बारात के बीच अचानक बेकाबू हुआ वाहन
100 मीटर तक घसीटता ले गया, फिर पलटा
कई घायलों के हाथ-पैर टूटे
दूल्हे की बहन की हालत गंभीर
प्रशासन और जनप्रतिनिधि पहुंचे अस्पताल
पुलिस ने शुरू की जांच

100 मीटर तक घसीटता ले गया, फिर पलटा
दूल्हे की बहन की हालत गंभीर
पुलिस ने शुरू की जांच

नौका विहार के दौरान हुआ हादसा
चट्टान से टकराने के बाद पलटी नाव
होमगार्ड की तत्परता से बची जानें
गंभीर घायलों को अस्पताल में भर्ती

जीतू पटवारी ने कहा कि प्रदेश में किसानों के साथ लगातार धोखा हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने कृषि आय को बढ़ाने के बड़े बड़े दावे किए लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति अलग ही नजर आती है। उन्होंने कहा कि बार बार किए गए वादों के बावजूद किसानों की आमदनी में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ।
उन्होंने यह भी कहा कि मंडियों में किसानों को अपनी उपज बेचने में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा है। कई बार फसल खुले में पड़ी रह गई और समय पर खरीद नहीं हो सकी। इसके कारण किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। पटवारी ने आरोप लगाया कि नीतियों की खामियों का फायदा कुछ चुनिंदा व्यापारियों को मिला है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जीतू पटवारी ने खाद और उर्वरक की समस्या को भी प्रमुख मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि यूरिया और डीएपी जैसी जरूरी चीजों की उपलब्धता को लेकर लगातार संकट की स्थिति बनी रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने के दावे किए जाते रहे हैं लेकिन वास्तविकता इससे अलग रही है।
पटवारी ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रांसफर और पोस्टिंग को लेकर सिस्टम में पारदर्शिता की कमी है और कई निर्णयों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार को लेकर जनता के बीच असंतोष बढ़ रहा है कांग्रेस अध्यक्ष ने वल्लभ भवन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए और कहा कि वहां पर फैसलों में अनियमितताओं की बात सामने आती रही है। उन्होंने इसे प्रशासनिक व्यवस्था की बड़ी कमजोरी बताया।
इसके अलावा उन्होंने मुरैना और इंदौर से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि राजनीतिक स्तर पर कई मुद्दों को अलग तरीके से प्रस्तुत किया जाता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र और संस्कृति के मुद्दों पर किसी को भी किसी प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है और हर दल को अपनी प्राथमिकता तय करने का अधिकार है।
जीतू पटवारी ने अंत में कहा कि किसान देश की रीढ़ हैं और उनकी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने घोषणा की कि वह किसानों के मुद्दों को लेकर आगे भी आंदोलनात्मक रुख अपनाएंगे और जरूरत पड़ी तो विरोध स्वरूप उपवास भी करेंगे। इस बयान के बाद मध्यप्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और सत्तापक्ष की ओर से भी प्रतिक्रिया आने की संभावना जताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार दो जालसाजों ने खुद को तांत्रिक बताकर युवक को यह विश्वास दिलाया कि उसकी पारिवारिक समस्याओं का समाधान विशेष आयुर्वेदिक दवाओं और अनुष्ठानों से संभव है। इसी झांसे में लेकर उन्होंने अलग अलग जगहों से महंगी दवाएं खरीदने के लिए मजबूर किया। ठगों ने योजना बनाकर दवा दुकानों से सीधे बड़ी मात्रा में आयुर्वेदिक उत्पाद मंगवाए और भुगतान पीड़ित से कराया।
दमोह नाका स्थित एक आयुर्वेदिक दवा दुकान से लगभग 5 लाख 25 हजार रुपये की दवाएं खरीदी गईं। इसके बाद नागपुर स्थित एक अन्य दवा दुकान से लगभग साढ़े 12 लाख रुपये की दवाएं मंगवाई गईं। इस तरह कुल रकम साढ़े 17 लाख रुपये तक पहुंच गई।
ठगों ने यहां तक दावा किया कि यदि इन दवाओं का उपयोग और अनुष्ठान विधिवत किया जाए तो पारिवारिक समस्याएं समाप्त हो जाएंगी और जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा। इसी विश्वास के आधार पर पीड़ित लगातार उनके जाल में फंसता गया।
मामले में नया मोड़ तब आया जब प्रयागराज से भी दवाएं मंगवाने की बात कही गई। इसी दौरान पीड़ित को संदेह हुआ और उसे महसूस हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी की जा रही है। शक गहराने पर उसने पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी।
कोतवाली थाना पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह एक सुनियोजित ठगी का मामला है जिसमें तांत्रिक बनकर लोगों को मानसिक रूप से प्रभावित किया गया।
पुलिस अब दवा दुकानों से जुड़े लेनदेन और आरोपियों के बैंकिंग रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है और लोग इस तरह के फर्जी तांत्रिकों से सतर्क रहने की अपील कर रहे हैं।

