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  • आंधी-बारिश का दौर जारी, 9 अप्रैल तक मौसम रहेगा बदला-बदला

    आंधी-बारिश का दौर जारी, 9 अप्रैल तक मौसम रहेगा बदला-बदला


    शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी में मंगलवार रात मौसम ने अचानक करवट ली और तेज तूफान के साथ हुई बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। रात करीब 9 बजे शुरू हुई तेज आंधी करीब एक घंटे तक रुक-रुक कर बारिश होती रही, इसके बाद पूरी रात रुक-रुक कर बारिश होती रही। रविवार की सुबह शहर की कई सड़कों पर पानी भर गया, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

    तूफान-बारिश और बिजली की गड़गड़ाहट से तूफानी मौसम

    दिन में हुई वर्षा के बाद रात को मौसम और अधिक मात्रा में वर्षा हुई। तेज़ हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश के दौरान आसमान में लगातार बिजली चमकती रही और बारिश के बीच आसमान में चमकती चमकती किरणें जारी रहीं। देर रात तक तेज हवा का असर बना रहा, जिससे कई जगहों पर झलकियां भी देखने को मिलीं।

    बोनस में गिरा होर्डिंग, बड़ा दोस्ती टाला

    तेज़ तूफ़ान का असर इतना ज़्यादा था कि तेज़ तूफ़ान में एक बड़ा होर्डिंग गिर गया। हालाँकि, राहत की बात यह चल रही है कि इस घटना में किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। यह इवेंट सीज़न की झलक जरूर देखें।

    बारिश से मिली गर्मी से राहत

    रात भर हुई बारिश के मौसम में ठंड पड़ गई और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। रविवार की सुबह भी आकाश में बादल छाए रहे और समुद्र-तट पर धूप बहती रही। त्यौहार और सूरज के बीच आंख-मिचौली का यह गोदाम भंडार रहा।

    9 अप्रैल तक जारी रहेगा मौसम का असर

    मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में सक्रिय रिचार्जेबल सिस्टम के कारण 9 अप्रैल तक तूफान, बारिश और गार्जियन-चमक का दौर जारी रह सकता है। मध्य प्रदेश के कई आदर्श, विशेष रूप से ज्वालामुखी-चंबल कमांडर और आसपास के क्षेत्र में बारिश और बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है।

    सावधानी बरतने की सलाह

    विशेषज्ञ ने लोगों को सलाह दी कि खराब मौसम के दौरान खुले में जगह पर जाने से बचें और आकाशीय बिजली के समय सुरक्षित जगह पर रहें। किसानों को भी मौसम को देखते हुए अपनी फसल की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की सलाह दी गई है।

  • शिवपुरी में छात्र से मारपीट और लूट, पार्षद ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

    शिवपुरी में छात्र से मारपीट और लूट, पार्षद ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप


    शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी में एक छात्र के साथ मारपीट की घटना ने तूल पकड़ लिया। फिजिकल थाना क्षेत्र स्थित वन विहार कॉलोनी में 12वीं कक्षा के छात्र के साथ तीन युवकों द्वारा की गई मारपीट के विरोध में वार्ड क्रमांक 26 के पार्षद एमडी गुर्जर परिजनों के साथ थाने पहुंच गए और धरने पर बैठ गए। इस घटना ने इलाके में कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

    ट्यूशन से लौटते वक्त छात्र पर हमला

    जानकारी के मुताबिक, वन विहार कॉलोनी निवासी 12वीं का छात्र अनुज शर्मा जब मंगलवार शाम ट्यूशन से घर लौट रहा था, तभी रास्ते में तीन युवकों ने उसे रोक लिया। आरोप है कि एक युवक ने जलती हुई सिगरेट उसके चेहरे पर फेंकी, जिससे वह घबरा गया। इसके बाद आरोपियों ने उससे शराब के लिए पैसे मांगे और विरोध करने पर मारपीट की। युवकों ने छात्र से 440 रुपए भी छीन लिए और मौके से फरार हो गए।

