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  • जसप्रीत बुमराह न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से रह सकते हैं बाहर, टीम मैनेजमेंट ने टेस्ट क्रिकेट के लिए बनाई खास रणनीति

    जसप्रीत बुमराह न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से रह सकते हैं बाहर, टीम मैनेजमेंट ने टेस्ट क्रिकेट के लिए बनाई खास रणनीति


    नई दिल्ली ।
    भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी पांच मैचों की वनडे सीरीज में खेलते नजर नहीं आ सकते हैं। उनके इस सीरीज से बाहर रहने की संभावित वजह चोट नहीं, बल्कि टीम मैनेजमेंट की रणनीति बताई जा रही है। बुमराह पूरी तरह फिट हैं और फिलहाल टेस्ट क्रिकेट की तैयारी पर ध्यान दे रहे हैं।

    भारतीय टीम उन्हें आगामी महत्वपूर्ण टेस्ट मुकाबलों के लिए तरोताजा और पूरी तरह तैयार रखना चाहती है।टीम प्रबंधन की योजना के अनुसार, बुमराह को वनडे सीरीज में उतारने के बजाय लाल गेंद से खेले जाने वाले क्रिकेट के लिए तैयार किया जा सकता है। वह अहमदाबाद में टेस्ट क्रिकेट की तैयारी शुरू कर चुके हैं। अक्टूबर के आखिर में उनके भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पहुंचने की संभावना है। इसके बाद वह न्यूजीलैंड रवाना हो सकते हैं। हालांकि, वनडे सीरीज में उनकी अनुपस्थिति को लेकर अंतिम स्थिति टीम की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।

    वर्कलोड मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान
    लंबे अंतरराष्ट्रीय दौरे और लगातार होने वाले मुकाबलों को देखते हुए बुमराह के कार्यभार का प्रबंधन भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण है। वह टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज हैं और टेस्ट क्रिकेट में उनकी भूमिका काफी अहम मानी जाती है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट उनकी फिटनेस को ध्यान में रखते हुए खेलने के कार्यक्रम की योजना बना रहा है।

    बुमराह को आगामी टेस्ट मुकाबलों से पहले मैच अभ्यास दिलाने के लिए इंडिया ए की टीम के साथ मैदान पर उतारने की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है। योजना के मुताबिक, उन्हें 6 नवंबर से शुरू होने वाले इंडिया ए के तीसरे मुकाबले में खेलने का मौका मिल सकता है। इससे उनके कार्यभार को धीरे-धीरे बढ़ाने और टेस्ट क्रिकेट के लिए लय हासिल करने में मदद मिल सकती है।इसके बाद 19 नवंबर से वेलिंगटन में शुरू होने वाले पहले टेस्ट मुकाबले से पहले उन्हें पर्याप्त आराम और तैयारी का समय मिल सकता है। टीम प्रबंधन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बुमराह महत्वपूर्ण टेस्ट मैचों में अपनी पूरी क्षमता के साथ गेंदबाजी कर सकें।

    चोट के बाद टेस्ट क्रिकेट पर नजर
    बुमराह को इस साल की शुरुआत में घुटने की चोट के कारण श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों से बाहर रहना पड़ा था। इसके बाद उनकी फिटनेस और आगामी मुकाबलों में उपलब्धता को लेकर टीम प्रबंधन सावधानी बरत रहा है। बुमराह ने पिछले साल घरेलू मैदान पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपना पिछला बहुदिवसीय मुकाबला खेला था। ऐसे में टेस्ट प्रारूप में वापसी के लिए उनकी तैयारी को अहम माना जा रहा है।उनके खेलने के कार्यक्रम को लेकर टीम से जुड़े अधिकारियों के बीच कई दौर की चर्चा होने की जानकारी सामने आई है। इसका उद्देश्य यह तय करना है कि तेज गेंदबाज को किस तरह पर्याप्त अभ्यास, आराम और मैच खेलने का अवसर दिया जाए, ताकि लंबे प्रारूप में उनकी उपलब्धता बनी रहे।

    ऑस्ट्रेलिया सीरीज और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप पर नजर
    भारतीय टीम की रणनीति केवल न्यूजीलैंड दौरे तक सीमित नहीं है। अगले साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली पांच टेस्ट मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी को भी ध्यान में रखा जा रहा है। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए बुमराह जैसे अनुभवी गेंदबाज की उपलब्धता महत्वपूर्ण होगी।इसी वजह से टीम मैनेजमेंट उन्हें हर द्विपक्षीय सीरीज में खिलाने के बजाय महत्वपूर्ण टेस्ट मुकाबलों के लिए सुरक्षित रखने की रणनीति अपना सकता है। वनडे सीरीज में उनकी संभावित अनुपस्थिति को इसी योजना से जोड़कर देखा जा रहा है।

    टीम चयन पर जल्द साफ होगी तस्वीर
    भारत की वनडे और टेस्ट टीमों की घोषणा आने वाले दिनों में होने की संभावना है। चयनकर्ता हर्षित राणा, प्रसिद्ध कृष्णा और ऋषभ पंत जैसे खिलाड़ियों की फिटनेस तथा उपलब्धता से जुड़ी जानकारी का इंतजार कर रहे हैं। इन खिलाड़ियों की स्थिति स्पष्ट होने के बाद टीम संयोजन को अंतिम रूप दिया जा सकता है। बुमराह के वनडे सीरीज में खेलने या आराम दिए जाने पर भी आधिकारिक घोषणा के बाद स्थिति साफ होगी।

  • टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत ने पूरे किए 2000 छक्के, संजू सैमसन ने जड़ा ऐतिहासिक शॉट और 22 गेंदों में ठोके 56 रन

    टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत ने पूरे किए 2000 छक्के, संजू सैमसन ने जड़ा ऐतिहासिक शॉट और 22 गेंदों में ठोके 56 रन


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए 2000 छक्के पूरे कर लिए हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ 14 अक्टूबर को हैदराबाद में खेले गए चौथे टी20 मुकाबले के दौरान भारत ने यह ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया। भारतीय टीम इस प्रारूप में 2000 छक्के लगाने वाली दुनिया की दूसरी टीम बन गई है। इस उपलब्धि के साथ विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने भी अपने प्रदर्शन से खास पहचान बनाई। उन्होंने भारत की ओर से 2000वां छक्का लगाने के अलावा टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने 100 छक्के भी पूरे किए।

    भारत ने यह उपलब्धि अपने 297वें टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में हासिल की। इस प्रारूप में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाली टीमों की सूची में वेस्टइंडीज पहले स्थान पर है। कैरेबियाई टीम ने 259 मैचों में कुल 2026 छक्के लगाए हैं। भारत अब 2000 छक्कों का आंकड़ा पार करने वाली दूसरी टीम बन गया है। इस सूची में न्यूजीलैंड 1585 छक्कों के साथ तीसरे, पाकिस्तान 1507 छक्कों के साथ चौथे और दक्षिण अफ्रीका 1407 छक्कों के साथ पांचवें स्थान पर है।

    हैदराबाद में खेले गए मुकाबले में भारत का 2000वां छक्का संजू सैमसन के बल्ले से निकला। उन्होंने वेस्टइंडीज के गेंदबाज रोस्टन चेज के ओवर की तीसरी गेंद पर शानदार छक्का लगाया। इसी शॉट के साथ भारतीय टीम ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में छक्कों का दो हजार का आंकड़ा पूरा कर लिया। यह उपलब्धि भारतीय टीम की इस प्रारूप में लंबे समय से चली आ रही आक्रामक बल्लेबाजी की क्षमता को दर्शाती है।

    संजू सैमसन के लिए यह मुकाबला व्यक्तिगत उपलब्धि के लिहाज से भी खास रहा। वह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 छक्के लगाने वाले छठे भारतीय बल्लेबाज बन गए। मुकाबले के बाद उनके नाम कुल 102 छक्के दर्ज हो गए। भारतीय बल्लेबाजों में रोहित शर्मा 205 छक्कों के साथ सबसे आगे हैं। उनके बाद सूर्यकुमार यादव के 179, अभिषेक शर्मा के 141, हार्दिक पंड्या के 126 और विराट कोहली के 124 छक्के हैं। अब संजू भी इस विशेष सूची में शामिल हो गए हैं।

    मैच में संजू ने लक्ष्य का पीछा करते हुए आक्रामक बल्लेबाजी की। वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए तीन विकेट पर 247 रन बनाए थे और भारत के सामने 248 रन का लक्ष्य रखा था। इसके जवाब में संजू ने महज 22 गेंदों में 56 रन ठोक दिए। उनकी पारी में चार चौके और चार छक्के शामिल रहे। उन्होंने तेजी से रन बनाकर भारतीय पारी को अच्छी शुरुआत देने की कोशिश की।

    हालांकि, संजू की तेजतर्रार पारी के बावजूद भारतीय टीम लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी। कप्तान श्रेयस अय्यर, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन बल्ले से अपेक्षित योगदान नहीं दे पाए। भारतीय टीम 223 रन पर सिमट गई और मुकाबला 24 रन से हार गई। इस जीत के साथ वेस्टइंडीज ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-2 की बराबरी कर ली।

    इस तरह हैदराबाद में भारत को भले ही हार का सामना करना पड़ा, लेकिन टीम ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 2000 छक्के पूरे करने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया। संजू सैमसन ने भी दो अहम उपलब्धियां हासिल कर इस मुकाबले को अपने लिए यादगार बना दिया।


  • अभिषेक शर्मा ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रचा छक्कों का नया इतिहास, एक कैलेंडर वर्ष में सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड तोड़ा

    अभिषेक शर्मा ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रचा छक्कों का नया इतिहास, एक कैलेंडर वर्ष में सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड तोड़ा


    नई दिल्ली ।
    भारतीय सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक कैलेंडर वर्ष के दौरान सबसे ज्यादा छक्के लगाने का नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। वेस्टइंडीज के खिलाफ हैदराबाद में खेले गए पांच मैचों की टी20 सीरीज के चौथे मुकाबले में अभिषेक ने 29 रन की पारी खेली।भले ही वह इस मैच में बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहे, लेकिन अपनी छोटी पारी के दौरान उन्होंने एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली। अभिषेक अब साल 2026 में टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 69 छक्के लगा चुके हैं। उन्होंने इस मामले में सूर्यकुमार यादव को पीछे छोड़ दिया है, जिन्होंने वर्ष 2022 में 68 छक्के लगाए थे।

    14 अक्टूबर को हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय टीम को 24 रन से हार का सामना करना पड़ा। वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए तीन विकेट के नुकसान पर 247 रन बनाए और भारत के सामने 248 रन का लक्ष्य रखा। जवाब में भारतीय टीम निर्धारित लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी और उसकी पारी 223 रन पर समाप्त हो गई। इस जीत के साथ वेस्टइंडीज ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-2 की बराबरी कर ली।

