करण ने लगाया जया को गले
पैप्स पर बरसी जया
लोगों ने किए जमकर कमेंट्स

करण ने लगाया जया को गले
पैप्स पर बरसी जया

हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में रवीना टंडन ने अक्षय कुमार और शिल्पा शेट्टी के साथ अपने रिश्तों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि अब सब कुछ पीछे छूट चुका है और आज तीनों के बीच केवल दोस्ती और आपसी सम्मान है। रवीना ने साफ कहा हम सब अब दोस्त हैं। उस वक्त हम बहुत छोटे थे। इंडस्ट्री में लिंक अप और ब्रेक अप आम बात है। कौन है जो इन सब चीजों से नहीं गुजरता? आज अक्षय और मैं दोस्त हैं शिल्पा और मैं दोस्त हैं। हम अपने अपने परिवारों और बच्चों के साथ खुश हैं।”
रवीना ने यह भी बताया कि उन्होंने हाल ही में अक्षय कुमार के साथ फिल्म वेलकम 3 की शूटिंग पूरी की है। इतने सालों बाद साथ काम करने के अनुभव को उन्होंने बेहद सकारात्मक बताया। उनके मुताबिक सेट पर माहौल हल्का फुल्का और मजेदार था। हमने फिल्म की शूटिंग के दौरान बहुत एन्जॉय किया। यह एक बहुत फनी फिल्म है और हमने साथ काम करते हुए खूब हंसी मजाक किया। जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए इंसान को मैच्योर होना पड़ता है। अक्की और मैं हमेशा से अच्छे दोस्त रहे हैं ” रवीना ने कहा।
एक समय था जब रवीना और शिल्पा के बीच बयानबाजी ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं। दोनों ने अपने अपने अनुभव साझा किए थे और मीडिया में कई तरह की बातें सामने आई थीं। लेकिन अब रवीना साफ कहती हैं कि उनके मन में किसी के लिए कोई कड़वाहट नहीं है। वह आगे बढ़ चुकी हैं और पुरानी बातों को पीछे छोड़ चुकी हैं।
90 के दशक में अक्षय और रवीना का रिश्ता इतना गंभीर माना जाता था कि उनकी सगाई तक की खबरें सामने आई थीं। हालांकि बाद में यह रिश्ता टूट गया और अक्षय का नाम शिल्पा शेट्टी के साथ जुड़ा। वह रिश्ता भी ज्यादा लंबा नहीं चला। लेकिन आज तीनों सितारे अपनी अपनी जिंदगी में स्थिर और खुश हैं।
रवीना का यह बयान बताता है कि समय हर घाव को भर देता है। जहां कभी रिश्तों में कड़वाहट थी वहीं आज समझदारी और दोस्ती है। फिल्म इंडस्ट्री में जहां रिश्ते अक्सर चर्चा और विवाद का कारण बनते हैं वहीं यह उदाहरण दिखाता है कि परिपक्वता के साथ पुराने मतभेद भी दोस्ती में बदल सकते हैं।

उन्होंने बताया कि जिस शख्स पर वह भरोसा करती थीं, उसी ने उनके खिलाफ काम किया। उस वक्त उन्हें समझ आया कि इंडस्ट्री में हर कोई आपका भला नहीं सोचता। कभी-कभी लोग मामूली अंतर से भी असुरक्षित महसूस करने लगते हैं और नहीं चाहते कि आप आगे बढ़ें या उनसे ज्यादा चमकें।
ऋचा ने माना कि शुरुआत में वह थोड़ी भोली थीं, लेकिन इस घटना ने उन्हें सिखाया कि:
अपनी पसंद और फैसलों का बचाव करना जरूरी है
हर किसी पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं किया जा सकता
सही लोगों को पहचानना और अपनी सीमाएं तय करना बेहद अहम है
दिलचस्प बात ये है कि उन्होंने इस कड़वे अनुभव को कटुता में नहीं बदला। बल्कि अब वह इंडिपेंडेंट फिल्ममेकर्स को खुलकर आगे आने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं। उनका साफ कहना है कि बड़े कलाकारों तक पहुंचना उतना मुश्किल नहीं जितना समझा जाता है।
उनके लिए सबसे अहम है:
अच्छी और सच्ची स्क्रिप्ट
असरदार कहानी
ईमानदार लेखन
वह चाहती हैं कि इंडी क्रिएटर्स बिना झिझक उनसे संपर्क करें, खासकर अगर कहानी में दम हो।
साथ ही, ऋचा इन दिनों एक नई नॉन-फिक्शन सीरीज प्रोड्यूस कर रही हैं, जो भारत की जानी-पहचानी जगहों को नए नजरिए से दिखाएगी। यह सीरीज ट्रैवल, कल्चर और उन कहानियों पर केंद्रित होगी जो अक्सर मुख्यधारा की नजर से छूट जाती हैं। इसका उद्देश्य भारत की सांस्कृतिक विविधता, समुदायों और मानवीय जज्बे को संवेदनशील और इमर्सिव तरीके से सामने लाना है।
सच कहूं तो, ये वही ग्रोथ आर्क है जो किसी भी कलाकार को गहराई देता है—धोखा, सीख, और फिर दूसरों के लिए दरवाजे खोल देना।

कैसे मिला रोल?
बॉलीवुड में जाने-माने इस विलेन का नाम प्राण है. भले ही ये सितारा आज हमारे बीच ना हो लेकिन उनकी आइकॉनिक फिल्मों ऑडियंस के दिलों में आज भी जिंदा है. प्राण को अपनी पहली फिल्म बेहद सरप्राइज तरीके से मिली थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक प्राण अक्सर साल 1940 में लाहौर में एक पान की दुकान पर पान खाने जाते थे. वहीं उसी दुकान पर मशहूर फिल्म राइटर वली मोहम्मद भी अक्सर जाया करते थे.
पहली फिल्म
वली मोहम्मद जब ‘यमला जट’ फिल्म बना रहे थे तो वो एक नए विलेन की तलाश में थे. इसी बीच उनकी नजर प्राण पर पड़ी और इसके बाद वली मोहम्मद ने प्राण को मिलने के लिए स्टूडियो बुलाया. लेकिन प्राण ने उस दौरान वली मोहम्मद की बात को सीरियस नहीं लिया और उन्हें इग्नोर कर दिया. इसके बाद एक बार फिर दोनों की मुलाकात हुई और वली मोहम्मद ने इस दौरान प्राण को फिल्म करने के लिए मना लिया.

राजपाल यादव की इस गिरफ्तारी ने फिल्म इंडस्ट्री में उनकी फीस और आर्थिक स्थिति को लेकर चर्चाएं तेज कर दी हैं। ताज्जुब की बात यह है कि दशकों का अनुभव और हर बड़ी फिल्म का हिस्सा होने के बावजूद मुख्य अभिनेताओं की तुलना में उनकी फीस काफी कम है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार वरुण धवन की फिल्म बेबी जॉन के लिए राजपाल को केवल 1 करोड़ रुपये मिले जो मुख्य अभिनेता की फीस का महज 4 प्रतिशत था। पिछले दो-तीन वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो उन्होंने कटहल और ड्रीम गर्ल 2 जैसी फिल्मों के लिए करीब 1-1 करोड़ रुपये लिए जबकि भूल भुलैया 3 जैसी बड़ी फ्रेंचाइजी के लिए उन्हें 2 से 3 करोड़ रुपये के बीच भुगतान किया गया। औसतन उनकी एक फिल्म की कमाई 1 से 2 करोड़ रुपये के आसपास ही रहती है।
आर्थिक तंगी और जेल की खबरों के बीच राजपाल यादव का आने वाला फिल्मी कैलेंडर काफी व्यस्त नजर आ रहा है। 2025 और 2026 में उनके पास कई बड़े प्रोजेक्ट्स हैं जो उनके करियर को फिर से पटरी पर ला सकते हैं। अक्षय कुमार के साथ उनकी केमिस्ट्री हमेशा सुपरहिट रही है और आने वाले समय में वे भूत बंगला 10 अप्रैल 2026 और मल्टी-स्टारर फिल्म वेलकम टू द जंगल 26 जून 2026 में कॉमेडी का तड़का लगाते दिखेंगे। इसके अलावा विवश टैक्सी में भूत है और सामाजिक मुद्दे पर आधारित फिल्म काम चालू है जैसी फिल्में भी कतार में हैं।
वर्तमान में जब राजपाल तिहाड़ जेल में हैं फिल्म जगत के उनके साथी जैसे सोनू सूद और गुरमीत चौधरी उनके समर्थन में आगे आए हैं। राजनीतिक गलियारों से तेज प्रताप यादव ने भी उनकी मदद का हाथ बढ़ाया है। फैंस को उम्मीद है कि वह जल्द ही इन कानूनी उलझनों से बाहर निकलेंगे और अपनी कॉमेडी से एक बार फिर सिनेमाघरों में हंसी के ठहाके गूंजने पर मजबूर कर देंगे।

फिल्म के लिए विक्की कौशल के पास महज तीन महीने का समय था जिसमें उन्हें पूरी तरह से ट्रांसफॉर्म करना था। हालात तब और मुश्किल हो गए जब इस दौरान उन्हें गंभीर चोट लग गई। उनके पर्सनल फिटनेस ट्रेनर तेजस लालवानी ने एक इंटरव्यू में इस पूरे घटनाक्रम का जिक्र करते हुए बताया कि उन्हें आधी रात को विक्की का फोन आया था। विक्की ने साफ शब्दों में कहा था कि सिर्फ तीन महीने हैं और बॉडी बनानी है। तेजस ने भी बिना हिचक हामी भर दी लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि आगे इतनी बड़ी चुनौती सामने आने वाली है।
शूटिंग के बेहद अहम सीक्वेंस चल रहे थे जिन्हें किसी भी हाल में टाला नहीं जा सकता था। उसी दौरान विक्की को चोट लग गई। शुरुआत में लगा कि यह मामूली दर्द है और जल्द ठीक हो जाएगा लेकिन अगली सुबह हालात बदल चुके थे। विक्की अपना हाथ तक नहीं उठा पा रहे थे। कई महीनों की मेहनत सख्त डाइट और ट्रेनिंग सब कुछ एक झटके में दांव पर लग गया था। किसी को समझ नहीं आ रहा था कि आगे क्या होगा।
करीब एक महीने तक रिकवरी में लगने के बाद विक्की दोबारा लौटे और सीधे कहा चलो ट्रेनिंग शुरू करते हैं। पहला दिन बेहद मुश्किल था। हाथों का इस्तेमाल किए बिना सिर्फ उन्हीं मसल ग्रुप्स पर काम किया जा सका जो सुरक्षित थे। तेजस लालवानी के मुताबिक उस दौर में विक्की के अंदर जो अनुशासन और वापसी की भूख उन्होंने देखी वही मानसिकता उन्हें संभाजी महाराज के चरित्र में भी दिखाई देती है हार न मानने की जिद और हर हाल में लौटने का संकल्प।
छावा में विक्की कौशल के साथ विनीत कुमार सिंह और अक्षय खन्ना अहम भूमिकाओं में नजर आए। अक्षय खन्ना का निगेटिव किरदार और फिल्म की दमदार कहानी भव्य विजुअल्स और ऐतिहासिक सच्चाई से जुड़ी घटनाएं दर्शकों को भीतर तक झकझोर देती हैं। करीब 140 करोड़ रुपये की लागत में बनी इस फिल्म ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 601.54 करोड़ रुपये की कमाई की जबकि वर्ल्डवाइड कलेक्शन 807 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह फिल्म सिर्फ एक ऐतिहासिक गाथा नहीं बल्कि जज्बे संघर्ष और अदम्य इच्छाशक्ति की मिसाल बनकर सामने आई।

ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक एक्सेल एंटरटेनमेंट का तर्क है कि रणवीर सिंह की वजह से उन्हें न केवल समय का नुकसान हुआ है बल्कि भारी आर्थिक चपत भी लगी है। फिल्म के प्री-प्रोडक्शन पर काफी पैसा खर्च किया जा चुका था। चर्चा तो यहाँ तक है कि इस घाटे की भरपाई के लिए प्रोडक्शन हाउस को अपने कुछ कर्मचारियों तक को नौकरी से निकालना पड़ा है। कंपनी का कहना है कि रणवीर सिंह ने पहले स्क्रिप्ट को अपनी मंजूरी दी थी और उनकी सहमति के बाद ही प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया गया था ऐसे में अब पीछे हटने से हुए नुकसान की जिम्मेदारी एक्टर की ही बनती है।
दूसरी ओर रणवीर सिंह का पक्ष इस मामले में बिल्कुल अलग है। सूत्रों की मानें तो रणवीर फिल्म की स्क्रिप्ट से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने कई बार स्क्रिप्ट में बदलाव के सुझाव दिए थे लेकिन बात नहीं बनी। रणवीर के मुताबिक रचनात्मक मतभेदों के चलते फिल्म छोड़ना एक पेशेवर फैसला है और इसके लिए 40 करोड़ रुपये का मुआवजा देना उनकी जिम्मेदारी नहीं है। हाल ही में दोनों पक्षों के बीच करीब दो घंटे तक लंबी बातचीत हुई लेकिन घंटों चली इस बैठक का कोई नतीजा नहीं निकला। अब खबर आ रही है कि इस विवाद को सुलझाने के लिए ‘प्रोड्यूसर गिल्ड ऑफ इंडिया’ को भी शामिल किया जा सकता है।
एक तरफ जहाँ ‘डॉन 3’ को लेकर खींचतान जारी है वहीं रणवीर सिंह के फैंस के लिए एक राहत भरी खबर भी है। अभिनेता अपनी हालिया रिलीज फिल्म ‘धुरंधर’ की सफलता का आनंद ले रहे हैं। फिल्म के पहले भाग में जसकीरत सिंह रंगी के रूप में उनके प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। अब हर तरफ ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ का इंतजार हो रहा है जो 19 मार्च को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है। लेकिन बड़ा सवाल अब भी यही बना हुआ है कि क्या ‘डॉन 3’ का यह विवाद कोर्ट तक जाएगा या फिर बॉलीवुड के ये दो दिग्गज आपसी सहमति से कोई रास्ता निकालेंगे?

सूत्रों के मुताबिक, फिल्म के निर्देशक अपूर्व लखिया और खुद सलमान खान ने फिल्म के कुछ खास हिस्सों को देखने के बाद यह महसूस किया कि कहानी को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए कुछ दृश्यों की दोबारा शूटिंग की जानी चाहिए। यह फैसला फिल्म की गुणवत्ता और उसकी भावनात्मक गहराई को सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। सलमान खान और निर्देशक दोनों का मानना है कि चूंकि यह फिल्म एक बेहद संवेदनशील और देशभक्ति से ओत-प्रोत विषय पर आधारित है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की कमी की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। इसी ‘परफेक्शन’ के चक्कर में शूटिंग का शेड्यूल थोड़ा बढ़ गया है और यही वजह है कि अप्रैल में फिल्म का सिनेमाघरों में आना अब मुश्किल लग रहा है।
फिल्म की नई शूटिंग प्रक्रिया 9 फरवरी से मुंबई की मशहूर गोल्डन टबैको फैक्ट्री में शुरू होने जा रही है। बताया जा रहा है कि इस शेड्यूल के दौरान उन महत्वपूर्ण दृश्यों को फिल्माया जाएगा जिन्हें और बेहतर बनाने की योजना बनाई गई है। फरवरी के अंत तक इस रीशूट के काम को खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके तुरंत बाद पोस्ट-प्रोडक्शन और एडिटिंग का काम युद्ध स्तर पर शुरू होगा। निर्देशक अपूर्व लखिया फिल्म के हर फ्रेम पर बारीकी से ध्यान दे रहे हैं ताकि गलवान घाटी के संघर्ष की वीरता को दर्शक महसूस कर सकें।
हालाँकि, पहले चर्चा थी कि फिल्म 17 अप्रैल को रिलीज होगी, लेकिन अब नई रणनीति के तहत मेकर्स इसे साल के सबसे बड़े राष्ट्रीय अवसर यानी ‘स्वतंत्रता दिवस’ के आसपास रिलीज करने पर विचार कर रहे हैं। अगस्त का महीना फिल्म के विषय के लिहाज से सबसे सटीक माना जा रहा है। भले ही रिलीज टलने से फैंस थोड़े मायूस हों, लेकिन खबरों की मानें तो 17 अप्रैल को मेकर्स फैंस के लिए फिल्म से जुड़ा कोई बड़ा सरप्राइज या धमाकेदार टीजर रिलीज कर सकते हैं। कुल मिलाकर, सलमान खान एक बार फिर अपनी इस फिल्म के जरिए बॉक्स ऑफिस पर बड़ा धमाका करने की तैयारी में हैं बस इसके लिए दर्शकों को थोड़ा धैर्य और दिखाना होगा।

प्रकाश राज का कड़ा प्रहार प्रकाश राज ने एआर रहमान का बचाव करते हुए कहा कि रहमान जैसे कलाकार जिन्होंने ‘मां तुझे सलाम’ और ‘जय हो’ जैसे गीतों से देश का मान बढ़ाया और दो ऑस्कर जीते वह काम के लिए भीख नहीं मांग रहे हैं। उन्होंने जो कहा वह सच है। कंगना पर निशाना साधते हुए प्रकाश राज ने कहा कि इस मुद्दे पर लोगों का भौंकना शुरू हो गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एक महिला निर्देशक और अभिनेत्री महज इसलिए किसी को ‘एंटी-नेशनल’ कह रही हैं क्योंकि उस संगीतकार ने उनके साथ काम करने से मना कर दिया। प्रकाश राज यहीं नहीं रुके उन्होंने कंगना की फिल्म ‘इमरजेंसी’ को एक प्रोपेगेंडा मूवी करार दिया।
कंगना और रहमान के बीच क्या था विवाद? दरअसल एआर रहमान ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें उनके धर्म की वजह से इंडस्ट्री में भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें पर्याप्त काम नहीं मिल रहा है। इस पर कंगना ने सोशल मीडिया पर भड़ास निकालते हुए लिखा था कि वह रहमान को अपनी फिल्म ‘इमरजेंसी’ की कहानी सुनाना चाहती थीं लेकिन रहमान उनसे मिले तक नहीं। कंगना ने आरोप लगाया कि रहमान ने उनकी फिल्म को ‘प्रोपेगेंडा’ कहकर ठुकरा दिया था। कंगना ने लिखा कि रहमान जी मैंने आपसे ज्यादा नफरत से भरा इंसान आज तक नहीं देखा।
सियासी रंग लेता विवाद प्रकाश राज ने कंगना के दावों को खारिज करते हुए कहा कि रहमान का अपना एक कद है और किसी फिल्म का हिस्सा न बनने का मतलब यह नहीं है कि कोई देशद्रोही हो गया। प्रकाश राज के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। एक तरफ कंगना के समर्थक उन्हें राष्ट्रवादी बता रहे हैं तो दूसरी तरफ प्रकाश राज के समर्थक इसे अभिव्यक्ति की आजादी और कलाकार के सम्मान से जोड़कर देख रहे हैं। फिलहाल इस मुद्दे पर न तो एआर रहमान की कोई नई प्रतिक्रिया आई है और न ही कंगना ने प्रकाश राज के ‘भौंकने’ वाले बयान पर कोई जवाब दिया है।