    इलाके में सक्रिय गैंग पर पार्षद का आरोप

    घटना से नाराज पार्षद एमडी गुर्जर ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में कुछ युवकों का गैंग सक्रिय है, जो दबदबा बनाने और शराब के लिए पैसे वसूलने के नाम पर लोगों से मारपीट करता है। उन्होंने कहा कि ये युवक पढ़ाई कर रहे छात्रों को भी अपने गिरोह में शामिल करने की कोशिश करते हैं, जिससे उनका भविष्य खराब हो रहा है। पार्षद के मुताबिक, इस गैंग के सदस्यों पर पहले से करीब 10 एफआईआर दर्ज हैं, लेकिन इसके बावजूद सख्त कार्रवाई नहीं हुई।

    पुलिस पर संरक्षण देने के आरोप

    पार्षद ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इन आरोपियों को संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि कुछ आरोपी पुलिस के लिए दलाली करते हैं, इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होती। पार्षद ने एक वायरल वीडियो का भी जिक्र किया, जिसमें कुछ नाबालिग पुलिस के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते दिखे थे, लेकिन उस मामले में भी सिर्फ समझाइश देकर छोड़ दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक पुलिसकर्मी द्वारा बच्चों के परिजनों से पैसे मांगने की बात सामने आई है, जिसके वीडियो साक्ष्य उनके पास मौजूद हैं।

    देर रात तक चला धरना, कार्रवाई के बाद खत्म

    मंगलवार रात करीब 8 बजे शुरू हुआ धरना देर रात साढ़े 11 बजे तक चलता रहा। पार्षद और परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की। आखिरकार पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने और जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त किया गया।

    पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, आरोपों से किया इनकार

    इस मामले में थाना प्रभारी नम्रता भदोरिया ने बताया कि छात्र अनुज शर्मा की शिकायत पर पुलिस ने अन्नू गुर्जर, राजवीर गुर्जर और शेरा गुर्जर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। उन्होंने कहा कि पुलिस हमेशा आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करती है और पार्षद द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं।

    कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल

    इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो ऐसे मामलों में और बढ़ोतरी हो सकती है।

  • महिला ने पुलिस को कहा कि पर्यटक स्थानीय रोज़ी‑रोटी का स्रोत हैं, लेकिन स्थिति प्रशासन द्वारा नियंत्रण में लाई गई।

    महिला ने पुलिस को कहा कि पर्यटक स्थानीय रोज़ी‑रोटी का स्रोत हैं, लेकिन स्थिति प्रशासन द्वारा नियंत्रण में लाई गई।


    नई दिल्ली। ऋषिकेश के गंगा किनारे एक हरियाणा की महिला पर्यटक और स्थानीय पुलिस के बीच तीखी बहस का वीडियो वायरल हो गया है। यह घटना 6 अप्रैल को नीलकंठ मार्ग के फूलचट्टी क्षेत्र के पास हुई, जहां महिला को सार्वजनिक और पवित्र क्षेत्र में शराब पीते हुए रोका गया।

    वीडियो में दिखाई देता है कि जब पुलिसकर्मियों ने महिला को स्थानीय नियमों और पवित्रता बनाए रखने के आधार पर टोका, तो महिला ने नाराजगी जताई और पुलिस पर चिल्लाते हुए कहा कि ‘तुम्हारी रोज़ी‑रोटी हम पर्यटकों से चलती है।’ महिला ने यह भी कहा कि वह अपने पैसों से शराब पी रही है और पर्यटकों को बेवजह निशाना बनाया जा रहा है। महिला का यह तर्क था कि पर्यटन स्थानीय अर्थव्यवस्था को सहारा देता है और इसलिए उन्हें ऐसा करने से रोका नहीं जाना चाहिए।

    मामला तब और बढ़ गया जब महिला का रवैया आक्रामक होता चला गया। इस दौरान उसके पति ने बीच‑बचाव किया और महिला को वहां से ले गए, जिससे स्थिति शांत हुई। इस घटना के वीडियो ने सोशल मीडिया पर व्यापक बहस छेड़ दी है। कई लोगों ने महिला के व्यवहार की आलोचना की और कहा कि पर्यटन से रोजगार मिलता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि धार्मिक और पवित्र स्थलों पर मर्यादा का उल्लंघन किया जाए।

