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  • अलर्ट…. LPG गैस बुकिंग में जल्दबाजी कहीं पड़ न जाए भारी… एक्टिव हुए साइबर ठग..

    अलर्ट…. LPG गैस बुकिंग में जल्दबाजी कहीं पड़ न जाए भारी… एक्टिव हुए साइबर ठग..


    नई दिल्ली।
    देश (Country) के कई हिस्सों में LPG गैस को लेकर संकट की खबरें सामने आ रही हैं। कहीं सप्लाई में देरी हो रही है तो कहीं लोगों को सिलेंडर (Cylinder) पाने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे माहौल में लोग जल्दी-जल्दी गैस बुकिंग (Gas booking) करने की कोशिश कर रहे हैं, और यही जल्दबाजी अब उनके लिए खतरा बनती जा रही है। LPG इस कमी का फायदा उठाकर साइबर ठग एक्टिव (Cyber ​​Thugs Active) हो गए हैं और गैस सिलेंडर बुकिंग के नाम पर लोगों को निशाना बना रहे हैं। हाल ही में “Gas Bill Update APK” नाम का एक नया स्कैम सामने आया है, जिसमें ठग WhatsApp या SMS के जरिए फर्जी मैसेज भेजते हैं और लोगों से एक ऐप डाउनलोड करने को कहते हैं।

    सरकार ने इसको लेकर हाई अलर्ट जारी किया है और साफ कहा है कि ऐसी किसी भी फाइल को डाउनलोड करना बेहद खतरनाक हो सकता है। एक छोटी सी गलती आपके मोबाइल को हैक कर सकती है और बैंक अकाउंट तक खाली हो सकता है। ऐसे में LPG संकट के इस समय में सतर्क रहना बेहद जरूरी है, ताकि आप ठगी का शिकार बनने से बच सकें। ऐसे में अगर आप भी LPG सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है, क्योंकि एक छोटी सी गलती आपको बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है।


    क्या है पूरा मामला?

    यह नया साइबर फ्रॉड बेहद चालाकी से डिजाइन किया गया है। इसमें ठग खुद को गैस एजेंसी या किसी सरकारी अधिकारी के रूप में पेश करते हैं और लोगों को मैसेज भेजते हैं। मैसेज में लिखा होता है कि आपका गैस बिल अपडेट नहीं हुआ है या KYC अधूरा है, और इसे तुरंत पूरा करना जरूरी है। इसके साथ एक APK फाइल या लिंक दिया जाता है, जिसे डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है। यही सबसे बड़ा जाल होता है। जैसे ही यूजर उस फाइल को डाउनलोड करता है, उसका फोन खतरे में आ जाता है।


    ऐसे काम करता है यह APK स्कैम

    इस फ्रॉड का तरीका बहुत ही स्मार्ट है। ठग पहले यूजर को डराते हैं कि अगर तुरंत कार्रवाई नहीं की गई तो गैस सेवा बंद हो सकती है। फिर वे एक लिंक या APK फाइल भेजते हैं। जैसे ही यह ऐप इंस्टॉल होता है, यह फोन की कई जरूरी परमिशन ले लेता है। इसके बाद यह ऐप आपके फोन से OTP, मैसेज, पासवर्ड और बैंकिंग जानकारी तक एक्सेस कर सकता है। कई मामलों में यह स्क्रीन रिकॉर्डिंग और रिमोट एक्सेस भी हासिल कर लेता है।

    इस तरह के फ्रॉड में नुकसान बहुत बड़ा हो सकता है। एक बार फोन हैक हो जाने के बाद ठग आपके बैंक अकाउंट, UPI और वॉलेट तक पहुंच बना सकते हैं। कई मामलों में लोगों के हजारों से लेकर लाखों रुपये तक गायब हो चुके हैं। इसलिए इसे हल्के में लेना बड़ी गलती हो सकती है।


    सरकार की क्या है चेतावनी

    सरकार ने साफ तौर पर लोगों को चेतावनी दी है कि किसी भी अनजान APK फाइल को डाउनलोड न करें। साथ ही यह भी कहा गया है कि LPG से जुड़ी कोई भी जानकारी या अपडेट केवल आधिकारिक ऐप या वेबसाइट से ही लें। अगर आपको कोई संदिग्ध मैसेज या कॉल आता है, तो उस पर तुरंत भरोसा न करें।


