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  • रफ्तार ने छीनी जिंदगी, अतीक अहमद के बेटे अबान की दर्दनाक मौत; आखिरी बार बोला- 'मुझे बचा लो'

    रफ्तार ने छीनी जिंदगी, अतीक अहमद के बेटे अबान की दर्दनाक मौत; आखिरी बार बोला- 'मुझे बचा लो'


    नई दिल्ली। माफिया अतीक अहमद के परिवार पर एक बार फिर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गुरुवार सुबह प्रयागराज से झांसी जा रहे अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे 21 वर्षीय अबान अहमद की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। वह अपने बड़े भाई अली से मिलने झांसी जेल जा रहा था। रास्ते में झांसी से करीब 70 किलोमीटर पहले पूंछ थाना क्षेत्र में उनकी तेज रफ्तार क्रेटा कार डिवाइडर से टकरा गई। हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार पांचों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर ही अबान और उसके साथी सोनू ने दम तोड़ दिया जबकि तीन अन्य घायलों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना के समय कार की रफ्तार काफी तेज थी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन कई फीट हवा में उछलकर सड़क पर दूर तक घिसटता चला गया। कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और सभी लोग अंदर फंस गए। आसपास मौजूद लोगों और पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद दरवाजा तोड़कर घायलों को बाहर निकाला।

    घटना के प्रत्यक्षदर्शी दीपक यादव ने बताया कि सबसे पहले वह मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने लोहे की रॉड की मदद से कार का दरवाजा तोड़ा और अंदर फंसे अबान को बाहर निकालने की कोशिश की। उनके अनुसार अबान के मुंह से खून निकल रहा था और उसने धीमी आवाज में कहा मुझे बचा लो। इसके कुछ ही क्षण बाद वह बेहोश हो गया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी।

    हादसे की वजह को लेकर दो अलग-अलग बातें सामने आई हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हाईवे पर अचानक एक बछड़ा आ गया था। उसे बचाने के प्रयास में चालक ने कार मोड़ी और संतुलन बिगड़ने से वाहन डिवाइडर से टकरा गया। वहीं घायल उमर अहमद का कहना है कि सड़क पर पड़ी ईंट के कारण कार अनियंत्रित हुई और हादसा हुआ। पुलिस दोनों पहलुओं की जांच कर रही है।

    फॉरेंसिक जांच के दौरान कार से सिगरेट के पैकेट जूते और दो अंग्रेजी उपन्यास भी बरामद हुए हैं। माना जा रहा है कि अबान ये सामान अपने बड़े भाई अली के लिए लेकर जा रहा था जो इस समय झांसी जेल में बंद है। दुर्घटना के समय अबान आगे की सीट पर बैठा था जबकि उसका साथी जैद वाहन चला रहा था। हल्की बारिश के कारण सड़क भी फिसलन भरी बताई जा रही है जिससे हादसे की आशंका और बढ़ गई।

    अबान अतीक अहमद का सबसे छोटा बेटा था। परिवार पहले ही कई बड़े झटके झेल चुका है। वर्ष 2023 में उसके भाई असद की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी। उसी वर्ष अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की प्रयागराज में पुलिस सुरक्षा के बीच हत्या कर दी गई थी। फिलहाल परिवार के अन्य सदस्य अलग-अलग कानूनी मामलों में जेल में हैं जबकि अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन अब भी फरार है।

    अबान के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए झांसी मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। जानकारी के अनुसार शुक्रवार को प्रयागराज में अतीक अहमद की कब्र के पास ही अबान को सुपुर्द ए खाक किया जाएगा। यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार के खतरों को सामने लाने वाला साबित हुआ है।

  • गुड़ खिलाना पड़ा भारी इंदौर में हाथी ने ऑटो ड्राइवर को बेरहमी से कुचला सीसीटीवी में कैद हुई दिल दहला देने वाली घटना

    गुड़ खिलाना पड़ा भारी इंदौर में हाथी ने ऑटो ड्राइवर को बेरहमी से कुचला सीसीटीवी में कैद हुई दिल दहला देने वाली घटना


    इंदौर । इंदौर में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। एक बेकाबू हाथी ने ऑटो चालक पर अचानक हमला कर उसे सूंड से उठाकर जमीन पर पटक दिया और फिर पैरों से कुचल दिया। गंभीर रूप से घायल चालक को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना का सीसीटीवी वीडियो सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने मामले में महावत को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है जबकि हाथी को लेकर भी संबंधित विभाग को सूचना भेजी गई है।

    यह घटना शनिवार शाम करीब चार बजकर अठारह मिनट पर राजनगर पुलिस चौकी के पास हुई। मृतक की पहचान 49 वर्षीय विजय उर्फ लक्ष्मण राव होलकर के रूप में हुई है जो पेशे से ऑटो रिक्शा चालक थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विजय हाथी को गुड़ खिलाने के लिए उसके पास पहुंचे थे। इसी दौरान हाथी अचानक उग्र हो गया और उसने हमला कर दिया।

    पुलिस के मुताबिक हाथी को उज्जैन से जैन समाज के एक मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए इंदौर लाया गया था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद महावत हाथी को लेकर इलाके में घूम रहा था और भिक्षावृत्ति कर रहा था। इसी दौरान विजय ने हाथी को रोककर उसे गुड़ खिलाना शुरू किया। कुछ ही क्षणों में हाथी ने आक्रामक रूप अपनाया और विजय को सूंड से उठाकर सड़क पर पटक दिया। इसके बाद उसने अपने पैरों से उन्हें बुरी तरह कुचल दिया जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।

    घटना होते ही आसपास मौजूद लोगों में अफरा तफरी मच गई। लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए किसी तरह हाथी को नियंत्रित किया और घायल विजय को वहां से हटाकर अस्पताल पहुंचाया। पहले उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए वर्मा यूनियन अस्पताल रेफर किया गया लेकिन रात करीब साढ़े सात बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। विजय अपने पीछे पत्नी एक बेटा और अन्य परिजनों को छोड़ गए हैं।

    घटना के बाद चंदन नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू की। थाना प्रभारी तिलक करोले ने बताया कि महावत को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। साथ ही इंदौर चिड़ियाघर के अधिकारियों को भी घटना की जानकारी दे दी गई है ताकि हाथी की स्थिति और उसके व्यवहार का परीक्षण किया जा सके।

    पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जानकारी में यह बात भी सामने आई है कि घटना के समय मृतक शराब के नशे में हो सकता था। हालांकि इसकी पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है।

    गौरतलब है कि इंदौर में हाथी के हमले की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी शहर के सीतलामाता बाजार और पाटनीपुरा क्षेत्र में हाथियों के हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ताजा हादसे के बाद सार्वजनिक स्थानों पर हाथियों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोग ऐसे आयोजनों और हाथियों की आवाजाही के दौरान सख्त सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

  • आधी रात RRCAT में मची अफरा तफरी बैरियर तोड़कर परिसर में घुसी कार चालक हिरासत में परिवार ने बताया मानसिक स्थिति ठीक नहीं

    आधी रात RRCAT में मची अफरा तफरी बैरियर तोड़कर परिसर में घुसी कार चालक हिरासत में परिवार ने बताया मानसिक स्थिति ठीक नहीं


    इंदौर । इंदौर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र स्थित राजा रामन्ना सेंटर फॉर एडवांस्ड टेक्नोलॉजी यानी आरआरकैट परिसर में रविवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया जब एक कार चालक मुख्य प्रवेश द्वार पर लगे इलेक्ट्रॉनिक बूम बैरियर को तोड़ते हुए जबरन अंदर घुस गया। घटना के चलते शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचा और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चालक को हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी की मानसिक स्थिति सामान्य नहीं है और उसका इलाज चल रहा है।

    राजेंद्र नगर पुलिस के अनुसार आरआरकैट निवासी वसंत कुमार कुमरे की शिकायत पर कार क्रमांक एमपी 09 सीएस 8622 के चालक सारिम जफर मंसूरी निवासी ग्रीन पार्क कॉलोनी के खिलाफ शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी हुई है।

    जानकारी के मुताबिक रविवार रात करीब साढ़े बारह बजे कैट चौराहे पर नियमित वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान सारिम अपनी कार लेकर वहां पहुंचा। पुलिस जांच से बचने के प्रयास में उसने कार की रफ्तार बढ़ा दी और सीधे आरआरकैट के मुख्य प्रवेश द्वार की ओर निकल गया। वहां लगे इलेक्ट्रॉनिक बूम बैरियर को टक्कर मारते हुए वह परिसर के अंदर प्रवेश कर गया। टक्कर इतनी तेज थी कि बैरियर क्षतिग्रस्त हो गया और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा।

    घटना के तुरंत बाद आरआरकैट के सुरक्षा गार्ड सक्रिय हो गए और कार का पीछा किया। कुछ दूरी पर चालक ने वाहन रोक दिया जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर राजेंद्र नगर थाने पहुंचाया। पूछताछ के दौरान आरोपी पुलिस के सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया जिससे पुलिस को उसकी मानसिक स्थिति पर संदेह हुआ।

    इसके बाद पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन से उसके परिजनों से संपर्क किया। परिवार के सदस्यों ने पुलिस को बताया कि सारिम पिछले कुछ समय से मानसिक बीमारी का उपचार करा रहा है और इसी कारण उसे किसी प्रकार की जिम्मेदारी या काम भी नहीं दिया जाता। परिजनों ने इलाज से जुड़े दस्तावेज भी पुलिस को उपलब्ध कराए जिनकी जांच की जा रही है।

    मामले को गंभीरता से लेते हुए राजेंद्र नगर थाना प्रभारी यशवंत बड़ोले ने परिजनों को भी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है तो उसे देर रात वाहन चलाने के लिए अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। इससे न केवल उसकी बल्कि आम लोगों की जान भी खतरे में पड़ सकती है। समय रहते घटना पर नियंत्रण पा लिया गया वरना बड़ा हादसा हो सकता था।

    फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि घटना के समय चालक की मानसिक स्थिति क्या थी और क्या किसी अन्य कारण से उसने सुरक्षा व्यवस्था तोड़कर परिसर में प्रवेश किया। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • देवास में तेज रफ्तार का कहर, 14 वर्षीय छात्र की सड़क हादसे में मौत; दोस्तों के सोशल मीडिया पोस्ट ने नम कीं आंखें

    देवास में तेज रफ्तार का कहर, 14 वर्षीय छात्र की सड़क हादसे में मौत; दोस्तों के सोशल मीडिया पोस्ट ने नम कीं आंखें


    देवास । देवास के बालगढ़ रोड पर शुक्रवार रात हुआ एक दर्दनाक सड़क हादसा एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन ले गया। महज 14 वर्षीय छात्र जैद खान अपने दो दोस्तों के साथ घूमने निकला था, लेकिन घर लौटने से पहले ही सड़क दुर्घटना ने उसकी जिंदगी खत्म कर दी। हादसे में उसके दोनों दोस्त मामूली रूप से घायल हुए, जबकि जैद को अस्पताल पहुंचने से पहले ही डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है और जैद के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

    जानकारी के अनुसार दुर्घटना शुक्रवार रात करीब साढ़े नौ बजे अष्टविनायक कॉलोनी के पास बालगढ़ रोड पर हुई। शांतिपुरा निवासी जैद खान अपने दो दोस्तों के साथ बाइक से घूमने निकला था। लौटते समय उनकी बाइक सामने से आ रही एक कार से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि तीनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद के लिए दौड़ लगाई और एक परिचित की सहायता से तीनों को ऑटो में बैठाकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

    अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद जैद खान को मृत घोषित कर दिया। वहीं उसके दोनों दोस्तों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई क्योंकि उन्हें केवल मामूली चोटें आई थीं। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद जैद का शव परिजनों को सौंप दिया गया।

    परिजनों के अनुसार जैद आठवीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा था और पढ़ाई के साथ-साथ बेहद मिलनसार स्वभाव का था। उसके पिता ऑटो चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं और साथ ही एक छोटी किराना दुकान भी संचालित करते हैं। बेटे की असमय मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। मोहल्ले में भी घटना के बाद मातम पसरा हुआ है। पड़ोसियों का कहना है कि जैद सभी का चहेता था और हमेशा हंसते-मुस्कुराते रहने वाला बच्चा था।

    हादसे के बाद जैद के दोस्तों और परिचितों ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा किए। एक दोस्त ने लिखा कि आ जाना यार हमेशा की तरह एक आवाज पर जबकि अन्य दोस्तों ने उसे श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि जहां भी रहो दोस्त हमेशा खुश रहो। इन संदेशों ने हर किसी की आंखें नम कर दीं और यह एहसास कराया कि एक सड़क हादसा केवल एक परिवार ही नहीं बल्कि पूरे दोस्ती के रिश्ते को भी गहरा जख्म दे जाता है।

    पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि कार और बाइक की टक्कर किन परिस्थितियों में हुई इसकी जांच की जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे के पीछे लापरवाही किसकी थी।

    यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। खासकर रात के समय वाहन चलाते समय सावधानी और यातायात नियमों का पालन कितना जरूरी है, यह घटना उसकी दुखद याद दिलाती है। एक पल की चूक ने एक मासूम छात्र की जिंदगी छीन ली और उसके परिवार को ऐसा दर्द दे दिया जिसे शायद समय भी कभी पूरी तरह भर नहीं पाएगा।

  • हवाई पट्टी इलाके में मिला युवक का शव: घर से निकला था, फिर कैसे पहुंचा मौके तक? जांच में जुटी पुलिस

    हवाई पट्टी इलाके में मिला युवक का शव: घर से निकला था, फिर कैसे पहुंचा मौके तक? जांच में जुटी पुलिस


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में हवाई पट्टी क्षेत्र स्थित पानी से भरे गड्ढे में मिले युवक के शव की पहचान 20 वर्षीय जाहिद खान के रूप में हो गई है। युवक बुधवार शाम घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। गुरुवार शाम उसका शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और मौत के कारणों का पता लगाने के लिए सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

    पुलिस के अनुसार मृतक जाहिद खान, मोमीन मोहल्ला वार्ड क्रमांक-21 का निवासी था। परिजनों ने बताया कि वह बुधवार शाम घर से बाहर गया था। देर रात तक उसके वापस नहीं लौटने पर परिवार ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

    गुरुवार शाम देहात थाना क्षेत्र के हवाई पट्टी इलाके में पानी से भरे गड्ढे में एक युवक का शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया। बाद में परिजनों ने उसकी पहचान जाहिद खान के रूप में की।

    परिवार के मुताबिक जाहिद मिर्गी की बीमारी से पीड़ित था। हालांकि, वह शहर से दूर हवाई पट्टी क्षेत्र तक कैसे पहुंचा और घटना के समय उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति मौजूद था या नहीं, इस संबंध में फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

    देहात थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे। साथ ही घटनास्थल और युवक की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह हादसा था या इसके पीछे कोई अन्य कारण है।

    फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • उमरिया में दर्दनाक सड़क हादसा, ट्रक में घुसी कार; सरपंच, हेड कॉन्स्टेबल समेत 4 की मौत, युवती की CPR से बची जान

    उमरिया में दर्दनाक सड़क हादसा, ट्रक में घुसी कार; सरपंच, हेड कॉन्स्टेबल समेत 4 की मौत, युवती की CPR से बची जान


    उमरिया मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में गुरुवार तड़के हुए भीषण सड़क हादसे ने एक पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं। नेशनल हाईवे-43 पर तेज रफ्तार अर्टिगा कार सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार चार लोगों की मौके पर या इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं गंभीर रूप से घायल एक युवती की अस्पताल में समय रहते सीपीआर देने से सांसें लौट आईं। उसकी हालत गंभीर होने पर उसे जबलपुर रेफर किया गया है।

    यह हादसा कोतवाली थाना क्षेत्र की सिविल लाइन चौकी के पास भरौला स्थित सिद्ध बाबा क्षेत्र में तड़के करीब तीन से चार बजे के बीच हुआ। पुलिस के अनुसार कार में सवार सभी लोग अनूपपुर जिले के लीला गांव के निवासी थे और परिवार की युवती खुशबू मार्को को परीक्षा दिलाने के लिए चित्रकूट जा रहे थे।

    हादसे में लीला गांव के सरपंच कुलपत सिंह, उनकी पत्नी और हेड कॉन्स्टेबल सविता सिंह मार्को, तीन वर्षीय पुत्र रुद्र प्रताप तथा कुलपत सिंह के भाई की बेटी प्रियंका सिंह की मौत हो गई। वहीं खुशबू मार्को गंभीर रूप से घायल हो गई। डॉक्टरों के अनुसार अस्पताल पहुंचने तक उसकी सांसें थम चुकी थीं, लेकिन तत्काल सीपीआर देने के बाद उसकी धड़कनें फिर से चलने लगीं। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए जबलपुर रेफर किया गया।

    हादसे के बाद कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए पुलिस और 108 एंबुलेंस की टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। एक व्यक्ति कार के अंदर बुरी तरह फंसा हुआ था, जिसे रेस्क्यू कर जिला अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बाद में इलाज के दौरान एक अन्य घायल ने भी दम तोड़ दिया।

    अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आलोक शर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार के कारण चालक का वाहन पर नियंत्रण खोना हादसे की वजह माना जा रहा है। पुलिस दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

    कार चालक ददन सिंह से जब पुलिस और मीडिया ने घटना के बारे में पूछा तो उसने बताया कि उसे हादसे की कोई जानकारी याद नहीं है। उसके कपड़ों पर खून के निशान थे और वह बार-बार यही पूछता रहा कि आखिर क्या हुआ और वह अस्पताल कैसे पहुंचा।

    इस दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत से गांव में शोक का माहौल है, जबकि घायल युवती के जल्द स्वस्थ होने की सभी कामना कर रहे हैं।

  • इंदौर में दौड़ती बस बनी आग का गोला, टायर फटने के बाद भड़की लपटें, समय रहते खाली कराई गई बस

    इंदौर में दौड़ती बस बनी आग का गोला, टायर फटने के बाद भड़की लपटें, समय रहते खाली कराई गई बस


    इंदौर । इंदौर के शिप्रा थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया, जब रीवा से इंदौर आ रही जय अंबे ट्रेवल्स की यात्री बस में अचानक आग लग गई। घटना सुबह करीब 11 बजे शिप्रा थाने के सामने हुई। बस में सवार यात्रियों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई, लेकिन चालक की सूझबूझ और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के चलते सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस इंदौर की ओर बढ़ रही थी, तभी उसका एक टायर अचानक फट गया। टायर फटने के बाद चालक ने बस पर नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश की। इसी दौरान टायर और सड़क के बीच हुए तेज घर्षण के कारण बस के अगले हिस्से से धुआं उठने लगा और देखते ही देखते आग की लपटें दिखाई देने लगीं।

    चालक ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत बस रोक दी और यात्रियों को तेजी से नीचे उतरने के निर्देश दिए। यात्रियों ने भी बिना घबराहट के बस खाली कर दी, जिससे किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। कुछ ही मिनटों में बस पूरी तरह खाली करा ली गई और संभावित बड़ा हादसा टल गया।

    घटना की सूचना मिलते ही शिप्रा थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई। दमकल कर्मियों ने तत्काल आग बुझाने का अभियान शुरू किया और कुछ ही समय में आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। इससे आग बस के अन्य हिस्सों में फैलने से रोक दी गई।

    हादसे के बाद पुलिस ने सभी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उन्हें दूसरी बस की व्यवस्था कर इंदौर के लिए रवाना किया। घटना के कारण कुछ समय तक क्षेत्र में यातायात भी प्रभावित रहा, जिसे बाद में सामान्य कर दिया गया।

    पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में टायर फटने के बाद हुए घर्षण को आग लगने का संभावित कारण माना जा रहा है। हालांकि, आग लगने की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच कराई जाएगी। बस की यांत्रिक स्थिति और अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

    समय रहते चालक की सतर्कता, यात्रियों के सहयोग और फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। इस घटना में किसी यात्री के घायल होने या हताहत होने की सूचना नहीं है।

  • केतन हत्याकांड में जांच तेज, दूसरा मोबाइल बरामद गवाहों के बयान से बढ़ीं सिया और चेतन की मुश्किलें

    केतन हत्याकांड में जांच तेज, दूसरा मोबाइल बरामद गवाहों के बयान से बढ़ीं सिया और चेतन की मुश्किलें


    नई दिल्ली। पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। पुलिस का दावा है कि अब उसके पास ऐसे अहम सबूत मौजूद हैं जो इस मामले को और मजबूत बना रहे हैं। जांच के दौरान दूसरा मोबाइल फोन बरामद किया गया है जबकि कुछ महत्वपूर्ण गवाह भी सामने आए हैं। इन नए साक्ष्यों के बाद पुलिस का कहना है कि यह साबित करने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं कि केतन अग्रवाल की मौत हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या थी। मामले में मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं।

    पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने बताया कि जांच कई स्तरों पर आगे बढ़ रही है। बरामद किए गए दूसरे मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि दोनों आरोपियों के बीच हुई बातचीत और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा सके। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि केतन अग्रवाल ने सिया गोयल को कितनी आर्थिक मदद दी थी और दोनों के बीच पैसों का लेनदेन किस स्तर तक हुआ था। इस संबंध में कई लोगों से पूछताछ की जा रही है और डिजिटल रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।

    इसी बीच पुणे की अदालत ने दोनों आरोपियों सिया गोयल और चेतन चौधरी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद दोनों को अदालत में पेश किया गया था। अभियोजन पक्ष ने तीन दिन की अतिरिक्त पुलिस रिमांड की मांग करते हुए दलील दी कि आरोपियों के मोबाइल फोन से कोड भाषा में हुई बातचीत मिली है जिसका पूरा अर्थ समझने और साजिश के अन्य पहलुओं का खुलासा करने के लिए आगे पूछताछ जरूरी है। हालांकि अदालत ने यह मांग खारिज करते हुए दोनों को 16 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

    पुलिस का आरोप है कि 18 जून को पुणे जिले के लोहागढ़ किले में केतन अग्रवाल को खाई में धक्का देकर उसकी हत्या की गई थी। शुरुआत में इस घटना को दुर्घटना बताया गया था लेकिन जांच के दौरान मिले परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और आरोपियों के बदलते बयानों ने हत्या की आशंका को मजबूत कर दिया। इसी आधार पर पुलिस ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है।

    जांच एजेंसियों ने लोहागढ़ किले और आसपास के सभी महत्वपूर्ण स्थानों का दोबारा निरीक्षण किया। घटनास्थल का विस्तृत पंचनामा तैयार किया गया और मुख्य आरोपी सिया गोयल को भी उन स्थानों पर ले जाकर घटनाक्रम की पुष्टि करने का प्रयास किया गया। पुलिस ने घटना वाले दिन पहने गए सिया के कपड़ों को भी जब्त कर लिया है जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। इसके अलावा उन स्थानों की भी जांच की गई जहां सिया और चेतन के एक साथ जाने की जानकारी सामने आई है। जांच अधिकारियों को संदेह है कि दोनों ने हत्या की योजना पहले से बनाई थी और संभव है कि अलग अलग स्थानों पर उसका पूर्वाभ्यास भी किया गया हो।

    पुलिस ने सिया गोयल के लोनावला स्थित घर की भी तलाशी ली है जहां से कुछ अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। जांच एजेंसियां दोनों आरोपियों का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की तैयारी भी कर रही हैं क्योंकि पूछताछ के दौरान उनके बयानों में कई विरोधाभास सामने आए हैं। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह परीक्षण कराया जाएगा। पुलिस का कहना है कि गवाहों के बयान डिजिटल साक्ष्य फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य तकनीकी प्रमाणों के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां तेजी से जुड़ रही हैं और जांच अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है।

  • एक पल की चूक बनी जिंदगी भर का दर्द मां के वॉशरूम जाते ही बेड से गिरा 44 दिन का मासूम

    एक पल की चूक बनी जिंदगी भर का दर्द मां के वॉशरूम जाते ही बेड से गिरा 44 दिन का मासूम


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के इंदौर से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है जहां महज 44 दिन के एक मासूम की बेड से गिरने के बाद मौत हो गई। यह घटना एरोड्रम थाना क्षेत्र के रुक्मणी नगर छोटा बांगड़दा इलाके की है। बताया जा रहा है कि हादसे के समय बच्चे की मां कुछ देर के लिए वॉशरूम गई थीं। इसी दौरान मासूम करवट लेते हुए करीब तीन फीट ऊंचे बेड से नीचे गिर गया। गंभीर चोट लगने के कारण उसकी हालत बिगड़ गई और इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

    जानकारी के अनुसार रात के समय परिवार घर में सो रहा था। मां थोड़ी देर के लिए वॉशरूम गई थीं जबकि पिता गहरी नींद में थे। इसी बीच 44 दिन का मासूम प्रियांशु करवट बदलते हुए बेड के किनारे तक पहुंच गया और नीचे गिर पड़ा। गिरते ही बच्चा जोर जोर से रोने लगा। उसकी आवाज सुनकर पिता की नींद खुली। उन्होंने देखा कि बच्चे के चेहरे और मुंह पर गंभीर चोट लगी है जिसके बाद परिवार में अफरा तफरी मच गई।

    परिजन बिना देर किए बच्चे को नजदीकी निजी अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उसे तुरंत एमवाय अस्पताल रेफर कर दिया। वहां डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की लेकिन मंगलवार सुबह करीब पांच बजे इलाज के दौरान मासूम ने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

    एरोड्रम थाना पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक बच्चे का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है जिसके बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। शुरुआती जांच में मामला हादसा माना जा रहा है हालांकि सभी पहलुओं की जांच जारी है।

    मृतक बच्चे की पहचान प्रियांशु पुत्र चंद्रशेखर कुमार के रूप में हुई है। परिवार मूल रूप से बिहार का रहने वाला है और रोजी रोजगार के लिए इंदौर में किराए के मकान में रहता है। बच्चे के पिता सिलाई का काम करते हैं। परिवार में दो साल की एक बेटी भी है। 44 दिन पहले ही घर में बेटे के जन्म से खुशियां आई थीं लेकिन एक दर्दनाक हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

    विशेषज्ञों का कहना है कि नवजात और छोटे बच्चों को कभी भी ऊंचे बेड पर अकेला नहीं छोड़ना चाहिए क्योंकि जन्म के कुछ सप्ताह बाद ही बच्चे अनजाने में करवट लेने लगते हैं। ऐसे में थोड़ी सी असावधानी भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। बच्चों को हमेशा सुरक्षित पालने में सुलाना या बेड के चारों ओर सुरक्षा व्यवस्था रखना जरूरी माना जाता है ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

  • पाकिस्तान के बन्नू में दो लगातार धमाकों से दहशत 7 की मौत कई घायल

    पाकिस्तान के बन्नू में दो लगातार धमाकों से दहशत 7 की मौत कई घायल


    नई दिल्ली । पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बन्नू जिले में एक के बाद एक हुए दो शक्तिशाली धमाकों ने पूरे इलाके को दहला दिया है। इन धमाकों में सात लोगों की मौत हो गई जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने इस घटना को गंभीर आतंकी हमला बताया है और इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।

    घटना बन्नू के वजीर सब डिवीजन के अंतर्गत आने वाले पहाड़ी और अर्ध जनजातीय क्षेत्र मरका बेरा में हुई। सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार पहला धमाका उस समय हुआ जब एक निजी वाहन यात्रियों को लेकर डोमेल की दिशा में जा रहा था। इसी दौरान रिमोट कंट्रोल के जरिए लगाए गए विस्फोटक उपकरण को सक्रिय किया गया। धमाका इतना तेज था कि वाहन पूरी तरह नष्ट हो गया और उसमें सवार पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

    पहले धमाके के बाद जैसे ही राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया और घायलों को अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई तभी लगभग एक किलोमीटर दूर दूसरा विस्फोट हुआ। यह धमाका भी रिमोट कंट्रोल तकनीक से किया गया बताया जा रहा है। इस दूसरे हमले में एक और वाहन निशाना बना और उसमें सवार दो लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

    लगातार दो धमाकों से इलाके में अफरा तफरी फैल गई। स्थानीय लोग दहशत में अपने घरों से बाहर निकल आए। पुलिस और सुरक्षा बल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे क्षेत्र को घेर लिया गया। रेस्क्यू टीमों ने घायलों और शवों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में पहुंचाया।

    सुरक्षा एजेंसियों ने आशंका जताई है कि इलाके में अभी और भी विस्फोटक उपकरण छिपाए गए हो सकते हैं। इसी वजह से पूरे क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। बम निरोधक दस्ते को भी मौके पर तैनात किया गया है ताकि किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सके।

    पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। वहीं स्थानीय प्रशासन ने भी इसे नागरिकों पर किया गया कायराना हमला बताया है।

    बन्नू जिले में पिछले कुछ महीनों से आतंकी घटनाओं में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। इससे पहले भी कई बार सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच झड़पें हो चुकी हैं। हाल ही में एक पुल को विस्फोट से उड़ाने की कोशिश और टारगेट किलिंग की घटनाओं ने सुरक्षा स्थिति को और गंभीर बना दिया था।

    इस ताजा हमले ने एक बार फिर खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल गहराता जा रहा है और प्रशासन के सामने शांति बहाली की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।