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  • जिम्बाब्वे कप्तान सिकंदर रजा का भारत को खुला चैलेंज बोले एकतरफा नहीं होगी सीरीज रोमांच तय

    जिम्बाब्वे कप्तान सिकंदर रजा का भारत को खुला चैलेंज बोले एकतरफा नहीं होगी सीरीज रोमांच तय


    नई दिल्ली । भारत और जिम्बाब्वे के बीच 24 जुलाई से शुरू होने वाली तीन मैचों की टी20 सीरीज से पहले मेजबान टीम के कप्तान सिकंदर रजा ने बड़ा बयान देकर मुकाबले का रोमांच और बढ़ा दिया है। रजा ने भारत को सीरीज का प्रबल दावेदार मानने से साफ इनकार करते हुए कहा कि यह मुकाबला पूरी तरह संतुलित रहेगा और दोनों टीमों के पास जीत हासिल करने का समान अवसर होगा। उनका मानना है कि क्रिकेट में नाम से नहीं बल्कि मैदान पर प्रदर्शन से नतीजे तय होते हैं।

    हरारे स्पोर्ट्स क्लब में होने वाली इस टी20 सीरीज का पहला मुकाबला 24 जुलाई को खेला जाएगा जबकि बाकी दो मैच 25 और 26 जुलाई को इसी मैदान पर आयोजित होंगे। भारतीय टीम हालिया सीमित ओवरों की सीरीज में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी है और अब वह नई शुरुआत की तलाश में जिम्बाब्वे पहुंची है। दूसरी ओर मेजबान टीम अपने घरेलू मैदान का पूरा फायदा उठाने की तैयारी में है।

    सिकंदर रजा ने कहा कि भारतीय टीम इस समय बदलाव के दौर से गुजर रही है लेकिन जिम्बाब्वे भी युवा खिलाड़ियों के साथ नई टीम तैयार कर रहा है। ऐसे में किसी एक टीम को पहले से विजेता घोषित करना सही नहीं होगा। उन्होंने भरोसा जताया कि दोनों देशों के खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे और दर्शकों को रोमांचक क्रिकेट देखने को मिलेगा।

    रजा ने कहा कि उनकी टीम का आत्मविश्वास हाल के प्रदर्शन से काफी बढ़ा है। जिम्बाब्वे ने इस वर्ष कई मजबूत टीमों के खिलाफ प्रभावशाली खेल दिखाया है और महत्वपूर्ण मुकाबलों में जीत दर्ज कर अपनी क्षमता साबित की है। यही कारण है कि टीम भारतीय चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

    हालांकि भारत का टी20 क्रिकेट में रिकॉर्ड काफी मजबूत रहा है लेकिन हाल के विदेशी दौरों में मिली हार ने टीम पर दबाव बढ़ाया है। ऐसे में कप्तान श्रेयस अय्यर के नेतृत्व में भारतीय खिलाड़ी वापसी की कोशिश करेंगे। वहीं जिम्बाब्वे की नजर घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर एक और बड़ी जीत दर्ज करने पर होगी।

    गौरतलब है कि पिछले दौरे पर भारतीय टीम ने शुरुआती हार के बाद शानदार वापसी करते हुए सीरीज अपने नाम की थी लेकिन इस बार मेजबान टीम पहले से अधिक आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरेगी। सिकंदर रजा का मानना है कि इस बार मुकाबला पहले से कहीं ज्यादा कड़ा होगा और परिणाम आखिरी क्षणों तक तय नहीं होगा।

    दोनों टीमों के हालिया प्रदर्शन और युवा खिलाड़ियों की मौजूदगी को देखते हुए क्रिकेट प्रेमियों को एक रोमांचक और प्रतिस्पर्धी टी20 सीरीज की उम्मीद रहेगी जहां हर मुकाबले में कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है।

  • रोहित शर्मा को कुछ भी साबित करने की जरूरत नहीं अश्विन बोले विश्व कप खेलना पूरी तरह उनका फैसला

    रोहित शर्मा को कुछ भी साबित करने की जरूरत नहीं अश्विन बोले विश्व कप खेलना पूरी तरह उनका फैसला


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने रोहित शर्मा और विराट कोहली के भविष्य को लेकर चल रही चर्चाओं पर अपनी स्पष्ट राय रखी है। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए निर्णायक वनडे मुकाबले में रोहित शर्मा की शानदार 138 रन की पारी के बाद अश्विन ने कहा कि दोनों अनुभवी खिलाड़ियों को अपने करियर का फैसला खुद करने का पूरा अधिकार है और जब तक वे भारत के लिए खेलना चाहते हैं तब तक उन्हें टीम से बाहर करने का सवाल ही नहीं उठता।

    अश्विन ने कहा कि रोहित शर्मा और विराट कोहली भारतीय क्रिकेट के ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने वर्षों तक अपने प्रदर्शन से देश का नाम रोशन किया है। उनके रिकॉर्ड और योगदान को देखते हुए अब उन्हें किसी के सामने अपनी क्षमता साबित करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे खिलाड़ियों का मूल्य केवल आंकड़ों से नहीं बल्कि उनके अनुभव और बड़े मुकाबलों में निभाई गई भूमिका से भी तय होता है।

    रोहित शर्मा की बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए अश्विन ने कहा कि लॉर्ड्स में उनकी पारी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह आज भी बड़े मैचों के खिलाड़ी हैं। शुरुआती समय में थोड़ा संभलकर खेलने के बाद रोहित पूरी तरह लय में आ गए थे और उनके शॉट्स में वही पुराना आत्मविश्वास दिखाई दे रहा था। अश्विन का मानना है कि यदि परिस्थितियां थोड़ा और साथ देतीं तो रोहित आसानी से 180 रन तक पहुंच सकते थे और भारत को जीत भी दिला सकते थे।

    पूर्व स्पिनर ने कहा कि रोहित अब ऐसे मुकाम पर हैं जहां उन्हें आलोचकों को जवाब देने या अपनी योग्यता सिद्ध करने की जरूरत नहीं है। उनके मुताबिक अब केवल एक सवाल महत्वपूर्ण है कि क्या रोहित खुद अगले वनडे विश्व कप में खेलना चाहते हैं। यदि उनके भीतर देश के लिए खेलने की इच्छा और जुनून है तो उन्हें पूरा अवसर मिलना चाहिए।

    अश्विन ने विराट कोहली का भी समर्थन करते हुए कहा कि दोनों दिग्गज खिलाड़ियों ने भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उनके अनुभव का फायदा युवा खिलाड़ियों को भी मिलता है और बड़े टूर्नामेंट में उनकी मौजूदगी टीम के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली होती है। ऐसे खिलाड़ियों पर जल्दबाजी में फैसला लेना भारतीय टीम के हित में नहीं होगा।

    उन्होंने यह भी कहा कि रोहित शर्मा के लगभग बारह हजार अंतरराष्ट्रीय रन उनके कद और योगदान को खुद साबित करते हैं। दुनिया भर में उनके करोड़ों प्रशंसक हैं और लोग उन्हें बल्लेबाजी करते देखने के लिए मैदान में आते हैं। ऐसे खिलाड़ी केवल आंकड़ों से नहीं बल्कि अपने प्रभाव से भी टीम के लिए महत्वपूर्ण होते हैं।

    रोहित और विराट के भविष्य को लेकर लगातार हो रही चर्चाओं के बीच अश्विन का यह बयान भारतीय क्रिकेट में नई बहस को जन्म दे सकता है। अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि टीम प्रबंधन आगामी सीरीज और 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों में इन दोनों वरिष्ठ खिलाड़ियों की भूमिका को किस तरह तय करता है।

  • केएल राहुल के साथ नाइंसाफी पर श्रीकांत का बड़ा हमला बोले बार बार प्रयोग से विश्व कप की तैयारी पर उठे सवाल

    केएल राहुल के साथ नाइंसाफी पर श्रीकांत का बड़ा हमला बोले बार बार प्रयोग से विश्व कप की तैयारी पर उठे सवाल


    नई दिल्ली । इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में मिली हार के बाद भारतीय क्रिकेट टीम की रणनीति और टीम चयन पर बहस तेज हो गई है। पूर्व भारतीय कप्तान कृष्णमाचारी श्रीकांत ने हेड कोच गौतम गंभीर और टीम मैनेजमेंट के फैसलों पर खुलकर सवाल उठाते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की है। उनका कहना है कि मजबूत टीमों के खिलाफ लगातार निराशाजनक प्रदर्शन को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और केवल कमजोर टीमों पर जीत हासिल कर संतुष्ट होना भारतीय क्रिकेट के लिए सही संकेत नहीं है।

    श्रीकांत ने कहा कि भारतीय टीम को आयरलैंड टी20 सीरीज इंग्लैंड टी20 सीरीज और इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली। ऐसे में टीम प्रबंधन को अपनी रणनीति की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि भारत जिम्बाब्वे श्रीलंका या वेस्टइंडीज जैसी टीमों के खिलाफ जीत दर्ज करता है तो उसे बड़ी उपलब्धि नहीं माना जाना चाहिए। असली पैमाना यह होना चाहिए कि टीम ऑस्ट्रेलिया इंग्लैंड और अन्य मजबूत देशों के खिलाफ कैसा प्रदर्शन करती है।

    पूर्व सलामी बल्लेबाज ने 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों पर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि विश्व कप से पहले बहुत कम वनडे मुकाबले बचे हैं इसलिए लगातार प्रयोग करना टीम के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि बार बार प्लेइंग इलेवन बदलने से खिलाड़ियों का आत्मविश्वास प्रभावित होता है और टीम का संतुलन भी बिगड़ता है। चोटिल खिलाड़ियों की बढ़ती संख्या भी टीम के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

    श्रीकांत ने विशेष रूप से केएल राहुल के बल्लेबाजी क्रम पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि लक्ष्य का पीछा करते समय राहुल जैसे अनुभवी बल्लेबाज को निचले क्रम में भेजना समझ से परे है। उन्होंने कहा कि राहुल कई बार दबाव की परिस्थितियों में भारत को जीत दिला चुके हैं और उन्हें विराट कोहली के साथ शुरुआती चरण में बल्लेबाजी के लिए भेजा जाना चाहिए था। जब रन गति पूरी तरह हाथ से निकल चुकी थी तब उन्हें बल्लेबाजी के लिए भेजना उनके साथ अन्याय जैसा था।

    उन्होंने यह भी कहा कि टीम मैनेजमेंट लगातार खिलाड़ियों की भूमिका बदल रहा है जिससे उनकी लय प्रभावित हो रही है। श्रीकांत के अनुसार राहुल की बॉडी लैंग्वेज भी मैच के दौरान आत्मविश्वास से भरी नजर नहीं आई। उनका मानना है कि यदि राहुल चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करते तो वह विराट कोहली के साथ बड़ी साझेदारी बनाकर मैच को अंत तक ले जा सकते थे जैसा उन्होंने 2023 विश्व कप में कई मौकों पर किया था।

    पूर्व कप्तान ने यह भी कहा कि भारतीय टीम को विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट को ध्यान में रखते हुए अब स्थिर संयोजन तैयार करना चाहिए। लगातार बदलाव और प्रयोग की नीति से टीम को दीर्घकालिक नुकसान हो सकता है। उनका मानना है कि टीम प्रबंधन को खिलाड़ियों की स्पष्ट भूमिकाएं तय करनी होंगी ताकि बड़े मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके।

    भारतीय टीम की हालिया हार के बाद श्रीकांत के ये बयान क्रिकेट जगत में नई बहस छेड़ सकते हैं। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाली सीरीज में टीम मैनेजमेंट अपनी रणनीति में कोई बदलाव करता है या नहीं।

  • करो या मरो मुकाबले में भारत की नजर ब्रिस्टल पर, इसी मैदान पर रोहित के शतक से इंग्लैंड को मिली थी करारी शिकस्त

    करो या मरो मुकाबले में भारत की नजर ब्रिस्टल पर, इसी मैदान पर रोहित के शतक से इंग्लैंड को मिली थी करारी शिकस्त


    नई दिल्ली ।भारत और इंग्लैंड के बीच जारी पांच मैचों की टी20 सीरीज अब बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच गई है। शुरुआती तीन मुकाबलों में दो हार झेलने के बाद भारतीय टीम सीरीज में 0-2 से पिछड़ चुकी है और अब ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड में होने वाला चौथा मुकाबला उसके लिए करो या मरो की स्थिति बन गया है। यदि भारत यह मैच हारता है तो इंग्लैंड सीरीज अपने नाम कर लेगा, जबकि जीत मिलने पर भारतीय टीम वापसी की उम्मीदें जिंदा रख सकेगी।

    ब्रिस्टल का मैदान भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए खास महत्व रखता है। टीम इंडिया ने यहां अब तक केवल एक टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला है, लेकिन उस मैच की याद आज भी भारतीय फैंस के दिलों में ताजा है। वर्ष 2018 में इसी मैदान पर भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ शानदार जीत दर्ज की थी और उस मुकाबले के नायक रहे थे रोहित शर्मा। उन्होंने महज 56 गेंदों में नाबाद 100 रन की विस्फोटक पारी खेलकर इंग्लैंड के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की थी। विराट कोहली ने भी 43 रनों की अहम पारी खेली थी, जिसकी बदौलत भारत ने 199 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य केवल 18.4 ओवर में तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया था।

    उस मुकाबले में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में नौ विकेट के नुकसान पर 198 रन बनाए थे, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने लक्ष्य का पीछा जिस अंदाज में किया, उसने मेजबान टीम को पूरी तरह बेबस कर दिया। यही वजह है कि ब्रिस्टल का मैदान भारतीय टीम के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला साबित हो सकता है।

    हालांकि मौजूदा सीरीज में परिस्थितियां भारत के पक्ष में नहीं हैं। तीसरे टी20 मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई थी। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 201 रन बनाए। फिल साल्ट ने 70 रन की शानदार पारी खेली, जबकि जोस बटलर और सैम करन ने भी तेज बल्लेबाजी कर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।

    202 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाज पूरी तरह संघर्ष करते नजर आए। पूरी टीम केवल 76 रन पर सिमट गई और सात बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके। यह हार भारतीय टीम की टी20 इतिहास की सबसे निराशाजनक हारों में गिनी जा रही है। अब बल्लेबाजों के सामने खुद को साबित करने और सीरीज में वापसी करने की बड़ी चुनौती है।

    दूसरी ओर इंग्लैंड का ब्रिस्टल में रिकॉर्ड भी बहुत प्रभावशाली नहीं रहा है। मेजबान टीम ने इस मैदान पर अब तक पांच टी20 मुकाबले खेले हैं, जिनमें केवल दो में जीत मिली जबकि तीन मैचों में हार का सामना करना पड़ा। हालांकि वर्ष 2025 में इंग्लैंड ने इसी मैदान पर वेस्टइंडीज को हराकर जीत दर्ज की थी, जिससे टीम का आत्मविश्वास भी ऊंचा है।

    अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या भारतीय टीम 2018 की सुनहरी यादों को दोहराते हुए ब्रिस्टल में एक बार फिर जीत हासिल कर पाएगी या इंग्लैंड इसी मैदान पर सीरीज अपने नाम करने में सफल रहेगा। क्रिकेट प्रेमियों को एक हाई-वोल्टेज मुकाबले की उम्मीद है जिसमें दोनों टीमें पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेंगी।

  • इंग्लैंड टीम को राहत बेन स्टोक्स और एटकिंसन पर ईसीबी जांच पूरी तीसरे टेस्ट में कप्तान की वापसी

    इंग्लैंड टीम को राहत बेन स्टोक्स और एटकिंसन पर ईसीबी जांच पूरी तीसरे टेस्ट में कप्तान की वापसी


    नई दिल्ली ।इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड यानी ईसीबी की अनुशासनात्मक जांच में इंग्लैंड टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स को नाइटक्लब विवाद मामले में पूरी तरह क्लीन चिट मिल गई है जांच के बाद यह स्पष्ट किया गया है कि स्टोक्स उस समय घटना स्थल पर मौजूद ही नहीं थे और न ही उनका किसी प्रकार की हिंसक घटना से कोई संबंध पाया गया

    इस जांच के बाद ईसीबी ने स्टोक्स और तेज गेंदबाज गस एटकिंसन को न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे और निर्णायक टेस्ट मैच के लिए इंग्लैंड टीम में शामिल कर लिया है इससे पहले दोनों खिलाड़ियों को अनुशासनात्मक कारणों से दूसरे टेस्ट से बाहर रखा गया था जहां टीम की कप्तानी जो रूट ने संभाली थी लेकिन उस मैच में इंग्लैंड को 253 रन से हार का सामना करना पड़ा था

    पूरा मामला 8 जून की रात लॉर्ड्स टेस्ट के बाद सामने आया जब दोनों खिलाड़ियों पर टीम कर्फ्यू नियमों के उल्लंघन का आरोप लगा इसके बाद ब्रिटिश मीडिया में खबरें आईं कि गस एटकिंसन एक नाइटक्लब में हुए विवाद में शामिल थे रिपोर्ट्स के अनुसार एक रग्बी अकादमी खिलाड़ी ने उन पर हमला करने की कोशिश की थी लेकिन मामला बढ़ते हुए एक सुरक्षा कर्मी को चोट लगने तक पहुंच गया

    ईसीबी की विस्तृत जांच में सामने आया कि बेन स्टोक्स इस पूरी घटना के दौरान नाइटक्लब में मौजूद ही नहीं थे बोर्ड ने स्पष्ट किया कि स्टोक्स किसी भी विवाद का हिस्सा नहीं थे और न ही उन्होंने घटना को देखा था हालांकि टीम नियमों के उल्लंघन के चलते उन्हें और एटकिंसन दोनों को लिखित चेतावनी दी गई है

    गस एटकिंसन को लेकर जांच में यह पाया गया कि वह बिना किसी उकसावे के हमले के शिकार हुए थे और उन्होंने किसी भी स्थिति में जवाबी कार्रवाई नहीं की इस तरह उन्हें भी हिंसक घटना के लिए दोषी नहीं ठहराया गया इस पूरे विवाद के बावजूद ईसीबी ने अनुशासनात्मक नियमों के तहत दोनों खिलाड़ियों को चेतावनी जारी की है और टीम के आचार संहिता पालन पर जोर दिया है

    अब इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच सीरीज 1-1 की बराबरी पर पहुंच चुकी है और तीसरा टेस्ट निर्णायक होगा जिसमें स्टोक्स की कप्तानी में इंग्लैंड वापसी करेगा तीसरे टेस्ट के लिए घोषित इंग्लैंड टीम में बेन स्टोक्स, जो रूट, जोफ्रा आर्चर, हैरी ब्रूक, बेन डकेट और अन्य प्रमुख खिलाड़ी शामिल हैं जिससे मुकाबला और भी रोमांचक होने की उम्मीद है

  • सूर्यकुमार यादव बने पिता: बेबी शावर में पत्नी देविशा का ट्रेडिशनल और रॉयल लुक वायरल

    सूर्यकुमार यादव बने पिता: बेबी शावर में पत्नी देविशा का ट्रेडिशनल और रॉयल लुक वायरल



    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेटर सूर्यकुमार यादव के घर 7 मई 2026 को खुशियों ने दस्तक दी, जब उनकी पत्नी देविशा शेट्टी ने एक बेटी को जन्म दिया, जिसका नाम रिद्धिमा रखा गया है। बेटी के जन्म के बाद परिवार में जश्न का माहौल देखने को मिला और इस खास मौके पर बेबी शावर की खूबसूरत तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।

    बेबी शावर में दिखा प्यार और साथ का खूबसूरत अंदाज
    बेबी शावर फंक्शन में सूर्यकुमार यादव और देविशा का प्यार भरा अंदाज फैंस को खूब पसंद आ रहा है।
    तस्वीरों में सूर्यकुमार अपनी पत्नी पर प्यार लुटाते दिखे। कभी उनके बालों में गजरा लगाते नजर आए तो कभी उन्हें प्यार से खाना खिलाते हुए दिखाई दिए।

    वहीं देविशा अपने मॉम टू बी ग्लो और पारंपरिक साड़ी लुक में बेहद खूबसूरत नजर आईं।

    देविशा का ट्रेडिशनल साड़ी लुक बना आकर्षण
    देविशा ने इस खास मौके पर गोल्डन और ऑरेंज टोन की कांजीवरम साड़ी पहनी, जो साउथ इंडियन रॉयल लुक दे रही थी।

    साड़ी में गोल्डन जरी वर्क और ग्रीन बॉर्डर

    नीट ड्रेपिंग के साथ बेबी बंप फ्लॉन्ट

    ऑरेंज हैवी एम्ब्रॉयडरी ब्लाउज

    उनका पूरा लुक बेहद ग्रेसफुल और एलिगेंट नजर आया।

    ज्वेलरी और मेकअप ने बढ़ाया ग्लैमर
    देविशा ने अपने लुक को पारंपरिक साउथ इंडियन टच दिया:

    लेयर्ड नेकलेस और ग्रीन स्टोन चोकर

    झुमके, मांग टीका और कमरबंध

    मेहंदी लगे हाथ और सॉफ्ट वेवी हेयरस्टाइल

    बालों में लगा गजरा, जिसे सूर्यकुमार ने खुद सजाया

    मेकअप को उन्होंने सॉफ्ट और नेचुरल रखा, जिससे उनका प्रेग्नेंसी ग्लो और भी उभरकर सामने आया।

    सूर्यकुमार यादव का सिंपल लेकिन स्टाइलिश लुक
    सूर्यकुमार यादव ने इस मौके पर ऑफ-व्हाइट एथनिक लुक चुना।
    उन्होंने टेक्सचर्ड बंदगला जैकेट को मैचिंग कुर्ता और पैंट के साथ पेयर किया, जो देविशा के हैवी ट्रेडिशनल लुक के साथ शानदार कॉन्ट्रास्ट बना रहा था।

    कपल गोल्स बने सूर्यकुमार और देविशा
    दोनों का यह बेबी शावर लुक सोशल मीडिया पर खूब पसंद किया जा रहा है।
    जहां एक तरफ देविशा का रॉयल ट्रेडिशनल अंदाज नजर आया, वहीं सूर्यकुमार का सिंपल और एलीगेंट लुक उन्हें परफेक्ट कपल बनाता दिखा। सूर्यकुमार यादव और देविशा की यह खास झलक सिर्फ एक फैमिली मोमेंट नहीं, बल्कि प्यार, साथ और नए जीवन की शुरुआत का खूबसूरत उत्सव है, जिसने फैंस का दिल जीत लिया है।

  • गल्फ जायंट्स को मिला नया कोच: साइमन हेल्मोट की हुई ILT20 2026 टीम में एंट्री

    गल्फ जायंट्स को मिला नया कोच: साइमन हेल्मोट की हुई ILT20 2026 टीम में एंट्री


    नई दिल्ली । यूएई की इंटरनेशनल लीग टी20 (ILT20) 2026 सीजन से पहले अदाणी स्पोर्ट्सलाइन ने अपनी टीम गल्फ जायंट्स के लिए बड़ा बदलाव करते हुए अनुभवी ऑस्ट्रेलियाई कोच साइमन हेल्मोट को नया हेड कोच नियुक्त किया है।

    हेल्मोट के पास दो दशकों से अधिक का अंतरराष्ट्रीय और फ्रेंचाइजी क्रिकेट अनुभव है। वे लंबे समय से इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में सनराइजर्स हैदराबाद के साथ जुड़े रहे हैं और कई बड़ी टी20 लीगों में टीमों को सफलता दिलाने में अहम भूमिका निभा चुके हैं।

    कोचिंग करियर में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया, कैरेबियन और यूएई की कई टीमों के साथ काम किया है। हाल ही में उन्होंने विमेंस बिग बैश लीग में मेलबर्न रेनेगेड्स को 2024 में पहला खिताब जिताने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

    नियुक्ति के बाद साइमन हेल्मोट ने कहा कि वे गल्फ जायंट्स के साथ जुड़कर बेहद उत्साहित हैं और टीम के दीर्घकालिक विकास व प्रतिस्पर्धी प्रदर्शन पर काम करेंगे।

    वहीं अदाणी एंटरप्राइजेज के निदेशक प्रणव अदाणी ने कहा कि हेल्मोट का अनुभव और नेतृत्व क्षमता टीम के भविष्य के विजन के अनुरूप है और उनसे आगामी सीजन में मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद है। गल्फ जायंट्स ने पूर्व हेड कोच जोनाथन ट्रॉट का भी धन्यवाद किया और उनके योगदान की सराहना की।

  • दीप दासगुप्ता का बड़ा बयान: राशिद खान ने फिर पकड़ी अपनी क्लासिक फॉर्म, बल्लेबाज़ों पर बरपाया कहर

    दीप दासगुप्ता का बड़ा बयान: राशिद खान ने फिर पकड़ी अपनी क्लासिक फॉर्म, बल्लेबाज़ों पर बरपाया कहर


    नई दिल्ली । क्रिकेट फैंस ने एक बार फिर उस राशिद खान को देखा, जो अपनी घातक स्पिन गेंदबाजी के लिए दुनिया भर में मशहूर हैं। गुजरात टाइटंस (GT) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच खेले गए मुकाबले में राशिद ने 4 ओवर में 33 रन देकर 4 महत्वपूर्ण विकेट झटके और अपनी टीम को 77 रनों की बड़ी जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इस शानदार प्रदर्शन के बाद भारत के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज दीप दासगुप्ता ने राशिद खान की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि राशिद इस मैच में पूरी तरह अपनी पुरानी लय में नजर आए और उनकी गेंदबाजी का फोकस लगातार स्टंप्स पर था।
    “हर गेंद स्टंप्स पर लग रही थी” दीप दासगुप्ता
    एक क्रिकेट चर्चा के दौरान दीप दासगुप्ता ने कहा कि जब राशिद अपने बेस्ट फॉर्म में होते हैं, तो उनकी गेंदें लगातार बल्लेबाज को परेशानी में डालती हैं। इस मैच में भी उन्होंने वही पुरानी धार दिखाई। उन्होंने खास तौर पर शुभम दुबे के विकेट का जिक्र करते हुए कहा कि राशिद ने बेहतरीन लाइन और लेंथ के साथ मिडिल स्टंप को लगातार टारगेट किया। दासगुप्ता के अनुसार, राशिद की सबसे बड़ी ताकत यही है कि वह लगातार स्टंप्स पर हमला करते हैं, जिससे बल्लेबाज के पास गलती की गुंजाइश बहुत कम रह जाती है।
    घातक गेंदबाजी से RR की पारी ध्वस्त
    राशिद खान ने इस मैच में शानदार गेंदबाजी करते हुए ध्रुव जुरेल, रवींद्र जडेजा, फरेरा और शुभम दुबे को पवेलियन भेजा। खास बात यह रही कि उनके तीन विकेट क्लीन बोल्ड और एक विकेट एलबीडब्ल्यू के रूप में आया, जो उनकी सटीकता को दर्शाता है। राजस्थान रॉयल्स की टीम 230 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए सिर्फ 152 रन पर सिमट गई, और पूरी टीम ऑलआउट हो गई।
    GT की शानदार जीत और टॉप-2 में एंट्री
    गुजरात टाइटंस के लिए कप्तान शुभमन गिल ने 44 गेंदों में 84 रनों की बेहतरीन पारी खेली, जबकि साई सुदर्शन ने 55 रनों का योगदान दिया। टीम ने इस जीत के साथ अपना सातवां मुकाबला जीतकर अंक तालिका में दूसरा स्थान हासिल कर लिया।
    राशिद खान का यह प्रदर्शन न सिर्फ गुजरात टाइटंस के लिए अहम साबित हुआ, बल्कि यह भी संकेत देता है कि वह एक बार फिर अपनी घातक फॉर्म में लौट आए हैं। दीप दासगुप्ता की टिप्पणी भी यही बताती है कि जब राशिद लय में होते हैं, तो उन्हें खेलना किसी भी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं होता।
  • जोश इंग्लिस ने मचाया धमाल, CSK के होम ग्राउंड पर IPL 2026 में ठोका तूफानी फिफ्टी

    जोश इंग्लिस ने मचाया धमाल, CSK के होम ग्राउंड पर IPL 2026 में ठोका तूफानी फिफ्टी


    नई दिल्ली । चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए IPL 2026 के 53वें मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के बल्लेबाज जोश इंग्लिस ने ऐसी तूफानी बल्लेबाजी की, जिसने पूरे मैच का रुख ही बदल दिया। चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ इंग्लिस ने मात्र 17 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर इस मैदान पर सबसे तेज फिफ्टी का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।  इंग्लिस ने इस मुकाबले में 33 गेंदों पर 85 रनों की विस्फोटक पारी खेली। उनकी पारी में 10 चौके और 6 गगनचुंबी छक्के शामिल रहे, जबकि उनका स्ट्राइक रेट 257 के आसपास रहा, जो इस मैच की सबसे बड़ी खासियत रही।

    LSG की धमाकेदार शुरुआत, पावरप्ले में ही दबदब
    जोश इंग्लिस की आक्रामक बल्लेबाजी की बदौलत लखनऊ सुपर जायंट्स ने बेहद तेज शुरुआत की। टीम ने सिर्फ 3.4 ओवर में 50 रन पूरे कर लिए, जो फ्रेंचाइजी के इतिहास में संयुक्त रूप से सबसे तेज अर्धशतकों में से एक रहा। पावरप्ले के दौरान इंग्लिस ने अकेले 25 गेंदों में 74 रन बनाकर गेंदबाजों की जमकर धुनाई की।

    इंग्लिस और मिचेल मार्श के बीच पहले विकेट के लिए 31 गेंदों में 77 रनों की साझेदारी ने LSG को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। हालांकि मार्श 10 रन बनाकर आउट हो गए और इसके बाद निकोलस पूरन और कप्तान ऋषभ पंत भी बड़ी पारी नहीं खेल सके। पूरन सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हुए, जबकि ऋषभ पंत 15 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके बावजूद इंग्लिस ने एक छोर संभाले रखा और लगातार रन बरसाते रहे।

    शतक से चूके, लेकिन छोड़ दिया बड़ा असर
    जोश इंग्लिस शतक के बेहद करीब पहुंचकर भी उसे पूरा नहीं कर सके, लेकिन उनकी पारी ने मैच का पूरा माहौल बदल दिया। उनकी बल्लेबाजी ने यह साफ कर दिया कि वह LSG के लिए एक मैच विनिंग बल्लेबाज बनते जा रहे हैं।

    टीम में वापसी और रणनीतिक बदलाव
    इस मुकाबले के लिए LSG ने अपनी प्लेइंग इलेवन में दो अहम बदलाव किए थे। जोश इंग्लिस की टीम में वापसी हुई, जबकि आवेश खान को मयंक यादव की जगह शामिल किया गया। यह बदलाव पूरी तरह सफल साबित हुआ, खासकर इंग्लिस के प्रदर्शन के कारण।

    जोश इंग्लिस की यह पारी IPL 2026 की सबसे यादगार पारियों में से एक बन गई है। चेपॉक जैसे मुश्किल मैदान पर इतनी तेज बल्लेबाजी करना उनके आत्मविश्वास और आक्रामक शैली को दर्शाता है। भले ही वह शतक से चूक गए, लेकिन उन्होंने मैच को पूरी तरह LSG के पक्ष में मोड़ दिया।

  • मिचेल मार्श ने रचा इतिहास, लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले बल्लेबाज बने

    मिचेल मार्श ने रचा इतिहास, लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले बल्लेबाज बने


    नई दिल्ली । चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए IPL 2026 के 53वें मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के सलामी बल्लेबाज मिचेल मार्श ने भले ही छोटी पारी खेली हो, लेकिन उन्होंने एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ मात्र 10 रन की पारी खेलते हुए मार्श ने LSG के लिए सबसे कम पारियों में 1,000 रन पूरे करने का कीर्तिमान स्थापित किया।

    इस मैच में मार्श ने 10 गेंदों में 10 रन बनाए, जिसमें एक शानदार छक्का भी शामिल था। हालांकि उनकी पारी छोटी रही, लेकिन उन्होंने जोश इंग्लिस के साथ मिलकर 5.1 ओवर में 77 रनों की तेज साझेदारी कर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई।

    IPL में लगातार शानदार प्रदर्श
    मिचेल मार्श ने IPL 2025 में पहली बार LSG का प्रतिनिधित्व किया था और तभी से वे टीम के अहम खिलाड़ी बन गए। अपने पहले सीजन में उन्होंने 13 पारियों में 48.23 की औसत से 627 रन बनाए, जिसमें 1 शतक और 6 अर्धशतक शामिल रहे। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने उन्हें टीम का प्रमुख सलामी बल्लेबाज बना दिया।

    IPL 2026 के मौजूदा सीजन में भी उनका फॉर्म जारी है। 11 मैचों में उन्होंने 34.27 की औसत से 377 रन बनाए हैं, जिसमें 1 शतक और 1 अर्धशतक शामिल है। खास बात यह है कि पिछले ही मुकाबले में उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ 111 रनों की धमाकेदार पारी खेली थी, जिससे LSG ने डकवर्थ-लुईस नियम के तहत 9 रन से जीत दर्ज की थी।

    इतिहास में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले खिलाड़
    LSG के लिए 1,000 रन सबसे कम पारियों में पूरा करने के साथ मिचेल मार्श ने कई बड़े नामों के क्लब में जगह बना ली है। हालांकि यह रिकॉर्ड IPL इतिहास में सबसे तेज नहीं है, लेकिन LSG फ्रेंचाइजी के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है।

    IPL इतिहास में सबसे कम पारियों में 1,000 रन पूरे करने का रिकॉर्ड क्रिस गेल के नाम है, जिन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए सिर्फ 20 पारियों में यह उपलब्धि हासिल की थी। उनके बाद शॉन मार्श, लिंडल सिमंस, केएल राहुल और डेवोन कॉन्वे जैसे दिग्गज बल्लेबाज इस सूची में शामिल हैं, जिन्होंने 21 से 24 पारियों के बीच यह आंकड़ा छुआ था।

    मिचेल मार्श का यह प्रदर्शन साबित करता है कि वे LSG के लिए लगातार मैच विनिंग खिलाड़ी बनते जा रहे हैं। भले ही इस मैच में उनका योगदान छोटा रहा हो, लेकिन इतिहास रचने वाली यह उपलब्धि उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन की गवाही देती है। आने वाले मैचों में उनसे और भी बड़े धमाकों की उम्मीद की जा रही है।