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  • सीधी में अंबेडकर जयंती रैली के दौरान बवाल, बोलेरो हटाने को लेकर हुए विवाद पर घर में घुसकर हमला, 4 घायल

    सीधी में अंबेडकर जयंती रैली के दौरान बवाल, बोलेरो हटाने को लेकर हुए विवाद पर घर में घुसकर हमला, 4 घायल


    सीधी। मध्य प्रदेश के सीधी जिले के अमिलिया में मंगलवार को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के मौके पर निकाली जा रही रैली के दौरान दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई। मामूली विवाद ने अचानक उग्र रूप ले लिया और नकाबपोश लोगों ने एक घर में घुसकर हमला कर दिया। इस घटना में एक ही परिवार के चार लोग घायल हो गए, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं।

    यह है मामला

    जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे भीम आर्मी द्वारा अंबेडकर जयंती रैली निकाली जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में एक बोलेरो वाहन खड़ा था, जिसे हटाने को लेकर विवाद शुरू हुआ। रैली में शामिल कुछ लोगों ने गाड़ी हटाने को कहा, लेकिन बात बढ़ने पर बोलेरो में तोड़फोड़ कर दी गई।

    इसके बाद मनी शुक्ला ने इसका विरोध किया, जिससे दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और गाली-गलौज शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि करीब 50 नकाबपोश लोग पथराव करते हुए मनी शुक्ला के घर में घुस गए और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की।

    हमले में 4 लोग घायल

    हमले में मनी शुक्ला (22) गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसके अलावा उनके परिवार के 80 वर्षीय रमाकांत शुक्ला, अर्चना शुक्ला (40) और दिव्यांश शुक्ला (22) को भी चोटें आई हैं। घटना के दौरान इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति संभालने की कोशिश की।

    अतिरिक्त पुलिस बल तैनात

    हमले के विरोध में दूसरे पक्ष के कुछ युवकों को घेरकर मारपीट की गई, जिससे तनाव और बढ़ गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अमिलिया, कमर्जी, बहरी थाना और सिहावल चौकी से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। क्षेत्र में 150 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और लगातार निगरानी रखी जा रही है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन इलाके में तनाव बना हुआ है। लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की गई है। पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही गई है।

  • सुहाग का सौदा , धार में पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर करवाई पति की हत्या ,सच्चाई ने किया हैरान

    सुहाग का सौदा , धार में पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर करवाई पति की हत्या ,सच्चाई ने किया हैरान

    धार । मध्य प्रदेश के धार जिले में सामने आए एक सनसनीखेज हत्याकांड ने रिश्तों की बुनियाद को झकझोर कर रख दिया है इस पूरे मामले में एक पत्नी का ऐसा खौफनाक चेहरा सामने आया है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है प्रियंका नाम की महिला ने अपने ही पति की हत्या की साजिश रचकर उसे अंजाम दिलाया और इसके बाद खुद को बेगुनाह साबित करने के लिए लूट और डकैती की कहानी गढ़ दी

    जानकारी के अनुसार प्रियंका और उसके पति देव कृष्ण पुरोहित के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था दोनों के रिश्तों में दरार इतनी गहरी हो चुकी थी कि आए दिन झगड़े होते थे हाल ही में सामने आए कुछ वीडियो में यह साफ दिखाई दे रहा है कि दोनों के बीच फोन पर बात करने को लेकर तीखी बहस होती थी प्रियंका किसी से फोन पर बात कर रही थी और जब उसके पति ने इस बारे में पूछा तो उसने जवाब देने से इनकार कर दिया जिससे विवाद और बढ़ गया

    एक वीडियो में दोनों के बीच झगड़ा इतना बढ़ जाता है कि प्रियंका अपने पति के साथ मारपीट पर उतर आती है बताया जा रहा है कि झगड़े के दौरान उसने अपने पति के हाथ पर काट लिया था और उसकी कॉलर पकड़कर जोरदार बहस की थी इन घटनाओं से यह साफ संकेत मिलते हैं कि दोनों के रिश्ते सामान्य नहीं थे इसके बावजूद पति अपने रिश्ते को बचाने की कोशिश करता रहा

    बताया जा रहा है कि प्रियंका का किसी अन्य व्यक्ति कमलेश के साथ प्रेम संबंध था और वही उसके दिमाग में बसा हुआ था कुछ समय पहले वह घर छोड़कर भी चली गई थी लेकिन उसका पति उसे वापस घर ले आया उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि यही फैसला उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा खतरा बन जाएगा

    पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि प्रियंका ने अपने प्रेमी कमलेश और एक सुपारी किलर सुरेंद्र के साथ मिलकर अपने पति की हत्या की साजिश रची उसने एक लाख रुपए देकर हत्या की सुपारी दी और घर के दरवाजे खुले छोड़ दिए ताकि आरोपी आसानी से अंदर आ सकें और वारदात को अंजाम दे सकें

    हत्या के बाद प्रियंका ने ऐसा नाटक किया मानो घर में लूटपाट हुई हो ताकि किसी को उस पर शक न हो लेकिन पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच की और महज बारह घंटे के भीतर पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर दिया पुलिस ने प्रियंका और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया और उनसे पूछताछ की जा रही है

    इस मामले को और भी चौंकाने वाला बनाने वाली बात यह है कि बताया जा रहा है कि पति की हत्या के बाद प्रियंका ने उसके शव के पास ही अपने प्रेमी के साथ संबंध बनाए यह जानकारी सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और लोग इस घटना को लेकर स्तब्ध हैं

    यह घटना न केवल एक आपराधिक साजिश की कहानी है बल्कि यह भी दर्शाती है कि जब रिश्तों में विश्वास खत्म हो जाता है तो परिणाम कितने भयावह हो सकते हैं फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपियों को अदालत में पेश करने की तैयारी कर रही है

  • बैंक घोटाले पर कसा शिकंजा सोनी इस्पात लिमिटेड डायरेक्टर गिरफ्तार दो आरोपी फरार

    बैंक घोटाले पर कसा शिकंजा सोनी इस्पात लिमिटेड डायरेक्टर गिरफ्तार दो आरोपी फरार

    जबलपुर । मध्यप्रदेश के जबलपुर में केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने करोड़ों रुपए के बैंक घोटाले के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सोनी इस्पात लिमिटेड के डायरेक्टर राजीव लोचन सोनी को गिरफ्तार कर लिया है आरोपी को इंदौर से पकड़ा गया जहां वह जांच एजेंसी की नजर में था इस गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर बैंकिंग सिस्टम में फर्जीवाड़े और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं

    जांच एजेंसियों के अनुसार राजीव लोचन सोनी ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए भारतीय स्टेट बैंक से करीब 13 करोड़ रुपए का लोन हासिल किया था यह लोन वर्ष 2006 से 2011 के बीच कंपनी के नाम पर लिया गया था आरोप है कि लोन लेने के दौरान दस्तावेजों में गलत जानकारी दी गई और नियमों का उल्लंघन किया गया बाद में यह लोन खाता एनपीए घोषित हो गया जिससे बैंक को भारी आर्थिक नुकसान हुआ

    मामले की शुरुआत तब हुई जब बैंक ने अपने स्तर पर खाते की समीक्षा की और अनियमितताएं सामने आईं इसके बाद वर्ष 2022 में एसबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक ने इस पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई जिसके आधार पर सीबीआई ने केस दर्ज कर जांच शुरू की जांच के दौरान कई अहम तथ्य सामने आए जिनसे यह स्पष्ट हुआ कि लोन प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ी की गई थी

    सीबीआई ने इस मामले में राजीव लोचन सोनी के अलावा विजय सोनी और जगदीश चन्द्र सारंग को भी आरोपी बनाया है हालांकि फिलहाल राजीव लोचन की गिरफ्तारी हो चुकी है जबकि अन्य दोनों आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है जांच एजेंसी संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा

    गिरफ्तारी के बाद राजीव लोचन सोनी से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस घोटाले में और कौन लोग शामिल थे और किस स्तर पर मिलीभगत हुई थी ऐसे मामलों में अक्सर कई स्तरों पर साजिश और सहयोग की परतें सामने आती हैं इसलिए जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है

    यह मामला सिर्फ एक कंपनी या व्यक्ति तक सीमित नहीं है बल्कि यह पूरे वित्तीय तंत्र के लिए चेतावनी है कि फर्जी दस्तावेजों के सहारे बड़े लोन हासिल करना और फिर उसे चुकाए बिना छोड़ देना किस तरह बैंकिंग व्यवस्था को नुकसान पहुंचाता है ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई ही भविष्य में इस तरह के अपराधों पर रोक लगा सकती है

    सीबीआई की यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत देती है कि आर्थिक अपराधों के खिलाफ एजेंसियां सक्रिय हैं और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं जो इस घोटाले की परतें और खोल सकते हैं

  • हादसे ने लिया उग्र रूप युवक की मौत के बाद पथराव और आगजनी से हाईवे पर हड़कंप

    हादसे ने लिया उग्र रूप युवक की मौत के बाद पथराव और आगजनी से हाईवे पर हड़कंप


    उज्जैन । मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले में एक सड़क हादसा उस समय हिंसक रूप ले बैठा जब एक युवक की मौत के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने जमकर हंगामा कर दिया घटना गरोठ नेशनल हाईवे पर बीती रात की है जहां दिल्ली से उज्जैन महाकाल दर्शन के लिए आ रही एक मिनी बस और ट्रैक्टर के बीच जोरदार टक्कर हो गई इस हादसे में 21 वर्षीय युवक विजय सोलंकी की दर्दनाक मौत हो गई जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मिनी बस तेज रफ्तार में थी और तुलाहेड़ा टोल प्लाजा के पास उसने ट्रैक्टर को पीछे से टक्कर मार दी टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रैक्टर पलट गया और विजय सोलंकी उसके नीचे दब गया बताया जा रहा है कि वह करीब एक घंटे तक ट्रैक्टर के नीचे फंसा रहा और समय पर राहत नहीं मिलने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई इस हादसे में उसका साथी राजेश शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गया वहीं बस चालक शिवकुमार और यात्री बॉबी व धर्मेंद्र कुमार भी घायल हुए हैं गंभीर घायलों को निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है

    हादसे के बाद जैसे ही युवक की मौत की खबर गांव में फैली लोगों में आक्रोश फैल गया बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उन्होंने मिनी बस पर पथराव शुरू कर दिया देखते ही देखते गुस्सा इतना बढ़ गया कि बस में आग लगा दी गई आग इतनी तेजी से फैली कि पूरी बस और उसमें रखा यात्रियों का सामान जलकर खाक हो गया हालांकि राहत की बात यह रही कि सभी यात्री समय रहते बस से बाहर निकल गए और उनकी जान बच गई बाद में उन्हें अन्य वाहनों के जरिए उज्जैन रवाना किया गया

    घटना के बाद ग्रामीणों ने हाईवे पर चक्काजाम कर दिया और टोल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की उनका आरोप था कि टोल प्लाजा पर मौजूद कर्मचारियों की लापरवाही के कारण राहत कार्य में देरी हुई और यदि समय पर मदद मिल जाती तो विजय सोलंकी की जान बचाई जा सकती थी इस आरोप ने स्थिति को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया

    सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में करने की कोशिश की भारी पुलिस बल तैनात किया गया और समझाइश के बाद जाम खुलवाया गया प्रशासन ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है

    यह घटना न केवल एक सड़क हादसे की त्रासदी को दर्शाती है बल्कि यह भी बताती है कि समय पर राहत और जिम्मेदारी की कमी कैसे हालात को और बिगाड़ सकती है एक तरफ जहां एक युवक की मौत ने परिवार को गहरे दुख में डाल दिया वहीं दूसरी ओर गुस्से की आग ने एक और नुकसान की तस्वीर सामने ला दी अब देखना होगा कि जांच के बाद सच्चाई क्या सामने आती है और जिम्मेदारी तय होती है या नहीं

  • TET नियम पर सियासत तेज दिग्विजय सिंह ने CM मोहन यादव को लिखा पत्र लाखों शिक्षकों को राहत की मांग

    TET नियम पर सियासत तेज दिग्विजय सिंह ने CM मोहन यादव को लिखा पत्र लाखों शिक्षकों को राहत की मांग


    भोपाल । मध्यप्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है इस मुद्दे ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है जब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर इस नियम पर दोबारा विचार करने की मांग की है उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट तौर पर कहा है कि यह निर्णय लाखों शिक्षकों के भविष्य को प्रभावित कर रहा है इसलिए सरकार को संवेदनशीलता के साथ इस पर पुनर्विचार करना चाहिए

    दिग्विजय सिंह ने अपने पत्र में इस बात पर जोर दिया कि TET की अनिवार्यता को भूतलक्षी यानी पिछली तारीख से लागू करना न्यायसंगत नहीं है उन्होंने सुझाव दिया कि इसे भविष्यलक्षी प्रभाव से लागू किया जाना चाहिए ताकि पहले से कार्यरत शिक्षकों पर अचानक कोई अतिरिक्त बोझ न पड़े उनका कहना है कि जिन शिक्षकों ने वर्षों पहले नियुक्ति पाई है और लंबे समय से सेवा दे रहे हैं उनके लिए नए नियमों को अचानक लागू करना असमानता पैदा करता है

    इस फैसले के बाद राज्यभर में दो लाख से अधिक शिक्षकों के बीच चिंता का माहौल बन गया है खासतौर पर वे शिक्षक जो वर्ष 2009 से पहले नियुक्त हुए थे और जिनकी सेवा अवधि में अभी पांच साल से अधिक का समय शेष है उन्हें अब TET परीक्षा देना अनिवार्य किया गया है ऐसे में कई शिक्षकों को अपनी नौकरी और भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है

    दिग्विजय सिंह ने सरकार से यह भी मांग की है कि इस पूरे मामले में रिव्यू या क्यूरेटिव पिटीशन दायर करने पर विचार किया जाए ताकि न्यायिक स्तर पर भी इस मुद्दे का समाधान निकल सके उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि अंतिम निर्णय आने तक TET की अनिवार्यता को स्थगित रखा जाए ताकि शिक्षकों को मानसिक और पेशेवर दबाव से राहत मिल सके

    इस मुद्दे ने शिक्षा व्यवस्था के भीतर कई सवाल खड़े कर दिए हैं एक तरफ सरकार गुणवत्ता और मानकों को बेहतर बनाने की दिशा में कदम उठा रही है वहीं दूसरी ओर लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी नीति को लागू करते समय संतुलन और व्यावहारिकता बेहद जरूरी होती है ताकि सुधार के प्रयासों का असर नकारात्मक न पड़े

    फिलहाल सभी की नजरें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस मांग पर किस तरह प्रतिक्रिया देती है और क्या शिक्षकों को किसी तरह की राहत मिलती है या नहीं यह मुद्दा आने वाले समय में और ज्यादा चर्चा का विषय बन सकता है क्योंकि इससे सीधे तौर पर शिक्षा व्यवस्था और लाखों परिवारों का भविष्य जुड़ा हुआ है

  • तेज रफ्तार का कहर नर्मदापुरम हाईवे पर खड़े ट्रक से भिड़ी कार दो की दर्दनाक मौत

    तेज रफ्तार का कहर नर्मदापुरम हाईवे पर खड़े ट्रक से भिड़ी कार दो की दर्दनाक मौत


    नर्मदापुरम । मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले में नेशनल हाईवे 46 पर शनिवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे ने दो परिवारों को गहरे शोक में डुबो दिया सुबह करीब चार बजे हुई इस भीषण दुर्घटना में तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े ट्रक से पीछे से जा टकराई टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया

    प्राप्त जानकारी के अनुसार कार नागपुर के हिंगनघाट क्षेत्र से शाजापुर जिले के बेरछा गांव की ओर जा रही थी वाहन में तीन लोग सवार थे जो अपने परिचित के घर जा रहे थे लेकिन रास्ते में नर्मदापुरम के निटाया क्षेत्र के पास यह हादसा हो गया बताया जा रहा है कि कार तेज रफ्तार में थी और चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका जिसके चलते कार सीधे सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से घुस गई

    हादसा इतना भीषण था कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें बैठे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला मौके पर ही विशाल बाड़कुरे निवासी हिंगनघाट नागपुर और ज्ञान सिंह मासोध निवासी बैतूल की मौत हो गई दोनों की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवारों में कोहराम मच गया वहीं तीसरा युवक रूपेश गहलोत गंभीर रूप से घायल हो गया जिसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया

    घटना की सूचना मिलते ही इटारसी से 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची आपातकालीन सेवा के कर्मचारियों ने बिना समय गंवाए राहत और बचाव कार्य शुरू किया ईएमटी विसराम अहिरवार ने घायल रूपेश को मौके पर प्राथमिक उपचार दिया जिससे उसकी स्थिति कुछ हद तक स्थिर हो सकी इसके बाद एम्बुलेंस पायलट प्रशांत ने तेजी दिखाते हुए उसे सरकारी अस्पताल नर्मदापुरम पहुंचाया जहां उसका इलाज जारी है और डॉक्टर उसकी हालत पर लगातार नजर बनाए हुए हैं

    हादसे के बाद पुलिस भी तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है साथ ही दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार और वाहन पर नियंत्रण खोना हादसे की मुख्य वजह मानी जा रही है

    यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार के खतरों की ओर इशारा करता है खासकर हाईवे पर जहां थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है सड़क किनारे खड़े वाहनों से टकराव के कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं लेकिन इसके बावजूद सावधानी बरतने में अक्सर चूक हो जाती है

    नर्मदापुरम का यह हादसा न केवल एक दुखद घटना है बल्कि यह एक गंभीर चेतावनी भी है कि यात्रा के दौरान सतर्कता और गति नियंत्रण कितना जरूरी है जरा सी जल्दबाजी कई जिंदगियों को हमेशा के लिए बदल सकती है

  • भोजशाला विवाद में तीन पक्षों की जंग, हिंदू मुस्लिम के बाद जैन समाज की एंट्री, हाईकोर्ट में 2 अप्रैल को सुनवाई

    भोजशाला विवाद में तीन पक्षों की जंग, हिंदू मुस्लिम के बाद जैन समाज की एंट्री, हाईकोर्ट में 2 अप्रैल को सुनवाई


    मध्यप्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर को लेकर चल रहा विवाद एक नए और अहम मोड़ पर पहुंच गया है। इस मामले में अब जैन समुदाय की एंट्री ने पूरे प्रकरण को और अधिक जटिल बना दिया है। इंदौर स्थित हाईकोर्ट की खंडपीठ ने इस संबंध में दायर एक नई जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार समेत सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 2 अप्रैल को निर्धारित की गई है।

    इस नई याचिका में दावा किया गया है कि भोजशाला परिसर के भीतर प्राचीन जैन मंदिर और गुरुकुल के अवशेष मौजूद हैं। याचिकाकर्ता दिल्ली के सामाजिक कार्यकर्ता सलेक चंद जैन हैं, जिन्होंने मांग की है कि जैन समुदाय को भी इस स्थान पर पूजा-अर्चना का अधिकार दिया जाए। उनका कहना है कि ऐतिहासिक और पुरातात्विक साक्ष्यों के आधार पर इस स्थल का जैन धर्म से भी गहरा संबंध हो सकता है।

    यह पूरा परिसर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी एएसआई द्वारा संरक्षित है, और इसके धार्मिक स्वरूप को लेकर पहले से ही हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। अब जैन समुदाय के इस दावे के जुड़ने से मामला और अधिक संवेदनशील और बहुस्तरीय हो गया है।

    भोजशाला विवाद नया नहीं है। हिंदू पक्ष इसे देवी सरस्वती का प्राचीन मंदिर मानता है और यहां पूजा-अर्चना के अधिकार की मांग करता है। वहीं मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद बताता है और अपने धार्मिक अधिकारों की रक्षा की बात करता है। यह स्थल 11वीं शताब्दी का बताया जाता है, जिसके ऐतिहासिक स्वरूप को लेकर विभिन्न मत मौजूद हैं। अब तक इस मामले से जुड़ी कई याचिकाएं पहले से ही हाईकोर्ट में लंबित हैं।

    अब जैन समुदाय के दावे के बाद इस विवाद में एक और आयाम जुड़ गया है, जिससे यह मामला और भी जटिल हो गया है। अदालत के समक्ष अब तीन अलग-अलग पक्ष अपने-अपने दावे प्रस्तुत कर रहे हैं, जिससे न्यायिक प्रक्रिया की अहमियत और बढ़ गई है।

    हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को नोटिस जारी करते हुए उनसे विस्तृत जवाब मांगा है। आने वाली सुनवाई में यह तय करने की कोशिश की जाएगी कि इस ऐतिहासिक स्थल का वास्तविक स्वरूप क्या है और किन-किन समुदायों को यहां धार्मिक गतिविधियां करने का अधिकार मिल सकता है।

    यह मामला केवल एक स्थल का विवाद नहीं, बल्कि इतिहास, आस्था और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा संवेदनशील विषय बन चुका है। अब सभी की नजरें 2 अप्रैल को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस बहुचर्चित मामले में आगे की दिशा तय हो सकती है

  • सागर में सनसनीखेज मामला, चलती कार में आग से पत्नी की मौत, डॉक्टर पति पर उठे सवाल, भाई ने जताई हत्या की आशंका

    सागर में सनसनीखेज मामला, चलती कार में आग से पत्नी की मौत, डॉक्टर पति पर उठे सवाल, भाई ने जताई हत्या की आशंका


    मध्यप्रदेश के सागर जिले में शनिवार तड़के एक दर्दनाक और रहस्यमयी घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया। गढ़ाकोटा रोड पर चलती कार में अचानक आग लग गई, जिसमें सवार एक महिला की जलकर मौत हो गई, जबकि उनके डॉक्टर पति सुरक्षित बच निकले। यह घटना सुबह करीब चार बजे के आसपास हुई, जब दोनों पति-पत्नी इलाज के सिलसिले में सागर की ओर जा रहे थे।

    कार में सवार डॉक्टर नीलेश कुर्मी और उनकी पत्नी सीमा कुर्मी इस हादसे का शिकार हुए। बताया जा रहा है कि गाड़ी एक सीएनजी कार थी, जिसमें अचानक आग लगने से स्थिति बेकाबू हो गई। आग इतनी तेजी से फैली कि महिला को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला और वह कार के अंदर ही जल गईं। वहीं, डॉक्टर पति किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहे।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी और महिला की जान जा चुकी थी। मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए हैं, ताकि आग लगने के कारणों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने पूरे मामले को संदिग्ध मानते हुए हर पहलू से जांच शुरू कर दी है।

    इस बीच मृतका के भाई लोकेश पटेल ने इस घटना को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि अगर यह एक सामान्य दुर्घटना होती, तो घटनास्थल पर स्पष्ट निशान दिखाई देते, लेकिन वहां ऐसा कुछ नहीं मिला। उन्होंने आशंका जताई कि या तो उनकी बहन को पहले ही बेहोश किया गया या फिर उन्हें मृत अवस्था में कार में बैठाया गया। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

    लोकेश ने यह भी बताया कि घटना से पहले उन्हें डॉक्टर नीलेश का फोन आया था, जिसमें उन्होंने बताया कि सीमा को हार्ट अटैक आया है और वे उसे अस्पताल लेकर जा रहे हैं। कुछ समय बाद फिर से फोन आया और बताया गया कि रास्ते में दुर्घटना हो गई और कार में आग लग गई, जिसमें सीमा की मौत हो गई। इस बदलते बयान ने भी मामले को और संदिग्ध बना दिया है।

    स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होने की बात भी सामने आई है, जो जांच के दायरे में एक अहम बिंदु बन गया है। पुलिस अब दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही है और मामले की गहराई से जांच कर रही है।

    फिलहाल पुलिस हर एंगल से इस घटना की पड़ताल कर रही है, जिसमें हादसा, तकनीकी खराबी या किसी साजिश की संभावना शामिल है। अधिकारियों का कहना है कि सच्चाई जल्द सामने लाई जाएगी और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और लोग इस रहस्यमयी मौत को लेकर कई सवाल उठा रहे हैं।

  • सैम कुर्रन की चोट से राजस्थान रॉयल्स की रणनीति पर संकट IPL 2026 से पहले बड़ा बदलाव तय..

    सैम कुर्रन की चोट से राजस्थान रॉयल्स की रणनीति पर संकट IPL 2026 से पहले बड़ा बदलाव तय..

    नई दिल्ली:आईपीएल 2026 की शुरुआत से ठीक पहले राजस्थान रॉयल्स के खेमे से आई यह खबर टीम प्रबंधन और प्रशंसकों दोनों के लिए चिंता का कारण बन गई है। टीम के प्रमुख ऑलराउंडर सैम कुर्रन के चोटिल होने की खबर ने टीम की तैयारियों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार कुर्रन ग्रोइन की संभावित चोट से जूझ रहे हैं और इस कारण उनके पूरे टूर्नामेंट से बाहर होने की आशंका जताई जा रही है। यह स्थिति राजस्थान रॉयल्स के लिए एक बड़े झटके के समान है क्योंकि टीम ने उन्हें अपनी कोर प्लानिंग का हिस्सा बनाया था।

     सैम कुर्रन एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में संतुलन प्रदान करते हैं। उनकी मौजूदगी टीम को अतिरिक्त लचीलापन देती है और डेथ ओवर्स में वह मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। ऐसे में उनका बाहर होना राजस्थान रॉयल्स के संयोजन को प्रभावित कर सकता है। खासकर तब जब टीम ने हाल ही में बड़े ट्रेड के तहत संजू सैमसन के बदले रवींद्र जडेजा और सैम कुर्रन को अपनी टीम में शामिल किया था। यह कदम टीम की ताकत को बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया था लेकिन अब यह योजना अधर में नजर आ रही है।

    कुर्रन ने आखिरी बार पांच मार्च को भारत के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में हिस्सा लिया था जहां उनकी टीम को हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद से ही उनके फिटनेस को लेकर सवाल उठने लगे थे। आईपीएल के मंच पर कुर्रन का अनुभव काफी महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने पंजाब किंग्स और चेन्नई सुपर किंग्स के लिए शानदार प्रदर्शन किया है और लीग में अपनी अलग पहचान बनाई है। उनका आईपीएल डेब्यू वर्ष 2019 में हुआ था और तब से वह लगातार विभिन्न टीमों का हिस्सा रहे हैं।

    2023 में वह आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ियों में शामिल हुए जब उन्हें 18.5 करोड़ रुपये में खरीदा गया था। हालांकि पिछले सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए उनका प्रदर्शन अपेक्षाकृत साधारण रहा था जहां उन्होंने कुछ ही मैच खेले और सीमित योगदान दिया। इसके बावजूद उनका अनुभव और ऑलराउंड क्षमता उन्हें एक मूल्यवान खिलाड़ी बनाती है।

    राजस्थान रॉयल्स अब इस चुनौतीपूर्ण स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक विकल्पों पर विचार कर रही है। टीम के पास रवींद्र जडेजा जैसे अनुभवी ऑलराउंडर पहले से मौजूद हैं जो गेंद और बल्ले दोनों से मैच का रुख बदल सकते हैं। इसके अलावा डोनोवन फरेरा भी एक विकल्प के रूप में उभर रहे हैं जो पावर हिटिंग और उपयोगी ऑफ स्पिन गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं।

    टीम प्रबंधन को अब यह तय करना होगा कि वे कुर्रन की जगह किस खिलाड़ी को टीम में शामिल करते हैं और रणनीति को किस प्रकार संतुलित रखते हैं। आईपीएल जैसा टूर्नामेंट जहां हर मैच महत्वपूर्ण होता है वहां इस तरह की चोट टीम के प्रदर्शन पर गहरा प्रभाव डाल सकती है। राजस्थान रॉयल्स के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण है और उन्हें जल्दी ही एक मजबूत समाधान खोजने की जरूरत होगी ताकि टीम का संतुलन बना रहे और वे खिताब की दौड़ में बने रहें।

  • उत्तराधिकारी की चर्चा के बीच नीतीश और सम्राट की बढ़ती नजदीकी ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल

    उत्तराधिकारी की चर्चा के बीच नीतीश और सम्राट की बढ़ती नजदीकी ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल

    नई दिल्ली/मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार की सियासत में संभावित उत्तराधिकार को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हाल के दिनों में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बीच दिखाई देने वाली नजदीकी ने इन अटकलों को और हवा दे दी है। विभिन्न मंचों पर नीतीश कुमार का सम्राट चौधरी के प्रति भरोसा और उन्हें आगे की जिम्मेदारियों के संकेत के रूप में देखे जा रहे बयानों ने राजनीतिक हलकों में कई तरह के कयासों को जन्म दिया है।

    सम्राट चौधरी को लेकर चर्चा तब और बढ़ गई जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी समृद्धि यात्रा के दौरान अलग अलग मंचों पर उनके साथ दिखे। जमुई में आयोजित कार्यक्रम के दौरान नीतीश कुमार ने यह संकेत दिया कि आगे की जिम्मेदारियां अब उन्हीं के नेतृत्व में आगे बढ़ेंगी। इस बयान को लेकर मीडिया और राजनीतिक विश्लेषकों ने इसे संभावित उत्तराधिकारी के रूप में पेश किए जाने का संकेत माना।

    हालांकि इस पूरे घटनाक्रम पर बिहार सरकार के वरिष्ठ मंत्री और नीतीश कुमार के करीबी विजय चौधरी ने स्थिति को स्पष्ट करने की कोशिश की है। उन्होंने इन सभी अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि इसमें कुछ भी नया नहीं है। उनके अनुसार मुख्यमंत्री का यह स्वभाव रहा है कि वह अपने सहयोगियों को प्रोत्साहित करते हैं और उन्हें भविष्य की जिम्मेदारियों के लिए प्रेरित करते हैं। विजय चौधरी ने यह भी कहा कि जिस तरह की व्याख्या की जा रही है वह मीडिया की अपनी कल्पना है और इसका वास्तविकता से कोई सीधा संबंध नहीं है।

    उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि सम्राट चौधरी उपमुख्यमंत्री के रूप में मुख्यमंत्री के साथ पूरी निष्ठा से काम कर रहे हैं और सरकार के कार्यों को आगे बढ़ाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया कि किसी को भी उत्तराधिकारी के रूप में पेश किए जाने की बात को गलत तरीके से प्रचारित किया जा रहा है।

    राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि नीतीश कुमार के बाद बिहार में सत्ता का स्वरूप कैसा होगा। कुछ लोग मानते हैं कि भारतीय जनता पार्टी को मुख्यमंत्री पद मिल सकता है जबकि जनता दल यूनाइटेड के हिस्से से दो उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं। वहीं दूसरी ओर यह भी चर्चा है कि निशांत कुमार को भविष्य में एक महत्वपूर्ण भूमिका दी जा सकती है।

    इन तमाम चर्चाओं के बीच जातीय समीकरण और बिहार की राजनीति की जमीनी हकीकत को भी ध्यान में रखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार में सत्ता का भविष्य केवल संकेतों या बयानों पर निर्भर नहीं करता बल्कि जमीनी गठजोड़ और राजनीतिक समीकरण भी उतने ही महत्वपूर्ण होते हैं।

    इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे दिया है और आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह अटकलें किस दिशा में जाती हैं और वास्तव में बिहार की सत्ता का अगला चेहरा कौन बनता है