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  • इंदौर: भागीरथपुरा में 11 जनवरी से मिलेगा पीने योग्य नर्मदा जल

    इंदौर: भागीरथपुरा में 11 जनवरी से मिलेगा पीने योग्य नर्मदा जल


    इंदौर । इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हो रही बीमारियों और मौतों के मामलों के बाद प्रशासन ने नर्मदा पेयजल आपूर्ति को सुनिश्चित करने का दावा किया है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि 11 जनवरी से इस क्षेत्र के नागरिकों को पीने योग्य नर्मदा पानी मिलना शुरू हो जाएगा। नर्मदा जल की लाइनों को पूरी तरह से साफ किया जा चुका है और पानी के सैंपल लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच भी की जा रही है।

    कलेक्टर के अनुसार, गुरुवार रात को भागीरथपुरा में नर्मदा पेयजल पाइपलाइन को प्रेशर से क्लोरीन द्वारा फ्लश किया गया था। इसके बाद पानी के सैंपल लिए गए और उनका परीक्षण किया जा रहा है। परीक्षण की रिपोर्ट मिलने के बाद 11 जनवरी से लोगों को नर्मदा जल पीने के लिए उपलब्ध होगा।कलेक्टर ने यह भी कहा कि फिलहाल क्षेत्र के सभी बोरिंग में क्लोरीन डाला जा चुका है और इन्हें केवल घरेलू उपयोग के लिए ही इस्तेमाल किया जा सकता है। इस बीच, प्रशासन द्वारा टैंकरों के माध्यम से पानी की सप्लाई भी की जा रही है ताकि लोगों को पानी की समस्या से राहत मिल सके।

    भागीरथपुरा में नर्मदा जल आपूर्ति की व्यवस्था को लेकर स्थानीय निवासियों में उम्मीद जगी है। लंबे समय से यहां के लोग दूषित पानी से हो रही स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे और अब प्रशासन की ओर से सुधार के प्रयासों से उम्मीद जताई जा रही है कि जल समस्या जल्द हल हो जाएगी।नर्मदा जल की आपूर्ति से पहले, भागीरथपुरा क्षेत्र में पानी की गुणवत्ता को सुधारने के लिए पाइप लाइनों की मरम्मत और सफाई का काम जोरों से चल रहा है। फिलहाल, कलेक्टर और प्रशासन का कहना है कि 11 जनवरी तक नर्मदा जल क्षेत्रवासियों को सुरक्षित, शुद्ध और पीने योग्य पानी उपलब्ध करवा दिया जाएगा।

  • इंदौर दूषित पानी से 18 मौतें. 3 मरीज वेंटिलेटर पर. प्रशासन ने की कार्रवाई

    इंदौर दूषित पानी से 18 मौतें. 3 मरीज वेंटिलेटर पर. प्रशासन ने की कार्रवाई


    इंदौर । इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी के कारण पिछले कुछ दिनों में 18 मौतें हो चुकी हैं. और अब तक 429 लोग अस्पतालों में भर्ती हो चुके हैं। बुधवार तक 330 मरीजों को छुट्टी मिल चुकी है. लेकिन 99 मरीज अभी भी इलाजरत हैं। अस्पतालों में ICU में मरीजों की संख्या बढ़ी है. जिनमें से 3 मरीज वेंटिलेटर पर हैं। इस गंभीर स्थिति ने इलाके के लोगों को खौफ में डाल दिया है. और अब वे टैंकर और आरओ के पानी पर निर्भर हैं। कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने बुधवार को क्षेत्र का निरीक्षण किया. और सीवरेज तथा नर्मदा पाइपलाइन के लीकेज को ठीक करने के निर्देश दिए। इलाके में पानी की सप्लाई टेस्टिंग की जा रही है. और लोगों को पानी उबालकर और छानकर पीने की सलाह दी जा रही है।
    स्वास्थ्य विभाग ने 61 टीमों का गठन किया था. जिनमें से 5013 घरों का सर्वे किया गया। इस सर्वे के माध्यम से 24786 लोगों को उचित सलाह दी गई और घर-घर दवाइयां भी वितरित की गईं। इसके साथ ही. भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ICMR के सर्वे में पाया गया कि इलाके की 17 गलियां संक्रमित पाई गई हैं। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस मामले में कड़ी टिप्पणी की. और कहा कि इंदौर की छवि को इस घटना ने गंभीर नुकसान पहुंचाया है। कोर्ट ने कहा कि स्वच्छ पानी हर नागरिक कामौलिक अधिकार है और यदि भविष्य में जरूरत पड़ी तो दोषीअधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही. मुआवजे की राशि पर भी उचित निर्देश दिए जा सकते हैं।
    वहीं. कांग्रेस ने इस मुद्दे पर प्रदर्शन की योजना बनाई है। पार्टी की अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया ने पूरे प्रदेश में कैंडल मार्च आयोजित करने कीघोषणा की है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी मंगलवार को प्रभावित इलाकों का दौरा करने पहुंचे और मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की। इंदौर में दूषित पानी से फैली बीमारी और मौतों के सिलसिले ने पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य संकट पैदा कर दिया है. और प्रशासन की ओर से इस समस्या के समाधान के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।

