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  • मृणाल ठाकुर और यशस्वी जायसवाल के रिश्ते की चर्चा पर एक्ट्रेस ने किया कमेंट, कहा- बिना पुष्टि के खबरों को सच न मानें

    मृणाल ठाकुर और यशस्वी जायसवाल के रिश्ते की चर्चा पर एक्ट्रेस ने किया कमेंट, कहा- बिना पुष्टि के खबरों को सच न मानें


    नई दिल्ली ।
    बॉलीवुड अभिनेत्री मृणाल ठाकुर और क्रिकेटर यशस्वी जायसवाल के बीच डेटिंग की चर्चाएं पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर चल रही हैं। दोनों के एक ही कैफे से अलग-अलग समय पर बाहर निकलने का एक वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनके रिश्ते को लेकर अटकलें लगाई जाने लगीं। इसके बाद मृणाल ठाकुर ने इस चर्चा पर प्रतिक्रिया दी है और लोगों से किसी वीडियो या पोस्ट के आधार पर अफवाहों को सच मानने से बचने की बात कही है।

    मृणाल ठाकुर की प्रतिक्रिया एक सोशल मीडिया पोस्ट के कमेंट सेक्शन में सामने आई। इस पोस्ट में अभिनेत्री और यशस्वी जायसवाल को लेकर डेटिंग से जुड़ी बात कही गई थी। मृणाल ने सवाल किया कि सिर्फ एक ही जगह पर दिखाई देने के आधार पर दो लोगों को एक साथ कैसे माना जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को सोशल मीडिया पर चल रही ऐसी बातों को तुरंत सच नहीं मानना चाहिए।

    अभिनेत्री ने अपनी प्रतिक्रिया में सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों की ओर भी दिलाया। उन्होंने कहा कि देश में कई महत्वपूर्ण विषय चल रहे हैं और लोगों को सही मुद्दों पर वीडियो बनाने पर ध्यान देना चाहिए। इस टिप्पणी के बाद उनकी प्रतिक्रिया भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है।

    मृणाल ठाकुर और यशस्वी जायसवाल की उम्र में करीब 10 साल का अंतर बताया जा रहा है। मृणाल की उम्र 34 वर्ष और यशस्वी की उम्र 24 वर्ष है। इसी वजह से दोनों के कथित रिश्ते को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की चर्चाएं हुईं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार दोनों की ओर से किसी रिश्ते की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मृणाल की प्रतिक्रिया भी डेटिंग की पुष्टि नहीं करती, बल्कि वह ऐसी अटकलों पर सवाल उठाती है।

    यह पूरा मामला एक वायरल वीडियो के बाद शुरू हुआ। वीडियो में दोनों को मुंबई के बांद्रा इलाके में स्थित एक ही कैफे से बाहर निकलते हुए देखा गया था। इसके बाद कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में दोनों के बीच रिश्ते की संभावना जताई गई। इसी आधार पर डेटिंग की खबरें फैलने लगीं। मृणाल की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद अब चर्चा का केंद्र उनके कथित रिश्ते की पुष्टि के बजाय अफवाहों पर अभिनेत्री का रुख बन गया है।

    मृणाल ठाकुर इससे पहले भी अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चाओं में रही हैं। उनका नाम अभिनेता धनुष के साथ भी जोड़ा गया था। उस समय भी अभिनेत्री ने ऐसी खबरों को गलत बताया था। इस बार यशस्वी जायसवाल के साथ नाम जुड़ने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर ही अपनी बात रखी है।

    मृणाल ठाकुर और यशस्वी जायसवाल दोनों अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय हैं। मृणाल फिल्मों में काम करती हैं, जबकि यशस्वी भारतीय क्रिकेट में अपनी जगह बना चुके हैं। दोनों के बीच किसी व्यक्तिगत रिश्ते की पुष्टि फिलहाल सामने नहीं आई है। ऐसे में एक साथ किसी स्थान पर नजर आने या सोशल मीडिया पर सामने आई पोस्ट के आधार पर उनके रिश्ते के बारे में निश्चित निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। अभी तक इस मामले में मृणाल की प्रतिक्रिया ही सामने आई है, जिसमें उन्होंने डेटिंग की अटकलों को लेकर लोगों से सवाल किया है।

  • गुरुद्वारे में पंजाबी रीति-रिवाज से एक-दूजे के हुए रामनदीप और चार्ली, क्रिकेटर और टीवी सितारों ने दी शुभकामनाएं

    गुरुद्वारे में पंजाबी रीति-रिवाज से एक-दूजे के हुए रामनदीप और चार्ली, क्रिकेटर और टीवी सितारों ने दी शुभकामनाएं