    ऋषिकेश एक आध्यात्मिक केंद्र है, जहां गंगा नदी की पवित्रता बनाए रखने के लिए कई इलाकों में शराब और मांसाहार पर सख्त पाबंदी है। घाटों और नदी किनारे प्रशासन और पुलिस द्वारा नियमित निगरानी की जाती है, ताकि धार्मिक और पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। सोशल मीडिया पर इस घटना पर लोगों ने टिप्पणियों में कहा कि पर्यटक का पैसा स्वागत योग्य है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि गंगा जैसे पवित्र स्थल को बार काउंटर समझा जाए। कई ने यह भी लिखा कि यात्रा के दौरान वहां की संस्कृति और भावनाओं का सम्मान करना अनिवार्य है।

  • ऑटो सेक्टर में झटका: हुंडई ने 1% तक कीमत बढ़ाने का किया ऐलान!

    ऑटो सेक्टर में झटका: हुंडई ने 1% तक कीमत बढ़ाने का किया ऐलान!


    नई दिल्ली। देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी Hyundai Motor India Limited (एचएमआईएल) ने अपने ग्राहकों को झटका देते हुए कारों की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। कंपनी ने बताया कि 1 मई 2026 से उसकी गाड़ियों की कीमतों में अधिकतम 1 प्रतिशत तक की वृद्धि की जाएगी। यह बढ़ोतरी अलग-अलग मॉडल और वेरिएंट के आधार पर लागू होगी, यानी हर गाड़ी पर इसका असर अलग-अलग देखने को मिलेगा।

    लागत बढ़ने का असर, ग्राहकों पर डाला जाएगा आंशिक भार

    कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में साफ किया है कि इनपुट लागत में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण यह फैसला लेना पड़ा है। Hyundai Motor India Limited ने कहा कि वह हमेशा लागत बढ़ने के बावजूद कीमतों को स्थिर रखने की कोशिश करती रही है, ताकि ग्राहकों पर ज्यादा बोझ न पड़े। लेकिन अब परिस्थितियां ऐसी हो गई हैं कि लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों तक पहुंचाना जरूरी हो गया है।

    बिक्री के मोर्चे पर मजबूत प्रदर्शन

    कीमतें बढ़ाने के बावजूद कंपनी की बिक्री के आंकड़े मजबूत बने हुए हैं। मार्च 2026 में एचएमआईएल ने कुल 69,004 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की, जो पिछले साल के मुकाबले 2.5 प्रतिशत ज्यादा है। इसमें घरेलू बिक्री 55,064 यूनिट्स रही, जो मार्च महीने के लिए अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है और इसमें सालाना आधार पर 6.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

    तिमाही और तिमाही में भी रिकॉर्ड प्रदर्शन

    जनवरी से मार्च 2026 के बीच कंपनी की कुल बिक्री 2,08,275 यूनिट्स रही, जो पिछले साल की तुलना में 8.7 प्रतिशत ज्यादा है। चौथी तिमाही में घरेलू बिक्री 1,66,578 यूनिट्स तक पहुंच गई, जो कंपनी के इतिहास में किसी भी तिमाही का सबसे बड़ा आंकड़ा है। यह पिछले साल के मुकाबले 8.5 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।

    निर्यात में भी दिखी तेजी

    घरेलू बाजार के साथ-साथ निर्यात के मोर्चे पर भी कंपनी ने बेहतर प्रदर्शन किया है। इस दौरान निर्यात 9.4 प्रतिशत बढ़कर 41,697 यूनिट्स तक पहुंच गया, जो अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कंपनी की मजबूत पकड़ को दिखाता है।

    टाटा मोटर्स ने भी बढ़ाए दाम

    ऑटो सेक्टर में कीमतों में बढ़ोतरी का यह ट्रेंड सिर्फ हुंडई तक सीमित नहीं है। Tata Motors ने भी हाल ही में अपने पैसेंजर वाहनों की कीमतों में 0.5 प्रतिशत तक की वृद्धि की है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू हो चुकी है। इसके अलावा कंपनी ने अपने कमर्शियल वाहनों की कीमतों में 1.5 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की है। कंपनी के एमडी और सीईओ Shailesh Chandra के मुताबिक, लगातार बढ़ती कमोडिटी और इनपुट लागत के कारण यह कदम उठाना जरूरी हो गया था।

    आगे क्या होगा असर?

