Tag: Bhopal

  • भोपाल में एक बाइक पर सात युवक सवार: गौहर महल के पास वीडियो वायरल, कार्रवाई की मांग तेज

    भोपाल में एक बाइक पर सात युवक सवार: गौहर महल के पास वीडियो वायरल, कार्रवाई की मांग तेज


    भोपाल । भोपाल में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक स्प्लेंडर बाइक पर सात युवक सवार दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो वीआईपी रोड स्थित गौहर महल क्षेत्र का बताया जा रहा है, जो रेतघाट इलाके के निकट आता है। वीडियो में दिख रहे अधिकांश युवक नाबालिग बताए जा रहे हैं, लेकिन इस बात की पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।

    वायरल क्लिप 21 जनवरी की बताई जा रही है और इसकी लंबाई केवल 12 सेकंड है। इसमें साफ देखा जा सकता है कि एक ही दोपहिया वाहन पर सात युवक सफर कर रहे हैं, जो सामान्य यातायात नियमों के खिलाफ है। इतना ही नहीं, इस तरह की हरकतों से न केवल सवारों की जान खतरे में होती है, बल्कि सड़क पर मौजूद अन्य लोगों के लिए भी यह बेहद जोखिम भरा है।

    इससे पहले भी ग्वालियर से इसी तरह का वीडियो सामने आ चुका है, जिसमें सात नाबालिगों ने एक बाइक पर खतरनाक स्टंट किए थे।

    ग्वालियर वीडियो में नाबालिग तेज रफ्तार में बाइक चला रहे थे और यह घटना सोमवार रात की बताई गई थी, जबकि वीडियो मंगलवार सुबह वायरल हुआ था।

    भोपाल के वायरल वीडियो को लेकर लोगों में गुस्सा और चिंता दोनों बढ़ रही है। सोशल मीडिया यूजर्स ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है और सवाल उठाए हैं कि आखिर कैसे इतनी संख्या में युवक बिना किसी रोक-टोक के सड़क पर ऐसे खतरनाक प्रयोग कर रहे हैं।

    किसी भी तरह की पुष्टि नहीं, फिर भी खतरा बढ़ता जा रहा
    हालांकि वीडियो की सत्यता और सटीक तारीख की पुष्टि अभी नहीं हो सकी है, फिर भी यह घटना युवा सुरक्षा, ट्रैफिक नियमों और सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

  • भोपाल में खाद्य भवन निर्माण के लिए 150 पेड़ कटेंगे, विरोध में कर्मचारी-पर्यावरणविद् ने किया 'चिपको आंदोलन'

    भोपाल में खाद्य भवन निर्माण के लिए 150 पेड़ कटेंगे, विरोध में कर्मचारी-पर्यावरणविद् ने किया 'चिपको आंदोलन'


    भोपाल । भोपाल में अब एक बार फिर पेड़ कटाने का विवाद उभर आया है। अयोध्या बायपास और रत्नागिरी के बाद अब एमपी नगर में खाद्य भवन निर्माण के लिए लगभग 150 पेड़ काटे जाने की तैयारी है। ये पेड़ करीब 50 साल पुराने हैं और स्थानीय पर्यावरणविद्, कर्मचारी और आम नागरिक इस कदम के विरोध में हैं। गुरुवार को कर्मचारियों ने पेड़ों से चिपककर ‘चिपको आंदोलन’ किया और खुले तौर पर पेड़ कटाने का विरोध जताया।
    इस आंदोलन में कई महिला कर्मचारी भी हाथों में तख्तियां लेकर शामिल हुईं।

    जानकारी के अनुसार, वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन ने 64 करोड़ रुपए के बजट से सभी दफ्तरों को एक जगह शिफ्ट करने के लिए नए 6 मंजिला भवन का प्रस्ताव तैयार किया है। इस भवन का निर्माण एमपी नगर स्थित नाप-तौल नियंत्रक कार्यालय की जमीन पर होना है। अनुमान है कि सभी सुविधाओं सहित इस परियोजना पर 90 से 100 करोड़ रुपए तक खर्च आएगा। यह विवाद इसलिए भी बढ़ रहा है क्योंकि वेयर हाउसिंग, खाद्य संचालनालय और नाप-तौल विभाग के अपने भवन हैं, जबकि केवल नागरिक आपूर्ति निगम (NAN) ही किराए के दफ्तर में संचालित हो रहा है।

    वर्तमान में इसी जगह पर नाप-तौल मुख्यालय स्थित है। संभागीय और जिला कार्यालय पहले ही जेके रोड पर स्थानांतरित कर दिए गए हैं। यह पुरानी बिल्डिंग लगभग 50 साल पुरानी है, लेकिन अभी भी अच्छी स्थिति में है। नाप-तौल विभाग ने भी लगभग तीन महीने पहले पास में ही जमीन शासन से मांगी थी, जिससे यह सवाल उठता है कि नए भवन के लिए पेड़ काटना क्यों जरूरी है।

