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  • “फिल्मों के बड़े बजट सिर्फ PR का हिस्सा हैं” – मनोज बाजपेयी का बड़ा बयान, रामायण और वाराणसी पर फिर छिड़ी बहस

    “फिल्मों के बड़े बजट सिर्फ PR का हिस्सा हैं” – मनोज बाजपेयी का बड़ा बयान, रामायण और वाराणसी पर फिर छिड़ी बहस


    नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा में इन दिनों दो बड़ी फिल्मों-Ranbir Kapoor की ‘रामायण’ और Priyanka Chopra की फिल्म ‘वाराणसी’-को लेकर जबरदस्त चर्चा है। दोनों फिल्मों के कथित बजट को लेकर सोशल मीडिया से लेकर इंडस्ट्री तक लगातार बहस चल रही है। इसी बीच मनोज बाजपेयी ने इन चर्चाओं को लेकर अपनी बेबाक राय रखी है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि फिल्मों के बड़े बजट की बातें अक्सर “पीआर का जरिया” बन जाती हैं और पिछले कई वर्षों से यह ट्रेंड लगातार बढ़ा है। उनका कहना है कि दर्शकों को इस बात से ज्यादा फर्क नहीं पड़ना चाहिए कि किसी फिल्म का बजट कितना है, बल्कि यह देखना चाहिए कि फिल्म उन्हें पसंद आई या नहीं।

    “दर्शकों को सिर्फ फिल्म से मतलब होना चाहिए”
    मनोज बाजपेयी ने कहा कि आजकल दर्शक एयरपोर्ट या सार्वजनिक जगहों पर उनसे फिल्मों के बॉक्स ऑफिस नंबर तक पूछते हैं। इस पर उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि वे कई बार लोगों को डांट भी देते हैं। उनके अनुसार, “अगर बॉक्स ऑफिस का पैसा दर्शकों के बैंक अकाउंट में नहीं जा रहा, तो उन्हें इसकी चिंता क्यों करनी चाहिए?” उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से प्रोड्यूसर्स और मेकर्स का मामला है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दर्शकों का फिल्म से सिर्फ इतना संबंध होना चाहिए कि उन्हें फिल्म पसंद आई या नहीं।

    4000 करोड़ और 1400 करोड़ के बजट पर चर्चा
    इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा ‘रामायण’ के बजट की हो रही है, जिसे लगभग 4000 करोड़ रुपये का बताया जा रहा है। यह फिल्म दो भागों में बनाई जा रही है और इसे भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है। वहीं ‘वाराणसी’ का बजट करीब 1400 करोड़ रुपये बताया जा रहा है, जिससे यह भी बड़े पैमाने की फिल्मों की सूची में शामिल हो गई है। इन आंकड़ों ने फिल्म इंडस्ट्री में एक नई बहस को जन्म दे दिया है-क्या इतने बड़े बजट वास्तव में जरूरी हैं या यह सिर्फ प्रचार का हिस्सा हैं?

    फिल्मों के बिजनेस पर भी उठे सवाल
    मनोज बाजपेयी ने यह भी कहा कि 500-600 करोड़ या हजारों करोड़ रुपये के आंकड़ों पर दर्शकों को ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए। उनके अनुसार, फिल्म के बिजनेस का असर केवल प्रोड्यूसर्स और निवेशकों पर पड़ता है, आम दर्शकों पर नहीं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आजकल फिल्मों के बजट और कमाई के आंकड़े कई बार चर्चा बढ़ाने और फिल्म को सुर्खियों में बनाए रखने के लिए भी इस्तेमाल किए जाते हैं।

    दिवाली और 2027 में रिलीज की तैयारी
    ‘रामायण’ का पहला भाग इस साल दिवाली पर रिलीज होने की संभावना है, जिसे डायरेक्टर Nitesh Tiwari निर्देशित कर रहे हैं। वहीं ‘वाराणसी’ फिल्म 2027 में रिलीज होने की उम्मीद है, जिसका निर्देशन S. S. Rajamouli कर रहे हैं। दोनों फिल्मों को लेकर पहले से ही दर्शकों में भारी उत्साह है और अब बजट विवाद ने इन प्रोजेक्ट्स को और ज्यादा चर्चा में ला दिया है।

    मनोज बाजपेयी का बयान एक बार फिर इस बहस को हवा दे गया है कि क्या भारतीय सिनेमा में बढ़ते बजट वाकई गुणवत्ता का संकेत हैं या सिर्फ मार्केटिंग रणनीति। फिलहाल, दर्शक इन बड़ी फिल्मों की रिलीज का इंतजार कर रहे हैं।

