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  • भदभदा कचरा स्टेशन पर बड़ा हादसा: निगम के कचरा वाहन ने ड्राइवर को कुचला, CCTV में कैद लापरवाही

    भदभदा कचरा स्टेशन पर बड़ा हादसा: निगम के कचरा वाहन ने ड्राइवर को कुचला, CCTV में कैद लापरवाही


    भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नगर निगम के भदभदा कचरा स्टेशन पर शनिवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। नगर निगम के कचरा वाहन की टक्कर से एक ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना का सीसीटीवी वीडियो रविवार को सामने आया, जिसमें कचरा वाहन चालक की लापरवाही साफ दिखाई दे रही है। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के मुताबिक Bhopal Municipal Corporation के जोन-21 का कचरा वाहन चालक पवन और जोन-8 का चालक अरुण घावरी शनिवार को अपनी-अपनी गाड़ियां लेकर Bhadbhada Garbage Transfer Station पहुंचे थे। पवन के वाहन की एंट्री पहले ही हो चुकी थी, जबकि अरुण अपने वाहन की एंट्री कराने के लिए विंडो के पास खड़े थे। इसी दौरान पवन ने तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन आगे बढ़ा दिया, जिससे अरुण वाहन और दीवार के बीच फंस गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि अरुण गंभीर रूप से घायल हो गए और उनका एक पैर बुरी तरह टूट गया। घटना के बाद आरोपी चालक भी वाहन से गिर पड़ा, लेकिन कुछ देर बाद उठकर दूर खड़ा हो गया। घायल अरुण को तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

    पूरा घटनाक्रम कचरा स्टेशन में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया है। मामले की शिकायत मिलने के बाद Kamla Nagar Police Station ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद नगर निगम में कामकाज और ड्राइवरों की भर्ती को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

    नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष Shabista Zaki ने आरोप लगाया कि निगम में लेबर क्लास के कर्मचारियों से वाहन चलवाए जा रहे हैं, जबकि जिन ड्राइवरों के पास हैवी ड्राइविंग लाइसेंस है उन्हें हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की अव्यवस्था और भ्रष्टाचार के कारण ही इस तरह की दुर्घटनाएं हो रही हैं और इसकी जांच होना चाहिए।

    वहीं नगर निगम कर्मचारी नेता Hamid Khan ने दावा किया कि जिस चालक की लापरवाही से हादसा हुआ, उसके पास कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस तक नहीं है। इसके बावजूद उसे नौकरी पर रखा गया। उन्होंने कहा कि इस मामले में सिर्फ चालक ही नहीं, बल्कि उसे भर्ती करने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। कर्मचारी संगठन जल्द ही इस मामले को लेकर नगर निगम आयुक्त से शिकायत करने की तैयारी कर रहे हैं।

    घटना के बाद नगर निगम के कचरा प्रबंधन और कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं, वहीं पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर दी मातृशक्ति को हार्दिक बधाई

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर दी मातृशक्ति को हार्दिक बधाई


    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सभी महिलाओं को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महिलाओं की समाज देश और परिवार में भूमिका को सराहा और कहा कि महिलाएं हर चुनौती का सामना साहस और धैर्य के साथ करती हैं। उन्होंने मातृशक्ति के योगदान को अद्भुत बताते हुए कहा कि देश की प्रगति समाज की मजबूती और परिवार की खुशहाली में महिलाओं का योगदान अनमोल है।

    मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि आज की महिलाएं शिक्षा स्वास्थ्य खेल कला विज्ञान और प्रशासन सभी क्षेत्रों में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। महिलाएं केवल घर या पारिवारिक जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं रह गई हैं बल्कि हर क्षेत्र में अपनी क्षमताओं और प्रतिभा का परिचय दे रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं के प्रयासों और संघर्षों को नमन किया जाना चाहिए क्योंकि उनके बिना समाज का संतुलन अधूरा है।

    डॉ. यादव ने यह भी कहा कि सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। महिला स्वास्थ्य शिक्षा सुरक्षा रोजगार और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न योजनाएं और कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि महिलाएं इन अवसरों का लाभ उठाकर अपने जीवन को और अधिक सशक्त और स्वतंत्र बनाएंगी।

