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  • पतियों के लिए अमिताभ बच्चन की खास सलाह! शादी की तारीख भूलने की गलती न करें, वरना पड़ सकती है डांट

    पतियों के लिए अमिताभ बच्चन की खास सलाह! शादी की तारीख भूलने की गलती न करें, वरना पड़ सकती है डांट


    नई दिल्ली। अमिताभ बच्चन इन दिनों कौन बनेगा करोड़पति 18 को लेकर लगातार सुर्खियों में हैं। शो में हर बार की तरह इस सीजन में भी महानायक का अंदाज दर्शकों को खूब पसंद आ रहा है। कभी वह कंटेस्टेंट्स के साथ अपनी जिंदगी से जुड़े किस्से साझा करते हैं तो कभी अपने मजाकिया अंदाज से माहौल को हल्का कर देते हैं। हाल ही में शो के एक एपिसोड में अमिताभ बच्चन ने शादीशुदा पुरुषों को ऐसी मजेदार सलाह दी जिसे सुनकर वहां मौजूद लोग भी हंस पड़े। बिग बी ने खास तौर पर पतियों को चेतावनी देते हुए कहा कि दुनिया की बाकी सभी तारीखें भले ही भूल जाएं लेकिन अपनी शादी की तारीख को कभी नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने मजाकिया अंदाज में यहां तक कह दिया कि अगर कोई पति अपनी शादी की तारीख भूल गया तो उसे अपनी तरफ आते जूते चप्पल और बेलन के लिए तैयार रहना चाहिए।

    अमिताभ बच्चन ने कहा कि जिस दिन उनकी शादी हुई वह तारीख बेहद महत्वपूर्ण होती है और पतियों को इसे हमेशा याद रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि अक्सर पत्नियां अपने पति से पूछती रहती हैं कि क्या उन्हें अपनी शादी की तारीख याद है। बिग बी की इस मजेदार बात पर शो का माहौल काफी खुशनुमा हो गया। उनका यह अंदाज एक बार फिर दर्शकों को खूब पसंद आ सकता है क्योंकि अमिताभ अक्सर अपने निजी अनुभवों और हास्य के जरिए बातचीत को दिलचस्प बना देते हैं।

    इसी एपिसोड में अमिताभ बच्चन ने अपनी पारिवारिक जिंदगी और व्यस्त कामकाजी शेड्यूल को लेकर भी एक दिलचस्प बात साझा की। जब एक कंटेस्टेंट ने उनसे पूछा कि क्या उनकी पत्नी जया बच्चन उनके काम से लौटने का इंतजार करती हैं ताकि दोनों साथ में डिनर कर सकें तो बिग बी ने बताया कि वह अपने परिवार को पहले ही अपने कार्यक्रम की जानकारी दे देते हैं। अमिताभ के मुताबिक परिवार के सभी सदस्यों का एक व्हाट्सऐप ग्रुप है और वह अपने शूटिंग शेड्यूल या देर से घर पहुंचने की जानकारी उसमें साझा करते रहते हैं।

    अमिताभ ने बताया कि सुबह उठने के बाद वह परिवार के ग्रुप में नमस्कार का संदेश भेजते हैं और फिर बताते हैं कि उस दिन उनका शूट कहां है और उन्हें घर पहुंचने में कितनी देर हो सकती है। अगर उन्हें देर होने वाली होती है तो वह परिवार से कहते हैं कि उनका डिनर के लिए इंतजार न किया जाए। इस तरह घरवालों को पहले से पता रहता है कि वह कब तक वापस आएंगे। बिग बी ने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि इस जानकारी से वह कई तरह की परेशानी से बच जाते हैं।

    उन्होंने आगे बताया कि अगर वह परिवार को अपने देर से आने की जानकारी न दें तो घर पहुंचने पर उन्हें सवालों का सामना करना पड़ सकता है। उनसे पूछा जा सकता है कि वह कहां थे और इतनी देर से घर क्यों आए। इसलिए अमिताभ पहले ही अपने शेड्यूल की जानकारी परिवार को दे देते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अगर वह बहुत देर से घर पहुंचते हैं तो जया बच्चन अपना खाना खाकर सो जाती हैं।

    बिग बी ने घरेलू जिम्मेदारियों को लेकर भी अपनी दिनचर्या की एक झलक साझा की। उन्होंने बताया कि अगर वह काम से देर रात घर पहुंचते हैं और उस समय कोई घरेलू मदद उपलब्ध नहीं होती तो वह खुद खाना परोसते हैं। खाना खाने के बाद वह सफाई भी करते हैं। इस तरह KBC 18 का यह एपिसोड अमिताभ बच्चन के मजाकिया अंदाज के साथ उनकी पारिवारिक जिंदगी की कुछ दिलचस्प झलकियां भी सामने लेकर आया।

  • अमिताभ बच्चन ने शूटिंग के बीच डायरेक्टर को ही कर दिया सेट से बाहर

    अमिताभ बच्चन ने शूटिंग के बीच डायरेक्टर को ही कर दिया सेट से बाहर

    मुंबई। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन अपने अनुशासन और प्रोफेशनल अंदाज के लिए जाने जाते हैं। शूटिंग के दौरान वह अपने काम पर पूरी तरह फोकस रखने के लिए भी मशहूर रहे हैं। लेकिन एक दौर में एक ऐसा दिलचस्प किस्सा हुआ, जब अमिताभ बच्चन ने अपनी फिल्म के डायरेक्टर को ही सेट से बाहर जाने के लिए कह दिया था। खास बात यह है कि इसके पीछे कोई गुस्सा या विवाद नहीं, बल्कि डायरेक्टर की हंसी वजह बनी थी।

    जब बिग बी के डायलॉग पर बार-बार हंस रहे थे डायरेक्टर

    यह किस्सा साल 1982 में आई फिल्म ‘नमक हलाल’ की शूटिंग से जुड़ा है। फिल्म में अमिताभ बच्चन का एक डायलॉग बेहद लोकप्रिय हुआ था—‘आई कैन टॉक इंग्लिश, आई कैन वॉक इंग्लिश’

