Tag: alert

  • दिल्ली-एनसीआर में मौसम ने अचानक ली करवट, दिन में छाया अंधेरा; तेज आंधी और झमाझम बारिश से मिली गर्मी से राहत

    दिल्ली-एनसीआर में मौसम ने अचानक ली करवट, दिन में छाया अंधेरा; तेज आंधी और झमाझम बारिश से मिली गर्मी से राहत

    नई दिल्ली । राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उससे सटे एनसीआर क्षेत्र में गुरुवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली। दोपहर तक जहां तेज धूप और उमस लोगों को परेशान कर रही थी, वहीं कुछ ही समय बाद आसमान में घने बादल छा गए और तेज धूल भरी आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। मौसम के इस अप्रत्याशित बदलाव ने राजधानी और आसपास के इलाकों में दिन के समय ही रात जैसा माहौल पैदा कर दिया। कई स्थानों पर दृश्यता प्रभावित हुई, जबकि तेज हवाओं और बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी और लू से बड़ी राहत दिलाई।

    दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और आसपास के कई क्षेत्रों में अचानक मौसम बदलने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। दिनभर की चिलचिलाती गर्मी से परेशान लोगों ने बारिश का स्वागत किया। कई जगहों पर तेज हवाओं के कारण पेड़ों की शाखाएं झूलती नजर आईं, जबकि सड़कों पर वाहन चालकों को सावधानी बरतनी पड़ी। बारिश शुरू होते ही कई इलाकों में यातायात की रफ्तार भी प्रभावित हुई।

    भारत मौसम विज्ञान विभाग ने पहले ही दिल्ली-एनसीआर के लिए गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई थी। विभाग ने 4 और 5 जून के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी गतिविधियों के प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक मौसम में बदलाव बना रह सकता है।

    मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार गुरुवार को अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे रह सकता है, जबकि रात के समय भी बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। इससे तापमान में और गिरावट आ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव राजधानी क्षेत्र में पिछले कई दिनों से जारी भीषण गर्मी के दौर को कुछ समय के लिए कमजोर कर सकता है।

    पूर्वानुमान के मुताबिक शुक्रवार को भी दिल्ली-एनसीआर में मौसम का यही रुख बना रह सकता है। गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। इसके चलते अधिकतम तापमान में कमी बनी रह सकती है और लोगों को गर्मी से राहत मिलती रहेगी। हालांकि मौसम विभाग ने खुले स्थानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास अनावश्यक रूप से खड़े न रहने की सलाह दी है।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून पूर्व गतिविधियों के कारण इस तरह के बदलाव सामान्य हैं, लेकिन तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए सावधानी बरतना आवश्यक है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों, खुले में काम करने वाले लोगों और किसानों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखनी चाहिए।

    आने वाले दिनों में राजधानी क्षेत्र में मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहने की संभावना है। हालांकि सप्ताहांत तक तापमान में फिर से कुछ बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन फिलहाल बारिश और बादलों ने लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से बड़ी राहत पहुंचाई है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकतानुसार नई चेतावनियां जारी की जा सकती हैं।

  • अफ्रीका में इबोला के प्रकोप के बाद भारत सरकार अलर्ट मोड पर … कोविड जैसे प्रोटोकॉल लागू

    अफ्रीका में इबोला के प्रकोप के बाद भारत सरकार अलर्ट मोड पर … कोविड जैसे प्रोटोकॉल लागू


    नई दिल्ली।
    अफ्रीका (Africa) के कुछ हिस्सों में इबोला (Ebola) के प्रकोप के मद्देनजर भारत सरकार (Government of India) अलर्ट मोड पर नजर आ रही है। खबर है कि विमानन नियामक डीजीसीए ने एयरलाइनों से विभिन्न उपायों को लागू करने के लिए कहा है। इनमें उड़ान के दौरान उद्घोषणाएं करना और प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों से अनिवार्य रूप से स्व-घोषणा प्रपत्र या सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म भरवाना शामिल है।


