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  • बैरागढ़ में मासूम की हत्या पर उबाल, आरोपी को सख्त सजा दिलाने की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी, मुख्य मार्ग पर लगा जाम

    बैरागढ़ में मासूम की हत्या पर उबाल, आरोपी को सख्त सजा दिलाने की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी, मुख्य मार्ग पर लगा जाम


    भोपाल । भोपाल के बैरागढ़ इलाके में 12 साल की बच्ची की हत्या के मामले ने लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। शनिवार को बड़ी संख्या में लोग बैरागढ़ थाने के बाहर जमा हुए और आरोपी मोबिन को उनके हवाले करने के साथ उसे फांसी देने की मांग करने लगे। प्रदर्शन के दौरान लोगों का गुस्सा बढ़ता गया और कुछ प्रदर्शनकारियों ने थाने के भीतर जाने की कोशिश की। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने थाने के गेट बंद कर दिए और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। पुलिस अधिकारी प्रदर्शनकारियों को समझाने और हालात नियंत्रित करने में जुटे रहे।
    बच्ची की हत्या की खबर सामने आने के बाद से ही क्षेत्र में तनाव का माहौल है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मासूम के साथ हुई घटना बेहद गंभीर है और आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। इसी मांग को लेकर लोग थाने के बाहर एकत्र हुए। प्रदर्शन के दौरान मुख्य मार्ग पर जाम लग गया जिससे आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाते हुए स्थिति पर नजर रखी। लोग आरोपी को उनके हवाले करने की मांग पर अड़े रहे जबकि पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश की।
    जानकारी के मुताबिक बैरागढ़ क्षेत्र में रहने वाली 12 वर्षीय बच्ची गुरुवार रात घर से निकली थी लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने उसकी तलाश की। शुक्रवार को बच्ची का शव कृष्णा कॉम्प्लेक्स के पीछे स्थित एक सुनसान खंडहर में मिला। शव मिलने की खबर से इलाके में सनसनी फैल गई। बच्ची कबाड़ बीनने का काम करती थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और आसपास के लोगों से पूछताछ की।
    जांच के दौरान पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। परिजनों से मिली जानकारी और अन्य शुरुआती तथ्यों के आधार पर 23 वर्षीय मोबिन को हिरासत में लिया गया। खबर के मुताबिक शुरुआती पूछताछ में उसके द्वारा अपराध स्वीकार करने की बात सामने आई है। हालांकि मामले में आरोपों की पुष्टि और अपराध से जुड़े तथ्यों को स्थापित करना पुलिस की जांच तथा कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। पुलिस साक्ष्य जुटाने और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में लगी है।
    घटना के बाद लोगों में बच्ची के लिए न्याय की मांग तेज हो गई है। शनिवार को थाने के बाहर जमा भीड़ ने आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने थाने के गेट तक पहुंचकर अंदर जाने का प्रयास किया। भीड़ की संख्या बढ़ने और तनाव की आशंका को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा घेरा मजबूत कर दिया। अधिकारियों की कोशिश रही कि प्रदर्शन के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना न हो और कानून व्यवस्था कायम रहे।
    इस मामले में बच्ची के शव की बरामदगी के बाद सामने आई परिस्थितियों ने भी लोगों को विचलित किया है। शुरुआती खबरों के मुताबिक बच्ची के मुंह में कपड़ा ठूंसा गया था और उसके शरीर पर चोट से जुड़े कुछ संकेत मिले थे। इन तथ्यों की विस्तृत पुष्टि जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर ही हो सकेगी। पुलिस के लिए अब जरूरी है कि घटना से जुड़े सभी साक्ष्य सुरक्षित किए जाएं और जांच को निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाया जाए।
    बैरागढ़ में जारी प्रदर्शन के बीच लोगों की मांग है कि बच्ची को जल्द न्याय मिले और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो। हालांकि किसी भी आरोपी को सजा देने का फैसला जांच और न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही किया जा सकता है। फिलहाल पुलिस इलाके की स्थिति पर नजर रखे हुए है। इस संवेदनशील मामले में आगे की जांच और प्रशासन की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

  • दोस्त को आखिरी ऑडियो भेजकर फंदे पर झूला नेपाल का युवक, भोपाल में नाबालिग गर्लफ्रेंड के साथ मिला शव, जांच में जुटी पुलिस

    दोस्त को आखिरी ऑडियो भेजकर फंदे पर झूला नेपाल का युवक, भोपाल में नाबालिग गर्लफ्रेंड के साथ मिला शव, जांच में जुटी पुलिस


