Tag: BCCI

  • रोहित–विराट के बाद संकट में वनडे क्रिकेट, अश्विन–इरफान ने ICC और BCCI को चेताया

    रोहित–विराट के बाद संकट में वनडे क्रिकेट, अश्विन–इरफान ने ICC और BCCI को चेताया


    नई दिल्ली । वनडे क्रिकेट का भविष्य एक बार फिर गंभीर चर्चा के केंद्र में आ गया है। भारत के दो सबसे बड़े सितारे रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों के संभावित संन्यास को देखते हुए पूर्व क्रिकेटरों ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते बड़े फैसले नहीं लिए गए तो यह फॉर्मेट आने वाले वर्षों में अपनी प्रासंगिकता खो सकता है। खासतौर पर 2027 वनडे विश्व कप के बाद वनडे क्रिकेट का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है।

    पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन और पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ICC और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड BCCI को साफ शब्दों में आगाह किया है कि मौजूदा ढांचे के साथ वनडे क्रिकेट को बचाना मुश्किल होगा। दोनों का मानना है कि द्विपक्षीय सीरीज की घटती अहमियत और टूर्नामेंट्स की अधिकता ने इस फॉर्मेट की चमक फीकी कर दी है।कोविड-19 महामारी के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैलेंडर में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पहले जहां पांच मैचों की वनडे सीरीज आम बात हुआ करती थीं, वहीं अब ज्यादातर टीमें केवल तीन मैचों की औपचारिक सीरीज खेलती नजर आती हैं। कई देशों के लिए वनडे क्रिकेट अब सिर्फ विश्व कप तक सीमित होता जा रहा है, जबकि टी20 क्रिकेट और फ्रेंचाइज़ी लीग्स ने दर्शकों का बड़ा हिस्सा अपनी ओर खींच लिया है।

    अश्विन ने हाल ही में अपने यूट्यूब चैनल ऐश की बात में इस मुद्दे पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि अगर रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे बड़े नाम वनडे क्रिकेट से हटते हैं तो दर्शकों की दिलचस्पी और तेजी से कम हो सकती है। अश्विन ने घरेलू क्रिकेट का उदाहरण देते हुए बताया कि विजय हजारे ट्रॉफी को आमतौर पर सीमित दर्शक ही देखते हैं, लेकिन जब रोहित और विराट इस टूर्नामेंट में खेले, तो स्टेडियमों में भारी भीड़ देखने को मिली।उनके मुताबिक, यह साफ संकेत है कि मौजूदा दौर में वनडे क्रिकेट काफी हद तक स्टार खिलाड़ियों पर निर्भर है। अगर बड़े चेहरे नहीं होंगे, तो दर्शकों को आकर्षित करना और भी मुश्किल हो जाएगा। अश्विन ने ICC के मौजूदा टूर्नामेंट मॉडल पर भी सवाल उठाए। उनका मानना है कि साल भर में लगातार अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट कराने से फैंस में थकान पैदा हो रही है और हर इवेंट की अहमियत कम होती जा रही है।

    अश्विन ने सुझाव दिया कि ICC को फुटबॉल की तर्ज पर वनडे विश्व कप को चार साल में सिर्फ एक बार आयोजित करना चाहिए ताकि इस टूर्नामेंट की प्रतिष्ठा और रोमांच बना रहे। उनका कहना है कि जब कोई इवेंट दुर्लभ होता है तो उसकी वैल्यू अपने आप बढ़ जाती है।वहीं इरफान पठान ने भी वनडे क्रिकेट के गिरते ग्राफ पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय सीरीज अब दर्शकों को रोमांचित नहीं कर पा रही हैं। इरफान के अनुसार, अगर वनडे क्रिकेट को फिर से लोकप्रिय बनाना है, तो ट्राई सीरीज और क्वाड्रेंगुलर सीरीज जैसे फॉर्मेट्स को दोबारा शुरू करना होगा।

    इरफान का मानना है कि जब एक ही सीरीज में तीन या चार टीमें हिस्सा लेती हैं तो मुकाबलों की प्रतिस्पर्धा बढ़ती है और हर मैच का महत्व भी ज्यादा होता है। इससे दर्शकों की रुचि बनी रहती है और खिलाड़ियों को भी अलग-अलग परिस्थितियों में खेलने का मौका मिलता है।कुल मिलाकर अश्विन और इरफान दोनों इस बात पर सहमत हैं कि अगर ICC और BCCI ने समय रहते ठोस और साहसिक फैसले नहीं लिए तो वनडे क्रिकेट धीरे-धीरे हाशिए पर चला जाएगा। 50 ओवर का यह पारंपरिक फॉर्मेट कभी क्रिकेट की पहचान हुआ करता था, लेकिन बदलते दौर में इसे बचाने के लिए बड़े और दूरदर्शी बदलाव अब जरूरी हो गए हैं।

  • टीम इंडिया में बड़े बदलाव की आहट: न्यूजीलैंड वनडे सीरीज से ऋषभ पंत की छुट्टी तय, ईशान किशन की होगी 'तूफानी' वापसी!

    टीम इंडिया में बड़े बदलाव की आहट: न्यूजीलैंड वनडे सीरीज से ऋषभ पंत की छुट्टी तय, ईशान किशन की होगी 'तूफानी' वापसी!


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के घरेलू सत्र 2025-26 का समापन करीब है और इसी बीच टीम इंडिया के सामने न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीम की चुनौती है। भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आगाज 13 जनवरी से होने जा रहा है। हालांकिभारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड BCCI ने अभी तक आधिकारिक तौर पर स्क्वॉड का ऐलान नहीं किया हैलेकिन क्रिकेट गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत को वनडे टीम से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। उनकी जगह घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाने वाले विस्फोटक बल्लेबाज ईशान किशन की वापसी लगभग तय मानी जा रही है।

    ऋषभ पंत: मौके मिलेपर भुना नहीं पाए


    ऋषभ पंत के लिए पिछला कुछ समय वनडे क्रिकेट में संघर्षपूर्ण रहा है। पंत को हाल ही में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए स्क्वॉड में शामिल किया गया थालेकिन विडंबना यह रही कि उन्हें पूरी सीरीज के दौरान एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। पंत ने अपना आखिरी वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच 7 अगस्त 2024 को श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में खेला था। तब से वह छोटे फॉर्मेट में अपनी उस लय को नहीं पा सके हैं जिसके लिए वे जाने जाते हैं। चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के लिए अब पंत का ‘फॉर्म और बैलेंस’ चिंता का विषय बना हुआ हैजिसके चलते उन्हें इस सीरीज से ड्रॉप करने की तैयारी की जा रही है।

    ईशान किशन: घरेलू क्रिकेट में मचाया कोहराम


    दूसरी ओरईशान किशन ने अपने हालिया प्रदर्शन से चयनकर्ताओं के दरवाजे पर जोर-शोर से दस्तक दी है। ईशान किशन ने लगभग दो साल से भारत के लिए कोई वनडे मैच नहीं खेला है (आखिरी बार 11 अक्टूबर 2023बनाम अफगानिस्तान)। लेकिन पिछले कुछ महीनों में उनके बल्ले से निकले रनों ने सबको चौंका दिया है।ईशान ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बनकर अपनी टीम झारखंड को पहला खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी आक्रामकता यहीं नहीं रुकी; विजय हजारे ट्रॉफी में 24 दिसंबर को कर्नाटक के खिलाफ उन्होंने महज 33 गेंदों में शतक जड़कर इतिहास रच दिया। यह किसी भी भारतीय द्वारा लिस्ट ए क्रिकेट में दूसरा सबसे तेज शतक है। उनके इसी प्रचंड फॉर्म के कारण उन्हें पहले ही न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली 5 मैचों की टी20 सीरीज के लिए चुना जा चुका है।

    रणनीतिक बदलाव और किशन की उपयोगिता


    ईशान किशन के आने से टीम इंडिया को थ्री-इन-वन विकल्प मिलता है। किशन न केवल केएल राहुल के लिए एक मजबूत बैकअप विकेटकीपर साबित होंगेबल्कि वह एक बेहतरीन बैकअप ओपनर की भूमिका भी निभा सकते हैं। साथ हीमिडिल ऑर्डर में तेजी से रन बनाने की उनकी काबिलियत टीम को मध्यक्रम में वह लचीलापन Flexibility प्रदान करती हैजिसकी तलाश कप्तान और कोच को काफी समय से है।बीसीसीआई से जुड़े सूत्रों का कहना है कि टीम मैनेजमेंट अब 2025-26 के आगामी घरेलू असाइनमेंट को ध्यान में रखते हुए टीम में संतुलन बनाना चाहता है। ईशान किशन का बाएं हाथ का बल्लेबाज होना और टॉप से लेकर मिडिल ऑर्डर तक कहीं भी फिट हो जानाउनके पक्ष में सबसे बड़ा तर्क है।

    कब होगा टीम का ऐलान?


    इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसारचयन समिति इस हफ्ते के अंत तक न्यूजीलैंड सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान कर सकती है। इस सीरीज को चैंपियंस ट्रॉफी और आगामी महत्वपूर्ण टूर्नामेंटों की तैयारी के तौर पर भी देखा जा रहा है। यदि ईशान किशन को मौका मिलता हैतो यह उनके वनडे करियर को दोबारा पटरी पर लाने का सुनहरा अवसर होगा। वहींऋषभ पंत के लिए यह एक संकेत होगा कि उन्हें अपनी फॉर्म और फिटनेस पर दोबारा काम करने की जरूरत है।क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें अब बीसीसीआई के आधिकारिक ऐलान पर टिकी हैंजो यह तय करेगा कि क्या युवा जोश ईशान अनुभवी फिनिशर पंत पर भारी पड़ेगा।
  • अंगकृष रघुवंशी को अस्पताल से मिली छुट्टीविजय हजारे ट्रॉफी मैच में सिर और कंधे में लगी चोट

    अंगकृष रघुवंशी को अस्पताल से मिली छुट्टीविजय हजारे ट्रॉफी मैच में सिर और कंधे में लगी चोट


    नई दिल्ली । मुंबई के सलामी बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी को विजय हजारे ट्रॉफी के दौरान सिर और कंधे में गंभीर चोट लगने के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। शुक्रवार को उत्तराखंड के खिलाफ खेले गए मैच में रघुवंशी ने एक मुश्किल कैच लपकने की कोशिश कीलेकिन इस दौरान वह गिर पड़े और उनके सिर और कंधे में चोट लग गई।

    यह घटना पारी के 30वें ओवर में हुईजब ऑफ स्पिनर तनुष कोटियान गेंदबाजी कर रहे थे। सौरभ रावत ने स्लॉग-स्वीप खेलते हुए डीप मिडविकेट पर खड़े रघुवंशी की दिशा में गेंद मारी। रघुवंशी ने एक हाथ से गेंद को लपकने की कोशिश कीलेकिन यह प्रयास विफल रहा और वह गिर पड़े। इस गिरावट के दौरान उनके कंधे में चोट लगी और सिर जमीन से टकरायाजिससे उन्हें कनकशन सिर में चोटहो गया।

    चोट के बाद रघुवंशी कुछ सेकंड के लिए घुटनों के बल बैठेफिर जमीन पर लेट गए। तुरंत मुंबई के फिजियो मैदान पर पहुंचे और चूंकि रघुवंशी अपने पैरों पर खड़े नहीं हो पा रहे थेतो स्ट्रेचर मंगवाया गया। उन्हें पास के एसडीएमएच अस्पताल ले जाया गयाजहां उनके सिर और गर्दन का सीटी स्कैन किया गया। रिपोर्ट्स में कोई गंभीर चोट नहीं पाई गई और अंगकृष को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। उन्हें बीसीसीआई के ‘कनकशन प्रोटोकॉल’ के तहत कुछ दिनों का आराम करने की सलाह दी गई है।

    विजय हजारे ट्रॉफी में मुंबई ने उत्तराखंड को 51 रनों से हराया। मुंबई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 331 रन बनाएजिसमें हार्दिक तमोरे ने 93 रनसरफराज खान ने 55 रन और मुशीर खान ने 55 रन बनाए। मुशीर ने गेंदबाजी में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 57 रन पर दो विकेट लिए। उत्तराखंड की टीम युवराज चौधरी की 96 रनों की आक्रामक पारी के बावजूद 280 रन ही बना सकी। अंगकृष रघुवंशी की चोट के बाद क्रिकेट प्रेमी उनके जल्दी ठीक होने की कामना कर रहे हैं।

  • श्रेयस अय्यर की टीम इंडिया में वापसी की तैयारी, नेट में दिखाए जोरदार शॉट्स; मेडिकल टीम की निगरानी में फिटनेस पर काम

    श्रेयस अय्यर की टीम इंडिया में वापसी की तैयारी, नेट में दिखाए जोरदार शॉट्स; मेडिकल टीम की निगरानी में फिटनेस पर काम

    नई दिल्ली। भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज और वनडे उपकप्तान श्रेयस अय्यर अब टीम में वापसी की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे में स्प्लीन (प्लीहा) में चोट लगने के बाद लंबे समय तक बाहर रहने वाले अय्यर ने बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में नेट प्रैक्टिस शुरू कर दी है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपनी फिटनेस की तस्वीरें साझा की हैं, जिसमें वह पूरी तरह तैयार और उत्साही नजर आ रहे हैं।

    अय्यर फिलहाल बीसीसीआई की मेडिकल टीम की निगरानी में अभ्यास कर रहे हैं और चोट लगी जगह पर सुरक्षात्मक गियर पहनकर हल्का अभ्यास कर रहे हैं।

    रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने घर के पास अल्ट्रासाउंड स्कैन करवाया था, जिसे खेल चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. दिनशॉ परदीवाला ने देखा। जांच में सुधार के संकेत मिले हैं और उन्हें बेसिक आइसोमेट्रिक एक्सरसाइज के साथ डेली रूटीन शुरू करने की अनुमति दी गई है।

    हालांकि, उनकी रिकवरी की गति को देखते हुए न्यूजीलैंड के खिलाफ 11 जनवरी से होने वाली तीन वनडे मैचों की सीरीज में अय्यर के खेलने की संभावना कम है। बीसीसीआई की सह-कार्य समिति की अनुमति के बाद ही उन्हें विजय हजारे ट्रॉफी में खेलने की मंजूरी दी जाएगी।

    अय्यर फिलहाल सिर्फ वनडे टीम के हिस्सा हैं और टेस्ट तथा टी-20 टीम में शामिल नहीं हैं। चोट के दौरान उनकी जगह ऋतुराज गायकवाड़ को टीम में मौका मिला था।

    नेट में अभ्यास के दौरान अय्यर ने हल्के-फुल्के शॉट्स खेलते हुए अपनी तैयारियों का इशारा दिया और फिटनेस पर काम जारी रखा। फैंस और विशेषज्ञों की नजरें अब उनकी पूरी तरह से ठीक होने और टीम में वापसी पर टिकी हैं।

  • BCCI हुआ मालामाल…, इस साल रिकॉर्ड 3,358 करोड़ रुपये का हुआ शुद्ध मुनाफा

    BCCI हुआ मालामाल…, इस साल रिकॉर्ड 3,358 करोड़ रुपये का हुआ शुद्ध मुनाफा


    नई दिल्ली।
    ड्रीम11 (Dream11) द्वारा स्पॉन्सरशिप वापस लेने और इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) (International Cricket Council – ICC) के शेयर में कमी के बावजूद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (Board of Control for Cricket in India) की वित्तीय स्थिति मजबूत बनी रही। एपेक्स काउंसिल को सौंपे गए एक नोट के अनुसार, बीसीसीआई ने एडिडास के साथ एक अलग स्पॉन्सरशिप डील के जरिए कमी पूरी की है। बाद में इसने अपोलो टायर्स के साथ भी करार किया।

    क्रिकबज़ द्वारा देखे गए नोट में कहा गया है, “ड्रीम11 और हाल के कानूनी बदलावों से प्रभावित अन्य संस्थाओं जैसे स्पॉन्सर के हटने के बावजूद, बीसीसीआई ने सफलतापूर्वक अगले ढाई साल के लिए ज्यादा वैल्यूएशन पर एक नई जर्सी स्पॉन्सरशिप हासिल की है।” अगस्त में, भारत सरकार द्वारा ऑनलाइन गेमिंग अधिनियम 2025 पारित करने के बाद ड्रीम11 ने 358 करोड़ रुपये की अपनी स्पॉन्सरशिप डील वापस ले ली थी, जिसने रियल-मनी गेमिंग पर प्रतिबंध लगा दिया था, जो ड्रीम11 का मुख्य व्यवसाय था।

    पूर्व कोषाध्यक्ष और वर्तमान संयुक्त सचिव प्रभातेज सिंह भाटिया ने सितंबर में वित्तीय वर्ष 2025-2026 के लिए मसौदा बजट के साथ-साथ वित्तीय वर्ष 2024-2025 के ऑडिट किए गए खाते प्रस्तुत किए थे। प्रेजेंटेशन में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-2026 के लिए कुल अनुमानित आय 8,963 करोड़ रुपये थी।

    राजस्व अनुमान पिछले वर्ष की तुलना में गिरावट को दर्शाता है, मुख्य रूप से आईसीसी आयोजनों से कम हिस्सेदारी के कारण। नोट में आगे कहा गया है, “वर्ष के लिए अनुमानित ब्याज आय 1,500 करोड़ रुपये थी, जो पिछले आंकड़े 1,368 करोड़ रुपये से काफी ज्यादा है, जो मजबूत ट्रेजरी प्रबंधन और बोर्ड की समग्र स्वस्थ वित्तीय स्थिति के कारण है।” हालांकि, एपेक्स काउंसिल के नोट में आईसीसी शेयर में कमी की मात्रा का विवरण नहीं दिया गया है। बीसीसीआई को आईसीसी की इनकम का 38.5 प्रतिशत हिस्सा मिलता है।

    एपेक्स काउंसिल को यह भी बताया गया कि बीसीसीआई का जनरल फंड काफी बढ़ गया है, जो 7,988 करोड़ रुपये से बढ़कर 11,346 करोड़ रुपये हो गया है, जिससे वित्तीय वर्ष 2024-2025 में 3,358 करोड़ रुपये का सरप्लस हुआ है – यह बढ़ोतरी अच्छे फाइनेंशियल मैनेजमेंट और मजबूत रेवेन्यू सोर्स के कारण हुई है। भाटिया ने आगे बताया कि बजट में 6,728 करोड़ रुपये के अनुमानित सरप्लस और इंफ्रास्ट्रक्चर सब्सिडी के लिए 500 करोड़ रुपये का आवंटन शामिल है, “जो पूरे देश में क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर को डेवलप करने पर बोर्ड के लगातार फोकस को दिखाता है।”

    उन्होंने यह भी कन्फर्म किया कि इनकम टैक्स देनदारियों के लिए 3,320 करोड़ रुपये , आकस्मिक खर्चों के लिए 1,000 करोड़ रुपये और लगभग 160 करोड़ रुपये के लंबित मुकदमेबाजी खर्चों के लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं।

  • BCCI ने बढ़ाई क्रिकेटरों की सैलरी घरेलू महिला खिलाड़ी और मैच अधिकारियों को मिलेगा बड़ा फायदा

    BCCI ने बढ़ाई क्रिकेटरों की सैलरी घरेलू महिला खिलाड़ी और मैच अधिकारियों को मिलेगा बड़ा फायदा


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट बोर्ड BCCI ने घरेलू महिला क्रिकेटरों और मैच अधिकारियों के लिए वेतन में भारी बढ़ोतरी की घोषणा की है जो भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक वनडे विश्व कप 2025 की जीत के बाद किया गया है। इस फैसले से महिला क्रिकेटरों के लिए बेहतर वित्तीय सुरक्षा और सम्मान का रास्ता खुलेगा साथ ही मैच अधिकारियों को भी इससे बड़ा लाभ मिलेगा। BCCI ने घरेलू महिला क्रिकेटरों के लिए वेतन संरचना को सुधारने और समान वेतन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब घरेलू महिला क्रिकेटरों को पहले की तुलना में दोगुना या उससे अधिक मैच फीस मिलेगा जो कि पहले 20000 रुपये रिजर्व खिलाड़ियों के लिए 10000 रुपये प्रति मैच दिन था।

    महिला क्रिकेटरों की बढ़ी हुई सैलरी

    संशोधित वेतन संरचना के तहत सीनियर महिला क्रिकेटरों को घरेलू टूर्नामेंटों में एक मैच दिन के लिए 50000 रुपये से 60000 रुपये तक मिलेगा। रिजर्व खिलाड़ियों को 25000 रुपये प्रतिदिन मिलेंगे। इस प्रकार यह वेतन वृद्धि एक बड़ी राहत और प्रेरणा का स्रोत बनेगी। राष्ट्रीय टी20 टूर्नामेंटों में एकादश में खेलने वाली खिलाड़ियों को प्रति मैच 25000 रुपये मिलेंगे जबकि रिजर्व खिलाड़ियों के लिए यह राशि 12500 रुपये होगी।बीसीसीआई के अधिकारियों का कहना है कि अगर एक महिला क्रिकेटर पूरे सत्र के दौरान सभी प्रारूपों में खेलती है तो उसे 12 लाख से 14 लाख रुपये तक मिल सकते हैं जो पहले के मुकाबले काफी अधिक है।

    जूनियर महिला क्रिकेटरों के लिए वेतन वृद्धि

    BCCI ने जूनियर महिला क्रिकेटरों के वेतन में भी वृद्धि की है। अब अंडर-23 और अंडर-19 श्रेणियों के खिलाड़ियों को प्रतिदिन 25000 रुपये का भुगतान किया जाएगा जबकि रिजर्व खिलाड़ियों को 12500 रुपये मिलेंगे। यह कदम जूनियर स्तर पर खिलाड़ियों को बेहतर वित्तीय अवसर देने और उनके खेल को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है।

    मैच अधिकारियों के लिए वेतन वृद्धि

    बीसीसीआई ने अंपायर और मैच रेफरी सहित मैच अधिकारियों के वेतन में भी इजाफा किया है। घरेलू टूर्नामेंटों के लीग मैचों के लिए अंपायरों और मैच रेफरी के लिए प्रस्तावित आय प्रतिदिन 40000 रुपये होगी। यह वेतन वृद्धि मैच अधिकारियों के लिए एक बड़ा फायदा साबित होगी और उनके योगदान को बेहतर तरीके से मान्यता दी जाएगी।

    BCCI के कदम की सराहना

    इस फैसले के बाद बीसीसीआई की प्रशंसा की जा रही है क्योंकि इसने महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने और उनके वेतन में सुधार करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। महिला क्रिकेटरों को समान वेतन और बेहतरवित्तीय अवसर देने से न केवल उनके प्रदर्शन में सुधार होगा बल्कि आने वाले समय में और अधिकप्रतिभाओं को आकर्षित भी करेगा। BCCI के इस कदम से यह साफ होता है कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड महिला क्रिकेट को लेकर गंभीर है और वे इसे वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख खेल बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।

    बीसीसीआई का यह कदम महिला क्रिकेट और खेल अधिकारियों के लिए एक नया अध्याय साबित हो सकता है। इस बढ़ी हुई वेतन संरचना से महिला क्रिकेटरों को बेहतर जीवन स्तर मिलेगा साथ ही वे अपनी क्रिकेट करियर को और अधिक गंभीरता से आगे बढ़ा सकेंगी। यह कदम न केवल भारतीय महिला क्रिकेट को मजबूत करेगा बल्कि वैश्विक स्तर पर भी भारतीय महिला क्रिकेट की पहचान बनाएगा।

  • मैच के बाद बिगड़ी यशस्वी जायसवाल की तबीयत, तेज पेट दर्द के चलते अस्पताल में भर्ती..

    मैच के बाद बिगड़ी यशस्वी जायसवाल की तबीयत, तेज पेट दर्द के चलते अस्पताल में भर्ती..

    नई दिल्ली/भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आई है। टीम इंडिया के उभरते सितारे और विस्फोटक सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। यह घटना सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के सुपर लीग मुकाबले के तुरंत बाद की है, जब जायसवाल मैदान पर अपनी जिम्मेदारी निभाने के बाद अचानक तेज पेट दर्द से जूझने लगे।

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुणे में खेले गए मुंबई बनाम राजस्थान के अहम मुकाबले के दौरान ही यशस्वी जायसवाल को पेट में ऐंठन की शिकायत महसूस होने लगी थी। हालांकि, टीम के लिए उनकी अहमियत को देखते हुए उन्होंने दर्द के बावजूद मैदान नहीं छोड़ा और मैच में हिस्सा लिया। मुकाबला समाप्त होने के कुछ घंटों बाद उनकी तबीयत और बिगड़ गई, जिसके चलते उन्हें तुरंत पिंपरी-चिंचवड़ स्थित आदित्य बिड़ला अस्पताल ले जाया गया।

    अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद बताया कि यशस्वी जायसवाल एक्यूट गैस्ट्रोएंटेराइटिस से पीड़ित हैं। यह पेट से जुड़ी एक समस्या है, जिसमें तेज दर्द, ऐंठन और कमजोरी जैसी शिकायतें होती हैं। डॉक्टरों ने एहतियात के तौर पर उनका अल्ट्रासाउंड USGऔर सीटी स्कैन कराया। इसके साथ ही उन्हें ड्रिप के जरिए जरूरी दवाइयां दी गईं और पूरी तरह आराम करने की सलाह दी गई।राहत की बात यह है कि फिलहाल जायसवाल की हालत स्थिर बताई जा रही है और वह डॉक्टरों की निगरानी में हैं। मेडिकल टीम का कहना है कि यदि उनकी तबीयत में सुधार जारी रहा, तो कुछ ही दिनों में उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है। हालांकि, पूरी तरह फिट होने के लिए उन्हें पर्याप्त आराम की जरूरत होगी।

    बीमारी के बावजूद जायसवाल का मैदान पर उतरना उनके जज्बे और प्रोफेशनलिज्म को दर्शाता है। राजस्थान के खिलाफ खेले गए इस मुकाबले में उन्होंने 217 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 16 गेंदों में 15 रन बनाए। यह मैच मुंबई की टीम ने तीन विकेट से अपने नाम किया। कप्तान अजिंक्य रहाणे की नाबाद 72 रनों की शानदार पारी और सरफराज खान की 22 गेंदों में 73 रनों की तूफानी बल्लेबाजी ने टीम को जीत दिलाई। हालांकि, इस जीत के बावजूद मुंबई की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई।यशस्वी जायसवाल की सेहत को लेकर फिलहाल BCCI की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। क्रिकेट फैंस और विशेषज्ञ अब बोर्ड के अपडेट का इंतजार कर रहे हैं। हालिया फॉर्म की बात करें तो जायसवाल शानदार लय में चल रहे हैं। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उन्होंने तीन मैचों में 145 रन बनाए हैं, जबकि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हालिया वनडे सीरीज में भी उनका प्रदर्शन काफी प्रभावशाली रहा था।

    अच्छी खबर यह है कि फिलहाल भारतीय टीम का कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय दौरा तुरंत नहीं है। यशस्वी जायसवाल इस समय T20I टीम का हिस्सा नहीं हैं, जिससे उन्हें पूरी तरह रिकवर होने का समय मिल सकता है। भारतीय टीम नए साल की शुरुआत 11 जनवरी से न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से करेगी। उम्मीद जताई जा रही है कि तब तक जायसवाल पूरी तरह फिट होकर एक बार फिर मैदान पर वापसी करेंगे और अपने बल्ले से फैंस को खुश करेंगे।

  • IPL 2026 मिनी ऑक्शन: विदेशी खिलाड़ियों पर 18 करोड़ की लिमिट, अबू धाबी में 16 दिसंबर को लगेगी बोली

    IPL 2026 मिनी ऑक्शन: विदेशी खिलाड़ियों पर 18 करोड़ की लिमिट, अबू धाबी में 16 दिसंबर को लगेगी बोली


    नई दिल्ली /इंडियन प्रीमियर लीग IPL 2026 के मिनी ऑक्शन को लेकर क्रिकेट फैंस के बीच उत्साह चरम पर है। यह मिनी ऑक्शन 16 दिसंबर 2025 को अबू धाबी में आयोजित किया जाएगा। इस बार ऑक्शन में कुल 359 खिलाड़ियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है, जिनमें से 77 खिलाड़ियों को 10 आईपीएल टीमें खरीद सकेंगी। इनमें 31 विदेशी खिलाड़ी भी शामिल हैं, जिन पर खासतौर पर सभी फ्रेंचाइजियों की नजर रहने वाली है। इस मिनी ऑक्शन की सबसे बड़ी खासियत आईपीएल का नया नियम है, जिसके तहत किसी भी विदेशी खिलाड़ी को अधिकतम 18 करोड़ रुपए से ज्यादा नहीं मिल सकेंगे, चाहे ऑक्शन में बोली कितनी भी ऊंची क्यों न चली जाए।

    क्या है Maximum Fee Rule?
    बीसीसीआई BCCI ने आईपीएल में वित्तीय संतुलन और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए Maximum Fee Rule लागू किया है। इस नियम के अनुसार, विदेशी खिलाड़ियों की अधिकतम कीमत दो मानकों में से कम राशि के आधार पर तय होती है-हाईएस्ट रिटेंशन स्लैबपिछले मेगा ऑक्शन में सबसे महंगे खिलाड़ी की कीमत आईपीएल 2026 के लिए हाईएस्ट रिटेंशन स्लैब 18 करोड़ रुपए तय किया गया है। वहीं, पिछले मेगा ऑक्शन में ऋषभ पंत 27 करोड़ रुपए में बिके थे। नियम के मुताबिक, इन दोनों में से कम राशि को अधिकतम सीमा माना जाता है। इसी वजह से इस बार विदेशी खिलाड़ियों के लिए 18 करोड़ रुपए की कैप लागू की गई है।

    ज्यादा बोली लगी तो पैसा कहां जाएगा?
    अगर कोई टीम किसी विदेशी खिलाड़ी पर, मान लीजिए, 20 करोड़ रुपए की बोली लगाती है, तो खिलाड़ी को सिर्फ 18 करोड़ रुपए ही मिलेंगे।बचे हुए 2 करोड़ रुपए सीधे BCCI के पास जाएंगे।
    बीसीसीआई ने साफ किया है कि यह अतिरिक्त राशि खिलाड़ियों के कल्याण, विकास और क्रिकेट से जुड़ी योजनाओं में इस्तेमाल की जाएगी। हालांकि, टीम के कुल पर्स बजट से पूरी 20 करोड़ रुपए की राशि घटा दी जाएगी। यानी टीम को आर्थिक नुकसान होगा, लेकिन खिलाड़ी को तय सीमा से ज्यादा पैसा नहीं मिलेगा।इस नियम का मकसद ऑक्शन में बेलगाम बोली को रोकना और लीग में आर्थिक संतुलन बनाए रखना है। मिनी ऑक्शन से पहले टीमों की स्थिति आईपीएल 2026 मिनी ऑक्शन से पहले कुछ टीमों के पास भारी भरकम बजट मौजूद है। कोलकाता नाइट राइडर्स KKR के पास सबसे ज्यादा 64.30 करोड़ रुपए बचे हैं। चेन्नई सुपर किंग्स CSK के पास 43.40 करोड़ रुपए का पर्स उपलब्ध है। इन दोनों टीमों के पास विदेशी और घरेलू दोनों तरह के खिलाड़ियों पर खुलकर बोली लगाने का मौका रहेगा। हालांकि विदेशी खिलाड़ियों के लिए 18 करोड़ की सीमा उनकी रणनीति को प्रभावित कर सकती है।

    रणनीति और रोमांच का संगम
    IPL 2026 का यह मिनी ऑक्शन सिर्फ खिलाड़ियों की खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह रणनीति, बजट मैनेजमेंट और दूरदर्शिता की भी परीक्षा होगा।टीमों को यह तय करना होगा कि वे सीमित स्लॉट्स में किस खिलाड़ी पर दांव लगाएं और कहां पैसा बचाकर संतुलित टीम बनाएं। बीसीसीआई का यह नया नियम लीग को लंबे समय तक स्थिर और प्रतिस्पर्धी बनाए रखने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इससे न सिर्फ टीमों के बीच बराबरी बनी रहेगी, बल्कि खिलाड़ियों के हितों की भी रक्षा होगी। मिनी ऑक्शन के बाद यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि कौन-सी टीम अपनी रणनीति में सफल रहती है, कौन-से विदेशी सितारे 18 करोड़ की लिमिट तक पहुंचते हैं और किस फ्रेंचाइजी की बोली सबसे ज्यादा चर्चा में रहती है।

  • रवींद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा का सनसनीखेज आरोप: भारतीय खिलाड़ियों पर विदेशों में ‘गलत काम’ करने का इल्जाम, क्रिकेट गलियारों में बवाल

    रवींद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा का सनसनीखेज आरोप: भारतीय खिलाड़ियों पर विदेशों में ‘गलत काम’ करने का इल्जाम, क्रिकेट गलियारों में बवाल


    नई दिल्ली/ भारतीय क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा की पत्नी और गुजरात की शिक्षा मंत्री रिवाबा जडेजा के हालिया बयान ने क्रिकेट गलियारों में हलचल मचा दी है। रिवाबा ने भारतीय खिलाड़ियों पर विदेशों में अनुचित व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और टीम इंडिया तथा BCCI पर दबाव बढ़ा सकता है।

    पति की तारीफ, अन्य खिलाड़ियों पर आरोप

    रिवाबा जडेजा ने अपने पति की तारीफ करते हुए कहा कि रवींद्र जडेजा को अंतरराष्ट्रीय मैचों और टूर्नामेंटों के लिए विदेशों में कई बार जाना पड़ता है, लेकिन उन्होंने कभी गलत आदतों या अनुचित काम में नहीं पड़ने दिया। वहीं, उन्होंने कहा कि कई भारतीय खिलाड़ी विदेशी दौरे पर अनुचित व्यवहार करते हैं।

    रिवाबा ने कहा:
    ऐसा नहीं है कि मेरे पति को किसी ने रोक-टोक किया है। वह भी चाहें तो कर सकते हैं, लेकिन उन्होंने जिम्मेदारी समझते हुए कभी गलत कदम नहीं उठाए।

    उन्होंने विशेष रूप से यह भी बताया कि उनके पति ने लंदन, दुबई, ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में खेलते हुए भी कभी व्यसन या अनुचित काम नहीं किया।

    आईपीएल 2026 में जडेजा का हाई-प्रोफाइल ट्रेड

    वहीं, क्रिकेट के मैदान पर भी रवींद्र जडेजा सुर्खियों में हैं। IPL 2026 के लिए चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने जडेजा को राजस्थान रॉयल्स (RR) के साथ ट्रेड किया है। इस हाई-प्रोफाइल ट्रेंड में RR ने अपने कप्तान संजू सैमसन को CSK को सौंपा और इंग्लैंड के ऑलराउंडर सैम करन को RR में शामिल किया।

    रवींद्र जडेजा ने साल 2008 में राजस्थान रॉयल्स के लिए IPL में पदार्पण किया था और अब वह एक बार फिर अपनी पुरानी फ्रेंचाइजी के लिए खेलते नजर आएंगे।

    प्रतिक्रिया और बहस

    रिवाबा जडेजा के बयान पर टीम इंडिया और BCCI की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, उनके आरोपों ने क्रिकेट जगत और सोशल मीडिया पर बहस तेज कर दी है। विशेषज्ञ और फैंस इस मुद्दे पर गहन चर्चा कर रहे हैं और इसे संभावित विवाद के रूप में देख रहे हैं।

    रिवाबा के आरोप न केवल जडेजा के फैंस के बीच चर्चा का विषय बने हैं, बल्कि पूरे क्रिकेट प्रेमियों के लिए भी यह एक बड़ा विवाद बन सकते हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा क्रिकेट गलियारों में लगातार सुर्खियों में रह सकता है।

  • गौतम गंभीर को पुराने साथी आकाश चोपड़ा की नसीहत-“इतनी लड़ाइयाँ मत लो, लोग गिरने का इंतज़ार करेंगे”

    गौतम गंभीर को पुराने साथी आकाश चोपड़ा की नसीहत-“इतनी लड़ाइयाँ मत लो, लोग गिरने का इंतज़ार करेंगे”


    नई दिल्ली । टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। अपने छोटे से कोचिंग कार्यकाल में ही वे कई विवादों में घिर चुके हैं। अब उनके पुराने साथी और पूर्व भारतीय ओपनर आकाश चोपड़ा ने गंभीर को सार्वजनिक मंचों पर टकराव से बचने की सलाह दी है।

    दिल्ली कैपिटल्स के मालिक पर टिप्पणी से बढ़ा विवाद

    हाल ही में गंभीर ने दिल्ली कैपिटल्स के मालिक पार्थ जिंदल पर बिना नाम लिए जवाब दिया था। जिंदल ने टीम के लिए स्प्लिट कोचिंग मॉडल अपनाने की बात कही थी। गंभीर ने इस सुझाव पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि “हर किसी को अपने डोमेन में रहना चाहिए।”

    भारत की साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज़ जीत के तुरंत बाद दिए गए इस बयान ने और बहस छेड़ दी-खासकर तब, जब इससे पहले टीम को घरेलू टेस्ट सीरीज़ में 0-3 से हार झेलनी पड़ी थी। इस हार ने गंभीर के शुरुआती कोचिंग दौर में कई सवाल खड़े किए।

    आकाश चोपड़ा की सलाह-“गंभीर खुद पर आलोचना की बौछार बुला लेते हैं”

    अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए चोपड़ा ने कहा:
    “गौतम की खासियत है कि वे प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल खोलकर बोलते हैं, कुछ भी नहीं छुपाते। लेकिन मेरी एक निजी सलाह है कि इतनी लड़ाइयाँ मत लो। जब आप किसी बात पर बहुत ज्यादा टकराव वाले हो जाते हैं, तो लोग आपकी हार का इंतजार करने लगते हैं। कभी-कभी लगता है कि गंभीर खुद को आलोचना के लिए एक्सपोज़ कर देते हैं।”

    “दिल सही जगह पर है, लेकिन टकराव कम करें”

    चोपड़ा ने गंभीर के जज़्बे और इरादों की तारीफ करते हुए कहा:
    “एक बात पक्की है-गौतम बेहद पैशनेट इंसान हैं। उनका दिल देश और टीम के लिए धड़कता है। वे हमेशा लड़ने को तैयार रहते हैं। लेकिन मेरी सलाह यही है कि अनावश्यक लड़ाइयाँ मत लड़ो। किसी को खुश करना जरूरी नहीं, लेकिन लोगों को आपके गिरने का इंतज़ार न करने दो।”