    वहीं दूसरी ओर, विध्यांचल भवन में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग का संचालनालय है, जबकि वेयर हाउसिंग की अपनी बड़ी बिल्डिंग गौतम नगर में मौजूद है।

    यानी विभाग के पास पहले से ही भवन और सुविधाएँ हैं, फिर भी नए 6 मंजिला भवन का प्रस्ताव क्यों बनाया जा रहा है, यह विवाद का मुख्य मुद्दा बन रहा है।

    इस मामले में विरोध तेज होने पर अब उत्तर प्रदेश सरकार ने भी इस घटना की जांच के लिए कदम उठाया है। सरकार ने ADG (मेरठ जोन) भानु भास्कर की अध्यक्षता में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है, जिसे 5 दिनों के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।

  • भोपाल में कर्मचारी मोर्चा: दैनिक वेतनभोगी और अंशकालीन कर्मचारी सत्याग्रह पर, महिला कर्मचारी भी शामिल

    भोपाल में कर्मचारी मोर्चा: दैनिक वेतनभोगी और अंशकालीन कर्मचारी सत्याग्रह पर, महिला कर्मचारी भी शामिल


    भोपाल में सरकारी कर्मचारियों ने अपने अधिकारों और मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। स्थायी दैनिक वेतनभोगी और अंशकालीन कर्मचारी एकजुट होकर सतपुड़ा गेट पर सत्याग्रह पर बैठे हैं। आंदोलन में महिला कर्मचारी भी शामिल हैं। यह आंदोलन कर्मचारियों की पांच सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहा है जो लंबे समय से प्रतीक्षित थे।

    प्रांत अध्यक्ष अशोक पांडे के अनुसार कर्मचारियों की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं: पहला उच्च न्यायालय खंडपीठ इन्दौर के आदेशानुसार सातवें वेतनमान का लाभ दिया जाए या उन्हें नियमित किया जाए। दूसरा शासन द्वारा अस्थाई पदों को सांख्येत्तर घोषित करने वाले आदेश दिनांक 22 दिसंबर 2025 को निरस्त किया जाए। तीसरा दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित किया जाए ताकि उनके अधिकार सुनिश्चित हो सकें। चौथा अंशकालीन कर्मचारियों को श्रमायुक्त द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन या कलेक्टर दर के अनुसार वेतन भुगतान किया जाए। पांचवा अस्थाई कर्मचारियों को पेंशन सुविधा का लाभ प्रदान किया जाए।

    सत्याग्रह में शामिल कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी आवाज़ सुनी नहीं जा रही और उनकी न्यायसंगत मांगों को अनदेखा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार की अनदेखी और समय पर समाधान न मिलने के कारण उन्हें मजबूर होकर सड़क पर आंदोलन करना पड़ा है। महिला कर्मचारी भी इस आंदोलन में शामिल होकर यह संदेश दे रही हैं कि कर्मचारियों की समस्याएं केवल पुरुष कर्मचारियों तक सीमित नहीं हैं बल्कि सभी वर्गों को समान अधिकार मिलने चाहिए।स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा दृष्टि से सत्याग्रह स्थल पर विशेष व्यवस्था की है। हालांकि कर्मचारियों का आंदोलन शांतिपूर्ण है लेकिन इसका असर प्रशासन पर निश्चित रूप से पड़ेगा। कर्मचारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल अपनी जायज़ मांगों को मान्यता दिलाना है न कि किसी तरह का विवाद खड़ा करना।

    इससे पहले भी विभिन्न विभागों में कर्मचारियों की समान मांगों को लेकर ज्ञापन दिया गया था लेकिन इसे लागू करने में ढिलाई बरती गई। अब कर्मचारियों ने सत्याग्रह के माध्यम से सीधे सरकार और प्रशासन का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर खींचने का निर्णय लिया है।सत्याग्रह में भाग लेने वाले कर्मचारी मानते हैं कि यह आंदोलन उनके अधिकारों की लड़ाई है और यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो आगे और बड़े पैमाने पर आंदोलन की संभावना भी बनी हुई है। कर्मचारी मंच इस आंदोलन को लंबी लड़ाई के रूप में तैयार कर रहा है और इसका असर न केवल भोपाल बल्कि राज्य के अन्य हिस्सों में भी दिखाई देगा।

