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  • 500 करोड़ की जमीन विवाद में कांग्रेस नेता पंकज संघवी से पुलिस पूछताछ डायमंड पैलेस जमीन मामले में जांच तेज


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के इंदौर में करीब 500 करोड़ रुपये मूल्य की 17 एकड़ जमीन को लेकर चल रहे चर्चित विवाद में पुलिस जांच तेज हो गई है। इसी सिलसिले में मंगलवार को कनाड़िया थाना पुलिस ने संयम इंफ्रा से जुड़े कारोबारी और कांग्रेस नेता पंकज संघवी से पूछताछ की। उनके भतीजे तथा कंपनी के पार्टनर प्रतीक संघवी को भी नोटिस देकर थाने बुलाया गया जहां उनसे लंबे समय तक पूछताछ की गई। पुलिस का कहना है कि जांच के तहत सभी संबंधित पक्षों से जानकारी जुटाई जा रही है।

    यह मामला कनाड़िया क्षेत्र स्थित डायमंड पैलेस कॉलोनी की लगभग 17 एकड़ जमीन से जुड़ा है जिसकी अनुमानित कीमत करीब 500 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पिछले सप्ताह इस जमीन को लेकर संयम इंफ्रा से जुड़े लोगों और स्थानीय रहवासियों के बीच विवाद की स्थिति बन गई थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी जहां कथित रूप से कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ भी विवाद किया था।

    पुलिस के अनुसार मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी विजय सिकरवार और आशीष शर्मा के साथ मोहसीन और उसके साथियों की कहासुनी हुई थी। घटना के दो दिन बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। इसके बाद सात दिन के भीतर नामजद आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया। अब पुलिस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

    एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह ने बताया कि जांच के क्रम में पंकज संघवी और प्रतीक संघवी को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया था। पंकज संघवी से पूछताछ के बाद उन्हें जाने दिया गया जबकि प्रतीक संघवी से देर तक पूछताछ जारी रही। पुलिस का कहना है कि अभी यह केवल जांच प्रक्रिया का हिस्सा है और किसी के खिलाफ कार्रवाई को लेकर फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

    जांच अधिकारियों के मुताबिक संयम इंफ्रा कंपनी में पंकज संघवी प्रतीक संघवी दीपक और आशीष साझेदार हैं। कंपनी के कई आधिकारिक दस्तावेजों पर प्रतीक संघवी के हस्ताक्षर होने के कारण उनसे भी विस्तृत जानकारी ली जा रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि विवाद वाले दिन मौके पर पहुंचे लोगों को किसने बुलाया था और पूरे घटनाक्रम में उनकी भूमिका क्या थी।

    बताया जा रहा है कि डायमंड पैलेस कॉलोनी की यह जमीन लंबे समय से विवादों में रही है। संघवी परिवार इस जमीन पर अपना दावा करता है जबकि कथित अवैध कब्जों और निर्माण को लेकर कई वर्षों से स्थानीय रहवासियों और परिवार के बीच विवाद चलता आ रहा है। यह मामला अदालत तक भी पहुंच चुका है और अब तक इसका अंतिम समाधान नहीं निकल पाया है।

    फिलहाल पुलिस पूरे प्रकरण के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी तथा यदि जांच में किसी की भूमिका सामने आती है तो कानून के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

  • ट्रंप के पूर्व NSA जॉन बोल्टन पर बड़ा एक्शन, गोपनीय दस्तावेज रखने के मामले में दोष स्वीकार

    ट्रंप के पूर्व NSA जॉन बोल्टन पर बड़ा एक्शन, गोपनीय दस्तावेज रखने के मामले में दोष स्वीकार


    नई दिल्ली । अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रहे जॉन बोल्टन ने गोपनीय सरकारी दस्तावेजों को अवैध रूप से अपने पास रखने के मामले में अदालत के सामने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। इस मामले में अमेरिकी न्याय विभाग के साथ हुए समझौते के बाद बोल्टन ने दोषी होने की बात मानी है। हालांकि उनकी सजा पर अंतिम फैसला अदालत सुनाएगी लेकिन इस समझौते के चलते उन्हें जेल की अवधि में कुछ राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है।

    77 वर्षीय जॉन बोल्टन ने मैरीलैंड के ग्रीनबेल्ट स्थित अमेरिकी जिला अदालत में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील दस्तावेजों को अपने पास रखने के आरोप को स्वीकार किया। अमेरिकी कानून के तहत इस अपराध में अधिकतम 10 वर्ष तक की जेल की सजा का प्रावधान है। अदालत ने इस मामले में सजा सुनाने की तारीख 28 अक्टूबर तय की है।

    अभियोजन पक्ष के अनुसार जॉन बोल्टन पर पिछले वर्ष कुल 18 आरोप लगाए गए थे। जांच में आरोप लगाया गया कि उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रहते हुए तैयार किए गए निजी नोट्स और कई गोपनीय दस्तावेज अपने पास सुरक्षित रखे। इतना ही नहीं उन्होंने इनमें से कुछ संवेदनशील जानकारियां अपने परिवार के सदस्यों के साथ भी साझा की थीं। जांच एजेंसियों का दावा है कि बोल्टन ने अपने कार्यकाल से जुड़े एक हजार से अधिक पन्नों की गोपनीय जानकारी अपने परिवार को भेजी थी।

    अदालती दस्तावेजों के अनुसार बोल्टन ने कुछ गोपनीय दस्तावेज अपनी पत्नी और बेटी के साथ साझा किए थे। एक दस्तावेज भेजने के बाद उन्होंने संदेश में यह भी लिखा था कि इस विषय पर कोई चर्चा नहीं करेंगे। हालांकि जांच में ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला कि उनके परिवार ने इन दस्तावेजों को किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा किया हो। लेकिन सरकारी सेवा छोड़ने के बाद उनके निजी ईमेल खाते को ईरान से जुड़े एक हैकर द्वारा निशाना बनाए जाने के कारण सुरक्षा एजेंसियों ने गोपनीय सूचनाओं के लीक होने की आशंका भी जताई थी।

    न्याय विभाग के साथ हुए समझौते के तहत बोल्टन ने 22.5 लाख अमेरिकी डॉलर का जुर्माना भरने पर सहमति जताई है। इसके अलावा उन्हें संघीय सेवा से मिलने वाली सेवानिवृत्ति संबंधी कुछ सुविधाएं छोड़नी होंगी। समझौते में यह भी शामिल है कि वे खुफिया अधिकारियों के साथ पूछताछ में सहयोग करेंगे और 100 घंटे की सामुदायिक सेवा भी करेंगे। अभियोजन पक्ष ने अदालत से जेल की सजा अधिकतम पांच वर्ष तक सीमित रखने की सिफारिश की है लेकिन अदालत इस सिफारिश को मानने के लिए बाध्य नहीं है।

    जॉन बोल्टन और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रिश्ते वर्ष 2019 में काफी खराब हो गए थे जब बोल्टन ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का पद छोड़ दिया था। इसके बाद उन्होंने द रूम व्हेयर इट हैपन्ड नामक पुस्तक लिखी जिसमें ट्रंप प्रशासन की कार्यशैली और कई फैसलों की खुलकर आलोचना की गई थी। ट्रंप प्रशासन ने इस पुस्तक के प्रकाशन को रोकने की कोशिश की लेकिन अदालत से राहत नहीं मिल सकी। तब से दोनों नेताओं के बीच सार्वजनिक रूप से कई बार तीखी बयानबाजी होती रही है।

    बोल्टन के दोष स्वीकार करने के बाद यह मामला अमेरिकी प्रशासन में गोपनीय दस्तावेजों की सुरक्षा और संवेदनशील सूचनाओं के प्रबंधन को लेकर एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। अब सभी की नजर 28 अक्टूबर को होने वाले अदालत के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है।

  • वेनेजुएला के बाद पाकिस्तान में भूकंप से हिली धरती, डेरा गाजी खान के पास 5.4 तीव्रता का झटका

    वेनेजुएला के बाद पाकिस्तान में भूकंप से हिली धरती, डेरा गाजी खान के पास 5.4 तीव्रता का झटका


    नई दिल्ली । दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंपों के बीच अब पाकिस्तान में भी धरती कांपने से लोगों में दहशत फैल गई। शनिवार सुबह पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के डेरा गाजी खान क्षेत्र के पास 5.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। झटके महसूस होते ही लोग एहतियातन घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। हालांकि शुरुआती जानकारी के अनुसार किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

    भूकंप शनिवार सुबह पाकिस्तान के स्थानीय समयानुसार करीब 8 बजकर 53 मिनट पर आया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.4 दर्ज की गई जबकि इसका केंद्र डेरा गाजी खान के आसपास जमीन से लगभग 75 किलोमीटर की गहराई में था। विशेषज्ञों के अनुसार अपेक्षाकृत अधिक गहराई में केंद्र होने के कारण सतह पर नुकसान सीमित रहने की संभावना रहती है लेकिन इसके बावजूद झटके कई इलाकों में महसूस किए गए।

    भूकंप के बाद लोगों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई लोग सुरक्षा के लिहाज से अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत दलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल किसी इमारत के गिरने या जनहानि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    पाकिस्तान भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल है जहां समय-समय पर मध्यम और तेज तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं। हाल के दिनों में भी देश के कई हिस्सों में धरती कांप चुकी है। शुक्रवार को बलूचिस्तान के विभिन्न इलाकों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। विशेषज्ञ लगातार लोगों को भूकंप के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करने और अफवाहों से बचने की सलाह देते रहे हैं।

    पाकिस्तान में आया यह भूकंप ऐसे समय दर्ज किया गया है जब वेनेजुएला हाल ही में आए शक्तिशाली भूकंपों से उबरने की कोशिश कर रहा है। वहां 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो बड़े भूकंपों ने भारी तबाही मचाई थी। कई इमारतें ढह गईं और हजारों लोग प्रभावित हुए। राहत और बचाव अभियान अभी भी जारी है तथा कई इलाकों में मलबे के नीचे फंसे लोगों की तलाश की जा रही है।

    वेनेजुएला में अस्पतालों और राहत शिविरों में बड़ी संख्या में घायलों का इलाज चल रहा है। अंतरराष्ट्रीय राहत एजेंसियां भी प्रभावित क्षेत्रों में सहायता पहुंचा रही हैं। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण कई इलाकों तक पहुंचने में अब भी चुनौतियां बनी हुई हैं।

    दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में लगातार आ रहे भूकंप यह याद दिलाते हैं कि प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए मजबूत आपदा प्रबंधन व्यवस्था और लोगों में जागरूकता बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि भूकंप संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को हमेशा आपातकालीन तैयारियों और सुरक्षा उपायों के प्रति सतर्क रहना चाहिए।

  • संतकबीरनगर में दर्दनाक हादसा, खेत में करंट लगने से 22 वर्षीय युवक की मौत

    संतकबीरनगर में दर्दनाक हादसा, खेत में करंट लगने से 22 वर्षीय युवक की मौत


    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में 22 वर्षीय युवक की करंट लगने से मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया, जबकि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार, यह घटना खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र के निखरकपार गांव की है। गांव निवासी विनोद ने पुलिस को दी सूचना में बताया कि उनका छोटा भाई मुकेश शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे घर से लगभग 300 मीटर दूर स्थित अपने खेत को देखने गया था।

    बताया जा रहा है कि खेत के पास लगे बिजली के पोल में किसी कारणवश करंट उतर आया था। जैसे ही मुकेश पोल के संपर्क में आया, वह तेज करंट की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से झुलस गया।

    घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक युवक की हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। सूचना मिलने पर पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।

    प्रारंभिक जांच में बिजली के पोल में करंट उतरने की बात सामने आई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। वहीं स्थानीय लोगों ने बिजली व्यवस्था की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों से ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

  • कौशांबी में बड़ा धमाका, टोल प्लाजा से टकराया गैस टैंकर, आग की लपटों में घिरे कर्मचारी, राहत कार्य जारी

    कौशांबी में बड़ा धमाका, टोल प्लाजा से टकराया गैस टैंकर, आग की लपटों में घिरे कर्मचारी, राहत कार्य जारी


    कौशांबी। उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में शुक्रवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। कोखराज टोल प्लाजा के पास एलपीजी से भरा एक टैंकर अनियंत्रित होकर टोल प्लाजा से टकरा गया। टक्कर के तुरंत बाद जोरदार धमाका हुआ और टैंकर में भीषण आग लग गई। कुछ ही पलों में आग की ऊंची लपटों और घने धुएं ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा सुबह करीब छह बजे हुआ। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि टोल प्लाजा पर मौजूद कर्मचारी इसकी चपेट में आ गए। इस दुर्घटना में कुल 10 लोग झुलस गए हैं, जिनमें पांच टोल कर्मचारी भी शामिल बताए जा रहे हैं। घायलों में पांच लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

    हादसे के दौरान टैंकर के चालक और परिचालक ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते वाहन से छलांग लगा दी, जिससे उनकी जान बच गई। दूसरी ओर आग की चपेट में आए कई कर्मचारी सड़क पर दर्द से तड़पते दिखाई दिए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी।

    आग इतनी भीषण थी कि उसकी लपटें और धुएं का गुबार करीब दो किलोमीटर दूर से भी दिखाई दे रहा था। सुरक्षा के मद्देनजर टोल प्लाजा के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र को खाली कराते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।

    सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। दमकलकर्मी आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं, जबकि राहत एवं बचाव अभियान भी जारी है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास के क्षेत्र में लोगों की आवाजाही सीमित कर दी है।

    पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक आशंका है कि टैंकर के अनियंत्रित होने के कारण यह दुर्घटना हुई, हालांकि वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

  • हाई-स्पीड का खौफनाक अंत: BMW के परखच्चे उड़े, दो दोस्तों की मौके पर मौत

    हाई-स्पीड का खौफनाक अंत: BMW के परखच्चे उड़े, दो दोस्तों की मौके पर मौत


    नई दिल्ली । महाराष्ट्र के ठाणे जिले में रविवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया। जन्मदिन का जश्न मनाकर लौट रहे तीन दोस्तों की तेज रफ्तार BMW कार मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसा इतना भीषण था कि लग्जरी कार के परखच्चे उड़ गए, इंजन वाहन से अलग होकर करीब 30 मीटर दूर जा गिरा और दो युवाओं की मौके पर ही मौत हो गई। तीसरा युवक गंभीर रूप से घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    जानकारी के अनुसार यह हादसा बदलापुर के पास निर्माणाधीन मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर तड़के करीब तीन बजे हुआ। बताया जा रहा है कि तीनों युवक-युवती जन्मदिन की पार्टी मनाने के बाद BMW कार से वापस लौट रहे थे। कार टिटवाला से बदलापुर की ओर जा रही थी। इसी दौरान एरंजाड क्षेत्र के पास चालक का वाहन से नियंत्रण हट गया और तेज रफ्तार कार सीधे डिवाइडर से टकरा गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक जांच के अनुसार कार की रफ्तार 250 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक थी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन कई बार पलटा और करीब 200 मीटर तक घिसटता और उछलता चला गया। इसके बाद क्षतिग्रस्त कार डिवाइडर के दूसरी ओर जाकर रुकी। दुर्घटना की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कार का इंजन मुख्य ढांचे से अलग होकर काफी दूर जा गिरा।

    हादसे में बदलापुर निवासी 26 वर्षीय योगेश नेगी और बांद्रा निवासी 24 वर्षीय रेबेका जैकब की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं कार चला रहा युवक अंगद गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

    स्थानीय लोगों के अनुसार हादसा इतना भयावह था कि सड़क पर दूर-दूर तक वाहन के पुर्जे और अन्य मलबा बिखर गया। पुलिस और राहत दल को मौके पर पहुंचकर लंबे समय तक बचाव और साक्ष्य जुटाने का काम करना पड़ा। दुर्घटना के कारण एक्सप्रेसवे के इस हिस्से पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।

    पुलिस को घटनास्थल से करीब नौ हजार रुपए का एक बिल भी मिला है, जिसे जन्मदिन समारोह से जुड़ा माना जा रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि दुर्घटना के समय चालक वाहन को किस परिस्थिति में चला रहा था। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो भी पुलिस के जांच के दायरे में है, जिसमें कथित रूप से BMW को अत्यधिक तेज गति से दौड़ते हुए देखा जा सकता है।

    पुलिस का प्रारंभिक अनुमान है कि तेज रफ्तार के कारण चालक अचानक सामने आए किसी अवरोधक या डिवाइडर से बचने की कोशिश में नियंत्रण खो बैठा होगा, जिससे यह हादसा हुआ। हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा।

    यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार के खतरों को उजागर करता है। विशेषज्ञ लगातार चेतावनी देते रहे हैं कि आधुनिक और शक्तिशाली वाहनों की क्षमता चाहे जितनी हो, सार्वजनिक सड़कों पर निर्धारित गति सीमा का पालन ही सुरक्षित यात्रा की सबसे बड़ी गारंटी है। कुछ सेकंड का रोमांच कई परिवारों की जिंदगी हमेशा के लिए बदल सकता है।

  • भोपाल ब्रेकिंग: बैरागढ़ रोड पर पटाखा दुकान में भीषण आग, 70 फीट तक उठीं लपटें, लगातार धमाकों से दहला इलाका

    भोपाल ब्रेकिंग: बैरागढ़ रोड पर पटाखा दुकान में भीषण आग, 70 फीट तक उठीं लपटें, लगातार धमाकों से दहला इलाका


    नई दिल्ली। भोपाल में शुक्रवार तड़के एक बड़ा हादसा उस समय टल गया जब बैरागढ़ रोड स्थित हलालपुरा इलाके में एक पटाखा दुकान में अचानक भीषण आग लग गई। यह हादसा सुबह करीब 3 बजे हुआ, जब पूरा इलाका गहरी नींद में था। आग लगते ही दुकान के अंदर रखे पटाखों में लगातार विस्फोट शुरू हो गए, जिससे पूरा क्षेत्र तेज धमाकों से गूंज उठा और आसपास के लोग दहशत में आ गए।

    आग इतनी भीषण थी कि उसकी लपटें आसमान में करीब 70 फीट तक उठती दिखाई दीं। लगातार हो रहे धमाकों के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया और आसपास की सड़कों तक पटाखों के टुकड़े उड़कर गिरने लगे। यह दुकान हलालपुरा क्षेत्र में स्थित सुंदर वन गार्डन के ठीक सामने है, जो मुख्य सड़क से सटी हुई है। दिन के समय इस मार्ग पर भारी ट्रैफिक रहता है और आसपास वाहन भी खड़े रहते हैं, लेकिन गनीमत रही कि घटना देर रात हुई, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।

    सूचना मिलते ही फतेहगढ़, बैरागढ़, गांधीनगर सहित कई फायर स्टेशनों से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायर फाइटर्स ने आग बुझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन लगातार हो रहे धमाकों के कारण राहत कार्य में कठिनाई आई। करीब साढ़े तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, हालांकि सुबह 7 बजे तक भी दुकान से धुआं उठता रहा।

    फायर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, दुकान में बड़ी मात्रा में पटाखों का भंडारण किया गया था, जो पूरी तरह जलकर खाक हो गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। घटना स्थल के पास ही एक पेट्रोल पंप भी स्थित है, जिससे स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई थी।

    स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर एक तरफ की सड़क को बंद कर दिया, जिससे यातायात प्रभावित रहा। साथ ही बिजली विभाग ने एहतियातन इलाके की बिजली सप्लाई भी बंद कर दी, ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।

    फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हादसा शॉर्ट सर्किट से हुआ या किसी अन्य वजह से।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि धमाकों की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। वहीं, प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने की बात कही है।

  • घर लौटने से पहले छिन गई जिंदगी, फ्लाइट का इंतजार कर रहे उज्जैन के मंजूर अहमद हमले का शिकार

    घर लौटने से पहले छिन गई जिंदगी, फ्लाइट का इंतजार कर रहे उज्जैन के मंजूर अहमद हमले का शिकार


    मध्य प्रदेश । उज्जैन के राज रॉयल कॉलोनी निवासी मंजूर अहमद (50) की मौत की खबर ने पूरे परिवार और इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 पर हुए ड्रोन और मिसाइल हमले में उनकी जान चली गई। घटना में 63 अन्य लोग घायल हुए हैं और एयरपोर्ट के यात्री टर्मिनल को भारी नुकसान पहुंचा है।

    परिजनों के अनुसार मंजूर अहमद अपने भांजे की शादी में शामिल होने भारत आने वाले थे। उनकी 3 जून को कुवैत से मुंबई की फ्लाइट थी और 4 जून की सुबह उन्हें उज्जैन पहुंचना था। परिवार के सदस्य उनकी अगवानी के लिए तैयारियां कर रहे थे, लेकिन इसी बीच यह दुखद खबर आ गई।

    मंजूर अहमद के बेटे मोहम्मद अनस ने बताया कि मंगलवार शाम उनकी पिता से आखिरी बार बातचीत हुई थी। उन्होंने बताया था कि वे कुवैत से मुंबई पहुंचेंगे और वहां से ट्रेन के जरिए नागदा आएंगे। परिवार के लोग उन्हें लेने जाने वाले थे। किसी ने नहीं सोचा था कि यह उनकी आखिरी बातचीत साबित होगी।

    बताया जाता है कि मंजूर अहमद फ्लाइट पकड़ने के लिए कुवैत एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर मौजूद थे। इसी दौरान एयरपोर्ट पर ड्रोन और मिसाइल हमला हुआ। हमले में टर्मिनल को गंभीर नुकसान पहुंचा और मंजूर अहमद की मौके पर ही मौत हो गई।

    परिवार के इकलौते कमाने वाले थे
    मंजूर अहमद पिछले करीब 30 वर्षों से खाड़ी देश में रहकर काम कर रहे थे। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी पूरी तरह उन्हीं के कंधों पर थी। उनके परिवार में पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा हैं, जो अभी पढ़ाई कर रहे हैं। बेहतर भविष्य और बच्चों की शिक्षा के लिए उन्होंने वर्षों तक घर से दूर रहकर मेहनत की।

    परिजनों के मुताबिक वे आखिरी बार अक्टूबर 2025 में उज्जैन आए थे। उस समय उन्होंने परिवार से कहा था कि अब वे पहले की तुलना में अधिक बार घर आया करेंगे। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

    शव भारत लाने की प्रक्रिया शुरू
    परिवार के सदस्य मोहम्मद सलीम ने बताया कि मंजूर अहमद का पार्थिव शरीर भारत लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उम्मीद है कि शव कुवैत से अहमदाबाद पहुंचेगा, जहां से सड़क मार्ग के जरिए उज्जैन लाया जाएगा। सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी होने पर अंतिम संस्कार शुक्रवार को किया जा सकता है।

    भारत ने हमले की निंदा की
    भारत सरकार और भारतीय दूतावास ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि नागरिकों और नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाना अस्वीकार्य है तथा सभी पक्षों से ऐसे हमले रोकने की अपील की है। भारतीय दूतावास भी पीड़ित परिवार के संपर्क में है और आवश्यक सहायता उपलब्ध करा रहा है।

  • देवास में बड़ा हादसा: पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट, मौत और घायलों से मचा हड़कंप

    देवास में बड़ा हादसा: पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट, मौत और घायलों से मचा हड़कंप


    देवास (मध्य प्रदेश)। मध्य प्रदेश के देवास जिले के टोंक कलां इलाके में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया, जब एक पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ। हादसे में अब तक 3 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 25 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और फैक्ट्री परिसर मलबे में तब्दील हो गया।

    यह हादसा करीब सुबह 11:30 बजे हुआ, जब फैक्ट्री में मजदूर काम कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विस्फोट इतना तेज था कि शवों के टुकड़े 20 से 25 फीट दूर तक जा गिरे। धमाके से फैक्ट्री की दीवारें भी क्षतिग्रस्त हो गईं और आसपास का इलाका दहशत में आ गया।

    हादसे में मृत मजदूरों की पहचान धीरज, सनी और सुमित के रूप में हुई है। घायलों में उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश के कई मजदूर शामिल हैं, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।

    कई घायलों का इलाज जारी, कुछ की हालत गंभी
    प्रशासन के अनुसार, घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। देवास जिला अस्पताल में 12 मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि 6 लोग अमलतास अस्पताल में भर्ती हैं। वहीं 7 गंभीर घायलों को इंदौर रेफर किया गया है, जहां MY अस्पताल और चोइथराम अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।

    केमिकल मिक्सिंग के दौरान हुआ विस्फोट
    मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, फैक्ट्री में दो केमिकल मिलाकर बारूद तैयार किया जा रहा था। इसी दौरान केमिकल की मात्रा में गड़बड़ी होने से अचानक जोरदार धमाका हो गया। उस समय करीब 15 से 20 मजदूर मौके पर मौजूद थे।

    प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे से कुछ मिनट पहले ही मजदूरों का लंच तैयार था, लेकिन उससे पहले ही धमाका हो गया। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कई मजदूर झुलसी हालत में खुद बाहर निकलते दिखाई दिए।

    अवैध फैक्ट्री और सुरक्षा पर उठे सवा
    हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि फैक्ट्री के खिलाफ पहले भी शिकायत की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का दावा है कि यहां 400 से 500 मजदूर काम करते थे और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही थी। इस घटना के बाद फैक्ट्री को प्रशासन ने सील कर दिया है और मालिक अनिल मालवीय को हिरासत में ले लिया गया है।

    सीएम ने दिए जांच के आदेश
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना पर गहरा दुख जताया है और उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और घायलों के मुफ्त इलाज की घोषणा की है।

    पहले भी हो चुका था हादसा
    स्थानीय लोगों के अनुसार, इसी फैक्ट्री में मार्च 2026 में भी ब्लास्ट हुआ था। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में कोई बड़ा सुधार नहीं किया गया, जिससे एक बार फिर यह बड़ा हादसा हो गया।

    इलाके में दहशत का माहौ
    धमाके के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। फैक्ट्री परिसर में अब भी रुक-रुककर छोटे धमाकों जैसी आवाजें आ रही हैं, जिससे रेस्क्यू टीम को भी सावधानी बरतनी पड़ रही है।

  • नोएडा में दर्दनाक मामला: जलती चिता से निकला मोनिका का शव, मौत पर उठे गंभीर सवाल

    नोएडा में दर्दनाक मामला: जलती चिता से निकला मोनिका का शव, मौत पर उठे गंभीर सवाल



    नई दिल्ली। नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक युवती मोनिका की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद उसके शव को जलाने की कोशिश का आरोप लगा है। परिजनों ने इसे सुनियोजित हत्या बताते हुए ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

    मृतका की मां रेनू नागर के अनुसार, घटना वाले दिन दोपहर करीब 2:50 बजे मोनिका ने उन्हें फोन किया था और रोते हुए कहा था कि उसके पति और ससुराल वाले उसे मार रहे हैं और प्रॉपर्टी अपने नाम कराने का दबाव बना रहे हैं। फोन कॉल के बाद कुछ ही घंटों में मोनिका की मौत की सूचना मिली।

    परिजनों का आरोप है कि गुरुवार शाम दादरी थाना क्षेत्र के घोड़ी गांव में मोनिका की हत्या के बाद उसके शव को जलाने की कोशिश की गई। परिवार का कहना है कि जब वे मौके पर पहुंचे तो ससुराल पक्ष के लोग शव को एक गाड़ी में ले जा रहे थे और पहचान छिपाने की कोशिश कर रहे थे।

    बताया गया कि आरोपियों ने शव को बोडाकी मेट्रो स्टेशन के पीछे ले जाकर चिता पर रखा और उसे जलाने का प्रयास किया। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली और मौके पर पहुंचकर पुलिस ने जलती चिता से शव को बाहर निकाला। हालांकि तब तक शव काफी हद तक जल चुका था।

    परिजनों के अनुसार, आरोपियों ने एक फॉर्च्युनर गाड़ी का इस्तेमाल किया, जिस पर “धर्मपाल सिंह चौधरी” नाम लिखा हुआ था। परिवार का दावा है कि उन्होंने गाड़ी का पीछा भी किया, लेकिन आरोपी टक्कर मारकर फरार हो गए।

    मोनिका की मां का आरोप है कि उनकी बेटी की शादी इसी साल 17 फरवरी को अनुज चौहान से हुई थी। शादी के बाद से ही उस पर 5 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी अपने नाम कराने का दबाव बनाया जा रहा था। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी।

    पुलिस के अनुसार, शव इतना ज्यादा जल चुका था कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आ सका है। फिलहाल इसे बर्न इंजरी के रूप में दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने कहा है कि विस्तृत जांच के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी।

    एसीपी दादरी प्रशाली गंगवार ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है।

    इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और लोग न्याय की मांग कर रहे हैं। परिजन इसे सुनियोजित हत्या बताकर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

    दो लाइन का सार:
    नोएडा में मोनिका की संदिग्ध मौत और जलती चिता से शव बरामद होने के मामले ने सनसनी फैला दी है। परिजनों ने ससुराल पक्ष पर हत्या और प्रॉपर्टी के लिए दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

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