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  • आज का राशिफल 21 मई: कन्या समेत कई राशियों को मिलेगा आर्थिक लाभ

    आज का राशिफल 21 मई: कन्या समेत कई राशियों को मिलेगा आर्थिक लाभ


    नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष के अनुसार 21 मई 2026, गुरुवार का दिन कई राशियों के लिए खास रहने वाला है। भगवान विष्णु को समर्पित इस दिन ग्रह-नक्षत्रों की चाल कुछ लोगों को आर्थिक लाभ, करियर में सफलता और रिश्तों में मजबूती दे सकती है, वहीं कुछ राशियों को तनाव, खर्च और मानसिक उलझनों का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन राशि तक सभी 12 राशियों का हाल।

    मेष राशि वालों के लिए दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। परिवार और आर्थिक मामलों में तनाव बढ़ सकता है। बड़े फैसले लेने से बचना बेहतर रहेगा। हालांकि शाम तक स्थितियां संभल सकती हैं। व्यापार में सामान्य लाभ मिलेगा।

    वृषभ राशि वालों के लिए आर्थिक मामलों में सुधार के संकेत हैं। प्रेम जीवन में मधुरता बढ़ेगी और आपकी वाणी लोगों को प्रभावित करेगी। करियर में नई उपलब्धियां मिलने की संभावना है।

    मिथुन राशि वालों का दिन सकारात्मक ऊर्जा से भरा रहेगा। प्रेम संबंध मजबूत होंगे और कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी। हालांकि भावुक होकर कोई निर्णय लेने से बचना चाहिए।

    कर्क राशि वालों को आज रिश्तों और खर्चों को लेकर सतर्क रहना होगा। जीवनसाथी के साथ विवाद की स्थिति बन सकती है। बढ़ते खर्च मानसिक तनाव बढ़ा सकते हैं।

    सिंह राशि वालों के लिए दिन काफी अच्छा रहेगा। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी और पुराने विवाद खत्म हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और परिवार का सहयोग मिलेगा।

    कन्या राशि वालों को मानसिक तनाव और आर्थिक दबाव महसूस हो सकता है। व्यापारिक मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत है। हालांकि रिश्तों में मजबूती बनी रहेगी और भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण फैसले संभव हैं।

    तुला राशि वालों के लिए गुरुवार शुभ समाचार लेकर आ सकता है। करियर में नए अवसर मिलेंगे और पुराने निवेश से फायदा हो सकता है। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा।

    वृश्चिक राशि वालों को भावनात्मक उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। परिवार में किसी बात को लेकर तनाव बढ़ सकता है। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा।

    धनु राशि वालों के लिए दिन खुशियों और भाग्य का साथ लेकर आएगा। कुछ जरूरी काम पूरे हो सकते हैं। योग और ध्यान से मानसिक तनाव कम होगा और कारोबार में सुधार दिखेगा।

    मकर राशि वालों के लिए आर्थिक दृष्टि से दिन बेहद लाभकारी साबित हो सकता है। कार्यस्थल पर सफलता मिलेगी और जीवनसाथी के साथ रिश्ते बेहतर होंगे। हालांकि बच्चों को लेकर चिंता बनी रह सकती है।

    कुंभ राशि वालों को नई ऊर्जा और सकारात्मक माहौल का अनुभव होगा। परिवार में खुशियां आएंगी और कोई अच्छी खबर मिल सकती है। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी।

    मीन राशि वालों को आज विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। वाहन चलाते समय सतर्क रहें। परिवार की छोटी बात बड़ा विवाद बन सकती है। हालांकि कार्यक्षेत्र में आप अपनी मेहनत से सफलता हासिल करेंगे।

  • योग से मिले संतुलन और सुकून: आयुष मंत्रालय ने बताया इसका महत्व

    योग से मिले संतुलन और सुकून: आयुष मंत्रालय ने बताया इसका महत्व


    नई दिल्ली ।अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के नजदीक आते ही भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने एक बार फिर लोगों से योग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने की अपील की है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का साधन नहीं है, बल्कि यह मन की शांति, संतुलन और आंतरिक स्थिरता प्राप्त करने का एक प्रभावी माध्यम भी है।