    भोपाल । भोपाल की अरेरा कॉलोनी में एक युवक और नाबालिग लड़की की मौत का मामला सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। दोनों के शव एक बंगले के सर्वेंट क्वार्टर में फंदे पर लटके मिले। मृतक युवक की उम्र 22 वर्ष बताई गई है और वह मूल रूप से नेपाल का रहने वाला था। वहीं उसके साथ मृत मिली लड़की 16 वर्ष की थी और हबीबगंज क्षेत्र की निवासी थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती जांच में मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।

    पुलिस के मुताबिक युवक की पहचान अमन सारूमगर के रूप में हुई है। वह अरेरा कॉलोनी के ई-7 क्षेत्र में एक बंगले के सर्वेंट क्वार्टर में रहता था। उसकी मां उसी बंगले में खाना बनाने का काम करती थीं। अमन अपने पिता के साथ भोपाल में 11 नंबर क्षेत्र स्थित गणेश मंदिर के पास फास्ट फूड का ठेला भी लगाता था। परिवार में उसका एक बड़ा भाई और छोटी बहन हैं। बताया गया है कि करीब एक सप्ताह पहले उसका परिवार नेपाल गया था। परिवार के बाहर होने के कारण अमन घर में अकेला रह रहा था।

    घटना से पहले गुरुवार शाम अमन ने अपने दोस्त आर्यन से शराब लाने के लिए कहा था। दोस्त शराब पहुंचाने के बाद अपने कमरे पर लौट गया। रात करीब आठ बजे अमन ने उसे मोबाइल पर एक ऑडियो संदेश भेजा। इस संदेश में उसने दोस्त के प्रति आभार जताया और अलविदा कहा। संदेश सुनकर आर्यन को किसी अनहोनी की आशंका हुई और वह तुरंत अमन के कमरे पर पहुंचा। हालांकि कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। जब उसने खिड़की से अंदर झांककर देखा तो अमन और लड़की फंदे पर लटके मिले। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।


    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अमन और लड़की की पहचान करीब एक साल पहले इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और वे एक-दूसरे के करीब आ गए। लड़की दसवीं कक्षा में पढ़ती थी। वह अपने परिवार की इकलौती बेटी बताई गई है। उसके पिता कपड़े की दुकान पर सेल्समैन का काम करते हैं और परिवार में उसका एक बड़ा भाई भी है। दोनों की मौत की खबर मिलने के बाद परिवारों में शोक का माहौल है।

    पुलिस जांच के दौरान अमन के इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक प्रेगनेंसी टेस्ट किट की तस्वीर पोस्ट किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि इस तस्वीर का घटना से क्या संबंध है यह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने फिलहाल इसे मौत की वजह घोषित नहीं किया है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले घटनाक्रम और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

    जांच अधिकारी सी अजय दुबे के मुताबिक दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए गांधी मेडिकल कॉलेज की मॉर्च्यूरी में रखवाया गया है। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ऑडियो संदेश सहित घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर किन परिस्थितियों में दोनों की मौत हुई। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • ‘दृश्यम-3’ देखने के बाद घर लौटा PG डॉक्टर, मां से की बात फिर EX-गर्लफ्रेंड के फ्लैट पर पहुंचकर कर दी फायरिंग

    ‘दृश्यम-3’ देखने के बाद घर लौटा PG डॉक्टर, मां से की बात फिर EX-गर्लफ्रेंड के फ्लैट पर पहुंचकर कर दी फायरिंग


    भोपाल । भोपाल में एक्स गर्लफ्रेंड डॉक्टर श्वेता ठाकुर पर फायरिंग करने वाले पीजी डॉक्टर नवीन रोहिला की वारदात से पहले की गतिविधियों से मामले की कई कड़ियां सामने आई हैं। पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक फायरिंग से कुछ घंटे पहले नवीन अपने दोस्तों के साथ दृश्यम-3 फिल्म देखने गया था। फिल्म देखने के बाद वह रात करीब 9:30 बजे घर लौटा और मां से वीडियो कॉल पर बातचीत की। परिवार से बातचीत के दौरान उसकी गतिविधियां सामान्य नजर आ रही थीं। इसके कुछ समय बाद वह श्वेता के फ्लैट पर पहुंचा जहां दोनों के बीच विवाद हुआ और नवीन ने कथित तौर पर तीन राउंड फायर कर दिए।

