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  • टी20 में टीम इंडिया का बुरा हाल, 76 रन पर ऑलआउट, इंग्लैंड ने दर्ज की 125 रन की बड़ी जीत

    टी20 में टीम इंडिया का बुरा हाल, 76 रन पर ऑलआउट, इंग्लैंड ने दर्ज की 125 रन की बड़ी जीत


    नई दिल्ली । नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज मैदान पर खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में भारतीय टीम को इंग्लैंड के हाथों 125 रन की करारी हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही भारत पांच मैचों की टी20 सीरीज में 0-2 से पिछड़ गया है। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 201 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया, लेकिन जवाब में भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई और पूरी टीम महज 76 रन पर ऑलआउट हो गई।

    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी रही। फिल साल्ट और जोस बटलर ने पहले विकेट के लिए 43 रन जोड़कर टीम को मजबूत आधार दिया। बटलर ने 36 रन बनाए, जबकि फिल साल्ट ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 44 गेंदों में 70 रन की बेहतरीन पारी खेली। इस दौरान उन्होंने सात चौके और तीन छक्के लगाए। कप्तान हैरी ब्रूक ने 16 रन का योगदान दिया, जबकि जैकब बेथेल ने 13 रन बनाए। अंतिम ओवरों में सैम करन ने 24 गेंदों पर नाबाद 41 रन की तेजतर्रार पारी खेलकर इंग्लैंड का स्कोर 200 के पार पहुंचा दिया।

    भारत की ओर से गेंदबाजी में हर्षित राणा और प्रिंस यादव ने दो-दो विकेट हासिल किए, जबकि अक्षर पटेल को एक सफलता मिली। हालांकि भारतीय गेंदबाज इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाने में सफल नहीं हो सके।

    202 रन के कठिन लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत तेज जरूर रही। अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी ने पहले दो ओवर से पहले ही 23 रन जोड़ दिए, लेकिन इसके बाद बल्लेबाजी क्रम पूरी तरह ढह गया। अभिषेक शर्मा 10 रन बनाकर आउट हुए, जबकि वैभव सूर्यवंशी 13 रन की छोटी लेकिन तेज पारी खेलकर पवेलियन लौट गए।

    इसके बाद कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर टिक नहीं सका। ईशान किशन ने 13 रन और अक्षर पटेल ने 10 रन बनाए। इनके अलावा कोई भी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर पाया। पूरी भारतीय टीम सिर्फ 11.4 ओवर में 76 रन पर सिमट गई, जो टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के सबसे निराशाजनक प्रदर्शनों में से एक रहा।

    इंग्लैंड की ओर से जोश टंग ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 28 रन देकर चार विकेट झटके। जोफ्रा आर्चर ने तीन विकेट हासिल किए, जबकि अनुभवी स्पिनर आदिल रशीद ने दो विकेट अपने नाम किए। विल जैक्स को भी एक सफलता मिली।

    सीरीज का पहला मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया था, जबकि दूसरा मैच इंग्लैंड ने चार विकेट से जीता था। अब तीसरे मैच में मिली बड़ी जीत के बाद मेजबान टीम ने सीरीज में 2-0 की मजबूत बढ़त बना ली है। शेष दो मुकाबले 9 और 11 जुलाई को क्रमशः ब्रिस्टल और साउथैम्प्टन में खेले जाएंगे, जहां भारत के सामने सीरीज बचाने की बड़ी चुनौती होगी।

  • फेक बयान पर सूर्यकुमार यादव की सफाई: भारतीय टीम के साथ खड़ा हूं, अफवाहों पर न करें भरोसा

    फेक बयान पर सूर्यकुमार यादव की सफाई: भारतीय टीम के साथ खड़ा हूं, अफवाहों पर न करें भरोसा


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज और पूर्व टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने सोशल मीडिया पर उनके नाम से वायरल हो रहे कथित बयानों को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इंटरनेट पर प्रसारित किए जा रहे कई बयान पूरी तरह भ्रामक हैं और उनका उन बयानों से कोई संबंध नहीं है। सूर्यकुमार ने लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि किसी भी जानकारी पर भरोसा न करें और न ही उसे आगे साझा करें।

    सूर्यकुमार यादव ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि वह भारतीय टीम के प्रदर्शन से बेहद खुश हैं और हमेशा टीम की सफलता की कामना करते हैं। उन्होंने कहा कि टीम के खिलाड़ी देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का प्रयास कर रहे हैं और उन्हें हमेशा उनका पूरा समर्थन मिलेगा। उन्होंने भारतीय टीम के उज्ज्वल भविष्य पर भरोसा जताते हुए सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं।

