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  • तपती धूप बनी खतरा: बढ़ती गर्मी के बीच हीटस्ट्रोक ने बढ़ाई चिंता, जानिए बचने के उपाय

    तपती धूप बनी खतरा: बढ़ती गर्मी के बीच हीटस्ट्रोक ने बढ़ाई चिंता, जानिए बचने के उपाय


    नई दिल्ली । राजधानी समेत देश के कई हिस्सों में पड़ रही भीषण गर्मी अब लोगों की सेहत पर गंभीर असर डालने लगी है। लगातार बढ़ते तापमान और लू के थपेड़ों ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि लोग हीटस्ट्रोक और डिहाइड्रेशन जैसी खतरनाक समस्याओं का शिकार होकर अस्पताल पहुंचने लगे हैं। इसी बीच राजधानी में इस सीजन का पहला हीटस्ट्रोक का गंभीर मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और डॉक्टरों की चिंता बढ़ गई है। डॉक्टरों का कहना है कि यदि समय रहते सावधानी नहीं बरती गई तो आने वाले दिनों में ऐसे मामलों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है।

    जानकारी के अनुसार, तेज गर्मी के कारण एक युवक की तबीयत यात्रा के दौरान अचानक बिगड़ गई। उसे तेज बुखार, चक्कर और बेहोशी जैसी शिकायतों के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक शरीर का तापमान सामान्य से अधिक बढ़ जाना हीटस्ट्रोक का सबसे बड़ा संकेत होता है। यह स्थिति शरीर के महत्वपूर्ण अंगों जैसे दिमाग, दिल और किडनी पर गंभीर असर डाल सकती है। कई मामलों में मरीज की हालत इतनी गंभीर हो जाती है कि जान का खतरा तक पैदा हो जाता है।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार धूप में रहने, शरीर में पानी की कमी होने और तेज गर्मी के बीच अधिक शारीरिक मेहनत करने से हीटस्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। इसके शुरुआती लक्षणों में सिरदर्द, चक्कर आना, कमजोरी महसूस होना, अत्यधिक पसीना आना, त्वचा का गर्म और रूखा हो जाना, घबराहट, सांस तेज चलना और शरीर में जकड़न शामिल हैं। कई बार मरीज को उल्टी, दस्त और बेहोशी जैसी समस्याएं भी होने लगती हैं। डॉक्टरों के अनुसार यदि किसी व्यक्ति में ऐसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत उसे ठंडी जगह पर ले जाकर प्राथमिक उपचार देना चाहिए और जरूरत पड़ने पर अस्पताल पहुंचाना चाहिए।

    भीषण गर्मी को देखते हुए विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। खासतौर पर दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप सबसे अधिक खतरनाक मानी जा रही है। बाहर निकलते समय सिर को सूती कपड़े, टोपी या छाते से ढंककर रखना जरूरी बताया गया है। साथ ही शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी गई है। डॉक्टरों का कहना है कि नींबू पानी, नारियल पानी, छाछ, बेल का शरबत और आम पन्ना जैसे पेय पदार्थ शरीर में पानी और जरूरी लवणों की कमी को पूरा करने में मदद करते हैं।

    विशेषज्ञों ने खानपान को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। गर्मी के मौसम में हल्का और सुपाच्य भोजन करना चाहिए। खीरा, ककड़ी, तरबूज, खरबूजा, दही और प्याज जैसी चीजें शरीर को ठंडक पहुंचाने में मदद करती हैं। वहीं तली-भुनी और अधिक मसालेदार चीजों से दूरी बनाने की सलाह दी गई है। डॉक्टरों का कहना है कि छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है क्योंकि उनमें हीटस्ट्रोक का खतरा अधिक रहता है।

    तेज गर्मी के बीच स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि थोड़ी सी सावधानी और सही दिनचर्या अपनाकर हीटस्ट्रोक जैसी गंभीर समस्या से बचा जा सकता है। फिलहाल बढ़ती गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है और आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना के बीच स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहना बेहद जरूरी हो गया है।