    ऐसे रखें खुद को सुरक्षित

    इस तरह के फ्रॉड से बचने के लिए कुछ आसान बातों का ध्यान रखना जरूरी है। सबसे पहले, किसी भी अनजान लिंक या APK फाइल पर क्लिक या डाउनलोड न करें। दूसरा, गैस बुकिंग हमेशा आधिकारिक ऐप या वेबसाइट से ही करें। तीसरा, OTP, बैंक डिटेल या UPI PIN किसी के साथ भी शेयर न करें, चाहे वह खुद को अधिकारी ही क्यों न बताए।

  • MP Weather : मध्‍य प्रदेश में 4 दिन बदला रहेगा मौसम, 13 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

    MP Weather : मध्‍य प्रदेश में 4 दिन बदला रहेगा मौसम, 13 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में बुधवार से आंधी और बारिश का मजबूत सिस्टम सक्रिय हो गया है, जिससे अगले चार दिनों तक मौसम में बदलाव बना रहेगा। तेज गर्मी से राहत मिलेगी और प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में कहीं आंधी तो कहीं बारिश देखने को मिल सकती है। गरज-चमक के साथ बादल छाने की भी संभावना है। बुधवार को ग्वालियर सहित 13 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 21 मार्च तक भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में भी मौसम के बदलने के आसार हैं।
    मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर मध्य प्रदेश तक पहुंच रहा है। इसके चलते 19 से 21 मार्च के बीच प्रदेश में बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को प्रदेश के पश्चिम-उत्तरी हिस्से में पांच साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय रहे, जबकि दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र में भी एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का प्रभाव देखा गया। इसी वजह से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के कुछ जिलों में बादल छाए रहे और दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
    तापमान की बात करें तो खरगोन में सबसे ज्यादा 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा खजुराहो में 38.4 डिग्री, नरसिंहपुर में 38 डिग्री, रायसेन में 37.6 डिग्री, मंडला में 37.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 37.2 डिग्री और खंडवा में 37.1 डिग्री तापमान रहा। प्रदेश के पांच प्रमुख शहरों में जबलपुर सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 36.1 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं भोपाल में 35.2 डिग्री, इंदौर में 34.9 डिग्री और उज्जैन व ग्वालियर में 35.5 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ।
    मार्च के साथ ही गर्मी के मौसम की शुरुआत हो चुकी है और पहले पखवाड़े में तेज गर्मी का असर देखने को मिला। हालांकि अब मौसम का मिजाज बदल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, इस सीजन में पहली बार इतना मजबूत सिस्टम सक्रिय हुआ है, जिसका असर 4 से 5 दिनों तक पूरे प्रदेश में बना रहेगा। इस दौरान कहीं बारिश, कहीं आंधी और कहीं बादल छाए रहने की स्थिति रहेगी।
    इस सिस्टम के गुजरने के बाद 22 मार्च से फिर से तेज गर्मी लौटने की संभावना है। मार्च के अंतिम सप्ताह में तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, मार्च में दिन गर्म और रातें अपेक्षाकृत ठंडी रहती हैं, साथ ही बारिश का भी ट्रेंड बना रहता है।
    भोपाल, इंदौर और उज्जैन में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है, जबकि रात का तापमान 14 से 20 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। नर्मदापुरम में पहले ही लगातार तीन दिनों से तापमान 40 डिग्री से ऊपर दर्ज किया जा चुका है। वहीं, अप्रैल और मई में 15 से 20 दिनों तक हीट वेव यानी लू चलने की संभावना जताई गई है।
  • मध्य प्रदेश में चौथी बार बारिश का दौर, बालाघाट, डिंडौरी समेत 5 जिलों में आज अलर्ट

    मध्य प्रदेश में चौथी बार बारिश का दौर, बालाघाट, डिंडौरी समेत 5 जिलों में आज अलर्ट


    भोपाल । मध्य प्रदेश में लो प्रेशर एरिया और दो ट्रफ के असर से एक बार फिर मौसम बदला है। प्रदेश के कई हिस्सों में सोमवार को धूप खिली, लेकिन इसके बाद आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरू हो गया। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला और सिवनी जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    लो प्रेशर और ट्रफ का असर