    बताया जाता है कि यह डायलॉग अमिताभ बच्चन ने शूटिंग के दौरान अपने अंदाज में इम्प्रोवाइज किया था। जब भी वह इस संवाद को बोलते, फिल्म के निर्देशक प्रकाश मेहरा को हंसी आ जाती थी।

    डायरेक्टर की हंसी से अमिताभ बच्चन का फोकस प्रभावित होने लगा। ऐसे में उन्होंने प्रकाश मेहरा से कुछ देर के लिए सेट से बाहर जाने को कह दिया।

    गुस्से में नहीं, सीन पूरा करने के लिए उठाया कदम

    अमिताभ बच्चन का यह फैसला किसी नाराजगी की वजह से नहीं था। वह चाहते थे कि शूटिंग के दौरान माहौल शांत रहे और वह अपना सीन पूरी एकाग्रता के साथ पूरा कर सकें।

    प्रकाश मेहरा ने भी अभिनेता की बात मानी और सेट से बाहर चले गए। इसके बाद अमिताभ ने अपना सीन पूरा किया। यही छोटा-सा किस्सा आज भी ‘नमक हलाल’ की शूटिंग से जुड़े दिलचस्प किस्सों में गिना जाता है।

    ‘नमक हलाल’ में अमिताभ का अंदाज बना यादगार

    ‘नमक हलाल’ में अमिताभ बच्चन के साथ शशि कपूर, स्मिता पाटिल, परवीन बाबी और वहीदा रहमान जैसे कलाकार नजर आए थे। फिल्म में अमिताभ का किरदार गांव से शहर आए एक सीधे-सादे युवक का था, जिसके बोलने का अंदाज और कॉमिक टाइमिंग दर्शकों को खूब पसंद आई।

    फिल्म का ‘आई कैन टॉक इंग्लिश…’ वाला संवाद आज भी अमिताभ के सबसे चर्चित कॉमिक डायलॉग्स में शामिल है।

    उस दौर में बिग बी के सामने थी ‘हीरोइन क्राइसिस’

    ‘नमक हलाल’ के दौर को लेकर यह भी कहा जाता है कि अमिताभ बच्चन के सामने लीडिंग एक्ट्रेसेज को लेकर कुछ चुनौतियां थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उस समय उन्होंने रेखा के साथ काम करना बंद कर दिया था। राखी ज्यादा मैच्योर किरदार निभा रही थीं, जबकि परवीन बाबी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कारण लगातार काम नहीं कर पा रही थीं।

    नीतू सिंह भी फिल्मी करियर से दूरी बनाने की तैयारी में थीं। वहीं रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि अमिताभ मौसमी चटर्जी और शबाना आजमी के साथ काम करने के इच्छुक नहीं थे। ऐसे में उस दौर में उनके लिए उपयुक्त हीरोइन तलाशना आसान नहीं था।

    शशि कपूर के साथ लीड हीरो के तौर पर आखिरी फिल्म

    ‘नमक हलाल’ अमिताभ बच्चन और शशि कपूर की बतौर लीड हीरो साथ में आखिरी फिल्मों में से एक थी। इसके बाद दोनों ‘अकेला’ में नजर आए, लेकिन उसमें शशि कपूर का किरदार छोटा था और अमिताभ मुख्य भूमिका में थे।

    बाद में शशि कपूर ने फिल्म ‘अजूबा’ का निर्देशन किया, जिसमें अमिताभ बच्चन ने भी अभिनय किया था। इस तरह दोनों की जोड़ी ने पर्दे पर अभिनय के साथ-साथ एक निर्देशक-अभिनेता के रूप में भी साथ काम किया।

  • मजदूरी से पढ़ाई तक और फिर KBC की हॉटसीट! विशाल ने 5 लाख जीतकर रचा कमाल, अब सामने होगा 50 लाख का सवाल

    मजदूरी से पढ़ाई तक और फिर KBC की हॉटसीट! विशाल ने 5 लाख जीतकर रचा कमाल, अब सामने होगा 50 लाख का सवाल


    नई दिल्ली। ‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ का मंच एक बार फिर ऐसी कहानी का गवाह बना है जिसने ज्ञान के साथ मेहनत और हौसले की ताकत भी दिखा दी। महाराष्ट्र के वाशिम जिले से पहुंचे विशाल प्रेमचंद राठौड़ ने अपनी शानदार समझ और तेज दिमाग के दम पर 5 लाख रुपये की रकम जीत ली है। विशाल की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि वह ऐसे परिवार से आते हैं जहां रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए परिवार के सदस्यों को दिहाड़ी मजदूरी तक करनी पड़ती है। आर्थिक परेशानियों के बावजूद पढ़ाई का सपना नहीं छोड़ा और अब अमिताभ बच्चन के सामने हॉटसीट पर बैठकर उन्होंने अपनी मेहनत का शानदार उदाहरण पेश किया है। 5 लाख रुपये जीतने के बाद अब विशाल 50 लाख रुपये के सवाल का सामना करेंगे।
    विशाल ने ‘फास्टेस्ट फिंगर फर्स्ट’ राउंड में सबसे तेज जवाब देकर हॉटसीट तक पहुंचने में कामयाबी हासिल की। जब वह अमिताभ बच्चन के सामने पहुंचे तो इस खास पल की खुशी और भावनाओं को संभालना उनके लिए आसान नहीं था। उनके माता-पिता और दोनों बहनें भी शो में मौजूद थीं। बेटे को इतने बड़े मंच पर देखकर परिवार की आंखों में खुशी साफ दिखाई दी। विशाल के लिए यह सिर्फ एक टीवी शो में पहुंचने की उपलब्धि नहीं बल्कि वर्षों से चले आ रहे संघर्ष के बीच मिली बड़ी कामयाबी है।

