Tag: BreakingNews

  • बकरीद से पहले मुंबई में हंगामा ,सोसायटी में बकरे लाने पर भिड़े लोग

    बकरीद से पहले मुंबई में हंगामा ,सोसायटी में बकरे लाने पर भिड़े लोग


    नई दिल्ली । मुंबई के मीरा रोड इलाके में बकरीद से पहले एक सोसायटी में बकरों की मौजूदगी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यह मामला पूनम स्टेट क्लस्टर-1 सोसायटी का बताया जा रहा है जहां कथित रूप से कुर्बानी के लिए 25 बकरियां परिसर के अंदर लाई गई थीं और उन्हें एक अस्थायी टीन शेड में रखा गया था। इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और स्थानीय निवासियों के बीच विरोध शुरू हो गया।

    सोसायटी में रहने वाले कई लोगों ने इस व्यवस्था पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि बिना किसी सामूहिक बैठक और अनुमति के परिसर में टीन शेड बनाकर बकरों को रखना नियमों के खिलाफ है। निवासियों ने यह भी दावा किया कि रहवासी इलाके में इस तरह की गतिविधियों से असुविधा और माहौल खराब हो रहा है। इसके बाद मामला धीरे धीरे गरमाने लगा।

    स्थानीय विरोध के बाद भाजपा से जुड़े नेताओं और हिंदू संगठनों के साथ कुछ निवासियों ने प्रशासन से शिकायत की। शिकायत मिलने पर नगर निगम के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर अस्थायी टीन शेड को हटा दिया। हालांकि इसके बाद भी बकरों की मौजूदगी को लेकर विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ।

    स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब सोमवार रात फिर से तनाव बढ़ गया। बताया जाता है कि टीन शेड हटाने के बाद भी बकरे सोसायटी परिसर में ही मौजूद थे। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। झगड़े के दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने ब्लेड से एक युवक पर हमला कर दिया जिसमें वह घायल हो गया।

    घटना के बाद पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही सोसायटी के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे और किसी तरह की और हिंसा न हो।सोसायटी के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि परिसर के अंदर कुर्बानी की कोई अनुमति नहीं ली गई थी। उनका कहना है कि टीन शेड केवल अस्थायी रूप से बकरों को रखने के लिए बनाया गया था लेकिन इस पर आपत्ति के बाद उसे हटा दिया गया।

    वहीं मंगलवार को स्थानीय निवासियों ने प्रदर्शन कर विरोध जताया। उनका कहना था कि हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार किसी भी रहवासी इलाके में बिना अनुमति कुर्बानी जैसी गतिविधियां नहीं की जा सकतीं। इसी आधार पर उन्होंने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

  • अमेरिका-ईरान तनाव पर बड़ा दावा, ऑपरेशन एपिक फ्यूरी 2.0’ की रिपोर्ट से हलचल संभावित सैन्य विकल्पों पर चर्चा, आधिकारिक पुष्टि नहीं

    अमेरिका-ईरान तनाव पर बड़ा दावा, ऑपरेशन एपिक फ्यूरी 2.0’ की रिपोर्ट से हलचल संभावित सैन्य विकल्पों पर चर्चा, आधिकारिक पुष्टि नहीं



    नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को लेकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि यदि ईरान के साथ कूटनीतिक बातचीत विफल रहती है तो अमेरिका सैन्य विकल्पों पर विचार कर सकता है, जिसमें कथित तौर पर ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी 2.0’ जैसी योजनाओं का उल्लेख किया जा रहा है।

    हालांकि, अब तक न तो पेंटागन और न ही अमेरिकी सरकार की ओर से इस नाम के किसी भी ऑपरेशन की आधिकारिक पुष्टि की गई है। रिपोर्ट्स में इसे संभावित रणनीतिक योजना या सैन्य विकल्पों की चर्चा के रूप में बताया गया है, न कि घोषित अभियान के रूप में।