    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के दक्षिणी हिस्से में लो प्रेशर एरिया सक्रिय है। इसके साथ ही दक्षिणी-पश्चिमी हिस्से में दो ट्रफ सक्रिय हैं। इन प्राकृतिक सिस्टम के प्रभाव से फरवरी में चौथी बार प्रदेश में बारिश का सिलसिला शुरू हुआ है, जो मंगलवार को भी जारी रहेगा।

    दिन में धूप, शाम को बदला मौसम

    सोमवार को कई जिलों में दोपहर तक धूप खिली रही, लेकिन शाम होते-होते मौसम बदल गया। जबलपुर, रीवा और सीधी में बारिश हुई। रात में मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, ग्वालियर, मुरैना, रीवा, बड़वानी, धार, दतिया, खरगोन, सागर और दमोह में गरज-चमक के साथ बारिश दर्ज की गई।

    फरवरी में बार-बार बारिश का असर
    फरवरी की शुरुआत से ही प्रदेश में दो बार बारिश और ओले गिरे हैं, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा। प्रभावित क्षेत्रों में सरकार ने सर्वे भी कराया। तीसरी बार 18 फरवरी को प्रदेश भीगा, और 19-21 फरवरी को भी मौसम का असर रहा। अब चौथी बार 23 फरवरी से बारिश का दौर शुरू हुआ है।

    तापमान में उतार-चढ़ाव

    बारिश के कारण दिन का तापमान गिरा है, लेकिन रात में हल्की गर्मी बनी रही। रविवार-सोमवार की रात में पचमढ़ी में न्यूनतम 11.2 डिग्री, मंदसौर में 11.7 डिग्री और राजगढ़ में 12.4 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश के बड़े शहरों में भी तापमान 12 डिग्री से ऊपर रहा।

  • MP में मौसम बदला, 22 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट

    MP में मौसम बदला, 22 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मौसम फिर करवट लेने वाला है। बुधवार को प्रदेश के 22 जिलों में आंधी, बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है। इसमें इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन सहित कई जिले शामिल हैं। मंगलवार रात रतलाम के अलग-अलग हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक पश्चिमी विक्षोभ के असर से पूरे राज्य में मौसम बदलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को भी ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में हल्की बारिश और गरज-चमक का असर रहेगा।

    बुधवार को बारिश की संभावना वाले जिले

    इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, धार, आलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, शाजापुर, राजगढ़, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में मौसम विभाग ने बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। भोपाल, बड़वानी, खरगोन, देवास, सीहोर, विदिशा, सागर, दमोह, पन्ना और सतना में बादल छाए रहेंगे। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम प्रभावित होगा। बुधवार को ज्यादा जिलों में असर दिखेगा और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

    गुरुवार को भी असर

    मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को ग्वालियर, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में हल्की बारिश और गरज-चमक हो सकती है। इसके बाद सिस्टम कमजोर हो जाएगा और बारिश का अलर्ट समाप्त हो जाएगा। फरवरी के शुरुआत में प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रहा था, जिससे फसलों को नुकसान हुआ। प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया गया था। अब 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश में बारिश और आंधी देखने को मिलेगी।

    रात और सुबह ठंड
    वर्तमान में प्रदेश में हल्की सर्दी जारी है। रात और सुबह ठंड का असर रहेगा। ज्यादातर शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से ऊपर रहेगा। 18 फरवरी को 22 जिलों में बारिश और गरज-चमक का अलर्ट। कुछ जगहों पर आंधी भी चल सकती है। 19 फरवरी को ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के कुछ जिलों में सिस्टम का असर दिखेगा। सिस्टम के असर से पहले प्रदेश में तापमान में हल्की बढ़ोतरी हुई। सोमवार-मंगलवार की रात में कटनी का करौंदी सबसे ठंडा रहा (8 डिग्री)। शहडोल के कल्याणपुर में 8.1 डिग्री, पचमढ़ी में 8.8 डिग्री और रीवा में 9.6 डिग्री दर्ज किया गया।

