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  • ‘द डर्टी पिक्चर 2’ को लेकर एकता कपूर का बड़ा ऐलान, 15 साल बाद फिर पर्दे पर दिखेगी बोल्ड कहानी, जानिए क्या होगा खास

    ‘द डर्टी पिक्चर 2’ को लेकर एकता कपूर का बड़ा ऐलान, 15 साल बाद फिर पर्दे पर दिखेगी बोल्ड कहानी, जानिए क्या होगा खास


    नई दिल्ली । बॉलीवुड की चर्चित फिल्मों में शामिल द डर्टी पिक्चर एक बार फिर सुर्खियों में है। साल 2011 में रिलीज हुई विद्या बालन की इस फिल्म के सीक्वल को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही थी लेकिन अब निर्माता एकता कपूर ने इस प्रोजेक्ट की पुष्टि कर दी है। उन्होंने बताया है कि द डर्टी पिक्चर 2 बनाने की योजना पर आगे बढ़ने का फैसला कर लिया गया है क्योंकि उन्हें ऐसी कहानी मिल गई है जिसे वह दर्शकों तक पहुंचाना चाहती हैं। हालांकि फिल्म में कौन से कलाकार नजर आएंगे और इसकी शूटिंग कब शुरू होगी इस बारे में अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में सीक्वल को लेकर दर्शकों की उत्सुकता बढ़ गई है।
    एकता कपूर ने रणवीर इलाहाबादिया के साथ बातचीत के दौरान फिल्म के दूसरे भाग को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि वह लंबे समय से इस फिल्म के सीक्वल के बारे में सोच रही थीं लेकिन किसी ऐसी कहानी की तलाश में थीं जो पहले भाग की तरह प्रभावशाली हो और दर्शकों के सामने एक नया नजरिया रख सके। अब उन्हें लगता है कि उनके पास ऐसी कहानी है जिसे बड़े पर्दे पर लाया जा सकता है। एकता के मुताबिक द डर्टी पिक्चर 2 की कहानी भी पहले भाग की तरह किसी एक व्यक्ति के इर्द-गिर्द घूमेगी। हालांकि इस बार कहानी का केंद्र कौन होगा और फिल्म में किस तरह के किरदार देखने को मिलेंगे इसका खुलासा नहीं किया गया है।
    द डर्टी पिक्चर साल 2011 में रिलीज हुई थी और इसमें विद्या बालन ने दक्षिण भारतीय अभिनेत्री सिल्क स्मिता से प्रेरित किरदार निभाया था। फिल्म में एक ऐसी महिला की जिंदगी और संघर्ष को दिखाया गया था जो अपनी पहचान और इच्छाओं को खुलकर स्वीकार करती है लेकिन समाज की सोच और आलोचनाओं का सामना भी करती है। एकता कपूर ने बातचीत में कहा कि उन्होंने इस किरदार को कभी केवल पीड़ित महिला के रूप में नहीं देखा बल्कि ऐसी महिला के तौर पर समझा जिसने अपनी पसंद और व्यक्तित्व को स्वीकार करने का साहस दिखाया। फिल्म की कहानी ने उस समय मनोरंजन जगत में महिला की छवि और उसकी स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा को जन्म दिया था।
    फिल्म में विद्या बालन के अभिनय को खूब सराहा गया था। उनके साथ नसीरुद्दीन शाह इमरान हाशमी और तुषार कपूर सहित कई कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आए थे। मिलन लुथरिया के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर भी अच्छा प्रदर्शन किया था। उपलब्ध बॉक्स ऑफिस आंकड़ों के अनुसार फिल्म का बजट करीब 31 करोड़ रुपये था जबकि भारत में इसकी कमाई 100 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई थी। फिल्म की लोकप्रियता और विद्या बालन के दमदार अभिनय ने इसे उनके करियर की यादगार फिल्मों में शामिल कर दिया।
    सिल्क स्मिता का असली नाम वदलपति विजयलक्ष्मी था। वह दक्षिण भारतीय सिनेमा की चर्चित अभिनेत्री और डांसर थीं। उन्होंने तमिल तेलुगु कन्नड़ मलयालम और हिंदी फिल्मों में काम किया। अपने करीब 18 साल के करियर में उन्होंने सैकड़ों फिल्मों में अभिनय किया और अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी जिंदगी से जुड़े कई पहलुओं ने फिल्म द डर्टी पिक्चर की कहानी को चर्चा का विषय बनाया था। हालांकि फिल्म को उनकी जिंदगी से प्रेरित माना जाता है लेकिन इसे पूरी तरह उनकी वास्तविक जीवनी नहीं कहा जा सकता।
    अब द डर्टी पिक्चर 2 की घोषणा के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या विद्या बालन एक बार फिर इस फ्रेंचाइजी का हिस्सा बनेंगी या एकता कपूर इस बार किसी नए कलाकार को मौका देंगी। फिलहाल निर्माता ने कास्ट कहानी के विस्तृत विवरण और रिलीज डेट को लेकर कोई जानकारी साझा नहीं की है। इतना जरूर है कि सीक्वल को लेकर एकता कपूर की पुष्टि ने फिल्मी दर्शकों के बीच नई चर्चा शुरू कर दी है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि फिल्म की अगली घोषणा कब होती है और इस बार पर्दे पर किसकी कहानी दिखाई जाएगी।

  • ‘दृश्यम 3’ के राजवीर सिंह तोमर बनकर छाए जयदीप अहलावत, ब्लॉकबस्टर के बाद बदलेगी किस्मत, अब बड़े रोल पर नजर

    ‘दृश्यम 3’ के राजवीर सिंह तोमर बनकर छाए जयदीप अहलावत, ब्लॉकबस्टर के बाद बदलेगी किस्मत, अब बड़े रोल पर नजर


