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  • AAP छोड़ BJP में शामिल हुए सांसद राजिंदर गुप्ता की फैक्ट्री पर छापा, कार्रवाई से मचा हड़कंप

    AAP छोड़ BJP में शामिल हुए सांसद राजिंदर गुप्ता की फैक्ट्री पर छापा, कार्रवाई से मचा हड़कंप

    नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राजिंदर गुप्ता से जुड़ी कंपनी पर पंजाब में बड़ी कार्रवाई हुई है। उनकी कंपनी ट्राइडेंट ग्रुप की धौला स्थित फैक्ट्री पर पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने छापेमारी की।

    जानकारी के अनुसार, दोपहर में प्रदूषण विभाग की टीम नौ वाहनों के काफिले के साथ फैक्ट्री परिसर में पहुंची। टीम में लगभग 10 अधिकारी शामिल थे, जो फैक्ट्री के अंदर मौजूद रहकर प्लांट और जरूरी दस्तावेजों की गहन जांच कर रहे हैं। यह कार्रवाई बिना किसी पूर्व सूचना के की गई, जिससे फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, विभाग की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि यह रूटीन निरीक्षण है या किसी विशेष शिकायत के आधार पर की गई जांच। इस कार्रवाई की टाइमिंग को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। इसे राजनीति से जोड़कर भी देखा जा रहा है, हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की गई है।

    उधर, राजिंदर गुप्ता के भाजपा में शामिल होने के बाद आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था। चंडीगढ़ में उनके आवास की दीवारों पर “गद्दार” तक लिखा गया था, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर सुरक्षा बढ़ा दी थी। राजिंदर गुप्ता पंजाब के प्रमुख उद्योगपतियों में गिने जाते हैं और पद्मश्री से सम्मानित भी रह चुके हैं। वे पहले आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद थे और बाद में भाजपा में शामिल हो गए।

  • क्रिकेट की एक गेंद ने ,छीनी दो जानें दोस्ती निभाने उतरे, और मौत ने घेरा

    क्रिकेट की एक गेंद ने ,छीनी दो जानें दोस्ती निभाने उतरे, और मौत ने घेरा


    देवास । देवास जिले के नेवरी इलाके में एक साधारण सा खेल अचानक ऐसी त्रासदी में बदल गया जिसने पूरे गांव को शोक और सन्नाटे में डुबो दिया खेत के पास बने एक खाली मैदान में बच्चे रोज की तरह क्रिकेट खेल रहे थे हंसी ठिठोली और खेल का उत्साह अपने चरम पर था तभी खेलते खेलते गेंद पास के एक पुराने कुएं में जा गिरी किसी ने नहीं सोचा था कि यही एक छोटी सी घटना दो परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लेगी

    करीब पंद्रह वर्षीय देवेंद्र सबसे पहले गेंद निकालने के लिए कुएं में उतरा बताया जा रहा है कि कुएं में पानी का स्तर काफी ज्यादा था और फिसलन भी थी जैसे ही वह नीचे पहुंचा उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पानी में डूबने लगा ऊपर खड़े उसके साथियों के बीच अचानक चीख पुकार मच गई इसी बीच अपने दोस्त को बचाने की कोशिश में सोलह वर्षीय राजवीर बिना कुछ सोचे समझे कुएं में कूद पड़ा लेकिन यह बहादुरी दोनों के लिए भारी पड़ गई

    दोनों एक दूसरे को पकड़कर खुद को बचाने की कोशिश करते रहे लेकिन पानी की गहराई और घबराहट ने उन्हें संभलने का मौका नहीं दिया कुछ ही पलों में दोनों पानी में समा गए ऊपर खड़े बच्चों की चीख सुनकर आसपास के ग्रामीण दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे और तुरंत बचाव कार्य शुरू किया गया काफी मशक्कत के बाद दोनों को कुएं से बाहर निकाला गया और तुरंत अस्पताल ले जाया गया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया

    इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है हर तरफ सिर्फ सन्नाटा और मातम का माहौल है सबसे ज्यादा दिल दहला देने वाली बात यह रही कि देवेंद्र का उसी दिन जन्मदिन था जिस दिन उसकी जिंदगी खत्म हो गई वह अपनी विधवा मां का इकलौता सहारा था पिता के निधन के बाद मां ने बेटे के सहारे ही जिंदगी को थाम रखा था लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था बेटे का शव देखते ही मां का विलाप हर किसी की आंखें नम कर गया

    राजवीर भी अपने परिवार का चहेता था और उसकी अचानक मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया दोनों बच्चों की दोस्ती और एक दूसरे के लिए जान जोखिम में डालने की कोशिश अब गांव के हर व्यक्ति के दिल को चुभ रही है

    पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और घटना के सभी पहलुओं को देखा जा रहा है पोस्टमार्टम के बाद दोनों बच्चों का अंतिम संस्कार एक साथ किया जाएगा गांव में हर व्यक्ति इस हादसे को याद कर सहम उठा है और यह सवाल हर किसी के मन में है कि अगर थोड़ी सी सावधानी बरती जाती तो शायद ये दो जिंदगियां बच सकती थीं

    यह हादसा एक कड़वी सीख भी छोड़ गया है कि खुले कुएं और असुरक्षित स्थान बच्चों के लिए कितने खतरनाक हो सकते हैं एक छोटी सी लापरवाही कब बड़ी त्रासदी बन जाए इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है

  • सतना के देवलहा बीट में आग का तांडव वनकर्मी बेहोश सैकड़ों पेड़ पौधे जलकर नष्ट

    सतना के देवलहा बीट में आग का तांडव वनकर्मी बेहोश सैकड़ों पेड़ पौधे जलकर नष्ट

    सतना । सतना जिले के वन मंडल अंतर्गत मझगवां रेंज के रोहनिया गांव के पास स्थित देवलहा बीट में अचानक भड़की भीषण आग ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया आग कक्ष क्रमांक पी 839 और पी 840 के जंगल में अज्ञात कारणों से शुरू हुई और देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया तेज हवाओं और सूखी झाड़ियों के कारण आग ने इतनी तेजी पकड़ी कि लगभग पंद्रह से बीस हेक्टेयर वन क्षेत्र इसकी चपेट में आ गया

    आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लपटें दस से बारह फीट तक ऊंची उठ रही थीं और दूर से ही धुएं का गुबार आसमान में फैलता नजर आ रहा था आसपास के ग्रामीणों में भी दहशत का माहौल बन गया वहीं वन विभाग को जैसे ही सूचना मिली पूरा अमला तत्काल मौके पर पहुंचा और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया

    प्रभारी रेंजर अभिषेक मिश्रा के अनुसार आग मुख्य रूप से लेंटाना और सूखी झाड़ियों में लगी थी लेकिन हवा की तेज रफ्तार और तुलसा की सूखी वनस्पतियों ने इसे और भड़काने का काम किया जिससे आग पर नियंत्रण पाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि आग तेजी से फैलते हुए बड़े हिस्से को अपनी चपेट में लेती चली गई

    आग बुझाने के लिए वन विभाग के करीब पच्चीस सुरक्षा श्रमिकों की टीम को मैदान में उतारा गया जिन्होंने फायर बीटर्स और लीफ ब्लोअर जैसे उपकरणों की मदद से लगातार सात घंटे तक संघर्ष किया यह एक कठिन और जोखिम भरा अभियान था जिसमें हर पल सतर्कता और साहस की जरूरत थी आखिरकार लंबी मशक्कत के बाद रात करीब आठ बजे आग पर काबू पाया जा सका

    इस दौरान आग की भीषण गर्मी और धुएं के कारण दो वनकर्मी रामकृष्ण पांडेय और गोविंद यादव बेहोश हो गए दोनों को तत्काल मझगवां के शासकीय चिकित्सालय ले जाया गया जहां उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया डॉक्टरों के अनुसार दोनों की हालत अब स्थिर है और लगभग तीन घंटे बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई

    इस घटना ने एक बार फिर जंगलों में बढ़ते आग के खतरे और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं गर्मी के मौसम में सूखी वनस्पतियां और तेज हवाएं ऐसी घटनाओं को और खतरनाक बना देती हैं वन विभाग के लिए यह एक चेतावनी भी है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए और अधिक सतर्कता और मजबूत इंतजाम किए जाएं

    देवलहा का यह अग्निकांड न केवल वन संपदा के नुकसान की कहानी कहता है बल्कि यह भी दर्शाता है कि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए कितनी बड़ी चुनौती सामने खड़ी है समय रहते ठोस कदम उठाना अब बेहद जरूरी हो गया है

  • मुरैना हत्याकांड पर उमंग सिंघार का वार बोले प्रदेश में कानून का डर खत्म

    मुरैना हत्याकांड पर उमंग सिंघार का वार बोले प्रदेश में कानून का डर खत्म


    भोपाल । मध्य प्रदेश के भोपाल में सियासी हलचल उस वक्त तेज हो गई जब उमंग सिंघार ने मुरैना में हुई दर्दनाक घटना को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने रेत माफिया द्वारा वन विभाग के आरक्षक की हत्या को कानून व्यवस्था की बड़ी विफलता बताया

    दरअसल हाल ही में मुरैना में अवैध रेत खनन को रोकने गई टीम पर हमला हुआ था जिसमें वन विभाग के आरक्षक हरकेश गुर्जर की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर दी गई इस घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है

    इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है और अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं उन्होंने कहा कि जिस तरह दिनदहाड़े रेत माफिया ने कानून के रक्षक पर हमला कर उसकी जान ले ली वह बेहद भयावह और चिंताजनक है

    सिंघार ने अपने बयान में साफ तौर पर कहा कि यह घटना इस बात का संकेत है कि अपराधियों में अब कानून का कोई डर नहीं बचा है उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में अवैध खनन माफिया खुलेआम सक्रिय हैं और प्रशासन उन्हें रोकने में नाकाम साबित हो रहा है

    नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाएं केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करती हैं उन्होंने मांग की कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं

    मुरैना की यह घटना अब सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं रह गई है बल्कि इसने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर व्यापक बहस छेड़ दी है आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और भी तेज होने की संभावना है

  • रेत माफिया का आतंक मुरैना में गश्ती दल पर हमला वन आरक्षक की मौके पर मौत

    रेत माफिया का आतंक मुरैना में गश्ती दल पर हमला वन आरक्षक की मौके पर मौत


    मुरैना । मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है जहां अवैध रेत खनन के खिलाफ कार्रवाई करने निकली टीम पर माफिया ने जानलेवा हमला कर दिया इस हमले में एक वन आरक्षक की मौके पर ही मौत हो गई जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है

    जानकारी के मुताबिक यह घटना दिमनी थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग 552 के पास की है जहां चंबल नदी के ऐसाह घाट से अवैध रेत खनन और परिवहन की शिकायतें लगातार मिल रही थीं इसी सूचना के आधार पर अंबाह रेंज की वन विभाग की टीम तड़के सुबह गश्त पर निकली थी

    गश्ती के दौरान रथोल का पुरा और रानपुर के बीच वन आरक्षक हरिकेश गुर्जर ने रेत से भरे एक ट्रैक्टर ट्रॉली को रोकने की कोशिश की लेकिन चालक ने रुकने के बजाय बेरहमी से वाहन उन पर चढ़ा दिया जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी वाहन लेकर फरार हो गया

    घटना के बाद वन विभाग की टीम ने तुरंत घायल वनकर्मी को अस्पताल पहुंचाया लेकिन तब तक उनकी जान जा चुकी थी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया परिजन भी जिला अस्पताल पहुंचे जिससे माहौल गमगीन हो गया

    बताया जा रहा है कि हरिकेश गुर्जर हाल ही में दूसरे जिले से स्थानांतरित होकर अंबाह रेंज में पदस्थ हुए थे उनकी इस तरह की मौत ने एक बार फिर अवैध खनन के बढ़ते खतरे और उसमें शामिल माफियाओं के हौसलों को उजागर कर दिया है

    मामले पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और उसकी पहचान भी कर ली गई है सुरेन्द्र पाल सिंह डाबर ने बताया कि आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा

    इस घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं उमंग सिंघार ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और कानून का डर खत्म होता जा रहा है

    यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है बल्कि यह भी दिखाती है कि अवैध खनन का नेटवर्क कितना खतरनाक हो चुका है जब कानून की रक्षा करने वाले ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम लोगों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं ऐसे में जरूरी है कि प्रशासन इस मामले में सख्त कार्रवाई करे और दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जाए

  • गुफानुमा खदानों का अंत शहडोल में अवैध कोयला माफिया पर बड़ी कार्रवाई

    गुफानुमा खदानों का अंत शहडोल में अवैध कोयला माफिया पर बड़ी कार्रवाई

    शहडोल । मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में अवैध कोयला खनन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा एक्शन लिया है लंबे समय से जानलेवा खतरा बनी गुफानुमा सुरंगों पर आखिरकार बुलडोजर चला दिया गया यह कार्रवाई न सिर्फ अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए की गई बल्कि स्थानीय लोगों और मवेशियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भी बेहद जरूरी मानी जा रही थी

    जिले के अमलाई थाना क्षेत्र के बटुरा और टिकुरीटोला इलाकों में जमीन के नीचे बनाई गई ये खदानें किसी हादसे का इंतजार करती नजर आ रही थीं संकरी और गहरी सुरंगों के जरिए अवैध रूप से कोयला निकाला जा रहा था जो कभी भी धंस सकती थीं और बड़ी जनहानि का कारण बन सकती थीं

    लगातार मिल रही शिकायतों और बढ़ते खतरे को देखते हुए अमलाई पुलिस और साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की टीम ने संयुक्त अभियान चलाया मौके पर पहुंची टीम ने जेसीबी मशीनों की मदद से करीब पांच गुफानुमा सुरंगों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया और उन्हें मिट्टी से पाटकर बंद कर दिया गया

    कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र को पुलिस की निगरानी में सुरक्षित किया गया और खुले गड्ढों को भी भर दिया गया ताकि भविष्य में किसी भी तरह की दुर्घटना की आशंका को खत्म किया जा सके प्रशासन का कहना है कि यह कदम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है

    बताया जा रहा है कि इन अवैध खदानों को पहले भी कई बार बंद कराया जा चुका है लेकिन खनन माफिया हर बार नए तरीके से सुरंगें खोदकर फिर से कोयला निकालना शुरू कर देते हैं यही वजह है कि इस बार प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए व्यापक कार्रवाई की है

    यह घटना एक बार फिर इस बात की ओर इशारा करती है कि अवैध खनन सिर्फ कानून का उल्लंघन ही नहीं बल्कि लोगों की जान के लिए भी गंभीर खतरा है ऐसे में जरूरी है कि इस तरह की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके

  • अब सिर्फ CJI ही सुनेंगे अर्जेंट केस सुप्रीम कोर्ट का बड़ा नियम बदलाव

    अब सिर्फ CJI ही सुनेंगे अर्जेंट केस सुप्रीम कोर्ट का बड़ा नियम बदलाव


    नई दिल्ली । देश की न्यायिक व्यवस्था में एक अहम बदलाव करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अत्यावश्यक मामलों की सुनवाई को लेकर नया नियम लागू किया है इस नए निर्देश के मुताबिक अब ऐसे मामले जिनमें तुरंत सुनवाई जरूरी हो और जिन्हें नियमित सूचीबद्ध प्रक्रिया का इंतजार नहीं कराया जा सकता उनका उल्लेख केवल भारत के मुख्य न्यायाधीश यानी CJI के समक्ष ही किया जाएगा

    इस फैसले के बाद अब किसी भी अन्य जज या पीठ के सामने ऐसे मामलों को पेश करने की अनुमति नहीं होगी भले ही मुख्य न्यायाधीश किसी संविधान पीठ की अध्यक्षता कर रहे हों यह बदलाव 6 अप्रैल को जारी एक आधिकारिक परिपत्र के माध्यम से लागू किया गया है

    पहले की व्यवस्था में यह प्रावधान था कि यदि मुख्य न्यायाधीश उपलब्ध नहीं हैं या किसी अन्य महत्वपूर्ण पीठ में व्यस्त हैं तो अत्यावश्यक मामलों को उच्चतम न्यायालय के सबसे वरिष्ठ जज के सामने उल्लेख किया जा सकता था इससे मामलों की त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने की कोशिश की जाती थी लेकिन अब इस प्रक्रिया को पूरी तरह बदल दिया गया है

    नए नियम के तहत अदालत संख्या 1 यानी मुख्य न्यायाधीश की कोर्ट में ही ऐसे मामलों का उल्लेख किया जाएगा और किसी अन्य पीठ के समक्ष इसे प्रस्तुत करने की अनुमति नहीं होगी इस कदम को न्यायिक प्रक्रिया में एकरूपता और स्पष्टता लाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है

    इस बीच भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने हाल ही में न्यायिक ढांचे को मजबूत करने पर भी जोर दिया उन्होंने विभिन्न राज्यों में न्यायिक परिसरों के शिलान्यास के दौरान कहा कि देशभर में न्यायिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करना अब विकल्प नहीं बल्कि आवश्यकता बन चुका है

    उन्होंने यह भी कहा कि संविधान निर्माताओं ने न्याय तक आसान पहुंच को बेहद महत्वपूर्ण माना था और इसी सोच के तहत हर राज्य में उच्च न्यायालय की स्थापना को संवैधानिक जिम्मेदारी बनाया गया उनका मानना है कि न्याय व्यवस्था को मजबूत करना केवल कानूनी जरूरत नहीं बल्कि लोकतंत्र के प्रति एक गंभीर प्रतिबद्धता भी है सुप्रीम कोर्ट का यह नया नियम न्यायिक कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव माना जा रहा है अब देखना यह होगा कि इससे अत्यावश्यक मामलों के निपटारे की प्रक्रिया कितनी प्रभावी और तेज हो पाती है

  • सुसनेर से कुरावर जा रही बस बनी हादसे का शिकार तेज रफ्तार ने ली एक जान

    सुसनेर से कुरावर जा रही बस बनी हादसे का शिकार तेज रफ्तार ने ली एक जान


    शाजापुर । मध्यप्रदेश में लगातार बढ़ते सड़क हादसे एक बार फिर चिंता का विषय बनते जा रहे हैं और ताजा मामला आगर मालवा जिले से सामने आया है जहां तेज रफ्तार का कहर एक और जान ले गया। सुसनेर से कुरावर जा रही एक निजी यात्री बस अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई जिससे मौके पर अफरा तफरी और चीख पुकार मच गई। इस दर्दनाक हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि एक दर्जन से अधिक यात्री घायल हो गए जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।

    जानकारी के अनुसार यह बस सुसनेर से कुरावर की ओर जा रही थी तभी बड़ागांव के पास चालक बस पर नियंत्रण खो बैठा और वाहन सड़क किनारे पलट गया। बस के पलटते ही यात्रियों में चीख पुकार मच गई और कई लोग अंदर ही फंस गए। आसपास के ग्रामीणों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया और स्थानीय लोगों की मदद से बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया।

    घटना के तुरंत बाद सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को नलखेड़ा के अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो पाई है और पुलिस उसकी शिनाख्त करने में जुटी हुई है।

    हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में बस की तेज रफ्तार और चालक की लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है हालांकि तकनीकी खराबी या अन्य कारणों की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

    इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश में लगातार हो रहे ऐसे हादसे यह संकेत देते हैं कि यातायात नियमों का पालन और वाहनों की नियमित जांच बेहद जरूरी है। खासकर निजी बसों में ओवरस्पीडिंग और लापरवाही से वाहन चलाने की घटनाएं आम होती जा रही हैं जो यात्रियों की जान के लिए खतरा बन रही हैं।

    जरूरत इस बात की है कि प्रशासन सख्ती दिखाते हुए नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे और लोगों में भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए ताकि इस तरह के दर्दनाक हादसों को रोका जा सके। फिलहाल इस दुर्घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है और लोग घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।

  • Punjab: जालंधर में AAP नेता लक्की ओबेरॉय की गोली मार कर हत्या, गुरुद्वारे के बाहर निकलते समय हुआ हमला

    Punjab: जालंधर में AAP नेता लक्की ओबेरॉय की गोली मार कर हत्या, गुरुद्वारे के बाहर निकलते समय हुआ हमला


    नई दिल्ली ।पंजाब के जालंधर में आम आदमी पार्टी के स्थानीय नेता लक्की ओबेरॉय की 6 फरवरी की सुबह गोली मारकर हत्या कर दी गई. यह सनसनीखेज वारदात मॉडल टाउन इलाके में स्थित एक गुरुद्वारे के बाहर उस समय हुईजब लक्की ओबेरॉय अरदास के बाद बाहर निकलकर अपनी कार में बैठने वाले थे. तभी पहले से घात लगाए बैठे 2 अज्ञात हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गयाजहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. अचानक हुई इस फायरिंग से इलाके में अफरा-तफरी मच गई. गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग डर के मारे इधर-उधर भागने लगे. घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मोटरसाइकिल पर सवार होकर मौके से फरार हो गए.
    पुलिल कर रही है जांच
    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं. पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी गई है. रुद्वारे और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही हैताकि हमलावरों की पहचान की जा सके कि कौन लोग थे और लक्की को क्यों निशाना बनाया गया. इस हत्या के बाद पुलिस अपनी जांच का दायरा कई पहलुओं तक बढ़ा रही है. पुरानी रंजिश से लेकर किसी बदमाश गैंग द्वारा वारदात को अंजाम देने या जिम्मेदारी लेने के एंगल तकहर संभावित कारण की गहन जांच की जा रही है.

    आम नागरिकों के लिए क्या उम्मीद बची- कांग्रेस

    पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने राज्य में कानून-व्यवस्था की विफलता के लिए आम आदमी पार्टीसरकार को जिम्मेदार ठहराया है. हत्या की खबर सामने आते ही बाजवा ने एक्स पर पोस्ट कर कहाजालंधर के एक गुरुद्वारे के बाहर आप नेता लकी ओबेरॉय की दिनदहाड़े हुई चौंकाने वाली हत्या ने इस भयावह सच्चाई को उजागर कर दिया है. अगर सत्ताधारी दल के नेता ही सुरक्षित नहीं हैंतो आम नागरिकों के लिए क्या उम्मीद बची है? उन्होंने आगे सवाल कियापंजाब आज भयगिरोह हिंसा और प्रशासनिक गतिरोध की चपेट में हैजबकि AAP सरकार जनसंपर्क और बहानेबाजी में व्यस्त है. मुख्यमंत्री भगवंत मान को जवाब देना होगाइस पूर्ण व्यवस्था के पतन के लिए कौन जिम्मेदार है?

  • सिनेमा जगत को बड़ा झटका: साउथ एक्टर कमल रॉय ने 54 की उम्र में तोड़ा दम.

    सिनेमा जगत को बड़ा झटका: साउथ एक्टर कमल रॉय ने 54 की उम्र में तोड़ा दम.


    नई दिल्‍ली । साउथ फिल्म इंडस्ट्री के लिए आज का दिन एक दुखद खबर लेकर आया है। प्रसिद्ध अभिनेता कमल रॉय का 54 साल की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की वजह दिल का दौरा बताया गया है। कमल रॉय ने फिल्मों में अक्सर खलनायक की भूमिका निभाई और अपनी दमदार एक्टिंग के लिए जाने जाते थे। वे तीन बहनों के इकलौते भाई थे, जिनमें से सभी साउथ फिल्मों की चर्चित एक्ट्रेस हैं। इस मामले में फैन्स और इंडस्ट्री के लोग शोक व्यक्त कर रहे हैं। उनके निधन से साउथ सिनेमा में शोक की लहर है, क्योंकि कमल रॉय ने अपनी फिल्मों और स्क्रीन प्रेजेंस से कई दर्शकों के दिलों में अपनी अलग पहचान बनाई थी।

    दिल का दौरा पड़ने से हुई मौत
    अभिनेता कमल रॉय का निधन दिल का दौरा पड़ने के कारण हुआ। 54 साल के कमल रॉय ने अपनी अंतिम सांसें चेन्नई स्थित अपने घर में लीं। खबरों के मुताबिक, उनका निधन अचानक हुआ और इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। अभी तक उनके परिवार की ओर से अंतिम संस्कार या श्रद्धांजलि कार्यक्रम को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। कमल रॉय की फिल्मी करियर और उनके योगदान को याद करते हुए फैन्स और फिल्म जगत के लोग सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

    तीन मशहूर बहनों के इकलौते भाई
    कमल रॉय का संबंध साउथ फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने फिल्मी परिवार से था। उनकी बहनें उर्वशी, कल्पना और कलारंजिनी साउथ सिनेमा की मशहूर एक्ट्रेसेस में शुमार हैं। परिवार में उनका एक और भाई भी था, प्रिंस, जिनका कुछ साल पहले निधन हो गया। फिल्मी परिवेश में जन्म लेने के बावजूद कमल रॉय ने अपने अभिनय और भूमिकाओं से अपनी अलग पहचान बनाई। चाहे खलनायक की भूमिका हो या इंटेंस ड्रामा, उन्होंने हर किरदार में अपनी छाप छोड़ी और दर्शकों के दिलों में जगह बनाई। उनकी बहनों के साथ यह फिल्मी कनेक्शन और उनके व्यक्तिगत अभिनय करियर ने उन्हें साउथ सिनेमा का एक अहम चेहरा बना दिया।

    कमल रॉय का अभिनय सफर
    कमल रॉय ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत टीवी सीरियल युवजनोत्सवम से की थी, जिसने उन्हें अभिनय की दुनिया में पहला मंच दिया। इसके बाद उन्होंने मलयालम सिनेमा में कई यादगार फिल्मों में काम किया। उनके करियर की हिट फिल्मों में कोलीलक्कम, किंगिनी, सयुज्यम, मंजू, कल्याण सौगंधिकम, वचलम, शोभनम, द किंग मेकर और लीडर शामिल हैं। मलयालम फिल्मों में अपनी सफलता के बाद कमल रॉय ने साउथ की अन्य भाषाओं की फिल्मों में भी अभिनय किया और दर्शकों के बीच अपनी अलग छवि बनाई।