    अभिषेक शर्मा ने अपनी 29 रन की पारी के दौरान 24 गेंदों का सामना किया और तीन चौके तथा एक छक्का लगाया। शुरुआती ओवरों में उन्हें तेजी से रन बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ा। संजू सैमसन ने शुरुआती चरण में अधिक स्ट्राइक अपने पास रखी, जबकि वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने अभिषेक को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। पावरप्ले के बाद उनका स्ट्राइक रेट भी 100 से नीचे था।

    पारी के नौवें ओवर में शमर स्प्रिंगर की गेंद पर अभिषेक ने आगे बढ़कर जोरदार छक्का लगाया। इसी छक्के के साथ उन्होंने सूर्यकुमार यादव के एक कैलेंडर वर्ष में सर्वाधिक छक्के लगाने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इस तरह अभिषेक ने उस समय नया मुकाम हासिल किया, जब उनका व्यक्तिगत स्कोर बड़ा नहीं था।

    अभिषेक ने वर्ष 2026 की शुरुआत आक्रामक अंदाज में की थी। न्यूजीलैंड के खिलाफ नागपुर में उन्होंने 35 गेंदों पर 84 रन बनाए थे। इस पारी में उनके बल्ले से आठ छक्के निकले थे। इसके बाद गुवाहाटी में उन्होंने 20 गेंदों पर नाबाद 68 रन की पारी खेली और पांच छक्के लगाए।

    हालांकि, इन शानदार पारियों के बाद उनका बल्ला कुछ समय तक खामोश रहा। कई मुकाबलों में वह खाता खोलने में भी नाकाम रहे। इसके बावजूद उन्होंने वापसी करते हुए छक्कों के मामले में नया रिकॉर्ड स्थापित कर दिया।

    चौथे टी20 मुकाबले में वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी का नेतृत्व शाई होप ने किया। उन्होंने 50 गेंदों पर नाबाद 102 रन बनाए। पारी की आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर उन्होंने अपना शतक पूरा किया।

    यह मौजूदा दौरे पर उनका चौथा और टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का तीसरा शतक था। शेरफेन रदरफोर्ड ने भी 26 गेंदों पर नाबाद 49 रन की तेज पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए केवल 43 गेंदों में 91 रन की साझेदारी की, जिससे वेस्टइंडीज बड़ा स्कोर खड़ा करने में सफल रहा।

    भारतीय गेंदबाजों के लिए यह मुकाबला चुनौतीपूर्ण रहा। मयंक यादव और अर्शदीप सिंह ने अपने-अपने चार ओवरों में 52-52 रन दिए। भारतीय टीम ने क्षेत्ररक्षण के दौरान भी कुछ मौके गंवाए। इसके अलावा टीम ने 18 अतिरिक्त रन दिए, जिसका वेस्टइंडीज को फायदा मिला। मेहमान टीम ने अपनी पारी में कुल 16 छक्के लगाए और बड़े स्कोर के दम पर मुकाबला जीत लिया। इस परिणाम से सीरीज फिर बराबरी पर आ गई, जबकि अभिषेक शर्मा ने अपनी व्यक्तिगत उपलब्धि के जरिए टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नया रिकॉर्ड कायम किया।

  • : अभिषेक शर्मा ने टी20 इंटरनेशनल में सबसे तेज 2000 रन बनाकर रचा इतिहास, सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड तोड़कर हासिल की बड़ी उपलब्धि..

    : अभिषेक शर्मा ने टी20 इंटरनेशनल में सबसे तेज 2000 रन बनाकर रचा इतिहास, सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड तोड़कर हासिल की बड़ी उपलब्धि..

    नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए इतिहास रच दिया। इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में अभिषेक ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने 2,000 रन पूरे किए और इस उपलब्धि तक सबसे कम गेंदों में पहुंचने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने भारत के पूर्व टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। अभिषेक ने अपने आक्रामक अंदाज से गेंदबाजों पर दबाव बनाया और महज 18 गेंदों में अर्धशतक जड़कर अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया।

    अभिषेक शर्मा ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 2,000 रन पूरे करने के लिए केवल 1,024 गेंदों का सामना किया। इससे पहले यह रिकॉर्ड सूर्यकुमार यादव के नाम था, जिन्होंने दिसंबर 2023 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ गकेबरहा में 1,164 गेंदों में इस आंकड़े को हासिल किया था। इस तरह अभिषेक ने सूर्यकुमार से 140 गेंदें कम खेलकर यह उपलब्धि हासिल की। उनकी इस कामयाबी ने टी20 क्रिकेट में उनकी तेज रन बनाने की क्षमता को फिर सामने रखा। अभिषेक पहले भी अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के कारण चर्चा में रहे हैं और इस रिकॉर्ड के साथ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान और मजबूत की।

    वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले में अभिषेक शुरुआत से ही आक्रामक नजर आए। उन्होंने पारी के दूसरे ओवर में रोस्टन चेज की गेंदों पर दो शानदार छक्के लगाए और कवर के ऊपर से चौका भी जड़ा। इसके बाद उन्होंने शमर स्प्रिंगर और शमर जोसेफ के खिलाफ भी बड़े शॉट लगाए। अभिषेक ने मैदान के अलग-अलग हिस्सों में रन बटोरते हुए वेस्टइंडीज के गेंदबाजों को लगातार दबाव में रखा। उनकी बल्लेबाजी में चौकों और छक्कों का अच्छा तालमेल दिखाई दिया, जिससे भारतीय टीम की रन गति तेज बनी रही।