    भारत में क्या है स्थिति

    सरकार ने सोमवार को कहा कि देश में अब तक इबोला वायरस (Ebola Virus) के संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा (JP Nadda) ने भारत में बीमारी के किसी भी प्रसार को रोकने के लिए तैयारियों और निगरानी के उपायों की समीक्षा की। नड्डा ने अधिकारियों को देश भर में हवाई अड्डों, बंदरगाहों और भूमि सीमा पार करने सहित देश के सभी प्रवेश बिंदुओं पर इबोला स्क्रीनिंग व्यवस्था को पूरी तरह से सतर्क और मजबूत रखने का निर्देश दिया।

    WHO यानी विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इबोला के प्रकोप को ‘अंतरराष्ट्रीय चिंता वाला सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल’ घोषित किया है जिसके बाद केंद्र सरकार ने एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं।


    यहां के यात्रियों को भरने होंगे फॉर्म

    नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने इबोला रोग के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारियों को लेकर SOP जारी की है। युगांडा और कांगो के साथ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से संपर्क रखने वाली एयरलाइनों को यात्रियों को विमान से उतारने से पहले स्व-घोषणा प्रपत्रों को अनिवार्य रूप से भरवाना और एकत्र करना होगा।


    सूची में ये एयरलाइन्स

    एअर इंडिया, इंडिगो, अकासा एयर, एमिरेट्स, एयर फ्रांस, एतिहाद एयरवेज और इजिप्टएयर उन 13 एयरलाइनों में शामिल हैं, जो कांगो से यात्रियों को ले जाने वाली एयरलाइनों की सूची में हैं। युगांडा से यात्रियों को ले जाने वाली 17 एयरलाइनों की सूची में एअर इंडिया, इंडिगो और केएलएम शामिल हैं।


    ये लक्षण दिखने पर तुरंत करना होगा सूचित

    एयरलाइनों को उड़ान के दौरान यह उद्घोषणा करना भी अनिवार्य किया गया है कि इबोला रोग के वर्तमान खतरे को देखते हुए, बुखार, कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, गले में खराश, उल्टी, दस्त, चकत्ते, रक्तस्राव जैसे लक्षण वाले किसी भी यात्री को आगमन पर तुरंत चालक दल और आव्रजन/चिकित्सा इकाई को सूचित करना चाहिए।

    विमान में संदिग्ध मामलों के लिए, डीजीसीए ने कहा कि अन्य उपायों के अलावा, यात्री को विमान के पिछले हिस्से में भेजा जाना चाहिए और यदि संभव हो तो संबंधित यात्री के आगे और बगल की तीन पंक्तियां खाली रखी जानी चाहिए। एयरलाइनों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि उनके पास तीन तह वाले मास्क, एक बार उपयोग में लाये जाने वाले दस्ताने, पीपीई किट, सैनिटाइजर के पर्याप्त भंडार हो।


    शुरू हुई जांच

    गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानसेरिया ने सोमवार को कहा कि अफ्रीका के कुछ हिस्सों में इबोला के प्रकोप के मद्देनजर अहमदाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर युगांडा, कांगो और दक्षिण सूडान से आने वाले यात्रियों की जांच की जा रही है। पानसेरिया ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग प्रभावित अफ्रीकी देशों से आने वाले यात्रियों की कड़ी निगरानी कर रहा है। अहमदाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शाम छह बजे से सुबह 10 बजे के बीच युगांडा, कांगो और दक्षिण सूडान से आने वाले यात्रियों की गहन जांच की जा रही है।

  • कोविड के बाद अब इबोला की चिंता: अफ्रीका में बढ़ते संक्रमण ने बढ़ाई बेचैनी, भारत ने बढ़ाई निगरानी

    कोविड के बाद अब इबोला की चिंता: अफ्रीका में बढ़ते संक्रमण ने बढ़ाई बेचैनी, भारत ने बढ़ाई निगरानी


    नई दिल्ली। दुनिया एक बार फिर एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती को लेकर सतर्क होती दिखाई दे रही है। अफ्रीका के कुछ हिस्सों में तेजी से फैल रहे इबोला संक्रमण ने कई देशों की चिंता बढ़ा दी है। कोविड महामारी के अनुभव के बाद अब किसी भी संभावित स्वास्थ्य संकट को लेकर सरकारें पहले से अधिक सतर्क नजर आ रही हैं। इसी बीच भारत ने भी एहतियात के तौर पर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं और लोगों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। फिलहाल देश में राहत की बात यह है कि इबोला संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन जोखिम को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी गई है।

