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  • भोपाल में फर्जी पुलिस बनकर लूट और किडनैपिंग की वारदात, चार गिरफ्तार

    भोपाल में फर्जी पुलिस बनकर लूट और किडनैपिंग की वारदात, चार गिरफ्तार


    भोपाल । भोपाल की अरेरा कॉलोनी में 11 जनवरी की शाम एक सनसनीखेज वारदात हुई, जब पांच-छह बदमाश खुद को पुलिसकर्मी बताकर मेघना अपार्टमेंट के एक फ्लैट में घुसे। घटना ई-7 सेक्टर, हबीबगंज थाना क्षेत्र में हुई। फ्लैट में राहुल गुप्ता, अनिमेष वर्मा, अनुराग और नरेंद्र परमार मौजूद थे। बदमाशों ने युवकों को धमकी दी कि उन्हें एनडीपीएस केस में फंसा दिया जाएगा और उनके साथ मारपीट की। डर के मारे युवकों ने विरोध नहीं किया। बदमाशों ने तुरंत लूट की वारदात को अंजाम दिया। उन्होंने चारों से 79,800 रुपये नकद और तीन कीमती घड़ियां लूट लीं। इसके बाद बदमाशों ने चारों युवकों को उनकी ही कार में जबरन बैठा लिया और मिसरोद बाइपास टोल रोड की ओर ले गए, जहां उन्होंने और पैसे की मांग की।

    इस दौरान पीड़ित राहुल गुप्ता ने अपने परिचित आनंद रघुवंशी को फोन कर मदद मांगी। आनंद होशंगाबाद से एक लाख रुपये लेकर भोपाल पहुंचे। बदमाशों ने आनंद को पांच नंबर पेट्रोल पंप पर बुलाया। वहीं आनंद ने चतुराई दिखाते हुए बदमाशों का फोन छीन लिया और शोर मचाया कि वह असली पुलिस के साथ है। डर के मारे बदमाश मोबाइल छीनकर वहां से भाग निकले। घबराए हुए युवक तुरंत हबीबगंज थाने पहुंचे। हालांकि, पुलिस ने मामले को चार दिन तक दबाकर रखा, जिससे पीड़ितों में नाराजगी बनी रही। इसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज की और चार बदमाशों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया।

    इस वारदात ने इलाके में सनसनी फैलाकर लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के रूप में पेश होकर अपराध करना और लोगों को धमकी देकर लूट करना एक गंभीर मामला है। अधिकारियों ने अब कहा कि सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और अन्य शामिल व्यक्तियों की तलाश की जा रही है। वारदात ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया कि नागरिकों को अपनी सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है और संदिग्ध पुलिसकर्मियों से सावधान रहना चाहिए। CCTV फुटेज और मोबाइल ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस ने घटना का खुलासा किया, जिससे इलाके में भय का माहौल तो बना, लेकिन अपराधियों की गिरफ्तारी से राहत भी मिली।

  • मादुरो की गिरफ्तारी पर भड़के किम जोंग उन… ट्रंप को दी चेतावनी- मेरे दोस्त को छोड़ दो, वरना…

    मादुरो की गिरफ्तारी पर भड़के किम जोंग उन… ट्रंप को दी चेतावनी- मेरे दोस्त को छोड़ दो, वरना…


    सियोल।।
    वेनेजुएला (Venezuela) पर अमेरिका (America) की कार्रवाई और फिर राष्ट्रपति निकोलस (President Nicholas) की गिरफ्तारी के मामले ने वैश्विक राजनीति में गजब का तहलका मचा दिया है। दूसरी ओर इस पूरे मामले में वैश्विक राजनीति और गर्म तब हो गई जब इस पूरे मामले में उत्तर कोरिया (North Korea) के नेता किम जोंग उन (Kim Jong Un) भी कूद पड़े। किम जोंग ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी को लेकर अमेरिका को खुलकर चेतावनी दी है। मादुरो को अपना दोस्त बताते हुए किम जोंग ने कहा कि अगर उन्हें तुरंत रिहा नहीं किया गया तो इसके गंभीर वैश्विक परिणाम हो सकते हैं।