    मुख्यमंत्री ने महिलाओं से आह्वान किया कि वे हर चुनौती को अवसर में बदलें समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सक्रिय भूमिका निभाएं और नई मिसाल कायम करें। उन्होंने कहा कि महिला दिवस केवल समारोह या एक दिन की प्रतिबद्धता नहीं है बल्कि यह महिलाओं के सम्मान उनके अधिकारों और उनके योगदान की सराहना का दिन है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे महिलाओं के अधिकारों का सम्मान करें और उनके विकास में सहयोग दें।

    डॉ. यादव ने अपने संदेश में विशेष रूप से महिलाओं की बहुआयामी भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं परिवार की रीढ़ होती हैं समाज की दिशा निर्धारित करती हैं और राष्ट्र की शक्ति का आधार होती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं का हर क्षेत्र में योगदान प्रेरणादायक है और हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके प्रयासों को उचित मान्यता और सम्मान मिले।

    अंत में मुख्यमंत्री ने सभी माताओं बहनों बेटियों और महिलाओं को एक बार फिर से शत-शत नमन करते हुए उनकी उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि मेरी मंगलकामनाएं हैं कि महिलाएं हर क्षेत्र में सफल हों नए प्रतिमान गढ़ें और समाज को नई ऊँचाइयों तक ले जाएँ।

  • दिग्विजय सिंह आज कर सकते हैं रिटायरमेंट का ऐलान: शाम 4 बजे भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस, राज्यसभा से पहले ही इनकार

    दिग्विजय सिंह आज कर सकते हैं रिटायरमेंट का ऐलान: शाम 4 बजे भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस, राज्यसभा से पहले ही इनकार



    भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह आज अपने रिटायरमेंट की घोषणा कर सकते हैं। दिग्विजय ने शाम 4 बजे भोपाल स्थित अपने सरकारी आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है। तीन दिन पहले उन्होंने फेसबुक पर एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें उन्होंने लिखा था, “मेरा रिटायरमेंट प्लान? शायद, क्यों नहीं…”।

    वीडियो में 62 वर्षीय सिबानंद भंजा और उनकी पत्नी बसबी भंजा को दिखाया गया है, जिन्होंने बैंक की नौकरी से रिटायर होने के बाद एक कार में यात्रा कर पूरे भारत का भ्रमण शुरू किया। दंपति ने अब तक 55 हजार किलोमीटर की यात्रा पूरी कर ली है और होटल के बजाय खुद भोजन बनाकर खाते हैं। दिग्विजय ने इस वीडियो के माध्यम से अपने रिटायरमेंट के अंदाज को दर्शाया।

    राज्यसभा चुनाव को लेकर भी दिग्विजय पहले ही साफ कर चुके हैं कि वे राज्यसभा की सीट लेने से इनकार कर चुके हैं। जून में उनका दूसरा कार्यकाल पूरा हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा जाने का विकल्प छोड़कर एमपी में कांग्रेस की स्थिति पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

    इतिहास पर नजर डालें तो दिग्विजय सिंह 1993 से 2003 तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे, लेकिन 2003 में कांग्रेस की हार के बाद उन्होंने 10 साल तक चुनाव न लड़ने का संकल्प लिया। 2014 में वे राज्यसभा सदस्य बने और 2020 में दूसरी बार राज्यसभा सांसद चुने गए।

    आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके रिटायरमेंट और भविष्य की योजनाओं का खुलासा होने की उम्मीद है, जिससे मध्य प्रदेश की राजनीति और कांग्रेस के रणनीतिक बदलाव पर नई बहस शुरू हो सकती है।

  • भोपाल में रंग पंचमी का भव्य जुलूस: पिचकारी वाला अनोखा निमंत्रण और मुख्यमंत्री की सराहना

    भोपाल में रंग पंचमी का भव्य जुलूस: पिचकारी वाला अनोखा निमंत्रण और मुख्यमंत्री की सराहना



