Tag: Asian Games 2026

  • एशियन गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन, हॉकी में 44 साल बाद गोल्ड, सॉफ्ट टेनिस और MMA में भी पहली बार मेडल

    एशियन गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन, हॉकी में 44 साल बाद गोल्ड, सॉफ्ट टेनिस और MMA में भी पहली बार मेडल


    नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 भारत के लिए कई ऐतिहासिक उपलब्धियों के साथ यादगार बन गया। भारत ने इस प्रतियोगिता में कुल 21 गोल्ड समेत 85 मेडल अपने नाम किए। खेलों के इस बड़े मंच पर भारतीय खिलाड़ियों ने कई ऐसे मुकाम हासिल किए जो इससे पहले देश के नाम नहीं थे। महिला हॉकी में लंबे इंतजार के बाद गोल्ड मेडल मिला तो वहीं मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स और सॉफ्ट टेनिस जैसे खेलों में भी भारत ने पहली बार पदक जीतकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।

    सबसे बड़ी उपलब्धियों में भारतीय महिला हॉकी टीम का प्रदर्शन रहा। सलीमा टेटे की कप्तानी में टीम ने शानदार खेल दिखाया और फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत ने महिला हॉकी में 44 साल का इंतजार खत्म कर दिया। भारतीय टीम ने इससे पहले 1982 में एशियन गेम्स में महिला हॉकी का गोल्ड जीता था। इसके बाद लंबे समय तक देश को इस सफलता का इंतजार करना पड़ा। 2026 में मिली यह जीत भारतीय हॉकी के लिए बेहद खास बन गई।

    मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में भी भारत ने इतिहास रचा। सुचिका तारियाल ने महिलाओं के 60 किलोग्राम वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर एशियन गेम्स में भारत को इस खेल का पहला पदक दिलाया। सुचिका ने प्रतियोगिता में दमदार प्रदर्शन किया। हालांकि सेमीफाइनल में हार के कारण वह फाइनल तक नहीं पहुंच सकीं लेकिन उनका ब्रॉन्ज मेडल भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बन गया।

    सॉफ्ट टेनिस में भी भारत ने पहली बार पदक जीता। इस खेल को एशियन गेम्स में शामिल किए जाने के बाद भारतीय खिलाड़ी जय मीणा ने पुरुष वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया। इसी तरह रोइंग में सतनाम सिंह और सलमान खान की जोड़ी ने डबल स्कल्स में भारत को पहला मेडल दिलाया।

    स्क्वैश में अनाहत सिंह ने इतिहास रच दिया। वह एशियन गेम्स के स्क्वैश सिंगल्स फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं। भले ही वह गोल्ड मेडल जीतने से चूक गईं लेकिन सिल्वर मेडल के साथ उन्होंने नया इतिहास बनाया। पोल वॉल्ट में बरनिका इलांगोवन ने भी ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत को इस स्पर्धा में एशियन गेम्स का पहला पदक दिलाया।

    वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू का इंतजार भी खत्म हुआ। उन्होंने एशियन गेम्स के इतिहास में अपना पहला मेडल जीता और सिल्वर अपने नाम किया। वहीं सावन बरवाल ने मैराथन में सिल्वर मेडल जीतकर 1982 के बाद भारत को इस स्पर्धा में पहला पदक दिलाया। इन उपलब्धियों ने साबित किया कि भारतीय खिलाड़ी अब पारंपरिक खेलों के साथ नए खेलों में भी लगातार अपनी पहचान मजबूत कर रहे हैं।

  • एशियन गेम्स 2026 का भव्य समापन… क्लोजिंग सेरेमनी में दो गोल्ड विजेता नीरू ढांडा ने लहराया तिरंगा

    एशियन गेम्स 2026 का भव्य समापन… क्लोजिंग सेरेमनी में दो गोल्ड विजेता नीरू ढांडा ने लहराया तिरंगा


    नई दिल्ली।
    एशियन गेम्स 2026 (2026 Asian Games) का रविवार (4 अक्टूबर) को समापान हो गया. क्लोजिंग सेरेमनी (Closing Ceremony) में भारत (India) की ओर से शूटिंग (Shooting) में दो गोल्ड समेत तीन मेडल जीतने वालीं नीरू ढांडा (Neeru Dhanda) ध्वजवाहक रहीं. नागोया के मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में हुई एशियन गेम्स 2026 की क्लोजिंग सेरेमनी का आगाज जापान के नेशनल एंथम के साथ हुआ. इसके बाद खिलाड़ियों की परेड शुरू हुई, जिसमें हर देश का प्रतिनिधित्व उनके ध्वजवाहक ने किया. भारतीय तिरंगे को शान से नीरू ढांडा ने लहराया. ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (ओसीए) का झंडा कतर को सौंपा गया, जो एशियन गेम्स के 21वें संस्करण की मेजबानी करेगा।

    भारत का प्रदर्शन एशियन गेम्स 2026 में शानदार रहा. देश ने कुल 85 मेडल जीते, जिसमें 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहे. भारत ने एशियन गेम्स का अंत अंक तालिका में चौथे स्थान पर रहते हुए किया. पहले स्थान पर चीन का कब्जा रहा, जिन्होंने कुल 341 मेडल अपने नाम किए। इसमें 169 गोल्ड, 89 सिल्वर और 83 ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहे. मेजबान जापान कुल 269 मेडल के साथ दूसरे स्थान पर रहा. जापान ने 83 गोल्ड, 95 सिल्वर और 91 ब्रॉन्ज मेडल जीते. साउथ कोरिया ने 150 मेडल जीते, जिसमें 39 गोल्ड, 43 सिल्वर और 68 ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहे. भारत 85 मेडल के साथ चौथे स्थान पर रहा. वहीं, उज्बेकिस्तान 70 मेडल लेकर अंक तालिका में पांचवें नंबर पर रहा।

