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  • विराट कोहली के टैटू सिर्फ डिजाइन नहीं, जिंदगी के अहम पड़ावों की कहानी हैं; परिवार, आस्था और क्रिकेट से जुड़ी खास यादें

    विराट कोहली के टैटू सिर्फ डिजाइन नहीं, जिंदगी के अहम पड़ावों की कहानी हैं; परिवार, आस्था और क्रिकेट से जुड़ी खास यादें

    नई दिल्ली । क्रिकेट के मैदान पर विराट कोहली को याद करते ही सबसे पहले उनके शॉट्स, आक्रामक अंदाज, जोशीले जश्न और खेल के प्रति जुनून की तस्वीर सामने आती है। इसके बाद उनके रिकॉर्ड और रन याद आते हैं, लेकिन कोहली ने सिर्फ बल्लेबाजी से ही एक पूरी पीढ़ी को प्रभावित नहीं किया। उनकी दाढ़ी, हेयरस्टाइल, पहनावा और अंदाज भी युवाओं के बीच चर्चा का हिस्सा रहे हैं। इन सबके बीच उनके शरीर पर बने टैटू उनकी पहचान का एक ऐसा हिस्सा हैं, जो मैदान से बाहर कोहली के व्यक्तित्व की बिल्कुल अलग तस्वीर दिखाते हैं।

    कोहली के दोनों हाथों पर कई टैटू हैं। पहली नजर में ये डिजाइन किसी रॉकस्टार की तरह बहुत ज्यादा शोर मचाने वाले नहीं लगते, लेकिन इनके पीछे की कहानियां काफी व्यक्तिगत हैं। कहीं परिवार है, कहीं आध्यात्मिकता, कहीं अनुशासन और कहीं जिंदगी को देखने का नजरिया। यही वजह है कि कोहली के लिए टैटू महज शरीर पर बना डिजाइन नहीं, बल्कि उनकी जिंदगी की डायरी जैसा है।

    कोहली के टैटू में क्या-क्या छिपा है?

    विराट कोहली के टैटू कलेक्शन को देखें तो इसमें कई अलग-अलग प्रतीक दिखाई देते हैं। इनमें ऑल-सीइंग आई शामिल है, जिसे कोहली ने इस सोच से जोड़ा है कि इंसान जो कुछ करता है, उसे कोई न कोई देख रहा है और उसके कर्मों का हिसाब रखा जा रहा है। जापानी समुराई का टैटू भी उनके शरीर पर है, जिससे कोहली ताकत, वफादारी, आत्म-अनुशासन और नैतिक व्यवहार जैसे मूल्यों को जोड़ते हैं।

    इसके अलावा उनकी वनडे और टेस्ट कैप के नंबर, उनके पिता और मां के नाम, भगवान शिव का टैटू, जिसमें शिव को कैलाश पर्वत पर ध्यान करते हुए दिखाया गया है, और एक मठ की तस्वीर भी उनके टैटू में शामिल हैं। स्कॉर्पियो, ओम और ट्राइबल डिजाइन भी उनके शरीर पर मौजूद हैं। इन सभी टैटू को एक साथ देखें तो कोहली की मैदान वाली आक्रामक छवि के पीछे एक शांत, आध्यात्मिक और आत्मचिंतन करने वाला पक्ष भी नजर आता है।

    बाएं हाथ की स्लीव अभी भी पूरी क्यों नहीं हुई?

    कोहली के टैटू की खास बात यह भी है कि उनका बायां हाथ अभी पूरी तरह ‘पूरा’ नहीं हुआ है। यह अधूरापन जानबूझकर रखा गया है। इसके पीछे एक दिलचस्प सोच है। कोहली की जिंदगी लगातार बदलती रही है। क्रिकेट करियर में नई उपलब्धियां आईं, निजी जिंदगी में बदलाव हुए और सोच भी समय के साथ विकसित हुई। ऐसे में उनका टैटू भी किसी एक दौर की स्थिर तस्वीर नहीं है। वह लगातार आगे बढ़ रही कहानी की तरह है।

    उनके साथ काम करने वाले कलाकारों के मुताबिक, पिछले तीन साल से ज्यादा समय से कोहली के टैटू पर काम चल रहा है और अभी भी यह प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। बाएं हाथ के डिजाइन का बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है, लेकिन दाहिने हिस्से पर अभी काम बाकी है। हाल में उनके टैटू कलेक्शन में एक और डिजाइन जुड़ा, जो पानी की सतह पर एक बूंद गिरने के बाद बनने वाली लहरों जैसा दिखाई देता है। यानी एक छोटी सी चीज का असर लगातार दूर तक फैलता जाता है।

    क्या कोहली खुद तय करते हैं कि शरीर पर क्या बनेगा?

    कोहली के टैटू को खास बनाने वाली एक और बात यह है कि वह डिजाइन तैयार करने की प्रक्रिया में खुद बेहद सक्रिय रहते हैं। उनके साथ काम करने वाले टैटू आर्टिस्ट बताते हैं कि कोहली सिर्फ कलाकार के सामने बैठकर यह इंतजार नहीं करते कि कलाकार उनके लिए कुछ बना दे। वह हर चीज को समझना चाहते हैं। टैटू आर्टिस्ट के मुताबिक, कोहली टैटू डिजाइन की तकनीकी प्रक्रिया को भी समझने की कोशिश करते हैं। वह डिजाइन की प्रक्रिया में शुरुआत से अंत तक सक्रिय रूप से शामिल रहते हैं।

    क्या टैटूज में हैं कोहली की जिंदगी की कहानी?

    एक बाहरी व्यक्ति के तौर पर, ये डिजाइन बहुत बोल्ड नहीं लगते और इनके तत्व शांत दिखाई देते हैं। लेकिन विराट के लिए ये सभी तत्व बोल्ड हैं, क्योंकि ये खुद उनका प्रतिबिंब हैं। उनका टैटू उनके भीतर की भावनाओं और एहसासों की अभिव्यक्ति है। यही उनकी खूबसूरती है। वह जीवन, अपने करियर और हर चीज के बारे में जो मानते हैं, जो महसूस करते हैं और उनकी जो सोच है, उनका डिजाइन उसी को दर्शाता है। कोहली टैटू की सुंदरता से ज्यादा उसके पीछे की कहानी को महत्व देते हैं।

    किसी क्रिकेटर का टैटू बनाना कितना अलग होता है?

