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  • पुणे में इंसानियत हुई शर्मसार, पारिवारिक कलह का शिकार बना मासूम, सुपर ग्लू डालने के आरोप में तीन के खिलाफ मामला

    पुणे में इंसानियत हुई शर्मसार, पारिवारिक कलह का शिकार बना मासूम, सुपर ग्लू डालने के आरोप में तीन के खिलाफ मामला


    नई दिल्ली। महाराष्ट्र के पुणे से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। लोहगांव इलाके में पारिवारिक विवाद इतना बढ़ गया कि उसका शिकार महज नौ महीने का मासूम बन गया। आरोप है कि घरेलू कलह के दौरान एक महिला ने अपने ही रिश्तेदार के बच्चे के मुंह में सुपर ग्लू डाल दिया। घटना के बाद बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसे गंभीर हालत में अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा। पुलिस ने मामले में तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार घटना लोहगांव के कलवाड़ बस्ती क्षेत्र की है। शिकायत बच्चे के पिता अल्ताफी नदीम शेख ने दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने सानिया शेख के साथ मुंबई के कांदिवली निवासी रियाज इमाम हलालकर और हाजी मलंग शेख के खिलाफ मामला दर्ज किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिवार लंबे समय से आपसी विवाद और घरेलू कलह से गुजर रहा था। इसी विवाद के दौरान आरोपी महिला ने कथित तौर पर नौ महीने के बच्चे के मुंह में सुपर ग्लू डाल दिया।

    घटना के कुछ ही देर बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी। वह लगातार उल्टियां करने लगा। जब उसकी मां बच्चे के पास पहुंची तो उसने देखा कि उसके होंठ आपस में चिपक गए हैं। यह देखकर परिवार के होश उड़ गए। बच्चे को तत्काल अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे आईसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू किया। समय रहते इलाज मिलने से बच्चे की जान बच गई और अब उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।

    शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब बच्चे की मां ने आरोपी महिला से इस घटना के बारे में सवाल किया तो उसे धमकाया गया। कथित तौर पर कहा गया कि यदि इस मामले की जानकारी किसी को दी गई तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इतना ही नहीं अन्य दो आरोपियों पर भी आरोप है कि वे अस्पताल पहुंचे और परिवार पर कानूनी कार्रवाई न करने का दबाव बनाया। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है। परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर घरेलू विवाद किस वजह से इतना बढ़ा कि एक मासूम को निशाना बनाया गया। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं बल्कि समाज के लिए भी गंभीर चेतावनी है। पारिवारिक विवादों का असर जब बच्चों तक पहुंचने लगे तो यह चिंता का विषय बन जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी प्रकार की घरेलू कलह का सबसे अधिक मानसिक और शारीरिक असर बच्चों पर पड़ता है। ऐसे मामलों में परिवार के सदस्यों को संयम बरतने और विवाद का कानूनी या सामाजिक समाधान तलाशने की जरूरत होती है।

    फिलहाल मासूम का इलाज जारी है और डॉक्टर उसकी लगातार निगरानी कर रहे हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पारिवारिक रिश्तों में बढ़ता तनाव किस तरह मासूम बच्चों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बनता जा रहा है।

  • झांसी में बड़ा सड़क हादसा, महिला को बचाने के प्रयास में ट्रक पेड़ और खंभे से टकराया

    झांसी में बड़ा सड़क हादसा, महिला को बचाने के प्रयास में ट्रक पेड़ और खंभे से टकराया

    झांसी। झांसी के प्रेमनगर थाना क्षेत्र स्थित रेलवे कॉलोनी में शुक्रवार रात एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर पहले पेड़ और फिर बिजली के खंभे से टकरा गया। हादसे में ट्रक चालक केबिन में बुरी तरह फंस गया। करीब एक घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों ने उसे बाहर निकालकर गंभीर हालत में जिला अस्पताल पहुंचाया।

    घायल चालक की पहचान राजस्थान के धौलपुर निवासी पवन के रूप में हुई है। वह ट्रक (RJ 11 GD 5122) से आगरा से रेलवे कोच नवीनीकरण फैक्ट्री (आरसीएफ) में माल लेकर आया था। शुक्रवार सुबह माल उतारने के बाद रात में नो-एंट्री हटने पर वह हेल्पर के साथ आगरा लौट रहा था।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, केंद्रीय विद्यालय नंबर-3 से सीपरी बाजार जाने वाले मार्ग पर जीआरपी रिजर्व लाइन के पास अचानक एक स्कूटी सवार महिला ट्रक के सामने आ गई। उसे बचाने के प्रयास में चालक ने ट्रक मोड़ा, जिससे वाहन का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क किनारे लगे पेड़ तथा बिजली के खंभे से जा टकराया।

    टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि चालक पवन स्टेयरिंग और सीट के बीच फंस गया। उसका बायां पैर केबिन और बोनट के बीच दब गया, जिससे पैर में कई जगह फ्रैक्चर हो गए। राहगीरों ने उसे निकालने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।

    सूचना मिलने पर प्रेमनगर थाना पुलिस और 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। पहले एम्बुलेंस की रस्सी से ट्रक को खींचने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक को बाहर नहीं निकाला जा सका। इसके बाद ट्रैक्टर मंगवाकर ट्रक के अगले हिस्से को खींचा गया, जिससे केबिन में पर्याप्त जगह बनी और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

    रेस्क्यू के दौरान चालक दर्द से तड़पता रहा और लगातार मदद की गुहार लगाता रहा। पुलिस और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयास से उसे बाहर निकालकर तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज जारी है।

  • झांसी रेलवे स्टेशन के फूड प्लाजा में लगी आग, शॉर्ट सर्किट की आशंका, समय रहते टला बड़ा हादसा

    झांसी रेलवे स्टेशन के फूड प्लाजा में लगी आग, शॉर्ट सर्किट की आशंका, समय रहते टला बड़ा हादसा


    झांसी। झांसी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 स्थित फूड प्लाजा के किचन में शनिवार सुबह अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। धुआं और आग की लपटें उठती देख कर्मचारियों ने तुरंत अग्निशमन यंत्रों से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग पर काबू नहीं पाने के बाद फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई।

    सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया। समय रहते आग बुझा दिए जाने से बड़ा हादसा टल गया। घटना के दौरान कुछ समय के लिए फूड प्लाजा और आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल रहा।

    हालांकि, इस घटना में किसी के घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं है। अग्निशमन अधिकारी राजकिशोर राय ने बताया कि शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट प्रतीत हो रही है। वहीं, रेलवे प्रशासन भी पूरे मामले की जांच कर रहा है, ताकि आग लगने के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।

  • राजगढ़ में दर्दनाक हादसा, तेज रफ्तार कार तालाब में गिरी, पांच लोगों की मौत

    राजगढ़ में दर्दनाक हादसा, तेज रफ्तार कार तालाब में गिरी, पांच लोगों की मौत

    राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में शनिवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे में पांच लोगों की जान चली गई। पचोर थाना क्षेत्र के भीलखेड़ी जोड़ के पास शुजालपुर की ओर जा रही तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने गहरे तालाब में जा गिरी। पानी में डूबने से कार में सवार सभी पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

    हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। सूचना पर पुलिस, प्रशासन और स्थानीय लोगों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। क्रेन की मदद से तालाब में डूबी कार को बाहर निकाला गया, जिसके भीतर से पांच शव बरामद हुए।

    पुलिस के अनुसार, सभी मृतक शाजापुर जिले के अरनिया क्षेत्र के निवासी थे। दस्तावेजों के आधार पर एक मृतक की पहचान गोविंद पुत्र उमाशंकर तिवारी के रूप में हुई है। वहीं, अन्य मृतकों के नाम रोहित पटेल, अरविंद सिंह और शंकरलाल बताए गए हैं। एक अन्य मृतक की पहचान की प्रक्रिया अभी जारी है। घटना की खबर मिलते ही अरनिया गांव समेत आसपास के इलाके में शोक की लहर फैल गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए हैं।

    प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह कार की तेज रफ्तार और वाहन का नियंत्रण खोना माना जा रहा है। हालांकि पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही दुर्घटना के तकनीकी पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसा केवल तेज रफ्तार के कारण हुआ या इसके पीछे कोई अन्य वजह भी थी। यह हादसा एक बार फिर सड़क पर सावधानी और सुरक्षित वाहन चलाने की जरूरत की याद दिलाता है।

  • पत्नी दो महीने से मायके में थी, मानसिक तनाव में युवक ने दी जान; आखिरी कॉल से खुली घटना की परत

    पत्नी दो महीने से मायके में थी, मानसिक तनाव में युवक ने दी जान; आखिरी कॉल से खुली घटना की परत


    मध्य प्रदेश। इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में रविवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। 39 वर्षीय युवक ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उसने अपने एक दोस्त को फोन कर कहा कि परिवार से कह देना कि अब मैं नहीं रहा। इसके कुछ ही देर बाद उसने यह कदम उठा लिया। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

    पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान साईं सुमन नगर निवासी विशाल चौहान के रूप में हुई है। वह एक निजी कंपनी में कार्यरत था। रविवार को अवकाश होने के कारण वह घर पर ही मौजूद था। घटना के समय परिवार के अन्य सदस्य घर से बाहर थे।

    मृतक के चचेरे भाई अनिल ने बताया कि उन्हें विशाल के दोस्त का फोन आया था, लेकिन बाइक चलाने के कारण वह कॉल नहीं उठा सके। कुछ देर बाद जब उन्होंने वापस फोन किया तो दोस्त ने बताया कि विशाल ने आखिरी बार फोन कर कहा था कि वह अब इस दुनिया में नहीं रहेगा और परिवार को इसकी जानकारी दे देना। यह सुनते ही अनिल ने विशाल के भाई से संपर्क किया, लेकिन वह भी घर पर मौजूद नहीं था। बाद में मां को सूचना दी गई। जब परिवार के लोग घर पहुंचे तो विशाल कमरे में फंदे से लटका मिला।

    परिजन उसे तुरंत पास के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।

    परिजनों के मुताबिक विशाल अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ अलग रहता था। उसकी पत्नी पिछले करीब दो महीने से एरोड्रम क्षेत्र स्थित अपने मायके में रह रही थी। परिवार का कहना है कि पत्नी के वापस नहीं आने से वह मानसिक तनाव में था। हालांकि, पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, इसलिए आत्महत्या के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है।

    पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। परिजनों और परिचितों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव या आत्महत्या जैसे विचारों से जूझ रहा है, तो किसी भरोसेमंद व्यक्ति से बात करें या तुरंत स्थानीय मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ अथवा हेल्पलाइन से संपर्क करें। समय पर मदद मिलना बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है।

  • UP: रामपुर में दर्दनाक सड़क हादसा, उत्तराखंड जा रहे आईटी कंपनी मालिक समेत 4 दोस्तों की मौत, 3 गंभीर

    UP: रामपुर में दर्दनाक सड़क हादसा, उत्तराखंड जा रहे आईटी कंपनी मालिक समेत 4 दोस्तों की मौत, 3 गंभीर


    रामपुर।
    उत्तर प्रदेश के रामपुर में शनिवार तड़के हुए भीषण सड़क हादसे में नोएडा की एक आईटी कंपनी के मालिक सहित चार युवकों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी दोस्त और कर्मचारी उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क घूमने जा रहे थे। सुबह करीब 5 बजे उनकी तेज रफ्तार ईको कार सड़क किनारे खड़ी डीसीएम में पीछे से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोग अंदर ही फंस गए।

    हादसे का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कार में फंसा एक घायल युवक खून से लथपथ हालत में लोगों से मदद की गुहार लगाता दिखाई दे रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और गैस कटर की मदद से कार को काटकर शवों व घायलों को बाहर निकाला। इसके बाद सभी को अस्पताल पहुंचाया गया।

    पुलिस की शुरुआती जांच में आशंका जताई गई है कि चालक को झपकी आने के कारण यह हादसा हुआ। मृतकों की पहचान दिल्ली निवासी अभिषेक अग्निहोत्री (30), नीरज (24), गुलबुद्दीन उर्फ सोनू (35) और बागपत निवासी कार्तिक (24) के रूप में हुई है। अभिषेक अग्निहोत्री नोएडा में ‘इंडियन शॉप’ नाम से आईटी कंपनी संचालित करते थे और अपने कर्मचारियों व दोस्तों के साथ वीकेंड ट्रिप पर निकले थे।

    अभिषेक के मित्र पदम धीमान ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 9 बजे दो कारों से सभी लोग जिम कॉर्बेट के लिए रवाना हुए थे। अभिषेक अपनी ईको कार में पांच कर्मचारियों और छोटे भाई विशाल के साथ थे, जबकि पदम अपने चार दोस्तों के साथ दूसरी कार में सफर कर रहे थे। रास्ते में ईको कार का टायर पंचर हो गया, जिसे ठीक कराने में समय लगने के कारण दोनों गाड़ियां अलग हो गईं। काफी देर तक संपर्क नहीं होने पर अभिषेक के मोबाइल पर कॉल किया गया, लेकिन बाद में किसी अन्य व्यक्ति ने फोन उठाकर हादसे की सूचना दी।

    पदम ने बताया कि मौके पर पहुंचने पर अभिषेक समेत चार लोगों की मौत हो चुकी थी। हादसे में जतिन, कमल और अभिषेक के भाई विशाल गंभीर रूप से घायल हुए। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मेरठ रेफर किया गया, लेकिन परिजन बाद में उन्हें इलाज के लिए दिल्ली ले गए।

    हादसे में जान गंवाने वाले कार्तिक राजपूत बागपत के निवासी थे। उन्होंने बीसीए की पढ़ाई करने के बाद नोएडा के सेक्टर-2 स्थित एक कंपनी में नौकरी शुरू की थी। उनके परिवार में पत्नी भारती और एक वर्ष की बेटी काशवी है। दो वर्ष पहले ही उनकी शादी हुई थी। हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।

    वहीं, दिल्ली निवासी गुलबुद्दीन उर्फ सोनू अविवाहित थे और अभिषेक की कंपनी में कार्यरत थे। उनके बड़े भाई सद्दाम हुसैन के अनुसार, गुलबुद्दीन ने इंटरमीडिएट तक पढ़ाई की थी और परिवार में माता-पिता के साथ रहते थे।

    थाना प्रभारी संदीप मिश्रा ने बताया कि सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। परिजन मौके पर पहुंच चुके हैं। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और चालक को आई झपकी को हादसे की प्रमुख वजह माना जा रहा है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

  • राजगढ़ में दर्दनाक हादसा पानी से भरी खदान में समा गया पूरा परिवार भाई बहन और बुआ की मौत से गांव में मातम

    राजगढ़ में दर्दनाक हादसा पानी से भरी खदान में समा गया पूरा परिवार भाई बहन और बुआ की मौत से गांव में मातम


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में सोमवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। ब्यावरा के जगनियापुरा गांव स्थित पानी से भरी क्रेशर खदान में डूबने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। हादसे में पांच वर्षीय मासूम निखरा पारदी उसकी ग्यारह वर्षीय बहन नम्रता पारदी और दोनों को बचाने के लिए पानी में कूदी उनकी पैंतीस वर्षीय बुआ सायराबाई पारदी की जान चली गई। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।

    जानकारी के अनुसार सोमवार शाम करीब चार बजे गांव के कुछ बच्चे क्रेशर की खदान के पास खेल रहे थे। खेलते समय उनकी गेंद गहरे पानी से भरी खदान में गिर गई। गेंद निकालने के प्रयास में निखरा और उसकी बहन नम्रता खदान के किनारे पहुंचे लेकिन अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और दोनों गहरे पानी में गिर गए। देखते ही देखते दोनों बच्चे डूबने लगे और मदद के लिए चीखने लगे।

    बच्चों की आवाज सुनते ही उनकी बुआ सायराबाई पारदी दौड़कर मौके पर पहुंचीं। उन्होंने बिना अपनी जान की परवाह किए दोनों बच्चों को बचाने के लिए तुरंत खदान में छलांग लगा दी। बताया जा रहा है कि उन्होंने एक बच्चे को पकड़कर बाहर निकालने की कोशिश भी की लेकिन दूसरे बच्चे को बचाने के प्रयास में उनका संतुलन बिगड़ गया। खदान का पानी काफी गहरा होने के कारण वह भी खुद को संभाल नहीं सकीं और तीनों कुछ ही पलों में पानी में समा गए।

    घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा तफरी मच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल पुलिस तथा प्रशासन को सूचना दी गई। ब्यावरा सिटी थाना पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम ने ग्रामीणों की मदद से राहत और बचाव अभियान शुरू किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद तीनों को पानी से बाहर निकाला गया और तुरंत सिविल अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया।

    पुलिस ने तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया है। मामले में मर्ग कायम कर हादसे की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि दुर्घटना पानी से भरी गहरी खदान के किनारे खेलते समय हुई।

    यह घटना एक बार फिर परित्यक्त और पानी से भरी खदानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी खदानों के आसपास मजबूत घेराबंदी चेतावनी बोर्ड और निगरानी की व्यवस्था होना बेहद जरूरी है ताकि बच्चे अनजाने में वहां न पहुंच सकें। अभिभावकों को भी बच्चों को खतरनाक और गहरे जलाशयों के पास अकेले खेलने से रोकना चाहिए। थोड़ी सी सावधानी कई अनमोल जिंदगियों को बचा सकती है।

  • सीहोर में भीषण सड़क हादसा बोलेरो और ट्रक की आमने सामने टक्कर में पांच की मौत चार जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे

    सीहोर में भीषण सड़क हादसा बोलेरो और ट्रक की आमने सामने टक्कर में पांच की मौत चार जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में सोमवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे ने पांच परिवारों की खुशियां छीन लीं। आष्टा और शुजालपुर मार्ग पर मेना गोदी गांव के पास तेज रफ्तार ट्रक और बोलेरो की आमने सामने हुई जोरदार टक्कर में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि बोलेरो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार कई लोग वाहन के अंदर ही फंस गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा तफरी मच गई और आसपास के ग्रामीण तुरंत राहत कार्य में जुट गए।

    जानकारी के अनुसार दुर्घटना सोमवार दोपहर करीब पौने तीन बजे हुई। बोलेरो में कुल नौ लोग सवार थे जो राजगढ़ जिले के कालीपीठ थाना क्षेत्र के भियापुरा गांव से इलाज के लिए आष्टा जा रहे थे। रास्ते में मेना गोदी गांव के पास सामने से आ रहे ट्रक से उनकी जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर का प्रभाव इतना जबरदस्त था कि बोलेरो के परखच्चे उड़ गए और तीन लोग वाहन से कई फीट दूर जाकर सड़क किनारे गिर पड़े। चालक वाहन में बुरी तरह फंस गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद कई घायल दर्द से तड़पते रहे। स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए पुलिस को सूचना दी और खुद भी राहत कार्य शुरू कर दिया। ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों ने मिलकर क्षतिग्रस्त बोलेरो में फंसे लोगों को बाहर निकाला। कई घायलों के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें थीं जबकि कुछ के हाथ पैर भी टूट गए थे। एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को पहले आष्टा के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए सीहोर जिला अस्पताल और फिर भोपाल रेफर किया गया।

    आष्टा पुलिस के अनुसार हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है हालांकि विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा।

    मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने मृतकों और घायलों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब तक कुछ घायलों की पहचान इंदर सिंह और राजाराम के रूप में हुई है जबकि अन्य की पहचान और परिजनों को सूचना देने का काम जारी है।

    इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यातायात नियमों का पालन सुरक्षित गति से वाहन चलाना और लंबी यात्रा के दौरान पूरी सतर्कता बरतना ऐसे हादसों को काफी हद तक रोक सकता है। प्रशासन ने भी लोगों से सड़क पर सावधानी बरतने और सुरक्षित ड्राइविंग अपनाने की अपील की है ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।

  • ग्रेनाइट खदान बनी काल 40 फीट ऊंचाई से गिरी चट्टान ट्रैक्टर के हुए टुकड़े मध्य प्रदेश के 5 मजदूरों सहित 7 की मौत

    ग्रेनाइट खदान बनी काल 40 फीट ऊंचाई से गिरी चट्टान ट्रैक्टर के हुए टुकड़े मध्य प्रदेश के 5 मजदूरों सहित 7 की मौत


    मध्यप्रदेश । कर्नाटक के बेंगलुरु के निकट स्थित मदापट्टना की एक ग्रेनाइट खदान में गुरुवार को हुए भीषण हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। करीब 40 फीट ऊंचाई से विशाल चट्टान गिरने से मध्य प्रदेश के पांच मजदूरों समेत सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि पांच अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना भयावह था कि चट्टान की चपेट में आने से ट्रैक्टर और लोडिंग वाहन पूरी तरह टूटकर कई हिस्सों में बिखर गए। खदान में काम कर रहे मजदूरों के बीच अफरा तफरी मच गई और हर तरफ चीख पुकार सुनाई देने लगी।

    हादसे के समय खदान में करीब 16 मजदूर पत्थर निकालने का काम कर रहे थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार ऊपरी हिस्से में ड्रिलिंग का कार्य चल रहा था तभी अचानक विशाल ग्रेनाइट चट्टान खिसककर नीचे आ गिरी। नीचे काम कर रहे मजदूरों को संभलने का मौका भी नहीं मिला और कई लोग भारी मलबे के नीचे दब गए। राहत एवं बचाव दल ने कई घंटे तक अभियान चलाकर घायलों और मृतकों को बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल मजदूरों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया जहां उनका इलाज जारी है।

    इस हादसे में जान गंवाने वाले पांचों मजदूर मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के जैतहरी क्षेत्र के रहने वाले थे। मृतकों की पहचान भुवनेश्वर सिंह गौंड राजपाल सिंह रामअवतार सिंह और राजेश प्रसाद चौधरी के रूप में हुई है जबकि एक अन्य मृतक की पहचान की प्रक्रिया जारी है। वहीं गुलाब सिंह राजपाल सिंह और छोटू लाल सहित कई मजदूर घायल हुए हैं। बताया जा रहा है कि अधिकांश मजदूर बेहतर रोजगार और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए कर्नाटक में काम करने गए थे।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चट्टान का वजन इतना अधिक था कि उसकी चपेट में आते ही ट्रैक्टर और अन्य मशीनें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। कई मजदूरों के सिर हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आईं। अस्पताल और खदान परिसर में मौजूद परिजनों का रो रोकर बुरा हाल था। एक मृतक के परिवार ने बताया कि वह बेटियों की शादी के बाद हुए कर्ज को चुकाने के लिए मजदूरी करने गया था लेकिन अब परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य भी नहीं रहा।

    हादसे के बाद कर्नाटक सरकार ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि प्रारंभिक जांच में ब्लास्टिंग की बजाय चट्टान खिसकने या मिट्टी धंसने की आशंका सामने आई है। विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर वास्तविक कारण स्पष्ट होगा और भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नए सुरक्षा मानक लागू किए जाएंगे। उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने खदान की अनुमति देने वाले अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराने के निर्देश दिए हैं।

    मध्य प्रदेश के श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने बताया कि राज्य सरकार लगातार कर्नाटक प्रशासन के संपर्क में है और मृतकों तथा घायलों से जुड़ी पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। खदान मालिक ने मृतकों के परिजनों को दस दस लाख रुपए तथा घायलों को पांच पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर खनन क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

  • इंदौर में थाने से हथकड़ी खोलकर फरार हुआ बदमाश अवैध शराब मामले का आरोपी पुलिस को देकर गया चुनौती

    इंदौर में थाने से हथकड़ी खोलकर फरार हुआ बदमाश अवैध शराब मामले का आरोपी पुलिस को देकर गया चुनौती


    इंदौर । इंदौर के द्वारकापुरी थाने से अवैध शराब मामले में गिरफ्तार आरोपी साबिर उर्फ गज्जू हथकड़ी से हाथ निकालकर फरार हो गया। घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आरोपी की तलाश में कई टीमें रवाना कर दी गईं।

    इंदौर के द्वारकापुरी थाना परिसर से मंगलवार को पुलिस की हिरासत में मौजूद एक आरोपी के फरार होने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। अवैध शराब के मामले में गिरफ्तार साबिर उर्फ गज्जू संतरी को चकमा देकर हथकड़ी से अपना हाथ निकालने में सफल रहा और मौके से फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने तत्काल अलग अलग टीमों का गठन कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी। आसपास के इलाकों में सघन सर्च अभियान चलाया जा रहा है।

    पुलिस के अनुसार साबिर उर्फ गज्जू निवासी अहीरखेड़ी को सोमवार रात गिरफ्तार किया गया था। वह अवैध शराब के एक मामले में लंबे समय से फरार चल रहा था। गिरफ्तारी के बाद उसे द्वारकापुरी थाने लाया गया जहां सुरक्षा के तहत हथकड़ी लगाकर बैठाया गया था। मंगलवार को मौका मिलते ही उसने धीरे धीरे हथकड़ी से अपना हाथ निकाल लिया और पुलिसकर्मियों को भनक लगे बिना वहां से भाग निकला।

    जानकारी के मुताबिक जिस स्थान पर साबिर को बैठाया गया था वहीं पास में पुलिस की गिरफ्त में मौजूद ड्रग्स तस्कर चेतन नाथ भी बैठा हुआ था। चेतन नाथ को सोमवार को ही आठ किलो गांजा लगभग 270 ग्राम ब्राउन शुगर 19 लाख रुपये नकद नोट गिनने की मशीन और 22 जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया था। इसी दौरान सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक का फायदा उठाकर साबिर फरार हो गया।

    घटना सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने तत्काल पूरे मामले की जानकारी ली और आरोपी की तलाश के लिए विशेष टीमों को रवाना किया। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में दबिश दे रही है और आरोपी के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी को दोबारा गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

    पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार साबिर कोई नया अपराधी नहीं है। करीब दो महीने पहले उसके साथी अरुण को अवैध शराब के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। उस समय भी साबिर उसके साथ मौजूद था लेकिन पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। तभी से पुलिस उसकी तलाश में लगी हुई थी और सोमवार रात उसे पकड़ने में सफलता मिली थी लेकिन अगले ही दिन वह फिर पुलिस हिरासत से भाग निकला।

    सूत्रों के मुताबिक साबिर के खिलाफ अवैध शराब की तस्करी मारपीट और अन्य आपराधिक मामलों सहित तीन से अधिक प्रकरण दर्ज हैं। पुलिस अब उसकी गिरफ्तारी के साथ साथ यह भी जांच कर रही है कि थाने से फरार होने में किसी प्रकार की लापरवाही या मिलीभगत तो नहीं हुई। पूरे मामले की विभागीय समीक्षा भी की जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।