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  • एमपी में गर्मी ने तोड़े रिकार्ड, आज 7 जिलों में रेड अलर्ट, खजुराहो बना देश का दूसरा सबसे गर्म शहर

    एमपी में गर्मी ने तोड़े रिकार्ड, आज 7 जिलों में रेड अलर्ट, खजुराहो बना देश का दूसरा सबसे गर्म शहर

    भोपाल। मध्य प्रदेश इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। प्रदेश के कई शहरों में तापमान लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। बुधवार को राज्य के 16 शहरों में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जबकि खजुराहो सबसे ज्यादा गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसने 33 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया।

    मौसम विभाग के मुताबिक, मई महीने में खजुराहो में पहली बार इतना अधिक तापमान दर्ज किया गया है। इससे पहले 29 अप्रैल 1993 को यहां 46.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया था। बुधवार को खजुराहो देश का दूसरा और दुनिया का चौथा सबसे गर्म शहर रहा। इससे अधिक तापमान मिस्र के अस्वान में 49.4 डिग्री, सऊदी अरब के अराफात में 48.4 डिग्री और उत्तरप्रदेश के बांदा में 48.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

    प्रदेश के नौगांव, निवाड़ी, दतिया, राजगढ़ समेत कई शहरों में भी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है। मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए पूरे मध्यप्रदेश में हीट वेव का अलर्ट जारी किया है। भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना जिलों में तीव्र लू का रेड अलर्ट घोषित किया गया है। इन इलाकों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रहने की संभावना है। इसके अलावा भोपाल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, रायसेन, दमोह, कटनी, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, रतलाम और झाबुआ में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

    वहीं इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, शाजापुर, सीहोर, देवास, हरदा, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, धार, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया और शहडोल सहित कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां तापमान 43 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।

    मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेशभर में भीषण गर्मी जारी रहने की संभावना जताई है। विभाग का कहना है कि 23 मई तक गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। इसके बाद नौतपा शुरू होगा, जिसके दौरान भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर सहित पूरे प्रदेश में तेज गर्मी पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक लू का असर सबसे ज्यादा रहेगा, इसलिए जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें।

  • ज्योतिष टिप्स: गुरुवार को करें ये उपाय, दूर होगा गुरु ग्रह का प्रभाव

    ज्योतिष टिप्स: गुरुवार को करें ये उपाय, दूर होगा गुरु ग्रह का प्रभाव


    नई दिल्ली।  गुरुवार का दिन हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और शुभ माना जाता है क्योंकि यह दिन देवताओं के गुरु बृहस्पति देव और भगवान श्रीहरि विष्णु को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना, व्रत और मंत्र जाप करने से कुंडली में मौजूद गुरु दोष समाप्त हो जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का मार्ग खुलने लगता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, बृहस्पति ग्रह को ज्ञान, भाग्य, धन, विवाह और करियर का कारक माना जाता है। ऐसे में यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में बृहस्पति कमजोर हो तो जीवन में कई प्रकार की बाधाएं उत्पन्न होने लगती हैं, लेकिन गुरुवार के विशेष उपाय इन समस्याओं को दूर करने में अत्यंत प्रभावी माने गए हैं।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरुवार के दिन भगवान विष्णु के द्वादशाक्षर मंत्र “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का जाप अत्यंत फलदायी माना गया है। कहा जाता है कि इस मंत्र के नियमित जाप से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होने लगती हैं, चाहे वह स्वास्थ्य से जुड़ी हों, आर्थिक स्थिति से संबंधित हों या मानसिक शांति की आवश्यकता हो। यह मंत्र न केवल जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है बल्कि व्यक्ति के भाग्य को भी मजबूत बनाता है।

    इसके अलावा विष्णु गायत्री मंत्र “ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्” का जाप करने से जीवन में आने वाली बाधाएं धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं और व्यक्ति का जीवन समृद्धि की ओर अग्रसर होता है। इसी प्रकार बृहस्पति देव का बीज मंत्र “ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः” ग्रह दोषों को शांत करने में अत्यंत प्रभावी माना गया है। वहीं “ॐ बृं बृहस्पतये नमः” मंत्र का नियमित जाप करने से जीवन में नकारात्मकता दूर होकर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, जो व्यक्ति नियमपूर्वक गुरुवार के दिन बृहस्पति देव की पूजा करता है और मंत्र जाप करता है, उसकी कुंडली में बृहस्पति ग्रह मजबूत होता है। इसका सीधा प्रभाव उसके जीवन पर पड़ता है और नौकरी तथा व्यापार में तरक्की के नए अवसर प्राप्त होने लगते हैं। अविवाहित लोगों के विवाह के योग बनने लगते हैं, जबकि विवाहित जीवन में आपसी प्रेम और समझ बढ़ती है।

