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  • भोपाल: फरार वारंटी पर 10 हजार का इनाम घोषित, स्टेशन बजरिया पुलिस ने मांगी आमजन से मदद

    भोपाल: फरार वारंटी पर 10 हजार का इनाम घोषित, स्टेशन बजरिया पुलिस ने मांगी आमजन से मदद


    भोपाल। राजधानी भोपाल में लंबे समय से फरार चल रहे एक वारंटी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने इनाम की घोषणा की है। Bhopal के Station Bajaria Police Station की पुलिस ने आरोपी की जानकारी देने या उसे पकड़वाने वाले को 10 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।

    आरोपी की पहचान
    पुलिस के मुताबिक फरार वारंटी Nawab Senting Wala (पिता सैयद साजिद अली, उम्र करीब 58 वर्ष) मूल रूप से बाग फरहत अफजा, ऐशबाग क्षेत्र का निवासी है। वर्तमान में वह गैस राहत कॉलोनी, निशातपुरा क्षेत्र में रहता था। आरोपी लंबे समय से फरार है और उसके खिलाफ न्यायालय से वारंट जारी है।

    सूचना देने वाले का नाम रहेगा गोपनीय
    पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी को आरोपी के बारे में कोई जानकारी मिले या वह कहीं दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
    पुलिस का कहना है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

    इनाम की घोषणा
    आरोपी की गिरफ्तारी में मदद करने या पुख्ता सूचना देने वाले व्यक्ति को नगर पुलिस अधीक्षक जोन-1 की ओर से 10 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा।

    यहां दें सूचना
    पुलिस कंट्रोल रूम: 9479990454

    थाना स्टेशन बजरिया: 9479990527 / 9479990523
    पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और आमजन के सहयोग से उसे जल्द गिरफ्तार किया जा सकता है।

  • भोपाल: नापतौल विभाग को साइनाइड सिलेंडर से उड़ाने की धमकी, बम डिस्पोजल स्कॉड ने की सर्चिंग, कुछ नहीं मिला

    भोपाल: नापतौल विभाग को साइनाइड सिलेंडर से उड़ाने की धमकी, बम डिस्पोजल स्कॉड ने की सर्चिंग, कुछ नहीं मिला


    भोपाल। राजधानी भोपाल के एमपी नगर स्थित नापतौल विभाग के कार्यालय को साइनाइड गैस से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद अफरा-तफरी मच गई। धमकी भरा ईमेल सोमवार सुबह करीब नौ बजे मिला, जिसमें बताया गया था कि कार्यालय में साइनाइड से भरे 16 सिलेंडर रख दिए गए हैं और दोपहर एक बजे वे फटेंगे।

    पुलिस और बम स्क्वॉड की कार्रवाई
    सूचना मिलने के बाद पुलिस ने बम डिस्पोजल स्कॉड और बस स्क्वॉड टीम को मौके पर बुलाया।

    विभाग में मौजूद कर्मचारियों को सुरक्षा के लिहाज से बाहर निकाला गया।

    पूरे कार्यालय की सर्चिंग की गई, लेकिन कोई सिलेंडर या बम नहीं मिले।

    पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां
    इससे पहले पीपुल्स यूनिवर्सिटी और एम्स भोपाल को भी धमकी भरे ईमेल मिले थे, जो बाद में फर्जी निकले।

    फिलहाल पुलिस ईमेल करने वाले व्यक्ति तक नहीं पहुँच पाई है, और मामला जांच के दायरे में है।

    विशेष जानकारी:

    विभाग में यह धमकी मिलने के बाद सुरक्षा सतर्कता बढ़ा दी गई है।

    कर्मचारी पूरी सावधानी के साथ बाहर बैठे नजर आए।

    पुलिस ने बताया कि इस तरह के फर्जी धमकियों के मामले समय-समय पर आते रहते हैं, इसलिए सतर्कता जरूरी है।

  • MP: ग्वालियर में छुट्टी के दिन खुलीं LPG एजेंसियां, भोपाल-हरदा में सिलेंडर की किल्लत से हंगामा