    भारत सरकार ने नागरिकों को कांगो, युगांडा और साउथ सूडान जैसे देशों की गैर-जरूरी यात्रा से फिलहाल बचने की सलाह दी है। इसके साथ ही इन क्षेत्रों में रह रहे भारतीय नागरिकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने और स्थानीय स्वास्थ्य नियमों का पालन करने की सलाह दी गई है। सरकार का मानना है कि समय रहते सावधानी अपनाना किसी भी संभावित खतरे को रोकने की दिशा में सबसे प्रभावी कदम साबित हो सकता है। स्वास्थ्य एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और हर जरूरी तैयारी को मजबूत किया जा रहा है।

    इबोला एक बेहद गंभीर और जानलेवा वायरल बीमारी मानी जाती है। इस बीमारी की सबसे बड़ी चुनौती इसकी तेज संक्रमण क्षमता और गंभीर प्रभाव हैं। इसके शुरुआती लक्षण सामान्य बुखार जैसे दिखाई दे सकते हैं, लेकिन बाद में स्थिति गंभीर रूप ले सकती है। कई मामलों में शरीर के अंदरूनी हिस्सों में ब्लीडिंग जैसी गंभीर समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इस बीमारी की मृत्यु दर भी काफी अधिक मानी जाती है, जिससे यह संक्रमण और अधिक चिंताजनक बन जाता है।

    इस बार फैल रहा संक्रमण बूंदीबुग्यो स्ट्रेन से जुड़ा बताया जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता इसलिए भी बढ़ी हुई है क्योंकि इस स्ट्रेन के लिए अभी तक कोई व्यापक रूप से स्वीकृत वैक्सीन या विशेष उपचार उपलब्ध नहीं माना जा रहा है। यही वजह है कि संक्रमण की रोकथाम और शुरुआती पहचान को सबसे महत्वपूर्ण हथियार माना जा रहा है। कई देशों ने अपनी सीमाओं और एयरपोर्ट पर निगरानी बढ़ानी शुरू कर दी है ताकि प्रभावित क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों की जांच समय पर की जा सके।

    भारत में भी स्वास्थ्य तंत्र को अलर्ट मोड पर रखा गया है। एयरपोर्ट और सीमावर्ती क्षेत्रों पर निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि घबराने की बजाय जागरूक और सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य चुनौती से निपटने के लिए समय पर तैयारी और सावधानी सबसे अहम भूमिका निभाती है।

    फिलहाल देश में संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन वैश्विक हालात को देखते हुए सतर्कता को प्राथमिकता दी जा रही है। आने वाले दिनों में स्वास्थ्य एजेंसियों की नजर अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर बनी रहेगी। यदि लोग स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करें और अनावश्यक जोखिम से बचें, तो किसी भी संभावित खतरे को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

  • NEET UG: री-एग्जाम से पहले अलर्ट मोड पर सरकार…. अफवाहों पर नकेल कसने की तैयारी

    NEET UG: री-एग्जाम से पहले अलर्ट मोड पर सरकार…. अफवाहों पर नकेल कसने की तैयारी


    नई दिल्ली।
    मेडिकल (Medical) की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) के री-एग्जाम से पहले केंद्र सरकार (Central government) पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गई है। 3 मई को हुई परीक्षा में पेपर लीक (Paper leak) और ग्रेस मार्क्स जैसे विवादों के बाद, अब सरकार सोशल मीडिया पर फैलने वाली झूठी अफवाहों और पैनिक फैलाने वाले पोस्ट्स पर सख्त नकेल कसने की तैयारी में है। छात्रों का भरोसा फिर से बहाल करने के लिए शिक्षा मंत्रालय ने टेक जगत के दिग्गजों- गूगल (Google), मेटा (Meta) और टेलीग्राम (Telegram) को भी अपने साथ जोड़ लिया है, ताकि किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी को इंटरनेट पर फैलने से पहले ही रोका जा सके। बता दें कि आज 21 जून को NEET-UG का दोबारा एग्जाम हो रहा है।


