारित किया गया है, जबकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांग, महिलाओं और पूर्व सैनिकों को शुल्क में छूट दी गई है। इससे अधिक से अधिक योग्य उम्मीदवारों को आवेदन का अवसर मिल सकेगा।

    उम्मीदवारों को आवेदन पत्र भरते समय सभी आवश्यक दस्तावेज सावधानीपूर्वक संलग्न करने होंगे। आवेदन फॉर्म जमा करने के बाद उसकी एक प्रति भविष्य के लिए सुरक्षित रखना भी जरूरी बताया गया है। मेडिकल शिक्षा क्षेत्र में स्थायी और प्रतिष्ठित सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे उम्मीदवारों के लिए यह भर्ती एक बड़ा अवसर मानी जा रही है। आने वाले समय में इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर प्रतियोगिता भी काफी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

  • कश्मीर के बहादुर आदिल शाह की याद में बड़ा कदम: सरकार ने स्कूल को दिया नया नाम

    कश्मीर के बहादुर आदिल शाह की याद में बड़ा कदम: सरकार ने स्कूल को दिया नया नाम

    नई दिल्ली । जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पिछले वर्ष हुए आतंकी हमले के दौरान पर्यटकों की जान बचाते हुए अपनी जान गंवाने वाले आदिल हुसैन शाह को राज्य सरकार ने विशेष सम्मान दिया है। उनके साहस और बलिदान को याद रखते हुए अनंतनाग जिले के एक सरकारी हाई स्कूल का नाम बदलकर उनके नाम पर रखा गया है। इस निर्णय को उनकी वीरता और मानवता के प्रति समर्पण का प्रतीक माना जा रहा है।

    जानकारी के अनुसार, आदिल हुसैन शाह पहलगाम क्षेत्र में पोनी चलाने का कार्य करते थे और पर्यटकों की सेवा से जुड़े रहते थे। 22 अप्रैल 2025 को बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले के दौरान उन्होंने कई पर्यटकों की जान बचाने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान वे स्वयं गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मृत्यु हो गई। उनकी इस बहादुरी ने पूरे क्षेत्र में गहरी छाप छोड़ी थी।

    राज्य सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के तहत अनंतनाग जिले के हापतनगर स्थित एक सरकारी हाई स्कूल का नाम बदलकर शहीद आदिल मेमोरियल हाई स्कूल कर दिया गया है। इस फैसले को सरकार की ओर से आयोजित एक विशेष समारोह में औपचारिक रूप से लागू किया गया, जिसमें शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

    इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि आदिल शाह का बलिदान केवल एक व्यक्ति की बहादुरी नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि कश्मीर के लोगों को अक्सर गलत नजरिए से देखा जाता है, लेकिन आदिल शाह ने अपने कार्य से यह साबित किया कि यहां के लोग अपने मेहमानों की सुरक्षा और सम्मान के लिए हमेशा आगे रहते हैं।

    परिवार के सदस्यों ने इस फैसले पर सरकार का आभार व्यक्त किया और इसे गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि स्कूल का नाम उनके नाम पर रखे जाने से आने वाली पीढ़ियां भी आदिल शाह के साहस और बलिदान को याद रखेंगी। स्थानीय लोगों ने भी इस कदम का स्वागत किया और इसे एक प्रेरणादायक निर्णय बताया, जिससे क्षेत्र में शांति और मानवता का संदेश और मजबूत हुआ है।

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