    मंत्रालय के अनुसार, आज की तेज रफ्तार और तनावपूर्ण जीवनशैली में मानसिक संतुलन बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है। ऐसे समय में योग व्यक्ति को न केवल शारीरिक रूप से मजबूत बनाता है, बल्कि मानसिक रूप से भी स्थिर और शांत करता है। योग हमारे अस्तित्व को गहराई देता है और करुणा तथा सकारात्मक सोच को विकसित करने में मदद करता है।

    आयुष मंत्रालय ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे अपनी दिनचर्या में कुछ समय योग के लिए जरूर निकालें। मंत्रालय ने कहा कि कुछ मिनट की गहरी सांस लेने की प्रक्रिया और ध्यान जैसी सरल आदतें भी जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती हैं। योग हमें उन महत्वपूर्ण चीजों से दोबारा जोड़ता है, जो अक्सर व्यस्त जीवन में पीछे छूट जाती हैं।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि जब व्यक्ति के भीतर शांति होती है, तो वह अपने आसपास भी सकारात्मक वातावरण बना सकता है। लगातार तनाव, शोर और दबाव से भरी आधुनिक दुनिया में योग व्यक्ति को “ठहरने” और सोचने की क्षमता प्रदान करता है। हर सचेत सांस और योग अभ्यास व्यक्ति को बेहतर मानसिक संतुलन की ओर ले जाता है।

    योग विशेषज्ञों का भी कहना है कि योग को किसी विशेष समय या स्थान तक सीमित नहीं रखना चाहिए। सूर्य नमस्कार, प्राणायाम और ध्यान जैसे सरल अभ्यास दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों को बेहतर बनाया जा सकता है। नियमित योग तनाव कम करने के साथ-साथ भावनात्मक स्थिरता भी प्रदान करता है।

    मंत्रालय ने यह भी कहा कि योग व्यक्ति को अपनी भावनाओं और प्रतिक्रियाओं पर नियंत्रण रखना सिखाता है। इससे निर्णय लेने की क्षमता बेहतर होती है और दूसरों के प्रति सहानुभूति बढ़ती है। यही कारण है कि योग दिवस केवल एक वार्षिक आयोजन नहीं, बल्कि एक जीवन दर्शन है जिसे हर दिन अपनाने की जरूरत है।

    योग की खास बात यह है कि इसे किसी भी उम्र का व्यक्ति, कहीं भी और किसी भी समय कर सकता है। यह बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए समान रूप से लाभकारी है और एक स्वस्थ, संतुलित जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होता है।

  • आईसीसी रैंकिंग में नेपाल का जलवा: खिलाड़ियों ने दर्ज की शानदार प्रगति

    आईसीसी रैंकिंग में नेपाल का जलवा: खिलाड़ियों ने दर्ज की शानदार प्रगति


    नई दिल्ली । आईसीसी मेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग 2 में यूएसए और स्कॉटलैंड के खिलाफ लगातार जीत दर्ज कर नेपाल क्रिकेट टीम ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। इन जीतों में गेंदबाजों का अहम योगदान रहा, जिसके चलते ताजा वनडे रैंकिंग में नेपाल के कई खिलाड़ियों की स्थिति मजबूत हुई है। टीम के अनुभवी ऑलराउंडर दीपेंद्र सिंह ऐरी ने यूएसए के खिलाफ चार विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन किया। इसी प्रदर्शन के दम पर उन्होंने वनडे गेंदबाजों की रैंकिंग में तीन स्थान की छलांग लगाते हुए 79वां स्थान हासिल किया है। साथ ही, ऑलराउंडर्स की सूची में भी उन्होंने तीन स्थान ऊपर चढ़कर 25वां स्थान अपने नाम किया है।

    नेपाल की स्पिन जोड़ी का दमदार प्रदर्शन
    नेपाल की स्पिन गेंदबाजी इकाई ने भी रैंकिंग में मजबूती दिखाई है। टीम के प्रमुख लेग स्पिनर Sandeep Lamichhane छह स्थान की छलांग लगाकर संयुक्त रूप से 36वें स्थान पर पहुंच गए हैं। वहीं ललित राजबंशी ने भी 16 स्थान की बड़ी छलांग लगाते हुए संयुक्त रूप से 53वां स्थान हासिल किया है। यह प्रदर्शन दर्शाता है कि नेपाल की गेंदबाजी यूनिट लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुधार कर रही है और बड़े मुकाबलों में दबाव संभालने की क्षमता बढ़ा रही है।

