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  • हिमंत सरमा का खुलासा: “राहुल और प्रियंका गांधी की आपसी लड़ाई का शिकार रहा”

    हिमंत सरमा का खुलासा: “राहुल और प्रियंका गांधी की आपसी लड़ाई का शिकार रहा”


    नई दिल्ली। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेतृत्व, खासकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा पर तीखा हमला बोला है। दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दौरान मीडिया से बातचीत में सरमा ने दावा किया कि भाजपा में शामिल होने से पहले वे राहुल और प्रियंका की अंदरूनी लड़ाई के शिकार रहे।

    सरमा ने कहा, “गांधी परिवार के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है। हाल के राजनीतिक फैसलों से यह साफ दिखता है कि राहुल गांधी नहीं चाहते कि प्रियंका गांधी केरल में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करें।

    उन्हें असम में भेजा गया, इसका यही मतलब है।”

    उन्होंने आगे आरोप लगाया कि कांग्रेस में राहुल गांधी अपने करीबी नेताओं और गुट के जरिए सत्ता बनाए रखना चाहते हैं, जबकि प्रियंका उस गुट का हिस्सा नहीं हैं। सरमा ने बताया, “मैं 22 साल तक कांग्रेस में रहा हूं, मुझे अंदर की पूरी जानकारी है। यही वजह है कि प्रियंका को केरल की बजाय असम में जिम्मेदारी दी गई।”

    हिमंत सरमा बीजेपी में शामिल होने के बाद से लगातार कांग्रेस और गांधी परिवार पर हमलावर रहे हैं। उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। सियासी जानकार अब इस सवाल पर चर्चा कर रहे हैं कि क्या वाकई राहुल और प्रियंका के बीच अंदरूनी मतभेद हैं, या यह विपक्ष की रणनीति का हिस्सा है। फिलहाल कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

  • ट्रंप के दावे को लेकर कांग्रेस का PM मोदी पर तंज, कहा-70 बार मजाक उडा… फिर भी चुप्पी

    ट्रंप के दावे को लेकर कांग्रेस का PM मोदी पर तंज, कहा-70 बार मजाक उडा… फिर भी चुप्पी


    नई दिल्ली।
    भारत और पाकिस्तान (India and Pakistan) के बीच पिछले साल हुए तनाव को खत्म करने का श्रेय एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने लिया है। ट्रंप के इस ताजा दावे के बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) पर हमला तेज कर दिया है। कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा कि ट्रंप अब तक 70 बार इस तरह का दावा कर चुके हैं, लेकिन भारत सरकार की ओर से इस पर कोई कड़ा रुख नहीं दिख रहा। वाइट हाउस में अपने दूसरे कार्यकाल के पहले वर्ष की उपलब्धियां गिनाते हुए ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने दुनिया की 8 अंतहीन लड़ाइयां रुकवाई हैं।

    भारत-पाक के संदर्भ में उन्होंने कहा, “पाकिस्तान और भारत एक-दूसरे पर हमला कर रहे थे। आठ विमान मार गिराए गए थे। मेरी राय में दोनों देश परमाणु युद्ध की ओर बढ़ रहे थे। अगर मैं हस्तक्षेप नहीं करता, तो करोड़ों लोग मारे जाते।” ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने 10 महीनों में कंबोडिया-थाईलैंड, कोसोवो-सर्बिया और इजरायल-ईरान जैसे आठ बड़े संघर्षों को शांत कराया है।


    जयराम रमेश का तीखा हमला

    कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप की दोस्ती पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, “कल से पहले यह संख्या 68 थी। लेकिन कल ही यह आंकड़ा 69 नहीं, बल्कि सीधे 70 पर पहुंच गया। एक बार व्हाइट हाउस की प्रेस कॉन्फ़्रेंस के अपने शुरुआती बयान में और बाद में सवाल-जवाब के दौरान। यही वह संख्या है, जितनी बार प्रधानमंत्री के ‘अच्छे दोस्त’ और जिन्हें कई बार पीएम की जबरन झप्पी मिल चुकी है- ने यह दावा किया है कि 10 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर के अचानक और अप्रत्याशित रूप से रुकने के लिए वही जिम्मेदार थे।”

    नोबेल शांति पुरस्कार की चाहत
    ट्रंप ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी मलाल जताया कि इन युद्धों को रुकवाने के लिए उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए था। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकने से कम से कम 1.5 से 2 करोड़ लोगों की जान बची है, जो उनके लिए नोबेल से बड़ी बात है।

    गौरतलब है कि भारत सरकार हमेशा से यह कहती रही है कि पाकिस्तान के साथ किसी भी मुद्दे पर तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार्य नहीं है। हालांकि, 10 मई 2025 को ट्रंप ने सोशल मीडिया पर घोषणा की थी कि वाशिंगटन की मध्यस्थता के बाद दोनों देश पूर्ण युद्धविराम पर सहमत हुए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि ट्रंप के बार-बार इस तरह के दावे करना भारतीय संप्रभुता और प्रधानमंत्री के दावों पर सवाल खड़ा करता है।

  • Delhi की इस कॉलोनी में 8 माह से जमा है गंदा पानी, नरकीय जीवन जीने को मजबूर लोग… भड़की कांग्रेस

    Delhi की इस कॉलोनी में 8 माह से जमा है गंदा पानी, नरकीय जीवन जीने को मजबूर लोग… भड़की कांग्रेस


    नई दिल्ली।
    दिल्ली (Delhi) की किराड़ी विधानसभा (Kirari Assembly) के शर्मा एन्क्लेव (Sharma Enclave) में लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। पिछले आठ महीनों से कॉलोनी की गलियों में सीवर का गंदा पानी जमा है जिससे करीब ढाई हजार लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है। निवासियों का कहना है कि अन्य इलाकों का गंदा पानी (Dirty water) यहां आकर जमा हो रहा है लेकिन निकासी के लिए सीवर लाइन नहीं है। कांग्रेस ने हालात बयां करता हुए VIDEO पोस्ट करते हुए दिल्ली सरकार पर जोरदार हमला बोला है।


    10 हजार लोग नरकीय जीवन जीने को मजबूर

    दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने बुधवार को किराड़ी विधानसभा के शर्मा एन्क्लेव का दौरा किया। देवेंद्र यादव ने इलाके में भारी जलभराव और घरों के भीतर दूषित पानी जमा होने की समस्या पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भाजपा और आम आदमी पार्टी की लापरवाही के कारण यहां के 10 हजार लोग नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।


    पानी की निकासी पूरी तरह बंद

    दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि शर्मा एन्क्लेव के निवासियों की शिकायतें मिलने के बाद वह उनकी दयनीय स्थिति देखने आए हैं। आलम यह है कि कॉलोनी की हर गली प्रदूषित पानी से भरी हुई है। हैरानी की बात यह है कि लोग ऐसी खराब परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं। इस कॉलोनी में पानी की निकासी पूरी तरह बंद हो गई है।


    150 गलियों में 3 से 4 फीट पानी

    देवेंद्र यादव ने यह भी दावा किया कि कॉलोनी की लगभग 150 गलियों में 3 से 4 फीट पानी भरा होने से यहां की 10 हजार की आबादी प्रभावित है। कई घरों के अंदर पानी चला गया है। हालात इतने खराब हैं कि बहुत सारे लोग घर छोड़कर पलायन कर गए हैं। कुछ लोग बचे हैं जो बीमारियों का सामना कर रहे हैं। यादव ने दिल्ली की मुख्यमंत्री और दिल्ली के उपराज्यपाल को पत्र लिखकर तत्काल दखल देने की मांग की है।

    जमकर बरसे राहुल गांधी
    वहीं राहुल गांधी ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि सिस्टम सत्ता के सामने बिक चुका है। सब एक-दूसरे की पीठ थपथपाते हैं और मिलकर जनता को रौंदते हैं। लालच की महामारी फैल चुकी है, जिसका सबसे डरावना चेहरा शहरी सड़न है। हर आम भारतीय की जिंदगी आज नर्क की यातना बन गई है। हमारा समाज इसलिए मर रहा है क्योंकि हमने इस सड़न को न्यू नॉर्मल मान लिया है – सुन्न, निशब्द, बेपरवाह… जवाबदेही मांगो वरना सड़न हर दरवाजे तक पहुंचेगी।

