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  • एशियन गेम्स में ऐन वक्त पर बड़ा बदलाव: तूर की किट नहीं पहुंची तो पवन सहरावत को मिली फ्लैग बियरर की जिम्मेदारी

    एशियन गेम्स में ऐन वक्त पर बड़ा बदलाव: तूर की किट नहीं पहुंची तो पवन सहरावत को मिली फ्लैग बियरर की जिम्मेदारी


    नई दिल्ली। एशियन गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी से ठीक पहले भारतीय दल के फ्लैग बियरर को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। पहले शॉटपुट स्टार तजिंदरपाल सिंह तूर को महिला स्टार शूटर मनु भाकर के साथ भारत का फ्लैग बियरर चुना गया था लेकिन अब तूर ओपनिंग सेरेमनी में शामिल नहीं हो पाएंगे। उनकी जगह कबड्डी स्टार पवन सहरावत को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब पवन सहरावत मनु भाकर के साथ भारतीय दल की अगुवाई करते हुए तिरंगा थामेंगे।

    फ्लैग बियरर बदलने की वजह तजिंदरपाल सिंह तूर की आधिकारिक किट का समय पर नागोया नहीं पहुंच पाना बताया गया है। तूर के मुताबिक उनकी आधिकारिक किट अभी भारत में ही थी और उन्हें जानकारी दी गई कि यह किट 19 सितंबर की दोपहर करीब 3 बजे नागोया एयरपोर्ट पहुंचेगी। इसके बाद एयरपोर्ट से ओपनिंग सेरेमनी के आयोजन स्थल तक पहुंचने में लगने वाला समय इतना कम होगा कि उनके लिए समारोह में समय पर पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। इसी वजह से तूर ने भारतीय ओलंपिक संघ को बता दिया कि वह ओपनिंग सेरेमनी में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।

    तूर ने यह भी बताया कि अगर उन्हें फ्लैग बियरर बनाए जाने की जानकारी कुछ दिन पहले मिल जाती तो उनके कोच जरूरी इंतजाम कर सकते थे। उनके कोच एक दिन पहले ही नागोया पहुंच चुके थे और संभवत उनके लिए किट लेकर आ सकते थे। लेकिन आखिरी समय में मिली जानकारी और किट की देरी के कारण यह व्यवस्था नहीं हो सकी। तूर ने यह भी कहा कि एथलेटिक्स टीम के किसी खिलाड़ी को अब तक आधिकारिक किट नहीं मिली है।

    अब यह जिम्मेदारी 30 वर्षीय पवन सहरावत को दी गई है। पवन भारतीय कबड्डी टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं और पिछली एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय पुरुष कबड्डी टीम का हिस्सा थे। मैदान पर अपने आक्रामक खेल के लिए पहचान बनाने वाले सहरावत के लिए फ्लैग बियरर बनना भी एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। चीफ-डे-मिशन सहदेव यादव ने भी पवन सहरावत को फ्लैग बियरर बनाए जाने की पुष्टि की है।

    ओपनिंग सेरेमनी में अब पवन सहरावत और मनु भाकर भारत की ओर से तिरंगा थामेंगे। मनु भाकर निशानेबाजी में भारत की प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं और उनके साथ पवन की मौजूदगी भारतीय दल के लिए खास तस्वीर पेश करेगी। एक तरफ शूटिंग की स्टार खिलाड़ी और दूसरी तरफ कबड्डी के चर्चित खिलाड़ी भारतीय दल का प्रतिनिधित्व करेंगे।

    वहीं भारतीय एथलेटिक्स टीम फिलहाल नागोया में नहीं है। टीम 13 सितंबर से टोक्यो के पास यूनिवर्सिटी ऑफ त्सुकुबा में अनुकूलन शिविर में हिस्सा ले रही है। एथलेटिक्स टीम के 21 सितंबर को नागोया पहुंचने की योजना है जबकि एथलेटिक्स की प्रतियोगिताएं 23 सितंबर से शुरू होनी हैं। ऐसे में तजिंदरपाल सिंह तूर का ओपनिंग सेरेमनी में शामिल नहीं होना उनकी प्रतियोगिता से जुड़ी तैयारियों को प्रभावित करने वाला मामला नहीं है।

    फ्लैग बियरर में हुआ यह बदलाव एशियन गेम्स की शुरुआत से ठीक पहले सामने आया है। तूर की जगह अब पवन सहरावत को मौका मिला है और वह मनु भाकर के साथ भारतीय दल की अगुवाई करेंगे। भारतीय टीम की नजर इस बार एशियन गेम्स में मजबूत प्रदर्शन और अधिक से अधिक पदक हासिल करने पर है।

  • जापान के खिलाफ भारत का एकतरफा दबदबा: 57 रन पर ढेर हुई टीम फिर शैफाली ने 15 गेंद में ठोके 40 रन

    जापान के खिलाफ भारत का एकतरफा दबदबा: 57 रन पर ढेर हुई टीम फिर शैफाली ने 15 गेंद में ठोके 40 रन


    नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जापान को 8 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। निसिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेले गए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों ने जापान की पारी को महज 57 रन पर समेट दिया। इसके बाद लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने केवल 5 ओवर में 2 विकेट खोकर 59 रन बनाते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारत का सामना अब 20 सितंबर को सेमीफाइनल में बांग्लादेश से होगा।

    टॉस जीतकर भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया और भारतीय गेंदबाजों ने इसे पूरी तरह सही साबित किया। जापान की टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। उसकी ओर से अयाका काटो स्टेफॉर्ड ने 47 गेंदों पर 25 रन बनाकर सबसे ज्यादा रन बनाए जबकि हारुना इवासाकी ने 22 गेंदों पर 10 रन की पारी खेली। इन दोनों के अलावा जापान की कोई भी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर सकी।

    भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की अगुआई श्री चरणी ने की। उन्होंने शानदार स्पेल डालते हुए 4 ओवर में सिर्फ 10 रन देकर 4 विकेट झटके। उनके प्रदर्शन ने जापान की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। श्री चरणी के अलावा शैफाली वर्मा ने गेंद से भी योगदान दिया और 2 विकेट हासिल किए। श्रेयंका पाटिल और दीप्ति शर्मा को एक-एक सफलता मिली। भारतीय गेंदबाजों की कसी हुई गेंदबाजी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जापान की पूरी टीम 19.5 ओवर में 57 रन पर ऑलआउट हो गई।

    58 रन के छोटे लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने शुरुआत में ही मैच को पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लिया। शैफाली वर्मा ने बल्ले से ऐसा तूफान मचाया कि जापानी गेंदबाजों के पास उन्हें रोकने का कोई जवाब नहीं दिखा। शैफाली ने सिर्फ 15 गेंदों पर नाबाद 40 रन की तेजतर्रार पारी खेली। उनकी पारी में 6 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। शैफाली की इस आक्रामक बल्लेबाजी ने भारत के लिए लक्ष्य को बेहद आसान बना दिया।

    हालांकि जापान को भारतीय टीम के दो विकेट निकालने में सफलता मिली। जी कामालिनी बिना खाता खोले आउट हुईं जबकि भारती फूलमाली 6 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। इसके बावजूद भारत की जीत पर कोई असर नहीं पड़ा। ऋचा घोष ने भी तेजी से रन बनाते हुए 6 गेंदों पर नाबाद 12 रन बनाए और शैफाली के साथ मिलकर टीम को जीत तक पहुंचाया।

    भारत ने महज 30 गेंदों में 59 रन बनाकर मुकाबला 8 विकेट से अपने नाम कर लिया। अब टीम की नजर सेमीफाइनल पर है जहां 20 सितंबर को बांग्लादेश से मुकाबला होगा। बांग्लादेश को चीन के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मुकाबला बारिश के कारण रद्द होने के बाद बेहतर रैंकिंग के आधार पर सेमीफाइनल में जगह मिली थी।

    भारतीय टीम के लिए जापान के खिलाफ मुकाबला गेंद और बल्ले दोनों विभागों में शानदार रहा। श्री चरणी की चार विकेट वाली गेंदबाजी और शैफाली की तूफानी पारी ने भारत को आसान जीत दिलाई। अब बांग्लादेश के खिलाफ सेमीफाइनल में भारतीय टीम की कोशिश इस प्रदर्शन को दोहराते हुए फाइनल में जगह बनाने की होगी।

  • एशियन गेम्स में बदली टीम इंडिया की स्क्वाड नीतीश रेड्डी को मिली नई जिम्मेदारी इस युवा खिलाड़ी की एंट्री

    एशियन गेम्स में बदली टीम इंडिया की स्क्वाड नीतीश रेड्डी को मिली नई जिम्मेदारी इस युवा खिलाड़ी की एंट्री


    नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम की स्क्वाड में बड़ा बदलाव किया गया है। बीसीसीआई ने टीम में दो अहम परिवर्तन किए हैं। ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी अब एशियन गेम्स में भारतीय टीम का हिस्सा नहीं होंगे। उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारतीय स्क्वाड में शामिल किया गया है। वहीं स्टार स्पिनर वरुण चक्रवर्ती चोट के कारण एशियन गेम्स से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह युवा ऑलराउंडर विप्रज निगम को भारतीय टीम में शामिल किया गया है।

    बीसीसीआई ने 16 सितंबर को जारी प्रेस विज्ञप्ति में इन बदलावों की जानकारी दी। बोर्ड के मुताबिक वरुण चक्रवर्ती साइड स्ट्रेन की समस्या से जूझ रहे हैं। इसी चोट के कारण वह जापान के खिलाफ 22 सितंबर को होने वाले टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में भी नहीं खेल पाएंगे। वरुण की जगह दिल्ली कैपिटल्स से जुड़े युवा खिलाड़ी विप्रज निगम को टीम में शामिल किया गया है। अब विप्रज भारतीय दल के साथ जापान जाएंगे और एशियन गेम्स में टीम इंडिया की जर्सी में नजर आ सकते हैं।

    नीतीश कुमार रेड्डी को एशियन गेम्स की टीम से हटाने के पीछे बीसीसीआई की वनडे क्रिकेट को लेकर योजना अहम मानी जा रही है। बोर्ड चाहता है कि नीतीश को वनडे फॉर्मेट में ज्यादा मौके मिलें और वह इस प्रारूप में अपनी उपयोगिता साबित करें। इसी वजह से उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। इस सीरीज में मोहम्मद सिराज और रवींद्र जडेजा जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को भी जगह दी गई है।

    नीतीश के हालिया प्रदर्शन ने भी चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा है। अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में उन्होंने गेंद से प्रभावी प्रदर्शन किया था। दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए इस मैच में नीतीश ने तीन अफगानी बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा था। उनके प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार भी मिला था। इसके बाद उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम में शामिल किया गया।