    ऑलराउंडर्स की रैंकिंग में बड़ा बदलाव
    स्कॉटलैंड के खिलाड़ी ब्रैंडन मैकमुलन ने भी इस सीरीज में बेहतरीन प्रदर्शन किया। नेपाल के खिलाफ 73 रनों की शानदार पारी खेलने के बाद वे ऑलराउंडर्स रैंकिंग में दो स्थान ऊपर चढ़कर छठे स्थान पर पहुंच गए हैं। बल्लेबाजी रैंकिंग में भी उन्होंने छह स्थान की छलांग लगाई है।

    नेपाल के बल्लेबाजों की भी बढ़त
    नेपाल के बल्लेबाजों ने भी अच्छा प्रदर्शन करते हुए रैंकिंग में सुधार किया है। साईतेजा मुक्कमल्ला 5 स्थान ऊपर चढ़कर 61वें स्थान पर पहुंच गए हैं, जबकि आसिफ शेख 7 स्थान की छलांग लगाकर संयुक्त रूप से 86वें स्थान पर आ गए हैं।

    वैश्विक रैंकिंग में दिग्गजों का दबदबा कायम
    वनडे गेंदबाजों की रैंकिंग में अफगानिस्तान के स्टार खिलाड़ी Rashid Khan 705 रेटिंग अंकों के साथ शीर्ष पर बने हुए हैं। वहीं ऑलराउंडर्स में अजमतुल्लाह उमरजई नंबर 1 स्थान पर काबिज हैं। बल्लेबाजों की सूची में न्यूजीलैंड के Daryl Mitchell शीर्ष पर बने हुए हैं। इसके बाद भारत के दिग्गज Virat Kohli दूसरे स्थान पर, जबकि Rohit Sharma चौथे और Shubman Gill पांचवें स्थान पर बने हुए हैं।

    नेपाल क्रिकेट के लिए सकारात्मक संकेत
    नेपाल टीम का यह प्रदर्शन साफ संकेत देता है कि टीम धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट में मजबूत दावेदारी पेश कर रही है। गेंदबाजी और ऑलराउंड प्रदर्शन में सुधार आने से आने वाले टूर्नामेंटों में टीम से और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।

  • नेचुरल स्किन केयर का सरल उपाय: रोज़ वाटर से पाएं ग्लोइंग और हेल्दी त्वचा..

    नेचुरल स्किन केयर का सरल उपाय: रोज़ वाटर से पाएं ग्लोइंग और हेल्दी त्वचा..

    नई दिल्ली। आज के समय में जब प्रदूषण, धूल और तनाव का असर सीधे हमारी त्वचा पर दिखाई देता है, लोग प्राकृतिक और सुरक्षित स्किन केयर उपायों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। ऐसे में रोज़ वाटर यानी गुलाब जल एक सरल, सस्ता और प्रभावी विकल्प के रूप में उभरकर सामने आता है। सदियों से आयुर्वेद और पारंपरिक भारतीय चिकित्सा में इसका उपयोग त्वचा को स्वस्थ, निखरी और दमकती बनाने के लिए किया जाता रहा है।

    रोज़ वाटर को प्राकृतिक टोनर माना जाता है, जो त्वचा के पीएच लेवल को संतुलित रखने में मदद करता है। यह त्वचा की गहराई से सफाई करता है और बंद पोर्स को खोलने में सहायक होता है। नियमित उपयोग से चेहरे पर ताजगी बनी रहती है और त्वचा स्वाभाविक रूप से चमकदार नजर आती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण त्वचा को सूजन और लालपन से बचाते हैं। संवेदनशील त्वचा वालों के लिए भी यह सुरक्षित है। मुंहासे या एक्ने से परेशान लोगों के लिए रोज़ वाटर काफी फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि यह बैक्टीरिया को कम करने में मदद करता है।