    शिक्षा मंत्री ने लिया मोर्चा, दिए ‘फोकस्ड क्रैकडाउन’ के निर्देश

    केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को एक हाई-लेवल मीटिंग की अध्यक्षता की। इस महत्वपूर्ण बैठक में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के प्रतिनिधियों के अलावा केंद्रीय खुफिया और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारी भी मौजूद रहे। शिक्षा मंत्री ने सख्त हिदायत दी है कि परीक्षा से पहले ऑनलाइन एक्टिव होने वाले उन नेटवर्क्स पर सीधा और ‘फोकस्ड क्रैकडाउन’ किया जाए, जो एक सोची-समझी साजिश के तहत गलत जानकारी फैलाते हैं।


    टेलीग्राम और सीक्रेट ग्रुप्स पर खुफिया एजेंसियों की पैनी नजर

    शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि सबसे बड़ी चिंता टेलीग्राम चैनल्स, अनजान ग्रुप्स और बॉट्स को लेकर है, जो बड़े एग्जाम्स से ठीक पहले अचानक बहुत एक्टिव हो जाते हैं। ये ग्रुप्स व्यूज और पैसों के लालच में ‘पेपर लीक’ के झूठे दावे, क्लिकबेट मैसेज और बिना सिर-पैर की जानकारी सर्कुलेट करते हैं। इससे छात्रों और उनके अभिभावकों के बीच दहशत का माहौल बन जाता है।

    खुफिया इनपुट्स से यह भी खुलासा हुआ है कि कुछ चुनिंदा फोन नंबर्स का इस्तेमाल करके दर्जनों संदिग्ध चैनल ऑपरेट किए जा रहे हैं, जो इनकी संगठित गतिविधि की ओर इशारा करता है। इसके बाद एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर डिजिटल सर्विलांस और कड़ी कर दी गई है। उन ग्रुप्स पर खास नजर है जो छात्रों को एग्जाम से पहले “अंदर की जानकारी” या एडवांस में पेपर देने का दावा करते हैं।


    टेक कंपनियों ने दिया पूरा सहयोग का भरोसा

    राहत की बात यह है कि सरकार की इस सख्ती पर मेटा, गूगल और टेलीग्राम जैसी कंपनियों ने सकारात्मक रुख दिखाया है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि परीक्षा से जुड़ी किसी भी भ्रामक या फेक जानकारी की पहचान करके उसे तेजी से ब्लॉक और रिमूव किया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने कंपनियों से कहा है कि वे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और पुलिस एजेंसियों के साथ मिलकर काम करें, ताकि प्रोपेगेंडा और खौफ फैलाने वाले चैनल्स को तुरंत बंद किया जा सके।

    अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों को भी परीक्षा से पहले डिजिटल सर्विलांस मजबूत करने को कहा गया है। उन एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स और तेजी से बढ़ रहे ग्रुप्स पर खास नजर रखी जा रही है, जो परीक्षार्थियों को परीक्षा से जुड़ी सामग्री एडवांस में देने या ‘इनसाइड इंफॉर्मेशन’ मुहैया कराने का दावा करते हैं।


    एग्जाम सेंटर पर कैसी होगी व्यवस्था?

    मंगलवार को री-एग्जाम की तैयारियों की समीक्षा करते हुए शिक्षा मंत्री ने साफ कर दिया था कि पिछली परीक्षा की सभी खामियों को पूरी तरह दूर किया जाना चाहिए। सभी राज्यों के जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP) के साथ को-ऑर्डिनेशन मीटिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका मकसद परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और मॉनिटरिंग के प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू करना है। इसके साथ ही, अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि री-एग्जाम के दिन छात्रों के लिए ट्रांसपोर्टेशन (आवाजाही), पीने के पानी और अन्य जरूरी सुविधाओं का खास ख्याल रखा जाए ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।


    क्यों हो रहा है नीट री-एग्जाम?

    आपको बता दें कि 3 मई को आयोजित की गई नीट-यूजी परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था। इसके बाद ही री-एग्जाम की घोषणा की गई थी। इस पूरे विवाद (पेपर लीक के आरोप, ग्रेस मार्क्स विवाद और संगठित नकल) ने परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे, जिसके बाद सरकार अब हर स्तर पर सख्ती बरत रही है।

  • मौसम के अलग-अलग रंग….. उत्तर भारत भीषण गर्मी से परेशान, पूर्वोत्तर और दक्षिण में आंधी-बारिश का अलर्ट

