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  • इंदौर में ED की बड़ी कार्रवाई नगर निगम के ARO राजेश परमार की 1.06 करोड़ की संपत्तियां कुर्क आय से 175 प्रतिशत अधिक संपत्ति का खुलासा

    इंदौर में ED की बड़ी कार्रवाई नगर निगम के ARO राजेश परमार की 1.06 करोड़ की संपत्तियां कुर्क आय से 175 प्रतिशत अधिक संपत्ति का खुलासा


    मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई की है। इंदौर नगर निगम के सहायक राजस्व अधिकारी राजेश परमार अब केंद्रीय जांच एजेंसी के शिकंजे में हैं। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए परमार और उनके परिवार के नाम दर्ज 1.06 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर दिया है। जांच में सामने आया है कि उनके पास मौजूद संपत्ति उनकी ज्ञात वैध आय से 175 प्रतिशत अधिक है।

    यह मामला मूल रूप से आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ भोपाल द्वारा दर्ज एफआईआर पर आधारित है। ईओडब्ल्यू ने राजेश परमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू की। जांच के दौरान साल 2007 से 2022 तक की आय और संपत्ति का विस्तृत आकलन किया गया।

    ईडी की जांच में सामने आया कि इस 15 वर्ष की अवधि में राजेश परमार ने करीब 1.66 करोड़ रुपये की संपत्तियां अर्जित कीं। जब इन संपत्तियों की तुलना उनकी आधिकारिक सैलरी और अन्य वैध आय स्रोतों से की गई तो यह अंतर चौंकाने वाला निकला। एजेंसी के अनुसार यह संपत्ति उनकी ज्ञात आय से लगभग 175 प्रतिशत अधिक पाई गई। जांच एजेंसी ने अनुमान लगाया है कि अपराध से अर्जित संदिग्ध आय लगभग 1.21 करोड़ रुपये हो सकती है।

    अटैच की गई संपत्तियों में मकान प्लॉट और जमीन शामिल हैं जो राजेश परमार और उनके परिजनों के नाम दर्ज हैं। इन संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया गया है ताकि जांच के दौरान इनका हस्तांतरण या विक्रय न किया जा सके। ईडी का कहना है कि आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत इन संपत्तियों को स्थायी रूप से जब्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

    जांच में यह भी सामने आया कि कथित रूप से अवैध तरीके से अर्जित नकदी को सीधे निवेश करने के बजाय पहले बैंक खातों के माध्यम से घुमाया गया। ईडी के अनुसार बड़ी मात्रा में नकद राशि को स्वयं और परिवार के सदस्यों के खातों में जमा कराया गया। इसके बाद बैंक ट्रांसफर के जरिए इन्हीं पैसों से अचल संपत्तियां खरीदी गईं। एजेंसी का दावा है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य धन के वास्तविक स्रोत को छिपाना और उसे वैध कमाई के रूप में दिखाना था।

    प्रवर्तन निदेशालय की इस कार्रवाई को इंदौर में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी पहल माना जा रहा है। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है और संबंधित दस्तावेजों तथा वित्तीय लेनदेन की पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद एजेंसी द्वारा अभियोजन की कार्रवाई भी की जा सकती है।

  • खंडवा में भाजपा नेता की मौत से सियासी हलचल मृत्यु पूर्व वीडियो में कांग्रेस नेता पर कर्ज वसूली और प्रताड़ना के आरोप पुलिस जांच में जुटी

    खंडवा में भाजपा नेता की मौत से सियासी हलचल मृत्यु पूर्व वीडियो में कांग्रेस नेता पर कर्ज वसूली और प्रताड़ना के आरोप पुलिस जांच में जुटी


    इंदौर। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में भाजपा नेता और पूर्व पार्षद जितेंद्र चौधरी उर्फ जीतू की मंगलवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। उनकी मृत्यु के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। मृत्यु से पहले रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो में उन्होंने कांग्रेस नेता गणेश सकरगाये पर कर्ज वसूली और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो बयान लेनदेन से जुड़े दस्तावेज और संबंधित लोगों के बयान के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी।

    मृत्यु से पहले बनाए गए वीडियो को जांच का अहम आधार माना जा रहा है। वीडियो में चौधरी ने कहा कि वे लंबे समय से भारी आर्थिक दबाव में थे और लगातार मानसिक उत्पीड़न झेल रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग पचास लाख रुपये के लेनदेन को लेकर वे पिछले पांच वर्षों से ब्याज चुका रहे थे इसके बावजूद उन पर दबाव बनाया जा रहा था। उनके अनुसार यह मानसिक तनाव इतना बढ़ गया था कि वे पूरी तरह टूट चुके थे।

    चौधरी ने वीडियो में यह भी कहा कि कर्ज और सामाजिक दबाव के कारण उनकी बेटी का रिश्ता टूट गया। उन्होंने बताया कि उन पर कुल मिलाकर लगभग एक करोड़ रुपये का कर्ज था लेकिन अन्य लेनदारों ने इस तरह का दबाव नहीं बनाया। उनका आरोप था कि भुगतान को लेकर लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था और इससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा पर भी असर पड़ा।

    जानकारी के अनुसार आनंद नगर स्थित लव कुश नगर सेक्टर तीन निवासी चौधरी मंगलवार सुबह करीब दस बजे घर से निकले और कांग्रेस नेता गणेश सकरगाये के घर पहुंचे। आरोप है कि वहां उन्होंने सल्फास की गोलियां खा लीं। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले आनंद नगर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। करीब चार घंटे तक चले इलाज के बाद उनकी मृत्यु हो गई। बताया जा रहा है कि अस्पताल में भर्ती कराने के बाद सकरगाये वहां से चले गए।

    सूत्रों के अनुसार चौधरी लंबे समय से आर्थिक और पारिवारिक तनाव से जूझ रहे थे। बताया जाता है कि पिछले दो वर्षों से वे अपनी बहन के घर भोजन कर रहे थे और कर्ज के बोझ के चलते पारिवारिक संबंधों में भी दूरी आ गई थी। उनके बेटे ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की है जबकि बेटी उच्च शिक्षित है। हर महीने पांच से दस तारीख के बीच ब्याज चुकाने का दबाव रहता था और दस फरवरी को भुगतान की अंतिम तिथि बताई जा रही थी। मित्रों से आर्थिक मदद की कोशिश की गई लेकिन सहायता नहीं मिल सकी। आरोप है कि भुगतान न करने की स्थिति में मकान बिकवाने की चेतावनी दी जा रही थी।

    घटना की सूचना मिलते ही जिला अस्पताल में राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग पहुंच गए और शोक व्यक्त किया। हालांकि परिवार के कुछ सदस्य मौके पर मौजूद नहीं थे। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • मुरैना में मंदिर की छत गिरने से मातम प्रसाद लेने गईं तीन मासूम बच्चियों की दर्दनाक मौत

    मुरैना में मंदिर की छत गिरने से मातम प्रसाद लेने गईं तीन मासूम बच्चियों की दर्दनाक मौत


    मुरैना/मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है, जहां मंदिर की छत गिरने से तीन मासूम बच्चियों की मौत हो गई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब बच्चियां मंदिर में प्रसाद लेने गई थीं। अचानक हुए इस हादसे ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया और गांव में मातम का माहौल बन गया।

    घटना मुरैना जिले के कैलारस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एहरौली गांव की है। यहां स्थित चमड़ा माता मंदिर में रोज की तरह श्रद्धालु पूजा और प्रसाद लेने पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक मंदिर की छत भरभराकर गिर गई। छत गिरते ही वहां अफरा तफरी मच गई और लोग इधर उधर भागने लगे। मलबे के नीचे कई लोग दब गए।

    प्रसाद लेने गईं तीन बच्चियां छत के नीचे दब गईं। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। तीनों बच्चियों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इस हादसे में तीन अन्य बच्चियां और एक पति पत्नी भी गंभीर रूप से घायल हो गए।

    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। मलबा हटाने का काम शुरू किया गया और घायलों को बाहर निकाला गया। सभी घायलों को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

    हादसे की जानकारी मिलते ही कैलारस थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल को घेर लिया और मलबे का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में मंदिर की जर्जर हालत सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि मंदिर की छत काफी पुरानी थी और लंबे समय से उसकी मरम्मत नहीं कराई गई थी।

    इस हादसे के बाद ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि मंदिर की हालत पहले से खराब थी, लेकिन इस ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया। यदि समय रहते मरम्मत कराई जाती तो शायद यह हादसा टल सकता था।

    घटना के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। जिन परिवारों ने अपनी मासूम बेटियों को खोया है, उनका रो रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता और घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराने की मांग की है।फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। प्रशासन की ओर से भी मौके पर अधिकारियों को भेजा गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

  • रीवा अस्पताल प्रबंधक ने मुंह में पिस्टल रखकर खुद को मारी गोलीवेंटिलेटर पर संघर्ष के बाद मौत

    रीवा अस्पताल प्रबंधक ने मुंह में पिस्टल रखकर खुद को मारी गोलीवेंटिलेटर पर संघर्ष के बाद मौत


    रीवा । मध्य प्रदेश के रीवा शहर से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक युवक ने देर रात अपने घर के भीतर संदिग्ध परिस्थितियों में खुद को गोली मार ली। मृतक की पहचान प्रतीक सिंह उर्फ कुक्कू के रूप में हुई हैजो एक अस्पताल के प्रबंधनकार्य से जुड़े थे। घटना के बाद से पूरे शहर में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है।

    सोने से पहले गूंजी धमाके की आवाज

    जानकारी के मुताबिकयह दुखद घटना शहर के पीटीएस स्थित यूनियन बैंक के पीछे रहने वाले प्रतीक सिंह के घर पर हुई। रविवार-सोमवार की दरमियानी रात करीब 12 बजेजब पूरा परिवार सोने की तैयारी कर रहा थातभी अचानक प्रतीक के कमरे से गोली चलने की जोरदार आवाज आई। धमाके की आवाज सुनते ही घर में चीख-पुकार मच गई और परिजन बदहवास होकर प्रतीक के कमरे की ओर दौड़े।

    जमीन पर तड़पते मिले प्रतीक

    कमरे का दरवाजा खोलते ही परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। प्रतीक सिंह लहूलुहान हालत में फर्श पर पड़े तड़प रहे थे। उन्होंने पिस्टल को अपने मुंह के भीतर डालकर फायर किया थाजिससे गोली सीधे सिर के पार निकल गई थी। परिजनों ने बिना एक पल गंवाए उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया।

    वेंटिलेटर पर तोड़ा दम

    अस्पताल में प्रतीक की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा। अंदरूनी चोटें और अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।

    जांच में जुटी पुलिस
    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि आखिर प्रतीक ने इतना बड़ा आत्मघाती कदम क्यों उठाया। मौके से पुलिस ने साक्ष्य जुटाए हैं और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। अभी तक आत्महत्या के स्पष्ट कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस मामले की हर एंगल से तफ्तीश कर रही है।मृतकप्रतीक सिंह उर्फ कुक्कू अस्पताल प्रबंधकस्थान पीटीएस क्षेत्रयूनियन बैंक के पीछेरीवा। घटना का तरीका मुंह में पिस्टल रखकर खुद को मारी गोली। हालत इलाज के दौरान वेंटिलेटर पर हुई मौत।

  • दतिया में खूनी 'इश्क' का अंत मंदिर से लौट रही युवती के सीने में मारी गोली फिर शादीशुदा प्रेमी ने खुद को उड़ाया

    दतिया में खूनी 'इश्क' का अंत मंदिर से लौट रही युवती के सीने में मारी गोली फिर शादीशुदा प्रेमी ने खुद को उड़ाया


    दतिया । दतिया मध्य प्रदेश के दतिया जिले में प्रेम प्रसंग के चलते एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। गोंदन थाना क्षेत्र के कमलापुरी गांव के पास एक सिरफिरे युवक ने बीए की छात्रा पर जानलेवा हमला करने के बाद अपनी जीवनलीला भी समाप्त कर ली। यह घटना उस वक्त हुई जब युवती मंदिर में पूजा-अर्चना कर अपने घर लौट रही थी।

    वारदात का क्रम पहले रास्ता रोका फिर दागी गोली

    प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़िता शाहपुर स्थित हनुमान मंदिर से दर्शन कर लौट रही थी। रास्ते में आरोपी मानवेंद्र यादव 25 वर्ष ने उसका रास्ता रोका। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक दोनों के बीच कुछ कहासुनी हुई और देखते ही देखते मानवेंद्र ने अवैध कट्टे से युवती के सीने पर गोली चला दी। युवती को लहूलुहान हालत में सड़क पर गिरता देख आरोपी ने जरा भी देरी नहीं की और उसी हथियार से खुद के सिर में गोली मारकर मौके पर ही दम तोड़ दिया।

    चमत्कार हार्ट के पास से गुजरी गोली बची जान

    गोली चलने की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल पुलिस को सूचना दी। युवती को पहले इंदरगढ़ अस्पताल ले जाया गया जहां से उसे गंभीर हालत में दतिया जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। मेडिकल जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया गोली युवती के दिल हार्ट के बिल्कुल पास से होकर शरीर के आर-पार निकल गई। इसी मामूली अंतर की वजह से युवती की जान बच गई हालांकि उसकी हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।

    3 साल का प्रेम प्रसंग और आरोपी का डबल लाइफ

    पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह मामला एक तरफा जुनून या उलझे हुए प्रेम प्रसंग का नजर आ रहा है। आरोपी मानवेंद्र पहले से शादीशुदा था और एक बच्चे का पिता भी था। बताया जा रहा है कि आरोपी और युवती के बीच पिछले 2-3 वर्षों से संबंध थे। दोनों के गांव की दूरी महज 3 किलोमीटर है। पुलिस अब इस बिंदु पर जांच कर रही है कि आखिर ऐसा क्या हुआ जिसने मानवेंद्र को इस खौफनाक कदम की ओर धकेल दिया।

    पुलिस की कार्रवाई

    गोंदन थाना प्रभारी प्रदीप शर्मा ने बताया कि पुलिस ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है। आरोपी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। अस्पताल में भर्ती युवती के बयान और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स के आधार पर पुलिस आगे की कड़ियां जोड़ रही है। स्थान कमलापुरी गांव के पास दतिया म.प्र. मुख्य पात्र मानवेंद्र यादव मृत और 20 वर्षीय युवती घायल । हथियार अवैध कट्टा। वजह संदिग्ध प्रेम प्रसंग और आपसी विवाद।

  • MP में आयकर विभाग का बड़ा धमाका जबलपुर और कटनी में माइनिंग कारोबारियों और BJP नेता के ठिकानों पर रेड

    MP में आयकर विभाग का बड़ा धमाका जबलपुर और कटनी में माइनिंग कारोबारियों और BJP नेता के ठिकानों पर रेड


    जबलपुर ।  मध्य प्रदेश के जबलपुर/कटनी में भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति के खिलाफ जांच एजेंसियों ने मोर्चा खोल दिया है। बुधवार तड़के आयकर विभाग की टीमों ने जबलपुर और कटनी में एक साथ दबिश देकर खनन कारोबारियों और रसूखदार नेताओं के होश उड़ा दिए। यह पूरी कार्रवाई आय से अधिक संपत्तिटैक्स चोरी और संदिग्ध लेन-देन की शिकायतों के आधार पर की गई है।

    स्वच्छता अभियान का स्टिकर लगा कर पहुँची टीम
    इस छापेमारी में सबसे चौंकाने वाली बात आयकर विभाग की रणनीति रही। विभाग के अधिकारी किसी सरकारी गाड़ी के बजाय ऐसी कारों में पहुँचे जिन पर स्वच्छता जागरूकता अभियान 2025 के पोस्टर लगे थे। जबलपुर के सिविल लाइन स्थित खनन कारोबारी राजीव चड्ढा के घर जब ये गाड़ियां रुकींतो सुरक्षाकर्मियों को लगा कि नगर निगम की टीम किसी सर्वे के लिए आई है। लेकिन जैसे ही अधिकारियों ने अपना परिचय दियाहड़कंप मच गया।

    BJP नेता और माइनिंग किंग रडार पर

    छापेमारी का मुख्य केंद्र कटनी और जबलपुर रहे। कटनी में जिला पंचायत उपाध्यक्ष और भाजपा के कद्दावर नेता अशोक विश्वकर्मा के ठिकानों पर आयकर विभाग ने घेराबंदी की है। अशोक विश्वकर्मा की फर्म वीएमसी विश्वकर्मा माइंस  के नाम से संचालित होती है। अधिकारियों ने अशोक विश्वकर्मा के निवास के साथ-साथ उनके तीन भाइयों शंकर लाल विश्वकर्मा व अन्य के ठिकानों पर भी एक साथ छापा मारा। ग्राम टिकरिया और सिघनपुरी स्थित खदानों पर भी टीम की मौजूदगी रही। वहींजबलपुर के रसल चौक और सिविल लाइन इलाके में बड़े खनन कारोबारी राजीव चड्ढा और नितिन शर्मा के घर और दफ्तरों को खंगाला जा रहा है। चड्ढा माइन्स के ऑफिस से भारी मात्रा में दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

    25 सदस्यों की टीम और भारी पुलिस बल

    सूत्रों के अनुसारइस पूरी कार्रवाई में भोपालइंदौर और जबलपुर के लगभग 25 से अधिक वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। टीम में महिला अधिकारियों को भी शामिल किया गया है ताकि घरों की सघन तलाशी ली जा सके। खबर लिखे जाने तकअधिकारियों ने डिजिटल सबूतबैंक लॉकर के कागजात और संदिग्ध निवेश से जुड़े दस्तावेजों को कब्जे में ले लिया है।

    करोड़ों की टैक्स चोरी का अनुमान

    आयकर विभाग को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि खनन के कारोबार में बड़े पैमाने पर कैश का लेन-देन हो रहा है और वास्तविक आय को छुपाया जा रहा है। जांच टीम का मानना है कि इस छापेमारी के अंत तक करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी और बेनामी संपत्तियों का खुलासा हो सकता है। फिलहालकिसी भी अधिकारी ने आधिकारिक बयान जारी नहीं किया हैक्योंकि सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है। मध्य प्रदेश में चुनाव के बाद आर्थिक अनियमितताओं पर यह अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाहियों में से एक मानी जा रही है।
    भाजपा नेता के घर हुई इस रेड ने सियासी गलियारों में भी चर्चा तेज कर दी है। अब देखना यह है कि जांच के बाद क्या बड़े खुलासे होते हैं। लोकेशन जबलपुर सिविल लाइनरसल चौक और कटनी जलपा वार्डटिकरिया। निशाने पर राजीव चड्ढानितिन शर्मा और भाजपा नेता अशोक विश्वकर्मा। वजह आय से अधिक संपत्तिटैक्स चोरी और अवैध माइनिंग लेन-देन। विभाग आयकर विभाग भोपाल और इंदौर की संयुक्त टीम।

  • दमोह में दिल दहला देने वाला हादसा: चूल्हे की चिंगारी से झोपड़ी में लगी आग, 4 महीने के मासूम की जिंदा जलकर मौत

    दमोह में दिल दहला देने वाला हादसा: चूल्हे की चिंगारी से झोपड़ी में लगी आग, 4 महीने के मासूम की जिंदा जलकर मौत


    मध्य प्रदेश के दमोह जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है जहां एक छोटी-सी लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली। देहात थाना क्षेत्र के ग्राम बांसातारखेड़ा के चिथरयाऊ टोला में खेत पर बनी कच्ची झोपड़ी में आग लगने से चार महीने के मासूम बच्चे की जिंदा जलकर मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजन गहरे सदमे में हैं।

    खेत में काम कर रहे थे माता-पिता

    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बांसातारखेड़ा निवासी जितेंद्र गौंड गांव के ही किसान शैलेंद्र तिवारी के खेत में सिंचाई का ठेका लेकर काम करता था। खेत की देखरेख के लिए उसने वहीं एक अस्थायी झोपड़ी बना रखी थी, जहां वह अपने परिवार के साथ रहता था।शनिवार की रात जितेंद्र अपनी पत्नी धनाबाई के साथ खेत में पानी देने गया हुआ था। इस दौरान उनका चार महीने का बेटा निशांत झोपड़ी के अंदर सो रहा था। झोपड़ी में चूल्हा जल रहा था जिस पर खाना बनाया गया था।

    चूल्हे की चिंगारी बनी काल
    बताया जा रहा है कि रात के समय चूल्हे से निकली एक चिंगारी झोपड़ी में रखे कपड़ों पर गिर गई। देखते ही देखते आग भड़क उठी। झोपड़ी कच्ची होने और आसपास सूखी घास व अन्य ज्वलनशील सामग्री मौजूद होने के कारण आग ने कुछ ही पलों में विकराल रूप ले लिया। आग लगने के बाद झोपड़ी के अंदर सो रहा मासूम जोर-जोर से रोने लगा। उसकी चीखें सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीणों ने शोर मचाया और माता-पिता को सूचना दी।

    अस्पताल पहुंचने से पहले ही तोड़ा दम

    ग्रामीणों की आवाज सुनते ही जितेंद्र और धनाबाई दौड़ते हुए झोपड़ी की ओर पहुंचे। किसी तरह आग की लपटों के बीच से वे अपने झुलसे हुए बच्चे को बाहर निकाल पाए। आनन-फानन में मासूम को इलाज के लिए जिला अस्पताल दमोह ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया। इस हादसे में पूरी झोपड़ी जलकर खाक हो गई। परिवार के पास रहने और खाने तक का सामान भी नहीं बचा।

    प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची
    घटना की सूचना मिलते ही देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। देर रात एएसपी सुजीत सिंह भदोरिया, दमोह एसडीएम आर.एल. बागरी और पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। नगर पुलिस अधीक्षक एच.आर. पांडेय ने बताया कि यह एक दुर्घटनाजन्य मामला प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    पोस्टमार्टम के बाद सौंपा जाएगा शव

    मासूम के शव को जिला अस्पताल के शवगृह में सुरक्षित रखवाया गया है। प्रशासन के अनुसार, रविवार को तहसीलदार की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। घटना के बाद से परिजन गहरे सदमे में हैं और रात में ही अपने गांव लौट गए थे।

    पीड़ित परिवार को मिलेगी आर्थिक सहायता

    दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने बताया कि घटना बेहद दुखद है। प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही शासन की योजनाओं के तहत मिलने वाली मदद भी सुनिश्चित की जाएगी। देहात थाना प्रभारी रचना मिश्रा ने कहा कि मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण चूल्हे की चिंगारी ही सामने आया है।

    गांव में शोक का माहौल

    इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है। हर कोई इस बात से आहत है कि महज चार महीने का मासूम इस तरह काल का शिकार हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में बनी कच्ची झोपड़ियों में आग लगने का खतरा हमेशा बना रहता है, लेकिन मजबूरी में लोग वहीं रहने को विवश होते हैं।

  • अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी में खौफनाक गोलीबारी, फाइनल एग्ज़ाम के बीच 2 की मौत; 9 छात्र घायल 📝 शॉर्ट डिस्क्रिप्शन

    अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी में खौफनाक गोलीबारी, फाइनल एग्ज़ाम के बीच 2 की मौत; 9 छात्र घायल 📝 शॉर्ट डिस्क्रिप्शन


    नई दिल्ली /अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी में फाइनल परीक्षाओं के दौरान हुई गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई जबकि नौ छात्र घायल हुए हैं। शूटर की तलाश जारी है।अमेरिका के रोड आइलैंड राज्य स्थित ब्राउन यूनिवर्सिटी शनिवार को उस समय दहशत और खून-खराबे का गवाह बन गई जब फाइनल परीक्षाओं के दौरान एक अज्ञात हमलावर ने कैंपस के भीतर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। इस भयावह घटना में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई जबकि नौ अन्य छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए।घटना के बाद पूरे आइवी लीग कैंपस में अफरातफरी मच गई। सायरनों की आवाज लॉकडाउन अलर्ट और चीख-पुकार के बीच छात्र-छात्राएं जान बचाने के लिए इमारतों में छिपते नजर आए। पुलिस और आपातकालीन टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और पूरे इलाके को घेर लिया गया।

    फाइनल परीक्षा के दौरान बरसी गोलियां
    यह गोलीबारी शनिवार दोपहर को बारुस एंड होली इंजीनियरिंग बिल्डिंग में हुई जहां उस समय इंजीनियरिंग डिजाइन की परीक्षाएं चल रही थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार काले कपड़े और मास्क पहने एक व्यक्ति ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। हमलावर के हाथ में हैंडगन थी और उसने पहली मंजिल की एक कक्षा में घुसकर गोलियां चलाईं।यूनिवर्सिटी की अध्यक्ष क्रिस्टीना पैक्सन ने पुष्टि की कि गोली लगने से घायल हुए सभी लोग छात्र थे। शुरुआती जानकारी में 10 छात्रों के घायल होने की बात कही गई थी जिनमें से बाद में दो की मौत हो गई।


    आरोपी अब भी फरार

    प्रोविडेंस पुलिस के उप प्रमुख टिमोथी ओ’हारा के मुताबिक संदिग्ध एक पुरुष था जिसकी उम्र करीब 30 साल बताई जा रही है। उसे आखिरी बार इंजीनियरिंग इमारत से निकलते देखा गया लेकिन उसका चेहरा साफ दिखाई नहीं दे रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फाइनल परीक्षा के दौरान जब कई कमरों में बैज एक्सेस जरूरी था तब शूटर अंदर कैसे घुसा। शुरुआत में यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बताया था कि संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है लेकिन बाद में इस सूचना को गलत बताया गया। मेयर ब्रेट स्माइली ने कहा कि एक व्यक्ति को पूछताछ के लिए रोका गया था लेकिन जांच में उसका घटना से कोई संबंध नहीं पाया गया।

    कैंपस सील शेल्टर-इन-प्लेस आदेश
    घटना के तुरंत बाद पूरे कैंपस और आसपास के रिहायशी इलाकों में शेल्टर-इन-प्लेस आदेश जारी कर दिया गया। छात्रों और स्थानीय निवासियों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी गई। आमतौर पर वीकेंड पर गुलजार रहने वाली सड़कें पूरी तरह सुनसान नजर आईं। करीब पांच घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद टैक्टिकल गियर में तैनात पुलिसकर्मियों ने छात्रों को अलग-अलग इमारतों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।

    घायलों की हालत
    रॉड आइलैंड अस्पताल की प्रवक्ता केली ब्रेनन ने बताया कि सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से छह छात्रों को आईसीयू में रखना पड़ा हालांकि उनकी हालत स्थिर बनी हुई है। एक घायल की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।

    छात्रों ने बयां किया खौफ
    केमिकल इंजीनियरिंग की छात्रा एम्मा फेरारो ने बताया कि वह लॉबी में प्रोजेक्ट पर काम कर रही थीं तभी उन्हें गोलियों की आवाज सुनाई दी। उन्हें जब एहसास हुआ कि यह फायरिंग है तो वे जान बचाकर पास की इमारत में भागीं और कई घंटों तक छिपी रहीं।एक अन्य छात्र एलेक्स ब्रूस ने कहाजब सायरन बजे और एक्टिव शूटर का मैसेज आया तो मैं कांप गया। यह पल जिंदगी भर नहीं भूलूंगा। इस हमले ने न केवल ब्राउन यूनिवर्सिटी बल्कि पूरे अमेरिका में कैंपस सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • दिल्ली-NCR में GRAP-4 लागू, प्रदूषण संकट के बीच स्कूल हाइब्रिड मोड पर शिफ्ट…

    दिल्ली-NCR में GRAP-4 लागू, प्रदूषण संकट के बीच स्कूल हाइब्रिड मोड पर शिफ्ट…


    नई दिल्ली/ दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र NCR में वायु गुणवत्ता AQI का स्तर एक बार फिर ‘बेहद खराब’ Severe श्रेणी में पहुंचने के कारण स्थिति गंभीर हो गई है। प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत कार्यरत वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग CAQM ने तत्काल प्रभाव से ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान GRAP के सबसे सख्त चरण, यानी चरण 4 GRAP-4 को लागू करने का आदेश दिया है।

    प्रदूषण की स्थिति और GRAP-4 की आवश्यकता

    राजधानी दिल्ली के कई निगरानी स्टेशनों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक AQI 450 के आंकड़े को पार कर गया है, जो ‘गंभीर’ श्रेणी को दर्शाता है। यह स्थिति न केवल स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है, बल्कि इसे एक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल के करीब माना जाता है। इस भयावह स्थिति से निपटने और प्रदूषण के खतरनाक स्रोतों पर तत्काल नियंत्रण लगाने के उद्देश्य से प्रशासन ने ये कड़े कदम उठाए हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक वायुमंडलीय स्थिरता और हवा की कम गति के कारण प्रदूषण के स्तर में किसी बड़े सुधार की संभावना कम है, जिसने स्थिति की गंभीरता को और बढ़ा दिया है।

    शिक्षा पर तत्काल प्रभाव: हाइब्रिड मोड की वापसी
    GRAP-4 के लागू होते ही, दिल्ली शिक्षा निदेशालय DoE ने छात्रों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों के लिए विस्तृत और सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं। इन दिशानिर्देशों का मुख्य फोकस कक्षा 9वीं से लेकर 11वीं तक के छात्रों की शिक्षा पद्धति में परिवर्तन लाना है:हाइब्रिड मोड: कक्षा 9वीं, 10वीं और 11वीं के छात्रों के लिए पढ़ाई अब हाइब्रिड मोड में आयोजित की जाएगी। इसका अर्थ है कि शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से संचालित होगी।

    स्कूलों पर लागू: यह नई व्यवस्था दिल्ली के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त Aided और निजी Private स्कूलों पर समान रूप से लागू होगी। स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि जो छात्र ऑनलाइन क्लास का विकल्प चुनते हैं, उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो। अन्य कक्षाएं: हालांकि, आदेश में 12वीं कक्षा के छात्रों और छोटी कक्षाओं 8वीं तक के लिए स्पष्ट निर्देश नहीं दिए गए हैं, लेकिन यह संकेत है कि सबसे अधिक संवेदनशील आयु वर्ग को घर से पढ़ने का विकल्प दिया जा रहा है। यह कदम छात्रों को अत्यधिक प्रदूषित वातावरण में बाहर निकलने और स्कूल आने-जाने से रोकने के लिए उठाया गया है।

    कार्यालयों और परिवहन पर सख्त नियंत्रण

    प्रदूषण के स्रोतों को कम करने के लिए कार्यस्थलों और परिवहन क्षेत्र पर भी महत्वपूर्ण पाबंदियां लगाई गई हैं:सरकारी कार्यालयों में उपस्थिति पर सीमा:कर्मचारी सीमा: सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति को सीमित कर दिया गया है। केवल 50 प्रतिशत कर्मचारी ही भौतिक रूप से कार्यालय में उपस्थित रहेंगे। वर्क फ्रॉम होम: शेष 50 प्रतिशत कर्मचारी ‘वर्क फ्रॉम होम’ WFH मोड पर कार्य करेंगे। इस व्यवस्था का लक्ष्य सड़क पर वाहनों की संख्या को कम करना है।

    निजी दफ्तरों को निर्देश:
    निजी दफ्तरों और प्रतिष्ठानों को भी सक्रिय रूप से फ्लेक्सिबल टाइमिंग Flexible Timings अपनाने और कर्मचारियों को अधिकतम संभव सीमा तक घर से काम Work From Home करने के लिए प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया गया है। यह व्यवस्था भीड़भाड़ वाले समय में वाहनों के आवागमन को कम करने में सहायक होगी।

    परिवहन पर पाबंदियां:
    भारी वाहनों पर रोक: दिल्ली की सीमा में बाहरी राज्यों से आने वाले ट्रकों और अन्य भारी/मध्यम मालवाहक वाहनों आवश्यक सेवाओं को छोड़कर के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। यह कदम भारी वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को रोकने के लिए महत्वपूर्ण है। निर्माण कार्य पर पाबंदी: GRAP-4 के तहत पहले से ही गैर-आवश्यक निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।

    आगे की राह
    प्रदूषण नियंत्रण के लिए उठाए गए ये कदम अल्पकालिक राहत प्रदान करने के उद्देश्य से हैं। दिल्ली-NCR के नागरिकों को भी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों से अपील की है कि वे अत्यंत आवश्यक न होने पर घर से बाहर न निकलें और N-95 जैसे मास्क का उपयोग करें। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करें और सार्वजनिक परिवहन, साइकिलिंग या पैदल चलने को प्राथमिकता दें, ताकि इस राष्ट्रीय संकट से मिलकर लड़ा जा सके।

  • रतलाम कलेक्ट्रेट में हाई वोल्टेज ड्रामा: कोर्ट ने प्रेमिका को नारी निकेतन भेजा, प्रेमी अस्पताल में भर्ती

    रतलाम कलेक्ट्रेट में हाई वोल्टेज ड्रामा: कोर्ट ने प्रेमिका को नारी निकेतन भेजा, प्रेमी अस्पताल में भर्ती


    रतलाम । रतलाम कलेक्ट्रेट (Ratlam Collectorate)में मंगलवार को प्रेमी-प्रेमिका(boyfriend girlfriend) का ऐसा हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ कि पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई. मामला तब शुरू हुआ जब स्टेशन रोड थाना पुलिस एक 19 साल के युवक और उसकी 19 वर्षीय प्रेमिका को अपर कलेक्टर(Additional Collector) कोर्ट में लेकर पहुंची. युवती के परिवार ने उसकी गुमशुदगी दर्ज करवाई थी, जिसके बाद पुलिस दोनों को ढूंढकर कलेक्ट्रेट लाई.

    कोर्ट में पता चला कि युवक सिर्फ 19 साल का है. प्रेमी-प्रेमिका दोनों ने 2 दिसंबर को लव मैरिज की थी, लेकिन उम्र के कारण कोर्ट ने शादी की वैधता पर सवाल उठाए. युवती की इच्छा जानने के बाद एडीएम शालिनी श्रीवास्तव ने उसे उज्जैन नारी निकेतन भेजने का आदेश दे दिया.

    प्रेमी-प्रेमिका का हाई वोल्टेज ड्रामा
    फैसला सुनते ही युवक और उसके परिजन विरोध में खड़े हो गए. जब नारी निकेतन की गाड़ी युवती को लेने पहुंची, तब भी युवक ने कोर्ट परिसर में जमकर हंगामा किया. वह बार-बार अपनी पत्नी को अपने साथ भेजने की मांग करता रहा. एक घंटे तक समझाइश का दौर चलता रहा, मगर युवक शांत नहीं हुआ.

    लगातार रोने-चिल्लाने और तनाव के चलते अचानक युवक की तबीयत बिगड़ गई. वह बेहोश होकर गिर पड़ा, जिसके बाद मौके पर मौजूद अधिकारियों ने उसे जिला अस्पताल भिजवाया. फिलहाल युवक का इलाज रतलाम के सरकारी अस्पताल में चल रहा है.

    कोर्ट ने प्रेमिका को नारी निकेतन भेजा
    युवक के परिजनों का कहना है कि दोनों ने अपनी मर्जी से शादी की है और प्रशासन को युवती को नारी निकेतन भेजने की जरूरत नहीं थी. वे चाहते हैं कि उनकी बहू जल्द से जल्द वापस घर आए. अपर कलेक्टर शालिनी श्रीवास्तव ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की गई है और युवती की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसे नारी निकेतन भेजा गया है.