    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन की फिल्म दृश्यम: द कन्क्लूजन को मिल रही सफलता के बीच अभिनेता जयदीप अहलावत ने अपने अगले करियर प्लान को लेकर अहम बात कही है। फिल्म में राजवीर सिंह तोमर का किरदार निभाकर दर्शकों का ध्यान खींचने वाले जयदीप अब बार-बार पुलिस अधिकारी की भूमिका नहीं निभाना चाहते। अभिनेता की इच्छा है कि उन्हें ऐसे किरदार मिलें जो उनकी अभिनय क्षमता को नई दिशा दें और उन्हें कुछ अलग करने का मौका दें। जयदीप ने फिल्म की सफलता पर खुशी जताते हुए उम्मीद जाहिर की है कि इस फिल्म के बाद उनके पास चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं के प्रस्ताव आएंगे।
    जयदीप अहलावत ने हाल ही में वैरायटी इंडिया के साथ बातचीत में फिल्म और अपने किरदार को लेकर विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि किसी ब्लॉकबस्टर फिल्म का हिस्सा बनना हर अभिनेता का सपना होता है और वह इस उपलब्धि से बेहद खुश हैं। हालांकि उन्हें अभी यह नहीं पता कि दृश्यम 3 की सफलता उनके करियर को किस तरह आगे बढ़ाएगी लेकिन उन्हें उम्मीद है कि इसका सकारात्मक असर जरूर देखने को मिलेगा। अभिनेता चाहते हैं कि निर्माता और निर्देशक अब उन्हें एक ही तरह की भूमिकाओं में सीमित रखने के बजाय नए और चुनौतीपूर्ण किरदारों में आजमाएं।
    जयदीप का कहना है कि वह अच्छे स्क्रीनप्ले और मजबूत कहानी वाले प्रोजेक्ट करना चाहते हैं। उनके लिए किसी फिल्म में किरदार की अहमियत और उसे निभाने की चुनौती काफी मायने रखती है। वह ऐसे रोल की तलाश में हैं जिनमें अभिनय के नए पहलुओं को सामने लाने का अवसर मिले। पुलिस अधिकारी के किरदारों में दर्शकों ने उन्हें पहले भी पसंद किया है लेकिन अब वह इस छवि से आगे निकलकर अलग-अलग तरह की भूमिकाएं निभाना चाहते हैं। उनका मानना है कि एक अभिनेता के तौर पर लगातार नए प्रयोग करना जरूरी है ताकि दर्शकों को हर बार उनका अलग रूप देखने को मिले।
    दृश्यम 3 में जयदीप के किरदार राजवीर सिंह तोमर की कहानी में अहम भूमिका है। फिल्म में अजय देवगन एक बार फिर विजय सलगांवकर के रूप में अपने परिवार को बचाने की कोशिश करते नजर आते हैं। जयदीप ने बातचीत के दौरान अजय देवगन की अभिनय शैली और कहानी को लेकर उनके नजरिए की भी तारीफ की। जब उनसे पूछा गया कि कुछ दृश्यों में अजय ने अपने किरदार को पीछे रखकर जयदीप के किरदार को प्रभावी होने का मौका दिया तो उन्होंने कहा कि अजय कहानी की जरूरत को समझते हैं। उनके मुताबिक फिल्म में यह जरूरी था कि विजय सलगांवकर को राजवीर सिंह तोमर से डर महसूस हो। अजय देवगन ने इसी जरूरत के अनुसार अपने किरदार को निभाया और कहानी को प्राथमिकता दी।
    अभिनेता ने यह भी बताया कि दृश्यम 3 का हिस्सा बनना उनके लिए अचानक लिया गया फैसला था। पहले से तय काम और व्यस्त शेड्यूल के बीच इस फिल्म के लिए समय निकालना आसान नहीं था। शुरुआत में उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि वह अपनी तारीखों को कैसे व्यवस्थित करेंगे लेकिन निर्माताओं के साथ बातचीत के बाद इसका समाधान निकल आया। जयदीप इस फिल्म को करना चाहते थे और अपने किरदार से संतुष्ट भी थे इसलिए आखिरकार उन्होंने इसके लिए हामी भर दी। अब फिल्म का हिस्सा बनने के फैसले से वह खुश हैं।
    जयदीप अहलावत इससे पहले वेब सीरीज पाताल लोक में पुलिस अधिकारी हाथीराम चौधरी की भूमिका निभाकर काफी लोकप्रियता हासिल कर चुके हैं। फिल्म राजी में भी उनका गंभीर और प्रभावशाली अंदाज देखने को मिला था। अब उनकी अगली बड़ी फिल्म किंग है जिसमें वह शाहरुख खान के साथ नजर आएंगे। ऐसे में दृश्यम 3 की सफलता के बाद दर्शकों की नजर उनके आने वाले प्रोजेक्ट्स पर रहेगी। जयदीप की कोशिश अब अपनी स्थापित छवि से आगे बढ़ते हुए ऐसे किरदार चुनने की है जो उनके अभिनय के नए रंग सामने ला सकें।

  • रणबीर की रामायण दो अलग-अलग वर्जन में होगी रिलीज, इंग्लिश फिल्म से हट सकते हैं गाने, जानिए राम और रावण की जंग कब दिखेगी

    रणबीर की रामायण दो अलग-अलग वर्जन में होगी रिलीज, इंग्लिश फिल्म से हट सकते हैं गाने, जानिए राम और रावण की जंग कब दिखेगी


    नई दिल्ली। रणबीर कपूर की बहुप्रतीक्षित फिल्म रामायण रिलीज से पहले ही चर्चा में बनी हुई है। फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्सुकता है और अब इसके हिंदी तथा इंग्लिश वर्जन की अवधि को लेकर नई जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म के दोनों वर्जन के रनटाइम में करीब 30 मिनट का अंतर हो सकता है। अमेरिका में फिल्म को हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओं में रिलीज किए जाने की तैयारी बताई जा रही है। हालांकि फिल्म के निर्माताओं ने अभी तक रनटाइम से जुड़ी जानकारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
    वैरायटी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका की थिएटर चेन एएमसी की लिस्टिंग में रामायण के हिंदी और इंग्लिश वर्जन का उल्लेख किया गया है। इसमें हिंदी वर्जन का रनटाइम 3 घंटे 15 मिनट बताया गया है जबकि इंग्लिश वर्जन की अवधि 2 घंटे 45 मिनट बताई जा रही है। इस हिसाब से दोनों वर्जन के बीच आधे घंटे का अंतर होगा। हालांकि यह जानकारी रिपोर्ट और थिएटर लिस्टिंग पर आधारित है। निर्माताओं की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं होने के कारण इसे अंतिम जानकारी नहीं माना जा सकता।
    फिल्म के दोनों वर्जन की अवधि में अंतर को लेकर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि इंग्लिश वर्जन में कुछ गानों को शामिल नहीं किया गया हो सकता है। भारतीय फिल्मों में गानों की अहम भूमिका होती है और रामायण जैसे बड़े प्रोजेक्ट में संगीत को लेकर भी दर्शकों की दिलचस्पी बनी हुई है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि अंतरराष्ट्रीय दर्शकों को ध्यान में रखकर इंग्लिश वर्जन की प्रस्तुति में कुछ बदलाव किए गए हों। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि वास्तव में गाने हटाए गए हैं या रनटाइम में अंतर की कोई दूसरी वजह है। इस बारे में निर्माताओं की पुष्टि का इंतजार है।
    निर्देशक नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही रामायण में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभाते नजर आएंगे। फिल्म की पहली झलक सामने आने के बाद से ही दर्शकों की उत्सुकता बढ़ गई है। साई पल्लवी माता सीता का किरदार निभा रही हैं जबकि रवि दुबे लक्ष्मण की भूमिका में दिखाई देंगे। सनी देओल को हनुमान और यश को रावण के किरदार में दिखाए जाने की जानकारी सामने आई है। फिल्म की स्टारकास्ट को लेकर भी लगातार चर्चा हो रही है।
    रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म के पहले भाग में सीता हरण से लेकर हनुमान के प्रवेश तक की कहानी दिखाई जा सकती है। वहीं हनुमान और सुग्रीव की सेना से जुड़े हिस्सों को दूसरे भाग में दिखाए जाने की संभावना है। राम और रावण के बीच होने वाले युद्ध का प्रमुख हिस्सा भी दूसरे भाग में आने की चर्चा है। इस तरह कहानी को दो भागों में प्रस्तुत करने की योजना बताई जा रही है ताकि महाकाव्य के बड़े घटनाक्रम को विस्तार से दिखाया जा सके।
    रिपोर्ट में रामायण के पहले भाग की रिलीज 5 नवंबर 2026 को बताई गई है। इसके बाद दूसरे भाग को अगले साल दिवाली के आसपास रिलीज करने की योजना की चर्चा है। हालांकि रिलीज और रनटाइम से जुड़ी अंतिम जानकारी के लिए निर्माताओं की आधिकारिक घोषणा महत्वपूर्ण होगी। रणबीर कपूर की आने वाली फिल्मों में संजय लीला भंसाली की लव एंड वॉर भी शामिल है जिसमें वह आलिया भट्ट और विक्की कौशल के साथ नजर आएंगे। फिलहाल दर्शकों की नजर रामायण के नए अपडेट और इसके दोनों वर्जन की आधिकारिक जानकारी पर टिकी हुई है।
  • CJP प्रोटेस्ट पर प्रकाश राज का सरकार पर तीखा हमला, बोले तुम लोग डरे हुए हो ना, दिन-ब-दिन नंगे होते जाओगे

    CJP प्रोटेस्ट पर प्रकाश राज का सरकार पर तीखा हमला, बोले तुम लोग डरे हुए हो ना, दिन-ब-दिन नंगे होते जाओगे


    नई दिल्ली। नई दिल्ली में CJP प्रोटेस्ट को लेकर जारी हंगामे के बीच अभिनेता प्रकाश राज ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपने संदेश में सरकार और प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिशों पर सवाल उठाए हैं। प्रकाश राज ने बिना किसी राजनीतिक दल या नेता का नाम लिए कहा कि विरोध की आवाज को दबाने की कोशिश करने वाले लोग खुद अपने डर के पीछे छिपे हुए हैं। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है और इसे लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
    फिल्मों में अपने दमदार अभिनय के लिए पहचाने जाने वाले प्रकाश राज ने वीडियो में कहा कि युवाओं को उनके घरों और फ्लाइट से हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को विरोध करने की निर्धारित जगह तक पहुंचने से भी रोका जा रहा है। अभिनेता ने इस घटनाक्रम पर नाराजगी जताते हुए सवाल किया कि आखिर इतनी सख्ती क्यों दिखाई जा रही है। उनके मुताबिक पुलिस और सुरक्षा बलों के जरिए लोगों की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है लेकिन इससे सवाल उठाने वाले लोगों की आवाज खत्म नहीं होगी।
    प्रकाश राज ने अपने संदेश में कहा कि विरोध करने वालों को गिरफ्तार करने या उनकी आवाज रोकने की कोशिश करने वाले वास्तव में अपने डर के पीछे कैद हैं। उन्होंने कहा कि लोगों की आवाज को दबाने से समस्या का समाधान नहीं होगा बल्कि सवाल उठाने वाली आवाजें और बुलंद हो सकती हैं। अभिनेता ने अपने वीडियो में यह भी कहा कि कोशिश कर ली जाए लेकिन विरोध करने वालों को पूरी तरह रोक पाना संभव नहीं होगा। उन्होंने लोकतंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि देश लोकतंत्र की हत्या नहीं होने देगा।
    प्रकाश राज ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट के कैप्शन में नदी का उदाहरण देते हुए सवाल किया कि आखिर किसी नदी को कब तक रोका जा सकता है। उनके इस संदेश को विरोध और असहमति की आवाज को लंबे समय तक दबा पाने की कोशिशों पर टिप्पणी के रूप में देखा जा रहा है। वीडियो में उन्होंने यह भी कहा कि यह एक लंबी लड़ाई है और वे सवाल पूछना जारी रखेंगे। उनके अनुसार समय के साथ विरोध करने वालों की आवाज और स्पष्ट होती जाएगी। इसी दौरान उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि संबंधित लोग दिन-ब-दिन बेनकाब होते जाएंगे।
    अभिनेता ने अपने संदेश के अंत में कहा कि खेल शुरू हो चुका है और देश सब कुछ देख रहा है। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई। कुछ लोगों ने उनके विचारों का समर्थन किया तो कुछ यूजर्स ने उनकी टिप्पणी पर सवाल उठाए। एक यूजर ने पूछा कि वह होटल के कमरे में क्यों छिपे हुए हैं। वहीं दूसरे यूजर ने उन्हें दिल्ली आने की चुनौती देते हुए कहा कि प्रदर्शन कर रहे युवाओं को उनकी जरूरत है। कुछ अन्य लोगों ने भी उनके बयान पर असहमति जताते हुए टिप्पणी की।
    CJP प्रोटेस्ट को लेकर सामने आए इस घटनाक्रम ने विरोध प्रदर्शन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है। प्रकाश राज ने अपने वीडियो में लोकतंत्र और सवाल पूछने के अधिकार पर जोर दिया है। हालांकि हिरासत और प्रदर्शन को रोकने से जुड़े आरोपों के संबंध में संबंधित पक्षों का विस्तृत पक्ष इस रिपोर्ट में शामिल नहीं है। ऐसे में पूरे घटनाक्रम को समझने के लिए प्रदर्शन से जुड़े आधिकारिक बयान और अन्य पक्षों की प्रतिक्रियाएं भी महत्वपूर्ण होंगी।
  • नाना पाटेकर की आखिरी फिल्म को मिलेगा खास ट्रिब्यूट, अनीत पड्डा की ‘शक्ति शालिनी’ अब मार्च 2027 में हो सकती है रिलीज

    नाना पाटेकर की आखिरी फिल्म को मिलेगा खास ट्रिब्यूट, अनीत पड्डा की ‘शक्ति शालिनी’ अब मार्च 2027 में हो सकती है रिलीज


    नई दिल्ली । बॉलीवुड की आगामी हॉरर-कॉमेडी फिल्म शक्ति शालिनी अपनी रिलीज डेट में बदलाव को लेकर चर्चा में है। अनीत पड्डा की मुख्य भूमिका वाली इस फिल्म को पहले क्रिसमस 2026 के मौके पर सिनेमाघरों में उतारने की तैयारी थी लेकिन अब इसकी रिलीज 2027 तक टल गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म के निर्माता दिनेश विजान और निर्देशक आदित्य सरपोतदार नई रिलीज डेट पर विचार कर रहे हैं। संभावना जताई जा रही है कि फिल्म मार्च 2027 में सिनेमाघरों में दस्तक दे सकती है। हालांकि इसकी अंतिम रिलीज डेट को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
    फिल्म की रिलीज आगे बढ़ने की एक बड़ी वजह शाहरुख खान की आगामी फिल्म किंग के साथ बॉक्स ऑफिस पर होने वाली संभावित टक्कर को बताया जा रहा है। मेकर्स नहीं चाहते कि दोनों फिल्मों की रिलीज एक ही समय पर होने से किसी फिल्म के कारोबार पर असर पड़े। इसके अलावा सैयारा की सफलता के बाद अनीत पड्डा को एक और बड़ी फिल्म में दर्शकों के सामने पेश करने की रणनीति भी इस फैसले से जुड़ी बताई जा रही है। निर्माता चाहते हैं कि शक्ति शालिनी को सिनेमाघरों में पर्याप्त जगह मिले और दर्शकों का ध्यान फिल्म की कहानी तथा इसके नए किरदार पर केंद्रित रहे।
    शक्ति शालिनी मैडॉक फिल्म्स के हॉरर-कॉमेडी यूनिवर्स का हिस्सा है। इस फ्रेंचाइजी में पहले स्त्री और मुंज्या जैसी फिल्मों ने दर्शकों के बीच अपनी पहचान बनाई है। ऐसे में नई फिल्म से भी काफी उम्मीदें लगाई जा रही हैं। अक्टूबर 2025 में फिल्म का टीजर जारी करते समय इसकी रिलीज क्रिसमस 2026 के लिए तय की गई थी। हालांकि पिछले कुछ महीनों से इसकी रिलीज डेट बदलने की चर्चाएं चल रही थीं। अब नाना पाटेकर के निधन के बाद इस फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ गई है क्योंकि निर्देशक आदित्य सरपोतदार के मुताबिक यह दिग्गज अभिनेता की आखिरी फिल्म होगी।
    रिपोर्ट के अनुसार नाना पाटेकर ने मई 2026 में फिल्म की शूटिंग पूरी कर ली थी। निर्देशक आदित्य सरपोतदार ने अभिनेता के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि यह फिल्म नाना पाटेकर की आखिरी फिल्म साबित होगी। उन्होंने फिल्म के साथ अभिनेता के जुड़ाव को भी याद किया। नाना पाटेकर इस फिल्म को लेकर उत्साहित थे और इसके रिलीज होने का इंतजार कर रहे थे। ऐसे में अब फिल्म उनके प्रशंसकों के लिए एक खास यादगार बन सकती है।
    शक्ति शालिनी में अनीत पड्डा के साथ नाना पाटेकर विशाल जेठवा विनीत कुमार सिंह और सीमा बिस्वास भी नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन आदित्य सरपोतदार ने किया है जबकि इसका निर्माण दिनेश विजान की मैडॉक फिल्म्स के बैनर तले हुआ है। फिल्म की कहानी और किरदारों को लेकर अभी ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है लेकिन इसे हॉरर-कॉमेडी यूनिवर्स की एक अहम कड़ी माना जा रहा है। अब दर्शकों की निगाहें इसकी नई रिलीज डेट और फिल्म से जुड़े अगले अपडेट पर टिकी हैं। नाना पाटेकर की आखिरी फिल्म होने के कारण शक्ति शालिनी उनके चाहने वालों के लिए भावनात्मक महत्व भी रखेगी।
  • नाना पाटेकर के निधन से टूट गईं हेमा मालिनी, बोलीं एक हफ्ते पहले आया था फोन, उस वक्त बात नहीं कर पाने का रहेगा मलाल

    नाना पाटेकर के निधन से टूट गईं हेमा मालिनी, बोलीं एक हफ्ते पहले आया था फोन, उस वक्त बात नहीं कर पाने का रहेगा मलाल


    नई दिल्ली । हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर ने फिल्म इंडस्ट्री को गहरे सदमे में डाल दिया है। अपने दमदार अभिनय और अलग अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले नाना पाटेकर के जाने से उनके प्रशंसक और फिल्मी दुनिया की कई हस्तियां भावुक हैं। इस बीच दिग्गज अभिनेत्री और सांसद हेमा मालिनी ने नाना से जुड़ी एक ऐसी याद साझा की है जिसने उनके दुख को और गहरा कर दिया। हेमा मालिनी ने बताया कि नाना पाटेकर ने निधन से करीब एक सप्ताह पहले उन्हें फोन किया था लेकिन उस समय वह यात्रा कर रही थीं और कॉल नहीं उठा सकीं। अब अभिनेता के निधन के बाद उन्हें इस बात का अफसोस है कि वह उनसे उस समय बात नहीं कर पाईं।
    हेमा मालिनी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में नाना पाटेकर को याद करते हुए बताया कि कुछ दिन पहले उनकी नाना से बातचीत हुई थी। इसके बाद करीब एक सप्ताह पहले भी उनका फोन आया था लेकिन यात्रा में व्यस्त होने के कारण वह कॉल रिसीव नहीं कर सकीं। हेमा ने कहा कि जब उन्होंने नाना के निधन की खबर सुनी तो उन्हें गहरा सदमा लगा। किसी परिचित और सहकर्मी से आखिरी बार बात करने का मौका हाथ से निकल जाना अक्सर मन में कसक छोड़ जाता है। हेमा मालिनी के लिए भी यह याद अब भावुक कर देने वाली बन गई है।
    नाना पाटेकर हिंदी और मराठी फिल्मों के उन कलाकारों में शामिल रहे जिन्होंने अपनी अभिनय क्षमता से अलग पहचान बनाई। उन्होंने अपने करियर में कई तरह के किरदार निभाए और गंभीर भूमिकाओं से लेकर प्रभावशाली संवाद अदायगी तक दर्शकों के दिलों पर छाप छोड़ी। उनका अभिनय केवल लोकप्रियता तक सीमित नहीं रहा बल्कि उन्हें फिल्म जगत में एक विशिष्ट कलाकार के रूप में सम्मान मिला। हेमा मालिनी ने भी उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि हिंदी और मराठी फिल्म इंडस्ट्री ने एक बहुत बड़े अभिनेता को खो दिया है। उनके मुताबिक नाना खुद अभिनय की एक संस्था जैसे थे।
    नाना पाटेकर की पहचान सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं थी। सामाजिक कार्यों में उनकी सक्रियता भी उन्हें दूसरे कलाकारों से अलग बनाती थी। खास तौर पर किसानों और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए किए गए उनके प्रयासों की चर्चा होती रही है। नाना पाटेकर नाम फाउंडेशन के माध्यम से किसानों की सहायता और ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरतमंद परिवारों के लिए काम करने से जुड़े रहे। हेमा मालिनी ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनके अभिनय के साथ समाज के लिए किए गए कामों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि नाना ने अपनी प्रतिभा से फिल्म इंडस्ट्री में अलग मुकाम बनाया और जरूरतमंदों की मदद के लिए भी लगातार प्रयास किए।
    नाना पाटेकर के निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म जगत की कई हस्तियां उन्हें अपने तरीके से याद कर रही हैं। उनके साथ काम कर चुके कलाकारों और प्रशंसकों के लिए यह केवल एक अभिनेता को खोने का दुख नहीं बल्कि एक ऐसी शख्सियत के जाने का दर्द है जिसने अपने काम से गहरी छाप छोड़ी। हेमा मालिनी की याद ने इस दुख को एक निजी भावनात्मक पहलू भी दिया है। एक फोन कॉल जिसे उस समय सामान्य व्यस्तता के कारण नहीं उठाया जा सका अब एक अधूरी बातचीत की याद बन गया है। नाना पाटेकर का अभिनय और सामाजिक योगदान उनके प्रशंसकों के बीच लंबे समय तक याद किया जाएगा।

  • नाना पाटेकर के निधन की खबर से फिर चर्चा में आया मीटू विवाद, तनुश्री दत्ता ने तोड़ी चुप्पी, मीडिया कवरेज पर दिया बयान

    नाना पाटेकर के निधन की खबर से फिर चर्चा में आया मीटू विवाद, तनुश्री दत्ता ने तोड़ी चुप्पी, मीडिया कवरेज पर दिया बयान


    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर के बाद फिल्म इंडस्ट्री में शोक का माहौल है। इसी बीच अभिनेत्री तनुश्री दत्ता की एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में आ गई है। दोनों कलाकारों के बीच साल 2018 में सामने आए विवाद के कारण तनुश्री की प्रतिक्रिया पर लोगों की नजरें टिक गई हैं। अभिनेत्री ने अपनी पोस्ट में नाना पाटेकर के निधन की खबर का जिक्र करते हुए लखनऊ में होने वाले अपने कार्यक्रम को लेकर चिंता जाहिर की। उन्होंने संकेत दिया कि इस खबर के बाद मीडिया का ध्यान उनके कार्यक्रम से हटकर उनके बयान पर केंद्रित हो सकता है। हालांकि उनकी पोस्ट को ही इस मामले पर उनकी अंतिम प्रतिक्रिया मानना जल्दबाजी होगी।

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तनुश्री दत्ता ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए नाना पाटेकर के निधन की खबर पर अपनी बात रखी। अभिनेत्री ने बताया कि उनके लिए उस दिन का कार्यक्रम काफी महत्वपूर्ण था और वह लखनऊ में एक बड़े आयोजन में हिस्सा लेने की तैयारी कर रही थीं। उन्होंने अपने दिन की योजना पहले से बना रखी थी। वह कार्यक्रम पर ध्यान देने के साथ सोशल मीडिया पर लाइव आने और अपने कंटेंट को साझा करने की तैयारी में थीं। लेकिन नाना पाटेकर के निधन की खबर सामने आने के बाद उन्हें आशंका हुई कि शाम तक मीडिया का ध्यान उनके कार्यक्रम के बजाय इस खबर और उनकी प्रतिक्रिया पर केंद्रित हो जाएगा।

    तनुश्री ने यह भी कहा कि वह इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया तभी देंगी जब उन्हें खुद समझ आएगा कि उन्हें क्या कहना चाहिए। उन्होंने नाना पाटेकर के परिवार के प्रति संवेदनाएं भी व्यक्त कीं। उनकी पोस्ट में इस्तेमाल किए गए शब्दों और पुराने विवाद की पृष्ठभूमि के कारण सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई। हालांकि अभिनेत्री के बयान को संदर्भ के साथ समझना जरूरी है क्योंकि उन्होंने अपनी ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया देने की बात बाद के लिए छोड़ी थी।

    तनुश्री दत्ता और नाना पाटेकर के बीच विवाद साल 2018 में देशभर में चर्चा का विषय बना था। उस समय तनुश्री ने आरोप लगाया था कि साल 2008 में फिल्म हॉर्न ओके प्लीज की शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर ने उनके साथ अनुचित व्यवहार किया था। अभिनेत्री ने यह भी दावा किया था कि उन्होंने इस मामले में सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन यानी CINTAA से शिकायत की थी। इन आरोपों के सामने आने के बाद बॉलीवुड में मीटू अभियान को लेकर व्यापक बहस शुरू हो गई थी। कई महिलाओं ने अपने साथ हुए कथित उत्पीड़न के अनुभव सार्वजनिक किए थे और फिल्म इंडस्ट्री में कामकाज के माहौल पर सवाल उठे थे।

    नाना पाटेकर ने तनुश्री के आरोपों को खारिज किया था। मामले में पुलिस जांच हुई और वर्ष 2019 में सबूतों की कमी के चलते पुलिस ने इसे बंद करने की रिपोर्ट दी थी। बाद में शिकायत से संबंधित आपराधिक कार्यवाही भी अदालत में खारिज कर दी गई थी। इसलिए इस विवाद का उल्लेख करते समय आरोपों और कानूनी घटनाक्रम के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है।

    नाना पाटेकर हिंदी और मराठी सिनेमा के चर्चित अभिनेताओं में शामिल रहे हैं। अपने लंबे फिल्मी करियर में उन्होंने कई यादगार भूमिकाएं निभाईं और अभिनय के दम पर अलग पहचान बनाई। उनके निधन की खबर के बीच तनुश्री दत्ता की पोस्ट ने पुराने विवाद को फिर सुर्खियों में ला दिया है। फिलहाल अभिनेत्री की टिप्पणी में अपने कार्यक्रम और मीडिया कवरेज को लेकर चिंता प्रमुख रूप से दिखाई देती है। अब आगे उनकी ओर से कोई विस्तृत बयान आता है या नहीं इस पर लोगों की नजर बनी हुई है।

  • 'दादा' के फर्स्ट लुक पर मचा था बवाल, राजकुमार राव ने माना जल्दबाजी में हुई गलती, AI के इस्तेमाल पर भी जताई चिंता

    'दादा' के फर्स्ट लुक पर मचा था बवाल, राजकुमार राव ने माना जल्दबाजी में हुई गलती, AI के इस्तेमाल पर भी जताई चिंता


    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता राजकुमार राव इन दिनों भारतीय क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी और पूर्व कप्तान सौरव गांगुली की बायोपिक फिल्म दादा को लेकर चर्चा में हैं। इस फिल्म में राजकुमार राव सौरव गांगुली की भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म का पहला पोस्टर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनके लुक को लेकर काफी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं। कुछ दर्शकों ने पोस्टर को लेकर सवाल उठाए और इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की मदद से तैयार किया गया बताया। अब राजकुमार राव ने इस आलोचना पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और फिल्म निर्माण में तकनीक के इस्तेमाल को लेकर भी अपनी राय रखी है।

    राजकुमार राव ने मैशेबल इंडिया के साथ बातचीत में स्वीकार किया कि पोस्टर को लेकर टीम को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। अभिनेता के मुताबिक इस प्रतिक्रिया से टीम को यह सीख मिली कि किसी भी रचनात्मक काम को जल्दबाजी में पूरा करने के बजाय उसे पर्याप्त समय देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पोस्टर बनाने वाली टीम को एहसास हुआ कि काम को और सावधानी से किया जाना चाहिए था। उनके अनुसार इसमें जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं थी और बेहतर नतीजे के लिए समय लेना चाहिए था। इस प्रतिक्रिया के बाद फिल्म के शुरुआती प्रचार और उसके प्रस्तुतिकरण को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई है।

    राजकुमार राव ने यह भी कहा कि पोस्टर पर मिली प्रतिक्रिया से एक बात साफ हुई कि सौरव गांगुली के प्रशंसक उनसे कितना गहरा जुड़ाव रखते हैं। गांगुली भारतीय क्रिकेट के ऐसे खिलाड़ी रहे हैं जिन्होंने टीम की सोच और खेलने के अंदाज को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाई। यही वजह है कि उनकी जिंदगी पर बनने वाली फिल्म से दर्शकों की उम्मीदें काफी ज्यादा हैं। ऐसे में फिल्म के लुक और प्रस्तुति को लेकर प्रशंसकों की बारीक नजर स्वाभाविक मानी जा रही है।

    AI को लेकर राजकुमार राव की दो टूक

    फिल्मों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल पर बात करते हुए राजकुमार राव ने कहा कि तकनीक के विकास को रोका नहीं जा सकता। हालांकि उनका मानना है कि AI का इस्तेमाल इंसानी रचनात्मकता की जगह लेने के लिए नहीं बल्कि उसे बेहतर बनाने में मददगार उपकरण के रूप में होना चाहिए। उन्होंने तकनीक के फायदे और नुकसान दोनों की ओर ध्यान दिलाया। अभिनेता ने चिंता जताई कि अगर फिल्म इंडस्ट्री में AI पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता बढ़ी तो इससे बड़ी संख्या में लोगों की रोजी रोटी प्रभावित हो सकती है।

    राजकुमार के अनुसार फिल्म निर्माण केवल तस्वीरें बनाने या दृश्यों को तैयार करने का काम नहीं है। इसके पीछे कलाकारों तकनीकी विशेषज्ञों लेखकों और कई अन्य लोगों की मेहनत होती है। एक फिल्म में इंसानी अनुभव और भावनाओं की अहम भूमिका रहती है। उनका मानना है कि AI की मदद से कुछ काम आसान किए जा सकते हैं लेकिन हर रचनात्मक प्रक्रिया को पूरी तरह तकनीक के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। दर्शकों को कई बार AI से तैयार सामग्री में बनावटीपन महसूस होता है जिससे कहानी और किरदारों का प्रभाव कमजोर पड़ सकता है।

    सौरव गांगुली के घर और ईडन गार्डन्स में हुई शूटिंग

    राजकुमार राव ने बताया कि दादा फिल्म की टीम ने सौरव गांगुली के घर और कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स में भी शूटिंग की है। अभिनेता ने कहा कि वह गांगुली से कई बार मिल चुके हैं और उनके साथ समय बिताकर उनकी जिंदगी को करीब से समझने की कोशिश की है। इन मुलाकातों के दौरान गांगुली ने अपने जीवन और अनुभवों के बारे में खुलकर बातचीत की। राजकुमार के मुताबिक किसी वास्तविक व्यक्ति का किरदार निभाने के लिए केवल उसके हावभाव और पहनावे को अपनाना पर्याप्त नहीं होता बल्कि उसके जीवन के अनुभवों और पर्दे के पीछे की परिस्थितियों को समझना भी जरूरी है।

    अभिनेता ने सौरव गांगुली को भारतीय क्रिकेट का दिग्गज बताते हुए कहा कि उन्होंने टीम को मजबूत बनाने और भारतीय क्रिकेट की पहचान को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। विक्रमादित्य मोटवाने के निर्देशन में बन रही इस फिल्म से दर्शकों को गांगुली के क्रिकेट करियर और उनके जीवन के अनछुए पहलुओं को देखने की उम्मीद है। अब फिल्म की आगे की झलकियों पर नजर रहेगी क्योंकि दर्शक चाहते हैं कि पर्दे पर गांगुली की छवि और उनकी कहानी को वास्तविकता के करीब पेश किया जाए।

  • तीसरी शादी और 20 साल का उम्र फासला, मान्यता में संजय दत्त को क्यों दिखी मां नरगिस की झलक, खुद खोला राज

    तीसरी शादी और 20 साल का उम्र फासला, मान्यता में संजय दत्त को क्यों दिखी मां नरगिस की झलक, खुद खोला राज


    नई दिल्ली। संजय दत्त की जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही है। फिल्मों में शानदार करियर से लेकर निजी जिंदगी के उतार चढ़ाव तक अभिनेता ने कई मुश्किल दौर देखे हैं। रिश्तों से जुड़े विवाद रहे हों या कानूनी परेशानियां संजय दत्त की जिंदगी का शायद ही कोई ऐसा दौर रहा हो जिसने सुर्खियां न बटोरी हों। हालांकि इन तमाम मुश्किल परिस्थितियों के बीच एक रिश्ता ऐसा रहा जिसने उन्हें लगातार मजबूती दी और वह रिश्ता है उनकी पत्नी मान्यता दत्त के साथ। हाल ही में संजय दत्त ने मान्यता की जमकर तारीफ की और उन्हें अपनी जिंदगी की सबसे मजबूत महिलाओं में से एक बताया।

    शेखर सुमन के साथ बातचीत में संजय दत्त ने मान्यता को लेकर अपने दिल की बात कही। अभिनेता ने बताया कि उन्होंने अपनी जिंदगी में बहुत कम ऐसी महिलाओं को देखा है जो एक मां और पत्नी के तौर पर पूरी तरह समर्पित रही हों। संजय ने मान्यता की तुलना अपनी मां और दिग्गज अभिनेत्री नरगिस दत्त से करते हुए कहा कि उनकी मां के बाद मान्यता ही ऐसी महिला हैं जो हर मुश्किल परिस्थिति में चट्टान की तरह उनके साथ खड़ी रहीं। जेल का दौर हो या जिंदगी की दूसरी परेशानियां मान्यता ने उनका साथ नहीं छोड़ा।

    संजय और मान्यता की प्रेम कहानी भी काफी दिलचस्प रही है। दोनों की उम्र में करीब 20 साल का अंतर है लेकिन उम्र का यह फासला उनके रिश्ते के बीच कभी दीवार नहीं बना। संजय के मुताबिक दोनों की मुलाकात के बाद धीरे धीरे बातचीत बढ़ी और फिर दोनों ने एक दूसरे को डेट करना शुरू किया। रिश्ता आगे बढ़ा तो दोनों ने शादी करने का फैसला लिया। फरवरी 2008 में संजय दत्त और मान्यता दत्त शादी के बंधन में बंध गए। इसके बाद अक्टूबर 2010 में दोनों जुड़वां बच्चों के माता पिता बने।

    संजय दत्त की यह तीसरी शादी थी। इससे पहले उनकी शादी अभिनेत्री ऋचा शर्मा से हुई थी। इस रिश्ते से उनकी बेटी त्रिशाला दत्त हैं। ऋचा के निधन के बाद त्रिशाला का पालन पोषण अमेरिका में उनके नाना नानी के साथ हुआ। संजय और त्रिशाला के रिश्ते में भी एक समय दूरी आई लेकिन बाद में दोनों के बीच संबंध बेहतर हुए। संजय कई मौकों पर अपनी बेटी को लेकर गर्व जाहिर कर चुके हैं।

    मान्यता के साथ संजय दत्त का रिश्ता ऐसे समय में मजबूत हुआ जब अभिनेता अपनी जिंदगी के कई उतार चढ़ाव से गुजर चुके थे। यही वजह है कि संजय के लिए मान्यता सिर्फ जीवनसाथी नहीं बल्कि भरोसेमंद साथी भी हैं। अभिनेता के मुताबिक मान्यता ने परिवार को संभालने के साथ मुश्किल समय में उनका हौसला भी बनाए रखा।

    मान्यता खुद भी फिल्मों से जुड़ी रही हैं और संजय दत्त के साथ शादी के बाद उन्होंने परिवार और बच्चों को प्राथमिकता दी। संजय का हालिया बयान यह बताता है कि उनकी ग्लैमर से भरी जिंदगी के पीछे परिवार की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण रही है। जिस महिला ने मुश्किल वक्त में उनका साथ नहीं छोड़ा आज वही उनके लिए मां नरगिस के बाद सबसे मजबूत सहारा बन चुकी हैं।

  • नाना पाटेकर का गुस्सा पड़ा भारी, रोने के लिए ग्लिसरीन नहीं दी और जड़ दिया थप्पड़, एक्ट्रेस ने भी नहीं किया बर्दाश्त

    नाना पाटेकर का गुस्सा पड़ा भारी, रोने के लिए ग्लिसरीन नहीं दी और जड़ दिया थप्पड़, एक्ट्रेस ने भी नहीं किया बर्दाश्त


    नई दिल्ली। नाना पाटेकर हिंदी सिनेमा के उन कलाकारों में गिने जाते हैं जिनकी दमदार और इंटेंस एक्टिंग ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी है। फिल्मों में उनके किरदार अक्सर बेहद आक्रामक और भावनात्मक नजर आते रहे हैं। उनके गुस्सैल स्वभाव को लेकर भी कई किस्से समय समय पर सामने आते रहे हैं। ऐसा ही एक चौंकाने वाला किस्सा साल 1997 में रिलीज हुई फिल्म यशवंत से जुड़ा है। इस फिल्म की शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर ने एक सीन में अपनी को स्टार मधु को कथित तौर पर सच में थप्पड़ मार दिया था। खास बात यह रही कि इसके बाद मधु ने भी बिना देर किए उन्हें पलटकर थप्पड़ मार दिया था।

    फिल्म यशवंत में नाना पाटेकर और मधु ने पति पत्नी का किरदार निभाया था। फिल्म का निर्देशन अनिल मट्टू ने किया था। हाल ही में एक इंटरव्यू में मधु ने इस पुराने किस्से को याद किया और बताया कि उस सीन में उन्हें रोना था। आमतौर पर फिल्मों में कलाकारों की आंखों में आंसू लाने के लिए ग्लिसरीन का इस्तेमाल किया जाता है। मधु भी इसी तरीके का इस्तेमाल करना चाहती थीं लेकिन नाना पाटेकर ने उन्हें ग्लिसरीन लगाने से रोक दिया।

    मधु के मुताबिक नाना चाहते थे कि वह आंसुओं के लिए किसी कृत्रिम तरीके का सहारा न लें बल्कि किरदार की भावनाओं को भीतर से महसूस करें। उन्होंने मधु से कहा कि उन्हें स्थिति को महसूस करना चाहिए ताकि आंखों से आंसू अपने आप निकलें। लेकिन मधु उस समय ऐसा नहीं कर पा रही थीं। इसी दौरान नाना ने उन्हें अचानक असली थप्पड़ मार दिया। थप्पड़ इतना जोरदार था कि मधु की आंखों से सच में आंसू निकल आए।

    इस घटना ने मधु को बुरी तरह चौंका दिया क्योंकि रिहर्सल के दौरान ऐसा कुछ नहीं हुआ था। वह इसके लिए बिल्कुल तैयार नहीं थीं। अचानक थप्पड़ पड़ने के बाद उन्हें गुस्सा आ गया। मधु ने बताया कि उनका स्वभाव भी काफी गुस्सैल है इसलिए उन्होंने नाना पाटेकर को तुरंत पलटकर थप्पड़ मार दिया। सेट पर हुआ यह वाकया उनके लिए काफी हैरान करने वाला था लेकिन बाद में उन्होंने नाना के व्यवहार को लेकर एक अहम बात भी स्पष्ट की।

    मधु के अनुसार नाना पाटेकर उनके साथ सामान्य तौर पर रूड नहीं थे। उनका मानना था कि नाना तभी सख्ती दिखाते थे जब उन्हें लगता था कि सामने वाला कलाकार अपनी क्षमता के मुताबिक बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। वह अभिनय को लेकर बेहद गंभीर रहते थे और अपने को स्टार से भी पूरी तरह भावनात्मक प्रदर्शन की उम्मीद करते थे।

    आज इतने वर्षों बाद यह किस्सा फिर चर्चा में है क्योंकि यह नाना पाटेकर की अभिनय शैली और सेट पर उनके काम करने के तरीके की एक अलग तस्वीर सामने लाता है। हालांकि किसी कलाकार को बिना पूर्व जानकारी के थप्पड़ मारना निश्चित तौर पर असहज स्थिति पैदा कर सकता है। मधु के मुताबिक उस समय उन्हें गुस्सा जरूर आया था लेकिन उन्होंने नाना के साथ काम करने के अनुभव को केवल इस एक घटना तक सीमित नहीं माना। यही वजह है कि फिल्म यशवंत से जुड़ा यह किस्सा आज भी बॉलीवुड के चर्चित शूटिंग किस्सों में याद किया जाता है।