    भोपाल राजधानी भोपाल इस बार 8 मार्च को होने वाले रंग पंचमी पर्व के लिए पहले से ही उत्साह और उमंग से सराबोर हो गई है। श्री हिंदू उत्सव समिति के तत्वावधान में आयोजित इस साल के रंग पंचमी जुलूस (चल समारोह) को विशेष और ऐतिहासिक बनाने की तैयारियां जोर-शोर से शुरू कर दी गई हैं। समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि इस बार के आयोजन के लिए प्रकाश मालवीय को संयोजक बनाया गया है, जिन्होंने शहर के विभिन्न समाजों, एसोसिएशनों और समितियों के पदाधिकारियों को एक अनोखे अंदाज में निमंत्रित किया है।

    इस बार के निमंत्रण पत्र की खासियत यह है कि इसे पिचकारी के आकार में तैयार किया गया है, जिसमें पूरी जानकारी पिचकारी पर ही अंकित है। समिति ने इस अनोखे कार्ड की प्रतियां मुख्यमंत्री मोहन यादव को भी भेंट की, जिन्हें यह अभिनव प्रयास बहुत पसंद आया और उन्होंने इसका खुले दिल से स्वागत किया।

    रंग पंचमी का जुलूस केवल उत्सव का प्रदर्शन नहीं बल्कि यह सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक गौरव और पारंपरिक लोक रंगों का जीवंत अनुभव भी है। प्रकाश मालवीय ने बताया कि इस वर्ष जुलूस में ढोल-ताशों की गूंज, घोड़ी की आकर्षक प्रस्तुति, सुसज्जित झांकियां, डीजे की धुनें और रंग-गुलाल की बौछारें शामिल होंगी, जो पूरे शहर को उत्सवधर्मी माहौल में रंगों से सराबोर कर देंगी।

    समिति का कहना है कि यह जुलूस केवल आनंद और मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि शहरवासियों को आपसी मेल-जोल और सांस्कृतिक भागीदारी का संदेश देने का अवसर भी है। पिछले वर्षों की तरह इस बार भी जुलूस का मार्ग विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों से होकर गुजरेगा, ताकि अधिकतम लोग इस पारंपरिक उत्सव का आनंद ले सकें।

    भोपाल के नागरिक और उत्सव प्रेमी इस भव्य आयोजन के लिए पहले से ही उत्साहित हैं। पिचकारी जैसे अनोखे निमंत्रण पत्र और जुलूस की तैयारियों ने रंग पंचमी को और भी खास और यादगार बना दिया है। शहर के लोग अब 8 मार्च का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जब पूरा भोपाल रंगों, संगीत और उत्साह से भरपूर माहौल में झूम उठेगा।

  • भोपाल की मैपल ट्री सोसायटी में स्ट्रीट डॉग्स को लेकर हंगामा, रहवासियों ने किया प्रदर्शन; समस्या हल न हुई तो सड़क जाम की चेतावनी

    भोपाल की मैपल ट्री सोसायटी में स्ट्रीट डॉग्स को लेकर हंगामा, रहवासियों ने किया प्रदर्शन; समस्या हल न हुई तो सड़क जाम की चेतावनी



    भोपालभोपाल के करोंद इलाके में स्थित मैपल ट्री सोसायटी में गुरुवार देर रात स्ट्रीट डॉग्स की बढ़ती समस्या को लेकर रहवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। कॉलोनी के लोग बड़ी संख्या में सोसायटी के मुख्य गेट पर एकत्र हो गए और नगर निगम व प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। हालात बिगड़ते देख पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा और लोगों को समझाइश देकर स्थिति को शांत कराया गया।

    रहवासियों का आरोप है कि पिछले कई महीनों से सोसायटी और आसपास के इलाकों में आवारा कुत्तों की संख्या तेजी से बढ़ गई है। इससे लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। खासकर बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा खतरे में हैं। लोगों का कहना है कि हाल के दिनों में कई लोगों को कुत्तों ने काट लिया, जिसके बाद नगर निगम में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

    प्रदर्शन के दौरान सोसायटी के लोग गेट पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। उनका कहना था कि प्रशासन को कई बार शिकायत देने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। रहवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ डॉग लवर्स उनकी शिकायतों का विरोध करते हैं और उल्टा उनके खिलाफ थाने में झूठी शिकायतें दर्ज करवा देते हैं, जिससे लोग डर और दबाव में आ जाते हैं।

    सोसायटी के लोगों का कहना है कि आवारा कुत्ते अब राह चलते लोगों पर हमला कर रहे हैं। कई बार बच्चे खेलते समय इनका शिकार बन चुके हैं, जबकि बुजुर्गों के लिए सुबह-शाम टहलना भी मुश्किल हो गया है। रहवासियों का आरोप है कि डॉग लवर्स के दबाव के कारण प्रशासन और नगर निगम सख्त कदम नहीं उठा पा रहे हैं।

    मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया और भरोसा दिलाया कि उनकी शिकायत संबंधित विभाग तक पहुंचाई जाएगी। पुलिस ने रहवासियों से कुछ समय देने की अपील की है।

    हालांकि प्रदर्शन कर रहे लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही स्ट्रीट डॉग्स की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे और जरूरत पड़ी तो सड़क जाम भी करेंगे। उनका कहना है कि सुरक्षा और बच्चों की जान से समझौता किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

  • भोपाल के बड़ा तालाब पर चला प्रशासन का एक्शन, सीमांकन में 100 से ज्यादा अतिक्रमण चिन्हित

    भोपाल के बड़ा तालाब पर चला प्रशासन का एक्शन, सीमांकन में 100 से ज्यादा अतिक्रमण चिन्हित



    भोपालभोपाल की पहचान माने जाने वाले बड़ा तालाब के किनारों पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई एक बार फिर तेज हो गई है। करीब पांच दिन के ब्रेक के बाद गुरुवार को जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम ने सीमांकन अभियान दोबारा शुरू किया। बैरागढ़ तहसील की टीम लाउखेड़ी, बोरवन और बेहटा गांव पहुंची, जहां तालाब के 50 मीटर दायरे में जमीन की नापजोख कर वास्तविक सीमा तय की गई।

    सीमांकन के दौरान बेहटा क्षेत्र में कुछ स्थानीय लोगों ने एफटीएल (फुल टैंक लेवल) पॉइंट को लेकर आपत्ति जताई और टीम के साथ बहस भी हुई। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि यहां लाल निशान क्यों लगाए जा रहे हैं और इसकी अनुमति किसने दी है। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई सरकारी रिकॉर्ड और तय मानकों के अनुसार की जा रही है और टीम ने विरोध के बावजूद सर्वे जारी रखा।

    करीब चार घंटे चली इस कार्रवाई में 50 मीटर के प्रतिबंधित दायरे के भीतर 100 से ज्यादा अतिक्रमण चिन्हित किए गए। बोरवन गांव के बूढ़ागांव इलाके और बेहटा की झुग्गी बस्ती में सर्वे के दौरान कई झुग्गियां तालाब के निर्धारित दायरे में पाई गईं। इन स्थानों को चिह्नित करने के लिए टीम ने मौके पर लाल निशान लगाए, ताकि आगे की कार्रवाई के दौरान इन्हें आसानी से चिन्हित किया जा सके।

    इससे पहले 28 फरवरी को हलालपुरा इलाके के पास भी प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की थी, जहां तालाब किनारे बने एक गार्डन की बाउंड्रीवॉल और गोदाम को तोड़ा गया था। होली के कारण कुछ दिनों तक कार्रवाई धीमी रही, लेकिन अब प्रशासन ने इसे फिर से तेज कर दिया है।

    अधिकारियों के अनुसार फिलहाल सीमांकन का काम बैरागढ़ तहसील क्षेत्र में किया जा रहा है। अगले सप्ताह से कार्रवाई टीटी नगर सर्कल में भी शुरू होगी। टीटी नगर क्षेत्र को तालाब किनारे का सबसे प्राइम इलाका माना जाता है, जहां कई होटल, रेस्टोरेंट, सरकारी कार्यालय और आलीशान कॉलोनियां मौजूद हैं। यहां कई प्रभावशाली लोगों की जमीनें भी बताई जाती हैं।