    फायरिंग में श्वेता की जान बाल बाल बची। पुलिस के मुताबिक गोली उसकी कनपटी को छूकर निकल गई। इस दौरान बीच बचाव करने पहुंचे श्वेता के कजिन अभिषेक ठाकुर को भी गोली लग गई। घटना के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई। फायरिंग करने के बाद नवीन ने खुद भी आत्महत्या की कोशिश की। वह घायल अवस्था में मिला जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक उसके सीने हाथ और पेट पर छर्रे लगने जैसे घाव मिले हैं। फिलहाल उसका सीटी स्कैन और अन्य चिकित्सकीय जांच कराई जा रही है।

    पुलिस जांच में सामने आया है कि नवीन और श्वेता के बीच करीब सात साल से संबंध थे। नवीन मूल रूप से राजगढ़ का रहने वाला है और करीब सात साल से भोपाल में रहकर मेडिकल की पढ़ाई कर रहा था। इसी दौरान उसकी मुलाकात श्वेता से हुई थी। नवीन ने आरकेडीएफ मेडिकल कॉलेज से बीएचएमएस की पढ़ाई पूरी की और फिलहाल पीजी सेकंड ईयर में अध्ययन कर रहा था। श्वेता भी डॉक्टर है और दोनों के बीच लंबे समय से संबंध होने की बात सामने आई है।

    पुलिस के मुताबिक पिछले कुछ समय से दोनों के रिश्ते में अनबन चल रही थी। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि श्वेता रिश्ता खत्म कर किसी दूसरे युवक से शादी करना चाहती थी। पुलिस का कहना है कि नवीन इस फैसले को स्वीकार नहीं कर पा रहा था। श्वेता के दूसरे युवकों से बातचीत करने को लेकर भी दोनों के बीच विवाद होता था। घटना वाले दिन भी दोनों के बीच फोन पर बहस होने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद नवीन श्वेता के फ्लैट पर पहुंचा और वहां विवाद के बाद फायरिंग की घटना हुई।

    घटना से पहले नवीन की कुछ गतिविधियां सामान्य होने की बात परिवार की ओर से कही गई है। उसने अपनी भतीजी के लिए एक टॉय कार भी राजगढ़ कूरियर की थी। इसके बाद वह दोस्तों के साथ फिल्म देखने गया और घर लौटकर मां से वीडियो कॉल पर बात की। परिवार के मुताबिक बातचीत के दौरान ऐसा कोई संकेत नहीं मिला जिससे अंदाजा हो कि वह कुछ गंभीर कदम उठाने वाला है। इसके बाद अचानक हुई फायरिंग की घटना से परिवार भी स्तब्ध है।

    नवीन के पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। परिवार में उसकी मां भाई और भाभी हैं। अब पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। दोनों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल चैट और घटना से पहले की गतिविधियों को खंगाला जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फायरिंग से पहले दोनों के बीच क्या बातचीत हुई थी और विवाद किस बात को लेकर बढ़ा। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल श्वेता और अभिषेक के घायल होने के साथ नवीन के भी अस्पताल में भर्ती होने से मामला गंभीर बना हुआ है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है।

  • प्रेमिका से फोन पर विवाद के बाद युवक ने खाया जहरीला पदार्थ, भोपाल में 19 वर्षीय अरशद की इलाज के दौरान मौत

    प्रेमिका से फोन पर विवाद के बाद युवक ने खाया जहरीला पदार्थ, भोपाल में 19 वर्षीय अरशद की इलाज के दौरान मौत


    भोपाल । भोपाल के बरखेड़ी जहांगीराबाद में 19 वर्षीय युवक मोहम्मद अरशद की जहरीला पदार्थ खाने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। गंभीर हालत में परिजन उसे एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे थे जहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। परिजनों के मुताबिक जहरीला पदार्थ खाने से पहले अरशद की अपनी प्रेमिका से फोन पर बातचीत हुई थी और इसी दौरान दोनों के बीच विवाद हुआ था। परिवार का कहना है कि इस घटना के बाद ही अरशद ने जहरीला पदार्थ खा लिया था। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और युवक का मोबाइल भी जांच के लिए अपने कब्जे में लिया है।

    मृतक की पहचान मोहम्मद अरशद पिता मोहम्मद खालिद के रूप में हुई है। वह बरखेड़ी जहांगीराबाद का रहने वाला था। अरशद अपने पिता के साथ सेंटरिंग ठेकेदारी के काम में हाथ बंटाता था। परिवार में वह दूसरे नंबर का बेटा था। उसके एक छोटा भाई और छोटी बहन भी है। अचानक हुई इस घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।

    परिजनों के अनुसार अरशद का एक युवती से प्रेम संबंध था और दोनों के बीच काफी समय से बातचीत होती थी। परिवार को भी इस रिश्ते की जानकारी थी। कुछ दिन पहले अरशद के परिजनों ने युवती के परिवार के सामने शादी का रिश्ता रखा था। परिवार का कहना है कि रिश्ता भेजने के बाद युवती के घर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। इसके बाद से अरशद परेशान रहने लगा था। हालांकि वह युवती से फोन पर बातचीत करता रहा।

