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  • एमपी बोर्ड का बड़ा फैसला, अब फेल ही नहीं पास छात्र भी सुधार सकेंगे अंक, ‘द्वितीय परीक्षा’ से मिलेगा दूसरा मौका

    एमपी बोर्ड का बड़ा फैसला, अब फेल ही नहीं पास छात्र भी सुधार सकेंगे अंक, ‘द्वितीय परीक्षा’ से मिलेगा दूसरा मौका


    नई दिल्ली/भोपाल। माध्यमिक शिक्षा मंडल म.प्र. भोपाल ने इस वर्ष से परीक्षा प्रणाली में अहम बदलाव करते हुए पारंपरिक पूरक परीक्षा व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। इसके स्थान पर अब द्वितीय परीक्षा शुरू की जा रही है जिसमें फेल और पास दोनों ही प्रकार के छात्र शामिल हो सकेंगे। यह परीक्षा 7 मई 2026 से आयोजित होगी।

    नई व्यवस्था के तहत छात्र केवल अनुत्तीर्ण विषयों के लिए ही नहीं बल्कि अपने अंक सुधारने के उद्देश्य से भी किसी विषय में दोबारा परीक्षा दे सकेंगे। बोर्ड का मानना है कि इस पहल से विद्यार्थियों को अपने परिणाम बेहतर करने का अधिक अवसर मिलेगा।

    पहले की व्यवस्था में हाईस्कूल 10वीं में अधिकतम दो विषय और हायर सेकेंडरी 12वीं में एक विषय में फेल छात्र ही पूरक परीक्षा दे सकते थे। लेकिन अब इस नई द्वितीय परीक्षा प्रणाली में सभी छात्रों को समान अवसर प्रदान किया गया है।

    नियमों के अनुसार जो छात्र किसी विषय में फेल हैं उनके लिए उस विषय की परीक्षा देना अनिवार्य होगा। वहीं पास छात्र अपनी इच्छा से किसी भी विषय में शामिल होकर अपने अंक सुधार सकते हैं। इसे छात्रों के लिए राहतभरा कदम माना जा रहा है।

    जारी टाइमटेबल के मुताबिक 12वीं की द्वितीय परीक्षा 7 मई से 25 मई 2026 तक आयोजित होगी जबकि 10वीं की परीक्षा 7 मई से 19 मई 2026 के बीच होगी। सभी परीक्षाएं निर्धारित केंद्रों पर कराई जाएंगी।

    बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि द्वितीय परीक्षा के बाद जारी अंकसूची मुख्य परीक्षा के समान ही होगी। छात्र के दोनों परिणामों में से जो बेहतर होगा वही अंतिम रूप से मान्य किया जाएगा जिससे उन्हें सीधे तौर पर फायदा मिलेगा।

    द्वितीय परीक्षा में शामिल होने के लिए छात्रों को मुख्य परीक्षा का परिणाम घोषित होने के सात दिनों के भीतर आवेदन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया एमपी ऑनलाइन कियोस्क के माध्यम से पूरी की जाएगी। इसके लिए छात्र बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.mpbse.nic.in पर जाकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

  • बड़वानी के मोहिपुरा में महसूस किए गए भूकंप के झटके, 3.4 तीव्रता दर्ज, घरों से बाहर निकले लोग

    बड़वानी के मोहिपुरा में महसूस किए गए भूकंप के झटके, 3.4 तीव्रता दर्ज, घरों से बाहर निकले लोग


    बड़वानी । बड़वानी जिले के अंजड़ थाना क्षेत्र स्थित ग्राम मोहिपुरा में बुधवार दोपहर 12 बजकर 48 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.4 दर्ज की गई। बताया जा रहा है कि करीब दो मिनट तक धरती में कंपन होता रहा, जिससे ग्रामीणों में घबराहट फैल गई और लोग तुरंत अपने घरों से बाहर निकल आए।

