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  • टी20 सीरीज में आयरलैंड के हाथों 0-2 से पिटी भारतीय टीम, निराशाजनक प्रदर्शन के बाद हेड कोच गौतम गंभीर और कप्तान श्रेयस अय्यर निशाने पर

    टी20 सीरीज में आयरलैंड के हाथों 0-2 से पिटी भारतीय टीम, निराशाजनक प्रदर्शन के बाद हेड कोच गौतम गंभीर और कप्तान श्रेयस अय्यर निशाने पर

    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम को विदेशी सरजमीं पर एक बड़ा झटका लगा है, जहां आयरलैंड के खिलाफ खेली गई दो मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में उसे 0-2 से क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा है। इस चौंकाने वाली और निराशाजनक हार के बाद वैश्विक क्रिकेट जगत में भारतीय टीम के प्रदर्शन की भारी आलोचना हो रही है। इसी कड़ी में आइसलैंड क्रिकेट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक बेहद तंजिया पोस्ट साझा की है, जिसने भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों और प्रबंधन की चोट पर नमक छिड़कने का काम किया है। आइसलैंड क्रिकेट ने सीधे तौर पर भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर की कोचिंग क्षमताओं पर निशाना साधा है।

    सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे इस बयान में आइसलैंड क्रिकेट ने व्यंग्यात्मक लहजे में लिखा कि उनकी अपनी कोचिंग टीम में गौतम गंभीर को नियुक्त करने की कोई योजना नहीं है। पोस्ट में आगे लिखा गया कि गंभीर में निश्चित रूप से एक अलग तरह की प्रतिभा है, क्योंकि स्टार खिलाड़ियों से सजी भारतीय टीम को लेकर आयरलैंड जैसी अपेक्षाकृत कमजोर टीम के खिलाफ इस तरह के परिणाम देना वाकई एक असाधारण और विशिष्ट काबिलियत को दर्शाता है। इस तीखे कटाक्ष के बाद क्रिकेट गलियारों में भारतीय टीम के रणनीतिक स्तर और कोचिंग स्टाफ की जवाबदेही को लेकर बहस तेज हो गई है।

    श्रृंखला के घटनाक्रम की बात करें तो बेलफास्ट में खेले गए पहले मुकाबले में भारत को 34 रनों की करारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी। इसके बाद रविवार को खेले गए दूसरे और अंतिम मैच में, जो कि बारिश से प्रभावित रहा, आयरलैंड ने सूझबूझ का परिचय देते हुए भारतीय टीम को रोमांचक मोड़ पर महज एक रन से पराजित कर दिया। हालांकि पूरी सीरीज के दौरान भारतीय गेंदबाजों ने अपेक्षाकृत अनुशासित और सराहनीय प्रदर्शन किया, लेकिन बल्लेबाजों के निराशाजनक रवैये ने टीम की लुटिया डुबो दी। दोनों ही मुकाबलों में भारतीय बल्लेबाजी क्रम पूरी तरह ताश के पत्तों की तरह बिखरता नजर आया।

    इस सीरीज में टीम इंडिया की अगुवाई कर रहे कार्यवाहक कप्तान श्रेयस अय्यर और हाल ही में समाप्त हुए टी20 विश्व कप 2026 में ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ रहे विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन जैसे स्थापित खिलाड़ी उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। पूरे दौरे पर इन प्रमुख बल्लेबाजों का बल्ला पूरी तरह खामोश रहा, जिसका खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा। इस हार के साथ ही श्रेयस अय्यर भारत के ऐसे दूसरे कप्तान बन गए हैं, जिन्हें अपनी कप्तानी के शुरुआती दोनों टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में पराजय का स्वाद चखना पड़ा है। इस लचर प्रदर्शन के बाद चयनकर्ताओं और टीम संयोजन पर भी सवाल उठने लगे हैं।

    इस करारी हार के झटके से उबरने के लिए भारतीय टीम के पास बेहद कम समय है, क्योंकि उसके सामने अगली बड़ी चुनौती इंग्लैंड की है। भारतीय दल इसी सप्ताह पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के लिए इंग्लैंड का दौरा करने वाला है। इस दौरे का पहला मुकाबला 1 जुलाई को चेस्टर-ले-स्ट्रीट के रिवरसाइड ग्राउंड पर खेला जाएगा। इसके बाद आगामी मैच क्रमशः 4, 7, 9 और 11 जुलाई को ओल्ड ट्रैफर्ड, नॉटिंघम, ब्रिस्टल और साउथेम्प्टन में आयोजित होने हैं। कप्तान श्रेयस अय्यर और मुख्य कोच गौतम गंभीर के लिए इंग्लैंड का यह दौरा अपनी रणनीतियों को सुधारने और साख बचाने के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण होने जा रहा है।

  • अभ्यास सुविधाओं की कमी के बीच भी चमके वैभव सूर्यवंशी, बेलफास्ट नेट सेशन में शानदार बल्लेबाजी ने बढ़ाईं टीम इंडिया की उम्मीदें

    अभ्यास सुविधाओं की कमी के बीच भी चमके वैभव सूर्यवंशी, बेलफास्ट नेट सेशन में शानदार बल्लेबाजी ने बढ़ाईं टीम इंडिया की उम्मीदें


    नई दिल्ली ।
    आयरलैंड के खिलाफ टी20 श्रृंखला के पहले मुकाबले से पहले बेलफास्ट में भारतीय क्रिकेट टीम का अभ्यास सत्र कुछ शुरुआती तकनीकी अव्यवस्थाओं के कारण चर्चा में रहा। हालांकि इन चुनौतियों का खिलाड़ियों की तैयारियों पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा। टीम प्रबंधन की त्वरित पहल के बाद अभ्यास सुविधाओं में आवश्यक सुधार किए गए, जिसके बाद पूरा सत्र सामान्य रूप से संपन्न हुआ। इस दौरान सबसे अधिक चर्चा युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की रही, जिन्होंने अपने पहले सीनियर टीम नेट सेशन में बेहतरीन बल्लेबाजी कर सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।

    अभ्यास की शुरुआत में एक नेट पर गेंदबाज के पीछे साइटस्क्रीन उपलब्ध नहीं होने से बल्लेबाजों को गेंद को स्पष्ट रूप से देखने में परेशानी हुई। भारतीय टीम के सहयोगी स्टाफ ने इस समस्या को तुरंत आयोजकों के सामने रखा। शिकायत मिलते ही संबंधित अधिकारियों ने व्यवस्था में जरूरी बदलाव किए और कुछ ही समय में अभ्यास की परिस्थितियां पूरी तरह सामान्य हो गईं। इसके बाद खिलाड़ियों ने बिना किसी रुकावट के अपने निर्धारित अभ्यास कार्यक्रम को पूरा किया।

    व्यवस्था बहाल होने के बाद नेट्स में सबसे ज्यादा निगाहें 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी पर रहीं। सीनियर भारतीय टीम के साथ अपने पहले अभ्यास सत्र में उन्होंने पूरी सहजता और आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की। लंबे नेट सेशन के दौरान उन्होंने सीधे ड्राइव, कवर ड्राइव, पुल और आक्रामक स्ट्रोक्स के जरिए अपनी तकनीकी क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। कम उम्र के बावजूद उनकी बल्लेबाजी में संयम, संतुलन और परिस्थितियों के अनुरूप खेलने की समझ साफ दिखाई दी।

    आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद वैभव पहले ही भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में अपनी जगह बना चुके हैं। बेलफास्ट के अभ्यास सत्र में भी उन्होंने उसी लय को कायम रखते हुए टीम प्रबंधन, साथी खिलाड़ियों और मौजूद क्रिकेट प्रेमियों को प्रभावित किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहली बार सीनियर टीम का हिस्सा बनने के बावजूद उनके व्यवहार और बल्लेबाजी में किसी प्रकार का दबाव नजर नहीं आया, जिसने उनके मानसिक संतुलन को भी रेखांकित किया।

    अभ्यास के दौरान मुख्य कोच गौतम गंभीर ने भी वैभव के साथ कुछ समय बिताया और उन्हें खेल के विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया। युवा खिलाड़ियों को भविष्य के लिए तैयार करने की टीम प्रबंधन की रणनीति के तहत यह संवाद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गंभीर लगातार खिलाड़ियों को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में शांत रहने और अपनी स्वाभाविक खेल शैली पर भरोसा बनाए रखने की सलाह देते रहे हैं, जिसका सकारात्मक प्रभाव युवा खिलाड़ियों पर भी दिखाई दे रहा है।

    बेलफास्ट में भारतीय टीम का अभ्यास देखने स्थानीय भारतीय समुदाय भी बड़ी संख्या में पहुंचा। वैभव सूर्यवंशी को लेकर दर्शकों में विशेष उत्साह देखने को मिला। प्रशंसकों ने उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं और ऑटोग्राफ लिए। युवा बल्लेबाज की बढ़ती लोकप्रियता इस बात का संकेत भी है कि घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में उनकी उपलब्धियों ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान दिलानी शुरू कर दी है।

    पहले टी20 मुकाबले से पहले आयोजित यह अभ्यास सत्र भारतीय टीम के लिए केवल तकनीकी तैयारी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि युवा प्रतिभाओं के आत्मविश्वास और भविष्य की संभावनाओं का भी परिचायक बना। वैभव सूर्यवंशी ने अपने प्रदर्शन से यह संकेत दिया कि बड़े मंच की चुनौतियां उनके आत्मविश्वास को प्रभावित नहीं कर रहीं। अब आगामी मुकाबलों में सभी की नजरें इस युवा बल्लेबाज पर रहेंगी कि वह नेट्स में दिखाई गई अपनी लय को मैच के दौरान कितनी प्रभावी बल्लेबाजी में बदल पाते हैं।

  • वैभव सूर्यवंशी के लिए इंग्लैंड दौरे पर विशेष व्यवस्था, भारतीय ड्रेसिंग रूम में कपड़े बदलने की नहीं होगी अनुमति

    वैभव सूर्यवंशी के लिए इंग्लैंड दौरे पर विशेष व्यवस्था, भारतीय ड्रेसिंग रूम में कपड़े बदलने की नहीं होगी अनुमति

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी आगामी इंग्लैंड दौरे पर पहली बार सीनियर टीम का हिस्सा बनने जा रहे हैं। महज 15 वर्ष की उम्र में राष्ट्रीय टीम में चयनित होने के कारण वह लगातार चर्चा में हैं। हालांकि इस दौरे से पहले उनके लिए एक विशेष व्यवस्था किए जाने की जानकारी सामने आई है। इंग्लैंड में होने वाली टी-20 श्रृंखला के दौरान वैभव भारतीय टीम के साथ रहेंगे, लेकिन उन्हें टीम के अन्य खिलाड़ियों के साथ चेंजिंग रूम साझा करने की अनुमति नहीं होगी।

    यह निर्णय किसी अनुशासनात्मक कारण से नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लागू सुरक्षा नियमों के तहत लिया गया है। चूंकि वैभव अभी 16 वर्ष से कम आयु के हैं, इसलिए उन पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की सेफगार्डिंग पॉलिसी लागू होगी। इसी नीति के तहत उनके लिए प्रत्येक मैच स्थल पर अलग चेंजिंग रूम और विशेष सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी।

    हालांकि युवा बल्लेबाज टीम की रणनीतिक बैठकों, अभ्यास सत्रों और ड्रेसिंग रूम की अन्य गतिविधियों का हिस्सा बने रहेंगे। उन्हें टीम के माहौल में पूरी तरह शामिल रखा जाएगा, लेकिन कपड़े बदलने और निजी सुविधाओं के उपयोग के लिए अलग व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। इस कदम का उद्देश्य नाबालिग खिलाड़ियों की सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित करना है।

    सेफगार्डिंग पॉलिसी अंतरराष्ट्रीय खेलों में कम उम्र के खिलाड़ियों के संरक्षण के लिए बनाई गई है। इसके तहत शारीरिक, मानसिक और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाती है। यह नीति सुनिश्चित करती है कि युवा खिलाड़ी किसी भी प्रकार के दबाव, असहजता या संभावित दुर्व्यवहार से सुरक्षित रहें और उन्हें स्वस्थ खेल वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

    वैभव सूर्यवंशी के मामले में भी यही नियम लागू किए जा रहे हैं। क्रिकेट प्रशासन का मानना है कि इतनी कम उम्र में सीनियर स्तर पर पहुंचने वाले खिलाड़ियों को विशेष देखभाल और सहयोग की आवश्यकता होती है। यही कारण है कि उनके माता-पिता को भी इस विदेशी दौरे के दौरान साथ रहने की अनुमति दी गई है। इससे युवा खिलाड़ी को नए माहौल में मानसिक और भावनात्मक समर्थन मिलेगा।

    भारतीय क्रिकेट बोर्ड के अधिकारियों का मानना है कि वैभव को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के माहौल में धीरे-धीरे ढालना जरूरी है। ऐसे में परिवार की मौजूदगी उनके आत्मविश्वास और प्रदर्शन दोनों के लिए लाभदायक साबित हो सकती है। बोर्ड यह सुनिश्चित करना चाहता है कि क्रिकेट के सबसे बड़े मंच पर कदम रखते समय युवा खिलाड़ी पर अनावश्यक दबाव न बने।

    वैभव सूर्यवंशी के लिए यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्हें पहली बार भारतीय टी-20 टीम में शामिल किया गया है और इस दौरे पर उन्हें आयरलैंड तथा इंग्लैंड के खिलाफ कुल सात अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों का हिस्सा बनने का अवसर मिल सकता है। पहले भारत आयरलैंड के खिलाफ दो टी-20 मैच खेलेगा, जिसके बाद इंग्लैंड के विरुद्ध पांच मैचों की श्रृंखला खेली जाएगी।

    क्रिकेट जगत की नजरें अब इस युवा प्रतिभा पर टिकी हैं। कम उम्र में राष्ट्रीय टीम तक पहुंचने वाले वैभव से बड़ी उम्मीदें की जा रही हैं। इंग्लैंड दौरे पर लागू विशेष सुरक्षा व्यवस्थाएं यह भी दर्शाती हैं कि आधुनिक खेल प्रशासन युवा खिलाड़ियों के विकास के साथ-साथ उनकी सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को भी समान महत्व दे रहा है। ऐसे में यह दौरा वैभव सूर्यवंशी के क्रिकेट करियर का एक महत्वपूर्ण और यादगार अध्याय साबित हो सकता है।

  • वनडे विश्व कप 2027 में रोहित शर्मा और विराट कोहली के खेलने पर सस्पेंस बरकरार, बीसीसीआई ने रणनीतिक फैसलों को सार्वजनिक करने से किया इनकार

    वनडे विश्व कप 2027 में रोहित शर्मा और विराट कोहली के खेलने पर सस्पेंस बरकरार, बीसीसीआई ने रणनीतिक फैसलों को सार्वजनिक करने से किया इनकार

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट जगत में इस समय सबसे बड़ा और यक्ष प्रश्न यही बना हुआ है कि क्या स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा और दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली वर्ष 2027 में होने वाले आगामी वनडे विश्व कप में भारतीय टीम का हिस्सा होंगे या नहीं। आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में खिताबी जीत दर्ज करने के बाद से ही इन दोनों सीनियर खिलाड़ियों के वनडे क्रिकेट में भविष्य को लेकर लगातार कयास लगाए जा रहे हैं। इसी बीच भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने इस संवेदनशील मुद्दे पर अपनी पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। हालांकि, उनके इस बयान ने स्थिति को स्पष्ट करने के बजाय सस्पेंस को और अधिक बढ़ा दिया है क्योंकि उन्होंने साफ कर दिया है कि टीम की रणनीतियों से जुड़ी चर्चाएं पूरी तरह आंतरिक होती हैं।

    क्रिकेट बोर्ड के सचिव ने एक साक्षात्कार के दौरान स्पष्ट किया कि भारतीय क्रिकेट टीम के भविष्य, खिलाड़ियों की भूमिकाओं और आगामी विश्व कप की रूपरेखा को लेकर बोर्डरूम के भीतर नियमित तौर पर समीक्षा की जाती है। चयन समिति, क्रिकेट सलाहकार समिति, मुख्य कोच और कोचिंग स्टाफ के साथ-साथ खुद खिलाड़ियों के बीच भी एक मजबूत संवाद प्रणाली स्थापित है। उन्होंने जोर देकर कहा कि टीम से जुड़े सभी बड़े और महत्वपूर्ण फैसले इसी निरंतर चलने वाली प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं। लेकिन जब उनसे सीधे तौर पर इन दोनों पूर्व कप्तानों के अगले विश्व कप में खेलने की संभावनाओं को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने रणनीतिक चर्चाओं का हवाला देते हुए इस पर सीधा जवाब देने से साफ तौर पर परहेज किया।

    बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, किसी भी बड़े टूर्नामेंट की दूरगामी रणनीतियों और सीनियर खिलाड़ियों के चयन संबंधी विचारों को मीडिया या आम जनता के सामने समय से पहले प्रकट करना उचित नहीं होता है। यह एक गोपनीय प्रशासनिक ढांचा है और इन पर चर्चा बोर्ड के आंतरिक दायरे में ही रहनी चाहिए। इस रहस्यमयी रुख से यह साफ जाहिर होता है कि बीसीसीआई फिलहाल इन दोनों दिग्गज बल्लेबाजों के भविष्य के रोडमैप को लेकर कोई भी जल्दबाजी में सार्वजनिक बयान या संकेत देने के मूड में नजर नहीं आ रहा है, जिससे क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों के बीच उत्सुकता चरम पर पहुंच गई है।

    दूसरी ओर, रोहित शर्मा और विराट कोहली विभिन्न मंचों पर इस बात के स्पष्ट संकेत दे चुके हैं कि वे खेल के इस पारंपरिक सीमित ओवरों के प्रारूप में अपनी सेवाएं जारी रखना चाहते हैं और उनकी नजरें अगले विश्व कप पर टिकी हुई हैं। चैंपियंस ट्रॉफी की ऐतिहासिक सफलता के बाद भी दोनों ही दिग्गजों ने वनडे क्रिकेट खेलते रहने की इच्छा व्यक्त की थी। हालांकि, मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर और मुख्य कोच गौतम गंभीर की अगुवाई वाले प्रबंधन ने भी अब तक इस विषय पर कोई आधिकारिक या ठोस आश्वासन मीडिया के सामने प्रस्तुत नहीं किया है। ऐसे में आने वाले समय में इन दोनों सीनियर खिलाड़ियों का व्यक्तिगत प्रदर्शन और उनकी शारीरिक फिटनेस ही इस पूरी तस्वीर को साफ करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाएगी।

    मध्य प्रदेश। इसी बीच बोर्ड के सचिव ने राजनीतिक और कूटनीतिक परिस्थितियों के कारण स्थगित हुए भारत के पड़ोसी देशों के दौरों और द्विपक्षीय श्रृंखलाओं पर भी बोर्ड की स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड किसी भी अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के आयोजन या विदेशी दौरों को लेकर पूरी तरह से भारत सरकार की गृह और विदेश नीतियों का अनुसरण करता है। खेल संस्था का राजनीति से कोई प्रत्यक्ष सरोकार नहीं है और सरकार की ओर से मिलने वाले दिशा-निर्देशों के आधार पर ही खेल से जुड़े कार्यक्रम तय किए जाते हैं। बहरहाल, वर्तमान में भारतीय टीम अफगानिस्तान के खिलाफ जारी घरेलू वनडे श्रृंखला में बेहतर प्रदर्शन कर रही है और खेल प्रेमी आगामी समय में रोहित-विराट के भविष्य पर आने वाले हर मोड़ पर नजरें गड़ाए हुए हैं।

  • इंग्लैंड वनडे सीरीज से पहले विराट कोहली की फिटनेस पर नजर, चयन से पहले होगा अहम टेस्ट, हार्दिक ने भी बढ़ाई तैयारी

    इंग्लैंड वनडे सीरीज से पहले विराट कोहली की फिटनेस पर नजर, चयन से पहले होगा अहम टेस्ट, हार्दिक ने भी बढ़ाई तैयारी

    नई दिल्ली । इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली आगामी वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम के चयन से पहले खिलाड़ियों की फिटनेस सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा बनकर सामने आई है। टीम प्रबंधन और चयन समिति की निगाहें विशेष रूप से अनुभवी बल्लेबाज विराट कोहली और स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या की शारीरिक स्थिति पर टिकी हुई हैं। दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धता भारतीय टीम के संतुलन और रणनीति के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।

    भारतीय क्रिकेट टीम को जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलनी है। इस सीरीज को आगामी अंतरराष्ट्रीय अभियानों की तैयारी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में चयनकर्ताओं की कोशिश है कि पूरी तरह फिट और मैच के लिए तैयार खिलाड़ियों को ही टीम में शामिल किया जाए। इसी कारण अंतिम टीम चयन से पहले कुछ प्रमुख खिलाड़ियों की मेडिकल और फिटनेस रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

    विराट कोहली को लेकर सबसे अधिक चर्चा हो रही है। अनुभवी बल्लेबाज पिछले कुछ समय से चोट से उबरने की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। आईपीएल के दौरान शानदार प्रदर्शन करने वाले कोहली को टूर्नामेंट के अंतिम चरण में हैमस्ट्रिंग से जुड़ी समस्या का सामना करना पड़ा था। इसके बाद उन्हें अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम से दूर रहना पड़ा और पुनर्वास प्रक्रिया अपनानी पड़ी।

    वर्तमान में कोहली अपनी फिटनेस पर विशेष ध्यान दे रहे हैं और वापसी की तैयारी में जुटे हुए हैं। टीम चयन से पहले उनकी फिटनेस का विस्तृत आकलन किया जाएगा। क्रिकेट बोर्ड के विशेषज्ञ यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि वे पूरी तरह स्वस्थ हों और बिना किसी जोखिम के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी कर सकें। फिटनेस परीक्षण में सफल रहने की स्थिति में उनके इंग्लैंड दौरे के लिए चयन की संभावना मजबूत मानी जा रही है।

    दूसरी ओर हार्दिक पांड्या की स्थिति पर भी चयनकर्ताओं की पैनी नजर बनी हुई है। चोट के कारण हाल के मुकाबलों से बाहर रहे हार्दिक ने अब प्रशिक्षण शुरू कर दिया है। शुरुआती चरण में वह हल्के अभ्यास सत्रों में हिस्सा ले रहे हैं और उनकी गतिविधियों पर मेडिकल टीम लगातार निगरानी रख रही है। आने वाले दिनों में उनके अभ्यास की तीव्रता बढ़ाई जाएगी ताकि यह आकलन किया जा सके कि वे प्रतिस्पर्धी क्रिकेट के लिए कितने तैयार हैं।

    भारतीय टीम के लिए हार्दिक का महत्व केवल एक बल्लेबाज या गेंदबाज तक सीमित नहीं है। वह टीम को दोनों विभागों में संतुलन प्रदान करते हैं। सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनकी मौजूदगी टीम संयोजन को अधिक मजबूत बनाती है। यही कारण है कि चयनकर्ता उनकी फिटनेस को लेकर किसी प्रकार का जोखिम नहीं लेना चाहते और पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

    क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ सीरीज में अनुभवी खिलाड़ियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। विराट कोहली का अनुभव और बल्लेबाजी क्षमता भारतीय शीर्ष क्रम को मजबूती देती है, जबकि हार्दिक पांड्या का ऑलराउंड प्रदर्शन टीम को अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध कराता है। ऐसे में दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धता टीम इंडिया के लिए सकारात्मक संकेत मानी जाएगी।

    चयन समिति आने वाले दिनों में खिलाड़ियों की मेडिकल रिपोर्ट, फिटनेस स्तर और अभ्यास सत्रों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करेगी। इसके बाद ही इंग्लैंड वनडे सीरीज के लिए अंतिम टीम की घोषणा की जाएगी। भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें भी अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या विराट कोहली और हार्दिक पांड्या पूरी तरह फिट होकर टीम में वापसी कर पाते हैं या नहीं।

    फिलहाल संकेत यही हैं कि दोनों खिलाड़ी अपनी वापसी को लेकर गंभीरता से तैयारी कर रहे हैं। यदि फिटनेस संबंधी सभी मानकों पर वे खरे उतरते हैं तो इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में भारतीय टीम को अनुभव, संतुलन और मजबूती का बड़ा फायदा मिल सकता है।

  • श्री चरणी और शेफाली की फिरकी में उलझा नीदरलैंड, भारत ने 209 रन बनाकर दर्ज की टूर्नामेंट की लगातार दूसरी जीत

    श्री चरणी और शेफाली की फिरकी में उलझा नीदरलैंड, भारत ने 209 रन बनाकर दर्ज की टूर्नामेंट की लगातार दूसरी जीत

    नई दिल्ली। महिला टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। टूर्नामेंट के अपने दूसरे मुकाबले में भारत ने नीदरलैंड को 95 रनों के बड़े अंतर से हराकर अपनी लगातार दूसरी जीत दर्ज की। बुधवार को लीड्स के मैदान पर खेले गए इस एकतरफा मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 5 विकेट के नुकसान पर 209 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में नीदरलैंड की पूरी टीम 17.3 ओवरों में महज 114 रनों पर ही सिमट गई।

    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने बेहद आक्रामक और मजबूत शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने डच गेंदबाजों की जमकर खबर ली और पहले विकेट के लिए 90 से अधिक रनों की बेहतरीन साझेदारी की। शेफाली वर्मा ने शानदार फॉर्म दिखाते हुए मात्र 32 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, हालांकि वह 38 गेंदों में 55 रन बनाकर हीदर साइगर्स का शिकार बनीं। दूसरी छोर पर जमीं उप-कप्तान स्मृति मंधाना ने भी कप्तानी पारी खेली और 47 गेंदों में 11 चौकों और एक छक्के की मदद से 74 रनों की धुआंधार पारी खेली।

    मध्यक्रम में जेमिमा रोड्रिग्स ने 14 गेंदों में 23 रनों का उपयोगी योगदान दिया, जबकि यास्तिका भाटिया सिर्फ 3 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। अंतिम ओवरों में ऋचा घोष और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टीम के स्कोर को 200 के पार पहुँचाया। भारतीय टीम का यह स्कोर महिला टी20 विश्व कप के इतिहास में उसका अब तक का सर्वोच्च स्कोर है, जबकि विश्व कप इतिहास में यह किसी भी टीम द्वारा बनाया गया तीसरा सबसे बड़ा स्कोर बन गया है। नीदरलैंड की ओर से गेंदबाजी करते हुए कैरोलीन डी लैंग ने दो विकेट चटकाए, जबकि आइरिस विलिंग, हीदर साइगर्स और मायरेथ वैन डेन रॉड को एक-एक सफलता मिली।

    210 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी नीदरलैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों के सधे हुए आक्रमण के सामने शुरू से ही दबाव में नजर आई। सलामी बल्लेबाज हीदर साइगर्स ने 21 रन बनाकर टीम को संभालने की कोशिश की, लेकिन भारतीय तेज गेंदबाज नंदनी शर्मा ने उन्हें स्मृति मंधाना के हाथों कैच कराकर नीदरलैंड को पहला झटका दिया। इसके बाद डच टीम की पारी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। नियमित अंतराल पर विकेट गिरने के कारण नीदरलैंड की टीम कभी भी आवश्यक रन रेट के करीब नहीं पहुंच सकी। फीबी मोलकेन्बोर और स्टेयर कैलिस के सस्ते में आउट होने के बाद कप्तान बैबेट डी लीड और रॉबिन रिज्क भी क्रीज पर ज्यादा देर नहीं टिक सकीं।

    भारत की इस ऐतिहासिक जीत में गेंदबाजों की भूमिका बेहद अहम रही। युवा सनसनी श्री चरणी ने अपनी फिरकी का जादू बिखेरते हुए नीदरलैंड के चार बल्लेबाजों को आउट कर डच बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। बल्लेबाजी में कमाल दिखाने वाली शेफाली वर्मा ने गेंद से भी अपना हुनर दिखाया और शानदार गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट अपने नाम किए। इसके अलावा नंदनी शर्मा को दो और अनुभवी स्पिनर दीप्ति शर्मा को एक सफलता मिली। पाकिस्तान को हराने के बाद नीदरलैंड पर मिली इस धमाकेदार जीत से भारतीय महिला टीम का आत्मविश्वास शीर्ष पर है और उसने टूर्नामेंट में अपनी स्थिति बेहद मजबूत कर ली है।

  • अपमान किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं', सोशल मीडिया पर छवि धूमिल करने के खिलाफ थाने पहुंचे पूर्व कप्तान सौरव गांगुली

    अपमान किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं', सोशल मीडिया पर छवि धूमिल करने के खिलाफ थाने पहुंचे पूर्व कप्तान सौरव गांगुली

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व अध्यक्ष सौरव गांगुली ने अपनी सामाजिक व पेशेवर प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाए जाने के खिलाफ सख्त कानूनी रुख अख्तियार कर लिया है। सोशल मीडिया पर लगातार उनके खिलाफ की जा रही अपमानजनक और भ्रामक टिप्पणियों से आहत होकर पूर्व दिग्गज क्रिकेटर ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया है। सौरव गांगुली ने कोलकाता के ठाकुरपुकुर थाने में इस संबंध में एक औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज कराई है। अपनी शिकायत में उन्होंने स्पष्ट तौर पर आरोप लगाया है कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा इंटरनेट मीडिया पर उनके खिलाफ बेहद आपत्तिजनक, भ्रामक और मानहानिकारक कंटेंट फैलाकर आम जनता के बीच उनकी साफ-सुथरी साख को धूमिल करने की गहरी साजिश रची जा रही है।

    पूर्व कप्तान द्वारा पुलिस को सौंपी गई शिकायत में मुख्य रूप से ‘सौरव गांगुली फैंस’ (Sourav Ganguly Fans) नाम के एक बेहद लोकप्रिय फेसबुक पेज का विशेष उल्लेख किया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस फेसबुक पेज पर वर्तमान में ३६ लाख से भी अधिक फॉलोअर्स जुड़े हुए हैं और इस मंच के संचालक इसे सौरव गांगुली का आधिकारिक फैन पेज होने का दावा करते हैं। शिकायत पत्र के मुताबिक, इसी बड़े मंच का दुरुपयोग करते हुए पिछले कुछ समय से लगातार ऐसे पोस्ट पब्लिश किए जा रहे हैं, जो आम लोगों के बीच गांगुली की छवि को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर रहे हैं। गांगुली ने अपनी शिकायत के साथ इस फेसबुक पेज के लिंक्स, कुछ स्क्रीनशॉट्स और इससे जुड़ी एक खेल वेबसाइट की अहम जानकारियां भी साक्ष्य के तौर पर पुलिस प्रशासन से साझा की हैं।

    सार्वजनिक जीवन में आलोचना और व्यक्तिगत मानहानि के बीच के अंतर को स्पष्ट करते हुए सौरव गांगुली ने अपने आवेदन में बेहद गंभीर बातें कही हैं। उन्होंने साफ शब्दों में लिखा है कि एक पब्लिक फिगर होने के नाते वह इस बात को अच्छी तरह समझते हैं कि लोगों की अलग-अलग राय होना और आलोचनाएं मिलना सार्वजनिक जीवन का ही एक स्वाभाविक हिस्सा होता है। लेकिन, किसी की प्रतिष्ठा को जानबूझकर ठेस पहुंचाने के इरादे से झूठी, अपमानजनक और दुर्भावनापूर्ण बातें फैलाना किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकता। गांगुली ने जोर देकर कहा है कि अपनी साख की रक्षा के लिए और इस तरह की भ्रामक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए आरोपियों के खिलाफ तत्काल और कड़ी कानूनी कार्रवाई किया जाना बेहद अनिवार्य हो गया है।

    इस हाई-प्रोफाइल मामले पर कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष की तरफ से शिकायत मिलने की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। पुलिस प्रशासन के मुताबिक, गांगुली की लिखित अर्जी के आधार पर संबंधित फेसबुक पेज के एडमिन और उससे जुड़े संदिग्धों के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और साइबर सेल की मदद से पूरे मामले की गहनता से तकनीकी जांच की जा रही है। इस कानूनी विवाद के बीच, हाल ही में राजनीतिक गलियारों में उड़े एक बड़े बवंडर पर भी सौरव गांगुली ने अपनी चुप्पी तोड़ी है, जिसमें दावा किया जा रहा था कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गांगुली के जरिए सांसद यूसुफ पठान को इस्तीफा देने का संदेश भिजवाया था।

    इस पूरे सियासी विवाद को पूरी तरह से सिरे से खारिज करते हुए सौरव गांगुली और सांसद यूसुफ पठान दोनों ने ही इसे पूरी तरह से काल्पनिक, फर्जी और मनगढ़ंत करार दिया है। पूर्व कप्तान ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री की तरफ से उन्हें ऐसा कोई भी संदेश देने के लिए कभी नहीं कहा गया और न ही उनकी इस विषय पर यूसुफ पठान से कोई बातचीत हुई है। फिलहाल, पुलिस इस पूरे घटनाक्रम और सोशल मीडिया पेज के जरिए फैलाई जा रही नकारात्मकता के पीछे छिपे वास्तविक चेहरों की पहचान करने में जुट गई है, ताकि इस प्रतिष्ठित खिलाड़ी की मानहानि करने वालों को कानून के कटघरे में खड़ा किया जा सके।

  • दीप्ति शर्मा के 'पंजे' और मंधाना के अर्धशतक से उड़ी पाकिस्तानी टीम, भारतीय महिला टीम की ऐतिहासिक और एकतरफा जीत

    दीप्ति शर्मा के 'पंजे' और मंधाना के अर्धशतक से उड़ी पाकिस्तानी टीम, भारतीय महिला टीम की ऐतिहासिक और एकतरफा जीत

    नई दिल्ली। आईसीसी विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपने अभियान की शुरुआत धमाकेदार अंदाज में की है। बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेले गए इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में कप्तान हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में भारतीय टीम ने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 64 रनों के बड़े अंतर से पराजित किया। इस एकतरफा जीत के साथ ही भारत ने टूर्नामेंट में अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर दी है। मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में पाकिस्तान के सामने 171 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा था, जिसके जवाब में पाकिस्तानी टीम महज 106 रनों पर ढेर हो गई।

    भारतीय टीम की इस शानदार और ऐतिहासिक जीत में सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना और स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने मुख्य भूमिका निभाई। स्मृति मंधाना ने पाकिस्तानी गेंदबाजों की जमकर खबर लेते हुए 44 गेंदों पर 68 रनों की बेहद प्रभावशाली पारी खेली, जिसमें नौ आकर्षक चौके और दो गगनचुंबी छक्के शामिल रहे। मध्यक्रम में कप्तान हरमनप्रीत कौर ने सूझबूझ का परिचय देते हुए 36 रन बनाए, जबकि अंतिम ओवरों में विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने महज 17 गेंदों पर ताबड़तोड़ 34 रन कूटकर भारतीय टीम के स्कोर को एक सम्मानजनक और मजबूत स्थिति तक पहुंचाया। पाकिस्तान की ओर से कप्तान फातिमा सना और सादिया इकबाल ने जरूर कुछ सफलताएं हासिल कीं, लेकिन वे भारतीय बल्लेबाजों पर अंकुश लगाने में नाकाम रहीं।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और भारतीय गेंदबाजों के सटीक आक्रमण के सामने उनकी बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। पाकिस्तान की तरफ से केवल सलामी बल्लेबाज मुनीबा अली ही भारतीय गेंदबाजों का डटकर सामना कर सकीं, जिन्होंने 35 गेंदों में 41 रनों का योगदान दिया। उनके अलावा आलिया रियाज ने 18 रन, गुल फिरोजा और आयशा जफर ने 12-12 रन बनाए। टीम की बाकी सात बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी छूने में पूरी तरह नाकाम रहीं और पूरी टीम 17 ओवरों में ही पवेलियन लौट गई।

    भारत की इस ऐतिहासिक गेंदबाजी प्रदर्शन की कमान दीप्ति शर्मा के हाथों में रही, जिन्होंने अपनी फिरकी के जाल में पाकिस्तानी बल्लेबाजों को ऐसा उलझाया कि उन्होंने अकेले ही 5 विकेट चटकाकर विपक्षी टीम की कमर तोड़ दी। दीप्ति के इस घातक स्पेल के अलावा श्री चरणी ने बेहतरीन लाइन-लेंथ से गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट अपने नाम किए, जबकि सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने भी पार्ट-टाइम स्पिनर के तौर पर 1 विकेट हासिल किया। इस मैच की खास बात यह रही कि पाकिस्तानी टीम के कुल 9 विकेट भारतीय स्पिन गेंदबाजों के खाते में गए, जबकि एक बल्लेबाज मुनीबा अली रन आउट होकर पवेलियन लौटीं।

    इस शानदार जीत के बाद भारतीय महिला टीम का मनोबल सातवें आसमान पर है और टीम अब अपने अगले मुकाबले में 17 जून को नीदरलैंड्स का सामना करने के लिए मैदान पर उतरेगी। भारतीय टीम आज तक विमेंस टी20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम नहीं कर सकी है, जहां उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन साल 2020 में उपविजेता के रूप में रहा था। इस बार हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय टीम का एकमात्र लक्ष्य पहली बार विश्व विजेता बनकर इतिहास रचना है, जिसकी शुरुआत उन्होंने चिर-प्रतिद्वंद्वी पर एकतरफा जीत दर्ज करके कर दी है।

  • श्रीलंका दौरे के लिए घोषित हुई जूनियर टीम इंडिया, विकेटकीपर-बल्लेबाज अन्वय द्रविड़ को मिली जगह

    श्रीलंका दौरे के लिए घोषित हुई जूनियर टीम इंडिया, विकेटकीपर-बल्लेबाज अन्वय द्रविड़ को मिली जगह

    नई दिल्ली ।  भारतीय क्रिकेट के इतिहास में ‘द वॉल’ के नाम से मशहूर पूर्व महान कप्तान राहुल द्रविड़ के परिवार से एक और प्रतिभावान खिलाड़ी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी दस्तक दे दी है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की जूनियर चयन समिति ने अगले महीने से शुरू होने वाले श्रीलंका दौरे के लिए भारत की पुरुष अंडर-19 टीम का आधिकारिक तौर पर एलान कर दिया है। इस घोषित टीम में राहुल द्रविड़ के छोटे बेटे अन्वय द्रविड़ को पहली बार भारतीय अंडर-19 वनडे टीम में शामिल किया गया है। 17 वर्षीय युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज को घरेलू क्रिकेट के आयु वर्ग में लगातार बेहतरीन खेल दिखाने का यह सबसे बड़ा पुरस्कार मिला है।

    शरत श्रीधरन की अगुवाई वाली जूनियर राष्ट्रीय चयन समिति ने श्रीलंका के खिलाफ होने वाली तीन वनडे मैचों की सीरीज और दो मल्टी-डे मुकाबलों के लिए दो अलग-अलग टीमों का चयन किया है। आगामी दौरा 4 जुलाई 2026 से श्रीलंका के हंबनटोटा मैदान पर शुरू होने जा रहा है। मध्य प्रदेश क्रिकेट संघ से जुड़े होनहार खिलाड़ी यशवर्धन सिंह चौहान को चयनकर्ताओं ने इस महत्वपूर्ण दौरे के लिए वनडे टीम की कप्तानी सौंपकर उन पर बड़ा भरोसा जताया है, जबकि लक्ष्य रायचंदानी को टीम का उपकप्तान नियुक्त किया गया है। राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की नजरें इस दौरे के माध्यम से युवा खिलाड़ियों की क्षमता को परखने पर टिकी हैं।

    अन्वय द्रविड़ को मुख्य रूप से 15 सदस्यीय वनडे टीम में बतौर विकेटकीपर-बल्लेबाज शामिल किया गया है, जहां उनके साथ रजत बघेल दूसरे विकेटकीपर के विकल्प के रूप में मौजूद रहेंगे। अन्वय के बड़े भाई समित द्रविड़ भी कर्नाटक की अंडर-19 टीम की तरफ से घरेलू क्रिकेट खेल चुके हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर जूनियर टीम इंडिया की नीली जर्सी पहनने का मौका पाने वाले अन्वय अपने परिवार के पहले युवा सदस्य बन गए हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी रूप से सक्षम इस युवा खिलाड़ी में अपने पिता की तरह लंबी और धैर्यपूर्ण पारियां खेलने की अद्भुत क्षमता मौजूद है।

    घरेलू स्तर पर अन्वय द्रविड़ के हालिया आंकड़ों पर नजर डालें तो वे लगातार चयनकर्ताओं के रडार पर बने हुए थे। हाल ही में आयोजित हुई वीनू मांकड़ ट्रॉफी में उन्होंने कर्नाटक अंडर-19 टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी संभालते हुए टीम को क्वार्टर फाइनल तक पहुंचाने में मुख्य भूमिका अदा की थी। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की छह पारियों में शानदार बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने 220 रन बनाए थे। टूर्नामेंट के दौरान हिमाचल प्रदेश के खिलाफ एक बेहद दबाव वाले मैच की दूसरी पारी में उन्होंने नाबाद 82 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली थी, जिसने राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर मजबूती से आकर्षित किया था। इससे पूर्व वे अंडर-16 विजय मर्चेंट ट्रॉफी में भी शानदार शतक जमा चुके हैं।

    भारतीय क्रिकेट बोर्ड के राष्ट्रीय चयनकर्ता इस आगामी श्रीलंका दौरे को वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले अंडर-19 विश्व कप की तैयारियों के शुरुआती रोडमैप के रूप में देख रहे हैं। चूंकि अन्वय द्रविड़ की उम्र वर्तमान में केवल 17 वर्ष है, इसलिए वे दो साल बाद होने वाले अगले आईसीसी अंडर-19 विश्व कप में खेलने के लिए पूरी तरह पात्र रहेंगे। ऐसे में श्रीलंका की चुनौतीपूर्ण पिचों और उपमहाद्वीपीय परिस्थितियों में मिलने वाला यह अंतर्राष्ट्रीय अनुभव उनके क्रिकेट कौशल को और अधिक निखारने में बेहद गेम-चेंजर साबित हो सकता है। भारतीय जूनियर टीम जून के अंतिम सप्ताह में पड़ोसी देश श्रीलंका के लिए उड़ान भरेगी।

    प्रतियोगिता के तय कार्यक्रम के अनुसार, भारत और श्रीलंका के बीच पहला वनडे मैच 4 जुलाई को हंबनटोटा में खेला जाएगा, जिसके बाद दूसरा और तीसरा वनडे क्रमशः 6 और 9 जुलाई को इसी मैदान पर आयोजित होगा। सीमित ओवरों की यह सीरीज समाप्त होने के बाद दोनों देशों के बीच गॉल और कोलंबो के ऐतिहासिक मैदानों पर चार दिवसीय मल्टी-डे मैच खेले जाएंगे। भारतीय क्रिकेट के फैंस के साथ-साथ तमाम विश्लेषकों की निगाहें अब यशवर्धन सिंह चौहान की कप्तानी और विकेट के पीछे तथा आगे अन्वय द्रविड़ के प्रदर्शन पर टिकी रहने वाली हैं।

  • श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय महिला अंडर-19 टीम का ऐलान, भाविका अहिरे को सौंपी गई कप्तानी

    श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय महिला अंडर-19 टीम का ऐलान, भाविका अहिरे को सौंपी गई कप्तानी


    नई दिल्ली।भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने श्रीलंका के खिलाफ प्रस्तावित अंडर-19 महिला टी20 और वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीमों की घोषणा कर दी है। आगामी सीरीज के लिए युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज भाविका अहिरे को दोनों प्रारूपों में टीम की कप्तानी सौंपी गई है। वहीं, महाक नरवासे को उपकप्तान की जिम्मेदारी दी गई है।

    यह सीरीज भारतीय महिला क्रिकेट के उभरते सितारों के लिए अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण मंच साबित हो सकती है। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय महिला क्रिकेट की जूनियर संरचना ने कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को तैयार किया है, जिन्होंने आगे चलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। ऐसे में श्रीलंका के खिलाफ यह दौरा खिलाड़ियों के विकास और चयनकर्ताओं के मूल्यांकन की दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है।

    चयनकर्ताओं ने टी20 और वनडे दोनों टीमों में कई खिलाड़ियों पर भरोसा कायम रखा है। ईरा जाधव, ईश्वरी अवसरे, पूर्वा सिवाच, कुमारी पालक, काश्वी कंडीकुप्पा, गौरी गोयल, जान्हवी वीरकर और अनादि तागड़े जैसे खिलाड़ियों को दोनों प्रारूपों में मौका मिला है। इससे टीम में संतुलन और निरंतरता बनाए रखने का प्रयास दिखाई देता है।

    बीसीसीआई का मानना है कि इस तरह की अंतरराष्ट्रीय सीरीज युवा खिलाड़ियों को बड़े मंच पर खेलने का अनुभव देती हैं। साथ ही उन्हें दबाव में प्रदर्शन करने और प्रतिस्पर्धी क्रिकेट की चुनौतियों को समझने का अवसर भी मिलता है। आगामी अंडर-19 महिला विश्व कप और भविष्य की सीनियर भारतीय टीम को ध्यान में रखते हुए यह सीरीज चयनकर्ताओं के लिए भी महत्वपूर्ण होगी।

    टी20 टीम में कप्तान भाविका अहिरे के अलावा ईरा जाधव, तनिष्का शर्मा, ईश्वरी अवसरे, अवनी चावड़ा, महतो निधि, पूर्वा सिवाच, कुमारी पालक, महाक नरवासे, काश्वी कंडीकुप्पा, मनियार मैत्री, गौरी गोयल, जान्हवी वीरकर, अनादि तागड़े और के दीक्षा को शामिल किया गया है।

    वहीं वनडे टीम में भाविका अहिरे, ईरा जाधव, दीया यादव, ईश्वरी अवसरे, वी प्रतीक्षा, महतो निधि, पूर्वा सिवाच, कुमारी पालक, महाक नरवासे, काश्वी कंडीकुप्पा, विधि परमार, गौरी गोयल, जान्हवी वीरकर, अनादि तागड़े और के दीक्षा को जगह मिली है।

    टी20 सीरीज के सभी मुकाबले चेन्नई में खेले जाएंगे। पहला टी20 22 जून, दूसरा 24 जून और तीसरा मुकाबला 27 जून को आयोजित होगा। इसके बाद दोनों टीमों के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज पुडुचेरी में खेली जाएगी। वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 30 जून, दूसरा 3 जुलाई और तीसरा 6 जुलाई को होगा।

    क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यह सीरीज भारतीय महिला क्रिकेट के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। युवा खिलाड़ियों के पास अपनी प्रतिभा साबित करने और राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित करने का सुनहरा अवसर होगा।