    मृतक के पिता मोहम्मद खालिद ने बताया कि बुधवार रात अरशद की युवती से फोन पर बातचीत हुई थी। बातचीत के दौरान दोनों के बीच विवाद हुआ। इसके कुछ समय बाद अरशद जहरीला पदार्थ खाकर घर पहुंचा। घर आने के बाद उसने अपने पिता से तत्काल अस्पताल ले जाने के लिए कहा। उसकी हालत बिगड़ती देख परिजन उसे तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

    घटना की सूचना मिलने के बाद जहांगीराबाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। गुरुवार दोपहर पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने अरशद का मोबाइल भी अपने कब्जे में लिया है। अब मोबाइल की जांच और कॉल डिटेल के जरिए उसकी आखिरी बातचीत की जानकारी जुटाई जाएगी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना से पहले युवक की किन लोगों से बातचीत हुई थी और आखिरी फोन कॉल में क्या हुआ था।

    परिजनों का कहना है कि अरशद की मौत के पीछे फोन पर हुई बातचीत की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। हालांकि पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। मामले में उपलब्ध साक्ष्यों मोबाइल की जानकारी कॉल डिटेल और परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के अन्य तथ्यों के सामने आने के बाद ही घटना की परिस्थितियों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच जारी रखी है।

  • भोपाल में गर्भवती महिला की मौत से सनसनी, पिता बोले- नशे में पति करता था मारपीट, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार

    भोपाल में गर्भवती महिला की मौत से सनसनी, पिता बोले- नशे में पति करता था मारपीट, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार


    भोपाल । भोपाल के डिपो चौराहा स्थित आदिवासी हॉस्टल में गुरुवार सुबह 23 वर्षीय गर्भवती महिला प्रियंका अहिरवार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रियंका चार महीने की गर्भवती थी और अपने पति विष्णु अहिरवार के साथ हॉस्टल में रहती थी। विष्णु इसी हॉस्टल में केयरटेकर के तौर पर काम करता है। पुलिस की शुरुआती जांच में प्रियंका द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने की बात सामने आई है लेकिन उसके गले और पीठ पर चोट के निशान मिलने के बाद पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है। मौके से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए हमीदिया अस्पताल की मर्चुरी में रखवाया है।

    पुलिस के मुताबिक घटना गुरुवार सुबह करीब 4 बजे की है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। शुरुआती जांच में आत्महत्या की बात सामने आने के बावजूद शरीर पर मिले चोट के निशानों ने मामले को संदिग्ध बना दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोट के निशान किस परिस्थिति में आए और महिला की मौत से उनका कोई संबंध है या नहीं।

    प्रियंका के पिता गजराज सिंह ने अपने दामाद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि प्रियंका मूल रूप से विदिशा जिले के टेरन तहसील क्षेत्र की रहने वाली थी। करीब तीन साल पहले उसने विष्णु अहिरवार के साथ प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद से ही प्रियंका पति के साथ आदिवासी हॉस्टल में रह रही थी। पिता के अनुसार उनकी बेटी वर्तमान में चार महीने की गर्भवती थी।


    गजराज सिंह का आरोप है कि प्रियंका ने फोन पर कई बार पति के व्यवहार की शिकायत की थी। वह कथित तौर पर बताती थी कि विष्णु नशे की हालत में उसके साथ मारपीट करता था। पिता ने यह भी कहा कि बेटी की मौत की जानकारी उन्हें सीधे पति या ससुराल पक्ष की ओर से नहीं दी गई। हॉस्टल के पास रहने वाले एक परिचित ने फोन कर उन्हें प्रियंका की मौत की सूचना दी। इस बात ने भी परिवार के बीच कई सवाल खड़े किए हैं।

    पुलिस फिलहाल पिता के आरोपों और घटनास्थल से मिले तथ्यों दोनों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। एएसआई असीम साहू के मुताबिक अभी तक मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। मृतका के परिजनों के विस्तृत बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके साथ ही पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद मौत की वास्तविक वजह और शरीर पर मिले चोट के निशानों से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

    पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना से पहले पति और पत्नी के बीच किसी तरह का विवाद हुआ था या नहीं। हॉस्टल में मौजूद लोगों से भी जानकारी जुटाई जा सकती है। फिलहाल मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और बयानों का इंतजार कर रही है। प्रियंका की मौत ने उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है और अब जांच के जरिए यह स्पष्ट होने का इंतजार है कि उसकी मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।

