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  • नेपाल से इस्तांबुल जा रही तुर्किश एयरलाइंस की फ्लाइट की कोलकाता में इमरजेंसी लैंडिंग, सभी यात्री सुरक्षित

    नेपाल से इस्तांबुल जा रही तुर्किश एयरलाइंस की फ्लाइट की कोलकाता में इमरजेंसी लैंडिंग, सभी यात्री सुरक्षित


    कोलकाता/काठमांडू। नेपाल की राजधानी काठमांडू से तुर्की के इस्तांबुल जा रही तुर्किश एयरलाइंस की एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान को बुधवार दोपहर उस समय आपात स्थिति का सामना करना पड़ा जब विमान के एक इंजन में गंभीर तकनीकी खराबी और आग की आशंका सामने आई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पायलटों ने सूझबूझ और त्वरित निर्णय लेते हुए विमान को भारत के कोलकाता की ओर मोड़ दिया जहां नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। इस घटना में विमान में सवार सभी 236 यात्री और 11 चालक दल के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं।

    एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार तुर्किश एयरलाइंस की फ्लाइट संख्या टीएचवाई-727 जो एक वाइडबॉडी एयरक्राफ्ट थी ने बुधवार दोपहर 1 बजकर 29 मिनट पर काठमांडू के त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से इस्तांबुल के लिए उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद जब विमान ऊंचाई पकड़ रहा था तभी कॉकपिट में पायलटों को चेतावनी संकेत मिला कि विमान के दो इंजनों में से एक इंजन में खराबी आ गई है। कुछ रिपोर्टों में दाहिने इंजन में आग लगने की आशंका भी जताई गई।

    तकनीकी संकेत मिलते ही पायलटों ने तुरंत काठमांडू एयर ट्रैफिक कंट्रोल को इसकी जानकारी दी। स्थिति का सही आकलन करने और आगे की रणनीति तय करने के लिए विमान को नेपाल के धाडिंग जिले के धरके क्षेत्र के ऊपर कुछ समय तक होल्ड पर रखा गया। इस दौरान पायलट और तकनीकी टीम ने विमान के सिस्टम की बारीकी से जांच की और संभावित जोखिमों का मूल्यांकन किया।

    प्रारंभिक जांच के बाद चालक दल इस नतीजे पर पहुंचा कि एक ही इंजन के सहारे लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ान जारी रखना यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से उचित नहीं होगा। हालांकि पायलटों के पास काठमांडू लौटने या नेपाल के ही भैरहवा हवाई अड्डे पर विमान उतारने जैसे विकल्प मौजूद थे लेकिन अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों और रनवे सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कोलकाता को सबसे सुरक्षित विकल्प माना गया।

    कोलकाता एयर ट्रैफिक कंट्रोल को जैसे ही संभावित आपात स्थिति की सूचना मिली हवाई अड्डे पर फुल इमरजेंसी घोषित कर दी गई। फायर ब्रिगेड मेडिकल टीम एंबुलेंस और तकनीकी स्टाफ को रनवे के पास तैनात कर दिया गया। सभी सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर रहीं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

    करीब डेढ़ घंटे की उड़ान के बाद विमान ने दोपहर 3 बजकर 3 मिनट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित लैंडिंग की। जैसे ही विमान रनवे पर उतरा फायर और रेस्क्यू टीमों ने उसे घेर लिया और इंजन की तत्काल जांच शुरू की गई। राहत की बात यह रही कि लैंडिंग के दौरान किसी प्रकार की अनहोनी नहीं हुई और सभी यात्री सुरक्षित विमान से बाहर निकल आए।

    हवाई अड्डा अधिकारियों ने बताया कि लैंडिंग के बाद विमान को एक अलग बे में खड़ा कर विस्तृत तकनीकी निरीक्षण किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में इंजन में तकनीकी खराबी की पुष्टि हुई है हालांकि आग लगने की वास्तविक स्थिति को लेकर विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। तुर्किश एयरलाइंस की तकनीकी टीम और भारतीय विमानन सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रही हैं।

    यात्रियों को टर्मिनल भवन में ले जाया गया जहां उनके लिए भोजन पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई। एयरलाइन की ओर से यात्रियों के लिए वैकल्पिक उड़ानों या ठहरने की व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है। कई यात्रियों ने पायलट और क्रू की प्रशंसा करते हुए कहा कि पूरे घटनाक्रम के दौरान चालक दल ने शांत रहकर यात्रियों को भरोसा दिलाया जिससे घबराहट नहीं फैली।

    नागरिक उड्डयन विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं में पायलट का समय पर निर्णय लेना सबसे अहम होता है। वाइडबॉडी विमानों में भले ही एक इंजन पर उड़ान भरने की क्षमता होती है लेकिन लंबी अंतरराष्ट्रीय दूरी के लिए यह जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे में कोलकाता में इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला पूरी तरह से सुरक्षा मानकों के अनुरूप और सराहनीय माना जा रहा है।

    फिलहाल विमान की तकनीकी जांच जारी है और अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही खराबी के सही कारणों का पता चल सकेगा। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि आधुनिक विमानन प्रणाली में सुरक्षा सर्वोपरि है और समय पर लिए गए फैसले सैकड़ों जिंदगियों को बचा सकते हैं।

  • बंगाल में आज 'बाबरी मस्जिद' का शिलान्यास…HC का निर्देश- तनाव रोके सरकार, CISF तैनात

    बंगाल में आज 'बाबरी मस्जिद' का शिलान्यास…HC का निर्देश- तनाव रोके सरकार, CISF तैनात