    जानकारी के अनुसार, चर्चा में मौजूद संभावित विकल्पों में ईरान के सैन्य ढांचे, परमाणु संबंधित ठिकानों और रणनीतिक बुनियादी ढांचे पर सीमित हवाई हमलों की संभावना शामिल बताई जा रही है। कुछ रिपोर्ट्स में विशेष अभियानों और समुद्री/रणनीतिक ठिकानों को लेकर भी अलग-अलग सैन्य विकल्पों का जिक्र किया गया है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान और अमेरिका के बीच मौजूदा तनाव पहले से ही नाजुक दौर में है और किसी भी सैन्य कार्रवाई की स्थिति में पश्चिम एशिया में हालात तेजी से बिगड़ सकते हैं।

    फिलहाल यह पूरा मामला खुफिया रिपोर्ट्स और मीडिया दावों पर आधारित है, जबकि दोनों देशों की ओर से आधिकारिक स्तर पर संयम और कूटनीतिक बातचीत की ही बात कही जाती रही है।

  • ब्रिटेन में भारतीय मूल के पूर्व इमाम को उम्रकैद, 20 साल न्यूनतम सजा; ‘जिन्न’ का डर दिखाकर लड़कियों से यौन शोषण के मामले में 21 आरोपों में दोषी करार

    ब्रिटेन में भारतीय मूल के पूर्व इमाम को उम्रकैद, 20 साल न्यूनतम सजा; ‘जिन्न’ का डर दिखाकर लड़कियों से यौन शोषण के मामले में 21 आरोपों में दोषी करार

    नई दिल्ली। ब्रिटेन में भारतीय मूल के पूर्व इमाम अब्दुल हलीम खान को बच्चों और महिलाओं के यौन शोषण के गंभीर मामलों में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने उसे रेप, नाबालिगों के साथ यौन अपराध और यौन शोषण सहित कुल 21 मामलों में दोषी पाया है। 54 वर्षीय आरोपी को कम से कम 20 साल जेल में रहना होगा।

    लंदन पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को धार्मिक और आध्यात्मिक शक्ति वाला व्यक्ति बताकर पीड़ितों का विश्वास जीतता था। वह लड़कियों को यह कहकर डराता था कि उन पर ‘जिन्न’ या बुरी आत्मा का असर है और इसी बहाने उनका शारीरिक शोषण करता था।

    जांच में सामने आया कि 2004 से 2015 के बीच उसने ईस्ट लंदन की बांग्लादेशी मुस्लिम कम्युनिटी की 7 महिलाओं और लड़कियों को निशाना बनाया। इनमें 12 साल तक की बच्चियां भी शामिल थीं।

    पुलिस का कहना है कि आरोपी पीड़ितों को यह धमकी भी देता था कि अगर उन्होंने किसी को बताया तो उनके परिवार पर ‘काला जादू’ का असर होगा, जिसके डर से कई पीड़ित सालों तक चुप रहीं।

  • बांदा: जमीन के लालच में कलयुगी बेटे ने मां और भाई को भूना, दोहरे हत्याकांड से कांपा इलाका

    बांदा: जमीन के लालच में कलयुगी बेटे ने मां और भाई को भूना, दोहरे हत्याकांड से कांपा इलाका


    नई दिल्ली। बबेरू कोतवाली क्षेत्र में रविवार की सुबह उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब एक शख्स ने मामूली जमीनी विवाद में अपने ही परिवार का खून बहा दिया। तहसील परिसर के पीछे रहने वाले राजकिशोर उर्फ गोविंद ने अपनी लाइसेंसी दोनाली बंदूक से अपनी 60 वर्षीय मां (शांति देवी) और 40 वर्षीय छोटे भाई (देवीदीन) की गोली मारकर हत्या कर दी।

    पुश्तैनी जमीन को पिता द्वारा बेचे जाने का विरोध और घरेलू मनमुटाव।आरोपी ने अपनी लाइसेंसी दोनाली बंदूक से ताबड़तोड़ फायरिंग की।बीच-बचाव करने आई आरोपी की पत्नी प्रभा भी इस हमले में घायल हुई है।फायरिंग की आवाज से पूरे मोहल्ले में सन्नाटा पसर गया; वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार।

    विवाद से हत्याकांड तक की कहानी
    जानकारी के मुताबिक, राजकिशोर अपने पिता द्वारा पुश्तैनी जमीन बेचे जाने से नाराज था। रविवार सुबह इसी बात को लेकर घर में कहासुनी शुरू हुई। विवाद इतना बढ़ा कि राजकिशोर ने अपना आपा खो दिया। जब उसकी पत्नी प्रभा ने उसे शांत करने की कोशिश की, तो वह भी चोटिल हो गई। इससे गुस्साए राजकिशोर ने घर में रखी बंदूक निकाली और मां व भाई पर गोलियां बरसा दीं।

    पड़ोसी जब तक मौके पर पहुंचे, दोनों लहूलुहान होकर गिर चुके थे। पुलिस ने फौरन दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    पुलिस की कार्रवाई और एसपी का बयान
    घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) पलाश बंसल ने खुद कमान संभाली है। उन्होंने बताया,शुरुआती जांच में यह पुश्तैनी जमीन की बिक्री से जुड़ा विवाद लग रहा है। आरोपी के पिता ने जमीन बेची थी, जिससे वह क्षुब्ध था। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और परिजनों की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है।

  • दिल दहला देने वाली घटना सागर में दंपती ने एक साथ दी जान कारण बना रहस्य

    दिल दहला देने वाली घटना सागर में दंपती ने एक साथ दी जान कारण बना रहस्य


    सागर । मध्यप्रदेश के सागर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जहां एक दंपती ने एक साथ आत्महत्या कर ली जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मामला शाहगढ़ थाना क्षेत्र के वाल्मीकि वार्ड का है जहां पति और पत्नी अपने ही घर में फांसी के फंदे पर लटके हुए मिले।

    जानकारी के अनुसार मृतकों की पहचान उत्तम अहिरवार उम्र करीब 45 वर्ष और उनकी पत्नी हरिबाई उम्र 42 वर्ष के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों पति पत्नी रात तक अपने घर के बाहर पड़ोसियों के साथ सामान्य बातचीत करते हुए बैठे थे और किसी तरह की परेशानी के संकेत भी नहीं मिले थे। लेकिन सुबह जब परिवार और आसपास के लोगों ने दरवाजा खोला तो दोनों को कमरे के अंदर फंदे पर लटका देख सभी के होश उड़ गए।

    घटना की सूचना मिलते ही मध्य प्रदेश पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई करते हुए दोनों शवों को फंदे से उतारा और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। बाद में शवों को परिजनों को सौंप दिया गया।

    प्रारंभिक जांच में आत्महत्या के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और परिजनों तथा आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि इस घटना के पीछे की असली वजह सामने आ सके।

    इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। पड़ोसियों और परिचितों का कहना है कि दंपती का व्यवहार सामान्य था और उन्होंने कभी किसी बड़ी परेशानी का जिक्र नहीं किया था। ऐसे में दोनों का एक साथ यह कदम उठाना कई सवाल खड़े कर रहा है। परिवार के लोगों के लिए यह घटना गहरे सदमे से कम नहीं है। वहीं पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर किन परिस्थितियों ने इस दंपती को इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर किया।

  • गाय बचाने की कोशिश में दर्दनाक हादसा सीहोर में बस पेड़ से टकराई हेल्पर की मौत

    गाय बचाने की कोशिश में दर्दनाक हादसा सीहोर में बस पेड़ से टकराई हेल्पर की मौत


    सीहोर/आष्टा। मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में इंदौर भोपाल राज्यमार्ग पर एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है जहां तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। आष्टा के कोठरी के पास हुए इस हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई जबकि चार अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

    जानकारी के अनुसार अहमदाबाद से भोपाल जा रही वर्मा ट्रेवल्स की बस सुबह के समय इस मार्ग से गुजर रही थी। तभी अचानक सड़क पर एक गाय आ गई जिसे बचाने के प्रयास में चालक ने जोर से ब्रेक लगाया। इसी दौरान बस का टायर फट गया और वाहन का संतुलन बिगड़ गया। देखते ही देखते बस सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई और जोरदार आवाज के साथ हादसा हो गया।

    हादसे की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। केबिन में बैठे हेल्पर सुनील मुकाती जो बड़ी पोलाई के निवासी थे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वह केबिन में बुरी तरह फंस गए थे और उन्हें बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू टीम को कटर की मदद लेनी पड़ी।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत बचाव दल मौके पर पहुंचा और तत्काल घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। चार यात्रियों की हालत गंभीर बताई जा रही है जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार हादसे का प्राथमिक कारण गाय को बचाने के प्रयास में अचानक ब्रेक लगाना और उसी दौरान टायर फटना माना जा रहा है। हालांकि पूरे मामले की जांच की जा रही है ताकि सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।

    इस घटना के बाद कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात भी प्रभावित हुआ जिसे बाद में नियंत्रित किया गया। स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य में सहयोग किया और घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की।

    यह हादसा एक बार फिर यह संकेत देता है कि सड़क पर अचानक आने वाली बाधाएं और तेज रफ्तार किस तरह जानलेवा साबित हो सकती हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है।

  • ग्वालियर में बागेश्वर धाम जा रही बस में भीषण आग टायर फटते ही मची अफरा तफरी 15 यात्री बाल बाल बचे

    ग्वालियर में बागेश्वर धाम जा रही बस में भीषण आग टायर फटते ही मची अफरा तफरी 15 यात्री बाल बाल बचे


    ग्वालियर । मध्यप्रदेश के ग्वालियर में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा होते होते टल गया जब बागेश्वर धाम जा रही एक सवारी बस में अचानक भीषण आग लग गई। यह घटना झांसी रोड थाना क्षेत्र के सामने हुई जहां कुछ ही पलों में बस धू धू कर जलने लगी लेकिन राहत की बात यह रही कि बस में सवार सभी यात्री सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे।

    जानकारी के मुताबिक जयपुर से चलकर ग्वालियर पहुंची मां लक्ष्मी ट्रेवल्स की यह बस बागेश्वर धाम के लिए रवाना हुई थी। बस में कुल 15 यात्री सवार थे। जैसे ही बस झांसी रोड थाना क्षेत्र से गुजर रही थी तभी अचानक उसके पिछले हिस्से से धुआं उठने लगा। देखते ही देखते धुआं आग की लपटों में बदल गया और बस तेजी से आग की चपेट में आ गई।

    स्थिति को भांपते हुए ड्राइवर ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए बस को सड़क किनारे रोक दिया। बस रुकते ही सभी यात्रियों ने तेजी से नीचे उतरकर अपनी जान बचाई। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी बस को घेर लिया और देखते ही देखते वह पूरी तरह जलकर खाक हो गई।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया लेकिन तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी। इस दौरान सड़क पर अफरा तफरी का माहौल बन गया और ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ जिसे बाद में पुलिस ने डायवर्ट कर नियंत्रित किया।

    प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह टायर फटना और उसके बाद हुए शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि टायर ब्लास्ट के बाद निकली चिंगारी ने बस के इलेक्ट्रिकल सिस्टम को प्रभावित किया जिससे आग भड़क उठी। हालांकि पुलिस और दमकल विभाग इस पूरे मामले की तकनीकी जांच कर रहे हैं ताकि सटीक कारण सामने आ सके।

    इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि सड़क पर चलते वाहनों में छोटी सी तकनीकी खराबी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। हालांकि इस मामले में ड्राइवर की सतर्कता और यात्रियों की तेजी से प्रतिक्रिया ने एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया। कुल मिलाकर ग्वालियर की यह घटना एक चेतावनी है कि वाहन सुरक्षा और नियमित जांच कितनी जरूरी है क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।

  • इलाज या लापरवाही ,खजुराहो क्लिनिक में इंजेक्शन के बाद बच्चे की मौत, पर उठा सवाल

    इलाज या लापरवाही ,खजुराहो क्लिनिक में इंजेक्शन के बाद बच्चे की मौत, पर उठा सवाल


    खजुराहो । मध्य प्रदेश के खजुराहो से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है जिसने निजी क्लिनिक की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक मामूली चोट के इलाज के लिए पहुंचे 14 वर्षीय बच्चे की अचानक मौत हो जाने से इलाके में हड़कंप मच गया है। परिजनों का आरोप है कि क्लिनिक में लगाए गए इंजेक्शन के कारण ही बच्चे की जान गई है।

    जानकारी के अनुसार जटकरा गांव का रहने वाला यह बच्चा साइकिल चलाते समय गिर गया था जिससे उसे हल्की चोट आई थी। परिवार वाले उसे इलाज के लिए सेवाग्राम स्थित एक निजी क्लिनिक ले गए जहां सामान्य प्राथमिक उपचार किया जा रहा था। परिजनों का कहना है कि स्थिति ज्यादा गंभीर नहीं थी और बच्चा सामान्य रूप से बात कर रहा था।

    आरोप है कि इलाज के दौरान क्लिनिक संचालक ने बच्चे को एक इंजेक्शन लगाया जिसके तुरंत बाद उसकी हालत अचानक बिगड़ने लगी। बच्चे के दादा राजू पटेल के मुताबिक इंजेक्शन लगते ही उसे बेचैनी महसूस होने लगी और कुछ ही मिनटों में उसकी तबीयत इतनी खराब हो गई कि उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है और परिजन इसे सीधे तौर पर मेडिकल लापरवाही बता रहे हैं।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने बच्चे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए राजनगर स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।

    इस घटना के बाद इलाके में लोगों के बीच गुस्सा और डर दोनों देखने को मिल रहा है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या निजी क्लिनिक में इलाज के दौरान जरूरी सावधानियां बरती जा रही हैं या नहीं। अगर परिजनों के आरोप सही साबित होते हैं तो यह मामला स्वास्थ्य सेवाओं में गंभीर लापरवाही का उदाहरण बन सकता है।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और क्लिनिक से जुड़े दस्तावेजों और इलाज की प्रक्रिया की भी पड़ताल की जा रही है। वहीं परिवार न्याय की मांग कर रहा है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की उम्मीद कर रहा है।

    यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि मामूली दिखने वाली स्वास्थ्य समस्याओं में भी सही और सुरक्षित इलाज कितना जरूरी है। एक छोटी सी लापरवाही किसी परिवार के लिए जीवन भर का दर्द बन सकती है।

  • सिंगरौली में 15 करोड़ की दिनदहाड़े डकैती, सुरक्षा में 3 बड़ी चूक से बदमाश हुए फरार

    सिंगरौली में 15 करोड़ की दिनदहाड़े डकैती, सुरक्षा में 3 बड़ी चूक से बदमाश हुए फरार


    सिंगरौली । मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में हुई 15 करोड़ रुपए की सनसनीखेज बैंक डकैती ने सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। बैढ़न स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा में दिनदहाड़े पांच हथियारबंद बदमाश घुसे और करीब 10 किलो सोना व 20 लाख रुपए नकद लूटकर फरार हो गए। इस वारदात ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है और पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी कमलेश कुमार को गिरफ्तार किया है, जिसे आठ दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। हालांकि लूट का पूरा माल अभी बरामद नहीं हो सका है। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी फंटूश उर्फ ननकी बिहार के नालंदा जिले का रहने वाला है जबकि अन्य आरोपी झारखंड और अन्य क्षेत्रों से जुड़े हैं। फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की 10 विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

    डकैती की घटना के पीछे सबसे बड़ी बात तीन गंभीर लापरवाहियां मानी जा रही हैं। पहली यह कि बैंक में शुरुआत से ही कोई सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं था। वर्ष 2018 में खुली इस शाखा में कभी गार्ड नहीं रखा गया। बैंक प्रबंधन ने खर्च कम करने के नाम पर यह व्यवस्था खत्म कर दी थी। इससे बदमाशों को वारदात को अंजाम देने में आसानी मिली।

    दूसरी बड़ी चूक पुलिस की प्रतिक्रिया में देरी को लेकर सामने आई है। घटना की सूचना मिलने के बावजूद पुलिस मौके पर करीब 20 मिनट की देरी से पहुंची जबकि थाना बैंक से महज डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर है। इस देरी का फायदा उठाकर आरोपी आसानी से फरार हो गए।

    तीसरी और अहम लापरवाही यह रही कि शहर के चेक पॉइंट्स को समय पर अलर्ट नहीं किया गया। सीसीटीवी फुटेज में बदमाशों को बाइक से शहर से बाहर जाते हुए देखा गया लेकिन वे मस्जिद तिराहा और अंबेडकर चौक जैसे प्रमुख चेक पॉइंट पार कर गए और किसी ने उन्हें नहीं रोका। इसके बाद वे बीजपुर रोड होते हुए छत्तीसगढ़ सीमा में प्रवेश कर गए।

    घटना के बाद बैंक के सुरक्षा इंतजामों की पोल और भी खुली जब यह सामने आया कि बैंक में लगा अलार्म सिस्टम भी सिर्फ औपचारिकता भर था। अलार्म बजने पर भी कोई त्वरित मदद नहीं मिलती क्योंकि वह पुलिस कंट्रोल रूम से जुड़ा नहीं है।

    इस बीच गिरफ्तार आरोपी कमलेश कुमार को रेलवे स्टेशन पर शक के आधार पर पकड़ा गया। उसके पास से 15 लाख 20 हजार रुपए और 61 ग्राम सोना बरामद हुआ। पूछताछ में उसने पहले पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की लेकिन सख्ती के बाद उसने डकैती में शामिल होने की बात कबूल कर ली।

    पुलिस अब अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई कर रही है। इस घटना ने न केवल बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था बल्कि पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • ग्वालियर GRP कांड: वेंडरों से मारपीट और अवैध वसूली के आरोप में 6 पुलिसकर्मी निलंबित

    ग्वालियर GRP कांड: वेंडरों से मारपीट और अवैध वसूली के आरोप में 6 पुलिसकर्मी निलंबित


    ग्वालियर । ग्वालियर शहर में रेलवे स्टेशन पर तैनात शासकीय रेलवे पुलिस GRP पर लगे गंभीर आरोपों के बाद बड़ा प्रशासनिक एक्शन सामने आया है। अवैध वसूली और दो वेंडरों के साथ मारपीट के मामले में ब्रॉडगेज BG और नैरोगेज NG थानों में पदस्थ कुल छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने प्राथमिक जांच के आधार पर यह कार्रवाई की है और पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

    पूरा मामला शनिवार देर रात का बताया जा रहा है। ग्वालियर की आर.के. कंपनी की किचन में काम करने वाले वेंडर अमित धाकरे और राघव सिंह बिलासपुर राजधानी एक्सप्रेस में ऑर्डर का खाना सप्लाई करने जा रहे थे। दोनों वेंडरों के पास IRCTC द्वारा जारी वैध पहचान पत्र भी मौजूद था। इसके बावजूद GRP कर्मियों द्वारा उन्हें रोके जाने और कथित तौर पर उनके साथ मारपीट किए जाने के आरोप सामने आए हैं।

    पीड़ित वेंडरों का कहना है कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने बिना किसी स्पष्ट कारण के उन्हें रोका और उसके बाद उनके साथ बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी। इस घटना में दोनों वेंडरों को गंभीर चोटें आईं। हालत बिगड़ने पर उन्हें तुरंत ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनका इलाज जारी रहा। घटना के बाद स्टेशन परिसर में भी कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई।

    घटना की जानकारी जैसे ही सामने आई मामला ग्वालियर से लेकर भोपाल तक वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक पहुंच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक उच्चस्तरीय जांच दल तत्काल ग्वालियर रेलवे स्टेशन पहुंचा और घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में आरोपों को गंभीर मानते हुए विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।

    जांच के आधार पर GRP ब्रॉडगेज और नैरोगेज थानों में तैनात आरक्षक योगेश जाट मनोज जाट आशीष चौरसिया विकास सोलंकी नमन कुमार और निहाल सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई GRP पुलिस अधीक्षक राहुल कुमार लोढ़ा द्वारा की गई है। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और सभी तथ्यों की गहराई से पड़ताल की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे और भी कठोर कार्रवाई संभव है।

    वहीं दूसरी ओर इस घटना को लेकर वेंडरों और उनके परिजनों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि समय पर और निष्पक्ष जांच नहीं होती तो ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति होती रहेगी। उन्होंने दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

    यह पूरा मामला रेलवे सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहा है। आम लोगों का कहना है कि यदि वैध पहचान पत्र होने के बावजूद इस तरह की घटनाएं होती हैं तो सिस्टम में सुधार की आवश्यकता और भी अधिक बढ़ जाती है। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।