    अपने संदेश में सूर्यकुमार यादव ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के लिए भी विशेष शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि वैभव अपने क्रिकेट करियर के बेहद रोमांचक दौर की शुरुआत कर रहे हैं और उन्हें हर पल का आनंद लेते हुए देश का नाम रोशन करना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि युवा खिलाड़ी आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धियां हासिल करेंगे।

    सूर्यकुमार यादव ने अपने नाम से प्रसारित किए जा रहे कथित बयानों पर नाराजगी भी जाहिर की। उन्होंने साफ कहा कि सोशल मीडिया पर जो बयान उनके नाम से साझा किए जा रहे हैं, वे पूरी तरह गलत हैं। उन्होंने ऐसा कोई बयान न तो दिया है और न ही किसी को इसकी अनुमति दी है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि किसी भी खबर या पोस्ट को साझा करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें ताकि गलत सूचनाओं के प्रसार पर रोक लगाई जा सके।

    उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय क्रिकेट, अपने साथी खिलाड़ियों और खेल के प्रति उनका समर्पण किसी भी अफवाह या झूठे बयान से कहीं अधिक मजबूत है। उनके लिए देश और टीम सर्वोपरि है तथा वह हमेशा भारतीय क्रिकेट के हित में खड़े रहेंगे। उनका यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और क्रिकेट प्रेमी इसे जिम्मेदार और सकारात्मक पहल मान रहे हैं।

    हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट में दावा किया गया था कि सूर्यकुमार यादव ने भारतीय टी20 टीम की कप्तानी, अपने चयन और युवा खिलाड़ियों को लेकर कुछ विवादित टिप्पणियां की हैं। हालांकि अब स्वयं सूर्यकुमार यादव ने इन दावों का खंडन कर दिया है। उनकी इस स्पष्ट प्रतिक्रिया के बाद उनके नाम से फैलाए जा रहे भ्रामक बयानों पर विराम लगने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • एमएस धोनी के 45वें जन्मदिन का जश्न: कोलकाता और ओडिशा से रांची पहुंचे फैंस, माही की एक झलक पाने का इंतजार

    एमएस धोनी के 45वें जन्मदिन का जश्न: कोलकाता और ओडिशा से रांची पहुंचे फैंस, माही की एक झलक पाने का इंतजार


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में शुमार महेंद्र सिंह धोनी ने मंगलवार को अपना 45वां जन्मदिन मनाया। इस अवसर पर देश और विदेश से उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं मिलीं। रांची स्थित उनके आवास के बाहर सुबह से ही प्रशंसकों का जमावड़ा लगा रहा। कई फैंस सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय करके केवल अपने पसंदीदा क्रिकेटर की एक झलक पाने और उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं देने पहुंचे।

    धोनी की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ओडिशा और कोलकाता सहित कई राज्यों से प्रशंसक रांची पहुंचे। कुछ फैंस कई दिनों से वहीं ठहरे हुए हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि धोनी बाहर आकर उनसे मुलाकात करेंगे। उनके हाथों में पोस्टर, बैनर और जन्मदिन की शुभकामनाओं वाले संदेश नजर आए। कई प्रशंसकों ने केक काटने की भी तैयारी की थी।

    ओडिशा से पहुंचे एक प्रशंसक ने बताया कि वह पिछले छह दिनों से रांची में हैं और केवल एक बार अपने पसंदीदा खिलाड़ी से मिलने का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना था कि धोनी ने अपने खेल और नेतृत्व से करोड़ों लोगों को प्रेरित किया है और वह उनके स्वस्थ एवं खुशहाल जीवन की कामना करते हैं।

    कोलकाता से पहुंचे एक अन्य प्रशंसक ने बताया कि वह हर साल धोनी का जन्मदिन मनाने रांची आते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी टीम हर वर्ष धोनी के जन्मदिन और उनके एकदिवसीय क्रिकेट में पदार्पण दिवस पर सामाजिक सेवा के कार्यक्रम भी आयोजित करती है। उनके अनुसार धोनी केवल एक महान क्रिकेटर ही नहीं बल्कि लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी हैं।

    युवा प्रशंसकों में भी धोनी को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कई फैंस ने उम्मीद जताई कि माही बाहर आकर उनसे मुलाकात करेंगे, उनके साथ केक काटेंगे और कुछ समय बिताएंगे। प्रशंसकों ने उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबे जीवन की कामना करते हुए यह इच्छा भी जताई कि वह आने वाले वर्षों में भी इंडियन प्रीमियर लीग में खेलते रहें।

    महेंद्र सिंह धोनी भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल कप्तानों में गिने जाते हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने टी20 विश्व कप, वनडे विश्व कप और चैंपियंस ट्रॉफी जैसे बड़े आईसीसी खिताब अपने नाम किए। शांत स्वभाव, बेहतरीन नेतृत्व क्षमता और मैच फिनिश करने की कला के कारण उन्हें दुनिया भर में कैप्टन कूल के नाम से जाना जाता है। यही वजह है कि क्रिकेट से जुड़े उनके हर खास दिन पर प्रशंसकों का उत्साह देखते ही बनता है।

  • अभिषेक शर्मा के पर्सनैलिटी राइट्स केस पर 9 जुलाई को होगी अगली सुनवाई, दिल्ली हाई कोर्ट ने मांगे अतिरिक्त सबूत

    अभिषेक शर्मा के पर्सनैलिटी राइट्स केस पर 9 जुलाई को होगी अगली सुनवाई, दिल्ली हाई कोर्ट ने मांगे अतिरिक्त सबूत


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेटर अभिषेक शर्मा की पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा से जुड़ी याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने फिलहाल कोई अंतरिम आदेश पारित नहीं किया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 9 जुलाई तय करते हुए याचिकाकर्ता को विवादित ऑनलाइन सामग्री से जुड़े आवश्यक दस्तावेज और स्क्रीनशॉट पेश करने के निर्देश दिए हैं। अदालत का कहना है कि संबंधित सामग्री की जांच किए बिना कोई आदेश पारित करना उचित नहीं होगा।

    मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति ज्योति सिंह ने कहा कि मानहानि और पर्सनैलिटी राइट्स के बीच बहुत बारीक अंतर होता है। कई मामलों में मानहानि से जुड़े विवादों में व्यक्तित्व अधिकारों का पहलू भी शामिल हो सकता है। इसलिए अदालत को किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों और रिकॉर्ड का सावधानीपूर्वक परीक्षण करना आवश्यक है।

    सुनवाई के दौरान अदालत के संज्ञान में आया कि याचिका के साथ उन यूआरएल के स्क्रीनशॉट संलग्न नहीं किए गए थे जिनके माध्यम से कथित आपत्तिजनक सामग्री प्रकाशित होने का दावा किया गया है। इस पर अदालत ने अभिषेक शर्मा की ओर से पेश अधिवक्ता को निर्देश दिया कि वे एक अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करें जिसमें सभी विवादित पोस्ट और यूआरएल से संबंधित स्क्रीनशॉट शामिल हों तथा वे याचिका में दी गई सूची से मेल खाते हों।

    सुनवाई के दौरान मेटा की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि याचिका में दिए गए आठ यूआरएल में से दो उपलब्ध नहीं थे और उन तक पहुंच संभव नहीं हो सकी। उन्होंने यह भी कहा कि एक यूआरएल पर मौजूद सामग्री पैपराजी द्वारा अपलोड की गई प्रतीत होती है और प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट नहीं है कि वह पर्सनैलिटी राइट्स के दायरे में आती है या नहीं। इस पर अभिषेक शर्मा की ओर से दलील दी गई कि संबंधित सामग्री कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई के माध्यम से तैयार की गई थी। साथ ही यह भी कहा गया कि एक पोस्ट में उनकी मैनेजर को उनकी गर्लफ्रेंड के रूप में प्रस्तुत किया गया है जो गलत और भ्रामक है।

    याचिका में अभिषेक शर्मा ने अदालत से अनुरोध किया है कि उनके व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा की जाए और सोशल मीडिया तथा अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कथित रूप से भ्रामक, मानहानिकारक और एआई से तैयार सामग्री को हटाने के निर्देश दिए जाएं। उनका कहना है कि ऐसी सामग्री उनकी प्रतिष्ठा और सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचा सकती है।

    फिलहाल अभिषेक शर्मा भारतीय क्रिकेट टीम के साथ इंग्लैंड दौरे पर हैं और पांच मैचों की टी20 श्रृंखला का हिस्सा हैं। अब इस मामले में सभी की नजर 9 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई पर रहेगी, जब अदालत अतिरिक्त दस्तावेजों और रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्यवाही करेगी।

  • बांग्लादेश से वनडे जंग के लिए तैयार जिम्बाब्वे नगारवा को कप्तानी इनोसेंट काइया और सिकंदर रजा पर बड़ी जिम्मेदारी

    बांग्लादेश से वनडे जंग के लिए तैयार जिम्बाब्वे नगारवा को कप्तानी इनोसेंट काइया और सिकंदर रजा पर बड़ी जिम्मेदारी


    नई दिल्ली । बांग्लादेश के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड ने 15 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है। इस बार टीम की कमान पहली बार तेज गेंदबाज रिचर्ड नगारवा को सौंपी गई है। यह उनके करियर का बड़ा पड़ाव माना जा रहा है और अब उनकी अगुआई में जिम्बाब्वे मजबूत शुरुआत करने के इरादे से मैदान में उतरेगा।

    दोनों टीमों के बीच वनडे सीरीज की शुरुआत 6 जुलाई से होगी जबकि दूसरा मुकाबला 9 जुलाई और तीसरा व अंतिम मैच 11 जुलाई को खेला जाएगा। तीनों मुकाबले हरारे स्पोर्ट्स क्लब में आयोजित होंगे जहां घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाने की कोशिश जिम्बाब्वे करेगा।

    टीम में हाल ही में बांग्लादेश के खिलाफ खेले गए एकमात्र टेस्ट मैच में शानदार शतक लगाने वाले इनोसेंट काइया की वापसी हुई है। काइया ने उस मुकाबले में 140 रन की बेहतरीन पारी खेलकर चयनकर्ताओं का भरोसा फिर से जीत लिया। उनके अलावा बेन कुरेन और ब्रायन बेनेट को भी वनडे टीम में शामिल किया गया है जिससे बल्लेबाजी क्रम और मजबूत नजर आ रहा है।

    जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी की जिम्मेदारी अनुभवी क्रेग एर्विन और हरफनमौला खिलाड़ी सिकंदर रजा पर भी रहेगी। दोनों खिलाड़ी लंबे समय से टीम की रीढ़ बने हुए हैं और उनसे एक बार फिर बड़ी पारियों की उम्मीद होगी।

    गेंदबाजी विभाग में ब्लेसिंग मुजारबानी टीम के सबसे अहम हथियार होंगे। उनके साथ ब्रैड इवांस न्यूमैन न्यामहुरी और अर्नेस्ट मसुकु तेज गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती देंगे। वहीं स्पिन विभाग की जिम्मेदारी रयान बर्ल वेस्ली मधेवेरे और वेलिंगटन मसाकाद्जा संभालेंगे। विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी तदिवानाशे मारुमानी और क्लाइव मडांडे को सौंपी गई है।

    हाल ही में बांग्लादेश के खिलाफ खेले गए एकमात्र टेस्ट मैच में जिम्बाब्वे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक पारी और 85 रन से जीत दर्ज की थी। उस मुकाबले में इनोसेंट काइया के शतक के अलावा क्रेग एर्विन ने 60 रन ब्रायन बेनेट ने 59 रन और वेस्ली मधेवेरे ने नाबाद 77 रन बनाए थे। गेंदबाजी में ब्लेसिंग मुजारबानी ने दोनों पारियों में कुल छह विकेट लेकर जीत में अहम भूमिका निभाई थी।

    यह सीरीज जिम्बाब्वे के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि पिछले वर्ष अगस्त में श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज खेलने के बाद टीम पहली बार इस प्रारूप में मैदान पर उतरेगी। नई कप्तानी और संतुलित टीम के साथ जिम्बाब्वे की नजर घरेलू मैदान पर शानदार प्रदर्शन करते हुए सीरीज अपने नाम करने पर होगी।

    जिम्बाब्वे की वनडे टीम
    रिचर्ड नगारवा कप्तान ब्रायन बेनेट रयान बर्ल बेन कुरेन क्रेग एर्विन ब्रैड इवांस इनोसेंट काइया क्लाइव मडांडे वेस्ली मधेवेरे तदिवानाशे मारुमानी वेलिंगटन मसाकाद्जा अर्नेस्ट मसुकु ब्लेसिंग मुजारबानी न्यूमैन न्यामहुरी और सिकंदर रजा।

  • रिकॉर्ड और ट्रॉफियां नहीं वापसी की ताकत बनाती है महान युवराज सिंह का बेन स्टोक्स के लिए भावुक संदेश

    रिकॉर्ड और ट्रॉफियां नहीं वापसी की ताकत बनाती है महान युवराज सिंह का बेन स्टोक्स के लिए भावुक संदेश


    नई दिल्ली। इंग्लैंड के स्टार ऑलराउंडर बेन स्टोक्स के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भारतीय टीम के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह ने उन्हें भावुक अंदाज में विदाई दी है। युवराज ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लंबा संदेश साझा करते हुए स्टोक्स के शानदार करियर के साथ उनकी संघर्ष से उबरने की क्षमता की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि किसी खिलाड़ी की महानता केवल रिकॉर्ड या ट्रॉफियों से नहीं बल्कि हर कठिन दौर के बाद फिर मजबूती से खड़े होने की ताकत से तय होती है।

    युवराज सिंह ने अपने संदेश में स्टोक्स के करियर के कई यादगार पलों का जिक्र किया। उन्होंने विश्व कप फाइनल में खेली गई ऐतिहासिक पारी और हेडिंग्ले टेस्ट में नाबाद 135 रन की पारी को क्रिकेट इतिहास की सबसे यादगार पारियों में से एक बताया। युवराज ने कहा कि इन पारियों ने यह साबित कर दिया कि असंभव दिखने वाली परिस्थितियों में भी जीत हासिल की जा सकती है।

    युवराज ने स्टोक्स की मानसिक मजबूती की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषय पर खुलकर बात करने का साहस हर खिलाड़ी में नहीं होता लेकिन स्टोक्स ने इसे पूरी ईमानदारी से दुनिया के सामने रखा। इसके अलावा अपने पिता को खोने जैसे निजी दुख के बावजूद उन्होंने जिस तरह हर बार खुद को संभाला और मैदान पर वापसी की वह प्रेरणादायक है।

    पूर्व भारतीय ऑलराउंडर ने लिखा कि वह खुद भी अपने करियर में सफलता और संघर्ष के कई दौर से गुजर चुके हैं इसलिए वह स्टोक्स के सफर को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के शिखर पर पहुंचने और फिर कठिन परिस्थितियों का सामना करने का अनुभव उन्होंने भी किया है और स्टोक्स में उन्हें वही जज्बा दिखाई दिया।

    युवराज ने कहा कि यही गुण किसी अच्छे खिलाड़ी को महान खिलाड़ी बनाता है। रिकॉर्ड टूटते रहते हैं ट्रॉफियां भी समय के साथ इतिहास का हिस्सा बन जाती हैं लेकिन मुश्किलों के बाद दोबारा उठ खड़े होने की क्षमता हमेशा याद रखी जाती है। उन्होंने स्टोक्स को दो विश्व कप जीतने वाला खिलाड़ी और ऐसा कप्तान बताया जिसने अपनी टीम में यह भरोसा जगाया कि कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।

    35 वर्षीय बेन स्टोक्स ने वर्ष 2011 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। अपने 15 साल लंबे करियर में उन्होंने इंग्लैंड के लिए 122 टेस्ट 114 वनडे और 43 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 7273 रन और 252 विकेट दर्ज हैं जबकि वनडे में उन्होंने 3463 रन बनाने के साथ 74 विकेट भी हासिल किए। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उन्होंने 585 रन बनाए और 26 विकेट अपने नाम किए।

    स्टोक्स इंग्लैंड के सबसे प्रभावशाली ऑलराउंडरों में गिने जाते हैं। दो विश्व कप जीतने के अलावा एशेज सीरीज में उनके कई यादगार प्रदर्शन और कप्तान के रूप में इंग्लैंड की टेस्ट टीम में लाए गए बदलाव उन्हें आधुनिक दौर के महान क्रिकेटरों में शामिल करते हैं। युवराज सिंह का संदेश भी इसी बात का प्रमाण है कि स्टोक्स का प्रभाव केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं बल्कि क्रिकेट जगत के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।

  • हरमनप्रीत की अर्धशतकीय पारी भी नहीं बचा सकी भारत ऑस्ट्रेलिया ने जीत के साथ किया वर्ल्ड कप से बाह

    हरमनप्रीत की अर्धशतकीय पारी भी नहीं बचा सकी भारत ऑस्ट्रेलिया ने जीत के साथ किया वर्ल्ड कप से बाह


    नई दिल्ली।  महिला टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम का अभियान सेमीफाइनल से पहले ही समाप्त हो गया। लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए अहम मुकाबले में छह बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया ने भारत को छह विकेट से हराकर अंतिम चार में पहुंचने की उम्मीदों पर विराम लगा दिया। कप्तान हरमनप्रीत कौर की शानदार अर्धशतकीय पारी भी टीम को जीत नहीं दिला सकी और भारतीय टीम लगातार दूसरी बार टी20 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के हाथों हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई।

    पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवर में चार विकेट पर 170 रन का मजबूत स्कोर बनाया। टीम को आक्रामक शुरुआत शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने दिलाई। शेफाली ने 26 गेंदों में 34 रन बनाए जबकि स्मृति ने 37 गेंदों पर 38 रन की उपयोगी पारी खेली। इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने तेज बल्लेबाजी करते हुए केवल 27 गेंदों में 56 रन बनाए और टीम को चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचाया।

    ऑस्ट्रेलिया की ओर से गेंदबाजी में सोफी मोलिनेक्स सबसे सफल रहीं। उन्होंने चार ओवर में 46 रन देकर दो विकेट हासिल किए और भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की। हालांकि भारतीय बल्लेबाजों ने अंतिम ओवरों में तेजी से रन जोड़कर ऑस्ट्रेलिया के सामने 171 रन का लक्ष्य रखा।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम को भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती चरण में चुनौती दी और रन गति पर भी कुछ समय तक नियंत्रण बनाए रखा। एक समय आवश्यक रन गति लगातार बढ़ती हुई दिखाई दे रही थी और मुकाबला पूरी तरह संतुलित नजर आ रहा था। लेकिन भारतीय टीम दबाव को अंत तक बनाए रखने में सफल नहीं रही। कुछ महत्वपूर्ण मौकों पर खराब गेंदबाजी और फील्डिंग में हुई चूक का फायदा ऑस्ट्रेलिया ने पूरी तरह उठाया।

    ऑस्ट्रेलिया की जीत में एलिस पेरी और एश गार्डनर ने अहम भूमिका निभाई। एलिस पेरी ने 38 गेंदों पर 56 रन की जिम्मेदार पारी खेली जबकि एश गार्डनर ने केवल 29 गेंदों में 53 रन बनाकर मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। फोएबे लिचफील्ड ने भी 24 रन का उपयोगी योगदान देकर टीम को लक्ष्य तक पहुंचाने में मदद की। इन पारियों की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने चार विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और शानदार जीत दर्ज की।

    यह हार भारतीय महिला टीम के लिए इसलिए भी निराशाजनक रही क्योंकि 2024 महिला टी20 विश्व कप में भी ऑस्ट्रेलिया ने ही भारत का सफर समाप्त किया था। इस बार भी बड़े मुकाबले में वही कहानी दोहराई गई। भारतीय टीम ने बल्लेबाजी में अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन गेंदबाजी और फील्डिंग में महत्वपूर्ण क्षणों पर हुई गलतियां भारी पड़ गईं। अब टीम इंडिया को इस हार से सीख लेकर भविष्य के बड़े टूर्नामेंटों की तैयारी पर ध्यान देना होगा ताकि आने वाले वैश्विक मंचों पर बेहतर प्रदर्शन किया जा सके।

  • क्रिकेट के हिटमैन का बड़ा सम्मान: रोहित शर्मा को पद्मश्री, राष्ट्रपति भवन में गूंजीं तालियां

    क्रिकेट के हिटमैन का बड़ा सम्मान: रोहित शर्मा को पद्मश्री, राष्ट्रपति भवन में गूंजीं तालियां


    नई दिल्ली ।भारतीय क्रिकेट के स्वर्णिम अध्यायों में अपना नाम दर्ज करा चुके दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा को देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। मंगलवार को द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोह में उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया। इस सम्मान के साथ रोहित शर्मा उन चुनिंदा भारतीय खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए हैं जिन्होंने खेल जगत में अपने उत्कृष्ट योगदान के दम पर देश का सर्वोच्च सम्मान हासिल किया है।

    रोहित शर्मा का नाम जनवरी 2026 में घोषित पद्म पुरस्कार विजेताओं की सूची में शामिल किया गया था। भारतीय क्रिकेट में उनके उल्लेखनीय योगदान, शानदार बल्लेबाजी, रिकॉर्डतोड़ उपलब्धियों और सफल नेतृत्व क्षमता को देखते हुए उन्हें इस सम्मान के लिए चुना गया। वर्षों से क्रिकेट प्रेमियों के दिलों पर राज करने वाले रोहित ने अपने खेल से न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है।

    राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस विशेष समारोह में कुल 65 विशिष्ट हस्तियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। इनमें 2 पद्म विभूषण, 7 पद्म भूषण और 56 पद्मश्री पुरस्कार शामिल रहे। समारोह में देश के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। रोहित शर्मा के अलावा विजय अमृतराज, अलका याग्निक और ममूटी जैसे कई प्रतिष्ठित कलाकारों को भी सम्मान दिया गया।।

    रोहित शर्मा भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनकी बल्लेबाजी का कोई सानी नहीं माना जाता। वनडे क्रिकेट में तीन दोहरे शतक लगाने वाले वह दुनिया के इकलौते बल्लेबाज हैं। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी और बड़े मैचों में शानदार प्रदर्शन ने उन्हें विश्व क्रिकेट के महान खिलाड़ियों की श्रेणी में पहुंचा दिया है।

    बतौर कप्तान भी रोहित शर्मा ने भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनकी नेतृत्व क्षमता के तहत टीम इंडिया ने कई महत्वपूर्ण श्रृंखलाओं और टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन किया। मैदान पर उनका शांत स्वभाव, रणनीतिक सोच और खिलाड़ियों को प्रेरित करने की क्षमता उन्हें एक सफल कप्तान बनाती है।

    क्रिकेट के मैदान पर हासिल की गई उनकी उपलब्धियां केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं हैं बल्कि उन्होंने करोड़ों युवाओं को प्रेरित करने का काम भी किया है। एक साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर विश्व क्रिकेट के शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल होना उनकी मेहनत, समर्पण और संघर्ष की कहानी को दर्शाता है।

    पद्मश्री सम्मान मिलने के बाद खेल जगत और क्रिकेट प्रशंसकों ने रोहित शर्मा को बधाइयां दीं। सोशल मीडिया पर भी उनके सम्मान को लेकर खुशी की लहर देखने को मिली। यह सम्मान न केवल रोहित शर्मा की व्यक्तिगत उपलब्धि है बल्कि भारतीय क्रिकेट के लिए भी गर्व का क्षण है।

    रोहित शर्मा की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और यह साबित करती है कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और समर्पण से किसी भी ऊंचाई को हासिल किया जा सकता है।

  • IPL में मेगा ट्रेड का महाधमाका: पंत की दिल्ली में वापसी, कुलदीप से मजबूत हुई लखनऊ की गेंदबाजी

    IPL में मेगा ट्रेड का महाधमाका: पंत की दिल्ली में वापसी, कुलदीप से मजबूत हुई लखनऊ की गेंदबाजी


    नई दिल्ली । इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के समापन के साथ ही क्रिकेट जगत में एक ऐसा ट्रेड सामने आया है जिसने प्रशंसकों के बीच जबरदस्त उत्साह पैदा कर दिया है। दिल्ली कैपिटल्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच हुए हाई प्रोफाइल खिलाड़ी विनिमय में भारतीय क्रिकेट के दो बड़े नाम शामिल हैं। विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत एक बार फिर दिल्ली कैपिटल्स की जर्सी में नजर आएंगे जबकि अनुभवी स्पिनर कुलदीप यादव अब लखनऊ सुपर जायंट्स की ओर से मैदान में उतरेंगे। इस सौदे को हाल के वर्षों का सबसे चर्चित और प्रभावशाली ट्रेड माना जा रहा है।

    ऋषभ पंत की दिल्ली कैपिटल्स में वापसी को सही मायनों में घर वापसी कहा जा सकता है। उन्होंने अपने आईपीएल करियर का सबसे महत्वपूर्ण दौर दिल्ली के साथ बिताया था। वर्ष 2016 से 2024 तक पंत दिल्ली कैपिटल्स के लिए सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल रहे। इस दौरान उन्होंने 111 मुकाबले खेलकर फ्रेंचाइजी के इतिहास में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी का रिकॉर्ड बनाया। अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और आक्रामक कप्तानी के दम पर उन्होंने टीम को कई यादगार जीत दिलाईं और दिल्ली को प्लेऑफ तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

    आईपीएल 2025 के मेगा ऑक्शन में लखनऊ सुपर जायंट्स ने ऋषभ पंत को 27 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड कीमत पर खरीदा था। यह आईपीएल इतिहास की सबसे बड़ी बोली में से एक थी। हालांकि लखनऊ के साथ उनका सफर ज्यादा लंबा नहीं चला और केवल दो सीजन बाद ही उन्होंने फिर से अपने पुराने क्रिकेटिंग घर का रुख कर लिया। अब दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें 15 करोड़ रुपये की फीस पर दोबारा अपनी टीम में शामिल कर लिया है। माना जा रहा है कि पंत की वापसी से दिल्ली की बल्लेबाजी को मजबूती मिलने के साथ-साथ नेतृत्व क्षमता भी बढ़ेगी। आने वाले सीजन में वह कप्तानी के बड़े दावेदार भी माने जा रहे हैं।

    दूसरी तरफ कुलदीप यादव के लिए यह बदलाव एक नए अध्याय की शुरुआत है। दिल्ली कैपिटल्स के साथ उनका प्रदर्शन लगातार शानदार रहा। वर्ष 2022 में टीम से जुड़ने के बाद कुलदीप ने पांच सीजन में 65 मुकाबलों में 72 विकेट हासिल किए। अपनी चाइनामैन गेंदबाजी के दम पर उन्होंने कई बार मैच का रुख पलटकर दिल्ली को जीत दिलाई। वह टीम के सबसे भरोसेमंद मैच विनर गेंदबाजों में शामिल रहे।

    अब 13.50 करोड़ रुपये की कीमत पर कुलदीप यादव लखनऊ सुपर जायंट्स का हिस्सा बन गए हैं। लखनऊ को उम्मीद है कि कुलदीप की मौजूदगी टीम की स्पिन गेंदबाजी को नई धार देगी। मध्य ओवरों में विकेट निकालने की उनकी क्षमता विपक्षी टीमों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। फ्रेंचाइजी प्रबंधन का मानना है कि कुलदीप टीम को पहली बार आईपीएल खिताब दिलाने के मिशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

    इस ट्रेड ने दोनों टीमों की रणनीति को नया स्वरूप दिया है। दिल्ली ने जहां एक अनुभवी बल्लेबाज और संभावित कप्तान को वापस हासिल किया है वहीं लखनऊ ने अपनी गेंदबाजी आक्रमण को मजबूत बनाने का बड़ा दांव खेला है। अब क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें अगले आईपीएल सीजन पर टिकी हैं जहां यह देखना दिलचस्प होगा कि ऋषभ पंत अपनी पुरानी टीम के लिए कितना प्रभाव छोड़ते हैं और कुलदीप यादव लखनऊ के लिए कितने बड़े मैच विनर साबित होते हैं।

  • फाइनल में वैभव का कहर, श्रीलंका-ए के खिलाफ इंडिया-ए की तेज शुरुआत

    फाइनल में वैभव का कहर, श्रीलंका-ए के खिलाफ इंडिया-ए की तेज शुरुआत


    नई दिल्ली । दांबुला के रणगिरि इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले जा रहे ट्राई सीरीज फाइनल में आज इंडिया-ए और श्रीलंका-ए की टीमें आमने-सामने हैं। खिताबी मुकाबले में टॉस श्रीलंका-ए ने जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, जिसके बाद इंडिया-ए ने धमाकेदार शुरुआत करते हुए तेजी से रन बटोरने शुरू किए।

    मैच की शुरुआत से ही भारतीय बल्लेबाजों ने आक्रामक रुख अपनाया और शुरुआती ओवरों में ही स्कोरबोर्ड को तेजी से आगे बढ़ाया। सबसे ज्यादा चर्चा में रहे युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी, जिन्होंने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से पूरी पारी का रुख बदल दिया। उन्होंने महज कुछ ही गेंदों में गेंदबाजों पर दबाव बना दिया और चौके-छक्कों की बरसात कर दी।

    वैभव ने बेहद आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए ताबड़तोड़ फिफ्टी पूरी की और श्रीलंकाई गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। उनकी पारी में लंबे-लंबे छक्के और क्लासिक चौके शामिल रहे, जिससे दांबुला का मैदान भारतीय समर्थकों की तालियों से गूंज उठा। हालांकि, अर्धशतक पूरा करने के बाद वह एक बड़े शॉट की कोशिश में आउट हो गए, लेकिन तब तक वह टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा चुके थे।

    उनके आउट होने के बाद भी इंडिया-ए की रन गति पर ज्यादा असर नहीं पड़ा और टीम के अन्य बल्लेबाजों ने भी स्कोर को आगे बढ़ाने की कोशिश जारी रखी। प्रियांश आर्य ने भी उपयोगी पारी खेली, लेकिन वह ज्यादा देर टिक नहीं सके और पवेलियन लौट गए। इसके बावजूद भारत की शुरुआत इतनी मजबूत रही कि टीम बड़े स्कोर की ओर बढ़ती दिखी।

    इससे पहले ट्राई सीरीज में दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला था, जहां दोनों ने एक-एक मैच जीता था। फाइनल से पहले दोनों टीमों का प्रदर्शन लगभग बराबर रहा, जिससे यह खिताबी मुकाबला और भी रोमांचक बन गया है।

    इंडिया-ए की संभावित प्लेइंग इलेवन में तिलक वर्मा, ऋतुराज गायकवाड़ और वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का मिश्रण है, जबकि श्रीलंका-ए की टीम भी संतुलित नजर आ रही है।

    अब देखना दिलचस्प होगा कि इंडिया-ए इस मजबूत शुरुआत को कितने बड़े स्कोर में बदल पाती है और क्या श्रीलंका-ए की टीम वापसी कर पाती है या नहीं। मैच का रोमांच लगातार बढ़ता जा रहा है और फैंस की नजरें हर गेंद पर टिकी हुई हैं।