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  • ईरान पर हमले के लिए नाटो देश ने नहीं दिए सैन्य ठिकाने

    ईरान पर हमले के लिए नाटो देश ने नहीं दिए सैन्य ठिकाने

    वाशिंगटन। स्पेन द्वारा ईरान पर हमले के लिए अमेरिकी सेना को अपने सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल से इनकार करने पर डोनाल्ड ट्रम्प भड़क गए हैं। ट्रम्प ने स्पेन पर पूर्ण व्यापार प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है और अपने 15 लड़ाकू विमान वापस बुला लिए हैं।

    अमेरिका और स्पेन के बीच तनाव अचानक गहरा गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो (NATO) और यूरोपीय सहयोगी स्पेन पर पूर्ण व्यापार प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है। यह विवाद स्पेन द्वारा अमेरिका को ईरान पर हमले से जुड़े मिशनों के लिए अपने सैन्य ठिकानों का उपयोग करने से रोकने के बाद उत्पन्न हुआ है।
    विवाद का मुख्य कारण
    सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल पर रोक: स्पेन के समाजवादी नेतृत्व ने अमेरिकी सेना को ईरान पर संभावित हमले के लिए स्पेन स्थित ठिकानों का उपयोग करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।

    विमानों की वापसी: इसके परिणामस्वरूप, अमेरिका ने दक्षिणी स्पेन में स्थित रोटा और मोरन सैन्य ठिकानों से अपने 15 विमानों (जिनमें ईंधन भरने वाले टैंकर भी शामिल हैं) को हटा लिया है।
    डोनाल्ड ट्रंप की तीखी प्रतिक्रिया

    व्यापार खत्म करने की चेतावनी: जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ एक बैठक के दौरान ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा- स्पेन का रवैया बहुत खराब रहा है। उन्होंने अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट को स्पेन के साथ सभी लेन-देन और व्यापार बंद करने का निर्देश दिया है।

    रक्षा बजट पर निशाना: ट्रंप ने स्पेन द्वारा नाटो देशों के लिए तय की गई ‘जीडीपी के 5% रक्षा खर्च’ की मांग को अनसुना करने पर भी नाराजगी जताई।

    विशेषाधिकार का दावा: पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनके व्यापक वैश्विक टैरिफ को अवैध ठहराए जाने से निराश ट्रंप ने जोर देते हुए कहा- स्पेन के साथ होने वाले सभी व्यापार को रोकने का मुझे अधिकार है… और हम स्पेन के साथ ऐसा कर सकते हैं।
    जर्मनी का स्पष्ट रुख: कोई अलग व्यवहार नहीं
    जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने ट्रंप के साथ बैठक के बाद स्पष्ट किया कि अमेरिका यूरोपीय संघ (EU) के एक सदस्य को अलग-थलग नहीं कर सकता। उन्होंने ट्रंप को निजी तौर पर बताया कि ब्रुसेल्स और वाशिंगटन के बीच हुए व्यापार समझौते से स्पेन को बाहर नहीं किया जा सकता।

    मर्ज ने कहा- हम अमेरिका के साथ टैरिफ पर एक साथ (यूरोपीय संघ के रूप में) बातचीत करते हैं या बिल्कुल नहीं करते हैं। स्पेन के साथ विशेष रूप से बुरा व्यवहार करने का कोई तरीका नहीं है। हालांकि, मर्ज ने यह भी कहा कि यूरोप भीतर से स्पेन पर रक्षा बजट बढ़ाकर 3% या 3.5% तक करने का दबाव बना रहा है, लेकिन इसका व्यापार से कोई लेना-देना नहीं है।
    क्या कानूनी तौर पर यह प्रतिबंध संभव है?
    अमेरिकी प्रशासन की तैयारी: ट्रेजरी सचिव बेसेंट और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जेमिसन ग्रीर ने कहा कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबंध के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं और वाणिज्य विभाग इसकी जांच शुरू करेगा।

