अफगानिस्तान क्रिकेट में बड़ा बदलाव वनडे कप्तानी से हटे हशमतुल्लाह शाहिदी नए कप्तान की तलाश हुई तेज


नई दिल्ली । अफगानिस्तान क्रिकेट टीम को वनडे प्रारूप में बड़ा झटका लगा है। टीम के अनुभवी बल्लेबाज और कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी ने वनडे कप्तानी छोड़ने का फैसला लेकर सभी को चौंका दिया है। वर्ष 2022 से टीम की कमान संभाल रहे शाहिदी ने अपने सोशल मीडिया के माध्यम से इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा कि यह फैसला उन्होंने पूरी इच्छा और सम्मान के साथ लिया है। उनके इस निर्णय के बाद अब अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के सामने नए कप्तान के चयन की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है खासकर ऐसे समय में जब टीम 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों में जुटी हुई है।

हशमतुल्लाह शाहिदी का कप्तानी कार्यकाल अफगानिस्तान क्रिकेट के सबसे सफल दौरों में गिना जाता है। उनकी अगुवाई में टीम ने न केवल लगातार बेहतर प्रदर्शन किया बल्कि दुनिया की कई बड़ी टीमों को हराकर अपनी अलग पहचान भी बनाई। उन्होंने एशिया कप वनडे विश्व कप 2023 और चैंपियंस ट्रॉफी 2025 जैसे बड़े टूर्नामेंटों में टीम का नेतृत्व किया और अफगानिस्तान को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

विश्व कप 2023 में शाहिदी की कप्तानी में अफगानिस्तान ने पाकिस्तान इंग्लैंड श्रीलंका और नीदरलैंड्स जैसी मजबूत टीमों को हराकर क्रिकेट जगत को चौंका दिया था। टीम ने अंक तालिका में छठा स्थान हासिल किया और शानदार प्रदर्शन के दम पर चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भी क्वालीफाई किया। यह उपलब्धि अफगानिस्तान क्रिकेट के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय मानी जाती है।

शाहिदी ने अपने भावुक संदेश में टीम के खिलाड़ियों को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने लिखा कि कप्तान बनना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा और टीम की हर उपलब्धि पूरी टीम की मेहनत एकता और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने खिलाड़ियों कोचिंग स्टाफ अधिकारियों और क्रिकेट बोर्ड का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके सहयोग और विश्वास के बिना यह सफर संभव नहीं था।

द्विपक्षीय सीरीज में भी शाहिदी का रिकॉर्ड प्रभावशाली रहा। उनकी कप्तानी में अफगानिस्तान ने बांग्लादेश के खिलाफ तीन सीरीज जीती जबकि जिम्बाब्वे और दक्षिण अफ्रीका जैसी टीमों के खिलाफ भी महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल कीं। कप्तान के रूप में उन्होंने 27 वनडे मुकाबलों में टीम को जीत दिलाई और अपनी शांत नेतृत्व शैली से खिलाड़ियों का भरोसा जीता।

बतौर बल्लेबाज भी शाहिदी का योगदान बेहद अहम रहा। उन्होंने कप्तानी के दौरान लगातार जिम्मेदारी निभाई और मध्यमक्रम को मजबूती दी। वनडे क्रिकेट में उनका एकमात्र शतक भारत के खिलाफ आया जब उन्होंने 131 गेंदों में शानदार 102 रन बनाकर अपनी क्षमता का परिचय दिया। उनकी संयमित बल्लेबाजी और नेतृत्व कौशल ने अफगानिस्तान को कई यादगार जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

अब अफगानिस्तान को आयरलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज खेलनी है और इसके बाद टीम का पूरा ध्यान 2027 विश्व कप की तैयारियों पर रहेगा। ऐसे में नया कप्तान चुनना बोर्ड के लिए बेहद महत्वपूर्ण फैसला होगा। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि शाहिदी का इस्तीफा टीम के लिए चुनौती जरूर है लेकिन उनके द्वारा तैयार की गई मजबूत टीम भविष्य में भी शानदार प्रदर्शन करने की क्षमता रखती है।