    गांव के निवासी लोकेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि वे दोपहर में अपने घर पर सो रहे थे, तभी अचानक तेज झटका महसूस हुआ। समय देखा तो 12:48 बजे थे। इसके बाद वे तुरंत बाहर आए और आसपास के लोगों से पूछताछ की, तब पता चला कि यह भूकंप के झटके थे। उन्होंने कहा कि इस तरह का अनुभव गांव में पहली बार हुआ है।

    भूकंप के दौरान ग्रामीणों ने अपने घरों में रखे बर्तन, फर्नीचर और पंखों को हिलते हुए देखा। इंदिरा सागर पावर स्टेशन की भूकंप वेधशाला और राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र की वेबसाइट पर भी इसी समय भूकंप दर्ज किया गया है।

    जिला मुख्यालय पर संचालित भूकंप केंद्र की सिस्मोमीटर मशीन में भी इस हलचल को 3.4 रिक्टर स्केल पर रिकॉर्ड किया गया। केंद्र के ऑपरेटर हुकुम कुमार के अनुसार, एमईक्यू माइक्रोअर्थक्विक मशीन 24 घंटे सक्रिय रहती है और नर्मदा नगर पुनासा, खंडवा स्थित सेंटर से प्रतिदिन सुबह रिपोर्ट जारी की जाती है।

    उन्होंने बताया कि बुधवार दोपहर अंजड़ क्षेत्र में दर्ज इस भूकंपीय हलचल की तीव्रता 3.4 रही, जिसे एमईक्यू मशीन ने रिकॉर्ड किया। यह मशीन लगभग 40 से 50 किलोमीटर के दायरे में जमीन की हलचल को मापने में सक्षम है।

  • एक्ट्रेस Zareen Khan की मां का हुआ निधन, लंबे समय से बीमार थीं Parveen Khan

    एक्ट्रेस Zareen Khan की मां का हुआ निधन, लंबे समय से बीमार थीं Parveen Khan


    नई दिल्ली। एक्ट्रेस जरीन खान (Zareen Khan) की मां Parveen Khan का निधन हो गया है। वह काफी लंबे समय से बीमार थीं और आज बुधवार, 8 अप्रैल को ही उन्होंने आखिरी सांस ली। जरीन खान की टीम ने उनकी मां के निधन की खबर की पुष्टि की। जरीन खान की मां पिछले कुछ साल में कई बार गंभीर रूप में बीमार हुईं और अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा था। वहीं इस बार उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कहा दिया और एक्ट्रेस को अकेला छोड़ गईं।

    टीम ने जारी किया ऐसा स्टेटमेंट
    इस खबर की पुष्टि तब हुई जब एक्ट्रेस की टीम ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करके इसके बारे में सबको जानकारी दी। जरीन खान के मैनेजर पीयूष जैन ने स्टेटमेंट जारी किया, जिसमें कहा, ‘सूचित किया जाता है कि हमारी प्रिय श्रीमती परवीन खान, जरीन खान और सना खान की मां का 8 अप्रैल को निधन हो गया। वह शांतिपूर्वक स्वर्ग सिधार गईं।’ जैसे ही ये खबर सामने आई फैंस और बॉलीवुड के गलियारों में मातम छा गया है।

    मुंबई के वर्सोवा में हो गया अंतिम संस्कार
    बता दें सुबह 10 बजे मुंबई के वर्सोवा में जरीन खान की मां का अंतिम संस्कार कर दिया गया। एक्ट्रेस जरीन कई बार सोशल मीडिया पर अपनी मां के बारे में बात करती नजर आईं। वह फैंस से उनके लिए दुआएं करने को कहती थीं और हाल बताती थीं। जरीन ने मां की देखभाल के लिए कई बार सोशल मीडिया से ब्रेक लिया था।