  • MP: अशोकनगर में कुख्यात सट्टा किंग के 3 मंजिला होटल पर चला प्रशासन का बुलडोजर

    MP: अशोकनगर में कुख्यात सट्टा किंग के 3 मंजिला होटल पर चला प्रशासन का बुलडोजर

    अशोकनगर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के अशोकनगर (Ashoknagar) में प्रशासन ने होटल आजाद पैलेस (Hotel Azad Palace) पर बुलडोजर (Bulldozer) चला दिया। बिना अनुमति निर्माण और नियमों के उल्लंघन के कारण तीन मंजिला होटल के अगले और पिछले हिस्से को जमींदोज कर दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स मौजूद रही। मौके पर ड्रोन भी तैनात किए गए थे। यह होटल आजाद खान नाम के शख्स का बताया जाता है। आजाद खान जेल में बंद है। इससे पहले उसके फार्म हाउस पर भी कार्रवाई की जा चुकी है।


    क्या आरोप?

    आजाद खान पर ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क चलाने का आरोप है। उसका नाम कई आपराधिक मामलों में भी सामने आया है। ये सारे प्रकरण जांच की केंद्र और न्यायिक दायरे में हैं। प्रशासन की मुख्य कार्रवाई उसके तीन मंजिला होटल आजाद पैलेस पर हुई। नगर पालिका की टीम ने पुलिस के साथ मिलकर होटल के अवैध हिस्सों को जमींदोज कर दिया। इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए होटल के आसपास की दुकानों को बंद करा दिया गया था।


    क्या बोला प्रशासन?

    एसडीएम सुब्रत त्रिपाठी ने कहा- होटल आजाद पैलेस, आजाद खान और शाहिद खान का है जिन पर 5 लाख रुपये बकाया भी है। यह होटल नगर निगम की मंजूरी के बिना अवैध रूप से चलाया जा रहा था। नगर निगम ने उन्हें तीन नोटिस जारी किए थे। अब होटल के खिलाफ तोड़फोड़ की कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों का कोलुआ में एक और फार्महाउस भी था, जिसे बिना इजाजत के बनाया गया था।


    100 पुलिसकर्मी रहे तैनात, ड्रोन से निगरानी

    साथ ही आसपास बैरिकेडिंग कर दी गई थी। मौके पर लगभग 100 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। ड्रोन और वीडियो कैमरों की निगरानी में जेसीबी ने होटल के अगले और पिछले हिस्सों को जमींदोज कर दिया।


    वित्तीय गड़बड़ी का भी आरोप

    बताया जाता है कि आजाद खान की भूमिका कथित सट्टा नेटवर्क तब उजागर हुई थी जब गुना और अशोकनगर पुलिस ने कुछ सटोरियों के बैंक ट्रांजैक्शन की जांच की। जांच में सामने आया कि आरोपी सट्टा के साथ ही एक कोऑपरेटिव सोसाइटी की आड़ में कथित तौर पर वित्तीय अनियमितताएं भी कर रहा था। आरोपी आजाद खान की मुश्किलें तब बढ़ गईं जब देहात थाना क्षेत्र में दो भाइयों की आत्महत्या के मामले में उस पर उकसाने का आरोप लगा।