    मान्यता यह भी है कि गुरुवार का व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा करने से दांपत्य जीवन की समस्याएं दूर होती हैं और पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। इसके साथ ही आर्थिक संकट दूर होकर धन-समृद्धि में वृद्धि होती है और समाज में मान-सम्मान भी बढ़ता है।

    कुल मिलाकर गुरुवार के ये सरल लेकिन प्रभावशाली उपाय व्यक्ति के जीवन को सकारात्मक दिशा देने में सहायक माने गए हैं। नियमित श्रद्धा और विश्वास

  • फटकार के बाद सलमान खान से पैपराजी ने मांगी माफी, एक्‍टर ने दिया ये रिएक्शन..

    मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता सलमान ख़ान इन दिनों सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा में बने हुए हैं। हाल ही में पैपराजी पर नाराजगी जताने के बाद अब उनका एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें माहौल पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। वीडियो में पैपराजी सलमान खान से माफी मांगते दिखाई दे रहे हैं, जबकि अभिनेता भी काफी खुश और शांत नजर आए।

    वायरल वीडियो में दिखा बदला हुआ माहौल
    सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि सलमान खान अपनी कार से उतरते हैं और कैमरों के सामने रुककर पोज देते हैं। इस दौरान वहां मौजूद पैपराजी उनसे माफी मांगने लगते हैं। एक फोटोग्राफर ने कहा, “भाईजान, कल के लिए सॉरी।” वहीं दूसरे ने कहा, “भाईजान, हम आपको बहुत प्यार करते हैं।” सलमान खान ने इस दौरान मुस्कुराते हुए सबकी बात सुनी। तभी अभिनेता रितेश देशमुख भी वहां पहुंचे और सलमान खान से गले मिलते नजर आए। दोनों सितारों की मुलाकात ने भी फैंस का ध्यान खींचा।

    अस्पताल के बाहर पैपराजी पर नाराज हुए थे सलमान
    दरअसल, मंगलवार देर रात सलमान खान हिंदुजा अस्पताल पहुंचे थे। वहां मौजूद पैपराजी उन्हें देखते ही जोर-जोर से “भाई-भाई” कहकर आवाज लगाने लगे और लगातार तस्वीरें लेने लगे। इस दौरान सलमान खान नाराज हो गए थे। उन्होंने पैपराजी को फटकार लगाते हुए कहा था कि अगर उनके परिवार का कोई सदस्य अस्पताल में भर्ती होता, तो क्या वे ऐसी ही प्रतिक्रिया देते? उनकी नाराजगी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था।

    रात 3 बजे सलमान ने शेयर किए पोस्ट
    घटना के बाद सलमान खान ने देर रात सोशल मीडिया पर लगातार तीन पोस्ट साझा किए। इन पोस्ट में उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की और पैपराजी को जिम्मेदारी समझने की सलाह दी। एक पोस्ट में उन्होंने लिखा था, “साठ साल का हो गया हूं, लेकिन लड़ना नहीं भूला… ये याद रख लेना। जेल में डालोगे… हा हा…” सलमान के इन पोस्ट्स ने सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियां बटोरीं।

    फिल्मों को लेकर भी चर्चा में हैं भाईजान

    वर्कफ्रंट की बात करें तो सलमान खान जल्द ही फिल्म मातृभूमि में नजर आने वाले हैं। फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया कर रहे हैं। इस फिल्म में उनके साथ चित्रांगदा सिंह मुख्य भूमिका में दिखाई देंगी। इसके अलावा सलमान खान अभिनेत्री नयनतारा के साथ भी एक नई फिल्म पर काम कर रहे हैं। हालांकि, फिल्म के टाइटल का अभी आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसकी शूटिंग अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है।

