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  • कम उम्र में बड़ा सपना, वैभव सूर्यवंशी बोले- लंबे समय तक क्रिकेट पर राज करना चाहता हूं

    कम उम्र में बड़ा सपना, वैभव सूर्यवंशी बोले- लंबे समय तक क्रिकेट पर राज करना चाहता हूं


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में अपने बल्ले से धमाल मचाने वाले 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट के नए सितारे बनकर उभरे हैं। शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के साथ-साथ एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय टीम में जगह मिली है। चयन के बाद वैभव ने अपने भविष्य को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि उनका लक्ष्य सिर्फ क्रिकेट खेलना नहीं, बल्कि लंबे समय तक इस खेल में अपना दबदबा बनाए रखना है।

    राजस्थान रॉयल्स द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए एक इंटरव्यू में वैभव ने अपने क्रिकेट करियर को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि वह ऐसा खिलाड़ी बनना चाहते हैं, जिसे क्रिकेट प्रेमी वर्षों तक याद रखें। वैभव का मानना है कि एक महान खिलाड़ी वही होता है जो अपने दम पर मैच का रुख बदल दे और टीम को जीत दिलाए।

    युवा बल्लेबाज ने कहा कि उन्होंने अपने करियर को लेकर स्पष्ट लक्ष्य तय कर रखा है। उनका सपना है कि जब भी लोग उनके खेल को देखें या भविष्य में उनके बारे में चर्चा करें तो यह महसूस करें कि वह ऐसा बल्लेबाज था जो अकेले दम पर मुकाबले का नतीजा बदल सकता था। उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ वह लगातार मेहनत कर रहे हैं और अपने खेल को बेहतर बनाने में जुटे हुए हैं।

    वैभव ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य कुछ साल क्रिकेट खेलकर संतुष्ट हो जाना नहीं है। वह चाहते हैं कि अगले 10 से 20 वर्षों तक उनके प्रदर्शन की चर्चा हो और उनका प्रभाव क्रिकेट जगत में बना रहे। उन्होंने कहा कि क्रिकेट उनके लिए केवल पेशा नहीं, बल्कि आनंद का माध्यम है। इसी कारण वह पूरी जिंदगी इस खेल का आनंद लेते हुए लगातार बेहतर प्रदर्शन करना चाहते हैं।

    भारतीय टीम के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने भी वैभव की प्रतिभा की सराहना की है। चयन समिति का मानना है कि युवा बल्लेबाज ने अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया और टीम में जगह पाने का मजबूत दावा पेश किया। आईपीएल 2026 में उनकी बल्लेबाजी ने न सिर्फ दर्शकों का दिल जीता, बल्कि विशेषज्ञों को भी प्रभावित किया।

    राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए वैभव सूर्यवंशी ने पूरे सीजन में शानदार निरंतरता दिखाई। उन्होंने 16 पारियों में विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए 237 के अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए। इस प्रदर्शन के दम पर उन्होंने ऑरेंज कैप अपने नाम की और यह उपलब्धि हासिल करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। इसके अलावा उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 72 छक्के जड़कर टी20 क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज क्रिस गेल का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया।

    अब क्रिकेट प्रेमियों की नजरें वैभव सूर्यवंशी के अंतरराष्ट्रीय सफर पर टिकी हैं। कम उम्र में मिली सफलता ने उन्हें भारतीय क्रिकेट का भविष्य माना जाना शुरू कर दिया है। आने वाले महीनों में आयरलैंड, इंग्लैंड और एशियन गेम्स के मंच पर उनके प्रदर्शन से यह तय होगा कि वह घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट की सफलता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कितनी मजबूती से आगे बढ़ा पाते हैं।

  • कभी थे टीम इंडिया के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज, अब कप्तानी और स्थान दोनों पर सवाल

    कभी थे टीम इंडिया के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज, अब कप्तानी और स्थान दोनों पर सवाल


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में नेतृत्व परिवर्तन हमेशा चर्चा का विषय रहा है और इस बार भी टी20 टीम की कप्तानी को लेकर लिए गए फैसले ने क्रिकेट जगत में बहस छेड़ दी है। हाल के घटनाक्रमों के बाद यह सवाल लगातार उठ रहा है कि आखिर किन कारणों से भारतीय टी20 टीम की कमान में बदलाव किया गया और क्यों नए नेतृत्व की ओर बढ़ने का निर्णय लिया गया। क्रिकेट विशेषज्ञों और विभिन्न रिपोर्टों में इसके पीछे तीन प्रमुख कारणों की चर्चा की जा रही है।

    सबसे पहले बात बल्लेबाजी प्रदर्शन की करें तो माना जा रहा है कि हाल के समय में कप्तान के रूप में टीम को सफलताएं मिलने के बावजूद बल्लेबाज के तौर पर अपेक्षित निरंतरता नहीं दिखी। टी20 क्रिकेट में शीर्ष क्रम के बल्लेबाज से तेज रन गति और बड़ी पारियों की अपेक्षा रहती है। विश्लेषकों का मानना है कि पिछले कुछ समय में रन बनाने की गति और औसत दोनों में गिरावट देखने को मिली, जिससे टीम के मध्यक्रम पर अतिरिक्त दबाव पड़ा। यही कारण रहा कि चयनकर्ताओं ने प्रदर्शन को प्रमुख आधार मानते हुए बदलाव पर विचार किया।

    दूसरा महत्वपूर्ण पहलू भविष्य की रणनीति से जुड़ा बताया जा रहा है। भारतीय क्रिकेट प्रबंधन आने वाले वर्षों में होने वाले बड़े टूर्नामेंटों को ध्यान में रखकर दीर्घकालिक योजना पर काम कर रहा है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि चयनकर्ता ऐसे खिलाड़ियों को नेतृत्व की भूमिका में देखना चाहते हैं जो अगले कई वर्षों तक टीम का हिस्सा बने रहें और आगामी वैश्विक प्रतियोगिताओं में टीम का नेतृत्व कर सकें। इसी दृष्टिकोण से युवा और मध्य आयु वर्ग के खिलाड़ियों को अधिक अवसर देने की रणनीति पर जोर दिया जा रहा है।

    तीसरा कारण नए नेतृत्व विकल्पों का मजबूत दावा माना जा रहा है। विशेष रूप से Shreyas Iyer ने पिछले कुछ वर्षों में बल्लेबाजी और कप्तानी दोनों में प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में उनकी कप्तानी क्षमता की लगातार सराहना हुई है। साथ ही बल्ले से भी उन्होंने निरंतर रन बनाकर अपनी दावेदारी मजबूत की। ऐसे में चयनकर्ताओं के सामने नेतृत्व परिवर्तन का विकल्प पहले की तुलना में अधिक मजबूत दिखाई दिया।

    दूसरी ओर, Suryakumar Yadav भारतीय टी20 क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में से एक रहे हैं और उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने कई मौकों पर टीम को जीत दिलाई है। हालांकि हालिया प्रदर्शन को लेकर उठे सवालों ने उनकी स्थिति को चुनौतीपूर्ण बना दिया। क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि आधुनिक क्रिकेट में कप्तानी और व्यक्तिगत प्रदर्शन दोनों का संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी हो गया है।

    टीम प्रबंधन और चयन समिति की ओर से लिए गए ऐसे फैसले आमतौर पर केवल एक कारण पर आधारित नहीं होते, बल्कि कई खेल, रणनीतिक और भविष्यगत पहलुओं को ध्यान में रखकर किए जाते हैं। इसलिए नेतृत्व परिवर्तन को केवल किसी एक खिलाड़ी की असफलता के रूप में नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट की दीर्घकालिक योजना के हिस्से के रूप में भी देखा जा रहा है।

    आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि नया नेतृत्व भारतीय टीम को किस दिशा में ले जाता है और अनुभवी खिलाड़ियों की भूमिका टीम की भविष्य की योजनाओं में किस तरह तय होती है।