    पहले ही छोड़ कर चले गए थे पिता
    जरीन खान ने एक एक इंटरव्यू में बताया था कि, उन्होंने और उनके परिवार ने काफी कुछ देखा हैं। उन्होंने इस बात का भी खुलासा किया था कि, मां और छोटी बहन का ख्याल रखने के लिए उन्हें स्कूल के बाद सीधे नौकरी करनी पड़ी थी। एक्ट्रेस ने पिंकविला’ से बात करते हुए कहा था कि, वो एक शाम थी, जिसने हमारी जिंदगी पूरी तरह बदल दी। पापा हमें छोड़कर चले गए। हमारे पास कोई पैसे नहीं थे। एक रात हम सब परिवार के साथ थे, और अचानक मेरी मां फूट-फूट कर रोने लगीं। मैंने उन्हें शांत करने की कोशिश की और समझाया कि उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है, मैं सब संभाल लूंगी।

  • आरबीआई ने रेपो रेट 5.25 प्रतिशत पर रखा स्थिर, होम लोन ब्याज दरों में राहत की उम्मीद

    आरबीआई ने रेपो रेट 5.25 प्रतिशत पर रखा स्थिर, होम लोन ब्याज दरों में राहत की उम्मीद


    नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखने के निर्णय से होम लोन ब्याज दरों में फिलहाल स्थिरता बनी रहने की उम्मीद जताई जा रही है। इस फैसले को रियल एस्टेट सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, क्योंकि इससे घर खरीदने वालों और डेवलपर्स दोनों को राहत मिल सकती है। मौद्रिक नीति में यह स्थिरता ऐसे समय आई है, जब वैश्विक और घरेलू आर्थिक परिस्थितियां अनिश्चित बनी हुई हैं।

    रियल एस्टेट क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि ब्याज दरों में स्थिरता से होम लोन की लागत नियंत्रित रहेगी, जिससे घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों को वित्तीय दबाव से कुछ राहत मिलेगी। साथ ही डेवलपर्स को भी परियोजनाओं की लागत और मांग के बीच संतुलन बनाने का अवसर मिलेगा। निर्माण लागत में लगातार हो रही वृद्धि के बावजूद स्थिर ब्याज दरें बाजार को सहारा देने में मददगार साबित हो सकती हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार, केंद्रीय बैंक का यह कदम बाजार में विश्वास बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण है। ब्याज दरों में बार-बार उतार-चढ़ाव से जहां खरीदारों की योजनाएं प्रभावित होती हैं, वहीं स्थिर दरें उन्हें दीर्घकालिक निवेश के लिए प्रेरित करती हैं। इससे हाउसिंग सेक्टर में मांग बनी रहने की संभावना बढ़ जाती है, जो पूरे रियल एस्टेट इकोसिस्टम के लिए जरूरी है।

    हालांकि, कुछ विशेषज्ञों ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में ब्याज दरों में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। मौजूदा स्थिति को देखते हुए केंद्रीय बैंक ने फिलहाल प्रतीक्षा और निगरानी की रणनीति अपनाई है, लेकिन वैश्विक घटनाक्रम और महंगाई के दबाव के आधार पर आगे की नीतियों में बदलाव हो सकता है।

    इस बीच, रियल एस्टेट सेक्टर को सप्लाई चेन में बाधाओं और बढ़ती निर्माण लागत जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इन परिस्थितियों का असर विशेष रूप से किफायती और मिड-इनकम हाउसिंग सेगमेंट पर पड़ सकता है, जहां मांग और लागत के बीच संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होता है। इसके बावजूद, भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूत बुनियादी ढांचे को देखते हुए मध्यम अवधि में इस क्षेत्र में स्थिरता और विकास की उम्मीद बनी हुई है।

    केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए महंगाई दर 4.6 प्रतिशत और सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान भी जताया है। यह संकेत देता है कि अर्थव्यवस्था में संतुलित विकास की संभावना है, जिससे रियल एस्टेट क्षेत्र को भी अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिल सकता है।
  • दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन, CSAS पोर्टल पर आसान रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया जानें

    दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन, CSAS पोर्टल पर आसान रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया जानें


    नई दिल्ली: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में एडमिशन 2026 की प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है। इस साल भी अंडरग्रेजुएट एडमिशन CUET UG स्कोर के आधार पर होगा। छात्र अपनी कॉलेज और कोर्स प्रेफरेंस CSAS (Common Seat Allocation System) पोर्टल के जरिए भरेंगे और इसी के आधार पर सीट अलॉटमेंट होगा।

    DU Admission 2026 की प्रक्रिया कब शुरू होगी?