    विशाल ने शो में अपने परिवार की आर्थिक स्थिति के बारे में भी बताया। उनके पिता दिहाड़ी मजदूरी करते हैं और कई बार विशाल भी उनके साथ काम की तलाश में निकलते हैं। उनकी मां सफाईकर्मी के तौर पर काम करती हैं। परिवार की आमदनी का कोई स्थायी जरिया नहीं है और इसके बावजूद हर महीने करीब 7 हजार रुपये मकान का किराया देना पड़ता है। विशाल खुद मजदूरी करके रोजाना लगभग 500 से 600 रुपये कमा पाते हैं। सबसे मुश्किल बात यह है कि हर दिन काम मिलना भी तय नहीं होता। कई बार काम नहीं मिलने पर उन्हें खाली हाथ वापस लौटना पड़ता है।

    इन मुश्किल परिस्थितियों के बीच विशाल ने अपनी पढ़ाई जारी रखी। उन्होंने मजदूरी के साथ पढ़ाई पूरी की और पिछले करीब तीन साल से महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग यानी MPSC की तैयारी कर रहे हैं। उनका सपना सरकारी अधिकारी बनने का है। वह चाहते हैं कि एक दिन उनकी मेहनत रंग लाए और वह अपने परिवार को आर्थिक तंगी से बाहर निकाल सकें।

    हालांकि उनके लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना भी आसान नहीं था। कई बार परीक्षा का फॉर्म भरने तक के लिए पैसे जुटाना मुश्किल हो जाता था। पढ़ाई के लिए जरूरी किताबें खरीदने में भी आर्थिक परेशानियां सामने आती थीं। लेकिन इन परिस्थितियों ने विशाल के हौसले को कमजोर नहीं किया। उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपना लक्ष्य नहीं छोड़ा।

    अब KBC 18 ने विशाल को अपनी मेहनत और ज्ञान दिखाने का एक बड़ा मंच दिया है। 5 लाख रुपये जीतने के बाद उनके सामने 50 लाख रुपये का सवाल है। विशाल के आगे का सफर कितना लंबा होगा और क्या वह बड़ी रकम अपने नाम कर पाएंगे यह आने वाले एपिसोड में पता चलेगा। फिलहाल उनकी कहानी उन तमाम युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है जो कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं।

  • आज महानायक लेकिन कभी सेट पर मिली थी फटकार, अमिताभ बच्चन बोले- शुरुआत में बहुत डांट पड़ती थी

    आज महानायक लेकिन कभी सेट पर मिली थी फटकार, अमिताभ बच्चन बोले- शुरुआत में बहुत डांट पड़ती थी

    नई दिल्ली । अमिताभ बच्चन आज हिंदी सिनेमा के महानायकों में शुमार हैं। उनकी आवाज अभिनय और व्यक्तित्व की अपनी अलग पहचान है। दशकों से वह फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं और आज भी उनकी लोकप्रियता कम नहीं हुई है। लेकिन जिस मुकाम पर अमिताभ बच्चन आज खड़े हैं वहां तक पहुंचने का उनका सफर आसान नहीं था। करियर के शुरुआती दौर में उन्हें भी कई बार आलोचना और कड़ी फटकार का सामना करना पड़ा था। कौन बनेगा करोड़पति 18 के एक स्पेशल एपिसोड में बिग बी ने अपने संघर्ष के दिनों से जुड़ा ऐसा ही किस्सा सुनाया जिसने उनके प्रशंसकों का ध्यान खींचा।

    केबीसी 18 के इस खास एपिसोड में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के गोल्ड मेडलिस्ट लवलीना बोर्गोहैन के साथ झंडू कुमार शर्मिला धंकर और अस्मिता डे भी पहुंचीं। बातचीत के दौरान अस्मिता डे ने अमिताभ बच्चन से पूछा कि क्या उन्हें कभी फिल्म के सेट पर डांट सुननी पड़ी है। सवाल सुनते ही बिग बी ने अपने पुराने दिनों को याद किया और बताया कि शुरुआत में उन्हें काफी डांट पड़ती थी। अमिताभ ने बताया कि उन्हें यहां तक सुनना पड़ा था कि तुम्हें कुछ नहीं आता तुम बहुत लंबे हो घर जाओ।

    अमिताभ बच्चन के इस खुलासे से साफ है कि उनके शुरुआती करियर में उनकी लंबाई को लेकर भी सवाल उठाए जाते थे। जिस कद को आज उनकी पहचान का हिस्सा माना जाता है उसी को कभी उनके खिलाफ इस्तेमाल किया जाता था। उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि लंबे कद वाला यह कलाकार आगे चलकर हिंदी सिनेमा का सबसे बड़ा नाम बनेगा। अमिताभ ने जिस सहज अंदाज में यह किस्सा साझा किया उससे उनके संघर्ष के दिनों की तस्वीर सामने आती है।

    अमिताभ बच्चन का फिल्मी सफर कई उतार चढ़ाव से भरा रहा है। शुरुआती दौर में उन्हें सफलता के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। कई फिल्मों में काम करने के बावजूद उन्हें वह पहचान नहीं मिली जिसकी उन्हें तलाश थी। लेकिन उन्होंने आलोचनाओं और असफलताओं को अपने रास्ते की दीवार नहीं बनने दिया। धीरे धीरे उनकी अभिनय क्षमता और अलग अंदाज ने दर्शकों के बीच जगह बनाई और देखते ही देखते वह बॉलीवुड के सबसे बड़े सितारों में शामिल हो गए।

    केबीसी में अमिताभ बच्चन अक्सर अपनी निजी जिंदगी से जुड़े मजेदार किस्से भी बताते हैं। एक अन्य एपिसोड में उनसे पूछा गया कि अगर वह शूटिंग की वजह से देर रात घर पहुंचते हैं तो क्या पत्नी जया बच्चन से उन्हें डांट सुननी पड़ती है। इस पर बिग बी ने मजाकिया अंदाज में बताया कि वह पहले से ही परिवार को सूचना दे देते हैं। अमिताभ के मुताबिक अगर उन्हें पता होता है कि शूटिंग की वजह से देर होगी तो वह सुबह परिवार के ग्रुप में संदेश भेजकर बता देते हैं कि आज देर से घर आएंगे और खाने पर उनका इंतजार न किया जाए।