  • आयरलैंड-इंग्लैंड दौरे के लिए टीम इंडिया का सेलेक्शन, कप्तानी पर सस्पेंस खत्म होने की उम्मीद

    आयरलैंड-इंग्लैंड दौरे के लिए टीम इंडिया का सेलेक्शन, कप्तानी पर सस्पेंस खत्म होने की उम्मीद


    नई दिल्ली। भारतीय टी20 क्रिकेट में आज एक नए युग की शुरुआत हो सकती है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की चयन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आज प्रस्तावित है, जिसमें भारत की टी20 टीम और नए कप्तान को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है। यह चयन आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के साथ-साथ आगामी एशियन गेम्स को ध्यान में रखकर किया जाएगा।

    सूत्रों के अनुसार, टीम इंडिया के टी20 कप्तान पद में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मौजूदा कप्तान सूर्यकुमार यादव की जगह अब श्रेयस अय्यर का नाम सबसे आगे चल रहा है। माना जा रहा है कि चयनकर्ताओं ने उनकी IPL में सफल कप्तानी और रणनीतिक क्षमता को देखते हुए उन्हें इस जिम्मेदारी के लिए प्राथमिकता दी है। अय्यर ने अलग-अलग IPL टीमों को फाइनल तक पहुंचाकर अपनी नेतृत्व क्षमता साबित की है, जिसमें कोलकाता नाइट राइडर्स को IPL 2024 की ट्रॉफी जिताना भी शामिल है।

    दूसरी ओर, सूर्यकुमार यादव के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हालिया मुकाबलों में उनका फॉर्म उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। पिछली कई पारियों में वह बड़ी पारी खेलने में असफल रहे हैं। साथ ही फिटनेस और उम्र से जुड़ी चिंताओं ने भी चयनकर्ताओं के फैसले को प्रभावित किया है। हालांकि उनकी कप्तानी में भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीता था, लेकिन भविष्य की रणनीति को देखते हुए बदलाव की संभावना जताई जा रही है।

    टीम चयन में एक और बड़ा नाम चर्चा में है-तिलक वर्मा, जिन्हें उपकप्तान बनाए जाने की संभावना है। वहीं, युवा प्रतिभाओं को भी मौका मिलने के संकेत हैं। मात्र 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी का नाम सबसे ज्यादा सुर्खियों में है, जिन्हें पहली बार भारतीय टीम में जगह मिल सकती है। इसके अलावा प्रिंस यादव और हर्ष दुबे जैसे नए खिलाड़ियों को भी टीम में शामिल किए जाने की चर्चा है।

    तेज गेंदबाजी विभाग को लेकर भी चयनकर्ताओं के सामने एक अहम सवाल है कि क्या अनुभवी गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को IPL 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद दोबारा टीम इंडिया में जगह दी जाए या नहीं।

    BCCI की चयन समिति, जिसकी अगुवाई अजीत अगरकर कर रहे हैं, इस बार भविष्य की योजनाओं और तत्काल प्रदर्शन के बीच संतुलन साधने की कोशिश कर रही है। 2028 ओलंपिक और टी20 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए टीम के नए ढांचे पर विचार किया जा रहा है।

    आज की यह बैठक भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसके फैसले आने वाले वर्षों की टी20 रणनीति की दिशा तय कर सकते हैं।

  • गौतम गंभीर का बड़ा बयान, साई सुदर्शन को बताया वर्ल्ड क्लास टैलेंट

    गौतम गंभीर का बड़ा बयान, साई सुदर्शन को बताया वर्ल्ड क्लास टैलेंट


    टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने युवा बल्लेबाज साई सुदर्शन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि सुदर्शन को भारतीय टेस्ट टीम में पर्याप्त मौके दिए जाएंगे और उन्हें जल्दबाजी में नहीं आंका जाएगा।

    गंभीर ने कहा कि साई सुदर्शन एक वर्ल्ड क्लास खिलाड़ी हैं और हाल ही में आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्होंने अपनी क्षमता साबित की है। सुदर्शन ने इस सीजन में 700 से अधिक रन बनाकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। गंभीर के अनुसार, किसी भी खिलाड़ी को सिर्फ कुछ पारियों के आधार पर जज नहीं किया जा सकता, बल्कि उन्हें खुद को स्थापित करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने यह भी कहा कि चयन प्रक्रिया में सभी खिलाड़ियों के साथ समान अवसर दिया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि सुदर्शन को नंबर तीन पर लगातार मौका मिल सकता है, जिससे वह टेस्ट टीम में अपनी जगह मजबूत कर सकें।

    साई सुदर्शन का अब तक का टेस्ट रिकॉर्ड भी संतुलित रहा है। उन्होंने भारत के लिए 6 टेस्ट मैचों में 11 पारियों में 302 रन बनाए हैं, जिसमें दो अर्धशतक शामिल हैं। हालांकि, उनके प्रदर्शन को लेकर टीम प्रबंधन का मानना है कि उनमें लंबी रेस का घोड़ा बनने की क्षमता है।

    आईपीएल 2026 में गुजरात टाइटंस की ओर से खेलते हुए सुदर्शन ने 17 मैचों में 157 के स्ट्राइक रेट से 722 रन बनाए, जो उनके शानदार फॉर्म को दर्शाता है। इसी प्रदर्शन के आधार पर उन्हें टेस्ट टीम में निरंतर मौके मिलने की संभावना बढ़ गई है।

    भारत और अफगानिस्तान के बीच एकमात्र टेस्ट मैच 6 जून से मुल्लांपुर स्थित महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा, जिसमें साई सुदर्शन के खेलने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

  • रोमांचक मुकाबले में पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को दी मात, सीरीज अपने नाम की

    रोमांचक मुकाबले में पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को दी मात, सीरीज अपने नाम की


    नई दिल्ली । लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेले गए तीसरे वनडे मुकाबले में पाकिस्तान ने दमदार प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलिया को 4 विकेट से हराकर सीरीज पर 2-1 से कब्जा कर लिया। इस मैच में गेंद और बल्ले दोनों से पाकिस्तान का दबदबा देखने को मिला।

    पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। पारी की शुरुआत बेहद खराब रही और मैथ्यू शॉर्ट बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। इसके बाद मार्नस लाबुशेन ने 19 रन बनाए, लेकिन वह भी बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। लगातार गिरते विकेटों के बीच ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी बिखरती चली गई।

    एलेक्स कैरी 19 रन बनाकर आउट हुए, जबकि कैमरून ग्रीन सिर्फ 7 रन ही जोड़ सके। मिडिल ऑर्डर भी पूरी तरह फ्लॉप रहा और मैट रेनशॉ व कूपर कोनोली सस्ते में आउट होकर लौट गए। पूरी टीम केवल 157 रन पर ऑलआउट हो गई।

    हालांकि एक छोर पर जोश इंग्लिस ने संघर्ष जारी रखा और 71 गेंदों पर 65 रन की शानदार पारी खेली। उन्होंने 8 चौके और 1 छक्का भी लगाया, लेकिन दूसरे बल्लेबाजों का साथ न मिलने के कारण टीम बड़ा स्कोर नहीं बना सकी।

    पाकिस्तान की ओर से गेंदबाजी में कप्तान शाहीन अफरीदी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 विकेट झटके। उनके अलावा अबरार अहमद और शादाब खान ने 2-2 विकेट लेकर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। साहिबजादा फरहान मात्र 6 रन बनाकर आउट हो गए। माज सदाकत ने 27 रन की तेज पारी खेली लेकिन वह भी बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर सके। बाबर आजम ने एक बार फिर जिम्मेदारी संभालते हुए 40 रन बनाए, हालांकि वह भी अर्धशतक से चूक गए।

    मिडिल ऑर्डर में गाजी घोरी और सलमान आगा जल्दी आउट हो गए, जिससे मैच थोड़ा रोमांचक हो गया। लेकिन अंत में अब्दुल समद और शादाब खान ने संयम और समझदारी के साथ बल्लेबाजी करते हुए 49 रनों की नाबाद साझेदारी की और टीम को जीत दिलाई।

    शादाब खान 29 रन और अब्दुल समद 18 रन बनाकर नाबाद रहे। पाकिस्तान ने 41.5 ओवर में 6 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।  ऑस्ट्रेलिया की ओर से मैथ्यू कुहनेमन ने 3 विकेट लेकर प्रयास जरूर किया, लेकिन वह टीम को जीत नहीं दिला सके। इस जीत के साथ पाकिस्तान ने न केवल मैच जीता बल्कि सीरीज भी 2-1 से अपने नाम कर ली, जिससे घरेलू फैंस में उत्साह का माहौल है।

  • रोहित शर्मा और विराट कोहली की फिटनेस पर नजर, सीरीज से पहले होगा जरूरी टेस्ट

    रोहित शर्मा और विराट कोहली की फिटनेस पर नजर, सीरीज से पहले होगा जरूरी टेस्ट


    नई दिल्ली ।  अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी तीन मैचों की वनडे सीरीज से पहले भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली की फिटनेस को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। टीम प्रबंधन ने संकेत दिए हैं कि दोनों खिलाड़ियों के खेलने को लेकर अंतिम फैसला फिटनेस टेस्ट और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा।

    भारतीय टीम के सहायक कोच रयान टेन डोएशेट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे बड़े खिलाड़ियों का टीम से बाहर या अंदर होना हमेशा चर्चा का विषय रहता है। उन्होंने बताया कि मेडिकल टीम दोनों खिलाड़ियों की स्थिति की समीक्षा कर रही है और अगले कुछ दिनों में उनकी उपलब्धता पर निर्णय लिया जाएगा।

    फिटनेस रिपोर्ट के बाद ही तय होगा भविष्य
    कोच डोएशेट ने स्पष्ट किया कि चयन प्रक्रिया में खिलाड़ियों की फिटनेस सबसे महत्वपूर्ण मानदंड है। उन्होंने कहा कि जैसे ही मेडिकल टीम अपनी रिपोर्ट देगी, उसके आधार पर आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी कि रोहित और कोहली सीरीज का हिस्सा होंगे या नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि टीम प्रबंधन चाहता है कि सभी खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मैचों में पूरी फिटनेस और सर्वश्रेष्ठ फॉर्म के साथ उतरें, ताकि टीम का प्रदर्शन प्रभावित न हो।

    वर्कलोड और आईपीएल को लेकर भी चर्चा
    सहायक कोच ने खिलाड़ियों के वर्कलोड और आईपीएल के दौरान चोटों के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी की स्थिति अलग होती है और इसे व्यक्तिगत रूप से देखा जाना चाहिए। डोएशेट के अनुसार, आईपीएल जैसे बड़े घरेलू टूर्नामेंट में खिलाड़ियों पर काफी दबाव रहता है, लेकिन टीम इंडिया के लिए जरूरी है कि जब खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय ड्यूटी पर आएं तो वे पूरी तरह फिट हों।

    हार्दिक पांड्या पर भी नजर, टीम संयोजन पर असर संभव
    अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए चुनी गई भारतीय टीम में रोहित शर्मा, विराट कोहली और हार्दिक पांड्या को शामिल किया गया है। हालांकि, फिटनेस को लेकर अनिश्चितता के कारण टीम संयोजन में बदलाव की संभावना भी बनी हुई है।

  • वैभव के बल्ले ने जीता विदेशी स्टार का दिल, लिविंगस्टन ने की जमकर तारीफ

    वैभव के बल्ले ने जीता विदेशी स्टार का दिल, लिविंगस्टन ने की जमकर तारीफ


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 में अपनी तूफानी बल्लेबाजी से रिकॉर्ड बुक्स को हिला देने वाले युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi की तारीफ में अब विदेशी क्रिकेटर भी कसीदे पढ़ रहे हैं। इंग्लैंड के स्टार ऑलराउंडर Liam Livingstone ने वैभव की बल्लेबाजी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि उन्होंने अपने पूरे क्रिकेट करियर में ऐसी बल्लेबाजी पहले कभी नहीं देखी।

    लिविंगस्टन ने ‘स्टिक टू क्रिकेट’ पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान कहा कि आईपीएल में यह उनका सातवां सीजन था और उन्होंने दुनिया के कई बेहतरीन बल्लेबाजों को करीब से देखा है, लेकिन वैभव की बल्लेबाजी कुछ अलग ही स्तर की थी। उन्होंने कहा, “मैंने इस तरह की बल्लेबाजी पहले कभी नहीं देखी। मैं कई महान खिलाड़ियों के साथ खेल चुका हूं, लेकिन वैभव जैसा प्रभाव किसी ने नहीं छोड़ा।”

    एलिमिनेटर में मचाया था तूफान
    वैभव सूर्यवंशी ने राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए एलिमिनेटर मुकाबले में Sunrisers Hyderabad के खिलाफ सिर्फ 29 गेंदों में 97 रन की विस्फोटक पारी खेली थी। इस दौरान उन्होंने 5 चौके और 12 छक्के जड़कर विपक्षी गेंदबाजों की जमकर धुनाई की थी। उनकी इस पारी ने कई रिकॉर्ड तोड़े और क्रिकेट विशेषज्ञों को हैरान कर दिया। यही मैच लिविंगस्टन के लिए भी सबसे यादगार अनुभवों में से एक बन गया।

    ‘मिस हिट नाम की चीज नहीं थी’
    लिविंगस्टन ने वैभव की तकनीक और शॉट चयन की भी जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि वैभव गेंद को इतनी सफाई से मारते हैं कि उनके शॉट्स में मिस हिट लगभग देखने को नहीं मिलती।

    उन्होंने बताया, “शुरुआत में हमने उन्हें बाउंसर पर आउट किया था, लेकिन इसके बाद उन्होंने जिस तरह अपने खेल में सुधार किया, वह अविश्वसनीय था। जब हम बाउंसर डालते तो वह गेंद को थर्ड मैन की दिशा में भेज देते। फुल लेंथ गेंद डालते तो उसे भी बाउंड्री के पार पहुंचा देते। हमें समझ ही नहीं आता था कि आखिर उन्हें गेंद कहां फेंकी जाए।”

    आईपीएल 2026 में बनाया नया इतिहास
    वैभव के लिए आईपीएल 2026 सपनों जैसा रहा। उन्होंने 16 मुकाबलों में 776 रन बनाए और 237 के शानदार स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। इस प्रदर्शन के दम पर वह ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने। इतना ही नहीं, उन्होंने टी20 दिग्गज Chris Gayle का बड़ा रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। पूरे सीजन में 72 छक्के लगाकर वैभव आईपीएल के एक सीजन में सर्वाधिक छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए।

    महज 15 साल की उम्र में जिस तरह वैभव सूर्यवंशी ने घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ी है, उसे देखते हुए क्रिकेट विशेषज्ञ उन्हें भारतीय क्रिकेट का अगला बड़ा सुपरस्टार मान रहे हैं।

  • वैभव सूर्यवंशी को लेकर आकाश चोपड़ा ने खोले पत्ते, बताया चयन में क्या है सबसे बड़ी बाधा

    वैभव सूर्यवंशी को लेकर आकाश चोपड़ा ने खोले पत्ते, बताया चयन में क्या है सबसे बड़ी बाधा


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 में अपने विस्फोटक प्रदर्शन से क्रिकेट जगत का ध्यान खींचने वाले युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi को भारतीय टी20 टीम में शामिल किए जाने की मांग लगातार उठ रही है। हालांकि पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कमेंटेटर Aakash Chopra का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में वैभव को राष्ट्रीय टीम में जगह मिलने के लिए अभी कुछ समय इंतजार करना पड़ सकता है।

    आकाश चोपड़ा ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में कहा कि भारतीय टी20 टीम में ओपनिंग और टॉप ऑर्डर की जगहों के लिए पहले से ही कड़ा मुकाबला है। उनके अनुसार Sanju Samson और Abhishek Sharma लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे वैभव के लिए तत्काल अवसर बनना मुश्किल दिखाई देता है।

    चोपड़ा ने विशेष रूप से संजू सैमसन की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने टी20 विश्व कप 2026 में बेहतरीन प्रदर्शन किया और टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहे। ऐसे में उनकी जगह किसी युवा खिलाड़ी को मौका देना चयनकर्ताओं के लिए आसान फैसला नहीं होगा।

    उन्होंने यह भी कहा कि अभिषेक शर्मा पिछले काफी समय से टी20 क्रिकेट में निरंतर शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और दुनिया के शीर्ष बल्लेबाजों में गिने जा रहे हैं। ऐसे में टीम प्रबंधन उनके स्थान पर भी बदलाव करने की जल्दी में नहीं होगा।

    हालांकि आकाश चोपड़ा ने वैभव की प्रतिभा पर कोई सवाल नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि 15 वर्षीय बल्लेबाज असाधारण क्षमता रखते हैं और भविष्य में भारतीय क्रिकेट के बड़े सितारे बन सकते हैं। लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर पाने के लिए उन्हें थोड़ा धैर्य रखना होगा और लगातार प्रदर्शन जारी रखना होगा।

    आईपीएल 2026 में बनाया इतिहास
    वैभव सूर्यवंशी का आईपीएल 2026 सीजन बेहद शानदार रहा। उन्होंने 16 मैचों में 237 के अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए और ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने। पूरे टूर्नामेंट में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी चर्चा का विषय रही।

    इतना ही नहीं, वैभव ने टी20 दिग्गज Chris Gayle का एक बड़ा रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। उन्होंने एक सीजन में सबसे ज्यादा 72 छक्के लगाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया। एलिमिनेटर और दूसरे क्वालिफायर में उनकी मैच जिताऊ पारियों ने उनकी लोकप्रियता और बढ़ा दी।

    अब श्रीलंका दौरे पर नजरें
    वैभव को श्रीलंका में होने वाली त्रिकोणीय श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। 9 जून से शुरू होने वाली इस प्रतियोगिता में उनका प्रदर्शन चयनकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण संकेत दे सकता है। यदि वे यहां भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं, तो निकट भविष्य में राष्ट्रीय टी20 टीम के दरवाजे उनके लिए और मजबूती से खुल सकते हैं।

    फिलहाल क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट का भविष्य हैं, लेकिन टीम इंडिया में स्थायी जगह बनाने के लिए उन्हें अपने प्रदर्शन की निरंतरता बनाए रखनी होगी।

  • निसांका-मेंडिस का बल्ला गरजा, श्रीलंका ने पहले वनडे में वेस्टइंडीज को 41 रन से हराया

    निसांका-मेंडिस का बल्ला गरजा, श्रीलंका ने पहले वनडे में वेस्टइंडीज को 41 रन से हराया


    Sri Lanka national cricket team ने वेस्टइंडीज दौरे का आगाज शानदार जीत के साथ किया। किंग्स्टन के Sabina Park में खेले गए पहले वनडे मुकाबले में श्रीलंका ने हर विभाग में बेहतर प्रदर्शन करते हुए West Indies cricket team को 41 रन से मात दी। इस जीत के साथ श्रीलंका ने वनडे सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली।

    पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका ने निर्धारित 50 ओवर में 7 विकेट खोकर 303 रन बनाए। टीम की शुरुआत भले ही जल्दी झटका लगने से हुई, लेकिन इसके बाद Pathum Nissanka और Kusal Mendis ने पारी को मजबूती दी। दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए 136 रन की शानदार साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।

    निसांका ने 103 गेंदों पर 79 रन की संयमित पारी खेली, जिसमें 9 चौके और एक छक्का शामिल रहा। वहीं कुशल मेंडिस ने सिर्फ 62 गेंदों में 72 रन ठोकते हुए रनगति को तेज बनाए रखा। कप्तान Charith Asalanka ने 45 रन का उपयोगी योगदान दिया, जबकि अंत में Janith Liyanage ने 29 गेंदों पर नाबाद 44 रन बनाकर टीम का स्कोर 300 के पार पहुंचाया।

    304 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की शुरुआत ठीक रही। John Campbell और Justin Greaves ने पहले विकेट के लिए 50 रन जोड़े। हालांकि इसके बाद नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे।

    कप्तान Shai Hope ने जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी करते हुए 56 रन बनाए और टीम को मुकाबले में बनाए रखने की कोशिश की। Roston Chase ने 33 रन और जस्टिन ग्रीव्स ने 45 रन का योगदान दिया, लेकिन कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका।

    श्रीलंका की ओर से तेज गेंदबाज Dushmantha Chameera जीत के सबसे बड़े नायक साबित हुए। उन्होंने 67 रन देकर 4 महत्वपूर्ण विकेट झटके और वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। Maheesh Theekshana ने दो विकेट हासिल किए, जबकि Wanindu Hasaranga को एक सफलता मिली।

    वेस्टइंडीज की पूरी टीम 49.2 ओवर में 262 रन पर सिमट गई और श्रीलंका ने 41 रन की प्रभावशाली जीत दर्ज कर सीरीज में बढ़त बना ली। निसांका और मेंडिस की साझेदारी तथा चमीरा की घातक गेंदबाजी इस जीत की सबसे बड़ी वजह रही।

  • “जीत से सिर्फ 1 विकेट दूर रह गए” – इंग्लैंड से हार के बाद बोलीं हरमनप्रीत कौर, वर्ल्ड कप पर नजर

    “जीत से सिर्फ 1 विकेट दूर रह गए” – इंग्लैंड से हार के बाद बोलीं हरमनप्रीत कौर, वर्ल्ड कप पर नजर


    नई दिल्ली । भारतीय महिला क्रिकेट टीम को इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ भारत ने तीन मैचों की सीरीज 2-1 से गंवा दी। हालांकि मैच में एक समय मजबूत स्थिति में होने के बावजूद मिली हार ने टीम को निराश जरूर किया, लेकिन कप्तान हरमनप्रीत कौर ने आगे के टूर्नामेंट को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया।

    मैच के बाद हरमनप्रीत कौर ने कहा कि टीम जीत के बेहद करीब थी, लेकिन निर्णायक मौके पर एक विकेट नहीं ले पाने की वजह से मैच हाथ से निकल गया। उन्होंने माना कि शुरुआती ओवरों में तीन विकेट लेकर भारत ने अच्छी पकड़ बनाई थी, लेकिन इंग्लैंड की साझेदारी ने मैच का रुख बदल दिया।

    भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 180 रन बनाए थे। कप्तान हरमनप्रीत ने नाबाद 56 रन की अहम पारी खेली, जबकि यास्तिका भाटिया और दीप्ति शर्मा ने 32-32 रन का योगदान दिया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत खराब रही और टीम ने 38 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे, जिससे भारत मजबूत स्थिति में था।

    लेकिन इसके बाद एलिस कैप्सी और हेदर नाइट के बीच 127 रनों की साझेदारी ने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण पर दबाव बना दिया। कैप्सी ने 43 गेंदों में 82 रन की विस्फोटक पारी खेली, जबकि नाइट 70 रन बनाकर नाबाद रहीं। इंग्लैंड ने 18.3 ओवर में 4 विकेट पर लक्ष्य हासिल कर लिया।

    हार के बावजूद कप्तान ने कहा कि टीम में कई सकारात्मक पहलू हैं और यह सीरीज वर्ल्ड कप की तैयारी के लिहाज से उपयोगी रही है। उन्होंने बताया कि टीम संयोजन को लेकर काफी स्पष्टता है और आने वाले अभ्यास मैचों में कुछ नए खिलाड़ियों को आजमाया जाएगा।

    भारतीय टीम अब टी20 वर्ल्ड कप से पहले अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी है, जहां टीम का लक्ष्य मजबूत वापसी करना रहेगा।