    प्रशासन का कहना है कि सीमांकन पूरा होने के बाद तालाब के 50 मीटर दायरे में आने वाले सभी अतिक्रमणों की सूची तैयार की जाएगी और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि इस अभियान से न सिर्फ तालाब की मूल सीमा स्पष्ट होगी बल्कि भोपाल के इस ऐतिहासिक जलस्रोत को बचाने की दिशा में भी बड़ा कदम साबित हो सकता है।

  • भोपाल में आज बीजेपी मास्टर ट्रेनर्स की ट्रेनिंग, 600 कार्यकर्ताओं को AI और सोशल मीडिया में किया जाएगा प्रशिक्षित

    भोपाल में आज बीजेपी मास्टर ट्रेनर्स की ट्रेनिंग, 600 कार्यकर्ताओं को AI और सोशल मीडिया में किया जाएगा प्रशिक्षित


    भोपाल। बीजेपी के दीनदयाल प्रशिक्षण महा अभियान के तहत आज शुक्रवार को राजधानी भोपाल के रवींद्र भवन में मध्य भारत प्रांत के 600 कार्यकर्ताओं को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया जाएगा। ये प्रशिक्षित सदस्य आगे मंडल स्तर पर प्रशिक्षण देंगे। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल और प्रदेश प्रभारी डॉ महेन्द्र सिंह मुख्य अतिथि होंगे।
    तीन प्रांतों में व्यापक प्रशिक्षण
    बीजेपी का यह प्रशिक्षण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तर्ज पर तीन प्रांतों मध्यभारत, महाकौशल और मालवा में आयोजित किया जाएगा। मध्यभारत प्रांत में भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग के 25 जिलों के कार्यकर्ता 6 मार्च को प्रशिक्षण लेंगे। महाकौशल प्रांत में 7 मार्च को जबलपुर, छिंदवाड़ा, रीवा और शहडोल संभाग के 19 जिलों के कार्यकर्ता शामिल होंगे। मालवा प्रांत में 10 मार्च को इंदौर में 18 जिलों के कार्यकर्ता प्रशिक्षण लेंगे।

    तकनीकी दक्षता पर जोर
    इस प्रशिक्षण का लक्ष्य कार्यकर्ताओं को आधुनिक तकनीक के अनुरूप तैयार करना है। पार्टी का मानना है कि तकनीकी दक्षता व्यक्ति निर्माण से संगठन निर्माण और फिर राष्ट्र निर्माण में मदद करती है।

    AI और सोशल मीडिया प्रशिक्षण
    मंडल स्तर पर आयोजित 24 घंटे के प्रशिक्षण में AI, सोशल मीडिया, नमो ऐप और संगठन ऐप पर विशेष सत्र होंगे। कार्यकर्ताओं को यह सिखाया जाएगा कि तकनीक का इस्तेमाल करके पार्टी और सरकार की नीतियों और उपलब्धियों को जनता तक कैसे प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए।

    राष्ट्रीय और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व
    महाअभियान के संचालन के लिए राष्ट्रीय टोली बनाई गई है। मध्य प्रदेश से पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और सांसद वी.डी. शर्मा को सह-संयोजक और कविता पाटीदार को सदस्य बनाया गया है। क्षेत्रीय प्रभारी के.सी. पटेल होंगे।

    प्रशिक्षण की संरचना
    डिजिटल कनेक्टिविटी: बूथ स्तर पर व्हाट्सऐप ग्रुप और डिजिटल संवाद के जरिए ‘मन की बात’ जैसी पहल को मजबूत किया जाएगा।
    शुल्क और रजिस्ट्रेशन: 100 रुपए डिजिटल शुल्क, जो संगठन से जोड़ने की प्रक्रिया है।
    सत्र: मंडल स्तर पर 7 सत्रों में 24 घंटे का प्रशिक्षण, बूथ स्तर पर 4 घंटे में 2 सत्र।

  • भोपाल में कल बिजली कटौती, 25 इलाकों में असर: विनीतकुंज, बंजारी-बर्रई में सप्लाई बाधित

    भोपाल में कल बिजली कटौती, 25 इलाकों में असर: विनीतकुंज, बंजारी-बर्रई में सप्लाई बाधित



    नई दिल्ली। होली की छुट्टियों के बाद राजधानी में शुक्रवार से बिजली लाइनों का मेंटेनेंस शुरू होगा। इसके चलते लगभग 25 इलाकों में 1 से 6 घंटे तक बिजली कटौती रहेगी। विभाग ने लोगों से जरूरी काम पहले निपटाने और बिजली के विकल्प सुनिश्चित करने की अपील की है।

    असर वाले इलाके और समय
    सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक: विनीतकुंज ए सेक्टर, सीआई हाइट्स, आइना बंगलो, राजहर्ष कॉलोनी, बंजारी डी सेक्टर और आसपास।
    सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक: बरेलागांव, आदर्श नगर, नई बस्ती, मीरपुर, जाट एरिया, कैम्प नंबर-12, सत्यम नगर, मथाई नगर, नंदा नगर और आसपास।
    सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक: वल्लभ भवन, एमएलए रेस्ट हाउस, मालवीय नगर, एमएलए क्वार्टर, देवकी नगर, गैस राहत, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी और आसपास।
    दोपहर 2.30 से 3.30 बजे तक: बर्रई, कस्तूरी होम्स कॉलोनी और आसपास के क्षेत्र।

    जानकारी और सुझाव
    बिजली कटौती मेंटेनेंस के चलते की जा रही है।
    लोग अपने जरूरी काम, घरेलू उपकरण और बिजली पर निर्भर सेवाओं को पहले से संभाल लें।
    विभाग ने कहा कि कटौती के दौरान बिजली आपातकालीन सेवाओं के लिए उपलब्ध रहेगी।
    भोपाल में कल 25 इलाकों में मेंटेनेंस के कारण 1 से 6 घंटे तक बिजली कटौती रहेगी। विनीतकुंज, बंजारी, बर्रई, मालवीय नगर और आसपास के क्षेत्र प्रभावित होंगे।

  • भोपाल में होली के दिन युवक की चाकू मारकर हत्या, शव ऑटो से फेंककर बदमाश फरार

    भोपाल में होली के दिन युवक की चाकू मारकर हत्या, शव ऑटो से फेंककर बदमाश फरार



    भोपाल  भोपाल के निशातपुरा थाना क्षेत्र में होली के दिन एक युवक की दर्दनाक हत्या ने पूरे इलाके को दहला दिया। 19 वर्षीय अरविंद मीणा, जो प्रताप नगर में रहता था और गारमेंट्स शॉप में सेल्समैन के रूप में काम करता था, बुधवार रात अपने दोस्तों के साथ होली खेलने के बाद घूमने निकला था। सूत्रों के अनुसार, वह अपने दोस्तों विशाल ठाकुर उर्फ भूरा और सचिन के साथ आखिरी बार देखा गया। रात के अज्ञात समय में अज्ञात बदमाशों ने उसे घेरकर चार चाकू वार किए और उसके बाद उसका शव बेस्ट प्राइस के पास 80 फीट रोड पर ऑटो से फेंककर फरार हो गए। शव अर्धनग्न हालत में मिला, जिसमें उसके ऊपरी हिस्से के कपड़े नहीं थे।

    घटना की जानकारी लगते ही मृतक के पिता हल्केराम मीणा मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि उन्होंने सड़क किनारे भीड़ देखकर रुके और पास जाकर अपने बेटे का शव देखा। इस दर्दनाक दृश्य ने पूरे मोहल्ले के लोगों को स्तब्ध कर दिया। निशातपुरा थाना प्रभारी मनोज पटवा ने बताया कि हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है और आरोपियों की पहचान के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और आसपास के लोगों से पूछताछ कर संदिग्धों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

    मृतक के मोहल्ले के लोग और परिचितों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे सड़क पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि जांच में देरी से समुदाय में असंतोष और आक्रोश बढ़ रहा है। मोहल्ले के लोग बताते हैं कि अरविंद मीणा एक मेहनती और शांत स्वभाव का युवक था, जिसने अपने परिवार का सहारा बनने के लिए मेहनत की थी।