  • आज आर्द्र नक्षत्र में प्रवेश करेंगे शुक्र, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्‍मत, बरसेगी धन-समृद्धि

    आज आर्द्र नक्षत्र में प्रवेश करेंगे शुक्र, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्‍मत, बरसेगी धन-समृद्धि

    नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सुख, वैभव, प्रेम और ऐश्वर्य के कारक ग्रह शुक्र आज 20 मई को राहु के स्वामित्व वाले आर्द्र नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं। शुक्र के इस नक्षत्र परिवर्तन का असर सभी 12 राशियों पर देखने को मिलेगा, लेकिन कुछ राशियों के लिए यह गोचर बेहद शुभ और लाभकारी साबित हो सकता है।

    ज्योतिष मान्यताओं के मुताबिक राहु और शुक्र के बीच मित्रता का संबंध माना जाता है। ऐसे में शुक्र का आर्द्र नक्षत्र में प्रवेश कई लोगों के जीवन में अचानक सकारात्मक बदलाव ला सकता है। आइए जानते हैं किन राशियों की किस्मत चमकने वाली है।

    वृषभ राशि वालों को मिलेगा आर्थिक लाभ
    वृषभ राशि के जातकों के लिए शुक्र का यह गोचर काफी शुभ संकेत लेकर आया है। लंबे समय से रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना बन रही है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और निवेश से लाभ मिल सकता है। कार्यस्थल पर आपकी लोकप्रियता बढ़ेगी और वरिष्ठ अधिकारी आपके काम की सराहना कर सकते हैं। पारिवारिक जीवन में भी खुशियां बढ़ेंगी। जीवनसाथी के साथ रिश्ते मजबूत होंगे और घूमने-फिरने का प्लान बन सकता है।

    कन्या राशि के व्यक्तित्व में आएगा निखार

    कन्या राशि वालों के लिए यह समय आत्मविश्वास और आकर्षण बढ़ाने वाला रहेगा। आपकी बातचीत और व्यवहार से लोग प्रभावित होंगे, जिससे कई रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं। जो लोग पार्टनरशिप में कारोबार कर रहे हैं, उन्हें बड़ा फायदा मिलने के संकेत हैं। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी और पार्टनर के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा।

    तुला राशि वालों की बढ़ेगी आमदनी
    तुला राशि के जातकों के लिए शुक्र का यह गोचर सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी कराने वाला माना जा रहा है। आय के नए स्रोत बन सकते हैं और आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी। इस दौरान वाहन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट या घर से जुड़ी कोई बड़ी खरीदारी संभव है। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और प्रभावशाली लोगों से संपर्क मजबूत होंगे।

    मीन राशि को मिलेगा भाग्य का साथ
    मीन राशि के लिए यह गोचर विशेष लाभदायक माना जा रहा है। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या वेतन वृद्धि की खुशखबरी मिल सकती है। नई नौकरी के अवसर भी सामने आ सकते हैं। जो लोग विदेश जाने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए भी समय अनुकूल रहेगा। इसके अलावा आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और मानसिक शांति का अनुभव होगा।

    कई राशियों के लिए खुल सकते हैं सफलता के नए रास्ते

    ज्योतिषाचार्यों के अनुसार शुक्र का आर्द्र नक्षत्र में प्रवेश प्रेम, धन, करियर और सामाजिक जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। हालांकि हर राशि पर इसका असर अलग-अलग होगा, लेकिन विशेष रूप से वृषभ, कन्या, तुला और मीन राशि के लोगों को इस दौरान अच्छे परिणाम मिलने की संभावना है।

  • MP: धार भोजशाला परिसर के नीचे दबी है हनुमान प्रतिमा….! जाने क्या उठी नई मांग?

    MP: धार भोजशाला परिसर के नीचे दबी है हनुमान प्रतिमा….! जाने क्या उठी नई मांग?