  • पूर्व नेता का नया भेष देख पुलिस भी हैरान, भंते बनकर मठ में रहा, विदेश यात्रा के बाद गिरफ्तारी

    पूर्व नेता का नया भेष देख पुलिस भी हैरान, भंते बनकर मठ में रहा, विदेश यात्रा के बाद गिरफ्तारी


    ग्वालियर। मध्य प्रदेश में सामने आए फर्जी पासपोर्ट कांड की जांच के दौरान स्पेशल टास्क फोर्स यानी एसटीएफ को एक और अहम सुराग मिला है। शुक्रवार रात एसटीएफ ने भिंड निवासी राहुल प्रकाश उर्फ नृत्या भंते को रायसेन से पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है। राहुल प्रकाश बहुजन संघर्ष दल का पूर्व प्रदेश महासचिव बताया जा रहा है। आरोप है कि उसने अपनी पहचान छिपाकर भोपाल के गोविंदपुरा स्थित एक बौद्ध मठ में भंते के रूप में रहते हुए नए पते के आधार पर पासपोर्ट बनवाया था। इसी पासपोर्ट से उसके थाईलैंड और म्यांमार जाने की बात जांच में सामने आई है। हालांकि फिलहाल एसटीएफ की ओर से राहुल प्रकाश की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

    पूछताछ से जुड़ी जानकारी के मुताबिक राहुल प्रकाश मूल रूप से भिंड जिले के एक गांव का रहने वाला है। वह दलित समाज की राजनीति में सक्रिय था और बहुजन संघर्ष दल से जुड़कर प्रदेश स्तर पर संगठन में जिम्मेदारी संभाल चुका है। बताया जा रहा है कि वह भविष्य में चुनाव लड़ने की तैयारी भी कर रहा था। इसी दौरान करीब साढ़े तीन साल पहले उसने अपनी पहचान छिपाकर भोपाल के एक बौद्ध विहार में भंते के रूप में रहना शुरू किया।

    जांच के अनुसार वर्ष 2025 की शुरुआत में राहुल प्रकाश ने नए पते का इस्तेमाल करते हुए पासपोर्ट बनवाया। आरोप है कि पासपोर्ट के लिए दिए गए पते और पहचान से जुड़ी जानकारी में गड़बड़ी की गई थी। पासपोर्ट बनने के बाद उसने विदेश यात्रा भी की। एसटीएफ को उसके इसी पासपोर्ट से थाईलैंड और म्यांमार जाने के संबंध में जानकारी मिली है। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि उसने नेता से भंते बनने का फैसला क्यों किया और पासपोर्ट तैयार कराने में उसकी मदद किसने की।

    एसटीएफ इस पूरे मामले में कथित फर्जी पासपोर्ट नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। राहुल प्रकाश से उसके फर्जी पते पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया विदेश यात्राओं और उसके संपर्क में रहे लोगों के बारे में पूछताछ की जा रही है। खासतौर पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या वह किसी ऐसे नेटवर्क के संपर्क में था जो दूसरे लोगों के लिए भी इसी तरह फर्जी दस्तावेज तैयार कराता था।

    जांच में अब तक मध्य प्रदेश के सात जिलों में 75 से अधिक फर्जी पासपोर्ट सामने आने की जानकारी दी गई है। इन पासपोर्ट के जरिए 100 से ज्यादा विदेश यात्राओं के सबूत मिलने की बात कही जा रही है। इसके अलावा गुजरात और महाराष्ट्र में भी इसी तरह के फर्जी पासपोर्ट तैयार किए जाने के संकेत जांच एजेंसी को मिले हैं। एसटीएफ को इस मामले में आठ भंतों की तलाश होने की जानकारी भी सामने आई है।

    अब राहुल प्रकाश से पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। एजेंसी यह जानने का प्रयास कर रही है कि फर्जी पासपोर्ट तैयार कराने में कौन लोग शामिल थे और इन दस्तावेजों का इस्तेमाल विदेश यात्रा के लिए किस तरह किया गया। जांच आगे बढ़ने के साथ इस कथित नेटवर्क से जुड़े और नाम सामने आने की संभावना है।

  • भोपाल IAS मर्डर केस में बड़ा खुलासा, बैग और झोला लेकर निकला आरोपी, दिल्ली रूट की ट्रेन में सवार होकर हुआ गायब

    भोपाल IAS मर्डर केस में बड़ा खुलासा, बैग और झोला लेकर निकला आरोपी, दिल्ली रूट की ट्रेन में सवार होकर हुआ गायब