  • Rahul Gandhi 2026: 17 जनवरी को भागीरथपुरा पीड़ितों से मुलाकात, जल संकट पर जमीनी हकीकत जानने का पूरा प्लान

    Rahul Gandhi 2026: 17 जनवरी को भागीरथपुरा पीड़ितों से मुलाकात, जल संकट पर जमीनी हकीकत जानने का पूरा प्लान


    इंदौर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 17 जनवरी को इंदौर एक दिवसीय दौरे पर आएंगे। उनका दौरा पूरी तरह से भागीरथपुरा जल प्रदूषण त्रासदी से प्रभावित लोगों को समर्पित रहेगा। कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी सीधे मौके पर जाकर हालात समझना चाहते हैं और पीड़ित परिवारों की समस्याएं खुद सुनेंगे।राहुल गांधी का यह दौरा न केवल जल प्रदूषण पीड़ितों की मदद के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि कांग्रेस के लिए भी आगामी राजनीतिक संदेश और संगठनात्मक मजबूती का अवसर माना जा रहा है।
    राहुल गांधी सुबह 9:30 बजे दिल्ली से विशेष विमान से रवाना होंगे और करीब 11 बजे इंदौर एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे। एयरपोर्ट से वे सीधे बॉम्बे हॉस्पिटल जाएंगे, जहां 11:45 से 12:15 तक जल प्रदूषण पीड़ितों से मुलाकात की जाएगी। इसके बाद वे भागीरथपुरा क्षेत्र में जाकर प्रभावित परिवारों से 12:45 से 1:45 तक बातचीत करेंगे और उनकी समस्याओं को समझेंगे। दोपहर 2:30 बजे वे इंदौर से दिल्ली के लिए रवाना होंगे।

    दौरे के मद्देनजर सीआरपीएफ और स्थानीय प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता कर चुके हैं। इसके साथ ही राहुल गांधी स्थानीय निकाय चुनाव लड़ चुके कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक करेंगे और जमीनी हालात व संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और वरिष्ठ नेताओं ने पहले ही रणनीति तय कर ली है। कांग्रेस का उद्देश्य इस दौरे के माध्यम से सरकार पर जल संकट और पीने के पानी के मुद्दे को उजागर करना है। भागीरथपुरा के लोग लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहे हैं और राहुल गांधी के दौरे से उन्हें उम्मीद है कि उनकी आवाज केवल इंदौर तक नहीं, बल्कि दिल्ली तक पहुंचेगी।

    नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि यह घटना सिस्टम की नाकामी है और राहुल गांधी जमीनी हकीकत खुद जाकर समझना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पानी आम जनता का संवैधानिक अधिकार है और इस मुद्दे पर राजनीति से ऊपर उठकर काम होना चाहिए।

    राहुल गांधी का यह दौरा न केवल जल प्रदूषण पीड़ितों की मदद के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि कांग्रेस के लिए भी आगामी राजनीतिक संदेश और संगठनात्मक मजबूती का अवसर माना जा रहा है।
  • इंदौर की रेशम केंद्र गौशाला में भूख-प्यास से 20 गायों की मौत, कांग्रेस ने सरकार से की जांच की मांग

    इंदौर की रेशम केंद्र गौशाला में भूख-प्यास से 20 गायों की मौत, कांग्रेस ने सरकार से की जांच की मांग


    इंदौर । मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में गोवंश संरक्षण को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। शहर के रेशम केंद्र स्थित गौशाला में करीब 20 गायों की मौत हो गई जिसे कांग्रेस ने सरकार की लापरवाही और गोवंश संरक्षण नीति की असफलता करार दिया है। मृत गायों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किया गया है, जिसमें कई गायों के शव जमीन पर पड़े हुए दिखाई दे रहे हैं, जिनकी हालत बेहद दयनीय है। कांग्रेस का आरोप है कि ये गायें भूख और प्यास के कारण मरी हैं क्योंकि उन्हें पर्याप्त चारा और पानी नहीं मिला था।

    कांग्रेस नेताओं ने इस घटना को गंभीर लापरवाही और राज्य सरकार की नाकामी का परिणाम बताया। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा गोवंश संरक्षण की जो योजनाएं बनाई गई हैं वे अब तक प्रभावी साबित नहीं हुई हैं। कांग्रेस ने इस घटना पर गहरी चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री को एक ईमेल भेजकर मामले की तत्काल जांच की मांग की है। ईमेल में यह भी कहा गया है कि जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और गौशाला की व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए।

    कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह घटना केवल लापरवाही का परिणाम नहीं है, बल्कि यह सरकार की गोवंश प्रेम की राजनीति की असफलता को भी उजागर करती है। कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि यदि गौशालाओं में सही प्रबंधन होता और सरकार की ओर से पर्याप्त संसाधन मुहैया कराए जाते, तो इस प्रकार की घटनाएं नहीं होतीं। गौशाला में गायों की यह मौत न केवल इंदौर बल्कि पूरे राज्य में एक बड़ा मुद्दा बन गई है। गौवंश संरक्षण को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। वहीं अब देखना यह है कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और क्या इस बार गोवंश संरक्षण की नीति में सुधार किया जाएगा।

  • इंदौर में दूषित पानी से मौतों का खुलासा: कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना

    इंदौर में दूषित पानी से मौतों का खुलासा: कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना


    नई दिल्ली। इंदौर में दूषित पेयजल के कारण कम से कम 18 लोगों की मौत हुई है। कांग्रेस मीडिया एंड कम्युनिकेशन प्रमुख पवन खेड़ा ने इस घटना को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है और कहा कि यह केवल स्थानीय प्रशासन की नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री और मेयर तक की जवाबदेही है।
    “हर घर जल” की बजाय “हर घर मल” योजना
    खेड़ा ने बताया कि इंदौर को स्वच्छ भारत अभियान में कई बार “नंबर-वन शहर” का दर्जा मिला, लेकिन आज वही शहर गंदे पानी और दूषित स्वास्थ्य सेवाओं की वजह से मौतों का सामना कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि “हर घर जल योजना” के लिए मंजूर पाइपलाइन का काम जुलाई 2022 में शुरू होना था, लेकिन केवल ठेके की फाइनलाइजेशन का इंतजार किया गया।लोगों की जान दांव पर लगाई गई, जबकि अधिकारियों और सरकार ने काम रोक रखा था।
    प्रशासन और राजनीतिक जिम्मेदारी पर सवाल
    खेड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव गाने गा रहे हैं, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पत्रकारों से बदसलूकी कर रहे हैं, और मेयर अलग ही बयान दे रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी अराजकता का खामियाजा छोटे बच्चे और आम लोग भुगत रहे हैं।

    स्वास्थ्य संकट और राष्ट्रीय पैमाना
    पानी, हवा और दवाइयों में मिलावट एक व्यापक समस्या बन गई है।
    गुजरात के गांधीनगर और दिल्ली में भी टाइफाइड और दूषित पानी के मामले सामने आए हैं।
    लगभग 70% पानी देश में दूषित हो चुका है।

    हैजा की पुष्टि और नोटिफिकेशन का सवाल
    खेड़ा ने सीधे सवाल किया, क्या पानी और प्रभावित नागरिकों के स्टूल सैंपल की कल्चर जांच हुई?
    अगर हैजा का बैक्टीरिया मिला, तो क्या इसे आईडीएसपी के तहत नोटिफाई किया गया?
    क्या इस मामले की जानकारी केंद्र सरकार, स्वास्थ्य मंत्रालय और WHO को दी गई?

    वित्तीय अनियमितताएं
    वर्ष 2003 में एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) से 200 मिलियन डॉलर का लोन भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर के लिए आया।सवाल उठाया गया कि यह पैसा कहाँ गया और क्या योजनाओं को पूरा करने में इसका सही इस्तेमाल हुआ।
    खेड़ा ने कहा, 18 मौतें किसी हादसे का नतीजा नहीं हैं, यह शासन की विफलता और भ्रष्टाचार का परिणाम हैं। जनता जानना चाहती है कि क्या कोई जिम्मेदारी लेगा या यह मामला भी फाइलों में दफन कर दिया जाएगा।
  • सत्य की जीत हुई है, हाईकोर्ट के आदेश के बाद विपक्ष पर बरसे भाजपा नेता दुष्यंत गौतम

    सत्य की जीत हुई है, हाईकोर्ट के आदेश के बाद विपक्ष पर बरसे भाजपा नेता दुष्यंत गौतम


    नई दिल्ली । अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े एक मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिलने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम ने कांग्रेसआम आदमी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद दुष्यंत गौतम ने इसे सत्य की जीत बताते हुए कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर हमेशा से पूरा भरोसा रहा है और अदालत के फैसले ने यह साबित कर दिया है कि झूठ कितनी भी जोर से फैलाया जाएअंततः टिक नहीं पाता।

    दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत करते हुए दुष्यंत गौतम ने कहा कि वे हमेशा संविधान और कानून के दायरे में रहकर काम करते आए हैं। उन्होंने कहा“सत्यमेव जयते। अंत में सच की ही जीत होती है। आज अदालत के आदेश ने यह स्पष्ट कर दिया है कि झूठ और दुष्प्रचार की एक सीमा होती है।उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। दुष्यंत गौतम ने कहा कि एक बेटी की निर्मम हत्या को कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल लगातार राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हर छह महीने बाद एक नया नैरेटिव गढ़ा जाता हैकभी उनका नाम जोड़ा जाता हैतो कभी किसी और का। इससे न तो सच्चाई सामने आती है और न ही पीड़ित बेटी को न्याय मिलता है।

    भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेसआम आदमी पार्टी और उत्तराखंड क्रांति दल मिलकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे थे।मेरी मानहानि की गईमेरी छवि को नुकसान पहुंचाया गया और उस बेटी का बार-बार अपमान किया गया। सोशल मीडिया पर जो वीडियो और पोस्ट डाली गईंवे पूरी तरह झूठी थीं और उन्हें तुरंत हटाया जाना चाहिए, उन्होंने कहदुष्यंत गौतम ने स्पष्ट किया कि घटना के समय वे उत्तराखंड गए ही नहीं थे। उन्होंने कहा कि उनकी लोकेशनकार्यक्रम और आधिकारिक रिकॉर्ड यह साफ दिखाते हैं कि उनके खिलाफ फैलाया गया प्रचार पूरी तरह झूठा और द्वेषपूर्ण था। इसके बावजूद उन्होंने लंबे समय तक चुप रहना उचित समझाक्योंकि वे सत्य के साथ खड़े थे।

    उन्होंने यह भी बताया कि लगातार आरोपों और सोशल मीडिया ट्रायल के कारण उन्हें मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ी।मैं विचलित भी हुआदुखी भी। मेरी छवि को नुकसान पहुंचा। लेकिन जब झूठ पूरे देश में फैलाया जाने लगा और पानी सिर के ऊपर चला गयातब मुझे मानहानि का मुकदमा दर्ज कराना पड़ा, उन्होंने कहा।इस बीचदिल्ली हाईकोर्ट ने दुष्यंत कुमार गौतम की मानहानि याचिका पर सुनवाई करते हुए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को निर्देश दिया कि वे 24 घंटे के भीतर सभी सोशल मीडिया पोस्ट हटाएंजिनमें उन्हें अंकिता भंडारी हत्याकांड से जोड़ा गया है। न्यायमूर्ति मिनी पुष्करणा ने अंतरिम आदेश में दोनों दलों को भविष्य में भी ऐसी कोई सामग्री पोस्ट करने से रोक दिया है।

  • इंदौर दूषित पानी से 18 मौतें. 3 मरीज वेंटिलेटर पर. प्रशासन ने की कार्रवाई

    इंदौर दूषित पानी से 18 मौतें. 3 मरीज वेंटिलेटर पर. प्रशासन ने की कार्रवाई


    इंदौर । इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी के कारण पिछले कुछ दिनों में 18 मौतें हो चुकी हैं. और अब तक 429 लोग अस्पतालों में भर्ती हो चुके हैं। बुधवार तक 330 मरीजों को छुट्टी मिल चुकी है. लेकिन 99 मरीज अभी भी इलाजरत हैं। अस्पतालों में ICU में मरीजों की संख्या बढ़ी है. जिनमें से 3 मरीज वेंटिलेटर पर हैं। इस गंभीर स्थिति ने इलाके के लोगों को खौफ में डाल दिया है. और अब वे टैंकर और आरओ के पानी पर निर्भर हैं। कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने बुधवार को क्षेत्र का निरीक्षण किया. और सीवरेज तथा नर्मदा पाइपलाइन के लीकेज को ठीक करने के निर्देश दिए। इलाके में पानी की सप्लाई टेस्टिंग की जा रही है. और लोगों को पानी उबालकर और छानकर पीने की सलाह दी जा रही है।
    स्वास्थ्य विभाग ने 61 टीमों का गठन किया था. जिनमें से 5013 घरों का सर्वे किया गया। इस सर्वे के माध्यम से 24786 लोगों को उचित सलाह दी गई और घर-घर दवाइयां भी वितरित की गईं। इसके साथ ही. भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ICMR के सर्वे में पाया गया कि इलाके की 17 गलियां संक्रमित पाई गई हैं। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस मामले में कड़ी टिप्पणी की. और कहा कि इंदौर की छवि को इस घटना ने गंभीर नुकसान पहुंचाया है। कोर्ट ने कहा कि स्वच्छ पानी हर नागरिक कामौलिक अधिकार है और यदि भविष्य में जरूरत पड़ी तो दोषीअधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही. मुआवजे की राशि पर भी उचित निर्देश दिए जा सकते हैं।
    वहीं. कांग्रेस ने इस मुद्दे पर प्रदर्शन की योजना बनाई है। पार्टी की अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया ने पूरे प्रदेश में कैंडल मार्च आयोजित करने कीघोषणा की है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी मंगलवार को प्रभावित इलाकों का दौरा करने पहुंचे और मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की। इंदौर में दूषित पानी से फैली बीमारी और मौतों के सिलसिले ने पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य संकट पैदा कर दिया है. और प्रशासन की ओर से इस समस्या के समाधान के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।

  • कांग्रेस का पीएम मोदी से सवाल ? ट्रंप को 'खुश करने' वाली बात पर भारत का मजाक उड़ रहा

    कांग्रेस का पीएम मोदी से सवाल ? ट्रंप को 'खुश करने' वाली बात पर भारत का मजाक उड़ रहा

    नई दिल्‍ली। रूसी तेल की खरीद को लेकर ट्रंप की तरफ से भारत पर की गई टिप्पणी की कांग्रेस ने कड़ी आलोचना की है। इतना ही नहीं कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री मोदी पर भी सवाल उठाया। मुख्य विपक्षी पार्टी ने पूछा कि आखिर मोदी और ट्रंप के बीच दिखाई देने वाले मजबूत सार्वजनिक संबंधों के बाद भी अमेरिका का भारत को लेकर रवैया धमकी भरा क्यों हैं?

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने सोमवार को कहा कि मोदी और ट्रंप के रिश्तों में दिखने वाली गर्मजोशी के बावजूद वाशिंगटन का भारत के प्रति रवैया कभी गर्म कभी ठंडा नजर आता है।

    अपने सोशल मीडिया हैंडल पर उन्होंने लिखा, “नमस्ते ट्रंप और हाउडी मोदी जैसे भव्य आयोजनों और सार्वजनिक रूप से की गई तारीफों और गले लगने का भारत को कोई खास फायदा नहीं मिलाा है।”

    उन्होंने लिखा, “वाइट हाउस में प्रधानमंत्री के अच्छे दोस्त का भारत के प्रति रवैया कभी गर्म कभी ठंडा ही है। एक बार फिर से भारत पर ऊंचे टैरिफ लगाने की धमकी दी गई है। वह सब बड़े कार्यक्रम जैसे नमस्ते ट्रंप, हाउडी मोदी, वह जबरदस्ती का गले मिलना औऱ अमेरिकी राष्ट्रपति की तारीफ में किए गए लंबे पोस्ट, भारत के लिए ज्यादा काम नहीं आए।”

    जयराम रमेश के अलावा कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने भी पीएम मोदी को कमजोर बताया। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा लागत के आधार पर ईंधन खरीदता रहा है और रूस से आने वाला तेल सस्ता है। यह तेल खरीदना हमारा संप्रभु अधिकार है। अमेरिका प्रधानमंत्री मोदी की कमजोरी का फायदा उठा रहा है।

    कांग्रेस नेत्री सुप्रिया श्रीनेत ने भी ट्रंप की इस टिप्पणी को लेकर पीएम मोदी और सरकार पर कड़ा हमला किया। उन्होंने लिखा, “ट्रंप वहां खड़े होकर भारत का मजाक उड़ा रहे हैं। अपमानित कर रहे हैं।

    ट्रंप के बगल में खड़ा एक अमेरिकी सीनेटर दावा करता है कि भारतीय राजदूत राष्ट्रपति को खुश करने के लिए गिड़गिड़ा रहा था। ट्रंप कहते हैं कि मोदी ने अमेरिकी दबाव में रूसी तेल के आयात को घटाया है ताकि वह खुश हो सकें।”

    श्रीनेत ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, “ऐसे गुंडे खुलेआम मेरे देश का मजाक उड़ा रहे हैं। लेकिन हमारे प्रधानमंत्री की ओर से एक शब्द तक नहीं आया। एक आवाज भी नहीं।”
    क्या कहा था ट्रंप ने?

    रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने रविवार को भारत और अमेरिका के रिश्तों पर कुछ टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा, “भारत मुझे खुश करना चाहता था। मोदी बहुत अच्छे इंसान हैं, उन्हें पता ता कि मैं खुश नहीं था। और मुझे खुश करने के लिए उन्होंने रूस से तेल खरीदना कम कर दिया। मुझे खुश करना जरूरी था वरना हम उन पर बहुत जल्दी ही टैरिफ बढ़ा सकते थे।

  • इंदौर: भागीरथपुरा में दूषित पानी से 16 लोगों की मौत सरकार ने हाई कोर्ट में मृतकों की संख्या कम बताई विपक्षी दलों का आरोप

    इंदौर: भागीरथपुरा में दूषित पानी से 16 लोगों की मौत सरकार ने हाई कोर्ट में मृतकों की संख्या कम बताई विपक्षी दलों का आरोप


    इंदौर । इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है। इस घटना ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है और 35 से अधिक लोग गंभीर हालत में अलग-अलग अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। सभी मरीजों में उल्टी दस्त और संक्रमण के लक्षण पाए गए हैं जिससे पानी की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यह सभी मौतें गंदे और दूषित पानी पीने के कारण हुईं।
    मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन सक्रिय हो गए हैं लेकिन मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है।इस बीच सरकार ने हाई कोर्ट में पेश किए गए आंकड़ों में मृतकों की संख्या कम बताई जबकि हकीकत यह है कि अब तक 16 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस का आरोप है कि जैसे कोरोना महामारी के दौरान मौतों के आंकड़े छिपाए गए थे उसी तरह अब भी सरकार मृतकों के असली आंकड़े छिपा रही है ताकि जिम्मेदारी से बचा जा सके।

    कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इस मामले में सरकार की नाकामी पूरी तरह से उजागर हो चुकी है और अब समय आ गया है कि सच्चाई सामने लाई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को तुरंत कदम उठाने चाहिए ताकि और लोगों की जान बचाई जा सके और दूषित पानी के कारण फैलने वाले संक्रमण को रोका जा सके।

    स्थानीय निवासियों की चिंता और बढ़ गई है क्योंकि दूषित पानी पीने से संक्रमण फैलने की संभावना अधिक है। स्वास्थ्य विभाग ने इलाके में पानी की जांच शुरू कर दी है और पानी की गुणवत्ता सुधारने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं लेकिन जनता की परेशानी लगातार बनी हुई है।यह मामला प्रशासन और सरकार की जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा करता है क्योंकि दूषित पानी पीने से होने वाली मौतें आम बात नहीं हैं और यह स्थिति तत्काल ध्यान देने योग्य है।