    MP: ग्वालियर में छुट्टी के दिन खुलीं LPG एजेंसियां, भोपाल-हरदा में सिलेंडर की किल्लत से हंगामा


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में LPG संकट से थोड़ी राहत मिलने लगी है। सोमवार को ग्वालियर में कलेक्टर रुचिका चौहान के आदेश पर साप्ताहिक छुट्टी के दिन भी गैस एजेंसियां खुलीं और बुकिंग के आधार पर सिलेंडर की डिलिवरी शुरू हुई। गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि बुकिंग की 40% समस्या अब खत्म हो गई है।

    भोपाल में हंगामा
    भोपाल के टीटी नगर दशहरा मैदान में सोमवार सुबह गैस सिलेंडर से भरा एक ट्रक पहुंचा। सिलेंडर बांटने के बाद 50 से अधिक लोग खाली हाथ रह गए, जिससे वहां हंगामा हो गया। ग्राहकों का कहना था कि सिलेंडर यहीं मंगवाए जाएं, जबकि कर्मचारियों ने उन्हें एजेंसी जाने के लिए कहा। एक घंटे के बाद कर्मचारियों ने अतिरिक्त ट्रक की व्यवस्था कर लोगों की समस्या दूर की।

    हरदा में भी लगी लंबी लाइन
    हरदा में एलपीजी एजेंसियों पर ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ी। लोग सुबह से ही सिलेंडर भरवाने के लिए लाइन में खड़े हैं।

    होटल इंडस्ट्री में राहत
    एमपी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने कहा, “लगातार 6-7 दिन से प्रदेश के किसी भी होटल या रेस्टोरेंट को एक भी कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिला। अब सरकार ने हमें भी सिलेंडर देने की बात कही है। यह हमारे लिए ‘ऑक्सीजन’ मिलने जैसा है।”
    सिलेंडर की कमी के कारण प्रदेश में 50 हजार से ज्यादा होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर थे। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर इंडक्शन, डीज़ल भट्ठी आदि की सुविधा की गई थी, लेकिन यह काफी खर्चीला था।

    भोपाल में कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई शुरू
    भोपाल गैस एजेंसियों के मुताबिक, सोमवार से कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई शुरू हो गई है। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली ने कहा कि अब होटल संचालक इंडक्शन, इलेक्ट्रिक ग्रिडल और फ्रायर की जगह सिलेंडर का उपयोग कर सकेंगे।

    ग्वालियर में सभी एजेंसियां खुलीं
    ग्वालियर में कलेक्टर रुचिका चौहान के आदेश पर सभी एलपीजी एजेंसियां खुलीं। एजेंसी संचालक धर्मेंद्र गुप्ता ने बताया कि पिछले 3-4 दिन से सॉफ्टवेयर समस्या के कारण बुकिंग नहीं हो पा रही थी। सोमवार से सभी को गैस सिलेंडर मिल रहे हैं और कोई कमी नहीं है।

  • मुरैना-धौलपुर रोड पर चलती कार में भ्रूण लिंग परीक्षण का भंडाफोड़, NHM ने केंद्र को भेजी रिपोर्ट

    मुरैना-धौलपुर रोड पर चलती कार में भ्रूण लिंग परीक्षण का भंडाफोड़, NHM ने केंद्र को भेजी रिपोर्ट


    नई दिल्ली ।  मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की टीम ने एक बड़े स्टिंग ऑपरेशन में चलती कार में अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण करने वाले नेटवर्क का पर्दाफाश किया। ऑपरेशन में टीम ने ननद बनकर महिला के साथ बैठी डॉक्टर और गर्भवती महिला को सुरक्षित बाहर निकाला।

    स्टिंग ऑपरेशन की झलक
    घटना 2 मई 2025 को मुरैना-धौलपुर रोड पर चंबल नदी के पुल के पास हुई।

