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  • भारत में शांति नहीं वाले बयान पर घिरे संजय दत्त, ट्रोलिंग के बाद दी सफाई, मुन्नाभाई और गांधीगिरी से जोड़ा कनेक्शन

    भारत में शांति नहीं वाले बयान पर घिरे संजय दत्त, ट्रोलिंग के बाद दी सफाई, मुन्नाभाई और गांधीगिरी से जोड़ा कनेक्शन


    नई दिल्ली। अभिनेता संजय दत्त इन दिनों अपने एक बयान को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में वह शेखर सुमन के टॉक शो में पहुंचे थे जहां बातचीत के दौरान उन्होंने भारत में शांति और भाईचारे को लेकर अपनी बात रखी। उनकी टिप्पणी का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आया और इसके बाद कुछ यूजर्स ने अभिनेता की आलोचना शुरू कर दी। विवाद बढ़ने के बाद अब संजय दत्त ने सोशल मीडिया के जरिए अपने बयान पर सफाई पेश की है।

    संजय दत्त ने अपनी सफाई में कहा कि उनका उद्देश्य किसी भी व्यक्ति समुदाय या संस्था की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि शो में हुई बातचीत एक तय स्क्रिप्ट के संदर्भ में थी और इसका मकसद हल्का फुल्का तथा हास्यपूर्ण संवाद करना था। अभिनेता के मुताबिक उनकी बात को जिस संदर्भ में समझा गया वह उनके मूल इरादे से अलग था।

    संजय दत्त ने अपनी सफाई में अपनी चर्चित फिल्म मुन्नाभाई का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनके बयान के पीछे वही हास्य और व्यंग्य वाली शैली थी जो मुन्नाभाई जैसी फिल्मों में दिखाई गई है। उन्होंने विशेष तौर पर गांधीगिरी की सोच का उल्लेख किया। उनके अनुसार गांधीगिरी का संदेश प्रेम एकजुटता और सद्भावना से जुड़ा हुआ है और उनकी बातचीत को भी इसी भावना के साथ समझा जाना चाहिए था।

    दरअसल शेखर सुमन के शो में संजय दत्त से देश के मौजूदा माहौल को लेकर बातचीत हुई थी। इसी दौरान अभिनेता ने कहा था कि भारत के लोग बहुत प्यारे हैं और देश में शांति होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि उन्हें अब देश में पहले जैसी शांति महसूस नहीं होती। इसके साथ ही उन्होंने भारतीयों को बड़े दिल वाला और मेहमाननवाज बताया था।

    संजय दत्त ने बातचीत के दौरान यह भी कहा था कि भारत ने दुनिया को बहुत कुछ दिया है और भारतीयों को आगे भी अपनी इसी भावना को बनाए रखना चाहिए। उन्होंने भगवान शिव से प्रार्थना करते हुए उम्मीद जताई थी कि देश में शांति और भाईचारे का माहौल फिर से लौटेगा। हालांकि उनके बयान के एक हिस्से को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।

    विवाद के बाद अभिनेता ने अपनी बात का संदर्भ समझाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी का उद्देश्य किसी का अपमान करना या किसी समुदाय के प्रति अनादर दिखाना नहीं था। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि बातचीत के हास्यपूर्ण संदर्भ को अलग करके देखने की वजह से उनकी बात का अर्थ बदल गया।

    संजय दत्त के लिए मुन्नाभाई फ्रेंचाइजी से जुड़ा गांधीगिरी वाला किरदार और संदेश काफी महत्वपूर्ण रहा है। फिल्मों में उनके किरदार के जरिए हिंसा और टकराव के बजाय प्रेम और शांति से समस्याओं का सामना करने की बात दिखाई गई थी। यही वजह है कि अभिनेता ने अपने हालिया बयान की सफाई देते समय इसी फिल्म और उसके संदेश का उदाहरण दिया।

    इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह दिखाया है कि सार्वजनिक मंच पर कही गई किसी बात का छोटा सा हिस्सा भी सोशल मीडिया पर अलग संदर्भ में तेजी से फैल सकता है। संजय दत्त ने विवाद बढ़ने के बाद अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी मंशा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की नहीं थी। अब उनकी सफाई के बाद इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा किस दिशा में जाती है यह देखने वाली बात होगी।

  • चुट्टामल्ले गाने के डीपफेक वीडियो पर जाह्नवी का फूटा गुस्सा, NTR समेत इन सितारों को कहा शुक्रिया

    चुट्टामल्ले गाने के डीपफेक वीडियो पर जाह्नवी का फूटा गुस्सा, NTR समेत इन सितारों को कहा शुक्रिया


    नई दिल्ली। जाह्नवी कपूर इन दिनों अपने एक वायरल डीपफेक वीडियो को लेकर चर्चा में हैं। अभिनेत्री और जूनियर एनटीआर की फिल्म देवरा के चर्चित गाने चुट्टामल्ले से जुड़ा एक फर्जी AI वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो को लेकर जूनियर एनटीआर पहले ही नाराजगी जाहिर कर चुके हैं और कानूनी कार्रवाई की बात कह चुके हैं। अब जाह्नवी कपूर ने भी इस मामले पर खुलकर अपनी बात रखी है। अभिनेत्री ने सोशल मीडिया पर एक लंबा नोट साझा करते हुए AI तकनीक के गलत इस्तेमाल और महिलाओं की सहमति को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।

    देवरा में जाह्नवी कपूर और जूनियर एनटीआर की जोड़ी को दर्शकों ने काफी पसंद किया था। फिल्म का चुट्टामल्ले गाना भी काफी लोकप्रिय हुआ था। इसी गाने से जुड़े एक AI से तैयार किए गए वीडियो में दोनों कलाकारों को गलत तरीके से दिखाया गया। वीडियो के वायरल होने के बाद जूनियर एनटीआर ने इस तरह की हरकत पर कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा था कि वह इस मामले में उचित कानूनी कार्रवाई की कोशिश करेंगे। इसके बाद इंडस्ट्री के कई कलाकारों ने भी डीपफेक और महिलाओं को गलत तरीके से पेश करने के खिलाफ आवाज उठाई।

    जाह्नवी ने अपने बयान में AI तकनीक के दुरुपयोग को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि किसी महिला को उसकी अनुमति के बिना गलत तरीके से दिखाना या उसका फर्जी यौन कंटेंट तैयार करना उसकी सहमति और सम्मान का उल्लंघन है। अभिनेत्री ने इस पूरे मामले को केवल एक वायरल वीडियो तक सीमित नहीं माना बल्कि इसे महिलाओं के सामने मौजूद बड़ी सामाजिक समस्या से जोड़कर देखा।

    अभिनेत्री ने कंसेंट यानी सहमति को लेकर भी अपनी बात स्पष्ट की। उनका कहना है कि अगर कोई महिला किसी एक चीज के लिए अपनी सहमति देती है तो इसका अर्थ यह नहीं होता कि वह हर चीज के लिए सहमत है। किसी महिला का पहनावा भी किसी दूसरे व्यक्ति को उसकी तस्वीर लेने या उसके शरीर को अपनी मर्जी से देखने का अधिकार नहीं देता। जाह्नवी ने कहा कि महिला जहां सहज महसूस करती है और जहां अपनी सीमा तय करती है उस पर फैसला लेने का अधिकार उसी का होना चाहिए।

    अभिनेत्री ने यह भी कहा कि महिलाओं को परेशान करना उनका पीछा करना या उन्हें केवल एक वस्तु की तरह देखना कभी सही नहीं हो सकता। उन्होंने इस सोच में बदलाव की जरूरत बताई और कहा कि गलत व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाना सभी की जिम्मेदारी है। जाह्नवी ने जूनियर एनटीआर को भी धन्यवाद दिया जिन्होंने इस मामले में मजबूती से अपनी आवाज उठाई।

    इसके साथ ही उन्होंने चिरंजीवी विजय देवरकोंडा और कृति सेनन समेत उन सितारों का भी आभार जताया जिन्होंने इस तरह के व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाई। जाह्नवी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब AI तकनीक से तैयार किए जाने वाले डीपफेक कंटेंट को लेकर फिल्म इंडस्ट्री में चिंता बढ़ रही है। उनका कहना है कि महिलाओं की सहमति सम्मान और व्यक्तिगत सीमाओं को किसी भी तकनीक या मनोरंजन से ऊपर रखा जाना जरूरी है।

  • पार्वती गाने से रातोंरात बढ़ी ईरानी हसीना की लोकप्रियता, भारत से पिछले जन्म का कनेक्शन मानती हैं अग्नि अग्यारी

    पार्वती गाने से रातोंरात बढ़ी ईरानी हसीना की लोकप्रियता, भारत से पिछले जन्म का कनेक्शन मानती हैं अग्नि अग्यारी


    नई दिल्ली। फिल्म हनुमान अंश की चर्चा इन दिनों इसकी कहानी और कलाकारों के साथ साथ इसके लोकप्रिय गानों को लेकर भी हो रही है। फिल्म का पार्वती गाना दर्शकों के बीच काफी पसंद किया जा रहा है और इस गाने में नजर आईं ईरान में जन्मी एक्ट्रेस अग्नि अग्यारी भी सुर्खियों में आ गई हैं। फिल्म में उनकी मौजूदगी बहुत बड़ी नहीं थी लेकिन गाने में दिखाई दी उनकी छोटी सी झलक ने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। अब सोशल मीडिया पर उनके पुराने कामों को भी लोग तलाश रहे हैं और अग्नि को एक नई पहचान मिलती नजर आ रही है।
    अग्नि अग्यारी के लिए इस गाने से मिली लोकप्रियता इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने पार्वती गाने को गाया नहीं था। वह इसमें एक परफॉर्मर और म्यूजिशियन के तौर पर दिखाई दी थीं। उन्हें हैंडपैन और काहून जैसे म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाने की ट्रेनिंग है। यही उनकी खासियत इस गाने का हिस्सा बनने की वजह बनी। मेकर्स को इस प्रोजेक्ट के लिए सिर्फ एक अभिनेत्री की जरूरत नहीं थी बल्कि ऐसे कलाकार की तलाश थी जिसे संगीत की भी समझ हो। अग्नि की म्यूजिकल ट्रेनिंग इस काम में उनके लिए काफी उपयोगी साबित हुई।

    इस गाने से जुड़ा एक और दिलचस्प पहलू यह है कि अग्नि ने इसमें अपनी ही साड़ी पहनी थी। गाने के रिलीज होने के बाद जब दर्शकों ने उन्हें नोटिस किया तो उनकी लोकप्रियता अचानक बढ़ने लगी। अग्नि ने इस प्यार पर खुशी जताते हुए फिल्म के निर्देशक डॉ. विशाल चतुर्वेदी और सिंगर कंपोजर ऋषि पाठक का आभार व्यक्त किया है। उनके लिए यह अनुभव इसलिए भी खास है क्योंकि अब दर्शक उनके पुराने काम को भी पहचानने लगे हैं।

    अग्नि अग्यारी का भारत से जुड़ाव सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं है। ईरान के तेहरान में जन्मीं और वहीं पली बढ़ीं अग्नि पारसी परिवार से आती हैं। इसके बावजूद उन्हें बचपन से ही भारतीय फिल्मों और भारतीय संस्कृति में गहरी रुचि रही है। उन्होंने बताया कि बचपन में उन्हें ओम जय जगदीश हरे भजन काफी पसंद था। उन्होंने इस भजन को फारसी भाषा में लिखकर याद किया था और अपनी मां के एक विद्यार्थी से मिले सरस्वती माता के चित्र के सामने बैठकर इसे गाया करती थीं।

    भारत के साथ अपने इस भावनात्मक जुड़ाव को लेकर अग्नि का मानना है कि शायद उनके और भारत के बीच कोई पुराना संबंध रहा है। उन्होंने पिछले जन्म के कनेक्शन की संभावना की बात कही है। यह उनका व्यक्तिगत विश्वास है लेकिन भारत के प्रति उनका लगाव बचपन से दिखाई देता है। उनका कहना है कि उन्हें खुद भी नहीं पता कि भारत के साथ उनका इतना गहरा जुड़ाव क्यों महसूस होता है। वह खुद को दिल से भारतीय मानती हैं।

    अग्नि पिछले करीब चार वर्षों से भारत में काम कर रही हैं। इस दौरान वह शाहरुख खान करीना कपूर खान और यामी गौतम जैसे कलाकारों के साथ विज्ञापनों में दिखाई दे चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने बड़े अच्छे लगते हैं 3 और शो टाइम जैसे टीवी प्रोजेक्ट्स में भी काम किया है। फिल्मों में भी वह अपनी पहचान बना रही हैं। संजय लीला भंसाली के प्रोडक्शन की फिल्म दो दीवाने शहर में और लव लॉटरी उनके हालिया प्रोजेक्ट्स में शामिल हैं। पार्वती गाने से मिली लोकप्रियता उनके करियर के लिए एक नया मोड़ साबित हो सकती है और भारतीय दर्शकों के बीच उनकी पहचान पहले से ज्यादा मजबूत होती नजर आ रही है।

  • बॉर्डर 2 से दूरी और हानिया आमिर संग फिल्म पर विवाद, दिलजीत दोसांझ को लेकर मीका सिंह ने कह दी बड़ी बात

    बॉर्डर 2 से दूरी और हानिया आमिर संग फिल्म पर विवाद, दिलजीत दोसांझ को लेकर मीका सिंह ने कह दी बड़ी बात


    नई दिल्ली। पंजाबी सिंगर और अभिनेता दिलजीत दोसांझ एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह उनका कोई गाना या कॉन्सर्ट नहीं बल्कि मशहूर गायक मीका सिंह का बयान है। मीका ने दिलजीत के फिल्म प्रमोशन के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा है कि बॉलीवुड की फिल्मों में काम करने के बावजूद वह उन्हें खुलकर प्रमोट नहीं करते। खास तौर पर मीका ने फिल्म बॉर्डर 2 का जिक्र करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि दिलजीत पाकिस्तानी अभिनेत्री हानिया आमिर के साथ अपनी फिल्म सरदारजी 3 को प्रमोट करते नजर आए लेकिन दूसरी फिल्मों के लिए वैसा उत्साह क्यों नहीं दिखाया। उनके इस बयान के बाद दोनों गायकों को लेकर मनोरंजन जगत में नई बहस शुरू हो गई है।

    टाइम्स नाउ के साथ बातचीत में मीका सिंह ने दिलजीत दोसांझ की लोकप्रियता और उपलब्धियों की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि वह दिलजीत से बिल्कुल नहीं जलते। मीका के मुताबिक उनके भाई दलेर मेहंदी के बाद दिलजीत ने पगड़ी पहनकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है और उन्हें इस बात पर गर्व है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिल्मों के प्रचार को लेकर उनकी राय अलग है। मीका का मानना है कि जब कोई कलाकार किसी बड़े बॉलीवुड प्रोजेक्ट का हिस्सा बनता है तो उसे फिल्म के प्रचार में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

    बॉर्डर 2 को लेकर मीका ने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार फिल्म रिलीज होने के दौरान दिलजीत ने इसे पर्याप्त रूप से प्रमोट नहीं किया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि दिलजीत ने अभिनेता सनी देओल के साथ काम करने और इतनी बड़ी फिल्म का हिस्सा बनने को लेकर सार्वजनिक तौर पर ज्यादा बात क्यों नहीं की। मीका के मुताबिक बॉर्डर 2 देश से जुड़ी भावनाओं को सामने रखने वाली महत्वपूर्ण फिल्मों में से एक है और इसके प्रचार में कलाकारों की भागीदारी भी अहम होती है। उन्होंने कहा कि वह ये बातें किसी विवाद को बढ़ाने के लिए नहीं बल्कि एक भाई की तरह अपनी राय रखते हुए कह रहे हैं।

    हालांकि इस मामले में एक अहम तथ्य यह भी है कि दिलजीत दोसांझ ने बॉर्डर 2 से जुड़ा प्रमोशनल कंटेंट साझा किया था। उन्होंने दिसंबर 2025 में फिल्म से अपना फर्स्ट लुक जारी किया था और फिल्म के ट्रेलर तथा अन्य प्रचार सामग्री से जुड़ी पोस्ट भी सामने आई थीं। ऐसे में मीका के बयान और उपलब्ध प्रमोशनल गतिविधियों के बीच अंतर नजर आता है। रिपोर्ट के मुताबिक दिलजीत की प्रचार गतिविधियां मुख्य रूप से ऑनलाइन सामग्री तक सीमित रहीं और वह फिल्म के कुछ ऑन-ग्राउंड प्रचार कार्यक्रमों से दूर रहे। इसलिए यह कहना कि उन्होंने फिल्म का बिल्कुल भी प्रचार नहीं किया तथ्यों की पूरी तस्वीर पेश नहीं करता।

    मीका सिंह ने दिलजीत की फिल्म सरदारजी 3 का भी जिक्र किया जिसमें पाकिस्तानी अभिनेत्री हानिया आमिर नजर आई थीं। इस फिल्म को लेकर भारत में पहले भी विवाद हुआ था। मीका का कहना था कि दिलजीत ने इस फिल्म को लेकर पोस्ट साझा किए लेकिन बॉर्डर 2 जैसी बड़ी फिल्म के लिए वैसा प्रचार नहीं दिखा। उन्होंने यह भी कहा कि दिलजीत को अपने प्रोजेक्ट्स को प्रमोट करने में अधिक सक्रिय होना चाहिए।

    इस बातचीत में मीका ने दिलजीत के साथ अपने पुराने संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि जब दिलजीत को करियर की शुरुआत में मदद की जरूरत थी तब उन्होंने उनका साथ दिया था। मीका के मुताबिक विवादों के समय भी वह दिलजीत के साथ खड़े रहे। इस तरह उनके बयान में आलोचना के साथ पुराने रिश्तों और सहयोग का जिक्र भी शामिल रहा। अब इस पूरे मामले में दिलजीत की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी और देखना होगा कि फिल्म प्रमोशन को लेकर उठे इन सवालों पर आगे क्या चर्चा होती है।

  • जब अपनी ही छवि से परेशान हो गए थे सलमान खान, पिता सलीम खान की एक सलाह ने बदल दिया करियर का रुख

    जब अपनी ही छवि से परेशान हो गए थे सलमान खान, पिता सलीम खान की एक सलाह ने बदल दिया करियर का रुख


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान अपनी फिल्मों और दमदार अंदाज के लिए पहचाने जाते हैं लेकिन उनकी जिंदगी में एक ऐसा दौर भी आया था जब मीडिया में उनके बारे में लगातार नकारात्मक खबरें प्रकाशित हो रही थीं। निजी रिश्तों से लेकर कोर्ट केस और फिल्मों तक को लेकर उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा था। अब बिग बॉस 20 के वीकेंड का वार एपिसोड में सलमान खान ने अपने जीवन के उस मुश्किल दौर को याद किया और बताया कि किस तरह टेलीविजन के लोकप्रिय रियलिटी शो 10 का दम ने उनकी छवि बदलने में अहम भूमिका निभाई। इस दौरान उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए यह भी बताया कि शुरुआत में वह इस शो का हिस्सा बनने के लिए तैयार नहीं थे।

    सलमान खान ने फिल्म मैंने प्यार किया से दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई थी। हालांकि सफलता के साथ उनकी निजी जिंदगी भी लगातार चर्चा का विषय बनने लगी। अभिनेता के मुताबिक उस समय अखबारों और टेलीविजन पर उनके बारे में ज्यादातर नकारात्मक खबरें दिखाई देती थीं। उनके रिश्तों और कानूनी मामलों को लेकर लगातार चर्चाएं होती थीं। इस माहौल का असर उनकी सार्वजनिक छवि पर भी पड़ रहा था। सलमान ने बताया कि जब भी वह अखबार खोलते या टेलीविजन देखते तो उन्हें अपने बारे में नकारात्मक खबरें ही नजर आती थीं। ऐसे समय में उनके लिए यह तय करना आसान नहीं था कि उन्हें आगे क्या करना चाहिए।

    इसी दौर में सलमान खान को साल 2008 में टेलीविजन शो 10 का दम होस्ट करने का प्रस्ताव मिला। शुरुआत में वह इस ऑफर को स्वीकार करने के पक्ष में नहीं थे। उन्हें लग रहा था कि जब पहले से ही उनके खिलाफ इतना नकारात्मक माहौल बना हुआ है तो ऐसे में टेलीविजन पर आना कितना सही होगा। उन्हें आशंका थी कि लोग उनके बारे में पहले से बनी धारणा के कारण शो को भी उसी नजर से देखेंगे। हालांकि इस मुश्किल समय में उन्होंने अपने पिता और मशहूर पटकथा लेखक सलीम खान से सलाह ली।

    सलमान ने बताया कि उनके पिता ने उनसे पूछा कि क्या उन्हें अपनी परवरिश पर भरोसा है। जब अभिनेता ने हां में जवाब दिया तो सलीम खान ने उन्हें सलाह दी कि यदि उन्हें अपनी परवरिश और खुद पर विश्वास है तो उन्हें 10 का दम जरूर करना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि शो में उन्हें किसी दूसरे व्यक्ति की तरह व्यवहार करने की जरूरत नहीं है बल्कि उन्हें वैसे ही रहना चाहिए जैसे वह वास्तविक जीवन में हैं। पिता की इस सलाह ने सलमान को अपने फैसले पर दोबारा विचार करने के लिए प्रेरित किया और आखिरकार उन्होंने शो की मेजबानी स्वीकार कर ली।

    सलमान खान के अनुसार 10 का दम का केवल एक एपिसोड करने के बाद ही लोगों को उनका एक अलग पक्ष देखने का मौका मिला। दर्शक उन्हें सिर्फ फिल्मों में निभाए गए किरदारों के आधार पर नहीं बल्कि उनके वास्तविक व्यक्तित्व और सहज अंदाज के जरिए भी जानने लगे। अभिनेता ने इस बदलाव की तुलना अमिताभ बच्चन के टेलीविजन शो कौन बनेगा करोड़पति से जुड़ी लोकप्रियता से भी की। उनके मुताबिक टेलीविजन ने कलाकारों को दर्शकों के करीब आने और अपनी अलग पहचान बनाने का अवसर दिया।

    हालांकि सलमान ने यह भी माना कि उनकी जिंदगी में इसके बाद भी कई उतार-चढ़ाव आए। इसके बावजूद 10 का दम उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ। बिग बॉस में अपने अनुभव का जिक्र करते हुए उन्होंने यह संदेश दिया कि मुश्किल परिस्थितियों में खुद पर भरोसा बनाए रखना जरूरी है। कई बार लोगों की धारणा बदलने के लिए अपनी बातों से ज्यादा अपने व्यवहार और व्यक्तित्व को सामने आने का अवसर देना पड़ता है। सलमान की यह कहानी उनके प्रशंसकों के लिए उनके करियर के एक अनदेखे पहलू को सामने लाती है।

  • भारत चीन टकराव पर बनी सलमान की मातृभूमि में हुआ बड़ा बदलाव सरकार की मंजूरी के बाद रिलीज की उम्मीद बढ़ी

    भारत चीन टकराव पर बनी सलमान की मातृभूमि में हुआ बड़ा बदलाव सरकार की मंजूरी के बाद रिलीज की उम्मीद बढ़ी


    नई दिल्ली। सलमान खान की मचअवेटेड फिल्म मातृभूमि को लेकर लंबे समय से इंतजार कर रहे फैंस के लिए बड़ी खबर सामने आई है। 2020 में भारत और चीन के बीच हुए गलवान टकराव की पृष्ठभूमि पर तैयार की गई इस वॉर ड्रामा फिल्म की रिलीज का रास्ता अब काफी हद तक साफ हो गया है। फिल्म के नए संशोधित वर्जन को सरकार की ओर से हरी झंडी मिल गई है और इसके बाद मेकर्स ने रिलीज की तैयारियां तेज कर दी हैं। हालांकि सिनेमाघरों तक पहुंचने से पहले फिल्म को सेंसर बोर्ड की मंजूरी मिलना अभी बाकी है।

    रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म को लेकर रक्षा मंत्रालय और सूचना प्रसारण मंत्रालय की ओर से कुछ आपत्तियां सामने आई थीं। खासतौर पर फिल्म में भारत और चीन से जुड़े संदर्भों तथा कंटेंट को लेकर बदलाव की जरूरत महसूस की गई थी। इसी वजह से फिल्म की रिलीज में देरी होती रही। अब मेकर्स की ओर से संशोधित वर्जन जमा किए जाने के बाद अधिकारियों की ओर से इसे मंजूरी मिल गई है। फिल्म को नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट यानी NOC जारी किए जाने के बाद इसकी रिलीज को लेकर तस्वीर पहले के मुकाबले काफी स्पष्ट हो गई है।

    सरकारी निर्देशों के बाद फिल्म के मूल ड्राफ्ट में कई बदलाव किए गए हैं। बताया जा रहा है कि नए वर्जन में भारत और चीन के संबंधों से जुड़े सकारात्मक पहलुओं को भी जगह दी गई है। ऐसे में फिल्म की कहानी और प्रस्तुति पहले तैयार किए गए वर्जन से अलग नजर आ सकती है। अब मेकर्स जल्द ही फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानी CBFC के पास भेजने की तैयारी में हैं।

    मातृभूमि की संभावित रिलीज डेट को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। रिपोर्ट के अनुसार सलमान खान और फिल्म की टीम 13 नवंबर की तारीख पर विचार कर रही है। यह तारीख दिवाली के बाद के त्योहारों वाले माहौल को देखते हुए चुनी जा सकती है। अगर सेंसर बोर्ड से समय पर मंजूरी मिल जाती है तो फिल्म 13 नवंबर को सिनेमाघरों में दस्तक दे सकती है। हालांकि अभी इस तारीख की आधिकारिक घोषणा होना बाकी है।

    फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया ने किया है। इसमें सलमान खान के साथ चित्रांगदा सिंह मुख्य भूमिका में नजर आएंगी। फिल्म की कहानी 2020 के गलवान टकराव से जुड़े घटनाक्रम की पृष्ठभूमि पर आधारित बताई जा रही है। यही वजह है कि फिल्म की घोषणा के बाद से ही इसे लेकर दर्शकों के बीच काफी उत्सुकता बनी हुई है।

    अब सरकार से NOC मिलने के बाद फिल्म की अगली बड़ी परीक्षा सेंसर बोर्ड की प्रक्रिया होगी। अगर यहां से भी मंजूरी मिल जाती है तो लंबे समय से अटकी यह फिल्म आखिरकार बड़े पर्दे पर पहुंच सकती है। ऐसे में सलमान खान के फैंस की नजरें अब मेकर्स की आधिकारिक घोषणा और रिलीज डेट पर टिकी हैं।

  • गोविंदा-कोमल रानी विवाद में आया नया मोड़, दिव्या खोसला ने सिंदूर और धार्मिक स्थल को लेकर रखी बात

    गोविंदा-कोमल रानी विवाद में आया नया मोड़, दिव्या खोसला ने सिंदूर और धार्मिक स्थल को लेकर रखी बात


    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा की निजी जिंदगी को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच अब अभिनेत्री दिव्या खोसला की प्रतिक्रिया सामने आई है। दिव्या ने गोविंदा के साथ सार्वजनिक रूप से नजर आईं कोमल रानी स्वर्णकार को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए हैं। मामला उस समय और चर्चा में आ गया जब दोनों को लालबागचा राजा के दर्शन करते हुए साथ देखा गया। दिव्या ने खासतौर पर कोमल रानी की मांग में नजर आ रहे सिंदूर को लेकर सवाल किया और धार्मिक स्थल पर इस तरह नजर आने को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।

    दिव्या खोसला ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि व्यक्ति अपनी निजी जिंदगी में क्या करता है यह उसकी व्यक्तिगत पसंद हो सकती है लेकिन समाज में कुछ सीमाएं बनाए रखना भी जरूरी है। उन्होंने लालबागचा राजा में गोविंदा के साथ कोमल रानी के नजर आने का जिक्र करते हुए कहा कि धार्मिक जगह पर उनकी मांग में सिंदूर दिखाई देने से मीडिया में दोनों को लेकर चर्चाओं को और हवा मिली।

    दिव्या ने अपनी पोस्ट में कोमल रानी से यह भी सवाल किया कि क्या वह सिंदूर के महत्व को समझती हैं। उन्होंने सिंदूर को हिंदू विवाहित महिलाओं से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रतीक के तौर पर पेश किया। दिव्या का कहना है कि धार्मिक भावनाओं से जुड़ी चीजों को निजी विवादों या किसी कथित एजेंडे का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने ऐसे लोगों पर भी सवाल उठाए जिन्होंने इस पूरे घटनाक्रम का समर्थन किया है।

    यह पूरा विवाद गोविंदा और कोमल रानी स्वर्णकार के कथित रिश्ते को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच सामने आया है। कोमल रानी का नाम पिछले कुछ समय से अभिनेता गोविंदा के साथ जोड़ा जा रहा है। हालांकि गोविंदा इन अटकलों के बीच कोमल के साथ किसी रोमांटिक रिश्ते की बात से इनकार कर चुके हैं। उन्होंने ऐसी चर्चाओं को अपनी छवि खराब करने की कोशिश बताया है।

    वहीं गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा की ओर से भी अपने वैवाहिक जीवन को लेकर भावुक बयान सामने आ चुके हैं। इसी वजह से अभिनेता की निजी जिंदगी को लेकर सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में चर्चाएं तेज हैं। लालबागचा राजा में गोविंदा और कोमल रानी को एक साथ देखे जाने के बाद इन चर्चाओं को फिर से जोर मिला।

    दिव्या खोसला पहले भी इस मामले में सुनीता आहूजा का समर्थन कर चुकी हैं। उन्होंने सुनीता के पक्ष में बोलते हुए कहा था कि उन्होंने परिवार के लिए काफी कुछ किया और बच्चों की परवरिश में अहम भूमिका निभाई। दिव्या ने यह भी कहा था कि किसी की निजी जिंदगी को सार्वजनिक चर्चा का विषय बनाने से बचना चाहिए।

    अब दिव्या की नई पोस्ट में सिंदूर और धार्मिक स्थल का जिक्र आने के बाद मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। हालांकि सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं और आरोपों के बीच गोविंदा और कोमल रानी के रिश्ते को लेकर कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार गोविंदा ने रोमांटिक रिश्ते की अटकलों से इनकार किया है। फिलहाल दिव्या की टिप्पणी ने इस पूरे विवाद को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।

  • KBC 18 में बिग बी के साथ हुआ हादसा पैर फिसलने से चोटिल हुआ घुटना अमिताभ ने फैंस को दिया बड़ा अपडेट

    KBC 18 में बिग बी के साथ हुआ हादसा पैर फिसलने से चोटिल हुआ घुटना अमिताभ ने फैंस को दिया बड़ा अपडेट


    नई दिल्ली। कौन बनेगा करोड़पति सीजन 18 का लेटेस्ट एपिसोड अमिताभ बच्चन के लिए कुछ अलग रहा। हर बार की तरह इस बार भी दर्शक अपने पसंदीदा होस्ट को मंच के बीचोंबीच खड़े होकर शो की शुरुआत करते देखने का इंतजार कर रहे थे लेकिन अमिताभ बच्चन इस बार बैठे हुए नजर आए। इसकी वजह उन्होंने खुद दर्शकों को बताई। बिग बी ने जानकारी दी कि शूटिंग के दौरान उनका पैर फिसल गया था और वह गिर गए थे। इस हादसे में उनके घुटने में चोट लग गई जिसके कारण उन्हें खड़े होने में थोड़ी परेशानी हो रही थी।

    अमिताभ बच्चन ने KBC 18 के एपिसोड की शुरुआत में अपनी चोट के बारे में बात करते हुए दर्शकों को पूरी स्थिति बताई। उन्होंने कहा कि आमतौर पर वह स्टेज के बीच में खड़े होकर अपना मोनोलॉग बोलते हैं लेकिन इस बार घुटने में चोट होने के कारण वह ऐसा नहीं कर पा रहे थे। उन्होंने बताया कि शूटिंग के दौरान उनका पैर अचानक फिसला और वह गिर गए। इसके बाद घुटने में चोट लग गई। हालांकि बिग बी ने यह भी साफ किया कि चोट गंभीर नहीं है और फैंस को ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है।

    अमिताभ बच्चन ने बताया कि वह चाहें तो खड़े होकर अपना मोनोलॉग बोल सकते थे लेकिन लंबे समय तक खड़े रहने में उन्हें परेशानी महसूस हो रही थी। इसी वजह से उन्होंने बैठे हुए ही शो की शुरुआत करने का फैसला किया। उनके इस अंदाज को देखकर दर्शकों को उनकी चोट की गंभीरता को लेकर चिंता हुई लेकिन अमिताभ की बातों से यह संकेत मिला कि वह काम जारी रखने की स्थिति में हैं।

    अमिताभ बच्चन लंबे समय से KBC के मंच का प्रमुख चेहरा बने हुए हैं और शो में उनकी खास शैली दर्शकों को लगातार पसंद आती रही है। ऐसे में शूटिंग के दौरान उनके चोटिल होने की खबर सामने आते ही उनके प्रशंसकों की नजर उनकी सेहत पर टिक गई। हालांकि खुद अमिताभ ने अपनी स्थिति के बारे में जानकारी देकर फैंस को राहत दी। चोट के बावजूद उन्होंने एपिसोड की शूटिंग जारी रखी और दर्शकों से बातचीत भी की।

    बिग बी का काम केवल KBC 18 तक सीमित नहीं है। वह आने वाले समय में कई बड़े प्रोजेक्ट्स का हिस्सा भी हैं। नाग अश्विन की फिल्म काल्कि 2898 एडी के अगले भाग में वह अश्वत्थामा के किरदार में फिर नजर आने वाले हैं। रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म की शूटिंग अक्टूबर 2026 से आगे बढ़ने की उम्मीद है। इसके अलावा सेक्शन 84 भी उनके आगामी प्रोजेक्ट्स में शामिल है। यह रिभु दासगुप्ता की कोर्टरूम ड्रामा फिल्म बताई जा रही है।

    अमिताभ बच्चन के साथ शूटिंग के दौरान चोट लगने का यह पहला मामला नहीं है। मार्च 2023 में हैदराबाद में कल्कि 2898 एडी की शूटिंग के दौरान एक एक्शन सीन करते समय उनके दाहिने पसली वाले हिस्से में चोट लगी थी। उस समय उन्हें मांसपेशियों में खिंचाव की शिकायत हुई थी और चलने फिरने के साथ सांस लेने में भी दर्द महसूस हो रहा था। इसके बाद शूटिंग रोककर उन्हें आराम करने की सलाह दी गई थी। स्वस्थ होने के बाद उन्होंने दोबारा काम शुरू किया था।

    फिलहाल KBC 18 के सेट पर लगी घुटने की चोट को लेकर अमिताभ बच्चन ने खुद स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने अपने अंदाज में फैंस को भरोसा दिलाया कि चोट गंभीर नहीं है। शो के दौरान उनका बैठे हुए नजर आना जरूर दर्शकों के लिए अलग अनुभव रहा लेकिन अमिताभ की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि चोट के बावजूद उनका काम और KBC के प्रति उनका जुड़ाव जारी है।

  • विजय सालगांवकर की पाव भाजी अब सच में मिलेगी प्लेट में ‘दृश्यम 3’ देखने वालों के लिए खास ऑफर

    विजय सालगांवकर की पाव भाजी अब सच में मिलेगी प्लेट में ‘दृश्यम 3’ देखने वालों के लिए खास ऑफर


    नई दिल्ली। अजय देवगन की फिल्म ‘दृश्यम 3’ को लेकर दर्शकों के बीच पहले से ही जबरदस्त उत्सुकता है। फिल्म 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है और अब इसके साथ जुड़ा एक खास ऑफर भी चर्चा में आ गया है। अगर आप 2 अक्टूबर को ‘दृश्यम 3’ देखने का प्लान बना रहे हैं तो फिल्म के साथ आपको एक खास ट्रीट भी मिल सकती है। दरअसल कुछ दर्शकों को फ्री पाव भाजी देने का ऑफर सामने आया है। खास बात यह है कि इस ऑफर का सीधा कनेक्शन ‘दृश्यम’ की कहानी से है।

    ‘दृश्यम’ फ्रेंचाइजी में 2 अक्टूबर और पाव भाजी का खास महत्व रहा है। विजय सालगांवकर अपने परिवार को बचाने के लिए एक ऐसी कहानी तैयार करता है जिसमें 2 अक्टूबर को पणजी जाने और वहां सत्संग में शामिल होने के साथ पाव भाजी खाने की बात भी शामिल होती है। कहानी में यही छोटी छोटी जानकारियां उसके बनाए हुए अलिबाई का हिस्सा बनती हैं। अब इसी चर्चित पाव भाजी को फिल्म के प्रमोशनल ऑफर से जोड़ दिया गया है।

    इस ऑफर का फायदा उठाने के लिए दर्शकों को PVR INOX की वेबसाइट या ऐप के जरिए एक ही ट्रांजैक्शन में कम से कम 4 टिकट बुक करने होंगे। यानी अगर चार लोग फिल्म देखने जा रहे हैं तो अलग अलग टिकट बुक करने के बजाय चार या उससे ज्यादा टिकट एक साथ खरीदने होंगे। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक पहले 500 योग्य ग्राहकों को फ्री पाव भाजी का कूपन दिया जाएगा। इसलिए यह ऑफर सीमित ग्राहकों के लिए है और हर टिकट बुक करने वाले दर्शक को इसका लाभ मिलेगा यह जरूरी नहीं है।

    ऑफर की एक और खास शर्त है। फ्री पाव भाजी का कूपन 2 अक्टूबर को ही रिडीम किया जा सकेगा। इसके अलावा यह सुविधा सभी PVR INOX सिनेमाघरों में उपलब्ध नहीं होगी। यह ऑफर मुंबई दिल्ली एनसीआर और गुरुग्राम के चुनिंदा सिनेमाघरों में लागू बताया गया है। इसलिए टिकट बुक करने से पहले संबंधित शो और थिएटर पर ऑफर की उपलब्धता और नियम देखना जरूरी होगा।

    ‘दृश्यम 3’ की कहानी की बात करें तो एक बार फिर विजय सालगांवकर का किरदार दर्शकों को सस्पेंस और रहस्य के बीच ले जाने वाला है। पिछली फिल्मों में विजय ने अपने परिवार को मुश्किल परिस्थितियों से बचाने के लिए जिस तरह दिमाग का इस्तेमाल किया था उसके बाद अब तीसरे पार्ट में कहानी किस दिशा में जाएगी यह देखने के लिए दर्शक उत्साहित हैं। फिल्म में अजय देवगन के साथ फ्रेंचाइजी के कई प्रमुख कलाकार नजर आएंगे।

    फिल्म की रिलीज को लेकर खास बात यह भी है कि 2 अक्टूबर गांधी जयंती के मौके पर लंबा वीकेंड मिल रहा है। ऐसे में सिनेमाघरों में दर्शकों की अच्छी मौजूदगी देखने को मिल सकती है। अब फिल्म के सस्पेंस के साथ पाव भाजी वाला यह ऑफर भी चर्चा में है।

    यानी ‘दृश्यम 3’ देखने के लिए टिकट बुक करने वाले कुछ दर्शकों को इस बार विजय सालगांवकर की मशहूर पाव भाजी वाली कहानी सिर्फ पर्दे पर नहीं बल्कि असल में प्लेट में भी देखने को मिल सकती है। हालांकि इसके लिए चार टिकट की एक साथ बुकिंग करनी होगी और ऑफर सीमित ग्राहकों तथा चुनिंदा सिनेमाघरों तक ही बताया गया है।

  • ओम शांति ओम के सेट पर मिथुन दा ने मचाया ऐसा जलवा, बेकाबू हुई भीड़, शाहरुख-सलमान की मौजूदगी भी पड़ गई फीकी

    ओम शांति ओम के सेट पर मिथुन दा ने मचाया ऐसा जलवा, बेकाबू हुई भीड़, शाहरुख-सलमान की मौजूदगी भी पड़ गई फीकी


    नई दिल्ली। गोविंदा और सुनीता आहूजा के रिश्ते को लेकर पिछले कुछ समय से लगातार चर्चाएं चल रही हैं। दोनों के रिश्ते में आई कथित दूरी को लेकर सोशल मीडिया पर तरह तरह की बातें सामने आ रही हैं। इसी बीच गोविंदा की कोमल रानी स्वर्णकार के साथ सामने आई तस्वीरों और वीडियो ने चर्चाओं को और बढ़ा दिया। हाल ही में दोनों को लालबागचा राजा के दर्शन करते हुए देखा गया था जिसके बाद सोशल मीडिया पर गोविंदा और कोमल के रिश्ते को लेकर सवाल उठने लगे। अब इन चर्चाओं के बीच सुनीता आहूजा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।

    मीडिया से बातचीत के दौरान जब सुनीता से गोविंदा और उनकी को-स्टार कोमल रानी स्वर्णकार के रिश्ते को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने इस मामले पर ज्यादा विस्तार से बात करने से इनकार कर दिया। सुनीता ने कहा कि वह गोविंदा या उनकी को-स्टार के बारे में कुछ नहीं कहना चाहतीं। उन्होंने यह भी कहा कि वह गोविंदा को खुश देखना चाहती हैं और भगवान से उनके लिए आशीर्वाद की प्रार्थना करती हैं। सुनीता के इस बयान के बाद एक बार फिर उनके और गोविंदा के रिश्ते को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

    सुनीता ने साफ शब्दों में कहा कि गोविंदा को जैसी जिंदगी जीनी है वह वैसे ही जिएं। उन्होंने कहा कि वह जहां भी हैं और जिसके साथ भी हैं भगवान उन्हें खुश रखें। सुनीता के इस बयान से यह संकेत जरूर मिला कि वह फिलहाल इस पूरे मामले पर सार्वजनिक बहस का हिस्सा नहीं बनना चाहतीं और अपनी जिंदगी में आगे बढ़ने पर ध्यान दे रही हैं।

    सुनीता ने यह भी स्पष्ट किया कि इन दिनों उनका मुख्य फोकस काम पर है। उन्होंने कहा कि वह बार बार किसी विवाद में नहीं पड़ना चाहतीं। सुनीता ने लोगों से भी अपील की कि वे अपनी खुशी और अपनी जिंदगी पर ध्यान दें और इस मामले में अपना समय बर्बाद न करें। उनके इस बयान को गोविंदा से जुड़ी लगातार चल रही चर्चाओं के बीच उनकी ओर से दिया गया एक स्पष्ट संदेश माना जा रहा है।

    वहीं दूसरी तरफ कोमल रानी स्वर्णकार के कुछ पुराने बयान भी चर्चा में हैं। कोमल ने सोशल मीडिया पर बिना नाम लिए सुनीता पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने एक पोस्ट में पति को परेशान करने और घर में तनाव पैदा करने जैसी बातें लिखी थीं। हालांकि इन बयानों में उन्होंने सीधे तौर पर सुनीता का नाम नहीं लिया था लेकिन सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे गोविंदा और सुनीता के विवाद से जोड़कर देखा।

    कोमल ने यह भी लिखा था कि वह उस महिला के दर्द को समझती हैं लेकिन उनके मुताबिक उस दर्द को सार्वजनिक रूप से जाहिर करने के बजाय उससे बाहर निकलने की कोशिश होनी चाहिए। उनके इन बयानों के बाद मामला और चर्चा में आ गया था।

    फिलहाल गोविंदा और कोमल के रिश्ते को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं लेकिन सुनीता आहूजा ने अपने हालिया बयान में इस विवाद पर विस्तार से प्रतिक्रिया देने के बजाय खुद को इससे दूर रखने की बात कही है। उन्होंने साफ किया है कि उनका ध्यान अब अपने काम पर है और वह बार बार किसी कॉन्ट्रोवर्सी में नहीं फंसना चाहतीं।