    आलीशान फार्म हाउस पर भी हो चुका है ऐक्शन

    इसके बाद पुलिस ने आजाद खान को गिरफ्तार कर के उसे जेल भेज दिया। आजाद खान की गिरफ्तारी के समय वह घायल अवस्था में लंगड़ाते हुए देखा गया था। इससे पहले प्रशासन ने कोलुआ गांव के पास स्थित उसके दो मंजिला आलीशान फार्म हाउस पर भी कार्रवाई की थी। प्रशासन का कहना था कि वह बिना मंजूरी के सड़क के बहुत करीब बना था। अब सारे आरोप न्यायिक कार्यवाही और जांच के दायरे में बताए जाते हैं।


    भाई पर भी आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप

    इतना ही नहीं, आजाद खान के भाई राशिद खान उर्फ चिन्ना पर भी आरोप है कि उसने आत्महत्या करने वाले भाइयों के परिवार को धमकाया और राजीनामे का दबाव बनाया। मौजूदा वक्त में सरकार ने आजाद खान की केबीएन साख सहकारी संस्था के सभी लेनदेन पर रोक लगा दी है। मंत्री विश्वास सारंग ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई ने शहर में खलबली मचा दी है।

  • सतना में मंदाकिनी नदी पर अवैध उत्खनन जल संसाधन विभाग की आड़ में हो रहा है काले कारोबार

    सतना में मंदाकिनी नदी पर अवैध उत्खनन जल संसाधन विभाग की आड़ में हो रहा है काले कारोबार


    सतना । सतना जिले में मंदाकिनी नदी जो कि धार्मिक सांस्कृतिक और पर्यावरणीय आस्था की प्रतीक मानी जाती है एक बार फिर अवैध उत्खनन के चलते विवादों में आ गई है। मोहकमगढ़ पुल के नीचे भारी मशीनों से नदी का सीना छलनी किया जा रहा था जो एक गंभीर मुद्दा बन चुका है। खास बात यह है कि यह उत्खनन जल संसाधन विभाग की परियोजना के नाम पर किया जा रहा था।

    सूत्रों के अनुसार जल संसाधन विभाग द्वारा मंदाकिनी नदी में घाट निर्माण के लिए सीमित खनन की अनुमति ली गई थी। लेकिन पीपीएस कंपनी के ठेकेदार ने इस अनुमति का दुरुपयोग करते हुए नदी किनारे से पत्थर और मुरुम का अवैध उत्खनन शुरू कर दिया। आरोप हैं कि यह सब कार्य जल संसाधन विभाग के एसडीओ पुष्पेंद्र खरे के मौखिक निर्देश पर हो रहा था।

    प्रशासन की कार्रवाई और संदिग्ध पहलू

    स्थानीय लोगों द्वारा सूचना मिलने पर चित्रकूट तहसीलदार मौके पर पहुंचे और खनन में लगे पोकलैंड मशीन को जप्त कर लिया। हालांकि ट्रक मौके से गायब हो गए जिससे यह संदेह पैदा हो गया कि मामले में पहले से सूचना थी और यह पूरी घटना किसी संरक्षण के तहत हो रही थी। सबसे हैरान करने वाली बात तब सामने आई जब प्रशासन के अधिकारियों के मौके पर पहुंचते ही संबंधित जिम्मेदारों के मोबाइल फोन बंद हो गए। यह घटनाक्रम इस बात की ओर इशारा करता है कि क्या यह पूरी प्रक्रिया पूर्व नियोजित और विभागीय मिलीभगत का हिस्सा है?

    इस मामले में प्रशासन की निष्क्रियता और जिम्मेदार अधिकारियों की संलिप्तता के आरोप उभर रहे हैं। यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या आस्था और पर्यावरण से जुड़े इस अहम स्थान की अवैध उत्खनन के चलते हानि हो रही है? क्या सरकारी योजनाओं की आड़ में इस तरह के काले कारोबार को बढ़ावा दिया जा रहा है?

