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  • डबल इंजन की सरकार में बहनों को मिल रही हैं डबल खुशियां : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    डबल इंजन की सरकार में बहनों को मिल रही हैं डबल खुशियां : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है, इसलिए यहां की बहनों को लाड़ली लक्ष्मी और लाड़ली बहना योजना के रूप में डबल खुशियां मिल रही हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को ग्वालियर जिले के शबरी माता मंदिर परिसर, घाटीगांव में आयोजित राज्य स्तरीय महिला सम्मेलन में लाड़ली बहनों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की बहनें आत्मनिर्भरता एवं स्वावलम्बन के मामले में पूरे देश के लिए उदाहरण बन रही हैं। प्रदेश के पांच लाख से अधिक स्व-सहायता समूहों से जुड़कर करीब 65 लाख बहनें आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं। आज प्रदेश में 12 लाख से अधिक लखपति दीदियां कार्यरत हैं। हम महिला उद्यमियों को भी प्रोत्साहित कर रहे हैं। हमारी बहनें अब फैक्ट्रियों और उद्योगों का नेतृत्व कर रही हैं। प्रदेश के 47 प्रतिशत नए स्टार्ट-अप का नेतृत्व अब हमारी बहनों के हाथों में है। हम सभी बहनों के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए मिशन मोड में कार्य करते हुए आगे बढ़ रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत प्रत्येक कठिन परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य रखा है। इसमें प्रदेश की बहन-बेटियां भी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि नवरात्रि से पहले आज बहनों को 1500 रुपये की सौगात मिल रही है।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की एक करोड़ 25 लाख 27 हजार से अधिक बहनों के खाते में लाड़ली बहना योजना की 34वीं किश्त के रूप में एक हजार 836 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश की हर लाड़ली बहनों के खाते में हर महीने 1500 रुपये भेजे जा रहे हैं। लाड़ली बहन योजना में अब तक 52 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि बहनों को दी जा चुकी है। उन्होंने सभी लाड़ली बहनों से अपील करते हुए कहा कि वे हर महीने मिलने वाली इस राशि से अपनी बेहतरी के लिए कोई भी रुचिकर काम-धंधा शुरु करें और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण में योगदान दें।

    मुख्यमंत्री ने ग्वालियर जिले को 121 करोड़ 95 लाख रुपये की लागत वाले 54 विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने सिंगल क्लिक से लगभग 60 करोड़ रुपये की लागत के 35 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लगभग 62 करोड़ रुपये की लागत वाले 19 विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इसमें 39 करोड़ 86 लाख रुपये की लागत से कुलैथ घाटीगांव में शासकीय सांदीपनि विद्यालय के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण भी शामिल है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 2 महीने बाद लाड़ली बहना योजना के तीन साल पूरे हो जाएंगे। इन तीन साल में प्रदेश की बहनों की जिन्दगी जिस तरह से बदली है, वह भूतो न भविष्यति है। उन्होंने बताया कि जनवरी 2024 से फरवरी 2026 तक 42 हजार 308 करोड़ रुपये प्रोत्साहन राशि बहनों के खाते में भेजी गई है। लाड़ली बहना योजना से प्रदेश की बहनें अब आत्म-निर्भर बन गई हैं। अब वे मजबूर नहीं, मजबूत हो गई हैं। इस योजना ने बहनों को न केवल आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाया है, बल्कि इन्हें ‘रिस्क’ लेने और अपने जीवन को बेहतर बनाने के सपने देखने की हिम्मत भी दी है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्वालियर मध्य प्रदेश का गौरव है। ये धरती शक्ति के आशीर्वाद से सिंचित है और शक्ति की उपासना से ही हमारा संसार सुरक्षित है। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र मध्य प्रदेश के साथ देश की इकॉनामी डेवलपमेंट में भी बड़ी भूमिका निभा रहा है। कभी बीहड़ों के लिए मशहूर रहा यह क्षेत्र हमारी सरकार के प्रयासों से आज औद्योगिक गतिविधियों का नया केन्द्र और प्रगति का नया उदाहरण बन रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी क्रम में हमारी सरकार ने लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत गत नवंबर माह से मासिक सहायता में 250 रुपये की वृद्धि की है, जिससे अब पात्र हितग्राही बहनों को प्रतिमाह 1500 रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अब लाड़ली बहना योजना से जुड़ी महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें कौशल उन्नयन, रोजगार और स्व-रोजगार के अवसरों से भी जोड़ा जाएगा, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। इस दिशा में हमारी सरकार ने अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिये हैं।


    प्रमुख घोषणाएं

    मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में भितरवार विधानसभा क्षेत्र में आरोन-पटई उद्वहन सिंचाई परियोजना को मंजूरी दी। उन्होंने कहा कि 120 करोड़ रुपये की यह परियोजना क्षेत्र के किसानों का जीवन खुशहाल कर देगी। उन्होंने जनप्रतिनिधियों की मांग पर घाटीगांव सहित चिनौर और करैया में भी सांदीपनि विद्यालय खोले जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि भितरवार पीएचसी का उन्नयन कर सिविल अस्पताल बनाया जायेगा। घाटीगांव के उप स्वास्थ्य केंद्र का भी उन्नयन कराएंगे। भितरवार और घाटीगांव में युवाओं के कौशल विकास के लिए आईटीआई केंद्र की स्थापना करेंगे। घाटीगांव में शबरी माता के भव्य मंदिर और शबरी धाम निर्माण के लिए भूमि का सर्वे कराया जाएगा। भगवान देवनारायण का भी धाम बनाया जायेगा। संस्कृति विभाग के माध्यम से देवनारायण मंदिर में हर साल सांस्कृतिक आयोजन कराये जाएंगे।

    महिला सम्मेलन को केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और क्षेत्रीय विधायक मोहन सिंह राठौर ने भी संबोधित किया। इस मौके पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, पूर्व मंत्री इमरती देवी, जिला पंचायत अध्यक्षा दुर्गेश कुंवर जाटव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, किसान भाई एवं बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें उपस्थित थीं।

  • किसानों की समृद्धि के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    किसानों की समृद्धि के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार कृषि कल्याण वर्ष 2026 में किसानों की समृद्धि के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। किसानों की फसलों का उचित दाम मिले, इसके लिए उड़द खरीदी पर 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस की घोषणा की गई है। प्रदेश के किसान उड़द लगाएं, ताकि उन्हें इस बोनस का भरपूर लाभ मिल सके और अगली फसल की तैयारी भी हो जाए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों के साथ समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, नीरज मंडलोई सहित कृषि, राजस्व, सहकारिता, जल संसाधन, उद्यानिकी तथा अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने गेहूं उत्पादक किसानों को भी गत वर्षों के तरह बोनस की सौगात दी है। इस वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस दिया जाएगा। इससे किसानों को 2625 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं का भुगतान प्राप्त होगा। राज्य सरकार ने किसानों के हित में अपने संकल्प-पत्र में वर्ष 2028 तक 2700 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदने का संकल्प लिया है। आगामी वर्षों में हम इस लक्ष्य को पूरा कर उससे भी आगे निकलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बिजली संबंधी शिकायतों का निराकरण स्थानीय स्तर पर करने की व्यवस्था स्थापित करने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश, देश का फूड बास्केट है, जहां दलहन, तिलहन और सब्जी उत्पादन अच्छी मात्रा में हो रहा है। हमारे राज्य के किसान आगे बढ़ें और समृद्ध हों, इसके लिए सरकार निरंतर किसान हितैषी निर्णय ले रही है। कुछ स्थानों पर गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन में कठिनाई सामने आई है। इसे ध्यान में रखकर गेहूँ उपार्जन पंजीयन की अंतिम तिथि 7 मार्च से बढ़ाकर 10 मार्च की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए दिन में बिजली उपलब्ध कराई जाएगी, इससे रात के समय बिजली से सिंचाई के कारण होने वाले संकटों से बचा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय किसान संघ की ओर से किसानों के हित में प्राप्त सुझावों पर भी राज्य सरकार विचार करेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में भूमि अधिग्रहण पर मुआवजा राशि बढ़ाने, जंगली जानवरों द्वारा फसल नुकसान पर मुआवजे, मंडी अधिनियम के प्रावधानों, फसल गिरदावरी, अविवादित नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन के लिए समय-सीमा निर्धारित करने, विद्युत प्रदाय और सिंचाई व्यवस्था जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।

  • गेहूं उपार्जन प्रक्रिया में किसानों को न हो कोई परेशानी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    गेहूं उपार्जन प्रक्रिया में किसानों को न हो कोई परेशानी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि गेहूं उपार्जन प्रक्रिया में किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। जिला कलेक्टर पंजीकृत किसानों में से चिन्हित किसानों के सत्यापन, उपार्जन केन्द्रों पर बारदानों की उपलब्धता और किसानों को समय पर भुगतान के लिए शत-प्रतिशत व्यवस्था सुनिश्चित करें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश गुरुवार को मंत्रालय में आयोजित अभियान की राज्य स्तरीय बैठक के बाद जिला कलेक्टर्स से वर्चुअल संवाद में दिए। उन्होंने कहा कि गेहूं का उपार्जन इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 16 मार्च से 5 मई तक होगा और शेष संभागों जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, शहडोल, चम्बल व सागर में 23 मार्च से 12 मई तक किया जाएगा। किसान अपना पंजीयन 7 मार्च तक करा सकेंगे।

    मुख्यमंत्री ने उपार्जन केन्द्रों का समय-सीमा में निर्धारण, उनकी स्थापना और इन केन्द्रों पर सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपार्जन कार्य में लगे अमले के उपयुक्त प्रशिक्षण सहित जिला उपार्जन समिति द्वारा नियमित बैठक कर समस्याओं के त्वरित निदान की व्यवस्था की जाए। किसानों को अद्यतन जानकारियां सरलता से उपलब्ध कराना भी सुनिश्चित हो।

    मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टर्स को खाड़ी देशों में वर्तमान में निर्मित अप्रत्याशित परिस्थितियों को देखते हुए इन देशों में रह रहे जिले के विद्यार्थियों, नागरिकों के परिवारों से सम्पर्क में रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश भवन नई दिल्ली और वल्लभ भवन मंत्रालय में प्रदेशवासियों की सहायता के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। जिला स्तर पर ऐसे व्यक्तियों और परिवारों से कलेक्टर्स निरंतर समन्वय और सम्पर्क रखें।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि संकल्प से समाधान अभियान का अंतिम चरण जारी है। अभियान के अंतर्गत 40 लाख आवेदनों का निराकरण हुआ है। अब 16 मार्च तक जिला स्तरीय शिविर लगना है। विकास और जनकल्याण की इस गतिविधि की जिला कलेक्टर सघन मॉनीटरिंग सुनिश्चित करें। अभियान में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो कलेक्टर्स जिले की सभी गतिविधियों में परफार्मेंस और परिणाम देंगे वे ही मैदान में रहेंगे, यह सिद्धांत सभी अधिकारी-कर्मचारियों पर भी लागू होगा।

    मुख्यमंत्री ने जिलों में वीसी सेटअप के संबंध में आलीराजपुर, छिंदवाड़ा, पांर्ढुणा, बालाघाट, भोपाल जिलों को तत्काल कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वीसी सेटअप से सभी विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधियों को पंचायत स्तर तक संवाद स्थापित करने में मदद मिलेगी। इससे विकास और जनकल्याण के कार्यों की समीक्षा में सुविधा होगी। मुख्यमंत्री ने विधानसभा स्तर के विजन डॉक्यूमेंट के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    उन्होंने कहा कि शासन और व्यवस्था के संबंध में मिथ्या या भ्रम फैलाने वाली जानकारियों का जिला स्तर पर तत्काल प्रभावी रूप से खंडन किया जाए। सोशल मीडिया के युग में ऐसी गतिविधियों पर त्वरित रूप से वस्तुस्थिति रखना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में शाला और महाविद्यालयीन स्तर पर परीक्षाओं का समय चल रहा है। जिला अधिकारी शैक्षणिक संस्थाओं, छात्रावासों, विश्वविद्यालय परिसरों का आकस्मिक निरीक्षण आवश्यक रूप से करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि परीक्षाओं का संचालन और आगामी सत्रारंभ निर्विघ्न रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला अधिकारियों को जिला स्तर पर नवाचार करने के लिए प्रोत्साहित भी किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के अधिकारियों-कर्मचारियों से कार्यालयीन समय का पालन करने की अपेक्षा है। इस संबंध में गत दिवस मंत्रालय में कार्यालयीन समय अनुसार उपस्थिति का आकस्मिक निरीक्षण कराया गया था। जिला स्तर पर जिला कलेक्टर्स द्वारा अपने स्तर पर इस प्रकार के निरीक्षण की व्यवस्था की जाए। कार्यालयीन स्टॉफ को दी गई सुविधाएं, उनका अधिकार है, इसके साथ उनसे नियमानुसार कार्य लेना भी सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि आकस्मिक निरीक्षण की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी। यदि कार्यालयीन समय के पालन में सुधार नहीं आया तो राज्य में 6 कार्य दिवसीय सप्ताह की व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। शासकीय कार्यालयों में आम नागरिकों के लिए सुगम व्यवस्था स्थापित करना हमारा उद्देश्य है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2026 किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। जिलों में होने वाले परम्परागत मेलों में कृषि-पशुपालन आदि क्षेत्र में नवाचार करने वालों या विशेष उपलब्धि अर्जित करने वालों की प्रदर्शनी लगाई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला स्तर पर होम-स्टे को प्रोत्साहित करने के भी कलेक्टर्स को निर्देश दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अशोक बर्णवाल, संजय दुबे, नीरज मंडलोई, दीपाली रस्तोगी, शिवशेखर शुक्ला एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में समस्त जिला कलेक्टर्स वर्चुअली शामिल हुए।

  • आपसी सौहार्द और प्रेम पूर्वक त्यौहार मनाएं सभी नागिरक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    आपसी सौहार्द और प्रेम पूर्वक त्यौहार मनाएं सभी नागिरक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि त्यौहार सामाजिक सद्भाव का प्रतीक हैं। प्रदेश के सभी नागरिक आपसी सौहार्द और प्रेम पूर्वक त्यौहार मनाएं, इसके लिए मैदानी पुलिस अधिकारी और अमले को अतिरिक्त सजगता, सतर्कता और मुस्तैदी के साथ ड्यूटी निभानी होगी, ताकि कहीं भी, किसी भी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार शाम को आगामी सभी त्यौहारों से पहले प्रदेश में शांति और सुव्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस कमिश्नर ऑफिस, भोपाल में प्रदेश की कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने निर्देश दिए कि त्यौहारों के चलते विशेष निगरानी और ऐहतियात बरती जाए। पुलिस सूचना-तंत्र को और भी अधिक सक्रिय किया जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन पूरी मुस्तैदी से अपने कर्तव्यों का पालन करें, जिससे किसी भी नागरिक को असुविधा न हो।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में प्रदेश की कानून-व्यवस्था की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से विस्तृत समीक्षा की। इस उच्च स्तरीय बैठक में अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, डीजीपी कैलाश मकवाना, एडीजी इंटेलीजेंस ए. साईं मनोहर सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे। प्रदेश के सभी रेंज आईजी, डीआईजी, पुलिस कमिश्नर्स और पुलिस अधीक्षकों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़कर अपने-अपने क्षेत्रों की व्यवस्थाओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्राधिकार में कानून-व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखें और इस संबंध में किसी भी प्रकार की कोताही न बरतें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। नागरिक बिना किसी बाधा के अपने-अपने पर्व आनंदपूर्वक मनाएं। शासन-प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ उनकी सुरक्षा में तत्पर होकर तैनात है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों के समय बेहद सतर्क रहें। हर घटना-दुर्घटना पर बारीक नजर बनाएं रखें। जनता में सुरक्षा का विश्वास कायम करें। समाज के अच्छे और प्रभावशाली लोगों को शांति समिति में लेकर आए। उन्होंने कहा कि सभी एसपी अपने पुलिस कंट्रोल रूम और मॉनिटरिंग सिस्टम को और भी अधिक बेहतर बनाएं। हर हाल में सुव्यवस्था बनी रहे, यह हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी दिनों में वे प्रदेश के पुलिस थानों और कार्यालयों का औचक निरीक्षण करेंगे। पुलिस थानों के कार्य-व्यवहार और पब्लिक फीडबैक के आधार पर उनकी ग्रेडिंग की जाएगी। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधीक्षकों को अतिरिक्त सजगता और सतर्कता बरतने की हिदायत देते हुए कहा कि कानून- व्यवस्था के संबंध में जो भी कार्रवाई हो, वह पूरी तरह से पारदर्शी होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में परीक्षाएं चल रही हैं। इसलिए सभी परीक्षा केन्द्रों और हॉस्टल्स पर निगरानी रखें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस विभाग को प्रदेश को नक्सल मुक्त बनाने के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह सब पुलिस की समर्पित कार्यवाही और निष्ठा से ही संभव हो सका है। उन्होंने कहा की पुलिस अधिकारी सुनिश्चितकरें कि होलिका दहन गैर विवादित स्थलों पर ही हो। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि त्योहारों के चलते अधिक संख्या में यात्रियों के आवागमन के कारण बस ऑपरेटर्स द्वारा यात्रियों से अधिक किराया वसूल करने की शिकायतें मिल रही हैं। ऐसी स्थिति पर रोक लगाएं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि त्यौहारों के दौरान विशेष संवेदनशीलता का परिचय दिया जाना चाहिए। किसी भी जगह किसी भी प्रकार की घटना या दुर्घटना पर पुलिस का क्विक रिस्पांस होना चाहिए। छोटी से छोटी घटना को संज्ञान में लें। शुष्क दिवस के प्रावधान का पूरी कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाये। सभी पुलिस अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में व्यवस्थाओं में और अधिक कसावट लायें। वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में सभी मैदानी पुलिस अधिकारियों ने त्यौहारों के मद्देनजर की गई तैयारियों की जानकारी दी। सभी ने कहा कि शांति समिति की बैठकें कर सभी से लगातार बातचीत की जा रही है।

  • क्रांति का तेजस्वी स्वर थे शहीद चंद्रशेखर आजाद : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    क्रांति का तेजस्वी स्वर थे शहीद चंद्रशेखर आजाद : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद भारत की क्रांति का तेजस्वी स्वर थे। राज्य सरकार अमर बलिदानी और क्रांतिकारियों के जीवन से प्रेरणा लेकर गरीब, किसान, युवा और नारी (जीवायएएन) कल्याण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर आलीराजपुर में आयोजित सभा को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले मुख्यमंत्री ने शहीद चंद्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर आलीराजपुर स्थित उनकी जन्मस्थली चंद्रशेखर आजाद नगर (भाबरा) पहुंचकर उनकी प्रतिमा को नमन किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में गुजरात के साथ-साथ पड़ौसी मध्य प्रदेश के आलीराजपुर जिले का भी आर्थिक तंत्र बदला है। आलीराजपुर भील जनजाति की संस्कृति और स्वाभिमान की भूमि है। आज देश प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।

    मुख्यमंत्री ने स्थानीय मान्यता के प्रतीक बाबा भीलट देव, बाबा डूंगर देव, बाबा पाटला देव, रानी काजल माता, डूंगरी माता और मालवाई माता को नमन करते हुए कहा कि आलीराजपुर की पावन मिट्टी ने चंद्रशेखर आजाद सहित शहीद छीतू किराड़ जी को जन्म दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्थानीय नायकों के बलिदान और योगदान को नमन करते हुए प्रदेश के जन-जन तक पहुँचाने के लिये प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आलीराजपुर में 1800 करोड़ लागत वाली नर्मदा सिंचाई परियोजना का कार्य प्रगति पर है। इससे 170 गांवों को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। हमारे जनजातीय अंचल के किसानों को भी सिंचाई सुविधाओं का पूरा लाभ मिलेगा। किसानों की समृद्धि के लिए राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को किसानों के लिए समर्पित किया है। हमारी सरकार लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपये की राशि दे रही है। साथ ही किसान भाइयों में खातों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को प्रतिवर्ष 12 हजार (6 हजार केंद्र और 6 हजार रुपये राज्य) द्वारा दिये जा रहे हैं। प्रदेश के गरीब-जरूरतमंदों की सहायता के लिए जिलों में नि:शुल्क शव वाहन की व्यवस्था की गई है। सड़क हादसे में घायलों को त्वरित इलाज उपलब्ध कराने के लिए राहवीर योजना की शुरुआत की गई है। जनजातीय बच्चे पढ़-लिखकर शासकीय सेवा में आएं, इसके लिए नि:शुल्क कोचिंग योजना प्रारंभ की गई है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आलीराजपुर जिले के समग्र विकास के लिए 171 करोड़ लागत के 49 विकास कार्यों की अनुपम सौगात दी। उन्होंने आलीराजपुर जिले में ग्राम संपर्क मजबूत करने के लिए विभिन्न सड़कों के निर्माण की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूह, बैंक ऋण वितरण, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजना के हितग्राहियों को हितलाभ एवं प्रमाण-पत्र वितरित किए।

    मुख्यमंत्री ने आलीराजपुर के चहुंमुखी विकास के लिए रिमोट से 79.92 करोड़ की लागत से 14 विकास कार्यों का लोकार्पण किया। उन्होंने खंडाला में 34 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से निर्मित भव्य सांदीपनि विद्यालय, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 27 करोड़ 75 लाख रुपये की लागत से निर्मित 4 उच्च स्तरीय पुलों, 7 करोड़ रुपये की लागत से नवीन बालक-बालिका छात्रावास भवनों एवं 8 करोड़ रुपये की लागत से बलेडी (जोबट) और नानपुर में नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने मोराजी, खामट, पिलियावट और बेकलगांव बड़ी में भी उप स्वास्थ्य केंद्रों का लोकार्पण किया।

    मुख्यमंत्री ने 119.01 करोड़ लागत के 35 विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। इसके अंतर्गत 40 करोड़ 58 लाख रुपये की लागत से 8 सीनियर और जूनियर विद्यालयों में बालक एवं बालिका छात्रावासों, 31 करोड़ रुपये की लागत से बालक-बालिकाओं के लिए 11 नवीन विद्यालय भवनों 24 करोड़ की लागत से दाबड़ी, बोरकुण्डिया और कड़वानिया में 100-100 सीटर बालक-बालिका छात्रावास भवनों, 7 करोड़ 36 लाख रुपये की लागत से रणजीतगढ़ और सूखीबावड़ी तालाब का भूमि-पूजन किया। इसके साथ ही सोंडवा में नवीन जनपद पंचायत और सामुदायिक भवन, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय सोंडवा और अन्य निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन किया।

    बनाएंगे आजाद पार्क

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद नगर को देश-विदेश से आने वाले लोगों के लिए प्रेरणा एवं गौरव का केंद्र बनाया जाएगा। यहाँ पर ऐतिहासिक शहीद पार्क निर्मित किया जायेगा। संस्कृति विभाग के माध्यम से इस स्थान को विकसित कर आकर्षक एवं दर्शनीय स्वरूप प्रदान किया जाएगा, ताकि भावी पीढ़ियाँ आजाद के जीवन, संघर्ष और बलिदान से परिचित हो सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजाद की जन्मभूमि केवल एक स्थान नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, साहस और आत्मसम्मान की जीवंत प्रतीक है, जिसे सहेजना और संवारना हम सभी का दायित्व है।

    आजाद कुटिया में किये श्रद्धासुमन अर्पित

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने आजाद कुटिया में पहुंचकर श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा चंद्रशेखर आजाद के जीवनकाल की वीरगाथाओं और दुर्लभ तस्वीरों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि मेहनत, आत्मविश्वास और अदम्य साहस के बलबूते बुलंदियों को छूने वाले आजाद का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का अक्षय स्रोत है। मात्र 15 वर्ष की बाल्यावस्था में वे वर्ष 1921 के असहयोग आंदोलन में शामिल हो गए थे। गिरफ्तारी के बाद जब मजिस्ट्रेट के सामने उनका नाम पूछा गया तो उन्होंने गर्व से उत्तर दिया— “नाम: आजाद, पिता का नाम: स्वतंत्र और घर: जेल।” मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसा अद्वितीय साहस केवल अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद ही दिखा सकते थे।

    आजाद की वीरता का इतिहास स्वर्णाक्षरों में अंकित

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बचपन में आजाद भील बालकों के साथ रहते हुए निशानेबाजी की कला में दक्ष हुए, जिसने आगे चलकर उन्हें एक अद्वितीय क्रांतिकारी बनाया। उनके जीवन से यह शिक्षा मिलती है कि सच्चा नेतृत्व वही है, जो अपने साथ-साथ अपने साथियों के लिए भी सदैव तत्पर रहे। अंग्रेजों के विरुद्ध हमारे जनजातीय नायकों ने अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ी और उनकी वीरता का इतिहास स्वर्णाक्षरों में अंकित है। उनकी रिवॉल्वर का निशाना अचूक था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के महान जनजातीय नायकों ने अंग्रेजों के खिलाफ स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी है। राज्य सरकार जनजातीय महापुरुषों की विरासत के संरक्षण के लिए दृढ़ संकल्पित है। खरगोन में क्रांतिसूर्य टंट्या मामा के नाम पर विश्वविद्यालय की शुरुआत की गई है। इसी प्रकार अन्य नायकों से संबद्ध स्थलों को भी संरक्षित किया जा रहा है।

  • उमंग और सामाजिक स्नेह का जीवंत महोत्सव है भगोरिया पर्व : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    उमंग और सामाजिक स्नेह का जीवंत महोत्सव है भगोरिया पर्व : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि फाल्गुन मास के रंगों, मांदल की थाप और जीवन-प्रेम की उमंग से सराबोर भगोरिया पर्व जनजातीय संस्कृति, सामाजिक स्नेह और परंपरागत जीवन मूल्यों का जीवंत उत्सव है। इसको प्रत्यक्ष रूप से भगोरिया पर्व में शामिल होकर जिया जा सकता है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को अलीराजपुर के उदयगढ़ भगोरिया पर्व में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अलीराजपुर के उदयगढ़ भगोरिया पर्व स्थल पर पारंपरिक लोकधुनों, नृत्य और उल्लासपूर्ण वातावरण ने सम्पूर्ण क्षेत्र को सांस्कृतिक रंगों से भर दिया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भगोरिया पर्व जनजातीय संस्कृति, प्रेम और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। मध्यप्र देश सरकार जनजातीय परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है और ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। विरासत को विकास की राह पर ले जाने के संकल्प के साथ इस उल्लासमय पर्व को गरिमा और भव्यता के साथ मनाया गया। यह आयोजन जनजातीय संस्कृति की सशक्त पहचान और राज्य सरकार की संवेदनशील सोच को प्रतिबिंबित करता है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव का जनजातीय समाज एवं स्थानीय नागरिकों द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मंत्री जनजातीय संस्कृति के प्रतीक तीर कमान भेंट किया। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा पुष्प-गुच्छ से स्वागत किया गया। मंत्री द्वारा मंच से सभी को राष्ट्रीय पर्व भगोरिया की शुभकामनाएं दी। अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह ने कहा कि आलीराजपुर जिले के उदयगढ़ में आयोजित स्थानीय भगोरिया पर्व में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सहभागिता से उत्सव का उल्लास और अधिक बढ़ गया।

    भगोरिया उत्सव में जनजातीय युवक-युवतियां रंग-बिरंगी पारंपरिक वेषभूषा में सजे-धजे दिखाई दिए। पुरुष वर्ग पारंपरिक धोती, अंगोछा एवं साफा धारण किए हुए थे, जबकि महिलाएं कांचली, घाघरा, ओढ़नी तथा पारंपरिक कढ़ाईयुक्त परिधानों में सुसज्जित रहीं। चांदी के हार, हांसली, कड़े, पायल, बिछिया एवं अन्य पारंपरिक आभूषणों की झंकार ने पर्व को भव्यता प्रदान की। मांदल, ढोल एवं अन्य पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप पर कुर्ता कुर्राटियों के साथ लोकनृत्य करते जनजातीय समाज, सामूहिक उल्लास और आपसी मेल-जोल ने भगोरिया के माहौल को जीवंत एवं स्मरणीय बना दिया।

    इस अवसर पर पूर्व सांसद गुमानसिंह डामोर, पूर्व विधायक माधोसिंह डावर, विशाल रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष, संभागायुक्त इंदौर डॉ सुदाम खाड़े, कलेक्टर नीतू माथुर, पुलिस अधीक्षक, प्रशासनिक अधिकारीगण, स्थानीय नागरिक तथा बड़ी संख्या में जनजातीय समाज के लोग उपस्थित रहे। सम्पूर्ण क्षेत्र में उत्सव, उल्लास और सांस्कृतिक चेतना का वातावरण व्याप्त रहा।

  • ग्वालियर कृषि मंथन में डॉ. यादव का संदेश : कृषि में शोध और मंडी निर्यात नीति लाकर बढ़ाएंगे उत्पादन

    ग्वालियर कृषि मंथन में डॉ. यादव का संदेश : कृषि में शोध और मंडी निर्यात नीति लाकर बढ़ाएंगे उत्पादन


    भोपाल  /मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसान हमारे प्रदेश की अर्थव्यवस्था के आधार स्तंभ हैं। इनके अथक परिश्रम से ही हमारे बाजार गुलजार है। हम वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। यह वर्ष प्रदेश के इतिहास में किसानों के हित और समग्र कल्याण के मामले में मील का पत्थर साबित होगा।उन्होंने कहा कि यह वर्ष ‘खेत से लेकर कारखाने तक और बाग से लेकर बाजार तक’ की पूरी मूल्य संवर्धन श्रृंखला को एक सूत्र में जोड़ेगा। इस वर्ष हम क़ृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और इनमें वैल्यू एडिशन के लिए अधिकाधिक रोजगार आधारित उद्योगों के विकास, उन्नत किस्म के बीजोत्पादन, पशुपालन, दुग्धोत्पादन, मत्स्योत्पादन में वृद्धि सहित हर वो कदम उठाएंगे, जिनसे खेती और अन्नदाताओं का विकास हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास से कृषि विश्वविद्यालय परिसर, ग्वालियर में हो रहे ‘कृषि मंथन एवं कृषि प्रौद्योगिकी मेला 2026’ को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना संबंधी कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में तेज़ी से सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। हमारी सरकार प्रदेश में औषधीय और मसाला फसलों का उत्पादन बढ़ाने के सभी प्रयास कर रही है। हम जल्द ही कृषि उत्पादन निर्यात नीति लाने वाले हैं। हम कृषि में शोध कार्य भी बढ़ायेंगे। उन्होंने कहा कि हम खेती-किसानी और फल-फूलों की खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए कोई कसर नहीं रखेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस कृषि मंथन से जो अमृत निकलेगा, वह हमें किसानो के कल्याण के लिये प्रभावी और कारगर कदम उठाने में सहायक होगा। ‘कृषि मंथन’ राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् (आईसीएआर) नई दिल्ली और कृषि विभाग, म.प्र. शासन के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश” की थीम पर हो रहा कृषि मंथन निश्चित ही किसानों को खेती में जरूरी सुधार और बदलाव लाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आधुनिक कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य क्षेत्रों में मूल्य-श्रृंखला विकास, प्रोसेसिंग, तकनीक अपनाने और ग्रामीण युवाओं की उद्यमिता को बढ़ावा देकर व्यापक रोजगार सृजन करने पर फोकस कर रही है। तकनीकी नवाचार, विविधीकरण और नीतिगत समर्थन से इन क्षेत्रों में न केवल उत्पादकता बढ़ाई जा सकेगी, बल्कि विपणन एवं प्रसंस्करण के क्षेत्र में बाजार अनुरूप लाभकारी व्यवस्था कृषकों के लिए निर्मित होगी। हम कृषि के अलावा उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं सहकारिता क्षेत्र में भी नई सोच से आगे बढ़ रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज कृषि जलवायु परिवर्तन के बढ़ते जोखिमों का सामना कर रही है। इस मंथन में देश के विभिन्न कृषि संस्थानों के वरिष्ठ वैज्ञानिक विचार मंथन कर नई तकनीकों के विकास की राह प्रशस्त करेंगे।

    वीडियो काँफ्रेंसिंग में सचिव कृषि एवं किसान कल्याण विभाग श्री निशांत वरवड़े, सचिव परिवहन एवं आयुक्त जनसम्पर्क श्री मनीष सिंह ने भोपाल से सहभागिता की। यूनिवर्सिटी परिसर में हो रहे इस कृषि मंथन में कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर के कुलगुरू प्रो. (डॉ.) अरविंद कुमार शुक्ला, आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, अयोध्या के कुलपति डा. ब्रजेन्द्र सिंह, यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज, धारवाड़, कर्नाटक के कुलपति डॉ. पी.एल पाटिल, भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम, मेरठ के निदेशक डॉ. सुनील कुमार, देश के विभिन्न कृषि संस्थानों से आये वैज्ञानिक, आईसीएआर के पदाधिकारी सहित कृषि अधिकारी भी उपस्थित थे।

  • : मध्यप्रदेश क्लाइमेट चेंज में बना लीडर, नवकरणीय ऊर्जा में निवेशकों के लिए खुले अवसर

    : मध्यप्रदेश क्लाइमेट चेंज में बना लीडर, नवकरणीय ऊर्जा में निवेशकों के लिए खुले अवसर


    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुंबई क्लाइमेट वीक-2026 में मध्यप्रदेश के नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा देते हुए कहा कि क्लाइमेट चेंज के खिलाफ संघर्ष में मध्यप्रदेश अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सतत् विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाना ही प्रगति की दिशा है। डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि प्रदेश 24×7 बिजली आपूर्ति में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है और नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में निवेशकों को हरसंभव सहयोग मिलेगा।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश ने जलवायु समाधान, हरित विकास और ऊर्जा परिवर्तन के क्षेत्र में कई ठोस कदम उठाए हैं। प्रदेश में ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट दुनिया का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट है, जिसमें किसी नागरिक को विस्थापित नहीं किया गया और ऊर्जा उत्पादन भी शुरू हो चुका है। सांची को देश की पहली सोलर सिटी बनाया गया है और सभी शासकीय भवनों पर सोलर रूफटॉप लगाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।

    डॉ. यादव ने एमओयू के तहत सिकोया क्लाइमेट फाउंडेशन के साथ नवकरणीय ऊर्जा विकास को और तेज करने की बात कही। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 300 मेगावाट 4 घंटे और 6 घंटे सौर-सह एनर्जी स्टोरेज परियोजनाओं के साथ 24×7 नवकरणीय ऊर्जा बैटरी आधारित एनर्जी स्टोरेज परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इसके अलावा सौर, पवन, बायोफ्यूल और ग्रीन हाइड्रोजन सहित सभी नवकरणीय तकनीकों में वित्तीय और नीतिगत प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 12 वर्षों में मध्यप्रदेश की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, सौर ऊर्जा में 48 प्रतिशत और पवन ऊर्जा में 19 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई। परियोजनाओं के माध्यम से पड़ोसी राज्यों और भारतीय रेलवे को भी स्वच्छ ऊर्जा की आपूर्ति शुरू कर दी गई है। डॉ. यादव ने निवेशकों से प्रदेश की तेजी से बदलती ऊर्जा यात्रा में शामिल होने का आव्हान किया, जिससे जलवायु संतुलन के साथ व्यापार-व्यवसाय को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सके।