    बड़े शहरों में रात का तापमान

    भोपाल: 14 डिग्री
    इंदौर: 16.8 डिग्री
    ग्वालियर: 13 डिग्री
    उज्जैन: 16.2 डिग्री
    जबलपुर: 13.1 डिग्री
    दिन के समय अधिकतम तापमान 30 डिग्री से ऊपर पहुंचा, जिससे मौसम में गर्माहट का असर भी हुआ।
  • बांग्लादेश में BNP की ऐतिहासिक विजय…. जमात-ए-इस्लामी की जीत से बढ़ी भारत की चिंता, सीमावर्ती राज्यों में अलर्ट

    बांग्लादेश में BNP की ऐतिहासिक विजय…. जमात-ए-इस्लामी की जीत से बढ़ी भारत की चिंता, सीमावर्ती राज्यों में अलर्ट


    ढाका।
    बांग्लादेश (Bangladesh) में पिछले दो दशकों के राजनीतिक गतिरोध (Political Deadlock) को तोड़ते हुए, तारिक रहमान (Tariq Rahman.) के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) (Bangladesh Nationalist Party – BNP) ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर आम चुनावों में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। 297 घोषित सीटों में से 212 पर कब्जा कर BNP ने दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है। इस जीत के साथ ही 20 साल बाद देश में BNP की वापसी हुई है। हालांकि, इस चुनावी परिणाम ने भारत की सुरक्षा एजेंसियों और सरकारों की चिंता बढ़ा दी है। इसका मुख्य कारण जमात-ए-इस्लामी और उसके 11 सहयोगियों द्वारा 77 सीटों पर दर्ज की गई शानदार जीत है।

    भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि जमात-ए-इस्लामी ने जिन सीटों पर जीत हासिल की है, उनमें से एक बड़ा हिस्सा पश्चिम बंगाल और असम की सीमा से लगे बांग्लादेशी जिलों में स्थित है। सेंटर फॉर स्टडीज इन सोशल साइंसेज के प्रोफेसर मैदुल इस्लाम ने इस स्थिति का विश्लेषण करते हुए बताया कि शेख हसीना की अवामी लीग के चुनाव से बाहर होने के बाद मुकाबला मूल रूप से जमात और BNP के बीच था।

    प्रोफेसर इस्लाम ने कहा, “BNP की जीत यह संकेत देती है कि बांग्लादेश में स्वतंत्र पहचान और राष्ट्रवाद का मुद्दा अभी भी जनता के लिए महत्वपूर्ण है। जमात ने 1971 के मुक्ति संग्राम के इतिहास को चुनौती देने की कोशिश की, जो व्यर्थ साबित हुई। हालांकि, जनमत संग्रह यह भी संकेत देता है कि अब 1972 के संविधान में संशोधन के प्रयास किए जाएंगे।”


    भारत के सीमावर्ती राज्य हाई अलर्ट पर

    जमात की चुनावी ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसने पश्चिम बंगाल के छह जिलों जलपाईगुड़ी, मालदा, मुर्शिदाबाद, नदिया, उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना से लगी सीमा के साथ-साथ असम के सिलचर से लगे क्षेत्रों में अपना प्रभुत्व फिर से स्थापित कर लिया है। सुरक्षा जानकारों का मानना है कि यह स्थिति भारत के सीमा सुरक्षा बल (BSF) और खुफिया एजेंसियों के लिए चुनौती बन सकती है। सीमा के वे हिस्से जहां कंटीली तारें नहीं लगी हैं, वे लंबे समय से मानव तस्करी और तस्करी के लिए उपयोग किए जाते रहे हैं। इस फैसले के बाद भारत को हाई अलर्ट पर रखा गया है।


    अल्पसंख्यकों की चिंता

    राजनीतिक विज्ञान की प्रोफेसर पांचाली सेन ने कहा कि जमात-ए-इस्लामी ने भारत के प्रति अपनी सार्वजनिक मुद्रा को नरम किया है और पड़ोसी देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों के लिए खुलापन दिखाया है, लेकिन भारत के लिए सुरक्षा और आतंकवाद एक प्रमुख चिंता बनी रहनी चाहिए। प्रोफेसर सेन ने जोर देकर कहा, “बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा, जिन पर पहले ही हमले हो चुके हैं, भारतीय सरकार की प्राथमिकता सूची में होनी चाहिए। चूंकि भारत ने इस फैसले का स्वागत किया है, दिल्ली ढाका के साथ राजनयिक संबंध बनाए रखने और क्षेत्र में शक्ति संतुलन सुनिश्चित करने के लिए एक सतर्क नीति अपना सकती है।”