  • भोपाल आज: नाटक, टेक फेस्ट और क्रिकेट का संगम, बिजली कटौती का खाका भी जारी

    भोपाल आज: नाटक, टेक फेस्ट और क्रिकेट का संगम, बिजली कटौती का खाका भी जारी


    भोपाल में आज कला, संस्कृति, खेल और टेक्नोलॉजी का संगम देखने को मिलेगा। महाभारत समागम के तहत नाट्य प्रस्तुतियों का आयोजन होगा। MANIT में चार दिवसीय टेक्नोसर्च 2026 का आगाज होगा, वहीं बैरागढ़ क्रिकेट ग्राउंड में जैन लिगेसी क्रिकेट टूर्नामेंट की शुरुआत होगी। इस दौरान कई इलाकों में बिजली कटौती रहेगी।

    बिजली कटौती सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक हमीदिया रोड, इब्राहिमगंज, सज्जाद कॉलोनी, बाल विहार, दवा बाजार, नादरा बस स्टैंड, चेतन मार्केट, मलिक मार्केट और आसपास के क्षेत्रों में होगी। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक रानी अमन बाई कॉलोनी, तुलसी नगर, सोनिया कॉलोनी नवीन नगर, फूटी बावड़ी, राजीव नगर बी-सी सेक्टर और इंद्रलोक, प्रकाश नगर, भेल नगर बसंतकुंज, भारत आजाद नगर, छत्तीसगढ़ कॉलोनी, वर्धमान नगर, राज सम्राट फेस-3, सुरभि मोहिनी, युगांतर, कंचन नगर, इंडस प्रज्ञा, विद्यासागर, सिद्धार्थ पैलेस, आधारशिला ईस्ट ब्लॉक आधारशिला एक्सटेंशन, सुभालय व आसपास बिजली गुल रहेगी।

    रेल यात्रियों के लिए भी खबर है कि नांदेड़ के लिए दो स्पेशल ट्रेनें चंडीगढ़-नांदेड़-चंडीगढ़ और हजरत निजामुद्दीन-नांदेड़-हजरत निजामुद्दीन चलेंगी। चंडीगढ़-नांदेड़-चंडीगढ़ स्पेशल 23 व 24 जनवरी को चंडीगढ़ से प्रस्थान करेगी और 25 व 26 जनवरी को नांदेड़ से लौटेगी। भोपाल आगमन रात 9:50 बजे और प्रस्थान सुबह 9:55 बजे होगा। हजरत निजामुद्दीन-नांदेड़-हजरत निजामुद्दीन ट्रेन 23 व 24 जनवरी को निजामुद्दीन से रवाना होगी और नांदेड़ से 24 व 25 जनवरी को लौटेगी।

    महाभारत समागम में आज सुबह 5 बजे पूर्वरंग में छत्तीसगढ़ के शिव शर्मा द्वारा पंडवानी गायन होगा। शाम 6 बजे अंतरंग सत्र में ‘सौगंधिक वधम्’ नाट्य प्रस्तुति होगी, जिसका निर्देशन विशाल मजुमदार करेंगे और प्रस्तुति चित्राशा कलालय, कोलकाता द्वारा दी जाएगी। शाम 7:30 बजे बहिरंग सत्र में ‘स्वर्गारोहण’ नाटक का मंचन कंकण पॉप आर्ट्स ट्रस्ट, नई दिल्ली द्वारा किया जाएगा।

    जनजातीय संग्रहालय में दोपहर 12 बजे से शलाका चित्र प्रदर्शनी शुरू होगी। वहीं, MANIT में आज से चार दिवसीय मैफिक एक्स टेक्नोसर्च 2026 का आयोजन होगा। यह फेस्ट टेक्नोलॉजी, इनोवेशन ई-स्पोर्ट्स, ऑटो-शो, साइंस मॉडल और कल्चरल नाइट्स का बड़ा मंच बनेगा। इसमें इनो-फेस्ट फिन-स्पार्क, ऑटो-एक्सपो और ‘गिग-ए-नाइट’ जैसे इवेंट आकर्षण का केंद्र होंगे।बैरागढ़ क्रिके ग्राउंड पर आज से जैन लिगेसी कप 2.0 शुरू होगा। 10 टीमें मैदान में उतरेंगी। लीग मुकाबले 22 से 25 जनवरी तक होंगे और फाइनल 26 जनवरी शाम 4 बजे खेला जाएगा। टूर्नामेंट का उद्देश्य खेल के साथ सामाजिक सरोकार को जोड़ना है और आईपीएल की तर्ज पर ऑक्शन के बाद टीमें बनाई गई हैं।

    आज भोपाल में नाटक, टेक्नोलॉजी, क्रिकेट और बिजली कटौती की पूरी लिस्ट को ध्यान में रखते हुए लोगों को समय और कार्यक्रम के अनुसार योजना बनानी होगी। शहर भर में कला और खेल प्रेमियों के लिए यह दिन खास रहेग