    मीडिया रिपोर्टस में बताया गया है कि किम जोंग ने अमेरिकी कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए ट्रंप को यहां तक चेताया कि यह टकराव विश्व युद्ध जैसी स्थिति पैदा कर सकता है। उन्होंने कहा कि अगर मादुरो को तुरंत रिहा नहीं किया गया, तो इसके गंभीर नतीजे हो सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका की यह कार्रवाई सिर्फ वेनेजुएला ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की शांति के लिए खतरा है। किम जोंग ने यहां तक कह दिया कि ऐसी कार्रवाइयों से विश्व युद्ध जैसी स्थिति बन सकती है।


    किम जोंग ने अमेरिका पर लगाया आरोप

    इस दौरान उत्तर कोरियाई नेता ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में जबरन दखल दे रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के राष्ट्रपति को इस तरह गिरफ्तार करना अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। किम जोंग ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की कि वेनेजुएला की संप्रभुता का सम्मान किया जाए और मादुरो को जल्द रिहा किया जाए।


    रूस समेत ये बड़े देश अमेरिका के खिलाफ

    बता दें कि वेनेजुएला पर अमेरिका के इस कार्रवाई को कई देशों ने गलत ठहराया है। रूस से लेकर कोलंबिया, क्यूबा, चिली, मेक्सिको, ब्राजील, ईरान, स्पेन और जर्मनी तक। इन सभी देशों ने अमेरिकी कार्रवाई की निंदा की है। रूस ने यहां तक कह दिया कि वेनेजुएला को अपना भविष्य खुद तय करने का अधिकार है और बाहरी सैन्य हस्तक्षेप अस्वीकार्य है। रूस ने संवाद के जरिए समाधान निकालने पर जोर दिया।

    वहीं कोलंबिया ने कहा कि वेनेजुएला पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। कोलंबिया ने यह साफ किया कि वह सैन्य टकराव नहीं चाहता, लेकिन शांति और मानव गरिमा की रक्षा जरूरी है। सुरक्षा कारणों से उसने वेनेजुएला सीमा पर अपनी सेना तैनात की।


    क्या वैश्विक मोड़ ले सकता है अमेरिका-वेनेजुएला तनाव?

    विशेषज्ञों का मानना है कि किम जोंग का यह बयान वैश्विक तनाव को और बढ़ा सकता है, क्योंकि पहले ही अमेरिका की कार्रवाई को लेकर संयुक्त राष्ट्र और कई देशों ने चिंता जताई है। ऐसे में अमेरिका-वेनेजुएला विवाद अब सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वैश्विक राजनीति का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।

  • सीहोर में शांति भंग के आरोप में हिंदूवादी नेता कालू भट्ट गिरफ्तारपुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई

    सीहोर में शांति भंग के आरोप में हिंदूवादी नेता कालू भट्ट गिरफ्तारपुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई


    सीहोर । सीहोर में शनिवार को उस समय तनाव बढ़ गया जब हिंदूवादी नेता और पूर्व पार्षद कालू भट्ट को शांति भंग करने के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार किया गया। कालू भट्ट पर आरोप है कि वह भोपाल नाके पर तिरंगे झंडे के नीचे खड़े होकर भड़काऊ भाषण दे रहे थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें हिरासत में ले लिया और उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए सीहोर एसडीएम कार्यालय ले जाया गया। इस दौरान एक मीडियाकर्मी को भी पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लियाहालांकि बाद में उसे छोड़ दिया गया।

    सीहोर में पिछले कुछ दिनों से माहौल तनावपूर्ण बना हुआ थाविशेष रूप से हरदा में करणी सेना पर हुए पथराव के बाद। इसके बाद से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। पुलिस ने इस दौरान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 10 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया था। वहीं मुस्लिम समाज ने भी प्रशासन से सोशल मीडिया पर माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।पुलिस प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया और शनिवार को कालू भट्ट के भड़काऊ बयान के बाद सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी।