    भोपाल । भोपाल में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। रातीबड़ थाना क्षेत्र के सूरज नगर स्थित उनके घर में हुई इस वारदात के बाद से केयरटेकर वरुण कुमार फरार है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से उसके भागने का संभावित रास्ता पता लगाया है। आरोपी की तलाश में मध्य प्रदेश उत्तर प्रदेश दिल्ली और पंजाब में पुलिस की कई टीमें जुटी हुई हैं। खबर के मुताबिक इस अभियान में 100 से अधिक पुलिसकर्मियों को लगाया गया है।

    पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार 30 सितंबर की रात करीब 12:30 बजे से सुबह 2 बजे के बीच राकेश अग्रवाल की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या की गई। वारदात के समय वह अपने कमरे में सो रहे थे। जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या के बाद घर की रसोई में गैस सिलेंडर का पाइप निकाल दिया गया था और आग लगाने की कोशिश की गई थी। पुलिस इस पहलू की जांच कर रही है कि ऐसा किस उद्देश्य से किया गया।

    घटना का पता सुबह करीब 4:40 बजे चला जब राकेश अग्रवाल की पत्नी निशी अग्रवाल की नींद खुली। उनका कमरा बाहर से बंद था। घर के कर्मचारी अमर की मदद से दरवाजा खुलवाया गया। इसके बाद राकेश अग्रवाल की हत्या की जानकारी सामने आई और पुलिस को सूचना दी गई।

    जांच में आरोपी के भागने का घटनाक्रम भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार वरुण रात करीब 2:40 बजे घर से निकला था। घटनास्थल से लगभग 200 मीटर दूर लगे सीसीटीवी कैमरों में वह पीठ पर बैग और हाथ में झोला लेकर जाता दिखाई दिया। इसके बाद वह करीब दो किलोमीटर पैदल चलकर भदभदा चौराहे पहुंचा जहां से उसने ऑटोरिक्शा लिया।

    बताया जा रहा है कि ऑटो पॉलीटेक्निक चौराहे और कमला पार्क की ओर से भोपाल रेलवे स्टेशन पहुंचा। स्टेशन से कुछ दूरी पहले उतरने के बाद आरोपी पैदल ही भोपाल जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 से होते हुए प्लेटफॉर्म नंबर 2 तक पहुंचा। पुलिस के अनुसार वह रात करीब 3:30 बजे दिल्ली रूट की ट्रेन में सवार होकर रवाना हुआ। अब झांसी ग्वालियर और आगरा रूट के विभिन्न स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है ताकि उसकी लोकेशन का पता लगाया जा सके।

    इस मामले में केयरटेकर की नियुक्ति करने वाली एजेंसी भी जांच के दायरे में है। जानकारी के मुताबिक वरुण को बाग सेवनिया के विश्वकर्मा नगर स्थित वर्मा होम हेल्थ केयर के माध्यम से नौकरी पर रखा गया था। पुलिस यह पता लगा रही है कि नियुक्ति से पहले उसका अनिवार्य पुलिस वेरिफिकेशन कराया गया था या नहीं। नियमों की अनदेखी मिलने पर एजेंसी संचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। आरोपी का पटियाला एसपी कार्यालय से 1 मई 2025 को जारी चरित्र प्रमाण पत्र भी सामने आया है। इस संबंध में पंजाब पुलिस से उसके पुराने रिकॉर्ड की जानकारी मांगी गई है।

    पुलिस हत्या के पीछे की वजह जानने के लिए लूट और आर्थिक लेन-देन समेत कई पहलुओं पर जांच कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि आरोपी घर से नकदी या कीमती सामान लेकर फरार हुआ हो सकता है। इसके अलावा राकेश अग्रवाल के कुछ लोगों के साथ हुए आर्थिक लेन-देन की जानकारी भी जांच का हिस्सा है। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 11 महीने पहले एक पूर्व परिचित के खिलाफ एक करोड़ रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी को लेकर शिकायत किए जाने का पहलू भी सामने आया है। पुलिस इन घटनाओं के बीच किसी संभावित संबंध की जांच कर रही है। फिलहाल हत्या का वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। आरोपी की गिरफ्तारी और आगे की जांच के बाद ही वारदात की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।

  • बेटी के जन्मदिन पर पत्नी को बुलाया नहीं आई तो बढ़ा तनाव बच्ची से मिलने की कोशिश भी नाकाम रही युवक की मौत

    बेटी के जन्मदिन पर पत्नी को बुलाया नहीं आई तो बढ़ा तनाव बच्ची से मिलने की कोशिश भी नाकाम रही युवक की मौत


