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  • गॉल टेस्ट में श्रीलंका पर धमाकेदार जीत से भारतीय टीम की डब्ल्यूटीसी स्थिति मजबूत, फाइनल का समीकरण हुआ दिलचस्प

    गॉल टेस्ट में श्रीलंका पर धमाकेदार जीत से भारतीय टीम की डब्ल्यूटीसी स्थिति मजबूत, फाइनल का समीकरण हुआ दिलचस्प

    नई दिल्ली ।गॉल में खेले गए पहले टेस्ट मैच के पांचवें दिन भारतीय क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान श्रीलंका को 165 रनों के भारी अंतर से हरा दिया। इस बड़ी जीत के साथ ही भारत ने दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है। इस मुकाबले में मिली जीत से आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप की अंक तालिका में भारतीय टीम के खाते में महत्वपूर्ण अंक जुड़े हैं और उसकी फाइनल में पहुंचने की संभावनाएं काफी मजबूत हुई हैं।

    मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का भारतीय कप्तान का फैसला पूरी तरह सही साबित हुआ। पहली पारी में देवदत्त पड़िक्कल ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए अपने करियर का पहला टेस्ट शतक जमाया और 167 रनों की यादगार पारी खेली। भारत की पहली पारी 462 रनों पर समाप्त हुई, जिसके जवाब में श्रीलंकाई टीम अपनी पहली पारी में 284 रन ही बना सकी। इससे भारतीय टीम को पहली पारी के आधार पर 178 रनों की मजबूत बढ़त हासिल हुई।

    दूसरी पारी में भारतीय बल्लेबाजों ने तेज गति से रन बनाते हुए श्रीलंका के सामने जीत के लिए 372 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा। दूसरी पारी के दौरान विकेटकीपर बल्लेबाज ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए एक बड़ा कीर्तिमान भी अपने नाम किया। जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी मेजबान टीम भारतीय गेंदबाजों के सटीक आक्रमण के सामने टिक नहीं सकी और पूरी टीम सस्ते में सिमट गई।

    भारत की इस जीत में गेंदबाजों का योगदान बेहद सराहनीय रहा। युवा स्पिनर मानव सुथार ने मैच में घातक गेंदबाजी करते हुए पहली पारी में चार और दूसरी पारी में छह विकेट झटके। पूरे मैच में कुल दस विकेट लेकर उन्होंने श्रीलंकाई टीम को मुकाबले में वापसी का कोई अवसर नहीं दिया। उनके इस शानदार प्रदर्शन ने भारत की जीत की राह आसान कर दी।

    वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप 2025-27 की ताजा रैंकिंग के अनुसार भारतीय टीम अब 10 मैचों में 5 जीत, 4 हार और 1 ड्रॉ के साथ 64 अंक अर्जित कर 53.33 प्रतिशत पीसीटी के साथ पांचवें स्थान पर बनी हुई है। वहीं भारत से करारी हार झेलने के बाद श्रीलंकाई टीम तालिका में खिसक कर छठे पायदान पर आ गई है। वर्तमान तालिका में ऑस्ट्रेलिया शीर्ष स्थान पर बना हुआ है, जबकि दक्षिण अफ्रीका दूसरे और न्यूजीलैंड तीसरे स्थान पर मौजूद हैं।

    सीरीज का दूसरा और अंतिम टेस्ट मैच 23 अगस्त से कोलंबो के ऐतिहासिक मैदान पर खेला जाएगा। इस सीरीज के समाप्त होने के बाद भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेलनी है। मध्य प्रदेश सहित पूरे देश के क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि भारतीय टीम आगामी मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन बरकरार रखकर फाइनल में अपनी जगह कैसे पक्की करती है।

  • जापान में आयोजित एशियन गेम्स में दिखेगा युवा खिलाड़ियों का जलवा, वैभव सूर्यवंशी और यू जिडी पर टिकी नजरें

    जापान में आयोजित एशियन गेम्स में दिखेगा युवा खिलाड़ियों का जलवा, वैभव सूर्यवंशी और यू जिडी पर टिकी नजरें


    नई दिल्ली ।
    जापान के आइची नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले 20वें एशियन गेम्स में दुनिया भर के युवा खिलाड़ियों का जलवा देखने को मिलेगा। इस बहुखेल प्रतियोगिता में लगभग 15 हजार खिलाड़ी और अधिकारी भाग लेंगे। इस बार प्रतियोगिता में कई बेहद कम उम्र के प्रतिभावान खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने उतर रहे हैं, जिनमें भारत के उभरते क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी और चीन की युवा स्विमिंग स्टार यू जिडी प्रमुख रूप से शामिल हैं।

    भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक की प्रबल दावेदार मानी जा रही है। भारत अपने पिछले खिताब की रक्षा करने के इरादे से मैदान में उतरेगा। भारत की टीम में 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे, जिन्होंने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखते हुए अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से ध्यान खींचा है। एशियाई खेलों में क्रिकेट के सभी मुकाबले जापान में विशेष रूप से तैयार किए गए नए क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे।