  • एमपी नगर में खाद्य भवन निर्माण पर विरोध तेज: 150 पुराने पेड़ों की कटाई के खिलाफ कर्मचारी और पर्यावरणविद करेंगे ‘चिपको आंदोलन’

    एमपी नगर में खाद्य भवन निर्माण पर विरोध तेज: 150 पुराने पेड़ों की कटाई के खिलाफ कर्मचारी और पर्यावरणविद करेंगे ‘चिपको आंदोलन’


    भोपाल के एमपी नगर क्षेत्र में प्रस्तावित 6 मंजिला खाद्य भवन के निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस परियोजना में लगभग 150 पुराने पेड़ों को काटने की तैयारी है जिनमें पीपल और बरगद जैसे बड़े वृक्ष शामिल हैं। इन पेड़ों की उम्र 40 से 50 साल बताई जा रही है। पेड़ों की कटाई के विरोध में अब कर्मचारी संगठनों के साथ पर्यावरणविद भी मैदान में उतर आए हैं। वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन द्वारा लगभग 64 करोड़ रुपये की लागत से नया भवन बनाने की योजना है। इस भवन में खाद्य संचालनालय वेयर हाउसिंग और नाप-तौल विभाग के दफ्तरों को एक ही परिसर में शिफ्ट किया जाएगा। सभी सुविधाओं को जोड़कर खर्च 90 से 100 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।

    यह निर्माण एमपी नगर स्थित नाप-तौल नियंत्रक कार्यालय की डेढ़ एकड़ जमीन पर प्रस्तावित है। पुराने भवन को तोड़कर नया निर्माण होगा, जिसके चलते परिसर में मौजूद सैकड़ों पेड़ों को हटाना तय माना जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि नागरिक आपूर्ति निगम को छोड़ दें तो बाकी सभी विभागों के पास पहले से ही सरकारी भवन हैं। ऐसे में केवल एक विभाग के लिए 100 करोड़ रुपये खर्च करना और इसके बदले 150 पेड़ों की बलि देना अनुचित है।

    मप्र नाप-तौल अधिकारी-कर्मचारी संघर्ष समिति ने मोर्चा खोल दिया है। समिति के अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी ने बताया कि गुरुवार को भोजन अवकाश के समय कर्मचारी और पर्यावरण से जुड़े लोग पेड़ों से चिपककर चिपको आंदोलन करेंगे। विरोध के प्रतीक स्वरूप कर्मचारी काली पट्टी बांधकर काम करेंगे। कर्मचारियों ने यह भी कहा कि नए भवन के निर्माण में करीब तीन साल लगेंगे, इस दौरान मुख्यालय को किराए के भवन में शिफ्ट करना पड़ेगा जिससे लाखों रुपये अतिरिक्त खर्च होंगे।

    कर्मचारियों के अनुसार सात साल पहले जगह की कमी का हवाला देकर नाप-तौल मुख्यालय से कुछ कार्यालय 50 लाख रुपये खर्च कर जेके रोड स्थित किराए के भवन में भेजे गए थे, जहां आज भी स्टाफ और सामग्री के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। वहीं, मुख्यालय परिसर में टैंक लॉरी कैलिब्रेशन सुविधा विकसित करने के लिए पहले ही 5 करोड़ रुपये की स्वीकृति मांगी जा चुकी है।

    पर्यावरणविदों का कहना है कि शहर में हरियाली लगातार घट रही है, ऐसे में पुराने और बड़े पेड़ों को बचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। अगर पेड़ कट गए तो न केवल शहर का हरित आवरण घटेगा बल्कि आसपास के तापमान और वायु गुणवत्ता पर भी असर पड़ेगा। कर्मचारियों और पर्यावरणविदों के इस आंदोलन से प्रशासन पर दबाव बढ़ सकता है।विरोध तेज होने के साथ ही यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है। कर्मचारी संगठनों और पर्यावरणविदों का कहना है कि केवल प्रशासनिक फैसले से निपटने के बजाय सार्वजनिक हित और पर्यावरण सुरक्षा को ध्यान में रखना जरूरी है।

  • MP: गणतंत्र दिवस पर भोपाल में राज्यपाल, उज्जैन में CM करेंगे ध्वजारोहण, जानिए इंदौर में कौन फहराएगा तिरंगा

    MP: गणतंत्र दिवस पर भोपाल में राज्यपाल, उज्जैन में CM करेंगे ध्वजारोहण, जानिए इंदौर में कौन फहराएगा तिरंगा