    एक कार में पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन लगाकर गर्भवती महिला का लिंग पता लगाया जा रहा था।

    पीछे से आ रही NHM की टीम ने गाड़ी को रोका, शीशे तोड़े और सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।

    टीम में डॉ. प्रज्ञा तिवारी, डॉ. बिंदु, डॉ. प्रबल, डॉ. अनुभा और संजय जोशी शामिल थे।

    गिरोह का नेटवर्क
    जांच में सामने आया कि यह गिरोह मध्यप्रदेश-राजस्थान बॉर्डर क्षेत्रों में लंबे समय से सक्रिय था।

    नेटवर्क में कुछ एएनएम और आशा कार्यकर्ता भी शामिल थीं।

    गर्भवती महिलाओं को अलग-अलग लोकेशन पर ले जाकर चलती कार में सोनोग्राफी की जाती थी।

    भ्रूण का लिंग मौखिक रूप से और स्क्रीन पर दिखाकर बताया जाता था।

    स्टिंग ऑपरेशन की तैयारी
    NHM ने करीब 6 महीने की तैयारी के बाद स्टिंग ऑपरेशन किया।

    एक गर्भवती महिला को डिकॉय के रूप में तैयार किया गया और गिरोह तक पहुंचाने के लिए स्थानीय इंफॉर्मर का उपयोग किया गया।

    आशा कार्यकर्ता ने भ्रूण लिंग बताने के लिए 50 हजार रुपए की मांग भी की।

    रिपोर्ट और केंद्र को जानकारी
    इस स्टिंग ऑपरेशन की जानकारी 6 मार्च 2026 को NHM की संयुक्त संचालक डॉ. प्रज्ञा तिवारी ने केंद्र सरकार को भेजी थी।

    रिपोर्ट में बताया गया कि प्रदेश में बिगड़ते लिंगानुपात के पीछे अवैध लिंग परीक्षण और फैमिली बैलेंसिंग तकनीकें बड़ी वजह हैं।

    लिंगानुपात पर चिंता
    आंकड़ों के अनुसार, 2016-18 में मध्यप्रदेश का लिंगानुपात 925 था, जो 2020-22 में घटकर 915 हो गया। 2023 में हल्का सुधार हुआ और यह 917 पर पहुंचा।

    ग्रामीण क्षेत्रों में बेटियों का जन्म अनुपात अभी भी कम (911) है, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 941 दर्ज किया गया।

    विशेषज्ञों का कहना है कि भ्रूण लिंग परीक्षण और बेटे की चाह सामाजिक मानसिकता के मुख्य कारण हैं।

    चुनौती अभी बाकी
    NHM का कहना है कि नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, लेकिन अवैध कारोबार पूरी तरह खत्म नहीं हुआ।

    जागरूकता अभियान और इनफॉर्मर रिवॉर्ड (50 हजार से 2 लाख रुपए) के जरिए लोगों को सही रास्ते पर लाया जा रहा है।

    विभाग लगातार निगरानी और कानूनी कार्रवाई से इस काले कारोबार पर लगाम लगाने की कोशिश कर रहा है।

    यह स्टिंग ऑपरेशन न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश में भ्रूण लिंग परीक्षण जैसे अवैध और सामाजिक रूप से घातक कृत्यों पर कड़ी कार्रवाई की मिसाल है।

  • भोपाल: प्रोस्टेट बीमारी में इमामत नहीं कर सकते, फतवे में कहा – पेशाब टपकने जैसी बीमारी हो तो खुद पढ़े, लोगों को पढ़ाएं नहीं

    भोपाल: प्रोस्टेट बीमारी में इमामत नहीं कर सकते, फतवे में कहा – पेशाब टपकने जैसी बीमारी हो तो खुद पढ़े, लोगों को पढ़ाएं नहीं