    मौसम के अलग-अलग रंग….. उत्तर भारत भीषण गर्मी से परेशान, पूर्वोत्तर और दक्षिण में आंधी-बारिश का अलर्ट


    नई दिल्ली।
    देशभर में मौसम (Weather) का मिजाज तेजी से बदल रहा है। एक ओर उत्तर-पश्चिम भारत (North-West India) में भीषण गर्मी (Severe Heat) लोगों को परेशान कर रही है, वहीं पूर्वोत्तर, पूर्वी और दक्षिण के कई राज्यों में बारिश (Rain), आंधी (Storm ) और बिजली गिरने (Lightning.) की गतिविधियां तेज होने के संकेत हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में अगले तीन दिनों तक तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि तमिलनाडु, केरल और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।


    पश्चिमी विक्षोभ से बदला मौसम का मिजाज

    आईएमडी के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ का असर अभी भी उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में बना हुआ है, जबकि 10 मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों के मौसम को फिर प्रभावित कर सकता है। राजस्थान के जैसलमेर में अधिकतम तापमान 45.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन की तेज गर्मी का संकेत माना जा रहा है। हाल के दिनों में हुई बारिश के बाद दिल्ली-एनसीआर में मौसम कुछ समय के लिए राहतभरा बना हुआ था, लेकिन अब राजधानी में फिर तेज गर्मी लौटने के संकेत हैं।


    अगले तीन दिनों के लिए मौसम विभाग का अनुमान

    मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक आसमान साफ रहेगा और तेज धूप निकलेगी। इसके कारण दिन के तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने की सलाह दी है। डॉक्टरों ने पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है।

    बिहार में आंधी-तूफान से सात की मौत
    बिहार में वज्रपात और भीषण आंधी-तूफान के कारण अलग-अलग जिलों में सात लोगों की जान चली गई। हादसों की जानकारी के अनुसार, वज्रपात की घटनाओं में भोजपुर, पटना, समस्तीपुर और पूर्वी चंपारण में एक-एक व्यक्ति की जान गई। वहीं आंधी-तूफान और तेज बारिश के दौरान पेड़ गिरने से पटना में दो और वैशाली में एक व्यक्ति की मौत हो गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इन घटनाओं पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये का अनुग्रह राशि तुरंत उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

  • उत्तर-पश्चिम भारत में बदला मौसम, आंधी-तूफान के साथ हुई झमाझम बारिश.. आज इन राज्यों में अलर्ट

    उत्तर-पश्चिम भारत में बदला मौसम, आंधी-तूफान के साथ हुई झमाझम बारिश.. आज इन राज्यों में अलर्ट


    नई दिल्ली।
    पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत (North-West India.) के पहाड़ी इलाकों और आसपास के मैदानी क्षेत्रों में सोमवार को अचानक मौसम ने करवट ली। आंधी-तूफान (Thunderstorms) के साथ कहीं हल्की तो कहीं झमाझम बारिश (Light to heavy rain) हुई। कुछ क्षेत्रों में धूल भरी आंधी और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को भी उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में छिटपुट से लेकर कई स्थानों पर गरज और चमक के साथ बारिश होने, 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और ओलावृष्टि की संभावना है।

    मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश और ओलावृष्टि हुई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में छिटपुट स्थानों पर 11-20 सेमी तक वर्षा दर्ज की गई है। कुछ जगहों पर 60-80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और तेलंगाना में ओले गिरे। इसके अलावा, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम, ओडिशा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम तथा त्रिपुरा में छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई है।

    मौसम में बदलाव से अधिकतम तापमान में 3-5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिमी बंगाल के गंगा किनारे वाले क्षेत्रों, उप-हिमालयी पश्चिमी बंगाल और सिक्किम, पूर्वोत्तर भारत और पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस से कम दर्ज किया गया। विदर्भ, तटीय आंध्र प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, राजस्थान में अधिकतम तापमान 36-40 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। सबसे अधिक तेलंगाना के आदिलाबाद में 45.3 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।


    आज भी आंधी-पानी का अलर्ट

    मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फरबाद और हिमाचल प्रदेश में 6 मई तक और उत्तराखंड में 8 मई तक छिटपुट से लेकर हल्की बारिश और बर्फबारी होने, गरज और बिजली की कड़क के साथ 30-50 किमी प्रति घंटा की गति से हवाएं चलने की संभावना है। मंगलवार को राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और बिहार में भी बारिश हो सकती है। इससे गर्मी से राहत तो मिलेगी, लेकिन फसलों को नुकसान पहुंचने की भी आशंका है। दिल्ली समेत एनसीआर के गाजियाबाद, नोएडा और हापुड़ में बिजली कड़कने, तेज आंधी और ओले गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।