    आर्चरी में मिले 5 गोल्ड?
    भारत ने आर्चरी में शानदार पांच गोल्ड मेडल मिले. बॉक्सिंग में तीन और रेसलिंग में दो गोल्ड मेडल जीते गए. हॉकी और कबड्डी में टीम की जीत का वही पुराना जोश देखने को मिला, जिसमें पुरुषों और महिलाओं, दोनों टीमों ने गोल्ड मेडल जीते. भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीम दोनों ने ही बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया. एथलेटिक्स में भी रोमांच देखने को मिला, जहां भारत के धावकों और फील्ड एथलीट्स ने दबाव और मौसम की चुनौतियों का सामना करते हुए कीमती मेडल जीते.

    गोल्फ में प्रणवी ने रचा इतिहास
    गोल्फ में भी इतिहास रचा गया, जब प्रणवी उर्स ने इस खेल में भारत के लिए महिलाओं का पहला व्यक्तिगत एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल जीता. शूटिंग भारत के लिए मेडल दिलाने वाले सबसे मजबूत खेलों में से एक रही, जबकि वेटलिफ्टिंग, बैडमिंटन, स्क्वैश, रोइंग, टेबल टेनिस, सेलिंग, वुशु, कुराश, एमएमए, सॉफ्ट टेनिस और दूसरे खेलों ने भी कुल मेडल की संख्या बढ़ाने में योगदान दिया।

  • क्रिकेट से हॉकी तक भारतीय खिलाड़ियों का जलवा, एशियन गेम्स में 21 स्वर्ण पदकों के साथ भारत ने रचा इतिहास

    क्रिकेट से हॉकी तक भारतीय खिलाड़ियों का जलवा, एशियन गेम्स में 21 स्वर्ण पदकों के साथ भारत ने रचा इतिहास


    नई दिल्ली। जापान के आइची नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का मान बढ़ाया। प्रतियोगिता के आखिरी दिन भारत ने गोल्डन पंच लगाते हुए कुल 9 पदक अपने नाम किए। इनमें 5 गोल्ड 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहे। इस शानदार प्रदर्शन के साथ भारत के पदकों की कुल संख्या 85 तक पहुंच गई। भारतीय खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में अलग-अलग खेलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। हालांकि कुछ देशों के मुकाबले रविवार को भी जारी रहने के कारण अंतिम पदक तालिका में बदलाव की संभावना जताई गई थी।

    भारत ने एशियन गेम्स 2026 में कुल 21 स्वर्ण 27 रजत और 37 कांस्य पदक जीते। पदक तालिका में चीन 169 स्वर्ण सहित कुल 341 पदकों के साथ पहले स्थान पर रहा। मेजबान जापान ने 83 स्वर्ण समेत 269 पदक जीतकर दूसरा स्थान हासिल किया जबकि दक्षिण कोरिया 39 स्वर्ण सहित 150 पदकों के साथ तीसरे नंबर पर रहा। भारत के बाद उज्बेकिस्तान 21 स्वर्ण और कुल 70 पदकों के साथ पांचवें स्थान पर रहा। भारतीय दल के प्रदर्शन ने दिखाया कि देश के खिलाड़ी अब कई खेलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार मजबूत चुनौती पेश कर रहे हैं।

    आखिरी दिन भारतीय खिलाड़ियों की सफलता में तीरंदाजी और गोल्फ का अहम योगदान रहा। 17 वर्षीय तीरंदाज कुमकुम मोहोड ने महिला रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए दक्षिण कोरिया की ओ येजिन को शूट ऑफ में पराजित किया। मुकाबले के निर्णायक क्षण में परफेक्ट 10 का स्कोर कर उन्होंने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं महिला व्यक्तिगत स्ट्रोक प्ले गोल्फ में प्रणवी शरथ उर्स ने 15 अंडर पार के स्कोर के साथ पहला स्थान हासिल किया और भारत की झोली में एक और गोल्ड मेडल डाल दिया।

    कुश्ती में अमन सहरावत ने पुरुषों के फ्रीस्टाइल 57 किलोग्राम वर्ग में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए उत्तर कोरिया के पहलवान को हराया और स्वर्ण पदक जीता। पुरुष हॉकी टीम ने भी फाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराकर गोल्ड मेडल हासिल किया। भारतीय टीम ने लगातार दूसरी बार इस स्पर्धा में स्वर्ण जीतकर अपनी श्रेष्ठता साबित की। इस जीत के साथ भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए भी सीधा क्वालिफिकेशन हासिल किया। क्रिकेट में भी भारत ने शानदार प्रदर्शन किया। फाइनल में पाकिस्तान को 19 रन से हराकर भारतीय पुरुष टीम ने गोल्ड मेडल जीता। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट पर 211 रन बनाए जबकि पाकिस्तान की टीम 192 रन तक ही पहुंच सकी।