    धार।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के धार (Dhar) स्थित भोजशाला परिसर (Bhojshala Complex) में श्रद्धालुओं के निःशुल्क प्रवेश की मांग को लेकर एक याचिकाकर्ता ने बुधवार को ASI (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) को आवेदन भेजा। वहीं, दूसरे याचिकाकर्ता ने अलग अर्जी में दावा किया कि इस मध्यकालीन स्मारक की जमीन के नीचे भगवान हनुमान और अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां दबी हो सकती हैं। ये ताजा आवेदन उन दो याचिकाकर्ताओं ने भेजे हैं, जिनकी ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करने के बाद मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (Madhya Pradesh High Court) की इंदौर पीठ ने इस ASI संरक्षित परिसर को 15 मई को वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर घोषित किया था।

    सामाजिक संगठन ‘हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस’ से जुड़े याचिकाकर्ता आशीष गोयल ने ASI को भेजे आवेदन में कहा कि श्रद्धालुओं को उपासना के अधिकार के तहत भोजशाला में निःशुल्क प्रवेश दिया जाना चाहिए। आवेदन में कहा गया कि ASI द्वारा श्रद्धालुओं से वर्तमान में लिया जा रहा एक रुपए का प्रवेश शुल्क बंद किया जाए क्योंकि इस वसूली से उच्च न्यायालय के आदेश की ‘अवहेलना’ हो रही है।


    भोजशाला में लगे इस्लामी प्रतीकों को हटाने की मांग

    आवेदन में भोजशाला परिसर की दक्षिण-पूर्व दिशा में स्थित बंद कमरे को तत्काल खोलने की मांग भी की गई है। याचिकाकर्ता का दावा है कि यह कमरा मूल मंदिर परिसर का हिस्सा है। आवेदन में यह भी कहा गया है कि चूंकि उच्च न्यायालय ने भोजशाला को वाग्देवी मंदिर घोषित कर दिया है, इसलिए परिसर में ‘अनाधिकृत रूप से लगाए गए’ इस्लामी प्रतीकों को हटाया जाना चाहिए।


    मुस्लिम प्रतीकों को किसी अन्य कमरे में रखने की मांग

    भोजशाला मामले के एक अन्य याचिकाकर्ता कुलदीप तिवारी ने भी केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय और ASI को भेजे अलग आवेदन में ऐसी ही मांग की और कहा कि इस्लामी प्रतीकों को मुस्लिम समुदाय के किसी भवन में सुरक्षित तौर पर रखा जाना चाहिए।


    याचिकाकर्ता का दावा- भोजशाला में दबी है हनुमान जी की मूर्ति

    तिवारी ने अपने आवेदन में दावा किया कि धार के लोगों की मान्यता है कि भोजशाला परिसर की जमीन के नीचे भगवान हनुमान और अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में सच का पता लगाने के लिए वैज्ञानिक तरीके से खुदाई करके इन मूर्तियों को बाहर निकाला जाना चाहिए और इन्हें परिसर में धार्मिक विधि-विधान के साथ स्थापित किया जाना चाहिए।


    पिछले शुक्रवार को आया था भोजशाला को लेकर ऐतिहासिक फैसला

    उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ ने 15 मई को अपने फैसले में भोजशाला परिसर की धार्मिक प्रकृति वाग्देवी (सरस्वती) मंदिर के रूप में निर्धारित की थी। साथ ही अदालत ने ASI के सात अप्रैल 2003 के उस आदेश को भी रद्द कर दिया था जिसमें मुस्लिम समुदाय को हर शुक्रवार इस परिसर में नमाज अदा करने की इजाजत दी गई थी। इस आदेश में हिंदुओं को केवल मंगलवार को स्मारक में पूजा-अर्चना की अनुमति दी गई थी।

  • मौलाना मदनी बोले- गाय को दिया जाए राष्ट्रीय पशु का दर्जा….इससे मॉब लिंचिंग व हिंसा रुकेगी

    मौलाना मदनी बोले- गाय को दिया जाए राष्ट्रीय पशु का दर्जा….इससे मॉब लिंचिंग व हिंसा रुकेगी


    सहारनपुर।
    जमीयत उलमा-ए-हिंद (Jamiat Ulama-e-Hind) के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी (Maulana Arshad Madani) ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की है। उन्होंने कहा, इससे गाय के नाम पर होने वाली मॉब लिंचिंग और हिंसा (Mob lynching and violence) पर रोक लग सकती है। सरकार गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने से क्यों बच रही है, यह बड़ा सवाल है।

    मदनी ने कहा, गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने पर मुसलमानों को कोई आपत्ति नहीं होगी, बल्कि उन्हें खुशी होगी कि समाज में नफरत और तनाव कम होगा। मदनी ने कहा कि गाय के मुद्दे को राजनीतिक और भावनात्मक हथियार बना दिया गया है।