  • सेवा का अनोखा उदाहरण: यात्रियों को मुफ्त शीतल पेयजल उपलब्ध करा रही समिति

    सेवा का अनोखा उदाहरण: यात्रियों को मुफ्त शीतल पेयजल उपलब्ध करा रही समिति


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में इन दिनों भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। कई जिलों में तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। ऐसी तपती गर्मी के बीच शाजापुर रेलवे स्टेशन पर मानवता और सेवा की मिसाल देखने को मिल रही है, जहां गिरिराज धरण समिति यात्रियों की प्यास बुझाने का सराहनीय कार्य कर रही है।

    समिति के सदस्य रेलवे स्टेशन पर आने वाली ट्रेनों में सफर कर रहे यात्रियों को नि:शुल्क शीतल पेयजल उपलब्ध करा रहे हैं। ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर पहुंचते ही समिति के कार्यकर्ता सक्रिय हो जाते हैं और यात्रियों की खाली बोतलों में ठंडा पानी भरते हैं। कई सदस्य सीधे यात्रियों को पानी पिलाते भी नजर आते हैं। भीषण गर्मी के इस दौर में यह सेवा यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है।

    समिति के सदस्यों के अनुसार, इस सेवा कार्य की शुरुआत एक व्यक्तिगत अनुभव से हुई थी। कुछ वर्ष पहले समिति के सदस्य लोकल ट्रेन से गिरिराज धरण यात्रा पर गए थे। यात्रा के दौरान उन्हें कई रेलवे स्टेशनों पर पीने का पानी नहीं मिल पाया, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी अनुभव ने उन्हें प्रेरित किया कि गर्मी के मौसम में रेलवे स्टेशन पर जरूरतमंद यात्रियों के लिए जलसेवा शुरू की जाए।

    शुरुआत में यह पहल केवल चार लोगों ने मिलकर शुरू की थी, लेकिन समय के साथ इसमें लोगों का जुड़ाव बढ़ता गया। आज समिति में 30 से अधिक सदस्य शामिल हैं। इनमें शासकीय कर्मचारी, व्यापारी और शहर के प्रतिष्ठित परिवारों के लोग भी शामिल हैं, जो स्वेच्छा से इस सेवा में योगदान दे रहे हैं।

    समिति विशेष रूप से ट्रेन के जनरल कोच में सफर करने वाले यात्रियों को प्राथमिकता देती है। सदस्यों का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर यात्री अक्सर पानी की बोतल खरीदने में सक्षम नहीं होते, इसलिए उनकी जरूरत को ध्यान में रखते हुए उन्हें पहले पानी उपलब्ध कराया जाता है।

    रेलवे स्टेशन पर यह दृश्य लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। प्लेटफॉर्म पर खड़े यात्री और ट्रेन में सफर कर रहे लोग समिति के इस प्रयास की सराहना कर रहे हैं। कई यात्रियों ने कहा कि इस भीषण गर्मी में ठंडा पानी मिलना किसी राहत से कम नहीं है।

    भीषण गर्मी के बीच जहां लोग अपने घरों से निकलने से बच रहे हैं, वहीं गिरिराज धरण समिति के सदस्य रोजाना रेलवे स्टेशन पहुंचकर सेवा कार्य में जुटे हुए हैं। उनका यह प्रयास न केवल सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण है, बल्कि यह भी दिखाता है कि छोटे-छोटे प्रयास भी लोगों को बड़ी राहत दे सकते हैं।

    मानवता और सेवा भाव से प्रेरित यह जलसेवा अब शाजापुर में लोगों के लिए प्रेरणा का केंद्र बन चुकी है और गर्मी के इस कठिन दौर में यात्रियों को राहत पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम भी।

  • शाजापुर के काशी नगर में ट्रांसफार्मर में आग, इलाके की बिजली गुल

    शाजापुर के काशी नगर में ट्रांसफार्मर में आग, इलाके की बिजली गुल


    मध्यप्रदेश । शाजापुर जिले के काशी नगर क्षेत्र में बुधवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पुलिस लाइन के पास मुख्य मार्ग पर लगे एक ट्रांसफार्मर में अचानक आग लग गई। रात करीब 10:30 बजे ट्रांसफार्मर से पहले चिंगारियां निकलती दिखाई दीं और देखते ही देखते उसमें भीषण आग भड़क उठी। घटना के बाद आसपास के इलाके में दहशत का माहौल बन गया और लोग घरों से बाहर निकल आए।