    भोपाल। राजधानी भोपाल में जामे एहतमाम मसाजिद कमेटी के दारुल इफ्ता द्वारा जारी फतवा सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद का विषय बन गया है। फतवा प्रोस्टेट की बीमारी से पीड़ित व्यक्ति की इमामत (नमाज पढ़ाने) क्षमता पर केंद्रित है।दस्तावेज में कहा गया है कि जिस व्यक्ति को लगातार पेशाब टपकने जैसी बीमारी हो, उसे शरियत में ‘माजूर’ माना जाता है।

    ऐसी स्थिति में वह व्यक्ति खुद नमाज पढ़ सकता है, लेकिन इमाम बनकर लोगों को नमाज नहीं पढ़ा सकता।यदि कोई व्यक्ति ऐसे इमाम के पीछे फर्ज़ नमाज पढ़ ले, तो उसे दोबारा पढ़ने की जरूरत नहीं।

    जरूरी जानकारी

    फतवा 9 मार्च 2026 को नायब मुफ़्ती सैयद अहमद खान कासमी की ओर से जारी किया गया।मुफ़्ती-ए-शहर भोपाल की मुहर भी लगी है।सवाल भोपाल के पीरगेट निवासी सहेल अली ने पूछा था।पूरे दस्तावेज में भोपाल के वर्तमान शहर काज़ी का नाम नहीं है।बावजूद इसके, सोशल मीडिया पर इसे सीधे शहर काजी से जोड़कर वायरल किया गया, जिससे भ्रम फैल गया।

    धार्मिक जानकारों की राय:

    इस तरह के फतवे आमतौर पर शरई नियम स्पष्ट करने के लिए दिए जाते हैं।यह जरूरी नहीं कि फतवा किसी खास व्यक्ति के खिलाफ हो।

    आगामी कदम:

    ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने फतवे को लेकर अहम बैठक बुलाई है।बैठक में मुस्लिम धर्म गुरु और संगठनों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।समिति के संरक्षक शमशुल हसन ने कहा कि बैठक में शहर काजी की बीमारी और नमाज को लेकर फतवा पर चर्चा होगी।

    विशेष टिप्पणी:

    यह फतवा केवल धार्मिक नियम स्पष्ट करने के लिए जारी किया गया है।

    सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले दावे भ्रम पैदा कर सकते हैं, इसलिए सटीक दस्तावेज देखें।

  • डॉक्टर भी रह गए दंग: शादी के 2 साल बाद पत्नी में पाया गया XY क्रोमोसोम, पति ने दिखाई मिसाल!

    डॉक्टर भी रह गए दंग: शादी के 2 साल बाद पत्नी में पाया गया XY क्रोमोसोम, पति ने दिखाई मिसाल!



    भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी में रहने वाले एक डिफेंस अधिकारी और उनकी पत्नी की साल 2023 में हुई अरेंज मैरिज सामान्य और खुशहाल चल रही थी। दोनों का वैवाहिक जीवन सामान्य और खुशहाल था, लेकिन शादी के दो साल बाद भी संतान न होने पर जब दंपती ने इलाज शुरू कराया, तो एक चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई।

    जांच में पता चला कि महिला के शरीर में सामान्य महिलाओं की तरह XX क्रोमोसोम नहीं, बल्कि पुरुषों वाले XY क्रोमोसोम मौजूद थे। बाहरी रूप से महिला पूरी तरह सामान्य दिखाई देती थीं, लेकिन शरीर के अंदर ओवरी की जगह अविकसित अंडकोष पाए गए। यह जानकारी सुनकर दंपती गहरे सदमे में आ गए।

    इस स्थिति का समाधान कराने के लिए दंपती ने एम्स भोपाल का रुख किया। यहां विशेषज्ञों की मल्टीडिसिप्लिनरी टीम ने दो चरणों में सर्जरी कर समस्या का समाधान किया। पहले चरण में माइक्रो प्लास्टिक सर्जरी तकनीक का उपयोग करके विकसित छोटे पुरुष अंग को हटाया गया। दूसरे चरण में पेट के अंदर अविकसित अंडकोष को निकाल दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया में पति ने पत्नी का पूरा सहयोग किया और हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया।