    उन्होंने बताया कि इस तरह पहले से सूचना देने पर डांट से बच जाते हैं लेकिन अगर बिना बताए देर हो जाए तो फिर डांट पड़ना तय है। अमिताभ का यह अंदाज दर्शकों को काफी पसंद आता है क्योंकि इससे महानायक की जिंदगी का एक घरेलू और सामान्य पहलू भी सामने आता है।

    वर्कफ्रंट की बात करें तो अमिताभ बच्चन पिछली बार रजनीकांत के साथ फिल्म वेट्टैयन में नजर आए थे। दोनों ने लंबे समय बाद एक साथ स्क्रीन शेयर की थी। बॉलीवुड में उनकी पिछली प्रमुख फिल्म ऊंचाई थी जो 2022 में रिलीज हुई थी। इसके अलावा वह कई फिल्मों में वॉइस ओवर और स्पेशल अपीयरेंस भी दे चुके हैं।

    अब अमिताभ बच्चन के प्रशंसकों को उनकी अगली बड़ी फिल्म कल्कि 2898 एडी 2 का इंतजार है। फिल्म में उनके साथ प्रभास और कमल हासन जैसे बड़े कलाकार नजर आएंगे। बिग बी का सफर यह बताता है कि आज जिस कलाकार को दुनिया महानायक के नाम से जानती है उसे भी कभी अपने कद अभिनय और क्षमता को लेकर आलोचना सुननी पड़ी थी। लेकिन उन्होंने उन बातों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया और लगातार मेहनत करते हुए ऐसा मुकाम हासिल किया जिसे भारतीय सिनेमा के इतिहास में हमेशा याद किया जाएगा।

  • 3 फीट का कद, हौसला आसमान से ऊंचा! KBC 18 में छाए डॉ. गणेश बरैया की कहानी सुन भावुक हुए लोग

    3 फीट का कद, हौसला आसमान से ऊंचा! KBC 18 में छाए डॉ. गणेश बरैया की कहानी सुन भावुक हुए लोग


    नई दिल्ली। अमिताभ बच्चन के लोकप्रिय क्विज शो कौन बनेगा करोड़पति 18 में इस बार हॉट सीट पर पहुंचे डॉ. गणेश बरैया ने अपने खेल से ज्यादा अपनी जिंदगी की कहानी से लोगों का ध्यान खींचा। गुजरात के भावनगर जिले के गोरखी गांव से आने वाले गणेश का कद भले ही करीब 3 फीट है लेकिन उनके हौसले और संघर्ष की कहानी किसी बड़े प्रेरणादायक किरदार से कम नहीं है। KBC 18 के हालिया एपिसोड में उन्होंने अपने बचपन से लेकर डॉक्टर बनने तक के सफर के कई ऐसे किस्से साझा किए जिन्हें सुनकर दर्शक भावुक हो गए।

    गणेश बरैया जन्म से ड्वार्फिज्म की चुनौती से जूझते रहे हैं और उनके शरीर का 72 प्रतिशत हिस्सा लोकोमोटर डिसेबिलिटी से प्रभावित है। इसके बावजूद उन्होंने पढ़ाई में कभी अपनी शारीरिक स्थिति को बाधा नहीं बनने दिया। उन्होंने 12वीं कक्षा में 87 प्रतिशत अंक हासिल किए और साल 2018 में NEET परीक्षा भी पास की। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने दिव्यांग कोटे के तहत मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल की थी। हालांकि डॉक्टर बनने की उनकी राह इतनी आसान नहीं थी। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से उनकी शारीरिक अक्षमता को लेकर MBBS में प्रवेश पर आपत्ति जताई गई थी।

    इसके बाद गणेश के स्कूल प्रिंसिपल डॉ. दलपत कटारिया उनके साथ मजबूती से खड़े हुए। मामला अदालत तक पहुंचा और लंबी कानूनी लड़ाई के बाद सुप्रीम कोर्ट से गणेश के पक्ष में फैसला आया। इसके बाद 2019 में उन्हें भावनगर मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिला और उन्होंने MBBS की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के दौरान भी उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा लेकिन शिक्षकों और दोस्तों के सहयोग से उन्होंने अपनी मंजिल हासिल की।

    गणेश की जिंदगी का सबसे भावुक अध्याय उनके बचपन से जुड़ा है। उन्होंने KBC में बताया कि जब वह छोटे थे तब सर्कस से जुड़े कुछ लोग उनके घर पहुंचे थे। उनके पिता को गणेश को अपने साथ ले जाने के बदले 5 लाख रुपये देने का प्रस्ताव दिया गया था। लेकिन उनके पिता ने पैसों के बजाय बेटे की पढ़ाई और सम्मान को चुना। इस घटना की पुष्टि पहले की रिपोर्टों में भी हुई है। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक गणेश करीब 10 साल के थे जब एक सर्कस मंडली ने उन्हें खरीदने के लिए 5 लाख रुपये की पेशकश की थी। उनके पिता ने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया और इसके बाद गणेश की सुरक्षा को लेकर और भी सतर्क रहे।

    गणेश बताते हैं कि उनकी बहनें उन्हें गोद में उठाकर स्कूल ले जाती थीं और उनके पिता उन्हें कंधे पर बैठाकर पढ़ने भेजते थे। परिवार के इसी भरोसे ने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी। आज वही गणेश भावनगर के अस्पताल में डॉक्टर के तौर पर मरीजों की सेवा कर रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार वह मेडिकल ऑफिसर के रूप में काम कर चुके हैं और अस्पताल में मरीजों के इलाज से जुड़े काम में सक्रिय रहे हैं।