    अभिषेक ने केवल 18 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। यह इस श्रृंखला में उनका पहला अर्धशतक था और टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का 14वां अर्धशतक भी रहा। उन्होंने अपनी पारी में शुरुआत से ही तेजी बनाए रखी और गेंदबाजों को संभलने का मौका नहीं दिया। इससे पहले श्रृंखला के शुरुआती मुकाबले में वह 21 रन बनाकर आउट हो गए थे। तीसरे मैच में उन्होंने उस प्रदर्शन को पीछे छोड़ते हुए दमदार वापसी की। उनकी बल्लेबाजी ने दर्शकों का ध्यान खींचा और भारतीय पारी को तेज शुरुआत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

    दूसरे छोर पर संजू सैमसन के जल्दी आउट होने के बाद अभिषेक को ईशान किशन का साथ मिला। दोनों बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाते हुए केवल 20 गेंदों में अर्धशतकीय साझेदारी पूरी कर ली। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी के कारण वेस्टइंडीज के गेंदबाजों को लगातार अपनी रणनीति बदलनी पड़ी। ईशान किशन ने भी उपयोगी योगदान दिया, लेकिन रोस्टन चेज ने उनकी पारी समाप्त कर दी। ईशान ने 37 रन बनाए। इसके बाद भी अभिषेक ने रन बनाने की गति बनाए रखी और भारतीय पारी को मजबूती दी।

    अभिषेक शर्मा की शानदार पारी का अंत दसवें ओवर में हुआ, जब शमर स्प्रिंगर ने उन्हें कैच आउट कर दिया। अभिषेक ने 30 गेंदों में 69 रन बनाए, जिसमें छह चौके और पांच छक्के शामिल थे। उनकी पारी ने भारत को मजबूत स्कोर की दिशा में आगे बढ़ाया। 2,000 रन का रिकॉर्ड और 18 गेंदों में अर्धशतक इस मुकाबले की प्रमुख उपलब्धियां रहीं। अभिषेक के प्रदर्शन ने एक बार फिर दिखाया कि टी20 प्रारूप में तेजी से रन बनाना उनकी बल्लेबाजी की सबसे बड़ी ताकत है।

  • आईसीसी रैंकिंग में बड़ा बदलाव, श्रेयस अय्यर ने 18 स्थान की छलांग लगाई और केएल राहुल भी टॉप-10 में पहुंचे

    आईसीसी रैंकिंग में बड़ा बदलाव, श्रेयस अय्यर ने 18 स्थान की छलांग लगाई और केएल राहुल भी टॉप-10 में पहुंचे


    नई दिल्ली । 
    वेस्टइंडीज के खिलाफ हालिया सीमित ओवरों की सीरीज में शानदार बल्लेबाजी का फायदा भारतीय बल्लेबाज श्रेयस अय्यर और केएल राहुल को आईसीसी रैंकिंग में मिला है। श्रेयस अय्यर ने टी20 बल्लेबाजों की रैंकिंग में लंबी छलांग लगाकर टॉप-10 में जगह बनाई है, जबकि केएल राहुल वनडे बल्लेबाजों की सूची में सात स्थान ऊपर पहुंचकर 10वें नंबर पर आ गए हैं। दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने उनकी रैंकिंग में बड़ा बदलाव किया है।

    श्रेयस अय्यर ने वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज के पहले मुकाबले में अपने करियर का पहला टी20 शतक लगाया था। लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेले गए इस मैच में उन्होंने 42 गेंदों पर शतक पूरा किया और कुल 43 गेंदों में नाबाद 102 रन बनाए। इस पारी के बाद श्रेयस को टी20 बल्लेबाजों की रैंकिंग में 18 स्थान का फायदा हुआ और वह सातवें पायदान पर पहुंच गए।

    टी20 बल्लेबाजों की रैंकिंग में भारत के ईशान किशन पहले स्थान पर हैं, जबकि अभिषेक शर्मा दूसरे नंबर पर हैं। पाकिस्तान के साहिबजादा फरहान तीसरे, इंग्लैंड के हैरी ब्रूक चौथे और जोस बटलर पांचवें स्थान पर हैं। दक्षिण अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस छठे स्थान पर हैं। श्रेयस अय्यर सातवें नंबर पर पहुंच गए हैं। इंग्लैंड के फिल सॉल्ट आठवें, श्रीलंका के पाथुम निसांका नौवें और भारत के तिलक वर्मा दसवें स्थान पर हैं। सॉल्ट, निसांका और तिलक वर्मा को एक-एक स्थान का नुकसान हुआ है।

    वनडे रैंकिंग में भी भारतीय बल्लेबाज केएल राहुल को उनके प्रदर्शन का फायदा मिला है। वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे और आखिरी वनडे में राहुल ने नाबाद 129 रन की पारी खेली थी। उन्होंने 87 गेंदों का सामना करते हुए छह छक्के और 10 चौके लगाए। इस पारी के बाद राहुल ने वनडे बल्लेबाजों की रैंकिंग में सात स्थान की छलांग लगाई और 10वें पायदान पर पहुंच गए।

    वनडे बल्लेबाजों की रैंकिंग में भारतीय कप्तान शुभमन गिल शीर्ष पर बने हुए हैं। न्यूजीलैंड के डेरिल मिचेल दूसरे स्थान पर हैं और उन्हें एक स्थान का फायदा हुआ है। विराट कोहली तीसरे नंबर पर हैं और उन्हें एक स्थान का नुकसान हुआ है। रोहित शर्मा चौथे और अफगानिस्तान के इब्राहिम जादरान पांचवें स्थान पर हैं।

    वेस्टइंडीज के कप्तान शे होप ने भी भारत के खिलाफ शानदार प्रदर्शन के बाद रैंकिंग में बढ़त हासिल की है। तीसरे वनडे में उन्होंने नाबाद 162 रन की पारी खेलकर अपनी टीम को जीत दिलाई थी। इस प्रदर्शन के बाद वह दो स्थान ऊपर चढ़कर छठे नंबर पर पहुंच गए हैं। पाकिस्तान के बाबर आजम और श्रीलंका के कुसाल मेंडिस क्रमशः सातवें और आठवें स्थान पर हैं, दोनों को एक-एक स्थान का नुकसान हुआ है।