    कानूनी अड़चनें (हाई बार): जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी की व्यापार कानून विशेषज्ञ जेनिफर हिलमैन के अनुसार, ट्रंप को ऐसा करने के लिए स्पेन को अमेरिका के लिए एक असामान्य और असाधारण खतरा घोषित करते हुए ‘राष्ट्रीय आपातकाल’ लागू करना होगा। एनवाईयू के प्रोफेसर पीटर शेन ने कहा कि ईरान पर बिना उकसावे के हमले के लिए स्पेन द्वारा ठिकाने न देना, अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ‘असाधारण खतरा’ कैसे हो सकता है, यह साबित करना बेहद मुश्किल है।
    स्पेन की प्रतिक्रिया और आर्थिक स्थिति
    स्पेन का जवाब: स्पेन सरकार ने एक बयान में कहा कि अमेरिका को अंतरराष्ट्रीय कानून, निजी व्यवसायों की स्वायत्तता और अमेरिका-यूरोपीय संघ के द्विपक्षीय व्यापार समझौतों का सम्मान करना चाहिए। मैड्रिड ने कहा कि उसके पास संभावित प्रतिबंधों के प्रभाव को कम करने और प्रभावित क्षेत्रों का समर्थन करने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं।

    पीएम पेड्रो सांचेज़ का रुख: स्पेन के वामपंथी विचारधारा वाले प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ इससे पहले भी ट्रम्प की नाराजगी मोल ले चुके हैं, जब उन्होंने इजरायल को हथियार ले जाने वाले जहाजों को स्पेन में रुकने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।

    आर्थिक आंकड़े (2025): स्पेन जैतून के तेल (olive oil) का दुनिया का शीर्ष निर्यातक है और अमेरिका को ऑटो पार्ट्स, स्टील और रसायन निर्यात करता है। 2025 में, अमेरिका और स्पेन के बीच व्यापार में अमेरिका 4.8 बिलियन डॉलर के फायदे में था (अमेरिका ने 26.1 बिलियन डॉलर का निर्यात किया, जबकि 21.3 बिलियन डॉलर का आयात किया)। अमेरिका स्पेन को बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस (LNG) बेचता है।

  • गौरव गोगोई का हिमंता बिस्वा सरमा पर हमला: भ्रष्टाचार और मतदान अधिकारों

    गौरव गोगोई का हिमंता बिस्वा सरमा पर हमला: भ्रष्टाचार और मतदान अधिकारों

    नई दिल्ली| गौरव गोगोई का आरोपअसम कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके शासन में भ्रष्टाचार और कुशासन की बातें की हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासी, अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अल्पसंख्यक समुदायों के मतदान अधिकारों का हनन किया जा रहा है।
    पत्रकारों से बातचीत करते हुए गोगोई ने कहा कि भाजपा के खिलाफ वोट देने वाले लोगों को दोबारा मतदान करने से रोका जा रहा है, जो उनकी डर का संकेत है।

    जुबीन गर्ग हत्याकांड पर सवाल

    गोगोई ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री सरमा जुबीन गर्ग हत्या मामले में न्याय दिलाने में असफल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरमा अक्सर झूठे और भ्रामक बयान देते हैं, और उनके शब्दों में कोई विश्वसनीयता नहीं है। गोगोई ने कहा कि जुबीन गर्ग मामले में कमजोर चार्जशीट पेश की गई है, और इसमें शामिल लोगों के नाम इसलिए नहीं हैं क्योंकि वे मुख्यमंत्री के करीबी हैं।

    जाति बचाओ, मति बचाओ अभियान

    गौरव गोगोई ने ‘जाति बचाओ, मति बचाओ’ अभियान के तहत गुवाहाटी में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में कई सामुदायिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कांग्रेस में शामिल होने की घोषणा की। शामिल होने वालों में प्रमुख आदिवासी नेता रुकमा कुमार मेडोक और पूर्व अल्पसंख्यक छात्र संघ के अध्यक्ष रेजाउल करीम सरकार शामिल थे।

    तरुण गोगोई की याद

    गोगोई ने अपने दिवंगत पिता और पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई को याद करते हुए कहा कि उन्होंने एक बार असम के राजनीतिक माहौल को बदल दिया था। उन्होंने कहा कि आज असम के लोग फिर से सत्ता पर सवाल उठा रहे हैं। गोगोई ने चेतावनी दी कि वर्तमान सरकार ने भय का माहौल बनाया है और इसे समाप्त करना आवश्यक है।

  • रतलाम में आवारा मवेशी पकड़ने वाली टीम पर बढ़ रहे हमलेसुरक्षा की मांग

    रतलाम में आवारा मवेशी पकड़ने वाली टीम पर बढ़ रहे हमलेसुरक्षा की मांग


    रतलाम ।
    रतलाम में आवारा मवेशी पकड़ने के लिए नगर निगम की टीम पर पशुपालकों के हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। हाल ही में निगम की टीम के साथ मारपीटधमकियां और जबरन मवेशियों को छुड़ाने की घटनाएं सामने आई हैं। इस बढ़ते खतरे के कारण नगर निगम कर्मियों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
    आवारा मवेशी पकड़ने में बढ़ रही हिंसा

    नगर निगम की टीम हाल ही में शहर के विभिन्न इलाकों से आवारा मवेशी पकड़ने में जुटी हुई थीजब टीम पर हमला होने की घटनाएं सामने आईं। 15 सितंबर को निगम टीम ने अवैध तबेलों के खिलाफ कार्रवाई की थीजिसके बाद बसंत कालोनी निवासी सुरेश राठौड़ और उसके भांजे ध्रुव राठौड़ ने अपनी गाय छुड़वाने के लिए टीम के साथ गाली-गलौच और हाथापाई की। इन दोनों ने वाहन से गायें जबरन उतार दीं और कार्रवाई से मना करने पर धमकी दी। उनका कहना था कि उन्हें निगमपुलिस और प्रशासन का कोई डर नहीं है।

    इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआजिसमें दोनों आरोपी टीम के साथ विवाद करते हुए नजर आ रहे हैं। पुलिस को दिए गए आवेदन में बताया गया कि दोनों आरोपियों ने गायों को छुड़वाने के दौरान न केवल शारीरिक हिंसा कीबल्कि धमकी भी दी कि वे आगे भी ऐसी घटनाओं को अंजाम देंगे।

    कर्मियों की सुरक्षा पर सवाल

    नगर निगम की टीम द्वारा की जा रही कार्रवाई के बावजूद सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की जा रही है। टीम के प्रभारी विराट मेहरा ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई और घटना की जांच करने का अनुरोध किया। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि टीम को सुरक्षा देने में प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

    स्वास्थ्य प्रभारी राजेंद्र सिंह पंवार ने इस मामले में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। वहींनिगम ने 15 सितंबर को सुरेश राठौड़ के अवैध तबेले पर भी कार्रवाई की थीलेकिन वहां पक्के निर्माण को हटाने में प्रशासन विफल रहा थाजिसके कारण फिर से मवेशी भाग गए।

    पशुपालकों के खिलाफ पहले भी की गई हैं शिकायतें

    सुरेश राठौड़ और ध्रुव राठौड़ के अलावाकई अन्य पशुपालकों के खिलाफ भी निगम टीम पर हमले और मवेशियों को छुड़वाने की शिकायतें दर्ज की गई हैं। इनमें अर्जुन गुर्जरराहुल गुर्जरसचिन गुर्जरचेतन टांकसुरेश राठौड़ और अन्य के नाम शामिल हैं। इन सभी ने पहले भी निगम कर्मियों के साथ मारपीट और धमकी दी थीजिसके कारण मवेशी पकड़ने वाली टीम पर लगातार हमलों का खतरा बढ़ गया है।

    पुलिस की प्रतिक्रिया

    सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया ने कहा कि यदि निगम द्वारा सुरक्षा की मांग की जाती है तो पुलिस जवान उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावापुलिस घटनास्थल पर पहुंचेगी और कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने मामले की जांच का आश्वासन भी दिया है।

    भविष्य में समाधान की आवश्यकता

    आवारा मवेशियों को पकड़ने के लिए नगर निगम की टीम का काम बेहद महत्वपूर्ण हैलेकिन लगातार हो रहे हमले और धमकियों के कारण उनके कार्य में रुकावट आ रही है। ऐसे मेंप्रशासन और पुलिस को आवश्यक सुरक्षा उपायों की व्यवस्था करनी चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके और टीम अपना कार्य बिना डर के कर सके। इसके अलावापशुपालकों और निगम कर्मियों के बीच बेहतर संवाद और समझ बनाने की आवश्यकता हैताकि ऐसे विवादों से बचा जा सके।