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  • संजू सैमसन की लगातार नाकामी से फैन्स नाराज, 4 टी20 में 29 रन के बाद वैभव सूर्यवंशी की एंट्री को लेकर बढ़ा दबाव

    संजू सैमसन की लगातार नाकामी से फैन्स नाराज, 4 टी20 में 29 रन के बाद वैभव सूर्यवंशी की एंट्री को लेकर बढ़ा दबाव


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम ने वेस्टइंडीज के खिलाफ लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेले गए पहले टी20 मुकाबले में शानदार जीत दर्ज की। भारत ने यह मैच 8 विकेट से अपने नाम किया। मुकाबले में कप्तान श्रेयस अय्यर ने तूफानी शतक जड़कर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। हालांकि इस शानदार जीत के बीच विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन का खराब फॉर्म एक बार फिर चर्चा में आ गया। संजू इस मुकाबले में भी बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे और महज 11 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।

    संजू सैमसन के लिए हालिया मुकाबले बेहद निराशाजनक रहे हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ 9 गेंदों पर 11 रन बनाने से पहले वह पाकिस्तान के खिलाफ सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हुए थे। उससे पहले श्रीलंका के खिलाफ उनके बल्ले से 7 रन निकले थे जबकि जापान के खिलाफ वह 9 रन ही बना सके थे। इस तरह उनकी पिछली चार टी20 पारियों को देखें तो संजू के बल्ले से कुल 29 रन ही निकले हैं। लगातार चार मैचों में बड़ी पारी नहीं खेल पाने के कारण अब उनके प्रदर्शन को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

    हालांकि इन खराब पारियों से पहले संजू ने अफगानिस्तान के खिलाफ 17 सितंबर को शानदार अर्धशतक लगाया था। उन्होंने 35 गेंदों पर 50 रन की पारी खेली थी। उस पारी के बाद उम्मीद थी कि संजू लगातार अपने बल्ले का दम दिखाएंगे लेकिन इसके बाद उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। लगातार छोटी पारियों ने टीम में उनकी जगह को लेकर चर्चा तेज कर दी है।

    संजू की लगातार नाकामी के बाद सोशल मीडिया पर फैन्स का एक वर्ग अब युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को मौका देने की मांग कर रहा है। 15 साल के वैभव भारतीय क्रिकेट में अपनी कम उम्र और आक्रामक बल्लेबाजी के कारण पहले ही काफी चर्चा बटोर चुके हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 में उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली और वह बाहर बैठकर मुकाबला देखते नजर आए। इसके बाद सोशल मीडिया पर कई फैन्स ने टीम मैनेजमेंट के फैसले पर सवाल खड़े किए।

    कुछ यूजर्स का कहना है कि संजू को काफी मौके मिल चुके हैं और अगर उनका बल्ला लगातार खामोश है तो युवा खिलाड़ी को आजमाने पर विचार किया जाना चाहिए। एक यूजर ने कहा कि अब संजू से आगे बढ़ने का समय आ गया है। वहीं कुछ फैन्स ने मुख्य कोच गौतम गंभीर और चयनकर्ताओं पर भी सवाल उठाए और पूछा कि आखिर वैभव को प्लेइंग इलेवन में मौका कब मिलेगा।

    हालांकि सिर्फ चार पारियों के आधार पर किसी खिलाड़ी के भविष्य पर फैसला करना आसान नहीं होता। संजू के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव है और वह कई मौकों पर अपनी बल्लेबाजी से टीम को मैच जिता चुके हैं। ऐसे में टीम मैनेजमेंट उनके अनुभव पर भरोसा जारी रखता है या युवा वैभव को मौका देकर भविष्य की तैयारी शुरू करता है यह आने वाले मुकाबलों में साफ होगा।

    फिलहाल भारत ने सीरीज में जीत के साथ शुरुआत कर दी है और अब नजर अगले मुकाबले पर है। एक तरफ संजू सैमसन के बल्ले से बड़ी पारी की उम्मीद होगी तो दूसरी तरफ फैन्स की निगाहें 15 साल के वैभव सूर्यवंशी पर रहेंगी। अगर टीम मैनेजमेंट प्लेइंग इलेवन में बदलाव करता है तो वैभव को मौका मिलना इस सीरीज की सबसे बड़ी चर्चाओं में से एक हो सकता है।

  • शून्य पर आउट हुए विराट कोहली ने फील्डिंग में जीता दिल, नन्ही फैन की आवाज पर दिया ऐसा प्यारा रिएक्शन

    शून्य पर आउट हुए विराट कोहली ने फील्डिंग में जीता दिल, नन्ही फैन की आवाज पर दिया ऐसा प्यारा रिएक्शन


    नई दिल्ली। विराट कोहली भले ही वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे मैच में बल्ले से खास कमाल नहीं कर सके लेकिन मैदान पर उनका एक छोटा सा रिएक्शन फैंस का दिल जीत गया। मुकाबले के दौरान विराट कोहली शून्य पर आउट होकर पवेलियन लौट गए थे। हालांकि जब वह दूसरी पारी में भारतीय टीम के लिए फील्डिंग करने मैदान पर उतरे तो स्टेडियम में मौजूद फैंस का उत्साह एक बार फिर देखने लायक था। इसी दौरान विराट और एक नन्ही फैन के बीच हुआ प्यारा सा पल कैमरे में कैद हो गया जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    विराट कोहली को देखने और उनकी बल्लेबाजी का लुत्फ उठाने के लिए बड़ी संख्या में फैंस स्टेडियम पहुंचे थे। विराट की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मैदान पर वह जहां भी दिखाई देते हैं वहां दर्शकों का जोश अचानक बढ़ जाता है। वेस्टइंडीज के खिलाफ इस सीरीज के पहले मुकाबले में विराट ने शानदार शतक लगाकर अपनी फॉर्म का संकेत दिया था। ऐसे में तीसरे वनडे में भी फैंस को उनसे बड़ी पारी की उम्मीद थी लेकिन वह खाता खोले बिना ही आउट हो गए।