    नीतीश जून 2026 में अफगानिस्तान के खिलाफ दो वनडे मुकाबले भी खेल चुके हैं। इन दोनों मैचों में उन्हें बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला था। हालांकि धर्मशाला में खेले गए पहले वनडे मुकाबले में उन्होंने गेंदबाजी करते हुए दो विकेट हासिल किए थे। अब वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में उनके सामने वनडे क्रिकेट में खुद को साबित करने का एक और अवसर होगा।

    दूसरी ओर वरुण चक्रवर्ती की चोट ने एशियन गेम्स की टीम का समीकरण बदल दिया है। अफगानिस्तान के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में गेंदबाजी के दौरान उन्हें चोट लगी थी। इसके बाद वह सीरीज के बाकी मुकाबलों से बाहर हो गए थे। अब साइड स्ट्रेन के कारण उन्हें जापान टी20 और एशियन गेम्स से भी बाहर होना पड़ा है।

    एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर के हाथों में है जबकि तिलक वर्मा उपकप्तान बनाए गए हैं। टीम में अभिषेक शर्मा संजू सैमसन ईशान किशन शिवम दुबे अक्षर पटेल वॉशिंगटन सुंदर रवि बिश्नोई जसप्रीत बुमराह अर्शदीप सिंह वैभव सूर्यवंशी यश ठाकुर और विप्रज निगम शामिल हैं। स्क्वाड में हुए बदलाव के बाद अब खास नजर युवा विप्रज निगम और वनडे टीम में शामिल किए गए नीतीश कुमार रेड्डी पर रहेगी।

  • एशियन गेम्स में पदकों का महामुकाबला: एथलेटिक्स से शूटिंग तक इन 5 खेलों से भारत को बड़ी उम्मीदें

    एशियन गेम्स में पदकों का महामुकाबला: एथलेटिक्स से शूटिंग तक इन 5 खेलों से भारत को बड़ी उम्मीदें


    नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 की शुरुआत 19 सितंबर से जापान के आइची नागोया में होने जा रही है। भारत ने इस बार अपने 503 खिलाड़ियों का दल तैयार किया है जो 35 खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करेगा। पिछले एशियन गेम्स में भारत ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था और इस बार भी कई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों से पदक जीतने की उम्मीद जताई जा रही है। इनमें एथलेटिक्स निशानेबाजी कुश्ती मुक्केबाजी और क्रिकेट प्रमुख हैं।

    एथलेटिक्स एशियन गेम्स में भारत के लिए लंबे समय से पदक दिलाने वाले प्रमुख खेलों में शामिल रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार भारत ने एशियन गेम्स के 19 संस्करणों में एथलेटिक्स से कुल 283 पदक जीते हैं। इनमें 85 स्वर्ण 102 रजत और 96 कांस्य पदक शामिल हैं। इस बार नीरज चोपड़ा की गैरमौजूदगी के बावजूद भारतीय दल में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जिन पर नजर रहेगी। मुरली श्रीशंकर गुलवीर सिंह अविनाश साबले तजिंदरपाल सिंह पारुल चौधरी राजेश रमेश और रोहित यादव से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।

    निशानेबाजी भी भारत के लिए अहम खेल रहेगा। एशियन गेम्स के इतिहास में भारतीय निशानेबाजों ने अब तक 80 पदक हासिल किए हैं जिनमें 16 स्वर्ण 30 रजत और 34 कांस्य पदक शामिल हैं। पिछले एशियन गेम्स में भारतीय निशानेबाजों ने 22 पदक जीते थे। इस बार मनु भाकर के साथ ईशा सिंह ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर आशी चौकसे और सुरुचि जैसे खिलाड़ियों पर भी नजर रहेगी।

    कुश्ती में भी भारतीय पहलवान पदक के लिए जोर लगाएंगे। एशियन गेम्स में भारत ने इस खेल में अब तक 65 पदक जीते हैं। इनमें 11 स्वर्ण 15 रजत और 39 कांस्य पदक शामिल हैं। अमन सहरावत अंतिम पंघाल दीपक पूनिया मनीषा और सुजीत कलकल भारतीय चुनौती को मजबूत करने वाले खिलाड़ियों में शामिल हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कुश्ती को शामिल नहीं किए जाने के बाद भारतीय पहलवानों के लिए एशियन गेम्स एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय मंच होगा।

    मुक्केबाजी में भी भारत की उम्मीदें मजबूत हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय मुक्केबाजों के प्रदर्शन के बाद एशियन गेम्स को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं। महिला वर्ग में साक्षी चौधरी प्रीति पवार और लवलीना बोरगोहेन पर नजर होगी। पुरुष वर्ग में जादुमणि सिंह सचिन सिवाच अंकुश और नरेंद्र बेरवाल भारतीय चुनौती पेश करेंगे।

    इस बार क्रिकेट भी एशियन गेम्स का हिस्सा है और भारत की पुरुष तथा महिला टीमें इसमें हिस्सा लेंगी। पिछले एशियन गेम्स में दोनों भारतीय टीमों ने स्वर्ण पदक जीता था। महिला टीम 18 सितंबर को अपना पहला मैच खेलेगी जबकि पुरुष टीम 28 सितंबर से अभियान शुरू करेगी। ऐसे में एशियन गेम्स 2026 में भारत का प्रदर्शन इन प्रमुख खेलों में खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर खास तौर पर निर्भर रहेगा।

  • श्रेयस अय्यर की टीम के मैचों की टाइमिंग में बड़ा बदलाव अब इस वक्त होगा भारत का क्वार्टर फाइनल मुकाबला

    श्रेयस अय्यर की टीम के मैचों की टाइमिंग में बड़ा बदलाव अब इस वक्त होगा भारत का क्वार्टर फाइनल मुकाबला


    नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय क्रिकेट टीम के मुकाबलों को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। पुरुष क्रिकेट प्रतियोगिता के कुछ अहम नॉकआउट मुकाबलों की टाइमिंग में बदलाव किया गया है। संशोधित कार्यक्रम के मुताबिक दोपहर में खेले जाने वाले मुकाबले अब जापान के स्थानीय समय के अनुसार दोपहर 2 बजे की जगह 1 बजकर 30 मिनट पर शुरू होंगे। इसका सीधा असर भारतीय टीम के क्वार्टर फाइनल मुकाबले पर भी पड़ेगा। हालांकि महिला क्रिकेट के मुकाबलों की टाइमिंग में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है।

    भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम को एशियन गेम्स में सीधे क्वार्टर फाइनल में प्रवेश मिला है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम अपना क्वार्टर फाइनल मुकाबला 28 सितंबर को खेलेगी। यह मैच जापान के स्थानीय समय के अनुसार दोपहर 1 बजकर 30 मिनट पर शुरू होगा। जापान भारत से 3 घंटे 30 मिनट आगे है इसलिए भारतीय दर्शक इस मुकाबले को सुबह 10 बजे से देख सकेंगे। वहीं सुबह के स्लॉट में होने वाले मुकाबले पहले की तरह जापान में सुबह 9 बजे शुरू होंगे जिसका मतलब भारत में इनका प्रसारण सुबह 5 बजकर 30 मिनट से होगा।

    टाइमिंग में यह बदलाव केवल क्वार्टर फाइनल तक सीमित नहीं है। 1 अक्टूबर को होने वाला दूसरा सेमीफाइनल भी जापान के समय के अनुसार दोपहर 1 बजकर 30 मिनट से शुरू होगा। भारतीय टीम के इस चरण तक पहुंचने की पूरी संभावना मानी जा रही है। इसके बाद 3 अक्टूबर को होने वाला गोल्ड मेडल मुकाबला भी दोपहर 1 बजकर 30 मिनट पर शुरू किया जाएगा। ऐसे में अगर श्रेयस अय्यर की टीम फाइनल तक पहुंचती है तो भारत में क्रिकेट फैंस को गोल्ड मेडल के लिए मुकाबला सुबह 10 बजे से देखने को मिलेगा। वहीं पहला क्वार्टर फाइनल जिसमें पाकिस्तान शामिल है पहला सेमीफाइनल और ब्रॉन्ज मेडल मुकाबला सुबह 9 बजे के जापानी समय से ही खेले जाएंगे।

    मैचों की टाइमिंग में बदलाव की वजह भी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक जिस स्थान पर एशियन गेम्स के क्रिकेट मुकाबले आयोजित किए जाएंगे वहां फ्लडलाइट की सुविधा उपलब्ध नहीं है। जापान में शाम जल्दी होने के कारण आयोजकों को लंबे चलने वाले पुरुष मुकाबलों को समय से पहले समाप्त कराने की जरूरत महसूस हुई। इसी वजह से दोपहर वाले मैचों को आधा घंटा पहले शुरू करने का फैसला लिया गया है। हालांकि इस बदलाव की जानकारी सभी संबंधित पक्षों तक पूरी तरह नहीं पहुंची थी। भारतीय ओलंपिक संघ के अधिकारियों ने भी इस संबंध में अनभिज्ञता जताई थी जबकि आधिकारिक कार्यक्रम में संशोधित समय अपडेट कर दिया गया है।

    एशियन गेम्स में भारत की टीम को बेहद मजबूत माना जा रहा है। पिछली बार ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी में भारतीय पुरुष टीम ने गोल्ड मेडल जीता था। इस बार टीम की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में है और टीम में अभिषेक शर्मा संजू सैमसन ईशान किशन शिवम दुबे तिलक वर्मा नीतीश कुमार रेड्डी अक्षर पटेल वॉशिंगटन सुंदर वरुण चक्रवर्ती रवि बिश्नोई जसप्रीत बुमराह अर्शदीप सिंह वैभव सूर्यवंशी और यश ठाकुर जैसे खिलाड़ी शामिल हैं।

    एशियन गेम्स 2026 का आयोजन 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान के आइची और नागोया में होना है। भारत और जापान के बीच 22 सितंबर को होने वाला टी20 मुकाबला एशियन गेम्स क्रिकेट प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं है। यह मुकाबला अलग कार्यक्रम के तहत सानो इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। भारतीय टीम की मजबूत स्क्वॉड को देखते हुए इस बार भी गोल्ड मेडल की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं।

  • Asian Games 2026 में टीम इंडिया को नहीं मिलेगा 5 स्टार होटल: फिर भी BCCI संतुष्ट नागोया में क्यों बदली ठहरने की रणनीति जानिए पूरी वजह

    Asian Games 2026 में टीम इंडिया को नहीं मिलेगा 5 स्टार होटल: फिर भी BCCI संतुष्ट नागोया में क्यों बदली ठहरने की रणनीति जानिए पूरी वजह


    नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 शुरू होने से पहले भारतीय क्रिकेट टीम की होटल व्यवस्था को लेकर चल रहा विवाद अब लगभग खत्म हो गया है। भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीमों को इस बार विदेश दौरों की तरह पांच सितारा होटल की सुविधा नहीं मिलेगी। इसके बावजूद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने आयोजकों की ओर से की गई व्यवस्था पर संतोष जताया है। बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने स्पष्ट किया है कि दोनों भारतीय टीमें एशियन गेम्स के आयोजकों की ओर से तय किए गए आवास में ही रहेंगी। बोर्ड की प्राथमिकता खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल सुनिश्चित करना है और मौजूदा व्यवस्था को इसी नजरिए से स्वीकार किया गया है।