    चीन की तैराक यू जिडी प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ियों में से एक होंगी। महज 13 वर्ष की आयु में अंतरराष्ट्रीय पहचान बना चुकीं यू जिडी ने पिछले वर्ष महिलाओं की 200 मीटर इंडिविजुअल मेडले स्पर्धा में नया एशियाई रिकॉर्ड स्थापित किया था। नागोया खेलों में वह चीन की मजबूत स्विमिंग टीम की ओर से मुख्य दावेदार के रूप में हिस्सा लेंगी। चीन इस बार भी पदक तालिका में शीर्ष पर रहने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगा।

    टेनिस स्पर्धा में फिलीपींस की 21 वर्षीय खिलाड़ी एलेक्जेंड्रा ईला भी एक बड़े नाम के रूप में चुनौती पेश करेंगी। हाल ही में वाशिंगटन ओपन जीतकर इतिहास रचने वाली ईला के शानदार प्रदर्शन से फिलीपींस में इस खेल के प्रति युवाओं का आकर्षण तेजी से बढ़ा है। उनके भाग लेने से एशियन गेम्स के टेनिस मुकाबलों में कड़ा मुकाबला देखने को मिलने की संभावना जताई जा रही है।

    आयोजकों ने खिलाड़ियों और अधिकारियों के ठहरने के लिए अनोखी व्यवस्था की है। लगभग 4,000 से 5,000 खिलाड़ियों को एक क्रूज शिप में ठहराया जाएगा, जिसमें स्विमिंग पूल, रेस्तरां और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा नागोया के गार्डन पियर क्षेत्र में विशेष रूप से तैयार किए गए लकड़ी के अस्थायी कंटेनर घरों में भी लगभग 2,000 खिलाड़ियों के रहने का प्रबंध किया गया है। तैराकी और घुड़सवारी जैसे कुछ विशेष मुकाबले टोक्यो में आयोजित किए जाएंगे।

    इस बार प्रतियोगिता में एथलेटिक्स, स्विमिंग, फुटबॉल और कबड्डी के साथ-साथ मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स, पैडल, टेकबॉल और वर्चुअल ताइक्वांडो जैसे नए खेलों को शामिल किया गया है। साथ ही ई-स्पोर्ट्स की भी वापसी हो रही है। मध्य प्रदेश सहित देश भर के खेल प्रेमी इन ऐतिहासिक खेलों में भारतीय दल और विशेषकर युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर अपनी नजरें जमाए हुए हैं।

  • सेंट्रल दिल्ली किंग्स ने फिर दिखाया दम ईस्ट दिल्ली राइडर्स को 30 रन से हराकर अंकतालिका में मजबूत की बादशाहत

    सेंट्रल दिल्ली किंग्स ने फिर दिखाया दम ईस्ट दिल्ली राइडर्स को 30 रन से हराकर अंकतालिका में मजबूत की बादशाहत


    नई दिल्ली। दिल्ली प्रीमियर लीग 2026 में सेंट्रल दिल्ली किंग्स का शानदार अभियान लगातार जारी है। मंगलवार को अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में किंग्स ने ईस्ट दिल्ली राइडर्स को 30 रन से शिकस्त देकर टूर्नामेंट में अपनी आठवीं जीत दर्ज की। इस जीत के साथ सेंट्रल दिल्ली किंग्स ने अंकतालिका में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। टीम ने अब तक खेले 9 मुकाबलों में 8 जीत हासिल की हैं और वह शीर्ष स्थान पर मजबूती से बनी हुई है। दूसरी ओर ईस्ट दिल्ली राइडर्स के लिए यह मुकाबला बेहद निराशाजनक रहा। सीजन में छठी हार के साथ उसकी खिताबी दौड़ खत्म हो गई है।

    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी सेंट्रल दिल्ली किंग्स की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने पहले ही ओवर में अपने दोनों सलामी बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए। मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुईं और महज 14 रन के स्कोर तक किंग्स ने अपना तीसरा विकेट भी खो दिया। शुरुआती झटकों के बाद केशव डबास और जोंटी सिद्धू ने पारी को संभालने की कोशिश की। दोनों बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए 44 गेंदों में 54 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की और टीम को संकट से बाहर निकालने का प्रयास किया।

    केशव डबास 18 रन बनाकर आउट हुए जबकि जोंटी सिद्धू ने 28 गेंदों में 41 रन की उपयोगी पारी खेली। दोनों के जाने के बाद एक बार फिर किंग्स की पारी लड़खड़ाती नजर आई। हालांकि आदित्य भंडारी ने जिम्मेदारी संभाली और मनी ग्रेवाल के साथ 38 रन की साझेदारी की। इसके बाद उन्होंने वंश बेदी के साथ भी 32 रन जोड़कर टीम को चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचाया। मनी ग्रेवाल ने 11 रन जबकि वंश बेदी ने 27 रन बनाए। सेंट्रल दिल्ली किंग्स की पूरी टीम 19.5 ओवर में 179 रन पर सिमट गई।