    रोज़ वाटर का उपयोग कई तरीकों से किया जा सकता है। इसे सीधे चेहरे पर स्प्रे करके टोनर की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है या कॉटन की मदद से चेहरे पर लगाया जा सकता है। मेकअप से पहले इसे प्राइमर की तरह इस्तेमाल करने से मेकअप लंबे समय तक टिकता है और त्वचा फ्रेश दिखती है। इसके अलावा इसे फेस पैक में मिलाकर भी इस्तेमाल किया जा सकता है। मुल्तानी मिट्टी, चंदन या एलोवेरा जेल के साथ मिलाकर लगाने से यह डीप क्लीनिंग और ग्लो देने में मदद करता है। आंखों की थकान और जलन कम करने के लिए कॉटन पैड पर लगाकर आंखों पर रखा जा सकता है।

    गर्मियों में रोज़ वाटर का महत्व और भी बढ़ जाता है। यह त्वचा को ठंडक देता है और सनबर्न से राहत दिलाने में मदद करता है। धूप में निकलने के बाद चेहरे पर इसका इस्तेमाल त्वचा को तुरंत तरोताजा कर देता है। डर्मेटोलॉजिस्ट भी मानते हैं कि रोज़ वाटर हर उम्र के लोगों के लिए सुरक्षित और असरदार स्किन केयर विकल्प है। हालांकि यह गंभीर स्किन प्रॉब्लम का इलाज नहीं है, लेकिन नियमित उपयोग से त्वचा की गुणवत्ता और निखार में सुधार निश्चित रूप से देखा जा सकता है।

    आज जब बाजार महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स से भरा है, रोज़ वाटर एक ऐसा प्राकृतिक और किफायती विकल्प है जो कम खर्च में बेहतर परिणाम देता है। यही कारण है कि यह हर घर की स्किन केयर रूटीन में एक अहम हिस्सा बन चुका है और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रभावी उपाय के रूप में अपनाया जा रहा है।

  • प्रेमानंद जी महाराज का जवाब: विदेश में नॉनवेज खाने के बाद भी लोग तरक्की कैसे करते हैं? जानिए गहरी सीख

    प्रेमानंद जी महाराज का जवाब: विदेश में नॉनवेज खाने के बाद भी लोग तरक्की कैसे करते हैं? जानिए गहरी सीख




    नई दिल्ली। प्रेमानंद जी महाराज  के एकांतिक वार्ता में दिए गए विचारों पर आधारित एक सवाल ने लोगों का ध्यान खींचा है। भक्त ने पूछा कि विदेशों में लोग मांसाहार करते हैं, फिर भी वे तरक्की कैसे कर लेते हैं? इस पर महाराज जी ने जीवन, धर्म और “सच्ची उन्नति” को लेकर गहरी बात समझाई।

    महाराज जी के अनुसार, केवल भौतिक सफलता या पैसा कमाना ही असली उन्नति नहीं है। उन्होंने कहा कि असली उन्नति वह है जिसमें मन की शांति, संस्कार और आध्यात्मिक संतुलन भी शामिल हो। उनके अनुसार, बाहरी सफलता को ही पूरी उन्नति मान लेना एक अधूरी सोच है।

    शाकाहार और कर्म का संदेश
    प्रेमानंद जी महाराज ने यह भी कहा कि हर जीव के जीवन का मूल्य है और कर्म का प्रभाव व्यक्ति पर जरूर पड़ता है। उन्होंने समझाया कि व्यक्ति के कर्म ही उसके जीवन के परिणाम तय करते हैं, और समय के साथ हर चीज का फल मिलता है।

    विदेश और “उन्नति” पर विचार
    भक्त के सवाल पर महाराज जी ने कहा कि केवल धन और भोग-विलास को उन्नति मानना सही नहीं है। उनके अनुसार, सच्ची शांति और संतोष केवल बाहरी सुविधाओं से नहीं मिलता, बल्कि आंतरिक संस्कारों और आध्यात्मिक जीवन से मिलता है।

    आधुनिकता और अध्यात्म का संतुलन
    महाराज जी ने यह भी कहा कि आधुनिक शिक्षा जरूरी है, लेकिन उसके साथ अध्यात्म का संतुलन भी होना चाहिए। उनके अनुसार, यदि दोनों साथ चलें तो समाज अधिक संतुलित और शांतिपूर्ण बन सकता है।

  • प्रयागराज में गंगा नदी पर बनेगा नया पुल, फाफामऊ जाम से मिलेगी बड़ी राहत

    प्रयागराज में गंगा नदी पर बनेगा नया पुल, फाफामऊ जाम से मिलेगी बड़ी राहत


    नई दिल्ली। प्रयागराज में गंगा नदी पर फाफामऊ पुल के समानांतर एक और नया पुल बनाया जाएगा, जिससे शहर में जाम की समस्या से लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इस परियोजना के लिए जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