    KBC 18 में गणेश ने फास्टेस्ट फिंगर फर्स्ट चैलेंज जीतकर हॉट सीट तक अपनी जगह बनाई। उन्होंने शुरुआती सवालों का सही जवाब देते हुए 3 लाख रुपये के सवाल तक का सफर तय किया लेकिन उस समय तक उनकी सभी लाइफलाइन खत्म हो चुकी थीं। सवाल का सही जवाब नहीं दे पाने के कारण उनकी जीती हुई रकम घटकर 25 हजार रुपये रह गई और उनकी KBC यात्रा वहीं समाप्त हो गई।

    गणेश बरैया की कहानी इस बात की मिसाल है कि किसी इंसान की पहचान उसके कद या शारीरिक स्थिति से नहीं बल्कि उसके हौसले और काम से होती है। जिस बच्चे को कभी सर्कस में भेजने के लिए 5 लाख रुपये की पेशकश की गई थी आज वही बच्चा डॉक्टर बनकर मरीजों की जिंदगी बचाने के काम में जुटा है। KBC की हॉट सीट पर गणेश की मौजूदगी ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि सपनों की कोई ऊंचाई नहीं होती और मजबूत इरादों के सामने मुश्किल से मुश्किल रास्ता भी आसान हो सकता है।

  • 83 की उम्र में भी अमिताभ बच्चन का जुनून कायम, KBC डायरेक्टर ने बताया हर एपिसोड की तैयारी का राज

    83 की उम्र में भी अमिताभ बच्चन का जुनून कायम, KBC डायरेक्टर ने बताया हर एपिसोड की तैयारी का राज


    नई दिल्ली । कौन बनेगा करोड़पति अपने 18वें सीजन के साथ एक बार फिर दर्शकों के बीच लौटने की तैयारी में है और इस बार भी शो की सबसे बड़ी पहचान अमिताभ बच्चन ही हैं। शो की शुरुआत से ही बिग बी इसके चेहरे रहे हैं। तीसरे सीजन को छोड़ दिया जाए तो पिछले 26 वर्षों से अमिताभ बच्चन और KBC का रिश्ता लगातार कायम है। दर्शकों को हर एपिसोड में उनका सवाल पूछने का अंदाज और कंटेस्टेंट्स के साथ उनकी बातचीत दिखाई देती है लेकिन कैमरे के पीछे बिग बी जिस तरह हर एपिसोड की तैयारी करते हैं उसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। KBC के डायरेक्टर अरुण शेषकुमार ने एक खास बातचीत में अमिताभ बच्चन की कार्यशैली और उनकी ऊर्जा से जुड़े कई दिलचस्प पहलुओं का खुलासा किया है।

    अरुण शेषकुमार के मुताबिक 26 साल बीत जाने के बावजूद अमिताभ बच्चन के काम करने का तरीका आज भी पहले जैसा ही है। वह शूटिंग के दिन सुबह सेट पर पहुंचते हैं और सबसे पहले स्क्रिप्ट देखते हैं। शो की शुरुआत और अंत का हिस्सा स्क्रिप्टेड होता है जबकि बाकी पूरा एपिसोड कंटेस्टेंट के साथ मौके पर होने वाली बातचीत के आधार पर आगे बढ़ता है। यही वजह है कि हर कंटेस्टेंट को समझना उनके लिए बेहद जरूरी हो जाता है।

    डायरेक्टर ने बताया कि टीम को पहले से यह पता नहीं होता कि हॉट सीट पर आखिर कौन पहुंचेगा। ऐसे में हर एपिसोड से पहले करीब 10 संभावित कंटेस्टेंट्स की प्रोफाइल और उनकी जिंदगी से जुड़ी कहानियां तैयार रखी जाती हैं। अमिताभ बच्चन इन सभी प्रोफाइल को ध्यान से पढ़ते हैं और कंटेस्टेंट्स की जिंदगी को समझने की कोशिश करते हैं। जब कोई व्यक्ति हॉट सीट पर पहुंचता है तो बिग बी उसकी कहानी और संघर्ष के मुताबिक बातचीत का अंदाज तय करते हैं। यही खूबी उन्हें सिर्फ एक टीवी होस्ट नहीं बल्कि कंटेस्टेंट्स के साथ जुड़ने वाला कलाकार बनाती है।

    अरुण शेषकुमार के मुताबिक अमिताभ बच्चन की एक और बड़ी खासियत यह है कि वह सामने बैठे व्यक्ति की बॉडी लैंग्वेज और घबराहट को तुरंत समझ लेते हैं। अगर कोई कंटेस्टेंट तनाव में होता है या अपनी बात खुलकर नहीं रख पाता तो बिग बी पहले उसे सहज करने की कोशिश करते हैं। वह बातचीत के जरिए उसका आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और फिर उसे अपनी कहानी साझा करने के लिए प्रेरित करते हैं। यही कारण है कि KBC में कंटेस्टेंट और होस्ट के बीच होने वाली बातचीत कई बार बेहद व्यक्तिगत और भावनात्मक नजर आती है।

    अमिताभ बच्चन की भूमिका केवल शो की मेजबानी तक सीमित नहीं है। डायरेक्टर के अनुसार हर सीजन में बिग बी के सुझाव मिलते हैं और उनका योगदान शो को बेहतर बनाने में अहम रहता है। वह सिर्फ गेम से जुड़े बदलावों पर सुझाव नहीं देते बल्कि पूरे कार्यक्रम को और प्रभावी बनाने के लिए अपनी राय साझा करते हैं। इतने लंबे समय से शो का हिस्सा होने के बावजूद उनका उत्साह और नएपन को लेकर नजरिया आज भी बरकरार है।