    एम्स के डॉक्टरों ने बताया कि इस स्थिति में दंपती के लिए प्राकृतिक रूप से संतान होना संभव नहीं है। पति ने अपने निर्णय में स्पष्टता दिखाई और कहा कि वे पत्नी के साथ जीवनभर निभाएंगे। भविष्य में दंपती ने बच्चा गोद लेने का विकल्प चुना है।

    एम्स भोपाल के बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी विभाग में इस तरह के मामले हर महीने 10 से 12 मरीजों की सर्जरी होती है। यहां ट्रांसजेंडर क्लीनिक में रोगियों की विस्तृत जांच, सर्जरी और काउंसलिंग की जाती है। डॉक्टरों के अनुसार सही समय पर जांच और सामाजिक समर्थन मिलने से मरीज सम्मानजनक और सामान्य जीवन जी सकते हैं।

    यह घटना न केवल चिकित्सा जगत के लिए अनोखी है, बल्कि यह रिश्तों, समझदारी और संवेदनशीलता का भी प्रेरणादायक उदाहरण है। डिफेंस अधिकारी द्वारा पत्नी का हर परिस्थिति में साथ निभाना दर्शाता है कि सच्चा साथी वही है जो हर कठिन समय में मजबूती और प्रेम के साथ खड़ा रहे।

  • MP में LPG का बड़ा संकट: होटलों के चूल्हे ठंडे, घरों में 8 घंटे की कतार, प्रशासन अलर्ट पर

    MP में LPG का बड़ा संकट: होटलों के चूल्हे ठंडे, घरों में 8 घंटे की कतार, प्रशासन अलर्ट पर



    भोपाल। मध्य प्रदेश में रसोई गैस (LPG) संकट ने आम नागरिक और व्यवसाय दोनों के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से मिली रिपोर्टों के मुताबिक, घरेलू गैस की कमी ने लोगों को धूप में घंटों कतार में खड़ा कर दिया है, वहीं कॉमर्शियल सिलेंडर न मिलने से होटलों और रेस्तरां के चूल्हे ठंडे पड़े हैं। राजधानी भोपाल के जहांगीराबाद और बोगदा पुल इलाकों में स्थिति गंभीर है। स्थानीय निवासी शीबा खान के अनुसार, उनके पास 13 मार्च को डिलीवरी का मैसेज तो आया, लेकिन सिलेंडर घर नहीं पहुंचा, जिससे उन्हें अब रिश्तेदारों के यहां खाना बनाने के लिए मजबूर होना पड़ा। वहीं मोहम्मद रियाज ने तीन दिन गैस न मिलने के बाद नया इंडक्शन चूल्हा खरीदा, ताकि परिवार भूखा न रहे।

    कॉमर्शियल सिलेंडरों की किल्लत ने प्रदेश के होटल और रेस्तरां उद्योग को भी प्रभावित किया है। पिछले छह दिनों में 50,000 से ज्यादा होटलों और छोटे रेस्टॉरेंट्स को सिलेंडर नहीं मिले हैं। भोपाल और इंदौर के कई होटलों ने मेन्यू छोटा कर दिया है, जबकि कई रेहड़ियां और स्ट्रीट फूड ठेले पूरी तरह बंद हो गए हैं। इससे दैनिक मजदूरी पर निर्भर दुकानदारों की आमदनी भी प्रभावित हो रही है।

    हालांकि ग्वालियर और उज्जैन में प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए हैं। ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने दावा किया कि जिले में स्टॉक की कोई कमी नहीं है और खाद्य विभाग की टीमें लगातार चेकिंग कर रही हैं। अफवाहों को रोकने के लिए कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। उज्जैन में रविवार की छुट्टी के बावजूद महाकाल गैस एजेंसी खोलकर घरेलू गैस की सप्लाई जारी रखी गई। एजेंसी संचालक भगवान दास एरन ने बताया कि घरेलू सिलेंडर की निरंतर सप्लाई की जा रही है, हालांकि कॉमर्शियल सिलेंडरों के लिए नए आदेशों का इंतजार किया जा रहा है।