    दरअसल भारतीय क्रिकेटरों को आमतौर पर विदेशी दौरों पर बेहतर सुविधाओं वाले पांच सितारा होटलों में ठहराया जाता है। ऐसे में जापान के नागोया में होने वाले एशियन गेम्स के लिए जब पांच सितारा होटल उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई तो सवाल उठने लगे थे कि क्या बीसीसीआई अपने खिलाड़ियों के लिए अलग व्यवस्था करेगा। नागोया में शीर्ष श्रेणी के होटलों की उपलब्धता सीमित होने को इस पूरे मामले की बड़ी वजह बताया गया। आयोजकों के सामने बड़ी संख्या में खिलाड़ियों और अधिकारियों के ठहरने की चुनौती भी है।

    शुरुआत में यह चर्चा भी थी कि अगर भारतीय टीम को निर्धारित होटल पसंद नहीं आया तो खिलाड़ियों के लिए टोक्यो या ओसाका जैसे शहरों में वैकल्पिक व्यवस्था की जा सकती है। लेकिन यह विकल्प व्यावहारिक नहीं माना गया क्योंकि मैच और अभ्यास स्थल से लंबी दूरी खिलाड़ियों के लिए परेशानी पैदा कर सकती थी। ऐसे में बीसीसीआई ने आयोजकों के साथ समन्वय करते हुए उसी व्यवस्था को स्वीकार करने का फैसला किया जो एशियन गेम्स के लिए तैयार की गई है।

    बीसीसीआई की सबसे बड़ी चिंता सिर्फ होटल की स्टार रेटिंग नहीं बल्कि खिलाड़ियों की सुविधा और गोपनीयता को लेकर थी। रिपोर्टों के अनुसार खिलाड़ियों को अलग अलग कमरे उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर जोर दिया गया है। यानी पांच सितारा होटल नहीं होने के बावजूद टीम के खिलाड़ियों को अलग कमरे मिलेंगे ताकि आराम और तैयारी में किसी तरह की परेशानी न हो। बीसीसीआई ने होटल की तस्वीरों और वीडियो के जरिए भी व्यवस्थाओं की जानकारी ली थी।

    होटल के अलावा बीसीसीआई की चिंता खेल सुविधाओं को लेकर भी थी। खास तौर पर मैदान की गुणवत्ता पिच और ड्रेसिंग रूम जैसी व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठे थे। बाद में निरीक्षण और बातचीत के बाद इन व्यवस्थाओं को लेकर भी संतोषजनक स्थिति सामने आई। यानी बोर्ड ने साफ संकेत दिया है कि टीम के लिए पांच सितारा होटल से ज्यादा जरूरी सुरक्षित ठहराव अच्छी खेल सुविधाएं और मैच स्थल तक आसान पहुंच है।

    एशियन गेम्स 2026 का आयोजन जापान के आइची नागोया क्षेत्र में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होना है। क्रिकेट प्रतियोगिता भी इस बड़े खेल आयोजन का हिस्सा होगी और भारत ने पुरुष तथा महिला दोनों वर्गों में मजबूत टीमें उतारी हैं। पुरुष टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर करेंगे जबकि भारतीय दल से पदक की बड़ी उम्मीदें हैं।

    इस पूरे घटनाक्रम से एक बात साफ है कि बीसीसीआई ने इस बार पांच सितारा होटल की सुविधा को प्रतिष्ठा का मुद्दा बनाने के बजाय खिलाड़ियों की तैयारी और प्रतियोगिता से जुड़ी व्यावहारिक जरूरतों को प्राथमिकता दी है। आयोजकों की तय व्यवस्था में रहकर टीम इंडिया अब अपना पूरा ध्यान मैदान पर प्रदर्शन और एशियन गेम्स में पदक जीतने पर लगाएगी।

  • मेडल की जंग से पहले कंटेनर में रात गुजार रहे एथलीट, जानिए जापान के लिए SAI की ये अनोखी तैयारी क्यों है खास

    मेडल की जंग से पहले कंटेनर में रात गुजार रहे एथलीट, जानिए जापान के लिए SAI की ये अनोखी तैयारी क्यों है खास


    नई दिल्ली । जापान में होने वाले एशियन गेम्स 2026 में भारतीय एथलीट सिर्फ मैदान पर मेडल जीतने की तैयारी नहीं कर रहे हैं बल्कि उन्हें प्रतियोगिता स्थल पर मिलने वाली रहने की अलग व्यवस्था के लिए भी पहले से तैयार किया जा रहा है। इस बार आइची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स की सबसे बड़ी खासियतों में से एक यह है कि खिलाड़ियों के लिए पारंपरिक एथलीट्स विलेज नहीं बनाया गया है। खिलाड़ियों को कंटेनर क्रूज और दूसरी जगहों पर ठहराने की व्यवस्था की गई है। ऐसी स्थिति में भारतीय खिलाड़ियों को अचानक नए और सीमित माहौल का सामना न करना पड़े इसके लिए Sports Authority of India यानी SAI ने देश में ही एक अनोखी तैयारी शुरू कर दी है।

    पटियाला और बेंगलुरु में कंटेनर आधारित कमरे तैयार किए गए हैं जहां भारतीय एथलीट बारी बारी से रात गुजार रहे हैं। पहली नजर में यह व्यवस्था थोड़ी हैरान करने वाली लग सकती है क्योंकि कंटेनर में जगह सीमित होती है और खिलाड़ी आमतौर पर ट्रेनिंग के साथ आराम और रिकवरी के लिए पर्याप्त जगह के आदी होते हैं। लेकिन इस पहल का मकसद खिलाड़ियों को किसी असुविधा में डालना नहीं बल्कि उन्हें उस माहौल से पहले ही परिचित कराना है जिसका सामना उन्हें जापान पहुंचने के बाद करना पड़ सकता है।

    SAI अधिकारियों के मुताबिक करीब दो साल पहले ही यह स्पष्ट हो गया था कि एशियन गेम्स के दौरान खिलाड़ियों के लिए पारंपरिक एथलीट्स विलेज की व्यवस्था नहीं होगी। इसके बाद योजना बनाई गई कि भारतीय खिलाड़ियों को भारत में ही वैसा माहौल देकर मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार किया जाए। कोशिश यह है कि जापान पहुंचने पर कम जगह या अलग तरह की रहने की व्यवस्था खिलाड़ियों के प्रदर्शन और एकाग्रता पर असर न डाले।

    पटियाला में तैयार किया गया कंटेनर करीब 13 मीटर लंबा और लगभग तीन मीटर चौड़ा है। सीमित जगह का अधिकतम इस्तेमाल करते हुए इसमें खिलाड़ियों की जरूरत के मुताबिक कई सुविधाएं जोड़ी गई हैं। इसके दोनों सिरों पर ट्विन शेयरिंग बेडरूम बनाए गए हैं जबकि बीच में एक संकरी गैलरी है। कंटेनर में एयर कंडीशनिंग के साथ छोटी लॉन्ड्री एरिया वॉशिंग मशीन फ्रिज और सिंक वाली कॉम्पैक्ट किचन जैसी सुविधाएं भी हैं। बाथरूम में वॉश बेसिन टॉयलेट और शॉवर के लिए अलग हिस्से बनाए गए हैं। खिलाड़ियों का सामान रखने के लिए कैबिनेट और भारी किट बैग के लिए बेड के नीचे जगह भी बनाई गई है।

    दो बार के एशियन गेम्स चैंपियन शॉटपुटर तजिंदरपाल सिंह तूर ने भी इस अनुभव को उपयोगी बताया। करीब 6 फीट 4 इंच लंबे तजिंदर के लिए सीमित जगह में रहना सामान्य अनुभव से अलग था लेकिन उन्होंने माना कि अंदर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं। उनका मानना है कि अगर खिलाड़ी पहली बार जापान पहुंचकर ऐसी जगह देखते तो शुरुआती समय उस माहौल को समझने और उसके साथ तालमेल बैठाने में निकल सकता था। भारत में पहले से अनुभव मिलने से यह परेशानी काफी कम हो सकती है।

    डिस्कस थ्रोअर सीमा कालीरामणा ने भी कंटेनर में दो रातें बिताईं। थ्रो इवेंट के खिलाड़ियों के लिए जगह की जरूरत कुछ ज्यादा होती है इसलिए शुरुआत में उन्हें भी थोड़ी परेशानी महसूस हुई। हालांकि दूसरे दिन तक उन्होंने इस वातावरण के साथ तालमेल बैठा लिया। यही इस पूरी पहल का उद्देश्य भी है कि खिलाड़ी छोटी से छोटी असुविधा के साथ जल्दी से जल्दी एडजस्ट करना सीखें।

    दिलचस्प बात यह है कि इन कंटेनरों को विशेष रूप से खरीदकर तैयार नहीं किया गया है। कोविड महामारी के दौरान NSNIS पटियाला में इनका इस्तेमाल वेटलिफ्टिंग और एथलेटिक्स के उपकरण रखने के लिए किया जाता था। अब इन्हीं पुराने कंटेनरों को एशियन गेम्स की तैयारी के लिए आवासीय सिमुलेटर में बदल दिया गया है। प्रतियोगिता के बाद भी इनका इस्तेमाल जारी रहेगा और इन्हें गेस्ट हाउस में तब्दील करने की योजना है।

    28 अगस्त से शुरू हुई इस कवायद में अब तक करीब आठ खिलाड़ी कंटेनर में रात गुजार चुके हैं और आगे भी तय कार्यक्रम के अनुसार अन्य एथलीट यहां रुकेंगे। असल में यह तैयारी सिर्फ रहने की जगह को लेकर नहीं बल्कि खिलाड़ियों की मानसिक मजबूती से जुड़ी है। भारतीय एथलीट जब जापान में मैदान पर उतरें तो उनके सामने कमरे की जगह उसकी सीमाएं या सुविधाएं नहीं बल्कि सिर्फ मेडल का लक्ष्य होना चाहिए। इसी सोच के साथ SAI ने पटियाला में एक छोटा सा जापान पहले ही तैयार कर दिया है।

  • गोल्डन बॉय की राह में चोट बनी रोड़ा! नीरज चोपड़ा एशियन गेम्स से बाहर, भारत की गोल्ड की उम्मीदों को लगा झटका

    गोल्डन बॉय की राह में चोट बनी रोड़ा! नीरज चोपड़ा एशियन गेम्स से बाहर, भारत की गोल्ड की उम्मीदों को लगा झटका


    नई दिल्ली । भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर और दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा को लेकर खेल जगत से बेहद निराश करने वाली खबर सामने आई है। नीरज चोपड़ा चोट के कारण 2026 के बाकी बचे सीजन से बाहर हो गए हैं। इसका सीधा असर सितंबर में जापान के आइची नागोया में होने वाले एशियन गेम्स पर भी पड़ा है जहां नीरज अपने जैवलिन थ्रो के खिताब का बचाव करने उतरने वाले थे। नीरज की गैरमौजूदगी भारत के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है क्योंकि वह देश के सबसे मजबूत पदक दावेदारों में शामिल थे और एशियन गेम्स में उनसे एक बार फिर शानदार प्रदर्शन की उम्मीद थी।

    नीरज ने खुद सोशल मीडिया के जरिए अपनी चोट की जानकारी फैन्स के साथ साझा की है। उन्होंने बताया कि लुसाने डायमंड लीग में 88.05 मीटर का सीजन बेस्ट थ्रो करने के बाद वह शानदार लय महसूस कर रहे थे। लंबे समय से जिस मोमेंटम की उन्हें तलाश थी वह उन्हें वापस मिलता नजर आ रहा था लेकिन इसी दौरान ट्रेनिंग में उनके टखने के लिगामेंट में टियर हो गया। चोट के बाद उन्होंने अपनी मेडिकल टीम और डॉक्टरों के साथ विस्तार से चर्चा की और इसके बाद इस सीजन के बाकी मुकाबलों से दूर रहने का फैसला किया।

    नीरज के लिए यह फैसला आसान नहीं रहा होगा क्योंकि चोट ऐसे समय पर आई जब उनका प्रदर्शन धीरे धीरे बेहतर होता दिखाई दे रहा था। ग्लासगो में हुए मुकाबले में उन्होंने पोडियम फिनिश हासिल किया था लेकिन श्रीलंका के रुमेश पथिरागे ने 89.75 मीटर का शानदार थ्रो करते हुए उनसे गोल्ड मेडल छीन लिया था। इसके बाद लुसाने डायमंड लीग में भी नीरज ने हिस्सा लिया और 88.05 मीटर का थ्रो उनके लिए सीजन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। वह क्वालिफिकेशन की रेस में आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे लेकिन चोट ने उनके पूरे सीजन पर ब्रेक लगा दिया।

    एशियन गेम्स 2026 का आयोजन 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान के आइची नागोया में होना है। नीरज के बाहर होने का सबसे बड़ा झटका यह है कि वह जैवलिन थ्रो में अपने पिछले खिताब का बचाव नहीं कर पाएंगे। उनके नाम की मौजूदगी ही भारत के लिए पदक की बड़ी उम्मीद मानी जाती थी। ऐसे में उनकी अनुपस्थिति से भारतीय एथलेटिक्स टीम पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है।

    हालांकि नीरज ने इस मुश्किल वक्त में भी सकारात्मक रवैया दिखाया है। उनका कहना है कि चोट और मुश्किलें खेल के सफर का हिस्सा हैं और फिलहाल उनका पूरा ध्यान रिकवरी पर है। वह पूरी तरह फिट होकर पहले से ज्यादा मजबूती के साथ मैदान पर वापसी करना चाहते हैं। अब नीरज की गैरमौजूदगी में भारत की उम्मीदें रोहित यादव पर टिक गई हैं। रोहित ने हाल ही में भुवनेश्वर में 87.68 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो करते हुए जीत दर्ज की थी। नीरज के बाहर होने के बाद रोहित एशियन गेम्स में भारत के प्रमुख जैवलिन पदक दावेदार के रूप में नजर आएंगे।

  • एशियन गेम्स 2026: हरमनप्रीत की कप्तानी में उतरेगा भारत, हॉकी इंडिया ने घोषित किया 20 सदस्यीय दल

    एशियन गेम्स 2026: हरमनप्रीत की कप्तानी में उतरेगा भारत, हॉकी इंडिया ने घोषित किया 20 सदस्यीय दल


    नई दिल्ली । हॉकी इंडिया ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित होने वाले 20वें एशियाई खेलों के लिए भारतीय पुरुष हॉकी टीम का ऐलान कर दिया है। 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में स्टार डिफेंडर हरमनप्रीत सिंह भारतीय टीम की कप्तानी करेंगे। मौजूदा चैंपियन भारत इस बार भी स्वर्ण पदक बरकरार रखने के इरादे से मैदान में उतरेगा। इस टूर्नामेंट का विजेता सीधे लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए क्वालीफाई करेगा, इसलिए यह प्रतियोगिता भारतीय टीम के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।

    हॉकी इंडिया ने इस बार अनुभव और युवा जोश का संतुलित मिश्रण तैयार किया है। टीम में देश के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल मिडफील्डर मनप्रीत सिंह को भी जगह दी गई है। लंबे अंतरराष्ट्रीय अनुभव के साथ मनप्रीत टीम को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

    गोलकीपिंग की जिम्मेदारी मोहित एचएस और सूरज करकेरा के कंधों पर होगी। डिफेंस में कप्तान हरमनप्रीत सिंह के साथ जरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, संजय, सुमित और यशदीप सिवाच शामिल किए गए हैं। मिडफील्ड में हार्दिक सिंह, मनप्रीत सिंह, विवेक सागर प्रसाद, नीलाकांता शर्मा, राजिंदर सिंह और राज कुमार पाल टीम की कमान संभालेंगे। वहीं फॉरवर्ड लाइन में दिलप्रीत सिंह, मनदीप सिंह, सुखजीत सिंह, शिलानंद लाकड़ा और अभिषेक विरोधी टीमों के खिलाफ गोल दागने की जिम्मेदारी निभाएंगे।