    कार्यक्रम में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने मध्यप्रदेश में बैटरी स्टोरेज आधारित ऊर्जा उत्पादन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। आईएफसी के क्षेत्रीय निदेशक इमाद एन. फखौरी और सिकोया क्लाइमेट फाउंडेशन की निदेशक सीमा पॉल ने भी मध्यप्रदेश के नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की नेतृत्व क्षमता और वैश्विक स्तर पर इसके महत्व को सराहा।

    डॉ. यादव ने निष्कर्ष निकाला कि ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सतत् विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करते हुए मध्यप्रदेश और भारत के उज्जवल भविष्य का निर्माण करना अब सिर्फ लक्ष्य नहीं, बल्कि वास्तविकता बन रही है।

  • श्रीमहाकालेश्वर मंदिर में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सपत्नीक मकर संक्रांति पर्व पर की पूजा

    उज्‍जैन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सपत्नीक मकर संक्रांति पर्व पर उज्जैन स्थित प्रसिद्ध श्रीमहाकालेश्वर मंदिर में सपत्नीक पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान श्रीमहाकाल के दरबार में भक्ति भाव से पूजा कर प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की प्रार्थना कर प्रदेश के विकास, शांति एवं समृद्धि की कामना की। इस दौरान मंदिर के पुजारियों ने विधि-विधान के साथ पूजा सम्पन्न कराई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदिर में भक्तों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएँ दीं।

    इस अवसर पर प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल, राज्यसभा सांसद श्री बालयोगी उमेशनाथ महाराज, विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, जन-प्रतिनिधि और श्रद्धालु उपस्थित रहे।

  • मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव आज उज्जैन में करेंगे श्रीमहाकाल महोत्सव का शुभारंभ

    मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव आज उज्जैन में करेंगे श्रीमहाकाल महोत्सव का शुभारंभ


    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 14 जनवरी को श्रीमहाकाल महालोक उज्जैन में पाँच दिवसीय ‘श्रीमहाकाल महोत्सव’ का शुभारंभ करेंगे। 18 जनवरी 2026 तक चलने वाला यह महोत्सव श्रीमहाकाल महालोक और त्रिवेणी संग्रहालय के प्रांगण में कला, संगीत और वैचारिक विमर्श का अनूठा संगम होगा। वीर भारत न्यास और श्रीमहाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के संयुक्त तत्वावधान में यह महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन एक बार फिर भारतीय संस्कृति, कला और अटूट श्रद्धा के महोत्सव की साक्षी बनने जा रही है।

    5 दिनों तक बहेगी संगीत सरिता

    महोत्सव की मुख्य सभाओं में देश के ख्यातिलब्ध कलाकार भगवान शिव की आराधना अपनी स्वर-लहरियों से करेंगे। 14 जनवरी: महोत्सव के पहले दिन सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक शंकर महादेवन अपने पुत्रों सिद्धार्थ और शिवम् के साथ ‘शिवोऽहम्’ की संगीतमय प्रस्तुति देंगे। 15 जनवरी: मुम्बई का प्रसिद्ध ‘द ग्रेट इंडियन क्वायर’ ‘शिवा’ थीम पर प्रस्तुति देगा। 16 जनवरी: सुप्रसिद्ध गायिका सोना महापात्रा अपनी संगीत यात्रा से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगी। 17 जनवरी: इंदौर के श्रेयश शुक्ला एवं मुम्बई के विपिन अनेजा व उनके बैंड द्वारा सुगम संगीत की प्रस्तुति होगी। 18 जनवरी: महोत्सव का समापन इंडोनेशिया (कोकोरदा पुत्रा) और श्रीलंका (अरियारन्ने कालूराच्ची) के दलों द्वारा प्रस्तुत ‘शिव केंद्रित नृत्य नाटिका’ से होगा, जो महोत्सव के अंतरराष्ट्रीय विस्तार को दर्शाएगा।

    त्रिवेणी संग्रहालय में प्रतिदिन जनजातीय संस्कृति के होंगे दर्शन

    महोत्सव में प्रतिदिन शाम 4 से 6 बजे तक त्रिवेणी संग्रहालय में मध्यप्रदेश की समृद्ध जनजातीय संस्कृति के दर्शन होंगे। इसमें छिंदवाड़ा का भड़म, बैतूल का ठाट्या, धार का भगोरिया और सागर का बरेदी जैसे पारंपरिक नृत्यों का प्रदर्शन होगा। प्रतिदिन निकलने वाली ‘कला यात्रा’ शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए श्रीमहाकाल लोक पहुँचेगी। इसमें शिव बारात, डमरू वादन और मलखंब के रोमांचक प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र होंगे।

    15 जनवरी को होगा बौद्धिक विमर्श

    सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ, 15 जनवरी को प्रातः 10:30 बजे एक अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इसका विषय ‘शिव तत्त्व और महाकाल: पुरातिहास, साहित्य और संस्कृति के परिप्रेक्ष्य में’ रखा गया है, जहाँ विद्वान शिव तत्व की दार्शनिक गहराईयों पर प्रकाश डालेंगे। आमजन को इस भक्तिमय उत्सव में सहभागी होने के लिए सादर आमंत्रित किया गया है।