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  • सागर में सनसनीखेज मामला, चलती कार में आग से पत्नी की मौत, डॉक्टर पति पर उठे सवाल, भाई ने जताई हत्या की आशंका

    सागर में सनसनीखेज मामला, चलती कार में आग से पत्नी की मौत, डॉक्टर पति पर उठे सवाल, भाई ने जताई हत्या की आशंका


    मध्यप्रदेश के सागर जिले में शनिवार तड़के एक दर्दनाक और रहस्यमयी घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया। गढ़ाकोटा रोड पर चलती कार में अचानक आग लग गई, जिसमें सवार एक महिला की जलकर मौत हो गई, जबकि उनके डॉक्टर पति सुरक्षित बच निकले। यह घटना सुबह करीब चार बजे के आसपास हुई, जब दोनों पति-पत्नी इलाज के सिलसिले में सागर की ओर जा रहे थे।

    कार में सवार डॉक्टर नीलेश कुर्मी और उनकी पत्नी सीमा कुर्मी इस हादसे का शिकार हुए। बताया जा रहा है कि गाड़ी एक सीएनजी कार थी, जिसमें अचानक आग लगने से स्थिति बेकाबू हो गई। आग इतनी तेजी से फैली कि महिला को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला और वह कार के अंदर ही जल गईं। वहीं, डॉक्टर पति किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहे।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी और महिला की जान जा चुकी थी। मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए हैं, ताकि आग लगने के कारणों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने पूरे मामले को संदिग्ध मानते हुए हर पहलू से जांच शुरू कर दी है।

    इस बीच मृतका के भाई लोकेश पटेल ने इस घटना को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि अगर यह एक सामान्य दुर्घटना होती, तो घटनास्थल पर स्पष्ट निशान दिखाई देते, लेकिन वहां ऐसा कुछ नहीं मिला। उन्होंने आशंका जताई कि या तो उनकी बहन को पहले ही बेहोश किया गया या फिर उन्हें मृत अवस्था में कार में बैठाया गया। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

    लोकेश ने यह भी बताया कि घटना से पहले उन्हें डॉक्टर नीलेश का फोन आया था, जिसमें उन्होंने बताया कि सीमा को हार्ट अटैक आया है और वे उसे अस्पताल लेकर जा रहे हैं। कुछ समय बाद फिर से फोन आया और बताया गया कि रास्ते में दुर्घटना हो गई और कार में आग लग गई, जिसमें सीमा की मौत हो गई। इस बदलते बयान ने भी मामले को और संदिग्ध बना दिया है।

    स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होने की बात भी सामने आई है, जो जांच के दायरे में एक अहम बिंदु बन गया है। पुलिस अब दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही है और मामले की गहराई से जांच कर रही है।

    फिलहाल पुलिस हर एंगल से इस घटना की पड़ताल कर रही है, जिसमें हादसा, तकनीकी खराबी या किसी साजिश की संभावना शामिल है। अधिकारियों का कहना है कि सच्चाई जल्द सामने लाई जाएगी और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और लोग इस रहस्यमयी मौत को लेकर कई सवाल उठा रहे हैं।

  • सैम कुर्रन की चोट से राजस्थान रॉयल्स की रणनीति पर संकट IPL 2026 से पहले बड़ा बदलाव तय..

    सैम कुर्रन की चोट से राजस्थान रॉयल्स की रणनीति पर संकट IPL 2026 से पहले बड़ा बदलाव तय..

    नई दिल्ली:आईपीएल 2026 की शुरुआत से ठीक पहले राजस्थान रॉयल्स के खेमे से आई यह खबर टीम प्रबंधन और प्रशंसकों दोनों के लिए चिंता का कारण बन गई है। टीम के प्रमुख ऑलराउंडर सैम कुर्रन के चोटिल होने की खबर ने टीम की तैयारियों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार कुर्रन ग्रोइन की संभावित चोट से जूझ रहे हैं और इस कारण उनके पूरे टूर्नामेंट से बाहर होने की आशंका जताई जा रही है। यह स्थिति राजस्थान रॉयल्स के लिए एक बड़े झटके के समान है क्योंकि टीम ने उन्हें अपनी कोर प्लानिंग का हिस्सा बनाया था।

     सैम कुर्रन एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में संतुलन प्रदान करते हैं। उनकी मौजूदगी टीम को अतिरिक्त लचीलापन देती है और डेथ ओवर्स में वह मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। ऐसे में उनका बाहर होना राजस्थान रॉयल्स के संयोजन को प्रभावित कर सकता है। खासकर तब जब टीम ने हाल ही में बड़े ट्रेड के तहत संजू सैमसन के बदले रवींद्र जडेजा और सैम कुर्रन को अपनी टीम में शामिल किया था। यह कदम टीम की ताकत को बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया था लेकिन अब यह योजना अधर में नजर आ रही है।

    कुर्रन ने आखिरी बार पांच मार्च को भारत के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में हिस्सा लिया था जहां उनकी टीम को हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद से ही उनके फिटनेस को लेकर सवाल उठने लगे थे। आईपीएल के मंच पर कुर्रन का अनुभव काफी महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने पंजाब किंग्स और चेन्नई सुपर किंग्स के लिए शानदार प्रदर्शन किया है और लीग में अपनी अलग पहचान बनाई है। उनका आईपीएल डेब्यू वर्ष 2019 में हुआ था और तब से वह लगातार विभिन्न टीमों का हिस्सा रहे हैं।

    2023 में वह आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ियों में शामिल हुए जब उन्हें 18.5 करोड़ रुपये में खरीदा गया था। हालांकि पिछले सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए उनका प्रदर्शन अपेक्षाकृत साधारण रहा था जहां उन्होंने कुछ ही मैच खेले और सीमित योगदान दिया। इसके बावजूद उनका अनुभव और ऑलराउंड क्षमता उन्हें एक मूल्यवान खिलाड़ी बनाती है।

    राजस्थान रॉयल्स अब इस चुनौतीपूर्ण स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक विकल्पों पर विचार कर रही है। टीम के पास रवींद्र जडेजा जैसे अनुभवी ऑलराउंडर पहले से मौजूद हैं जो गेंद और बल्ले दोनों से मैच का रुख बदल सकते हैं। इसके अलावा डोनोवन फरेरा भी एक विकल्प के रूप में उभर रहे हैं जो पावर हिटिंग और उपयोगी ऑफ स्पिन गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं।

    टीम प्रबंधन को अब यह तय करना होगा कि वे कुर्रन की जगह किस खिलाड़ी को टीम में शामिल करते हैं और रणनीति को किस प्रकार संतुलित रखते हैं। आईपीएल जैसा टूर्नामेंट जहां हर मैच महत्वपूर्ण होता है वहां इस तरह की चोट टीम के प्रदर्शन पर गहरा प्रभाव डाल सकती है। राजस्थान रॉयल्स के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण है और उन्हें जल्दी ही एक मजबूत समाधान खोजने की जरूरत होगी ताकि टीम का संतुलन बना रहे और वे खिताब की दौड़ में बने रहें।

  • उत्तराधिकारी की चर्चा के बीच नीतीश और सम्राट की बढ़ती नजदीकी ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल

    उत्तराधिकारी की चर्चा के बीच नीतीश और सम्राट की बढ़ती नजदीकी ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल

    नई दिल्ली/मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार की सियासत में संभावित उत्तराधिकार को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हाल के दिनों में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बीच दिखाई देने वाली नजदीकी ने इन अटकलों को और हवा दे दी है। विभिन्न मंचों पर नीतीश कुमार का सम्राट चौधरी के प्रति भरोसा और उन्हें आगे की जिम्मेदारियों के संकेत के रूप में देखे जा रहे बयानों ने राजनीतिक हलकों में कई तरह के कयासों को जन्म दिया है।

    सम्राट चौधरी को लेकर चर्चा तब और बढ़ गई जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी समृद्धि यात्रा के दौरान अलग अलग मंचों पर उनके साथ दिखे। जमुई में आयोजित कार्यक्रम के दौरान नीतीश कुमार ने यह संकेत दिया कि आगे की जिम्मेदारियां अब उन्हीं के नेतृत्व में आगे बढ़ेंगी। इस बयान को लेकर मीडिया और राजनीतिक विश्लेषकों ने इसे संभावित उत्तराधिकारी के रूप में पेश किए जाने का संकेत माना।

    हालांकि इस पूरे घटनाक्रम पर बिहार सरकार के वरिष्ठ मंत्री और नीतीश कुमार के करीबी विजय चौधरी ने स्थिति को स्पष्ट करने की कोशिश की है। उन्होंने इन सभी अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि इसमें कुछ भी नया नहीं है। उनके अनुसार मुख्यमंत्री का यह स्वभाव रहा है कि वह अपने सहयोगियों को प्रोत्साहित करते हैं और उन्हें भविष्य की जिम्मेदारियों के लिए प्रेरित करते हैं। विजय चौधरी ने यह भी कहा कि जिस तरह की व्याख्या की जा रही है वह मीडिया की अपनी कल्पना है और इसका वास्तविकता से कोई सीधा संबंध नहीं है।

    उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि सम्राट चौधरी उपमुख्यमंत्री के रूप में मुख्यमंत्री के साथ पूरी निष्ठा से काम कर रहे हैं और सरकार के कार्यों को आगे बढ़ाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया कि किसी को भी उत्तराधिकारी के रूप में पेश किए जाने की बात को गलत तरीके से प्रचारित किया जा रहा है।

    राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि नीतीश कुमार के बाद बिहार में सत्ता का स्वरूप कैसा होगा। कुछ लोग मानते हैं कि भारतीय जनता पार्टी को मुख्यमंत्री पद मिल सकता है जबकि जनता दल यूनाइटेड के हिस्से से दो उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं। वहीं दूसरी ओर यह भी चर्चा है कि निशांत कुमार को भविष्य में एक महत्वपूर्ण भूमिका दी जा सकती है।

    इन तमाम चर्चाओं के बीच जातीय समीकरण और बिहार की राजनीति की जमीनी हकीकत को भी ध्यान में रखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार में सत्ता का भविष्य केवल संकेतों या बयानों पर निर्भर नहीं करता बल्कि जमीनी गठजोड़ और राजनीतिक समीकरण भी उतने ही महत्वपूर्ण होते हैं।

    इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे दिया है और आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह अटकलें किस दिशा में जाती हैं और वास्तव में बिहार की सत्ता का अगला चेहरा कौन बनता है

  • इंदौर में ED की बड़ी कार्रवाई नगर निगम के ARO राजेश परमार की 1.06 करोड़ की संपत्तियां कुर्क आय से 175 प्रतिशत अधिक संपत्ति का खुलासा

    इंदौर में ED की बड़ी कार्रवाई नगर निगम के ARO राजेश परमार की 1.06 करोड़ की संपत्तियां कुर्क आय से 175 प्रतिशत अधिक संपत्ति का खुलासा


    मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई की है। इंदौर नगर निगम के सहायक राजस्व अधिकारी राजेश परमार अब केंद्रीय जांच एजेंसी के शिकंजे में हैं। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए परमार और उनके परिवार के नाम दर्ज 1.06 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर दिया है। जांच में सामने आया है कि उनके पास मौजूद संपत्ति उनकी ज्ञात वैध आय से 175 प्रतिशत अधिक है।

    यह मामला मूल रूप से आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ भोपाल द्वारा दर्ज एफआईआर पर आधारित है। ईओडब्ल्यू ने राजेश परमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू की। जांच के दौरान साल 2007 से 2022 तक की आय और संपत्ति का विस्तृत आकलन किया गया।

    ईडी की जांच में सामने आया कि इस 15 वर्ष की अवधि में राजेश परमार ने करीब 1.66 करोड़ रुपये की संपत्तियां अर्जित कीं। जब इन संपत्तियों की तुलना उनकी आधिकारिक सैलरी और अन्य वैध आय स्रोतों से की गई तो यह अंतर चौंकाने वाला निकला। एजेंसी के अनुसार यह संपत्ति उनकी ज्ञात आय से लगभग 175 प्रतिशत अधिक पाई गई। जांच एजेंसी ने अनुमान लगाया है कि अपराध से अर्जित संदिग्ध आय लगभग 1.21 करोड़ रुपये हो सकती है।

    अटैच की गई संपत्तियों में मकान प्लॉट और जमीन शामिल हैं जो राजेश परमार और उनके परिजनों के नाम दर्ज हैं। इन संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया गया है ताकि जांच के दौरान इनका हस्तांतरण या विक्रय न किया जा सके। ईडी का कहना है कि आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत इन संपत्तियों को स्थायी रूप से जब्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

    जांच में यह भी सामने आया कि कथित रूप से अवैध तरीके से अर्जित नकदी को सीधे निवेश करने के बजाय पहले बैंक खातों के माध्यम से घुमाया गया। ईडी के अनुसार बड़ी मात्रा में नकद राशि को स्वयं और परिवार के सदस्यों के खातों में जमा कराया गया। इसके बाद बैंक ट्रांसफर के जरिए इन्हीं पैसों से अचल संपत्तियां खरीदी गईं। एजेंसी का दावा है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य धन के वास्तविक स्रोत को छिपाना और उसे वैध कमाई के रूप में दिखाना था।

    प्रवर्तन निदेशालय की इस कार्रवाई को इंदौर में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी पहल माना जा रहा है। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है और संबंधित दस्तावेजों तथा वित्तीय लेनदेन की पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद एजेंसी द्वारा अभियोजन की कार्रवाई भी की जा सकती है।

  • खंडवा में भाजपा नेता की मौत से सियासी हलचल मृत्यु पूर्व वीडियो में कांग्रेस नेता पर कर्ज वसूली और प्रताड़ना के आरोप पुलिस जांच में जुटी

    खंडवा में भाजपा नेता की मौत से सियासी हलचल मृत्यु पूर्व वीडियो में कांग्रेस नेता पर कर्ज वसूली और प्रताड़ना के आरोप पुलिस जांच में जुटी


    इंदौर। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में भाजपा नेता और पूर्व पार्षद जितेंद्र चौधरी उर्फ जीतू की मंगलवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। उनकी मृत्यु के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। मृत्यु से पहले रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो में उन्होंने कांग्रेस नेता गणेश सकरगाये पर कर्ज वसूली और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो बयान लेनदेन से जुड़े दस्तावेज और संबंधित लोगों के बयान के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी।

    मृत्यु से पहले बनाए गए वीडियो को जांच का अहम आधार माना जा रहा है। वीडियो में चौधरी ने कहा कि वे लंबे समय से भारी आर्थिक दबाव में थे और लगातार मानसिक उत्पीड़न झेल रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग पचास लाख रुपये के लेनदेन को लेकर वे पिछले पांच वर्षों से ब्याज चुका रहे थे इसके बावजूद उन पर दबाव बनाया जा रहा था। उनके अनुसार यह मानसिक तनाव इतना बढ़ गया था कि वे पूरी तरह टूट चुके थे।

    चौधरी ने वीडियो में यह भी कहा कि कर्ज और सामाजिक दबाव के कारण उनकी बेटी का रिश्ता टूट गया। उन्होंने बताया कि उन पर कुल मिलाकर लगभग एक करोड़ रुपये का कर्ज था लेकिन अन्य लेनदारों ने इस तरह का दबाव नहीं बनाया। उनका आरोप था कि भुगतान को लेकर लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था और इससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा पर भी असर पड़ा।

    जानकारी के अनुसार आनंद नगर स्थित लव कुश नगर सेक्टर तीन निवासी चौधरी मंगलवार सुबह करीब दस बजे घर से निकले और कांग्रेस नेता गणेश सकरगाये के घर पहुंचे। आरोप है कि वहां उन्होंने सल्फास की गोलियां खा लीं। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले आनंद नगर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। करीब चार घंटे तक चले इलाज के बाद उनकी मृत्यु हो गई। बताया जा रहा है कि अस्पताल में भर्ती कराने के बाद सकरगाये वहां से चले गए।

    सूत्रों के अनुसार चौधरी लंबे समय से आर्थिक और पारिवारिक तनाव से जूझ रहे थे। बताया जाता है कि पिछले दो वर्षों से वे अपनी बहन के घर भोजन कर रहे थे और कर्ज के बोझ के चलते पारिवारिक संबंधों में भी दूरी आ गई थी। उनके बेटे ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की है जबकि बेटी उच्च शिक्षित है। हर महीने पांच से दस तारीख के बीच ब्याज चुकाने का दबाव रहता था और दस फरवरी को भुगतान की अंतिम तिथि बताई जा रही थी। मित्रों से आर्थिक मदद की कोशिश की गई लेकिन सहायता नहीं मिल सकी। आरोप है कि भुगतान न करने की स्थिति में मकान बिकवाने की चेतावनी दी जा रही थी।

    घटना की सूचना मिलते ही जिला अस्पताल में राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग पहुंच गए और शोक व्यक्त किया। हालांकि परिवार के कुछ सदस्य मौके पर मौजूद नहीं थे। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • मुरैना में मंदिर की छत गिरने से मातम प्रसाद लेने गईं तीन मासूम बच्चियों की दर्दनाक मौत

    मुरैना में मंदिर की छत गिरने से मातम प्रसाद लेने गईं तीन मासूम बच्चियों की दर्दनाक मौत


    मुरैना/मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है, जहां मंदिर की छत गिरने से तीन मासूम बच्चियों की मौत हो गई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब बच्चियां मंदिर में प्रसाद लेने गई थीं। अचानक हुए इस हादसे ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया और गांव में मातम का माहौल बन गया।

    घटना मुरैना जिले के कैलारस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एहरौली गांव की है। यहां स्थित चमड़ा माता मंदिर में रोज की तरह श्रद्धालु पूजा और प्रसाद लेने पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक मंदिर की छत भरभराकर गिर गई। छत गिरते ही वहां अफरा तफरी मच गई और लोग इधर उधर भागने लगे। मलबे के नीचे कई लोग दब गए।

    प्रसाद लेने गईं तीन बच्चियां छत के नीचे दब गईं। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। तीनों बच्चियों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इस हादसे में तीन अन्य बच्चियां और एक पति पत्नी भी गंभीर रूप से घायल हो गए।

    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। मलबा हटाने का काम शुरू किया गया और घायलों को बाहर निकाला गया। सभी घायलों को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

    हादसे की जानकारी मिलते ही कैलारस थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल को घेर लिया और मलबे का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में मंदिर की जर्जर हालत सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि मंदिर की छत काफी पुरानी थी और लंबे समय से उसकी मरम्मत नहीं कराई गई थी।

    इस हादसे के बाद ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि मंदिर की हालत पहले से खराब थी, लेकिन इस ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया। यदि समय रहते मरम्मत कराई जाती तो शायद यह हादसा टल सकता था।

    घटना के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। जिन परिवारों ने अपनी मासूम बेटियों को खोया है, उनका रो रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता और घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराने की मांग की है।फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। प्रशासन की ओर से भी मौके पर अधिकारियों को भेजा गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

  • रीवा अस्पताल प्रबंधक ने मुंह में पिस्टल रखकर खुद को मारी गोलीवेंटिलेटर पर संघर्ष के बाद मौत

    रीवा अस्पताल प्रबंधक ने मुंह में पिस्टल रखकर खुद को मारी गोलीवेंटिलेटर पर संघर्ष के बाद मौत


    रीवा । मध्य प्रदेश के रीवा शहर से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक युवक ने देर रात अपने घर के भीतर संदिग्ध परिस्थितियों में खुद को गोली मार ली। मृतक की पहचान प्रतीक सिंह उर्फ कुक्कू के रूप में हुई हैजो एक अस्पताल के प्रबंधनकार्य से जुड़े थे। घटना के बाद से पूरे शहर में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है।

    सोने से पहले गूंजी धमाके की आवाज

    जानकारी के मुताबिकयह दुखद घटना शहर के पीटीएस स्थित यूनियन बैंक के पीछे रहने वाले प्रतीक सिंह के घर पर हुई। रविवार-सोमवार की दरमियानी रात करीब 12 बजेजब पूरा परिवार सोने की तैयारी कर रहा थातभी अचानक प्रतीक के कमरे से गोली चलने की जोरदार आवाज आई। धमाके की आवाज सुनते ही घर में चीख-पुकार मच गई और परिजन बदहवास होकर प्रतीक के कमरे की ओर दौड़े।

    जमीन पर तड़पते मिले प्रतीक

    कमरे का दरवाजा खोलते ही परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। प्रतीक सिंह लहूलुहान हालत में फर्श पर पड़े तड़प रहे थे। उन्होंने पिस्टल को अपने मुंह के भीतर डालकर फायर किया थाजिससे गोली सीधे सिर के पार निकल गई थी। परिजनों ने बिना एक पल गंवाए उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया।

    वेंटिलेटर पर तोड़ा दम

    अस्पताल में प्रतीक की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा। अंदरूनी चोटें और अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।

    जांच में जुटी पुलिस
    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि आखिर प्रतीक ने इतना बड़ा आत्मघाती कदम क्यों उठाया। मौके से पुलिस ने साक्ष्य जुटाए हैं और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। अभी तक आत्महत्या के स्पष्ट कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस मामले की हर एंगल से तफ्तीश कर रही है।मृतकप्रतीक सिंह उर्फ कुक्कू अस्पताल प्रबंधकस्थान पीटीएस क्षेत्रयूनियन बैंक के पीछेरीवा। घटना का तरीका मुंह में पिस्टल रखकर खुद को मारी गोली। हालत इलाज के दौरान वेंटिलेटर पर हुई मौत।

  • दतिया में खूनी 'इश्क' का अंत मंदिर से लौट रही युवती के सीने में मारी गोली फिर शादीशुदा प्रेमी ने खुद को उड़ाया

    दतिया में खूनी 'इश्क' का अंत मंदिर से लौट रही युवती के सीने में मारी गोली फिर शादीशुदा प्रेमी ने खुद को उड़ाया


    दतिया । दतिया मध्य प्रदेश के दतिया जिले में प्रेम प्रसंग के चलते एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। गोंदन थाना क्षेत्र के कमलापुरी गांव के पास एक सिरफिरे युवक ने बीए की छात्रा पर जानलेवा हमला करने के बाद अपनी जीवनलीला भी समाप्त कर ली। यह घटना उस वक्त हुई जब युवती मंदिर में पूजा-अर्चना कर अपने घर लौट रही थी।

    वारदात का क्रम पहले रास्ता रोका फिर दागी गोली

    प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़िता शाहपुर स्थित हनुमान मंदिर से दर्शन कर लौट रही थी। रास्ते में आरोपी मानवेंद्र यादव 25 वर्ष ने उसका रास्ता रोका। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक दोनों के बीच कुछ कहासुनी हुई और देखते ही देखते मानवेंद्र ने अवैध कट्टे से युवती के सीने पर गोली चला दी। युवती को लहूलुहान हालत में सड़क पर गिरता देख आरोपी ने जरा भी देरी नहीं की और उसी हथियार से खुद के सिर में गोली मारकर मौके पर ही दम तोड़ दिया।

    चमत्कार हार्ट के पास से गुजरी गोली बची जान

    गोली चलने की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल पुलिस को सूचना दी। युवती को पहले इंदरगढ़ अस्पताल ले जाया गया जहां से उसे गंभीर हालत में दतिया जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। मेडिकल जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया गोली युवती के दिल हार्ट के बिल्कुल पास से होकर शरीर के आर-पार निकल गई। इसी मामूली अंतर की वजह से युवती की जान बच गई हालांकि उसकी हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।

    3 साल का प्रेम प्रसंग और आरोपी का डबल लाइफ

    पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह मामला एक तरफा जुनून या उलझे हुए प्रेम प्रसंग का नजर आ रहा है। आरोपी मानवेंद्र पहले से शादीशुदा था और एक बच्चे का पिता भी था। बताया जा रहा है कि आरोपी और युवती के बीच पिछले 2-3 वर्षों से संबंध थे। दोनों के गांव की दूरी महज 3 किलोमीटर है। पुलिस अब इस बिंदु पर जांच कर रही है कि आखिर ऐसा क्या हुआ जिसने मानवेंद्र को इस खौफनाक कदम की ओर धकेल दिया।

    पुलिस की कार्रवाई

    गोंदन थाना प्रभारी प्रदीप शर्मा ने बताया कि पुलिस ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है। आरोपी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। अस्पताल में भर्ती युवती के बयान और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स के आधार पर पुलिस आगे की कड़ियां जोड़ रही है। स्थान कमलापुरी गांव के पास दतिया म.प्र. मुख्य पात्र मानवेंद्र यादव मृत और 20 वर्षीय युवती घायल । हथियार अवैध कट्टा। वजह संदिग्ध प्रेम प्रसंग और आपसी विवाद।

  • MP में आयकर विभाग का बड़ा धमाका जबलपुर और कटनी में माइनिंग कारोबारियों और BJP नेता के ठिकानों पर रेड

    MP में आयकर विभाग का बड़ा धमाका जबलपुर और कटनी में माइनिंग कारोबारियों और BJP नेता के ठिकानों पर रेड


    जबलपुर ।  मध्य प्रदेश के जबलपुर/कटनी में भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति के खिलाफ जांच एजेंसियों ने मोर्चा खोल दिया है। बुधवार तड़के आयकर विभाग की टीमों ने जबलपुर और कटनी में एक साथ दबिश देकर खनन कारोबारियों और रसूखदार नेताओं के होश उड़ा दिए। यह पूरी कार्रवाई आय से अधिक संपत्तिटैक्स चोरी और संदिग्ध लेन-देन की शिकायतों के आधार पर की गई है।

    स्वच्छता अभियान का स्टिकर लगा कर पहुँची टीम
    इस छापेमारी में सबसे चौंकाने वाली बात आयकर विभाग की रणनीति रही। विभाग के अधिकारी किसी सरकारी गाड़ी के बजाय ऐसी कारों में पहुँचे जिन पर स्वच्छता जागरूकता अभियान 2025 के पोस्टर लगे थे। जबलपुर के सिविल लाइन स्थित खनन कारोबारी राजीव चड्ढा के घर जब ये गाड़ियां रुकींतो सुरक्षाकर्मियों को लगा कि नगर निगम की टीम किसी सर्वे के लिए आई है। लेकिन जैसे ही अधिकारियों ने अपना परिचय दियाहड़कंप मच गया।

    BJP नेता और माइनिंग किंग रडार पर

    छापेमारी का मुख्य केंद्र कटनी और जबलपुर रहे। कटनी में जिला पंचायत उपाध्यक्ष और भाजपा के कद्दावर नेता अशोक विश्वकर्मा के ठिकानों पर आयकर विभाग ने घेराबंदी की है। अशोक विश्वकर्मा की फर्म वीएमसी विश्वकर्मा माइंस  के नाम से संचालित होती है। अधिकारियों ने अशोक विश्वकर्मा के निवास के साथ-साथ उनके तीन भाइयों शंकर लाल विश्वकर्मा व अन्य के ठिकानों पर भी एक साथ छापा मारा। ग्राम टिकरिया और सिघनपुरी स्थित खदानों पर भी टीम की मौजूदगी रही। वहींजबलपुर के रसल चौक और सिविल लाइन इलाके में बड़े खनन कारोबारी राजीव चड्ढा और नितिन शर्मा के घर और दफ्तरों को खंगाला जा रहा है। चड्ढा माइन्स के ऑफिस से भारी मात्रा में दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

    25 सदस्यों की टीम और भारी पुलिस बल

    सूत्रों के अनुसारइस पूरी कार्रवाई में भोपालइंदौर और जबलपुर के लगभग 25 से अधिक वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। टीम में महिला अधिकारियों को भी शामिल किया गया है ताकि घरों की सघन तलाशी ली जा सके। खबर लिखे जाने तकअधिकारियों ने डिजिटल सबूतबैंक लॉकर के कागजात और संदिग्ध निवेश से जुड़े दस्तावेजों को कब्जे में ले लिया है।

    करोड़ों की टैक्स चोरी का अनुमान

    आयकर विभाग को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि खनन के कारोबार में बड़े पैमाने पर कैश का लेन-देन हो रहा है और वास्तविक आय को छुपाया जा रहा है। जांच टीम का मानना है कि इस छापेमारी के अंत तक करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी और बेनामी संपत्तियों का खुलासा हो सकता है। फिलहालकिसी भी अधिकारी ने आधिकारिक बयान जारी नहीं किया हैक्योंकि सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है। मध्य प्रदेश में चुनाव के बाद आर्थिक अनियमितताओं पर यह अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाहियों में से एक मानी जा रही है।
    भाजपा नेता के घर हुई इस रेड ने सियासी गलियारों में भी चर्चा तेज कर दी है। अब देखना यह है कि जांच के बाद क्या बड़े खुलासे होते हैं। लोकेशन जबलपुर सिविल लाइनरसल चौक और कटनी जलपा वार्डटिकरिया। निशाने पर राजीव चड्ढानितिन शर्मा और भाजपा नेता अशोक विश्वकर्मा। वजह आय से अधिक संपत्तिटैक्स चोरी और अवैध माइनिंग लेन-देन। विभाग आयकर विभाग भोपाल और इंदौर की संयुक्त टीम।

  • दमोह में दिल दहला देने वाला हादसा: चूल्हे की चिंगारी से झोपड़ी में लगी आग, 4 महीने के मासूम की जिंदा जलकर मौत

    दमोह में दिल दहला देने वाला हादसा: चूल्हे की चिंगारी से झोपड़ी में लगी आग, 4 महीने के मासूम की जिंदा जलकर मौत


    मध्य प्रदेश के दमोह जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है जहां एक छोटी-सी लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली। देहात थाना क्षेत्र के ग्राम बांसातारखेड़ा के चिथरयाऊ टोला में खेत पर बनी कच्ची झोपड़ी में आग लगने से चार महीने के मासूम बच्चे की जिंदा जलकर मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजन गहरे सदमे में हैं।

    खेत में काम कर रहे थे माता-पिता

    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बांसातारखेड़ा निवासी जितेंद्र गौंड गांव के ही किसान शैलेंद्र तिवारी के खेत में सिंचाई का ठेका लेकर काम करता था। खेत की देखरेख के लिए उसने वहीं एक अस्थायी झोपड़ी बना रखी थी, जहां वह अपने परिवार के साथ रहता था।शनिवार की रात जितेंद्र अपनी पत्नी धनाबाई के साथ खेत में पानी देने गया हुआ था। इस दौरान उनका चार महीने का बेटा निशांत झोपड़ी के अंदर सो रहा था। झोपड़ी में चूल्हा जल रहा था जिस पर खाना बनाया गया था।

    चूल्हे की चिंगारी बनी काल
    बताया जा रहा है कि रात के समय चूल्हे से निकली एक चिंगारी झोपड़ी में रखे कपड़ों पर गिर गई। देखते ही देखते आग भड़क उठी। झोपड़ी कच्ची होने और आसपास सूखी घास व अन्य ज्वलनशील सामग्री मौजूद होने के कारण आग ने कुछ ही पलों में विकराल रूप ले लिया। आग लगने के बाद झोपड़ी के अंदर सो रहा मासूम जोर-जोर से रोने लगा। उसकी चीखें सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीणों ने शोर मचाया और माता-पिता को सूचना दी।

    अस्पताल पहुंचने से पहले ही तोड़ा दम

    ग्रामीणों की आवाज सुनते ही जितेंद्र और धनाबाई दौड़ते हुए झोपड़ी की ओर पहुंचे। किसी तरह आग की लपटों के बीच से वे अपने झुलसे हुए बच्चे को बाहर निकाल पाए। आनन-फानन में मासूम को इलाज के लिए जिला अस्पताल दमोह ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया। इस हादसे में पूरी झोपड़ी जलकर खाक हो गई। परिवार के पास रहने और खाने तक का सामान भी नहीं बचा।

    प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची
    घटना की सूचना मिलते ही देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। देर रात एएसपी सुजीत सिंह भदोरिया, दमोह एसडीएम आर.एल. बागरी और पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। नगर पुलिस अधीक्षक एच.आर. पांडेय ने बताया कि यह एक दुर्घटनाजन्य मामला प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    पोस्टमार्टम के बाद सौंपा जाएगा शव

    मासूम के शव को जिला अस्पताल के शवगृह में सुरक्षित रखवाया गया है। प्रशासन के अनुसार, रविवार को तहसीलदार की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। घटना के बाद से परिजन गहरे सदमे में हैं और रात में ही अपने गांव लौट गए थे।

    पीड़ित परिवार को मिलेगी आर्थिक सहायता

    दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने बताया कि घटना बेहद दुखद है। प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही शासन की योजनाओं के तहत मिलने वाली मदद भी सुनिश्चित की जाएगी। देहात थाना प्रभारी रचना मिश्रा ने कहा कि मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण चूल्हे की चिंगारी ही सामने आया है।

    गांव में शोक का माहौल

    इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है। हर कोई इस बात से आहत है कि महज चार महीने का मासूम इस तरह काल का शिकार हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में बनी कच्ची झोपड़ियों में आग लगने का खतरा हमेशा बना रहता है, लेकिन मजबूरी में लोग वहीं रहने को विवश होते हैं।