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  • IPL 2026 से पहले BCCI ने की मेगा डील, Google की AI कंपनी Gemini देगी हर साल 90 करोड़

    IPL 2026 से पहले BCCI ने की मेगा डील, Google की AI कंपनी Gemini देगी हर साल 90 करोड़


    नई दिल्ली। IPL 2026 से पहले BCCI ने एक बड़ी और ब्लॉकबस्टर स्पॉन्सरशिप डील की है। गूगल के AI प्लेटफॉर्म Gemini ने BCCI के साथ 3 साल के लिए स्पॉन्सरशिप करार किया है, जिसकी कुल कीमत करीब 270 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस डील के तहत BCCI को हर साल लगभग 90 करोड़ रुपये मिलेंगे, जिससे IPL की ग्लोबल ब्रांड वैल्यू और भी मजबूत हुई है। यह डील क्रिकेट और टेक्नोलॉजी के बीच बढ़ते कनेक्शन को भी दर्शाती है और IPL में AI कंपनियों की बढ़ती दिलचस्पी साफ दिख रही है।

    AI कंपनियों की क्रिकेट में दिलचस्पी बढ़ती जा रही है।

    इससे पहले गूगल के ही एक प्रतिद्वंद्वी AI प्लेटफॉर्म ChatGPT को महिला प्रीमियर लीग (WPL) का स्पॉन्सर बनाया गया था, यानी अब भारत की पुरुष और महिला दोनों बड़ी टी20 लीग में AI कंपनियों की मौजूदगी दर्ज हो चुकी है। WPL के साथ ChatGPT की साझेदारी की घोषणा के समय BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने कहा था कि ऐसे ग्लोबल टेक ब्रांड्स के जुड़ने से फैंस का अनुभव बेहतर होगा और महिला क्रिकेट को भी मजबूती मिलेगी।

    Gemini और ChatGPT जैसे AI प्लेटफॉर्म्स आज भारत में सिर्फ प्रोफेशनल काम तक सीमित नहीं रह गए हैं, आम लोग भी इन्हें बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रहे हैं।

    क्रिकेट एनालिसिस, कंटेंट क्रिएशन और डिजिटल एक्सपीरियंस के लिहाज से ये प्लेटफॉर्म बहुत अहम बनते जा रहे हैं, इसलिए AI कंपनियां भारतीय क्रिकेट फैंस के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए मोटी रकम खर्च करने को तैयार हैं।

    IPL 2026 की शुरुआत टी20 वर्ल्ड कप 2026 के खत्म होने के बाद होगी। यह वर्ल्ड कप 7 फरवरी से 8 मार्च तक भारत और श्रीलंका में खेला जाएगा और इसके बाद 26 मार्च से IPL 2026 के मैच शुरू होंगे। फाइनल मुकाबला 31 मई को खेला जाएगा, हालांकि अभी तक पूरा शेड्यूल आधिकारिक रूप से सामने नहीं आया है, माना जा रहा है कि फरवरी में इसकी घोषणा हो सकती है।

  • ICC का बांग्लादेश को अल्टीमेटम, भारत में वर्ल्ड कप खेलो या टूर्नामेंट से रहो बाहर; 21 जनवरी आखिरी तारीख

    ICC का बांग्लादेश को अल्टीमेटम, भारत में वर्ल्ड कप खेलो या टूर्नामेंट से रहो बाहर; 21 जनवरी आखिरी तारीख

    नई दिल्ली । आगामी टी20 विश्व कप 2026 को लेकर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ICC और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड BCB के बीच तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। ICC ने बांग्लादेश को साफ शब्दों में अल्टीमेटम दे दिया है कि उसे भारत में अपने निर्धारित मैच खेलने को लेकर 21 जनवरी तक अंतिम फैसला करना होगा। तय समयसीमा तक सहमति न देने की स्थिति में बांग्लादेश की विश्व कप भागीदारी पर खतरा मंडरा सकता है।

    भारत में खेलने से BCB का इनकार
    रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार को ICC का एक प्रतिनिधिमंडल ढाका पहुंचा, जहां BCB अधिकारियों के साथ अहम बैठक हुई। इस बैठक में बांग्लादेश बोर्ड ने टी20 विश्व कप खेलने की इच्छा तो जताई, लेकिन भारत में मैच खेलने पर सहमति नहीं दी। BCB ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपने मैच किसी अन्य देश में कराने की मांग रखी और वैकल्पिक स्थल के तौर पर श्रीलंका का नाम सुझाया।हालांकि ICC ने स्पष्ट कर दिया कि ग्रुप C में शामिल बांग्लादेश को तय कार्यक्रम के अनुसार मुंबई और कोलकाता में ही अपने मुकाबले खेलने होंगे।

    तीन हफ्तों से चल रहा है विवाद
    यह विवाद पिछले करीब तीन हफ्तों से चल रहा है। मामला तब गरमाया जब BCCI ने कोलकाता नाइट राइडर्स को मुस्ताफिजुर रहमान को स्क्वॉड से हटाने को कहा। इसके बाद BCB ने ICC को पत्र लिखकर सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और चेतावनी दी कि उनकी मांगें न मानी गईं तो वे टूर्नामेंट से हट सकते हैं। यह मुद्दा पहली बार 4 जनवरी को सामने आया था।

    ग्रुप बदलने की मांग भी खारिज
    ICC ने बांग्लादेश की ग्रुप बदलने की मांग को भी सिरे से खारिज कर दिया है। BCB चाहता था कि उसकी ग्रुपिंग आयरलैंड के साथ बदली जाए, क्योंकि आयरलैंड के सभी मैच श्रीलंका में होने हैं। ICC ने साफ किया कि टूर्नामेंट शेड्यूल में किसी भी तरह का बदलाव संभव नहीं है और भारत में बांग्लादेश टीम की सुरक्षा को लेकर कोई खतरा नहीं है।ICC अब 21 जनवरी तक BCB के अंतिम फैसले का इंतजार करेगा। अगर बांग्लादेश टूर्नामेंट से हटता है, तो ICC मौजूदा रैंकिंग के आधार पर किसी दूसरी टीम को मौका देगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऐसी स्थिति में स्कॉटलैंड को विश्व कप में जगह मिल सकती है।

    पाकिस्तान का बांग्लादेश को समर्थन
    इस बीच एक और अहम मोड़ तब आया, जब खबरें सामने आईं कि अगर बांग्लादेश का विवाद नहीं सुलझता है तो पाकिस्तान भी अपनी भागीदारी पर पुनर्विचार कर सकता है। बताया जा रहा है कि बांग्लादेश सरकार ने सुरक्षा मुद्दे को लेकर पाकिस्तान से संपर्क किया था, जिस पर पाकिस्तान ने समर्थन का भरोसा दिया।इसके अलावा पाकिस्तान क्रिकेट बोर्डPCB ने ICC को औपचारिक रूप से यह भी बताया है कि यदि श्रीलंका उपलब्ध नहीं होता, तो वह बांग्लादेश के विश्व कप मैचों की मेजबानी के लिए तैयार है।अब सबकी नजरें 21 जनवरी पर टिकी हैं जब यह तय होगा कि बांग्लादेश भारत में खेलेगा या टी20 विश्व कप से बाहर हो जाएगा।

  • T20 वर्ल्ड कप 2026: बांग्लादेश ने भारतीय मूल ICC अधिकारी को वीजा न देकर विवाद खड़ा किया

    T20 वर्ल्ड कप 2026: बांग्लादेश ने भारतीय मूल ICC अधिकारी को वीजा न देकर विवाद खड़ा किया


    नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप 2026 को लेकर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) की तरफ से उठाए जा रहे कदम लगातार विवादों का कारण बन रहे हैं। ताजा विवाद तब सामने आया जब बांग्लादेश ने भारतीय मूल के एक वरिष्ठ ICC अधिकारी को वीजा देने से इनकार कर दिया। यह कदम क्रिकेट जगत में बेहद असहज और शर्मनाक माना जा रहा है और ICC तथा बांग्लादेश के बीच तनाव और बढ़ गया है।

    बांग्लादेश की ओर से यह मांग की जा रही है कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 में उसके भारत में होने वाले चार ग्रुप मैचों को श्रीलंका में शिफ्ट किया जाए।

    भारत और श्रीलंका इस टूर्नामेंट के सह-मेजबान हैं, लेकिन टूर्नामेंट शुरू होने में समय कम होने के कारण शेड्यूल में बदलाव करना मुश्किल माना जा रहा है।

    ICC ने इस मसले को सुलझाने के लिए दो वरिष्ठ अधिकारियों को बांग्लादेश भेजा था। इनमें से एक भारतीय मूल का अधिकारी भी था। लेकिन बांग्लादेश सरकार ने उसे वीजा देने में देरी की और अंततः वीजा नहीं दिया। नतीजतन ICC का प्रतिनिधिमंडल अधूरा रह गया और केवल एंटी करप्शन यूनिट एवं सिक्योरिटी प्रमुख एंड्रयू एफग्रेव ही ढाका पहुंच सके।

    ICC अधिकारियों का यह दौरा मुख्य रूप से सुरक्षा चिंताओं को दूर करने और BCB को आश्वस्त करने के लिए था कि भारत में बांग्लादेशी टीम को किसी भी तरह का खतरा नहीं है। ICC का मानना है कि भारत में सभी टीमों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। इस दौरे में ICC अधिकारी BCB के साथ-साथ बांग्लादेश के युवा और खेल मंत्रालय के पदाधिकारियों से भी चर्चा कर रहे थे।

    टी20 वर्ल्ड कप 2026 में बांग्लादेश के चार मैच भारत में तय हैं

    कोलकाता के ईडन गार्डन्स में तीन और मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में एक। हाल में बांग्लादेश में हिंदू युवकों की हत्या के विरोध में भारत में विरोध-प्रदर्शन और कुछ विवादित घटनाओं के बाद BCB ने भारत में मैचों को कराने पर असमर्थता जताई और शिफ्ट करने की मांग उठाई।

    अब ICC के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह टूर्नामेंट की निष्पक्षता, सुरक्षा और शेड्यूल को बनाए रखते हुए इस विवाद को कैसे सुलझाता है। अगर यह विवाद समय रहते नहीं सुलझा तो T20 वर्ल्ड कप 2026 की छवि और आयोजन व्यवस्था पर असर पड़ सकता है।

  • बांग्लादेश की मैच रिशेड्यूलिंग पर BCCI लगाएगा ब्रेक? भारत सरकार का रोल कितना अहम, 5 पॉइंट्स में समझिए

    बांग्लादेश की मैच रिशेड्यूलिंग पर BCCI लगाएगा ब्रेक? भारत सरकार का रोल कितना अहम, 5 पॉइंट्स में समझिए

    नई दिल्ली। मुस्ताफिजुर रहमान को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सिर्फ एक खिलाड़ी या एक टीम तक सीमित नहीं रहा है. यह मामला धीरे-धीरे इंटरनेशनल क्रिकेट और भारत-बांग्लादेश रिश्तों से जुड़ा बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने साफ शब्दों में कहा है कि वह भारत में सुरक्षित महसूस नहीं करता और इसलिए उसने ICC से मांग की है कि T20 वर्ल्ड कप 2026 में उसके मैच भारत की जगह श्रीलंका में कराए जाएं. इस मांग के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या BCCI इस रिशेड्यूलिंग को रोक सकता है और भारत सरकार की इसमें क्या भूमिका होगी.

    ICC की चुप्पी ने बढ़ाया सस्पेंस

    अब तक इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल की तरफ से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि ICC चेयरमैन जय शाह ने शेड्यूल पर दोबारा विचार करने के संकेत दिए हैं, लेकिन जब तक ICC की तरफ से लिखित या आधिकारिक फैसला सामने नहीं आता, तब तक यह साफ नहीं है कि बांग्लादेश की मांग मानी जाएगी या नहीं. अगले कुछ दिनों में ICC, BCCI और BCB के बीच बैठक हो सकती है, जिसके बाद तस्वीर साफ होने की उम्मीद है.

    BCCI के अधिकार कितने मजबूत हैं?

    T20 वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन भारत और श्रीलंका की मेजबानी में हो रहा है. ऐसे में भारत में होने वाले मैचों की ग्राउंड लेवल की जिम्मेदारी BCCI के पास है. स्टेडियम, सिक्योरिटी, टिकटिंग, होटल और ट्रैवल जैसे सारे इंतजाम BCCI देख रही है. अगर ऐन मौके पर मैच दूसरी जगह शिफ्ट होते हैं तो इससे लॉजिस्टिक्स और रेवेन्यू दोनों पर असर पड़ेगा. ऐसे में BCCI के पास यह कहने का पूरा अधिकार है कि अब शेड्यूल बदलना आसान नहीं है.

    भारत सरकार की एंट्री क्यों अहम है

    यह मामला अब सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं रहा. बांग्लादेश सरकार पहले ही IPL 2026 के टेलीकास्ट पर रोक लगाने जैसा सख्त कदम उठा चुकी है. ऐसे में वर्ल्ड कप मैचों की रिशेड्यूलिंग का फैसला दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्तों को भी प्रभावित कर सकता है. BCCI किसी भी बड़े फैसले से पहले भारत सरकार से सलाह ले सकती है. हाल ही में पूर्व बांग्लादेशी पीएम खालिदा जिया का निधन हो गया था. उसके बाद भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर उनके अंतिम संस्कार पर बांग्लादेश पहुंचे थे. उस दौरान दोनों ही तरफ से एक पॉजिटिव मैसेज गया था. इसलिए विदेश नीति और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार का रुख बेहद अहम होगा.

    ICC बांग्लादेश पर एक्शन ले सकता है?

    क्रिकेट इतिहास में ऐसे कई उदाहरण हैं, जब किसी टीम ने सुरक्षा कारणों से मैच खेलने से इनकार किया और उसे नुकसान उठाना पड़ा. 1996 और 2003 वर्ल्ड कप में ऐसा हो चुका है, जहां मैच न खेलने वाली टीमों को अंक गंवाने पड़े थे. यहां तक कि 2016 के अंडर-19 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया था. ऐसे में अगर बांग्लादेश मैच खेलने से इनकार करता है तो ICC कार्रवाई कर सकता है, हालांकि भारत-पाकिस्तान मैचों के उदाहरण के चलते फैसला आसान नहीं होगा.

    बाकी टीमों की परेशानी भी बनेगी मुद्दा

    अगर बांग्लादेश के मैच भारत से हटाकर श्रीलंका किए जाते हैं तो उसके ग्रुप की बाकी टीमों को भी दिक्कत होगी. उन्हें भारत और श्रीलंका के बीच बार-बार सफर करना पड़ेगा, जो टाइट शेड्यूल में मुश्किल है। ऐसे में दूसरी टीमें भी आपत्ति जता सकती हैं.

    कुल मिलाकर, बांग्लादेश की मांग को मानना ICC के लिए आसान फैसला नहीं है. इसमें BCCI, भारत सरकार, दूसरी टीमें और करोड़ों फैंस सभी के हित जुड़े हुए हैं.

  • रोहित–विराट के बाद संकट में वनडे क्रिकेट, अश्विन–इरफान ने ICC और BCCI को चेताया

    रोहित–विराट के बाद संकट में वनडे क्रिकेट, अश्विन–इरफान ने ICC और BCCI को चेताया


    नई दिल्ली । वनडे क्रिकेट का भविष्य एक बार फिर गंभीर चर्चा के केंद्र में आ गया है। भारत के दो सबसे बड़े सितारे रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों के संभावित संन्यास को देखते हुए पूर्व क्रिकेटरों ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते बड़े फैसले नहीं लिए गए तो यह फॉर्मेट आने वाले वर्षों में अपनी प्रासंगिकता खो सकता है। खासतौर पर 2027 वनडे विश्व कप के बाद वनडे क्रिकेट का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है।

    पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन और पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ICC और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड BCCI को साफ शब्दों में आगाह किया है कि मौजूदा ढांचे के साथ वनडे क्रिकेट को बचाना मुश्किल होगा। दोनों का मानना है कि द्विपक्षीय सीरीज की घटती अहमियत और टूर्नामेंट्स की अधिकता ने इस फॉर्मेट की चमक फीकी कर दी है।कोविड-19 महामारी के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैलेंडर में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पहले जहां पांच मैचों की वनडे सीरीज आम बात हुआ करती थीं, वहीं अब ज्यादातर टीमें केवल तीन मैचों की औपचारिक सीरीज खेलती नजर आती हैं। कई देशों के लिए वनडे क्रिकेट अब सिर्फ विश्व कप तक सीमित होता जा रहा है, जबकि टी20 क्रिकेट और फ्रेंचाइज़ी लीग्स ने दर्शकों का बड़ा हिस्सा अपनी ओर खींच लिया है।

    अश्विन ने हाल ही में अपने यूट्यूब चैनल ऐश की बात में इस मुद्दे पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि अगर रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे बड़े नाम वनडे क्रिकेट से हटते हैं तो दर्शकों की दिलचस्पी और तेजी से कम हो सकती है। अश्विन ने घरेलू क्रिकेट का उदाहरण देते हुए बताया कि विजय हजारे ट्रॉफी को आमतौर पर सीमित दर्शक ही देखते हैं, लेकिन जब रोहित और विराट इस टूर्नामेंट में खेले, तो स्टेडियमों में भारी भीड़ देखने को मिली।उनके मुताबिक, यह साफ संकेत है कि मौजूदा दौर में वनडे क्रिकेट काफी हद तक स्टार खिलाड़ियों पर निर्भर है। अगर बड़े चेहरे नहीं होंगे, तो दर्शकों को आकर्षित करना और भी मुश्किल हो जाएगा। अश्विन ने ICC के मौजूदा टूर्नामेंट मॉडल पर भी सवाल उठाए। उनका मानना है कि साल भर में लगातार अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट कराने से फैंस में थकान पैदा हो रही है और हर इवेंट की अहमियत कम होती जा रही है।

    अश्विन ने सुझाव दिया कि ICC को फुटबॉल की तर्ज पर वनडे विश्व कप को चार साल में सिर्फ एक बार आयोजित करना चाहिए ताकि इस टूर्नामेंट की प्रतिष्ठा और रोमांच बना रहे। उनका कहना है कि जब कोई इवेंट दुर्लभ होता है तो उसकी वैल्यू अपने आप बढ़ जाती है।वहीं इरफान पठान ने भी वनडे क्रिकेट के गिरते ग्राफ पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय सीरीज अब दर्शकों को रोमांचित नहीं कर पा रही हैं। इरफान के अनुसार, अगर वनडे क्रिकेट को फिर से लोकप्रिय बनाना है, तो ट्राई सीरीज और क्वाड्रेंगुलर सीरीज जैसे फॉर्मेट्स को दोबारा शुरू करना होगा।

    इरफान का मानना है कि जब एक ही सीरीज में तीन या चार टीमें हिस्सा लेती हैं तो मुकाबलों की प्रतिस्पर्धा बढ़ती है और हर मैच का महत्व भी ज्यादा होता है। इससे दर्शकों की रुचि बनी रहती है और खिलाड़ियों को भी अलग-अलग परिस्थितियों में खेलने का मौका मिलता है।कुल मिलाकर अश्विन और इरफान दोनों इस बात पर सहमत हैं कि अगर ICC और BCCI ने समय रहते ठोस और साहसिक फैसले नहीं लिए तो वनडे क्रिकेट धीरे-धीरे हाशिए पर चला जाएगा। 50 ओवर का यह पारंपरिक फॉर्मेट कभी क्रिकेट की पहचान हुआ करता था, लेकिन बदलते दौर में इसे बचाने के लिए बड़े और दूरदर्शी बदलाव अब जरूरी हो गए हैं।

  • टीम इंडिया में बड़े बदलाव की आहट: न्यूजीलैंड वनडे सीरीज से ऋषभ पंत की छुट्टी तय, ईशान किशन की होगी 'तूफानी' वापसी!

    टीम इंडिया में बड़े बदलाव की आहट: न्यूजीलैंड वनडे सीरीज से ऋषभ पंत की छुट्टी तय, ईशान किशन की होगी 'तूफानी' वापसी!


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के घरेलू सत्र 2025-26 का समापन करीब है और इसी बीच टीम इंडिया के सामने न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीम की चुनौती है। भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आगाज 13 जनवरी से होने जा रहा है। हालांकिभारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड BCCI ने अभी तक आधिकारिक तौर पर स्क्वॉड का ऐलान नहीं किया हैलेकिन क्रिकेट गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत को वनडे टीम से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। उनकी जगह घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाने वाले विस्फोटक बल्लेबाज ईशान किशन की वापसी लगभग तय मानी जा रही है।

    ऋषभ पंत: मौके मिलेपर भुना नहीं पाए


    ऋषभ पंत के लिए पिछला कुछ समय वनडे क्रिकेट में संघर्षपूर्ण रहा है। पंत को हाल ही में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए स्क्वॉड में शामिल किया गया थालेकिन विडंबना यह रही कि उन्हें पूरी सीरीज के दौरान एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। पंत ने अपना आखिरी वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच 7 अगस्त 2024 को श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में खेला था। तब से वह छोटे फॉर्मेट में अपनी उस लय को नहीं पा सके हैं जिसके लिए वे जाने जाते हैं। चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के लिए अब पंत का ‘फॉर्म और बैलेंस’ चिंता का विषय बना हुआ हैजिसके चलते उन्हें इस सीरीज से ड्रॉप करने की तैयारी की जा रही है।

    ईशान किशन: घरेलू क्रिकेट में मचाया कोहराम


    दूसरी ओरईशान किशन ने अपने हालिया प्रदर्शन से चयनकर्ताओं के दरवाजे पर जोर-शोर से दस्तक दी है। ईशान किशन ने लगभग दो साल से भारत के लिए कोई वनडे मैच नहीं खेला है (आखिरी बार 11 अक्टूबर 2023बनाम अफगानिस्तान)। लेकिन पिछले कुछ महीनों में उनके बल्ले से निकले रनों ने सबको चौंका दिया है।ईशान ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बनकर अपनी टीम झारखंड को पहला खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी आक्रामकता यहीं नहीं रुकी; विजय हजारे ट्रॉफी में 24 दिसंबर को कर्नाटक के खिलाफ उन्होंने महज 33 गेंदों में शतक जड़कर इतिहास रच दिया। यह किसी भी भारतीय द्वारा लिस्ट ए क्रिकेट में दूसरा सबसे तेज शतक है। उनके इसी प्रचंड फॉर्म के कारण उन्हें पहले ही न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली 5 मैचों की टी20 सीरीज के लिए चुना जा चुका है।

    रणनीतिक बदलाव और किशन की उपयोगिता


    ईशान किशन के आने से टीम इंडिया को थ्री-इन-वन विकल्प मिलता है। किशन न केवल केएल राहुल के लिए एक मजबूत बैकअप विकेटकीपर साबित होंगेबल्कि वह एक बेहतरीन बैकअप ओपनर की भूमिका भी निभा सकते हैं। साथ हीमिडिल ऑर्डर में तेजी से रन बनाने की उनकी काबिलियत टीम को मध्यक्रम में वह लचीलापन Flexibility प्रदान करती हैजिसकी तलाश कप्तान और कोच को काफी समय से है।बीसीसीआई से जुड़े सूत्रों का कहना है कि टीम मैनेजमेंट अब 2025-26 के आगामी घरेलू असाइनमेंट को ध्यान में रखते हुए टीम में संतुलन बनाना चाहता है। ईशान किशन का बाएं हाथ का बल्लेबाज होना और टॉप से लेकर मिडिल ऑर्डर तक कहीं भी फिट हो जानाउनके पक्ष में सबसे बड़ा तर्क है।

    कब होगा टीम का ऐलान?


    इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसारचयन समिति इस हफ्ते के अंत तक न्यूजीलैंड सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान कर सकती है। इस सीरीज को चैंपियंस ट्रॉफी और आगामी महत्वपूर्ण टूर्नामेंटों की तैयारी के तौर पर भी देखा जा रहा है। यदि ईशान किशन को मौका मिलता हैतो यह उनके वनडे करियर को दोबारा पटरी पर लाने का सुनहरा अवसर होगा। वहींऋषभ पंत के लिए यह एक संकेत होगा कि उन्हें अपनी फॉर्म और फिटनेस पर दोबारा काम करने की जरूरत है।क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें अब बीसीसीआई के आधिकारिक ऐलान पर टिकी हैंजो यह तय करेगा कि क्या युवा जोश ईशान अनुभवी फिनिशर पंत पर भारी पड़ेगा।
  • अंगकृष रघुवंशी को अस्पताल से मिली छुट्टीविजय हजारे ट्रॉफी मैच में सिर और कंधे में लगी चोट

    अंगकृष रघुवंशी को अस्पताल से मिली छुट्टीविजय हजारे ट्रॉफी मैच में सिर और कंधे में लगी चोट


    नई दिल्ली । मुंबई के सलामी बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी को विजय हजारे ट्रॉफी के दौरान सिर और कंधे में गंभीर चोट लगने के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। शुक्रवार को उत्तराखंड के खिलाफ खेले गए मैच में रघुवंशी ने एक मुश्किल कैच लपकने की कोशिश कीलेकिन इस दौरान वह गिर पड़े और उनके सिर और कंधे में चोट लग गई।

    यह घटना पारी के 30वें ओवर में हुईजब ऑफ स्पिनर तनुष कोटियान गेंदबाजी कर रहे थे। सौरभ रावत ने स्लॉग-स्वीप खेलते हुए डीप मिडविकेट पर खड़े रघुवंशी की दिशा में गेंद मारी। रघुवंशी ने एक हाथ से गेंद को लपकने की कोशिश कीलेकिन यह प्रयास विफल रहा और वह गिर पड़े। इस गिरावट के दौरान उनके कंधे में चोट लगी और सिर जमीन से टकरायाजिससे उन्हें कनकशन सिर में चोटहो गया।

    चोट के बाद रघुवंशी कुछ सेकंड के लिए घुटनों के बल बैठेफिर जमीन पर लेट गए। तुरंत मुंबई के फिजियो मैदान पर पहुंचे और चूंकि रघुवंशी अपने पैरों पर खड़े नहीं हो पा रहे थेतो स्ट्रेचर मंगवाया गया। उन्हें पास के एसडीएमएच अस्पताल ले जाया गयाजहां उनके सिर और गर्दन का सीटी स्कैन किया गया। रिपोर्ट्स में कोई गंभीर चोट नहीं पाई गई और अंगकृष को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। उन्हें बीसीसीआई के ‘कनकशन प्रोटोकॉल’ के तहत कुछ दिनों का आराम करने की सलाह दी गई है।

    विजय हजारे ट्रॉफी में मुंबई ने उत्तराखंड को 51 रनों से हराया। मुंबई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 331 रन बनाएजिसमें हार्दिक तमोरे ने 93 रनसरफराज खान ने 55 रन और मुशीर खान ने 55 रन बनाए। मुशीर ने गेंदबाजी में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 57 रन पर दो विकेट लिए। उत्तराखंड की टीम युवराज चौधरी की 96 रनों की आक्रामक पारी के बावजूद 280 रन ही बना सकी। अंगकृष रघुवंशी की चोट के बाद क्रिकेट प्रेमी उनके जल्दी ठीक होने की कामना कर रहे हैं।

  • श्रेयस अय्यर की टीम इंडिया में वापसी की तैयारी, नेट में दिखाए जोरदार शॉट्स; मेडिकल टीम की निगरानी में फिटनेस पर काम

    श्रेयस अय्यर की टीम इंडिया में वापसी की तैयारी, नेट में दिखाए जोरदार शॉट्स; मेडिकल टीम की निगरानी में फिटनेस पर काम

    नई दिल्ली। भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज और वनडे उपकप्तान श्रेयस अय्यर अब टीम में वापसी की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे में स्प्लीन (प्लीहा) में चोट लगने के बाद लंबे समय तक बाहर रहने वाले अय्यर ने बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में नेट प्रैक्टिस शुरू कर दी है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपनी फिटनेस की तस्वीरें साझा की हैं, जिसमें वह पूरी तरह तैयार और उत्साही नजर आ रहे हैं।

    अय्यर फिलहाल बीसीसीआई की मेडिकल टीम की निगरानी में अभ्यास कर रहे हैं और चोट लगी जगह पर सुरक्षात्मक गियर पहनकर हल्का अभ्यास कर रहे हैं।

    रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने घर के पास अल्ट्रासाउंड स्कैन करवाया था, जिसे खेल चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. दिनशॉ परदीवाला ने देखा। जांच में सुधार के संकेत मिले हैं और उन्हें बेसिक आइसोमेट्रिक एक्सरसाइज के साथ डेली रूटीन शुरू करने की अनुमति दी गई है।

    हालांकि, उनकी रिकवरी की गति को देखते हुए न्यूजीलैंड के खिलाफ 11 जनवरी से होने वाली तीन वनडे मैचों की सीरीज में अय्यर के खेलने की संभावना कम है। बीसीसीआई की सह-कार्य समिति की अनुमति के बाद ही उन्हें विजय हजारे ट्रॉफी में खेलने की मंजूरी दी जाएगी।

    अय्यर फिलहाल सिर्फ वनडे टीम के हिस्सा हैं और टेस्ट तथा टी-20 टीम में शामिल नहीं हैं। चोट के दौरान उनकी जगह ऋतुराज गायकवाड़ को टीम में मौका मिला था।

    नेट में अभ्यास के दौरान अय्यर ने हल्के-फुल्के शॉट्स खेलते हुए अपनी तैयारियों का इशारा दिया और फिटनेस पर काम जारी रखा। फैंस और विशेषज्ञों की नजरें अब उनकी पूरी तरह से ठीक होने और टीम में वापसी पर टिकी हैं।

  • BCCI हुआ मालामाल…, इस साल रिकॉर्ड 3,358 करोड़ रुपये का हुआ शुद्ध मुनाफा

    BCCI हुआ मालामाल…, इस साल रिकॉर्ड 3,358 करोड़ रुपये का हुआ शुद्ध मुनाफा


    नई दिल्ली।
    ड्रीम11 (Dream11) द्वारा स्पॉन्सरशिप वापस लेने और इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) (International Cricket Council – ICC) के शेयर में कमी के बावजूद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (Board of Control for Cricket in India) की वित्तीय स्थिति मजबूत बनी रही। एपेक्स काउंसिल को सौंपे गए एक नोट के अनुसार, बीसीसीआई ने एडिडास के साथ एक अलग स्पॉन्सरशिप डील के जरिए कमी पूरी की है। बाद में इसने अपोलो टायर्स के साथ भी करार किया।

    क्रिकबज़ द्वारा देखे गए नोट में कहा गया है, “ड्रीम11 और हाल के कानूनी बदलावों से प्रभावित अन्य संस्थाओं जैसे स्पॉन्सर के हटने के बावजूद, बीसीसीआई ने सफलतापूर्वक अगले ढाई साल के लिए ज्यादा वैल्यूएशन पर एक नई जर्सी स्पॉन्सरशिप हासिल की है।” अगस्त में, भारत सरकार द्वारा ऑनलाइन गेमिंग अधिनियम 2025 पारित करने के बाद ड्रीम11 ने 358 करोड़ रुपये की अपनी स्पॉन्सरशिप डील वापस ले ली थी, जिसने रियल-मनी गेमिंग पर प्रतिबंध लगा दिया था, जो ड्रीम11 का मुख्य व्यवसाय था।

    पूर्व कोषाध्यक्ष और वर्तमान संयुक्त सचिव प्रभातेज सिंह भाटिया ने सितंबर में वित्तीय वर्ष 2025-2026 के लिए मसौदा बजट के साथ-साथ वित्तीय वर्ष 2024-2025 के ऑडिट किए गए खाते प्रस्तुत किए थे। प्रेजेंटेशन में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-2026 के लिए कुल अनुमानित आय 8,963 करोड़ रुपये थी।

    राजस्व अनुमान पिछले वर्ष की तुलना में गिरावट को दर्शाता है, मुख्य रूप से आईसीसी आयोजनों से कम हिस्सेदारी के कारण। नोट में आगे कहा गया है, “वर्ष के लिए अनुमानित ब्याज आय 1,500 करोड़ रुपये थी, जो पिछले आंकड़े 1,368 करोड़ रुपये से काफी ज्यादा है, जो मजबूत ट्रेजरी प्रबंधन और बोर्ड की समग्र स्वस्थ वित्तीय स्थिति के कारण है।” हालांकि, एपेक्स काउंसिल के नोट में आईसीसी शेयर में कमी की मात्रा का विवरण नहीं दिया गया है। बीसीसीआई को आईसीसी की इनकम का 38.5 प्रतिशत हिस्सा मिलता है।

    एपेक्स काउंसिल को यह भी बताया गया कि बीसीसीआई का जनरल फंड काफी बढ़ गया है, जो 7,988 करोड़ रुपये से बढ़कर 11,346 करोड़ रुपये हो गया है, जिससे वित्तीय वर्ष 2024-2025 में 3,358 करोड़ रुपये का सरप्लस हुआ है – यह बढ़ोतरी अच्छे फाइनेंशियल मैनेजमेंट और मजबूत रेवेन्यू सोर्स के कारण हुई है। भाटिया ने आगे बताया कि बजट में 6,728 करोड़ रुपये के अनुमानित सरप्लस और इंफ्रास्ट्रक्चर सब्सिडी के लिए 500 करोड़ रुपये का आवंटन शामिल है, “जो पूरे देश में क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर को डेवलप करने पर बोर्ड के लगातार फोकस को दिखाता है।”

    उन्होंने यह भी कन्फर्म किया कि इनकम टैक्स देनदारियों के लिए 3,320 करोड़ रुपये , आकस्मिक खर्चों के लिए 1,000 करोड़ रुपये और लगभग 160 करोड़ रुपये के लंबित मुकदमेबाजी खर्चों के लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं।

  • BCCI ने बढ़ाई क्रिकेटरों की सैलरी घरेलू महिला खिलाड़ी और मैच अधिकारियों को मिलेगा बड़ा फायदा

    BCCI ने बढ़ाई क्रिकेटरों की सैलरी घरेलू महिला खिलाड़ी और मैच अधिकारियों को मिलेगा बड़ा फायदा


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट बोर्ड BCCI ने घरेलू महिला क्रिकेटरों और मैच अधिकारियों के लिए वेतन में भारी बढ़ोतरी की घोषणा की है जो भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक वनडे विश्व कप 2025 की जीत के बाद किया गया है। इस फैसले से महिला क्रिकेटरों के लिए बेहतर वित्तीय सुरक्षा और सम्मान का रास्ता खुलेगा साथ ही मैच अधिकारियों को भी इससे बड़ा लाभ मिलेगा। BCCI ने घरेलू महिला क्रिकेटरों के लिए वेतन संरचना को सुधारने और समान वेतन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब घरेलू महिला क्रिकेटरों को पहले की तुलना में दोगुना या उससे अधिक मैच फीस मिलेगा जो कि पहले 20000 रुपये रिजर्व खिलाड़ियों के लिए 10000 रुपये प्रति मैच दिन था।

    महिला क्रिकेटरों की बढ़ी हुई सैलरी

    संशोधित वेतन संरचना के तहत सीनियर महिला क्रिकेटरों को घरेलू टूर्नामेंटों में एक मैच दिन के लिए 50000 रुपये से 60000 रुपये तक मिलेगा। रिजर्व खिलाड़ियों को 25000 रुपये प्रतिदिन मिलेंगे। इस प्रकार यह वेतन वृद्धि एक बड़ी राहत और प्रेरणा का स्रोत बनेगी। राष्ट्रीय टी20 टूर्नामेंटों में एकादश में खेलने वाली खिलाड़ियों को प्रति मैच 25000 रुपये मिलेंगे जबकि रिजर्व खिलाड़ियों के लिए यह राशि 12500 रुपये होगी।बीसीसीआई के अधिकारियों का कहना है कि अगर एक महिला क्रिकेटर पूरे सत्र के दौरान सभी प्रारूपों में खेलती है तो उसे 12 लाख से 14 लाख रुपये तक मिल सकते हैं जो पहले के मुकाबले काफी अधिक है।

    जूनियर महिला क्रिकेटरों के लिए वेतन वृद्धि

    BCCI ने जूनियर महिला क्रिकेटरों के वेतन में भी वृद्धि की है। अब अंडर-23 और अंडर-19 श्रेणियों के खिलाड़ियों को प्रतिदिन 25000 रुपये का भुगतान किया जाएगा जबकि रिजर्व खिलाड़ियों को 12500 रुपये मिलेंगे। यह कदम जूनियर स्तर पर खिलाड़ियों को बेहतर वित्तीय अवसर देने और उनके खेल को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है।

    मैच अधिकारियों के लिए वेतन वृद्धि

    बीसीसीआई ने अंपायर और मैच रेफरी सहित मैच अधिकारियों के वेतन में भी इजाफा किया है। घरेलू टूर्नामेंटों के लीग मैचों के लिए अंपायरों और मैच रेफरी के लिए प्रस्तावित आय प्रतिदिन 40000 रुपये होगी। यह वेतन वृद्धि मैच अधिकारियों के लिए एक बड़ा फायदा साबित होगी और उनके योगदान को बेहतर तरीके से मान्यता दी जाएगी।

    BCCI के कदम की सराहना

    इस फैसले के बाद बीसीसीआई की प्रशंसा की जा रही है क्योंकि इसने महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने और उनके वेतन में सुधार करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। महिला क्रिकेटरों को समान वेतन और बेहतरवित्तीय अवसर देने से न केवल उनके प्रदर्शन में सुधार होगा बल्कि आने वाले समय में और अधिकप्रतिभाओं को आकर्षित भी करेगा। BCCI के इस कदम से यह साफ होता है कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड महिला क्रिकेट को लेकर गंभीर है और वे इसे वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख खेल बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।

    बीसीसीआई का यह कदम महिला क्रिकेट और खेल अधिकारियों के लिए एक नया अध्याय साबित हो सकता है। इस बढ़ी हुई वेतन संरचना से महिला क्रिकेटरों को बेहतर जीवन स्तर मिलेगा साथ ही वे अपनी क्रिकेट करियर को और अधिक गंभीरता से आगे बढ़ा सकेंगी। यह कदम न केवल भारतीय महिला क्रिकेट को मजबूत करेगा बल्कि वैश्विक स्तर पर भी भारतीय महिला क्रिकेट की पहचान बनाएगा।