    जानकारी के अनुसार, यह नया पुल पुराने फाफामऊ पुल के पास गंगा नदी के अपस्ट्रीम हिस्से में प्रस्तावित है। इसके बनने से प्रयागराज में गंगा नदी पर कुल पुलों की संख्या बढ़कर 10 हो जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि इस नए पुल के निर्माण से गंगापार क्षेत्र और शहर के उत्तरी हिस्से के बीच आवागमन पहले की तुलना में काफी आसान हो जाएगा और लोगों को जाम से बड़ी राहत मिलेगी।

    इस परियोजना को लेकर प्रशासन का कहना है कि बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए यह पुल बेहद जरूरी है, जिससे भविष्य में यातायात व्यवस्था को सुचारु रखा जा सकेगा।

  • झांसी दौरे पर कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान का बयान: नमाज और पूजा के लिए स्थान निर्धारित, जेल सुधार पर दिया जोर

    झांसी दौरे पर कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान का बयान: नमाज और पूजा के लिए स्थान निर्धारित, जेल सुधार पर दिया जोर


    झांसी । झांसी में प्रदेश सरकार के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सड़क पर नमाज को लेकर दिए गए बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि नमाज हो या पूजा, सभी धार्मिक कार्यों के लिए स्थान निर्धारित हैं और इन्हें केवल तय स्थानों पर ही किया जाना चाहिए।

    मंत्री दारा सिंह चौहान सर्किट हाउस करीब एक घंटे की देरी से पहुंचे। उन्होंने देरी का कारण बताते हुए कहा कि वे कानपुर देहात में एक स्कूल बस हादसे में राहत और बचाव कार्य में शामिल थे, जिसकी वजह से उनका कार्यक्रम प्रभावित हुआ। झांसी पहुंचने पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जहां जेल अधीक्षक समेत अन्य अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।

    मीडिया से बातचीत के दौरान कारागार मंत्री ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार जेल प्रशासन को सिर्फ बंदियों को रखने तक सीमित नहीं मानती, बल्कि उनका नैतिक और सामाजिक सुधार भी सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि जेलों में बंदियों के पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि वे रिहाई के बाद समाज में सम्मानपूर्वक जीवन शुरू कर सकें।

    प्रदेश की जेलों में ओवरक्राउडिंग के सवाल पर दारा सिंह चौहान ने कहा कि यह समस्या पहले की तुलना में काफी कम हुई है और सरकार लगातार नई जेलों के निर्माण पर काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि धार्मिक ग्रंथों में भी पूजा और नमाज के लिए निश्चित स्थानों का उल्लेख है, इसलिए इसे लेकर जो कहा गया है वह सही है। वहीं, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के बयान पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने अनभिज्ञता जताई।

  • कम खर्च में मनाली का सफर: स्मार्ट प्लानिंग से 7–10 हजार में बना सकते हैं परफेक्ट हिल स्टेशन ट्रिप

    कम खर्च में मनाली का सफर: स्मार्ट प्लानिंग से 7–10 हजार में बना सकते हैं परफेक्ट हिल स्टेशन ट्रिप


    नई दिल्ली।
    हिमाचल प्रदेश का खूबसूरत हिल स्टेशन मनाली देश-विदेश के ट्रैवलर्स के बीच हमेशा से लोकप्रिय रहा है। बर्फ से ढकी पहाड़ियां, बहती ब्यास नदी और शांत वातावरण इसे परफेक्ट हिल स्टेशन बनाते हैं। हालांकि, कई लोग मानते हैं कि मनाली घूमना महंगा होगा, लेकिन सही योजना और स्मार्ट बुकिंग से कम बजट में भी इस ट्रिप को यादगार बनाया जा सकता है।