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में भी 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस (Republic Day) बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। इस दौरान प्रदेश के सभी जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें राज्य सरकार के अलग-अलग जनप्रतिनिधि हिस्सा लेकर झंडावंदन (Flag Hoisting) करेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस बारे में जानकारी देते हुए एक पत्र जारी किया है और बताया है कि इस साल होने वाले जिलास्तरीय आयोजनों कौन से प्रतिनिधि कहां पर राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। राज्य के सभी कलेक्टरों के नाम पर जारी इस पत्र में बताया गया है कि राज्य स्तरीय और जिला स्तरीय कार्यक्रमों में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, उप मुख्यमंत्री, मंत्री, राज्यमंत्री और कलेक्टर किन जिला मुख्यालयों में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे।

    पत्र में दी गई जानकारी के अनुसार प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल (Mangubhai Patel) भोपाल में होने वाले मुख्य समारोह में ध्वज फहराएंगे, जबकि प्रदेश के मुख्मंत्री डॉ. मोहन यादव (Chief Minister Dr. Mohan Yadav) अपने गृह नगर उज्जैन में होने वाले आयोजन में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। वहीं विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ग्वालियर जिले में ध्वज फहराएंगे और मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे। पत्र के अनुसार 23 जिले ऐसे भी हैं, जहां पर स्थानीय कलेक्टर ही ध्वज फहराएंगे।


    किस जिले में कौन सा मंत्री फहराएगा ध्वज

    1. इंदौर- जगदीश देवड़ा, उप मुख्यमंत्री
    2. सागर- राजेन्द्र शुक्ल, उप मुख्यमंत्री
    3. रतलाम- कुंवर विजय शाह, मंत्री
    4. रीवा- प्रहलाद सिंह पटेल, मंत्री
    5. छिंदवाडा- राकेश सिंह, मंत्री
    6. सिवनी- करण सिंह वर्मा, मंत्री
    7. कटनी- उदय प्रताप सिंह, मंत्री
    8. जबलपुर- सम्पतिया उईके, मंत्री
    9. बुरहानपुर- तुलसीराम सिलावट, मंत्री
    10. दतिया- एदल सिंह कंषाना, मंत्री
    11. नीमच- निर्मला भूरिया, मंत्री
    12. गुना- गोविन्द सिंह राजपूत, मंत्री
    13. खरगोन- विश्वास सारंग, मंत्री
    14. शाजापुर- नारायण सिंह कुशवाह, मंत्री
    15. आगर-मालवा- नागर सिंह चौहान, मंत्री
    16. शिवपुरी- प्रद्युम्न सिंह तोमर, मंत्री
    17. अशोकनगर- राकेश शुक्ला, मंत्री
    18. राजगढ़- चेतन्य काश्यप, मंत्री
    19. दमोह- इंदर सिंह परमार, मंत्री
    20. सीहोर- कृष्णा गौर, राज्यमंत्री
    21. खण्डवा- धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी, राज्यमंत्री
    22. मण्डला- दिलीप जायसवाल, राज्यमंत्री
    23. बड़वानी- गौतम टेटवाल, राज्यमंत्री
    24. विदिशा- लखन सिंह पटेल, राज्यमंत्री
    25. रायसेन- नारायण सिंह पंवार, राज्यमंत्री
    26. नर्मदापुरम- नरेंद्र शिवाजी पटेल, राज्यमंत्री
    27. डिण्डौरी- प्रतिमा बागरी, राज्यमंत्री
    28. अनूपपुर- दिलीप अहिरवार, राज्यमंत्री
    29. मैहर- राधा सिंह, राज्यमंत्री

    इन 23 जिलों में कलेक्टर फहराएंगे ध्वज व पढ़ेंगे CM का संदेश

    1. देवास, 2. धार, 3. झाबुआ, 4. अलीराजपुर, 5. मुरैना, 6. मन्दसौर, 7. श्योपुर, 8. भिण्ड, 9. सीधी, 10. सतना, 11. मऊगंज, 12. शहडोल, 13. उमरिया, 14. पन्ना, 15. छतरपुर, 16. टीकमगढ़, 17. निवाड़ी, 18. बैतूल, 19. हरदा, 20. सिंगरौली, 21. नरसिंहपुर, 22. बालाघाट, 23. पांढुर्णा

  • भोपाल में खौफनाक वारदात: गांव जाने से पत्नी ने किया इनकार तो पति ने गला दबाकर उतारा मौत के घाट; 14 महीने पहले ही हुई थी दोनों की दूसरी शादी

    भोपाल में खौफनाक वारदात: गांव जाने से पत्नी ने किया इनकार तो पति ने गला दबाकर उतारा मौत के घाट; 14 महीने पहले ही हुई थी दोनों की दूसरी शादी