    अन्य मुकाबलों में महिला गोल्फ टीम ने रजत पदक जीता। अंतिम पंघाल ने महिला कुश्ती के 53 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। दीपक पूनिया ने पुरुषों के फ्रीस्टाइल 97 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक हासिल किया। तीरंदाजी में नीरज चौहान ने पुरुष रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा के कांस्य पदक मुकाबले में धीरज बोम्मदेवरा को 6-4 से हराकर ब्रॉन्ज जीता।

    इस प्रतियोगिता में भारत के 495 खिलाड़ियों ने 36 खेलों की स्पर्धाओं में हिस्सा लिया। हॉकी क्रिकेट तीरंदाजी कुश्ती और गोल्फ सहित कई खेलों में मिली सफलताओं ने भारतीय अभियान को यादगार बनाया। 21 स्वर्ण सहित 85 पदकों का आंकड़ा भारतीय खिलाड़ियों की मेहनत और प्रतिस्पर्धी क्षमता को दर्शाता है।

  • एशियन गेम्स 2026: भारत-पाकिस्तान के बीच फाइनल मुकाबला आज…. मैच से दूर रहेंगे नकवी

    एशियन गेम्स 2026: भारत-पाकिस्तान के बीच फाइनल मुकाबला आज…. मैच से दूर रहेंगे नकवी


    नई दिल्ली।
    एशियन गेम्स 2026 (Asian Games 2026 ) में भारत और पाकिस्तान (India vs Pakistan) के बीच मेन्स क्रिकेट प्रतियोगिता (Men’s cricket tournament) का फाइनल 3 अक्टूबर (शनिवार) को होना है. यह गोल्ड मेडल मुकाबला निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में सुबह 10 से निर्धारित है. इस मुकाबले की शुरुआत से सभी की नजरें इस बात पर टिकी थीं कि एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष के तौर पर मोहसिन नकवी (Mohsin Naqvi) फाइनल में मौजूद रहेंगे या नहीं. इसकी एक वजह हाल के भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मुकाबलों में ट्रॉफी प्रेजेंटेशन को लेकर हुई घटनाएं हैं. हालांकि इसे लेकर सस्पेंस खत्म हो चुका है. फाइनल में एसीसी और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के प्रमुख नकवी का साया नहीं होगा।

    एसीसी ने बताया कि मोहसिन नकवी पहले से तय प्रतिबद्धताओं के कारण एशियन गेम्स के फाइनल डे में शामिल नहीं हो पाएंगे. उन्होंने गोल्ड और ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में उतरने वाली चारों टीमों को शुभकामनाएं दी हैं. नकवी ने भी कहा है कि उनकी पूर्व निर्धारित व्यस्तताएं उन्हें नागोया से दूर रखेंगी, हालांकि वह मुकाबलों के एक्शन का इंतजार कर रहे हैं।

    मेन्स एशिया कप 2025 और विमेंस एशिया कप 2026 में भारतीय टीम्स की खिताबी जीत के बाद ट्रॉफी प्रेजेंशन को लेकर विवाद हुआ था. भारतीय टीम्स ने मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेना स्वीकार नहीं किया था. उन दोनों टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने बगैर ट्रॉफी के ही जश्न मनाया. ऐसे में एशियन गेम्स के फाइनल में उनकी संभावित मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठ रहे थे. अब एसीसी की ओर से उनकी गैरमौजूदगी की पुष्टि हो चुकी है. यानी आज भारत-पाकिस्तान के गोल्ड मेडल मैच में नकवी स्टेडियम में मौजूद नहीं होंगे।


    सेमीफाइनल में पस्त हो गया था श्रीलंका

    भारत और पाकिस्तान दोनों को टूर्नामेंट में आईसीसी रैंकिंग के आधार पर सीधे क्वार्टर फाइनल में जगह मिली थी. बारिश के कारण दोनों के क्वार्टर फाइनल मुकाबले रद्द हो गए और बेहतर सीडिंग के कारण दोनों टीमें सेमीफाइनल में पहुंच गईं. भारत का सेमीफाइनल श्रीलंका के खिलाफ हुआ. भारतीय टीम ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 169/7 का स्कोर बनाया. ईशान किशन ने 4 चौके और पांच छक्के की मदद से नाबाद 80 रनों की शानदार पारी खेली, जबकि वैभव सूर्यवंशी ने 21 गेंदों में 38 रन बनाकर तेज शुरुआत दी. इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका की पारी को सिर्फ 45 रनों पर समेट दिया और भारत ने 124 रन से मुकाबला जीत लिया।

    उधर पहले सेमीफाइनल में पाकिस्तानी टीम का सामना बांग्लादेश से हुआ था. बारिश के कारण मुकाबला वो 13-13 ओवर्स का कर दिया गया. बांग्लादेश ने 111/7 रन बनाए, जिसके जवाब में पाकिस्तान ने 11.3 ओवर में 6 विकेट से लक्ष्य हासिल कर लिया. अब दोनों टीमें गोल्ड मेडल के लिए आमने-सामने हैं।