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, DU में UG एडमिशन प्रक्रिया मई के तीसरे हफ्ते से शुरू हो सकती है। इसके साथ ही CSAS पोर्टल भी एक्टिव कर दिया जाएगा। छात्र CUET रिजल्ट आने के बाद इस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे।

    CSAS पोर्टल क्या है?

    CSAS पोर्टल DU का ऑनलाइन एडमिशन सिस्टम है। इसमें छात्र CUET देने के बाद रजिस्ट्रेशन करेंगे। यही प्लेटफॉर्म कॉलेज और कोर्स अलॉटमेंट के लिए इस्तेमाल होता है।

    रजिस्ट्रेशन स्टेप्स:

    DU की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन करें।
    पर्सनल डिटेल्स और शैक्षणिक जानकारी भरें।
    जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करें।
    नया इंटरफेस खुलेगा, जिसमें कॉलेज और कोर्स प्रेफरेंस भरनी होगी।
    अंतिम चरण में फीस ऑनलाइन जमा करनी होगी।
    DU Admission प्रक्रिया के मुख्य चरण

    DU में एडमिशन तीन मुख्य चरणों में होता है:

    रजिस्ट्रेशन: छात्र CSAS पोर्टल पर लॉगिन कर रजिस्ट्रेशन करेंगे।
    प्रेफरेंस फिलिंग: छात्र अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स का चयन करेंगे।
    सीट अलॉटमेंट: CUET स्कोर, मेरिट और भरी गई प्रेफरेंस के आधार पर सीट अलॉट की जाएगी। सीट मिलने के बाद छात्रों को सीट स्वीकार कर फीस जमा करनी होगी। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी है।

    महत्वपूर्ण बातें
    CUET स्कोर इस साल भी एडमिशन का आधार रहेगा।
    CSAS पोर्टल पर सही समय पर रजिस्ट्रेशन और प्रेफरेंस भरना जरूरी है।
    फीस जमा करना भी पूरी तरह ऑनलाइन होगा।
    सीट अलॉटमेंट पूरी तरह मेरिट और प्रेफरेंस आधारित होगी।

  • आईपीएल 2026: डीसी के खिलाफ GT का पलड़ा भारी, दिल्ली करेगी मुकाबले में हिसाब बराबर

    आईपीएल 2026: डीसी के खिलाफ GT का पलड़ा भारी, दिल्ली करेगी मुकाबले में हिसाब बराबर


    नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 (आईपीएल 2026) के 14वें मुकाबले में बुधवार को दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) और गुजरात टाइटंस (जीटी) आमने-सामने होंगी। अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाने वाला यह मैच दिल्ली के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि टीम अपने घरेलू मैदान पर गुजरात के खिलाफ जीत दर्ज कर जीत-हार का समीकरण बराबर करना चाहती है।

    दोनों टीमों का रिकॉर्ड

    गुजरात टाइटंस ने 2022 में लीग में कदम रखा था। पिछले चार सीजन में दोनों टीमों के बीच अब तक 7 मैच खेले गए हैं।

    गुजरात ने 4 मैच जीते हैं, जबकि
    दिल्ली ने 3 मुकाबले अपने नाम किए हैं।

    सीजनवार मुकाबले:

    2022: गुजरात ने डीसी को 14 रन से हराया।
    2023: दोनों टीमों ने एक-एक मैच जीता; गुजरात 6 विकेट से, दिल्ली 5 विकेट से विजयी।
    2024: डीसी ने दोनों मैचों में जीत हासिल की; 6 और 4 विकेट से।
    2025: गुजरात ने दोनों मैच जीते; 7 और 10 विकेट से।

    इस हिसाब से गुजरात का अब तक का रिकॉर्ड दिल्ली के मुकाबले थोड़ा बेहतर रहा है। बुधवार का मैच दिल्ली को बराबरी करने का मौका देगा।

    आईपीएल 2026 में फॉर्म

    दिल्ली कैपिटल्स शानदार फॉर्म में नजर आ रही है।

    सीजन के दोनों मैचों में डीसी ने जीत दर्ज की।
    पहला मैच: लखनऊ सुपर जायंट्स को 6 विकेट से हराया।
    दूसरा मैच: होम ग्राउंड पर मुंबई इंडियंस को 6 विकेट से हराया।

    इस प्रदर्शन के साथ डीसी अंकतालिका में चौथे स्थान पर है।

    वहीं, गुजरात टाइटंस के लिए यह सीजन मुश्किल से शुरू हुआ।

    जीटी अपने शुरुआती दो मैचों में हार का सामना कर चुकी है।
    अंकतालिका में गुजरात नौवें स्थान पर है।
    डीसी के खिलाफ बुधवार का मुकाबला गुजरात के लिए सीजन की पहली जीत दर्ज करने का अवसर होगा।
    मैच की अहमियत

    दिल्ली कैपिटल्स को अपने घरेलू मैदान का फायदा है। टीम अपनी दो जीत के साथ आत्मविश्वास में है और बुधवार को गुजरात के खिलाफ जीत दर्ज कर पुराने मुकाबलों का समीकरण बराबर करना चाहेगी। गुजरात टाइटंस भी कम नहीं हैं। वे सीजन की अपनी पहली जीत हासिल करने के लिए आक्रामक खेल दिखाने की तैयारी में हैं।

    दोनों टीमों के बीच इतिहास और वर्तमान फॉर्म को देखते हुए यह मुकाबला रोमांचक होने वाला है। फैंस की नजरें इस मुकाबले पर होंगी, क्योंकि जीत किसी भी टीम के सीजन के टोन को बदल सकती है।

  • आर्टेमिस II मिशन में अंतरिक्ष यात्रियों ने सुरक्षित तरीके से देखा सूर्य ग्रहण, सोलर ग्लासेज का उपयोग अनिवार्य बताया

    आर्टेमिस II मिशन में अंतरिक्ष यात्रियों ने सुरक्षित तरीके से देखा सूर्य ग्रहण, सोलर ग्लासेज का उपयोग अनिवार्य बताया


    नई दिल्ली। अंतरिक्ष से सूर्य ग्रहण देखना जितना रोमांचक अनुभव है, उतना ही संवेदनशील भी है, क्योंकि इस दौरान आंखों की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। हाल ही में आर्टेमिस II मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने सूर्य ग्रहण का अद्भुत दृश्य देखा, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने सोलर व्यूइंग ग्लासेज के उपयोग की आवश्यकता को भी स्पष्ट रूप से सामने रखा। यह घटना एक महत्वपूर्ण संदेश देती है कि चाहे पृथ्वी हो या अंतरिक्ष, सूर्य को सीधे देखना हमेशा सावधानी की मांग करता है।

    इस मिशन में शामिल अंतरिक्ष यात्री क्रिस्टीना कोच, जेरेमी हैनसन, रीड वाइजमैन और विक्टर ग्लोवर ने ओरियन स्पेसक्राफ्ट से सूर्य ग्रहण का अवलोकन किया। उन्होंने विशेष सोलर एक्लिप्स ग्लासेज पहनकर ग्रहण के आंशिक चरणों को देखा, ताकि आंखों को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे। वैज्ञानिकों के अनुसार, केवल पूर्ण सूर्य ग्रहण के कुछ क्षणों को छोड़कर बाकी समय सूर्य को सीधे देखना आंखों के लिए अत्यंत खतरनाक होता है।