    घटना ने इलाके में सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर होली जैसे बड़े त्योहार के मौके पर। पुलिस ने आसपास के इलाकों में अतिरिक्त गश्त बढ़ा दी है और युवाओं को अशांति फैलाने से रोकने के लिए सतर्क रहने का निर्देश दिया है।

    परिजन और मोहल्ले वाले पुलिस से लगातार संपर्क में हैं और दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस की प्राथमिक जांच से पता चला है कि हत्या की घटना व्यक्तिगत विवाद या आपराधिक मंशा के चलते हो सकती है, लेकिन सटीक कारण पोस्टमार्टम और जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

    यह घटना न केवल भोपाल के निशातपुरा इलाके में तनाव बढ़ा रही है, बल्कि होली जैसे खुशियों के त्योहार पर सुरक्षा और कानून व्यवस्था की चुनौती को भी उजागर करती है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

  • भोपाल में नई आबकारी नीति लागू, शराब दुकानों को छोटे समूहों में बांटा गया

    भोपाल में नई आबकारी नीति लागू, शराब दुकानों को छोटे समूहों में बांटा गया


    नई दिल्ली। प्रदेश सरकार ने नई आबकारी नीति लागू कर दी है। इस नीति के तहत शराब दुकानों को बड़े ठेकेदारों के एकाधिपत्य से मुक्त कर छोटे-छोटे समूहों में बांटा गया है। भोपाल में कुल 87 शराब दुकानों को 20 ग्रुप्स में बांटा गया है, जिनके आवंटन की प्रक्रिया ई-टेंडर के जरिए की जा रही है।
    पहले की व्यवस्था और बदलाव:
    वित्तीय वर्ष 2025-26 में भोपाल की सभी दुकानों को सिर्फ 4 बड़े ग्रुप में बांटा गया था। इससे बड़े ठेकेदारों का दबदबा कायम था। इस बार नई नीति के तहत छोटे और नए लाइसेंसियों को भागीदारी का मौका मिलेगा। एकाधिपत्य समाप्त होने से पुराने ठेकेदारों में चिंता है और वे घाटे का प्रचार करके नए ठेकेदारों को हतोत्साहित करने की कोशिश कर रहे हैं।
    राजस्व और मुनाफा
    अंकड़ों के अनुसार, वर्तमान वर्ष 2025-26 में फरवरी के अंत तक प्रत्येक ग्रुप ने 50 करोड़ रुपए से अधिक मुनाफा कमाया है। इसके बावजूद बड़े ठेकेदार घाटे का प्रचार कर रहे हैं ताकि नए ठेकेदार सामने न आएं और भविष्य में बड़े ग्रुप बनाकर उनका एकाधिपत्य कायम रहे।
    ठेके की कीमतों में वृद्धि
    वित्तीय वर्ष 2024-25 में ठेके की नीलामी 1193 करोड़ रुपए से अधिक में हुई थी, जो टारगेट से 11% यानी 120 करोड़ रुपए ज्यादा थी। इस बार आरक्षित मूल्य 1432 करोड़ रुपए रखा गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 20% अधिक है।

    भोपाल के प्रमुख समूहों की कीमतें

    पिपलानी समूह: 4 दुकानें – पिपलानी, अयोध्या नगर, रत्नागिरी तिराहा और पटेल नगर। नई कीमत 127.77 करोड़ रुपए, पहले 106.48 करोड़ रुपए।बाग सेवनिया समूह: 121.89 करोड़ रुपए, पहले 101 करोड़ रुपए।

    नीति का लाभ
    छोटे समूह बनाए जाने से ज्यादा बोलीदाता सामने आएंगे, जिससे सरकार को सीधे राजस्व में फायदा होगा। आबकारी विभाग के अनुसार, नई व्यवस्था से सरकार को लगभग 238 करोड़ रुपए अतिरिक्त राजस्व मिलेगा। टेंडर फाइनल होने के बाद यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।

    नई आबकारी नीति से न केवल बड़े ठेकेदारों का एकाधिपत्य समाप्त होगा, बल्कि छोटे और नए लाइसेंसियों को भी व्यवसाय में भागीदारी का अवसर मिलेगा। ई-टेंडर के जरिए आवंटन से पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकार को अतिरिक्त राजस्व का लाभ मिलेगा।