    नई दिल्ली ।
    भारतीय क्रिकेटर और कोलकाता नाइट राइडर्स के ऑलराउंडर रामनदीप सिंह ने टीवी एक्ट्रेस चार्ली चौहान के साथ शादी कर ली है। दोनों ने करीब आठ साल तक एक-दूसरे का साथ निभाने के बाद अपने रिश्ते को विवाह के बंधन में बदल दिया। शादी समारोह पारंपरिक पंजाबी रीति-रिवाजों के अनुसार गुरुद्वारे में हुआ, जहां परिवार के सदस्यों और करीबी दोस्तों की मौजूदगी में दोनों ने वैवाहिक रस्में पूरी कीं।

    रामनदीप और चार्ली ने अपनी शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की हैं। दोनों की ओर से शेयर की गई तस्वीरों और वीडियो में शादी की पारंपरिक रस्मों की झलक देखने को मिल रही है। तस्वीरों के साथ कपल ने अपने लंबे रिश्ते का जिक्र करते हुए बताया कि आठ साल के साथ के बाद अब दोनों ने हमेशा के लिए एक-दूसरे का हाथ थाम लिया है।

    शादी के दौरान रामनदीप सिंह पारंपरिक पंजाबी परिधान में नजर आए, जबकि चार्ली चौहान भी पारंपरिक शादी के जोड़े में बेहद खूबसूरत दिखाई दीं। गुरुद्वारे में आयोजित समारोह में दोनों परिवारों और करीबी लोगों ने नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया। शादी की तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रशंसकों की ओर से लगातार शुभकामनाएं दी जा रही हैं।

    रामनदीप और चार्ली लंबे समय से एक-दूसरे के साथ रिश्ते में थे। दोनों ने अपने निजी संबंध को काफी समय तक सुर्खियों से दूर रखा, लेकिन अब शादी के बाद उनके रिश्ते की आठ साल लंबी यात्रा सार्वजनिक रूप से चर्चा में है। दोनों की शादी ने क्रिकेट और टीवी इंडस्ट्री के प्रशंसकों का ध्यान आकर्षित किया है।

    शादी समारोह में क्रिकेट जगत से जुड़े कई चेहरे भी नजर आए। भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह, मुंबई इंडियंस के बल्लेबाज नमन धीर, तेज गेंदबाज अश्विनी कुमार और पंजाब के क्रिकेटर जस्सिंदर सिंह सहित कई लोग समारोह में शामिल हुए। टीवी अभिनेता जय भानुशाली ने भी शादी से जुड़ी तस्वीर अपनी सोशल मीडिया स्टोरी पर साझा की।

    अर्शदीप सिंह ने भी नवविवाहित जोड़े के साथ तस्वीर साझा कर उन्हें शुभकामनाएं दीं। शादी के बाद क्रिकेट जगत के कई खिलाड़ियों ने रामनदीप और चार्ली को बधाई दी। शुभमन गिल, अभिषेक शर्मा और आर अश्विन समेत कई क्रिकेटरों ने कपल को नई जिंदगी के लिए शुभकामनाएं दीं। टीवी और मनोरंजन जगत से जुड़े कलाकारों ने भी सोशल मीडिया के जरिए दोनों को बधाई संदेश भेजे।

    चार्ली चौहान टीवी इंडस्ट्री में लंबे समय से सक्रिय हैं। उन्होंने ‘कैसी ये यारियां’ और ‘बेस्ट फ्रेंड्स फॉरएवर’ जैसे चर्चित टीवी शो में काम किया है। इसके अलावा वह एमटीवी रोडीज का हिस्सा रह चुकी हैं। चार्ली डांस रियलिटी शो ‘नच बलिए’ में भी नजर आई थीं। अभिनय और रियलिटी शो से जुड़ी उनकी पहचान के कारण मनोरंजन जगत में उनका अच्छा नाम है।

    रामनदीप सिंह क्रिकेट के मैदान पर अपनी ऑलराउंड क्षमता के लिए पहचाने जाते हैं और आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। अब शादी के बाद रामनदीप और चार्ली ने अपने आठ साल पुराने रिश्ते को नई शुरुआत दी है। दोनों की शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं और क्रिकेट तथा टीवी जगत से उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं।

  • बांग्लादेश के पूर्व कप्तान शाकिब अल हसन के आवास पर पथराव और आगजनी की कोशिश, जांच में जुटी पुलिस

    बांग्लादेश के पूर्व कप्तान शाकिब अल हसन के आवास पर पथराव और आगजनी की कोशिश, जांच में जुटी पुलिस

