छिंदवाड़ा में नरवाई जलाने पर सख्ती, 60 एफआईआर दर्ज; प्रशासन सख्त


नई दिल्ली। छिंदवाड़ा जिले में नरवाई (फसल अवशेष) जलाने के मामलों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अब तक जिले में कुल 60 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। अलग-अलग तहसीलों में हुई कार्रवाई के तहत चौरई में 15, अमरवाड़ा और बिछुआ में 10-10, उमरेठ में 8, तमिया में 6, चांद और हर्रई में 4-4, परासिया में 2 तथा छिंदवाड़ा तहसील में 1 मामला सामने आया है। इसके अलावा कई किसानों पर जुर्माना भी लगाया गया है।

कलेक्टर के निर्देश तुरंत कार्रवाई और सख्त निगरानी

जिले के कलेक्टर हरेन्द्र नारायण ने इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नरवाई जलाने की सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच करें और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां पर्यावरण और मिट्टी की गुणवत्ता के लिए बेहद नुकसानदायक हैं, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

संयुक्त टीमें करेंगी निगरानी, किसानों को दी जाएगी समझाइश

कलेक्टर ने कृषि और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों को लगातार फील्ड में निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अधिकारियों को यह भी कहा गया है कि किसानों को जागरूक किया जाए और उन्हें नरवाई जलाने के नुकसान तथा इसके वैकल्पिक उपायों की जानकारी दी जाए। प्रशासन का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि किसानों को सही दिशा में मार्गदर्शन देना भी है।

आगे भी जारी रहेगी सख्ती

प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि नरवाई जलाने के मामलों में आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एफआईआर और जुर्माने की कार्रवाई लगातार की जाएगी, ताकि इस पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जा सके।