    विशेषज्ञ बताते हैं कि सूर्य की तेज रोशनी और हानिकारक विकिरण आंखों की रेटिना को स्थायी नुकसान पहुंचा सकते हैं। यही कारण है कि सामान्य धूप के चश्मे सूर्य ग्रहण देखने के लिए सुरक्षित नहीं माने जाते। सोलर व्यूइंग ग्लासेज विशेष रूप से इस उद्देश्य के लिए बनाए जाते हैं और ये अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होते हैं, जो आंखों को सुरक्षित रखते हैं।

    आंशिक और वलयाकार सूर्य ग्रहण के दौरान सावधानी और भी आवश्यक हो जाती है, क्योंकि इन स्थितियों में सूर्य पूरी तरह ढका नहीं होता। ऐसे में पूरे समय सोलर ग्लासेज पहनना जरूरी होता है। यदि चश्मे में किसी प्रकार की खरोंच या क्षति हो, तो उनका उपयोग तुरंत बंद कर देना चाहिए। बच्चों को ग्रहण दिखाते समय विशेष निगरानी की आवश्यकता होती है, ताकि वे बिना सुरक्षा के सूर्य की ओर न देखें।

    इसके अलावा, विशेषज्ञ यह भी चेतावनी देते हैं कि सोलर ग्लासेज पहनकर भी कैमरा, दूरबीन या टेलीस्कोप के माध्यम से सूर्य को नहीं देखना चाहिए। इन उपकरणों के जरिए सूर्य की किरणें और अधिक तीव्र होकर आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं। ऐसे उपकरणों के लिए अलग से विशेष सोलर फिल्टर का उपयोग करना अनिवार्य होता है।

    यदि सोलर व्यूइंग ग्लासेज उपलब्ध न हों, तो अप्रत्यक्ष तरीके से ग्रहण देखना एक सुरक्षित विकल्प है। पिनहोल प्रोजेक्टर जैसी सरल विधि के माध्यम से सूर्य की छवि को कागज या दीवार पर प्रोजेक्ट करके बिना किसी जोखिम के ग्रहण का आनंद लिया जा सकता है। इस तकनीक में सीधे सूर्य को देखने की आवश्यकता नहीं होती, जिससे आंखों की सुरक्षा बनी रहती है।

  • आग बुझाने गया किसान खुद बन गया शिकार, सतना में 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौत

    आग बुझाने गया किसान खुद बन गया शिकार, सतना में 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौत


    सतना । सतना जिले में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया जहां अरहर के खेत में लगी आग बुझाने के प्रयास में एक वृद्ध किसान की झुलसकर मौत हो गई। यह घटना बरौंधा थाना क्षेत्र के बकोटा गांव की है जहां मंगलवार दोपहर अचानक खेत में आग भड़क उठी और देखते ही देखते उसने विकराल रूप ले लिया।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार बकोटा गांव निवासी 80 वर्षीय मुरलिया यादव अपने खेत में लगी आग को बुझाने के लिए मौके पर पहुंचे थे। आग तेजी से फैल रही थी और आसपास की फसलों को भी अपनी चपेट में ले रही थी। ऐसे में मुरलिया यादव ने बिना अपनी सुरक्षा की परवाह किए आग बुझाने का प्रयास शुरू किया लेकिन इसी दौरान वे लपटों में घिर गए और गंभीर रूप से झुलस गए।

    ग्रामीणों ने घटना को देख तुरंत मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास किया और मुरलिया यादव को बाहर निकालने की कोशिश की लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उन्हें गंभीर रूप से जलने से बचाया नहीं जा सका। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल छा गया और हर कोई इस हादसे से स्तब्ध नजर आया।

    सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि खेत में आग अचानक लगी हालांकि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

    ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी के मौसम में खेतों में सूखी फसल और तेज हवाओं के कारण आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में थोड़ी सी चिंगारी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में जागरूकता अभियान चलाया जाए और किसानों को सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी दी जाए।

    यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि खेतों में आग लगने की स्थिति में बिना सुरक्षा के उसे बुझाने का प्रयास कितना खतरनाक हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आग लगने पर तुरंत फायर ब्रिगेड या संबंधित अधिकारियों को सूचना देना चाहिए और खुद जोखिम उठाने से बचना चाहिए।

    मुरलिया यादव का यह बलिदान गांव के लोगों के लिए एक बड़ी क्षति है। वे अपने परिवार और समुदाय के लिए समर्पित किसान थे। इस दुखद घटना ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है।

    प्रशासन और पुलिस अब इस घटना की जांच कर रहे हैं और आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं ग्रामीणों को भी सतर्क रहने और भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

  • विशेषज्ञों का कहना, RBI के फैसले से गृह ऋण लेने वालों को मिलेगा फायदा

    विशेषज्ञों का कहना, RBI के फैसले से गृह ऋण लेने वालों को मिलेगा फायदा


    नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली मौद्रिक नीति बैठक में रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखने का निर्णय लिया। विशेषज्ञों के अनुसार, इस कदम से होम लोन (मॉर्गेज) की ब्याज दरों में स्थिरता बनी रहेगी और रियल एस्टेट सेक्टर को राहत मिलेगी। रियल एस्टेट मार्केट में अब खरीदार और डेवलपर्स दोनों ही अपने वित्तीय निर्णयों को बेहतर तरीके से योजना बना सकेंगे।

    विशेषज्ञों ने दी प्रतिक्रिया

    श्रीनिवास राव, वेस्टियन के सीईओ (FRICS) ने कहा कि रेपो रेट स्थिर रहने से निर्माण लागत बढ़ने के बावजूद होम लोन दरें प्रतिस्पर्धी बनी रहेंगी, जो घर खरीदने वालों के लिए राहत है। उन्होंने बताया कि यह कदम बढ़ती लागत के असर को कम करने में मदद करेगा और बाजार की बदलती स्थिति के अनुसार रणनीति बनाने का समय देगा। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यह आखिरी बार हो सकता है जब रेपो रेट स्थिर रहे; भविष्य में ब्याज दरों में वृद्धि की संभावना बनी हुई है।

    शिशिर बैजल, नाइट फ्रैंक इंडिया के इंटरनेशनल पार्टनर, चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर ने कहा कि आरबीआई का ‘न्यूट्रल’ रुख अर्थव्यवस्था में स्थिरता लाएगा। उन्होंने बताया कि स्थिर ब्याज दरों से घर खरीदने वालों के लिए सामर्थ्य बनी रहती है और डेवलपर्स को बेहतर योजना बनाने में मदद मिलती है। ऐसे माहौल में जहां आर्थिक संकेतों से बाजार प्रभावित होता है, ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव का न होना सकारात्मक संकेत है।

    विमल नादर, कोलियर्स इंडिया के नेशनल डायरेक्टर और रिसर्च हेड ने कहा कि मौजूदा संकट की तीव्रता और अवधि का असर खपत पर पड़ सकता है, खासकर रिटेल, हॉस्पिटैलिटी और हाउसिंग सेक्टर में। उन्होंने बताया कि विशेष रूप से सस्ते और मिड-इनकम सेगमेंट के खरीदार प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूत बुनियादी पहलू रियल एस्टेट सेक्टर को मध्यम अवधि में मजबूती देंगे।

    आर्थिक संकेतक: महंगाई और जीडीपी

    आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए महंगाई दर 4.6 प्रतिशत और जीडीपी ग्रोथ 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को देखते हुए बैंक ने ‘वेट एंड वॉच’ रणनीति अपनाई है। इससे अर्थव्यवस्था पर अप्रत्याशित झटकों का असर कम होगा और मौद्रिक स्थिरता बनी रहेगी।