  • राज्यपाल श्री पटेल ने की जनमन अभियान की समीक्षा, दवा वितरण और बिजली आपूर्ति पर दिए निर्देश

    राज्यपाल श्री पटेल ने की जनमन अभियान की समीक्षा, दवा वितरण और बिजली आपूर्ति पर दिए निर्देश

    मध्य प्रदेश /राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा वितरित किए जाने वाली दवा की मात्रा मोबाइल यूनिट रूट चार्ट के अनुसार की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि रोगी को दवा की आवश्यकता और मेडिकल यूनिट के पुन: आगमन की अवधि की गणना के अनुसार दवा का वितरण होना चाहिए, जिससे यूनिट के दोबारा आने तक रोगी के पास दवा की उपलब्धता बनी रहे। राज्यपाल श्री पटेल शुक्रवार को लोक भवन में जनजातीय प्रकोष्ठ की पीएम जनमन योजना की समीक्षा बैठक में जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष श्री दीपक खांडेकर एवं अन्य सदस्य भी मौजूद थे।

    राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि जनमन योजना के तहत हितग्राहियों को मिले आवास में विद्युत कनेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए। आवास वार विद्युत कनेक्शनों की उपलब्धता की जानकारी संकलित कर, जिन घरों में विद्युत कनेक्शन नहीं है, उनको चिह्नित किया जाए। विद्युत कनेक्शन कराने की व्यवस्था की जाए। राज्यपाल श्री पटेल को बताया गया कि लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जनमन योजना अंतर्गत संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा 9 लाख 52 हजार से अधिक रोगियों का पंजीकरण किया गया है। इनमें 4 लाख 75 हजार 375 पी.व्ही.टी.जी. हितग्राही और 4 लाख 76 हजार 647 अन्य हितग्राही शामिल हैं। यूनिट द्वारा 95 हजार 360 सिकल सेल और 15 हजार 811 की टी.बी. स्क्रीनिंग की गई। 7 लाख से अधिक रोगियों की डायग्नोस्टिक जाँच भी की है।

    बैठक में बताया गया है कि पीएम जनमन योजना, प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक प्रदेश के 24 जिलों में संचालित है। योजना के तहत पी.व्ही.टी.जी. की 6 हजार से अधिक बसाहटों के 13 लाख 43 हजार से अधिक पी.व्ही.टी.जी. आबादी को लाभान्वित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गतहितग्राही मूलक सात योजनाओं आधार कार्ड, जनधन बैंक खाता, आयुष्मान भारत, जाति प्रमाण पत्र, किसान क्रेडिटकार्ड,पीएम किसान सम्मान निधि और राशन कार्ड में सैचुरेशन की स्थिति है। कुल 1 लाख 30 हजार 521 प्रधानमंत्री आवास पूर्ण हो गए है। मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा वर्तमान में 147 समूह जल प्रदाय योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।पीएम जनमन कार्यक्रम के अंतर्गत 48 समूह जल प्रदाय योजनाओं में से अनूपपुर एवं बालाघाट जिले की योजनाओं का कार्य पूर्ण कर लिया गया है।

    संचालन एवं संधारण के शेष कार्यों को समय सीमा में पूर्ण कर लिया जायेगा। दतिया, कटनी, सिवनी एवं उमरिया जिले की 6 योजनाओं के कार्य लगभग पूर्ण हो चुके है। शेष कार्य समय सीमा में पूर्ण किये जाने के कार्य प्रगतिरत है। बैठक में हर घर नल से जल, बहुउद्देशीय केन्द्र, आंगनवाड़ी निर्माण, छात्रावास, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क, हर घर बिजली, हर घर बिजली-ऑफ ग्रिड, वनधन विकास केन्द्र और मोबाइल नेटवर्क कार्यों की प्रगति की जानकारी दी है। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य विभाग श्री गुलशन बामरा, आयुक्त एवं संचालक, जनजातीय क्षेत्रीय विकास योजना श्री सतेन्द्र सिंह राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
  • इंदौर में रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी यातायात व्यवस्था में बदलाव फूटी कोठी से महूनाका तक रहेगा बंद

    इंदौर में रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी यातायात व्यवस्था में बदलाव फूटी कोठी से महूनाका तक रहेगा बंद


    इंदौर । इंदौर में भगवान रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी शुक्रवार 15 दिसंबर को अल सुबह तड़के तीन बजे से शुरू होगी। इस दौरान शहर के पश्चिमी क्षेत्र में भक्तों की एक बड़ी संख्या यात्रा में भाग लेगी। यह प्रभातफेरी रणजीत हनुमान मंदिर से शुरू होकर द्रविड़ नगर रणजीत हनुमान रोड महूनाका चौराहा अन्नपूर्णा रोड महावर नगर उषा नगर चौराहा दशहरा मैदान के पास स्थित गंगेश्वर महादेव मंदिर नरेंद्र तिवारी मार्ग आदित्य नर्सिंग होम होते हुए पुनः रणजीत हनुमान मंदिर पर समाप्त होगी। यात्रा के दौरान शहर के प्रमुख मार्गों से यातायात प्रभावित रहेगा जिससे प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में आवश्यक बदलाव किए हैं।

    यातायात बंद रहेगा परिवर्तित मार्गों का उपयोग करें

    प्रभातफेरी के दौरान शहर में यातायात को सुचारू बनाने के लिए पुलिस ने महूनाका चौराहा और फूटी कोठी के बीच के मार्ग को तड़के तीन बजे से बंद करने का निर्णय लिया है। ऐसे में जो वाहन चालक फूटी कोठी चौराहा से रणजीत हनुमान मंदिर होते हुए महूनाका चौराहा आना-जाना करना चाहते हैं उन्हें इस समय के दौरान ये मार्ग बंद होने के कारण यात्रा मार्गों को परिवर्तित करना होगा। वाहन चालक फूटी कोठी चौराहा से चंदन नगर चौराहा और गंगवाल चौराहा होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंच सकते हैं।

    इसी तरह यदि किसी को जूनी इंदौर भंवरकुआं की ओर जाना है तो वे गोपुर चौराहा और चाणक्यपुरी चौराहा से अपने मार्ग पर आगे बढ़ सकते हैं। यात्रा के दौरान जब प्रभातफेरी अन्नपूर्णा रोड पर पहुंचेगी तो अन्नपूर्णा रोड और महूनाका चौराहा के बीच भी यातायात बंद रहेगा। ऐसे में यात्री लालबाग से केसरबाग रोड का उपयोग करके अपनी यात्रा जारी रख सकते हैं।

    पार्किंग व्यवस्था
    पार्किंग की विशेष व्यवस्था भी की गई है ताकि यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालु अपने वाहन सुरक्षित स्थानों पर पार्क कर सकें। कलेक्ट्रेट चौराहा से आने वाले श्रद्धालु अपने वाहन लालबाग परिसर में पार्क कर यात्रा में शामिल हो सकते हैं। गंगवाल की ओर से आने वाले वाहन चालक सराफा स्कूल एमओजी लाइन और शासकीय स्कूल एमओजी लाइन परिसर में अपने वाहन खड़े कर सकते हैं। अन्नपूर्णा से आने वाले यात्री दशहरा मैदान में पार्किंग कर यात्रा में शामिल हो सकते हैं।

    प्रशासन की अपील

    प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे दिए गए परिवर्तित मार्गों का पालन करें और निर्धारित पार्किंग स्थानों पर ही अपने वाहन खड़े करें। इससे यातायात व्यवस्था में सुगमता रहेगी और यात्रा में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचा जा सकेगा। प्रशासन ने यह भी कहा है कि यात्रियों को यात्रा के मार्गों में कोई परेशानी न हो इसके लिए आवश्यक व्यवस्था की गई है और प्रशासन का प्रयास है कि सभी श्रद्धालु अपनी यात्रा आराम से पूरी कर सकें।

    रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी हर साल श्रद्धा और विश्वास के साथ मनाई जाती है। यह एक धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम है जो इंदौर शहर की धार्मिक आस्था का प्रतीक है। इस दौरान लाखों श्रद्धालु शहर भर में फैले मार्गों पर प्रभातफेरी में शामिल होते हैं। प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्थाएं यह सुनिश्चित करने के लिए हैं कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े और आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।

    यात्रा की सफलता के लिए सहयोग की अपील

    प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यातायात व्यवस्था में सहयोग करें ताकि इस महत्वपूर्ण धार्मिक यात्रा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया जा सके।