    इंग्लैंड के जो रूट नौवें स्थान पर हैं और उनके बाद केएल राहुल दसवें पायदान पर पहुंच गए हैं। इस तरह ताजा वनडे और टी20 रैंकिंग में भारत के कई बल्लेबाज टॉप-10 में शामिल हैं, जबकि श्रेयस अय्यर और राहुल को वेस्टइंडीज के खिलाफ उनकी प्रभावी पारियों का सीधा फायदा मिला है।

  • विराट कोहली का बड़ा ऐलान, 2027 वनडे वर्ल्ड कप होगा भारत के लिए उनका आखिरी विश्व कप

    विराट कोहली का बड़ा ऐलान, 2027 वनडे वर्ल्ड कप होगा भारत के लिए उनका आखिरी विश्व कप


    नई दिल्ली ।
    भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप को लेकर अपने भविष्य पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाला 2027 आईसीसी पुरुष वनडे विश्व कप भारत के लिए उनका आखिरी वर्ल्ड कप होगा। कोहली ने कहा कि इस टूर्नामेंट में उनका पूरा ध्यान खिताब जीतने पर रहेगा और इसके लिए वह मैदान पर अपना सब कुछ लगाने के लिए तैयार हैं।

    2027 का वनडे वर्ल्ड कप अक्टूबर-नवंबर में खेला जाना है। टूर्नामेंट के मुकाबले दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया के अलग-अलग मैदानों पर होंगे। विराट कोहली ने वर्ष 2011 में भारत में आयोजित वनडे वर्ल्ड कप से अपने विश्व कप सफर की शुरुआत की थी। उस टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने फाइनल में श्रीलंका को हराकर खिताब जीता था और कोहली उस ऐतिहासिक टीम का हिस्सा थे।

    इसके बाद कोहली 2015, 2019 और 2023 के वनडे वर्ल्ड कप में भी भारतीय टीम का हिस्सा रहे। इस तरह 2027 का टूर्नामेंट उनके विश्व कप करियर का पांचवां संस्करण होगा। अपने अब तक के विश्व कप सफर में कोहली ने कई शानदार उपलब्धियां हासिल की हैं। वह वनडे वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर बताए जाते हैं।

    2023 के वनडे वर्ल्ड कप में भी कोहली का प्रदर्शन बेहद प्रभावी रहा था। उन्होंने उस टूर्नामेंट में 765 रन बनाए थे और कई अहम रिकॉर्ड अपने नाम किए थे। अब 2027 में उनके सामने अपने विश्व कप करियर को खिताबी जीत के साथ समाप्त करने का लक्ष्य होगा।

    वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले बातचीत में कोहली ने 50 ओवर के विश्व कप की चुनौती के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि वनडे वर्ल्ड कप में मुकाबलों की इंटेंसिटी काफी ज्यादा होती है। उनके मुताबिक, टी20 वर्ल्ड कप में करीब 10 मैच खेलने के मुकाबले 50 ओवर के प्रारूप में एक मुकाबला काफी अधिक समय और ऊर्जा लेता है।

    कोहली ने 50 ओवर के विश्व कप की तुलना करते हुए कहा कि एक दिन में लगभग ढाई टी20 मैच के बराबर क्रिकेट खेलने जैसा दबाव महसूस हो सकता है। ऐसे में पूरे टूर्नामेंट के दौरान ऊर्जा और प्रदर्शन का स्तर बनाए रखना बड़ी चुनौती होती है। इसके अलावा 2027 विश्व कप विदेशी परिस्थितियों में खेला जाएगा, जिससे खिलाड़ियों के सामने अलग तरह की परिस्थितियां होंगी।

    कोहली ने साफ कहा कि उनके लिए यह भारत की ओर से आखिरी विश्व कप होगा और यही बात उन्हें अतिरिक्त प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि वह मैदान पर अपना सब कुछ छोड़ना चाहते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्व कप जीतना है और इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए जो भी करना पड़ेगा, वह उसके लिए तैयार हैं।

    विराट कोहली के साथ रोहित शर्मा को लेकर भी 2027 वर्ल्ड कप की चर्चा जारी है। रोहित ने कहा है कि उनके लिए किसी टूर्नामेंट के बाद यह मान लेना सही नहीं है कि काम पूरा हो गया। उनके अनुसार खेलते हुए हमेशा कुछ नया हासिल करने की उम्मीद रहती है।

    रोहित ने यह भी कहा कि आईसीसी टूर्नामेंट अलग तरह की चुनौती लेकर आते हैं। अलग-अलग टीमों, मैदानों और परिस्थितियों के कारण खिलाड़ियों को अपनी तैयारी और रणनीति में बदलाव करना पड़ता है। ऐसे में 2027 वर्ल्ड कप दोनों अनुभवी भारतीय बल्लेबाजों के वनडे सफर में महत्वपूर्ण पड़ाव हो सकता है।

  • विराट कोहली का बड़ा ऐलान, 2027 विश्व कप होगा आखिरी, बोले- ट्रॉफी के लिए सब कुछ झोंक दूंगा

    विराट कोहली का बड़ा ऐलान, 2027 विश्व कप होगा आखिरी, बोले- ट्रॉफी के लिए सब कुछ झोंक दूंगा


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने 2027 वनडे विश्व कप को लेकर अपने इरादे साफ कर दिए हैं। कोहली ने कहा है कि दक्षिण अफ्रीका में होने वाला 2027 आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप भारत के लिए उनका आखिरी विश्व कप होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस टूर्नामेंट को जीतने के लिए वह अपना सब कुछ मैदान पर झोंकने के लिए तैयार हैं।

    विराट कोहली और रोहित शर्मा अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक ही प्रारूप खेल रहे हैं और दोनों की नजरें 2027 वनडे विश्व कप पर टिकी हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरू होने वाली वनडे सीरीज को भी विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अनुभवी खिलाड़ियों के लिए यह अगले बड़े लक्ष्य की ओर बढ़ने का एक अहम चरण होगा।

    पहले वनडे से पहले बातचीत के दौरान कोहली ने 50 ओवर के विश्व कप की चुनौती और अपनी प्रेरणा पर बात की। उन्होंने कहा कि वनडे विश्व कप की तीव्रता किसी भी अन्य मुकाबले से अलग होती है। उनके मुताबिक अब विश्व कप में लगभग 10 मुकाबलों तक टी20 जैसी तीव्रता बनाए रखनी होती है, जबकि एक दिन में लंबे समय तक मैदान पर रहना पड़ता है।

    कोहली ने कहा कि विश्व कप में लगातार उच्च स्तर का प्रदर्शन करना आसान नहीं होता, खासकर तब जब मुकाबले विदेशी परिस्थितियों में खेले जा रहे हों। उनके अनुसार इस तरह का टूर्नामेंट खिलाड़ी से शारीरिक और मानसिक तौर पर बहुत कुछ मांगता है।

    विराट ने अपने भविष्य को लेकर भी स्पष्ट संकेत दिया। उन्होंने कहा कि 2027 विश्व कप भारत के लिए उनका आखिरी विश्व कप होगा और यही बात उनके लिए प्रेरणा का काम कर रही है। उनका लक्ष्य केवल टूर्नामेंट में हिस्सा लेना नहीं, बल्कि भारत को विश्व कप जिताना है। इसके लिए उन्होंने कहा कि वह हर संभव प्रयास करने के लिए तैयार हैं।

    विश्व कप में विराट कोहली का रिकॉर्ड भी बेहद प्रभावशाली रहा है। उन्होंने अब तक वनडे विश्व कप में 37 मुकाबले खेले हैं और 59.83 की औसत से 1,795 रन बनाए हैं। उनके नाम पांच शतक और 12 अर्धशतक हैं, जबकि विश्व कप में उनका सर्वोच्च स्कोर 117 रन है।

    पूरे वनडे करियर की बात करें तो कोहली ने 302 पारियों में 14,941 रन बनाए हैं। उनका बल्लेबाजी औसत 58.59 है। इस प्रारूप में उन्होंने 54 शतक और 79 अर्धशतक लगाए हैं तथा उनका सर्वोच्च स्कोर 183 रन है। उनका वनडे स्ट्राइक रेट 93.95 रहा है।

    टी20 विश्व कप में भी कोहली का प्रदर्शन शानदार रहा है। उन्होंने 35 मैचों में 58.73 की औसत से 1,292 रन बनाए हैं। उनके नाम 15 अर्धशतक हैं। वह 2014 और 2016 में दो बार टी20 विश्व कप के प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट भी रह चुके हैं।

    रोहित शर्मा ने भी 2027 विश्व कप को लेकर अपनी सोच सामने रखी। उन्होंने कहा कि वह अपने विश्व कप लक्ष्य को किसी ऐसे अधूरे काम के रूप में नहीं देखते जिसे पूरा करने के बाद सब कुछ खत्म हो जाए। उनके मुताबिक जब तक कोई खिलाड़ी खेल रहा है, तब तक उसके सामने कुछ नया हासिल करने की चुनौती बनी रहती है।

    रोहित ने कहा कि वह विश्व कप को लेकर उत्साहित हैं और आगे अपने लिए क्या है, इसे लेकर उत्सुक हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आईसीसी टूर्नामेंटों में अलग-अलग टीमों और मैदानों के खिलाफ खेलने के लिए तैयारी का तरीका बदलना पड़ता है। यही चुनौती खिलाड़ियों को बेहतर करने के लिए प्रेरित करती है।

    अब भारत और वेस्टइंडीज के बीच वनडे सीरीज का पहला मुकाबला रविवार को खेला जाएगा। इस सीरीज के साथ भारतीय टीम की 2027 विश्व कप की तैयारियों का एक नया चरण शुरू होगा और विराट कोहली तथा रोहित शर्मा जैसे अनुभवी खिलाड़ियों पर भी सभी की नजरें रहेंगी।

  • हार्दिक पांड्या फिर चोटिल, न्यूजीलैंड सीरीज से बाहर, तीन सप्ताह आराम के बाद जिम्बाब्वे सीरीज से वापसी संभव

    हार्दिक पांड्या फिर चोटिल, न्यूजीलैंड सीरीज से बाहर, तीन सप्ताह आराम के बाद जिम्बाब्वे सीरीज से वापसी संभव

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या की वापसी की राह एक बार फिर चोट के कारण रुक गई है। उनकी दाहिनी पिंडली में दोबारा चोट सामने आई है, जिसके चलते वह कम से कम तीन सप्ताह तक प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर रहेंगे। इस चोट के कारण हार्दिक न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली टी20 और वनडे सीरीज का हिस्सा नहीं बन पाएंगे। पिछले चार महीनों में यह कम से कम तीसरा मौका है, जब चोट ने उनकी वापसी की योजना को प्रभावित किया है।

    हार्दिक की ‘रिटर्न टू प्ले’ तारीख 20 सितंबर तय की गई थी। इसी योजना के तहत उन्हें छह अक्टूबर से ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ शुरू होने वाली वनडे सीरीज के लिए भारत ए टीम में चुना गया था। हालांकि, ताजा स्कैन में उनकी दाहिनी पिंडली में चोट सामने आने के बाद यह योजना भी प्रभावित हो गई है।

    मेडिकल आकलन के तहत हार्दिक को करीब दो सप्ताह तक पूरी तरह आराम करने की सलाह दी गई है। इसके बाद उनकी स्थिति का दोबारा मूल्यांकन किया जाएगा और यह तय होगा कि वह रिहैबिलिटेशन कब शुरू कर सकते हैं। उनकी फिटनेस पर आगे की वापसी इसी प्रक्रिया के आधार पर तय होगी।

    न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज 22 अक्टूबर से शुरू होनी है। इसके बाद दोनों टीमों के बीच वनडे मुकाबले खेले जाएंगे। मौजूदा स्थिति में हार्दिक के इस पूरी सीरीज तक फिट होकर मैदान पर लौटने की संभावना नहीं है। ऐसे में उनकी वापसी के लिए टीम प्रबंधन को आगे के विकल्पों पर विचार करना होगा।

    हार्दिक की चोट की शुरुआत अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज से ठीक पहले हुई थी। फील्डिंग ड्रिल के दौरान उन्हें घुटने के आसपास अचानक तेज दर्द महसूस हुआ था। इसके बाद उन्होंने ब्रेक लिया और कुछ दिनों तक आराम किया। फिटनेस प्रमाणपत्र हासिल करने की तैयारी के दौरान दर्द फिर उभर आया। इसके बाद कराए गए स्कैन में चोट की पुष्टि हुई थी।

    32 वर्षीय हार्दिक आईपीएल के बाद से बेंगलुरु में रहकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में ट्रेनिंग कर रहे थे। उनका लक्ष्य फिटनेस हासिल करके प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी करना था, लेकिन लगातार सामने आ रही परेशानियों ने उनकी योजना को प्रभावित किया है। पिछले चार महीनों में अफगानिस्तान वनडे, इंग्लैंड टी20 और अब ऑस्ट्रेलिया ए सीरीज के दौरान उनकी वापसी चोट की वजह से प्रभावित हुई है।

    हार्दिक को एशियन गेम्स के लिए भारतीय दल के साथ जापान भेजने की भी योजना थी। इसके लिए यात्रा संबंधी प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन ताजा चोट के बाद उनकी उपलब्धता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

    अब हार्दिक के लिए अगला संभावित मौका जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे सीरीज हो सकता है। अगर वह तब तक पूरी तरह फिट होते हैं तो उस सीरीज से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी कर सकते हैं। इसके अलावा उनकी मैच फिटनेस परखने के लिए घरेलू क्रिकेट में विजय हजारे ट्रॉफी या सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में खेलने का विकल्प भी मौजूद हो सकता है। हालांकि, अंतिम फैसला उनकी फिटनेस और मेडिकल आकलन के आधार पर ही होगा।

  • रोहित-विराट के विश्व कप भविष्य पर संदीप पाटिल का बड़ा बयान, कहा- दोनों रहें या नहीं, भारत को नहीं होगी परेशानी

    रोहित-विराट के विश्व कप भविष्य पर संदीप पाटिल का बड़ा बयान, कहा- दोनों रहें या नहीं, भारत को नहीं होगी परेशानी

    नई दिल्ली । भारत के दो दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली के वनडे भविष्य को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। 2027 वनडे विश्व कप में अब करीब एक साल का समय बचा है और टूर्नामेंट शुरू होने तक रोहित 40 जबकि विराट 39 साल के हो जाएंगे। ऐसे में दोनों के विश्व कप में खेलने को लेकर सवाल बने हुए हैं। इसी बीच पूर्व भारतीय ऑलराउंडर संदीप पाटिल ने टीम की बेंच स्ट्रेंथ का जिक्र करते हुए बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि अगर भविष्य में रोहित और विराट टीम का हिस्सा नहीं रहते हैं, तो भी भारतीय टीम के सामने बड़ी समस्या नहीं होगी।

    ‘रोहित-विराट रहें या नहीं, कोई परेशानी नहीं’

    पाटिल ने कहा कि दोनों खिलाड़ियों का भविष्य कई चीजों पर निर्भर करेगा। इनमें उनकी खुद खेलने की इच्छा, फिटनेस और चयनकर्ताओं की रणनीति शामिल है। उन्होंने कहा, ‘यह इन दोनों खिलाड़ियों पर निर्भर करता है। क्या वे खेलना जारी रखना चाहेंगे? क्या वे अपनी फिटनेस बनाए रख पाएंगे? चयनकर्ताओं की रणनीति क्या है? क्या चयनकर्ता भविष्य को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रहे हैं? मौजूदा खिलाड़ियों के साथ हमें हमेशा यह भी देखना होगा कि अगर इन खिलाड़ियों को टीम से बाहर करने का समय आता है तो क्या हमारे पास उनकी जगह लेने के लिए कोई मजबूत खिलाड़ी है।’

    पाटिल ने आगे कहा, ‘भारतीय टीम की बेंच स्ट्रेंथ को देखते हुए, जिसके बारे में मैंने अभी बात की, मुझे नहीं लगता कि कोई समस्या होगी, चाहे विराट या रोहित टीम में हों या नहीं।’

    दोनों दिग्गजों को बताया ‘लीजेंड’

    हालांकि, पाटिल ने रोहित और विराट के योगदान की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि दोनों लंबे समय से भारतीय क्रिकेट का हिस्सा रहे हैं और उन्हें दिग्गजों के रूप में याद किया जाएगा। पाटिल ने कहा, ‘ये दोनों खिलाड़ी कई वर्षों से टीम के साथ हैं और उन्हें लीजेंड के तौर पर देखा जाएगा। रोहित शर्मा सफेद गेंद के क्रिकेट में शानदार खिलाड़ी रहे हैं। जहां तक विराट की बात है, उनके बारे में मैं जितना कहूं, उतना ही कम होगा।’

    वेस्टइंडीज सीरीज में दोनों टीम का हिस्सा

    फिलहाल रोहित और विराट के वनडे भविष्य पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। दोनों को वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। शुभमन गिल कप्तान और केएल राहुल उपकप्तान हैं। वनडे सीरीज 27 सितंबर से शुरू होगी। इस टीम चयन के साथ रोहित और विराट के पास 2027 विश्व कप की तैयारियों के बीच वनडे क्रिकेट में अपनी जगह बनाए रखने का एक और मौका होगा।

  • वेस्टइंडीज का भारत दौरा: शाई होप संभालेंगे कमान, टी20 में नए चेहरे तो वनडे टीम में इन खिलाड़ियों की वापसी

    वेस्टइंडीज का भारत दौरा: शाई होप संभालेंगे कमान, टी20 में नए चेहरे तो वनडे टीम में इन खिलाड़ियों की वापसी

    नई दिल्ली । वेस्टइंडीज ने भारत के खिलाफ इस महीने से होने वाली सीमित ओवरों की सीरीज के लिए शनिवार को टीम का एलान कर दिया है। क्रिकेट वेस्टइंडीज ने वनडे और टी20 दोनों टीमों का एलान कर दिया है। इन दोनों टीमों की कप्तानी शाई होप करेंगे। भारत ने भी इस सीरीज के लिए टीम घोषित कर दी थी। दोनों टीमों के बीच सीमित ओवरों की सीरीज 27 सितंबर से शुरू होगी।

    सीरीज का कार्यक्रम

    भारतीय टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ 27 सितंबर से शुरू होने वाली तीन मैच की वनडे सीरीज की शुरुआत तिरुवनंतपुरम से करेगी। इसके बाद दूसरा मुकाबला 30 सितंबर को गुवाहाटी और तीसरा मैच तीन अक्तूबर को मुल्लांपुर में खेला जाएगा। इसके बाद टी20 सीरीज खेली जाएगी।

    कैंपबेल की वापसी

    हैमस्ट्रिंग चोट के कारण न्यूजीलैंड के खिलाफ आखिरी दो वनडे मैच नहीं खेल पाने के बाद जॉन कैंपबेल टीम में लौट आए हैं। अगस्त में सर्जरी के बाद रिहैबिलिटेशन से गुजर रहे अकीम ऑगस्टे इस दौरे से बाहर हो गए हैं और उनकी जगह ज्वेल एंड्रयू को शामिल किया गया है, जो टॉप और मिडिल-ऑर्डर में बल्लेबाजी का विकल्प देंगे।

    टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में प्रतिभाशाली सलामी बल्लेबाज कामिल पूरन को पहली बार टीम में शामिल किया गया है। यह 2028 टी20 विश्व कप से पहले उभरती प्रतिभाओं को पहचानने और विकसित करने की दिशा में अपनाए गए दृष्टिकोण का हिस्सा है। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने आठ पारियों में 159.64 के प्रभावशाली स्ट्राइक रेट से 273 रन बनाए, जबकि उनका औसत 39 रहा।

    वेस्टइंडीज की वनडे टीम में शाई होप कप्तान होंगे। उनके अलावा ज्वेल एंड्रयू, जॉन कैंपबेल, केसी कार्टी, रोस्टन चेज, मैथ्यू फोर्ड, जस्टिन ग्रीव्स, आमिर जंगू, अल्जारी जोसेफ, शमार जोसेफ, विटेल लावेस, गुडाकेश मोती, कीमो पॉल, शेरफाने रदरफोर्ड और जेडन सील्स को जगह मिली है।

    वहीं, टी20 टीम की कप्तानी भी शाई होप करेंगे। टीम में ज्वेल एंड्रयू, रोस्टन चेज, मैथ्यू फोर्ड, शिमरॉन हेत्मायर, अकील हुसैन, शमारा जोसेफ, गुडाकेश मोती, कीमो पॉल, कामिल पूरन, रोवमैन पॉवेल, शेरफाने रदरफोर्ड, क्वेंटिन सैम्पसन, रोमारियो शेफर्ड और शमार स्प्रिंगर शामिल हैं।

    वनडे और टी20 टीमों में कई खिलाड़ी समान हैं, लेकिन दोनों प्रारूपों की जरूरत के अनुसार कुछ बदलाव किए गए हैं। वनडे टीम में जॉन कैंपबेल और जस्टिन ग्रीव्स जैसे खिलाड़ी शामिल हैं, जबकि टी20 टीम में शिमरॉन हेत्मायर, अकील हुसैन, कामिल पूरन, रोवमैन पॉवेल, क्वेंटिन सैम्पसन और रोमारियो शेफर्ड जैसे नाम नजर आते हैं।

    भारत और वेस्टइंडीज के बीच सीमित ओवरों की सीरीज 27 सितंबर से शुरू होगी। वनडे मुकाबलों के बाद दोनों टीमें टी20 सीरीज में आमने-सामने होंगी। इस दौरे में शाई होप के नेतृत्व में वेस्टइंडीज की टीम के सामने भारतीय परिस्थितियों में दोनों प्रारूपों में अच्छा प्रदर्शन करने की चुनौती होगी।