    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी के छोला मंदिर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ रहने के ठिकाने को लेकर हुए मामूली विवाद में एक पति इस कदर हैवान बन गया कि उसने अपनी ही पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी। वारदात की खबर फैलते ही इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में ले लिया है और मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
    शादी के 14 महीने और मौत का मंजर मृतक महिला और आरोपी पति हेमराज जो पेशे से सब्जी का ठेला लगाता है दोनों की यह दूसरी शादी थी। महज 14 महीने पहले ही दोनों एक-दूसरे के साथ वैवाहिक बंधन में बंधे थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि पिछले कुछ समय से दोनों के बीच रहने की जगह को लेकर अनबन चल रही थी। हेमराज चाहता था कि वे अपने पैतृक गांव में जाकर रहें जबकि पत्नी भोपाल शहर को छोड़कर गांव जाने के लिए तैयार नहीं थी।विवाद ने लिया हिंसा का रूप घटना वाले दिन इसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हुई।
    विवाद इतना बढ़ा कि गुस्से में आकर हेमराज ने अपनी पत्नी का गला दबा दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी घबराया नहीं बल्कि उसने खुद ही पत्नी के मायके वालों को फोन कर घटना की जानकारी दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार सूचना मिलते ही छोला थाना पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी पति को पकड़ लिया गया है। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार कर रही है जिसके बाद हत्या की धाराओं के तहत औपचारिक मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

  • भोपाल में SC-ST-OBC महासम्मेलन: 20 मांगों का ज्ञापन, सरकार पर आरक्षण और सामाजिक न्याय को लेकर हमला

    भोपाल में SC-ST-OBC महासम्मेलन: 20 मांगों का ज्ञापन, सरकार पर आरक्षण और सामाजिक न्याय को लेकर हमला



    भोपाल । भोपाल के भेल दशहरा मैदान में रविवार को अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (SC-ST-OBC) के संयुक्त मोर्चा का महासम्मेलन आयोजित हुआ, जिसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से हजारों लोग शामिल हुए। सम्मेलन में नेताओं ने सामाजिक न्याय, आरक्षण, शिक्षा, रोजगार और न्याय व्यवस्था में समान अधिकार की मांग को लेकर सरकार पर तीखा विरोध जताया। मंच से कहा गया कि ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग आज भी शिक्षा, नौकरी, प्रशासन और न्याय व्यवस्था में बराबरी का अधिकार नहीं पा रहे हैं और संविधान में दिए गए अधिकारों का लाभ इन्हें पूरी तरह नहीं मिल रहा है।

    संयुक्त मोर्चा ने मुख्यमंत्री के नाम 20 मांगों का ज्ञापन देने की बात कही।

    इसमें मुख्य रूप से आरक्षण को जनसंख्या के अनुसार बढ़ाने, ओबीसी के 13% रोके गए पद तुरंत भरने, सरकारी सेवाओं में पदोन्नति में आरक्षण, निजी और आउटसोर्स कामों में भी आरक्षण, पुरानी पेंशन योजना लागू करने, सफाई कर्मचारियों को नियमित करने, न्याय व्यवस्था में ओबीसी-एससी-एसटी का उचित प्रतिनिधित्व, छात्रवृत्ति और छात्रावास बढ़ाने जैसी मांगें शामिल हैं। मोर्चा ने चेतावनी भी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे प्रदेश में आंदोलन तेज किया जाएगा।

    महासम्मेलन के दौरान पूर्व विधायक और संपूर्ण बुंदेलखंड जन जागरण मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरडी प्रजापति ने कथावाचकों धीरेंद्र शास्त्री और अनिरुद्ध आचार्य के विवादित बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। प्रजापति ने कहा कि महिलाओं के बारे में “25 साल की लड़कियां” और “100 बार बेचो” जैसे अपमानजनक बयान देना किसी भी धर्म या शास्त्र में स्वीकार्य नहीं है।

    उन्होंने सवाल उठाया कि क्या विधवा महिला का सिंदूर हटना उसे “खाली प्लॉट” बना देता है और समाज को अपनी बहन-बेटियों को जमीन की तरह ‘खरीदा-बेचा’ जाना चाहिए।

    प्रजापति ने यह भी कहा कि कुछ कथावाचक और धर्मगुरु करोड़ों लोगों की भीड़ जुटाकर महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ऐसे बयान देने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो और धर्म-शास्त्र का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए कड़ी निगरानी होनी चाहिए।

    अपने संबोधन में प्रजापति ने प्रधानमंत्री और मौजूदा व्यवस्था पर भी तीखा हमला करते हुए कहा कि मेहनत करने वाला वर्ग हाशिए पर है, जबकि धर्म और चंदे के सहारे प्रभावशाली लोग लाभ ले रहे हैं।