    क्या किसी आम व्यक्ति और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर के लिए टैटू बनाने की प्रक्रिया अलग होती है? इसका जवाब है, डिजाइन बनाने की मूल प्रक्रिया लगभग एक जैसी रहती है, लेकिन टैटू का टॉपिक अलग हो सकता है। कोई अपने साथी का नाम चाहता है, कोई किसी उपलब्धि को याद रखना चाहता है, तो किसी के लिए कोई धार्मिक विश्वास महत्वपूर्ण होता है, लेकिन इसके बाद कलाकार गहराई में जाकर उस विचार के पीछे की असली भावना तक पहुंचने की कोशिश करते हैं। यहीं से टैटू सिर्फ शरीर पर बनाया जाने वाला डिजाइन नहीं रह जाता। वह व्यक्ति के अनुभव का हिस्सा बनने लगता है।

    मैच से पहले टैटू? खिलाड़ियों की रिकवरी कैसे होती है?

    पेशेवर क्रिकेटरों के मामले में टैटू बनवाने के साथ एक और सवाल जुड़ा होता है- अगर कुछ दिन बाद मैच हो तो शरीर पर टैटू का असर क्या होगा? टैटू आर्टिस्ट के मुताबिक, कलाकार खिलाड़ियों को अपनी सलाह देते हैं, लेकिन विराट कोहली और हार्दिक पांड्या जैसे खिलाड़ी अपने शरीर और रिकवरी को बहुत अच्छी तरह समझते हैं। ऐसा भी हुआ है कि विराट ने मैच से कुछ दिन पहले टैटू बनवाया और इसके बाद भी मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया। हार्दिक के साथ भी कुछ ऐसा ही है। हालांकि, आम व्यक्ति के लिए इसे सीधे अपनाना सही नहीं माना जाना चाहिए। एक पेशेवर खिलाड़ी की ट्रेनिंग, खान-पान, चिकित्सकीय निगरानी और रिकवरी व्यवस्था आम व्यक्ति से अलग हो सकती है।

    विराट ही नहीं, पूरी क्रिकेट पीढ़ी ने भी अपनाया यह अंदाज?

    भारत में टैटू हमेशा से मौजूद रहे हैं, लेकिन लंबे समय तक इसे लेकर कई तरह की धारणाएं थीं। टैटू को विद्रोह, अलग तरह के व्यक्तित्व या सिर्फ फैशन से जोड़कर देखा जाता था। पुरानी पीढ़ी के कई बड़े क्रिकेटरों की सार्वजनिक पहचान में टैटू का हिस्सा बहुत कम दिखाई देता था। सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ जैसे खिलाड़ियों की छवि टैटू के बजाय उनके खेल और सादगी से जुड़ी रही। मौजूदा पीढ़ी में तस्वीर काफी अलग है। विराट कोहली, हार्दिक पांड्या और दूसरे खिलाड़ियों ने टैटू को अपनी व्यक्तिगत पहचान का हिस्सा बनाया है।

    और कौन-कौन से भारतीय क्रिकेटर्स ने बनवाए टैटू?

    टैटू अब सिर्फ विराट कोहली की पहचान नहीं हैं। भारतीय क्रिकेट के कई मौजूदा सितारों ने अपनी जिंदगी की अलग-अलग कहानियों को शरीर पर जगह दी है। हार्दिक पांड्या ने अपने रिश्ते से जुड़ी भावना को टैटू के जरिए याद किया है। तिलक वर्मा ने भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था और माता-पिता के प्रति प्रेम को टैटू के जरिए जाहिर किया है। स्मृति मंधाना ने महिला विश्व कप जीत की याद को अपने दाहिने हाथ पर बने टैटू से जोड़ा। वहीं, अर्शदीप सिंह ने भी अपनी गर्लफ्रेंड समरीन कौर के साथ टैटू बनवाकर इस बढ़ती सूची में अपना नाम जोड़ा है। इसके अलावा केएल राहुल और शिखर धवन जैसे क्रिकेटर्स ने भी काफी टैटू बनवाए हैं। यानी भारतीय क्रिकेटरों के लिए टैटू अब केवल फैशन का हिस्सा नहीं रह गया है। यह निजी रिश्तों, उपलब्धियों, आस्था और जिंदगी के महत्वपूर्ण पलों को याद रखने का तरीका भी बनता जा रहा है।

    आखिर खिलाड़ी बार-बार टैटू क्यों बनवाते हैं?

    यही इस पूरी कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा है। अगर टैटू बनवाना सिर्फ फैशन है तो खिलाड़ी बार-बार इसके लिए क्यों लौटते हैं? टैटू को लेकर लोगों की सोच में बदलाव सिर्फ खिलाड़ियों तक सीमित नहीं है। टैटू कलाकारों के पेशे को लेकर नजरिया भी बदला है। टैटू सिर्फ स्टाइल और फैशन के बारे में नहीं हैं। यह भावनाओं का प्रतिबिंब है।

    विराट के लिए टैटू अभी खत्म हुई कहानी नहीं?

    शायद यही वजह है कि विराट कोहली का टैटू कलेक्शन आज भी बढ़ रहा है। उनके लिए यह किसी एक उपलब्धि की याद में बनवाया गया स्थिर चित्र नहीं है। यह उनकी जिंदगी के साथ आगे बढ़ता हुआ एक सफर है। एक माता-पिता की याद हो सकती है। कोई रिश्ता हो सकता है। बचपन की कोई भावना, कोई विश्वास, भगवान के प्रति आस्था, क्रिकेट की कोई उपलब्धि या जिंदगी का कोई बड़ा बदलाव, हर नया अध्याय शरीर पर जगह पा सकता है।

    विराट ने कुछ साल पहले टैटू और अपनी जिंदगी के रिश्ते को बेहद खास तरीके से समझाया था। उन्होंने कहा, ‘मुझे यह समझने के लिए कहीं और देखने की जरूरत नहीं है कि मैं कहां था और अब कहां पहुंच गया हूं। मैं अपने दोनों हाथों को देखकर यह समझ सकता हूं।’ विराट कोहली की क्रिकेट कहानी रन, रिकॉर्ड, शतक और ट्रॉफियों से लिखी गई है, लेकिन उनकी जिंदगी की एक दूसरी डायरी भी है, जिसे हर कोई मैदान के बाहर देख सकता है। वह डायरी उनके दोनों हाथों पर लिखी हुई है।