    विशेषज्ञों का मानना है कि ऑटो सेक्टर में बढ़ती लागत और सप्लाई चेन से जुड़े दबाव के चलते आने वाले समय में अन्य कंपनियां भी कीमतों में बढ़ोतरी कर सकती हैं। इसका असर ग्राहकों की खरीदारी पर भी पड़ सकता है, खासकर एंट्री-लेवल सेगमेंट में।

  • डॉलर के मुकाबले रुपया चढ़ा, कच्चे तेल की गिरती कीमतों का दिखा असर

    डॉलर के मुकाबले रुपया चढ़ा, कच्चे तेल की गिरती कीमतों का दिखा असर


    नई दिल्ली। वैश्विक घटनाक्रमों के बीच भारतीय मुद्रा को बड़ी राहत मिली है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा ईरान के साथ अस्थायी सीजफायर की घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में सकारात्मक संकेत देखने को मिले, जिसका असर सीधे रुपये पर पड़ा। बुधवार को भारतीय रुपया लगातार चौथे कारोबारी सत्र में मजबूत हुआ और डॉलर के मुकाबले 40 पैसे की बढ़त के साथ 92.61 के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले यह 93 के आसपास बंद हुआ था।

    सीजफायर से घटा भू-राजनीतिक तनाव

    अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा ने बाजार में चल रही अनिश्चितता को काफी हद तक कम किया है। इस समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और सैन्य गतिविधियों को अस्थायी रूप से रोकने की बात शामिल है। Donald Trump ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर इस फैसले की पुष्टि करते हुए अमेरिकी सेना को पीछे हटने के निर्देश भी दिए। इस कदम से निवेशकों के बीच भरोसा लौटा और जोखिम लेने की प्रवृत्ति बढ़ी।

    कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट

    सीजफायर का सबसे बड़ा असर कच्चे तेल की कीमतों पर देखने को मिला। Brent Crude करीब 16 प्रतिशत यानी 17.39 डॉलर गिरकर 91.88 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि WTI Crude लगभग 20 प्रतिशत यानी 21.90 डॉलर टूटकर 91.05 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए यह राहत भरी खबर है, क्योंकि सस्ता कच्चा तेल आयात बिल को कम करता है और मुद्रा को मजबूती देता है।

    आरबीआई की नीतिगत स्थिरता भी बनी सहायक

    इस बीच Reserve Bank of India (आरबीआई) ने रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखा है, जिससे बाजार में स्थिरता का संदेश गया है। ब्याज दरों में बदलाव न होने से निवेशकों को स्पष्ट संकेत मिला कि फिलहाल मौद्रिक नीति संतुलित बनी रहेगी।

    सोना-चांदी में तेज उछाल

    कमोडिटी बाजार में भी हलचल देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी दर्ज की गई। सोने का वायदा भाव 3,688 रुपए (2.7%) उछलकर 1,54,934 रुपए प्रति 10 ग्राम के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया। वहीं चांदी का वायदा भाव 6 प्रतिशत से ज्यादा चढ़कर 2,46,376 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया।

    आगे क्या रहेगा रुख?