    उन्होंने आदिवासी समाज के मुद्दों पर जंगल कटाई और संसाधनों के दोहन को आदिवासी समुदाय के अस्तित्व के लिए खतरा बताया।

    महासम्मेलन में उपस्थित नेताओं ने यह भी कहा कि आदिवासी सलाहकार परिषद को मजबूत किया जाए और PESA कानून पूरी तरह लागू किया जाए। साथ ही डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाएं ग्वालियर, जबलपुर और इंदौर हाईकोर्ट परिसर में स्थापित करने और बाबा साहब के अपमान से जुड़े मामलों में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की गई।

    इस तरह भोपाल में हुए इस महासम्मेलन ने सरकार पर आरक्षण, सामाजिक न्याय और संविधानिक अधिकारों के कार्यान्वयन को लेकर दबाव बढ़ा दिया है, साथ ही कथावाचकों के विवादित बयानों को लेकर सामाजिक स्तर पर भी नया राजनीतिक और सांस्कृतिक विवाद खड़ा कर दिया है।

  • इवेंट मैनेजमेंट की आड़ में हाई-प्रोफाइल ड्रग पार्टियां: 15000 में एंट्री, युवतियों को पैडलर बनाकर 5 राज्यों में एमडी ड्रग सप्लाई

    इवेंट मैनेजमेंट की आड़ में हाई-प्रोफाइल ड्रग पार्टियां: 15000 में एंट्री, युवतियों को पैडलर बनाकर 5 राज्यों में एमडी ड्रग सप्लाई


    नई दिल्ली। इंदौर पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसमें भोपाल का अबान शकील मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। पुलिस ने अबान को इंदौर में ड्रग डिलीवरी के इंतजार के दौरान गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि अबान गोवा, इंदौर, मुंबई, दिल्ली और भोपाल जैसे कई बड़े शहरों में एमडी ड्रग की सप्लाई में सक्रिय था। इस गिरोह में दो युवतियां भी पैडलर के रूप में शामिल थीं, जिन्हें अबान और उसके साथी वैभव उर्फ बाबा शर्मा मोटे कमीशन और ड्रग की फ्री खुराक का लालच देकर तस्करी के काम में जोड़ते थे।
    पुलिस ने अबान की निशानदेही पर दो युवतियों और बाबा शर्मा को भी गिरफ्तार किया है।

    इंदौर पुलिस की जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि अबान और बाबा शर्मा अंतरराज्यीय एमडी तस्कर गिरोह के सदस्य हैं और यह गिरोह चार से पांच राज्यों में ड्रग तस्करी कर रहा था। जांच के दौरान यह तथ्य भी उजागर हुआ कि इवेंट मैनेजमेंट की आड़ में आरोपी बाबा शर्मा, अलीशा मसीह और नेहा पार्टीज का आयोजन करते थे। इन पार्टियों में एंट्री फीस 10 से 15 हजार रुपए तक ली जाती थी और रईसजादों को ड्रग खपाने का काम किया जाता था।

    पुलिस ने बताया कि अबान अपनी पार्टीज के जरिए युवाओं को आकर्षित करता था और बाद में उन्हें एमडी की खुराक देकर पार्टी कल्चर के नाम पर नशे का आदी बनाता था। इसके बाद वही युवतियां और अन्य सदस्य ड्रग सप्लाई के लिए आगे काम करते थे। गिरोह के सदस्य मुख्य रूप से गोवा, दिल्ली, इंदौर, भोपाल, मुंबई सहित अन्य शहरों में पार्टीज आयोजित करते रहे हैं।

    अब तक इस मामले में कुल चार गिरफ्तारियां हुई हैं।

    इंदौर पुलिस ने अबान के साथ कनाड़िया, मुंबई और देवास से गिरोह के तीन और सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपी वैभव उर्फ बाबा ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह अबान और युवतियों के साथ मिलकर एमडी ड्रग्स की तस्करी करता था।

    पुलिस के मुताबिक, गिरोह गोवा सहित कई राज्यों के पब, बार और क्लबों में एमडी ड्रग की सप्लाई करता था और इसकी कीमत लगभग 10 हजार रुपए प्रति ग्राम थी। पुलिस अभी आरोपी से एमडी ड्रग्स के सोर्स के बारे में पूछताछ कर रही है और उसके बाद गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी भी संभव है।