    बल्लेबाजी में निराशा के बावजूद फील्डिंग के दौरान विराट कोहली को देखकर फैंस का उत्साह कम नहीं हुआ। इसी बीच स्टैंड में बैठी एक छोटी बच्ची अपने पसंदीदा क्रिकेटर का ध्यान अपनी ओर खींचने की कोशिश करने लगी। बच्ची ने मासूम अंदाज में विराट को आवाज लगाई और कहा कि विराट मेरी तरफ तो देख लो। उसकी यह गुहार कुछ ही देर में विराट तक पहुंच गई।

    मैदान पर फील्डिंग कर रहे विराट कोहली की नजर जब उस नन्ही फैन पर पड़ी तो उन्होंने उसकी ओर देखकर हाथ हिला दिया। विराट का यह छोटा सा रिएक्शन बच्ची के लिए किसी बड़े तोहफे से कम नहीं था। अपने पसंदीदा क्रिकेटर को अपनी ओर देखते और हाथ हिलाते देखकर बच्ची खुशी से झूम उठी। उसके चेहरे की खुशी देखकर आसपास मौजूद लोगों के चेहरे पर भी मुस्कान आ गई।

    विराट कोहली और उनकी इस नन्ही फैन का यह पल अब सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है। फैंस विराट के इस सादगी भरे अंदाज की तारीफ कर रहे हैं। क्रिकेट के मैदान पर आक्रामक अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले विराट का अपने फैंस के प्रति यह प्यारा व्यवहार लोगों को काफी पसंद आया है। खासकर उस बच्ची के लिए यह पल शायद हमेशा यादगार रहने वाला है।

    विराट कोहली के लिए वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरा वनडे बल्लेबाजी के लिहाज से भले ही अच्छा नहीं रहा लेकिन फील्डिंग के दौरान उनका यह अंदाज चर्चा में आ गया। विराट की लोकप्रियता सिर्फ उनके प्रदर्शन तक सीमित नहीं है बल्कि फैंस के साथ उनका जुड़ाव भी उन्हें खास बनाता है। स्टेडियम में मौजूद उस बच्ची की एक छोटी सी गुहार और विराट का हाथ हिलाकर जवाब देना इसका खूबसूरत उदाहरण है।

    अब विराट कोहली अगली बार न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में नीली जर्सी में नजर आ सकते हैं। वनडे वर्ल्ड कप 2027 को देखते हुए विराट के प्रदर्शन पर सभी की नजरें रहेंगी। फैंस उम्मीद कर रहे होंगे कि मैदान पर अगली बार विराट बल्ले से भी ऐसा ही जवाब दें जैसा उन्होंने अपनी नन्ही फैन को दिया और एक बड़ी पारी खेलकर फिर सुर्खियां बटोरें।

  • ऑस्ट्रेलिया को लगा बड़ा झटका, पेट की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण पहला टेस्ट मिस कर सकते हैं कैमरून ग्रीन

    ऑस्ट्रेलिया को लगा बड़ा झटका, पेट की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण पहला टेस्ट मिस कर सकते हैं कैमरून ग्रीन


    नई दिल्ली। मेड में पहला टेस्ट मुकाबला शुरू होने वाला है। इस अहम मुकाबले से पहले ऑस्ट्रेलियाई टीम की चिंता बढ़ गई है। स्टार ऑलराउंडर कैमरून ग्रीन के पहले टेस्ट से बाहर बैठने की संभावना जताई जा रही है। ग्रीन फिलहाल पेट की मांसपेशियों में खिंचाव की समस्या से उबर रहे हैं और उनकी फिटनेस को लेकर टीम कोई जोखिम नहीं लेना चाहती।

    कैमरून ग्रीन को यह चोट साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज के तीसरे मुकाबले के दौरान लगी थी। बताया गया कि हुक शॉट खेलने के प्रयास में उनके पेट की मांसपेशियों में खिंचाव आया था। इसके बाद ग्रीन को ऑस्ट्रेलिया के दो दिवसीय वार्म अप मुकाबले में भी नहीं उतारा गया। उन्हें फिलहाल केवल हल्की फिजिकल कंडीशनिंग तक सीमित रखा गया है। ऐसे में पहले टेस्ट में उनकी उपलब्धता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

    ग्रीन की चोट ऑस्ट्रेलिया के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह टीम में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में अहम भूमिका निभाते हैं। हालिया वनडे सीरीज के दौरान भी उन्हें कंधे में दर्द की समस्या थी जिसके कारण उनकी गेंदबाजी का वर्कलोड सीमित किया गया था। अब पेट की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण बल्लेबाजी गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों प्रभावित हो सकते हैं।

    ग्रीन के पहले टेस्ट से बाहर होने की स्थिति में वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के उनके साथी कूपर कोनोली को प्लेइंग इलेवन में जगह मिल सकती है। कोनोली एक बैटिंग ऑलराउंडर हैं और मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी के साथ लेफ्ट आर्म ऑर्थोडॉक्स गेंदबाजी का विकल्प भी देते हैं। डरबन की परिस्थितियों को देखते हुए उनका चयन ऑस्ट्रेलिया के लिए उपयोगी विकल्प साबित हो सकता है।

    ग्रीन हाल के समय में बल्ले से अच्छी फॉर्म में भी नजर आए हैं। उन्होंने डार्विन में बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट मुकाबले में शानदार शतक लगाया था। इस सीरीज में वह स्टीव स्मिथ के साथ ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख बल्लेबाजों में शामिल रहे थे। ऐसे में उनका बाहर होना टीम के बल्लेबाजी क्रम के लिए भी बड़ा झटका माना जा रहा है।

    रिपोर्ट के अनुसार ग्रीन की नजर दूसरे या तीसरे टेस्ट में वापसी पर हो सकती है। हालांकि उनकी अंतिम उपलब्धता उनकी फिटनेस और मेडिकल आकलन पर निर्भर करेगी। उनकी अनुपस्थिति की स्थिति में ब्यू वेबस्टर को भी प्लेइंग इलेवन में अपनी जगह मजबूत करने का मौका मिलेगा। ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम में विकेटकीपर बल्लेबाज सैम हार्पर और अनुभवी निक मैडिनसन को भी शामिल किया गया है।

    अब सबकी नजर ग्रीन की फिटनेस रिपोर्ट पर होगी। ऑस्ट्रेलिया नहीं चाहेगा कि जल्द वापसी के प्रयास में उनकी चोट और गंभीर हो जाए। इसलिए पहले टेस्ट में उन्हें आराम देने का फैसला लिया जाता है या नहीं यह मुकाबले से पहले टीम मैनेजमेंट के लिए सबसे अहम सवाल बना हुआ है।

  • एशियन गेम्स के बाद टीम इंडिया का बड़ा मिशन, 26 दिनों में 10 टी20 मैच, वेस्टइंडीज से न्यूजीलैंड तक होगा जबरदस्त एक्शन

    एशियन गेम्स के बाद टीम इंडिया का बड़ा मिशन, 26 दिनों में 10 टी20 मैच, वेस्टइंडीज से न्यूजीलैंड तक होगा जबरदस्त एक्शन


    नई दिल्ली। एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय क्रिकेट टीम अब एक और बड़े और व्यस्त क्रिकेट मिशन के लिए तैयार है। टीम इंडिया को आने वाले 26 दिनों के दौरान लगातार 10 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलने हैं। इस लंबे और व्यस्त कार्यक्रम की शुरुआत वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू टी20 सीरीज से होगी। इसके बाद भारतीय टीम न्यूजीलैंड के दौरे पर जाएगी जहां पांच मैचों की टी20 सीरीज खेली जाएगी। लगातार मुकाबलों और लंबे सफर के कारण खिलाड़ियों के सामने फिटनेस बनाए रखना बड़ी चुनौती रहने वाली है।

    भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला 6 अक्टूबर को लखनऊ में खेला जाएगा। यह मैच भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में होगा। इसके बाद 9 अक्टूबर को दूसरा मुकाबला रांची के जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम कॉम्प्लेक्स में खेला जाएगा। तीसरा टी20 मैच 11 अक्टूबर को इंदौर के होलकर स्टेडियम में होगा। इसके बाद 14 अक्टूबर को हैदराबाद में चौथा मुकाबला खेला जाएगा जबकि सीरीज का पांचवां और आखिरी मैच 17 अक्टूबर को बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में होगा।

    वेस्टइंडीज सीरीज खत्म होने के तुरंत बाद भारतीय टीम न्यूजीलैंड के दौरे पर रवाना होगी। यहां भी दोनों टीमों के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज खेली जाएगी। न्यूजीलैंड के खिलाफ पहला मुकाबला 22 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च के हैगली ओवल में होगा। दूसरा मैच भी इसी मैदान पर 24 अक्टूबर को खेला जाएगा। इसके बाद 27 अक्टूबर को तीसरा टी20 वेलिंगटन के स्काई स्टेडियम में होगा। चौथा मुकाबला 30 अक्टूबर को ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेला जाएगा। दौरे का पांचवां और आखिरी टी20 मुकाबला 1 नवंबर को हैमिल्टन के सेडन पार्क में होगा।

    इस तरह भारतीय टीम को बेहद कम समय में 10 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों से गुजरना होगा। घरेलू सीरीज में लगातार पांच मैच खेलने के बाद खिलाड़ियों को न्यूजीलैंड की परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना होगा। अलग मौसम और पिच के साथ लगातार यात्रा भी खिलाड़ियों की परीक्षा लेगी। ऐसे में टीम मैनेजमेंट के सामने खिलाड़ियों के वर्कलोड को संतुलित रखना अहम होगा।

    लगातार क्रिकेट के इस दौर में भारतीय टीम रोटेशन पॉलिसी का सहारा ले सकती है। इससे प्रमुख खिलाड़ियों को जरूरी आराम दिया जा सकता है और युवा खिलाड़ियों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। खासकर लंबे टूर्नामेंट और लगातार सीरीज को देखते हुए फिटनेस और रिकवरी पर टीम मैनेजमेंट का विशेष ध्यान रह सकता है।

    भारतीय टीम का लक्ष्य दोनों सीरीज में बेहतर प्रदर्शन करते हुए जीत की लय को बनाए रखना होगा। हालांकि वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड दोनों टीमों को हल्के में लेना भारत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। आने वाले 26 दिन भारतीय खिलाड़ियों के लिए क्रिकेट के लिहाज से बेहद चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं और इस दौरान अनुभव के साथ फिटनेस तथा टीम संयोजन की भी बड़ी परीक्षा होगी।

  • ओमान की टीम में 9 अल बलूशी खिलाड़ी एशियन गेम्स में एक ही परिवार नाम ने खींचा सबका ध्यान

    ओमान की टीम में 9 अल बलूशी खिलाड़ी एशियन गेम्स में एक ही परिवार नाम ने खींचा सबका ध्यान


    नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 में क्रिकेट मुकाबलों के बीच ओमान की टीम अपनी हार से ज्यादा एक अनोखे संयोग को लेकर चर्चा में आ गई है। हॉन्ग कॉन्ग के खिलाफ मुकाबले में ओमान की प्लेइंग इलेवन में एक ही सरनेम वाले सात खिलाड़ी मैदान पर उतरे। यही नहीं ओमान के पूरे स्क्वॉड में इस सरनेम वाले खिलाड़ियों की संख्या नौ है। क्रिकेट मुकाबले में ऐसा संयोग देखकर हर किसी का ध्यान ओमान की टीम की तरफ चला गया।

    25 सितंबर को निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में हॉन्ग कॉन्ग और ओमान के बीच मुकाबला खेला गया। हॉन्ग कॉन्ग ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और निर्धारित 20 ओवर में आठ विकेट खोकर 121 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी ओमान की टीम 20 ओवर में छह विकेट पर 80 रन ही बना सकी और उसे 41 रन से हार का सामना करना पड़ा।

    हालांकि मैच का नतीजा ओमान के पक्ष में नहीं रहा लेकिन उसकी प्लेइंग इलेवन ने खूब सुर्खियां बटोरीं। ओमान की टीम में मोहम्मद अल बलूशी शुऐब अल बलूशी जुबैर अल बलूशी वहीद अल बलूशी ईसा अल बलूशी नवीद अल बलूशी और फारिस अल बलूशी शामिल थे। यानी मैदान पर मौजूद 11 खिलाड़ियों में से सात के नाम के साथ अल बलूशी सरनेम जुड़ा हुआ था।

    अगर पूरे स्क्वॉड की बात करें तो वसीम अल बलूशी और कैस अल बलूशी के नाम भी इसी सूची में शामिल हैं। इस तरह ओमान के स्क्वॉड में कुल नौ खिलाड़ी ऐसे हैं जिनके नाम के साथ अल बलूशी जुड़ा हुआ है। यही वजह रही कि मुकाबले के दौरान ओमान की टीम का यह अनोखा संयोग क्रिकेट प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

    इस मुकाबले में एक और दिलचस्प बात देखने को मिली। ओमान की बल्लेबाजी की शुरुआत भी अल बलूशी सरनेम वाले खिलाड़ियों ने की। मोहम्मद अल बलूशी और शुऐब अल बलूशी के बाद जुबैर अल बलूशी और वहीद अल बलूशी ने बल्लेबाजी की जिम्मेदारी संभाली। हालांकि हॉन्ग कॉन्ग के गेंदबाजों के सामने ओमान के बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सके। शुऐब अल बलूशी ने सबसे ज्यादा 20 रन बनाए जबकि मोहम्मद ने दो रन जुबैर ने खाता नहीं खोला और वहीद सिर्फ एक रन बना सके। ईसा अल बलूशी ने सात रन बनाए।

    गेंदबाजी में भी अल बलूशी नाम का दबदबा देखने को मिला। मोहम्मद अल बलूशी शुऐब अल बलूशी और नवीद अल बलूशी ने मिलकर हॉन्ग कॉन्ग के पांच विकेट हासिल किए। मोहम्मद सबसे सफल गेंदबाज रहे जिन्होंने 17 रन देकर तीन विकेट अपने नाम किए।

    मोहम्मद अल बलूशी ने इसी साल ओमान के लिए टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था। वह अब तक छह टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेल चुके हैं और उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 81 रन है जो उन्होंने बहरीन के खिलाफ बनाया था। शुऐब भी छह टी20 इंटरनेशनल खेल चुके हैं और उनके नाम 117 रन के साथ चार विकेट हैं।

    जुबैर अल बलूशी ने भी छह टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले हैं जबकि वहीद ने हॉन्ग कॉन्ग के खिलाफ अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया। नवीद अल बलूशी ने पांच टी20 इंटरनेशनल मैचों में सात विकेट हासिल किए हैं। फारिस अल बलूशी के नाम दो टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में 10 रन हैं।

    अब ओमान की टीम के सामने मलेशिया की चुनौती है। क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने के लिए यह मुकाबला उसके अभियान में अहम साबित होगा। ऐसे में सभी की नजर इस बात पर होगी कि क्या अल बलूशी सरनेम वाले खिलाड़ियों से सजी ओमान की टीम अगले मुकाबले में अपने प्रदर्शन से भी सुर्खियां बटोर पाती है।

  • टीम इंडिया में बड़े बदलाव 5 खिलाड़ियों की वापसी ध्रुव जुरेल को मौका पंत का इंतजार फिर बढ़ा

    टीम इंडिया में बड़े बदलाव 5 खिलाड़ियों की वापसी ध्रुव जुरेल को मौका पंत का इंतजार फिर बढ़ा


    नई दिल्ली। वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली वनडे और टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान हो गया है। चयन समिति ने दोनों फॉर्मेट के लिए टीम में कई अहम बदलाव किए हैं। वनडे टीम में पांच ऐसे खिलाड़ियों की वापसी हुई है जो इंग्लैंड के खिलाफ पिछली वनडे सीरीज का हिस्सा नहीं थे। वहीं विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को एक बार फिर वनडे टीम में जगह नहीं मिली है। इस फैसले के बाद उनकी वनडे टीम में वापसी का इंतजार और बढ़ गया है।

    वनडे टीम में रवींद्र जडेजा मोहम्मद सिराज यशस्वी जायसवाल ऋतुराज गायकवाड़ और नीतीश कुमार रेड्डी की वापसी हुई है। इन खिलाड़ियों के आने से भारतीय टीम को बल्लेबाजी गेंदबाजी और ऑलराउंड विकल्पों में मजबूती मिलेगी। जडेजा के पास बाएं हाथ की स्पिन के साथ उपयोगी बल्लेबाजी का विकल्प रहेगा जबकि मोहम्मद सिराज तेज गेंदबाजी आक्रमण को अनुभव देंगे। यशस्वी जायसवाल को रिजर्व ओपनर के तौर पर टीम में शामिल किया गया है।

    वनडे टीम में कुछ नए चेहरों को भी मौका मिला है। तेज गेंदबाज आकिब नबी विकेटकीपर ध्रुव जुरेल और बल्लेबाज नमन धीर पहली बार वनडे टीम में शामिल किए गए हैं। इन तीनों खिलाड़ियों को वेस्टइंडीज के खिलाफ मौका मिलने पर भारत के लिए वनडे डेब्यू करने का अवसर मिल सकता है। ध्रुव जुरेल को विकेटकीपिंग के दूसरे विकल्प के तौर पर चुना गया है। इसके साथ ही केएल राहुल टीम में विकेटकीपर की भूमिका भी निभाएंगे।

    ऋषभ पंत की गैरमौजूदगी इस चयन की सबसे चर्चित बातों में से एक है। पंत को इस साल न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम में चुना गया था लेकिन चोट के कारण वह सीरीज से बाहर हो गए थे। इसके बाद वह वनडे टीम में वापसी नहीं कर पाए। अब ध्रुव जुरेल को उनसे आगे चुना गया है। पंत को अगले महीने होने वाले ईरानी कप के लिए रेस्ट ऑफ इंडिया की कप्तानी सौंपी गई है।

    वनडे टीम की कप्तानी शुभमन गिल करेंगे जबकि केएल राहुल उपकप्तान बनाए गए हैं। रोहित शर्मा और विराट कोहली को भी टीम में बरकरार रखा गया है। रोहित ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे वनडे में शानदार शतक लगाया था। श्रेयस अय्यर की गैरमौजूदगी में ऋतुराज गायकवाड़ को मध्यक्रम में नंबर चार की भूमिका के लिए देखा जा रहा है।

    नीतीश कुमार रेड्डी को एशियन गेम्स की टीम से वापस बुलाकर वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज में शामिल किया गया है। वहीं चोटिल वरुण चक्रवर्ती एशियन गेम्स की टीम से बाहर हो गए हैं और उनकी जगह विप्रज निगम को शामिल किया गया है। चयन के इस बदलाव से साफ है कि टीम मैनेजमेंट नीतीश को वनडे क्रिकेट में ज्यादा मैच समय देना चाहता है।

    टी20 टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर को सौंपी गई है। टीम में मयंक यादव और प्रिंस यादव की वापसी हुई है। 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को भी टीम में बरकरार रखा गया है। उनके अलावा अभिषेक शर्मा ईशान किशन संजू सैमसन तिलक वर्मा शिवम दुबे अक्षर पटेल वॉशिंगटन सुंदर और रवि बिश्नोई जैसे खिलाड़ी टीम का हिस्सा हैं। अर्शदीप सिंह तेज गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई करेंगे।

    स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या अभी पूरी तरह फिट नहीं हैं और इसी वजह से उन्हें दोनों टीमों में जगह नहीं मिली। हर्ष दुबे सूर्यांश शेडगे और हर्षित राणा भी चोट के कारण चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे।

    भारत और वेस्टइंडीज के बीच वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 27 सितंबर को तिरुवनंतपुरम में होगा। इसके बाद 30 सितंबर को गुवाहाटी और 3 अक्टूबर को मुल्लांपुर में मुकाबला खेला जाएगा। पांच मैचों की टी20 सीरीज 6 अक्टूबर से शुरू होगी। इसके मुकाबले लखनऊ रांची इंदौर हैदराबाद और बेंगलुरु में खेले जाएंगे। इस सीरीज में भारतीय टीम के कई युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर खास नजर रहेगी।

  • 254 रन का विशाल स्कोर फिर 135 पर समेटा इंग्लैंड ने श्रीलंका के खिलाफ दर्ज की बड़ी जीत

    254 रन का विशाल स्कोर फिर 135 पर समेटा इंग्लैंड ने श्रीलंका के खिलाफ दर्ज की बड़ी जीत


    नई दिल्ली। इंग्लैंड ने तीन टी20 मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले में श्रीलंका को 119 रन से करारी शिकस्त देकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। वेस्ट एंड के यूटिलिटा बाउल में खेले गए मुकाबले में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में चार विकेट पर 254 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में श्रीलंका की पूरी टीम 19 ओवर में 135 रन पर सिमट गई। इंग्लैंड की जीत के सबसे बड़े नायक कप्तान हैरी ब्रूक रहे जिन्होंने टी20 करियर का दूसरा शतक लगाते हुए नाबाद 114 रन बनाए।

    श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था लेकिन इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही इस फैसले को गलत साबित करना शुरू कर दिया। पूर्व कप्तान जोस बटलर ने पारी की शुरुआत करते हुए तेजतर्रार अंदाज में रन बनाए। बटलर ने 44 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौकों और तीन छक्कों की मदद से 80 रन की शानदार पारी खेली। वह शतक से जरूर चूक गए लेकिन उनकी पारी ने इंग्लैंड को बड़े स्कोर की मजबूत नींव दे दी।

    इसके बाद कप्तान हैरी ब्रूक ने मोर्चा संभाला और श्रीलंकाई गेंदबाजों पर जमकर प्रहार किया। ब्रूक ने केवल 49 गेंदों में नाबाद 114 रन ठोक दिए। उनकी पारी में 10 चौके और छह छक्के शामिल रहे। ब्रूक ने अपना अर्धशतक महज 20 गेंदों में पूरा किया जबकि शतक तक पहुंचने के लिए उन्होंने 42 गेंदों का सामना किया। उनकी विस्फोटक पारी की बदौलत इंग्लैंड आखिरी ओवरों में तेजी से रन जुटाने में सफल रहा।

    इंग्लैंड की पारी में विल जैक्स ने भी 12 गेंदों पर 21 रन बनाए। एन्यूरिन डोनाल्ड ने पांच गेंदों में 12 रन का योगदान दिया जबकि टॉम बेंटन ने 10 गेंदों पर 10 रन बनाए। श्रीलंका की ओर से दुश्मंथा चमीरा दुनिथ वेलालागे एहसान मलिंगा और वानिंदु हसरंगा को एक-एक विकेट मिला। इसके बावजूद इंग्लैंड का स्कोर 250 रन के पार पहुंच गया।

    255 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। टीम नियमित अंतराल पर विकेट गंवाती रही और बड़े लक्ष्य का दबाव साफ नजर आया। श्रीलंका की ओर से दुनिथ वेलालागे ने सबसे ज्यादा 33 रन बनाए। दासुन शनाका ने 24 रन की पारी खेली लेकिन दोनों बल्लेबाज टीम को लक्ष्य के करीब नहीं पहुंचा सके

    इंग्लैंड की गेंदबाजी के सामने श्रीलंका की बल्लेबाजी पूरी तरह दबाव में नजर आई। सोनी बेकर ने चार ओवर में केवल 12 रन देकर तीन विकेट झटके। लियाम डॉसन और जेमी ओवरटन को दो-दो विकेट मिले जबकि जोश टंग विल जैक्स और आदिल रशीद ने एक-एक बल्लेबाज को आउट किया। श्रीलंका 19 ओवर में 135 रन पर ऑलआउट हो गया और इंग्लैंड ने 119 रन से मुकाबला अपने नाम कर लिया।

    हैरी ब्रूक को उनकी शानदार शतकीय पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। अब दोनों टीमों के बीच दूसरा टी20 मुकाबला गुरुवार को भारतीय समयानुसार रात 11 बजे खेला जाएगा। श्रीलंका की नजर इस मुकाबले में वापसी करते हुए सीरीज बराबर करने पर होगी जबकि इंग्लैंड जीत की लय बरकरार रखना चाहेगा
  • अरुण जेटली स्टेडियम में ऐतिहासिक पल भारत अफगानिस्तान मुकाबले से पहले गूंजा वंदे मातरम

    अरुण जेटली स्टेडियम में ऐतिहासिक पल भारत अफगानिस्तान मुकाबले से पहले गूंजा वंदे मातरम


    नई दिल्ली। भारत और अफगानिस्तान के बीच नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले से पहले एक ऐतिहासिक पल देखने को मिला। क्रिकेट के मैदान पर पहली बार राष्ट्रीय गान जन गण मन से पहले राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का वादन किया गया। इस दौरान स्टेडियम में मौजूद खिलाड़ियों के साथ दर्शकों ने भी सम्मान के साथ खड़े होकर राष्ट्रीय गीत को सुना। यह मौका भारतीय क्रिकेट और देश के खेल इतिहास में खास माना जा रहा है।

    मुकाबला शुरू होने से पहले आमतौर पर राष्ट्रीय गान बजाने की परंपरा रही है। हालांकि इस बार कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम से हुई और उसके बाद राष्ट्रीय गान जन गण मन बजाया गया। इस ऐतिहासिक आयोजन ने स्टेडियम के माहौल को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। खिलाड़ियों और दर्शकों के बीच भी इस दौरान खास उत्साह नजर आया।

    बताया गया कि यह आयोजन राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ से जुड़े कार्यक्रमों का हिस्सा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से इससे संबंधित दिशा निर्देश जारी किए गए थे। इन्हीं दिशा निर्देशों के तहत अरुण जेटली स्टेडियम में वंदे मातरम के सभी छह छंद प्रस्तुत किए गए। राष्ट्रीय गीत के पूरे संस्करण को प्रस्तुत करने में करीब 3 मिनट 10 सेकेंड का समय निर्धारित किया गया था। इसके बाद राष्ट्रीय गान के लिए करीब 52 सेकेंड का समय रखा गया। इस तरह पूरे कार्यक्रम की अवधि लगभग 4 मिनट 2 सेकेंड रही।

    नए दिशा निर्देशों के अनुसार राष्ट्रीय गीत के वादन के दौरान वहां मौजूद लोगों को सावधान की मुद्रा में खड़े रहने के लिए कहा गया है। राष्ट्रीय गीत के संपूर्ण संस्करण के इस्तेमाल को कुछ औपचारिक सरकारी कार्यक्रमों और विशेष अवसरों के लिए मंजूरी दी गई है। इसी क्रम में भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले गए इस अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबले से पहले भी इसका आयोजन किया गया।

    वंदे मातरम का भारतीय इतिहास में विशेष महत्व है। इसे बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने रचा था। वर्ष 1937 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने इसके शुरुआती दो छंदों को राष्ट्रीय गीत के रूप में स्वीकार किया था। इसके बाद वर्ष 1950 में संविधान सभा ने वंदे मातरम को राष्ट्रीय गीत के रूप में मान्यता दी।