    स्थानीय लोगों ने तुरंत बिजली कंपनी और प्रशासन को सूचना दी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विद्युत विभाग ने तत्काल इलाके की बिजली सप्लाई बंद कर दी, ताकि कोई बड़ा हादसा न हो सके। इसके बाद कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया और ट्रांसफार्मर सुधार का काम शुरू किया।

    घटना के बाद क्षेत्र में देर रात तक बिजली गुल रही, जिससे भीषण गर्मी के बीच लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। गर्मी और उमस के कारण लोग घरों में बेचैन नजर आए। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि काशी नगर इलाके में ट्रांसफार्मर पर लगातार क्षमता से अधिक लोड डाला जा रहा है, जिसकी वजह से इस तरह की घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं।

    रहवासियों के अनुसार, यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले सोमवार को भी विजयनगर इलाके में एक डीपी जलने की घटना सामने आई थी। लगातार ट्रांसफार्मर जलने से लोगों में बिजली व्यवस्था को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि हर बार अस्थायी मरम्मत कर दी जाती है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा।

    भीषण गर्मी के इस दौर में बिजली की बढ़ती मांग के कारण ट्रांसफार्मरों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। एसी, कूलर और पंखों के अधिक इस्तेमाल से विद्युत लोड क्षमता से ज्यादा पहुंच रहा है, जिससे ट्रांसफार्मर गर्म होकर फुंक रहे हैं। इसका असर शहर की बिजली व्यवस्था पर साफ दिखाई दे रहा है।

    स्थानीय लोगों ने बिजली कंपनी से मांग की है कि क्षेत्र में अधिक क्षमता वाले नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएं और पुराने उपकरणों का समय पर रखरखाव किया जाए। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में और बड़े हादसे हो सकते हैं।

    घटना के बाद बिजली विभाग के कर्मचारियों ने देर रात तक सुधार कार्य जारी रखा। विभाग की ओर से आश्वासन दिया गया है कि जल्द ही ट्रांसफार्मर को पूरी तरह ठीक कर बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।

    गर्मी के इस मौसम में लगातार सामने आ रही ट्रांसफार्मर जलने की घटनाओं ने बिजली व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे में अब लोगों को प्रशासन और बिजली कंपनी से स्थायी समाधान की उम्मीद है, ताकि बार-बार होने वाली इन घटनाओं से राहत मिल सके।

  • मानव हत्याकांड में नया मोड़: पत्नी नहीं, लिव-इन पार्टनर के साथ रह रहा था युवक

    मानव हत्याकांड में नया मोड़: पत्नी नहीं, लिव-इन पार्टनर के साथ रह रहा था युवक




    नई दिल्ली। होशियारपुर के रहने वाले मानव की हत्या का मामला लगातार उलझता जा रहा है। इस सनसनीखेज केस की जांच अब दिल्ली पुलिस के हाथ में पहुंच चुकी है और पुलिस हर एंगल से मामले की पड़ताल कर रही है। शुरुआती जांच में ट्रांसपोर्टर और एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर से जुड़े पहलू सामने आने के बाद केस ने नया मोड़ ले लिया है।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, मानव का दिल्ली में एक महिला के साथ कथित तौर पर संबंध था। बताया जा रहा है कि महिला के ट्रांसपोर्टर पति को इस संबंध की जानकारी मिल गई थी। सूत्रों का दावा है कि 15 मई को मानव उसी महिला से मिलने वाला था, लेकिन इससे पहले ही उसे होटल के बाहर से उठा लिया गया। आशंका जताई जा रही है कि बाद में उसकी हत्या कर शव को करनाल में झाड़ियों में फेंक दिया गया। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस एंगल की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

    इस बीच मानव की मां मंजू ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि मानव ने अभी तक शादी नहीं की थी और वह रेशमी के साथ पिछले कई वर्षों से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा था। दोनों मलेशिया में रहते थे और जल्द ही कोर्ट मैरिज करने वाले थे। मंजू ने एजेंट ‘हैप्पी’ पर भी शक जताया है। उनका कहना है कि हैप्पी लगातार मानव को बाहर नहीं निकलने की चेतावनी दे रहा था।