  • भारत-अफगानिस्तान क्रिकेट सीरीज से पहले नक्शे को लेकर विवाद, वीडियो में गिलगित-बाल्टिस्तान और पीओके भारत का हिस्सा दिखाया गया

    भारत-अफगानिस्तान क्रिकेट सीरीज से पहले नक्शे को लेकर विवाद, वीडियो में गिलगित-बाल्टिस्तान और पीओके भारत का हिस्सा दिखाया गया


    नई दिल्ली ।
    भारत और अफगानिस्तान के बीच आगामी क्रिकेट सीरीज से पहले जारी एक प्रमोशनल वीडियो को लेकर पाकिस्तान में नाराजगी सामने आई है। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के इस वीडियो में भारत का नक्शा दिखाया गया, जिसमें गिलगित-बाल्टिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को भारत का हिस्सा दर्शाया गया है। वीडियो सामने आने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने इस पर आपत्ति जताई है।

    अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने रविवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर यह प्रमोशनल वीडियो साझा किया था। इसमें भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाली आगामी सीरीज को लेकर उत्साह दिखाने की कोशिश की गई। हालांकि वीडियो में इस्तेमाल किए गए नक्शे को लेकर पाकिस्तान में विवाद खड़ा हो गया।

    पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच पिछले कुछ समय से संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं। सीमा विवाद को लेकर दोनों देशों के बीच कई बार झड़प और गोलीबारी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान पर यह आरोप भी लगाया जाता रहा है कि उसकी जमीन का इस्तेमाल तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के हमलों के लिए किया जाता है। अफगानिस्तान इन आरोपों को लेकर अलग रुख रखता है।

    ऐसे माहौल में अफगान क्रिकेट बोर्ड के वीडियो में भारत का नक्शा दिखाया जाना पाकिस्तान के लिए राजनीतिक और कूटनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा बन गया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने इस वीडियो पर आपत्ति जताई है। हालांकि इस मामले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने को लेकर पाकिस्तान की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

    भारत और अफगानिस्तान के संबंधों की बात करें तो दोनों देशों के बीच क्रिकेट के साथ आर्थिक और अन्य क्षेत्रों में भी संपर्क बना हुआ है। भारत और तालिबान के बीच औपचारिक राजनयिक संबंधों की स्थिति अलग होने के बावजूद दोनों देशों के बीच संपर्क और सहयोग के रास्ते खुले हुए हैं। भारत अफगानिस्तान में आर्थिक विकास से जुड़े प्रयासों में भी सहयोग करता रहा है।

    जानकारों के अनुसार, अफगानिस्तान के इस कदम को उसकी स्वतंत्र विदेश नीति के संकेत के तौर पर भी देखा जा सकता है। भारत के साथ संबंधों को आगे बढ़ाने की कोशिश के बीच अफगानिस्तान पाकिस्तान की आपत्तियों से अलग अपनी प्राथमिकताएं दिखाना चाहता है।

    अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने वीडियो के साथ जारी संदेश में भारत और अफगानिस्तान की आगामी सीरीज को दोनों देशों के बीच संबंधों से जोड़ते हुए उत्साह व्यक्त किया। बोर्ड के अनुसार, यह सीरीज दोनों देशों को करीब लाने वाली है और दोनों देशों के साझा इतिहास तथा संस्कृति से भी जुड़ी है।

    भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की यह सीरीज 13, 15 और 17 सितंबर को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेली जानी है। सीरीज को लेकर दोनों देशों के क्रिकेट प्रशंसकों में भी उत्सुकता है।

    इसी बीच भारत और अफगानिस्तान के बीच आर्थिक सहयोग को लेकर भी बातचीत आगे बढ़ी है। दोनों पक्षों ने व्यापार और आर्थिक सहयोग से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में संस्थागत सहयोग मजबूत करने पर सहमति जताई है। इसमें सीमा शुल्क और डेटा साझा करने से जुड़े सहयोग को बढ़ाना, फार्मास्यूटिकल्स और कृषि क्षेत्र में नियामक सहयोग, व्यापार संपर्क बेहतर करना तथा निवेश और व्यापारिक संबंधों को बढ़ावा देना शामिल है।

    इस पूरे घटनाक्रम में क्रिकेट सीरीज के प्रचार के लिए जारी एक वीडियो ने भारत, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच पहले से संवेदनशील क्षेत्रीय मुद्दे को फिर चर्चा में ला दिया है। फिलहाल विवाद का केंद्र वीडियो में दिखाया गया नक्शा और उस पर पाकिस्तान की आपत्ति है।

  • रोहित शर्मा की टीवी पर एंट्री से उठे संन्यास के सवाल, जानिए BCCI के नियम क्या कहते हैं और वनडे करियर पर कितना पड़ेगा असर

    रोहित शर्मा की टीवी पर एंट्री से उठे संन्यास के सवाल, जानिए BCCI के नियम क्या कहते हैं और वनडे करियर पर कितना पड़ेगा असर

    नई दिल्ली । ‘हिटमैन’ के नाम से मशहूर रोहित शर्मा क्रिकेट के मैदान से इतर अब टीवी स्क्रीन पर भी नजर आने वाले हैं। पूर्व भारतीय कप्तान ‘फैमिली फुल हाउस’ से बतौर होस्ट टेलीविजन डेब्यू करने जा रहे हैं। शो का प्रीमियर 19 सितंबर 2026 को होगा। रोहित का यह नया कदम उनके क्रिकेट करियर के आखिरी दौर की ओर इशारा जरूर करता है, लेकिन इसे संन्यास का संकेत मानना जल्दबाजी होगी।

    रोहित शर्मा का सपना भारतीय टीम के लिए वनडे वर्ल्ड कप जीतना है। जब महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में भारतीय टीम ने क्रिकेट वर्ल्ड कप 2011 जीता था, तो रोहित शर्मा उस टीम का हिस्सा नहीं थे। रोहित की कप्तानी में भारत ने 2023 के वर्ल्ड कप में फाइनल तक का सफर तय किया, जहां उसे निराशा हाथ लगी।

    रोहित शर्मा टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल से पहले ही संन्यास ले चुके हैं। हालांकि, वनडे क्रिकेट में उनका सफर जारी है और वह भारतीय टीम की योजनाओं का हिस्सा हैं। टीवी शो की मेजबानी उनके करियर का एक नया पहलू जरूर है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उन्होंने वनडे क्रिकेट छोड़ने का मन बना लिया है।

    ‘फैमिली फुल हाउस’ एक फैमिली एंटरटेनमेंट शो है, जिसमें रोहित शर्मा होस्ट की भूमिका निभाएंगे। शो का पूरा फॉर्मेट अभी सामने नहीं आया है, लेकिन इसके प्रमोशन ने पहले ही लोगों का ध्यान खींच लिया है। प्रोमो में रोहित के कप्तानी के दिनों के चर्चित ‘गार्डन’ कमेंट को भी दोबारा दिखाया गया है। इससे साफ है कि शो में उनके क्रिकेट करियर और उनकी मजेदार शख्सियत की झलक भी देखने को मिल सकती है।

    रोहित शर्मा के टीवी डेब्यू के बाद उनके क्रिकेट भविष्य को लेकर सवाल उठना लाजिमी है, लेकिन टीवी शो की मेजबानी और इंटरनेशनल क्रिकेट को एक साथ जारी रखने में कोई आधिकारिक बाध्यता नहीं है। भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड के नियम में ये कहीं नहीं लिखा है कि इंटरनेशनल क्रिकेट में एक्टिव क्रिकेटर्स टीवी शो होस्ट नहीं कर सकते।

    रोहित शर्मा की नजरें 2027 वनडे विश्व कप पर अभी से हैं। लॉर्ड्स में भारत के पिछले ओडीआई मैच में रोहित ने शानदार शतक लगाया था। वह इस ऐतिहासिक मैदान पर ओडीआई शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज भी बने। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर ओडीआई क्रिकेट में उनकी उपयोगिता को सामने रखा।

    रोहित शर्मा आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए भी खेलते हैं। यानी फिलहाल उनके करियर में क्रिकेट और मनोरंजन, दोनों की भूमिका बढ़ती दिखाई दे रही है। टीवी पर नई पारी की शुरुआत रोहित के करियर में बड़ा बदलाव जरूर है, लेकिन अभी इसे क्रिकेट से विदाई नहीं माना जा सकता। खासकर ओडीआई और 2027 विश्व कप को लेकर उनकी योजनाएं अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं।

  • Shubman Gill को अभिषेक शर्मा के पिता ने दिए 5000 रुपये, मैच के तुरंत बाद वायरल तस्वीर ने जीता फैन्स का ध्यान

    Shubman Gill को अभिषेक शर्मा के पिता ने दिए 5000 रुपये, मैच के तुरंत बाद वायरल तस्वीर ने जीता फैन्स का ध्यान

    नई दिल्ली । भारतीय टीम के कप्तान शुभमन गिल इन दिनों शेर-ए-पंजाब टी20 लीग में बल्ले से दमखम दिखा रहे हैं। फाजिल्का फाल्कन्स की तरफ से सीजन का पहला मैच खेलने उतरे शुभमन गिल ने अपने खेल से फैन्स का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

    मैच के बाद शेर-ए-पंजाब टी20 लीग में कुछ ऐसा हुआ, जिसने फैन्स का दिल जीत लिया। मैच खत्म होने के बाद शुभमन गिल को अभिषेक शर्मा के पापा राजकुमार शर्मा से 5000 रुपये का खास इनाम मिला।

    दरअसल, लुधियाना लायंस के खिलाफ खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में गिल ने महज 21 गेंदों में 40 रनों की तूफानी पारी खेली। अपनी इस पारी के दौरान उन्होंने मैदान के चारों तरफ शॉट लगाए और सबसे ज्यादा 7 शानदार चौके और 1 गगनचुंबी छक्का जड़ा।

    मैच में सबसे ज्यादा चौके लगाने वाले शुभमन गिल के प्रदर्शन से खुश होकर अभिषेक शर्मा के पिता ने गिल को शाबाशी के तौर पर 5000 रुपये का इनाम थमाया। ये पांच हजार रुपये टूर्नामेंट की तरफ से दिए गए हैं, लेकिन गिल को यह अभिषेक के पिता के हाथों से मिला है। शुभमन गिल के साथ अभिषेक शर्मा के पिता की तस्वीर भी तेजी से ध्यान खींच रही है।

    गिल की इस विस्फोटक शुरुआत की बदौलत फाजिल्का फाल्कन्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 9 विकेट खोकर 170 रन बनाए। जवाब में अर्शदीप सिंह की कप्तानी वाली लुधियाना लायंस की टीम आखिरी गेंद तक लड़ी, लेकिन 169 रन ही बना सकी और फाल्कन्स ने यह मैच 1 रन के बेहद नजदीकी अंतर से जीत लिया।

    लुधियाना के गेंदबाज कार्तिक चड्ढा ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 4 ओवर में सिर्फ 9 रन देकर 4 विकेट चटकाए, जिसमें शुभमन गिल का बड़ा विकेट भी शामिल था। गिल के आउट होने के बाद प्रेरित दत्ता ने 36 रन और जयवीर भिंडर ने 21 रन बनाकर टीम का स्कोर 170 तक पहुंचाया।

    लुधियाना को जीत के लिए आखिरी ओवर में 19 रन चाहिए थे। 16 गेंदों में 37 रन जड़ने वाले माधव पठानिया ने पूरी ताकत झोंकी, लेकिन आखिरी गेंद पर छक्के की जगह सिर्फ चौका ही मार सके। इस तरह शुभमन गिल की टीम फाजिल्का फाल्कन्स एक रन से मैच जीतने में सफल रही।

  • पाकिस्तान के पूर्व बल्लेबाज का बड़ा दावा, विश्व कप जीत के बाद खिलाड़ियों में बढ़ी कप्तानी की होड़ और जिम्मेदारी हुई कमजोर

    पाकिस्तान के पूर्व बल्लेबाज का बड़ा दावा, विश्व कप जीत के बाद खिलाड़ियों में बढ़ी कप्तानी की होड़ और जिम्मेदारी हुई कमजोर

    नई दिल्ली । पाकिस्तान क्रिकेट टीम के मौजूदा प्रदर्शन और लगातार बदलते हालात को लेकर पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद यूसुफ ने गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने टीम की मौजूदा स्थिति के पीछे कई कारणों का जिक्र करते हुए 2021 टी20 विश्व कप में भारत के खिलाफ मिली ऐतिहासिक जीत को एक अहम मोड़ बताया। यूसुफ के मुताबिक उस मुकाबले के बाद टीम के कुछ खिलाड़ियों में आत्मसंतुष्टि बढ़ी और आगे बेहतर प्रदर्शन के लिए जरूरी निरंतरता कमजोर पड़ गई।

    2021 के टी20 विश्व कप में पाकिस्तान ने भारत को 10 विकेट से हराया था। यह विश्व कप में भारत के खिलाफ पाकिस्तान की पहली जीत थी। मुकाबले में पाकिस्तान ने 152 रन का लक्ष्य बिना कोई विकेट गंवाए हासिल किया था। बाबर आजम ने नाबाद 68 रन और मोहम्मद रिजवान ने 79 रन की पारी खेलकर टीम को शानदार जीत दिलाई थी। उस समय इस सफलता को पाकिस्तान क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धि माना गया था।

    हालांकि, मोहम्मद यूसुफ का मानना है कि इसी जीत के बाद टीम के भीतर अपेक्षाओं और रवैये में बदलाव आने लगा। उनका कहना है कि खिलाड़ियों को लगा कि उन्होंने बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है, जबकि किसी भी टीम के लिए एक बड़ी जीत के बाद भी लगातार सुधार और मेहनत जरूरी होती है। उनके मुताबिक सफलता के बाद जमीन से जुड़े रहना और अपनी कमियों पर काम करते रहना बेहद महत्वपूर्ण है।

    यूसुफ ने खिलाड़ियों के रवैये पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर कोई खिलाड़ी अच्छे प्रदर्शन के बाद खुद को बहुत बड़ा समझने लगे और विरोधी टीम का सम्मान करना कम कर दे, तो इससे समस्याएं पैदा होती हैं। उनके मुताबिक पाकिस्तान क्रिकेट में पिछले कुछ वर्षों के दौरान ऐसी कई परेशानियां सामने आई हैं, जिनका असर टीम के प्रदर्शन पर दिखाई दिया।

    पूर्व क्रिकेटर ने टीम के भीतर कप्तानी को लेकर पैदा हुई प्रतिस्पर्धा को भी नुकसानदायक बताया। उनका दावा है कि 2021 की जीत के बाद टीम में कई लोग कप्तान बनने की कोशिश में लगे रहे। इससे खिलाड़ियों का ध्यान अपने प्रदर्शन और टीम की जरूरतों से हटकर व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं की तरफ गया।

    पाकिस्तान ने पिछले कुछ वर्षों में वनडे विश्व कप, टी20 विश्व कप, एशिया कप और चैंपियंस ट्रॉफी जैसे बड़े टूर्नामेंटों में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं किया। लगातार अस्थिरता, कप्तानी में बदलाव और टीम संयोजन से जुड़े फैसलों ने भी पाकिस्तान क्रिकेट की मुश्किलें बढ़ाई हैं।

    यूसुफ ने क्रिकेट बोर्ड की भूमिका पर भी अपनी बात रखी। उनके अनुसार बोर्ड ने टीम को संभालने के लिए कई स्तरों पर बदलाव किए और अलग-अलग कोचों को जिम्मेदारी दी। इसके बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि आखिरकार बोर्ड को कुछ कड़े फैसले लेने पड़े और वह मौजूदा फैसलों का समर्थन करते हैं।

    उनकी टिप्पणियों से साफ है कि पाकिस्तान क्रिकेट की समस्या को वह केवल खिलाड़ियों के प्रदर्शन तक सीमित नहीं मानते। उनके मुताबिक टीम के भीतर अनुशासन, जिम्मेदारी, नेतृत्व और निरंतरता जैसे पहलुओं को मजबूत करना जरूरी है। पाकिस्तान क्रिकेट के लिए आगे की राह आसान नहीं है और टीम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पुरानी प्रतिष्ठा हासिल करने के लिए प्रदर्शन के साथ-साथ सोच और कार्यशैली में भी सुधार करना होगा।

  • एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड बचाने उतरेगा भारत, 2023 की चैंपियन टीम से पुरुष और महिला स्क्वॉड में कितना बदलाव हुआ

    एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड बचाने उतरेगा भारत, 2023 की चैंपियन टीम से पुरुष और महिला स्क्वॉड में कितना बदलाव हुआ

    नई दिल्ली । एशियन गेम्स 2023 में क्रिकेट के मैदान पर भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष और महिला दोनों वर्गों में गोल्ड मेडल अपने नाम किए थे। अब 2026 में टीम इंडिया एक बार फिर उसी सफलता को दोहराने के इरादे से मैदान में उतरेगी। हालांकि चार साल के अंतराल में दोनों टीमों की तस्वीर काफी बदल गई है। पुरुष टीम में जहां बड़े पैमाने पर बदलाव हुआ है, वहीं महिला टीम अपेक्षाकृत ज्यादा स्थिर नजर आ रही है।

    पुरुष टीम की बात करें तो 2023 में भारत की कप्तानी ऋतुराज गायकवाड़ ने संभाली थी, लेकिन 2026 में टीम की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में है। 2023 की 15 सदस्यीय टीम में से सिर्फ पांच खिलाड़ी ही 2026 के स्क्वॉड में जगह बनाए रखने में सफल रहे हैं। तिलक वर्मा, शिवम दुबे, वॉशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई और अर्शदीप सिंह अब भी टीम का हिस्सा हैं।

    इसके अलावा पुरुष टीम में 10 नए चेहरे शामिल किए गए हैं। बल्लेबाजी में श्रेयस अय्यर और युवा वैभव सूर्यवंशी जैसे नाम हैं। ऑलराउंड विभाग में अभिषेक शर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी और अक्षर पटेल के विकल्प मौजूद हैं। विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संजू सैमसन और ईशान किशन संभाल सकते हैं। गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा और वरुण चक्रवर्ती जैसे नाम टीम को अतिरिक्त मजबूती देते हैं।

    2023 में भारत ने पुरुष क्रिकेट के क्वार्टर फाइनल में नेपाल को 23 रन से हराया था। इसके बाद सेमीफाइनल में बांग्लादेश को नौ विकेट से मात दी। फाइनल में भारत का सामना अफगानिस्तान से हुआ, लेकिन बारिश के कारण भारतीय पारी शुरू नहीं हो सकी और मुकाबला नो रिजल्ट रहा। बेहतर वरीयता के आधार पर भारत को गोल्ड मेडल दिया गया था।

    2026 में पुरुष टीम अपना पहला मुकाबला 28 सितंबर को निसिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेलेगी। बदली हुई टीम के सामने चुनौती पिछले प्रदर्शन को दोहराने के साथ नए खिलाड़ियों के तालमेल को मजबूत करने की होगी।

    महिला टीम में पुरुषों की तुलना में बदलाव थोड़ा कम है। 2023 की 15 सदस्यीय टीम में से छह खिलाड़ी 2026 के स्क्वॉड में बरकरार हैं। स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, हरमनप्रीत कौर, दीप्ति शर्मा और ऋचा घोष अब भी टीम का हिस्सा हैं। सबसे अहम बात यह है कि हरमनप्रीत कौर इस बार भी टीम की कप्तान हैं।

    महिला टीम में बल्लेबाजी की मुख्य धुरी काफी हद तक वही है। गेंदबाजी विभाग में रेणुका सिंह ठाकुर, राधा यादव, श्री चरणी और क्रांति गौड़ जैसे विकल्प मौजूद हैं। विकेटकीपिंग में ऋचा घोष के साथ गुनालन कमलिनी नया विकल्प हैं।

    2023 में महिला टीम ने फाइनल में श्रीलंका को 19 रन से हराकर गोल्ड जीता था। इससे पहले सेमीफाइनल में भारत ने बांग्लादेश को आठ विकेट से मात दी थी। 2026 में महिला टीम अपने अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को जापान के खिलाफ पहले क्वार्टर फाइनल से करेगी।

    कुल मिलाकर 2023 से 2026 के बीच पुरुष टीम में बदलाव ज्यादा बड़ा है, जबकि महिला टीम की मुख्य बल्लेबाजी और नेतृत्व संरचना काफी हद तक बरकरार है। दोनों टीमों के सामने अब बदले हुए स्क्वॉड के साथ एशियन गेम्स में भारत का दबदबा कायम रखने और लगातार दूसरी बार क्रिकेट में गोल्ड जीतने की चुनौती होगी।

  • JPN vs IND: पहली बार भारत से टी20 इंटरनेशनल खेलेगा जापान, जानिए टीम के स्टार खिलाड़ियों और बड़े रिकॉर्ड्स की पूरी कहानी

    JPN vs IND: पहली बार भारत से टी20 इंटरनेशनल खेलेगा जापान, जानिए टीम के स्टार खिलाड़ियों और बड़े रिकॉर्ड्स की पूरी कहानी

    नई दिल्ली । क्रिकेट के मैदान पर भारत और जापान की सीनियर पुरुष टीमें पहली बार टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में आमने-सामने होने जा रही हैं। यह ऐतिहासिक मुकाबला 22 सितंबर 2026 को जापान के तोचिगी प्रांत स्थित सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जाएगा। दोनों टीमों के बीच होने वाला यह मुकाबला जापानी क्रिकेट के लिए बेहद खास माना जा रहा है।

    भारत और जापान इससे पहले सीनियर पुरुष टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में आमने-सामने नहीं आए हैं। ऐसे में 22 सितंबर को होने वाला मुकाबला दोनों देशों के क्रिकेट इतिहास में नया अध्याय जोड़ेगा। यह मैच सुजुकी कप के तहत खेला जाएगा और एशियाई खेलों से पहले भारतीय टीम के लिए भी अहम मुकाबला होगा।

    जापान की क्रिकेट टीम भारत की तरह क्रिकेट की बड़ी ताकत नहीं है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में टीम ने टी20 क्रिकेट में लगातार अपनी स्थिति मजबूत की है। जापान ने अपना पहला टी20 इंटरनेशनल मुकाबला अक्टूबर 2022 में खेला था। इसके बाद टीम ने कई अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन करते हुए अपनी पहचान बनाई है।

    जापानी टीम में केंडल कडोवाकी-फ्लेमिंग, सबाओरिश रविचंद्रन, लैकलन यामामोटो-लेक, इब्राहिम ताकाहाशी और डेक्लान सुजुकी जैसे खिलाड़ी अहम भूमिका निभाते हैं। बल्लेबाजी की बात करें तो केंडल कडोवाकी-फ्लेमिंग जापान के टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों में शामिल हैं। उनके नाम 1760 रन दर्ज हैं।

    सबाओरिश रविचंद्रन जापान के प्रमुख ऑलराउंड खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। उन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से टीम को योगदान दिया है। टी20 इंटरनेशनल में जापान की ओर से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में भी उनका नाम सबसे ऊपर है। उनके नाम 54 विकेट दर्ज हैं।

    लैकलन यामामोटो-लेक भी जापानी क्रिकेट के प्रमुख बल्लेबाजों में शामिल रहे हैं। उनके नाम टी20 इंटरनेशनल में 825 रन दर्ज हैं। फरवरी 2024 में चीन के खिलाफ उन्होंने नाबाद 134 रन की शानदार पारी खेली थी। यह जापान की ओर से टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है।

    जापान के गेंदबाजी रिकॉर्ड में रियो सकुरानो-थॉमस का नाम भी खास है। उन्होंने फरवरी 2024 में थाईलैंड के खिलाफ 26 रन देकर छह विकेट हासिल किए थे। यह जापान की ओर से टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत गेंदबाजी प्रदर्शन है।

    इब्राहिम ताकाहाशी भी टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं। उन्होंने जापान के लिए टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 623 रन बनाए हैं और गेंदबाजी में 40 विकेट भी हासिल किए हैं। वहीं माकोटो तानियामा के नाम 38 विकेट दर्ज हैं। ऐसे में जापानी टीम के पास भारत जैसी मजबूत टीम के सामने खुद को साबित करने के लिए कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं।

    भारत के खिलाफ मुकाबला जापान के खिलाड़ियों के लिए अब तक की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक होगा। भारतीय टीम के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का लंबा अनुभव और विश्व स्तर के खिलाड़ी हैं। इसके बावजूद जापान अपने घरेलू मैदान पर बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेगा।

    यह मुकाबला भारत और जापान के बीच खेल संबंधों के लिए भी महत्वपूर्ण है। दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों से भी इस मैच को जोड़ा गया है। इस मुकाबले के जरिए जापान में क्रिकेट को और लोकप्रिय बनाने तथा दोनों देशों के बीच खेल सहयोग को मजबूत करने की कोशिश होगी।

    22 सितंबर को होने वाला भारत-जापान टी20 इंटरनेशनल मुकाबला इसलिए भी खास रहेगा क्योंकि पहली बार दोनों देशों की सीनियर पुरुष टीमें क्रिकेट के सबसे तेज लोकप्रिय प्रारूप में आमने-सामने होंगी। जापानी खिलाड़ियों के रिकॉर्ड और भारत की मजबूत टीम के बीच यह मुकाबला क्रिकेट प्रशंसकों के लिए एक नया और यादगार अध्याय बन सकता है।

  • ND vs PAK: भारत-पाकिस्तान के महामुकाबले की बढ़ सकती है संख्या, ICC ट्राई-सीरीज या चार टीमों वाले टूर्नामेंट पर कर रहा विचार

    ND vs PAK: भारत-पाकिस्तान के महामुकाबले की बढ़ सकती है संख्या, ICC ट्राई-सीरीज या चार टीमों वाले टूर्नामेंट पर कर रहा विचार

    नई दिल्ली । क्रिकेट फैन्स के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबलों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। दोनों पड़ोसी देशों के बीच क्रिकेट मुकाबले हमेशा से दर्शकों के लिए बेहद खास रहे हैं और अब आने वाले समय में इनके बीच ज्यादा मैच देखने का रास्ता खुल सकता है।

    भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज नहीं खेली जा रही है। दोनों टीमें मुख्य रूप से बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में आमने-सामने आती हैं। ऐसे में दोनों देशों के क्रिकेट फैन्स को भारत-पाकिस्तान मुकाबले के लिए बड़े टूर्नामेंट का इंतजार करना पड़ता है।

    अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के कार्यक्रम को लेकर एक नए प्रारूप पर विचार किया जा रहा है। इसमें भारत और पाकिस्तान को एक साथ शामिल करते हुए ट्राई-सीरीज या चार टीमों वाली बहुराष्ट्रीय सीरीज आयोजित करने का विकल्प सामने आया है। इस तरह के आयोजन का उद्देश्य रोमांचक मुकाबलों के साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के व्यावसायिक आकर्षण को बढ़ाना भी हो सकता है।

    अगर इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाया जाता है तो भारत और पाकिस्तान के बीच एक ही टूर्नामेंट में मुकाबले होने की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि अभी इसे अंतिम कार्यक्रम या आधिकारिक तौर पर तय सीरीज नहीं माना जा सकता है। प्रस्तावित प्रारूप पर चर्चा और संभावनाओं के स्तर पर ही जानकारी सामने आई है।

    भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मुकाबलों की लोकप्रियता किसी से छिपी नहीं है। दोनों टीमों के बीच होने वाला मैच दुनियाभर में बड़ी संख्या में दर्शकों को आकर्षित करता है। यही वजह है कि किसी भी बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट में दोनों टीमों के आमने-सामने आने पर मुकाबले को लेकर उत्साह काफी बढ़ जाता है।

    हाल के वर्षों में दोनों टीमों के बीच मुकाबले मुख्य रूप से आईसीसी और अन्य बहुराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक सीमित रहे हैं। ऐसे में अगर नया बहुराष्ट्रीय प्रारूप तैयार होता है और उसमें भारत तथा पाकिस्तान को जगह मिलती है, तो क्रिकेट प्रशंसकों को दोनों टीमों के बीच ज्यादा मुकाबले देखने का अवसर मिल सकता है।

    ट्राई-सीरीज के प्रारूप में तीन टीमें हिस्सा लेती हैं और टूर्नामेंट के दौरान एक-दूसरे के खिलाफ मुकाबले खेले जाते हैं। इसी तरह चार टीमों के प्रारूप में मुकाबलों की संख्या और संभावित कार्यक्रम को अलग तरीके से तैयार किया जा सकता है। भारत और पाकिस्तान की मौजूदगी ऐसे किसी आयोजन को दर्शकों के लिहाज से बेहद आकर्षक बना सकती है।

    फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस तरह की किसी सीरीज को लेकर अंतिम घोषणा नहीं हुई है। प्रस्ताव पर आगे क्या फैसला लिया जाता है और भारत तथा पाकिस्तान को इसमें किस तरह शामिल किया जाता है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।

    अगर यह योजना आकार लेती है तो क्रिकेट फैन्स के लिए यह बड़ी खुशखबरी साबित हो सकती है। भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर हमेशा रहने वाला रोमांच नए बहुराष्ट्रीय प्रारूप के जरिए और बढ़ सकता है। इससे दोनों टीमों के बीच मुकाबलों की संख्या बढ़ने की संभावना भी मजबूत हो सकती है।

  • गॉल टेस्ट में श्रीलंका पर धमाकेदार जीत से भारतीय टीम की डब्ल्यूटीसी स्थिति मजबूत, फाइनल का समीकरण हुआ दिलचस्प

    गॉल टेस्ट में श्रीलंका पर धमाकेदार जीत से भारतीय टीम की डब्ल्यूटीसी स्थिति मजबूत, फाइनल का समीकरण हुआ दिलचस्प

    नई दिल्ली ।गॉल में खेले गए पहले टेस्ट मैच के पांचवें दिन भारतीय क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान श्रीलंका को 165 रनों के भारी अंतर से हरा दिया। इस बड़ी जीत के साथ ही भारत ने दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है। इस मुकाबले में मिली जीत से आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप की अंक तालिका में भारतीय टीम के खाते में महत्वपूर्ण अंक जुड़े हैं और उसकी फाइनल में पहुंचने की संभावनाएं काफी मजबूत हुई हैं।

    मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का भारतीय कप्तान का फैसला पूरी तरह सही साबित हुआ। पहली पारी में देवदत्त पड़िक्कल ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए अपने करियर का पहला टेस्ट शतक जमाया और 167 रनों की यादगार पारी खेली। भारत की पहली पारी 462 रनों पर समाप्त हुई, जिसके जवाब में श्रीलंकाई टीम अपनी पहली पारी में 284 रन ही बना सकी। इससे भारतीय टीम को पहली पारी के आधार पर 178 रनों की मजबूत बढ़त हासिल हुई।

    दूसरी पारी में भारतीय बल्लेबाजों ने तेज गति से रन बनाते हुए श्रीलंका के सामने जीत के लिए 372 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा। दूसरी पारी के दौरान विकेटकीपर बल्लेबाज ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए एक बड़ा कीर्तिमान भी अपने नाम किया। जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी मेजबान टीम भारतीय गेंदबाजों के सटीक आक्रमण के सामने टिक नहीं सकी और पूरी टीम सस्ते में सिमट गई।

    भारत की इस जीत में गेंदबाजों का योगदान बेहद सराहनीय रहा। युवा स्पिनर मानव सुथार ने मैच में घातक गेंदबाजी करते हुए पहली पारी में चार और दूसरी पारी में छह विकेट झटके। पूरे मैच में कुल दस विकेट लेकर उन्होंने श्रीलंकाई टीम को मुकाबले में वापसी का कोई अवसर नहीं दिया। उनके इस शानदार प्रदर्शन ने भारत की जीत की राह आसान कर दी।

    वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप 2025-27 की ताजा रैंकिंग के अनुसार भारतीय टीम अब 10 मैचों में 5 जीत, 4 हार और 1 ड्रॉ के साथ 64 अंक अर्जित कर 53.33 प्रतिशत पीसीटी के साथ पांचवें स्थान पर बनी हुई है। वहीं भारत से करारी हार झेलने के बाद श्रीलंकाई टीम तालिका में खिसक कर छठे पायदान पर आ गई है। वर्तमान तालिका में ऑस्ट्रेलिया शीर्ष स्थान पर बना हुआ है, जबकि दक्षिण अफ्रीका दूसरे और न्यूजीलैंड तीसरे स्थान पर मौजूद हैं।

    सीरीज का दूसरा और अंतिम टेस्ट मैच 23 अगस्त से कोलंबो के ऐतिहासिक मैदान पर खेला जाएगा। इस सीरीज के समाप्त होने के बाद भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेलनी है। मध्य प्रदेश सहित पूरे देश के क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि भारतीय टीम आगामी मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन बरकरार रखकर फाइनल में अपनी जगह कैसे पक्की करती है।

  • जापान में आयोजित एशियन गेम्स में दिखेगा युवा खिलाड़ियों का जलवा, वैभव सूर्यवंशी और यू जिडी पर टिकी नजरें

    जापान में आयोजित एशियन गेम्स में दिखेगा युवा खिलाड़ियों का जलवा, वैभव सूर्यवंशी और यू जिडी पर टिकी नजरें


    नई दिल्ली ।
    जापान के आइची नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले 20वें एशियन गेम्स में दुनिया भर के युवा खिलाड़ियों का जलवा देखने को मिलेगा। इस बहुखेल प्रतियोगिता में लगभग 15 हजार खिलाड़ी और अधिकारी भाग लेंगे। इस बार प्रतियोगिता में कई बेहद कम उम्र के प्रतिभावान खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने उतर रहे हैं, जिनमें भारत के उभरते क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी और चीन की युवा स्विमिंग स्टार यू जिडी प्रमुख रूप से शामिल हैं।

    भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक की प्रबल दावेदार मानी जा रही है। भारत अपने पिछले खिताब की रक्षा करने के इरादे से मैदान में उतरेगा। भारत की टीम में 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे, जिन्होंने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखते हुए अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से ध्यान खींचा है। एशियाई खेलों में क्रिकेट के सभी मुकाबले जापान में विशेष रूप से तैयार किए गए नए क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे।

    चीन की तैराक यू जिडी प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ियों में से एक होंगी। महज 13 वर्ष की आयु में अंतरराष्ट्रीय पहचान बना चुकीं यू जिडी ने पिछले वर्ष महिलाओं की 200 मीटर इंडिविजुअल मेडले स्पर्धा में नया एशियाई रिकॉर्ड स्थापित किया था। नागोया खेलों में वह चीन की मजबूत स्विमिंग टीम की ओर से मुख्य दावेदार के रूप में हिस्सा लेंगी। चीन इस बार भी पदक तालिका में शीर्ष पर रहने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगा।

    टेनिस स्पर्धा में फिलीपींस की 21 वर्षीय खिलाड़ी एलेक्जेंड्रा ईला भी एक बड़े नाम के रूप में चुनौती पेश करेंगी। हाल ही में वाशिंगटन ओपन जीतकर इतिहास रचने वाली ईला के शानदार प्रदर्शन से फिलीपींस में इस खेल के प्रति युवाओं का आकर्षण तेजी से बढ़ा है। उनके भाग लेने से एशियन गेम्स के टेनिस मुकाबलों में कड़ा मुकाबला देखने को मिलने की संभावना जताई जा रही है।

    आयोजकों ने खिलाड़ियों और अधिकारियों के ठहरने के लिए अनोखी व्यवस्था की है। लगभग 4,000 से 5,000 खिलाड़ियों को एक क्रूज शिप में ठहराया जाएगा, जिसमें स्विमिंग पूल, रेस्तरां और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा नागोया के गार्डन पियर क्षेत्र में विशेष रूप से तैयार किए गए लकड़ी के अस्थायी कंटेनर घरों में भी लगभग 2,000 खिलाड़ियों के रहने का प्रबंध किया गया है। तैराकी और घुड़सवारी जैसे कुछ विशेष मुकाबले टोक्यो में आयोजित किए जाएंगे।

    इस बार प्रतियोगिता में एथलेटिक्स, स्विमिंग, फुटबॉल और कबड्डी के साथ-साथ मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स, पैडल, टेकबॉल और वर्चुअल ताइक्वांडो जैसे नए खेलों को शामिल किया गया है। साथ ही ई-स्पोर्ट्स की भी वापसी हो रही है। मध्य प्रदेश सहित देश भर के खेल प्रेमी इन ऐतिहासिक खेलों में भारतीय दल और विशेषकर युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर अपनी नजरें जमाए हुए हैं।