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  • बिहार में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर सियासी हलचल तेज, नया मुख्यमंत्री अभी भी सस्पेंस में

    बिहार में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर सियासी हलचल तेज, नया मुख्यमंत्री अभी भी सस्पेंस में


    नई दिल्ली।बिहार की राजनीति इस समय बड़े राजनीतिक बदलाव और नेतृत्व को लेकर चल रही अटकलों के बीच एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी चर्चाओं के बीच केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख Chirag Paswan ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि वे मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल नहीं हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चल रही कई अटकलों पर विराम लगने की बात कही जा रही है।

    राज्य में सत्ता परिवर्तन और नए नेतृत्व के गठन को लेकर लगातार मंथन जारी है। विभिन्न राजनीतिक दलों और गठबंधन सहयोगियों के बीच यह चर्चा तेज है कि आने वाली सरकार में नेतृत्व का चेहरा बदल सकता है, लेकिन गठबंधन की संरचना में बड़े बदलाव की संभावना कम है। इसी वजह से राजनीतिक समीकरणों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

    चिराग पासवान ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री पद के चयन का निर्णय किसी एक व्यक्ति के आधार पर नहीं बल्कि सभी सहयोगी दलों के विधायकों की सामूहिक सहमति से लिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि नए नेतृत्व का चयन गठबंधन के भीतर आपसी सहमति और रणनीतिक संतुलन के आधार पर किया जाएगा।

    राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि नई सरकार के गठन के दौरान मंत्रिमंडल में बड़े स्तर पर बदलाव देखने को मिल सकते हैं। कुछ पुराने चेहरों को हटाकर नए और युवा नेताओं को जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना जताई जा रही है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था में नई ऊर्जा लाई जा सके।

    इसके साथ ही यह भी माना जा रहा है कि सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया एक तय राजनीतिक कार्यक्रम के तहत आगे बढ़ रही है, जिसमें आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण बैठकों और औपचारिक प्रक्रियाओं के जरिए स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह पूरा घटनाक्रम राज्य की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हो सकता है।

    विपक्षी दलों ने इस पूरे घटनाक्रम पर सरकार को घेरते हुए इसे राजनीतिक अस्थिरता से जोड़ने की कोशिश की है। उनका कहना है कि सत्ता पक्ष के भीतर चल रही यह हलचल जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास हो सकता है, जबकि सत्तापक्ष इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बता रहा है।

    इस बीच चिराग पासवान के बयान के बाद यह साफ हो गया है कि फिलहाल उनकी प्राथमिक भूमिका राष्ट्रीय राजनीति में बनी रहेगी और वे मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सक्रिय नहीं हैं। इससे यह संकेत भी मिला है कि राज्य का अगला नेतृत्व किसी सर्वसम्मत और नए चेहरे पर केंद्रित हो सकता है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले कुछ दिनों में होने वाली बैठकों और निर्णयों के बाद बिहार की राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी। फिलहाल स्थिति सस्पेंस में है और सभी की नजरें गठबंधन के अंतिम फैसले पर टिकी हुई हैं।

  • भोपाल पहुंचकर रुकी आंगनवाड़ी न्याय पदयात्रा, 200 किमी पैदल आए कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका

    भोपाल पहुंचकर रुकी आंगनवाड़ी न्याय पदयात्रा, 200 किमी पैदल आए कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका


    भोपाल। मध्य प्रदेश में आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग को लेकर निकली आंगनवाड़ी न्याय पदयात्रा राजधानी पहुंचते ही थम गई। बैतूल से करीब 200 किलोमीटर का सफर तय कर आए आंदोलनकारियों को पुलिस ने बरकतुल्ला यूनिवर्सिटी के पास रोक दिया और मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ने की अनुमति नहीं दी।

    11 दिन में तय किया लंबा सफर
    यह पदयात्रा 1 अप्रैल को बैतूल जिले के अंबेडकर चौक से शुरू हुई थी। लक्ष्य था 11 दिनों में भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपना और आंगनवाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं की समस्याओं को सीधे सरकार तक पहुंचाना। पूर्व छात्र नेता रामकुमार नागवंशी के नेतृत्व में निकली इस यात्रा को आंगनवाड़ी न्याय पदयात्रा नाम दिया गया। उनका कहना है कि गांव-गांव में सेवाएं देने वाली इन कार्यकर्ताओं को न तो उचित वेतन मिलता है और न ही सरकारी कर्मचारी का दर्जा, इसलिए यह आंदोलन उनके अधिकारों के लिए है।

    राजधानी में एंट्री पर पुलिस ने रोका रास्ता

    शनिवार सुबह करीब 8:45 बजे जब पदयात्रा बरकतुल्ला यूनिवर्सिटी के पास पहुंची, तब पुलिस ने आगे बढ़ने से रोक दिया। आंदोलनकारियों का आरोप है कि उन्हें मुख्यमंत्री निवास तक नहीं जाने दिया गया और पास ही बैठा दिया गया।

    व्यक्तिगत अनुभव से जुड़ा आंदोलन
    रामकुमार नागवंशी ने बताया कि उनके परिवार की महिलाएं भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं। उनके संघर्ष को करीब से देखने के बाद ही उन्होंने इस पदयात्रा की शुरुआत की। उनके मुताबिक यह लाखों महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई है। तेज गर्मी के बावजूद कार्यकर्ताओं ने लगातार पैदल यात्रा जारी रखी। रास्ते में गांव-गांव जाकर लोगों से संवाद किया और समर्थन जुटाया।

    मुख्य मांगें और आगे की रणनीति

    आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग है कि आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, साथ ही उनके वेतन और सुविधाओं में सुधार किया जाए। उनका कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।

  • डिंडौरी में दशगात्र भोज करने के बाद 70 से ज्यादा ग्रामीण बीमार, फूड पॉइजनिंग की आशंका

    डिंडौरी में दशगात्र भोज करने के बाद 70 से ज्यादा ग्रामीण बीमार, फूड पॉइजनिंग की आशंका


    डिंडौरी। मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले के मेहंदवानी जनपद के ग्राम झामझोला में दशगात्र भोज के बाद बड़ा स्वास्थ्य संकट खड़ा हो गया। शुक्रवार रात आयोजित इस कार्यक्रम में खाना खाने के बाद 70 से अधिक ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ गई जिन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

    भोज के बाद देर रात शुरू हुई परेशानी

    ग्रामीणों के मुताबिक सुखचैन धुर्वे के घर आयोजित दशगात्र कार्यक्रम में रात करीब 10 बजे लोगों ने पूड़ी सब्जी दाल और चावल का भोजन किया। इसके बाद सभी अपने घर लौट गए लेकिन देर रात करीब 12 बजे से लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत शुरू हो गई। देखते ही देखते कई ग्रामीण बीमार पड़ गए।

    अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या

    शनिवार सुबह से ही मरीजों का मेहंदवानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचना शुरू हो गया। गंभीर स्थिति वाले कुछ मरीजों को मंडला जिले के मोहगांव अस्पताल रेफर किया गया है। डॉक्टरों के अनुसार सभी मरीज फिलहाल खतरे से बाहर हैं। घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें गांव पहुंच गईं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज पांडेय के निर्देश पर गांव में अस्थायी मेडिकल कैंप लगाकर इलाज शुरू किया गया। मरीजों को दवाइयां दी जा रही हैं और उनकी लगातार निगरानी की जा रही है।

    50 से ज्यादा मरीज मोहगांव में भर्ती

    स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मोहगांव अस्पताल में 50 से अधिक मरीज भर्ती हैं जबकि मेहंदवानी अस्पताल में 20 से ज्यादा लोगों का इलाज चल रहा है। सभी ने एक ही भोज का खाना खाने की बात कही है जिससे भोजन में गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। जिला प्रशासन ने भोज में परोसे गए भोजन के नमूने जांच के लिए भेज दिए हैं। शुरुआती तौर पर फूड पॉइजनिंग की संभावना जताई जा रही है हालांकि वास्तविक कारण रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि तबीयत खराब होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराएं। साथ ही गांव में साफ-सफाई और स्वच्छ पेयजल व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

  • फिल्म जाट के एक साल पूरे होने पर सीक्वल की घोषणा पुराने कलाकारों के साथ फिर जमेगी जोड़ी

    फिल्म जाट के एक साल पूरे होने पर सीक्वल की घोषणा पुराने कलाकारों के साथ फिर जमेगी जोड़ी


    नई दिल्ली। एक्शन सुपरस्टार सनी देओल के प्रशंसकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है जहाँ अभिनेता ने अपनी हालिया सुपरहिट एक्शन फिल्म की पहली वर्षगांठ के अवसर पर इसके अगले भाग की आधिकारिक घोषणा कर दी है। गबरू और लाहौर 1947 जैसी बड़ी फिल्मों की व्यस्त तैयारियों के बीच अभिनेता ने अपनी फिल्म जाट के सीक्वल जाट 2 का ऐलान कर मनोरंजन जगत में हलचल पैदा कर दी है। अभिनेता ने इस खास मौके पर फिल्म के निर्माण से जुड़े सभी साथियों और सह-कलाकारों का आभार व्यक्त करते हुए पुरानी यादें साझा कीं। इस घोषणा के साथ ही यह साफ हो गया है कि दर्शकों को एक बार फिर पर्दे पर जबरदस्त एक्शन और धमाकेदार मुकाबले देखने को मिलने वाले हैं। सोशल मीडिया पर साझा की गई झलकियों में अभिनेता का वही पुराना रौद्र रूप नजर आ रहा है जो उनके चाहने वालों के बीच बेहद लोकप्रिय है।

    फिल्म के पहले भाग की यादें साझा करते हुए अभिनेता ने बताया कि शूटिंग के दौरान का सफर बेहद शानदार और ऊर्जा से भरा रहा। उन्होंने फिल्म के निर्देशन की सराहना करते हुए कहा कि जिस विजन के साथ इस कहानी को पर्दे पर उतारा गया वह काबिले तारीफ था। फिल्म में उनके साथ रणदीप हुड्डा और विनीत कुमार सिंह जैसे दमदार कलाकार भी नजर आए थे जिनके साथ काम करने के अनुभव को अभिनेता ने बेहद सुखद बताया। पहले भाग की कहानी में दिखाया गया था कि किस तरह एक नायक खलनायक के गुंडाराज और आतंक को खत्म करने के लिए मैदान में उतरता है। अब जाट 2 के जरिए इस संघर्ष और रोमांच को एक नए स्तर पर ले जाने की तैयारी है।

    व्यावसायिक दृष्टि से देखा जाए तो इस फिल्म के पहले भाग ने बॉक्स ऑफिस पर संतुलित प्रदर्शन किया था। करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस फिल्म ने अपनी लागत वसूलने के साथ ही मुनाफा भी कमाया था। सिनेमाघरों के बाद इसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी दर्शकों का भरपूर प्यार मिला जिससे निर्माताओं का उत्साह बढ़ा और उन्होंने इसके दूसरे भाग पर काम शुरू करने का फैसला लिया। वर्तमान में अभिनेता के पास कई बड़े प्रोजेक्ट्स हैं लेकिन जाट 2 के ऐलान ने यह साबित कर दिया है कि वे अपने एक्शन अवतार को लेकर कितने गंभीर हैं।

    अभिनेता के इस नए ऐलान के बाद फिल्म की पहली झलक और शूटिंग से जुड़ी अन्य जानकारियों का इंतजार बेसब्री से किया जा रहा है। साझा किए गए वीडियो में जिस तरह का जोश और एक्शन नजर आ रहा है उससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि जाट 2 पहले भाग के मुकाबले कहीं अधिक भव्य और प्रभावशाली होगी। मनोरंजन जगत में चर्चा है कि इस बार कहानी में नए मोड़ और अधिक खतरनाक स्टंट देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल सनी देओल अपनी अन्य फिल्मों के काम में व्यस्त हैं लेकिन जल्द ही वे इस नए मिशन के लिए कमर कसते नजर आएंगे।

  • बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में भारत का जलवा, आयुष शेट्टी ने वर्ल्ड नंबर-1 को दी मात

    बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में भारत का जलवा, आयुष शेट्टी ने वर्ल्ड नंबर-1 को दी मात


    नई दिल्ली। भारत के उभरते स्टार शटलर Ayush Shetty ने बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बना ली है। निंगबो के निंगबो ओलंपिक स्पोर्ट्स सेंटर में खेले गए सेमीफाइनल में उन्होंने दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी Kunlavut Vitidsarn को हराकर बड़ा उलटफेर किया।

    पहला गेम हारकर की दमदार वापसी

    करीब 1 घंटा 15 मिनट तक चले इस मुकाबले में आयुष शेट्टी ने जबरदस्त जज्बा दिखाया। उन्होंने पहला गेम 10-21 से गंवा दिया था, लेकिन इसके बाद शानदार वापसी करते हुए 21-19 और 21-17 से लगातार दो गेम जीतकर मैच अपने नाम कर लिया। दूसरे और तीसरे गेम में आयुष का धैर्य, आक्रामक खेल और नेट पर नियंत्रण देखने लायक था, जिसने मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया।

    करियर की सबसे बड़ी जीत

    Kunlavut Vitidsarn पेरिस ओलंपिक 2024 के रजत पदक विजेता हैं। ऐसे में उनके खिलाफ जीत आयुष शेट्टी के करियर की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिनी जा रही है। इस जीत के साथ आयुष 2018 में H. S. Prannoy के बाद इस टूर्नामेंट में पदक पक्का करने वाले पहले भारतीय पुरुष एकल खिलाड़ी बन गए हैं।

    फाइनल तक का शानदार सफर

    आयुष शेट्टी का इस टूर्नामेंट में सफर बेहद दमदार रहा है।
    क्वार्टरफाइनल में उन्होंने वर्ल्ड नंबर-4 Jonatan Christie को 23-21, 21-17 से हराया
    इससे पहले वर्ल्ड नंबर-7 ली शिफेंग को सीधे गेम में मात दी
    साथ ही चाउ तिएन-चेन जैसे अनुभवी खिलाड़ी को भी हराया

    इस लगातार प्रदर्शन ने साबित कर दिया कि आयुष बड़े मंच के खिलाड़ी बन चुके हैं।

    भारत के लिए मिले-जुले नतीजे

    जहां आयुष ने शानदार प्रदर्शन किया, वहीं बाकी भारतीय खिलाड़ियों के लिए यह टूर्नामेंट ज्यादा सफल नहीं रहा। P. V. Sindhu दूसरे दौर में बाहर हो गईं, जबकि Lakshya Sen पहले ही राउंड में हार गए।

    इतिहास रचने का मौका

    यूएस ओपन सुपर 300 चैंपियन आयुष शेट्टी अब फाइनल में खिताब जीतकर इतिहास रचने के बेहद करीब हैं। अगर वह यह मुकाबला जीतते हैं, तो यह उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि होगी और भारतीय बैडमिंटन के लिए भी गर्व का क्षण होगा।

  • शिवपुरी सड़क हादसा बना काल बनकर टूटा ट्रक दूल्हा-दुल्हन सहित चार की मौके पर मौत

    शिवपुरी सड़क हादसा बना काल बनकर टूटा ट्रक दूल्हा-दुल्हन सहित चार की मौके पर मौत


    शिवपुरी । शिवपुरी में एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है जहां खुशियों से भरा एक परिवार पल भर में गहरे शोक में डूब गया हादसे में दूल्हा दुल्हन समेत चार लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई जिससे पूरे इलाके में मातम पसर गया है

    यह भीषण दुर्घटना सिरसौद थाना क्षेत्र के टोंगरा रोड पर हुई जहां एक ऑटो में सवार होकर नवविवाहित दंपती और उनके परिजन यात्रा कर रहे थे बताया जा रहा है कि वे किसी पारिवारिक कार्य से जा रहे थे तभी सामने से आ रहा एक ट्रक अचानक अनियंत्रित हो गया और सीधे ऑटो के ऊपर पलट गया

    टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ऑटो पूरी तरह ट्रक के नीचे दब गया और उसमें सवार लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला आसपास मौजूद लोगों ने जैसे ही यह मंजर देखा तो वे सहम गए और तुरंत राहत कार्य के लिए दौड़े लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी

    इस हादसे में जिन चार लोगों की मौत हुई उनमें 50 वर्षीय अजेश पुत्र पीतम शाक्य 20 वर्षीय राजेश्वर पुत्र वीरेंद्र शाक्य 35 वर्षीय राजो पत्नी हरविलास शाक्य और 22 वर्षीय वीरेंद्र पुत्र प्रीतम शाक्य शामिल हैं सभी मृतक ग्राम राजगढ़ तेंदुआ के निवासी बताए जा रहे हैं

    हादसे की सबसे दर्दनाक बात यह रही कि मृतकों में दूल्हा और दुल्हन भी शामिल थे जिनकी शादी मात्र दो दिन पहले ही हुई थी नई जिंदगी की शुरुआत से पहले ही यह सफर हमेशा के लिए थम गया जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है

    घटना के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है वहीं पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है

  • केएल सहगल भारतीय सिनेमा के पहले सुपरस्टार, संघर्ष से महानता तक की प्रेरक कहानी..

    केएल सहगल भारतीय सिनेमा के पहले सुपरस्टार, संघर्ष से महानता तक की प्रेरक कहानी..


    नई दिल्ली:भारतीय सिनेमा के इतिहास में ऐसे कई कलाकार हुए हैं जिन्होंने अपनी कला से पूरी फिल्म इंडस्ट्री की दिशा बदल दी, लेकिन उनमें से एक नाम ऐसा है जिसे भारतीय सिनेमा का पहला सुपरस्टार कहा जाता है। Kundan Lal Saigal ने अपनी अनोखी आवाज, भावनात्मक गायकी और प्रभावशाली अभिनय से वह मुकाम हासिल किया जिसे आज भी स्वर्ण युग की शुरुआत माना जाता है।

    1904 में जन्मे केएल सहगल का जीवन साधारण परिस्थितियों में शुरू हुआ था। बचपन में उन्हें किसी बड़े घराने की संगीत शिक्षा नहीं मिली, लेकिन परिवार के भजनों और आसपास के सांस्कृतिक माहौल ने उनके भीतर संगीत के प्रति गहरी रुचि जगा दी। शुरुआती जीवन में उन्होंने कई छोटे काम किए, जिनमें रेलवे में टाइमकीपर और एक कंपनी में सेल्समैन की नौकरी शामिल थी। इन नौकरियों ने उन्हें देश के अलग अलग हिस्सों को देखने और विविध संगीत परंपराओं को समझने का अवसर दिया।

    धीरे धीरे उनका रुझान संगीत और अभिनय की ओर बढ़ता गया और वे कोलकाता पहुंचे, जहां उस समय फिल्म उद्योग अपने शुरुआती दौर में था। वहां उन्होंने अपनी आवाज और गायकी से लोगों का ध्यान खींचा और यहीं से उनके फिल्मी करियर की शुरुआत हुई। उनकी प्रतिभा को पहचान मिली और उन्हें फिल्मों में काम करने का अवसर मिला।

    उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ फिल्म Devdas साबित हुई। इस फिल्म में उनके अभिनय और गायन ने दर्शकों पर गहरा प्रभाव छोड़ा और वे रातों रात लोकप्रिय हो गए। इस फिल्म के गीतों ने उस दौर में संगीत को एक नई पहचान दी और सहगल को घर घर में मशहूर कर दिया।

    केएल सहगल की आवाज की सबसे बड़ी विशेषता उसकी भावनात्मक गहराई और अनोखी शैली थी। उनकी गायकी में दर्द, सादगी और शास्त्रीय संगीत का सुंदर मिश्रण था, जिसने उन्हें अपने समय का सबसे अलग और प्रभावशाली गायक बना दिया। उनकी आवाज केवल मनोरंजन नहीं थी बल्कि एक भावनात्मक अनुभव बन गई थी।

    उन्होंने मिर्जा गालिब की रचनाओं को भी अपनी आवाज में एक नया जीवन दिया। उनकी प्रस्तुतियों ने ग़ज़ल गायकी को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लोग उनकी आवाज को ग्रामोफोन रिकॉर्ड के माध्यम से सुनना पसंद करते थे और उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती गई।

    उनकी सफलता के साथ-साथ जीवन में संघर्ष और चुनौतियां भी जुड़ी रहीं। लगातार काम का दबाव और जीवनशैली की समस्याओं ने उनके स्वास्थ्य पर असर डाला। फिर भी उन्होंने अपने संगीत और अभिनय से कभी समझौता नहीं किया और लगातार दर्शकों के दिलों पर छाप छोड़ते रहे।

    भारतीय संगीत जगत की महान गायिका Lata Mangeshkar ने उन्हें अपना प्रेरणास्रोत माना, जो उनकी महानता को दर्शाता है। कई कलाकारों ने उनकी शैली को आदर्श मानकर अपने करियर को आगे बढ़ाया। उनकी आवाज और शैली आज भी संगीत प्रेमियों के बीच सम्मान के साथ याद की जाती है।

    मात्र 42 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया, लेकिन उनके गीत, उनका अभिनय और उनकी संगीत विरासत आज भी भारतीय सिनेमा के इतिहास में जीवित है। उन्हें हमेशा उस कलाकार के रूप में याद किया जाता है जिन्होंने संघर्ष से शुरुआत कर भारतीय सिनेमा को एक नई पहचान और ऊंचाई दी।

  • क्रिकेट इतिहास का अनोखा रिकॉर्ड, वीनू मांकड़ ने हर बल्लेबाजी क्रम पर खेलकर रचा इतिहास

    क्रिकेट इतिहास का अनोखा रिकॉर्ड, वीनू मांकड़ ने हर बल्लेबाजी क्रम पर खेलकर रचा इतिहास


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट इतिहास में Vinoo Mankad का नाम महान ऑलराउंडर्स में शुमार किया जाता है। उनका करियर सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने भारतीय क्रिकेट को नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई। खास बात यह है कि वह भारत के इकलौते ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 1 से लेकर 11 नंबर तक हर क्रम पर बल्लेबाजी की।

    जन्म और शुरुआती सफर

    वीनू मांकड़ का जन्म 12 अप्रैल 1917 को Jamnagar में हुआ था। उनका पूरा नाम मुलवंतराय हिम्मतलाल मांकड़ था। दाएं हाथ के बल्लेबाज और बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज के रूप में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने जून 1946 में England national cricket team के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू किया और धीरे-धीरे भारतीय टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल हो गए।

    भारत की पहली टेस्ट जीत के नायक

    भारतीय क्रिकेट के इतिहास में India first Test win 1952 एक ऐतिहासिक पल रहा, जिसमें वीनू मांकड़ हीरो बनकर उभरे। चेन्नई में खेले गए इस मुकाबले में इंग्लैंड ने पहली पारी में 266 रन बनाए, लेकिन मांकड़ ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 8 विकेट झटके। भारत ने जवाब में 457/9 रन बनाकर बड़ी बढ़त हासिल की। दूसरी पारी में भी मांकड़ का जादू चला और उन्होंने 4 विकेट लेकर इंग्लैंड को 183 रन पर समेट दिया। भारत ने यह मैच पारी और 8 रन से जीता। मांकड़ ने मैच में कुल 12 विकेट लेकर इतिहास रच दिया।

    शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन

    1946 से 1959 के बीच मांकड़ ने भारत के लिए 44 टेस्ट मैच खेले। इस दौरान उन्होंने 2,109 रन बनाए, जिसमें 5 शतक और 6 अर्धशतक शामिल हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 231 रन रहा। गेंदबाजी में भी उन्होंने कमाल किया और 162 विकेट अपने नाम किए। एक पारी में 5 विकेट लेने का कारनामा उन्होंने 8 बार किया।

    घरेलू क्रिकेट में भी दबदबा

    वीनू मांकड़ ने Maharashtra, Gujarat, Bengal, Saurashtra, Mumbai और Rajasthan के लिए घरेलू क्रिकेट खेला। 233 प्रथम श्रेणी मैचों में उन्होंने 11,591 रन बनाए और 782 विकेट झटके, जो उनकी ऑलराउंड क्षमता का बेहतरीन उदाहरण है।

    ‘मांकड़िंग’ की कहानी

    क्रिकेट में ‘मांकड़िंग’ शब्द की शुरुआत भी वीनू मांकड़ से ही हुई। 1947 में उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज Bill Brown को नॉन-स्ट्राइकर एंड पर क्रीज छोड़ने पर रनआउट किया था। हालांकि, उन्होंने पहले चेतावनी भी दी थी। लंबे समय तक इस तरह के रनआउट को ‘मांकड़िंग’ कहा जाता रहा। आज भी यह नियम चर्चा का विषय बना रहता है।

    सम्मान और विरासत

    भारत सरकार ने 1973 में उन्हें Padma Bhushan से सम्मानित किया। उनके सम्मान में Board of Control for Cricket in India अंडर-19 स्तर पर ‘वीनू मांकड़ ट्रॉफी’ का आयोजन करती है। 21 अगस्त 1978 को 61 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया, लेकिन भारतीय क्रिकेट में उनका योगदान हमेशा अमर रहेगा।

    भारतीय क्रिकेट का अनमोल सितारा

    वीनू मांकड़ सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट की नींव रखने वाले महान हस्तियों में से एक थे। उनकी ऑलराउंड प्रतिभा, समर्पण और रिकॉर्ड उन्हें हमेशा खास बनाते हैं।

    वीनू मांकड़ भारत के इकलौते खिलाड़ी हैं जिन्होंने 1 से 11 तक हर क्रम पर बल्लेबाजी की और देश की पहली टेस्ट जीत में अहम भूमिका निभाई।

  • IPL 2026: टॉस PBKS के नाम, SRH पहले करेगी बल्लेबाजी- जानें प्लेइंग इलेवन

    IPL 2026: टॉस PBKS के नाम, SRH पहले करेगी बल्लेबाजी- जानें प्लेइंग इलेवन


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के 17वें मुकाबले में Punjab Kings और Sunrisers Hyderabad आमने-सामने हैं। न्यू पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेले जा रहे इस मैच में पंजाब के कप्तान Shreyas Iyer ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया है।

    “विकेट को समझना जरूरी” – श्रेयस अय्यर

    टॉस के बाद श्रेयस अय्यर ने कहा कि यह दिन का मैच है और टीम पहले गेंदबाजी करके पिच का व्यवहार समझना चाहती है। उन्होंने बताया कि पिछले मैचों में भी यही रणनीति कारगर रही है। अय्यर ने टीम के युवाओं का समर्थन करने पर भी जोर दिया और कहा कि ज्यादा निर्देश देने से बेहतर है कि खिलाड़ी अपने प्राकृतिक खेल पर ध्यान दें। उन्होंने प्लेइंग इलेवन में एक बदलाव की जानकारी दी, जिसमें नेहाल की जगह प्रियांश को मौका मिला है।

    “पहले गेंदबाजी पसंद करते” – ईशान किशन

    वहीं Ishan Kishan ने कहा कि वे भी पहले गेंदबाजी करना चाहते थे, लेकिन अब टीम को पहली पारी में अच्छा स्कोर खड़ा करना होगा। उन्होंने माना कि कप्तान Pat Cummins की गैरमौजूदगी टीम के लिए बड़ा झटका है, लेकिन युवा गेंदबाजों से अच्छी उम्मीदें हैं। एसआरएच ने इस मैच में दो बदलाव किए हैं।

    पंजाब की जीत की लय बरकरार रखने की कोशिश

    पंजाब किंग्स इस सीजन शानदार फॉर्म में है। टीम अब तक अपराजेय रही है और 3 मैचों में 2 जीत व 1 रद्द मुकाबले के साथ 5 अंक लेकर अंकतालिका में दूसरे स्थान पर है। ऐसे में टीम की कोशिश इस मैच को जीतकर अपनी जीत की लय बनाए रखने की होगी।

    SRH की नजर वापसी पर

    दूसरी ओर, सनराइजर्स हैदराबाद का प्रदर्शन अब तक उतार-चढ़ाव भरा रहा है। टीम 3 मैचों में 1 जीत और 2 हार के साथ छठे स्थान पर है। पिछले मैच में हार के बाद SRH इस मुकाबले में जीत हासिल कर वापसी करना चाहेगी।

    पंजाब किंग्स की प्लेइंग इलेवन

    प्रियांश आर्य, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), कूपर कोनोली, श्रेयस अय्यर (कप्तान), शशांक सिंह, मार्कस स्टोइनिस, मार्को जेनसन, जेवियर बार्टलेट, विजयकुमार वैशाक, Arshdeep Singh, Yuzvendra Chahal।

    सनराइजर्स हैदराबाद की प्लेइंग इलेवन

    ट्रेविस हेड, Abhishek Sharma, ईशान किशन (विकेटकीपर), हेनरिक क्लासेन, सलिल अरोड़ा, अनिकेत वर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्ष दुबे, शिवांग कुमार, हर्षल पटेल, इशान मलिंगा।

    मुकाबला होगा दिलचस्प

    दोनों टीमों की मौजूदा फॉर्म और संतुलन को देखते हुए यह मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है। जहां पंजाब अपनी जीत की लय जारी रखना चाहेगी, वहीं हैदराबाद वापसी कर अंकतालिका में ऊपर चढ़ने की कोशिश करेगी।