    प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से दूर रहें और शांति बनाए रखें। सीहोर एसडीएम तन्मय वर्मासीएसपी डॉ. अभिनंदन शर्मा सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर उपस्थित थे और सुरक्षा का ध्यान रख रहे थे।
    हालांकिप्रशासन द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई से स्थिति को नियंत्रित किया गया हैलेकिन अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और कालू भट्ट को शीघ्र ही कोर्ट में पेश किया जाएगा।

  • महिला सिपाही के ब्लैकमेल नेटवर्क का खुलासा, कई दारोगा और सिपाही बने शिकार

    महिला सिपाही के ब्लैकमेल नेटवर्क का खुलासा, कई दारोगा और सिपाही बने शिकार



    नई दिल्ली ।
    उत्तर प्रदेश पुलिस की एक महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा का ब्लैकमेलिंग नेटवर्क इन दिनों सुर्खियों में है जिसके कारण पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। मीनाक्षी की गतिविधियों का खुलासा कुठौंद थाना प्रभारी अरुण कुमार राय की गोली लगने से हुई मौत के बाद हुआ जिसके बाद से उसकी काली करतूतों की परत दर परत खुल रही है। जांच में यह सामने आया कि वर्ष 2022 में मीनाक्षी ने पीलीभीत जिले के पूरनपुर थाने में तैनाती के दौरान एक सिपाही को प्रेमजाल में फंसाकर उससे मोटी रकम की मांग की थी। इसके बाद यह सिलसिला बरेली और जालौन जिलों तक फैल गयाजहां उसने कई दारोगा और सिपाहियों को अपने जाल में फंसाया और उनसे पैसे की मांग की।

    प्रेमजाल और पैसों का दबाव

    मीनाक्षी की कार्यशैली बहुत ही चालाकी से भरी हुई थी। वह पहले जान-पहचान बनाने के लिए पुलिसकर्मियों से संपर्क करती फिर धीरे-धीरे निजी बातचीत और करीबी का हवाला देती थी। इसके बाद वह उन पर पैसों का दबाव बनाती थी। यह दबाव इस तरह से बनता था कि वह खुद को पीड़िता के रूप में प्रस्तुत करती थी जिसके बाद पुलिसकर्मी न चाहते हुए भी पैसों का भुगतान करने के लिए मजबूर हो जाते थे।

    चौंकाने वाली बात यह है कि मीनाक्षी ने इस पूरी प्रक्रिया में अपने परिवार के सदस्यों खासकर अपने पिता और भाई को भी शामिल किया था। मीनाक्षी के पिता और भाई उसे इस खेल में सहयोग करते थे और उसे हिम्मत भी देते थे। जेल जाने के दौरान भी मीनाक्षी के पिता ने उसे जल्द से जल्द बाहर निकालने का वादा किया था जिससे यह संकेत मिलता है कि यह पूरे परिवार का संगठित प्रयास था।

    मीनाक्षी का नेटवर्क और अन्य शिकार

    मीनाक्षी शर्मा के इस ब्लैकमेलिंग नेटवर्क का दायरा काफी बड़ा था। जांच में यह सामने आया कि वह अकेली नहीं थी बल्कि उसके परिवार के लोग भी इसमें शामिल थे। उसकी सक्रियता पीलीभीत के पूरनपुर थाने तक सीमित नहीं रही बल्कि बरेली और जालौन जिलों में भी उसने कई पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया। मीनाक्षी का यह नेटवर्क न सिर्फ पुलिस महकमे के लिए शर्मिंदगी का कारण बना बल्कि यह भी बताता है कि कैसे एक सिपाही ने अपनी शक्ति का गलत उपयोग किया। उसके खिलाफ पुलिस ने जांच तेज कर दी है और अब तक कई अन्य पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ की जा रही है जो मीनाक्षी के शिकार बने थे। वहीं अधिकारियों का कहना है कि मीनाक्षी के इस पूरे गिरोह को जल्द ही पकड़ा जाएगा और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