    नई दिल्ली । बांग्लादेश में गहराते राजनीतिक संकट के बीच पूर्व राष्ट्रीय क्रिकेट कप्तान शाकिब अल हसन के मगुरा स्थित पैतृक आवास पर अज्ञात उपद्रवियों ने हमला कर दिया। हमलावरों ने उनके मकान पर जमकर पथराव किया, जिससे खिड़कियों के कांच टूट गए और संपत्ति को नुकसान पहुंचा। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी और पूरे इलाके में सुरक्षा के सख्त इंतजाम कर दिए गए हैं। राहत की बात यह रही कि घटना के समय घर के भीतर कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ी दुर्घटना टल गई।

    प्राथमिक जांच के अनुसार, हमलावरों ने मकान के मुख्य प्रवेश द्वार को भी निशाना बनाया और वहां आग लगाने का प्रयास किया। पुलिस और फॉरेंसिक टीमों ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि उपद्रवियों की पहचान के लिए तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, हालांकि अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

    शाकिब अल हसन बांग्लादेश के एक प्रमुख खिलाड़ी होने के साथ-साथ हालिया वर्षों में सक्रिय राजनीति का हिस्सा भी रहे हैं। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार के शासनकाल में आम चुनाव लड़ा था और संसद सदस्य चुने गए थे। खेल के साथ-साथ राजनीति में उनकी भागीदारी के कारण वे अक्सर विभिन्न सार्वजनिक चर्चाओं और विवादों के केंद्र में रहे हैं। देश में हुए बड़े तख्तापलट के बाद से ही उनका राजनीतिक करियर और व्यक्तिगत जीवन काफी संवेदनशील स्थिति में बना हुआ है।

    यह हमला उस वक्त हुआ जब शाकिब ने घटना से कुछ ही समय पहले एक वर्चुअल सम्मेलन में हिस्सा लिया था, जहां देश के मौजूदा हालात पर विचार-विमर्श किया जा रहा था। इस कार्यक्रम के तुरंत बाद उनके आवास पर हुए हमले को लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वे बिना जांच पूरी हुए किसी भी नतीजे पर पहुंचने से बच रहे हैं और सभी संभावित कोणों से मामले की पड़ताल की जा रही है।

    देश में सत्ता परिवर्तन के बाद से शाकिब अल हसन बांग्लादेश से बाहर ही रह रहे हैं। उनके खिलाफ कई नए आपराधिक मामले भी दर्ज किए गए हैं, जिस पर उन्होंने पहले बयान दिया था कि पर्याप्त सुरक्षा मिलने की स्थिति में ही वे स्वदेश लौटने पर विचार करेंगे। फिलहाल वे विदेशों में आयोजित विभिन्न टी20 क्रिकेट लीगों में खेल रहे हैं। मध्य प्रदेश सहित दुनिया भर के क्रिकेट प्रशंसक इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी नजर बनाए हुए हैं और खिलाड़ी की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त कर रहे हैं।

    इस घटना के बाद बांग्लादेशी खेल जगत और प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया है। सरकार और स्थानीय पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है ताकि किसी भी अन्य अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। अब हर किसी की निगाहें पुलिस जांच की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे इस हमले के पीछे छिपे वास्तविक चेहरों और उनकी मंशा का खुलासा हो सकेगा।

  • टी20 क्रिकेट में जोस बटलर ने रचा नया इतिहास, वेस्टइंडीज के कीरोन पोलार्ड का महारिकॉर्ड किया ध्वस्त

    टी20 क्रिकेट में जोस बटलर ने रचा नया इतिहास, वेस्टइंडीज के कीरोन पोलार्ड का महारिकॉर्ड किया ध्वस्त

    नई दिल्ली । इंग्लैंड के अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज जोस बटलर ने टी20 क्रिकेट में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है। उन्होंने अपने खेल के इस प्रारूप में सर्वाधिक रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल करने के क्रम में उन्होंने वेस्टइंडीज के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर कीरोन पोलार्ड के लंबे समय से चले आ रहे रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। बटलर की इस उपलब्धि से दुनिया भर के क्रिकेट जगत में उनके खेल कौशल की सराहना हो रही है।

    अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी शैली के लिए मशहूर बटलर ने मैच की शुरुआत से ही गेंदबाजों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने एक ताबड़तोड़ अर्धशतकीय पारी खेलकर अपनी टीम को न केवल एक आसान और महत्वपूर्ण जीत दिलाई, बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर भी एक बड़ा मुकाम हासिल किया। उनकी इस मैच जिताऊ पारी की बदौलत टीम ने अंक तालिका में अपनी स्थिति को काफी मजबूत कर लिया है और लगातार मिल रही हार के सिलसिले पर भी विराम लगा दिया है।

    इस रिकॉर्ड को अपने नाम करने के बाद इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसे कीर्तिमान हासिल करना किसी भी खिलाड़ी के लिए गर्व की बात होती है। बटलर ने खेल भावना का परिचय देते हुए यह भी कहा कि रिकॉर्ड बनते ही टूटने के लिए हैं और आने वाले समय में नई पीढ़ी के युवा खिलाड़ी इससे भी बड़े मुकाम तय करेंगे। उनके इस सकारात्मक रुख की खेल प्रेमियों ने काफी सराहना की।

    यह ऐतिहासिक उपलब्धि बटलर के लिए इसलिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले कुछ समय से वह अपनी खराब फॉर्म को लेकर आलोचकों के निशाने पर थे। लगातार असफलताओं के बाद भी उन्होंने अपनी मेहनत और तकनीक पर काम करना जारी रखा। कठिन दौर से गुजरने के बाद की गई यह धमाकेदार वापसी उनके आत्मविश्वास और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाती है।

    हालांकि टी20 क्रिकेट के इस शीर्ष स्थान के लिए आने वाले समय में मुकाबला और दिलचस्प होने की उम्मीद है। कीरोन पोलार्ड अभी भी विभिन्न वैश्विक लीगों में सक्रिय हैं और उनके पास वापसी का मौका रहेगा। इसके अलावा एलेक्स हेल्स, डेविड वॉर्नर और विराट कोहली जैसे दिग्गज बल्लेबाज भी इस रेस में ज्यादा पीछे न

  • बुमराह के विकल्प की तलाश में बीसीसीआई, चयनकर्ताओं की रडार पर आए चार युवा तेज गेंदबाज

    बुमराह के विकल्प की तलाश में बीसीसीआई, चयनकर्ताओं की रडार पर आए चार युवा तेज गेंदबाज


    नई दिल्ली ।
    भारतीय क्रिकेट टीम को श्रीलंका दौरे के आगाज से ठीक पहले एक बड़ा झटका लगा है। टीम के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह बाएं घुटने की समस्या के कारण आगामी दो मैचों की टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं। हाल ही में संपन्न हुई एक दिवसीय श्रृंखला के दौरान उन्हें इस परेशानी का सामना करना पड़ा था। बेंगलुरु स्थित क्रिकेट सेंटर में जांच के बाद मेडिकल टीम ने उन्हें पूर्ण विश्राम और उपचार की सलाह दी है।

    टीम प्रबंधन आगामी लंबे और महत्वपूर्ण क्रिकेट सीजन को देखते हुए अपने मुख्य गेंदबाज के साथ कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता। बुमराह के बाहर होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ खड़ा हुआ है कि भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण में उनकी जगह कौन लेगा। हालांकि राष्ट्रीय चयनकर्ताओं और बोर्ड ने अभी तक आधिकारिक तौर पर उनके विकल्प के नाम का ऐलान नहीं किया है, लेकिन चार युवा गेंदबाजों के नाम इस समय सबसे आगे चल रहे हैं।

    विकल्प की इस दौड़ में जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी का नाम सबसे प्रमुखता से लिया जा रहा है। हालिया रणजी ट्रॉफी सीजन में 10 मैचों में 60 विकेट लेकर सबसे ज्यादा विकेट चटकाने वाले आकिब ने अपने प्रदर्शन से सभी का ध्यान आकर्षित किया है। इसके अलावा उन्हें हाल ही में इंडिया-ए के साथ श्रीलंका में खेलने का अनुभव भी प्राप्त है, जो उनके पक्ष में एक बड़ा मजबूत बिंदु माना जा रहा है।

    रेसिंग में हरियाणा के तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज और पंजाब के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह का नाम भी शामिल है। अंशुल कंबोज पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं और गाले अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ हैं। दूसरी ओर, भारतीय गेंदबाजी आक्रमण में बाएं हाथ के तेज गेंदबाज की कमी को पूरा करने के लिए अर्शदीप सिंह को भी लाल गेंद के प्रारूप में मौका दिया जा सकता है।

    इसके अतिरिक्त मध्य प्रदेश और विदर्भ क्रिकेट से जुड़े युवा तेज गेंदबाज यश ठाकुर पर भी चयनकर्ताओं की पैनी नजर बनी हुई है। जिम्बाब्वे के खिलाफ सीमित ओवरों के प्रारूप में पदार्पण कर चुके यश ने इंडिया-ए की ओर से श्रीलंका की पिचों पर भी प्रभावी गेंदबाजी की थी।