    भारत एशियन गेम्स में मेन्स क्रिकेट का डिफेंडिंग चैंपियन है. टीम ने 2023 के हांगझोउ एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था. अब श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली भारतीय टीम के पास लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक जीतने का मौका है. यह मुकाबला इसलिए भी खास है क्योंकि एशियन गेम्समें पहली बार मेन्स क्रिकेट में भारत और पाकिस्तान आमने-सामने हैं. इससे पहले एशियन गेम्स में दोनों की भिड़ंत नहीं हुई थी. भारतीय टीम में श्रेयस अय्यर, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, जसप्रीत बुमराह और वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी शामिल हैं. उधर पाकिस्तान की कमान साहिबजादा फरहान के हाथों में है।

  • भारत के स्वर्णिम अभियान में चमकीं दो बेटियां, कुमकुम मोहोड ने रचा इतिहास तो प्रणवी उर्स ने गोल्ड जीतकर बढ़ाया मान

    भारत के स्वर्णिम अभियान में चमकीं दो बेटियां, कुमकुम मोहोड ने रचा इतिहास तो प्रणवी उर्स ने गोल्ड जीतकर बढ़ाया मान


    नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 का 14वां दिन भारतीय खिलाड़ियों के लिए कई बड़ी उपलब्धियां लेकर आया है। 3 अक्टूबर को आइची-नागोया में जारी इन खेलों में भारत के खिलाड़ियों ने तीरंदाजी और गोल्फ में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किए। वहीं कुश्ती में अमन सहरावत और अंतिम पंघल ने अपने मुकाबले जीतकर फाइनल में जगह बना ली है। क्रिकेट में भी भारत और पाकिस्तान के बीच गोल्ड मेडल मुकाबले पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। भारतीय खिलाड़ी अलग-अलग स्पर्धाओं में पदक जीतने के इरादे से मैदान पर उतर रहे हैं और देश की पदक तालिका में और इजाफा करने की कोशिश कर रहे हैं।

    दिन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में तीरंदाज कुमकुम मोहोड का प्रदर्शन शामिल रहा। महज 17 साल की कुमकुम ने महिला रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वह एशियन गेम्स में इस स्पर्धा का व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय तीरंदाज बन गई हैं। फाइनल में उनका सामना दक्षिण कोरिया की ओह येजिन से हुआ। मुकाबला बेहद रोमांचक रहा और नतीजा शूट ऑफ के जरिए निकला जिसमें कुमकुम ने बाजी मार ली। इससे पहले उन्होंने सेमीफाइनल में चीन की झू जिंगयी को 6-2 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। कुमकुम ने दक्षिण कोरिया की विश्व और ओलंपिक चैंपियन कांग चाए-यंग को हराकर भी अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। उनकी इस उपलब्धि के साथ भारतीय तीरंदाजी टीम के शानदार अभियान में एक और स्वर्ण पदक जुड़ गया।

    गोल्फ में भी भारत के लिए ऐतिहासिक सफलता दर्ज हुई। प्रणवी शरथ उर्स ने महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास बनाया। वह एशियन गेम्स में व्यक्तिगत गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बन गई हैं। फाइनल राउंड से पहले प्रणवी ने 15 अंडर 195 के स्कोर के साथ तीन शॉट की बढ़त हासिल की थी। उनकी इस उपलब्धि के साथ भारतीय गोल्फ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी पहचान मिली। महिला टीम स्पर्धा में भी भारतीय खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन किया। प्रणवी शरथ उर्स अदिति अशोक और दीक्षा डागर की तिकड़ी ने रजत पदक अपने नाम किया। इस तरह गोल्फ में भारत को एक स्वर्ण और एक रजत पदक मिला।

    कुश्ती में भी भारतीय खिलाड़ियों ने उम्मीदें बढ़ा दी हैं। पुरुषों के 57 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में अमन सहरावत ने ताजिकिस्तान के ऐयाल बेलोल्यूब्स्की को 14-8 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। वहीं महिला 53 किलोग्राम वर्ग में अंतिम पंघल ने विश्व पदक विजेता जिन झांग को 6-1 से मात देकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई। दोनों पहलवानों के फाइनल में पहुंचने से भारत की पदक उम्मीदों को मजबूती मिली है।

    क्रिकेट में भारत और पाकिस्तान के बीच स्वर्ण पदक का मुकाबला जारी है। इससे पहले श्रीलंका की पुरुष क्रिकेट टीम ने बांग्लादेश को 63 रन से हराकर कांस्य पदक जीता। भारत ने एशियन गेम्स के 13वें दिन भी शानदार प्रदर्शन किया था। 2 अक्टूबर को भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 10 पदक जीते थे जिनमें छह स्वर्ण दो रजत और दो कांस्य शामिल थे। अब 14वें दिन तीरंदाजी गोल्फ कुश्ती क्रिकेट हॉकी और अन्य खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर नजर बनी हुई है। देश को उम्मीद है कि प्रतियोगिता के इस अहम चरण में खिलाड़ी अपने दमदार प्रदर्शन से पदकों की संख्या और बढ़ाएंगे।

  • 2 अक्टूबर को भारत का कमाल लवलीना का गोल्ड और तीरंदाजी में ऐतिहासिक जीत से बढ़ा मेडल का आंकड़ा

    2 अक्टूबर को भारत का कमाल लवलीना का गोल्ड और तीरंदाजी में ऐतिहासिक जीत से बढ़ा मेडल का आंकड़ा