    विश्लेषकों का मानना है कि रुपये की यह मजबूती फिलहाल वैश्विक संकेतों पर निर्भर है। अगर सीजफायर लंबे समय तक कायम रहता है और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति सामान्य बनी रहती है, तो रुपये को और समर्थन मिल सकता है। हालांकि, ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव को देखते हुए अनिश्चितता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।

  • इंदौर जमीन केस: सूरज रजक का आरोप, रेमन का परिवार एकतरफा FIR कराने में शामिल

    इंदौर जमीन केस: सूरज रजक का आरोप, रेमन का परिवार एकतरफा FIR कराने में शामिल

    इंदौर। शहर में एक विवाद ने नया मोड़ लिया है जहां कारोबारी और क्रिकेट टीम मालिक सूरज रजक ने रेमन कक्कर और उनके परिवार पर जमीन को लेकर FIR दर्ज कराने के आरोपों का जवाब दिया है। सूरज रजक का कहना है कि उक्त जमीन के सौदे में परिवार ने उन्हें 50 लाख रुपये सालाना किराए पर देने की सहमति दी थी और उनके दोनों भाई उनकी मां और पत्नी भी इस डील के गवाह थे। सूरज ने कहा कि एफआईआर करने से पहले मेरा पक्ष नहीं सुना गया और यह एकतरफा एफआईआर दर्ज की गई।

    सूरज रजक ने बताया कि जमीन पर कब्जे का आरोप निराधार है। उन्होंने कहा कि यह पूरा परिवार पहले भी जमीन के विवादों में शामिल रहा है और कई मामलों में पैसे हड़पने के आरोपों पर कोर्ट में केस चल रहे हैं। सूरज के अनुसार परिवार ने पहले किसी और के साथ जमीन का सौदा किया और उसके पैसे हड़प लिए। उन्होंने कहा कि जमीन पर कब्जा करने का कोई इरादा नहीं था बल्कि परिवार की सहमति से काम शुरू किया गया।

    सूरज ने दैनिक भास्कर को चैटिंग और बातचीत की जानकारी साझा करते हुए बताया कि रेमन के भाई रणधीर सलूजा ने खुद उन्हें जमीन दिखाने के लिए ले जाया। जमीन देखने के बाद उन्होंने नक्शा बनाने के लिए कहा। नक्शा तैयार होने के बाद सूरज ने इसे परिवार को भेजा और काम शुरू किया। तभी अचानक रेमन कक्कर ने एफआईआर दर्ज करवा दी जो उनके परिवार के आपसी विवाद का हिस्सा है।

    सूरज ने कहा कि रेमन के पति ने भी उनसे कहा कि बंटी सलूजा से बात कर लें। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने रेमन की मां से मुलाकात की तो उन्होंने जमीन बेचने की इच्छा जाहिर की। सूरज ने आरोप लगाया कि रेमन मानसिक रूप से अस्थिर हैं और उनका परिवार पहले भी कई लोगों से करोड़ों रुपए हड़प चुका है। उन्होंने कहा कि आज भी उक्त जमीन पर नगर निगम का कुर्की बोर्ड लगा हुआ है।

    सूरज ने आगे बताया कि FIR की जानकारी उन्हें रात को मीडिया के माध्यम से मिली। उनका कहना है कि पुलिस को FIR दर्ज करने से पहले उनका पक्ष लेना चाहिए था। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें पता होता कि रेमन की सहमति नहीं है तो वे जमीन पर काम ही नहीं करते।

    इस मामले में रेमन के भाई रणधीर सलूजा और उनका परिवार सूरज रजक के आरोपों को खारिज कर रहा है। उनका कहना है कि उन्होंने कभी कोई सहमति नहीं दी और उनका कोई संपर्क नहीं था। परिवार का कहना है कि यह पूरी कहानी झूठ पर आधारित है और FIR करने का निर्णय कानूनी रूप से सही था।

    यह विवाद इंदौर में जमीन के सौदों परिवारिक मतभेद और सरकारी जमीन के मसलों को लेकर उत्पन्न हुआ है। सूरज रजक का दावा है कि उनके खिलाफ आरोप झूठे हैं और परिवार ने उन्हें जमीन के उपयोग की अनुमति दी थी। वहीं रेमन और उनका परिवार इस दावे को पूरी तरह खारिज करता है। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और अदालत के निर्णय से ही सच्चाई सामने आएगी।

