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  • चक्रवात अर्नब का बिहार के मौसम पर दिखेगा असर, 28 अक्टूबर से बारिश और तेज हवाओं का अनुमान, ऑरेंज अलर्ट जारी

    चक्रवात अर्नब का बिहार के मौसम पर दिखेगा असर, 28 अक्टूबर से बारिश और तेज हवाओं का अनुमान, ऑरेंज अलर्ट जारी


    नई दिल्ली । 
    बंगाल की खाड़ी के ऊपर विकसित हो रहा चक्रवाती तूफान अर्नब बिहार के मौसम को प्रभावित कर सकता है। इसके असर से 28 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच राज्य के कई हिस्सों में बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान तेज हवाएं चलने, आंधी-तूफान आने और कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। मौसम में बदलाव को देखते हुए 28 और 29 अक्टूबर के लिए अलग-अलग स्तर के अलर्ट जारी किए गए हैं।

    मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, चक्रवात अर्नब के 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट तक पहुंचने की संभावना है। हालांकि, बिहार में इस तूफान के सीधे पहुंचने या लैंडफॉल होने का अनुमान नहीं है, लेकिन इससे जुड़ी मौसमी गतिविधियां राज्य के कई जिलों में असर डाल सकती हैं। इसके कारण बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।

    बिहार में पूर्वी हवाओं की गति बढ़ने और वातावरण में नमी का स्तर ऊपर जाने के संकेत मिले हैं। इसी बदलाव के कारण आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। पूर्वानुमान के मुताबिक, 29 अक्टूबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। उत्तर बिहार के जिलों में मौसम का प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक रहने का अनुमान है।

    मौसम विभाग ने 28 अक्टूबर को कुछ जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इसके अगले दिन यानी 29 अक्टूबर को पूरे बिहार के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका भी है। ऐसे मौसम में लोगों को सतर्क रहने और स्थानीय स्तर पर जारी चेतावनियों पर ध्यान देने की जरूरत होगी।

    हालांकि, 26 और 27 अक्टूबर को राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम सामान्य और शुष्क रहने की संभावना है। पटना, मुजफ्फरपुर सहित कई क्षेत्रों में धूप निकल सकती है। सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक महसूस होने का अनुमान है। इन दो दिनों के दौरान फिलहाल बारिश की संभावना नहीं जताई गई है।

    तापमान की बात करें तो अधिकतम तापमान लगभग 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। वातावरण में नमी का स्तर 55 से 75 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है। मौसम प्रणाली के आगे विकसित होने के साथ नमी में बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं।

    संभावित बारिश और तेज हवाओं का असर खेती और आम जनजीवन पर भी पड़ सकता है। खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। फलों के पेड़ों पर भी तेज हवाओं का असर हो सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम से जुड़ी सूचनाओं पर नजर रखें और अपनी फसलों के साथ कृषि उपकरणों को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी कदम उठाएं।

    आंधी-तूफान के दौरान बिजली गिरने से लोगों, पशुओं और संपत्ति को खतरा हो सकता है। अस्थायी ढांचे, टीन की छत वाले घरों और कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। लोगों को पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने तथा बिजली कड़कने पर किसी मजबूत इमारत के भीतर सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी गई है।

    बारिश और तेज हवाओं के कारण कुछ जिलों में सामान्य गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। लोगों और किसानों को मौसम संबंधी आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

  • दिल्ली में बारिश से मौसम हुआ सुहाना, आज 23 राज्यों में अलर्ट…. उत्तर भारत में ठंड की दस्तक

    दिल्ली में बारिश से मौसम हुआ सुहाना, आज 23 राज्यों में अलर्ट…. उत्तर भारत में ठंड की दस्तक


    नई दिल्ली।
    गर्मी से परेशान लोगों को अब धीरे-धीरे राहत मिलने लगी है. कहीं बारिश (Rain) ने मौसम सुहाना (Pleasant Weather) कर दिया है, तो कहीं सुबह और रात की हवा में ठंडक महसूस होने लगी है. दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में रातभर हुई बारिश के बाद मंगलवार की सुबह गुलाबी ठंड के एहसास के साथ हुई. उत्तर प्रदेश से लेकर पंजाब, हरियाणा और राजस्थान तक मौसम का मिजाज बदला हुआ है. पहाड़ी राज्यों में भी बारिश का असर देखने को मिल रहा है।

    ऐसे में लोगों को अब एसी की ठंडक से ज्यादा मौसम की प्राकृतिक ठंडक राहत दे रही है. आने वाले दिनों में सुबह-शाम की ठंडक बढ़ी, तो पंखों की रफ्तार कम करने और रात में गर्म चादर या रजाई निकालने की जरूरत पड़ सकती है. हालांकि, दिन में धूप निकलने पर गर्मी का असर अभी बना रह सकता है।


    23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश की संभावना

    मौसम विभाग के 13 अक्टूबर के पूर्वानुमान के मुताबिक, देश के 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश हो सकती है. अंडमान-निकोबार, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. वहीं, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और लक्षद्वीप में मध्यम बारिश के आसार हैं. इसके अलावा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, बिहार, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु और कर्नाटक में हल्की बारिश हो सकती है. अलग-अलग क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका है।

    दिल्ली-एनसीआर में रविवार रात से ही बादल छाए हुए थे. इसके बाद तेज हवाओं और बारिश ने मौसम का रुख बदल दिया. राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के इलाकों में मंगलवार रात और सुबह भी बारिश का असर बना रहा. तापमान में गिरावट के चलते सुबह घर से निकलने वाले लोगों को ठंड महसूस हुई और उन्हें हल्के गर्म कपड़े पहनने पड़े. मौसम में आए इस बदलाव का असर अब रोजमर्रा की दिनचर्या पर भी दिखने लगा है. दिन में गर्मी से राहत मिलने के साथ सुबह और रात के समय ठंडक बढ़ रही है।


    दिल्ली में आज कैसा रहेगा मौसम?

    मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, दिल्ली और एनसीआर के कई हिस्सों में 13 अक्टूबर को भी बारिश और गरज-चमक की संभावना है. लगातार बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. हालांकि, यह राहत पूरे दिन एक जैसी बनी रहेगी, इसकी संभावना नहीं है. बादलों की आवाजाही और धूप निकलने के साथ तापमान में उतार-चढ़ाव हो सकता है. आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. यानी दिन में अभी गर्मी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, लेकिन सुबह और रात के समय ठंडक रह सकती है।


    यूपी से राजस्थान तक बदला मौसम

    उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले दो दिनों के दौरान हुई बारिश से मौसम में बदलाव आया है. पश्चिमी यूपी के कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं के कारण ठंडक बढ़ी है. बुलंदशहर समेत कई इलाकों में सुबह हुई रिमझिम बारिश ने लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत दी. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, पश्चिमी यूपी में 16 अक्टूबर तक कहीं-कहीं बारिश हो सकती है. अमरोहा, बागपत, बिजनौर, बुलंदशहर, गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ और संभल समेत कई इलाकों में बारिश की संभावना है।

    पूर्वी यूपी में 15 और 16 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं. अगले कुछ दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. ऐसे में सुबह और शाम के समय मौसम में ठंडक महसूस हो सकती है. राजस्थान में भी नए वेदर सिस्टम के असर से बारिश दर्ज की गई है. मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर-पश्चिमी राजस्थान और राज्य के उत्तरी हिस्सों में अगले तीन से चार दिनों तक कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. 13 और 14 अक्टूबर को बीकानेर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बारिश होने की संभावना है।


    पंजाब, हरियाणा, पहाड़ों में मौसम सक्रिय

    उत्तर भारत के मैदानी इलाकों के साथ पहाड़ी राज्यों में भी मौसम बदला हुआ है. पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में बारिश की संभावना है, जबकि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी मौसम सक्रिय बना रह सकता है. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की विदाई के बाद एक्टिव हुए नए वेदर सिस्टम के असर से उत्तर भारत के कई इलाकों में बारिश और तेज हवाएं देखने को मिली हैं. पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के कारण तापमान में गिरावट महसूस हो सकती है. हालांकि, अलग-अलग जिलों में मौसम का असर अलग रहेगा. ऐसे में पहाड़ों की यात्रा पर जाने वाले लोगों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर निकलना चाहिए।


    दक्षिण भारत में भी बारिश के बने आसार

    बारिश का असर सिर्फ उत्तर भारत तक सीमित नहीं है. तमिलनाडु के कई जिलों में भी गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक, नीलगिरि, कोयंबटूर, इरोड, कन्याकुमारी, तिरुनेलवेली, थूथुकुडी, तेनकासी, मदुरै, शिवगंगा, सलेम और तिरुप्पुर में बारिश हो सकती है. पुडुचेरी और कराईकल में भी कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश के आसार हैं. दक्षिण भारत में बारिश का यह दौर स्थानीय मौसम परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग इलाकों में असर दिखा सकता है।

  • नेपाल की बूढ़ी गंडक नदी में फिर भयंकर बाढ़ आने का अलर्ट… लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील

    नेपाल की बूढ़ी गंडक नदी में फिर भयंकर बाढ़ आने का अलर्ट… लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील


    काठमांडू।
    नेपाल (Nepal) में बुधी गंडक नदी (Budhi Gandak River) में बड़ी बाढ़ आने की चेतावनी जारी की गई है. नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने लोगों को सतर्क रहने को कहा है. प्राधिकरण ने नदी के आसपास रहने वाले लोगों से सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील की है. साथ ही नदी के पास जाने से बचने की सलाह दी है।

    NDRRMA ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर यह जानकारी दी. पोस्ट के मुताबिक, चुमानुम्ब्री ग्रामीण नगरपालिका-6 की तरफ से बुधी गंडक नदी में बाढ़ का पानी आ रहा है. इसे देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने के लिए कहा गया है. अधिकारियों ने साफ कहा है कि जब तक बाढ़ का पानी गुजर नहीं जाता, तब तक नदी के करीब न जाएं।


    त्रिशूली दोभान तक नदी के पास जाने से बचें

    NDRRMA ने त्रिशूली दोभान तक नदी के किनारे जाने से मना किया है. प्रशासन का कहना है कि बाढ़ का पानी आने के दौरान नदी के आसपास रहना खतरनाक हो सकता है. ऐसे में लोगों को नदी से दूरी बनाए रखनी चाहिए।

    प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि वे चेतावनी को गंभीरता से लें. बाढ़ का पानी गुजरने तक नदी के पास जाने या वहां रुकने से बचें. खासकर नदी के किनारे रहने वाले लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है. प्राधिकरण ने लोगों को ऊंचाई वाली जगहों पर जाने की सलाह दी है. बाढ़ के दौरान निचले इलाकों में पानी भरने का खतरा हो सकता है. ऐसे में सुरक्षित और ऊंची जगह पर रहना जरूरी है।

    NDRRMA ने कहा कि लोगों को प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना चाहिए. नदी के पास जाने से बचना चाहिए और बाढ़ की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए. अगर आसपास पानी का स्तर बढ़ता दिखाई दे, तो सुरक्षित जगह पर जाना जरूरी है।


    ‘बाढ़ का पानी गुजरने तक सतर्क रहें’

    प्राधिकरण ने कहा है कि जब तक बाढ़ का पानी पूरी तरह गुजर नहीं जाता, तब तक नदी के आसपास जाने से बचें. लोगों को जल्दबाजी में नदी पार करने या किनारे के करीब जाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें. बाढ़ का खतरा टलने तक ऊंचाई वाली सुरक्षित जगहों पर रहें और नदी से दूर रहें।

    इससे पहले भी नेपाल की बुधी गंडक नदी में बाढ़ से भारी नुकसान हुआ था. सितंबर 2026 में गोरखा जिले के नामरुंग इलाके में बाढ़ के कारण मनास्लु ट्रेक का रास्ता बंद हो गया था. बाढ़ में दो पुल बह गए थे. इनमें बूढ़ी गंडकी नदी पर बना एक झूला पुल भी शामिल था. बाढ़ से दो जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा था।

  • उत्तर से दक्षिण तक… आज देश के 15 राज्यों में अलर्ट, कहीं झमाझम तो कहीं हो सकती है हल्की बारिश

    उत्तर से दक्षिण तक… आज देश के 15 राज्यों में अलर्ट, कहीं झमाझम तो कहीं हो सकती है हल्की बारिश


    नई दिल्ली।
    देश के कई राज्यों में 9 अक्टूबर को मौसम का मिजाज (Weather Conditions) बदला हुआ रह सकता है. कहीं बारिश (Rain) और गरज-चमक लोगों को गर्मी से राहत दे सकती है, तो कहीं तेज हवाएं और भारी बारिश (Heavy Rain) परेशानी बढ़ा सकती हैं. मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) समेत कई राज्यों में बारिश और आंधी की संभावना है. कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

    वहीं, दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश का अलर्ट है. दूसरी ओर, देश से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी जारी है. मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3 से 4 दिनों में पूर्वी भारत, उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर के कुछ और हिस्सों से मॉनसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं. हालांकि, मॉनसून की वापसी का मतलब यह नहीं है कि बारिश का दौर पूरी तरह खत्म हो गया है।

    दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अब देश के कई हिस्सों से लौट रहा है. 8 अक्टूबर तक यह महाराष्ट्र के बाकी हिस्सों, गोवा के कुछ इलाकों, कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के कुछ भागों के अलावा झारखंड और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों से वापस जा चुका था. इसके बावजूद देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश जारी है. इसकी वजह स्थानीय वेदर सिस्टम, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस जैसी गतिविधियां हैं. मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 3 से 4 दिनों में पूर्वी भारत, उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर के कुछ और हिस्सों से मॉनसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं।


    दिल्ली-UP समेत 15 राज्यों में IMD का अलर्ट

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 9 अक्टूबर को उत्तर भारत, मध्य भारत, पूर्वी भारत और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. जिन राज्यों में मौसम खराब रहने की आशंका है, उनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, झारखंड, पश्चिम बंगाल, केरल, कर्नाटक और ओडिशा शामिल हैं. इनमें से कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है. पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा भी बना रह सकता है.


    दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम?

    दिल्ली और आसपास के इलाकों में 9 अक्टूबर को बादल छाए रहने और बारिश होने की संभावना है. इस दौरान गरज-चमक के साथ हवाएं चल सकती हैं. उपलब्ध पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली में हवा की रफ्तार करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है. दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में भी 9 से 14 अक्टूबर के दौरान कहीं-कहीं बारिश हो सकती है.


    यूपी में आंधी और बारिश के आसार

    उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 9 अक्टूबर को बारिश और तेज हवाओं की संभावना है. गाजियाबाद, मेरठ, मिर्जापुर, गोरखपुर, कानपुर, आगरा, प्रयागराज, सहारनपुर, बस्ती और रायबरेली समेत कई इलाकों में मौसम बदल सकता है. कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की चेतावनी दी गई है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 11 अक्टूबर तक कहीं-कहीं बारिश हो सकती है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 10 अक्टूबर तक बारिश के आसार बने हुए हैं. लखनऊ में अधिकतम तापमान करीब 29 से 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।


    बिहार में भी बारिश का है पूर्वानुमान

    बिहार में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है. मधुबनी, दरभंगा, गया, जहानाबाद, रोहतास, सहरसा और बक्सर समेत कई जिलों में बारिश की चेतावनी है. इस दौरान गरज-चमक के साथ हवा की रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. पटना में अधिकतम तापमान करीब 29 से 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. राज्य में 11 अक्टूबर तक कुछ इलाकों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।


    राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी बारिश

    राजस्थान के बीकानेर, अजमेर, धौलपुर, भरतपुर और बूंदी समेत कुछ इलाकों में बारिश की संभावना है. इस दौरान तेज हवाएं चल सकती हैं. जयपुर में अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. मध्य प्रदेश में विदिशा, सीधी, दमोह, सागर, इंदौर, उज्जैन, शहडोल और छिंदवाड़ा समेत कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 45 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. भोपाल में अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।


    पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

    उत्तराखंड में 9 अक्टूबर को कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है. हरिद्वार, ऋषिकेश और चमोली समेत कई इलाकों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है. कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. देहरादून में अधिकतम तापमान 24 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

    हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला, कांगड़ा, मंडी और सोलन में भी बारिश हो सकती है. यहां कुछ इलाकों में 45 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है. पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश से भूस्खलन और सड़क यातायात प्रभावित होने का खतरा बढ़ सकता है. जम्मू-कश्मीर में भी कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना है।


    दक्षिण भारत में भी मौसम बदलेगा

    दक्षिण भारत में 9 अक्टूबर को बारिश की गतिविधियां तेज रह सकती हैं. मौसम विभाग ने दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी दी है. केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी 10 अक्टूबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है. इन इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है. दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 9 और 10 अक्टूबर को बिजली चमकने के साथ बारिश हो सकती है. मौसम की इन गतिविधियों के पीछे ऊपरी हवा में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन और समुद्री इलाकों में सक्रिय ट्रफ लाइन का असर बताया गया है।


    पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश

    बिहार के अलावा झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल में 9 और 10 अक्टूबर को बारिश हो सकती है. ओडिशा में 14 अक्टूबर तक अलग-अलग इलाकों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. दक्षिणी तटीय ओडिशा और उससे सटे उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है. पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम पूरी तरह साफ नहीं रहेगा. अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और आसपास के राज्यों में बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका है. लोगों को गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।

  • मानसून की विदाई के बाद भी कई राज्यों में बारिश का दौर जारी… आज इन राज्यों में अलर्ट

    मानसून की विदाई के बाद भी कई राज्यों में बारिश का दौर जारी… आज इन राज्यों में अलर्ट


    नई दिल्ली।
    मानसून (Monsoon) की विदाई कई राज्यों में हो गई है. लेकिन बारिश का सिलसिला है कि अभी रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है। देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज (Weather Conditions) बिगड़ सकता है. बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) के आसपास सक्रिय हुए मौसमी हलचल का असर पूर्वी और दक्षिणी राज्यों के साथ उत्तर भारत में भी देखने को मिलेगा। बंगाल की खाड़ी में एक नया वेदर सिस्टम एक्टिव हो गया है। इसलिए 2 अक्टूबर को देश के कई हिस्सों में मौसम अचानक करवट ले सकता है।

    मौसम विभाग (IMD) के अनुसार बंगाल की खाड़ी और उसके आसपास बनी मौसमी हलचल का असर पूर्वी और दक्षिणी राज्यों तक दिखाई देने की संभावना है. मौसम विभाग ने दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश और बिहार तक बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है. कुछ इलाकों में तेज हवाओं के झोंके 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं. पहाड़ी राज्यों में भी बारिश का दौर परेशान कर सकता है. उत्तराखंड में तेज हवा के साथ भारी बारिश की चेतावनी है. हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी कई इलाकों में मौसम बिगड़ने का अनुमान है।

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में भी मौसमी गतिविधियां बनी रहेंगी. अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है. असम से लेकर त्रिपुरा तक गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा. दक्षिण भारत में केरल और माहे से लेकर तमिलनाडु और लक्षद्वीप तक तेज हवाएं चल सकती हैं. वहीं पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी के आसपास की सक्रियता का असर पूर्वी हिस्सों में देखने को मिल सकता है. उत्तरपूर्वी असम और आसपास के क्षेत्रों में निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है. उत्तरी तटीय तमिलनाडु और आसपास भी एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन मौजूद है. ऐसे में 2 अक्टूबर को कई राज्यों में लोगों को बारिश के साथ तेज हवा और बिजली से भी सतर्क रहना होगा।


    यूपी में 2 अक्टूबर को बारिश के साथ तेज आंधी बढ़ाएगी परेशानी

    उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 2 अक्टूबर को मौसम खराब रहने की संभावना है. मेरठ, आगरा, मथुरा, गाजियाबाद, बहराइच, गोंडा, कानपुर, हरदोई, लखीमपुर खीरी, श्रावस्ती, उन्नाव, कन्नौज, सीतापुर, फर्रुखाबाद, बरेली, एटा, फिरोजाबाद, कासगंज, मैनपुरी, रामपुर, प्रयागराज, गोरखपुर और देवरिया में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी है. इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है. लखनऊ में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति भी बन सकती है.


    बिहार में 2 अक्टूबर को बारिश और आंधी का दोहरा अलर्ट

    बिहार के कई हिस्सों में 2 अक्टूबर को भारी बारिश के साथ तेज आंधी की चेतावनी है. पटना, गया, जहानाबाद, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, किशनगंज, भागलपुर, मुंगेर और कटिहार में मौसम खराब रह सकता है. यहां हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है. सीमांचल के जिलों में बिजली चमकने और वज्रपात का खतरा भी बना रहेगा. पटना में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।


    झारखंड में 2 अक्टूबर को 50 KM की आंधी के साथ बरसेंगे बादल

    झारखंड में 2 और 3 अक्टूबर को मौसम सक्रिय रहने वाला है. गुमला, गढ़वा, सिमडेगा, रांची, धनबाद, गिरिडीह, बोकारो, हजारीबाग, पलामू और जमशेदपुर में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है. इस दौरान हवा की रफ्तार करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. रांची में 2 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. बारिश और तेज हवा के कारण स्थानीय स्तर पर आवागमन प्रभावित हो सकता है.


    पश्चिम बंगाल में 2 अक्टूबर को भी बढ़ेगी गरज-चमक वाली बारिश

    पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के आसपास भी मौसमी गतिविधियां बनी रहने की संभावना है. बंगाल की खाड़ी के आसपास सक्रिय मौसमी प्रणाली का असर पूर्वी हिस्सों में देखने को मिल सकता है. अगले करीब 12 घंटे तक इसके प्रभाव में मौसम में हलचल बनी रहने का अनुमान है. राज्य के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. पूर्वी भारत के आसपास बिजली गिरने की गतिविधियां भी बढ़ सकती हैं।


    राजस्थान में 2 अक्टूबर को कई जिलों में आंधी के साथ बारिश

    राजस्थान में भी 2 अक्टूबर को मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आएगा. भीलवाड़ा, टोंक, सवाई माधोपुर, बारां, कोटा, भरतपुर, बीकानेर, बूंदी, जयपुर, अजमेर और उदयपुर में बारिश और आंधी की चेतावनी है. इस दौरान हवा की रफ्तार 50 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. जयपुर में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. तेज हवा के साथ बारिश होने पर तापमान में भी गिरावट देखने को मिल सकती है. कई इलाकों में अचानक मौसम बदलने की स्थिति बन सकती है।


    मध्य प्रदेश में 2 अक्टूबर को बारिश के साथ चलेंगे तेज हवा के झोंके

    मध्य प्रदेश के कई जिलों में 2 अक्टूबर को बारिश और आंधी की संभावना है. देवास, होशंगाबाद, भोपाल, इंदौर, खंडवा, गुना, मुरैना, अशोकनगर, नीमच, उमरिया, छिंदवाड़ा, कटनी और पन्ना में मौसम सक्रिय रह सकता है. यहां करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा के झोंके चलने का अनुमान है. भोपाल में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. बारिश के दौरान गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है।


    पंजाब में 2 अक्टूबर को बारिश और तेज हवा से बदलेगा मौसम

    पंजाब में 2 अक्टूबर को कई जिलों में बारिश और आंधी की संभावना है. पठानकोट, बरनाला, चंडीगढ़, जालंधर, अमृतसर, पटियाला, गुरदासपुर और लुधियाना में मौसम विभाग ने बारिश और तेज हवा की चेतावनी दी है. इस दौरान हवा की रफ्तार 50 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. बारिश के साथ तेज झोंके चलने से मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है।

    हरियाणा में भी मानसून की विदाई के बीच मौसम पूरी तरह साफ नहीं रहेगा. आसपास के क्षेत्रों में पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों से आने वाली मौसमी गतिविधियों का असर देखने को मिल सकता है. बारिश और तेज हवा के दौरान स्थानीय स्तर पर मौसम बदल सकता है. ऐसे में वाहन चालकों को भी सावधानी बरतनी होगी. खासकर तेज हवा के दौरान खुले इलाकों में यात्रा करते समय अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है।


    हिमाचल में 2 अक्टूबर को बारिश के साथ तेज हवाओं का असर

    हिमाचल प्रदेश में भी 2 अक्टूबर को मौसम सक्रिय रहने वाला है. सोलन, बिलासपुर, किन्नौर, लाहौल-स्पीति, कांगड़ा और सिरमौर में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी है. इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है. मनाली में अधिकतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश के साथ ठंड बढ़ सकती है. पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करने वालों को मौसम में अचानक बदलाव को ध्यान में रखना होगा।


    जम्मू-कश्मीर में भी 2 अक्टूबर को बारिश और आंधी का अलर्ट

    जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में 2 अक्टूबर को बारिश और तेज हवा की संभावना है. राजौरी, अनंतनाग, बारामूला, पुंछ, रामबन, कठुआ, डोडा और सांबा में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है. इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. श्रीनगर में अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।


    पूर्वोत्तर में 2 अक्टूबर को भारी बारिश का साया

    पूर्वोत्तर भारत में भी 2 अक्टूबर को मौसम सक्रिय रहेगा. अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है. उत्तरपूर्वी असम और आसपास के क्षेत्रों में निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है. इसी वजह से इस क्षेत्र में बादलों की गतिविधि बढ़ सकती है।


    दक्षिण भारत में 2 अक्टूबर को 50 KM की रफ्तार से चल सकती है हवा

    दक्षिण भारत के तटीय और द्वीपीय इलाकों में भी मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है. केरल और माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा के झोंके चल सकते हैं. उत्तरी तटीय तमिलनाडु और आसपास के क्षेत्रों में साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है. इसके असर से बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. तमिलनाडु और आसपास के तटीय क्षेत्रों में अचानक तेज हवा और बारिश की स्थिति बन सकती है।

  • जयपुर के खोह नागोरियान में पैंथर की हलचल से बढ़ी दहशत, वायरल वीडियो के बाद ग्रामीणों ने की निगरानी की मांग

    जयपुर के खोह नागोरियान में पैंथर की हलचल से बढ़ी दहशत, वायरल वीडियो के बाद ग्रामीणों ने की निगरानी की मांग

    नई दिल्ली । जयपुर के खोह नागोरियान इलाके में पैंथर की हलचल का वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि रात के समय इलाके में पैंथर की गतिविधियां देखी गई हैं। इस बीच पैंथर की कथित मौजूदगी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद आसपास के लोगों में डर का माहौल बन गया है।

    स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, इलाके में पैंथर की आवाजाही पहले भी कई बार देखे जाने की बात सामने आती रही है। इस बार पैंथर की गतिविधि कैमरे में कैद होने का दावा किया जा रहा है। वीडियो के सामने आने के बाद ग्रामीणों ने इसकी जानकारी वन विभाग को दी है और क्षेत्र में सुरक्षा तथा निगरानी बढ़ाने की मांग की है।

    ग्रामीणों का कहना है कि आबादी वाले क्षेत्र के आसपास पैंथर की मौजूदगी चिंता का विषय है। रात के समय लोगों की आवाजाही और आसपास रहने वाले परिवारों की सुरक्षा को लेकर स्थानीय लोगों में आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से संभावित पैंथर मूवमेंट वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां नियमित निगरानी रखने की मांग की है।

    स्थानीय लोगों ने इलाके में वन विभाग की गश्त बढ़ाने की भी मांग की है। उनका कहना है कि संभावित गतिविधियों वाले स्थानों पर नजर रखी जाए, ताकि पैंथर की मौजूदगी और उसके आने-जाने के रास्तों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। इससे आबादी वाले क्षेत्र में पैंथर की आवाजाही की स्थिति पर नजर रखना आसान हो सकता है।

    पैंथर की कथित लगातार गतिविधियों को देखते हुए ग्रामीणों ने कैमरा ट्रैप लगाने की मांग भी की है। उनका कहना है कि कैमरा ट्रैप के माध्यम से इलाके में पैंथर की वास्तविक मौजूदगी और उसके मूवमेंट का पता लगाया जा सकता है। इससे वन विभाग को आगे की कार्रवाई के लिए जरूरी जानकारी मिल सकेगी।

    इसके अलावा ग्रामीणों ने पैंथर को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पैंथर आबादी के आसपास लगातार सक्रिय पाया जाता है तो उसे सुरक्षित तरीके से पकड़ने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग स्थिति का आकलन कर उचित कार्रवाई करे।

    वायरल वीडियो में रात के अंधेरे में पैंथर जैसी गतिविधि दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में इसकी चर्चा बढ़ गई है। हालांकि, पैंथर की लगातार मौजूदगी और उसके वास्तविक मूवमेंट की स्थिति वन विभाग की निगरानी और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    फिलहाल खोह नागोरियान क्षेत्र में पैंथर की कथित हलचल को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द निगरानी बढ़ाने, संभावित स्थानों पर कैमरा ट्रैप लगाने और जरूरत पड़ने पर पिंजरा लगाने की मांग की है। वन विभाग की ओर से की जाने वाली निगरानी और आगे की कार्रवाई से ही यह स्पष्ट होगा कि पैंथर इलाके में लगातार सक्रिय है या आसपास के वन क्षेत्र से आबादी की ओर आया है।

  • नेपाल में बाढ़ का संकट थमा नहीं, कई इलाकों में फिर भारी बारिश और आंधी का अलर्ट, बढ़ी नई आफत की आशंका

    नेपाल में बाढ़ का संकट थमा नहीं, कई इलाकों में फिर भारी बारिश और आंधी का अलर्ट, बढ़ी नई आफत की आशंका


    नई दिल्ली । नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ से पैदा हुआ संकट अभी खत्म नहीं हुआ है और इसी बीच मौसम ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। बुधवार को देश के कई हिस्सों में तेज बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि ऊंचे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और बिजली चमकने का खतरा बताया गया है। बाढ़ से पहले ही प्रभावित लोगों के सामने मौसम की नई चुनौती खड़ी हो गई है।

    मौसम विभाग ने मधेश, कोशी, बागमती, गंडकी और लुंबिनी प्रदेश के कई इलाकों में तेज बारिश की चेतावनी दी है। पहाड़ी और तराई क्षेत्रों में मौसम खराब रहने की संभावना है। कोशी, बागमती और गंडकी के ऊंचे हिस्सों में बारिश के साथ बिजली चमक सकती है और बर्फबारी भी हो सकती है। लुंबिनी और कर्णाली के कुछ पहाड़ी क्षेत्रों में भी बर्फ गिरने की संभावना जताई गई है।

    26 अगस्त की बाढ़ ने नेपाल में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, बाढ़ और इससे जुड़ी घटनाओं में अब तक 1,377 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं 5,326 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इस आपदा में 6,827 लोग घायल हुए हैं। बाढ़ के कारण 7,570 घर टूट गए या क्षतिग्रस्त हुए हैं। बड़ी संख्या में परिवारों के सामने रहने और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी मुश्किलें पैदा हुई हैं।

    प्राकृतिक आपदा का असर नेपाल के कारोबार और खासकर चीन के साथ होने वाले व्यापार पर भी पड़ा है। रसुवागढ़ी और तातोपानी सीमा मार्गों को नुकसान पहुंचने के कारण सामान से भरे करीब 500 से 600 कंटेनर अलग-अलग स्थानों पर फंसे हुए हैं। इसके अलावा 200 से अधिक नेपाली कंटेनर बाढ़ के पानी में बह चुके हैं। इससे सीमा के रास्ते होने वाली सामान की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है।

    फंसे हुए सामान को वैकल्पिक रास्ते से आगे भेजने की कोशिश की जा रही है। करीब 176 ट्रकों को कोराला मार्ग से भेजने की व्यवस्था की जा रही है, लेकिन इस रास्ते से सामान को पहुंचने में करीब 10 से 12 दिन लग रहे हैं। इससे व्यापारिक गतिविधियों को सामान्य स्थिति में लौटने में समय लग सकता है।

    बाढ़ से नेपाल को आर्थिक रूप से भी भारी नुकसान हुआ है। शुरुआती आकलन में देश को चार लाख करोड़ नेपाली रुपये से अधिक के नुकसान की बात सामने आई है। इसमें घरों, सड़कों तथा सरकारी और निजी संपत्तियों को हुआ नुकसान शामिल है। नुकसान का विस्तृत आकलन पूरा होने के बाद यह आंकड़ा करीब 30 प्रतिशत तक और बढ़ सकता है।

    नेपाल सरकार के सामने अब प्रभावित क्षेत्रों में राहत और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे को दोबारा खड़ा करने की बड़ी चुनौती है। सरकार के अनुमान के अनुसार देश के पुनर्निर्माण और टूटे हुए ढांचे की मरम्मत के लिए चार से पांच अरब डॉलर तक की जरूरत पड़ सकती है। इसी वजह से नेपाल दूसरे देशों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से सहायता मांग रहा है। ऐसे समय में भारी बारिश, आंधी और बर्फबारी की नई चेतावनी ने पहले से प्रभावित इलाकों में चिंता और बढ़ा दी है।

  • MP से लेकर यूपी-बिहार और दिल्ली तक आज भारी बारिश के आसार…. अलर्ट जारी

    MP से लेकर यूपी-बिहार और दिल्ली तक आज भारी बारिश के आसार…. अलर्ट जारी


    नई दिल्ली।
    भारत (India) में सितंबर महीना शुरू होने के साथ सुबह का नजारा शीत ऋतु के आगमन की आहट देने लगा है. हालांकि, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून (Southwest Monsoon) अभी कमजोर पड़ता नहीं दिख रहा है. मौसम विभाग (IMD) ने 7 सितंबर को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत कई राज्यों में बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।

    कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के साथ भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है. मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र और इंडो-गंगेटिक प्लेन में सक्रिय ट्रफ की वजह से उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत में मॉनसूनी गतिविधियां बनी हुई हैं. अगले कुछ दिनों में कई राज्यों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश जारी रहने का अनुमान है।


    दिल्ली-NCR में तेज हवा, बारिश का अलर्ट

    दिल्ली में 7 सितंबर को आसमान में बादल छाए रहने के साथ मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना है. इस दौरान 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. राजधानी में अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. हरियाणा-चंडीगढ़, दिल्ली और पूर्वी राजस्थान में भी 7 सितंबर को बारिश की संभावना जताई गई है. हिमाचल प्रदेश और पंजाब के कुछ हिस्सों में भी मौसम खराब रह सकता है।


    यूपी में भी आंधी, तेज बारिश का अनुमान

    उत्तर प्रदेश में 7 सितंबर को पश्चिमी हिस्सों में बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में 7 और 8 सितंबर को कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं. लखनऊ में 7 सितंबर को अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. राज्य के कई जिलों में भारी बारिश के साथ जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।


    उत्तराखंड में लैंडस्लाइड का खतरा

    उत्तराखंड में 7 सितंबर को कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है. इसके अलावा 10 से 12 सितंबर के दौरान भी राज्य के कई हिस्सों में मॉनसूनी गतिविधियां तेज रह सकती हैं. देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, रुड़की, हल्द्वानी, नैनीताल, रुद्रपुर, काशीपुर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी और टिहरी गढ़वाल समेत कई इलाकों में बारिश हो सकती है. पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और मिट्टी के कटाव का खतरा बना हुआ है।


    मध्य भारत में भी बारिश का दौर

    मध्य प्रदेश में भी अगले कुछ दिनों तक मॉनसूनी गतिविधियां जारी रहने की संभावना है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में 7 सितंबर को और पूर्वी मध्य प्रदेश में 7-8 सितंबर तथा 11-12 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है. विदर्भ में 10 से 12 सितंबर के दौरान भारी बारिश का अनुमान है. छत्तीसगढ़ में 8 से 12 सितंबर के बीच कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है. भोपाल में 7 सितंबर को अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।


    बिहार, झारखंड, बंगाल में बारिश

    बिहार में 7 सितंबर को कई इलाकों में बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है. पटना में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।

    झारखंड में 8 से 11 सितंबर के दौरान बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है. रांची में अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

    पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों में 7 से 10 सितंबर के दौरान बारिश हो सकती है. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 7-8 सितंबर तथा 11-12 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है. ओडिशा में 10 से 12 सितंबर के दौरान बारिश का अनुमान है. राज्य के कुछ इलाकों में पहले से बने बाढ़ जैसे हालात के बीच बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है।


    महाराष्ट्र में भी बारिश की संभावना

    महाराष्ट्र में 7 से 12 सितंबर के दौरान कोंकण और गोवा के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है. गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र-कच्छ में भी कुछ जगहों पर बारिश का अनुमान है. कोंकण तट पर कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है. मुंबई में 7 सितंबर को अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रह सकता है.


    पूर्वोत्तर राज्यों में भी मॉनसून सक्रिय

    पूर्वोत्तर भारत में भी मॉनसून की गतिविधियां जारी रहेंगी. अरुणाचल प्रदेश में 7 से 12 सितंबर तक बारिश का अनुमान है. नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी इस दौरान कई इलाकों में बारिश हो सकती है. असम और मेघालय में 9-10 सितंबर के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना है. मौसम विभाग ने इन राज्यों में भी गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है।


    दक्षिण भारत में हल्की बारिश

    दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रह सकती हैं. 7 से 12 सितंबर के बीच तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, तटीय कर्नाटक, केरल और माहे, कर्नाटक के आंतरिक हिस्सों, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल तथा तेलंगाना में कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है. तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 7 से 10 सितंबर के दौरान आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका है. तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 11-12 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 7 से 10 सितंबर के दौरान तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।


    मछुआरों के लिए भी चेतावनी

    मौसम विभाग ने समुद्र में जाने वाले मछुआरों के लिए भी अलर्ट जारी किया है. अरब सागर में 11 सितंबर तक सोमालिया और ओमान तट के आसपास के कुछ हिस्सों में जाने से बचने की सलाह दी गई है. बंगाल की खाड़ी में 8 से 11 सितंबर के दौरान दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी और दक्षिण-पूर्व श्रीलंका के पास समुद्री परिस्थितियों को देखते हुए सावधानी बरतने को कहा गया है।

  • MP-UP से लेकर दिल्ली- NCR तक…… आज कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी…. अलर्ट जारी

    MP-UP से लेकर दिल्ली- NCR तक…… आज कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी…. अलर्ट जारी


    नई दिल्ली।
    देश के कई हिस्सों में 4 सितंबर को जन्मष्टामी (Janmashtami) के दिन मॉनसूनी गतिविधियां (Monsoon activities) तेज रहने का अनुमान है. मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर, मध्य, पूर्वोत्तर और पश्चिम भारत के कई इलाकों में भारी बारिश (Heavy rain) की चेतावनी जारी की है. मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. वहीं, दिल्ली-NCR, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी बारिश और गरज-चमक का एक और दौर देखने को मिल सकता है।

    मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों में बना कम दबाव का क्षेत्र अगले 24 घंटों में दक्षिणी उत्तर प्रदेश और उससे सटे उत्तरी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ सकता है. इसके बाद इसके पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है. इस सिस्टम के असर से मध्य और उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।


    दिल्ली-NCR में पड़ सकते हैं बारिश के दौर

    दिल्ली-NCR में शुक्रवार को ज्यादातर समय आसमान में बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश के साथ गरज-चमक होने का अनुमान है. दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में कुछ जगहों पर भारी बारिश भी हो सकती है. राजधानी के कई हिस्सों में बुधवार शाम हुई बारिश से उमस भरे मौसम से राहत मिली थी. बारिश के बाद कई इलाकों में तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई. हालांकि, 4 सितंबर को भी अचानक तेज बौछार, आंधी-तूफान और बिजली गिरने जैसी स्थिति बन सकती है. मौसम विभाग के मुताबिक, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में 9 सितंबर तक कहीं-कहीं से लेकर बिखरी हुई बारिश जारी रह सकती है. इस दौरान कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश भी हो सकती है।


    मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश के आसार

    मध्य प्रदेश बारिश के प्रमुख केंद्रों में रह सकता है. पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कहीं-कहीं बेहद भारी बारिश भी हो सकती है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है. इससे पहले 3 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में जोरदार बारिश हुई. कई जगहों पर 10 सेंटीमीटर से ज्यादा बारिश दर्ज की गई. राजनगर में 19 सेंटीमीटर और खजुराहो में 18 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई. मध्य प्रदेश के अलावा विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भी 9 सितंबर तक व्यापक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है. पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश में 3 से 5 सितंबर के दौरान गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना है।


    यूपी में भारी बारिश, फ्लैश फ्लड का खतरा

    उत्तर प्रदेश में भी 4 सितंबर को मौसम खराब रहने के आसार हैं. पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर बारिश, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में काफी बड़े से लेकर व्यापक इलाके में बारिश हो सकती है. कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। आईएमडी ने पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में अचानक बाढ़ के कम से मध्यम खतरे की भी चेतावनी दी है. यह खतरा खासतौर पर उन इलाकों में ज्यादा हो सकता है जहां जमीन पहले से गिली है और लगातार बारिश हो रही है।


    उत्तर भारत के इन राज्यों में भी है रेन अलर्ट

    जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है. पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है. उत्तराखंड में भारी बारिश के साथ पहाड़ी इलाकों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन जैसी घटनाओं का जोखिम भी बढ़ सकता है. ऐसे में स्थानीय स्तर पर मौसम विभाग की चेतावनियों को ध्यान में रखने की सलाह दी गई है।


    पूर्वोत्तर भारत में भी सक्रिय रहेगा मॉनसून

    पूर्वोत्तर भारत में भी 4 सितंबर को बारिश का दौर तेज रह सकता है. अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश की संभावना है. पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है. कई इलाकों में गरज और बिजली चमकने की स्थिति बन सकती है।


    पश्चिम और दक्षिण भारत में होगी बारिश

    पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा में व्यापक बारिश जारी रहने का अनुमान है. गुजरात, महाराष्ट्र और सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ हिस्सों में अलग-अलग से लेकर छिटपुट स्थानों पर बारिश हो सकती है. दक्षिण भारत में फिलहाल बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत सीमित रहने की संभावना है. हालांकि, तटीय कर्नाटक में कई जगहों से लेकर व्यापक इलाकों में बारिश हो सकती है. आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, रायलसीमा और तेलंगाना में गरज-चमक के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है।

  • देश के कई हिस्सों में भारी बारिश से जनजीवन बेहाल…. अगले 4 दिन तक इन राज्यों में अलर्ट

    देश के कई हिस्सों में भारी बारिश से जनजीवन बेहाल…. अगले 4 दिन तक इन राज्यों में अलर्ट


    नई दिल्ली।
    मध्य भारत (Central India) के ऊपर बने निम्न दबाव के क्षेत्र और उत्तर भारत (North India) में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से पहाड़ से लेकर मैदान तक मूसलाधार बारिश (Torrential rain) का दौर शुरू हो गया है। नदियों में उफान से ज्यादातर इलाके बाढ़ की चपेट में हैं, भूस्खलन (Landslide) होने से 200 से अधिक सड़कें बंद हैं और कई इलाकों से संपर्क कट गया है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई है और 12 से अधिक राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है।

    उत्तराखंड में भारी बारिश के चलते आदि कैलाश और चीन सीमा को जोड़ने वाली तवाघाट-गुंजी सड़क दो दिन से बंद है इससे व्यास घाटी का संपर्क कटा है। दारमा और चौदास घाटी को जोड़ने वाली धारचूला-तवाघाट बॉर्डर रोड पर भी आठ घंटे यातायात ठप रहा। राज्य में भूस्खलन के चलते 150 से ज्यादा सड़कों पर यातायात बाधित रहा, जिसके चलते लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। बुधवार को मूसलाधार बारिश से चार धाम यात्रा मार्ग पर भी दिन भर यातायात बाधित होता रहा। कई लिंक मार्गों के बंद होने से कई गांवों अलग-थलग पड़ गए हैं।


    अनंतनाग : गाड़ी पर गिरा पत्थर, एक पर्यटक की मौत

    जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में भारी बारिश से सहार खड्ड में बाढ़ आ गई और आसपास के दर्जनों गांवों का जिला मुख्यालय से सीधा संपर्क कट गया। कठुआ में 101.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। अनंतनाग जिले में पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में एक इनोवा गाड़ी के आने से ओडिशा के एक पर्यटक की मौत हो गई।


    हरियाणा में भारी बारिश

    पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हरियाणा के अंबाला, रोहतक, फरीदाबाद, पलवल, कुरुक्षेत्र, कैथल व जींद के कुछ एरिया में बारिश हुई। वहीं, यमुनानगर में हथिनीकुंड बैराज के पास लापता हुए नाहन की पैराट्रूप यूनिट के दो कमांडो में से एक कमांडों का शव देर शाम बरामद कर लिया है। दूसरे का अभी तक सुराग नहीं लगा। सर्च टीम दो हेलिकॉप्टरों की मदद से लगातार तलाश में जुटी है। 


    बिहार में नदियां उफनाई

    बिहार और नेपाल में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण राज्य की प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। प्रशासन ने पूरे राज्य में अलर्ट जारी किया है। रोहतास जिले के इंद्रपुरी में सोन बैराज के सभी 69 फाटक खोल दिए गए हैं, जिससे भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है।