पुलिस जांच के दौरान सामने आया कि फरियादी की भतीजी लायबा और किरायेदार अरसी ने कथित तौर पर मेन गेट के ताले की डुप्लीकेट चाबी बनवाई थी। आरोप है कि इसी डुप्लीकेट चाबी का इस्तेमाल कर दोनों घर के अंदर पहुंचीं और कमरे में रखी अलमारी के लॉकर तक पहुंचकर उसमें रखी नकदी और सोने का हार निकाल लिया। चोरी की वारदात को इस तरह अंजाम दिया गया कि शुरुआती तौर पर किसी को घर में जबरन घुसने का शक नहीं हुआ।
शिकायत दर्ज होने के बाद निशातपुरा पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। थाना प्रभारी मनोज पटवा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से संदिग्धों की गतिविधियों की जानकारी जुटाई। पुलिस ने घर से जुड़े लोगों और वारदात के बाद की परिस्थितियों की भी पड़ताल की। जांच के दौरान मिले महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची और किरायेदार युवती अरसी के साथ एक विधि विरुद्ध बालिका को पकड़ लिया।
पूछताछ और आगे की कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 3 लाख 79 हजार 500 रुपए नकद बरामद किए। इसके साथ ही चोरी हुआ सोने का हार भी पुलिस ने जब्त कर लिया। बरामद संपत्ति की कुल कीमत करीब 4 लाख 30 हजार रुपए बताई गई है। हालांकि पुलिस अब भी इस बात की जांच कर रही है कि चोरी की गई कुल रकम में से बाकी राशि कहां गई और क्या उसे खर्च कर दिया गया है या किसी अन्य व्यक्ति के पास पहुंचाया गया है।
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस पूरी वारदात में किसी और व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। डुप्लीकेट चाबी कब और कहां बनवाई गई तथा चोरी की योजना किस तरह तैयार की गई इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के बेहतर तालमेल से इस मामले का तेजी से खुलासा किया गया है। फिलहाल पुलिस आगे की जांच कर रही है और चोरी से जुड़े सभी तथ्यों को जुटाने में लगी हुई है।