  • पीएम मुद्रा योजना के 11 साल: 57.79 करोड़ लोन, 40 लाख करोड़ से ज्यादा का वितरण

    पीएम मुद्रा योजना के 11 साल: 57.79 करोड़ लोन, 40 लाख करोड़ से ज्यादा का वितरण


    नई दिल्ली। देश में छोटे कारोबारियों और नए उद्यमियों के लिए शुरू की गई Pradhan Mantri Mudra Yojana (पीएमएमवाई) ने 11 साल पूरे कर लिए हैं और इस दौरान योजना ने वित्तीय समावेशन की दिशा में बड़ा बदलाव लाया है। सरकार के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के तहत अब तक 57.79 करोड़ लोन स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनके जरिए 40 लाख करोड़ रुपए से अधिक की राशि वितरित की गई है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि छोटे व्यवसायों को सशक्त बनाने में इस योजना की भूमिका कितनी अहम रही है।

    2015 में हुई थी शुरुआत, ‘फंडिंग द अनफंडेड’ था लक्ष्य

    इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत साल 2015 में Narendra Modi ने की थी। इसका मुख्य उद्देश्य उन लोगों को बिना गारंटी के लोन उपलब्ध कराना था, जो पारंपरिक बैंकिंग सिस्टम से बाहर रह जाते थे। योजना के तहत छोटे गैर-कॉरपोरेट और गैर-कृषि व्यवसायों को 20 लाख रुपए तक का कर्ज दिया जाता है, जिससे वे अपना कारोबार शुरू या विस्तार कर सकें।

    एमएसएमई सेक्टर में आया बड़ा बदलाव

    केंद्रीय वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने कहा कि पीएम मुद्रा योजना ने एमएसएमई और छोटे उद्यमियों के लिए क्रेडिट सिस्टम को पूरी तरह बदल दिया है। उनके अनुसार, पिछले एक दशक में देश में एक “शांत क्रांति” देखने को मिली है, जहां करोड़ों लोगों ने आत्मविश्वास के साथ अपना व्यवसाय शुरू किया और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया।

    महिलाओं और नए उद्यमियों को मिला बड़ा लाभ

    सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस योजना का सबसे ज्यादा फायदा महिलाओं को मिला है। कुल लोन में लगभग दो-तिहाई हिस्सा महिलाओं को दिया गया है, जबकि करीब 20 प्रतिशत लोन ऐसे लोगों को मिला है जिन्होंने पहली बार अपना व्यवसाय शुरू किया। नए उद्यमियों को ही करीब 12.15 करोड़ लोन दिए गए हैं, जिनकी कुल राशि लगभग 12 लाख करोड़ रुपए है।

    वंचित वर्गों के लिए बना सहारा

    वित्त राज्य मंत्री Pankaj Chaudhary ने बताया कि यह योजना सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए भी बड़ी राहत साबित हुई है। अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लोगों को इससे बड़े पैमाने पर लाभ मिला है, जो कुल लाभार्थियों का करीब 51 प्रतिशत हैं। वहीं महिलाओं की हिस्सेदारी 67 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा संकेत है।

    चार श्रेणियों में मिलता है लोन

    पीएम मुद्रा योजना के तहत लाभार्थियों की जरूरत के अनुसार चार कैटेगरी बनाई गई हैं—

    शिशु: 50,000 रुपए तक
    किशोर: 50,000 से 5 लाख रुपए
    तरुण: 5 लाख से 10 लाख रुपए
    तरुण प्लस: 10 लाख से 20 लाख रुपए

    इन श्रेणियों के जरिए मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेडिंग, सर्विस सेक्टर और कृषि से जुड़े कार्यों के लिए टर्म लोन और वर्किंग कैपिटल उपलब्ध कराया जाता है।

    विकसित भारत के लक्ष्य में अहम योगदान

    सरकार का मानना है कि Pradhan Mantri Mudra Yojana आने वाले समय में भी उद्यमिता को बढ़ावा देती रहेगी और 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह योजना न केवल आर्थिक गतिविधियों को गति दे रही है, बल्कि लाखों लोगों को आत्मनिर्भर बनाकर देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रही है।

  • मुख्यमंत्री भगवंत मान की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अभियान लगातार जारी, राज्य में सुरक्षा और निवारक संदेश मजबूत।