महिला अधिकारियों को अहम जिम्मेदारी
संभाग स्तर पर भी बदलाव
अन्य जिलों में भी फेरबदल
इसी प्रकार श्योपुर कलेक्टर अर्पित वर्मा को शिवपुरी कलेक्टर, झाबुआ कलेक्टर नेहा मीना को सिवनी कलेक्टर, मंडला कलेक्टर सोमेश मिश्रा को नर्मदापुरम कलेक्टर, धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को भोपाल कलेक्टर, बैतूल कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी को रीवा कलेक्टर, रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल को सागर कलेक्टर की कमान सौंपी गई है।

जानकारी के अनुसार यह घटना देर रात की है, जब मंदिर परिसर सुनसान था। बदमाश सुनियोजित तरीके से अंदर घुसे और कुछ ही समय में दान पेटी को निशाना बनाकर वारदात को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि दान पेटी पिछले करीब चार महीनों से नहीं खोली गई थी, जिसके कारण उसमें अच्छी-खासी राशि जमा होने की संभावना जताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। पुलिस का मानना है कि यह वारदात पूर्व नियोजित हो सकती है और इसमें किसी परिचित या रेकी की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
बाबा रामदेव मंदिर में हुई इस चोरी ने स्थानीय श्रद्धालुओं और ग्रामीणों में आक्रोश पैदा कर दिया है। लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं और मंदिर परिसरों में निगरानी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जल्द ही गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि दान पेटी में कितनी राशि थी और वारदात को किस तरीके से अंजाम दिया गया। यह घटना एक बार फिर धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है और स्थानीय प्रशासन के लिए चुनौती बन गई है।

दिल्ली से वरिष्ठ नेताओं की निगरानी
15 से 18 अप्रैल तक संभागवार समीक्षा बैठकें
किसानों के मुद्दे पर 16 अप्रैल को प्रदर्शन
ब्लॉक अध्यक्षों का सम्मेलन और प्रशिक्षण
संगठन विस्तार लगभग पूरा

पुलिस ने दिया सुरक्षा का भरोसा
सीएसपी Sumit Agrawal ने बताया कि डॉक्टरों ने आवेदन देकर अपनी चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद कुछ लोग माहौल का गलत फायदा उठाकर डॉक्टरों को परेशान कर रहे हैं। पुलिस ने उन्हें हर संभव सुरक्षा देने का आश्वासन दिया है।
7 आरोपियों पर केस, 5 गिरफ्तार
कोतवाली पुलिस ने इस मामले में सात लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। आरोप है कि ये लोग मरीज बनकर डॉक्टरों से संपर्क करते थे, स्टिंग ऑपरेशन करते थे और फिर ब्लैकमेलिंग करते थे। अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
रेलवे स्टेशन से दबोचे गए आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों में पटियाला निवासी Vinay Arora और उसकी साथी Rajni Bhatia शामिल हैं, जिन्हें देवास रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया। दोनों को जल्द ही कोर्ट में पेश किया जाएगा। इसके अलावा एक आरोपी पुलिस रिमांड पर है, जबकि एक महिला और एक अन्य आरोपी को जेल भेजा जा चुका है।
महिला डॉक्टर का लाइसेंस रद्द, अस्पताल सील
मामले में कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग ने महिला डॉक्टर Charu Tiwari के नर्सिंग होम का लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया। इसके बाद तहसीलदार सपना शर्मा की मौजूदगी में मेडिकल टीम ने अस्पताल पहुंचकर परामर्श कक्ष, ऑपरेशन थिएटर और वार्ड को सील कर दिया।
देवास ब्लैकमेलिंग मामला अब गंभीर रूप ले चुका है। पुलिस जहां आरोपियों की गिरफ्तारी में जुटी है, वहीं डॉक्टरों की सुरक्षा और मेडिकल सिस्टम की साख बनाए रखना भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

पाइपलाइन के लिए खोदा गया था गड्ढा
यह घटना रांझी थाना क्षेत्र के गोकलपुर गांव की है, जहां नगर निगम द्वारा अमृत योजना 2.0 के तहत पाइपलाइन डालने के लिए सड़क पर गहरा गड्ढा खोदा गया था। बताया जा रहा है कि सुरक्षा के लिए लगाए गए बैरिकेड भी मौके पर गिरे हुए थे, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया।
80 किमी/घंटा की रफ्तार बनी हादसे की वजह
सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, बाइक की रफ्तार 80 किमी प्रति घंटे से ज्यादा थी। तेज गति के कारण चालक गड्ढे को समय पर देख नहीं सका और बाइक सीधे उसमें जा गिरी।
पुलिस ने दिखाई तत्परता
घटना के समय रांझी पुलिस की गश्त टीम पास ही मौजूद थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को तुरंत रांझी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है।
अधिकारियों की लापरवाही पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि गड्ढे के आसपास पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे। बैरिकेड्स का गिरा होना और चेतावनी संकेतों का अभाव इस हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है। इस घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जबलपुर में हुआ यह हादसा भले ही जानलेवा नहीं रहा, लेकिन यह साफ करता है कि सड़क निर्माण और खुदाई के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है।