    ईस्ट दिल्ली राइडर्स की ओर से कप्तान सिमरजीत सिंह और रोहित यादव ने गेंदबाजी में शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन तीन विकेट हासिल किए। आशीष मीणा रौनक वाघले और मयंक रावत को एक एक विकेट मिला। 180 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ईस्ट दिल्ली राइडर्स की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही। पारी की पांचवीं गेंद पर वंश मेहरा केवल एक रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद सुजल सिंह और अर्पिण राणा ने पारी को संभालने की कोशिश की। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 23 गेंदों में 30 रन जोड़े। सुजल 11 गेंदों में 12 रन बनाकर आउट हुए और अगली ही गेंद पर अरुण पुंडीर ने उदय चावला को बिना खाता खोले पवेलियन भेज दिया।

    सिर्फ 32 रन के स्कोर तक ईस्ट दिल्ली राइडर्स अपने तीन विकेट गंवा चुकी थी। यहां से अर्पिण राणा ने पारी को संभाला और मयंक रावत तथा सूर्यांश रैना के साथ उपयोगी साझेदारियां कीं। अर्पिण ने 26 गेंदों में तीन चौकों की मदद से 25 रन बनाए। इसके बाद अंकित कुमार ने मोर्चा संभालते हुए सूर्यांश रैना के साथ छठे विकेट के लिए 23 रन और रौनक वाघले के साथ सातवें विकेट के लिए 20 रन की साझेदारी की। सूर्यांश रैना ने 38 रन का योगदान दिया लेकिन उनकी कोशिशें टीम को जीत तक नहीं पहुंचा सकीं।

    ईस्ट दिल्ली राइडर्स निर्धारित 20 ओवर में सात विकेट खोकर 149 रन ही बना सकी और उसे 30 रन से हार का सामना करना पड़ा। सेंट्रल दिल्ली किंग्स की ओर से गवनीश खुराना ने तीन विकेट लेकर शानदार गेंदबाजी की जबकि अरुण पुंडीर ने दो विकेट हासिल किए। इस जीत के साथ किंग्स ने जहां अंकतालिका में अपनी पकड़ मजबूत की वहीं ईस्ट दिल्ली राइडर्स की खिताबी उम्मीदों पर भी विराम लग गया। वहीं न्यू दिल्ली टाइगर्स भी अंतिम चार की दौड़ से बाहर हो गई है। अब टूर्नामेंट के अगले मुकाबलों में प्लेऑफ की तस्वीर और साफ होती जाएगी।

  • ऑस्ट्रेलियाई टीम में फेरबदल की मांग, बांग्लादेश के हाथों 9 विकेट की करारी शिकस्त के बाद दिग्गजों का फूटा गुस्सा

    ऑस्ट्रेलियाई टीम में फेरबदल की मांग, बांग्लादेश के हाथों 9 विकेट की करारी शिकस्त के बाद दिग्गजों का फूटा गुस्सा


    नई दिल्ली ।
    डार्विन के मैदान पर खेले गए पहले टेस्ट मुकाबले में बांग्लादेश ने बड़ा उलटफेर करते हुए मेजबान ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट से पराजित कर दिया है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही बांग्लादेश ने टेस्ट श्रृंखला का आगाज धमाकेदार अंदाज में किया है। खेल के हर विभाग में ऑस्ट्रेलियाई टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा, जिसके बाद पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों का गुस्सा भड़क उठा है। पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग, मार्क वॉ और मैथ्यू हेडन ने ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के प्रदर्शन की आलोचना करते हुए टीम प्रबंधन पर सवाल खड़े किए हैं।

    ऑस्ट्रेलिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज मार्क वॉ ने इस हार को ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा उलटफेर करार दिया है। उन्होंने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने अपने पूरे करियर में इतना बड़ा उलटफेर नहीं देखा। वॉ ने रेखांकित किया कि बांग्लादेश की टीम अपने दो प्रमुख तेज गेंदबाजों के बिना मैदान पर उतरी थी, इसके बावजूद उसने ऑस्ट्रेलिया की पूरी तरह से मजबूत टीम को पछाड़ दिया। उनके अनुसार, यह पराजय गाबा में वेस्टइंडीज के हाथों मिली हार से भी अधिक चौंकाने वाली है।

    दूसरी ओर पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने इस हार को बेहद शर्मनाक बताते हुए टीम में बड़े बदलावों की वकालत की है। पोंटिंग का मानना है कि अब समय आ गया है जब ऑस्ट्रेलियाई टीम को भविष्य को ध्यान में रखकर फैसले लेने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया कि टीम को तुरंत नए सलामी बल्लेबाज और नंबर 3 के स्थान पर बदलाव करने की आवश्यकता है। पहले व्यापक बदलावों के पक्ष में न रहने वाले पोंटिंग ने स्वीकार किया कि इस करारी हार ने पूरी स्थिति बदल दी है।

    इसी बीच पूर्व दिग्गज मैथ्यू हेडन ने भी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी क्रम की नाकामी पर चिंता जताई और सलाह दी कि ट्रेविस हेड को पुनः नंबर 5 के स्थान पर भेजा जाना चाहिए। मैच के बाद ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने भी बांग्लादेशी टीम के बेहतर प्रदर्शन की सराहना की और अपनी टीम की नाकामियों को स्वीकार किया। मध्य प्रदेश सहित दुनिया भर के क्रिकेट विशेषज्ञों की नजरें अब आगामी मुकाबले पर टिकी हैं।