    कम खर्च में यात्रा करने के लिए सबसे पहले ट्रैवल टाइम का सही चयन करना जरूरी है। ऑफ सीजन यानी जुलाई से सितंबर या जनवरी के बाद का समय बजट ट्रैवल के लिए बेहतरीन माना जाता है। इस समय होटल, बस और अन्य सेवाएं अपेक्षाकृत सस्ती होती हैं। यात्रा की शुरुआत स्मार्ट तरीके से की जाए तो खर्च और भी कम किया जा सकता है। अपने शहर से पहले दिल्ली या चंडीगढ़ तक ट्रेन से पहुंचना सबसे किफायती विकल्प है। यहां से मनाली के लिए सरकारी HRTC और प्राइवेट बसें आसानी से उपलब्ध हैं, जिनका किराया 500 से 1200 रुपये के बीच होता है। आरामदायक यात्रा के लिए Volvo बस का विकल्प भी है, हालांकि वह थोड़ा महंगा पड़ सकता है।

    रहने के लिए मनाली में बजट होटल और होमस्टे की कोई कमी नहीं है। खासकर Old Manali और आसपास के क्षेत्रों में 500 से 1200 रुपये प्रति रात में अच्छे कमरे मिल जाते हैं। ग्रुप ट्रिप करने पर रूम शेयरिंग से खर्च और भी कम किया जा सकता है। खानपान के लिए लोकल ढाबे और छोटे कैफे बहुत अच्छे विकल्प हैं, जहां 80 से 150 रुपये में भरपेट भोजन मिल जाता है। लोकल खाने का अनुभव न केवल बजट में मदद करता है बल्कि ट्रिप को और भी यादगार बनाता है।

    मनाली में घूमने के लिए कई फ्री या कम खर्च वाले विकल्प हैं। Mall Road, Hadimba Temple, Vashisht Village और नदी किनारे घूमना बजट ट्रैवलर्स के लिए परफेक्ट है। एडवेंचर स्पॉट्स जैसे Solang Valley और Rohtang Pass जाने के लिए कैब या परमिट लेना पड़ सकता है, लेकिन ग्रुप में खर्च साझा करके इसे भी कम किया जा सकता है।

    सही योजना और स्मार्ट बुकिंग के साथ 3–4 दिन की मनाली यात्रा 6000 से 12000 रुपये में पूरी की जा सकती है। इसमें ट्रैवल, होटल, खाना और लोकल घूमने की सभी सुविधाएं शामिल हैं। थोड़ी समझदारी और योजना के साथ कम बजट में भी मनाली ट्रिप यादगार और शानदार बनाई जा सकती है। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प है जो कम खर्च में पहाड़ों की खूबसूरती और बर्फीली वादियों का आनंद लेना चाहते हैं।

  • बुजुर्ग की जेब काटते हुए धराया आरोपी, अस्पताल में मचा हंगामा

    बुजुर्ग की जेब काटते हुए धराया आरोपी, अस्पताल में मचा हंगामा


    भागलपुर । भागलपुर के मायागंज अस्पताल में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक्स-रे विभाग के पास एक युवक को जेबकतरी करते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। यह घटना अस्पताल परिसर में उस समय हुई जब कजरैली रजया निवासी नकुल दास अपनी जांच के लिए लाइन में खड़े थे। वे एक्स-रे कराने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे कि तभी भीड़ में खड़े एक युवक ने उनके जेब से पैसे निकालने की कोशिश शुरू कर दी।

    जैसे ही नकुल दास को अपनी जेब में हलचल महसूस हुई, उन्हें तुरंत शक हुआ। उन्होंने बिना देर किए युवक का हाथ पकड़ लिया और जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। उनकी आवाज सुनते ही आसपास मौजूद मरीज, परिजन और अन्य लोग मौके पर पहुंच गए। कुछ ही पलों में वहां भीड़ जमा हो गई और लोगों ने आरोपी युवक को घेर लिया।

    गुस्साई भीड़ ने आरोपी को पकड़कर उसकी जमकर पिटाई कर दी। अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल भी उठाए कि आखिर इतने बड़े अस्पताल में जेबकतरे कैसे आसानी से प्रवेश कर जाते हैं।

    सूचना मिलने पर अस्पताल के सुरक्षा कर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और किसी तरह आरोपी को भीड़ से छुड़ाया। इसके बाद उसे मायागंज अस्पताल स्थित पुलिस कैंप में ले जाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए बरारी थाना पुलिस को भी सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को अपने साथ थाने ले गई।

    पुलिस के अनुसार पकड़े गए युवक ने अपना नाम मोहम्मद पप्पू बताया है और वह सकूरा क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपी पहले भी इस तरह की घटनाओं में शामिल रहा है या नहीं। उसके आपराधिक रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है।