    सबसे ज्यादा चर्चा अमिताभ बच्चन की उम्र और उनकी ऊर्जा को लेकर होती है। अरुण शेषकुमार बताते हैं कि 83 साल की उम्र में भी सेट पर कई बार सबसे ज्यादा ऊर्जा अमिताभ बच्चन में ही दिखाई देती है। वह कहते हैं कि टीम के कई सदस्य उनसे उम्र में काफी छोटे होने के बावजूद उनकी ऊर्जा की बराबरी नहीं कर पाते। बिग बी का काम के प्रति जुनून और समर्पण पूरी टीम के लिए प्रेरणा है।

    हालांकि उनकी उम्र को देखते हुए KBC की टीम शूटिंग के दौरान उनकी सेहत और आराम का विशेष ध्यान रखती है। कोशिश की जाती है कि काम के घंटे बहुत लंबे न हों और उन्हें पर्याप्त ब्रेक मिलता रहे। सेट पर उनकी सुविधा और आराम का पूरा ध्यान रखा जाता है। इसके बावजूद कैमरा ऑन होते ही उनकी ऊर्जा और पेशेवर अंदाज ऐसा दिखाई देता है कि उनकी उम्र का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि 26 साल बाद भी अमिताभ बच्चन KBC की सबसे बड़ी ताकत बने हुए हैं।

  • ICU और सर्जरी वाली पोस्ट पर बिग बी ने दिया बड़ा बयान बताया आखिर किस संदर्भ में लिखी थी बात

    ICU और सर्जरी वाली पोस्ट पर बिग बी ने दिया बड़ा बयान बताया आखिर किस संदर्भ में लिखी थी बात


    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन की एक ब्लॉग पोस्ट ने उनके प्रशंसकों की चिंता बढ़ा दी थी। ब्लॉग में सर्जरी ICU और रिकवरी का जिक्र होने के बाद सोशल मीडिया पर उनकी सेहत को लेकर कई तरह की अटकलें लगने लगीं। हालांकि अब खुद अमिताभ बच्चन ने सामने आकर पूरी स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि उनकी कोई सर्जरी नहीं हुई है और लोग उनकी बात का अर्थ गलत समझ बैठे।

    अमिताभ बच्चन ने कहा कि वह पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनकी तबीयत को लेकर फैल रही खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने बताया कि ब्लॉग में उन्होंने सर्जरी और ICU का उल्लेख केवल एक उदाहरण के रूप में किया था। उनका उद्देश्य यह बताना था कि किसी भी व्यक्ति के लिए कठिन दौर के बाद सामान्य जीवन में लौटना सबसे चुनौतीपूर्ण समय होता है।

    उन्होंने समझाया कि जब कोई व्यक्ति सर्जरी या गंभीर बीमारी के बाद ICU से घर लौटता है तो उसके सामने शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनने की बड़ी चुनौती होती है। इसी तरह जब कोई चैंपियन हार का सामना करता है तो उसके लिए भी सबसे कठिन समय वही होता है जब उसे खुद को फिर से संभालना पड़ता है। उनका कहना था कि इसी भाव को समझाने के लिए उन्होंने यह उदाहरण दिया था लेकिन लोगों ने इसे उनकी निजी स्वास्थ्य स्थिति से जोड़ लिया।

    अमिताभ बच्चन ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी ब्लॉग पोस्ट का संबंध उनकी सेहत से नहीं बल्कि हाल ही में हुए फीफा विश्व कप फाइनल से था। उन्होंने बताया कि वह अर्जेंटीना की हार और एक चैंपियन खिलाड़ी के रूप में लियोनेल मेसी की भावनात्मक स्थिति का जिक्र कर रहे थे। उनका उद्देश्य यह समझाना था कि हार के बाद किसी भी विजेता के लिए मानसिक रूप से खुद को संभालना कितना कठिन होता है।

    उन्होंने कहा कि उनकी बात को संदर्भ से अलग करके देखा गया जिसके कारण यह गलतफहमी फैल गई कि उनकी सर्जरी हुई है या वह अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने अपने प्रशंसकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी चिंता और शुभकामनाएं उनके लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रही हैं।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो अमिताभ बच्चन जल्द ही फिल्म कल्कि 2898 एडी के सीक्वल में नजर आएंगे। इसके अलावा वह लोकप्रिय क्विज शो कौन बनेगा करोड़पति के नए सीजन की मेजबानी भी करते दिखाई देंगे। लंबे समय से सक्रिय अमिताभ बच्चन आज भी फिल्मों और टेलीविजन दोनों माध्यमों में लगातार काम कर रहे हैं।

    अमिताभ बच्चन का फिल्मी सफर भी संघर्षों से भरा रहा है। शुरुआती दौर में लगातार कई फिल्मों की असफलता के बाद उन्होंने अभिनय छोड़ने का विचार बना लिया था। लेकिन वर्ष 1973 में आई फिल्म जंजीर ने उनके करियर की दिशा बदल दी और इसके बाद उन्होंने सफलता की ऐसी कहानी लिखी जो आज भी भारतीय सिनेमा के इतिहास में मिसाल मानी जाती है।

  • 1982 फिल्मफेयर में हुआ बड़ा उलटफेर, नसीरुद्दीन शाह के आगे फीके पड़े अमिताभ और राजेश खन्ना

    1982 फिल्मफेयर में हुआ बड़ा उलटफेर, नसीरुद्दीन शाह के आगे फीके पड़े अमिताभ और राजेश खन्ना


    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा के इतिहास में 1982 का फिल्मफेयर अवॉर्ड समारोह उन यादगार मौकों में गिना जाता है, जब स्टारडम से ज्यादा अभिनय को महत्व मिला। उस दौर में अमिताभ बच्चन, राजेश खन्ना, कमल हासन और दिलीप कुमार जैसे सितारों का दबदबा था, लेकिन बेस्ट एक्टर का पुरस्कार नसीरुद्दीन शाह ने अपनी दमदार अदाकारी के दम पर जीत लिया।

    साल 1981 में अमिताभ बच्चन की ‘नसीब’, ‘लावारिस’ और ‘याराना’ जैसी सुपरहिट फिल्में रिलीज हुई थीं। वहीं राजेश खन्ना, कमल हासन और अन्य बड़े सितारों की फिल्में भी दर्शकों के बीच खूब पसंद की गईं। इसके बावजूद 29वें फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में नसीरुद्दीन शाह ने फिल्म ‘चक्र’ के लिए बेस्ट एक्टर का सम्मान अपने नाम किया।

    उस वर्ष बेस्ट एक्टर की दौड़ में अमिताभ बच्चन को ‘लावारिस’ और ‘सिलसिला’, राजेश खन्ना को ‘दर्द’ तथा कमल हासन को ‘एक दूजे के लिए’ के लिए नामांकन मिला था। हालांकि निर्णायकों ने नसीरुद्दीन शाह के यथार्थवादी और प्रभावशाली अभिनय को सर्वश्रेष्ठ माना।

    सिर्फ नसीरुद्दीन शाह ही नहीं, स्मिता पाटिल ने भी फिल्म ‘चक्र’ के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्मफेयर अवॉर्ड जीता। उन्होंने हेमा मालिनी, जया बच्चन, रेखा और राखी जैसी दिग्गज अभिनेत्रियों को पीछे छोड़ दिया। ‘चक्र’ को कुल छह श्रेणियों में नामांकन मिला था, जिनमें से तीन पुरस्कार फिल्म ने अपने नाम किए। दिलचस्प बात यह रही कि अमिताभ बच्चन की चर्चित फिल्मों को उस वर्ष कोई फिल्मफेयर अवॉर्ड नहीं मिला।

    समाज का आईना थी ‘चक्र’

    निर्देशक रवींद्र धर्मराज की फिल्म ‘चक्र’ मुंबई की झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले गरीब परिवारों के संघर्ष को बेहद यथार्थवादी अंदाज में दिखाती है। फिल्म में स्मिता पाटिल ने ‘अम्मा’ का किरदार निभाया है, जो पति की मौत के बाद अपने बेटे का पालन-पोषण करने के लिए संघर्ष करती है। इसी दौरान उसकी मुलाकात नसीरुद्दीन शाह द्वारा निभाए गए ‘लुक्का’ के किरदार से होती है। गरीबी, सामाजिक असमानता और जीवन के कठोर यथार्थ को दिखाने वाली इस फिल्म को भारतीय समानांतर सिनेमा की महत्वपूर्ण फिल्मों में गिना जाता है।

    आज भी ‘चक्र’ को नसीरुद्दीन शाह और स्मिता पाटिल के करियर की बेहतरीन फिल्मों में शामिल किया जाता है। अभिनय की बारीकियों और मजबूत कहानी के कारण यह फिल्म समय के साथ एक क्लासिक का दर्जा हासिल कर चुकी है।

  • 83 की उम्र में भी नहीं थम रहा अमिताभ बच्चन का जुनून, एक ही दिन में शूट कर डालीं 12 शॉर्ट फिल्में

    83 की उम्र में भी नहीं थम रहा अमिताभ बच्चन का जुनून, एक ही दिन में शूट कर डालीं 12 शॉर्ट फिल्में


    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा के महानायक Amitabh Bachchan आज भी अपनी ऊर्जा, अनुशासन और काम के प्रति समर्पण से नई पीढ़ी को प्रेरित कर रहे हैं। 83 वर्ष की उम्र में जहां अधिकांश लोग आरामदायक जीवन की ओर बढ़ते हैं, वहीं अमिताभ बच्चन लगातार काम में व्यस्त हैं और अपने प्रोफेशनल कमिटमेंट्स को पूरी गंभीरता से निभा रहे हैं। हाल ही में उन्होंने ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसने उनके प्रशंसकों को हैरान और प्रभावित दोनों कर दिया है।

    अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग के जरिए जानकारी दी कि उन्होंने एक ही दिन में 12 शॉर्ट फिल्मों की शूटिंग पूरी की है। उन्होंने देर रात अपने ब्लॉग में लिखा कि काम तो काम है और उसे पूरी ईमानदारी के साथ करना ही उनकी प्राथमिकता है। बिग बी ने बताया कि 12 शॉर्ट फिल्मों की शूटिंग पूरी हो चुकी है और अभी दो और शूट बाकी हैं। इसके बाद भी वह अपने प्रशंसकों से जुड़ने के लिए ब्लॉग लिख रहे थे।

    उन्होंने लिखा कि कई दिनों की तैयारी, लगातार पढ़ाई और कठिन परिश्रम के बाद भी वह अपने इरादों और काम करने के तरीके से कभी समझौता नहीं करते। उनके अनुसार, किसी भी काम को पूरी लगन और समर्पण के साथ करना ही सफलता की कुंजी है। ब्लॉग के अंत में उन्होंने यह भी लिखा कि अब वह आराम करने जा रहे हैं क्योंकि लंबे दिन के बाद शरीर को विश्राम की भी जरूरत होती है।

    बिग बी ने अपने प्रशंसकों के साथ अपने खास रिश्ते का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि फैंस के साथ उनका जुड़ाव कभी नहीं टूटना चाहिए। बाकी चीजें समय के साथ बदल सकती हैं, लेकिन दर्शकों का प्यार और संवाद उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण है।

    अमिताभ बच्चन की इस पोस्ट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रशंसकों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई लोगों ने उन्हें प्रेरणा का स्रोत बताया। एक यूजर ने लिखा कि अमिताभ बच्चन की कार्यशैली और अनुशासन युवाओं के लिए सीख है। वहीं दूसरे प्रशंसक ने लिखा कि इतनी उम्र में भी जिस तरह वह लगातार काम कर रहे हैं, वह अविश्वसनीय है। हालांकि कुछ प्रशंसकों ने उनकी सेहत को लेकर चिंता भी जताई और उन्हें पर्याप्त आराम करने की सलाह दी।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो अमिताभ बच्चन आखिरी बार Vettaiyan में नजर आए थे, जिसमें उनके साथ Rajinikanth मुख्य भूमिका में थे। फिल्म में दोनों दिग्गज कलाकारों की जोड़ी को दर्शकों ने काफी पसंद किया था।

    आने वाले समय में अमिताभ बच्चन Kalki 2898 AD Part 2 में दिखाई देंगे। इस फिल्म में उनके साथ Prabhas और Kamal Haasan भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में होंगे। फिल्म का पहला भाग Kalki 2898 AD बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता साबित हुआ था और दुनियाभर में 1000 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार करने में सफल रहा था।

    फिलहाल अमिताभ बच्चन की यह उपलब्धि एक बार फिर साबित करती है कि समर्पण, अनुशासन और मेहनत के सामने उम्र कोई मायने नहीं रखती।

  • जब मोहम्मद रफी ने बिना फीस गाईं सिर्फ 4 लाइनें, अमिताभ बच्चन की मौत वाले सीन ने रुला दिया था पूरा देश

    जब मोहम्मद रफी ने बिना फीस गाईं सिर्फ 4 लाइनें, अमिताभ बच्चन की मौत वाले सीन ने रुला दिया था पूरा देश


    नई दिल्ली। हिंदी फिल्म संगीत के इतिहास में कुछ ऐसे गीत और कुछ ऐसे क्षण हैं, जो समय बीतने के बावजूद लोगों के दिलों में हमेशा जिंदा रहते हैं। महान पार्श्वगायक मोहम्मद रफी की आवाज भी ऐसी ही एक विरासत है, जिसने पीढ़ियों को भावनाओं से जोड़ने का काम किया है। रफी साहब ने अपने करियर में हजारों गीत गाए, लेकिन एक फिल्म में उन्होंने केवल चार लाइनें गाकर ऐसा जादू पैदा किया कि वह दृश्य और वह गीत आज भी लोगों की आंखें नम कर देता है।

    यह किस्सा जुड़ा है साल 1978 में रिलीज हुई सुपरहिट फिल्म ‘मुकद्दर का सिकंदर’ से। निर्देशक प्रकाश मेहरा की इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए रिकॉर्ड बनाए थे। फिल्म में अमिताभ बच्चन, विनोद खन्ना, रेखा और राखी जैसे सितारों ने अभिनय किया था। कहानी, संवाद, संगीत और अभिनय के साथ-साथ इसका भावनात्मक क्लाइमेक्स भी दर्शकों के दिलों में हमेशा के लिए बस गया।

    फिल्म का संगीत मशहूर संगीतकार जोड़ी कल्याणजी-आनंदजी ने तैयार किया था, जबकि गीतकार अंजान ने इसके गीत लिखे थे। फिल्म के अधिकांश लोकप्रिय गीत किशोर कुमार की आवाज में रिकॉर्ड किए गए थे। ‘ओ साथी रे’, ‘रोते हुए आते हैं सब’ और टाइटल ट्रैक जैसे गीत उस दौर के सुपरहिट गानों में शामिल रहे। हालांकि फिल्म के अंतिम और सबसे भावनात्मक दृश्य के लिए संगीतकारों को कुछ अलग चाहिए था।

    कहा जाता है कि जब फिल्म के क्लाइमेक्स में सिकंदर की मौत का दृश्य फिल्माया गया, तब संगीतकार आनंदजी को लगा कि इस दृश्य में जिस दर्द, विरह और भावनात्मक गहराई की जरूरत है, उसे मोहम्मद रफी की आवाज से बेहतर कोई नहीं दे सकता। इसके लिए केवल चार लाइनों की आवश्यकता थी, लेकिन वे चार लाइनें पूरे दृश्य का भाव बदलने वाली थीं।

    संगीतकारों के सामने एक चुनौती भी थी। फिल्म के लगभग सभी गीत किशोर कुमार गा चुके थे और ऐसे में सिर्फ चार लाइनों के लिए मोहम्मद रफी से अनुरोध करना उन्हें थोड़ा असहज लग रहा था। आखिरकार आनंदजी ने रफी साहब से संपर्क किया और अपनी बात रखी। बताया जाता है कि रफी ने पहले पूछा कि जब पूरी फिल्म के गाने किशोर कुमार गा रहे हैं तो यह हिस्सा भी उनसे ही क्यों नहीं गवाया जाता। तब आनंदजी ने उन्हें समझाया कि इस दृश्य के लिए जिस दर्द और आत्मीयता की जरूरत है, वह उनकी आवाज में ही संभव है।

    रफी साहब ने इस अनुरोध को सहर्ष स्वीकार कर लिया। उन्होंने जिन चार पंक्तियों को अपनी आवाज दी, वे थीं- “जिंदगी तो बेवफा है, एक दिन ठुकराएगी, मौत महबूबा है अपने साथ लेकर जाएगी…”। इन पंक्तियों ने फिल्म के क्लाइमेक्स को एक अलग ही ऊंचाई पर पहुंचा दिया। दर्शकों ने न सिर्फ अमिताभ बच्चन के अभिनय को सराहा, बल्कि रफी की दर्दभरी आवाज ने भी उस दृश्य को अमर बना दिया।

    फिल्मी गलियारों में प्रचलित किस्सों के अनुसार, मोहम्मद रफी ने इन चार पंक्तियों के लिए कोई पारिश्रमिक नहीं लिया था। व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद उन्होंने यह रिकॉर्डिंग की और अपनी संवेदनशील गायकी से दृश्य में ऐसी जान डाल दी कि यह हिंदी सिनेमा के सबसे भावुक क्षणों में शामिल हो गया।

    आज, दशकों बाद भी जब ‘मुकद्दर का सिकंदर’ का यह दृश्य या यह गीत सुनाई देता है, तो दर्शकों की भावनाएं उसी तरह उमड़ पड़ती हैं। यह केवल एक गीत नहीं, बल्कि मोहम्मद रफी की कला, संवेदनशीलता और संगीत के प्रति उनके समर्पण का जीवंत उदाहरण माना जाता है।