    क्रिकेट मुकाबले की बात करें तो भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारतीय टीम में संजू सैमसन को विकेटकीपर की जिम्मेदारी दी गई जबकि अभिषेक शर्मा और ईशान किशन टीम का हिस्सा रहे। तिलक वर्मा नीतीश कुमार रेड्डी शिवम दुबे अक्षर पटेल अर्शदीप सिंह जसप्रीत बुमराह और वरुण चक्रवर्ती भी प्लेइंग इलेवन में शामिल रहे। हालांकि युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को इस मुकाबले में खेलने का मौका नहीं मिला।

    इस ऐतिहासिक शुरुआत के बाद अब क्रिकेट प्रेमियों की नजर इस बात पर भी रहेगी कि आने वाले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट आयोजनों में वंदे मातरम को लेकर क्या परंपरा आगे बढ़ती है। भारत अफगानिस्तान मुकाबले से पहले हुआ यह आयोजन निश्चित तौर पर क्रिकेट के मैदान पर यादगार पलों में शामिल हो गया है।

  • कोच बनने का ऑफर आया तो पहले पत्नी से पूछेंगे नेहरा! टीम इंडिया की जिम्मेदारी पर बोले ऐसा काम आसान नहीं 3-4 साल टिकना भी मुश्किल

    कोच बनने का ऑफर आया तो पहले पत्नी से पूछेंगे नेहरा! टीम इंडिया की जिम्मेदारी पर बोले ऐसा काम आसान नहीं 3-4 साल टिकना भी मुश्किल


    नई दिल्ली। टीम इंडिया का हेड कोच बनना क्रिकेट की दुनिया में किसी भी खिलाड़ी या कोच के लिए बड़े सम्मान की बात मानी जाती है लेकिन पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज आशीष नेहरा के लिए यह जिम्मेदारी फिलहाल इतनी आसान नजर नहीं आती। टीम इंडिया के कोच पद को लेकर जब उनसे सवाल पूछा गया तो उन्होंने अपने खास मजाकिया अंदाज में ऐसा जवाब दिया कि वहां मौजूद लोग हंस पड़े। नेहरा ने कहा कि अगर उन्हें भारतीय टीम की कोचिंग संभालनी पड़ी तो सबसे पहले घर की हाई कमीशन यानी अपनी पत्नी से बात करनी होगी वरना तलाक हो सकता है। हालांकि उनका यह बयान मजाकिया अंदाज में था और इसके पीछे उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट की बेहद व्यस्त जिंदगी को बड़ी वजह बताया।

    आशीष नेहरा को टीम इंडिया के अगले हेड कोच के संभावित दावेदारों में गिना जाता रहा है। इसकी बड़ी वजह आईपीएल में गुजरात टाइटन्स के साथ उनका शानदार कोचिंग रिकॉर्ड है। नेहरा ने 2022 में गुजरात टाइटन्स को उसके पहले ही सीजन में आईपीएल चैंपियन बनाया था। इसके बाद टीम ने 2023 और 2026 में भी फाइनल तक का सफर तय किया। इस प्रदर्शन ने नेहरा की कोच के तौर पर पहचान को और मजबूत किया है।

    कोलकाता में क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल के सालाना अवॉर्ड समारोह के दौरान नेहरा से पूछा गया कि क्या वह भविष्य में भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच की जिम्मेदारी संभालना चाहेंगे। नेहरा ने साफ किया कि वह इस पद को लेकर अभी कोई योजना नहीं बना रहे हैं। उनके मुताबिक टीम इंडिया को कोचिंग देना निश्चित तौर पर बड़े सम्मान और गर्व की बात होगी लेकिन फिलहाल वह गुजरात टाइटन्स के साथ अपनी भूमिका में खुश हैं और उन्होंने इस जिम्मेदारी को अपनी महत्वाकांक्षा नहीं बनाया है।

    इसके बाद नेहरा ने जिस अंदाज में अपनी पत्नी का जिक्र किया उसने पूरे बयान को मजेदार बना दिया। उन्होंने कहा कि अगर कभी टीम इंडिया के कोच पद का ऑफर आता है तो पहले पत्नी से बात करनी होगी। इसकी वजह भी उन्होंने खुद बताई। नेहरा के मुताबिक इंटरनेशनल क्रिकेट में कोच की नौकरी का मतलब साल के करीब आठ से नौ महीने तक लगातार यात्रा करना और परिवार से दूर रहना है। उनके मुताबिक यह काम सुनने में जितना आकर्षक लगता है असल में उतना ही चुनौतीपूर्ण है।

    नेहरा ने यह भी बताया कि इंटरनेशनल क्रिकेट की कोचिंग में लगातार यात्रा दबाव और काम की मांग इतनी ज्यादा होती है कि बहुत कम कोच तीन या चार साल से ज्यादा समय तक इस भूमिका में टिक पाते हैं। यही वजह है कि वह इस पद को लेकर तुरंत कोई फैसला या योजना बनाने के पक्ष में नहीं हैं।

    नेहरा ने आईपीएल और इंटरनेशनल क्रिकेट की कोचिंग के बीच फर्क भी बताया। उनके मुताबिक आईपीएल में भी दबाव कम नहीं होता लेकिन नेशनल टीम को संभालने की जिम्मेदारी बिल्कुल अलग स्तर की होती है। राष्ट्रीय टीम का कोच सिर्फ एक फ्रेंचाइजी नहीं बल्कि पूरे देश की उम्मीदों के साथ जुड़ा होता है। लगातार दौरे मैचों का दबाव खिलाड़ियों के प्रदर्शन की जिम्मेदारी और हर फैसले पर होने वाली आलोचना इस भूमिका को बेहद कठिन बना देती है।

    फिलहाल नेहरा गुजरात टाइटन्स के साथ खुश हैं और टीम इंडिया के कोच पद का दरवाजा उन्होंने पूरी तरह बंद भी नहीं किया है। उनका कहना है कि भविष्य में अगर ऐसा मौका आता है तो उस समय परिस्थितियों को देखकर फैसला लिया जाएगा। यानी नेहरा ने कोच बनने से इनकार नहीं किया है लेकिन फिलहाल उनकी प्राथमिकता यही है कि वह अपनी मौजूदा भूमिका में पूरी तरह संतुष्ट हैं। उनका पत्नी वाला मजाक भले ही सुर्खियों में छा गया हो लेकिन इसके पीछे छिपी बात साफ है कि टीम इंडिया का कोच बनना सिर्फ क्रिकेट की रणनीति बनाने का काम नहीं बल्कि निजी जिंदगी से भी बड़ा समय और त्याग मांगने वाली जिम्मेदारी है।

  • Asian Games 2026 में टीम इंडिया को नहीं मिलेगा 5 स्टार होटल: फिर भी BCCI संतुष्ट नागोया में क्यों बदली ठहरने की रणनीति जानिए पूरी वजह

    Asian Games 2026 में टीम इंडिया को नहीं मिलेगा 5 स्टार होटल: फिर भी BCCI संतुष्ट नागोया में क्यों बदली ठहरने की रणनीति जानिए पूरी वजह


    नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 शुरू होने से पहले भारतीय क्रिकेट टीम की होटल व्यवस्था को लेकर चल रहा विवाद अब लगभग खत्म हो गया है। भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीमों को इस बार विदेश दौरों की तरह पांच सितारा होटल की सुविधा नहीं मिलेगी। इसके बावजूद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने आयोजकों की ओर से की गई व्यवस्था पर संतोष जताया है। बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने स्पष्ट किया है कि दोनों भारतीय टीमें एशियन गेम्स के आयोजकों की ओर से तय किए गए आवास में ही रहेंगी। बोर्ड की प्राथमिकता खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल सुनिश्चित करना है और मौजूदा व्यवस्था को इसी नजरिए से स्वीकार किया गया है।

    दरअसल भारतीय क्रिकेटरों को आमतौर पर विदेशी दौरों पर बेहतर सुविधाओं वाले पांच सितारा होटलों में ठहराया जाता है। ऐसे में जापान के नागोया में होने वाले एशियन गेम्स के लिए जब पांच सितारा होटल उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई तो सवाल उठने लगे थे कि क्या बीसीसीआई अपने खिलाड़ियों के लिए अलग व्यवस्था करेगा। नागोया में शीर्ष श्रेणी के होटलों की उपलब्धता सीमित होने को इस पूरे मामले की बड़ी वजह बताया गया। आयोजकों के सामने बड़ी संख्या में खिलाड़ियों और अधिकारियों के ठहरने की चुनौती भी है।

    शुरुआत में यह चर्चा भी थी कि अगर भारतीय टीम को निर्धारित होटल पसंद नहीं आया तो खिलाड़ियों के लिए टोक्यो या ओसाका जैसे शहरों में वैकल्पिक व्यवस्था की जा सकती है। लेकिन यह विकल्प व्यावहारिक नहीं माना गया क्योंकि मैच और अभ्यास स्थल से लंबी दूरी खिलाड़ियों के लिए परेशानी पैदा कर सकती थी। ऐसे में बीसीसीआई ने आयोजकों के साथ समन्वय करते हुए उसी व्यवस्था को स्वीकार करने का फैसला किया जो एशियन गेम्स के लिए तैयार की गई है।

    बीसीसीआई की सबसे बड़ी चिंता सिर्फ होटल की स्टार रेटिंग नहीं बल्कि खिलाड़ियों की सुविधा और गोपनीयता को लेकर थी। रिपोर्टों के अनुसार खिलाड़ियों को अलग अलग कमरे उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर जोर दिया गया है। यानी पांच सितारा होटल नहीं होने के बावजूद टीम के खिलाड़ियों को अलग कमरे मिलेंगे ताकि आराम और तैयारी में किसी तरह की परेशानी न हो। बीसीसीआई ने होटल की तस्वीरों और वीडियो के जरिए भी व्यवस्थाओं की जानकारी ली थी।

    होटल के अलावा बीसीसीआई की चिंता खेल सुविधाओं को लेकर भी थी। खास तौर पर मैदान की गुणवत्ता पिच और ड्रेसिंग रूम जैसी व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठे थे। बाद में निरीक्षण और बातचीत के बाद इन व्यवस्थाओं को लेकर भी संतोषजनक स्थिति सामने आई। यानी बोर्ड ने साफ संकेत दिया है कि टीम के लिए पांच सितारा होटल से ज्यादा जरूरी सुरक्षित ठहराव अच्छी खेल सुविधाएं और मैच स्थल तक आसान पहुंच है।

    एशियन गेम्स 2026 का आयोजन जापान के आइची नागोया क्षेत्र में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होना है। क्रिकेट प्रतियोगिता भी इस बड़े खेल आयोजन का हिस्सा होगी और भारत ने पुरुष तथा महिला दोनों वर्गों में मजबूत टीमें उतारी हैं। पुरुष टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर करेंगे जबकि भारतीय दल से पदक की बड़ी उम्मीदें हैं।

    इस पूरे घटनाक्रम से एक बात साफ है कि बीसीसीआई ने इस बार पांच सितारा होटल की सुविधा को प्रतिष्ठा का मुद्दा बनाने के बजाय खिलाड़ियों की तैयारी और प्रतियोगिता से जुड़ी व्यावहारिक जरूरतों को प्राथमिकता दी है। आयोजकों की तय व्यवस्था में रहकर टीम इंडिया अब अपना पूरा ध्यान मैदान पर प्रदर्शन और एशियन गेम्स में पदक जीतने पर लगाएगी।