    आतंकवाद का खतरा

    खुफिया विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) जैसे आतंकवादी संगठनों की गतिविधियों पर अभी कोई भी भविष्यवाणी करना जल्दबाजी होगी। JMB ने भारत में भी अपना नेटवर्क स्थापित किया है। अधिकारी ने कहा, “भारत में आतंकवादी समूहों के रूप में सूचीबद्ध छह बांग्लादेशी संगठनों में से JMB ने हाल के वर्षों में सबसे अधिक वृद्धि दिखाई है। 2020 और 2025 के बीच पश्चिम बंगाल और कोलकाता में एक दर्जन से अधिक JMB ऑपरेटरों को गिरफ्तार किया गया है। ये तत्व उन संगठनों की ओर देखते हैं जो जमात का समर्थन करते हैं।”

    दिसंबर 2025 में पश्चिम बंगाल और असम के विभिन्न हिस्सों से 2016 में गिरफ्तार किए गए JMB के पांच सदस्यों को कोलकाता की एक अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। उनके पास से भारी मात्रा में विस्फोटक और इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइसेज (IED) के घटक जब्त किए गए थे।

  • लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम लेकर 5 करोड़ की फिरौती, अस्पताल संचालक के बेटे को धमकी इंदौर में बढ़ा अलर्ट

    लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम लेकर 5 करोड़ की फिरौती, अस्पताल संचालक के बेटे को धमकी इंदौर में बढ़ा अलर्ट


    इंदौर। महू में एक बड़े हॉस्टल और अस्पताल संचालक के परिवार को कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर धमकी देकर 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई है। यह मामला किशनगंज थाना क्षेत्र में सामने आया जहां अस्पताल के मालिक के बेटे को मोबाइल पर कॉल कर भारी रकम की मांग की गई। सूत्रों के अनुसार धमकी भरा कॉल सीधे संचालक के बेटे के मोबाइल पर आया। कॉल करने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताया और गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।
    इस तरह के गिरोह का नाम पिछले कुछ वर्षों में कई राज्यों में रंगदारी और धमकी के मामलों में सुर्खियों में रहा है। हाल ही में अशोकनगर के एक व्यापारी को भी इसी तरह की धमकी मिलने की खबरें सामने आई थीं। ऐसे में महू में अस्पताल संचालक के परिवार को निशाना बनाए जाने के बाद पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है।

    धमकी मिलते ही पीड़ित परिवार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अस्पताल परिसर और परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी है। किशनगंज थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी पूरे घटनाक्रम की जांच में जुट गए हैं। फोन कॉल की लोकेशन नंबर की जांच और साइबर सेल की मदद से तकनीकी पड़ताल शुरू कर दी गई है।

    पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कॉल वाकई गैंग से जुड़ा है या किसी ने नाम का इस्तेमाल कर दहशत फैलाने की कोशिश की है। कई बार अपराधी किसी बड़े गिरोह का नाम लेकर भय फैलाते हैं ताकि उनकी धमकी का असर बढ़ सके। इसी वजह से पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अलर्ट मोड पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

    महू और इंदौर पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी है। साथ ही अस्पताल और परिवार के साथ जुड़े अन्य लोगों की भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। पुलिस का कहना है कि यदि कॉल करने वाला असली गिरोह से जुड़ा निकला तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    यह घटना स्थानीय समुदाय में डर और चिंता फैलाने वाली है क्योंकि अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण संस्थान के संचालक और परिवार को ही निशाना बनाया गया। ऐसे मामलों में समय पर पुलिस की सक्रियता और तकनीकी जांच ही सुरक्षा और न्याय की दिशा तय करती है।

    आगे की जांच में यह भी सामने आएगा कि धमकी देने वाले का मकसद सिर्फ फिरौती था या किसी और उद्देश्य से परिवार को डराना था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपी की पहचान के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

  • FASTag Annual Pass के नाम हो रही धोखाधड़ी, सतर्क रहें…. NHAI ने जारी की चेतावनी

    FASTag Annual Pass के नाम हो रही धोखाधड़ी, सतर्क रहें…. NHAI ने जारी की चेतावनी


    नई दिल्ली। अगर आप भी फास्टेग एनुअल पास (FASTag Annual Pass) खरीदने की सोच रहे हैं या पहले से इसे रिन्यू (Renew) करने का प्लान बना रहे हैं, तो बेहद सतर्क रहिए। NHAI ने हाल ही में एक बड़े धोखाधड़ी (fraud) चेतावनी जारी की है जिसमें फर्जी वेबसाइट्स और अनधिकृत लिंक के जरिए वाहन मालिकों को फंसाया जा रहा है। NHAI के अधिकारियों का कहना है कि कुछ फर्जी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और लिंक “Annual Pass” की बिक्री का दावा करते हैं, लेकिन वास्तव में वे धोखाधड़ी के जाल हैं। इन झूठे ऑफर्स पर भरोसा करने से न सिर्फ आपका पैसा लगभग 3,000 रुपए तक तथा इसे खरीदते समय दर्ज की गई व्यक्तिगत और वाहन संबंधित जानकारी का दुरुपयोग होने का खतरा भी बढ़ जाता है।


    वार्षिक FASTag पास क्या होता है?

    FASTag Annual Pass एक वार्षिक सुविधा है जिसे NHAI ने उन निजी वाहनों के लिए पेश किया है जो राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर अक्सर यात्रा करते हैं। इसके तहत एक ₹3,000 का एक-बार शुल्क देकर वाहन मालिक एक साल या 200 टोल (जो पहले पूरा हो) तक टोल शुल्क के बिना यात्रा कर सकता है।

    यह Annual Pass Rajmargyatra App या आधिकारिक NHAI वेबसाइट के माध्यम से ही हासिल किया जा सकता है। जैसे ही पास सक्रिय होता है, SMS के जरिए इसकी पुष्टि भी मिलती है। इसे टीकरी और निजी एक्सप्रेसवे जैसे कुछ टोलों पर लागू नहीं किया जा सकता इसलिए यात्रा से पहले मार्ग और टोल लिस्ट चेक करना महत्त्वपूर्ण है।


    क्या है Scam का तरीका?
    NHAI ने पाया है कि कुछ फर्जी वेबसाइट्स, अनधिकृत लिंक्स और अनधिकृत ऐप्स “FASTag Annual Pass” बेचने का दावा करते हैं। ये प्लेटफॉर्म अपने नकली विज्ञापनों और आकर्षक ऑफर्स के साथ लोगों को लुभाते हैं। जैसे ही यूज़र इन फर्जी लिंक्स पर क्लिक करता है और अपनी वाहन और व्यक्तिगत जानकारी दर्ज करता है, कई बार पैसा पहले ही कट जाता है और पास कभी एक्टिव नहीं होता।

    कुछ यूजर्स ने ऑनलाइन पर ऐसे अनुभव भी साझा किए हैं जहां आधिकारिक ऐप पर भुगतान पेज फ्रीज़ हो जाता है या वाहन विवरण VAHAN डेटाबेस में ना होने के कारण पास नहीं बन पाता। ऐसे मामलों में सावधानी बरतना आवश्यक है।

  • उत्तर भारत में सर्दी की मार, कोहरे और बर्फबारी से जीवन प्रभावित, शीतलहर के कारण अलर्ट जारी

    उत्तर भारत में सर्दी की मार, कोहरे और बर्फबारी से जीवन प्रभावित, शीतलहर के कारण अलर्ट जारी


    नई दिल्ली । उत्तर भारत के कई हिस्सों में सर्दी और कोहरे के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। दिल्ली उत्तर प्रदेश पंजाब हरियाणा और अन्य मैदानी इलाकों में घना कोहरा और शीतलहर ने दिनचर्या को अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग IMD के अनुसार अगले कुछ दिनों तक यह स्थिति बनी रहने की संभावना है।

    दिल्ली और उत्तर प्रदेश

    दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में इस समय घना कोहरा छाया हुआ है जिससे विजिबिलिटी बहुत कम हो गई है। राजधानी दिल्ली में न्यूनतम तापमान 8-9 डिग्री सेल्सियस के आसपास है जबकि अधिकतम तापमान 16-18 डिग्री तक पहुँच रहा है। कोहरे की वजह से हवाई और रेल यातायात पर भी असर पड़ा है कई उड़ानें देरी से चल रही हैं। इसके अलावा यूपी के लखनऊ वाराणसी और प्रयागराज जैसे शहरों में ट्रैफिक जाम और सड़क हादसों का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने यूपी के लगभग 30 जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है और 4-6 जनवरी तक यह स्थिति बनी रहने की संभावना जताई है।

    पंजाब और हरियाणा

    पंजाब और हरियाणा में भी घना कोहरा और शीतलहर जारी है। यहां विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम हो गई है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में शीतलहर की स्थिति को 6 जनवरी तक जारी रहने का अनुमान जताया है। न्यूनतम तापमान इन क्षेत्रों में सामान्य से काफी नीचे जा चुका है और ठंड के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश

    जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी का सिलसिला जारी है। गुलमर्ग सोनमर्ग पहलगाम और अन्य ऊपरी इलाकों में नए साल के मौके पर ताजा बर्फबारी हुई है जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुकी है। जम्मू-कश्मीर में ‘चिल्लई कलां’ के दौरान कड़ाके की ठंड ने तापमान को और नीचे गिरा दिया है लेकिन पर्यटक बर्फबारी का आनंद ले रहे हैं। वहीं हिमाचल प्रदेश के मनाली रोहतांग पास लाहौल-स्पीति जैसे क्षेत्रों में भी हल्की से मध्यम बर्फबारी हो रही है जिससे ठंड का असर बढ़ा है लेकिन पर्यटकों की भीड़ बनी हुई है।

    कोहरा और ठंड की चुनौती

    उत्तर प्रदेश में विशेष रूप से 30 से अधिक जिलों में घना कोहरा छाया रहेगा और शीतलहर के कारण सामान्य जनजीवन में बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं। मौसम विभाग ने लखनऊ समेत कई जिलों में अगले तीन दिनों के लिए शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। घना कोहरा और शीतलहर का प्रभाव कृषि ट्रांसपोर्ट और दैनिक गतिविधियों पर भी पड़ा है और इससे बचने के लिए लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।अगले कुछ दिनों तक मौसम में कोई खास राहत की उम्मीद नहीं जताई गई है इसलिए उत्तर भारत के लोग खासकर यात्री और स्कूलों के छात्र अपनी यात्रा और अन्य गतिविधियों को लेकर सतर्क रहें।

  • उत्तरी सर्द हवाओं से ठिठुरन8 जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी

    उत्तरी सर्द हवाओं से ठिठुरन8 जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में शीतलहर का दौर लगातार जारी है और उत्तरी बर्फीली हवाओं के प्रभाव से तापमान में गिरावट आ रही हैजिससे ठंड में और बढ़ोतरी हो रही है। प्रदेश के कई हिस्सों में सर्दी का असर बढ़ने के साथ-साथ मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। मंगलवार को प्रदेश के 24 से अधिक शहरों में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गयावहीं बुधवार को भी कई जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है।

    शीतलहर का प्रभावतापमान में गिरावट

    मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसारमंगलवार को शहडोल जिले में प्रदेश का सबसे कम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावाभोपालराजगढ़इंदौर और शाजापुर जैसे प्रमुख शहरों में भी शीतलहर का असर देखने को मिला। मौसम के शुष्क होने और उत्तरी बर्फीली हवाओं के चलते प्रदेश में ठिठुरन बनी हुई है। मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में शीतलहर के कारण लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हो गए हैंखासकर सुबह और रात के समय में ठंड बहुत ज्यादा महसूस हो रही है।

    कई शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम

    मंगलवार को प्रदेश के 24 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से भी कम रहाजो ठंड की स्थिति को और गंभीर बना रहा है। मौसम विज्ञानियों के अनुसारशीतलहर के कारण तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। इस दौरान दिन में अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस नर्मदापुरम में रिकॉर्ड किया गयालेकिन रात के समय ठंडक बढ़ने से लोग परेशान हैं।

    आगे का मौसम तीन दिन तक शीतलहर का असर

    मौसम विभाग के मुताबिकअगले तीन दिनों तक शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है। बुधवार को भी प्रदेश के आठ प्रमुख जिलों में शीतलहर का प्रभाव रहेगा। इनमें भोपालविदिशासीहोरराजगढ़इंदौरशाजापुरजबलपुर और सिवनी शामिल हैं। इन जिलों में तापमान में और गिरावट आने की संभावना है और सर्द हवाओं के कारण लोगों को ठंड का सामना करना पड़ेगा।

    किसानों पर असर

    मध्य प्रदेश में किसानों के लिए यह मौसम फसलें बचाने के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। शीतलहर का असर कृषि क्षेत्र पर पड़ सकता हैखासकर वे फसलें जो ठंडी के प्रति संवेदनशील होती हैं। किसान अपनी फसलों की रक्षा के लिए अतिरिक्त कदम उठा सकते हैंजैसे कि फसल के ऊपर कंबल डालना या फिर शेड का इस्तेमाल करना।

    नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह

    मौसम विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी हैखासकर उन क्षेत्रों में जहां शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। लोगों से यह भी अपील की गई है कि वे ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनें और खासकर सुबह और रात के समय बाहर जाने से बचें। सर्दी के मौसम में श्वसन संबंधित बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ जाता हैइसलिए स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतना जरूरी है। कुल मिलाकरमध्य प्रदेश में सर्दी का असर अगले कुछ दिनों तक बना रहने की संभावना है। प्रदेशवासियों को शीतलहर से बचने के लिए अतिरिक्त उपायों की आवश्यकता है और साथ ही मौसम के मिजाज के अनुसार अपनी दिनचर्या को अनुकूलित करना होगा।

  • भूकंप के झटकों से हिला जापान…. 7.6 रही तीव्रता, सुनामी का अलर्ट जारी….

    भूकंप के झटकों से हिला जापान…. 7.6 रही तीव्रता, सुनामी का अलर्ट जारी….


    टोक्यो।
    जापान (Japan) में सोमवार रात धरती डोल उठी। यहां तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के मुताबिक, रिक्टर स्केल (Richter scale) पर भूकंप (Earthquake) की तीव्रता 7.6 मापी गई है. इसके तुरंत बाद उत्तर-पूर्वी तट पर 3 मीटर (10 फीट) तक ऊंची सुनामी आने की चेतावनी (Tsunami warning) जारी की गई है. प्रशासन ने तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को तुरंत ऊंचे स्थानों पर जाने के लिए कहा है. यह चेतावनी होक्काइडो, आओमोरी और इवाते प्रान्तों के लिए जारी की गई है, जहां खतरा सबसे ज्यादा है. भूकंप का केंद्र तट से दूर बताया जा रहा है, लेकिन इसके झटके इतने तेज थे कि लोग घरों से बाहर निकल आए।

    रात के अंधेरे में 10 फीट ऊंची लहरों का खौफ: भूकंप के झटके रात करीब 11:15 बजे महसूस किए गए. इतनी रात गए आए भूकंप ने लोगों को दहशत में डाल दिया. जेएमए ने साफ कहा है कि समुद्र में हलचल तेज है और 10 फीट तक ऊंची लहरें तट से टकरा सकती हैं. जापान के उत्तर और पूर्व के एक बड़े हिस्से में झटके महसूस किए गए. एजेंसी ने लोगों से अपील की है कि वे समुद्र तट से दूर रहें और सुरक्षित ठिकानों पर शरण लें।

    होक्काइडो और आओमोरी में रेड अलर्ट: सुनामी की चेतावनी के बाद होक्काइडो, आओमोरी और इवाते प्रान्तों में सायरन बजने लगे हैं. स्थानीय प्रशासन ने इमरजेंसी सेवाओं को अलर्ट मोड पर डाल दिया है. 7.6 की तीव्रता वाला भूकंप बेहद खतरनाक माना जाता है. इससे इमारतों को नुकसान पहुंचने की भी आशंका है. फिलहाल नुकसान की विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।