    रियल एस्टेट और होम लोन पर असर

    स्थिर रेपो रेट से होम लोन दरें स्थिर रहेंगी, जिससे घर खरीदने वालों के लिए वित्तीय योजना आसान होगी। डेवलपर्स को भी परियोजनाओं की योजना और लागत प्रबंधन में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इस कदम से निजी निवेश और मांग को बनाए रखने में सहारा मिलेगा, जबकि सप्लाई चेन बाधाओं और बढ़ती निर्माण लागत जैसी चुनौतियों का असर सीमित रहेगा।

    आरबीआई का यह निर्णय रियल एस्टेट सेक्टर और होम लोन बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है। स्थिर ब्याज दरों से खरीदार और डेवलपर्स दोनों ही लाभान्वित होंगे, जबकि अर्थव्यवस्था के मजबूत बुनियादी पहलू भविष्य में स्थिर विकास सुनिश्चित करेंगे। हालांकि, वैश्विक और स्थानीय जोखिमों पर नजर रखना आवश्यक रहेगा।

  • पद अनुसार शैक्षणिक योग्यता और अनुभव आवश्यक, चयन शॉर्टलिस्टिंग, इंटरव्यू और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के आधार पर

    पद अनुसार शैक्षणिक योग्यता और अनुभव आवश्यक, चयन शॉर्टलिस्टिंग, इंटरव्यू और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के आधार पर


    नई दिल्ली। राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली ट्रस्ट (एनपीएस) में नौकरी करने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए यह अवसर महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। नेशनल पेंशन सिस्टम ट्रस्ट ने सीनियर एग्जीक्यूटिव और अन्य विभिन्न 15 पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 8 अप्रैल से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जबकि आवेदन की अंतिम तिथि 29 अप्रैल निर्धारित की गई है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि से पहले अपना आवेदन प्रक्रिया पूरी करें।

    इस भर्ती प्रक्रिया में कुल 15 पद शामिल हैं। इन पदों में सीनियर एग्जीक्यूटिव (मार्केटिंग एवं संचार, आईटी एवं संचालन, नेटवर्क एवं संचालन, मानव संसाधन एवं प्रशासन, लीगल), सीनियर एनालिस्ट (पेंशन निधि अनुपालन और प्रदर्शन निगरानी, ट्रस्टी बैंक अनुपालन और योजना लेखापरीक्षा), एनालिस्ट (पेंशन निधि प्रदर्शन और अनुपालन), एग्जीक्यूटिव (निकास एवं निकासी, सोशल मीडिया एवं समन्वय, शिकायतें) आदि शामिल हैं। इन पदों के लिए उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता पद अनुसार ग्रेजुएशन या पोस्ट-ग्रेजुएशन, सीए (इंटर), एमबीए, पीजीडीएम, एमकॉम, लॉ, बीटेक, एमसीए, सीएफए या एफआरएम में होनी चाहिए। इसके साथ ही संबंधित क्षेत्र में अनुभव होना अनिवार्य है।

    उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु पद अनुसार 23 से 25 वर्ष और अधिकतम आयु 35 से 40 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट प्रदान की जाएगी। चयन प्रक्रिया में शॉर्टलिस्टिंग, इंटरव्यू और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन शामिल है। चयनित उम्मीदवारों को पद अनुसार मासिक वेतन 70,000 से 1,50,000 रुपए तक प्रदान किया जाएगा।

    आवेदन करने के लिए उम्मीदवार सबसे पहले एनपीएस ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और संबंधित पद के लिए जारी नोटिफिकेशन लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद एप्लीकेशन फॉर्म डाउनलोड कर उसका प्रिंट आउट निकालें। फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारियों को सही ढंग से भरें और संबंधित सभी दस्तावेजों के साथ इसे आधिकारिक ईमेल आईडी पर भेज दें। इस प्रक्रिया के माध्यम से योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा।