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  • स्पिन की तैयारी करने पहुंची टीम इंडिया के सामने बिछी घास वाली पिच, श्रीलंका में अभ्यास मैच से पहले खड़ा हुआ विवाद

    स्पिन की तैयारी करने पहुंची टीम इंडिया के सामने बिछी घास वाली पिच, श्रीलंका में अभ्यास मैच से पहले खड़ा हुआ विवाद


    नई दिल्ली। श्रीलंका दौरे पर पहुंची भारतीय क्रिकेट टीम के लिए दो मैचों की टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले ही एक नया विवाद सामने आ गया है। भारत को 7 अगस्त से कोलंबो के नॉनडिस्क्रिप्ट क्रिकेट क्लब यानी एनसीसी मैदान पर तीन दिवसीय अभ्यास मैच खेलना है लेकिन मुकाबले से पहले तैयार की गई पिच को देखकर भारतीय टीम मैनेजमेंट पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आया। टीम इंडिया को उम्मीद थी कि अभ्यास मैच के लिए ऐसी विकेट तैयार की जाएगी जो श्रीलंका की पारंपरिक स्पिन परिस्थितियों जैसी हो ताकि बल्लेबाजों और स्पिन गेंदबाजों को टेस्ट सीरीज से पहले बेहतर तैयारी का मौका मिल सके लेकिन मैदान पर घास वाली विकेट देखकर टीम की चिंता बढ़ गई। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक भारतीय टीम ने पिच पर मौजूद घास को लेकर सवाल उठाए हैं। एनसीसी से जुड़े अधिकारी ने भी बताया कि पिच पर घास रखने का फैसला श्रीलंका क्रिकेट के निर्देश के बाद किया गया है।

    दरअसल भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट मुकाबला 15 अगस्त से गॉल में खेला जाना है। गॉल की परिस्थितियां आमतौर पर स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती हैं। ऐसे में भारतीय टीम चाहती थी कि अभ्यास मैच में भी उसे ऐसी ही परिस्थितियों का अनुभव मिले ताकि बल्लेबाज श्रीलंकाई स्पिनरों का सामना करने से पहले अपनी कमियों को सुधार सकें। खासतौर पर भारतीय बल्लेबाजों के स्पिन के खिलाफ प्रदर्शन को देखते हुए यह अभ्यास मैच टीम के लिए काफी अहम माना जा रहा है। लेकिन एनसीसी की पिच पर छोड़ी गई घास ने टीम इंडिया की योजना को कुछ हद तक बदल दिया है।

    घास वाली पिच का फायदा शुरुआती दौर में तेज गेंदबाजों को मिल सकता है। गेंद नई होने पर सतह से अतिरिक्त सीम और मूवमेंट मिलने की संभावना रहती है जिससे बल्लेबाजों के लिए शुरुआती समय चुनौतीपूर्ण हो सकता है। दूसरी तरफ स्पिन गेंदबाजों को इस विकेट से तुरंत वैसी मदद मिलने की उम्मीद कम है जैसी भारतीय टीम चाहती थी। हालांकि एनसीसी प्रबंधन का कहना है कि मुकाबले के आगे बढ़ने के साथ पिच का मिजाज बदल सकता है और तीसरे दिन स्पिनरों को कुछ सहायता मिलने की संभावना है। क्लब का यह भी मानना है कि पिच पर बल्लेबाजों को रन बनाने का अच्छा मौका मिल सकता है।

    एनसीसी मैदान श्रीलंका के पुराने क्रिकेट क्लबों में शामिल है और भारतीय टीम यहां टेस्ट सीरीज से पहले अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने की कोशिश करेगी। पहले यह अभ्यास मुकाबला चार दिन का प्रस्तावित था लेकिन बाद में इसे घटाकर तीन दिन कर दिया गया। ऐसे में भारतीय टीम के पास परिस्थितियों को समझने और खिलाड़ियों को पर्याप्त मैच अभ्यास देने के लिए सीमित समय है। यही वजह है कि अभ्यास मैच की पिच को लेकर उठे सवालों ने टीम मैनेजमेंट की चिंता बढ़ा दी है।

    भारत के लिए यह टेस्ट सीरीज कई मायनों में महत्वपूर्ण है। टीम को श्रीलंका की परिस्थितियों में खुद को ढालने के साथ साथ स्पिन और तेज गेंदबाजी दोनों के खिलाफ अपनी रणनीति को मजबूत करना होगा। वहीं श्रीलंका भी घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर भारतीय टीम को कड़ी चुनौती देने की कोशिश करेगा। अभ्यास मैच में कैसी पिच मिलती है और भारतीय खिलाड़ी उस पर किस तरह प्रदर्शन करते हैं इस पर सभी की नजरें रहेंगी।

    हालांकि पिच को लेकर उठे विवाद के बावजूद टीम इंडिया के पास परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने का मौका है। घास वाली विकेट भारतीय बल्लेबाजों और गेंदबाजों के लिए एक अलग तरह की परीक्षा साबित हो सकती है। अगर भारतीय खिलाड़ी इस चुनौती का फायदा उठाते हैं तो गॉल टेस्ट से पहले उन्हें जरूरी आत्मविश्वास मिल सकता है। अब देखना यही होगा कि अभ्यास मैच में घास वाली पिच टीम इंडिया के लिए परेशानी बनती है या टेस्ट सीरीज की तैयारी का एक उपयोगी हिस्सा साबित होती है।

  • टी20 क्रिकेट में बटलर का नया कीर्तिमान, वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ; बोले- कई रिकॉर्ड तोड़ेगा

    टी20 क्रिकेट में बटलर का नया कीर्तिमान, वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ; बोले- कई रिकॉर्ड तोड़ेगा


    नई दिल्ली। टी20 क्रिकेट में नया इतिहास रचने वाले इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज जोस बटलर ने भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी को लेकर ऐसी भविष्यवाणी की है जिसने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बनने के बाद बटलर ने कहा कि भविष्य में यदि कोई खिलाड़ी उनका रिकॉर्ड तोड़ सकता है तो वह 15 वर्षीय भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी हैं। बटलर का यह बयान युवा भारतीय खिलाड़ी की प्रतिभा और उसके उज्ज्वल भविष्य पर बड़ी मुहर माना जा रहा है।

    द हंड्रेड टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए जोस बटलर ने टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने इस उपलब्धि के साथ कीरोन पोलार्ड को पीछे छोड़ दिया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद स्टार स्पोर्ट्स से बातचीत में बटलर ने कहा कि सबसे ज्यादा टी20 रन बनाने वाला खिलाड़ी कहलाना उनके लिए बेहद खास एहसास है लेकिन उन्हें पूरा भरोसा है कि एक दिन यह रिकॉर्ड कोई और खिलाड़ी तोड़ेगा और संभवतः वह खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी होंगे।

    बटलर ने मुस्कुराते हुए कहा कि यह सोचना बेहद रोमांचक है कि उन्होंने टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाए हैं लेकिन रिकॉर्ड हमेशा टूटने के लिए ही बनते हैं। उनके अनुसार वैभव सूर्यवंशी में इतनी क्षमता है कि वह भविष्य में इस उपलब्धि को अपने नाम कर सकते हैं। दुनिया के दिग्गज बल्लेबाज से मिली यह तारीफ युवा भारतीय बल्लेबाज के लिए किसी बड़े सम्मान से कम नहीं मानी जा रही।

    वैभव सूर्यवंशी ने पिछले एक वर्ष में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों को लगातार प्रभावित किया है। कम उम्र में ही उन्होंने अपनी विस्फोटक शैली से अलग पहचान बनाई है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में पदार्पण करने वाले खिलाड़ियों में शामिल वैभव ने अपने शुरुआती मुकाबलों में ही शानदार प्रदर्शन कर यह साबित कर दिया कि उनमें बड़े मंच पर खेलने का आत्मविश्वास और क्षमता दोनों मौजूद हैं।

    हाल के मुकाबलों में वैभव ने तेज गति से रन बनाकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 श्रृंखला में बेहद कम गेंदों में अर्धशतक जड़कर सबका ध्यान खींचा था। इसके अलावा एक अन्य मुकाबले में उन्होंने दमदार पारी खेलते हुए शानदार स्कोर बनाया और टीम की जीत में अहम योगदान दिया। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता और आत्मविश्वास दोनों साफ दिखाई देते हैं।

    घरेलू टी20 लीग में भी वैभव का प्रदर्शन लगातार चर्चा का विषय बना रहा। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए सबसे ज्यादा रन बनाए और कई यादगार पारियां खेलीं। उनकी तेज रन बनाने की क्षमता और लंबे शॉट लगाने की कला ने उन्हें भारतीय क्रिकेट का नया सितारा बना दिया है।

    दूसरी ओर जोस बटलर भी इस समय शानदार फॉर्म में हैं। रिकॉर्ड बनाने वाले मुकाबले में उन्होंने केवल 20 गेंदों में 51 रन की तूफानी पारी खेली जिसमें दो चौके और छह शानदार छक्के शामिल रहे। इस पारी के साथ उन्होंने टी20 क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज का स्थान हासिल किया। बटलर के नाम अब 14833 टी20 रन दर्ज हैं जबकि कीरोन पोलार्ड 14803 रन के साथ दूसरे स्थान पर हैं। इस सूची में वेस्टइंडीज के दिग्गज क्रिस गेल तीसरे स्थान पर मौजूद हैं।

    बटलर की यह भविष्यवाणी भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए उत्साह बढ़ाने वाली है। यदि वैभव सूर्यवंशी अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखते हैं तो आने वाले वर्षों में वह न केवल भारतीय क्रिकेट बल्कि विश्व क्रिकेट के सबसे बड़े सितारों में अपनी जगह बना सकते हैं।

  • प्रीति जिंटा संग रिश्ते की चर्चाओं पर ब्रेट ली ने तोड़ी चुप्पी, अफेयर की अफवाहों का बताया सच

    प्रीति जिंटा संग रिश्ते की चर्चाओं पर ब्रेट ली ने तोड़ी चुप्पी, अफेयर की अफवाहों का बताया सच


    नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने आखिरकार उन चर्चाओं पर अपनी चुप्पी तोड़ दी है जो वर्षों तक उनके और बॉलीवुड अभिनेत्री तथा पंजाब किंग्स की सह मालकिन प्रीति जिंटा के रिश्ते को लेकर होती रहीं। आईपीएल के शुरुआती सीजन से दोनों के नाम को जोड़कर कई तरह की अफवाहें सामने आती रहीं लेकिन अब ब्रेट ली ने साफ शब्दों में कहा है कि उनके और प्रीति जिंटा के बीच कभी भी प्रेम संबंध नहीं था। दोनों सिर्फ अच्छे दोस्त थे और आज भी उनकी दोस्ती बरकरार है।

    एक इंटरव्यू में ब्रेट ली ने कहा कि उन्होंने कभी किसी बॉलीवुड अभिनेत्री को डेट नहीं किया। उन्होंने बताया कि प्रीति जिंटा उस समय पंजाब टीम की मालिक थीं और उनके साथ हमेशा एक सम्मानजनक और दोस्ताना रिश्ता रहा। ली ने कहा कि प्रीति बेहद समझदार और सम्मानित महिला हैं और वह उनका बहुत आदर करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों की अटकलों और अफवाहों ने उन्हें कभी परेशान नहीं किया क्योंकि उन्हें हमेशा सच पता था। उनके अनुसार लोग अपनी तरफ से कहानियां बनाते रहे लेकिन उन्होंने कभी इन बातों को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया।

    दरअसल साल 2008 में इंडियन प्रीमियर लीग की शुरुआत के साथ ब्रेट ली किंग्स इलेवन पंजाब टीम से जुड़े थे। वह 2010 तक इस फ्रेंचाइजी का हिस्सा रहे। इसी दौरान मैदान पर और टीम के कार्यक्रमों में प्रीति जिंटा और ब्रेट ली कई बार साथ दिखाई दिए। दोनों की अच्छी बॉन्डिंग को देखकर अफेयर की चर्चाएं तेज हो गई थीं। हालांकि उस समय दोनों में से किसी ने भी इन अफवाहों पर विस्तार से प्रतिक्रिया नहीं दी थी।

    दिलचस्प बात यह है कि वर्ष 2010 में प्रीति जिंटा ने भी इन चर्चाओं को सिरे से खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा था कि हर साल उनका नाम ब्रेट ली के साथ जोड़ दिया जाता है लेकिन इसमें कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि दोनों सिर्फ अच्छे दोस्त हैं और इससे ज्यादा कुछ नहीं।

    ब्रेट ली की निजी जिंदगी भी हमेशा चर्चा में रही है। उन्होंने वर्ष 2006 में एलिजाबेथ केम्प से शादी की थी और दोनों का एक बेटा है। बाद में दोनों का रिश्ता टूट गया और 2009 में उनका तलाक हो गया। इसके बाद वर्ष 2014 में ब्रेट ली ने लाना एंडरसन से दूसरी शादी की और अब उनके दो बच्चे हैं। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी वह कमेंट्री और विभिन्न खेल आयोजनों से जुड़े रहते हैं।

    वहीं प्रीति जिंटा फिल्मों के साथ साथ क्रिकेट की दुनिया में भी सक्रिय हैं। वह आईपीएल में पंजाब किंग्स की सह मालकिन के रूप में लगातार अपनी टीम का उत्साह बढ़ाती नजर आती हैं। हाल के दिनों में वह अपनी आगामी फिल्म बंटवारा 1947 को लेकर भी चर्चा में हैं जिसमें उनके साथ सनी देओल मुख्य भूमिका में दिखाई देंगे। यह फिल्म जल्द सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।

    ब्रेट ली के इस बयान के बाद वर्षों से चली आ रही अफवाहों पर लगभग विराम लग गया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि उनके और प्रीति जिंटा के बीच सिर्फ दोस्ती का रिश्ता था और दोनों ने हमेशा एक दूसरे का सम्मान किया है। यह बयान उन तमाम अटकलों का जवाब है जो लंबे समय तक क्रिकेट और फिल्म जगत में चर्चा का विषय बनी रहीं।

  • पाकिस्तान की शानदार वापसी, स्पिन आक्रमण के दम पर विदेशी धरती पर टेस्ट जीत दर्ज

    पाकिस्तान की शानदार वापसी, स्पिन आक्रमण के दम पर विदेशी धरती पर टेस्ट जीत दर्ज


    नई दिल्ली। पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने आखिरकार विदेशी धरती पर जीत का लंबा इंतजार खत्म कर दिया है। त्रिनिदाद के पोर्ट ऑफ स्पेन स्थित क्वींस पार्क ओवल मैदान पर खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में पाकिस्तान ने वेस्टइंडीज को आठ विकेट से हराकर न सिर्फ शानदार जीत दर्ज की बल्कि लगभग तीन साल से चले आ रहे विदेशी सरजमीं पर हार के सिलसिले को भी समाप्त कर दिया। इस जीत के साथ पाकिस्तान ने दो मैचों की टेस्ट सीरीज 1 1 से बराबर कर सम्मानजनक वापसी की।

    बाबर आजम को दोबारा टेस्ट टीम की कमान मिलने के बाद यह उनकी पहली विदेशी सीरीज थी और उन्होंने शुरुआत ही यादगार जीत के साथ की। इससे पहले पाकिस्तान ने घर से बाहर आखिरी टेस्ट जीत जुलाई 2023 में श्रीलंका के खिलाफ हासिल की थी। इसके बाद टीम लगातार आठ विदेशी टेस्ट मुकाबले हार चुकी थी। ऐसे में वेस्टइंडीज के खिलाफ मिली यह जीत टीम के आत्मविश्वास के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।

    मैच की शुरुआत में वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 344 रन बनाए और पाकिस्तान के सामने मजबूत चुनौती पेश की। जवाब में पाकिस्तान ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 387 रन बनाए और 43 रन की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली। पहली पारी में मिली यही बढ़त बाद में मैच का निर्णायक मोड़ साबित हुई।

    दूसरी पारी में वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी पाकिस्तान के स्पिन आक्रमण के सामने पूरी तरह बिखर गई। अली उस्मान और साजिद खान ने शानदार गेंदबाजी करते हुए चार चार विकेट अपने नाम किए। दोनों स्पिनरों ने वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया और पूरी टीम महज 117 रन पर सिमट गई। पाकिस्तान के गेंदबाजों ने अनुशासित लाइन और लेंथ के साथ लगातार दबाव बनाए रखा जिससे मेजबान टीम वापसी नहीं कर सकी।

    जीत के लिए मिले 75 रन के आसान लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की शुरुआत हालांकि अच्छी नहीं रही। इमाम उल हक केवल 9 रन बनाकर पवेलियन लौट गए जबकि अजान अवैस भी 9 रन ही बना सके। शुरुआती दो विकेट जल्दी गिरने के बाद कप्तान बाबर आजम और अब्दुल्ला शफीक ने जिम्मेदारी संभाली और किसी भी तरह का जोखिम उठाए बिना टीम को लक्ष्य तक पहुंचा दिया।

    अब्दुल्ला शफीक ने 51 गेंदों में नाबाद 24 रन बनाए जबकि कप्तान बाबर आजम भी 24 रन बनाकर अंत तक टिके रहे। दोनों बल्लेबाजों ने संयमित खेल दिखाते हुए पाकिस्तान को आठ विकेट से यादगार जीत दिलाई। यह जीत सिर्फ एक टेस्ट मैच की सफलता नहीं बल्कि विदेशी परिस्थितियों में टीम के आत्मविश्वास की वापसी का संकेत भी मानी जा रही है।

    पहले टेस्ट में 90 रन से मिली हार के बाद पाकिस्तान पर सीरीज गंवाने का खतरा मंडरा रहा था लेकिन दूसरे मुकाबले में टीम ने हर विभाग में शानदार प्रदर्शन करते हुए जोरदार वापसी की। बल्लेबाजों ने पहली पारी में मजबूत स्कोर खड़ा किया तो गेंदबाजों ने दूसरी पारी में मैच पूरी तरह अपने नाम कर लिया।

    इस जीत से बाबर आजम की कप्तानी को भी मजबूती मिली है और आने वाले विदेशी दौरों के लिए पाकिस्तान टीम का मनोबल काफी बढ़ा है। लंबे समय बाद विदेशी धरती पर मिली यह सफलता टीम के लिए नई शुरुआत का संकेत मानी जा रही है।

  • रविचंद्रन अश्विन को पांचवें नंबर पर रखना पड़ा भारी, अर्शदीप सिंह बोले पर्सनली मैसेज कर मांगूंगा माफी

    रविचंद्रन अश्विन को पांचवें नंबर पर रखना पड़ा भारी, अर्शदीप सिंह बोले पर्सनली मैसेज कर मांगूंगा माफी


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह एक बार फिर अपने बेबाक और मजाकिया अंदाज की वजह से सुर्खियों में हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने अपने पसंदीदा भारतीय गेंदबाजों की रैंकिंग तैयार की। इस सूची में रविचंद्रन अश्विन को पांचवें स्थान पर रखने के बाद उन्हें खुद ही एहसास हुआ कि भारत के दिग्गज स्पिनर के साथ शायद कुछ ज्यादा ही अन्याय हो गया है। इसके बाद उन्होंने हंसते हुए कहा कि वह अश्विन भाई से व्यक्तिगत रूप से मैसेज करके माफी मांगेंगे।

    एक यूट्यूब इंटरव्यू के दौरान अर्शदीप सिंह से उनके पसंदीदा पांच भारतीय गेंदबाजों का चयन करने और उन्हें क्रमवार रैंक देने के लिए कहा गया। उन्होंने बिना ज्यादा सोच विचार किए अपनी सूची तैयार की जिसमें पहले स्थान पर भुवनेश्वर कुमार को रखा। अर्शदीप ने कहा कि भुवनेश्वर उनके निजी पसंदीदा गेंदबाज हैं और उनके लिए वह हमेशा विशेष रहेंगे इसलिए इस मामले में वह थोड़े पक्षपाती भी हैं।

    दूसरे स्थान पर उन्होंने मोहम्मद शमी को चुना। अर्शदीप के मुताबिक शमी की सीम पोजिशन और किसी भी पिच पर गेंद को स्विंग कराने की क्षमता उन्हें दुनिया के बेहतरीन तेज गेंदबाजों में शामिल करती है। तीसरे स्थान पर उन्होंने चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव को रखा और कहा कि विकेट लेने की उनकी कला उन्हें बेहद खास बनाती है। चौथे नंबर पर युजवेंद्र चहल को जगह मिली जिनके साथ अर्शदीप आईपीएल में पंजाब किंग्स के लिए खेल चुके हैं। उन्होंने चहल के अनुभव और शानदार रिकॉर्ड की भी जमकर तारीफ की।

    जब सूची में आखिरी नाम रविचंद्रन अश्विन का आया तो अर्शदीप खुद असहज नजर आए। उन्होंने तुरंत कहा कि वह अश्विन को सबसे नीचे रखना नहीं चाहते थे लेकिन सूची में ऊपर कोई स्थान बचा ही नहीं था। इसके बाद उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि सॉरी अश्विन भाई मैं आपको पर्सनली मैसेज करके माफी मांग लूंगा। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और क्रिकेट प्रशंसकों को उनका अंदाज काफी पसंद आया।

    अर्शदीप ने यह भी याद दिलाया कि इंडियन प्रीमियर लीग में पंजाब टीम के लिए खेलते समय रविचंद्रन अश्विन उनके पहले कप्तान रहे थे। उन्होंने कहा कि अश्विन केवल महान स्पिनर ही नहीं बल्कि शानदार लीडर और सीनियर खिलाड़ी भी हैं जिनसे उन्होंने काफी कुछ सीखा है। यही वजह है कि उन्हें सूची में नीचे रखने पर उन्हें खुद भी अजीब महसूस हुआ।

    हाल के महीनों में अर्शदीप भारतीय टीम के सीमित ओवरों के अहम गेंदबाज बनकर उभरे हैं। इंग्लैंड दौरे पर उन्होंने वनडे और टी20 सीरीज में टीम का हिस्सा रहते हुए प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इसके बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में उन्हें आराम दिया गया जबकि श्रीलंका दौरे की टेस्ट टीम में उन्हें शामिल नहीं किया गया है। हालांकि आगामी सीमित ओवरों की सीरीज में उनसे एक बार फिर शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।

    क्रिकेट के मैदान पर अपनी सटीक गेंदबाजी और मैदान के बाहर अपने हंसमुख स्वभाव के लिए पहचाने जाने वाले अर्शदीप सिंह का यह बयान एक बार फिर दिखाता है कि भारतीय टीम के खिलाड़ियों के बीच आपसी सम्मान और दोस्ताना माहौल कितना मजबूत है। यही कारण है कि उनका यह हल्का फुल्का मजाक भी फैंस के बीच चर्चा का विषय बन गया है।

  • सीरीज जीतने उतरेगा भारत, वैभव सूर्यवंशी पर रहेंगी सबकी निगाहें; दूसरे टी20 में जिम्बाब्वे की वापसी की चुनौती

    सीरीज जीतने उतरेगा भारत, वैभव सूर्यवंशी पर रहेंगी सबकी निगाहें; दूसरे टी20 में जिम्बाब्वे की वापसी की चुनौती


    नई दिल्ली । भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का दूसरा मुकाबला शनिवार को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा। पहला मैच जीतकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना चुकी भारतीय टीम इस मुकाबले में जीत दर्ज कर सीरीज अपने नाम करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। वहीं मेजबान जिम्बाब्वे की कोशिश वापसी करते हुए सीरीज को निर्णायक मुकाबले तक ले जाने की होगी।

    पहले टी20 में भारतीय टीम ने हर विभाग में शानदार प्रदर्शन किया था। तेज गेंदबाजों ने अनुशासित गेंदबाजी करते हुए जिम्बाब्वे को महज 125 रन पर समेट दिया। युवा तेज गेंदबाज मयंक यादव ने अपनी रफ्तार से बल्लेबाजों को परेशान करते हुए 18 रन देकर दो विकेट झटके। प्रिंस यादव ने भी दो सफलताएं हासिल कीं, जबकि अशोक शर्मा ने भी प्रभावशाली गेंदबाजी कर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।

    स्पिन विभाग में रवि बिश्नोई ने अपनी फिरकी का जादू बिखेरा। उनकी सटीक गेंदबाजी के सामने जिम्बाब्वे के बल्लेबाज खुलकर रन नहीं बना सके। भारतीय गेंदबाजों के सामूहिक प्रदर्शन ने मेजबान टीम को बड़ा स्कोर खड़ा करने का मौका नहीं दिया।

    बल्लेबाजी में सबसे ज्यादा चर्चा 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी की रही। युवा बल्लेबाज ने केवल 19 गेंदों में 50 रन की विस्फोटक पारी खेलकर कई रिकॉर्ड अपने नाम किए और मैच का रुख पूरी तरह भारत की ओर मोड़ दिया। ईशान किशन ने भी 35 रन की उपयोगी पारी खेली, जबकि कप्तान श्रेयस अय्यर 28 रन बनाकर नाबाद लौटे और टीम को जीत तक पहुंचाया।

    दूसरी ओर, जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी पहले मुकाबले में उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। वेस्ली मधेवेरे ने 39 रन और रयान बर्ल ने 26 रन बनाकर कुछ संघर्ष जरूर किया, लेकिन बाकी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना सके। गेंदबाजी में ब्लेसिंग मुजारबानी ने दो विकेट लेकर प्रभावित किया, लेकिन अन्य गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में नाकाम रहे।

    हरारे स्पोर्ट्स क्लब की पिच पहले मुकाबले में तेज गेंदबाजों के लिए मददगार साबित हुई थी। हालांकि शुरुआती झटकों के बाद बल्लेबाजों ने भी यहां खुलकर रन बनाए। इस मैदान पर अब तक 84 टी20 मुकाबले खेले जा चुके हैं, जिनमें पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने 45 और लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम ने 37 मैच जीते हैं। पहली पारी का औसत स्कोर 155 रन, जबकि दूसरी पारी का औसत 133 रन रहा है।

    मौसम विभाग के अनुसार दूसरे टी20 के दौरान हरारे में मौसम साफ रहने की संभावना है और बारिश की आशंका बेहद कम है। ऐसे में पूरे 20 ओवर का मुकाबला देखने को मिल सकता है।

    भारतीय टीम की सबसे बड़ी उम्मीद एक बार फिर युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी, कप्तान श्रेयस अय्यर, ईशान किशन और तेज गेंदबाज मयंक यादव पर रहेगी। यदि टीम इंडिया पहले मैच जैसी लय बरकरार रखती है तो उसके पास सीरीज अपने नाम करने का शानदार मौका होगा। वहीं जिम्बाब्वे को मुकाबले में बने रहने के लिए बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

  • 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, पहला इंटरनेशनल अर्धशतक मां, परिवार और कोच को किया समर्पित

    15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, पहला इंटरनेशनल अर्धशतक मां, परिवार और कोच को किया समर्पित


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में ऐसी धमाकेदार पारी खेली, जिसने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। महज 15 साल की उम्र में उन्होंने 19 गेंदों में 50 रन ठोककर न सिर्फ टीम इंडिया को शानदार शुरुआत दिलाई, बल्कि कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिए। मैच के बाद वैभव ने अपनी इस यादगार पारी को अपनी मां, परिवार, कोच और उन सभी लोगों को समर्पित किया, जिन्होंने उनके कठिन समय में उनका साथ दिया।

    हरारे में खेले गए मुकाबले में वैभव ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया। उन्होंने केवल 18 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और 19 गेंदों की पारी में 4 चौके तथा 4 छक्के लगाए। इस प्रदर्शन के साथ वह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए।

    15 साल 118 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल कर वैभव ने इंग्लैंड के लुई ब्रूस का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिन्होंने 16 साल 56 दिन की उम्र में टी20 इंटरनेशनल फिफ्टी लगाई थी। इतना ही नहीं, वैभव अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए। उन्होंने नेपाल के कुशल मल्ला का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने 2020 में 15 साल 340 दिन की उम्र में यह कारनामा किया था।

    बीसीसीआई द्वारा साझा किए गए वीडियो में वैभव ने कहा कि करियर की शुरुआत में ऐसी पारियां आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ा देती हैं। उन्होंने बताया कि बल्लेबाजी के दौरान वह पूरी तरह अपनी लय में थे और अपनी स्वाभाविक खेल शैली पर भरोसा करते हुए शॉट्स लगाए। उन्होंने कहा कि यह अर्धशतक उनके परिवार, कोच और उन सभी लोगों के लिए है, जिन्होंने हर परिस्थिति में उनका हौसला बढ़ाया।

    मैच के दौरान अर्धशतक पूरा करने के बाद वैभव ने दोनों हाथों से सिर के ऊपर ‘ए’ का निशान बनाया। इस खास सेलिब्रेशन के बारे में उन्होंने खुलासा किया कि यह उनकी मां आरती को समर्पित था। वहीं, ‘थंब्स अप’ का इशारा उन्होंने भारतीय बल्लेबाज रिंकू सिंह के साथ हुई बातचीत से प्रेरित होकर किया।

    हरारे का मैदान वैभव के लिए लगातार यादगार साबित हो रहा है। इसी वर्ष उन्होंने आईसीसी अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 80 गेंदों पर 175 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली थी। इससे पहले सेमीफाइनल में अफगानिस्तान के खिलाफ 68 रन बनाकर भारत को रिकॉर्ड छठा अंडर-19 विश्व कप खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।

    हालांकि इंग्लैंड के खिलाफ पिछली टी20 सीरीज में उन्हें तीन मौकों पर बड़ी पारी खेलने का अवसर नहीं मिला, लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले ही मैच में उन्होंने शानदार वापसी कर अपनी प्रतिभा का परिचय दे दिया। वैभव ने कहा कि हरारे का माहौल उन्हें पसंद है, लेकिन वह इसे हल्के में नहीं लेते। उनका लक्ष्य हर मैच में टीम के लिए बेहतर प्रदर्शन करना और अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देना है।

    15 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रिकॉर्डतोड़ अर्धशतक लगाकर वैभव सूर्यवंशी ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य का एक और बड़ा सितारा मिल चुका है।

  • टीम इंडिया के खिलाफ मुकाबले से पहले जिम्बाब्वे की बढ़ी मुश्किलें, हैमस्ट्रिंग इंजरी ने छीना स्टार बल्लेबाज

    टीम इंडिया के खिलाफ मुकाबले से पहले जिम्बाब्वे की बढ़ी मुश्किलें, हैमस्ट्रिंग इंजरी ने छीना स्टार बल्लेबाज


    नई दिल्ली । भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज शुरू होने से ठीक पहले मेजबान टीम को बड़ा झटका लगा है। जिम्बाब्वे के बल्लेबाज मिल्टन शुम्बा हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण पूरी टी20 सीरीज से बाहर हो गए हैं। टीम प्रबंधन ने उनकी जगह अनुभवी बल्लेबाज इनोसेंट काइया को स्क्वॉड में शामिल किया है। शुम्बा की गैरमौजूदगी ऐसे समय में सामने आई है जब जिम्बाब्वे भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ घरेलू मैदान पर बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रहा था।

    मिल्टन शुम्बा का मंगलवार को मेडिकल स्कैन कराया गया था। जांच रिपोर्ट में हैमस्ट्रिंग की चोट गंभीर पाई गई जिसके बाद उन्हें पूरी सीरीज से बाहर करने का फैसला लिया गया। हाल ही में बांग्लादेश के खिलाफ खेली गई टी20 सीरीज में शुम्बा ने जिम्बाब्वे की ओर से सभी मुकाबले खेले थे। साल 2022 के बाद राष्ट्रीय टीम में वापसी करने वाले शुम्बा से इस सीरीज में भी अहम भूमिका निभाने की उम्मीद थी लेकिन चोट ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

    शुम्बा की जगह टीम में शामिल किए गए इनोसेंट काइया के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अच्छा अनुभव है। उन्होंने अपना आखिरी टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला जुलाई 2024 में भारत के खिलाफ हरारे में ही खेला था। काइया अब तक जिम्बाब्वे के लिए 19 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं जिनमें उन्होंने 290 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 104 का रहा है और उनके नाम इस प्रारूप में एक अर्धशतक भी दर्ज है। टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि वह शुम्बा की कमी को काफी हद तक पूरा कर सकेंगे।

    भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला 23 जुलाई को खेला जाएगा जबकि दूसरा और तीसरा मैच क्रमशः 25 और 26 जुलाई को होगा। तीनों मुकाबलों के लिए दोनों टीमें अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी हैं।

    जिम्बाब्वे हाल के समय में अच्छी लय में नजर आया है। टीम ने बांग्लादेश के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मुकाबला पारी और 85 रन के बड़े अंतर से जीता था। इसके बाद वनडे सीरीज भी 2-1 से अपने नाम की। हालांकि टी20 सीरीज में उसे 1-2 से हार का सामना करना पड़ा था। अब टीम भारत के खिलाफ घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर मजबूत चुनौती पेश करना चाहेगी।

    दूसरी ओर भारतीय टीम भी हालिया प्रदर्शन के कारण दबाव में है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टीम इंडिया को आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में 0-2 से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज भी भारत 0-4 से गंवा बैठा। ऐसे में भारतीय टीम इस दौरे पर जीत की राह पर लौटने के इरादे से मैदान में उतरेगी जबकि अय्यर बतौर कप्तान अपनी पहली टी20 सीरीज जीत दर्ज करने की कोशिश करेंगे।

    दोनों टीमों के बीच पिछली भिड़ंत टी20 विश्व कप 2026 में हुई थी जहां भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे को 72 रन से हराया था। अब घरेलू मैदान पर जिम्बाब्वे उस हार का हिसाब चुकता करने की कोशिश करेगा जबकि भारत अपनी खोई हुई लय वापस पाने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगा।

  • रोहित यादव और चिगुरुपति की घातक गेंदबाजी, भारत अंडर-19 ने श्रीलंका को किया चारों खाने चित

    रोहित यादव और चिगुरुपति की घातक गेंदबाजी, भारत अंडर-19 ने श्रीलंका को किया चारों खाने चित


    नई दिल्ली । भारत अंडर-19 क्रिकेट टीम ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे अनौपचारिक टेस्ट मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए 211 रन की बड़ी जीत दर्ज की। कोलंबो के आर प्रेमदासा क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारतीय युवा खिलाड़ियों ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में बेहतरीन खेल दिखाया। इस जीत के साथ भारत ने दो मैचों की यूथ टेस्ट सीरीज 1-0 से अपने नाम कर ली। पहला मुकाबला ड्रॉ रहने के कारण दूसरा टेस्ट निर्णायक साबित हुआ और भारतीय टीम ने किसी भी मौके पर श्रीलंका को वापसी का अवसर नहीं दिया।

    472 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत बेहद खराब रही। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती झटके देकर मेजबान टीम को दबाव में ला दिया। दिमंथा महाविथाना बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए जबकि अवीशा समश केवल 2 रन ही बना सके। विरन चामुदिथा ने तेज शुरुआत करते हुए 31 रन बनाए लेकिन वह भी बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहे। महज 38 रन पर तीन विकेट गिरने के बाद श्रीलंका मुश्किल में दिखाई देने लगा।

    इसके बाद सेनुजा वेकुनागोडा और कप्तान विमथ दिंसारा ने शानदार संघर्ष करते हुए चौथे विकेट के लिए 98 रन की साझेदारी की। सेनुजा ने 64 रन की आकर्षक पारी खेली जबकि कप्तान विमथ ने भी 64 रन बनाए। कविजा गमागे ने 36 और सेथमिका सेनेविरात्ने ने 42 रन बनाकर टीम को संभालने की कोशिश की लेकिन भारतीय गेंदबाजों के सामने यह प्रयास नाकाफी साबित हुआ। नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे और पूरी श्रीलंकाई टीम 260 रन पर सिमट गई।

    भारत की जीत के सबसे बड़े नायक तेज गेंदबाज रोहित यादव रहे जिन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए चार विकेट अपने नाम किए। चिगुरुपति वेंकटा ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए तीन विकेट हासिल किए। दोनों गेंदबाजों ने श्रीलंका के बल्लेबाजी क्रम को पूरी तरह बिखेर दिया और विपक्षी टीम को लक्ष्य के करीब भी नहीं पहुंचने दिया।

    इससे पहले भारत ने पहली पारी में 411 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया था। युवा बल्लेबाज मनाल चौहान ने शानदार 150 रन की यादगार पारी खेलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। उनके अलावा कुशाग्र ओझा ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए 111 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों की शतकीय पारियों की बदौलत भारत ने पहली पारी में विशाल बढ़त हासिल की।

    श्रीलंका की पहली पारी केवल 148 रन पर सिमट गई जिससे भारत को 263 रन की बड़ी बढ़त मिली। इसके बाद भारतीय टीम ने दूसरी पारी में तीन विकेट पर 208 रन बनाकर पारी घोषित कर दी। इस पारी में लक्ष्य राजेश रायचंदानी ने नाबाद 100 रन की शानदार शतकीय पारी खेली जबकि मनाल चौहान ने एक बार फिर अर्धशतक बनाकर अपनी बेहतरीन फॉर्म का परिचय दिया।

    पूरे मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन हर विभाग में शानदार रहा। बल्लेबाजों ने बड़े स्कोर बनाए तो गेंदबाजों ने विपक्षी टीम पर लगातार दबाव बनाए रखा। इस प्रभावशाली जीत ने यह भी साबित किया कि भारत की जूनियर टीम में भविष्य के कई सितारे मौजूद हैं जो आने वाले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बना सकते हैं।

  • हरारे में होगी कांटे की टक्कर भारत और जिम्बाब्वे टी20 सीरीज पर सिकंदर रजा का बड़ा बयान जीत हार का फैसला करेगा प्रदर्शन

    हरारे में होगी कांटे की टक्कर भारत और जिम्बाब्वे टी20 सीरीज पर सिकंदर रजा का बड़ा बयान जीत हार का फैसला करेगा प्रदर्शन


    नई दिल्ली । भारत और जिम्बाब्वे के बीच 23 जुलाई से शुरू होने वाली तीन मैचों की टी20 सीरीज को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह बढ़ गया है। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले जाने वाले इस मुकाबले से पहले जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि इस बार सीरीज पूरी तरह संतुलित रहेगी और दोनों टीमों के पास जीत हासिल करने के बराबर अवसर होंगे। रजा का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में किसी भी टीम को कमजोर या मजबूत नहीं कहा जा सकता और मैदान पर बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीम ही बाजी मारेगी।

    सिकंदर रजा ने कहा कि जिम्बाब्वे पिछले कुछ समय से लगातार प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेल रहा है और टीम का आत्मविश्वास पहले से कहीं ज्यादा मजबूत है। उन्होंने विश्वास जताया कि घरेलू परिस्थितियों का फायदा उनकी टीम को मिलेगा और दर्शकों को बेहद रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे। उनके अनुसार यह सीरीज किसी भी तरह से एकतरफा नहीं होगी क्योंकि दोनों टीमें बदलाव के दौर से गुजर रही हैं और नई रणनीतियों के साथ मैदान पर उतरेंगी।

    भारतीय टीम के लिए भी यह दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ लगातार टी20 सीरीज गंवाने के बाद टीम इंडिया जीत की राह पर लौटना चाहेगी। कप्तान श्रेयस अय्यर के सामने यह सीरीज खुद को साबित करने का बड़ा अवसर होगी। कप्तानी संभालने के बाद अब तक उन्हें सफलता नहीं मिली है इसलिए जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज जीतना उनके लिए आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ टीम के मनोबल के लिए भी बेहद जरूरी माना जा रहा है।

    भारत और जिम्बाब्वे के बीच टी20 मुकाबलों का इतिहास देखें तो अब तक दोनों टीमों के बीच कुल दस मैच खेले गए हैं जिनमें भारत ने सात मुकाबलों में जीत दर्ज की है जबकि जिम्बाब्वे तीन बार जीत हासिल करने में सफल रहा है। आंकड़े भले ही भारत के पक्ष में हों लेकिन हाल के वर्षों में जिम्बाब्वे ने अपने प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार किया है और कई बड़ी टीमों को कड़ी चुनौती दी है। यही कारण है कि इस सीरीज को हल्के में नहीं लिया जा रहा।

    हरारे की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों के लिए संतुलित मानी जाती है। शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को मदद मिलती है जबकि बाद में बल्लेबाज खुलकर रन बना सकते हैं। ऐसे में दोनों टीमों की रणनीति और मैदान पर लिए गए फैसले जीत हार में अहम भूमिका निभाएंगे। भारतीय टीम जहां अपनी मजबूत बल्लेबाजी और अनुभवी खिलाड़ियों पर भरोसा करेगी वहीं जिम्बाब्वे घरेलू परिस्थितियों और टीम भावना के दम पर उलटफेर करने की कोशिश करेगा।

    भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज के मुकाबले 23 जुलाई 25 जुलाई और 26 जुलाई को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले जाएंगे। सभी मैच भारतीय समयानुसार शाम साढ़े चार बजे शुरू होंगे। क्रिकेट प्रशंसकों को उम्मीद है कि यह सीरीज रोमांच संघर्ष और बेहतरीन प्रदर्शन से भरपूर होगी तथा दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी।