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  • जन्मदिन की पार्टी में तलवारबाजी पड़ी भारी, वीडियो वायरल होने के बाद FIR; कोलार रोड में युवक की हरकत से पुलिस अलर्ट

    जन्मदिन की पार्टी में तलवारबाजी पड़ी भारी, वीडियो वायरल होने के बाद FIR; कोलार रोड में युवक की हरकत से पुलिस अलर्ट


    भोपाल भोपाल के कोलार रोड इलाके में जन्मदिन मनाने के दौरान तलवार लहराकर केक काटने का मामला सामने आया है। जन्मदिन की खुशी में की गई इस हरकत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। आरोपी की पहचान सर्वधर्म सी सेक्टर कोलार रोड निवासी विशाल पाठक के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक विशाल ने 21 अगस्त को किड्स कैंपस स्कूल के पास अपना जन्मदिन मनाया था। इसी दौरान उसने तलवार हाथ में लेकर केक काटा और इसका वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर अपलोड कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने उसकी जांच शुरू की और अब आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है।

    कोलार रोड पुलिस के अनुसार सार्वजनिक स्थान पर इस तरह तलवार लहराने से आसपास मौजूद लोगों में डर और असुरक्षा का माहौल पैदा हो सकता है। पुलिस ने वायरल वीडियो को जांच का आधार बनाया और घटनाक्रम की पुष्टि होने के बाद आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत प्रकरण दर्ज किया। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि जन्मदिन के दौरान इस्तेमाल की गई तलवार आरोपी के पास कहां से आई थी और उसे रखने या इस्तेमाल करने को लेकर उसके पास कोई वैध अनुमति थी या नहीं।

    वायरल वीडियो में युवक तलवार हाथ में लेकर जन्मदिन का केक काटता नजर आ रहा है। उसके आसपास कुछ अन्य लोग भी मौजूद दिखाई देते हैं। पुलिस अब वीडियो में नजर आने वाले लोगों और पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी जुटा रही है। जांच का एक अहम हिस्सा यह भी है कि कार्यक्रम के दौरान तलवार किस उद्देश्य से लाई गई थी और क्या किसी अन्य व्यक्ति ने भी इस गतिविधि में उसका साथ दिया था।

    मामले को लेकर एक और बात चर्चा में है। पुलिस के मुताबिक आरोपी अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल पर खुद को बीजेपी कार्यकर्ता बताता है। हालांकि किसी राजनीतिक दल से जुड़ा होना या सोशल मीडिया पर खुद को किसी संगठन का कार्यकर्ता बताना कानून से ऊपर नहीं करता। पुलिस की कार्रवाई वायरल वीडियो में सामने आई गतिविधि और उसके आधार पर की गई जांच पर केंद्रित है। अब पुलिस आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट और वायरल वीडियो की भी पड़ताल कर रही है ताकि पूरे मामले की कड़ियां जोड़ी जा सकें।

    जन्मदिन जैसे निजी समारोह में उत्साह और जश्न मनाना आम बात है लेकिन सार्वजनिक स्थान पर हथियार का प्रदर्शन कानून व्यवस्था के लिहाज से गंभीर माना जा सकता है। भोपाल पुलिस की इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर यह सवाल उठ रहा है कि सोशल मीडिया पर लाइक्स और लोकप्रियता के लिए युवा किस तरह जोखिम भरे वीडियो बनाने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं। इस मामले में पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ यह साफ होगा कि तलवार कहां से आई थी और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका क्या थी। फिलहाल वीडियो वायरल होने के बाद दर्ज हुई एफआईआर ने जन्मदिन के जश्न को कानूनी कार्रवाई के घेरे में ला दिया है।

  • रात 3 बजे भोपाल में दहशत! दो बदमाशों ने खुलेआम चलाई गोलियां, CCTV में कैद हुई वारदात; FIR में देरी का आरोप

    रात 3 बजे भोपाल में दहशत! दो बदमाशों ने खुलेआम चलाई गोलियां, CCTV में कैद हुई वारदात; FIR में देरी का आरोप


    भोपाल भोपाल में मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात फायरिंग की घटना से इलाके में दहशत फैल गई। कजलीखेड़ा थाना क्षेत्र में रात करीब 3 बजे दो बदमाशों ने कथित तौर पर फायरिंग की। घटना का वीडियो भी सामने आया है जिसमें दोनों आरोपी फायरिंग करते हुए नजर आ रहे हैं। देर रात हुई इस वारदात के बाद आसपास रहने वाले लोगों में डर का माहौल बन गया। पुलिस अब वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच में जुटी है।

    बताया जा रहा है कि फायरिंग की यह घटना पुरानी रंजिश से जुड़ी हुई है। घटना के बाद फरियादी अजय बैरागी शिकायत दर्ज कराने कजलीखेड़ा थाने पहुंचा। फरियादी ने आरोप लगाया कि उसने पुलिस को घटना की जानकारी देते हुए कार्रवाई की मांग की लेकिन तत्काल FIR दर्ज नहीं की गई और उसे थाने से वापस भेज दिया गया। इस आरोप के सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठे हैं।

    हालांकि कजलीखेड़ा थाना प्रभारी पल्लवी पांडे ने पुलिस पर लगे आरोपों को खारिज किया है। थाना प्रभारी के मुताबिक मामले में FIR दर्ज करने में पुलिस की ओर से किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई है। उन्होंने बताया कि फरियादी पक्ष थाने में मौजूद है और मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है और आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास जारी हैं।

    पुलिस के मुताबिक फायरिंग का आरोप बैरागढ़ चीचली निवासी जीतू यादव पर लगाया गया है। दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद और पुरानी रंजिश होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पुरानी रंजिश की वजह क्या थी और इसी विवाद के चलते फायरिंग की घटना को अंजाम दिया गया या इसके पीछे कोई दूसरा कारण भी था।

    घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की जांच को महत्वपूर्ण सुराग मिला है। वीडियो में दो लोग फायरिंग करते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस वीडियो की सत्यता और उसमें नजर आ रहे लोगों की पहचान की जांच कर रही है। इसके साथ ही घटनास्थल के आसपास लगे अन्य कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा सकती है ताकि वारदात से पहले और बाद की गतिविधियों का पता लगाया जा सके।

    पुलिस यह भी जांच कर रही है कि फायरिंग के समय घटनास्थल पर कितने लोग मौजूद थे और आरोपियों के पास हथियार कहां से आया। घटना के बाद आरोपी मौके से किस दिशा में भागे और उन्हें किसी अन्य व्यक्ति ने मदद पहुंचाई या नहीं इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

    आधी रात करीब 3 बजे हुई इस फायरिंग ने इलाके की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों के लिए देर रात खुलेआम गोली चलने की घटना डर का कारण बनी हुई है। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करना और फायरिंग के पीछे की वास्तविक वजह सामने लाना है। फिलहाल पुलिस वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।

  • भोपाल में सीलिंग पर आर-पार की तैयारी! व्यापारियों ने गांधी के सामने की प्रार्थना, शाम को कैंडल मार्च से रहवासी जताएंगे विरोध

    भोपाल में सीलिंग पर आर-पार की तैयारी! व्यापारियों ने गांधी के सामने की प्रार्थना, शाम को कैंडल मार्च से रहवासी जताएंगे विरोध


    भोपाल भोपाल में आवासीय इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ चल रही नगर निगम की कार्रवाई को लेकर विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को व्यापारियों ने सीलिंग और नोटिस की कार्रवाई के विरोध में गांधीवादी तरीका अपनाते हुए कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर परिसर में प्रार्थना सभा की। व्यापारी महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने एकत्र हुए और सामूहिक रूप से रामधुन गाकर समस्याओं के स्थायी समाधान की कामना की। व्यापारियों का कहना है कि वे विरोध के जरिए प्रशासन तक अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से पहुंचाना चाहते हैं।

    भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष गोविंद गोयल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में व्यापारिक संगठन के पदाधिकारी और व्यापारी कन्वेंशन सेंटर पहुंचे। गांधी प्रतिमा के सामने प्रार्थना सभा के दौरान व्यापारियों ने मौजूदा परिस्थितियों के समाधान के लिए मार्गदर्शन की कामना की। उनका कहना है कि सीलिंग और नोटिस की कार्रवाई से लंबे समय से कारोबार कर रहे दुकानदारों में असमंजस और चिंता का माहौल है। व्यापारी चाहते हैं कि प्रशासन नियमों के दायरे में रहते हुए ऐसी व्यवस्था तैयार करे जिससे कारोबार और रहवासी इलाकों से जुड़े विवाद का स्थायी समाधान निकल सके।

    नगर निगम की कार्रवाई के विरोध में भोपाल में पिछले कुछ दिनों से लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। इससे पहले रोशनपुरा चौराहे पर चक्काजाम किया गया था। इसके बाद बाग सेवनिया अवधपुरी 10 नंबर और आनंद नगर सहित कई क्षेत्रों में भी व्यापारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। अब व्यापारियों ने गांधीवादी तरीके से अपनी आवाज उठाने का फैसला किया है।

    दूसरी ओर रहवासी भी इस मुद्दे पर लगातार सक्रिय हैं। रहवासियों का कहना है कि आवासीय इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों की वजह से शोर भीड़ और ट्रैफिक जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। उनका आरोप है कि दुकानों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के कारण सार्वजनिक शांति प्रभावित होती है और कई स्थानों पर असामाजिक तत्वों की आवाजाही भी बढ़ी है। रहवासी इलाकों में रहने वाले लोगों को स्कूली बच्चों की सुरक्षा और बढ़ते ट्रैफिक को लेकर भी चिंता है।

    इसी कड़ी में बुधवार शाम पांच नंबर मार्केट क्षेत्र में रहवासी कैंडल मार्च निकालने की तैयारी में हैं। रहवासियों का कहना है कि रविशंकर शुक्ला मार्केट की दुकानों को पुनर्विकास योजना के तहत खाली कराया गया था और इसके बाद दुकानदारों को रहवासी क्षेत्र में स्थानांतरित किया गया। उनका दावा है कि इससे आवासीय क्षेत्रों में भीड़ शोर और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं पैदा हो रही हैं।

    इस पूरे विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का भी अहम महत्व है। आवासीय भवनों के व्यावसायिक इस्तेमाल और अवैध निर्माण से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त के पहले सप्ताह में सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश सरकार द्वारा गठित 10 सदस्यीय जांच समिति की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने दुकान संचालकों को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से मिले राहत आदेश भी निरस्त कर दिए थे और अपने निर्देशों के तहत चल रही जांच में किसी तरह के हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करने की बात कही थी। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को प्रस्तावित है।

    नगर निगम को कार्रवाई की रिपोर्ट भी पेश करनी है। इसी प्रक्रिया के तहत शहर में नोटिस और सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है। निगम ने मुख्य मार्गों के दोनों ओर और उनसे जुड़ी गलियों में सर्वे शुरू किया है। नदी और तालाब किनारे बने भवनों के साथ ग्रीन बेल्ट बफर जोन और कैचमेंट एरिया में निर्माणों की भी जांच की जा रही है। अवैध मैरिज गार्डन को भी नोटिस दिए जाने की बात सामने आई है।

    कार्रवाई तेज होने के बाद अवधपुरी अयोध्या बायपास गौतम नगर अशोका गार्डन और लालघाटी सहित कई क्षेत्रों के कारोबारियों में चिंता बढ़ गई है। कई दुकानदार अब व्यावसायिक क्षेत्रों में नए ठिकाने तलाश रहे हैं। वहीं रहवासी व्यावसायिक गतिविधियों को पूरी तरह रोकने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में भोपाल में व्यापारी और रहवासियों के विरोध के बीच अब प्रशासन के सामने नियमों के पालन के साथ दोनों पक्षों की चिंताओं का समाधान निकालने की चुनौती है।

  • भोपाल में आज मिलादुन्नबी का जुलूस: गंगा-जमुनी तहजीब का दिखेगा संदेश, कई रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्ट

    भोपाल में आज मिलादुन्नबी का जुलूस: गंगा-जमुनी तहजीब का दिखेगा संदेश, कई रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्ट


    भोपाल  भोपाल में बुधवार को मिलादुन्नबी के मौके पर मुस्लिम समाज की ओर से दो बड़े जुलूस निकाले जाएंगे। आयोजकों ने इस आयोजन को भोपाल की गंगा-जमुनी तहजीब आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश देने वाला बताया है। जुलूस को लेकर पुलिस और प्रशासन ने भी तैयारियां पूरी कर ली हैं। शहर में यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुराने और नए भोपाल के कई प्रमुख मार्गों पर जरूरत के अनुसार ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा। यातायात पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे जुलूस के दौरान प्रभावित मार्गों से बचें और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें।

    मंगलवारा क्षेत्र का मुख्य चल समारोह दोपहर करीब 2 बजे छावनी स्थित भारत टॉकीज से शुरू होगा। यहां से जुलूस सेंट्रल लाइब्रेरी इतवारा इस्लामपुरा बड़े मास्टर तिराहा बुधवारा इब्राहिमपुरा मोती मस्जिद और पीरगेट होते हुए इमामी गेट चौराहे तक पहुंचेगा जहां इसका समापन किया जाएगा। जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। इसके साथ ही अलग अलग अखाड़ों के दल भी अपनी पारंपरिक कला और शौर्य का प्रदर्शन करेंगे। आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन शहर की साझा सांस्कृतिक विरासत और आपसी सद्भाव को मजबूत करने का अवसर है।

    ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने अलग अलग स्थानों से निकलने वाले जुलूसों को एक मंच पर लाने की अपील भी की है। कमेटी के संरक्षक शमशुअल हसन बल्ली के मुताबिक सभी सामाजिक और मुस्लिम संगठनों से एकजुट होकर इमामी गेट पर जुलूस के समापन में शामिल होने की अपील की गई है। कमेटी का कहना है कि आयोजन को सामाजिक और धार्मिक सौहार्द का मंच बनाया जाएगा और इसमें राजनीतिक हस्तक्षेप से बचने की कोशिश रहेगी।

    आयोजकों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत सांसद आलोक शर्मा वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सनवर पटेल पूर्व सांसद आलोक संजर महापौर और विभिन्न सामाजिक तथा मुस्लिम संगठनों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया है। कमेटी का उद्देश्य है कि भोपाल से भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब का सकारात्मक संदेश देशभर में जाए।

    इधर अशोका गार्डन क्षेत्र में भी मिलादुन्नबी का दूसरा जुलूस निकलेगा। यह जुलूस अशोका गार्डन से शुरू होकर पुष्प नगर पुलिया नूतन नगर रोड ऐशबाग रोड सोनिया कॉलोनी चौराहा दुर्गा धाम मंदिर रोड अशोका गार्डन थाना परिहार चौराहा मंडी चौराहा और प्रभात चौराहा होते हुए सुभाष नगर ओवरब्रिज से गुजरेगा। इसके बाद स्लाटर हाउस के सामने से जिंसी चौराहा पहुंचेगा जहां जुलूस का समापन होगा।

    जुलूसों को देखते हुए मंगलवारा क्षेत्र में दोपहर 1 बजे से रात 8 बजे तक और अशोका गार्डन क्षेत्र में दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक जरूरत के अनुसार यातायात व्यवस्था बदली जाएगी। भारत टॉकीज से सेंट्रल लाइब्रेरी इतवारा और छावनी रोड से मंगलवारा थाना की ओर जाने वाले मार्गों के अलावा बुधवारा इब्राहिमपुरा मोती मस्जिद और पीरगेट क्षेत्र में भी ट्रैफिक प्रभावित रहेगा। जुलूस के दौरान मध्यम और भारी मालवाहक वाहनों के साथ अनुमति प्राप्त वाहनों तथा सिटी बसों की जुलूस मार्ग पर आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी।

    यातायात पुलिस ने वाहन चालकों के लिए कई वैकल्पिक मार्ग भी तय किए हैं। रॉयल मार्केट से तीन मोहरा भोपाल टॉकीज और हमीदिया रोड होकर वाहन निकल सकेंगे। इसी तरह मोती मस्जिद रेतघाट कमला पार्क और पॉलीटेक्निक चौराहे के रास्ते भी आवागमन किया जा सकेगा। नादरा बस स्टैंड से अल्पना तिराहा संगम तिराहा सब्जी मंडी ओवरब्रिज बजरिया तिराहा और 80 फीट रोड होकर नए शहर की ओर जाने वाले वाहन जा सकेंगे।

    नए शहर न्यू मार्केट और मैदा मिल की तरफ से आने वाले वाहन कमला पार्क रेतघाट सदर मंजिल रॉयल मार्केट तीन मोहरा शाहजहांनाबाद थाना तिराहा और हमीदिया रोड होते हुए पुराने शहर और मुख्य रेलवे स्टेशन की ओर जा सकेंगे। वहीं अशोका गार्डन जुलूस के दौरान परिहार चौराहा प्रभात चौराहा सुभाष नगर ओवरब्रिज और जिंसी चौराहा क्षेत्र में भी जरूरत के अनुसार डायवर्जन रहेगा।

    यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि जुलूस के दौरान प्रतिबंधित मार्गों पर जाने से बचें और वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करें। यातायात संबंधी परेशानी होने पर कंट्रोल रूम के फोन नंबर 0755-2677340 पर संपर्क किया जा सकता है। प्रशासन की कोशिश है कि धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो और शहर की सामान्य यातायात व्यवस्था भी बनी रहे।

  • दुकानों पर सीलिंग के बीच व्यापारियों का अनोखा विरोध, मिंटो हॉल में प्रार्थना सभा कर मांगेंगे रहवासी इलाकों के कारोबार का स्थायी समाधान

    दुकानों पर सीलिंग के बीच व्यापारियों का अनोखा विरोध, मिंटो हॉल में प्रार्थना सभा कर मांगेंगे रहवासी इलाकों के कारोबार का स्थायी समाधान

    भोपाल । भोपाल में रहवासी इलाकों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई के बाद व्यापारियों और रहवासी संगठनों के बीच विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। कार्रवाई और सर्वे से परेशान व्यापारियों ने अब विरोध का अलग रास्ता अपनाने का फैसला किया है। भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के नेतृत्व में व्यापारी बुधवार सुबह कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर यानी मिंटो हॉल परिसर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने प्रार्थना सभा करेंगे। इस दौरान व्यापारी सामूहिक रूप से रामधुन का गायन करेंगे और कारोबारियों की समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रार्थना करेंगे। चैंबर के अध्यक्ष गोविंद गोयल के नेतृत्व में होने वाली इस सभा को व्यापारियों की ओर से शांतिपूर्ण लेकिन प्रभावी विरोध के तौर पर देखा जा रहा है।

    दरअसल राजधानी में रहवासी क्षेत्रों में संचालित दुकानों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर नगर निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है। कई इलाकों में सर्वे के साथ भवनों में किए गए अन्य निर्माण संबंधी उल्लंघनों की भी जांच की जा रही है। निगम की सख्ती के बाद ऐसे व्यापारियों में चिंता बढ़ गई है जो लंबे समय से रहवासी भवनों में दुकान या अन्य कारोबार संचालित कर रहे हैं। अवधपुरी अयोध्या बायपास गौतम नगर अशोका गार्डन और लालघाटी समेत कई क्षेत्रों में दुकानदारों के बीच नोटिस मिलने के बाद वैकल्पिक कमर्शियल स्थान तलाशने की चर्चा तेज हो गई है।

    व्यापारियों का कहना है कि अचानक सख्ती से उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है। उनका तर्क है कि यदि शहर का मास्टर प्लान समय पर स्पष्ट तरीके से लागू होता और रहवासी तथा व्यावसायिक क्षेत्रों का पहले से व्यवस्थित निर्धारण किया जाता तो आज ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती। वहीं दूसरी ओर रहवासी संगठनों का कहना है कि आवासीय क्षेत्रों में बढ़ती व्यावसायिक गतिविधियों से स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है और किसी भी स्थिति में रहवासी इलाकों का व्यावसायीकरण नहीं होना चाहिए।

    इसी मुद्दे को लेकर पिछले दिनों विरोध प्रदर्शन भी तेज हुए हैं। रोशनपुरा चौराहे पर व्यापारियों ने चक्काजाम किया था। इसके बाद बाग सेवनिया अवधपुरी 10 नंबर और आनंद नगर में भी प्रदर्शन हुए। दूसरी ओर रहवासी संघ की ओर से गुलमोहर कॉलोनी में टॉर्च लाइट रैली निकाली गई थी। इससे पहले सात नंबर मार्केट में भी रहवासी संगठनों ने रैली के जरिए अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी।

    नगर निगम ने अब मुख्य मार्गों के दोनों ओर के क्षेत्रों के साथ उनसे जुड़ी गलियों में भी सर्वे शुरू कर दिया है। नदी और तालाब के किनारे बने भवनों के अलावा ग्रीन बेल्ट बफर जोन और कैचमेंट एरिया में निर्माण की भी प्राथमिकता से जांच की जा रही है। अवैध मैरिज गार्डन को भी नोटिस दिए जाने की तैयारी है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह कार्रवाई और तेज होने के संकेत हैं।

    व्यापारियों की प्रार्थना सभा के जरिए अब इस पूरे विवाद का स्थायी समाधान निकालने की मांग सामने रखी जाएगी। सवाल यह है कि प्रशासन व्यापारियों की चिंता और रहवासियों की आपत्तियों के बीच ऐसा रास्ता कैसे निकालेगा जिससे नियमों का पालन भी हो और वर्षों से कारोबार कर रहे लोगों की रोजी-रोटी पर भी अचानक संकट न आए। भोपाल में कमर्शियल एक्टिविटी को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब शहर की बड़ी प्रशासनिक और कारोबारी चुनौती बनता जा रहा है।

  • भोपाल में दिखेगा सेना का शौर्य, आर्मी डे परेड में पहली बार सड़कों पर उतरेंगे टैंक; 50 हजार दर्शकों के लिए खास इंतजाम

    भोपाल में दिखेगा सेना का शौर्य, आर्मी डे परेड में पहली बार सड़कों पर उतरेंगे टैंक; 50 हजार दर्शकों के लिए खास इंतजाम


    भोपाल । भोपाल में देश की सैन्य ताकत और शौर्य का ऐसा नजारा पहली बार देखने को मिलेगा जब सेना के भारी-भरकम टैंक शहर की सड़कों पर अपनी ताकत और क्षमता का प्रदर्शन करते नजर आएंगे। 15 जनवरी 2027 को आर्मी डे के मौके पर होने वाली विशेष परेड के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। इस ऐतिहासिक आयोजन को करीब 50 हजार दर्शकों के देखने की उम्मीद है। खास बात यह है कि भोपाल में पहली बार आर्मी डे परेड किसी सैन्य कैंटोनमेंट के भीतर नहीं बल्कि आम लोगों के बीच सार्वजनिक क्षेत्र में आयोजित की जाएगी।

    आर्मी डे परेड 2027 के लिए भोपाल का चयन इसी साल मार्च में किया गया था। इसके बाद से ही प्रशासन और सेना के स्तर पर आयोजन को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई थीं। शनिवार को सेना भोपाल पुलिस जिला प्रशासन बिजली कंपनी लोक निर्माण विभाग भेल और सीपीए के अधिकारियों ने प्रस्तावित परेड मार्ग और आयोजन स्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने गोविंदपुरा थाने से जंबूरी मैदान तक जाने वाली सड़क का जायजा लिया और सैन्य वाहनों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए जरूरी बदलावों पर चर्चा की।

    एडीएम महेंद्र कपचे के नेतृत्व में अधिकारियों ने पूरे मार्ग का निरीक्षण किया। गोविंदपुरा थाने से जंबूरी मैदान तक करीब 2.4 किलोमीटर लंबे मार्ग को विशेष रूप से तैयार किया जाएगा। इस सड़क की चौड़ाई बढ़ाकर करीब 15 मीटर की जाएगी। भारी सैन्य टैंकों और अन्य सैन्य वाहनों की आवाजाही को देखते हुए सड़क की मजबूती बढ़ाने का काम भी किया जाएगा। पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर एससी वर्मा के मुताबिक सड़क को इस तरह मजबूत किया जाएगा कि भारी वजन वाले सैन्य टैंकों का दबाव आसानी से सह सके।

    परेड को देखने आने वाले लोगों के लिए भी विशेष इंतजाम किए जाएंगे। सड़क के दोनों ओर करीब 50 हजार दर्शकों के बैठने की व्यवस्था की जाएगी। प्रशासन की कोशिश है कि बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के बावजूद आयोजन स्थल पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे। इसी वजह से पूरे मार्ग को पहले से चिन्हित कर आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं।

    आयोजन के दौरान सड़क पर स्पीड ब्रेकर नहीं होंगे ताकि टैंक और सैन्य वाहनों की आवाजाही में किसी तरह की बाधा न आए। इसके अलावा मार्ग में आने वाले कुछ बिजली के पोल और पेड़ों को भी हटाया जाएगा। सैन्य वाहनों की पार्किंग के लिए नटराज-हेमा स्कूल मार्ग को निर्धारित किया गया है। इससे मुख्य परेड मार्ग पर भीड़ और वाहनों का दबाव कम रखने में मदद मिलेगी।

    भोपाल में होने वाला यह आयोजन इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि आम नागरिकों को सेना के अत्याधुनिक टैंकों और सैन्य वाहनों को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। आमतौर पर आर्मी डे परेड सैन्य कैंटोनमेंट क्षेत्रों में आयोजित होती रही है लेकिन 2027 में भोपाल में इसे सार्वजनिक क्षेत्र में आयोजित करने का फैसला किया गया है। इससे शहरवासियों के बीच सेना के प्रति जुड़ाव और गौरव की भावना को और मजबूत करने की उम्मीद है।

    आयोजन को सफल बनाने के लिए सेना और स्थानीय प्रशासन के बीच लगातार समन्वय किया जा रहा है। सड़क की मजबूती से लेकर दर्शकों के बैठने की व्यवस्था यातायात प्रबंधन बिजली व्यवस्था और सुरक्षा तक हर पहलू पर तैयारी की जा रही है। आने वाले दिनों में परेड मार्ग पर निर्माण और सुधार कार्य तेज होने की संभावना है। 15 जनवरी 2027 को भोपाल में होने वाला आर्मी डे समारोह शहर के लिए एक ऐतिहासिक अवसर होगा जब राजधानी की सड़कों पर पहली बार सेना के टैंक अपनी ताकत का प्रदर्शन करते दिखाई देंगे और हजारों लोग इस भव्य सैन्य आयोजन के गवाह बनेंगे।

  • रिसर्च अब जमीन पर उतारने की तैयारी, भोपाल में आज ‘वन इंस्टीट्यूट-वन प्रॉमिस’ कॉन्क्लेव; 2047 के लिए बनेगा रोडमैप

    रिसर्च अब जमीन पर उतारने की तैयारी, भोपाल में आज ‘वन इंस्टीट्यूट-वन प्रॉमिस’ कॉन्क्लेव; 2047 के लिए बनेगा रोडमैप


    भोपाल। मध्यप्रदेश को वर्ष 2047 तक समृद्ध और विकसित राज्य बनाने की दिशा में सरकार ने विशेषज्ञ संस्थानों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी उद्देश्य से 24 अगस्त को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में समृद्ध मध्यप्रदेश@2047 को लेकर राज्य स्तरीय कॉन्क्लेव आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में प्रदेश में मौजूद 130 से ज्यादा केंद्रीय, राज्य स्तरीय और निजी संस्थानों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। कॉन्क्लेव का सबसे खास हिस्सा वन इंस्टीट्यूट वन प्रॉमिस होगा, जिसमें प्रत्येक संस्थान मध्यप्रदेश के विकास में अपने स्तर पर एक ठोस योगदान का संकल्प देने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

    सरकार की कोशिश है कि प्रदेश में मौजूद IIT, IIM, AIIMS, ISRO, DRDO, केंद्रीय विश्वविद्यालयों और दूसरे विशेषज्ञ संस्थानों की विशेषज्ञता का इस्तेमाल सिर्फ अकादमिक और शोध गतिविधियों तक सीमित न रहे, बल्कि उसे प्रदेश की वास्तविक जरूरतों से जोड़ा जाए। कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, ऊर्जा, पर्यावरण, तकनीक, कौशल विकास और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी चुनौतियों के समाधान में इन संस्थानों की विशेषज्ञता का उपयोग करने की योजना है।

    कॉन्क्लेव में सरकार के अलग-अलग विभाग अपनी प्राथमिकताएं और चुनौतियां विशेषज्ञ संस्थानों के सामने रखेंगे। इसके बाद संबंधित संस्थान अपने शोध, तकनीक, विशेषज्ञों और उपलब्ध संसाधनों के जरिए इन समस्याओं के समाधान की दिशा सुझाएंगे। इसका उद्देश्य सरकार, शिक्षा संस्थानों, शोध संगठनों, उद्योग और नवाचार क्षेत्र के बीच ऐसा तालमेल तैयार करना है, जिससे भविष्य में संयुक्त परियोजनाएं विकसित की जा सकें और उनका लाभ प्रदेश की जनता तक पहुंच सके।

    इस कार्यक्रम में 59 केंद्रीय संस्थानों के अलावा 26 राज्य स्तरीय विश्वविद्यालय, 11 शासकीय इंजीनियरिंग संस्थान, 19 शासकीय मेडिकल कॉलेज, 8 राज्य स्तरीय शोध संस्थान और 9 चयनित निजी विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों की भागीदारी प्रस्तावित है। इनमें IIT इंदौर, IIM इंदौर, IISER भोपाल, MANIT भोपाल, AIIMS भोपाल, IIIT, NFSU भोपाल, RRCAT इंदौर, DRDO और ISRO जैसे प्रमुख संस्थान शामिल हैं। कृषि, चिकित्सा, प्रबंधन, रक्षा, ऊर्जा, पर्यावरण, तकनीक और कौशल विकास से जुड़े संस्थानों को भी इस पहल में शामिल किया गया है।

    कॉन्क्लेव में दोपहर 2 बजे से 3:45 बजे तक समावेशी आर्थिक विकास और सामाजिक सशक्तीकरण के लिए आगे की कार्ययोजना पर चर्चा होगी। इस दौरान कृषि, उद्यानिकी, पर्यावरण, उच्च शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, MSME, नगरीय विकास, ऊर्जा, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, औद्योगिक विकास, जनजातीय कल्याण और महिला एवं बाल विकास विभाग अपनी प्राथमिकताएं सामने रखेंगे। इसके बाद विशेषज्ञ संस्थानों के साथ समाधान और आगे की कार्ययोजना पर चर्चा होगी।

    इस पहल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान और केंद्रीय संस्थानों के बीच होने वाले एमओयू भी होंगे। इन समझौतों के जरिए संयुक्त अनुसंधान, तकनीकी समाधान, क्षमता निर्माण और भविष्य की परियोजनाओं के लिए सहयोग का रास्ता तैयार किया जाएगा। यानी इसका तत्काल असर किसी नई सरकारी योजना के रूप में दिखाई देने के बजाय आने वाले समय में नई तकनीक, बेहतर नीतियों और शोध आधारित समाधानों के रूप में सामने आ सकता है।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संबोधन भी होगा। इससे पहले केंद्रीय संस्थानों के प्रमुख मुख्यमंत्री के साथ सीधे संवाद करेंगे। मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल समृद्ध मध्यप्रदेश@2047 की विकास परिकल्पना पर मुख्य वक्तव्य देंगे। सरकार की कोशिश है कि 2047 के लक्ष्य को केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी न रखकर प्रदेश में मौजूद विशेषज्ञ संस्थानों को भी उसका सक्रिय साझेदार बनाया जाए। अब देखने वाली बात होगी कि वन इंस्टीट्यूट वन प्रॉमिस के तहत संस्थानों की ओर से सामने आने वाले संकल्प कितनी तेजी से जमीन पर उतरते हैं और उनका वास्तविक लाभ मध्यप्रदेश को किस रूप में मिलता है।

  • अफसर पढ़ाएंगे, विशेषज्ञ देंगे गाइडेंस और फीस होगी जीरो, भोपाल में 50 युवाओं के लिए फ्री सिविल सर्विस कोचिंग

    अफसर पढ़ाएंगे, विशेषज्ञ देंगे गाइडेंस और फीस होगी जीरो, भोपाल में 50 युवाओं के लिए फ्री सिविल सर्विस कोचिंग


    नई दिल्ली। भोपाल में संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC और मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग यानी MPPSC की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए अच्छी खबर है। जिला प्रशासन की पहल पर आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए एक बार फिर नि:शुल्क कोचिंग क्लासेस शुरू की जा रही हैं। इस बार नए बैच में 50 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। इसके लिए 24 अगस्त से रजिस्ट्रेशन शुरू हो गए हैं और आवेदन की प्रक्रिया 31 अगस्त तक चलेगी। विद्यार्थियों का चयन पहले आओ पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा।

    निःशुल्क कोचिंग की शुरुआत 5 सितंबर से होगी। इस बार क्लासेस पॉलीटेक्निक चौराहा स्थित हिंदी भवन में आयोजित की जाएंगी। इस पहल का उद्देश्य ऐसे विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर देना है, जो आर्थिक कारणों से महंगी निजी कोचिंग का खर्च नहीं उठा पाते। प्रशासन की इस पहल से UPSC और MPPSC जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को बिना फीस के पढ़ाई और मार्गदर्शन हासिल करने का मौका मिलेगा।

    इस फ्री कोचिंग में केवल किताबों और सामान्य अध्ययन तक सीमित तैयारी नहीं होगी, बल्कि विद्यार्थियों को अनुभवी लोगों और विषय विशेषज्ञों से मार्गदर्शन भी मिलेगा। स्वयंसेवी संस्थाओं से जुड़े लोग और कॉलेज के प्रोफेसर्स भी विद्यार्थियों को पढ़ाने में सहयोग करेंगे। इसके अलावा जिला प्रशासन से जुड़े ऐसे अधिकारी, जिनकी पढ़ाने में रुचि है, वे भी नियमित रूप से क्लास लेंगे। अधिकारियों की ओर से रोजाना करीब एक से दो घंटे की कक्षाएं लेने की योजना है।

    कोचिंग में अलग-अलग विषयों की तैयारी के लिए विषय विशेषज्ञों को भी जोड़ा जाएगा। इससे विद्यार्थियों को परीक्षा के सिलेबस को समझने, जरूरी विषयों पर फोकस करने और प्रतियोगी परीक्षाओं की रणनीति बनाने में मदद मिलेगी। प्रशासन की कोशिश है कि विद्यार्थियों को ऐसा शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराया जाए, जहां वे आर्थिक दबाव के बिना अपनी तैयारी को मजबूत कर सकें।

    भोपाल जिला प्रशासन ने करीब दो साल पहले इस तरह की नि:शुल्क कोचिंग की शुरुआत की थी। इसके बाद जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए यह पहल लगातार उपयोगी साबित हो रही है। इस बार भी नए बैच के जरिए अधिक से अधिक युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर देने की कोशिश की जा रही है। खास तौर पर उन छात्रों को इससे फायदा हो सकता है, जो प्रतिभाशाली होने के बावजूद कोचिंग की महंगी फीस के कारण अच्छे संस्थानों तक नहीं पहुंच पाते।

    इस नि:शुल्क कोचिंग का संचालन जिला प्रशासन भोपाल के मार्गदर्शन में आदर्श परिवार एवं आधुनिक नालंदा की ओर से पं. रविशंकर शुक्ल न्यास के सहयोग से किया जाएगा। इच्छुक विद्यार्थी रजिस्ट्रेशन और प्रवेश से जुड़ी जानकारी के लिए 8357835433 और 9584732481 नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया और जरूरी जानकारी भी इन्हीं माध्यमों से प्राप्त की जा सकती है।

    UPSC और MPPSC की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए यह मौका खास है, क्योंकि सीमित सीटों के कारण केवल 50 छात्रों को ही इस बैच में जगह मिलेगी। ऐसे में इच्छुक विद्यार्थियों को रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय जल्द आवेदन करने की सलाह दी गई है। 5 सितंबर से हिंदी भवन में शुरू होने वाली यह पहल उन युवाओं के लिए उम्मीद की नई राह बन सकती है, जो प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना देखते हैं लेकिन संसाधनों की कमी उनके रास्ते में बाधा बन रही है।

  • MP News: अपनी ही सरकार पर विधायक ने उठाए सवाल, भाजपा कार्यक्रम में महिला सम्मान पर बवाल; भोपाल थाने में TI और हिंदू नेता आमने-सामने

    MP News: अपनी ही सरकार पर विधायक ने उठाए सवाल, भाजपा कार्यक्रम में महिला सम्मान पर बवाल; भोपाल थाने में TI और हिंदू नेता आमने-सामने


    भोपाल । मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों सड़क से लेकर सरकारी दफ्तर और पार्टी के कार्यक्रम तक कई ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जो सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गए हैं। कहीं भाजपा विधायक अपनी ही सरकार की सड़क व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए जनता के गुस्से का डर बता रहे हैं तो कहीं भाजपा के कार्यक्रम में महिला जनप्रतिनिधियों को बैठने के लिए कुर्सी तक नहीं मिलने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। दूसरी ओर भोपाल के एक थाने में पुलिस अधिकारी और हिंदू संगठन के नेता के बीच तीखी बहस का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस और सामाजिक संगठनों के बीच तालमेल को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।

    जबलपुर जिले के पाटन से भाजपा विधायक अजय विश्नोई ने प्रदेश की खराब सड़कों को लेकर खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सड़कों की हालत खराब है और इसका सीधा असर जनप्रतिनिधियों पर पड़ता है। उनका कहना है कि जब सड़कें खराब होती हैं तो परेशान जनता सबसे पहले स्थानीय विधायक से सवाल करती है। विधायक ने यह भी कहा कि सड़क चाहे लोक निर्माण विभाग की हो या प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जुड़ी हो कई जगहों पर स्थिति खराब है। उनके बयान को अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने के तौर पर देखा जा रहा है।

    विधायक ने सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार और ठेकेदारी व्यवस्था को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि ठेकेदार काम हासिल करने की प्रतिस्पर्धा में कम दर पर ठेके लेते हैं और निर्माण प्रक्रिया में अनियमितताओं के कारण सड़कों की गुणवत्ता प्रभावित होती है। खराब सड़कें केवल आवागमन की परेशानी नहीं बल्कि आम लोगों की नाराजगी का कारण भी बनती हैं। यही वजह है कि विधायक ने कहा कि जनता की नाराजगी का पहला सामना स्थानीय जनप्रतिनिधियों को करना पड़ता है।

    दूसरी तस्वीर गुना के एक भाजपा कार्यक्रम से सामने आई जहां भाजपा विधायक प्रियंका मीणा और नगर पालिका अध्यक्ष सविता गुप्ता को काफी देर तक खड़े रहना पड़ा। कार्यक्रम में मौजूद पुरुष नेताओं के लिए कुर्सियां और सोफा मौजूद थे लेकिन दोनों महिला जनप्रतिनिधियों के लिए बैठने की व्यवस्था नजर नहीं आई। आखिरकार विधायक ने खुद अपनी कुर्सी लगाई और बैठ गईं। इसके बाद अपने भाषण में उन्होंने महिला जनप्रतिनिधियों को बराबरी का सम्मान दिए जाने की बात कही। उन्होंने महिला आरक्षण और राजनीतिक भागीदारी का जिक्र करते हुए कहा कि महिलाओं को भी बराबरी के साथ बैठाने से ही वास्तविक महिला सशक्तीकरण की तस्वीर सामने आएगी।

    इस घटना के बाद भाजपा के कार्यक्रमों में महिला जनप्रतिनिधियों के सम्मान और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। प्रियंका मीणा इससे पहले भी महिलाओं से जुड़े मुद्दे पर अपनी ही पार्टी के विधायक पन्नालाल शाक्य के साथ सार्वजनिक मंच पर बहस को लेकर चर्चा में रह चुकी हैं।

    इसी बीच भोपाल के जहांगीराबाद थाने का एक वीडियो भी चर्चा में है। यहां हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी और थाना प्रभारी राजन सिंह के बीच एक मामले को लेकर तीखी बहस हो गई। बताया गया कि हिंदू संगठन के कार्यकर्ता शिकायत पर कार्रवाई की मांग को लेकर थाने पहुंचे थे। इसी दौरान पुलिस और संगठन के प्रतिनिधियों के बीच बात बढ़ गई। मौके पर एसीपी उमेश तिवारी भी मौजूद थे और दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास करते नजर आए।

    इस पूरे घटनाक्रम के वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली और सामाजिक संगठनों के साथ संवाद को लेकर सवाल उठ रहे हैं। तीनों घटनाओं ने मध्य प्रदेश की सियासत और प्रशासन से जुड़े अलग अलग पहलुओं को एक साथ चर्चा में ला दिया है। सड़क व्यवस्था पर विधायक की नाराजगी हो या महिला जनप्रतिनिधियों को सम्मान देने का सवाल या फिर थाने में पुलिस और संगठन के बीच तीखी बहस ये घटनाएं बताती हैं कि जनता और जनप्रतिनिधियों से जुड़े मुद्दों पर अब सार्वजनिक जवाबदेही की मांग लगातार बढ़ रही है।

  • कोलार से बैरागढ़ और ISBT तक सफर होगा आसान, भोपाल में 30 ई-बसों का बेड़ा तैयार; जानिए रूट और किराया

    कोलार से बैरागढ़ और ISBT तक सफर होगा आसान, भोपाल में 30 ई-बसों का बेड़ा तैयार; जानिए रूट और किराया


    भोपाल । राजधानी भोपाल में सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। शहर में 24 अगस्त से 10 और इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतरने जा रही हैं। इसके साथ ही भोपाल में ई-बसों की कुल संख्या बढ़कर 30 हो जाएगी। फिलहाल शहर में तीन प्रमुख रूट पर 20 ई-बसें संचालित हो रही हैं। नई बसों के शामिल होने के बाद यात्रियों को करीब 10 से 15 मिनट के अंतराल पर बस मिलने की उम्मीद है। इससे रोजाना सफर करने वाले नौकरीपेशा लोगों छात्रों और आम यात्रियों को बड़ी राहत मिल सकती है।

    नई ई-बसों के संचालन से कोलार रोड बावड़ियाकलां बैरागढ़ एमपी नगर और ISBT जैसे प्रमुख इलाकों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी। खास बात यह है कि तीनों प्रमुख रूट एमपी नगर से होकर गुजरते हैं। ऐसे में शहर के अलग अलग हिस्सों से एमपी नगर आने जाने वाले यात्रियों को ज्यादा विकल्प मिल सकेंगे। एमपी नगर शहर का प्रमुख व्यावसायिक और शैक्षणिक क्षेत्र होने के कारण यहां रोजाना बड़ी संख्या में कर्मचारी और विद्यार्थी पहुंचते हैं।

    वर्तमान में संचालित तीन रूट शहर के बड़े हिस्से को जोड़ रहे हैं। B35 रूट चिरायु अस्पताल और बैरागढ़ से आकृति ईको सिटी सलैया तक जाता है। इस रूट में लालघाटी कलेक्ट्रेट हमीदिया अस्पताल रॉयल मार्केट पीर गेट कमला पार्क रोशनपुरा बोर्ड ऑफिस एमपी नगर मेट्रो स्टेशन विट्ठन मार्केट 1100 क्वार्टर रोहित नगर और बावड़िया चौराहा जैसे प्रमुख स्थान शामिल हैं। वहीं B36 रूट कोच फैक्ट्री से कोलार रोड तक संचालित होता है। यह रेलवे स्टेशन अशोका गार्डन सुभाष नगर बोर्ड ऑफिस एमपी नगर मेट्रो स्टेशन बंसल अस्पताल चूनाभट्टी मंदाकिनी चौराहा और गेहूंखेड़ा जैसे इलाकों को जोड़ता है।

    B37 रूट बैरागढ़ ई बस डिपो से ISBT तक जाता है। इस मार्ग में बैरागढ़ मार्केट लालघाटी कलेक्ट्रेट हमीदिया अस्पताल रॉयल मार्केट नादरा बस स्टैंड भोपाल रेलवे स्टेशन का प्लेटफॉर्म नंबर 6 जहांगीराबाद मिंटो हॉल वल्लभ भवन विंध्याचल जिला न्यायालय DB मॉल और चेतक ब्रिज जैसे प्रमुख स्थान आते हैं। इस तरह तीनों रूट शहर के पश्चिमी हिस्से से लेकर मध्य और पूर्वी इलाकों तक यात्रियों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

    ई बसों का न्यूनतम किराया करीब 6 से 7 रुपए है जबकि अधिकतम किराया 40 रुपए तक है। फिलहाल रोजाना करीब 10 से 12 हजार यात्री इन बसों में सफर कर रहे हैं। बसों की संख्या बढ़ने के बाद यात्रियों की संख्या में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है।

    इन ई बसों की खासियत सिर्फ बेहतर कनेक्टिविटी ही नहीं बल्कि यात्री सुविधाएं भी हैं। दिव्यांग यात्रियों के लिए बसों में हाइड्रोलिक डोर की सुविधा दी गई है। इसके जरिए व्हीलचेयर और ट्राइसिकल से आने वाले यात्री आसानी से बस में चढ़ और उतर सकते हैं। बस के अंदर ऐसी जगह भी बनाई गई है जहां एक साथ दो व्हीलचेयर या ट्राइसिकल खड़े किए जा सकते हैं।

    भोपाल के ट्रैफिक को देखते हुए भी इन बसों को उपयोगी माना जा रहा है। इनकी लंबाई करीब 9 मीटर है जबकि सामान्य सिटी बसें 12 मीटर तक लंबी होती हैं। कम लंबाई के कारण ई बसें अपेक्षाकृत तंग सड़कों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में आसानी से चल सकती हैं। सुरक्षा के लिए प्रत्येक बस में छह CCTV कैमरे लगाए गए हैं जिनकी निगरानी डिपो में बने कंट्रोल रूम से की जा रही है। नई बसों के सड़कों पर उतरने के बाद राजधानी के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।