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  • फ्लिंटॉफ ने छोड़ा इंग्लैंड लायंस का हेड कोच पद, अब BBL में नई जिम्मेदारी संभालने की तैयारी

    फ्लिंटॉफ ने छोड़ा इंग्लैंड लायंस का हेड कोच पद, अब BBL में नई जिम्मेदारी संभालने की तैयारी


    नई दिल्ली। इंग्लैंड क्रिकेट के दिग्गज ऑलराउंडर एंड्रयू फ्लिंटॉफ ने इंग्लैंड लायंस के हेड कोच पद से इस्तीफा दे दिया है। सितंबर 2024 में इंग्लैंड लायंस की जिम्मेदारी संभालने वाले फ्लिंटॉफ ने करीब दो साल तक युवा खिलाड़ियों के साथ काम करने के बाद अब अपने कोचिंग करियर में नई चुनौती स्वीकार करने का फैसला किया है। फ्लिंटॉफ इस साल के अंत में ऑस्ट्रेलिया की मशहूर बिग बैश लीग में सिडनी थंडर के साथ जुड़ेंगे। यह उनकी पहली फुल टाइम कोचिंग भूमिका होगी और उनके करियर के लिहाज से इसे एक अहम कदम माना जा रहा है।

    इंग्लैंड लायंस के साथ अपने कार्यकाल को लेकर फ्लिंटॉफ ने कहा कि उन्होंने इस पद से हटने का फैसला काफी सोच विचार के बाद लिया है। उन्होंने इंग्लैंड की अगली पीढ़ी के क्रिकेटरों के साथ काम करने को बेहद खास अनुभव बताया। फ्लिंटॉफ के मुताबिक युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ते हुए देखना उनके लिए गर्व की बात रही है। उन्होंने लायंस के कोचिंग स्टाफ और सपोर्ट टीम का भी आभार जताया और उनके जुनून तथा लगातार मेहनत की सराहना की।

    फ्लिंटॉफ ने खास तौर पर एड बार्नी और रॉब का जिक्र करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस भूमिका ने उन्हें न केवल युवा क्रिकेटरों के साथ काम करने का मौका दिया बल्कि एक कोच के तौर पर खुद को आगे बढ़ाने का अवसर भी दिया। अब वह सिडनी थंडर के साथ काम शुरू करने को लेकर उत्साहित हैं और यह देखना चाहते हैं कि कोचिंग का उनका सफर आगे किस दिशा में जाता है।

    फ्लिंटॉफ के इंग्लैंड लायंस से अलग होने की घोषणा सिडनी थंडर द्वारा उन्हें आगामी बिग बैश लीग सीजन के लिए हेड कोच नियुक्त किए जाने के करीब दो महीने बाद हुई है। इंग्लैंड के लिए लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले फ्लिंटॉफ अब ऑस्ट्रेलिया की घरेलू टी20 प्रतियोगिता में अपनी कोचिंग क्षमता का इस्तेमाल करते नजर आएंगे। उनके अनुभव और आक्रामक क्रिकेट की समझ को देखते हुए सिडनी थंडर के साथ उनकी नियुक्ति को अहम माना जा रहा है।

    इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के मेंस परफॉर्मेंस डायरेक्टर एड बार्नी ने भी फ्लिंटॉफ के कार्यकाल की जमकर तारीफ की है। बार्नी के अनुसार फ्लिंटॉफ ने इंग्लैंड लायंस के माहौल को एक ऐसे मजबूत कार्यक्रम में बदलने में अहम भूमिका निभाई जिसका युवा खिलाड़ियों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा। उन्होंने ऐसा वातावरण तैयार किया जहां खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन करने के साथ अपनी क्षमता को भी लगातार विकसित कर सकें।

    बार्नी ने यह भी कहा कि फ्लिंटॉफ के साथ काम करते हुए युवा और अनुभवी दोनों तरह के कोचों को आगे बढ़ने का अवसर मिला। उन्होंने टीम के कोचिंग ग्रुप में मौजूद विशेषज्ञता का बेहतर इस्तेमाल किया और इंग्लैंड की अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों को तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। ईसीबी ने फ्लिंटॉफ को उनके कोचिंग करियर के अगले चरण के लिए शुभकामनाएं दी हैं और भविष्य में इंग्लिश क्रिकेट में उनकी वापसी की उम्मीद भी जताई है।

    फ्लिंटॉफ के जाने के बाद ईसीबी ने आगामी चार दिवसीय मुकाबले के लिए अंतरिम व्यवस्था भी कर दी है। 12 अगस्त से बेकनहैम में प्रोफेशनल काउंटी क्लब सिलेक्ट इलेवन और पाकिस्तान के बीच होने वाले मुकाबले में माइक यार्डी इंग्लैंड लायंस की ओर से कोचिंग जिम्मेदारी संभालेंगे। फ्लिंटॉफ की विदाई के साथ इंग्लैंड लायंस में एक दौर का अंत हुआ है लेकिन उनके लिए कोचिंग करियर में एक नई और रोमांचक शुरुआत होने जा रही है।

  • पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले इंग्लैंड का बड़ा दांव शानदार फॉर्म के दम पर डैन लॉरेंस की वापसी

    पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले इंग्लैंड का बड़ा दांव शानदार फॉर्म के दम पर डैन लॉरेंस की वापसी


    नई दिल्ली। इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ आगामी तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के शुरुआती दो मुकाबलों के लिए अपनी 16 सदस्यीय टीम की घोषणा कर दी है। टीम चयन में सबसे बड़ी खबर शानदार फॉर्म में चल रहे बल्लेबाजी ऑलराउंडर डैन लॉरेंस की वापसी है जबकि युवा बल्लेबाज जैकब बेथेल चोट के कारण पूरी टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं। इंग्लैंड ने अनुभव और मौजूदा प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए संतुलित टीम तैयार की है जिससे पाकिस्तान के खिलाफ घरेलू परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाने की कोशिश की जाएगी।

    पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 19 अगस्त से लीड्स में खेला जाएगा। इसके बाद दूसरा टेस्ट 27 अगस्त से ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर होगा जबकि तीसरा और अंतिम मुकाबला 9 सितंबर से बर्मिंघम में आयोजित किया जाएगा। शुरुआती दो टेस्ट के लिए घोषित टीम में कई ऐसे खिलाड़ियों को मौका मिला है जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया है।

    डैन लॉरेंस की वापसी उनके शानदार काउंटी चैंपियनशिप प्रदर्शन का इनाम मानी जा रही है। सरे की ओर से खेलते हुए उन्होंने इस सीजन में पांच शतक जड़े हैं और 788 रन बनाकर डिवीजन वन के सबसे सफल बल्लेबाजों में शामिल रहे हैं। लॉरेंस केवल भरोसेमंद बल्लेबाज ही नहीं बल्कि उपयोगी ऑफ स्पिन गेंदबाज भी हैं। ऐसे में वह बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी टीम को अतिरिक्त विकल्प देंगे। माना जा रहा है कि वह मध्यक्रम में नंबर छह पर बल्लेबाजी करेंगे और जरूरत पड़ने पर गेंद से भी अहम भूमिका निभाएंगे।

    दूसरी ओर इंग्लैंड को जैकब बेथेल की गैरमौजूदगी का झटका लगा है। भारत के खिलाफ हाल ही में खेली गई वनडे सीरीज के दौरान उनके दाहिने घुटने में चोट लग गई थी। मेडिकल टीम की निगरानी के बावजूद वह पूरी तरह फिट नहीं हो सके और इसी कारण उन्हें पूरी टेस्ट सीरीज से बाहर रहना पड़ेगा। उनकी जगह जॉर्डन कॉक्स को शीर्ष क्रम में बल्लेबाजी की जिम्मेदारी दी गई है। कॉक्स नंबर तीन पर उतरेंगे और टीम प्रबंधन को उनसे बड़ी पारियों की उम्मीद होगी।

    टीम चयन में नए नियुक्त मुख्य कोच स्टीफन फ्लेमिंग और मार्कस ट्रेस्कोथिक की अहम भूमिका रही। हालांकि इस सीरीज में ट्रेस्कोथिक अंतरिम मुख्य कोच की जिम्मेदारी निभाएंगे जबकि फ्लेमिंग इसके बाद पूरी तरह टीम की कमान संभालेंगे। चयनकर्ताओं ने अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा प्रतिभाओं का संतुलन बनाए रखने की रणनीति अपनाई है।

    इंग्लैंड ने विकेटकीपर बल्लेबाज ओली पोप और तेज गेंदबाज ब्रायडन कार्स को भी टीम में वापस शामिल किया है। दोनों खिलाड़ी पिछली एशेज सीरीज के बाद पहली बार टेस्ट टीम का हिस्सा बने हैं। इसके अलावा सैम कुक और ओली रॉबिन्सन जैसे तेज गेंदबाजों को भी मौका दिया गया है जिससे गेंदबाजी आक्रमण और मजबूत नजर आ रहा है। कप्तान जो रूट के नेतृत्व में टीम पाकिस्तान के खिलाफ घरेलू मैदान पर जीत के साथ सीरीज की शुरुआत करना चाहेगी।

    पाकिस्तान के खिलाफ शुरुआती दो टेस्ट के लिए इंग्लैंड की टीम:
    जो रूट कप्तान जोफ्रा आर्चर गस एटकिंसन शोएब बशीर हैरी ब्रूक ब्रायडन कार्स सैम कुक जॉर्डन कॉक्स बेन डकेट मैथ्यू फिशर एमिलियो गे डैन लॉरेंस ओली पोप ओली रॉबिन्सन जेमी स्मिथ और जोश टोंग।

  • अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट को कहा अलविदा जानिए उनके करियर की पांच सबसे यादगार उपलब्धियां

    अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट को कहा अलविदा जानिए उनके करियर की पांच सबसे यादगार उपलब्धियां


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। शांत स्वभाव मजबूत तकनीक और मुश्किल परिस्थितियों में शानदार बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाने वाले रहाणे ने अपने करियर में कई ऐसी पारियां खेलीं जिन्होंने भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई। टेस्ट क्रिकेट में संकटमोचक की भूमिका निभाने वाले इस बल्लेबाज ने कई बार टीम को मुश्किल हालात से बाहर निकाला और अपनी कप्तानी से भी अलग पहचान बनाई। आइए जानते हैं उनके करियर की पांच सबसे बड़ी उपलब्धियां जिन्होंने उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे सम्मानित खिलाड़ियों में शामिल किया।

    साल 2014 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में खेली गई 147 रन की पारी रहाणे के करियर की सबसे यादगार पारियों में गिनी जाती है। उस समय ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल जॉनसन रयान हैरिस जोश हेजलवुड और शेन वॉटसन बेहद खतरनाक लय में थे लेकिन रहाणे ने धैर्य और शानदार तकनीक का परिचय देते हुए 147 रन बनाए। विराट कोहली के साथ उनकी बड़ी साझेदारी ने भारत को हार से बचाया और मुकाबला ड्रॉ कराने में अहम भूमिका निभाई।

    इंग्लैंड के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर खेला गया उनका शतक भी हमेशा याद रखा जाएगा। जब भारतीय टीम शुरुआती झटकों के बाद मुश्किल में थी तब रहाणे ने संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए 103 रन की शानदार पारी खेली। उनकी इस पारी की बदौलत भारत सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचा और बाद में मुकाबला जीतकर लॉर्ड्स में 28 साल बाद ऐतिहासिक जीत दर्ज की। यह पारी उनके धैर्य और जिम्मेदारी का शानदार उदाहरण बनी।

    बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी 2020-21 में रहाणे की कप्तानी भारतीय क्रिकेट के स्वर्णिम अध्यायों में शामिल है। एडिलेड टेस्ट में 36 रन पर ऑलआउट होने के बाद पूरी दुनिया ने भारतीय टीम को कमजोर माना था। विराट कोहली के स्वदेश लौटने के बाद रहाणे ने कप्तानी संभाली और मेलबर्न टेस्ट में शतक जड़ते हुए टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई। उनकी शांत कप्तानी और आत्मविश्वास ने पूरी टीम का मनोबल बढ़ाया। भारत ने बाद में सीरीज 2-1 से जीतकर इतिहास रच दिया।

    साल 2015 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रहाणे ने टेस्ट मैच की दोनों पारियों में शतक लगाने का अनोखा रिकॉर्ड बनाया। पहली पारी में उन्होंने 127 रन बनाए जबकि दूसरी पारी में नाबाद 100 रन की शानदार पारी खेली। वह पांचवें या उससे नीचे बल्लेबाजी क्रम पर उतरकर टेस्ट की दोनों पारियों में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बने। यह उपलब्धि उनकी निरंतरता और बड़े मैचों में शानदार प्रदर्शन की गवाही देती है।

    रहाणे की कप्तानी का रिकॉर्ड भी बेहद शानदार रहा। उन्होंने भारत के लिए छह टेस्ट मैचों में कप्तानी की जिनमें चार मुकाबलों में जीत मिली जबकि दो मैच ड्रॉ रहे। सबसे खास बात यह रही कि उनकी कप्तानी में भारतीय टीम को एक भी टेस्ट मैच में हार का सामना नहीं करना पड़ा। शांत नेतृत्व और खिलाड़ियों पर भरोसा रखने की उनकी शैली की क्रिकेट जगत में खूब सराहना हुई।

    अजिंक्य रहाणे का अंतरराष्ट्रीय करियर केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहा बल्कि उन्होंने अपने प्रदर्शन से यह साबित किया कि धैर्य अनुशासन और टीम के लिए समर्पण किसी भी खिलाड़ी को महान बना सकता है। भारतीय क्रिकेट में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए उनकी उपलब्धियां प्रेरणा का स्रोत बनी रहेंगी।

  • टीम इंडिया का अगला मिशन श्रीलंका 15 अगस्त से शुरू होगी टेस्ट सीरीज अक्टूबर तक का पूरा कार्यक्रम आया सामने

    टीम इंडिया का अगला मिशन श्रीलंका 15 अगस्त से शुरू होगी टेस्ट सीरीज अक्टूबर तक का पूरा कार्यक्रम आया सामने


    नई दिल्ली । जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में शानदार 3-0 की जीत दर्ज करने के बाद अब भारतीय क्रिकेट टीम की नजर अगले विदेशी दौरे पर है। करीब 15 दिन के ब्रेक के बाद टीम इंडिया श्रीलंका का दौरा करेगी जहां उसे दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है। इस दौरे के साथ भारतीय टीम एक बार फिर लाल गेंद के क्रिकेट में मैदान पर उतरेगी। माना जा रहा है कि इस सीरीज के लिए टीम का ऐलान 28 जुलाई को किया जा सकता है।

    आईपीएल 2026 के बाद भारतीय टीम लगातार विदेशी दौरों पर व्यस्त रही है। सबसे पहले टीम ने आयरलैंड का दौरा किया जहां उसे सीरीज में हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद इंग्लैंड दौरे पर भी भारत वनडे और टी20 दोनों सीरीज जीतने में सफल नहीं रहा। हालांकि जिम्बाब्वे के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम इंडिया ने टी20 सीरीज 3-0 से अपने नाम कर आत्मविश्वास हासिल किया है।

    अब भारतीय टीम का अगला मुकाबला श्रीलंका से होगा। दोनों देशों के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाएगी। पहला टेस्ट 15 अगस्त से गॉल में शुरू होगा जबकि दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो के एसएससी मैदान पर खेला जाएगा। श्रीलंका की घरेलू परिस्थितियों में स्पिन गेंदबाजी बड़ी भूमिका निभाती है इसलिए यह दौरा भारतीय टीम के लिए आसान नहीं माना जा रहा।

    श्रीलंका दौरे के बाद भारतीय खिलाड़ियों को लगभग एक महीने का आराम मिलेगा। इसके बाद सितंबर के आखिर में वेस्टइंडीज की टीम भारत दौरे पर आएगी। इस दौरे में तीन वनडे और पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले जाएंगे। घरेलू मैदान पर होने वाली इस सीरीज में भारतीय टीम मजबूत प्रदर्शन के इरादे से उतरेगी।

    अक्टूबर तक टीम इंडिया का शेड्यूल
    15 अगस्त 2026 -पहला टेस्ट, श्रीलंका बनाम भारत, गॉल, सुबह 10 बजे
    23 अगस्त 2026 -दूसरा टेस्ट, श्रीलंका बनाम भारत, कोलंबो (SSC), सुबह 10 बजे

    वेस्टइंडीज का भारत दौर
    27 सितंबर 2026 -पहला वनडे, तिरुवनंतपुरम, दोपहर 2 बजे
    30 सितंबर 2026 -दूसरा वनडे, गुवाहाटी, दोपहर 2 बजे
    3 अक्टूबर 2026 -तीसरा वनडे, न्यू चंडीगढ़, दोपहर 2 बजे

    टी20 सीरी
    6 अक्टूबर 2026 -पहला टी20, लखनऊ, शाम 7 बजे
    9 अक्टूबर 2026  -दूसरा टी20, रांची, शाम 7 बजे
    11 अक्टूबर 2026  -तीसरा टी20, इंदौर, शाम 7 बजे
    14 अक्टूबर 2026 -चौथा टी20, हैदराबाद, शाम 7 बजे
    17 अक्टूबर 2026 -पांचवां टी20, बेंगलुरु, शाम 7 बजे

    भारतीय टीम के सामने अब लगातार चुनौतीपूर्ण मुकाबलों का सिलसिला है। श्रीलंका में टेस्ट सीरीज जीतने के बाद टीम घरेलू मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज खेलेगी। ऐसे में आने वाले महीनों में क्रिकेट प्रशंसकों को लगातार रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे।

  • 5 साल बाद बांग्लादेश टेस्ट टीम में हिंदू क्रिकेटर की वापसी ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए अनुभवी सौम्य सरकार को मिला मौका

    5 साल बाद बांग्लादेश टेस्ट टीम में हिंदू क्रिकेटर की वापसी ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए अनुभवी सौम्य सरकार को मिला मौका


    नई दिल्ली । ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज से पहले बांग्लादेश क्रिकेट टीम ने अपनी टीम में बड़ा बदलाव करते हुए अनुभवी ऑलराउंडर सौम्य सरकार की टेस्ट टीम में वापसी कराई है। करीब पांच साल बाद लाल गेंद के क्रिकेट में उनकी वापसी हुई है। टीम प्रबंधन ने ऑस्ट्रेलियाई परिस्थितियों में उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें टीम में शामिल किया है। सौम्य सरकार की वापसी ऐसे समय हुई है जब बांग्लादेश की टीम चोटिल खिलाड़ियों की समस्या से जूझ रही है।

    दरअसल तेज गेंदबाज नाहिद राणा और शोरीफुल इस्लाम चोट के कारण ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं। दोनों खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी से टीम का संतुलन प्रभावित हुआ जिसके बाद चयनकर्ताओं ने अनुभवी खिलाड़ियों पर भरोसा जताया। इसी क्रम में सौम्य सरकार को टेस्ट टीम में जगह दी गई है।

    सौम्य सरकार आखिरी बार बांग्लादेश के लिए वर्ष 2021 में वेस्टइंडीज के खिलाफ मीरपुर टेस्ट में खेलते नजर आए थे। इसके बाद वह लंबे समय तक टेस्ट टीम से बाहर रहे और उन्हें लाल गेंद के क्रिकेट में वापसी का इंतजार करना पड़ा। अब पांच साल बाद उन्हें फिर से टेस्ट टीम में अपनी जगह बनाने का मौका मिला है।

    सौम्य सरकार का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट ऑस्ट्रेलियाई परिस्थितियों का अनुभव है। मौजूदा बांग्लादेशी टीम में शामिल खिलाड़ियों में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं। वह ऑस्ट्रेलिया की धरती पर आठ इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं। टीम प्रबंधन का मानना है कि उछाल और तेज पिचों पर उनका अनुभव युवा खिलाड़ियों के लिए भी उपयोगी साबित होगा।

    बांग्लादेश की टीम इस दौरे पर मजबूत ऑस्ट्रेलियाई टीम को कड़ी चुनौती देने की तैयारी में है। ऐसे में अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी टीम के लिए अहम मानी जा रही है। सौम्य सरकार के पास बल्लेबाजी के साथ जरूरत पड़ने पर गेंदबाजी करने की भी क्षमता है जिससे टीम को अतिरिक्त संतुलन मिलेगा।

    अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि लंबे अंतराल के बाद टेस्ट क्रिकेट में लौट रहे सौम्य सरकार अपने अनुभव का कितना फायदा उठा पाते हैं और ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ बांग्लादेश के प्रदर्शन में कितनी अहम भूमिका निभाते हैं।
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  • आईपीएल विवाद पर पहली बार बोले ट्रेविस हेड विराट से कोई मनमुटाव नहीं परिवार पर हुई ट्रोलिंग ने पहुंचाई गहरी चोट

    आईपीएल विवाद पर पहली बार बोले ट्रेविस हेड विराट से कोई मनमुटाव नहीं परिवार पर हुई ट्रोलिंग ने पहुंचाई गहरी चोट


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के दौरान विराट कोहली और ऑस्ट्रेलिया के स्टार बल्लेबाज ट्रेविस हेड के बीच कथित विवाद ने सोशल मीडिया पर जबरदस्त सुर्खियां बटोरी थीं। एक मैच के बाद कैमरों में कैद हुए एक छोटे से दृश्य को लेकर यह दावा किया जाने लगा कि दोनों खिलाड़ियों के रिश्तों में खटास आ गई है। हालांकि अब पहली बार ट्रेविस हेड ने पूरे मामले पर खुलकर अपनी बात रखी है और उन सभी अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने साफ कहा कि विराट कोहली के साथ उनका कोई झगड़ा नहीं है और जिस तरह इस पूरे मामले को बढ़ा चढ़ाकर पेश किया गया वह वास्तविकता से बिल्कुल अलग था।

    ट्रेविस हेड ने कहा कि मैदान पर होने वाली घटनाएं खेल का सामान्य हिस्सा होती हैं और हर खिलाड़ी उन्हें पेशेवर तरीके से लेता है। उन्होंने कहा कि मैच के बाद हाथ मिलाने को लेकर जो चर्चा शुरू हुई वह बेवजह थी क्योंकि उनके और विराट के बीच किसी तरह का विवाद था ही नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पैचअप जैसी कोई स्थिति कभी बनी ही नहीं क्योंकि दोनों खिलाड़ियों के बीच मनमुटाव मौजूद नहीं था। उनके अनुसार टूर्नामेंट अपने सामान्य तरीके से आगे बढ़ा और जो कुछ भी हुआ उसे जरूरत से ज्यादा तूल दिया गया।

    हालांकि इस पूरे विवाद के दौरान सोशल मीडिया पर जिस तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं उसने ट्रेविस हेड को जरूर आहत किया। उन्होंने कहा कि एक खिलाड़ी होने के नाते वह आलोचना और टिप्पणियों के आदी हैं लेकिन जब उनके परिवार को इस विवाद में घसीटा गया तब स्थिति काफी दुखद हो गई। हेड ने बताया कि उनकी पत्नी जेसिका को भी सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक संदेशों का सामना करना पड़ा और परिवार के अन्य सदस्यों को भी बेवजह निशाना बनाया गया।

    ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ने कहा कि वह और उनकी पत्नी इस तरह की परिस्थितियों को समझते हैं क्योंकि सार्वजनिक जीवन में ऐसी घटनाएं कभी कभी होती रहती हैं लेकिन परिवार के बाकी लोग इस माहौल के अभ्यस्त नहीं होते। ऐसे में उन्हें मानसिक रूप से काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के प्रदर्शन की आलोचना खेल का हिस्सा हो सकती है लेकिन उनके परिवार को ऑनलाइन नफरत का शिकार बनाना किसी भी तरह उचित नहीं कहा जा सकता।

    ट्रेविस हेड ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर कई बार अधूरी जानकारी और अनुमान के आधार पर कहानियां बना दी जाती हैं जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं होता। उन्होंने माना कि कुछ दिनों बाद लोग इन बातों को भूल जाते हैं लेकिन उस दौरान परिवार पर पड़ने वाला मानसिक दबाव काफी बड़ा होता है। यही वजह है कि उन्होंने खिलाड़ियों के निजी जीवन और परिवार का सम्मान करने की अपील की।

    हेड के इस बयान के बाद विराट कोहली और उनके बीच विवाद को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर विराम लग गया है। उनका कहना है कि मैदान पर प्रतिस्पर्धा अपनी जगह है लेकिन उसके आधार पर खिलाड़ियों के रिश्तों को लेकर गलत निष्कर्ष निकालना सही नहीं है। उन्होंने यह संदेश भी दिया कि खेल को खेल की भावना से देखा जाना चाहिए और सोशल मीडिया पर फैलने वाली हर बात को सच मानने से पहले तथ्यों की जांच जरूरी है। ट्रेविस हेड की यह प्रतिक्रिया न सिर्फ विवाद पर पूर्ण विराम लगाती है बल्कि यह भी याद दिलाती है कि खिलाड़ियों के साथ साथ उनके परिवार की गरिमा और सम्मान की रक्षा करना भी खेल संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

  • ICC ODI Ranking में शुभमन गिल नंबर-1 से सिर्फ एक कदम दूर, डेरिल मिशेल से महज 1 अंक पीछे

    ICC ODI Ranking में शुभमन गिल नंबर-1 से सिर्फ एक कदम दूर, डेरिल मिशेल से महज 1 अंक पीछे


    नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) द्वारा जारी ताजा वनडे रैंकिंग में भारतीय कप्तान शुभमन गिल विश्व के नंबर-1 बल्लेबाज बनने की दहलीज पर पहुंच गए हैं। न्यूजीलैंड के स्टार बल्लेबाज डेरिल मिशेल 802 रेटिंग अंकों के साथ पहले स्थान पर कायम हैं, जबकि शुभमन गिल उनसे महज एक रेटिंग अंक पीछे दूसरे स्थान पर मौजूद हैं। ऐसे में आगामी मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन गिल को वनडे का नया नंबर-1 बल्लेबाज बना सकता है।

    भारतीय बल्लेबाजों का दबदबा रैंकिंग में साफ दिखाई दे रहा है। विराट कोहली तीसरे और रोहित शर्मा चौथे स्थान पर बने हुए हैं। हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स वनडे में शानदार 138 रन की पारी खेलने का फायदा रोहित को भी मिला है। अफगानिस्तान के युवा बल्लेबाज इब्राहिम जादरान पांचवें स्थान पर हैं।

    पाकिस्तान के बाबर आजम और आयरलैंड के हैरी टैक्टर ने भी एक-एक स्थान का सुधार किया है और वे क्रमशः छठे तथा सातवें स्थान पर पहुंच गए हैं। भारत के खिलाफ वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन करने वाले इंग्लैंड के अनुभवी बल्लेबाज जो रूट को चार स्थानों का फायदा मिला है। वह आठवें स्थान पर पहुंचकर एक बार फिर शीर्ष-10 बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए हैं।

    वेस्टइंडीज के शे होप को तीन स्थान का नुकसान हुआ है और वह नौवें स्थान पर खिसक गए हैं, जबकि श्रीलंका के चरिथ असलांका दसवें स्थान पर बने हुए हैं।

    वनडे गेंदबाजों की रैंकिंग में भी बदलाव

    गेंदबाजों की रैंकिंग में अफगानिस्तान के राशिद खान पहले स्थान पर कायम हैं, जबकि पाकिस्तान के अबरार अहमद दूसरे नंबर पर हैं। इंग्लैंड के जोफ्रा आर्चर एक स्थान की छलांग लगाकर तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं।

    न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर को तीन स्थान का फायदा मिला है और वह चौथे नंबर पर पहुंच गए हैं। दक्षिण अफ्रीका के केशव महाराज और श्रीलंका के महेश थीक्षाना क्रमशः पांचवें और छठे स्थान पर हैं।

    पाकिस्तान के शाहीन शाह अफरीदी दो स्थान के सुधार के साथ सातवें और बांग्लादेश के मेहदी हसन मिराज आठवें स्थान पर पहुंच गए हैं। इंग्लैंड के आदिल रशीद नौवें स्थान पर खिसक गए हैं, जबकि वेस्टइंडीज के गुडाकेश मोती ने सात स्थान की बड़ी छलांग लगाते हुए टॉप-10 में दसवां स्थान हासिल कर लिया है।

    अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजर आगामी वनडे मुकाबलों पर होगी, जहां शुभमन गिल के पास दुनिया के नंबर-1 वनडे बल्लेबाज बनने का सुनहरा अवसर होगा।

  • अफगानिस्तान क्रिकेट में बड़ा बदलाव वनडे कप्तानी से हटे हशमतुल्लाह शाहिदी नए कप्तान की तलाश हुई तेज

    अफगानिस्तान क्रिकेट में बड़ा बदलाव वनडे कप्तानी से हटे हशमतुल्लाह शाहिदी नए कप्तान की तलाश हुई तेज


    नई दिल्ली । अफगानिस्तान क्रिकेट टीम को वनडे प्रारूप में बड़ा झटका लगा है। टीम के अनुभवी बल्लेबाज और कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी ने वनडे कप्तानी छोड़ने का फैसला लेकर सभी को चौंका दिया है। वर्ष 2022 से टीम की कमान संभाल रहे शाहिदी ने अपने सोशल मीडिया के माध्यम से इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा कि यह फैसला उन्होंने पूरी इच्छा और सम्मान के साथ लिया है। उनके इस निर्णय के बाद अब अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के सामने नए कप्तान के चयन की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है खासकर ऐसे समय में जब टीम 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों में जुटी हुई है।

    हशमतुल्लाह शाहिदी का कप्तानी कार्यकाल अफगानिस्तान क्रिकेट के सबसे सफल दौरों में गिना जाता है। उनकी अगुवाई में टीम ने न केवल लगातार बेहतर प्रदर्शन किया बल्कि दुनिया की कई बड़ी टीमों को हराकर अपनी अलग पहचान भी बनाई। उन्होंने एशिया कप वनडे विश्व कप 2023 और चैंपियंस ट्रॉफी 2025 जैसे बड़े टूर्नामेंटों में टीम का नेतृत्व किया और अफगानिस्तान को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

    विश्व कप 2023 में शाहिदी की कप्तानी में अफगानिस्तान ने पाकिस्तान इंग्लैंड श्रीलंका और नीदरलैंड्स जैसी मजबूत टीमों को हराकर क्रिकेट जगत को चौंका दिया था। टीम ने अंक तालिका में छठा स्थान हासिल किया और शानदार प्रदर्शन के दम पर चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भी क्वालीफाई किया। यह उपलब्धि अफगानिस्तान क्रिकेट के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय मानी जाती है।

    शाहिदी ने अपने भावुक संदेश में टीम के खिलाड़ियों को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने लिखा कि कप्तान बनना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा और टीम की हर उपलब्धि पूरी टीम की मेहनत एकता और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने खिलाड़ियों कोचिंग स्टाफ अधिकारियों और क्रिकेट बोर्ड का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके सहयोग और विश्वास के बिना यह सफर संभव नहीं था।

    द्विपक्षीय सीरीज में भी शाहिदी का रिकॉर्ड प्रभावशाली रहा। उनकी कप्तानी में अफगानिस्तान ने बांग्लादेश के खिलाफ तीन सीरीज जीती जबकि जिम्बाब्वे और दक्षिण अफ्रीका जैसी टीमों के खिलाफ भी महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल कीं। कप्तान के रूप में उन्होंने 27 वनडे मुकाबलों में टीम को जीत दिलाई और अपनी शांत नेतृत्व शैली से खिलाड़ियों का भरोसा जीता।

    बतौर बल्लेबाज भी शाहिदी का योगदान बेहद अहम रहा। उन्होंने कप्तानी के दौरान लगातार जिम्मेदारी निभाई और मध्यमक्रम को मजबूती दी। वनडे क्रिकेट में उनका एकमात्र शतक भारत के खिलाफ आया जब उन्होंने 131 गेंदों में शानदार 102 रन बनाकर अपनी क्षमता का परिचय दिया। उनकी संयमित बल्लेबाजी और नेतृत्व कौशल ने अफगानिस्तान को कई यादगार जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

    अब अफगानिस्तान को आयरलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज खेलनी है और इसके बाद टीम का पूरा ध्यान 2027 विश्व कप की तैयारियों पर रहेगा। ऐसे में नया कप्तान चुनना बोर्ड के लिए बेहद महत्वपूर्ण फैसला होगा। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि शाहिदी का इस्तीफा टीम के लिए चुनौती जरूर है लेकिन उनके द्वारा तैयार की गई मजबूत टीम भविष्य में भी शानदार प्रदर्शन करने की क्षमता रखती है।

  • केंसिंग्टन ओवल में कैरेबियाई तूफान हेटमायर और रदरफोर्ड ने पलटा मैच न्यूजीलैंड को अंतिम वनडे में मिली हार

    केंसिंग्टन ओवल में कैरेबियाई तूफान हेटमायर और रदरफोर्ड ने पलटा मैच न्यूजीलैंड को अंतिम वनडे में मिली हार


    नई दिल्ली । बारबाडोस के केंसिंग्टन ओवल मैदान पर खेले गए पांचवें और अंतिम वनडे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को दो विकेट से हराकर सीरीज का समापन जीत के साथ किया। हालांकि इस हार के बावजूद न्यूजीलैंड ने पांच मैचों की वनडे सीरीज 3-2 से अपने नाम करने में सफलता हासिल की। मुकाबले में कैरेबियाई बल्लेबाजों ने दबाव के क्षणों में संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए 269 रन के लक्ष्य को 47.3 ओवर में आठ विकेट खोकर हासिल कर लिया।

    लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज को अकीम ऑगस्टे और जस्टिन ग्रीव्स ने तेज शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 57 रन जोड़कर मजबूत आधार तैयार किया। ग्रीव्स ने 22 रन बनाए जबकि ऑगस्टे ने आक्रामक अंदाज में 34 रन की पारी खेली। इसके बाद कीसी कार्टि और कप्तान शाई होप ने अच्छी शुरुआत तो की लेकिन बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं हो सके। एक समय वेस्टइंडीज का स्कोर 123 रन पर चार विकेट था और टीम मुश्किल में दिखाई दे रही थी।

    ऐसे समय में शेरफेन रदरफोर्ड और शिमरॉन हेटमायर ने जिम्मेदारी संभाली। दोनों बल्लेबाजों ने पांचवें विकेट के लिए 95 रन की अहम साझेदारी कर मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। रदरफोर्ड ने 64 गेंदों पर 61 रन बनाए जिसमें दो चौके और पांच शानदार छक्के शामिल रहे। दूसरी ओर हेटमायर ने बेहद परिपक्व और आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 64 गेंदों पर नाबाद 69 रन बनाए। उनकी पारी में दो चौके और चार लंबे छक्के शामिल रहे। अंत तक क्रीज पर डटे रहकर उन्होंने टीम को यादगार जीत दिलाई।

    न्यूजीलैंड की ओर से जैकब डफी और जेडन लेनोक्स ने तीन तीन विकेट लेकर मुकाबले को रोमांचक बनाए रखा लेकिन अंतिम क्षणों में वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने कोई गलती नहीं की।

    इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही और शुरुआती विकेट जल्दी गिर गया। इसके बाद विल यंग और निक केली ने पारी को संभालते हुए दूसरे विकेट के लिए 86 रन जोड़े। विल यंग ने 56 रन जबकि निक केली ने 64 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। मध्यक्रम में टॉम लाथम ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 69 रन बनाए और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। न्यूजीलैंड ने निर्धारित 50 ओवर में नौ विकेट पर 268 रन बनाए।

    वेस्टइंडीज की ओर से 19 वर्षीय युवा गेंदबाज विटेल लॉव्स ने प्रभावित किया और दो विकेट अपने नाम किए। अनुभवी तेज गेंदबाज अल्जारी जोसेफ ने भी दो सफलताएं हासिल कर न्यूजीलैंड की रन गति पर अंकुश लगाया।

    भले ही अंतिम मुकाबले में जीत वेस्टइंडीज के हिस्से आई लेकिन पूरी सीरीज में लगातार बेहतर प्रदर्शन के दम पर न्यूजीलैंड ने 3-2 से ट्रॉफी अपने नाम की। अंतिम मैच ने दोनों टीमों के संघर्ष और रोमांचक क्रिकेट का शानदार उदाहरण पेश किया।

  • IND vs ZIM टी20 सीरीज से पहले जिम्बाब्वे का बड़ा दांव नए विकेटकीपर त्सिगा की एंट्री अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी

    IND vs ZIM टी20 सीरीज से पहले जिम्बाब्वे का बड़ा दांव नए विकेटकीपर त्सिगा की एंट्री अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी


    नई दिल्ली । भारत और जिम्बाब्वे के बीच 23 जुलाई से शुरू होने वाली तीन मैचों की टी20 सीरीज से पहले मेजबान टीम ने अपने 15 सदस्यीय स्क्वॉड का ऐलान कर दिया है। टीम चयन में कई अहम बदलाव किए गए हैं जिनका उद्देश्य भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ संतुलित और प्रतिस्पर्धी संयोजन तैयार करना है। सबसे बड़ी चर्चा विकेटकीपर बल्लेबाज तफादजवा त्सिगा को पहली बार टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में शामिल किए जाने की है। टेस्ट क्रिकेट में अपनी उपयोगिता साबित कर चुके त्सिगा अब सफेद गेंद के प्रारूप में भी देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार हैं।

    जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड ने इस बार युवा खिलाड़ियों और अनुभवी चेहरों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है। ऑलराउंडर वेस्ली मधेवेरे और तेज गेंदबाज न्यूमैन न्यामहुरी की भी टीम में वापसी हुई है। मधेवेरे लगभग एक वर्ष बाद टी20 टीम में लौटे हैं और उनके पास 79 अंतरराष्ट्रीय टी20 मैचों का अनुभव है। वहीं न्यामहुरी चोट से उबरने के बाद फिर से टीम का हिस्सा बने हैं जिससे गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

    इन खिलाड़ियों की वापसी के साथ क्लाइव मडेंडे टिनोटेंडा मापोसा और ताशिंगा मुसेकिवा को इस बार टीम से बाहर रखा गया है। चयनकर्ताओं का मानना है कि भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ अनुभव और संतुलन दोनों की जरूरत होगी।

    टीम की कप्तानी एक बार फिर अनुभवी ऑलराउंडर सिकंदर रजा के हाथों में रहेगी। हाल के महीनों में उनकी कप्तानी में जिम्बाब्वे ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। बांग्लादेश के खिलाफ टीम ने टेस्ट और वनडे सीरीज अपने नाम की थी हालांकि टी20 सीरीज में उसे 1-2 से हार झेलनी पड़ी थी। इसके बावजूद टीम का आत्मविश्वास मजबूत माना जा रहा है।

    भारत की बात करें तो टीम हाल ही में आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 मुकाबलों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी थी। ऐसे में यह दौरा भारतीय टीम के लिए लय हासिल करने का अच्छा अवसर माना जा रहा है। दूसरी ओर जिम्बाब्वे भी घरेलू परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाकर उलटफेर करने की कोशिश करेगा।

    दोनों टीमों के बीच पिछली टी20 भिड़ंत 2026 टी20 विश्व कप के सुपर 8 चरण में हुई थी जिसमें भारत ने 72 रन से शानदार जीत दर्ज की थी। हालांकि इस बार जिम्बाब्वे अपनी घरेलू परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करने के इरादे से मैदान पर उतरेगा। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि हरारे की पिच पर शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को मदद मिल सकती है जिससे मुकाबले और भी रोमांचक होने की संभावना है।

    तीनों मुकाबले हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले जाएंगे। पहला मैच 23 जुलाई दूसरा 25 जुलाई और अंतिम मुकाबला 26 जुलाई को होगा। दोनों टीमों के पास युवा खिलाड़ियों को परखने और आगामी बड़े टूर्नामेंटों की तैयारी का यह अहम अवसर होगा।

    भारत के खिलाफ जिम्बाब्वे टी20 टीम
    सिकंदर रजा कप्तान ब्रायन बेनेट रयान बर्ल तनाका चिवांगा बेन करन ब्रैड इवांस वेस्ली मधेवेरे तदीवानाशे मारुमानी वेलिंगटन मसाकाद्जा ब्लेसिंग मुजारबानी डियोन मायर्स रिचर्ड नगारवा न्यूमैन न्यामहुरी मिल्टन शुम्बा और तफादजवा त्सिगा।