    मंजू के अनुसार, 15 मई की शाम दो युवक होटल पहुंचे थे, जिनमें एक सरदार था। दोनों ने खुद को एजेंट के भेजे हुए लोग बताया और दस्तावेजों पर साइन कराने की बात कहकर मानव को अपने साथ ले गए। उन्होंने कहा था कि 10-15 मिनट में वापस छोड़ देंगे, लेकिन इसके बाद मानव लौटकर नहीं आया।

    परिजनों के मुताबिक, रात करीब 1:40 बजे तक मानव का मोबाइल चालू था और उसकी मां से बातचीत भी हुई थी। इसके बाद फोन बंद हो गया। अगले दिन 16 मई की सुबह करनाल में झाड़ियों से एक युवक का शव बरामद हुआ। उस समय शव की पहचान नहीं हो पाई थी। बाद में हाथ पर बने टैटू और कड़े के आधार पर 18 मई को शव की पहचान मानव के रूप में हुई।

    परिवार का आरोप है कि शव के पास से मानव का आईफोन, ड्राइविंग लाइसेंस, एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेज गायब थे। जेब में केवल 3 हजार रुपए मिले, जिससे लूट की आशंका भी जताई जा रही है।

    मानव की पार्टनर रेशमी ने बताया कि 15 मई की सुबह मानव उन्हें और बच्चों को एयरपोर्ट छोड़कर होटल लौट गया था। रात करीब 11:50 बजे तक दोनों की बातचीत हुई थी, जिसके बाद उसका फोन बंद हो गया। सूचना मिलने पर वह बच्चों के साथ भारत लौट आई।

    बताया जा रहा है कि मानव पिछले करीब 10 वर्षों से मलेशिया में रह रहा था और ट्रक ड्राइवर के रूप में काम करता था। वहीं उसकी मुलाकात रेशमी से हुई थी, जिसके बाद दोनों साथ रहने लगे। उनके जुड़वां बेटे भी हैं।

    मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस का कहना है कि कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। राजीव कुमार ने बताया कि ट्रांसपोर्टर की भूमिका और एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर सहित सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।

    फिलहाल यह मामला रहस्य, रिश्तों और साजिशों के कई सवाल खड़े कर रहा है, जिनके जवाब अब पुलिस जांच के बाद ही सामने आ पाएंगे।

  • झांसी में युवती ने रची किडनैपिंग की साजिश, होटल मैनेजर को अगवा कर मांगी फिरौती

    झांसी में युवती ने रची किडनैपिंग की साजिश, होटल मैनेजर को अगवा कर मांगी फिरौती



    झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी में होटल मैनेजर के अपहरण और फिरौती मांगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि एक युवती ने खुद को ग्राहक बताकर होटल मैनेजर को फोन किया और उसे एक लोकेशन पर बुलाया। जैसे ही मैनेजर वहां पहुंचा, युवती ने अपने साथियों को मौके पर बुला लिया।

    बताया जा रहा है कि आरोपियों ने होटल मैनेजर की आंखों पर पट्टी बांधकर उसे जबरन कार में बैठा लिया। इसके बाद उसे बंधक बनाकर मारपीट की गई। आरोपी युवती और उसके साथियों ने पीड़ित के पिता को फोन कर बेटे की रिहाई के बदले फिरौती मांगी और पैसे नहीं देने पर हत्या की धमकी दी।

    बेटे की जान बचाने के लिए पिता ने आरोपियों के बताए खाते में 30 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। रकम मिलने के करीब 20 घंटे बाद आरोपी होटल मैनेजर को एक सुनसान इलाके में छोड़कर फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर जांच शुरू की गई।

    गुरुवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने आरोपियों की घेराबंदी की। इस दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई के बाद पुलिस ने युवती, उसके पति और दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से दो तमंचे, कारतूस, वारदात में इस्तेमाल की गई कार और चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

    पूरा मामला नवाबाद थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले की आगे की जांच कर रही है।

  • गुरुवार व्रत गाइड: उद्यापन कब और कैसे करें, जानें पूरी प्रक्रिया

    गुरुवार व्रत गाइड: उद्यापन कब और कैसे करें, जानें पूरी प्रक्रिया


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और बृहस्पति देव की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरुवार व्रत करने से गुरु दोष का प्रभाव कम होता है और जीवन में सुख, समृद्धि, संतान सुख तथा वैवाहिक जीवन में स्थिरता आती है।