  • MP समेत पूरा उत्तर-पश्चिम भारत इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में… इन राज्यों में हीटवेव का अलर्ट

    MP समेत पूरा उत्तर-पश्चिम भारत इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में… इन राज्यों में हीटवेव का अलर्ट


    भोपाल।
    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 22 अप्रैल को देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज अलग-अलग रहेगा। उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत (North-west and central India.) में भीषण गर्मी और लू (Extreme heat and heat wave.) का असर जारी रहेगा। पूर्वोत्तर, दक्षिण और कुछ पश्चिमी हिस्सों में बारिश व आंधी-तूफान की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। पहले बात उत्तर-पश्चिम भारत की करें तो राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली समेत कई राज्यों में गर्मी का प्रकोप बना रहेगा। इन इलाकों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तक जा सकता है और लू चलने की संभावना है।

    IMD के अनुसार, खासतौर पर पश्चिमी राजस्थान (Western Rajasthan.) और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में आज भी हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है। लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अगले 24 घंटों के दौरान भी लगभग पूरे उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ने और लू चलने का अनुमान है। राजधानी लखनऊ में दिन का तापमान लगभग 42 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है, जबकि रात का तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आस-पास रहने का अनुमान है।


    मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ में गर्मी, कुछ इलाकों में बारिश

    मध्य भारत यानी मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh), छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में भी मौसम काफी गर्म रहेगा। यहां तापमान में और बढ़ोतरी के संकेत हैं। कई जगहों पर लू जैसी स्थिति बन सकती है। कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बादल छाने से थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन यह राहत अस्थायी होगी और कुल मिलाकर गर्मी का असर बना रहेगा। वहीं, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मौसम का मिजाज थोड़ा अलग रहेगा। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों (जैसे- असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश) में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इससे तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि आंधी-तूफान और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा।


    असम में भारी बारिश जारी रहने की संभावना

    अधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, असम में भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने भूस्खलन प्रभावित पहाड़ी क्षेत्रों के निवासियों को सतर्क रहने और जान-माल की हानि से बचने के लिए सावधानियां बरतने के लिए कहा है। इसमें कहा गया कि आने वाले दिनों में छिटपुट बारिश और आंधी चलने की संभावना है। सभी एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया गया है। वहीं, दक्षिण भारत और तटीय इलाकों की बात करें तो केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में गर्म और उमस भरा मौसम रहेगा। इसके साथ ही कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। महाराष्ट्र और पश्चिमी तट के कुछ हिस्सों में भी 22 अप्रैल को हल्की बारिश और आंधी की संभावना है, जिससे अस्थायी राहत मिलेगी लेकिन उमस बनी रहेगी।

  • ईरान में फंसे सभी भारतीय नागरिकों के लिए सुरक्षित और नियंत्रित मार्गों से देश वापसी का उच्च स्तरीय अलर्ट जारी

    ईरान में फंसे सभी भारतीय नागरिकों के लिए सुरक्षित और नियंत्रित मार्गों से देश वापसी का उच्च स्तरीय अलर्ट जारी


    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत सरकार ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। इसमें सभी भारतीय नागरिकों से आग्रह किया गया है कि जितनी जल्दी संभव हो, तय किए गए सुरक्षित और अधिकृत मार्गों से देश छोड़ दें। इसके साथ यह चेतावनी भी दी गई है कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय सीमा की ओर बिना दूतावास की अनुमति और समन्वय के बढ़ने का प्रयास न करें। यात्रा के दौरान नागरिकों को लगातार दूतावास के संपर्क में रहने और किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबर तथा ईमेल आईडी का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

    इससे पहले जारी की गई सलाह में नागरिकों को 48 घंटे तक सुरक्षित स्थानों पर रहने की हिदायत दी गई थी। हालात की संवेदनशीलता के मद्देनजर अब सरकार ने अधिक सतर्कता बरतते हुए देश छोड़ने पर जोर दिया है। यह कदम अमेरिकी और ईरानी तनाव के बीच क्षेत्र में बढ़ते खतरे को देखते हुए उठाया गया है। हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के लिए सीजफायर का ऐलान हुआ था, लेकिन इसे पूरी तरह सुरक्षित स्थिति नहीं माना जा रहा है।