    इंदौर में स्थिति थोड़ी मिश्रित रही। प्रशासन के निर्देश पर रविवार को खुली एजेंसियों में उपभोक्ताओं ने बुकिंग कराने में कोई परेशानी नहीं बताई, लेकिन सप्लाई में देरी के कारण डिलीवरी 7-8 दिन में मिलने का आश्वासन दिया गया। वहीं कुछ उपभोक्ताओं ने KYC प्रक्रिया और गैस पाइप (नली) खरीदने का दबाव भी अनुभव किया।

    इस संकट ने साफ कर दिया है कि प्रदेश में LPG की आपूर्ति और वितरण में प्रशासनिक और लॉजिस्टिक चुनौतियां हैं। घरों में खाना बनाने वाले आम नागरिक और व्यवसायिक स्तर पर रेस्तरां चलाने वाले दोनों ही इस संकट से प्रभावित हैं। ग्वालियर, उज्जैन और इंदौर में प्रशासन की सक्रियता के बावजूद राजधानी भोपाल सहित कई इलाकों में जनता को गैस के लिए लंबी कतारों और देरी का सामना करना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं की मांग है कि राज्य सरकार और गैस एजेंसियां जल्द से जल्द सप्लाई और वितरण सुचारू करें ताकि रोजमर्रा के काम और व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित न हों।

  • भोपाल में निगम की सख्ती: कल्पना नगर कम्यूनिटी हॉल से हटाया अवैध कब्जा, मदरसा संचालिका के खिलाफ कार्रवाई

    भोपाल में निगम की सख्ती: कल्पना नगर कम्यूनिटी हॉल से हटाया अवैध कब्जा, मदरसा संचालिका के खिलाफ कार्रवाई



    नई दिल्ली। भोपाल नगर निगम ने कल्पना नगर स्थित कम्यूनिटी हॉल को लंबे समय से चल रहे अवैध कब्जे से मुक्त कराया है। निगम को कॉलोनीवासियों द्वारा सूचना मिली थी कि इस भवन में अवैध रूप से मदरसा संचालित किया जा रहा है। शिकायत के बाद नगर निगम के जोन 15 के अमले और अतिक्रमण निरोधक दस्ते ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए वार्ड 64 में स्थित कम्यूनिटी हॉल को खाली कराया।

    निगम अधिकारियों के अनुसार, कम्यूनिटी हॉल में मदरसा संचालित होने की जानकारी मिलने पर जोनल अधिकारी ठाकुर सिंह ने संचालिका रूशदा सुल्तान को पहले नोटिस जारी किया था। नोटिस के बावजूद मदरसा संचालिका ने भवन खाली नहीं किया, जिसके बाद बुधवार को निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाया और कम्यूनिटी हॉल को कब्जे से मुक्त करवा दिया।

    नगर निगम की इस कार्रवाई से कॉलोनीवासियों ने राहत की सांस ली है। अधिकारियों का कहना है कि निगम ऐसे मामलों में किसी प्रकार की ढील नहीं देगा और शहर में किसी भी सरकारी या सार्वजनिक भवन पर अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    निगम की यह कार्रवाई न केवल अवैध कब्जों को समाप्त करने के लिए बल्कि सार्वजनिक संपत्ति के संरक्षण और कानूनी नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भविष्य में भी निगम ऐसे मामलों पर सतर्कता बनाए रखेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा।

    इस कार्रवाई से यह संदेश गया कि भोपाल नगर निगम शहर में कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है।

  • भोपाल में निगम की सख्त कार्रवाई: कल्पना नगर कम्यूनिटी हॉल से हटाया अवैध कब्जा, मदरसा संचालन की शिकायत पर भवन कराया खाली

    भोपाल में निगम की सख्त कार्रवाई: कल्पना नगर कम्यूनिटी हॉल से हटाया अवैध कब्जा, मदरसा संचालन की शिकायत पर भवन कराया खाली


    भोपाल। भोपाल नगर निगम ने शहर में अतिक्रमण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए कल्पना नगर स्थित एक कम्यूनिटी हॉल को अवैध कब्जे से मुक्त कराया है। यह कार्रवाई कॉलोनीवासियों की शिकायत के बाद की गई, जिसमें आरोप लगाया गया था कि सामुदायिक उपयोग के लिए बने इस भवन पर कब्जा कर वहां मदरसे का संचालन किया जा रहा है।

    जानकारी के अनुसार यह मामला वार्ड क्रमांक 64 के कल्पना नगर इलाके का है, जहां लंबे समय से कम्यूनिटी हॉल में निजी गतिविधियां संचालित होने की शिकायतें सामने आ रही थीं। स्थानीय निवासियों ने नगर निगम को लिखित शिकायत देकर बताया था कि जिस भवन का उपयोग क्षेत्र के सामाजिक कार्यक्रमों और सामुदायिक गतिविधियों के लिए होना चाहिए, वहां अवैध रूप से मदरसा चलाया जा रहा है, जिससे कॉलोनीवासियों को असुविधा हो रही है।

    शिकायत मिलने के बाद नगर निगम के जोन क्रमांक 15 के अधिकारियों ने मामले की जांच कराई। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद संबंधित संचालिका को भवन खाली करने के लिए नोटिस जारी किया गया था। जोनल अधिकारी ठाकुर सिंह की ओर से संचालिका रूशदा सुल्तान को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि कम्यूनिटी हॉल से तत्काल सामान हटाकर भवन खाली कर दिया जाए।

    हालांकि तय समय सीमा बीतने के बाद भी जब भवन खाली नहीं किया गया तो निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। बुधवार को अतिक्रमण निरोधक दस्ते और जोन क्रमांक 15 के अमले ने संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। टीम ने कम्यूनिटी हॉल में रखा सामान हटवाया और भवन को पूरी तरह खाली कराकर नगर निगम के कब्जे में ले लिया।

    कार्रवाई के दौरान निगम अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि शहर में किसी भी सार्वजनिक संपत्ति पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सामुदायिक भवनों का उपयोग केवल सार्वजनिक और सामाजिक कार्यों के लिए ही किया जा सकता है। यदि कोई व्यक्ति या संस्था इन भवनों का निजी उपयोग करती पाई जाती है तो उसके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

    नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि शहर में सार्वजनिक संपत्तियों पर अवैध कब्जों की लगातार निगरानी की जा रही है और शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। निगम ने यह भी संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में ऐसे अन्य मामलों की भी जांच कर सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि सामुदायिक भवनों का उपयोग उनके वास्तविक उद्देश्य के अनुसार ही हो सके।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छत्रपति संभाजी महाराज के बलिदान दिवस पर किया पुण्य स्मरण

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छत्रपति संभाजी महाराज के बलिदान दिवस पर किया पुण्य स्मरण


    भोपाल । भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छत्रपति संभाजी महाराज के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर उनका पुण्य स्मरण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्रपति संभाजी महाराज ने धर्म और देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी और उनका शौर्य एवं पराक्रम आज भी सभी देशवासियों के लिए प्रेरणा स्रोत है।

    डॉ. यादव ने जोर देते हुए कहा कि छत्रपति संभाजी महाराज की गौरव गाथा सदैव भारतीय इतिहास और मराठा गौरव का प्रतीक बनी रहेगी। उन्होंने युवा पीढ़ी से आह्वान किया कि वे महाराज के साहस, बलिदान और निस्वार्थ सेवा के आदर्शों को अपनाएं और देश के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन करें।

    मुख्यमंत्री के इस स्मरण कार्यक्रम में अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों ने भी भाग लिया और महाराज के सम्मान में पुष्प अर्पित किए। इस अवसर पर प्रदेश में शौर्य और वीरता की भावना को जागरूक रखने पर जोर दिया गया।