    श्रृंखला के दूसरे टेस्ट मैच से पहले ऑस्ट्रेलियाई टीम पर मानसिक दबाव साफ दिखाई दे रहा है। पूर्व दिग्गजों के कड़े रुख और मीडिया में हो रही आलोचनाओं के बाद आगामी मैच के लिए ऑस्ट्रेलियाई प्लेइंग-11 में बड़े बदलाव होना लगभग तय माना जा रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रबंधन इन दिग्गजों के सुझावों पर किस तरह अमल करता है।

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    बांग्लादेश से हार के बाद ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में भूचाल, दिग्गजों ने उठाई टीम में बड़े बदलावों की मांग

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  • सुनील गावस्कर ने भारतीय क्रिकेट खिलाड़ियों की फिटनेस और ट्रेनिंग पर उठाए सवाल, हैमस्ट्रिंग की चोटों पर जताई चिंता

    सुनील गावस्कर ने भारतीय क्रिकेट खिलाड़ियों की फिटनेस और ट्रेनिंग पर उठाए सवाल, हैमस्ट्रिंग की चोटों पर जताई चिंता

    नई दिल्ली ।भारतीय क्रिकेट टीम में खिलाड़ियों की लगातार चोटों ने फिटनेस और प्रशिक्षण के मौजूदा तरीकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पंड्या, वॉशिंगटन सुंदर, साई सुदर्शन, नीतीश कुमार रेड्डी और हर्षित राणा जैसे कई प्रमुख खिलाड़ी अलग-अलग स्वास्थ्य समस्याओं के कारण टीम से बाहर चल रहे हैं। इस बीच पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का बचाव करते हुए खिलाड़ियों की मूल ट्रेनिंग प्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

    सुनील गावस्कर का मानना है कि भारतीय खिलाड़ियों में बार-बार सामने आ रही हैमस्ट्रिंग की समस्या को सामान्य मानकर खारिज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि इसके पीछे के मूल कारणों को समझने के लिए खिलाड़ियों के नियमित प्रशिक्षण और वर्कलोड मैनेजमेंट की गहराई से समीक्षा की जानी बेहद जरूरी है। अधिकतर खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम के लिए खेलते समय चोटिल होते हैं, लेकिन बाद में दोष बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के फिजियो और मेडिकल स्टाफ पर मढ़ दिया जाता है।

    आधुनिक क्रिकेट में अपनाए जा रहे वर्कलोड मैनेजमेंट पर टिप्पणी करते हुए पूर्व कप्तान ने कहा कि अभ्यास सत्र के दौरान गेंदबाजों पर लगाई जाने वाली गेंदें फेंकने की सीमा हमेशा लाभदायक नहीं होती। उन्होंने उदाहरण देते हुए स्पष्ट किया कि जब एक टी20 मुकाबले में गेंदबाज को कम से कम चार ओवर यानी 24 गेंदें फेंकनी होती हैं, तो अभ्यास में उसे 20 से कम गेंदें फेंकने तक सीमित रखना व्यावहारिक नहीं है। इससे खिलाड़ी मैदान की वास्तविक परिस्थितियों के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हो पाते।

    फिटनेस के तय पैमानों पर बात करते हुए गावस्कर ने स्पष्ट किया कि केवल जिम में पसीना बहाकर हासिल की गई शारीरिक क्षमता पर्याप्त नहीं है। मैदान की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप शरीर को ढालना और मैच फिट होना अधिक आवश्यक है। बार-बार लगने वाली चोटों से टीम का संतुलन भी प्रभावित होता है, जिस पर कप्तान शुभमन गिल भी पूर्व में चिंता जाहिर कर चुके हैं। मध्य प्रदेश सहित देश भर के क्रिकेट प्रशंसकों और विशेषज्ञों के बीच अब इस विषय पर गंभीर बहस छिड़ गई है।

    आगामी बड़े टूर्नामेंटों और विश्व कप जैसी प्रतियोगिताओं को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ियों का लगातार स्वस्थ और उपलब्ध रहना बेहद आवश्यक माना जा रहा है। यदि वर्कलोड और ट्रेनिंग के तरीकों में समय रहते सुधार नहीं किया गया तो इसका असर टीम के समग्र प्रदर्शन पर पड़ सकता है। फिलहाल बीसीसीआई और प्रबंधन द्वारा इस दिशा में उठाए जाने वाले आगामी कदमों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

  • अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों की सूची में स्टीव स्मिथ चौथे पायदान पर पहुंचे।

    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों की सूची में स्टीव स्मिथ चौथे पायदान पर पहुंचे।


    नई दिल्ली ।
    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के मंच पर ऑस्ट्रेलियाई टीम के अनुभवी बल्लेबाज स्टीव स्मिथ ने एक नया और महत्वपूर्ण कीर्तिमान अपने नाम दर्ज कर लिया है। बांग्लादेश के खिलाफ खेले जा रहे टेस्ट मैच की पहली पारी में संकट के समय संयमित और उपयोगी अर्धशतकीय पारी खेलते हुए उन्होंने पूर्व महान कप्तान एलन बॉर्डर के रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। इस शानदार प्रदर्शन के साथ ही वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी टीम के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं।

    इस मुकाबले में जब ऑस्ट्रेलियाई टीम का ऊपरी क्रम लगातार ताश के पत्तों की तरह बिखर रहा था, तब स्टीव स्मिथ ने एक छोर संभालकर धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी का परिचय दिया। मुश्किल परिस्थितियों में खेलते हुए उन्होंने टीम के स्कोर को सम्मानजनक स्थिति में पहुंचाने का हरसंभव प्रयास किया। अपनी इस जुझारू पारी के दौरान उन्होंने मैदान के चारों तरफ आकर्षक शॉट लगाए और टीम के अन्य बल्लेबाजों के विफल रहने के बावजूद अपनी उपयोगिता साबित की।

    स्टीव स्मिथ ने अब अपने करियर में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 17 हजार सात सौ से अधिक रन बना लिए हैं। इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने तीन सौ साठ मैचों की चार सौ तीस पारियों का सामना किया है। उनके खाते में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुल 49 शतक और 85 अर्धशतक दर्ज हो चुके हैं। इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि वह आधुनिक युग के सबसे निरन्तर और विश्वसनीय खिलाड़ियों में से एक हैं।

    पूर्व कप्तान एलन बॉर्डर ने अपने करियर के दौरान चार सौ उनतीस अंतरराष्ट्रीय मैचों में कुल 17698 रन बनाए थे। बॉर्डर के इस ऐतिहासिक आंकड़े को पार करके स्टीव स्मिथ ने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के स्वर्णिम इतिहास में अपना नाम और अधिक मजबूती से दर्ज करवा लिया है। क्रिकेट समीक्षकों का मानना है कि स्मिथ का यह मुकाम उनकी कड़ी मेहनत और तकनीकी श्रेष्ठता का ही प्रतिफल है।

    ऑस्ट्रेलिया के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों की सूची में पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग शीर्ष स्थान पर काबिज हैं। पोंटिंग ने अपने करियर में 27 हजार तीन सौ चौंसठ रन बनाए हैं, जिनमें 70 शतक शामिल हैं। इस सूची में दूसरे स्थान पर पूर्व सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर हैं और तीसरे स्थान पर पूर्व दिग्गज कप्तान स्टीव वॉ मौजूद हैं।

    विश्व स्तर पर दर्ज हुई इस नई उपलब्धि का प्रभाव न केवल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में देखा जा रहा है, बल्कि भारत के खेल प्रेमियों में भी इसको लेकर गहरा उत्साह है। मध्य प्रदेश सहित देश भर के युवा खिलाड़ियों और क्रिकेट प्रेमियों के बीच स्टीव स्मिथ की इस तकनीकी पारी और रिकॉर्ड की व्यापक चर्चा हो रही है। मध्य प्रदेश के खेल अकादमियों में अभ्यास कर रहे नवोदित खिलाड़ी उनकी बल्लेबाजी शैली और मुश्किल समय में टिके रहने की क्षमता से प्रेरणा ले रहे हैं।

    बल्लेबाजी के क्षेत्र में लगातार नए रिकॉर्ड स्थापित करने वाले स्टीव स्मिथ का यह प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब उनकी टीम को उनकी सबसे ज्यादा जरूरत थी। क्रिकेट विशेषज्ञों के अनुसार जिस तरह से स्मिथ कठिन परिस्थितियों में भी शांत रहकर रन बनाते हैं, वह उनकी मानसिक मजबूती को दर्शाता है। खेल के सबसे लंबे प्रारूप में उनका यह अनुभव आने वाले मुकाबलों में भी टीम के लिए बेहद निर्णायक साबित होगा।

    स्टीव स्मिथ अब 50 अंतरराष्ट्रीय शतकों के बेहद करीब पहुंच चुके हैं और आगामी मैचों में उनकी नजरें इस खास आंकड़े को हासिल करने पर होंगी। हालांकि उनकी वर्तमान उम्र को देखते हुए रिकी पोंटिंग के कुल रनों के रिकॉर्ड तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है, लेकिन चौथे स्थान पर पहुंचना ही अपने आप में एक अभूतपूर्व उपलब्धि है जिसने उनके करियर में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।

  • टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में 29 साल से कायम है श्रीलंका का 952 रनों का ऐतिहासिक और अटूट ऑल-टाइम रिकॉर्ड।

    टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में 29 साल से कायम है श्रीलंका का 952 रनों का ऐतिहासिक और अटूट ऑल-टाइम रिकॉर्ड।

    नई दिल्ली ।टी20 क्रिकेट के आधुनिक दौर में बल्लेबाजी के तौर-तरीकों और रन बनाने की गति में व्यापक परिवर्तन आया है। पावर हिटिंग, उन्नत फिटनेस और नई रणनीतियों के कारण खेल का स्वरूप काफी आक्रामक हो चुका है। इसके बावजूद टेस्ट क्रिकेट के लंबे इतिहास में एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज है, जिसे लगभग तीन दशकों के बीत जाने के बाद भी कोई देश पार नहीं कर सका है। वर्ष 1997 में श्रीलंका की राष्ट्रीय टीम द्वारा भारत के विरुद्ध कोलंबो में बनाया गया 952 रनों का ऐतिहासिक स्कोर आज भी सर्वोच्च बना हुआ है।

    कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में आयोजित उस ऐतिहासिक टेस्ट मुकाबले में भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 537 रनों का विशाल स्कोर बनाकर पारी घोषित की थी। भारत की ओर से कप्तान सचिन तेंदुलकर, मोहम्मद अजहरुद्दीन और नवजोत सिंह सिद्धू ने शानदार शतकीय पारियां खेली थीं। उस दौर में 500 से अधिक रनों का स्कोर मैच में बेहद मजबूत स्थिति माना जाता था, किंतु इसके जवाब में उतरी श्रीलंकाई टीम ने ऐसी बल्लेबाजी की जिसने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास के पन्नों को पूरी तरह से बदलकर रख दिया।

    श्रीलंका की पहली पारी में सलामी बल्लेबाज सनत जयसूर्या ने 340 रनों की मैराथन पारी खेली, जबकि रोशन महानामा ने 225 रनों का योगदान दिया। इन दोनों दिग्गजों ने दूसरे विकेट के लिए 576 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी निभाई, जो आज भी टेस्ट इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी मानी जाती है। इसके अतिरिक्त मध्यक्रम के प्रमुख बल्लेबाज अरविंद डी सिल्वा ने भी 126 रन बनाए। श्रीलंकाई टीम ने 271 ओवरों की लंबी बल्लेबाजी के बाद 6 विकेट पर 952 रन बनाकर अपनी पारी घोषित की थी।

    क्रिकेट आंकड़ों के दृष्टिकोण से श्रीलंका का यह स्कोर टेस्ट इतिहास का सबसे बड़ा टीम स्कोर है। इस सूची में इंग्लैंड द्वारा बनाया गया 903/7 का स्कोर दूसरे स्थान पर आता है, जबकि हाल के वर्षों में इंग्लैंड ने पाकिस्तान के खिलाफ 823/7 का स्कोर बनाकर इस आंकड़े के समीप पहुंचने का प्रयास अवश्य किया था। हालांकि 952 रनों की यह ऐतिहासिक उपलब्धि पिछले 29 वर्षों से एवरेस्ट की भांति अडिग खड़ी है।

    वर्तमान टी20 युग में यह प्रश्न बार-बार उठता है कि क्या आधुनिक टेस्ट क्रिकेट में कोई टीम 1000 रनों के तिलिस्म को तोड़ सकती है। खेल विशेषज्ञों के अनुसार, 1000 रन के आंकड़े को छूने के लिए केवल तेज गति से रन बनाना ही पर्याप्त नहीं है। इसके लिए अत्यंत सपाट पिच, दो से तीन बड़ी और लंबी साझेदारियों तथा विपक्षी गेंदबाजों के पूरी तरह प्रभावहीन रहने की आवश्यकता होगी। इसके साथ ही टीम के कप्तान को व्यक्तिगत या टीम रिकॉर्ड तथा मैच के परिणाम के बीच संतुलन बनाना होगा। मध्य प्रदेश सहित देश भर के खेल प्रेमी इस रिकॉर्ड के महत्व को भली-भांति समझते हैं।

    अधिकांश अवसरों पर टेस्ट मैच जीतने के लिए कप्तानों को समय रहते पारी घोषित करनी पड़ती है, ताकि विपक्षी टीम के 20 विकेट निकाले जा सकें। ऐसे में केवल रिकॉर्ड बनाने के उद्देश्य से बल्लेबाजी जारी रखना मैच के नतीजे को जोखिम में डाल सकता है। श्रीलंका ने 1997 में यह दर्शाया था कि टेस्ट क्रिकेट में धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी की क्या सीमाएं हो सकती हैं। आज के आक्रामक दौर में भी 952 रनों की यह क्रिकेटीय दीवार पूरी मजबूती से खड़ी है।

  • भारत और श्रीलंका के बीच पहले टेस्ट मैच से पूर्व गॉल की पिच और मौसम को लेकर रणनीतिक खींचतान तेज।

    भारत और श्रीलंका के बीच पहले टेस्ट मैच से पूर्व गॉल की पिच और मौसम को लेकर रणनीतिक खींचतान तेज।

    नई दिल्ली ।भारत और श्रीलंका के बीच 15 अगस्त से शुरू होने वाले पहले टेस्ट मैच से पूर्व गॉल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में पिच के मिजाज को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मुकाबले से दो दिन पहले तक भारतीय टीम प्रबंधन के सामने यह तस्वीर पूरी तरह से साफ नहीं हो सकी है कि मैदान पर तीन तेज गेंदबाजों के कॉम्बिनेशन के साथ उतरा जाए या फिर स्पिन आक्रमण पर ज्यादा भरोसा जताया जाए। इसी असमंजस के बीच भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर और बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने अभ्यास सत्र के दौरान स्वयं 22 गज की पट्टी का विस्तृत जायजा लिया।

    श्रीलंकाई टीम के बंद दरवाजों के पीछे चल रहे अभ्यास सत्र के दौरान दोनों भारतीय कोच मैदान पर पहुंचे, जहां ग्राउंड स्टाफ ने उनके लिए विशेष रूप से मुख्य कवर हटाए। गंभीर और कोटक ने विकेट की नमी, कठोरता और सतह की स्थिति का गहराई से निरीक्षण किया। हालांकि दोनों अधिकारियों के वहां से लौटते ही ग्राउंड स्टाफ ने पिच को दोबारा ढक दिया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य उस पिच की व्यवहारिक प्रकृति को समझना था जिस पर दो मैचों की श्रृंखला का पहला मुकाबला आयोजित होना है।

    भारतीय कोचों के जाने के लगभग दो घंटे पश्चात मैदान पर पिच से मुख्य कवर पूरी तरह हटा दिए गए और घास काटने वाली मशीन उतारी गई। ग्राउंड स्टाफ द्वारा पिच पर कई बार मशीन चलाने के बाद सॉफ्ट रोलर का इस्तेमाल किया गया और सतह को कुछ समय के लिए धूप में खुला छोड़ दिया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में पिच पर पानी देने की मात्रा और रोलर के उपयोग से ही गॉल की इस पारंपरिक पिच का अंतिम मिजाज निर्धारित हो सकेगा।

    गॉल के मैदान को ऐतिहासिक रूप से स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार माना जाता रहा है, किंतु भारतीय टीम प्रबंधन केवल पुराने आंकड़ों के आधार पर अपनी अंतिम एकादश का चयन करने से बच रहा है। यदि टेस्ट मैच के शुरुआती दिन पिच पर नमी और तेजी बनी रहती है तो भारतीय टीम तीन प्रमुख तेज गेंदबाजों को प्लेइंग इलेवन में अवसर दे सकती है। इस स्थिति में मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बरार की तिकड़ी को नई गेंद की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।

    यदि परिस्थितियों को देखते हुए अतिरिक्त स्पिनर को खिलाने का निर्णय लिया जाता है तो कुलदीप यादव की दावेदारी सर्वाधिक मजबूत नजर आ रही है। कप्तान शुभमन गिल को सपाट पिचों पर भी विकेट निकालने वाले गेंदबाज की आवश्यकता होगी, जिसमें कुलदीप कारगर सिद्ध हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त रवींद्र जडेजा अपनी ऑलराउंड क्षमता से टीम को संतुलन प्रदान करेंगे। मध्य प्रदेश और देश भर के क्रिकेट प्रशंसक भी इस महत्वपूर्ण टेस्ट सीरीज के आगाज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

    गॉल में मौसम की स्थिति भी मुकाबला की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पिछले कुछ दिनों में क्षेत्र में अचानक तेज बारिश दर्ज की गई है, हालांकि हाल के समय में धूप खिलने से मैदान सूखा है। मैच के दौरान बादलों की मौजूदगी और हवा में नमी रहने पर तेज गेंदबाजों को मदद मिलने की संभावना है, जबकि तेज धूप की स्थिति में पिच जल्दी टूट सकती है और स्पिनरों का प्रभाव बढ़ सकता है। भारतीय टीम अभ्यास सत्र के माध्यम से अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे रही है।

  • भारतीय क्रिकेटर रोहित शर्मा के भविष्य पर संशय एंटरटेनमेंट डेब्यू की चर्चाओं के बीच संन्यास की खबरें तेज

    भारतीय क्रिकेटर रोहित शर्मा के भविष्य पर संशय एंटरटेनमेंट डेब्यू की चर्चाओं के बीच संन्यास की खबरें तेज


    नई दिल्ली ।
    भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज और पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के अंतरराष्ट्रीय करियर को लेकर खेल जगत में एक बार फिर अटकलों का दौर शुरू हो गया है। आगामी एकदिवसीय विश्व कप से पूर्व उनके भविष्य को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं।

    हालिया रिपोर्टों के अनुसार रोहित शर्मा के एक मनोरंजन कार्यक्रम से जुड़ने की खबरों के बाद उनके खेल करियर को लेकर संशय गहरा गया है। मीडिया में यह दावा किया जा रहा है कि गैर-क्रिकेट गतिविधियों में व्यस्तता के कारण वे आगामी दौरों से दूरी बना सकते हैं।

    हालांकि इस प्रकार की अटकलें पहले भी सामने आ चुकी हैं जिन्हें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अधिकारियों द्वारा खारिज किया जा चुका है। इंग्लैंड के खिलाफ हालिया श्रृंखला में शानदार प्रदर्शन कर उन्होंने अपने फॉर्म और प्रतिबद्धता का प्रमाण भी प्रस्तुत किया था।

    विश्व कप 2027 में खेलने की इच्छा जता चुके रोहित शर्मा को लेकर क्रिकेट विशेषज्ञों की अलग-अलग राय है। मध्य प्रदेश सहित देश भर के क्रिकेट प्रशंसकों के बीच उनके इस संभावित कदम को लेकर उत्सुकता और चिंता दोनों देखी जा रही है।

    आगामी घरेलू एकदिवसीय श्रृंखलाओं को देखते हुए उनके चयन और भविष्य की योजनाओं पर चयनकर्ताओं की नजरें टिकी हुई हैं। आधिकारिक तौर पर अभी तक न तो बोर्ड और न ही खिलाड़ी की ओर से किसी प्रकार के संन्यास की घोषणा की गई है।

    खेल विश्लेषकों का मानना है कि व्यस्त कार्यक्रम और एक ही प्रारूप में खेलने की चुनौतियों के बावजूद रोहित शर्मा के अनुभव की टीम को आवश्यकता बनी हुई है। आने वाले दिनों में ही स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट होने की उम्मीद है।

  • मोहम्मद शमी की टीम इंडिया में वापसी पर जहीर खान ने दिया बड़ा संकेत, 2027 वर्ल्ड कप को लेकर चयनकर्ताओं को समझाया नजरिया

    मोहम्मद शमी की टीम इंडिया में वापसी पर जहीर खान ने दिया बड़ा संकेत, 2027 वर्ल्ड कप को लेकर चयनकर्ताओं को समझाया नजरिया

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को राष्ट्रीय टीम की योजनाओं से बाहर रखे जाने को लेकर चर्चा लगातार बनी हुई है। घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन करने के बावजूद टीम में जगह नहीं मिलने के बीच पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज जहीर खान ने शमी के समर्थन में अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि भारत को 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों में शमी जैसे अनुभवी गेंदबाज के अनुभव का इस्तेमाल करना चाहिए।

    जहीर खान का मानना है कि शमी को बाहरी चर्चाओं और टीम में चयन से जुड़ी परिस्थितियों पर अधिक ध्यान देने के बजाय अपने प्रदर्शन पर फोकस बनाए रखना चाहिए। उनके अनुसार, किसी खिलाड़ी के नियंत्रण में सबसे महत्वपूर्ण चीज उसका प्रदर्शन होता है। इसलिए शमी को लगातार मैच खेलकर विकेट हासिल करने पर ध्यान देना चाहिए।

    जहीर ने कहा कि अगर शमी नियमित रूप से क्रिकेट खेल रहे हैं और अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, तो वह 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए उपलब्ध विकल्प हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि घरेलू क्रिकेट में मजबूत प्रदर्शन करने वाले अनुभवी खिलाड़ी को राष्ट्रीय टीम की भविष्य की योजनाओं में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

    मोहम्मद शमी भारतीय क्रिकेट में लंबे समय से अपनी तेज गेंदबाजी और नई गेंद से विकेट लेने की क्षमता के लिए पहचाने जाते रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके अनुभव को देखते हुए आगामी बड़े टूर्नामेंट के लिए उनकी संभावित भूमिका को लेकर चर्चा स्वाभाविक है। जहीर खान के बयान ने इसी बहस को और प्रमुखता दी है।

    जहीर के मुताबिक, यदि कोई अनुभवी खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, तो चयनकर्ताओं को उसके प्रदर्शन पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि टीम प्रबंधन को भविष्य की योजनाएं बनाते समय ऐसे खिलाड़ियों के अनुभव को ध्यान में रखना उपयोगी हो सकता है।

    2027 का वनडे वर्ल्ड कप दक्षिण अफ्रीका में आयोजित होना है। इस टूर्नामेंट को ध्यान में रखते हुए भारतीय टीम के पास अपनी गेंदबाजी इकाई तैयार करने के लिए पर्याप्त समय है। ऐसे में चयनकर्ताओं के सामने अनुभवी खिलाड़ियों और युवा प्रतिभाओं के बीच सही संतुलन बनाने की चुनौती भी रहेगी।

    जहीर ने शमी को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें उन चीजों पर ध्यान देना चाहिए जो उनके नियंत्रण में हैं। चयन को लेकर होने वाली चर्चा खिलाड़ी के हाथ में नहीं होती, लेकिन मैदान पर प्रदर्शन और फिटनेस बनाए रखना उसके नियंत्रण में रहता है। लगातार अच्छा प्रदर्शन करने से राष्ट्रीय टीम में वापसी की संभावनाएं मजबूत हो सकती हैं।

    शमी के लिए घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि राष्ट्रीय चयन के दौरान मौजूदा फॉर्म और फिटनेस जैसे पहलुओं पर भी ध्यान दिया जाता है। जहीर की राय में यदि शमी प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेल रहे हैं और विकेट हासिल कर रहे हैं, तो उनकी उपलब्धता को भारतीय टीम की योजनाओं में गंभीरता से देखा जाना चाहिए।

    पूर्व तेज गेंदबाज की इस टिप्पणी से 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम की संभावित गेंदबाजी रणनीति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। भारत के सामने आने वाले वर्षों में कई अंतरराष्ट्रीय मुकाबले और आईसीसी प्रतियोगिताएं होंगी, जिनमें अनुभवी खिलाड़ियों की भूमिका और युवा गेंदबाजों को तैयार करने के बीच संतुलन अहम होगा।

    फिलहाल अंतिम फैसला चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन को करना है। शमी की वापसी उनकी फिटनेस, प्रदर्शन और टीम की जरूरतों समेत कई पहलुओं पर निर्भर करेगी। हालांकि जहीर खान की टिप्पणी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारतीय क्रिकेट के अनुभवी खिलाड़ियों में से एक को 2027 वर्ल्ड कप की योजनाओं में शामिल किए जाने की संभावना पर चर्चा जारी है।