    नई दिल्ली। आइची नागोया एशियन गेम्स 2026 में 2 अक्टूबर का दिन भारतीय खिलाड़ियों के नाम रहा। 13वें दिन भारत की नजरें बॉक्सिंग तीरंदाजी कुश्ती हॉकी और कई अन्य खेलों पर थीं और दिन आगे बढ़ने के साथ भारतीय खिलाड़ियों ने पदकों की झड़ी लगा दी। सबसे खास प्रदर्शन स्टार बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन का रहा जिन्होंने अपने जन्मदिन के दिन देश को गोल्ड मेडल का तोहफा दिया। इसके अलावा भारतीय महिला रिकर्व टीम ने भी ऐतिहासिक स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

    लवलीना बोरगोहेन ने महिला 75 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। 2 अक्टूबर को अपना 29वां जन्मदिन मना रहीं लवलीना के लिए यह जीत बेहद खास रही। इस स्वर्ण के साथ वह एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बॉक्सर बन गईं। उनसे पहले यह उपलब्धि मैरी कॉम ने 2014 इंचियोन एशियन गेम्स में हासिल की थी।

    लवलीना की जीत के कुछ ही समय बाद तीरंदाजी से भी भारत के लिए बड़ी खबर आई। अंकिता भकत कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहोड की भारतीय महिला रिकर्व टीम ने दक्षिण कोरिया को फाइनल में 5-3 से हराकर गोल्ड मेडल जीत लिया। यह इस स्पर्धा में भारतीय महिला रिकर्व टीम का पहला एशियन गेम्स स्वर्ण पदक है। मुकाबले में भारतीय तीरंदाजों ने तेज हवा के बीच दबाव बनाए रखा और मजबूत कोरियाई टीम के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया।

    हालांकि पुरुष रिकर्व टीम को फाइनल में दक्षिण कोरिया के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। धीरज बोम्मादेवरा नीरज चौहान और यशदीप भोगे की भारतीय टीम को 1-5 से शिकस्त मिली और उसे सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। इससे पहले भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में ईरान को 6-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।

    कुश्ती में भी भारत की उम्मीदें बनी रहीं। सुजीत कलकल ने 65 किलोग्राम वर्ग में ओलंपिक चैंपियन को हराकर फाइनल में जगह बनाई। ऐसे में उनके मुकाबले पर भी भारतीय प्रशंसकों की नजरें टिकी रहीं। दिन के मुकाबलों में भारत ने बॉक्सिंग और तीरंदाजी के अलावा कई अन्य खेलों में भी पदक की उम्मीद बनाए रखी।

    1 अक्टूबर यानी 12वें दिन भारत ने छह पदक जीते थे जिनमें दो सिल्वर और चार ब्रॉन्ज शामिल थे। इसके बाद 2 अक्टूबर के मुकाबलों ने भारत की पदक तालिका को और मजबूत किया। दिन के दौरान भारत 70 पदकों के आंकड़े तक पहुंच गया जिसमें 12 गोल्ड 24 सिल्वर और 34 ब्रॉन्ज शामिल थे।

    एशियन गेम्स के 13वें दिन का सबसे बड़ा आकर्षण लवलीना का जन्मदिन पर गोल्ड जीतना और भारतीय महिला रिकर्व टीम का ऐतिहासिक स्वर्ण रहा। वहीं पुरुष रिकर्व टीम का सिल्वर भी भारत की मजबूत तीरंदाजी अभियान को दर्शाता है। अब प्रतियोगिता के बाकी मुकाबलों में भी भारतीय खिलाड़ियों से पदकों की उम्मीद बनी हुई है और मेडल टैली में भारत की स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हैं।

  • बारिश ने पलट दिया एशियन गेम्स का पूरा समीकरण, भारत-पाकिस्तान फाइनल पर सस्पेंस, अब बांग्लादेश पर टिकी नजरें

    बारिश ने पलट दिया एशियन गेम्स का पूरा समीकरण, भारत-पाकिस्तान फाइनल पर सस्पेंस, अब बांग्लादेश पर टिकी नजरें


    नई दिल्ली। आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में पुरुष क्रिकेट प्रतियोगिता का रोमांच अब निर्णायक दौर में पहुंच गया है। टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान के बीच गोल्ड मेडल मुकाबले की संभावना बनने लगी है लेकिन फाइनल की तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं हुई है। दोनों टीमों ने अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले बारिश की वजह से खेले बिना ही सेमीफाइनल में जगह बना ली है। अब दोनों के सामने सेमीफाइनल की चुनौती है और अगर भारत तथा पाकिस्तान अपनी-अपनी भिड़ंत में जीत दर्ज करते हैं तो 3 अक्टूबर को गोल्ड मेडल मैच में दोनों चिर प्रतिद्वंद्वी आमने-सामने नजर आ सकते हैं।

    एशियन गेम्स की पुरुष क्रिकेट प्रतियोगिता में भारत पाकिस्तान श्रीलंका और बांग्लादेश को उनकी बेहतर रैंकिंग के आधार पर सीधे क्वार्टर फाइनल में प्रवेश मिला था। दूसरी ओर जापान नेपाल अफगानिस्तान हॉन्ग कॉन्ग मलेशिया और ओमान को ग्रुप चरण में मुकाबले खेलने पड़े। ग्रुप ए से नेपाल और अफगानिस्तान ने क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई जबकि ग्रुप बी से मलेशिया और हॉन्ग कॉन्ग अंतिम आठ में पहुंचे।

