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  • रवींद्र जडेजा ने चीफ सेलेक्टर पद पर पूछा आवेदन का तरीका, लेकिन मौजूदा नियमों के चलते नहीं बन सकते चयनकर्ता

    रवींद्र जडेजा ने चीफ सेलेक्टर पद पर पूछा आवेदन का तरीका, लेकिन मौजूदा नियमों के चलते नहीं बन सकते चयनकर्ता


    नई दिल्ली:
    अजीत अगरकर का भारतीय क्रिकेट टीम के चीफ सेलेक्टर के तौर पर कार्यकाल खत्म होने के बाद नए चयनकर्ता की तलाश शुरू हो गई है। बीसीसीआई ने चीफ सेलेक्टर के पद के लिए आवेदन मंगाए हैं और इसी बीच रवींद्र जडेजा की एक टिप्पणी ने इस नियुक्ति को लेकर चर्चा को और दिलचस्प बना दिया। बोर्ड की ओर से आवेदन प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी साझा किए जाने के बाद जडेजा ने मजाकिया अंदाज में पूछा कि आवेदन करने की प्रक्रिया क्या है। उनके इस कमेंट के बाद उनके चीफ सेलेक्टर बनने की चर्चा शुरू हो गई।

    जडेजा की टिप्पणी सामने आने के बाद यह सवाल भी उठा कि क्या वह वास्तव में चीफ सेलेक्टर के पद के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि मौजूदा नियमों के मुताबिक ऐसा संभव नहीं है। बीसीसीआई के नियमों के अनुसार कोई सक्रिय क्रिकेटर चयन समिति या किसी प्रशासनिक पद पर नियुक्त नहीं हो सकता। चीफ सेलेक्टर पद के लिए उम्मीदवार का सभी तरह के क्रिकेट से कम से कम पांच साल पहले संन्यास लेना भी जरूरी है। ऐसे में जडेजा की मौजूदा स्थिति उन्हें इस पद के लिए योग्य नहीं बनाती।

    रवींद्र जडेजा ने टी20 वर्ल्ड कप 2024 के बाद टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया था, लेकिन वह अभी टेस्ट और वनडे क्रिकेट में सक्रिय हैं। इसके अलावा वह इंडियन प्रीमियर लीग में भी खेल रहे हैं। इसलिए सभी तरह के क्रिकेट से संन्यास लेने की निर्धारित शर्त को वह पूरा नहीं करते हैं। जडेजा का आवेदन प्रक्रिया को लेकर किया गया कमेंट ऐसे समय में आया, जब नए चीफ सेलेक्टर की नियुक्ति को लेकर चर्चा चल रही है। इसी वजह से उनकी मजाकिया टिप्पणी ने क्रिकेट प्रशंसकों का ध्यान खींचा।

    अजीत अगरकर ने 2023 में चीफ सेलेक्टर का पद संभाला था। उनके कार्यकाल के दौरान चयन समिति ने भारतीय टीम के साथ कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं। भारत ने उनके कार्यकाल में टी20 वर्ल्ड कप 2024, चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 और टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीते। भारतीय टीम 2023 के क्रिकेट वर्ल्ड कप के फाइनल तक भी पहुंची। इसके अलावा टीम ने इस दौरान दो एशिया कप खिताब और दो एशियन गेम्स गोल्ड मेडल भी जीते। अगरकर के कार्यकाल को भारतीय क्रिकेट के लिए सफल माना गया।

    कार्यकाल खत्म होने के बाद अगरकर के योगदान को भी याद किया गया। उनके कार्यकाल में भारतीय टीम की उपलब्धियों का जिक्र किया गया और उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं। टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने भी अगरकर के लिए संदेश साझा किया। उन्होंने कहा कि अगरकर के तीन आईसीसी खिताब उनकी सोच और टीम को हमेशा प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं। गंभीर ने यह भी कहा कि इतिहास अगरकर के साथ और ज्यादा न्याय करेगा। अब अगरकर के बाद नए चीफ सेलेक्टर की नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, जबकि जडेजा की टिप्पणी को मौजूदा नियमों के कारण सिर्फ मजाक के तौर पर देखा जा रहा है।

  • अजीत अगरकर की जगह प्रज्ञान ओझा को मिली अंतरिम चीफ सिलेक्टर की जिम्मेदारी, स्थायी नियुक्ति पर भी बन सकती है सहमति

    अजीत अगरकर की जगह प्रज्ञान ओझा को मिली अंतरिम चीफ सिलेक्टर की जिम्मेदारी, स्थायी नियुक्ति पर भी बन सकती है सहमति

    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम की सिलेक्शन कमिटी में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अजीत अगरकर का कार्यकाल अभी 4 अक्टूबर तक है, लेकिन उससे पहले ही उन्हें सिलेक्शन कमिटी की मौजूदा बैठक से अलग कर दिया गया है। उनकी जगह कमिटी के सदस्य और पूर्व भारतीय स्पिनर प्रज्ञान ओझा को फिलहाल अंतरिम चीफ सिलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    मंगलवार 29 सितंबर को गुवाहाटी में हुई सिलेक्शन कमिटी की बैठक की अध्यक्षता प्रज्ञान ओझा ने की। इस बैठक में अजीत अगरकर शामिल नहीं हुए। आने वाले न्यूजीलैंड दौरे को लेकर टीम की रूपरेखा तैयार करने के लिए 30 सितंबर को होने वाले दूसरे वनडे के दौरान भी सभी चयनकर्ताओं के स्टेडियम में मौजूद रहने की बात कही गई है।

    प्रज्ञान ओझा को फिलहाल अंतरिम व्यवस्था के तहत कमिटी का प्रमुख बनाया गया है। हालांकि, आगे चलकर उन्हें स्थायी रूप से चीफ सिलेक्टर की जिम्मेदारी मिलने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। नए सिलेक्टर की नियुक्ति और चयन समिति की संरचना स्पष्ट होने के बाद ही यह तय होगा कि मौजूदा व्यवस्था कितने समय तक जारी रहती है।

    प्रज्ञान ओझा चयन समिति के मौजूदा सदस्यों में टेस्ट क्रिकेट के अनुभव के लिहाज से सबसे वरिष्ठ हैं। उन्होंने भारतीय टीम के लिए 24 टेस्ट मैच खेले हैं। मौजूदा चयन समिति में शिव सुंदर दास ने 23 टेस्ट, आरपी सिंह ने 14 टेस्ट और अजय रात्रा ने 6 टेस्ट मैच खेले हैं। इसी अनुभव के कारण चयन समिति की अध्यक्षता के लिए ओझा का नाम सामने आया है।

    ओझा ने भारतीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज के तौर पर अपनी पहचान बनाई थी। अब वह चयन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मौजूदा परिस्थितियों में उन्हें समिति के सदस्यों के बीच स्वीकार्य विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।

    सबसे बड़ा सवाल अब यह है कि प्रज्ञान ओझा की यह जिम्मेदारी केवल अस्थायी रहेगी या उन्हें आगे भी चयन समिति का प्रमुख बनाए रखा जाएगा। इसका जवाब नए चयनकर्ता के चयन के बाद सामने आएगा। यदि पार्थिव पटेल अजीत अगरकर की जगह चयन समिति में शामिल होते हैं, तो ऐसी स्थिति में उनके चेयरमैन बनने की संभावना भी बताई जा रही है।

    वहीं, अगर परिस्थितियां अलग रहती हैं तो प्रज्ञान ओझा चयन समिति के प्रमुख के पद पर बने रह सकते हैं। इस समय चयन समिति में नेतृत्व को लेकर अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं है और आगे होने वाले फैसलों के बाद तस्वीर साफ होगी।

    अजीत अगरकर के कार्यकाल की अवधि पूरी होने से पहले ही उन्हें चयन समिति की बैठक से अलग किए जाने के बाद क्रिकेट प्रशासन में बदलाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, वर्तमान में प्रज्ञान ओझा की भूमिका अंतरिम है और स्थायी नियुक्ति को लेकर अंतिम फैसला अभी सामने नहीं आया है।

    न्यूजीलैंड के आगामी दौरे को देखते हुए चयन समिति के लिए आने वाले फैसले महत्वपूर्ण होंगे। टीम संयोजन, खिलाड़ियों के चयन और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा के बीच प्रज्ञान ओझा फिलहाल चयन समिति की कमान संभाल रहे हैं। अब नजर इस बात पर रहेगी कि नई चयन समिति बनने के बाद चेयरमैन पद की जिम्मेदारी किसे मिलती है।

  • अफगानिस्तान का 3-0 से सफाया अब अगली चुनौती तैयार, टीम इंडिया के सामने 3 महीने में 28 मैच और कई बड़े क्रिकेट मिशन

    अफगानिस्तान का 3-0 से सफाया अब अगली चुनौती तैयार, टीम इंडिया के सामने 3 महीने में 28 मैच और कई बड़े क्रिकेट मिशन


    नई दिल्ली। अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज में शानदार प्रदर्शन के बाद टीम इंडिया के 2026 के क्रिकेट अभियान पर विराम नहीं लगने वाला है। साल के बचे हुए करीब तीन महीने भारतीय टीम के लिए बेहद व्यस्त रहने वाले हैं। इस दौरान टीम इंडिया को जापान से लेकर एशियन गेम्स और फिर वेस्टइंडीज न्यूजीलैंड तथा श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले खेलने हैं। हालिया कार्यक्रम के मुताबिक भारतीय टीम के सामने अलग अलग फॉर्मेट में कई बड़ी सीरीज हैं। जापान के खिलाफ 22 सितंबर को होने वाला मुकाबला भी खास है क्योंकि यह दोनों टीमों के बीच पुरुषों के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहली भिड़ंत होगी।

    अफगानिस्तान के खिलाफ भारत ने तीन मैचों की टी20 सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप किया है। इसके बाद भारतीय टीम का अगला पड़ाव जापान होगा। 22 सितंबर को सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड पर होने वाला मुकाबला भारतीय क्रिकेट के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत करेगा। इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों का ध्यान एशियन गेम्स पर रहेगा जहां पुरुष क्रिकेट प्रतियोगिता में भारत को सीधे क्वार्टर फाइनल में प्रवेश मिला है। भारत का पहला मुकाबला 28 सितंबर को खेला जाना है।

    एशियन गेम्स के बीच भारतीय टीम का घरेलू क्रिकेट कार्यक्रम भी जारी रहेगा। वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज 27 सितंबर से शुरू होगी। पहला मुकाबला तिरुवनंतपुरम में खेला जाएगा। इसके बाद 30 सितंबर को गुवाहाटी और 3 अक्टूबर को न्यू चंडीगढ़ में वनडे मुकाबला होगा। इसके बाद दोनों टीमों के बीच पांच टी20 मैच खेले जाएंगे। टी20 सीरीज का पहला मुकाबला 6 अक्टूबर को लखनऊ में होगा जबकि आखिरी मैच 17 अक्टूबर को बेंगलुरु में खेला जाना है। भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए विराट कोहली और रोहित शर्मा को भी टीम में शामिल किया है जबकि शुभमन गिल को कप्तानी सौंपी गई है।

    वेस्टइंडीज सीरीज के बाद भारतीय टीम न्यूजीलैंड दौरे पर जाएगी। वहां पांच टी20 मैचों के बाद पांच वनडे मुकाबले और फिर दो टेस्ट मैच प्रस्तावित हैं। टी20 सीरीज 22 अक्टूबर से शुरू होकर 1 नवंबर तक चलेगी। इसके बाद नवंबर में वनडे मुकाबले खेले जाएंगे। दो टेस्ट मैचों की सीरीज नवंबर के दूसरे हिस्से से दिसंबर की शुरुआत तक चलेगी। टेस्ट क्रिकेट का यह चरण भारत के लिए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप अभियान के लिहाज से भी महत्वपूर्ण रहेगा।

    साल के अंतिम चरण में श्रीलंका के खिलाफ भी भारत का कार्यक्रम है। दिसंबर में तीन वनडे और तीन टी20 मैच खेले जाने हैं। इस तरह अफगानिस्तान सीरीज के बाद भारतीय टीम के सामने लगातार क्रिकेट का लंबा दौर रहेगा। जापान के खिलाफ मुकाबले से शुरू होने वाला यह सफर एशियन गेम्स वेस्टइंडीज न्यूजीलैंड और श्रीलंका तक पहुंचेगा। उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार इन मुकाबलों को जोड़ें तो भारत के सामने करीब 28 अंतरराष्ट्रीय मैचों का लंबा कार्यक्रम है। ऐसे में 2026 का आखिरी हिस्सा भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए लगातार बड़े मुकाबलों से भरा रहने वाला है।

  • टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर पर सस्पेंस बरकरार! 25 टेस्ट वाले पार्थिव पटेल को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

    टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर पर सस्पेंस बरकरार! 25 टेस्ट वाले पार्थिव पटेल को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर के भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI ने अभी तक अगरकर के कार्यकाल को आगे बढ़ाने या नया चीफ सेलेक्टर नियुक्त करने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है लेकिन इस बीच पूर्व भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज पार्थिव पटेल का नाम संभावित उम्मीदवार के तौर पर सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले करीब छह महीनों से BCCI के भीतर पार्थिव पटेल के नाम पर चर्चा चल रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में चयन समिति के नेतृत्व को लेकर तस्वीर साफ हो सकती है।

    अगरकर को एक्सटेंशन मिलने की संभावना फिलहाल पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। हालांकि भारतीय क्रिकेट से जुड़े सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार अगर BCCI और अगरकर के बीच नए कार्यकाल को लेकर सहमति नहीं बनती है तो पार्थिव पटेल को चयन समिति की कमान सौंपी जा सकती है। बोर्ड ने अभी इस संबंध में कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। BCCI उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने वार्षिक आम बैठक के बाद इतना जरूर कहा कि इस मुद्दे पर फैसला लेने के लिए बोर्ड के पदाधिकारियों को अधिकृत किया गया है।

    अजीत अगरकर ने हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम का चयन किया था। इसके अलावा ईरानी कप के लिए रेस्ट ऑफ इंडिया की टीम भी उनके नेतृत्व वाली चयन समिति ने चुनी। रिपोर्ट के मुताबिक यह मौजूदा चयन समिति के चेयरमैन के तौर पर अगरकर की आखिरी सेलेक्शन मीटिंग हो सकती है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

    अगरकर की स्थिति को लेकर चर्चा उस समय भी बढ़ी थी जब वह भारतीय क्रिकेट की एक अहम रिव्यू मीटिंग में शामिल नहीं हुए थे। इस बैठक में BCCI के शीर्ष अधिकारी हेड कोच गौतम गंभीर टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण समेत कई अहम लोग मौजूद थे। BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने अगरकर की गैरमौजूदगी की वजह उनके शहर से बाहर होना बताया था।

    वहीं संभावित नए चीफ सेलेक्टर के रूप में पार्थिव पटेल का नाम इसलिए भी खास है क्योंकि उनका अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का लंबा अनुभव रहा है। 41 साल के पार्थिव ने भारत के लिए 25 टेस्ट 38 वनडे और 2 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले हैं। अगर वह चयन समिति के चेयरमैन बनते हैं तो मौजूदा पैनल में टेस्ट मैचों के लिहाज से सबसे अनुभवी सदस्य होंगे। मौजूदा पैनल में शिवसुंदर दास ने 23 प्रज्ञान ओझा ने 24 आरपी सिंह ने 14 और अजय रात्रा ने 6 टेस्ट खेले हैं।

    संन्यास के बाद भी पार्थिव पटेल क्रिकेट से लगातार जुड़े हुए हैं। वह फिलहाल गुजरात टाइटन्स के असिस्टेंट और बैटिंग कोच की भूमिका में हैं और उपलब्धता के अनुसार कमेंट्री भी करते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक अगले IPL सीजन में गुजरात टाइटन्स के साथ उन्हें बड़ी जिम्मेदारी मिलने की संभावना थी लेकिन यदि BCCI उन्हें चयन समिति का चेयरमैन नियुक्त करता है तो फ्रेंचाइजी को अपने कोचिंग सेटअप में बदलाव करना पड़ सकता है।

    भारतीय टीम के लिए आने वाला समय भी बेहद अहम है। 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियां चल रही हैं और वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप 2025-27 का चक्र भी जारी है। ऐसे में चयन समिति के नेतृत्व को लेकर BCCI का फैसला टीम इंडिया की आगे की योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। फिलहाल अगरकर के भविष्य पर अंतिम फैसला बाकी है और पार्थिव पटेल का नाम संभावित विकल्प के रूप में चर्चा में बना हुआ है।

  • मोहसिन नकवी के लिए ACC में दूसरा कार्यकाल आसान नहीं, BCCI समर्थन से दूर तो सदस्य बोर्ड भी नहीं दिखा रहे उत्साह

    मोहसिन नकवी के लिए ACC में दूसरा कार्यकाल आसान नहीं, BCCI समर्थन से दूर तो सदस्य बोर्ड भी नहीं दिखा रहे उत्साह

    नई दिल्ली । पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख मोहसिन नकवी के लिए एशियन क्रिकेट काउंसिल यानी ACC में दूसरा कार्यकाल हासिल करना आसान नहीं माना जा रहा है। ACC चेयरमैन के तौर पर नकवी का मौजूदा कार्यकाल अप्रैल 2027 में समाप्त होगा। नियमों के तहत चेयरमैन के कार्यकाल को बढ़ाने का विकल्प मौजूद है, लेकिन इसके लिए सदस्य बोर्डों का समर्थन जरूरी होगा।

    ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या नकवी को दोबारा ACC चेयरमैन बनाए जाने के लिए पर्याप्त समर्थन मिल पाएगा। मौजूदा परिस्थितियों में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI की तरफ से उनके समर्थन की संभावना कम मानी जा रही है। इसके अलावा ACC के अन्य सदस्य बोर्डों के बीच भी नकवी को एक और कार्यकाल देने को लेकर खास उत्साह दिखाई नहीं दे रहा है।

    ACC में चेयरमैन का पद दो साल के रोटेशन सिस्टम के तहत चलता है। इसी व्यवस्था के तहत मोहसिन नकवी ने 2025 में ACC की जिम्मेदारी संभाली थी। उनका मौजूदा कार्यकाल अप्रैल 2027 में पूरा होगा। ऐसे में उनके पास अब करीब सात महीने का समय बचा है। इसके बाद ACC को नए चेयरमैन के चयन की प्रक्रिया शुरू करनी होगी।

    हालांकि नियमों में कार्यकाल बढ़ाने का विकल्प मौजूद है। इसके लिए सदस्य देशों के बीच सहमति और समर्थन महत्वपूर्ण होगा। इससे पहले जय शाह का ACC चेयरमैन के तौर पर कार्यकाल बढ़ाया जा चुका है। उन्होंने जनवरी 2021 में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के तत्कालीन प्रमुख नजमुल हसन से यह जिम्मेदारी संभाली थी। बाद में सदस्य देशों की सहमति से उनका कार्यकाल 2024 तक बढ़ाया गया था। जय शाह का कार्यकाल चार साल तक चला।

    दिसंबर 2024 में जय शाह के ICC चेयरमैन बनने के बाद श्रीलंका के शम्मी सिल्वा ने कुछ समय के लिए ACC की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद 2025 में यह जिम्मेदारी पाकिस्तान के मोहसिन नकवी को मिली। अब अप्रैल 2027 में नकवी का कार्यकाल पूरा होने के बाद ACC के सामने अगले चेयरमैन के चयन का सवाल होगा।

    मोहसिन नकवी का नाम पिछले दो सीनियर एशिया कप के ट्रॉफी विवादों से भी जुड़ा रहा है। 2025 में पाकिस्तान को हराकर भारत ने पुरुष एशिया कप का खिताब जीता था। भारतीय टीम ने नकवी से ट्रॉफी स्वीकार नहीं की थी। इसके बाद खिलाड़ियों ने चैंपियन बैनर के साथ जश्न मनाया और ट्रॉफी के बिना अपनी जीत का जश्न पूरा किया।

    महिला एशिया कप 2026 में भी भारत ने इसी तरह का रुख अपनाया। मैच के बाद भारतीय टीम ने काफी देर तक मैदान पर इंतजार किया। BCCI अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद टीम ड्रेसिंग रूम लौट गई। इसके बाद भारतीय टीम की मौजूदगी के बिना पुरस्कार समारोह समाप्त हुआ।

    इन दोनों घटनाओं के बाद ACC चेयरमैन के तौर पर मोहसिन नकवी की भूमिका को लेकर चर्चा हुई। ऐसे माहौल में उनके अगले कार्यकाल के लिए BCCI का समर्थन मिलना मुश्किल माना जा रहा है।

    फिलहाल BCCI की ओर से मोहसिन नकवी के कार्यकाल या संभावित विस्तार को लेकर कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है। अप्रैल 2027 में जब नए ACC चेयरमैन के चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, तब सदस्य देशों का रुख महत्वपूर्ण होगा। मौजूदा समीकरणों में नकवी के लिए दूसरा कार्यकाल हासिल करना आसान नहीं दिख रहा है।

  • Asian Games 2026 में टीम इंडिया को नहीं मिलेगा 5 स्टार होटल: फिर भी BCCI संतुष्ट नागोया में क्यों बदली ठहरने की रणनीति जानिए पूरी वजह

    Asian Games 2026 में टीम इंडिया को नहीं मिलेगा 5 स्टार होटल: फिर भी BCCI संतुष्ट नागोया में क्यों बदली ठहरने की रणनीति जानिए पूरी वजह


    नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 शुरू होने से पहले भारतीय क्रिकेट टीम की होटल व्यवस्था को लेकर चल रहा विवाद अब लगभग खत्म हो गया है। भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीमों को इस बार विदेश दौरों की तरह पांच सितारा होटल की सुविधा नहीं मिलेगी। इसके बावजूद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने आयोजकों की ओर से की गई व्यवस्था पर संतोष जताया है। बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने स्पष्ट किया है कि दोनों भारतीय टीमें एशियन गेम्स के आयोजकों की ओर से तय किए गए आवास में ही रहेंगी। बोर्ड की प्राथमिकता खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल सुनिश्चित करना है और मौजूदा व्यवस्था को इसी नजरिए से स्वीकार किया गया है।

    दरअसल भारतीय क्रिकेटरों को आमतौर पर विदेशी दौरों पर बेहतर सुविधाओं वाले पांच सितारा होटलों में ठहराया जाता है। ऐसे में जापान के नागोया में होने वाले एशियन गेम्स के लिए जब पांच सितारा होटल उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई तो सवाल उठने लगे थे कि क्या बीसीसीआई अपने खिलाड़ियों के लिए अलग व्यवस्था करेगा। नागोया में शीर्ष श्रेणी के होटलों की उपलब्धता सीमित होने को इस पूरे मामले की बड़ी वजह बताया गया। आयोजकों के सामने बड़ी संख्या में खिलाड़ियों और अधिकारियों के ठहरने की चुनौती भी है।

    शुरुआत में यह चर्चा भी थी कि अगर भारतीय टीम को निर्धारित होटल पसंद नहीं आया तो खिलाड़ियों के लिए टोक्यो या ओसाका जैसे शहरों में वैकल्पिक व्यवस्था की जा सकती है। लेकिन यह विकल्प व्यावहारिक नहीं माना गया क्योंकि मैच और अभ्यास स्थल से लंबी दूरी खिलाड़ियों के लिए परेशानी पैदा कर सकती थी। ऐसे में बीसीसीआई ने आयोजकों के साथ समन्वय करते हुए उसी व्यवस्था को स्वीकार करने का फैसला किया जो एशियन गेम्स के लिए तैयार की गई है।

    बीसीसीआई की सबसे बड़ी चिंता सिर्फ होटल की स्टार रेटिंग नहीं बल्कि खिलाड़ियों की सुविधा और गोपनीयता को लेकर थी। रिपोर्टों के अनुसार खिलाड़ियों को अलग अलग कमरे उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर जोर दिया गया है। यानी पांच सितारा होटल नहीं होने के बावजूद टीम के खिलाड़ियों को अलग कमरे मिलेंगे ताकि आराम और तैयारी में किसी तरह की परेशानी न हो। बीसीसीआई ने होटल की तस्वीरों और वीडियो के जरिए भी व्यवस्थाओं की जानकारी ली थी।

    होटल के अलावा बीसीसीआई की चिंता खेल सुविधाओं को लेकर भी थी। खास तौर पर मैदान की गुणवत्ता पिच और ड्रेसिंग रूम जैसी व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठे थे। बाद में निरीक्षण और बातचीत के बाद इन व्यवस्थाओं को लेकर भी संतोषजनक स्थिति सामने आई। यानी बोर्ड ने साफ संकेत दिया है कि टीम के लिए पांच सितारा होटल से ज्यादा जरूरी सुरक्षित ठहराव अच्छी खेल सुविधाएं और मैच स्थल तक आसान पहुंच है।

    एशियन गेम्स 2026 का आयोजन जापान के आइची नागोया क्षेत्र में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होना है। क्रिकेट प्रतियोगिता भी इस बड़े खेल आयोजन का हिस्सा होगी और भारत ने पुरुष तथा महिला दोनों वर्गों में मजबूत टीमें उतारी हैं। पुरुष टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर करेंगे जबकि भारतीय दल से पदक की बड़ी उम्मीदें हैं।

    इस पूरे घटनाक्रम से एक बात साफ है कि बीसीसीआई ने इस बार पांच सितारा होटल की सुविधा को प्रतिष्ठा का मुद्दा बनाने के बजाय खिलाड़ियों की तैयारी और प्रतियोगिता से जुड़ी व्यावहारिक जरूरतों को प्राथमिकता दी है। आयोजकों की तय व्यवस्था में रहकर टीम इंडिया अब अपना पूरा ध्यान मैदान पर प्रदर्शन और एशियन गेम्स में पदक जीतने पर लगाएगी।

  • रोहित शर्मा की टीवी पर एंट्री से उठे संन्यास के सवाल, जानिए BCCI के नियम क्या कहते हैं और वनडे करियर पर कितना पड़ेगा असर

    रोहित शर्मा की टीवी पर एंट्री से उठे संन्यास के सवाल, जानिए BCCI के नियम क्या कहते हैं और वनडे करियर पर कितना पड़ेगा असर

    नई दिल्ली । ‘हिटमैन’ के नाम से मशहूर रोहित शर्मा क्रिकेट के मैदान से इतर अब टीवी स्क्रीन पर भी नजर आने वाले हैं। पूर्व भारतीय कप्तान ‘फैमिली फुल हाउस’ से बतौर होस्ट टेलीविजन डेब्यू करने जा रहे हैं। शो का प्रीमियर 19 सितंबर 2026 को होगा। रोहित का यह नया कदम उनके क्रिकेट करियर के आखिरी दौर की ओर इशारा जरूर करता है, लेकिन इसे संन्यास का संकेत मानना जल्दबाजी होगी।

    रोहित शर्मा का सपना भारतीय टीम के लिए वनडे वर्ल्ड कप जीतना है। जब महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में भारतीय टीम ने क्रिकेट वर्ल्ड कप 2011 जीता था, तो रोहित शर्मा उस टीम का हिस्सा नहीं थे। रोहित की कप्तानी में भारत ने 2023 के वर्ल्ड कप में फाइनल तक का सफर तय किया, जहां उसे निराशा हाथ लगी।

    रोहित शर्मा टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल से पहले ही संन्यास ले चुके हैं। हालांकि, वनडे क्रिकेट में उनका सफर जारी है और वह भारतीय टीम की योजनाओं का हिस्सा हैं। टीवी शो की मेजबानी उनके करियर का एक नया पहलू जरूर है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उन्होंने वनडे क्रिकेट छोड़ने का मन बना लिया है।

    ‘फैमिली फुल हाउस’ एक फैमिली एंटरटेनमेंट शो है, जिसमें रोहित शर्मा होस्ट की भूमिका निभाएंगे। शो का पूरा फॉर्मेट अभी सामने नहीं आया है, लेकिन इसके प्रमोशन ने पहले ही लोगों का ध्यान खींच लिया है। प्रोमो में रोहित के कप्तानी के दिनों के चर्चित ‘गार्डन’ कमेंट को भी दोबारा दिखाया गया है। इससे साफ है कि शो में उनके क्रिकेट करियर और उनकी मजेदार शख्सियत की झलक भी देखने को मिल सकती है।

    रोहित शर्मा के टीवी डेब्यू के बाद उनके क्रिकेट भविष्य को लेकर सवाल उठना लाजिमी है, लेकिन टीवी शो की मेजबानी और इंटरनेशनल क्रिकेट को एक साथ जारी रखने में कोई आधिकारिक बाध्यता नहीं है। भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड के नियम में ये कहीं नहीं लिखा है कि इंटरनेशनल क्रिकेट में एक्टिव क्रिकेटर्स टीवी शो होस्ट नहीं कर सकते।

    रोहित शर्मा की नजरें 2027 वनडे विश्व कप पर अभी से हैं। लॉर्ड्स में भारत के पिछले ओडीआई मैच में रोहित ने शानदार शतक लगाया था। वह इस ऐतिहासिक मैदान पर ओडीआई शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज भी बने। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर ओडीआई क्रिकेट में उनकी उपयोगिता को सामने रखा।

    रोहित शर्मा आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए भी खेलते हैं। यानी फिलहाल उनके करियर में क्रिकेट और मनोरंजन, दोनों की भूमिका बढ़ती दिखाई दे रही है। टीवी पर नई पारी की शुरुआत रोहित के करियर में बड़ा बदलाव जरूर है, लेकिन अभी इसे क्रिकेट से विदाई नहीं माना जा सकता। खासकर ओडीआई और 2027 विश्व कप को लेकर उनकी योजनाएं अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं।

  • टीम इंडिया के खराब प्रदर्शन पर BCCI का मंथन! कप्तान और कोच पहुंचे बैठक में लेकिन चीफ सेलेक्टर अगरकर नहीं आए

    टीम इंडिया के खराब प्रदर्शन पर BCCI का मंथन! कप्तान और कोच पहुंचे बैठक में लेकिन चीफ सेलेक्टर अगरकर नहीं आए


    नई दिल्ली । टीम इंडिया के हालिया विदेशी दौरों पर खराब प्रदर्शन के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने बड़ी रिव्यू मीटिंग की लेकिन इस अहम बैठक से चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर की गैरमौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए। मुंबई स्थित BCCI मुख्यालय में हुई इस बैठक में टीम इंडिया के आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे की समीक्षा की गई। भारतीय टीम को दोनों विदेशी दौरों पर लिमिटेड ओवर्स क्रिकेट में उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली जिसके बाद बोर्ड ने प्रदर्शन से लेकर खिलाड़ियों की फिटनेस और लगातार सामने आ रही चोटों तक कई अहम मुद्दों पर चर्चा की।

    बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा अजीत अगरकर के शामिल नहीं होने को लेकर रही। अगरकर का मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट सितंबर के अंत में समाप्त होने वाला है और ऐसे में यह माना जा रहा था कि बोर्ड की इस बैठक में उनके भविष्य और कॉन्ट्रैक्ट एक्सटेंशन को लेकर भी कोई बड़ा फैसला हो सकता है। हालांकि BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने साफ कर दिया कि इस रिव्यू मीटिंग में अगरकर के कॉन्ट्रैक्ट को आगे बढ़ाने को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई।

    सैकिया ने चीफ सेलेक्टर की गैरमौजूदगी की वजह भी बताई। उनके मुताबिक बैठक काफी कम समय के नोटिस पर बुलाई गई थी और उस समय अजीत अगरकर मुंबई से बाहर थे। बताया गया कि वह ऐसी जगह मौजूद थे जहां से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी बैठक में शामिल होना संभव नहीं हो सका। अगरकर की अनुपस्थिति इसलिए भी सुर्खियों में रही क्योंकि टीम के खराब प्रदर्शन की समीक्षा करने वाली बैठक में चयन समिति के प्रमुख का मौजूद न होना क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बन गया।

    दरअसल भारतीय टीम के लिए हाल के दोनों विदेशी दौरे निराशाजनक रहे। भारत ने आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की T20I सीरीज खेली जिसमें टीम को 0-2 से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद इंग्लैंड दौरे पर भी टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। पांच मैचों की T20I सीरीज में भारत को 1-4 से हार मिली जबकि तीन मैचों की ODI सीरीज में भी टीम को 1-2 से शिकस्त झेलनी पड़ी। लगातार विदेशी दौरों पर सीमित ओवरों के क्रिकेट में खराब नतीजों के बाद BCCI ने टीम के प्रदर्शन का गहराई से विश्लेषण करने का फैसला किया।

    मुंबई में हुई इस अहम बैठक में भारतीय क्रिकेट के कई बड़े नाम मौजूद रहे। टेस्ट और ODI कप्तान शुभमन गिल T20I कप्तान श्रेयस अय्यर हेड कोच गौतम गंभीर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के क्रिकेट डायरेक्टर वीवीएस लक्ष्मण और BCCI के कई अधिकारी बैठक में शामिल हुए। बैठक के दौरान सिर्फ टीम के प्रदर्शन पर ही नहीं बल्कि खिलाड़ियों की फिटनेस और लगातार हो रही चोटों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। आने वाले मुकाबलों को देखते हुए टीम मैनेजमेंट के सामने खिलाड़ियों को फिट रखने और बेहतर संयोजन तैयार करने की चुनौती भी अहम मानी जा रही है।

    अजीत अगरकर के कार्यकाल पर नजर डालें तो उनके नेतृत्व वाली चयन समिति के दौर में भारतीय टीम ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। भारत ने 2023 ODI वर्ल्ड कप का फाइनल खेला और इसके बाद 2024 तथा 2026 में लगातार दो T20 वर्ल्ड कप जीतने में सफलता हासिल की। हालांकि इसी दौर में भारतीय क्रिकेट में कई बड़े बदलाव भी देखने को मिले और विराट कोहली तथा रोहित शर्मा ने टेस्ट और T20I क्रिकेट से संन्यास लिया जबकि दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया।

    अब सबकी नजर सितंबर के अंत पर टिकी है जब अजीत अगरकर का मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट समाप्त होगा। फिलहाल BCCI ने उनके एक्सटेंशन को लेकर किसी चर्चा से इनकार किया है लेकिन आने वाले दिनों में चयन समिति और भारतीय टीम के भविष्य को लेकर बोर्ड का फैसला क्रिकेट जगत के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है।

  • सुनील गावस्कर ने भारतीय क्रिकेट खिलाड़ियों की फिटनेस और ट्रेनिंग पर उठाए सवाल, हैमस्ट्रिंग की चोटों पर जताई चिंता

    सुनील गावस्कर ने भारतीय क्रिकेट खिलाड़ियों की फिटनेस और ट्रेनिंग पर उठाए सवाल, हैमस्ट्रिंग की चोटों पर जताई चिंता

    नई दिल्ली ।भारतीय क्रिकेट टीम में खिलाड़ियों की लगातार चोटों ने फिटनेस और प्रशिक्षण के मौजूदा तरीकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पंड्या, वॉशिंगटन सुंदर, साई सुदर्शन, नीतीश कुमार रेड्डी और हर्षित राणा जैसे कई प्रमुख खिलाड़ी अलग-अलग स्वास्थ्य समस्याओं के कारण टीम से बाहर चल रहे हैं। इस बीच पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का बचाव करते हुए खिलाड़ियों की मूल ट्रेनिंग प्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

    सुनील गावस्कर का मानना है कि भारतीय खिलाड़ियों में बार-बार सामने आ रही हैमस्ट्रिंग की समस्या को सामान्य मानकर खारिज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि इसके पीछे के मूल कारणों को समझने के लिए खिलाड़ियों के नियमित प्रशिक्षण और वर्कलोड मैनेजमेंट की गहराई से समीक्षा की जानी बेहद जरूरी है। अधिकतर खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम के लिए खेलते समय चोटिल होते हैं, लेकिन बाद में दोष बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के फिजियो और मेडिकल स्टाफ पर मढ़ दिया जाता है।

    आधुनिक क्रिकेट में अपनाए जा रहे वर्कलोड मैनेजमेंट पर टिप्पणी करते हुए पूर्व कप्तान ने कहा कि अभ्यास सत्र के दौरान गेंदबाजों पर लगाई जाने वाली गेंदें फेंकने की सीमा हमेशा लाभदायक नहीं होती। उन्होंने उदाहरण देते हुए स्पष्ट किया कि जब एक टी20 मुकाबले में गेंदबाज को कम से कम चार ओवर यानी 24 गेंदें फेंकनी होती हैं, तो अभ्यास में उसे 20 से कम गेंदें फेंकने तक सीमित रखना व्यावहारिक नहीं है। इससे खिलाड़ी मैदान की वास्तविक परिस्थितियों के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हो पाते।

    फिटनेस के तय पैमानों पर बात करते हुए गावस्कर ने स्पष्ट किया कि केवल जिम में पसीना बहाकर हासिल की गई शारीरिक क्षमता पर्याप्त नहीं है। मैदान की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप शरीर को ढालना और मैच फिट होना अधिक आवश्यक है। बार-बार लगने वाली चोटों से टीम का संतुलन भी प्रभावित होता है, जिस पर कप्तान शुभमन गिल भी पूर्व में चिंता जाहिर कर चुके हैं। मध्य प्रदेश सहित देश भर के क्रिकेट प्रशंसकों और विशेषज्ञों के बीच अब इस विषय पर गंभीर बहस छिड़ गई है।

    आगामी बड़े टूर्नामेंटों और विश्व कप जैसी प्रतियोगिताओं को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ियों का लगातार स्वस्थ और उपलब्ध रहना बेहद आवश्यक माना जा रहा है। यदि वर्कलोड और ट्रेनिंग के तरीकों में समय रहते सुधार नहीं किया गया तो इसका असर टीम के समग्र प्रदर्शन पर पड़ सकता है। फिलहाल बीसीसीआई और प्रबंधन द्वारा इस दिशा में उठाए जाने वाले आगामी कदमों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

  • गणेश चतुर्थी पर होगा India-Afghanistan T20 का महामुकाबला? ACB ने BCCI से मांगी 14 सितंबर की तारीख

    गणेश चतुर्थी पर होगा India-Afghanistan T20 का महामुकाबला? ACB ने BCCI से मांगी 14 सितंबर की तारीख


    नई दिल्ली। भारत और अफगानिस्तान के बीच सितंबर में होने वाली तीन मैचों की T20 इंटरनेशनल सीरीज को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। दोनों टीमों के बीच मुकाबलों का कार्यक्रम पहले ही तय हो चुका है लेकिन अब अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी ACB इसमें एक बदलाव चाहता है। ACB ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI से संपर्क कर सीरीज के एक मुकाबले को 14 सितंबर को कराने का प्रस्ताव रखा है। खास बात यह है कि 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी है। फिलहाल दोनों बोर्ड के बीच इस प्रस्ताव पर बातचीत चल रही है और अंतिम फैसला BCCI की मंजूरी के बाद ही होगा।

    मौजूदा कार्यक्रम के मुताबिक भारत और अफगानिस्तान के बीच तीनों T20 मुकाबले दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जाने हैं। पहला मैच 13 सितंबर को दूसरा 15 सितंबर और तीसरा मुकाबला 17 सितंबर को निर्धारित है। BCCI ने भी इस कार्यक्रम की पुष्टि की है। अब ACB चाहता है कि 13 या 15 सितंबर को होने वाले मुकाबलों में से किसी एक को 14 सितंबर को आयोजित किया जाए। यानी मैचों की संख्या में कोई बदलाव नहीं होगा बल्कि सिर्फ एक मुकाबले की तारीख बदली जाएगी।

    सवाल यह है कि आखिर ACB सोमवार यानी 14 सितंबर को ही मुकाबला क्यों कराना चाहता है। दरअसल 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी का त्योहार है और इस मौके पर दिल्ली में आंशिक छुट्टी रहने की उम्मीद है। आमतौर पर सोमवार को क्रिकेट मैच कराने पर कामकाजी दिन होने के कारण स्टेडियम में दर्शकों की संख्या कम रहने की आशंका रहती है। लेकिन गणेश चतुर्थी के कारण छुट्टी और त्योहार का माहौल होने से ACB को उम्मीद है कि मैच के लिए बड़ी संख्या में दर्शक स्टेडियम पहुंच सकते हैं। इससे मुकाबले की दर्शक उपस्थिति और फैन एंगेजमेंट बेहतर होने की संभावना है।

    अगर BCCI इस प्रस्ताव पर सहमत हो जाता है तो भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाली सीरीज का एक मुकाबला गणेश चतुर्थी के दिन खेला जाएगा। हालांकि अभी इसे अंतिम कार्यक्रम नहीं माना जा सकता। जब तक BCCI की मंजूरी नहीं मिलती तब तक आधिकारिक शेड्यूल 13 15 और 17 सितंबर का ही रहेगा।

    इस सीरीज की एक और खास बात यह है कि मुकाबले भारत में होने के बावजूद इसे अफगानिस्तान की घरेलू सीरीज माना जा रहा है। सुरक्षा परिस्थितियों के कारण अफगानिस्तान लंबे समय से अपने कई अंतरराष्ट्रीय घरेलू मुकाबले विदेशों में आयोजित करता रहा है। इस बार दिल्ली को उसके होम मैचों के लिए चुना गया है। Reuters के मुताबिक भारत ने अफगानिस्तान को इस महत्वपूर्ण सीरीज की मेजबानी के लिए अपनी सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं।

    भारत और अफगानिस्तान के लिए यह सीरीज एशियन गेम्स की तैयारियों के लिहाज से भी अहम होगी। दोनों टीमें आगामी बड़े मुकाबलों से पहले T20 फॉर्मेट में अपनी तैयारियों को परखना चाहेंगी। दिल्ली में लगातार तीन मुकाबले होने से खिलाड़ियों को परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने का मौका भी मिलेगा।

    इस बीच भारत के बांग्लादेश दौरे को लेकर भी स्थिति बदलती नजर आ रही है। पहले सितंबर में भारतीय टीम के बांग्लादेश दौरे का कार्यक्रम सामने आया था लेकिन अब अफगानिस्तान के खिलाफ T20 सीरीज की पुष्टि के बाद उस दौरे की संभावना कम बताई जा रही है। ऐसे में सितंबर में भारतीय टीम के लिए अफगानिस्तान के खिलाफ दिल्ली में होने वाली T20 सीरीज महत्वपूर्ण मुकाबलों में से एक हो सकती है।

    फिलहाल क्रिकेट फैंस की नजर BCCI के फैसले पर है। अगर भारतीय बोर्ड ACB के प्रस्ताव को मंजूरी दे देता है तो 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के दिन दिल्ली में भारत और अफगानिस्तान के बीच T20 मुकाबला देखने को मिल सकता है। यानी अभी मैच की तारीख बदली नहीं है लेकिन ACB की मांग ने सीरीज के कार्यक्रम में एक दिलचस्प ट्विस्ट जरूर ला दिया है।