    बीसीसीआई की सीनियर चयन समिति जल्द ही बैठक कर बुमराह के आधिकारिक विकल्प की घोषणा कर सकती है। मध्य प्रदेश सहित देशभर के खेल प्रेमियों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि चयनकर्ता श्रीलंका की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों को देखते हुए किस युवा तेज गेंदबाज पर अपना भरोसा जताते हैं।

  • पहले टेस्ट में वेस्टइंडीज के सामने नतमस्तक हुआ पाकिस्तान, 90 रनों की करारी शिकस्त के साथ बाबर आजम की कप्तानी का खराब आगाज

    पहले टेस्ट में वेस्टइंडीज के सामने नतमस्तक हुआ पाकिस्तान, 90 रनों की करारी शिकस्त के साथ बाबर आजम की कप्तानी का खराब आगाज

    नई दिल्ली । कैरेबियाई धरती पर खेले जा रहे दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला के पहले मुकाबले में मेहमान पाकिस्तानी क्रिकेट टीम को बेहद शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा है। कप्तानी की कमान दोबारा संभालते ही बाबर आजम की अगुवाई वाली टीम खेल के चौथे दिन ही वेस्टइंडीज के सामने पूरी तरह धराशाई हो गई। दो सौ ग्यारह रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पूरी पाकिस्तानी टीम दूसरी पारी में महज एक सौ बीस रनों पर ही सिमट गई, जिसके चलते वेस्टइंडीज ने यह मुकाबला नब्बे रनों के विशाल अंतर से अपने नाम कर लिया।

    चौथी पारी में छोटे लक्ष्य का पीछा करने मैदान में उतरी पाकिस्तानी टीम की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। मेजबान गेंदबाजों की सधी हुई और धारदार गेंदबाजी के सामने मेहमान टीम के बल्लेबाज ताश के पत्तों की तरह ढह गए। कप्तान बाबर आजम ने एक छोर संभालते हुए सबसे ज्यादा अट्ठावन रनों की संघर्षपूर्ण पारी खेली, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से किसी भी बल्लेबाज का सहयोग नहीं मिला। टीम के केवल तीन बल्लेबाज ही दहाई का आंकड़ा छू सके, जिससे पाकिस्तान की हार काफी पहले ही तय नजर आने लगी थी।

    वेस्टइंडीज की ओर से दूसरी पारी में तेज गेंदबाज जेडन सील्स ने घातक गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए पांच विकेट झटके। उनके साथ ही अनुभवी गेंदबाज केमार रोच और जस्टिन ग्रीव्स ने दो-दो सफलताएं हासिल कर पाकिस्तानी बल्लेबाजी क्रम की रीढ़ तोड़ दी। पूरे मैच में अपने ऑलराउंड प्रदर्शन और सात विकेट चटकाने के लिए जस्टिन ग्रीव्स को मैन ऑफ द मैच के पुरस्कार से नवाजा गया। पहली पारी में भी ग्रीव्स ने लगातार पांच मेडन ओवरों में पांच विकेट लेकर पाकिस्तान को बैकफुट पर धकेल दिया था।

    इससे पहले मैच की शुरुआत में वेस्टइंडीज ने अपनी पहली पारी में तीन सौ ग्यारह रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया था। मेजबान टीम की ओर से शाई होप ने शानदार बांवे रन और कावेम हॉज ने बिरासी रनों का अहम योगदान दिया था। इसके जवाब में पाकिस्तान की पहली पारी दो सौ बयासी रनों पर ही सिमट गई थी। इस जीत के साथ ही वेस्टइंडीज ने दो मैचों की टेस्ट सीरीज में एक-शून्य की निर्णायक बढ़त बना ली है, जबकि पाकिस्तानी टीम पर अब सीरीज गंवाने का संकट मंडराने लगा है।

  • श्रीलंका दौरे से पहले भारतीय टेस्ट टीम के प्रमुख खिलाड़ियों की चोटों ने बढ़ाई चयनकर्ताओं की चिंताएं

    श्रीलंका दौरे से पहले भारतीय टेस्ट टीम के प्रमुख खिलाड़ियों की चोटों ने बढ़ाई चयनकर्ताओं की चिंताएं