    गुरुवार व्रत की शुरुआत किसी भी माह के शुक्ल पक्ष के पहले गुरुवार से की जा सकती है। इस व्रत को सामान्यतः 16 गुरुवार तक विधि-विधान से किया जाता है और इसके बाद उद्यापन किया जाता है। उद्यापन का अर्थ है व्रत का समापन पूर्ण धार्मिक विधि के साथ करना।

    व्रत की शुरुआत के लिए ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना चाहिए और पूजा स्थल को स्वच्छ कर गंगाजल से शुद्ध करना शुभ माना जाता है। इसके बाद चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लिया जाता है। पूजा के दौरान केले के पौधे की जड़ में चने की दाल, गुड़ और मुनक्का अर्पित करने की परंपरा है।

    इसके बाद दीपक जलाकर गुरुवार व्रत कथा का श्रवण किया जाता है और भगवान बृहस्पति की आरती की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पीले वस्त्र धारण करना और पीले फल-फूलों का दान करना अत्यंत शुभ फल देता है। साथ ही भगवान विष्णु को हल्दी अर्पित करने से मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है।

    दान का विशेष महत्व भी इस व्रत में बताया गया है। किसी गरीब या जरूरतमंद को अन्न और धन का दान करने से पुण्य फल प्राप्त होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    मान्यता है कि केले के पौधे में भगवान विष्णु का वास होता है, इसलिए गुरुवार को इसकी पूजा करना विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।

  • दूसरे दिन भी मजबूत रहा वेगोरमा पंजाबी अंगीठी आईपीओ का सब्सक्रिप्शन, ग्रे मार्केट प्रीमियम में आई बड़ी नरमी

    दूसरे दिन भी मजबूत रहा वेगोरमा पंजाबी अंगीठी आईपीओ का सब्सक्रिप्शन, ग्रे मार्केट प्रीमियम में आई बड़ी नरमी

    नई दिल्ली। फूड और क्लाउड किचन सेक्टर से जुड़ी कंपनी वेगोरामा पंजाबी अंगीठी का एसएमई आईपीओ निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। दूसरे दिन भी इस इश्यू को अच्छा रिस्पॉन्स मिलता दिखाई दिया, हालांकि ग्रे मार्केट प्रीमियम में आई गिरावट ने बाजार के रुख को लेकर नई चर्चाएं शुरू कर दी हैं। कंपनी उत्तर भारतीय और पंजाबी फूड सेगमेंट में अपनी मजबूत पहचान बना चुकी है और अब आईपीओ के जरिए जुटाई गई राशि के सहारे अपने कारोबार को और विस्तार देने की तैयारी में है।

    कंपनी का यह आईपीओ लगभग 38 करोड़ रुपये जुटाने के उद्देश्य से लाया गया है। इसमें फ्रेश इश्यू के साथ ऑफर फॉर सेल भी शामिल है। बाजार में शुरुआत से ही इस इश्यू को लेकर निवेशकों में उत्साह देखने को मिला और पहले ही दिन यह पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था। दूसरे दिन भी रिटेल और गैर-संस्थागत निवेशकों की ओर से मजबूत भागीदारी जारी रही, जिससे यह संकेत मिला कि छोटे और मध्यम स्तर के निवेशकों के बीच इस कंपनी को लेकर भरोसा बना हुआ है। हालांकि संस्थागत निवेशकों की भागीदारी अपेक्षाकृत धीमी दिखाई दी, जिस पर बाजार विशेषज्ञ लगातार नजर बनाए हुए हैं।

    कंपनी ने अपने शेयरों का प्राइस बैंड 73 से 77 रुपये प्रति शेयर तय किया है। रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश राशि अपेक्षाकृत अधिक रखी गई है, जिसके कारण यह इश्यू मुख्य रूप से उन निवेशकों को आकर्षित कर रहा है जो एसएमई प्लेटफॉर्म पर लंबी अवधि के अवसर तलाश रहे हैं। कंपनी की लिस्टिंग आगामी दिनों में बीएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर होने वाली है और उससे पहले ही एंकर निवेशकों से कंपनी को अच्छी पूंजी मिल चुकी है।