    जांच और गिरफ्तारी

    महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा के खिलाफ पुलिस ने गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। उसकी गिरफ्तारी के बाद इस मामले में और भी कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। मीनाक्षी के पिता और भाई का भी पुलिस ने पता लगाकर उन्हें हिरासत में लिया है। अब जांच के दौरान यह जानने की कोशिश की जा रही है कि मीनाक्षी ने किन-किन अन्य पुलिसकर्मियों को अपने जाल में फंसाया और वह किस तरह से इन रकमों को इकट्ठा करती थी।इस मामले ने पुलिस महकमे में खलबली मचा दी है

    और अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या पुलिस महकमें में अन्य किसी महिला या पुरुष कर्मी की तरफ से भी ऐसी घटनाएं घटित हो रही हैं जिसे उजागर नहीं किया गया हो।उत्तर प्रदेश पुलिस के एक महिला सिपाही द्वारा किए गए इस ब्लैकमेलिंग नेटवर्क ने न केवल पुलिस महकमे को शर्मिंदा किया है बल्कि यह भी दिखाया है कि एक सिपाही अपने कद और शक्ति का गलत उपयोग कैसे कर सकता है। इस मामले की गहन जांच जारी है और पुलिस विभाग ने इसे गंभीरता से लिया है। मीनाक्षी और उसके परिवार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस तरह की घटनाएं भविष्य में न घटित हों।
  • उदयपुर: फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट और पत्नी श्वेतांबरी भट्ट 7 दिन की पुलिस रिमांड पर, 30 करोड़ की ठगी केस में सबूत जुटाए जाएंगे

    उदयपुर: फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट और पत्नी श्वेतांबरी भट्ट 7 दिन की पुलिस रिमांड पर, 30 करोड़ की ठगी केस में सबूत जुटाए जाएंगे


    उदयपुर / पुलिस ने फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को 30 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार कर 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। दोनों को मुंबई से ट्रांजिट रिमांड के तहत उदयपुर लाया गया और मंगलवार को एसीजेएम कोर्ट-4 में पेश किया गया।

    पुलिस के अनुसार, आरोप है कि भट्ट दंपती ने फिल्म निर्माण के नाम पर बड़ी रकम ली, लेकिन न तो शूटिंग पूरी की और न ही रकम लौटाई। शिकायत इंदिरा ग्रुप के डायरेक्टर डॉ. अजय मर्डिया द्वारा दर्ज कराई गई थी, जो इंदिरा आईवीएफ से जुड़ा मामला है।

    रिमांड के दौरान पुलिस क्या करेगी?

    बैंक स्टेटमेंट और भुगतान स्रोतों की जांच

    अनुबंधों की वैधता और परियोजना का वित्तीय लेखा-जोखा देखना

    डिजिटल सबूत जैसे ईमेल, व्हाट्सएप चैट और अन्य संचार रिकॉर्ड की जांच

    संभावित गवाहों और संबंधित दस्तावेजों की विस्तृत छानबीन

    पुलिस का कहना है कि रिमांड अवधि में सभी महत्वपूर्ण सबूत जुटाकर आरोपीयों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

    भट्ट दंपती का बयान

    विक्रम और श्वेतांबरी भट्ट ने आरोपों का खंडन किया है और कहा कि आरोप निराधार हैं। उनके वकीलों ने बताया कि वे न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग करेंगे और सच्चाई सामने आएगी।

    स्थानीय प्रशासन ने भी कहा कि जांच को निष्पक्ष और तेज गति से पूरा किया जाएगा, ताकि पीड़ित पक्ष को न्याय मिल सके। रिमांड अवधि के बाद कोर्ट अगली सुनवाई में हिरासत या जमानत से जुड़े आदेश देगा।