  • रोम से स्वदेश रवाना हुए PM मोदी…. अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करेगा 5 देशों का दौरा

    रोम से स्वदेश रवाना हुए PM मोदी…. अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करेगा 5 देशों का दौरा


    रोम (इटली)।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने अपने पांच देशों के आधिकारिक दौरे को पूरा करते हुए बुधवार को इटली (Italy) के रोम (Rome) से भारत के लिए प्रस्थान किया। यह दौरा भारत की वैश्विक कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


    इटली यात्रा में रिश्तों को मिली नई मजबूती

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी इटली यात्रा को बेहद सफल बताते हुए कहा कि उनकी चर्चा इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर केंद्रित रही। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि भारत और इटली ने अपने संबंधों को स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप तक पहुंचाने का निर्णय लिया है, जिससे आने वाले समय में दोनों देशों के सहयोग को नई गति मिलेगी। पीएम मोदी ने इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मटेरेला से मुलाकात कर व्यापार, निवेश, संस्कृति, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, महत्वपूर्ण खनिज, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की।


    आतंक के वित्तपोषण के खिलाफ भारत इटली की पहल वैश्विक नजीर: मोदी

    पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद मानवता के लिए एक गंभीर चुनौती है और भारत-इटली दोनों इस बात पर एकमत हैं। आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ हमारी पहल ने पूरी दुनिया के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण प्रस्तुत किया है। पीएम मोदी ने कहा, भारत और इटली ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जिम्मेदार लोकतंत्र न केवल आतंकवाद की निंदा करते हैं, बल्कि इसके वित्तीय नेटवर्क को बाधित करने के लिए ठोस कदम भी उठाते हैं। पीएम ने यूक्रेन और पश्चिम एशिया संकट के बारे में कहा कि हम यूक्रेन, पश्चिम एशिया और अन्य तनावों के संबंध में लगातार एक-दूसरे के संपर्क में हैं। भारत का दृष्टिकोण स्पष्ट है कि सभी समस्याओं का समाधान संवाद और कूटनीति से होना चाहिए। इटली की पीएम जियोर्जिया मेलनी के साथ वार्ता के बाद साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोदी ने कहा, दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के साथ-साथ हमारी सेनाओं में भी सहयोग बढ़ रहा है।


    इटली दौरे की बड़ी उपलब्धियां

    – दोनों देशों के संबंध को विशेष रणनीतिक साझेदारी में बदलने से द्विपक्षीय संबंध तेजी से आगे बढ़ेगा।
    – भारत-इटली रक्षा औद्योगिक रोडमैप: रक्षा सहयोग और रक्षा उत्पादन तंत्र मजबूत होगा।
    – दुर्लभ खजिनों के क्षेत्र में सहयोग का एमओयू से खोज-खनन-उत्पादन में तेजी। आधुनिक तकनीक और निवेश में सहयोग बढ़ेगा।
    – ईडी-इटली के वित्तीय निगरानी विभाग में सहयोग से टैक्स संबंधी अपराधों, धनशोधन और आतंकवाद के खिलाफ फंडिंग पर मिलकर काम होगा।
    – भारत-इटली में 2027 को संस्कृति और पर्यटन वर्ष के रूप में मनाने का समझौता: दोनों देशों में सांस्कृतिक आदान-प्रदान और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
    – भारतीय नर्सों को काम के लिए इटली भेजने का समझौता: इससे भारतीय स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार बढ़ेगा। दुनिया में भारतीय कार्यबल की गुणवत्ता को मान्यता।
    – गुजरात के लोथल में नेशनल मेरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स निर्माण के एमओयू से भारतीय सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण होगा।
    – उच्च शिक्षा और शोध में सहयोग का रोडमैप: शोध की गुणवत्ता, औद्योगिक संपर्क और आधुनिक शिक्षण का तंत्र विकसित होगा। क्षमता निर्माण होगा।
    – समुद्री परिवहन क्षेत्र में सहयोग के लिए एमओयू से समुद्री बुनियादी ढांचा मजबूत होगा।