    हालांकि आईपीओ को मिल रहे अच्छे सब्सक्रिप्शन के बावजूद ग्रे मार्केट प्रीमियम में आई गिरावट ने निवेशकों के बीच सतर्कता बढ़ा दी है। शुरुआती दौर में जहां इस इश्यू का प्रीमियम काफी ऊंचा बताया जा रहा था, वहीं अब इसमें कमी देखी जा रही है। बाजार जानकारों का मानना है कि यह बदलाव निवेशकों की अल्पकालिक मुनाफावसूली की सोच और मौजूदा बाजार परिस्थितियों का संकेत हो सकता है। फिर भी मजबूत ब्रांड पहचान और विस्तार योजनाओं के कारण कंपनी को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

    वेगोरामा पंजाबी अंगीठी का बिजनेस मॉडल मुख्य रूप से क्लाउड किचन, डाइन-इन और ऑनलाइन फूड डिलीवरी पर आधारित है। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में कंपनी ने तेजी से अपनी मौजूदगी बढ़ाई है और शहरी ग्राहकों के बीच इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। कंपनी अब आईपीओ से मिलने वाली राशि का उपयोग नए आउटलेट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में करेगी, जिससे आने वाले समय में इसके विस्तार की संभावनाएं और बढ़ सकती हैं।

  • सुदर्शन ने की शुभमन गिल की जमकर तारीफ, बोले- वह गेम के मास्टरमाइंड हैं

    सुदर्शन ने की शुभमन गिल की जमकर तारीफ, बोले- वह गेम के मास्टरमाइंड हैं


    नई दिल्ली। गुजरात टाइटंस के लिए आईपीएल 2026 का सीजन अब तक शानदार रहा है और इसकी सबसे बड़ी वजह टीम की दमदार सलामी जोड़ी रही है। साई सुदर्शन और कप्तान शुभमन गिल ने अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी से टीम को लगातार मजबूत शुरुआत दिलाई है। इस बीच साई सुदर्शन ने अपने कप्तान और जोड़ीदार शुभमन गिल की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें ‘मास्टरमाइंड’ करार दिया है।

    जियोहॉटस्टार से बातचीत में सुदर्शन ने कहा कि शुभमन गिल खेल को बेहद गहराई से समझते हैं और तकनीकी रूप से काफी मजबूत बल्लेबाज हैं। उन्होंने कहा कि जब दूसरे छोर पर शुभमन गिल जैसे बल्लेबाज मौजूद हों तो बल्लेबाजी करना और भी आसान हो जाता है, क्योंकि खिलाड़ी को अपने खेल को खुलकर खेलने की आजादी मिलती है।

    सुदर्शन ने कहा, “शुभमन एक मास्टरमाइंड हैं। वह गेम को बहुत अच्छे से समझते हैं और तकनीकी रूप से बेहद मजबूत हैं। जब आपको पता होता है कि दूसरे छोर पर शुभमन मौजूद हैं, तो आप अपने खेल को लेकर ज्यादा आत्मविश्वास महसूस करते हैं। मुझे लगता है कि यही चीज दूसरी तरफ भी लागू होती है। जब शुभमन आक्रामक खेलते हैं, तो उन्हें पता होता है कि मैं पारी को संभाल सकता हूं।”

    उन्होंने आगे कहा कि दोनों खिलाड़ियों के बीच शानदार तालमेल है और वे एक-दूसरे के खेल को अच्छी तरह समझते हैं। यही वजह है कि दोनों परिस्थितियों के हिसाब से अपनी बल्लेबाजी का तरीका बदल लेते हैं और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने का काम करते हैं।

    आईपीएल 2026 में साई सुदर्शन का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा है। उन्होंने अब तक 13 मुकाबलों में 157 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए 554 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से एक शतक और छह अर्धशतक निकले हैं। शानदार प्रदर्शन के चलते वह इस समय टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में चौथे स्थान पर बने हुए हैं।

    सुदर्शन ने आईपीएल में 50 पारियों के बाद सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ने पर भी खुशी जताई। उन्होंने कहा कि किसी बड़े खिलाड़ी का रिकॉर्ड तोड़ना खास एहसास देता है और इससे आत्मविश्वास बढ़ता है। उनके मुताबिक ऐसी उपलब्धियां यह विश्वास दिलाती हैं कि खिलाड़ी सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।

    वहीं कप्तान शुभमन गिल भी इस सीजन शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने 12 मुकाबलों में लगभग 160 के स्ट्राइक रेट से 552 रन बनाए हैं। गिल और सुदर्शन की ओपनिंग साझेदारी ने गुजरात टाइटंस को इस सीजन कई मुकाबलों में मजबूत शुरुआत दिलाई है।

    आईपीएल 2026 में गुजरात टाइटंस की सफलता में इस जोड़ी की भूमिका बेहद अहम रही है। दोनों बल्लेबाजों की समझ, संतुलन और आक्रामक अंदाज ने उन्हें टूर्नामेंट की सबसे खतरनाक ओपनिंग जोड़ियों में शामिल कर दिया है।

  • गोल्डन बूट विजेता कप्तान से फिर ऐतिहासिक प्रदर्शन की उम्मीद

    गोल्डन बूट विजेता कप्तान से फिर ऐतिहासिक प्रदर्शन की उम्मीद


    नई दिल्ली। फुटबॉल इतिहास की वह तारीख जिसे जेम्स रोड्रिगेज और उनके प्रशंसक शायद कभी नहीं भूल पाएंगे। फीफा वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ-16 मुकाबले में कोलंबिया राष्ट्रीय फुटबॉल टीम का सामना उरुग्वे राष्ट्रीय फुटबॉल टीम से था। मैच में कोलंबिया ने 2-0 से जीत दर्ज की, लेकिन दुनिया की नजरें जिस पल पर ठहर गईं, वह था जेम्स रोड्रिगेज का ‘करिश्माई गोल’।

    मैदान पर गोल पोस्ट से काफी दूरी पर खड़े जेम्स को जब पास मिला, तब शायद किसी ने नहीं सोचा था कि अगले कुछ सेकंड फुटबॉल इतिहास में दर्ज हो जाएंगे। उन्होंने पहले गेंद को अपनी छाती से नियंत्रित किया और फिर हवा में शानदार वॉली लगाते हुए गेंद को सीधे गोल पोस्ट में पहुंचा दिया। यह गोल इतना अविश्वसनीय था कि विपक्षी गोलकीपर और कोच तक कुछ पल के लिए स्तब्ध रह गए। जेम्स का यह गोल बाद में फीफा के प्रतिष्ठित फीफा पुस्कस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

    2014 का वही विश्व कप जेम्स रोड्रिगेज के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में छह गोल दागे और फीफा वर्ल्ड कप गोल्डन बूट जीतकर दुनिया को अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा दिया। वह 2002 के बाद विश्व कप में पांच से अधिक गोल करने वाले रोनाल्डो के बाद दूसरे खिलाड़ी बने थे।

    अटैकिंग मिडफील्डर के रूप में खेलने वाले जेम्स अपनी शानदार पासिंग, ड्रिब्लिंग और बाएं पैर से किए जाने वाले दमदार शॉट्स के लिए मशहूर हैं। उनकी खेल शैली ने उन्हें दुनिया के सबसे चर्चित फुटबॉलरों में शामिल कर दिया।

    अब 12 साल बाद एक बार फिर फुटबॉल जगत की नजरें जेम्स रोड्रिगेज पर टिकी हैं। फीफा विश्व कप 2026 में कोलंबिया की उम्मीदें काफी हद तक अपने कप्तान पर निर्भर होंगी। 2024 के कोपा अमेरिका 2024 में जेम्स ने शानदार कप्तानी करते हुए कोलंबिया को 23 साल बाद फाइनल तक पहुंचाया था। इस टूर्नामेंट में उन्होंने एक गोल और छह असिस्ट किए तथा ‘गोल्डन बॉल’ जीतकर टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बने।

    जेम्स ने अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत एनविगाडो एफसी से की थी। इसके बाद उन्होंने बैनफील्ड, एफसी पोर्टो और एएस मोनाको के लिए खेला। हालांकि, उन्हें सबसे अधिक पहचान रियल मैड्रिड से जुड़ने के बाद मिली। यहां उन्होंने दो बार यूईएफए चैंपियंस लीग और फीफा क्लब वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा बनकर बड़ी सफलताएं हासिल कीं। बाद में बायर्न म्यूनिख के साथ उन्होंने बुंडेसलीगा खिताब भी जीता।

    पिछले वर्ल्ड कप में कोलंबिया क्वालिफाई नहीं कर पाया था, लेकिन इस बार टीम दमदार वापसी की तैयारी में है। ऐसे में एक बार फिर पूरी दुनिया को जेम्स रोड्रिगेज से उसी जादुई प्रदर्शन की उम्मीद है, जिसने उन्हें रातों-रात फुटबॉल का सुपरस्टार बना दिया था।

  • जंग और वैश्विक तनाव के बीच चमके भारतीय मिडकैप स्टॉक्स, Suzlon और BHEL समेत कई कंपनियों ने दिया जोरदार रिटर्न

    जंग और वैश्विक तनाव के बीच चमके भारतीय मिडकैप स्टॉक्स, Suzlon और BHEL समेत कई कंपनियों ने दिया जोरदार रिटर्न

    नई दिल्ली । वैश्विक स्तर पर बढ़ते युद्ध जैसे हालात और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। अमेरिका, ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है, जिसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों और निवेशकों की धारणा पर पड़ा है। इसके बावजूद भारतीय बाजार में कुछ मिडकैप कंपनियों ने उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन कर निवेशकों को चौंका दिया है। खासतौर पर ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर और रिन्यूएबल सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में मजबूत तेजी दर्ज की गई है।

    बाजार में कमजोरी और भारी बिकवाली के माहौल के बावजूद कुछ मिडकैप शेयरों ने 20 प्रतिशत से लेकर 51 प्रतिशत तक की तेजी दिखाई है। इन कंपनियों में BHEL, Suzlon Energy, Thermax, Premier Energies और Ola Electric Mobility जैसी कंपनियां प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन शेयरों में आई तेजी ने यह संकेत दिया है कि निवेशक फिलहाल उन सेक्टरों की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं, जिनका सीधा संबंध ऊर्जा सुरक्षा और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों से है।

    भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड यानी BHEL इस रैली में सबसे आगे दिखाई दी है। कंपनी के शेयरों में पिछले कुछ महीनों के दौरान जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया और इसने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बढ़ते निवेश तथा सरकारी परियोजनाओं से कंपनी को मजबूत समर्थन मिल रहा है।

    वहीं, रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की चर्चित कंपनी Suzlon Energy ने भी बाजार में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। पवन ऊर्जा क्षेत्र में कंपनी की सक्रियता और स्वच्छ ऊर्जा की बढ़ती मांग ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। हाल के महीनों में कंपनी के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली है, हालांकि लंबे समय के उतार-चढ़ाव के कारण निवेशक अब भी सतर्क नजर आ रहे हैं।

    Thermax और Premier Energies जैसी कंपनियों को भी बढ़ती ऊर्जा मांग और वैकल्पिक ऊर्जा समाधानों पर बढ़ते फोकस का फायदा मिला है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल और गैस की कीमतों में तेजी ने निवेशकों का ध्यान रिन्यूएबल और ऊर्जा दक्षता आधारित कंपनियों की ओर मोड़ दिया है। इसी कारण इन कंपनियों के शेयरों में भी लगातार मजबूती बनी हुई है।

    इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र से जुड़ी Ola Electric Mobility ने भी इस दौरान तेज रिकवरी दिखाई है। हालांकि कंपनी के शेयर पहले दबाव में थे, लेकिन बाजार में सुधार और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेक्टर के प्रति बढ़ते भरोसे ने इसमें तेजी वापस ला दी।

    विशेषज्ञों का मानना है that वैश्विक तनाव के दौर में निवेशक ऐसे सेक्टरों में अवसर तलाशते हैं जो भविष्य की जरूरतों और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े हों। यही वजह है कि रिन्यूएबल एनर्जी, स्मार्ट पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।

    कुल मिलाकर, बाजार में अस्थिरता और वैश्विक दबाव के बावजूद भारतीय मिडकैप सेक्टर के कुछ चुनिंदा शेयरों ने यह साबित किया है कि मजबूत बिजनेस मॉडल और भविष्य की संभावनाओं वाली कंपनियां कठिन परिस्थितियों में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं।