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  • मप्र: मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वतंत्रता दिवस पर भोपाल और विधानसभा अध्यक्ष तोमर ग्वालियर में करेंगे ध्वजारोहण

    मप्र: मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वतंत्रता दिवस पर भोपाल और विधानसभा अध्यक्ष तोमर ग्वालियर में करेंगे ध्वजारोहण


    – उप मुख्यमंत्री देवड़ा मंदसौर, उप मुख्यमंत्री शुक्ल रीवा और जिला मुख्यालयों पर मंत्रीगण करेंगे ध्वजारोहण

    भोपाल। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वतंत्रता दिवस पर 15 अगस्त को राजधानी भोपाल में आयोजित राज्य-स्तरीय समारोह में ध्वजारोहण कर प्रदेशवासियों के नाम संदेश देंगे। इस अवसर पर राजधानी भोपाल सहित जिला मुख्यालयों पर विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियां भी होंगी। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ग्वालियर में ध्वजारोहण करेंगे।

    सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा मंगलवार को जारी आदेश के अनुसार, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा मंदसौर और उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल रीवा में ध्वजारोहण करेंगे। मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह खण्डवा, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय देवास, मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल नरसिंहपुर, मंत्री राकेश सिंह जबलपुर, मंत्री करन सिंह वर्मा सीहोर, मंत्री राव उदय प्रताप सिंह छिंदवाड़ा, मंत्री सम्पतिया उइके मंडला, मंत्री तुलसीराम सिलावट इंदौर, मंत्री एदल सिंह कंषाना मुरैना, मंत्री निर्मला भूरिया झाबुआ, मंत्री गोविंद सिंह राजपूत सागर, मंत्री विश्वास कैलाश सारंग खरगौन, मंत्री नारायण सिंह कुशवाह दतिया, मंत्री नागर सिंह चौहान अलीराजपुर, मंत्री प्रदुम्न सिंह तोमर शिवपुरी, मंत्री राकेश शुक्ला श्योपुर और मंत्री इन्दर सिंह परमार शाजापुर में ध्वजारोहण करेंगे।

    राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर टीकमगढ़, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी दमोह, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल अनूपपुर, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल उज्जैन, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल विदिशा, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नारायण सिंह पंवार राजगढ़, राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल रायसेन, राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी सतना, राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार छतरपुर और राज्यमंत्री राधा सिंह सिंगरौली में ध्वजारोहण करेंगी।

    रतलाम, शहडोल, नर्मदापुरम, धार, बालाघाट, पांढुर्णा, सिवनी, निवाड़ी, सीधी, बड़वानी, मउगंज, गुना, उमरिया, आगर-मालवा, हरदा, नीमच, अशोकनगर, कटनी, भिण्ड, पन्ना, बैतूल, डिण्डौरी, मैहर और बुरहानपुर जिले में संबंधित जिले के कलेक्टर ध्वजारोहण करेंगे।

  • सिंहस्थ: 2028 के दृष्टिगत मध्य प्रदेश में बढ़ाई जा रही रेल सुविधाएं : मुख्यमंत्री डॉ यादव

    सिंहस्थ: 2028 के दृष्टिगत मध्य प्रदेश में बढ़ाई जा रही रेल सुविधाएं : मुख्यमंत्री डॉ यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आगामी सिंहस्थ : 2028 के दृष्टिगत राज्य में रेलवे सुविधाओं के विस्तार का कार्य निरंतर चल रहा है। भोपाल को निशातपुरा के रूप में चौथे रेलवे स्टेशन की सौगात मिली है। इस रेलवे स्टेशन पर दो ट्रेनों के ठहराव (स्टापेज) होगा। निशातपुरा रुकने वाली ट्रेनें शिव और शक्ति की प्रतीक हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार शाम को भोपाल के नव विकसित निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर दो रेल गाड़ियों- डॉ. अंबेडकर नगर-श्रीमाता वैष्णोदेवी कटरा मालवा एक्सप्रेस और वेरावल-जबलपुर एक्सप्रेस ट्रेन के निशातपुर स्टेशन पर नए ठहराव (स्टॉपेज) के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मालवा एक्सप्रेस को झंडी दिखाकर रवाना किया।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश बदल रहा है। हर विभाग में नए कीर्तिमान गढ़े जा रहे हैं। गत 12 साल में रेलवे का “न भूतो न भविष्यति” विकास हुआ है। भारतीय रेलवे में द्रुत गति से विकास कार्य हो रहे हैं। निशातपुरा स्टेशन के शुभारंभ से अब नई दिल्ली से उज्जैन-इंदौर की ओर जाने वाली रेलगाड़ियों को ट्रैक और इंजन बदलने की जरूरत नहीं होगी।

    अब नई दिल्ली से उज्जैन-इंदौर आने-जाने के लिए बचेगा समय

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय रेलवे के माध्यम से उज्जैन सिंहस्थ: 2028 को लेकर लगातार सौगातें मिल रही हैं। सिंहस्थ : 2028 के आयोजन में अनुमानित 40 करोड़ श्रद्धालु मध्य प्रदेश आएंगे। ऐसे में नए रेलवे स्टेशन यात्रियों की भीड़ का दबाव कम करने में अहम भूमिका निभाएंगे। निशातपुरा क्षेत्र में 14 करोड़ की लागत से विकसित निशातपुरा स्टेशन नागरिकों के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोलेगा। यहां अनेक नई सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। नई दिल्ली से उज्जैन-इंदौर आने-जाने के लिए समय बचेगा। भोपाल मुख्य स्टेशन जाए बिना डायरेक्ट ट्रेन मिलेगी।

    उन्होंने कहा कि जब किसी क्षेत्र में रेल लाइन आती है, तो यात्री सुविधाओं के साथ व्यापार, कृषि और माल ढुलाई आदि कार्यों में सुविधा मिलती है। प्रधानमंत्री मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव मध्य प्रदेश में रेल सुविधाओं के विस्तार के लिए पूर्ण सहयोग कर रहे हैं।

    मध्य प्रदेश के लिए भारत सरकार ने रेल बजट में की 24 गुना बढ़ोतरी

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय रेलवे व्यापार-व्यवसाय की सुगमता और रोजगार बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। भारतीय रेल का नेटवर्क इतना बड़ा है, जिसमें कई देशों की कुल आबादी के बराबर लोग हमारी ट्रेनों में सफर कर रहे होते हैं। देश में रेलवे के 70 मंडल मुख्यालय हैं। मध्य प्रदेश में रेलवे ट्रैक का शत प्रतिशत विद्युतीकरण कार्य पूर्ण हो चुका है। भारतीय रेलवे ने वंदे भारत एक्सप्रेस, अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी आधुनिक रेल गाड़ियों की शुरुआत की है। अब भोपाल के पास ट्रेनों के आधुनिक कोच तैयार किए जाएंगे।

    उन्होंने कहा कि देश के साथ ही मध्य प्रदेश बदल रहा है। वर्ष 2009 से 2014 तक मध्य प्रदेश में रेलवे का बजट केवल 632 करोड़ रुपये था, जो अब वर्ष 2026-27 तक 15 हजार 288 करोड़ रुपये हो गया है। भारत सरकार ने प्रदेश के लिए रेल बजट में 24 गुना वृद्धि की है। वर्तमान में मध्य प्रदेश में रेलवे के 1 लाख 18 हजार करोड़ लागत के नए कार्य जारी हैं। वर्ष 2014 के बाद प्रदेश में 2800 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइनों का निर्माण हुआ है, जो डेनमार्क देश की कुल सीमा से भी अधिक है।

    प्रतिदिन बिछाया जा रहा है 34 किलोमीटर रेलवे ट्रेक
    मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में जहां एक दिन में मात्र 4 किलोमीटर रेलवे ट्रैक तैयार होता था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में ट्रैक बिछाने की रफ्तार 34 किलोमीटर प्रतिदिन है। भोपाल में अब रानी कमलापति स्टेशन, भोपाल मेन स्टेशन, संत हिरदाराम स्टेशन और अब निशातपुरा स्टेशन हो गए हैं। मध्य प्रदेश को 13 नए अमृत स्टेशनों की सौगात मिली है। वडोदरा -रतलाम और इटारसी-भोपाल-बीना रूट पर तीसरी और चौथी रेल लाइन के काम चल रहे हैं। पहले कभी मीटर गेज लाइनें हुआ करती थीं, जो धीरे-धीरे ब्रॉडगेज हो गईं और ब्रॉडगेज डबल लाइन हो गईं। अब ट्रिपल और फोर लाइन का विकास हो रहा है।

    ध्य प्रदेश में रेल सुविधाएं बढ़ीं

    पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह ने कहा कि पश्चिम मध्य रेलवे अपने यात्रियों को सुरक्षित एवं सुगम यात्रा प्रदान करने के लिए अधोसंरचना के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में रेल मार्गों का विकास, आधुनिक ट्रेनों का संचालन, सेफ्टी और सिक्योरिटी में सुधार रेल यात्रा को नए आयाम प्रदान कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कार्यकाल में मध्य प्रदेश को रेलवे की अनेक सुविधाएं मिली हैं। खजुराहो से वाराणसी वंदेभारत एक्सप्रेस, रीवा-पुणे, डॉ. अंबेडकर नगर-गोंडा के लिए नई ट्रेनें शुरू की गई हैं। इसी अवधि में बीना-इटारसी और कटनी-बीना की तीसरी लाइन, कटनी अपग्रेड सेपरेटर, इटारसी के अप और डाउन ग्रेड सेपरेटर के साथ ही कटनी-सिंगरौली-रीवा-सतना रेल रूट का दोहरीकरण किया गया है।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर में फ्लाई ओवर का शुभारंभ किया है, जिसमें मदन महल स्टेशन पर बना केबिल स्टे ब्रिज शामिल है। प्रदेश में 13 अमृत स्टेशनों का जीर्णोद्धार कार्य पूरा हो चुका है। स्टेशनों पर यात्रियों के लिए एस्केलेटर और एफओबी उपलब्ध कराए रहे हैं। भोपाल स्टेशन के पास बने निशातपुरा स्टेशन पर दो नई ट्रेनों के ठहराव से यात्रियों को भोपाल स्टेशन की भीड़भाड़ से राहत मिलेगी। पश्चिम मध्य रेलवे निशानपुरा स्टेशन को यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

    कार्यक्रम में विधायक विष्णु खत्री, महापौर मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, भोपाल मंडल रेल प्रबंधक पंकज त्यागी सहित पश्चिम मध्य रेलवे के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों ने रोड शो में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया और निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर गाड़ियों का ठहराव प्रारंभ होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया।

  • फास्ट ट्रैक कोर्ट में 3 माह में होगा परीक्षा जैसे अन्य मामलों का निराकरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    फास्ट ट्रैक कोर्ट में 3 माह में होगा परीक्षा जैसे अन्य मामलों का निराकरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार शिक्षक और विद्यार्थी वर्ग के कल्याण से जुड़े सभी विषयों पर अत्यंत गंभीर और संवेदनशील है। शिक्षा के क्षेत्र में सुधार और विद्यार्थियों के हित में लगातार महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश की जनता के हित में जब भी कोई निर्णय लिया जाता है, मध्यप्रदेश उसे लागू करने और निर्णय के अनुरूप नीतिगत व्यवस्था बनाने वाला पहला राज्य होता है। समय की जरूरत है कि युवाओं से संबंधित न्यायिक फैसले द्रुत गति से हों। इसके लिए मध्यप्रदेश में 4 फास्ट ट्रैक कोर्ट्स (भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में) बनाये जायेंगे। पेपर लीक और परीक्षा सहित अन्य मामलों का फास्ट ट्रैक कोर्ट में मात्र 3 माह में निराकरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को मध्यप्रदेश विधानसभा स्थित सेंट्रल हॉल में मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में यह जानकारी दी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मन में विद्यार्थियों के कल्याण और उनसे जुड़े सभी विषयों को लेकर बेहद सकारात्मक भाव हैं। उन्होंने कहा कि जैसे ही नीट पेपर लीक की खबर सामने आई, उसकी जांच के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) गठित की। प्रकरण दर्ज हुआ और देशभर में तेज गति से आरोपियों की गिरफ्तारियां भी की गई, फिर दोबारा नीट परीक्षा कराई गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार पूरी सहानुभूति और संवेदना विद्यार्थियों के साथ है। हम हर परिस्थिति में विद्यार्थियों के साथ खड़े हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में नीट परीक्षाएं बेहतर और पारदर्शी तरीके से सम्पन्न हों, इसके लिए स्टैंडर्ड ऑफ प्रोटोकॉल्स (एसओपी) तैयार कर सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा मध्यप्रदेश वह राज्य है, जहां राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 देश में सबसे पहले लागू की गई। पिछले ढाई साल के कार्यकाल में राज्य सरकार ने 3 नए शासकीय विश्वविद्यालय प्रारंभ किए हैं। प्रदेश में विकास की गतिविधियों को गति देकर तेज़ी लाने के साथ-साथ युवाओं और विद्यार्थियों के लिए कल्याण की चिंता कर इनके हित में निर्णय लेना भी हमारा कर्तव्य है। विद्यार्थियों के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय हमारी सरकार ले चुकी है और यह आगे भी लगातार जारी रहेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में मेडिकल कॉलेज की संख्या दोगुनी से अधिक हो चुकी है। पूरे देश में पहले मात्र 641 विश्वविद्यालय थे, आज इनकी संख्या बढ़कर 1400 से अधिक हो गई है। मेडिकल एजुकेशन की सीटें भी 50 हजार से बढ़कर 1 लाख से अधिक हो चुकी हैं।

  • जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और लोक कलाओं के संरक्षण के लिए किए जाएंगे विशेष प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और लोक कलाओं के संरक्षण के लिए किए जाएंगे विशेष प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और लोक कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा स्थानीय कला और संस्कृति को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की 120वीं जयंती पर अलीराजपुर जिले के चंद्रशेखर आजाद नगर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव के अंतर्गत आयोजित सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अमर शहीद महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की जन्मस्थली ने मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया है। उनकी 120वीं जयंती पर चंद्रशेखर आजाद नगर आना गौरव और सौभाग्य का विषय है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आलीराजपुर अपनी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराओं, भाषा-बोली, कला, प्राकृतिक खेती व संपदा और वनोपज के कारण विशिष्ट पहचान रखता है। उन्होंने कहा कि आलीराजपुर जिले को हर क्षेत्र में नंबर वन बनाया जाएगा।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव आलीराजपुर, बड़वानी, धार, झाबुआ, रतलाम सहित विभिन्न जिलों से आए कृषि, जनजातीय संस्कृति, ग्रामीण विकास और सामाजिक विषयों पर कार्य कर रहे युवा सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने कहा कि आज सोशल मीडिया केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने, सकारात्मक बदलाव लाने और जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम बन चुका है।

    उन्होंने इन्फ्लूएंसर्स से कृषि, प्राकृतिक खेती, जनजातीय संस्कृति, पर्यटन, स्थानीय उत्पादों और ग्रामीण नवाचार जैसे विषयों पर प्रभावी डिजिटल सामग्री तैयार करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदेश की सकारात्मक छवि, किसानों की सफलता की कहानियां, जनजातीय समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत तथा स्थानीय उत्पादों को देश-दुनिया तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया जा सकता है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव से संवाद में इन्फ्लूएंसर चंद्रभान सिंह भदौरिया ने वनोपज की बेहतर विपणन व्यवस्था करने की बात कही। कादुसिंह सिंह ने उड़द फसल को जीआई टैग दिलाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उड़द प्रदेश की प्रमुख फसलों में शामिल है और इसकी गुणवत्ता को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार किसानों को प्रति क्विंटल 600 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान कर रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि उड़द को जीआई टैग दिलाने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज का पारंपरिक भगोरिया उत्सव मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर है। राज्य सरकार इसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान दिलाने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है ताकि जनजातीय संस्कृति का गौरव पूरे विश्व तक पहुँचे। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपराएं और लोक कलाएं हमारी अमूल्य धरोहर हैं तथा इनके संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला सशक्तिकरण से जुड़े प्रश्न पर प्रियंका तोमर से कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए लाड़ली बहना योजना और लाड़ली लक्ष्मी योजना जैसी अनेक योजनाएँ संचालित कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति नारी सम्मान की संस्कृति है। हमारा देश “भारत माता की जय” का उद्घोष करने वाला विश्व का अनूठा राष्ट्र है। माँ सीता, माता पार्वती, देवी लक्ष्मी, देवी सरस्वती और माँ जगदंबा हमारी संस्कृति की प्रेरणा हैं। प्रदेश सरकार भी महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है तथा प्रत्येक माह लाड़ली बहनों को सम्मानपूर्वक आर्थिक सहायता प्रदान कर उनके सशक्तिकरण का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में कैबिनेट में यूसीसी को मंजूरी दी गई है। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) भी महिलाओं पर समर्पित है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तुषार पालीवाल के जनजातीय क्षेत्रों में कैबिनेट आयोजित करने संबंधी प्रश्न पर कहा कि प्रदेश में जनजाति सहित सभी क्षेत्रों में कैबिनेट आयोजित की जाएगी और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने सहित स्थानीय स्तर के महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास की मुख्य धारा में प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक वर्ग की समान भागीदारी सुनिश्चित करना है।

    संवाद कार्यक्रम में राजेंद्र बासुनिया ने जनजातीय संस्कृति पर आधारित गीत प्रस्तुत किया, जिसकी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि जनजातीय युवाओं की प्रतिभा, लोककलाओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए विशेष योजनाएँ तैयार की जाएंगी।

    सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर आशीष पांडे ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आकर्षक पोर्ट्रेट तथा साक्षी भयड़िया ने पिथौरा कला पर आधारित सुंदर पेंटिंग भेंट की। मुख्यमंत्री डॉने इन उपहारों की सराहना करते हुए स्थानीय कला के संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पिथौरा जैसी पारंपरिक जनजातीय कला को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए भी विशेष प्रयास किए जाएंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स राजेंद्र बासुनिया, प्रियंका तोमर, साक्षी भयड़िया, भरत सस्तिया एवं रितेश राठौड़ को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया।

    कार्यक्रम संवाद में मुख्यमंत्री ने सभी सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स के साथ समूह छायाचित्र भी खिंचवाया और उनसे आह्वान किया कि वे राज्य शासन की जनकल्याणकारी एवं किसान हितैषी योजनाओं पर आधारित प्रभावी रील्स, वीडियो और डिजिटल सामग्री तैयार करें ताकि अधिक से अधिक किसानों, युवाओं और आम नागरिकों तक योजनाओं की जानकारी पहुँचे और वे उनका अधिकतम लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि युवा इन्फ्लूएंसर्स समाज में सकारात्मक परिवर्तन के प्रभावी वाहक बन सकते हैं और विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।

  • प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में हुआ है खादी पुनर्जागरण का सूत्रपात : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में हुआ है खादी पुनर्जागरण का सूत्रपात : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि खादी केवल वस्त्र नहीं, बल्कि राष्ट्र की गौरवशाली पहचान है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में खादी को “नए भारत की नई खादी” के रूप में नई पहचान मिली है, जिससे पूरे देश में खादी पुनर्जागरण का सूत्रपात हुआ है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को एक बयान में कहा कि आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश, युवाओं का सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। मप्र खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के माध्यम से खादी और ग्रामोद्योग राज्य की प्रगति का सशक्त स्तंभ बन रहे हैं। बुनकर मुद्रा योजना के तहत पिछले तीन वर्षों 2023-24 से 2025-26 में कुल 194 बुनकरों को 268.50 लाख रुपये का ऋण वितरित किया गया है। वर्ष 2023-24 में 44 बुनकरों को 21.40 लाख, 2024-25 में 147 बुनकरों को 231.80 लाख और 2025-26 में 3 बुनकरों को 15.30 लाख रुपये का ऋण दिया गया।

    उन्होंने कहा कि गांधीजी के ‘ग्राम स्वराज’ और ‘गाँव की ओर जाओ’ संदेश को साकार करते हुए बोर्ड ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, परंपरागत कारीगरी को आधुनिक नवाचार से जोड़ने और सांस्कृतिक गौरव को बढ़ाने का कार्य कर रहा है।

    प्रदेश के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के “आत्मनिर्भर भारत, भारत में बनाओ, स्वदेशी के लिए मुखर, स्टार्टअप इंडिया” जैसे अभियानों और “सबका साथ, सबका विकास” मंत्र ने खादी एवं ग्रामोद्योग को वैश्विक पहचान दिलाई है। “स्थानीय से वैश्विक” का दृष्टिकोण कारीगरों और ग्रामीण उद्यमियों को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ रहा है।

    राज्यमंत्री जायसवाल ने कहा कि भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय द्वारा 50 हजार से 5 लाख तक की ऋण सुविधा व्यक्तिगत बुनकर, उद्यमी, स्व-सहायता समूह, हथकरघा संगठन और सहकारी समितियों को दी जा रही है। बुनकरों की सामाजिक सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री जीवन बीमा योजना में तीन वर्षों में 616 बुनकर और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में 840 बुनकर बीमित किए गए। प्रधानमंत्री जीवन बीमा योजना में 436 रुपये वार्षिक शुल्क पर 2 लाख का जीवन बीमा और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में मात्र 20 रुपये वार्षिक शुल्क पर 2 लाख का दुर्घटना बीमा मिल रहा है।

    राज्यमंत्री जायसवाल ने कहा कि म.प्र. खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड सूती, ऊनी, रेशमी एवं पॉलीवस्त्र खादी के साथ मसाले, साबुन, जड़ी-बूटी उत्पाद एवं हस्तनिर्मित वस्तुओं को बढ़ावा दे रहा है। विपणन के लिए “विन्ध्या वैली” और “कबीरा” जैसे नाम स्थापित किए गए हैं जो गुणवत्ता और परंपरा के प्रतीक हैं। “अपना हाथ – अपना साथ” के मार्गदर्शन में महिला स्व-सहायता समूहों, कारीगरों और उद्यमियों को तकनीकी एवं वित्तीय सहयोग दिया जा रहा है।

    प्रबंध संचालक माल सिंह भयड़िया ने बताया कि महात्मा गांधी जी के “गाँव की ओर चलो” आह्वान से प्रेरित होकर मंडल ने ग्रामोद्योग को आर्थिक एवं सामाजिक परिवर्तन का सशक्त साधन बनाया है। सुव्यवस्थित योजनाओं से ग्रामीण कारीगरों के उत्पादों को उचित बाजार मिल रहा है। बोर्ड की नई अंतरजाल साइट कारीगरों, उद्यमियों एवं समाज के बीच मजबूत सेतु का कार्य करेगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम और प्रदर्शनियाँ प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को भी संरक्षित कर रही हैं।

    तीन वर्षों की प्रगति एक नजर में

    – बुनकर मुद्रा योजना: 194 बुनकरों को 268.50 लाख रुपये का ऋण वितरित
    – प्रधानमंत्री जीवन बीमा योजना: 616 बुनकर बीमित
    – प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना: 840 बुनकर बीमित

  • राज्य सरकार हर घड़ी किसानों के साथ, तय वक्त पर प्रारंभ होगी गेहूं खरीदी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    राज्य सरकार हर घड़ी किसानों के साथ, तय वक्त पर प्रारंभ होगी गेहूं खरीदी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के किसानों का हर तरह से कल्याण हमारी प्रतिबद्धता है। हमारी सरकार हर घड़ी किसानों के साथ है। प्रदेश में तय वक्त पर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी प्रारंभ कर दी जाएगी। उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन कराने वाले सभी किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार देर शाम अपने निवास स्थित समत्व भवन में गेहूं उपार्जन कार्य के संबंध में सरकार द्वारा गठित मंत्री समूह के सदस्य एवं कृषक प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उपार्जन प्रक्रिया में पहले छोटे किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा। इसके बाद मध्यम एवं बड़े किसानों के गेहूं की खरीदी की जाएगी। स्लॉट बुकिंग वाले सभी किसानों का गेहूं चरणबद्ध रूप से खरीदा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बारदाने की कोई कमी नहीं है। सरकार सभी व्यवस्थाएं कर रही हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए विशेष रूप से संवेदनशील है। गेहूं उपार्जन में बारदान की उपलब्धता निरंतर बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में गेहूं खरीदी में किसानों को किसी भी प्रकार से बारदाने की समस्या नहीं आने दी जाएगी। केन्द्र सरकार, जूट कमिश्नर सहित अन्य बारदान प्रदाय एजेंसियों से बारदान आपूर्ति के लिए राज्य सरकार लगातार सम्पर्क बनाए हुए है।


    उपार्जन शुरू होने से पहले कराएं तौल केन्द्रों का निरीक्षण

    मुख्यमंत्री ने कहा कि गेहूं उपार्जन व्यवस्था को सरल, सहज और सुविधाजनक बनाया जाये। किसानों को उपार्जन केन्द्र तक आने और गेहूं बेचने में किसी भी तरह की कठिनाई न होने पाये। उन्होंने उपार्जन व्यवस्था पर नियमित रूप से निगरानी के लिए एक राज्य स्तरीय एवं कृषि उपज मंडियों में भी कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दिए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गेहूं उपार्जन के दृष्टिगत प्रदेश के सभी तौल केंद्रों का 10 अप्रैल से पहले गहन निरीक्षण करा लिया जाए, जिससे किसानों में किसी भी तरह का संशय न रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी कृषि उपज मंडियों के वर्तमान ढांचे में क्रमबद्ध सुधार किया जाये। सभी मंडियों को वैश्विक जरुरतों के मुताबिक अपग्रेड कर इन्हें वर्ल्ड क्लास मंडी की तरह तैयार किया जाये।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि गेहूं उपार्जन केंद्रों में आने वाले किसानों को सभी प्रकार की बुनियादी सुविधाएं जैसे बिजली, पीने का पानी, बैठक, छाया, प्रसाधन एवं पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराई जाये। किसी को भी किसी भी प्रकार की प्रक्रियागत या व्यवस्थागत असुविधा का सामना न करना पड़े। किसी भी केन्द्र में किसानों/ट्रेक्टर-ट्राली की लंबी-लंबी कतारें न लगें, सभी किसानों का सहजता से गेहूं तुल जाये, ऐसी व्यवस्थाएं की जाएं। जिन किसानों से गेहूं खरीदा जाये, कम से कम समय में उनके खातों में भुगतान कर देने की व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएं।


    10 अप्रैल से प्रारंभ हो जाएगी गेहूं खरीदी

    खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रदेश में इंदौर, उज्जैन, भोपाल एवं नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल से एवं अन्य सभी संभागों में 15 अप्रैल से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं का उपार्जन प्रारंभ होने जा रहा है।

    उन्होंने बताया कि जिन संभागों में 10 अप्रैल से गेहूं खरीदी शुरू होनी है, उनके लिए आगामी मंगलवार, 7 अप्रैल से पंजीकृत किसानों की स्लॉट बुकिंग प्रारंभ हो जायेगी। शुक्रवार, 10 अप्रैल से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी प्रारंभ कर दी जाएगी। उपार्जन वर्ष 2026-27 में गेहूं उपार्जन के लिए प्रदेश के 19 लाख 4 हजार 644 किसानों ने अपना पंजीयन कराया है। गेहूं उपार्जन के लिए इस वर्ष प्रदेश में कुल 3627 उपार्जन केंद्र बनाये गये हैं। बीते उपार्जन वर्ष 2025-26 में 15 लाख 44 हजार 55 किसानों ने गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन कराया था। इस उपार्जन वर्ष के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,625 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। राज्य सरकार प्रदेश के किसानों को गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त 40 रूपए प्रति क्विंटल बोनस का लाभ भी इस वर्ष देने जा रही है।

    अपर मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश में 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन होना अनुमानित है। इसके लिए 3 लाख 12 हजार गठान बारदानों की आवश्यकता होगी। प्रदेश में गेहूं खरीदी आरंभ करने के लिए आवश्यक बारदान का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। केन्द्र सरकार की ओर से लिमिट भी तय कर दी गई है। राज्य सरकार को केन्द्र से हर जरूरी सहयोग भी मिल रहा है। जूट कमिश्नर कार्यालय सहित अन्य बारदाना प्रदायकर्ताओं से भी बारदान सामग्री प्राप्त की जा रही है। इसके साथ ही गेहूं उपार्जन के लिए गठित मंत्री-मंडलीय समिति के निर्देश पर अतिरिक्त बारदान खरीदने की प्रक्रिया भी तेजी से जारी है।

    बैठक में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना, खाद्य मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत, पशुपालन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित कृषक प्रतिनिधि और खाद्य, सहकारिता एवं अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे।

  • सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन का संदेश देता है महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन का संदेश देता है महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य: मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सुशासन की उत्कृष्ट परंपरा के नायक सम्राट विक्रमादित्य के जीवन काल से हम सब परिचित हो रहे हैं। सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य उनके सुशासन का संदेश देता है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव वाराणसी (काशी) में शुक्रवार को तीन दिवसीय सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य के मंचन पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कर्मस्थली काशी में इस महानाट्य के मंचन के अवसर पर यह कहना प्रासंगिक होगा कि प्रधानमंत्री मोदी के सुशासन से राष्ट्र को दिए जा रहे योगदान के लिए वे अभिनंदन के पात्र हैं।

    इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समारोह का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज बदलते दौर में दो राज्यों के मध्य सांस्कृतिक संबंध को प्रगाढ़ करने के लिए यह कार्यक्रम महत्वपूर्ण है। दोनों राज्य विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त रूप से कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के आशीर्वाद से दोनों राज्यों को अंतरराज्यीय केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना की सौगात मिली है। यह दोनों राज्यों में सिंचाई, कृषि उत्पादन और पेयजल प्रदाय में सहयोग करने वाली महत्वपूर्ण परियोजना है। यह प्रधानमंत्री मोदी का सुशासन भी है, जिसके अंतर्गत राज्यों के बीच परस्पर सहयोग को बढ़ाने की दिशा में कार्य हो रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सुशासन के इस काल में सम्राट विक्रमादित्य के शासन काल में स्थापित सुशासन का स्मरण आना स्वभाविक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के स्वाभिमान के सम्राट विक्रमादित्य के राष्ट्र प्रेम, पराक्रम, न्यायप्रियता, प्रजा वात्सल्य और ज्ञान विज्ञान परम्परा की पुनर्स्थापना के गुणों की जानकारी युवा पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए महानाट्य माध्यम बन रहा है।

    उन्होंने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य के युग का पुनर्स्मरण करने के लिए महानाट्य का मंचन किया जा रहा है। सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का पहले नई दिल्ली में भी मंचन हुआ है। इस नाटक में अनेक इंजीनियर, डॉक्टर, वकील और अन्य व्यवसायों से जुड़े प्रतिभाशाली व्यक्ति विभिन्न पात्रों के रूप में मंच पर भूमिका निभाते हैं। इससे प्रतिभाओं को तो मंच मिल ही रहा है, एक कुशल शासक के योगदान से देश के नागरिक भी परिचित हो रहे हैं। इस तरह यह महानाट्य लोकरंजन के साथ भारत के गौरवशाली इतिहास को भी आज जीवंत करने में माध्यम बना है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में भाइयों की तीन जोड़ियां प्रसिद्ध हुई हैं। इनमें भगवान श्रीराम और लक्ष्मण, भगवान श्रीकृष्ण और बलराम के साथ सम्राट विक्रमादित्य और राजा भतृहरि की जोडी शामिल है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने एक करोड़ एक लाख रुपये का सम्राट विक्रमादित्य अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्रारंभ किया है। एक राष्ट्रीय सम्मान 21 लाख रुपये राशि का और तीन राज्य स्तरीय सम्मान 5-5 लाख रुपये राशि के स्थापित किए गए हैं। वर्ष 2024 में हुए विक्रमोत्सव को सर्वाधिक अवधि वाली धार्मिक- आध्यात्मिक फैस्टिवल का महाद्वीप स्तरीय वॉव अवार्ड भी मिला है। यही नहीं प्रतिष्ठित ईमैक्स ग्लोबल अवार्ड भी विक्रमोत्सव को प्राप्त हुआ है।


    विक्रमादित्य महानाट्य मंचन यादगार क्षण: योगी आदित्यनाथ

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विक्रमादित्य महानाट्य मंचन को यादगार क्षण बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” के भाव को साकार करते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा विश्वनाथ की इस धरा को बाबा महाकाल की धरा से नाट्य मंचन के माध्यम से जोड़ने का विशिष्ट कार्य किया है।

    योगी ने भाइयों की जोड़ी का जिक्र करते हुए कहा कि सम्राट विक्रमादित्य और राजा भरथरी की जोड़ी का उल्लेख है। महाराजा ने नाथ संप्रदाय में दीक्षा लेकर काशी की भूमि और चुनार के किले में साधना की थी। सम्राट विक्रमादित्य ने ही आज से दो हजार साल पहले अयोध्या नगरी की खोज की थी और महाराज लव के बाद सबसे पहले भगवान श्रीराम के मंदिर का निर्माण करवाया था। सम्राट विक्रमादित्य नीति शास्त्र और न्याय के पर्याय थे।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उज्जैन महाकाल की नगरी है और काशी पंचांग की नगरी है दोनों मिलकर नया इतिहास बनाते हुए प्रेम और सहयोग किया परंपरा मजबूती से आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की ज्ञान परंपरा को उचित स्थान देकर पूरे विश्व में प्रतिष्ठित किया है। आज योग और आयुर्वेद की पूरी दुनिया में स्वीकार्यता बढ़ी है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2024 में प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन किया गया। इसमें 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने मां गंगा में स्नान किया।


    मप्र के मुख्यमंत्री ने भेंट की वैदिक घड़ी
    मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नाथ को वैदिक घड़ी भेंट की। यह घड़ी बाबा विश्वनाथ के मंदिर में वैदिक काल को वर्तमान में जनता के बीच पुनर्स्थापित करने में सहायक होगी। इस घड़ी में प्राचीन वैदिक परंपरा तथा आधुनिक ज्ञान विज्ञान का मिश्रण करके कल की अचूक गणना का समावेश किया गया है।

    इसके बाद वाराणसी की पावन धरा पर महानाट्य ‘सम्राट विक्रमादित्य’ का ऐतिहासिक मंचन हुआ। समारोह में उत्तर प्रदेश के मंत्रीगण अनिल, राजेश सचान, रविंद्र जायसवाल, महापौर अशोक तिवारी जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, राज्यसभा सदस्य बाल योगी उमेश नाथ. विधायक, स्थानीय जन-प्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं संस्कृति प्रेमी उपस्थित रहे।

  • राजनीति में विनम्रता, मर्यादा और अनुशासन आवश्यक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    राजनीति में विनम्रता, मर्यादा और अनुशासन आवश्यक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राजनीति में विनम्रता, मर्यादा और अनुशासन आवश्यक है। वे ही इस क्षेत्र में सक्रिय और सफल हो सकते हैं, जिनमें जनसेवा और जनकल्याण की भावना हो। व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से राजनीति में आने वाले लोगों के कारण लोकतांत्रिक मूल्यों और व्यवस्था पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मध्य प्रदेश विधानसभा में आयोजित युवा विधायकों के दो दिवसीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के लिए जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील होना, अध्ययनशील होना, तनाव प्रबंधन में दक्ष होना और जनहित के लिए पूर्ण समर्पण से कार्य करना आवश्यक है। कोई समस्या आने पर जनप्रतिनिधि का व्यवहार और समस्या निराकरण के लिए उनका प्रबंधन कौशल, उनके व्यक्तित्व को दर्शाता है। सकारात्मक और समाज हित की गतिविधियों और विकास कार्यों के लिए हमें दलगत मतभेदों से ऊपर उठकर सोचना और कार्य करना चाहिए।

    भोपाल स्थित विधानसभा के विधान परिषद हाल में हुआ कार्यक्रम वंदे मातरम के गान के साथ आरंभ हुआ। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, प्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार विशेष रूप से उपस्थित थे। सम्मेलन में राष्ट्रकुल संसदीय संघ (भारत क्षेत्र 6) के तीन राज्यों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ तथा राजस्थान के 45 वर्ष आयु तक के विधायक सम्मिलित हुए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह मानना कि लोकतंत्र के विचार की उत्पत्ति पश्चिम से हुई थी, पूर्णत: सत्य नहीं है। लोकतंत्र, भारतीय राजनैतिक व्यवस्था का नैसर्गिक गुण है। भारतीय व्यवस्थाओं में सदैव से ही मत भिन्नता को सम्मान दिया गया है, राजनैतिक और धार्मिक व्यवस्थाओं में शास्त्रार्थ की परम्परा प्राचीन समय से रही है। भारत में विचारों की अभिव्यक्ति को सभी क्षेत्रों में सम्मान और महत्व प्रदान किया गया। भारत में ऐतिहासिक रूप से जुड़े लोकतंत्र के संस्कारों और मूल्यों का ही परिणाम है कि अंग्रेजों के जाने के बाद भी देश में लोकतंत्र पर आधारित व्यवस्थाएं सुगमता से संचालित होती रहीं। जबकि अन्य पड़ोसी देशों का हाल सबके सामने है।

    उन्होंने युवा विधायकों को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें हर स्थिति में सम भाव से रहने की प्रेरणा मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम से लेना चाहिए। जब उन्हें राजपाट सौंपा जाना था, तब उन्हें वनवास दे दिया गया। परंतु उन्होंने दोनों स्थितियों को समभाव से लिया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य सहित कई भारतीय शासकों के इतिहास से ज्ञात होता है कि उन्होंने कभी अपनी अगली पीढ़ी को राज सत्ता सौंपने का उपक्रम नहीं किया। राज्य के प्रबंधन में लगे लोगों ने ही उनके बाद व्यवस्थाएं संभाली। ऐसे महान शासकों का मानना था कि यदि अगली पीढ़ी में नेतृत्व क्षमता और राज सत्ता के प्रबंधन की दक्षता होगी, तो वे स्वयं इस दिशा में सक्रिय होंगे। इन भारतीय मूल्यों और परम्पराओं का वर्तमान में भी पालन होना आवश्यक है।

    उन्होंने कहा कि इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों और सत्ता से जुड़े लोगों का अपने परिवार को समय देना और उन्हें अच्छे संस्कार देना भी आवश्यक है। अच्छे संस्कारों के अभाव में अगली पीढ़ी द्वारा यश प्रभावित करने की संभावना बनी रहती है। जनप्रतिनिधियों को इस ओर से विशेष रूप से संवेदनशील और सतर्क रहना चाहिए।

    मप्र के संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि प्रजातंत्र जनता का, जनता द्वारा, जनता के लिए शासन है। अत: लोकतंत्र के सशक्त होने के लिए जनप्रतिनिधि का सशक्त होना आवश्यक है। विधायक होना बहुत महत्वपूर्ण उत्तरदायित्व है, विधायक बड़ी जनसंख्या की आशाओं, आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं और उनकी दुख, तकलीफों, अपेक्षाओं को वाणी प्रदान करते हैं। विधायकगण अपने विधानसभा क्षेत्र का प्रबंधन कैसे करते हैं, यह बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवा विधायकों को संयत व्यवहार रखने, जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील रहते हुए उनके निराकरण की ठोस कोशिश करने, कार्यालय प्रबंधन के लिए संवेदनशील और सक्रिय स्टाफ रखने, अद्यतन डिजिटल तकनीकों के उपयोग में समय के साथ चलने की सलाह दी। सस्ती लोकप्रियता के लिए की गई गतिविधियां दीर्घकालिक दृष्टि से लाभकारी नहीं होती हैं।

  • एमएसएमई इकाइयां औद्योगिक गतिविधियों का प्रभावी केन्द्र और लाखों परिवारों के स्वावलंबन का आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    एमएसएमई इकाइयां औद्योगिक गतिविधियों का प्रभावी केन्द्र और लाखों परिवारों के स्वावलंबन का आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश, देश के सर्वाधिक सशक्त, आर्थिक रूप से सुदृढ़ और बेहतर वित्तीय प्रबंधन वाले प्रथम तीन राज्यों में से एक है। राज्य सरकार प्रदेश के उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए हरसंभव सहयोग और मार्गदर्शन उपलब्ध करा रही है। देश-दुनिया के सभी निवेशकों के लिए प्रदेश के दरवाजे खुले हैं। हम उद्योग मित्र नीतियों और सहयोग की भावना के साथ उनके स्वागत के लिए तत्पर हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश भारतीय अर्थव्यवस्था में उद्योग हो या कृषि हर क्षेत्र में योगदान के लिए निरंतर सक्रिय है। एमएसएमई इकाइयां औद्योगिक गतिविधियों का प्रभावी केन्द्र होने के साथ लाखों परिवारों के स्वावलंबन का आधार भी है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को समर्थ एमएसएमई विकसित मध्यप्रदेश की थीम पर मुख्यमंत्री निवास में 257 से अधिक एमएसएमई इकाइयों को उनके खाते में 169.57 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि सिंगल क्लिक से जारी कर संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्टार्टअप को लगभग 28 लाख से अधिक की अनुदान राशि की प्रथम किश्त भी जारी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने लघु उद्योग निगम की ओर से 8 करोड़ रूपए के अंतरिम लाभांश का चैक भेंट किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैतूल और आगर-मालवा के तीन उद्यमियों को औद्योगिक भूमि के लिए आवंटन-पत्र प्रदान किए और मुख्यमत्री उद्यम क्रांति योजना अंतर्गत हितलाभ वितरण भी किए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज का आयोजन महावीर जयंती के शुभ अवसर पर हो रहा है। यह भगवान महावीर के जनकल्याण और शुचिता के सिद्धांतों को साकार करने का भी प्रतीक है। प्रदेश में उद्योग-व्यापार गतिविधि और उद्यमिता प्रोत्साहित करने के लिए व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और गति सुनिश्चित करते हुए निरंतर नवाचार जारी हैं। राज्य सरकार उद्यमियों को लिए पूंजी, भूमि और व्यवस्थाओं में सरलता कर, उनकी प्रगति की राह को आसान बना रही है। विभाग द्वारा बड़ी राशि का सिंगल क्लिक से सीधे अंतरण व्यवस्था में सुगमता और स्पष्टता का परिचायक है। पूरे देश में मार्च क्लोजिंग का वातावरण है, ऐसे में राज्य सरकार द्वारा एमएसएमई इकाइयों और उद्यमियों को राशि और सुविधा उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह प्रदेश में नए संकल्पों के साथ नया वित्तीय वर्ष आरंभ करने का भी प्रतीक है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में भी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में ही भारत स्वयं को सुरक्षित महसूस करते हुए प्रगति पथ पर अग्रसर है। युद्ध के दोनों पक्ष भारत का सहयोग कर रहे हैं, यह प्रधानमंत्री मोदी की कुशल नीतियों से ही संभव है। जहां एक ओर विश्व के कई देशों में पेट्रोल-डीजल, गैस की उपलब्धता प्रभावित हो रही है, वहीं हमारे देश में प्रधानमंत्री मोदी ने इनके मूल्यों पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ने दिया। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत समर्थ भी है और सक्षम भी।

    सभी क्षेत्रों में हो रही है प्रगति : मंत्री काश्यप

    सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनता के बीच सक्रिय होने के साथ प्रशासनिक दृष्टि से भी निरंतर गतिशील हैं। उनके व्यापक और स्पष्ट दृष्टिकोण के परिणाम स्वरूप प्रदेश उद्योग-व्यापार, कृषि, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने सहित सभी क्षेत्रों में प्रगति कर रहा है। प्रमुख सचिव राघवेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में विभाग में डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्थाएं स्थापित की गई हैं। जिसके परिणामस्वरूप भूमि आवंटन प्रक्रिया को गति मिली है। प्रदेश के 25 औद्योगिक क्षेत्रों में विकास कार्य जारी हैं, साथ ही 6 नए औद्योगिक क्षेत्र भी विकसित किए जा रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश में 7100 से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश, देश के प्रमुख स्टार्टअप राज्य के रूप में स्थापित हो रहा है। कार्यक्रम में एमएसएमई इकाई के संचालक, उद्यमी और बड़ी संख्या में स्टार्ट-अप्स मौजूद रहे।

  • इनोवेशन अपनाकर मध्य प्रदेश बनेगा उद्यमिता का हब : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    इनोवेशन अपनाकर मध्य प्रदेश बनेगा उद्यमिता का हब : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है। आज प्रदेश का युवा अपनी सोच को आकार देकर नए-नए इनोवेशन कर आईटी तकनीकी के माध्यम से स्टार्टअप कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी की मंशा के अनुरूप वर्ष 2047 तक मध्य प्रदेश स्टार्टअप एवं इनोवेशन को अपनाते हुए उद्यमिता विकास का हब बन जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इंदौर के सिंहासा में स्थित आईटी पार्क में बने लॉन्चपैड इनक्यूबेशन एवं इनोवेशन सेंटर के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से आज दुनिया तेजी से बदल रही है। वर्तमान समय में इंसान को उसके ज्ञान से ही मापा जाता है। उन्होंने कहा कि युवा नवीन तकनीकी को अपनाएं और स्टार्टअप करें एवं दूसरों को रोजगार देने वाले सफल उद्यमी बने। उन्होंने कहा कि भोपाल में प्रदेश की पहली नॉलेज और एआई सिटी बन रही है। उज्जैन को साइंस सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया बहुत तेजी से बदल रही है। नवाचार और विज्ञान के माध्यम से अनेक कार्य हो रहे हैं। लोग कभी जमीन और प्रापर्टी को अपना सब कुछ समझते थे। अब तो ज्ञान ही सबसे बड़ा खजाना है। ज्ञान होने से मनुष्य अपने आप धनवान हो जाता है। नॉलेज के बलबूते पर उन्नति के मार्ग पर तेजी से जा सकते हैं। सत्यवादी मार्ग पर बढ़ने का यही समय है। भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन रहा है।

    उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भोपाल के अलावा इंदौर और उज्जैन क्षेत्र मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित होने वाले हैं। हमारे सभी संसाधन भविष्य की दृष्टि से विकसित किए जाएंगे। मध्य प्रदेश को इनोवेशन हब बनाकर प्रदेश की भूमिका को सशक्त करना है। मध्य प्रदेश नवाचार और उद्यमिता का केंद्र बन रहा है। मध्य प्रदेश स्टार्ट-अप पॉलिसी, फंडिंग सपोर्ट के माध्यम से इन्क्यूबेशन नेटवर्क स्थापित कर भारत की स्टार्टअप क्रान्ति को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रदेश के युवा एआई पर आधारित एग्रीटेक स्टार्टअप, हेल्थटेक, स्किलटेक, ग्रीन इनोवेशन और डिजिटल सॉल्यूशन में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर स्टार्टअप हब बन रहे हैं।


    लांचपैड सेंटर का किया निरीक्षण

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लॉन्चपेड इनोवेशन सेंटर के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान युवाओं द्वारा अपनी सोच को नवीन तकनीकी से आकर देकर निर्मित की गई अत्याधुनिक मशीनों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि गत वर्ष इस सेंटर का भूमि-पूजन किया था और आज उसके लोकार्पण अवसर पर युवाओं की आधुनिक सोच एवं आइडियाज को देखकर अति प्रसन्नता हो रही है।


    स्टार्टअप वाले युवाओं से किया संवाद

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अपने आइडिया से स्टार्टअप शुरू करने वाले युवा उद्यमियों से संवाद किया। उन्होंने युवा उद्यमियों से जाना की वे किस क्षेत्र में कार्य कर रहे है। युवाओं के कार्यों के बारे में जानकर उनका हौंसला बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी कार्य को करने की अगर हमारी मंशा सही है तो उस कार्य में सफलता अवश्य मिलती है।

    भारतीय औद्योगिक प्रबंध संस्थान इंदौर के निदेशक सुभाष एस जोशी ने बताया कि “लॉन्चपैड : इन्क्यूबेशन एवं इनोवेशन सेंटर” की स्थापना आईआईटीआई दृष्टि सीपीएस फाउंडेशन (आईआईटी इंदौर का टेक्नोलॉजी ट्रांसलेशन एवं रिसर्च पार्क) तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीएसईडीसी) के संयुक्त सहयोग से की गई है। इस केंद्र का उद्देश्य डीप-टेक नवाचार को प्रोत्साहित करना, उच्च प्रभाव वाले स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना, उन्नत विनिर्माण तथा उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में प्रदेश को सशक्त बनाना और उद्योग एवं अकादमिक जगत के बीच सहयोग को मजबूत करना है।


    विभिन्न कंपनियों के उद्यमियों से की चर्चा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सूचना एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कार्य कर रही विभिन्न कंपनियों के उद्यमियों से चर्चा भी की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी उद्यमियों से कहा कि अपनी कंपनियों में युवाओं को काम करने का मौका दें एवं उन्हें अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए। हमारे देश में युवाओं के पास एक नई एवं आधुनिक सोच है हमारा देश चौथी अर्थव्यवस्था के रूप में उभर कर आगे बढ़ रहा है। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक गोलू शुक्ला, मालिनी गौड़, राजेश मेंदोला, मनोज पटेल, अध्यक्ष सुमित मिश्रा, पवन सोनकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

    मध्य प्रदेश में नवाचार और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में इंदौर के सिंहासा आईटी पार्क में स्थापित “लाँचपैड : इन्क्यूबेशन एवं इनोवेशन सेंटर” एक महत्वपूर्ण पहल है। इस केंद्र की स्थापना आईआईटीआई दृष्टि सीपीएस फाउंडेशन (आईआईटी इंदौर का टेक्नोलॉजी ट्रांसलेशन एवं रिसर्च पार्क) तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीएसईडीसी) के संयुक्त सहयोग से की गई है।


    “लॉन्चपैड : इन्क्यूबेशन एवं इनोवेशन सेंटर” एक महत्वपूर्ण पहल

    इंदौर के सिंहासा में स्थित आईटी पार्क में बने लगभग 10 हजार वर्ग फुट क्षेत्र में विकसित इस अत्याधुनिक केंद्र में 5 हजार वर्ग फुट का को-वर्किंग एवं इन्क्यूबेशन स्पेस और 5 हजार वर्ग फुट की उन्नत प्रयोगशाला अवसंरचना विकसित की गई है। केंद्र में स्थापित इंटेलिजेंट मैन्युफैक्चरिंग लैब के माध्यम से उत्पादों की प्रोटोटाइपिंग, परीक्षण और सत्यापन की सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। यह केंद्र विचार से लेकर व्यावसायीकरण तक संपूर्ण नवाचार प्रक्रिया को सहयोग प्रदान करेगा। साथ ही एआई,एमएल,इंडस्ट्री 4.0, रोबोटिक्स, डिजिटल हेल्थकेयर और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में स्टार्टअप्स, शोधकर्ताओं, एमएसएमई और नवाचारकर्ताओं को आवश्यक तकनीकी एवं संस्थागत समर्थन उपलब्ध कराया जाएगा।

    लगभग 10 करोड़ रुपये के अवसंरचना निवेश और 20 करोड़ रुपये के स्टार्टअप समर्थन प्रावधान के साथ यह केंद्र आगामी 7 वर्षों में 100 स्टार्टअप्स को विकसित करने और 200 से 300 रोजगार अवसर सृजित करने का लक्ष्य लेकर कार्य करेगा। यह केंद्र डीप-टेक नवाचार को प्रोत्साहित करने, उच्च प्रभाव वाले स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने, उन्नत विनिर्माण तथा उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में प्रदेश की क्षमताओं को मजबूत करने और उद्योग तथा अकादमिक जगत के बीच सहयोग को सुदृढ़ करने का कार्य करेगा।