    रणनीतिक साझेदारी को मिला नया आयाम

    दोनों देशों ने संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-29 की प्रगति की समीक्षा की और व्यापार, निवेश, तकनीक, रक्षा, ब्लू इकोनॉमी, कनेक्टिविटी, शिक्षा और जन-से-जन संबंधों जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई। इटली सरकार ने भी इस यात्रा को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि भारत और इटली के संबंध अब अपने सबसे उच्च स्तर पर पहुंच चुके हैं।


    MEA ने बताया यात्रा को सफल

    विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी इस दौरे को बेहद सफल बताया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा के अंतिम चरण में इटली में कई महत्वपूर्ण परिणाम सामने आए हैं। पीएम मोदी ने 15 से 20 मई तक संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली का दौरा किया। इस दौरान भारत ने कई देशों के साथ अपने आर्थिक, रणनीतिक और तकनीकी संबंधों को मजबूत किया।


    भारत और इटली के बीच का द्विपक्षीय व्यापार

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले जून 2024 में ग्रुप ऑफ सेवन (G7) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए इटली गए थे। अब उनका यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत और इटली के बीच द्विपक्षीय संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं।

    विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देश संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-2029 को सक्रिय रूप से लागू कर रहे हैं। इस व्यापक रोडमैप के तहत व्यापार, निवेश, रक्षा और सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, नवाचार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और लोगों के बीच संपर्क जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जा रहा है।

    मंत्रालय ने बताया कि वर्ष 2025 में भारत-इटली द्विपक्षीय व्यापार 16.77 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है। वहीं अप्रैल 2000 से सितंबर 2025 के बीच इटली से भारत में 3.66 अरब अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) दर्ज किया गया। दोनों देश रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।


    यात्रा के दौरान मिले कई सम्मान

    इसी यात्रा क्रम में नॉर्वे दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल ऑर्डर ऑफ मेरिट’ से सम्मानित किया गया, जो उनका 32वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है। नॉर्वे में उन्होंने भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भी भाग लिया। इसके अलावा स्वीडन में उन्हें ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार’ से सम्मानित किया गया और दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करते हुए रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने पर सहमति जताई।

  • ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की एंट्री से सियासत गरम, 2029 चुनाव और केजरीवाल संग गठजोड़ पर अभिजीत ने दिया बयान

    ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की एंट्री से सियासत गरम, 2029 चुनाव और केजरीवाल संग गठजोड़ पर अभिजीत ने दिया बयान


    नई दिल्ली।
    सोशल मीडिया पर अचानक उभरी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ इन दिनों राजनीतिक और डिजिटल दोनों मंचों पर चर्चा का विषय बनी हुई है। इस आंदोलन के पीछे 30 वर्षीय अभिजीत दीपके हैं, जिन्होंने हाल ही में बॉस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस में मास्टर्स किया है। उनका दावा है कि यह सिर्फ एक पार्टी नहीं, बल्कि देश के युवाओं की नाराजगी और हताशा की आवाज है।

    अभिजीत ने बताया कि कुछ दिन पहले तक वह अमेरिका में नौकरी के लिए आवेदन कर रहे थे, लेकिन चीफ जस्टिस की उस टिप्पणी ने उन्हें झकझोर दिया जिसमें सोशल मीडिया पर सक्रिय युवाओं की तुलना ‘कॉकरोच’ और ‘परजीवी’ से की गई थी। इसी के बाद उन्होंने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि अगर यही बयान किसी राजनीतिक नेता ने दिया होता तो शायद इतना असर नहीं होता, लेकिन जब संविधान की रक्षा करने वाले पद पर बैठा व्यक्ति ऐसी टिप्पणी करे तो युवाओं को चोट पहुंचना स्वाभाविक है।

    अभिजीत के मुताबिक, पार्टी को शुरू हुए महज कुछ ही दिनों में लाखों लोग इससे जुड़ गए। इंस्टाग्राम पर पार्टी के 33 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हो चुके हैं, जबकि वेबसाइट पर लाखों युवाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। उनका कहना है कि यह किसी प्रायोजित अभियान का नतीजा नहीं, बल्कि युवाओं के भीतर जमा गुस्से का विस्फोट है।

    अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी से रिश्तों को लेकर भी अभिजीत ने खुलकर बात की। उन्होंने माना कि वह 2020 से 2023 के बीच आम आदमी पार्टी के कम्युनिकेशन विभाग से जुड़े थे और शिक्षा-स्वास्थ्य मॉडल से प्रभावित होकर काम किया था। हालांकि उन्होंने साफ किया कि फिलहाल उनकी नई मुहिम किसी भी पारंपरिक राजनीतिक दल से दूरी बनाए रखना चाहती है।

    केजरीवाल के समर्थन को लेकर उन्होंने कहा कि कोई भी समर्थन दे सकता है, लेकिन ‘जेन-जी’ के युवा नहीं चाहते कि इस आंदोलन पर किसी स्थापित पार्टी की छाया पड़े। 2029 के चुनाव लड़ने के सवाल पर अभिजीत ने कहा कि अभी इस पर फैसला लेना जल्दबाजी होगी। पहले युवाओं की राय ली जाएगी और उसी आधार पर आगे की रणनीति तय होगी। उनका कहना है कि मौजूदा राजनीति युवाओं की असली समस्याओं से दूर हो चुकी है और अब राजनीतिक विमर्श बदलने की जरूरत है।

    कॉकरोच जनता पार्टी ने अपनी वेबसाइट पर पांच सूत्रीय एजेंडा भी जारी किया है। इसमें न्यायपालिका और चुनाव आयोग की स्वतंत्रता, महिलाओं को 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व, मीडिया स्वामित्व पर सवाल और राजनीतिक जवाबदेही जैसे मुद्दे शामिल हैं। अभिजीत का कहना है कि यह एक आदर्श लोकतांत्रिक व्यवस्था की दिशा में सोच है।

    उन्होंने मौजूदा राजनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में वर्षों से हिंदू-मुस्लिम जैसे मुद्दों पर राजनीति हो रही है, जबकि युवाओं के सामने रोजगार, शिक्षा, तकनीक और भविष्य जैसे बड़े सवाल खड़े हैं। उन्होंने ‘नीट पेपर लीक’ मामले का जिक्र करते हुए कहा कि सिस्टम की विफलता ने कई युवाओं का भविष्य प्रभावित किया है।

    अभिजीत ने दावा किया कि यह आंदोलन केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहेगा। उनका कहना है कि देश के युवा अब अपनी आवाज लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से उठाने के लिए तैयार हैं। फंडिंग और संगठनात्मक ढांचे को लेकर उन्होंने कहा कि फिलहाल टीम रणनीति तैयार कर रही है और जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाया जाएगा। उनका उद्देश्य एक स्वतंत्र और लंबे समय तक चलने वाला युवा आंदोलन खड़ा करना है।

  • MP: कॉल रिकॉर्ड खोलेंगे ट्विशा शर्मा की मौत का राज? 46 मोबाइल नंबर जांच के घेरे में

    MP: कॉल रिकॉर्ड खोलेंगे ट्विशा शर्मा की मौत का राज? 46 मोबाइल नंबर जांच के घेरे में


    भोपाल।
    भोपाल की ट्विशा शर्मा (Twisha Sharma) की मौत से जुड़े मामले में बुधवार को कई अहम घटनाएं सामने आईं. एक तरफ अदालत ने दोबारा पोस्टमार्टम (Post mortem) कराने की याचिका स्वीकार करने से इनकार कर दिया, वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के लिए औपचारिक पत्र भेजेगी.

    33 वर्षीय ट्विशा शर्मा मॉडलिंग और एक्टिंग से जुड़ी थीं, 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में स्थित अपने ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई थीं. परिजनों ने आरोप लगाया है कि विवाह के बाद से उन्हें दहेज को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था और मानसिक व शारीरिक रूप से परेशान किया जाता था.


    46 मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल सुरक्षित रखने की मांग

    इस बीच परिवार ने 46 मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन डाटा, व्हाट्सऐप और डिजिटल मेटाडाटा सुरक्षित रखने की भी मांग की है. इसमें परिवार, घरेलू कर्मचारी, ड्राइवर, करीबी सहयोगी और घटना से पहले व बाद में जुड़े लोगों के नंबर शामिल हैं.


    परिवार ने जांच पर उठाए सवाल

    ट्विशा के परिवार ने स्थानीय पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना वजह प्रशासनिक देरी से शव खराब हो सकता है और अहम फॉरेंसिक साक्ष्य नष्ट होने का खतरा है. परिवार ने आरोप लगाया कि जमानत पर बाहर मौजूद मुख्य आरोपी गिरिबाला सिंह ने न्यायिक कार्यालय परिसर का उपयोग कर मीडिया से बातचीत की और मृतका के खिलाफ बयान दिए.

    इस पर मृतका के पिता नवनीधि शर्मा ने मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई सी पटेल को संवैधानिक ज्ञापन सौंपकर गिरिबाला सिंह की अर्ध-न्यायिक पद पर भूमिका की समीक्षा की मांग की है.


    FIR और मेडिकल रिपोर्ट में क्या?

    परिवार ने कहा कि एफआईआर और प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ‘एंटीमॉर्टम हैंगिंग’ के साथ शरीर के अन्य हिस्सों पर कई चोटों का भी उल्लेख है. उनका कहना है कि इन तथ्यों ने परिवार के मन में मौत की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर गंभीर संदेह पैदा कर दिया है.


    पूर्व सैनिकों का प्रदर्शन

    इसी बीच भोपाल में 50 से अधिक पूर्व सैनिक मोटरसाइकिल रैली निकालकर ट्विशा शर्मा को न्याय दिलाने और मामले की जांच मध्य प्रदेश से बाहर कराने की मांग करते नजर आए. उल्लेखनीय है कि ट्विशा शर्मा के भाई भारतीय सेना में मेजर हैं।

  • PM मोदी आज लेंगे कैबिनेट मीटिंग, फेरबदल की अटकलों के बीच लिए जा सकते हैं बड़े फैसले

    PM मोदी आज लेंगे कैबिनेट मीटिंग, फेरबदल की अटकलों के बीच लिए जा सकते हैं बड़े फैसले


    नई दिल्ली।
    पांच देशों के दौरे से वापस आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) गुरुवार को कैबिनेट बैठक (Cabinet Meeting) करेंगे। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, बैठक में विभिन्न मंत्रालयों के कामकाज, लिए गए प्रमुख निर्णयों और उनके नतीजों तथा भविष्य की योजनाओं सहित अन्य विषयों पर चर्चा होगी। पीएम मोदी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और अन्य राज्य मंत्रियों को शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं। कैबिनेट में फेरबदल की अटकलों के बीच, यह इस वर्ष कैबिनेट की पहली पूर्ण बैठक होगी।

    सूत्रों ने बताया कि बैठक में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के कामकाज, हाल के दिनों में लिए गए प्रमुख निर्णयों और उनके परिणामों, तथा भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की जाएगी। विभिन्न सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के अलग-अलग पहलुओं, उन्हें अधिकतम सफलता के लिए कैसे लागू किया जाए और अन्य विषयों की भी समीक्षा किए जाने की उम्मीद है।


    क्या होगा बैठक का एजेंडा?

    पीएम मोदी के पश्चिम एशिया में जारी संकट और उसके आर्थिक प्रभावों का जिक्र करने की संभावना है और वह मंत्रालयों तथा विभागों को निर्देश दे सकते हैं कि नागरिकों को कम से कम असुविधा हो, इसके लिए किस तरह से आगे बढ़ा जाए। सूत्रों ने बताया कि बैठक में ऊर्जा, कृषि, उर्वरक, विमानन, शिपिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है।

    पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के कुछ ही समय बाद, मोदी ने सभी संबंधित पक्षों को निर्देश दिया था कि वे नागरिकों और इससे प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं को कम करने के लिए हर संभव कदम उठाएं।


    आमजन को फायदा पहुंचाने पर होगी चर्चा

    बैठक में आम लोगों के फायदे के लिए सभी क्षेत्रों में सुधार लाने की सरकार की प्राथमिकता पर भी चर्चा होने की संभावना है। प्रधानमंत्री ने इससे पहले अगले 10 वर्षों के लिए सुधार की प्राथमिकताओं की रूपरेखा पेश करते हुए कहा था कि उनकी सरकार की रिफॉर्म एक्सप्रेस ने व्यवस्थागत बदलाव लाए हैं और आम नागरिकों को काफी हद तक लाभ पहुंचाया है। यह बैठक प.बंगाल, असम और पुडुचेरी में भाजपा की जबर्दस्त जीत के बाद हो रही है।