    क्वार्टर फाइनल मुकाबलों में बारिश ने पूरा समीकरण बदल दिया। पाकिस्तान और हॉन्ग कॉन्ग के बीच मुकाबला एक भी गेंद फेंके बिना रद्द हो गया। इसके बाद भारत और अफगानिस्तान के बीच मुकाबला भी बारिश और गीली आउटफील्ड की वजह से शुरू नहीं हो सका। प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार ऐसी स्थिति में बेहतर रैंकिंग वाली टीम को अगले दौर में प्रवेश मिलता है। इसी नियम के तहत पाकिस्तान और भारत दोनों सेमीफाइनल में पहुंच गए।

    भारत के लिए यह मुकाबला इसलिए भी खास था क्योंकि क्रिकेट फैंस को 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के एशियन गेम्स में मैदान पर उतरने का इंतजार था। आईपीएल 2026 में शानदार बल्लेबाजी के बाद वैभव ने काफी सुर्खियां बटोरी हैं। हालांकि बारिश के कारण टॉस तक नहीं हो सका और भारतीय टीम को बिना खेले ही सेमीफाइनल का टिकट मिल गया। भारत आईसीसी टी20 रैंकिंग में नंबर एक टीम है जबकि अफगानिस्तान की रैंकिंग दसवें स्थान पर है।

    अब भारत का सेमीफाइनल श्रीलंका के खिलाफ 1 अक्टूबर को सुबह 10 बजे होगा। श्रीलंका और नेपाल के बीच क्वार्टर फाइनल भी बारिश की भेंट चढ़ गया था। वहीं पाकिस्तान का सामना उसी दिन सुबह 5:30 बजे बांग्लादेश से होगा। यहीं से भारत पाकिस्तान फाइनल की संभावित कहानी में नया मोड़ आता है। पाकिस्तान को फाइनल में पहुंचने के लिए बांग्लादेश को हराना होगा जबकि भारत के सामने श्रीलंका की चुनौती होगी।

    अगर दोनों टीमें अपने सेमीफाइनल जीत लेती हैं तो 3 अक्टूबर को सुबह 10 बजे गोल्ड मेडल मुकाबले में भारत और पाकिस्तान की टक्कर देखने को मिल सकती है। हालांकि फिलहाल इसे सिर्फ संभावित समीकरण माना जा सकता है क्योंकि दोनों टीमों को पहले सेमीफाइनल जीतना जरूरी है। बांग्लादेश पाकिस्तान की राह में बड़ी चुनौती बन सकता है और श्रीलंका भी भारत के फाइनल के रास्ते में खड़ा है। ऐसे में एशियन गेम्स 2026 में अगले दो मुकाबले क्रिकेट फैंस के लिए बेहद अहम होने वाले हैं।

  • ओमान की टीम में 9 अल बलूशी खिलाड़ी एशियन गेम्स में एक ही परिवार नाम ने खींचा सबका ध्यान

    ओमान की टीम में 9 अल बलूशी खिलाड़ी एशियन गेम्स में एक ही परिवार नाम ने खींचा सबका ध्यान


    नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 में क्रिकेट मुकाबलों के बीच ओमान की टीम अपनी हार से ज्यादा एक अनोखे संयोग को लेकर चर्चा में आ गई है। हॉन्ग कॉन्ग के खिलाफ मुकाबले में ओमान की प्लेइंग इलेवन में एक ही सरनेम वाले सात खिलाड़ी मैदान पर उतरे। यही नहीं ओमान के पूरे स्क्वॉड में इस सरनेम वाले खिलाड़ियों की संख्या नौ है। क्रिकेट मुकाबले में ऐसा संयोग देखकर हर किसी का ध्यान ओमान की टीम की तरफ चला गया।

    25 सितंबर को निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में हॉन्ग कॉन्ग और ओमान के बीच मुकाबला खेला गया। हॉन्ग कॉन्ग ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और निर्धारित 20 ओवर में आठ विकेट खोकर 121 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी ओमान की टीम 20 ओवर में छह विकेट पर 80 रन ही बना सकी और उसे 41 रन से हार का सामना करना पड़ा।

    हालांकि मैच का नतीजा ओमान के पक्ष में नहीं रहा लेकिन उसकी प्लेइंग इलेवन ने खूब सुर्खियां बटोरीं। ओमान की टीम में मोहम्मद अल बलूशी शुऐब अल बलूशी जुबैर अल बलूशी वहीद अल बलूशी ईसा अल बलूशी नवीद अल बलूशी और फारिस अल बलूशी शामिल थे। यानी मैदान पर मौजूद 11 खिलाड़ियों में से सात के नाम के साथ अल बलूशी सरनेम जुड़ा हुआ था।

    अगर पूरे स्क्वॉड की बात करें तो वसीम अल बलूशी और कैस अल बलूशी के नाम भी इसी सूची में शामिल हैं। इस तरह ओमान के स्क्वॉड में कुल नौ खिलाड़ी ऐसे हैं जिनके नाम के साथ अल बलूशी जुड़ा हुआ है। यही वजह रही कि मुकाबले के दौरान ओमान की टीम का यह अनोखा संयोग क्रिकेट प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

    इस मुकाबले में एक और दिलचस्प बात देखने को मिली। ओमान की बल्लेबाजी की शुरुआत भी अल बलूशी सरनेम वाले खिलाड़ियों ने की। मोहम्मद अल बलूशी और शुऐब अल बलूशी के बाद जुबैर अल बलूशी और वहीद अल बलूशी ने बल्लेबाजी की जिम्मेदारी संभाली। हालांकि हॉन्ग कॉन्ग के गेंदबाजों के सामने ओमान के बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सके। शुऐब अल बलूशी ने सबसे ज्यादा 20 रन बनाए जबकि मोहम्मद ने दो रन जुबैर ने खाता नहीं खोला और वहीद सिर्फ एक रन बना सके। ईसा अल बलूशी ने सात रन बनाए।

    गेंदबाजी में भी अल बलूशी नाम का दबदबा देखने को मिला। मोहम्मद अल बलूशी शुऐब अल बलूशी और नवीद अल बलूशी ने मिलकर हॉन्ग कॉन्ग के पांच विकेट हासिल किए। मोहम्मद सबसे सफल गेंदबाज रहे जिन्होंने 17 रन देकर तीन विकेट अपने नाम किए।

    मोहम्मद अल बलूशी ने इसी साल ओमान के लिए टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था। वह अब तक छह टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेल चुके हैं और उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 81 रन है जो उन्होंने बहरीन के खिलाफ बनाया था। शुऐब भी छह टी20 इंटरनेशनल खेल चुके हैं और उनके नाम 117 रन के साथ चार विकेट हैं।

    जुबैर अल बलूशी ने भी छह टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले हैं जबकि वहीद ने हॉन्ग कॉन्ग के खिलाफ अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया। नवीद अल बलूशी ने पांच टी20 इंटरनेशनल मैचों में सात विकेट हासिल किए हैं। फारिस अल बलूशी के नाम दो टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में 10 रन हैं।

    अब ओमान की टीम के सामने मलेशिया की चुनौती है। क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने के लिए यह मुकाबला उसके अभियान में अहम साबित होगा। ऐसे में सभी की नजर इस बात पर होगी कि क्या अल बलूशी सरनेम वाले खिलाड़ियों से सजी ओमान की टीम अगले मुकाबले में अपने प्रदर्शन से भी सुर्खियां बटोर पाती है।

  • मैराथन में भारत की ऐतिहासिक वापसी सावन बरवाल ने जीता सिल्वर बनाया नया नेशनल रिकॉर्ड

    मैराथन में भारत की ऐतिहासिक वापसी सावन बरवाल ने जीता सिल्वर बनाया नया नेशनल रिकॉर्ड


    नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय एथलेटिक्स के लिए 26 सितंबर का दिन बेहद खास बन गया। नागोया में भारत के लंबी दूरी के धावक सावन बरवाल ने पुरुष मैराथन में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। उनके इस प्रदर्शन के साथ एशियन गेम्स की मैराथन स्पर्धा में भारत का 44 साल लंबा पदक का इंतजार खत्म हो गया। सावन ने 2 घंटे 11 मिनट 37 सेकंड का समय निकालकर रेस पूरी की। यह उनका पर्सनल बेस्ट प्रदर्शन होने के साथ राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बन गया।

    मैराथन के फाइनल में जापान के इचिटाका यामाशिता ने 2 घंटे 10 मिनट 49 सेकंड के समय के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया। सावन उनसे 48 सेकंड पीछे रहे। चीन के पेइयू फेंग ने 2 घंटे 12 मिनट 13 सेकंड के समय के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। सावन ने रेस के शुरुआती हिस्से में जिस तरह का प्रदर्शन किया उससे साफ था कि वह पदक की मजबूत दावेदारी पेश कर रहे हैं।

    रेस की शुरुआत से ही सावन ने अपनी गति बनाए रखी। 5 किलोमीटर के पड़ाव पर वह दूसरे स्थान पर थे लेकिन 10 किलोमीटर तक पहुंचते पहुंचते उन्होंने बढ़त हासिल कर ली। 15 किलोमीटर और 20 किलोमीटर के पड़ाव पर भी सावन सबसे आगे बने रहे। हाफ मैराथन यानी 21.1 किलोमीटर की दूरी उन्होंने 1 घंटे 5 मिनट 54 सेकंड में पूरी की और उस समय भी वह रेस में आगे चल रहे थे।

    25 किलोमीटर तक सावन की बढ़त कायम रही और उन्होंने 1 घंटे 18 मिनट 19 सेकंड का समय दर्ज किया। इसके बाद जापान के यामाशिता ने रफ्तार बढ़ाई और 30 किलोमीटर के आसपास सावन को पीछे छोड़ दिया। हालांकि भारतीय धावक ने हार नहीं मानी और 35 किलोमीटर के पड़ाव तक फिर से बढ़त हासिल कर ली। रेस के अंतिम हिस्से में मुकाबला बेहद कड़ा रहा लेकिन 40 किलोमीटर के बाद यामाशिता ने निर्णायक बढ़त बना ली। अंत में सावन ने सिल्वर मेडल के साथ रेस पूरी की।

    इस पदक का ऐतिहासिक महत्व इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि भारत ने एशियन गेम्स में इससे पहले पुरुष मैराथन का पदक 1982 के दिल्ली एशियन गेम्स में जीता था। उससे पहले 1951 के एशियन गेम्स में भारत को मैराथन में गोल्ड और ब्रॉन्ज मेडल मिले थे। सावन का नागोया सिल्वर भारत के लिए 44 साल बाद इस स्पर्धा में आया पदक है। खास बात यह भी है कि 1982 के बाद यह पहला मौका है जब भारत ने देश के बाहर आयोजित एशियन गेम्स की मैराथन में पदक जीता है।

    सावन के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि वह इससे पहले राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं। इसी साल अप्रैल में रॉटरडैम मैराथन में उन्होंने 2 घंटे 11 मिनट 58 सेकंड का समय निकालकर शिवनाथ सिंह के 48 साल पुराने राष्ट्रीय रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा था। शिवनाथ सिंह ने 1978 में 2 घंटे 12 मिनट का रिकॉर्ड बनाया था। अब नागोया में सावन ने अपने ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड में और सुधार कर दिया।

    भारत के दूसरे धावक कार्तिक करकेरा भी इस फाइनल में उतरे थे। वह 19 धावकों के बीच 17वें स्थान पर रहे। वहीं सावन बरवाल का सिल्वर भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक बड़ी उपलब्धि बन गया है।

  • एशियन गेम्स में भारत का जोरदार प्रदर्शन शूटिंग में गोल्ड के बाद कबड्डी के दोनों फाइनल में एंट्री स्क्वैश में भी मेडल पक्का

    एशियन गेम्स में भारत का जोरदार प्रदर्शन शूटिंग में गोल्ड के बाद कबड्डी के दोनों फाइनल में एंट्री स्क्वैश में भी मेडल पक्का


    नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए 25 सितंबर का दिन पदकों और शानदार मुकाबलों से भरा रहा। प्रतियोगिता के इस चरण में भारतीय खिलाड़ियों ने शूटिंग कबड्डी स्क्वैश हॉकी और बॉक्सिंग समेत कई खेलों में अपना दम दिखाया। दिन की शुरुआत ही शूटिंग में बड़ी उपलब्धि के साथ हुई जब कमलजीत और सुरुचि सिंह की जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। भारतीय जोड़ी ने 484.6 अंक के एशियन गेम्स रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता। यह भारत का शूटिंग में पहला गोल्ड और एशियन गेम्स में कुल दूसरा गोल्ड रहा।

    शूटिंग में भारत को एक और पदक मिला। पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम स्पर्धा में ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर रुद्रांक्ष पाटिल और नीरज कुमार की तिकड़ी ने सिल्वर मेडल जीता। हालांकि व्यक्तिगत स्पर्धा में ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर फाइनल तक पहुंचे लेकिन वह पांचवें स्थान पर रहे जबकि नीरज कुमार आठवें स्थान पर रहे। इस तरह शूटिंग में भारत का प्रदर्शन कई पदकों के साथ जारी रहा।

    कबड्डी के मैदान से भी भारत के लिए बड़ी खबर सामने आई। भारतीय महिला टीम ने सेमीफाइनल में नेपाल को 48-24 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। इसके बाद पुरुष टीम ने भी थाईलैंड के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए 66-28 की जीत दर्ज की और फाइनल का टिकट हासिल कर लिया। इस तरह एशियन गेम्स में भारतीय महिला और पुरुष दोनों कबड्डी टीमें खिताबी मुकाबले में पहुंच गईं।

    स्क्वैश में भी भारत के खाते में पदक पक्के हुए। अभय सिंह ने पुरुष सिंगल्स के क्वार्टर फाइनल में जापान के रयुनोसुके त्सुकुए को 11-4 11-3 11-6 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। महिला सिंगल्स में अनाहत सिंह ने हमवतन तन्वी खन्ना को 3-0 से हराकर अंतिम चार में प्रवेश किया। मिक्स्ड डबल्स में जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार की जोड़ी ने भी सेमीफाइनल में जगह बनाकर पदक सुनिश्चित किया।

    हॉकी में भी भारतीय महिला टीम ने जापान के खिलाफ 3-1 से जीत दर्ज की। भारत की ओर से लालरेमसियामी इशिका और नवनीत ने गोल किए। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में जगह बनाई। वहीं बॉक्सिंग में सचिन सिवाच ने 60 किलोग्राम वर्ग में मोहम्मद अबू जाजेह को 4-1 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया और वह पदक से एक जीत दूर पहुंच गए।

    टेबल टेनिस में भारत को कुछ सफलता मिली तो कुछ मुकाबलों में निराशा भी हाथ लगी। दिव्या चितले और मनुष शाह की जोड़ी ने सेमीफाइनल में पहुंचकर पदक पक्का किया जबकि मानव ठक्कर का पुरुष सिंगल्स अभियान दूसरे दौर में हार के साथ खत्म हो गया। भारतीय तैराकों ने भी फाइनल में जगह बनाकर उम्मीदें कायम रखीं। साजन प्रकाश पुरुषों की 200 मीटर बटरफ्लाई के फाइनल में पहुंचे जबकि ऋषभ दास और उत्कर्ष पाटिल ने 200 मीटर बैकस्ट्रोक के फाइनल में जगह बनाई।

    25 सितंबर की शुरुआत भारत ने 17 पदकों के साथ की थी और शूटिंग के गोल्ड तथा सिल्वर के बाद पदक संख्या 19 तक पहुंच गई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार भारत के खाते में अब 2 गोल्ड 8 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज हैं। एशियन गेम्स में भारतीय दल के लिए आगे भी एथलेटिक्स कबड्डी शूटिंग स्क्वैश बैडमिंटन और अन्य खेलों में मुकाबले जारी हैं।