    सरकारी आंकड़ों के अनुसार, फरवरी के अंत में संघर्ष शुरू होने के समय ईरान में लगभग 9,000 भारतीय नागरिक थे, जिनमें छात्र, कामगार और पेशेवर शामिल हैं। अब तक करीब 1,800 नागरिक सुरक्षित भारत लौट चुके हैं, जबकि बाकी नागरिकों की सुरक्षित वापसी के प्रयास जारी हैं। अमेरिकी चेतावनी और क्षेत्रीय तनाव ने हालात को और भी संवेदनशील बना दिया है।

    एडवाइजरी में नागरिकों से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और अफवाहों से दूर रहें। साथ ही यह सुनिश्चित करें कि यात्रा के सभी मार्ग अधिकृत और सुरक्षित हों। किसी भी जोखिमपूर्ण गतिविधि से बचना अत्यंत आवश्यक है। सरकार स्थिति की निरंतर निगरानी कर रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त दिशा-निर्देश जारी कर सकती है।

  • Weather: गर्मी के मौसम में तेज बारिश.. ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान… कई राज्यों में आज भी अलर्ट

    Weather: गर्मी के मौसम में तेज बारिश.. ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान… कई राज्यों में आज भी अलर्ट


    नई दिल्ली।
    पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और ऊपरी हवा में बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से देशभर के मौसम (Weather) में बड़ा बदलाव दर्ज किया जा रहा है, जिसका सबसे ज्यादा असर उत्तर भारत (North India.) में दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के अनुसार जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा समेत कई राज्यों में भारी बारिश (Heavy Rain), तेज आंधी, तूफान और ओलावृष्टि (Hailstorm) की चेतावनी जारी की गई है। 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं, जबकि किसानों को फसलों के नुकसान का खतरा बढ़ गया है।

    देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जहां 64.5 से 115.5 मिमी तक वर्षा होने का अनुमान है। इन इलाकों में ऑरेंज अलर्ट लागू है और कई स्थानों पर पहले से ही बादल छाए हुए हैं तथा बारिश का दौर जारी है। पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के चलते भूस्खलन जैसी घटनाओं की आशंका भी जताई गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय है। इसके साथ ही ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है और पश्चिमी भारत के ऊपर उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम लगातार सक्रिय है। इन सभी मौसमीय प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से देश के विभिन्न हिस्सों में अस्थिर मौसम की स्थिति बनी हुई है, जिसमें बारिश, तूफान और ओलावृष्टि शामिल हैं।


    राजस्थान के कई जिलों में खेतों में बिछी सफेद चादर

    राजस्थान में शनिवार को पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से दोपहर बाद मौसम में बदलाव आया। जयपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर सहित कई जिलों में गरज के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और हल्की से मध्यम बारिश के साथ छिटपुट ओलावृष्टि भी हुई। बीकानेर में शुक्रवार को खेतों में ओले बिछे नजर आए थे। मौसम विभाग ने बताया कि एक नया और शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ 6 अप्रैल की दोपहर से जोधपुर और बीकानेर के कुछ हिस्सों में सक्रिय होने की संभावना है।

    इसके प्रभाव से जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर और कोटा डिवीजनों के कई हिस्सों में 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने, कुछ जगहों पर भारी बारिश होने और छिटपुट ओलावृष्टि होने की संभावना है।


    बंगाल में उमस भरी गर्मी जारी

    जहां एक ओर उत्तर और पश्चिम भारत में मौसम ठंडा और अस्थिर हो रहा है, वहीं पश्चिम बंगाल के गंगा तटीय क्षेत्रों में गर्म और उमस भरा मौसम बना हुआ है। इस तरह की उमस शरीर को थकाने वाली होती है और स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकती है।


    पिछले 24 घंटों में बारिश का असर

    पिछले 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई है। जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और कर्नाटक के कुछ इलाकों में अच्छी वर्षा हुई है। जम्मू-कश्मीर के कुछ क्षेत्रों में 50 मिमी तक बारिश दर्ज की गई, जबकि पूर्वोत्तर राज्यों, केरल और माहे में 20 मिमी तक हल्की से मध्यम वर्षा हुई।