    नई दिल्ली ।
    अगस्त माह से श्रीलंका के खिलाफ शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट श्रृंखला से ठीक पहले भारतीय क्रिकेट टीम की चुनौतियां बढ़ती नजर आ रही हैं। आगामी दौरे के लिए टीम की घोषणा से पूर्व कई महत्वपूर्ण खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। पांच प्रमुख खिलाड़ियों के चोटिल होने या पूरी तरह से फिट न होने के कारण टीम प्रबंधन और कप्तान के सामने सही संयोजन तैयार करने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, तेज गेंदबाज हर्षित राणा और उभरते हुए ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी चोट के कारण श्रीलंका दौरे के लिए चयन प्रक्रिया से बाहर हो चुके हैं। इन दोनों युवा खिलाड़ियों की अनुपस्थिति टीम के संतुलन के लिहाज से एक बड़ा झटका मानी जा रही है, क्योंकि दोनों ने ही हालिया समय में अपने हरफनमौला प्रदर्शन से प्रभावित किया था। इनके बाहर होने से तेज गेंदबाजी और ऑलराउंडर विभाग में नए विकल्पों की तलाश बढ़ गई है।

    इसके अतिरिक्त, स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और मध्यक्रम के बल्लेबाज साई सुदर्शन के खेलने पर भी संशय बना हुआ है। दोनों खिलाड़ी इस समय अपनी रिकवरी प्रक्रिया से गुजर रहे हैं और उन्हें अपनी फिटनेस रिपोर्ट प्रस्तुत करने की सलाह दी गई है। राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में चिकित्सा परीक्षण पास करने के बाद ही उनके चयन पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यदि ये खिलाड़ी पूरी तरह से फिट घोषित नहीं होते हैं, तो उन्हें भी इस दौरे से आराम दिया जा सकता है।

    ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर भी पूरी तरह फिट न होने के कारण गाले में आयोजित होने वाले पहले टेस्ट मैच से बाहर रह सकते हैं। हालांकि, दूसरे टेस्ट तक उनकी वापसी की उम्मीद जताई जा रही है, जो उनकी अंतिम फिटनेस रिपोर्ट पर निर्भर करेगा। दूसरी ओर, टीम के लिए राहत की बात यह है कि अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा की टीम में वापसी लगभग तय मानी जा रही है, जिससे स्पिन विभाग को मजबूती मिलेगी।

    खिलाड़ियों के एक साथ चोटिल होने के कारण चयनकर्ताओं को अब नए और युवा चेहरों को मौका देने पर विचार करना पड़ सकता है। आगामी दिनों में होने वाले वार्म-अप मैच और फिटनेस रिपोर्ट के आधार पर ही श्रृंखला के लिए अंतिम भारतीय दल की तस्वीर साफ हो पाएगी।

  • क्रिकेट में नाम अब पुलिस सेवा में सम्मान बिहार के आकाशदीप और मुकेश कुमार को मिला डीएसपी का पद

    क्रिकेट में नाम अब पुलिस सेवा में सम्मान बिहार के आकाशदीप और मुकेश कुमार को मिला डीएसपी का पद


    नई दिल्ली। बिहार के खेल जगत के लिए एक ऐतिहासिक दिन तब बना जब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर आकाशदीप और मुकेश कुमार को राज्य सरकार ने पुलिस विभाग में उप पुलिस अधीक्षक यानी डीएसपी पद पर नियुक्त किया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह के दौरान दोनों खिलाड़ियों सहित कुल 21 खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। यह नियुक्तियां मेडल लाओ नौकरी पाओ योजना के तहत दी गईं जिसका उद्देश्य उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सम्मानजनक सरकारी सेवा प्रदान कर खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना है।

    समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का यह कदम खिलाड़ियों के सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि पहली बार बिहार में किसी खिलाड़ी को डीएसपी जैसे उच्च पद पर नियुक्त किया गया है और इससे युवा खिलाड़ियों को खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की नई प्रेरणा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में बिहार के खिलाड़ी ओलंपिक एशियन गेम्स कॉमनवेल्थ गेम्स विश्व कप और आईपीएल जैसे बड़े मंचों पर देश और राज्य का गौरव बढ़ाएंगे।

    मुख्यमंत्री ने खेलों के विकास को लेकर सरकार की योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आगामी 15 सितंबर से पंचायत स्तर पर खेल प्रतिभाओं की पहचान अभियान शुरू किया जाएगा। चयनित खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि नालंदा में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना और राज्य में खेल अधोसंरचना के विस्तार पर लगातार काम किया जा रहा है।

    सरकार ने यह भी घोषणा की कि पटना के मोइनुल हक स्टेडियम का पुनर्विकास कराया जा रहा है और इसके संचालन की जिम्मेदारी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को सौंपी गई है। साथ ही पूरे बिहार में पिछले दो वर्षों के दौरान पांच हजार खेल मैदानों का निर्माण पूरा किया जा चुका है ताकि गांव स्तर तक खेल सुविधाएं पहुंचाई जा सकें।

    नियुक्ति पत्र प्राप्त करने के बाद तेज गेंदबाज आकाशदीप ने इसे अपने जीवन का गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि वह रोहतास जिले के एक छोटे से गांव से आते हैं और शुरुआती दिनों में सीमित संसाधनों के बीच क्रिकेट खेलते थे। उस समय खेल को करियर के रूप में ज्यादा महत्व नहीं दिया जाता था लेकिन अब सरकार की ऐसी योजनाओं से खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा। उन्होंने सासाराम में आधुनिक मल्टी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित करने की इच्छा भी जताई ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

    भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मुकेश कुमार ने भी बिहार सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह फैसला खिलाड़ियों के लिए बेहद प्रेरणादायक है। उनके अनुसार बिहार में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है बल्कि जरूरत केवल उचित अवसर और बेहतर प्रशिक्षण की है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार की नई नीति आने वाले वर्षों में राज्य से बड़ी संख्या में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    बिहार सरकार की यह पहल केवल सरकारी नियुक्ति तक सीमित नहीं है बल्कि यह संदेश भी देती है कि खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मान और सुरक्षित भविष्य दोनों मिल सकते हैं। इससे राज्य के हजारों युवा खेलों को करियर के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित होंगे और बिहार खेलों के क्षेत्र में नई पहचान बनाने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाएगा।

  • 18 साल पहले अधूरा रह गया सुनील शेट्टी का आईपीएल सपना, बोले- आर्थिक सहयोग मिलता तो आज मेरी भी होती टीम

    18 साल पहले अधूरा रह गया सुनील शेट्टी का आईपीएल सपना, बोले- आर्थिक सहयोग मिलता तो आज मेरी भी होती टीम


    नई दिल्ली । अभिनेता सुनील शेट्टी ने इंडियन प्रीमियर लीग के शुरुआती दौर से जुड़ा एक दिलचस्प अनुभव साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2008 में वह भी आईपीएल टीम खरीदने की इच्छा रखते थे, लेकिन पर्याप्त आर्थिक सहयोग नहीं मिलने के कारण उनका यह सपना अधूरा रह गया। उन्होंने कहा कि यदि उस समय उन्हें सही निवेशक और वित्तीय साझेदार मिल जाते तो वह भी लीग की किसी फ्रेंचाइजी के मालिक बन सकते थे। उनके इस खुलासे ने आईपीएल के शुरुआती दौर की कारोबारी परिस्थितियों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।

    सुनील शेट्टी ने बताया कि आईपीएल की शुरुआत के समय आज जैसी निवेश की सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। वर्तमान में बड़े निवेशक और फंडिंग पार्टनर खेल और मनोरंजन से जुड़े प्रोजेक्ट्स में निवेश के लिए आसानी से आगे आ जाते हैं, लेकिन उस दौर में इतनी बड़ी राशि जुटाना आसान नहीं था। यही वजह रही कि चाहने के बावजूद वह अपनी योजना को अमल में नहीं ला सके।

    उन्होंने कहा कि उस समय अकेले इतनी बड़ी आर्थिक जिम्मेदारी उठाना संभव नहीं था। यदि किसी मजबूत निवेशक का साथ मिल जाता तो परिस्थितियां अलग हो सकती थीं। उनके अनुसार उस दौर में आईपीएल जैसी नई लीग में निवेश को लेकर भी लोगों के मन में काफी अनिश्चितता थी, जबकि आज यह दुनिया की सबसे सफल क्रिकेट लीगों में शामिल है और इसकी फ्रेंचाइजी का मूल्य कई गुना बढ़ चुका है।

    बातचीत के दौरान सुनील शेट्टी ने अभिनेता शाहरुख खान की व्यावसायिक सोच की भी खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि शाहरुख खान ने सही समय पर सही निर्णय लिया और उपयुक्त साझेदारों के साथ मिलकर कोलकाता नाइट राइडर्स फ्रेंचाइजी में निवेश किया। उनके अनुसार दूरदर्शिता और सही समय पर लिया गया फैसला किसी भी बड़े व्यवसाय की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि शाहरुख ने अपने करियर में जिस भी क्षेत्र में कदम रखा, वहां पूरी तैयारी और स्पष्ट सोच के साथ आगे बढ़े।

    सुनील शेट्टी लंबे समय से क्रिकेट के बड़े प्रशंसक रहे हैं और खेल से उनका जुड़ाव किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने कई बार सार्वजनिक मंचों पर क्रिकेट के प्रति अपने लगाव का जिक्र किया है। उनका मानना है कि खेल केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व और टीमवर्क की सीख भी देता है। यही कारण था कि वह आईपीएल जैसी प्रतिष्ठित लीग का हिस्सा बनना चाहते थे।

    अभिनय के मोर्चे पर भी सुनील शेट्टी लगातार सक्रिय हैं। हाल ही में वह मल्टीस्टारर फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ में नजर आए, जिसमें कई प्रमुख कलाकारों ने साथ काम किया। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया और दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त की। इसके साथ ही सुनील शेट्टी आने वाले समय में भी विभिन्न फिल्मों और नए प्रोजेक्ट्स के जरिए दर्शकों का मनोरंजन करते नजर आएंगे।

    सुनील शेट्टी का यह खुलासा इस बात की याद दिलाता है कि बड़े अवसर केवल प्रतिभा से नहीं, बल्कि सही समय, मजबूत आर्थिक सहयोग और दूरदर्शी फैसलों से भी जुड़े होते हैं। आईपीएल की शुरुआती यात्रा में जो सपना अधूरा रह गया, वह आज भारतीय खेल और मनोरंजन उद्योग के विकास की एक दिलचस्प कहानी बन चुका है।

  • हरारे में वापसी को तैयार वैभव सूर्यवंशी, कहा- प्रक्रिया पर भरोसा है, बड़ी पारी खेलने की कोशिश करूंगा

    हरारे में वापसी को तैयार वैभव सूर्यवंशी, कहा- प्रक्रिया पर भरोसा है, बड़ी पारी खेलने की कोशिश करूंगा


    नई दिल्ली ।  भारत और जिम्बाब्वे के बीच 23 जुलाई से हरारे में शुरू होने वाली तीन मैचों की टी20 सीरीज से पहले युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपने प्रदर्शन और तैयारी को लेकर भरोसा जताया है। इंग्लैंड के खिलाफ हालिया टी20 सीरीज में लगातार तीन मैचों में बड़ी पारी नहीं खेल पाने के बावजूद वैभव ने कहा कि क्रिकेट में फॉर्म का ऊपर-नीचे होना सामान्य बात है और उनका पूरा ध्यान प्रक्रिया पर कायम रहने तथा टीम के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर है।

    बीसीसीआई टीवी से बातचीत में वैभव ने कहा कि पिछले चार महीनों में उनके क्रिकेट करियर में कई उतार-चढ़ाव आए हैं, लेकिन यही खेल की प्रकृति है। उन्होंने कहा कि वह अपनी तैयारियों पर पूरा भरोसा रखते हैं और कोचिंग स्टाफ से उन्हें लगातार सही मार्गदर्शन और अभ्यास का पूरा सहयोग मिल रहा है। इससे उनका आत्मविश्वास मजबूत हुआ है।

    वैभव ने हरारे स्पोर्ट्स क्लब को अपने करियर का बेहद खास मैदान बताया। उन्होंने कहा कि कुछ महीने पहले इसी मैदान पर भारत ने अंडर-19 विश्व कप का फाइनल जीता था, जो उनके जीवन का अविस्मरणीय पल है। उसी मैदान पर फिर से भारत की सीनियर टीम का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलना उनके लिए गर्व की बात है।

    युवा बल्लेबाज ने कहा कि हरारे की पिच और परिस्थितियों की उन्हें अच्छी समझ है, क्योंकि अंडर-19 विश्व कप के दौरान यहां कई मुकाबले खेल चुके हैं। उनका मानना है कि उस टूर्नामेंट से मिले अनुभव का फायदा अब इस टी20 सीरीज में मिलेगा और वह उसी आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरेंगे।

    उन्होंने कहा कि अभ्यास के दौरान जिस तरह की तैयारी की है, उसी पर भरोसा रखते हुए अपने स्वाभाविक खेल को जारी रखेंगे। उनका लक्ष्य व्यक्तिगत रिकॉर्ड बनाना नहीं, बल्कि टीम की जीत में महत्वपूर्ण योगदान देना है। वैभव ने उम्मीद जताई कि हरारे में उनका पिछला शानदार प्रदर्शन इस बार भी उन्हें बड़ी पारी खेलने का आत्मविश्वास देगा।

    गौरतलब है कि अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ 80 गेंदों में 175 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर भारत को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। अब क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें एक बार फिर हरारे में उनकी बल्लेबाजी पर टिकी होंगी।