    कोलकाता।
    कोलकाता हाईकोर्ट (Kolkata High Court) ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल सरकार (West Bengal Government) को निर्देश दिया कि मुर्शिदाबाद जिले (Murshidabad district) के बेलडांगा में संभावित सांप्रदायिक तनाव को रोकने के लिए जो भी आवश्यक हो, वह कदम तुरंत उठाए जाएं। यह निर्देश निलंबित टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर (TMC MLA Humayun Kabir) द्वारा 6 दिसंबर को प्रस्तावित बाबरी मस्जिद शिलान्यास कार्यक्रम के मद्देनजर दिया गया है। यह वही तारीख है जब 1992 में अयोध्या में बाबरी का ढांचा ढहाया गया था।

    कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल और न्यायमूर्ति पार्थ सारथी सेन की खंडपीठ ने इस संबंध में दायर एक जनहित याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि राज्य सरकार को अपने रुख के अनुसार कार्य करना होगा… मुर्शिदाबाद में कानून-व्यवस्था कड़ाई से कायम रखी जानी चाहिए और नागरिकों के जीवन व संपत्ति की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।


    8 महीने पहले भड़के थे दंगे

    हुमायूं कबीर का यह मस्जिद शिलान्यास कार्यक्रम ऐसे समय में प्रस्तावित है जब मुर्शिदाबाद आठ महीने पहले वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के विरोध में भड़की सांप्रदायिक हिंसा से उबरा है। इस पृष्ठभूमि में प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर पूरी सतर्कता बरतने का दावा किया है।

    राज्य के महाधिवक्ता किशोर दत्ता ने अदालत को बताया कि किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए पर्याप्त पुलिसबल तैनात कर दिया गया है। उधर, उप सॉलिसिटर-जनरल राजदीप मजूमदार ने कहा कि सीआईएसएफ की 19 कंपनियां पहले से इलाके में मौजूद हैं।

    अधिकारियों के मुताबिक, 3500 की संयुक्त सुरक्षा टुकड़ी, जिसमें आरएएफ की यूनिटें शामिल हैं, वे शुक्रवार शाम से रेजीनगर और आसपास के इलाकों में मोर्चा संभाल चुकी है। बीएसएफ की दो कंपनियां एनएच-12 की सुरक्षा के लिए तैयार रखी गई हैं। इसी बीच, निलंबन के एक दिन बाद विधायक कबीर को रेजीनगर थाने तलब किया गया, जहां उनसे कई घंटे पूछताछ हुई।


    कबीर का दावा- कुरान पढ़ी जाएगी, कोई राजनीति नहीं होगी

    पूरे विवाद के बीच हुमायूं कबीर दिनभर कार्यक्रम की तैयारियों की निगरानी करते रहे। उन्होंने अपनी टीम से 30000 बिरयानी पैकेट मेहमानों के लिए तैयार रखने के निर्देश दिए। साथ ही वे जमीअत उलेमा-ए-हिंद के कुछ अलग हुए गुटों और ऑल बंगाल इमाम मुअज्जिन एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से भी मिले।

    उन्होंने पत्रकारों से कहा- मुख्य कार्यक्रम दोपहर 12 बजे शुरू होगा। दो घंटे तक कुरान पढ़ी जाएगी। कोई भाषण नहीं होगा, कोई राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं होगा, न पार्टी के झंडे, न कोई राजनीतिक बयानबाजी। मैं 2,000 स्वयंसेवकों के साथ उपस्थित रहूंगा। सब जानते हैं… यह कोई नई बात नहीं है।


    टीएमसी का आरोप- विपक्ष की साजिश

    टीएमसी प्रवक्ता कुनाल घोष ने इस पूरे घटनाक्रम को साजिश करार दिया। उनका आरोप है कि राज्य चुनावी वर्ष में प्रवेश कर रहा है और प्रतिद्वंदी दल टीएमसी को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद राज्य सरकार और केंद्रीय एजेंसियाँ दोनों ही सतर्क मोड पर आ गई हैं। चौतरफ़ा सुरक्षा व्यवस्था के बीच शनिवार को होने वाले इस कार्यक्रम पर पूरे प्रदेश की नज़र रहेगी।

    राज्यपाल ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की
    राज्यपाल सी वी आनंद बोस ने बंगाल के लोगों से शांति बनाए रखने और भड़काऊ बयानों व अफवाहों से प्रभावित न होने का आग्रह किया। उन्होंने यह आग्रह तृणमूल कांग्रेस के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर द्वारा मुर्शिदाबाद जिले में बाबरी मस्जिद की तर्ज पर बनाई गई मस्जिद की आधारशिला रखने से पहले किया है।

    लोक भवन द्वारा सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर किए गए एक पोस्ट के अनुसार, बोस ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई करे कि कहीं भी कोई अशांति न हो और कानून व्यवस्था बनी रहे। उन्होंने लोकभवन में तत्काल प्रभाव से 24×7 कार्यरत रहने वाला एक ‘एक्सेस प्वाइंट सेल’ बनाने का भी निर्देश दिया है। इसके अध्यक्ष सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एस के पटनायक होंगे।

    पोस्ट में कहा गया है, “लोग फोन या ईमेल के माध्यम से लोक भवन ‘एक्सेस प्वाइंट सेल’ से संपर्क करने और किसी भी अप्रिय घटना, धमकी या किसी के द्वारा दिए जा रहे भड़काऊ बयान की सूचना देने के लिए स्वतंत्र हैं।” पोस्ट में कहा गया है कि राज्यपाल समूची स्थिति पर निगरानी रखेंगे। राज्यपाल को विश्वास है कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई करेगी कि कानून और व्यवस्था को कोई खतरा न हो।