    मुख्यमंत्री भगवंत मान की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अभियान लगातार जारी, राज्य में सुरक्षा और निवारक संदेश मजबूत।


    नई दिल्ली। पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में गैंगस्टरों के खिलाफ जंग अभियान को और तेज कर दिया है। राज्य भर में चलाए जा रहे समन्वित ऑपरेशन का उद्देश्य संगठित अपराध, नार्को-सिंडिकेट और उनके सहयोगियों को पूरी तरह तोड़ना है। 20 जनवरी से 15 मार्च 2026 के बीच पंजाब पुलिस ने 44,787 छापे मारे, जिनके परिणामस्वरूप 14,894 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 14,561 वांछित अपराधी और गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े 333 सहयोगी शामिल हैं। साथ ही 714 ऐसे अपराधी भी पकड़े गए जो लंबे समय से गिरफ्तारी से बच रहे थे।

    इस अभियान के तहत 7,494 लोगों को प्रिवेंटिव हिरासत में रखा गया, जिनमें 7,210 वांछित और 284 सहयोगी शामिल हैं। पुलिस ने बड़ी संख्या में हथियार जब्त किए हैं, जिनमें 301 बंदूकें, 125 धारदार हथियार, 921 राउंड गोला-बारूद, 81 मैगज़ीन, 2.5 किलोग्राम विस्फोटक और छह हैंड ग्रेनेड शामिल हैं। इसके अलावा, आपराधिक नेटवर्क की लॉजिस्टिक क्षमताओं को कमजोर करने के लिए 4,070 मोबाइल फोन, 548 वाहन और 10 ड्रोन जब्त किए गए। नकदी और आभूषण के रूप में 45.6 लाख रुपये और 262 ग्राम सोना भी बरामद हुआ।

    सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह अभियान प्रतिक्रियात्मक कार्रवाई से आगे बढ़कर सक्रिय और व्यवस्थित निवारक रणनीति का हिस्सा है। इसका लक्ष्य केवल गैंगस्टरों की गिरफ्तारी नहीं बल्कि उनके वित्तीय चैनल, संचार नेटवर्क और आपूर्ति श्रृंखलाओं को भी निशाना बनाना है। इसके जरिए पंजाब में अपराध की जड़ तक पहुंच कर नेटवर्क को पूरी तरह कमजोर किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट किया है कि जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कोई भी आपराधिक नेटवर्क बिना दंड के काम नहीं करेगा। इस अभियान की निरंतरता और तीव्रता गैंगस्टरों और ड्रग सिंडिकेट को प्रभावी रूप से कमजोर कर रही है। पंजाब पुलिस इस अभियान को तब तक जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है जब तक कि राज्य से संगठित अपराध की जड़ पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाती।

    अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन ने राज्य में अपराधियों के खिलाफ एक मजबूत निवारक संदेश भेजा है और आम जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इससे पंजाब में कानून व्यवस्था को मजबूत करने और नागरिकों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने में मदद मिल रही है।

  • Budhwar Ka Vrat: गणेश जी की कृपा पाने के लिए अपनाएं सही नियम!

    Budhwar Ka Vrat: गणेश जी की कृपा पाने के लिए अपनाएं सही नियम!


    नई दिल्ली। सनातन परंपरा में देवी-देवताओं की कृपा पाने के लिए पूजा के साथ-साथ व्रत का विशेष महत्व बताया गया है। इन्हीं में से एक है बुधवार का व्रत, जो Lord Ganesha और Budh Dev को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यता है कि जो व्यक्ति श्रद्धा और विधि-विधान से यह व्रत करता है, उसे बुद्धि, विवेक, सफलता और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। खासकर करियर और कारोबार में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए यह व्रत अत्यंत प्रभावी माना जाता है।

    कब से शुरू करें बुधवार का व्रत

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बुधवार का व्रत किसी भी हिंदी महीने के शुक्ल पक्ष के पहले बुधवार से शुरू करना शुभ होता है। यदि इस दिन बुध का नक्षत्र भी पड़ जाए तो इसका महत्व और बढ़ जाता है। आमतौर पर यह व्रत 21 या 45 बुधवार तक किया जाता है। यदि किसी कारणवश व्रत बीच में छूट जाए, तो उसे बाद में पूरा करते हुए सही विधि से उद्यापन करना चाहिए।

    व्रत की विधि और पूजा का तरीका

    बुधवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान और ध्यान करने के बाद Lord Ganesha और Budh Dev की विधिपूर्वक पूजा करनी चाहिए। इस दिन हरे रंग का विशेष महत्व होता है, इसलिए हरे वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। गणेश जी को 21 गांठों वाली दूर्वा अर्पित करने से विशेष फल मिलता है। वहीं बुध देव को हरे वस्त्र, हरी मूंग या अन्य हरी वस्तुएं अर्पित की जाती हैं। पूजा के दौरान उनके मंत्रों का जप करना और अंत में आरती करना जरूरी माना गया है।

    बुधवार व्रत का धार्मिक महत्व

    धार्मिक मान्यता है कि यह व्रत करने से साधक को बुद्धि, विद्या, विवेक और उत्तम स्वास्थ्य का आशीर्वाद मिलता है। Lord Ganesha विघ्नहर्ता माने जाते हैं, इसलिए उनकी कृपा से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। वहीं Budh Dev की कृपा से व्यक्ति की वाणी, तर्कशक्ति और व्यापारिक समझ मजबूत होती है। इस व्रत से करियर और व्यवसाय में सफलता मिलने की भी मान्यता है।

    उद्यापन कैसे करें

    जब व्रत की निर्धारित संख्या पूरी हो जाए, तो उसका विधि-विधान से उद्यापन करना चाहिए। उद्यापन के दिन प्रातः स्नान-ध्यान के बाद पूजा करें। मान्यता के अनुसार इस दिन बुध देव के मंत्र का कम से कम 19000 बार जप किया जाता है और अपामार्ग की लकड़ी से हवन किया जाता है। इसके बाद Lord Ganesha और Budh Dev की पूजा, कथा और आरती की जाती है। अंत में अपनी क्षमता अनुसार हरी वस्तुओं, अनाज या वस्त्र का दान करना शुभ माना जाता है।

    व्रत से जुड़ी सावधानियां

    व्रत के दौरान शुद्धता और नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। कड़वे या तामसिक भोजन से बचना चाहिए और मन में सकारात्मक भाव रखना चाहिए।

  • स्वतंत्रता और राष्ट्रभक्ति के प्रेरक बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

    स्वतंत्रता और राष्ट्रभक्ति के प्रेरक बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वन्दे मातरम् के रचयिता महान साहित्यकार और राष्ट्रप्रेमी स्व. बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की पुण्यतिथि पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। डॉ. यादव ने कहा कि स्व. चट्टोपाध्याय ने अपने साहित्य और व्यक्तित्व के माध्यम से राष्ट्र की चेतना को जगाया और स्वतंत्रता आंदोलन में क्रांतिकारियों का मार्गदर्शन किया।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि वन्दे मातरम् का महामंत्र आज भी देशवासियों को एकता प्रेरणा और राष्ट्रीय गौरव का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि यह गीत केवल स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक नहीं रहा बल्कि आज विकसित भारत के निर्माण में भी नई दिशा और शक्ति प्रदान कर रहा है।

    डॉ. यादव ने स्व. बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के व्यक्तित्व और कृतित्व को अनुकरणीय बताया और कहा कि उनका योगदान देश और समाज की समृद्धि के लिए सदैव प्रेरणास्त्रोत रहेगा। उन्होंने जनता से अपील की कि साहित्य और संस्कृति में रचे गए अमूल्य योगदान को याद रखें और अपने जीवन में राष्ट्रभक्ति और सेवा भाव को अपनाएँ। इस अवसर पर राज्यभर में बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की स्मृति में कार्यक्रम आयोजित कर उनकी साहित्यिक और राष्ट्रीय धरोहर को सम्मानित किया गया।