    इस बीच, अबान शकील का नाम ड्रग तस्करी में फंसने के बाद भोपाल डिवीजन क्रिकेट एसोसिएशन (बीडीसीए) ने उसे अपनी प्रारंभिक सदस्यता से बर्खास्त कर दिया है। बीडीसीए ने एक बयान जारी कर इसकी पुष्टि की है। अबान बीडीसीए का आजीवन सदस्य भी था। पुलिस ने बताया कि अबान कोहेफिजा इलाके में स्थित सैफिया कॉलेज मैदान के पास बने करोड़ों रुपए कीमत के बंगले में रहता था और उसके घर के पोर्च पर लग्जरी कारें खड़ी रहती थीं।
    इस मामले में इंदौर के कनाड़िया थाने में अपराध क्रमांक 37/2025 के तहत धारा 8/22 एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। अब तक आरोपियों से कुल 15.95 ग्राम एमडी ड्रग्स, बिना नंबर की इको स्पोर्ट्स कार, थार और एक एसयूवी जब्त की गई है। पुलिस का कहना है कि अबान थार जीप से भोपाल-इंदौर के पब और लाउंज में ड्रग सप्लाई करता था और उसके लिए लड़कियां भी पैडलर का काम करती थीं।

    इंदौर क्राइम ब्रांच और कनाड़िया पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अबान की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस ने मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच तेज कर दी है, जिससे जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों के खिलाफ भी कार्रवाई की संभावना है।

  • हे राम! गौमांस कांड पर सन्नाटा: न पुलिस के पास जवाब, न नगर निगम को खबर, स्लॉटर हाउस ट्रक से मिले मांस

    हे राम! गौमांस कांड पर सन्नाटा: न पुलिस के पास जवाब, न नगर निगम को खबर, स्लॉटर हाउस ट्रक से मिले मांस


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में सामने आए गौमांस कांड ने प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हैरानी की बात यह है कि घटना को कई दिन बीत जाने के बावजूद अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि स्लॉटर हाउस के ट्रक में मिला गौमांस आखिर कहां से आया और जिन गायों का वध किया गया वे कहां से लाई गई थीं। न तो नगर निगम के पास इसका कोई ठोस जवाब है और न ही पुलिस इस दिशा में कोई ठोस प्रगति दिखा पा रही है। मामला 17-18 दिसंबर की दरमियानी रात का है जब भोपाल के स्लॉटर हाउस से जुड़े एक ट्रक में गौमांस मिलने की पुष्टि हुई थी। इस खुलासे के बाद शहर में हड़कंप मच गया था और हिंदू संगठनों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया था। पुलिस ने मामले में 24 दिसंबर को स्लॉटर हाउस संचालक असलम कुरैशी को गिरफ्तार जरूर किया लेकिन जांच की रफ्तार शुरुआत से ही सवालों के घेरे में है।

    सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस ने असलम कुरैशी का रिमांड तक नहीं मांगा। न्यायालय में पेशी के दौरान पुलिस ने पूछताछ के लिए रिमांड की मांग नहीं की जिसके चलते कोर्ट ने असलम को सीधे जेल भेज दिया। जानकारों का मानना है कि रिमांड न लेने से कई अहम जानकारियां सामने आने का मौका गंवा दिया गया जिससे पूरे मामले की तह तक पहुंचना अब और मुश्किल हो गया है। मध्यप्रदेश में गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम 2004 के तहत गौहत्या या गौमांस के परिवहन जैसे मामलों में सात साल तक की सजा का प्रावधान है। ऐसे में जांच में हो रही ढिलाई सीधे तौर पर आरोपी को लाभ पहुंचा सकती है। अब तक यह साफ नहीं हो सका है कि गायें किस जिले या किस राज्य से लाई गई थीं उनके परिवहन की अनुमति थी या नहीं और क्या इसमें किसी संगठित गिरोह की भूमिका है।

    नगर निगम की भूमिका भी इस पूरे मामले में संदेह के घेरे में आ गई है। स्लॉटर हाउस नगर निगम के अधीन आता है इसके बावजूद निगम की ओर से अब तक असलम कुरैशी के खिलाफ स्लॉटर हाउस के दुरुपयोग को लेकर कोई अलग से एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है। इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या निगम प्रशासन जानबूझकर मामले को हल्का रखने की कोशिश कर रहा है या फिर आंतरिक लापरवाही इसके पीछे कारण है। राजनीतिक गलियारों में भी यह मुद्दा गरमाता जा रहा है। विपक्ष सरकार और प्रशासन पर आरोप लगा रहा है कि जानबूझकर जांच को कमजोर किया जा रहा है जबकि सत्तापक्ष इसे कानून के तहत कार्रवाई का मामला बता रहा है। फिलहाल भोपाल में गौमांस कहां से आया कौन जिम्मेदार है और इसके पीछे कौन-सी बड़ी साजिश छिपी है इन सभी सवालों के जवाब अभी अधर में लटके हुए हैं।