    घटना के बाद अस्पताल में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों में दहशत और नाराजगी दोनों देखी गई। लोगों का कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होनी चाहिए ताकि मरीजों और उनके साथ आए परिजनों को इस तरह की घटनाओं का सामना न करना पड़े।

    पीड़ित नकुल दास ने बताया कि वह इलाज के लिए आए थे और लाइन में खड़े थे, तभी एक व्यक्ति ने उनकी जेब में हाथ डालने की कोशिश की। उन्होंने तुरंत उसे पकड़ लिया, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया।

    फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी से पूछताछ जारी है। इस घटना ने एक बार फिर अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सतर्कता की जरूरत को उजागर कर दिया है।

  • एडमिशन विवाद: परिजनों का आरोप- अमीर बच्चों को ही मिल रहा दाखिला

    एडमिशन विवाद: परिजनों का आरोप- अमीर बच्चों को ही मिल रहा दाखिला


    भागलपुर । भागलपुर के इंटर स्तरीय पंचानन झा उच्च विद्यालय बैजानी में नामांकन प्रक्रिया को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस बार कई छात्रों का एडमिशन नहीं होने से अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने स्कूल परिसर में पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। अभिभावकों का आरोप है कि पहले से पढ़ रहे बच्चों को भी इस बार नामांकन से वंचित कर दिया गया है, जिससे उनके भविष्य को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है।

    प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों का कहना है कि बच्चों का नामांकन अचानक बदले गए नियमों के कारण अटक गया है। कई बार स्कूल आने-जाने के बावजूद उन्हें पहले आश्वासन दिया गया था कि एडमिशन होगा, लेकिन बाद में नियमों का हवाला देकर प्रवेश रोक दिया गया। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि अब स्कूल प्रशासन केवल मेरिट और नए चयन मानकों के आधार पर एडमिशन दे रहा है, जिससे कई योग्य छात्र बाहर हो गए हैं।

    अभिभावक सुनीता देवी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उनके बच्चों की पढ़ाई यहीं से शुरू हुई थी, लेकिन अब उन्हें दूर-दराज के स्कूलों में भेजने की मजबूरी बन रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अच्छे स्कूलों में सिर्फ विशेष वर्ग या आर्थिक रूप से मजबूत परिवारों के बच्चों को ही पढ़ने का अधिकार है। उन्होंने यह भी चिंता जताई कि दूर स्कूल जाने से बच्चों की सुरक्षा पर खतरा बढ़ सकता है।

    वहीं दूसरी ओर स्कूल प्रशासन ने साफ किया है कि यह स्कूल अब मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है, इसलिए नामांकन प्रक्रिया में सख्त नियम लागू किए गए हैं। प्रिंसिपल मनीष कुमार सिंह ने बताया कि कक्षा 9 में कुल 180 सीटें निर्धारित हैं और सीमित सीटों के कारण सभी छात्रों को प्रवेश देना संभव नहीं है।

    उन्होंने बताया कि शुरुआत में NMMS परीक्षा पास करने वाले छात्रों को प्राथमिकता देने का प्रावधान था, लेकिन बाद में नई SOP के तहत मेरिट और परीक्षा परिणाम के आधार पर ही प्रवेश प्रक्रिया तय की गई। इसके तहत दो बार टेस्ट और मार्कशीट के आधार पर चयन प्रक्रिया पूरी की गई है।

    प्रशासन का कहना है कि इस बार प्राइवेट स्कूलों के छात्रों को भी सीमित रूप से ही शामिल किया गया है और नियमों के अनुसार ही एडमिशन दिया जा रहा है। स्कूल प्रबंधन का यह भी कहना है कि संसाधनों की सीमा को देखते हुए अधिक छात्रों का नामांकन करना संभव नहीं है, क्योंकि इससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

    स्थिति को देखते हुए स्कूल परिसर में तनाव का माहौल बना हुआ है। अभिभावक लगातार सीट बढ़ाने और सभी योग्य छात्रों को प्रवेश देने की मांग कर रहे हैं, जबकि स्कूल प्रशासन नियमों का हवाला देकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर रहा है। अब इस मामले में प्रशासनिक हस्तक्षेप की संभावना जताई जा रही है।