  • रणवीर सिंह ने घटाई फीस, लेकिन मुनाफे में हिस्सेदारी से करेंगे बड़ी कमाई

    रणवीर सिंह ने घटाई फीस, लेकिन मुनाफे में हिस्सेदारी से करेंगे बड़ी कमाई


    नई दिल्ली। रणवीर सिंह की ब्लॉकबस्टर फिल्म सीरीज ‘धुरंधर’ ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल की। फिल्म की को-प्रोड्यूसर ज्योति देशपांडे ने खुलासा किया कि रणवीर ने इस प्रोजेक्ट के लिए पारंपरिक तरीके से बड़ी फीस नहीं ली थी। इसके बजाय उन्होंने एक छोटी निश्चित फीस के साथ “बैकएंड डील” यानी फिल्म के मुनाफे में हिस्सेदारी का विकल्प चुना। यही रणनीति बाद में उनके लिए बेहद फायदेमंद साबित हुई।

    निर्देशक आदित्य धर ने भी लिया रिस्क
    फिल्म के निर्देशक आदित्य धर ने भी इसी मॉडल को अपनाया। उन्होंने भी कम फिक्स्ड फीस लेकर फिल्म के लाभ में हिस्सेदारी स्वीकार की।निर्माताओं के अनुसार इस व्यवस्था का उद्देश्य यह था कि फिल्म से जुड़े प्रमुख लोगों की सफलता में सीधी भागीदारी हो और सभी का फोकस बेहतर परिणाम देने पर रहे।

    जब बजट बढ़ा, लेकिन दांव सफल रहा
    ज्योति देशपांडे के मुताबिक फिल्म का वास्तविक खर्च शुरुआती अनुमान से काफी अधिक हो गया था। शुरुआत में जो बजट तय किया गया था, वह बाद में लगभग दोगुना हो गया। हालांकि फिल्म की शानदार कमाई ने इस जोखिम को सफलता में बदल दिया और निवेशकों से लेकर कलाकारों तक सभी को इसका लाभ मिला।

    एक फिल्म से बनी दो फिल्मों की फ्रेंचाइजी
    निर्माताओं का कहना है कि शुरुआत में ‘धुरंधर’ को एक ही फिल्म के रूप में बनाया जा रहा था। लेकिन पहले शेड्यूल की शूटिंग पूरी होने के बाद कहानी और फुटेज का दायरा इतना बढ़ गया कि इसे दो भागों में रिलीज करने का फैसला लिया गया। यही निर्णय बाद में फ्रेंचाइजी की सबसे बड़ी ताकत साबित हुआ।

    शानदार स्टारकास्ट ने बढ़ाई फिल्म की ताकत
    फिल्म में रणवीर सिंह के अलावा अक्षय खन्ना, आर. माधवन, अर्जुन रामपाल, गौरव गेरा, सारा अर्जुन और राकेश बेदी जैसे कलाकार नजर आए।

    रिकॉर्ड बुक में दर्ज हुई ‘धुरंधर 2
    रिपोर्ट्स के अनुसार ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर 2’ ने मिलकर दुनिया भर में लगभग 3000 करोड़ रुपये का कारोबार किया। वहीं ‘धुरंधर 2’ भारतीय सिनेमा की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में दूसरे स्थान पर पहुंच गई। इस सूची में शीर्ष स्थान पर दंगल बनी हुई है।

    ‘धुरंधर’ की सफलता यह दिखाती है कि फिल्म इंडस्ट्री में केवल बड़ी फीस ही कमाई का रास्ता नहीं होती। सही रणनीति, जोखिम उठाने की क्षमता और मुनाफे में हिस्सेदारी का मॉडल कलाकारों और निर्माताओं दोनों के लिए बेहद लाभदायक साबित हो सकता है।

  • ‘फिल्म इंडस्ट्री से दूरी जरूरी थी’ – भारत भाग्य विधाता से पहले कंगना रनौत का बड़ा बयान, जानिए वजह

    ‘फिल्म इंडस्ट्री से दूरी जरूरी थी’ – भारत भाग्य विधाता से पहले कंगना रनौत का बड़ा बयान, जानिए वजह


    नई दिल्ली। अपनी अपकमिंग फिल्म को लेकर चल रहे प्रमोशन के दौरान कंगना रनौत ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में लंबे समय तक रहने के बाद अक्सर कलाकार एक “बबल” में जीने लगते हैं, जहां वास्तविक जीवन से दूरी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने अपनी नई फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ के किरदार में खुद को ढालना शुरू किया, तो उन्हें एहसास हुआ कि इस भूमिका को सही तरीके से निभाने के लिए वास्तविक जीवन के अनुभव जरूरी हैं।

    नर्स के किरदार ने बदला नजरिया
    कंगना इस फिल्म में एक नर्स का किरदार निभा रही हैं, जो 2008 के मुंबई आतंकी हमलों की पृष्ठभूमि पर आधारित कहानी से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि यह किरदार केवल अभिनय नहीं, बल्कि “एक तरह की तपस्या” जैसा अनुभव था। उनके मुताबिक, मिडल क्लास बैकग्राउंड से आने के बावजूद लंबे समय तक फिल्म इंडस्ट्री में रहने के कारण असल जिंदगी से दूरी बढ़ जाती है।

    राजनीति और आम लोगों से जुड़ाव का असर
    कंगना रनौत ने यह भी कहा कि पिछले कुछ वर्षों में राजनीति से जुड़े रहने के कारण उन्हें आम लोगों से सीधे बातचीत का मौका मिला, जिससे उनके अभिनय में और गहराई आई। उनके अनुसार, एक कलाकार के लिए सिर्फ ग्लैमर नहीं बल्कि समाज की वास्तविकता को समझना भी जरूरी है।

    फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ पर चर्चा तेज
    फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। फिल्म में कंगना का किरदार मुंबई हमलों के दौरान मेडिकल स्टाफ की भूमिका पर केंद्रित है। फिल्म का ट्रेलर रिलीज होने के बाद दर्शकों में उत्सुकता बढ़ गई है और सोशल मीडिया पर इसे लेकर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

    कंगना रनौत का कहना है कि वास्तविक जीवन से दूरी कभी-कभी कलाकारों के लिए जरूरी हो सकती है, ताकि वे अपने किरदारों को ज्यादा प्रामाणिक तरीके से निभा सकें। ‘भारत भाग्य विधाता’ के जरिए वह एक बार फिर गंभीर और संवेदनशील भूमिका में नजर आने वाली हैं।

  • ‘किसी को बैन करने का अधिकार नहीं’, प्रोड्यूसर ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया

    ‘किसी को बैन करने का अधिकार नहीं’, प्रोड्यूसर ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया


    नई दिल्ली । अभिनेता Ranveer Singh और फिल्म Don 3 को लेकर चल रहा विवाद अब अदालत तक पहुंच गया है। वरिष्ठ फिल्म निर्माता T.P. Aggarwal ने Federation of Western India Cine Employees द्वारा रणवीर सिंह के खिलाफ घोषित गैर-सहयोग (नॉन-कोऑपरेशन) के फैसले को चुनौती देते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

    क्या है मामला?
    रिपोर्ट्स के अनुसार, रणवीर सिंह के डॉन 3 से अलग होने के बाद FWICE ने उनके खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन की घोषणा की थी। संगठन का कहना था कि मामला सुलझने तक उससे जुड़े सदस्य अभिनेता के साथ काम नहीं करेंगे।

    टीपी अग्रवाल ने क्या कहा?
    पूर्व Film Federation of India अध्यक्ष टीपी अग्रवाल ने मुंबई की दिंडोशी सिविल कोर्ट में FWICE और Indian Motion Picture Producers Association के खिलाफ याचिका दायर की है।

    उनका तर्क है कि किसी भी फिल्म संगठन या ट्रेड बॉडी को किसी कलाकार को काम करने से रोकने का कानूनी अधिकार नहीं है। उनके अनुसार, ऐसे फैसले कलाकारों की आजीविका, काम करने की स्वतंत्रता और रचनात्मक अभिव्यक्ति पर सीधा असर डालते हैं।

    विवाद की जड़
    साल 2023 में रणवीर सिंह को डॉन 3 में नए डॉन के रूप में कास्ट किया गया था। फिल्म के निर्देशक Farhan Akhtar ने इसका टीजर भी जारी किया था, जिसे दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। बाद में खबरें आईं कि रचनात्मक मतभेदों के चलते रणवीर इस प्रोजेक्ट से दूर हो गए।

    अब आगे क्या?
    मामला अब अदालत में पहुंच चुका है, इसलिए यह देखना दिलचस्प होगा कि कोर्ट फिल्म संगठनों की शक्तियों और कलाकारों के काम करने के अधिकार को लेकर क्या रुख अपनाती है। इस फैसले का असर भविष्य में फिल्म इंडस्ट्री में कलाकारों और संगठनों के बीच होने वाले विवादों पर भी पड़ सकता है।

    यह मामला केवल रणवीर सिंह तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि फिल्म उद्योग में ट्रेड बॉडी की भूमिका और उनके अधिकारों पर भी एक बड़ी बहस छेड़ सकता है।

  • ‘घूसखोर पंडित’ विवाद पर अभिनेता का बयान, धमकियों का किया खुलासा

    ‘घूसखोर पंडित’ विवाद पर अभिनेता का बयान, धमकियों का किया खुलासा


    नई दिल्ली। अभिनेता मनोज बाजपेयी इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘गवर्नर’ को लेकर सुर्खियों में हैं, लेकिन उनकी विवादित फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ का मुद्दा अभी भी चर्चा में बना हुआ है। फिल्म के टाइटल को लेकर हुए भारी विरोध और कानूनी विवाद के बीच अब मनोज बाजपेयी ने पहली बार विस्तार से बताया है कि इस पूरे मामले ने उन्हें और उनके परिवार को किस तरह प्रभावित किया।

    दरअसल, इस साल की शुरुआत में एक ओटीटी प्लेटफॉर्म ने अपने 2026 कंटेंट लाइनअप की घोषणा की थी, जिसमें मनोज बाजपेयी अभिनीत फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ भी शामिल थी। फिल्म का नाम सामने आते ही सोशल मीडिया पर विरोध शुरू हो गया। कई संगठनों, सामाजिक समूहों और राजनीतिक नेताओं ने इस टाइटल पर आपत्ति जताई। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि विवाद अदालत और फिर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। बाद में अदालत के निर्देश और बढ़ते विरोध को देखते हुए मेकर्स ने फिल्म का टाइटल वापस लेने और बदलने का फैसला किया।

    हाल ही में पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में मनोज बाजपेयी ने कहा कि फिल्म की टीम को इस तरह के बड़े विवाद की बिल्कुल उम्मीद नहीं थी। उन्होंने बताया कि जैसे ही यह महसूस हुआ कि बड़ी संख्या में लोग फिल्म के नाम से आहत हैं, मेकर्स ने सिर्फ दो दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली थी। मनोज के मुताबिक अगर किसी रचनात्मक कार्य से लोगों की भावनाएं आहत होती हैं, तो उसे सुधारने में कोई हर्ज नहीं है।

    उन्होंने कहा कि एक क्रिएटिव व्यक्ति के लिए किसी फिल्म का टाइटल बदलना कोई बड़ी बात नहीं होती। उनके अनुसार फिल्म निर्माता और लेखक कई नए और बेहतर नाम सोच सकते हैं। इसलिए फिल्म के नाम को लेकर उनकी ओर से कभी कोई जिद नहीं थी।

    हालांकि विवाद का सबसे कठिन पहलू वह था जब यह व्यक्तिगत स्तर तक पहुंच गया। मनोज बाजपेयी ने खुलासा किया कि इस दौरान उन्हें लगातार ऑनलाइन ट्रोलिंग, गालियां और धमकियों का सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं, कई लोगों ने उनके परिवार को भी इस विवाद में घसीटना शुरू कर दिया, जिससे उनके परिजन परेशान और चिंतित हो गए थे।

    मनोज ने कहा कि जब उन्हें धमकियां मिल रही थीं तब भी वह लगातार यात्रा कर रहे थे और अपने काम में व्यस्त थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोई डर महसूस नहीं हुआ, लेकिन जब किसी व्यक्ति के परिवार को निशाना बनाया जाता है, तब स्थिति दुखद हो जाती है। अभिनेता ने कहा कि ऐसे लोगों के प्रति उन्हें गुस्से से ज्यादा सहानुभूति महसूस होती है।

    उन्होंने सोशल मीडिया पर बिना पूरी जानकारी के राय बनाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर भी चिंता जताई। मनोज का कहना है कि आज कई लोग किसी विषय को समझने से पहले ही निष्कर्ष निकाल लेते हैं। उन्होंने कहा कि वह पढ़े-लिखे और समझदार व्यक्ति हैं तथा किसी मुद्दे को गहराई से समझने में विश्वास रखते हैं। लेकिन जो लोग बिना तथ्य जाने राय बना लेते हैं, उनसे बहस करने में न तो उनकी रुचि है और न ही समय।

    गौरतलब है कि विवाद के बाद फिल्म का मूल टाइटल वापस ले लिया गया था और नए नाम की घोषणा का इंतजार किया जा रहा है। वहीं मनोज बाजपेयी की नई फिल्म ‘गवर्नर’ 12 जून को रिलीज होने वाली है, जिससे उनके प्रशंसकों को काफी उम्मीदें हैं।

    इस पूरे विवाद पर मनोज बाजपेयी का बयान एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि सोशल मीडिया के दौर में किसी भी विषय पर प्रतिक्रिया देने से पहले तथ्यों को समझना कितना जरूरी है।

  • ‘अकेली पड़ गई थी मैं…’ शादी और रिश्ते पर पूजा भट्ट की बेबाक बात

    ‘अकेली पड़ गई थी मैं…’ शादी और रिश्ते पर पूजा भट्ट की बेबाक बात


    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेत्री पूजा भट्ट ने अपनी निजी जिंदगी को लेकर वर्षों बाद ऐसा खुलासा किया है जिसने एक बार फिर उनके रिश्ते और तलाक को चर्चा में ला दिया है। करीब 11 साल तक चली शादी के टूटने के पीछे आखिर क्या वजह थी, इस पर अब तक कई तरह की अटकलें लगाई जाती रही थीं। लेकिन अब खुद पूजा भट्ट ने साफ कर दिया है कि न तो उनकी जिंदगी में कोई तीसरा शख्स आया था और न ही किसी तरह का धोखा या विवाद उनके रिश्ते के अंत का कारण बना। असल वजह थी रिश्ते में बढ़ता अकेलापन और भावनात्मक दूरी।

    पूजा भट्ट ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में बताया कि जब उन्होंने अपने पति मनीष माखिजा से अलग होने का फैसला लिया था, तब कई लोगों ने उनसे पूछा था कि क्या उनकी जिंदगी में कोई और आ गया है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं था। उनके मुताबिक वे किसी दूसरे व्यक्ति के बारे में सोच भी नहीं रही थीं। समस्या कहीं और थी। वे उस रिश्ते में रहते हुए भी खुद को बेहद अकेला महसूस करने लगी थीं।

    पूजा ने बताया कि उनकी और मनीष की शादी दोस्ती और भरोसे की मजबूत नींव पर खड़ी हुई थी। दोनों की मुलाकात फिल्म ‘पाप’ के दौरान हुई थी और साल 2003 में उन्होंने गोवा में शादी कर ली थी। शुरुआती वर्षों में रिश्ता काफी अच्छा रहा, लेकिन समय के साथ दोनों के बीच भावनात्मक दूरी बढ़ने लगी। पूजा के अनुसार जब किसी रिश्ते में साथ रहने के बावजूद अकेलेपन का एहसास होने लगे तो वह रिश्ता धीरे-धीरे अपना अर्थ खोने लगता है।

    उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा आया जब उन्हें महसूस हुआ कि वे खुद को ही खोती जा रही हैं। उन्होंने अपने पति से साफ कहा था कि उनका रिश्ता विश्वास और दोस्ती से शुरू हुआ था और उन्होंने कभी उन पर शक नहीं किया। लेकिन अब उन्हें लगने लगा था कि यह रिश्ता अपनी मंजिल तक पहुंच चुका है। पूजा का कहना है कि वे अपनी पहचान और आत्मविश्वास को फिर से पाना चाहती थीं, इसलिए उन्होंने अलग होने का फैसला किया।

    इंटरव्यू में पूजा भट्ट ने मां बनने के मुद्दे पर भी बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने बताया कि उन्हें बच्चे बहुत पसंद हैं, लेकिन उनके भीतर कभी मां बनने की तीव्र इच्छा पैदा नहीं हुई। उन्होंने कहा कि उस दौर में उनका पूरा ध्यान अपने करियर, सपनों और व्यक्तिगत लक्ष्यों पर था। उनका मानना है कि हर व्यक्ति को अपने मन और शरीर की आवाज सुनकर जीवन के महत्वपूर्ण फैसले लेने चाहिए और समाज के दबाव में आकर निर्णय नहीं करना चाहिए।

    तलाक के बाद भी कुछ समय तक पूजा और मनीष के बीच दोस्ताना संबंध बने रहे थे। दोनों बातचीत करते थे और एक-दूसरे के प्रति सम्मान भी कायम था। हालांकि समय के साथ संपर्क पूरी तरह समाप्त हो गया। इसके बावजूद पूजा के मन में अपने पूर्व पति को लेकर कोई नाराजगी या कड़वाहट नहीं है। उन्होंने कहा कि वे अब अपनी जिंदगी में आगे बढ़ चुकी हैं और आज अपने साथ सबसे मजबूत रिश्ता महसूस करती हैं।

    पूजा भट्ट का यह खुलासा केवल उनकी निजी जिंदगी की कहानी नहीं है बल्कि उन रिश्तों की हकीकत भी बयां करता है जिनमें कई बार बाहरी तौर पर सब कुछ सामान्य दिखता है, लेकिन भीतर भावनात्मक दूरी धीरे-धीरे रिश्ते को खत्म कर देती है।

  • तलाक के दर्द के बाद टूटा भरोसा: सुजैन खान ने क्यों बना लिया था ‘नो लव’ नियम?

    तलाक के दर्द के बाद टूटा भरोसा: सुजैन खान ने क्यों बना लिया था ‘नो लव’ नियम?


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के चर्चित एक्स कपल ऋतिक रोशन और सुजैन खान भले ही अब अलग हो चुके हों, लेकिन दोनों की निजी जिंदगी आज भी सुर्खियों में बनी रहती है। हाल ही में सुजैन खान ने अपने रिश्तों, तलाक और दोबारा प्यार को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि ऋतिक से अलग होने के बाद उन्होंने तय कर लिया था कि अब वह जिंदगी में दोबारा प्यार को जगह नहीं देंगी और पूरी तरह अपने बच्चों और काम पर ध्यान देंगी।

    एक समय बॉलीवुड के सबसे पसंदीदा कपल माने जाने वाले ऋतिक और सुजैन ने साल 2000 में शादी की थी। दोनों की जोड़ी को फैंस काफी पसंद करते थे, लेकिन करीब 14 साल बाद 2014 में दोनों ने अलग होने का फैसला लेकर सभी को चौंका दिया। तलाक के बावजूद दोनों ने अपने रिश्ते में सम्मान और दोस्ती बनाए रखी। उनके दो बेटे हैं, जिनकी परवरिश दोनों मिलकर कर रहे हैं।

    हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में सुजैन खान ने बताया कि तलाक के बाद वह भावनात्मक रूप से काफी टूट चुकी थीं। उन्होंने अपने मन में यह ठान लिया था कि अब उन्हें किसी नए रिश्ते में नहीं पड़ना है। सुजैन ने कहा कि उन्होंने खुद को “नो इमोशनल ड्रामा जोन” में रखने का फैसला किया था। उनका पूरा ध्यान अपने बेटों और प्रोफेशनल लाइफ पर था।

    सुजैन के मुताबिक, जिंदगी उस समय बदली जब उनकी मुलाकात अभिनेता अर्सलान गोनी से हुई। शुरुआत में उन्होंने रिश्ते को लेकर कोई उम्मीद नहीं रखी थी, लेकिन धीरे-धीरे दोनों के बीच गहरा जुड़ाव बन गया। सुजैन ने कहा कि अर्सलान से मिलते ही उन्हें एक अलग तरह का सुकून महसूस हुआ। उन्हें लगा जैसे दोनों एक-दूसरे को लंबे समय से जानते हों।

    उन्होंने यह भी बताया कि अतीत में उन्होंने अपनी मानसिक स्थिति को संभालने के लिए थेरेपिस्ट की मदद ली थी, लेकिन अब अर्सलान के साथ रहना उनके लिए किसी थेरेपी से कम नहीं है। दोनों पिछले कई वर्षों से साथ हैं और अक्सर सोशल मीडिया तथा सार्वजनिक कार्यक्रमों में साथ नजर आते हैं।

    दिलचस्प बात यह है कि तलाक के बाद भी ऋतिक और सुजैन के बीच रिश्ते सौहार्दपूर्ण बने हुए हैं। दोनों अपने बच्चों के लिए अक्सर साथ दिखाई देते हैं। सुजैन के पिता संजय खान भी पहले कह चुके हैं कि ऋतिक और सुजैन का अलगाव कभी कड़वाहट भरा नहीं रहा।

    आज भले ही दोनों अपनी-अपनी जिंदगी में आगे बढ़ चुके हैं, लेकिन फैंस अब भी उन्हें बॉलीवुड के सबसे परिपक्व और सम्मानजनक एक्स कपल्स में गिनते हैं। जहां ऋतिक अभिनेत्री सबा आजाद के साथ रिश्ते में हैं, वहीं सुजैन अर्सलान गोनी के साथ अपनी नई जिंदगी में खुश नजर आ रही हैं।

  • रणवीर सिंह का बड़ा ऑफर भी नहीं चला: फरहान अख्तर ने 10 करोड़ रुपए और फीस में 25% छूट का प्रस्ताव ठुकराया!

    रणवीर सिंह का बड़ा ऑफर भी नहीं चला: फरहान अख्तर ने 10 करोड़ रुपए और फीस में 25% छूट का प्रस्ताव ठुकराया!


    नई दिल्ली। बॉलीवुड में इन दिनों रणवीर सिंह और फरहान अख्तर के बीच चल रहा विवाद लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। फिल्म ‘डॉन 3’ को लेकर शुरू हुआ यह मामला अब इंडस्ट्री के सबसे चर्चित विवादों में शामिल हो चुका है। इसी बीच अब एक नई रिपोर्ट सामने आई है जिसमें दावा किया गया है कि रणवीर सिंह ने मामले को सुलझाने के लिए फरहान अख्तर की प्रोडक्शन कंपनी एक्सेल एंटरटेनमेंट को बड़ा ऑफर दिया था, लेकिन फरहान और रितेश सिधवानी ने उसे स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक मार्च 2026 के पहले हफ्ते में रणवीर सिंह ने एक्सेल एंटरटेनमेंट को 10 करोड़ रुपए देने का प्रस्ताव रखा था। इतना ही नहीं उन्होंने भविष्य में किसी दूसरे प्रोजेक्ट में साथ काम करने की स्थिति में अपनी फीस में 25 प्रतिशत तक की कटौती करने की बात भी कही थी। बताया जा रहा है कि रणवीर इस विवाद को खत्म कर रिश्ते सुधारना चाहते थे, लेकिन एक्सेल एंटरटेनमेंट इस मामले में अपना फैसला पहले ही कर चुका था।

    खबरों के अनुसार फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी पिछले दो सालों में हुए घटनाक्रम से बेहद नाराज हैं। फिल्म की शूटिंग में लगातार देरी, बातचीत में अनिश्चितता और अचानक प्रोजेक्ट छोड़ने की वजह से उन्हें आर्थिक और प्रोफेशनल दोनों तरह का नुकसान झेलना पड़ा। यही कारण है कि उन्होंने रणवीर सिंह के इस ऑफर को ठुकरा दिया और भविष्य में उनके साथ काम नहीं करने का फैसला किया।

    दरअसल पूरा विवाद फिल्म ‘डॉन 3’ से जुड़ा हुआ है। साल 2023 में फरहान अख्तर ने रणवीर सिंह को नए डॉन के रूप में लॉन्च करते हुए फिल्म का टीजर जारी किया था। अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान के बाद रणवीर को इस आइकॉनिक किरदार में देखने को लेकर सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा हुई थी। हालांकि कुछ फैंस इस फैसले से खुश नहीं थे, लेकिन रणवीर ने दर्शकों से उन्हें एक मौका देने की अपील की थी।

    इसके बाद अचानक खबर आई कि रणवीर सिंह फिल्म से बाहर हो गए हैं। बताया गया कि शूटिंग शुरू होने से महज तीन हफ्ते पहले उन्होंने प्रोजेक्ट छोड़ दिया। उस समय तक फिल्म का प्री-प्रोडक्शन काफी आगे बढ़ चुका था और इसी वजह से एक्सेल एंटरटेनमेंट को भारी नुकसान उठाना पड़ा।

    FWICE यानी फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज ने भी इस मामले में दखल दिया। संगठन ने बताया कि फरहान अख्तर ने अप्रैल 2026 में उनके पास शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में दावा किया गया कि रणवीर सिंह ने एक्सेल एंटरटेनमेंट के साथ तीन फिल्मों का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया था, लेकिन डॉन 3 छोड़ने से कंपनी को करीब 45 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। फरहान अख्तर ने इस नुकसान की भरपाई की मांग भी की है।

    इस पूरे विवाद के दौरान रणवीर सिंह की तरफ से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि उनकी टीम ने पहले यह जरूर कहा था कि अभिनेता जानबूझकर चुप्पी बनाए हुए हैं। दूसरी तरफ इंडस्ट्री में रणवीर के बैन होने की खबरें भी सामने आई थीं, लेकिन बाद में साफ किया गया कि उन्हें आधिकारिक रूप से बैन नहीं किया गया है।

    अब देखना दिलचस्प होगा कि यह विवाद आगे किस दिशा में जाता है और क्या भविष्य में रणवीर सिंह और फरहान अख्तर के रिश्ते फिर सामान्य हो पाएंगे या नहीं।

  • हाईकोर्ट निर्देश के बाद चामुंडेश्वरी मंदिर पहुंचे रणवीर सिंह, कई विवादों के बीच बढ़ी चर्चाएं

    हाईकोर्ट निर्देश के बाद चामुंडेश्वरी मंदिर पहुंचे रणवीर सिंह, कई विवादों के बीच बढ़ी चर्चाएं

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता Ranveer Singh इन दिनों लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। हाल के दिनों में उनका नाम कई अलग-अलग विवादों से जुड़ा रहा है, जिसके कारण फिल्म जगत से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चाओं का दौर जारी है। एक ओर फिल्म ‘कांतारा’ से जुड़े एक मंचीय प्रस्तुतीकरण को लेकर विवाद खड़ा हुआ, वहीं दूसरी ओर ‘डॉन 3’ से जुड़े घटनाक्रम ने भी नए सवाल पैदा कर दिए। इसी बीच अभिनेता का चामुंडेश्वरी मंदिर पहुंचना अब चर्चा का नया विषय बन गया है।

    जानकारी के अनुसार रणवीर सिंह ने कर्नाटक स्थित Chamundeshwari Temple पहुंचकर पूजा-अर्चना की। यह यात्रा विशेष परिस्थितियों में हुई, जिसे कानूनी प्रक्रिया से भी जोड़कर देखा जा रहा है। मंदिर पहुंचकर अभिनेता ने श्रद्धाभाव से दर्शन किए और धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा लिया। उनकी यह यात्रा ऐसे समय हुई है जब वे लगातार सार्वजनिक चर्चाओं और विवादों के केंद्र में बने हुए हैं।

    दरअसल, पिछले वर्ष एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान रणवीर सिंह द्वारा फिल्म ‘कांतारा’ के चर्चित दृश्य की प्रस्तुति चर्चा का कारण बन गई थी। कुछ लोगों ने इस प्रस्तुति को धार्मिक भावनाओं से जोड़ते हुए आपत्ति जताई थी। इसके बाद मामले ने कानूनी रूप ले लिया और अभिनेता को लेकर बहस शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर रणवीर सिंह की ओर से सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट किया गया था कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं था। उन्होंने कहा था कि यह प्रस्तुति केवल कलाकार की प्रतिभा और अभिनय की सराहना के उद्देश्य से की गई थी।

    बाद में अभिनेता की ओर से बिना शर्त माफी भी पेश की गई। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत की ओर से कुछ निर्देश दिए गए थे, जिसके बाद अभिनेता ने संबंधित प्रक्रिया का पालन करते हुए मंदिर पहुंचकर पूजा की। इस घटनाक्रम को कई लोग विवादों के बीच उनकी जिम्मेदार प्रतिक्रिया के रूप में भी देख रहे हैं।

    इसी बीच रणवीर सिंह एक और मामले के कारण सुर्खियों में आ गए। फिल्म ‘डॉन 3’ से जुड़े घटनाक्रम ने भी मनोरंजन जगत में चर्चा को बढ़ा दिया। खबरों के अनुसार फिल्म से अचानक दूरी बनाने के बाद उद्योग से जुड़े कुछ संगठनों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी, जिसके बाद पूरे मामले ने और ध्यान खींचा। इस घटनाक्रम के बाद फिल्म जगत में अभिनेता के आगामी प्रोजेक्ट्स और पेशेवर संबंधों को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।

    रणवीर सिंह का करियर हमेशा प्रयोगात्मक भूमिकाओं और ऊर्जावान व्यक्तित्व के लिए जाना जाता रहा है। हालांकि वर्तमान समय में वह लगातार विवादों और चर्चाओं के बीच दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में चामुंडेश्वरी मंदिर की उनकी यात्रा को कई लोग व्यक्तिगत आस्था और परिस्थितियों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं। आने वाले समय में इन विवादों और अभिनेता के अगले कदमों पर सभी की नजर बनी रहेगी।

  • Mouni Roy का बोल्ड फोटोशूट वायरल, सोशल मीडिया पर मचा धमाल

    Mouni Roy का बोल्ड फोटोशूट वायरल, सोशल मीडिया पर मचा धमाल


    नई दिल्ली । टीवी इंडस्ट्री से अपने करियर की शुरुआत करने वाली Mouni Roy आज ग्लैमर वर्ल्ड का बड़ा नाम बन चुकी हैं। खासकर Naagin से मिली लोकप्रियता ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। अभिनय के साथ-साथ मौनी अपने फैशन सेंस और स्टाइलिश अंदाज को लेकर भी लगातार सुर्खियों में बनी रहती हैं। एक बार फिर उनका लेटेस्ट फोटोशूट इंटरनेट पर तहलका मचा रहा है।

    हाल ही में शेयर की गई तस्वीरों में मौनी रॉय गोल्डन और ब्लैक शिमरी आउटफिट में बेहद ग्लैमरस नजर आ रही हैं। हर तस्वीर में उनका कॉन्फिडेंस और स्टाइल अलग ही आकर्षण पैदा कर रहा है। खुले बाल, बोल्ड मेकअप और कातिलाना एक्सप्रेशन ने उनके लुक को और भी खास बना दिया है। सोशल मीडिया पर फैंस लगातार उनकी तस्वीरों पर कमेंट कर तारीफों के पुल बांध रहे हैं।

    तस्वीरों में मौनी कभी शीशे के सामने स्टाइलिश पोज देती नजर आ रही हैं तो कभी कैमरे के सामने अपनी अदाओं से फैंस को दीवाना बना रही हैं। उनका हर पोज इतना आकर्षक है कि तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं। फैंस का कहना है कि मौनी का फैशन और एटीट्यूड उन्हें बाकी अभिनेत्रियों से अलग बनाता है।

    Mouni Roy सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं और अक्सर अपने फैशन फोटोशूट की झलक फैंस के साथ शेयर करती रहती हैं। यही वजह है कि उनकी तस्वीरें पोस्ट होते ही वायरल होने लगती हैं। इस बार भी उनका बोल्ड और एलिगेंट अवतार इंटरनेट पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

    मौनी रॉय का यह नया फोटोशूट साबित करता है कि वह सिर्फ शानदार अभिनेत्री ही नहीं, बल्कि फैशन आइकन भी हैं। उनका हर नया लुक फैंस के बीच ट्रेंड करने लगता है। यही कारण है कि सोशल मीडिया पर उनकी फैन फॉलोइंग लगातार बढ़ती जा रही है।