    भारतीय टीम को पूल-ए में मेजबान जापान, दक्षिण कोरिया, बांग्लादेश, श्रीलंका और इंडोनेशिया के साथ रखा गया है। भारत अपने अभियान की शुरुआत 20 सितंबर को इंडोनेशिया के खिलाफ करेगा। इसके बाद श्रीलंका से 22 सितंबर, कोरिया से 24 सितंबर, जापान से 26 सितंबर और बांग्लादेश से 28 सितंबर को मुकाबला होगा। सभी मैच जापान के काकामिगहारा स्थित गिफू प्रीफेक्चुरल ग्रीन स्टेडियम में खेले जाएंगे।

    मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने टीम की घोषणा के बाद कहा कि भारतीय टीम पूरी तरह तैयार है और उसका सबसे बड़ा लक्ष्य एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक जीतकर लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 का सीधा टिकट हासिल करना है। उन्होंने भरोसा जताया कि अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का यह संयोजन टीम को सफलता दिलाने में सक्षम है।

    कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने भी टीम पर पूरा विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि चाहे युवा खिलाड़ी हों या अनुभवी, सभी अपनी जिम्मेदारियों को अच्छी तरह समझते हैं। उनका मानना है कि खिलाड़ियों को बिना किसी दबाव के अपना स्वाभाविक खेल खेलना चाहिए और हर मौके का पूरा फायदा उठाना चाहिए।

    भारत ने 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों में हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में स्वर्ण पदक जीतकर पेरिस ओलंपिक का टिकट हासिल किया था। अब टीम की नजर लगातार दूसरी बार एशियाई खेलों का खिताब जीतने और एक बार फिर सीधे ओलंपिक में जगह बनाने पर होगी।

    भारतीय टीम

    गोलकीपर: मोहित एचएस, सूरज करकेरा

    डिफेंडर: जरमनप्रीत सिंह, हरमनप्रीत सिंह (कप्तान), अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, संजय, सुमित, यशदीप सिवाच

    मिडफील्डर: राजिंदर सिंह, राज कुमार पाल, हार्दिक सिंह, मनप्रीत सिंह, नीलाकांता शर्मा, विवेक सागर प्रसाद

    फॉरवर्ड: दिलप्रीत सिंह, शिलानंद लाकड़ा, सुखजीत सिंह, मनदीप सिंह, अभिषेक

  • एशियाई खेल 2026 में गुजरात का ऐतिहासिक रिकॉर्ड, पहली बार 9 खिलाड़ी करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व

    एशियाई खेल 2026 में गुजरात का ऐतिहासिक रिकॉर्ड, पहली बार 9 खिलाड़ी करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व


    नई दिल्ली । जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले 20वें एशियाई खेलों के लिए गुजरात ने नया इतिहास रच दिया है। पहली बार राज्य से रिकॉर्ड 9 खिलाड़ियों का भारतीय टीम में चयन हुआ है जबकि एक खिलाड़ी को हाई वैल्यू रिजर्व के रूप में जगह मिली है। यह उपलब्धि गुजरात में खेल संस्कृति के लगातार विस्तार और खिलाड़ियों को मिल रहे बेहतर प्रशिक्षण तथा आधुनिक खेल सुविधाओं का बड़ा परिणाम मानी जा रही है।

    गुजरात के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि वर्ष 2014 में आयोजित 17वें एशियाई खेलों में राज्य से केवल तीन खिलाड़ी ही भारतीय टीम का हिस्सा थे। अब महज एक दशक में यह संख्या तीन गुना बढ़कर नौ पहुंच गई है जो राज्य के खेल विकास की नई तस्वीर पेश करती है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि गुजरात अब केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं रहा बल्कि कई खेलों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है।

    भारतीय टीम में चयनित खिलाड़ियों में शूटिंग की स्टार खिलाड़ी इलावेनिल वलारिवन प्रमुख नाम हैं। टेबल टेनिस में हरमीत देसाई मानव ठक्कर और मानुष शाह को जगह मिली है। सॉफ्ट टेनिस में अनिकेत पटेल भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे जबकि तैराकी में आर्यन नेहरा को मौका मिला है। टेनिस में अनुभवी खिलाड़ी अंकिता रैना और वैदेही चौधरी का चयन हुआ है। एथलेटिक्स में धाविका देवयानी झाला भी भारतीय दल का हिस्सा होंगी। वहीं टेनिस खिलाड़ी जील देसाई को रिजर्व खिलाड़ी के रूप में टीम में शामिल किया गया है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि गुजरात के खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन वर्षों से चल रही योजनाबद्ध तैयारी का परिणाम है। राज्य में खेल प्रतिभाओं को शुरुआती स्तर से पहचानने आधुनिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के अनुरूप सुविधाएं विकसित करने पर लगातार काम किया गया है। इसी वजह से अब गुजरात के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।

    राज्य सरकार ने भी इसे गुजरात के लिए गर्व का क्षण बताया है। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात में विश्वस्तरीय खेल संस्कृति विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। खिलाड़ियों को केवल प्रशिक्षण ही नहीं बल्कि बेहतर खेल सुविधाएं आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी का पूरा वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि वे देश का नाम दुनिया भर में रोशन कर सकें।

    उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2030 में गुजरात राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की तैयारी कर रहा है। इसके लिए विश्वस्तरीय खेल परिसरों और आधुनिक सुविधाओं का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य गुजरात को देश का प्रमुख खेल केंद्र बनाना है जहां से भविष्य में और अधिक खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करें।

    पिछले एक दशक में गुजरात ने ओलंपिक कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाई खेलों में अपनी भागीदारी लगातार बढ़ाई है। अब एशियाई खेल 2026 में राज्य के इन खिलाड़ियों से देश को शानदार प्रदर्शन और पदकों की उम्मीद रहेगी।