    अस्थिर रहेगा मौसम, कुछ दिन और जारी रहेगा असर

    आने वाले कुछ दिनों तक बारिश, आंधी, तूफान और ओलावृष्टि की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने उत्तर भारत के लोगों और किसानों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है, ताकि संभावित नुकसान को कम किया जा सके। मौसम विभाग ने लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। आंधी और बिजली के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें और पेड़ों के नीचे खड़े न हों। घर की छत पर रखी ढीली वस्तुओं को सुरक्षित करें और वाहनों को छत के नीचे पार्क करें ताकि ओलों से नुकसान न हो। बिजली गिरने के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सीमित उपयोग करने की भी सलाह दी गई है।


    तापमान में गिरावट मौसम रहेगा ठंडा

    मौसम के इस बदलाव का असर तापमान पर भी साफ दिखाई देगा। उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। आने वाले कुछ दिनों तक मौसम ठंडा और अस्थिर बना रह सकता है, हालांकि बाद में तापमान में हल्की बढ़ोतरी के संकेत भी हैं। देश में ओडिशा के झारसुगुड़ा में अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर में 16.2 डिग्री सेल्सियस रहा।


    दक्षिण भारत भी अछूता नहीं, केरल में भारी बारिश के आसार

    उत्तर भारत के साथ-साथ दक्षिण भारत में भी मौसम का असर देखा जा रहा है। केरल और माहे में भी 64.5 से 115.5 मिमी तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। यहां गरज के साथ तेज बारिश का पूर्वानुमान है, जिससे स्थानीय स्तर पर जलभराव और यातायात प्रभावित हो सकता है।

  • मध्य भारत से लेकर कश्मीर से तक तेज बारिश का अलर्ट… MP-महाराष्ट्र में होगी ओलावृष्टि!

    मध्य भारत से लेकर कश्मीर से तक तेज बारिश का अलर्ट… MP-महाराष्ट्र में होगी ओलावृष्टि!


    भोपाल।
    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी भारत (North-Western India.) इस समय दो शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभों (Strong Western Disturbances) के प्रभाव में है. इसका सीधा असर कश्मीर से लेकर मध्य भारत (Central India) तक देखने को मिलेगा. इस क्षेत्र में ओलावृष्टि होने की संभावना है. शुक्रवार और शनिवार को कश्मीर घाटी के कुछ हिस्सों में भारी बारिश (Heavy Rain) भी हो सकती है.

    IMD ने बताया कि मध्य भारत में 7 अप्रैल तक गरज और बिजली चमकने के साथ बारिश होने की संभावना है. इसके अलावा, 3 अप्रैल को मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और उससे सटे गुजरात क्षेत्र में और 4 अप्रैल को पूर्वी मध्य प्रदेश समेत छत्तीसगढ़ में कुछ जगहों पर ओलावृष्टि हो सकती है. विभाग ने यह भी बताया कि इस हफ्ते देश के ज्यादातार हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से कम या सामान्य के आसपास रहने की संभावना है।

    पिछले 24 घंटों में अरुणाचल प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भारी बारिश दर्ज की गई. इस बीच, पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश और मध्य महाराष्ट्र में ओलावृष्टि होने की खबरें मिली हैं। मार्च महीने में, देश पर आठ पश्चिमी विक्षोभों का असर पड़ा, जबकि सामान्य तौर पर इनकी संख्या 5 या 6 होती है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह बारिश लाने वाली हवाओं की एक प्रणाली है जो भूमध्य सागर और ईरान के ऊपर से पैदा होती है. यह ‘सबट्रॉपिकल पछुआ जेट स्ट्रीम’ के सहारे भारत पहुंचती है और हिमालय से टकराकर बारिश व बर्फबारी करती है। इस साल मार्च में सामान्य से कहीं अधिक सक्रिय रहे, जिसका असर अब अप्रैल की शुरुआत में भी दिख रहा है. पश्चिमी विक्षोभ आमतौर पर उत्तरी गोलार्ध की सर्दियों के महीनों यानी दिसंबर से मार्च के दौरान सबसे ज्यादा सक्रिय होते हैं।