    भोपाल । भोपाल के हबीबगंज थाना क्षेत्र में एक युवक की मौत के मामले ने परिवार और रिश्तों से जुड़े विवाद को सामने ला दिया है। 25 वर्षीय सावन पचौरी पिछले काफी समय से पारिवारिक तनाव से गुजर रहा था। परिजनों के मुताबिक उसकी पत्नी करीब दो साल से अलग रह रही थी। दोनों ने लगभग तीन साल पहले प्रेम विवाह किया था लेकिन बेटी के जन्म के बाद उनके बीच विवाद बढ़ता गया और पत्नी अलग रहने लगी। सावन अपनी छोटी बेटी से मिलना चाहता था और परिवार के अनुसार बच्ची से दूरी उसके लिए लगातार परेशानी का कारण बनी हुई थी।

    मामले के मुताबिक 22 सितंबर को सावन की बेटी का दूसरा जन्मदिन था। वह चाहता था कि बेटी का जन्मदिन परिवार के साथ मनाया जाए। इसी उम्मीद में उसने पत्नी से घर आने के लिए संपर्क किया था। परिजनों के अनुसार सावन ने पत्नी से केवल एक दिन के लिए घर आने और बच्ची का जन्मदिन मनाने के बाद वापस जाने की बात कही थी। हालांकि पत्नी घर नहीं आई। परिजनों का कहना है कि इस घटना के बाद सावन काफी परेशान रहने लगा था।

    बताया गया कि इसके बाद सावन अपनी बच्ची से मिलने की कोशिश कर रहा था लेकिन करीब दो दिन पहले उसे बच्ची से मिलने का मौका नहीं मिला। परिवार के अनुसार इस बात से उसका तनाव और बढ़ गया था। शुक्रवार शाम उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजनों को जब स्थिति की जानकारी हुई तो वे उसे तत्काल हमीदिया अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए इलाज शुरू किया लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हो सका।

    रविवार को इलाज के दौरान सावन की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस प्रारंभिक स्तर पर पारिवारिक विवाद और बच्ची से नहीं मिल पाने के कारण बने तनाव के पहलू की जांच कर रही है। साथ ही परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और पत्नी से जुड़े घटनाक्रम को भी जांच में शामिल किया गया है।

    सावन 12 नंबर मल्टी के फ्लैट में परिवार के साथ रहता था और प्लास्टिक इंजीनियरिंग से जुड़े काम करता था। उसकी मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। रविवार को परिजनों की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस पारिवारिक विवाद से जुड़े सभी पहलुओं को समझने का प्रयास कर रही है।

  • भोपाल में पुलिस ने पीछा कर पकड़ी शराब से भरी स्कॉर्पियो भागने की कोशिश में डिवाइडर से टकराई गाड़ी 40 पेटी शराब जब्त

    भोपाल में पुलिस ने पीछा कर पकड़ी शराब से भरी स्कॉर्पियो भागने की कोशिश में डिवाइडर से टकराई गाड़ी 40 पेटी शराब जब्त


    भोपाल। भोपाल में अवैध शराब के परिवहन के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक स्कॉर्पियो वाहन को पकड़ लिया है। कजलीखेड़ा थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि एक स्कॉर्पियो के जरिए बड़ी मात्रा में शराब ले जाई जा रही है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने संदिग्ध वाहन पर नजर रखना शुरू किया और उसे रोकने का प्रयास किया। पुलिस को देखकर चालक ने वाहन रोकने के बजाय उसे तेजी से आगे बढ़ाने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने स्कॉर्पियो का पीछा शुरू कर दिया।

    पुलिस के पीछा करने के दौरान चालक ने वाहन को बचाकर निकालने का प्रयास किया लेकिन कुछ दूरी पर स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। हादसे में चालक को मामूली चोटें आईं। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर वाहन को अपने कब्जे में ले लिया। जब पुलिस ने स्कॉर्पियो की तलाशी ली तो उसके अंदर बड़ी मात्रा में शराब रखी मिली। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वाहन से करीब 40 पेटी शराब बरामद की गई है।

    पुलिस ने शराब के साथ स्कॉर्पियो को भी जब्त कर लिया है। कार्रवाई के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद शराब किस जगह से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था। इसके साथ ही शराब के अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक वाहन चालक से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के जरिए यह जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है कि स्कॉर्पियो में शराब किसके कहने पर भरी गई थी और इसके पीछे किसी बड़े शराब तस्करी नेटवर्क का हाथ तो नहीं है। पुलिस शराब की कुल मात्रा और उसकी अनुमानित कीमत का भी पता लगा रही है।

    इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब वाहन से जुड़े दस्तावेजों और शराब के संबंध में उपलब्ध जानकारी की जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि बरामद शराब वैध तरीके से खरीदी गई थी या इसे अवैध रूप से परिवहन किया जा रहा था। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल कजलीखेड़ा पुलिस ने स्कॉर्पियो और उसमें मिली शराब को जब्त कर लिया है। चालक से पूछताछ जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पूरे मामले में और कौन लोग शामिल हो सकते हैं। अवैध शराब के परिवहन के खिलाफ पुलिस की इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि बड़ी मात्रा में शराब एक वाहन के जरिए ले जाई जा रही थी। जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा होने की उम्मीद है।

  • भोपाल में चाबी की चाल से चोरी का बड़ा खुलासा! किरायेदार युवती और नाबालिग पर 4 लाख उड़ाने का आरोप, 3.79 लाख

    भोपाल में चाबी की चाल से चोरी का बड़ा खुलासा! किरायेदार युवती और नाबालिग पर 4 लाख उड़ाने का आरोप, 3.79 लाख


    भोपाल । भोपाल के निशातपुरा इलाके में डुप्लीकेट चाबी के जरिए घर में घुसकर लाखों रुपए की चोरी करने के मामले का पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। जिस घर में आने जाने और रहने वाले लोगों पर भरोसा किया जाता था उसी दायरे से चोरी की वारदात का सुराग मिलने के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की। पुलिस ने चोरी के आरोप में 20 वर्षीय किरायेदार युवती अरसी को गिरफ्तार किया है जबकि उसके साथ एक विधि विरुद्ध बालिका को भी पकड़ा गया है। पुलिस ने दोनों के कब्जे से 3 लाख 79 हजार 500 रुपए नकद और चोरी हुआ सोने का हार बरामद किया है। बरामद संपत्ति की कुल कीमत करीब 4 लाख 30 हजार रुपए बताई जा रही है।
    मामला निशातपुरा थाना क्षेत्र का है जहां एकता बिलाल कॉलोनी करोंद निवासी आवेश खान ने 3 सितंबर को थाने पहुंचकर घर से नकदी और सोने का हार चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार घर में रखे करीब 4 लाख रुपए नकद और सोने का हार गायब था। चोरी की यह वारदात इसलिए भी पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण थी क्योंकि घर में जबरन प्रवेश या ताला तोड़ने जैसी कोई स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आई थी। ऐसे में जांच का फोकस उन लोगों पर गया जिन्हें घर में आने जाने की जानकारी थी और जिन्हें मेन गेट तथा घर की व्यवस्था के बारे में जानकारी हो सकती थी।

    पुलिस जांच के दौरान सामने आया कि फरियादी की भतीजी लायबा और किरायेदार अरसी ने कथित तौर पर मेन गेट के ताले की डुप्लीकेट चाबी बनवाई थी। आरोप है कि इसी डुप्लीकेट चाबी का इस्तेमाल कर दोनों घर के अंदर पहुंचीं और कमरे में रखी अलमारी के लॉकर तक पहुंचकर उसमें रखी नकदी और सोने का हार निकाल लिया। चोरी की वारदात को इस तरह अंजाम दिया गया कि शुरुआती तौर पर किसी को घर में जबरन घुसने का शक नहीं हुआ।

    शिकायत दर्ज होने के बाद निशातपुरा पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। थाना प्रभारी मनोज पटवा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से संदिग्धों की गतिविधियों की जानकारी जुटाई। पुलिस ने घर से जुड़े लोगों और वारदात के बाद की परिस्थितियों की भी पड़ताल की। जांच के दौरान मिले महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची और किरायेदार युवती अरसी के साथ एक विधि विरुद्ध बालिका को पकड़ लिया।

    पूछताछ और आगे की कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 3 लाख 79 हजार 500 रुपए नकद बरामद किए। इसके साथ ही चोरी हुआ सोने का हार भी पुलिस ने जब्त कर लिया। बरामद संपत्ति की कुल कीमत करीब 4 लाख 30 हजार रुपए बताई गई है। हालांकि पुलिस अब भी इस बात की जांच कर रही है कि चोरी की गई कुल रकम में से बाकी राशि कहां गई और क्या उसे खर्च कर दिया गया है या किसी अन्य व्यक्ति के पास पहुंचाया गया है।

    पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस पूरी वारदात में किसी और व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। डुप्लीकेट चाबी कब और कहां बनवाई गई तथा चोरी की योजना किस तरह तैयार की गई इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के बेहतर तालमेल से इस मामले का तेजी से खुलासा किया गया है। फिलहाल पुलिस आगे की जांच कर रही है और चोरी से जुड़े सभी तथ्यों को जुटाने में लगी हुई है।