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  • संत रविदास के समानता और सामाजिक समरसता के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प, नितिन नवीन ने गिनाई प्राथमिकताएं

    संत रविदास के समानता और सामाजिक समरसता के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प, नितिन नवीन ने गिनाई प्राथमिकताएं

    नई दिल्ली । भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित समरसता संकल्प अभियान के पावन माटी कलश वंदन एवं वितरण कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य संत रविदास के सामाजिक समरसता, समानता और निष्काम कर्म के विचारों को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सभी वर्गों को साथ लेकर वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने का संकल्प लिया गया है।

    नितिन नवीन ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर पार्टी उनके विचारों और सामाजिक संदेश को व्यापक स्तर पर पहुंचाने का प्रयास कर रही है। उनके अनुसार, समाज में समानता और आपसी सद्भाव की भावना को मजबूत करना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी का भी उन्होंने स्वागत किया।

    उन्होंने बताया कि समरसता संकल्प अभियान की शुरुआत 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर की गई थी। अभियान के आरंभ से ही देश के विभिन्न हिस्सों में लोगों को इससे जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। नवीन ने कहा कि गुरु पूर्णिमा के दिन अभियान शुरू करने का उद्देश्य संत रविदास से जुड़े इस कार्यक्रम को गुरु परंपरा के आशीर्वाद और मार्गदर्शन से आगे बढ़ाना था।

    भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि भारत की परंपरा संतों और महापुरुषों के विचारों से समृद्ध रही है। उनके मुताबिक, जब समाज के सामने असमानता या कठिन परिस्थितियां आईं, तब संतों और महापुरुषों ने लोगों को सामाजिक एकता और सुधार का रास्ता दिखाया। उन्होंने संत रविदास के विचारों को इसी परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

    नितिन नवीन ने कहा कि संत रविदास ने ऐसे समय में सामाजिक समानता की बात की, जब समाज कई तरह की ऊंच-नीच और कुप्रथाओं से प्रभावित था। उनके विचारों ने सामाजिक भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाने और समाज में समरसता की भावना मजबूत करने का काम किया। भाजपा इसी संदेश को अभियान के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है।

    उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार की नीतियों का उद्देश्य गरीब और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने दावा किया कि करीब 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में सरकार की योजनाओं की भूमिका रही है।

    कोरोना महामारी के दौरान प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराने का उल्लेख करते हुए नवीन ने कहा कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कोई व्यक्ति भूखा न सोए। उन्होंने इसे सामाजिक सरोकार और जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने की नीति से जोड़ा।

    नितिन नवीन ने कहा कि सामाजिक समरसता केवल किसी एक वर्ग का विषय नहीं है, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने और सभी को साथ लेकर आगे बढ़ने की जरूरत है। उनके मुताबिक, यही भावना विकसित भारत के निर्माण की आधारशिला बनेगी।

    भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी संत रविदास के आदर्शों और प्रधानमंत्री मोदी के विकास दृष्टिकोण को साथ लेकर सामाजिक एकता और देश के विकास की दिशा में काम करेगी। उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग को जोड़कर 2047 तक विकसित भारत का सपना पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।

  • भारत विकास की राह पर तेजी से अग्रसर…. 2021 के बाद से GDP ग्रोथ रेट में चीन को छोड़ा पीछे

    भारत विकास की राह पर तेजी से अग्रसर…. 2021 के बाद से GDP ग्रोथ रेट में चीन को छोड़ा पीछे


    नई दिल्ली।
    दुनिया के दो सबसे ज्यादा आबादी वाले देश, भारत (India) और चीन (China), कभी एशियाई सदी (Asian Century) के दो इंजन माने जाते थे. उन्होंने अपनी आर्थिक यात्रा का आधुनिक दौर लगभग एक जैसी आय के स्तर से शुरू किया था, लेकिन जल्द ही उनके रास्ते अलग-अलग हो गए. भारत की आर्थिक वृद्धि दर (India Economic Growth rate) इस समय चीन से तेज नजर आ रही है. वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की GDP विकास दर का अनुमान 7.7% लगाया गया था, जबकि चीन के लिए यह लगभग 5% था. हालांकि, यह अंतर सिर्फ एक साल का नहीं है. 2015 के बाद से दोनों देशों की ग्रोथ रफ्तार में लगातार बदलाव देखने को मिला है और 2021 से भारत सालाना आर्थिक वृद्धि के मामले में चीन से आगे रहा है।

    1980 में चीन की GDP ग्रोथ करीब 7.9% थी, जबकि भारत 6.7% की दर से बढ़ रहा था. इसके बाद 1980, 1990 और 2000 के दशकों में चीन ने भारत से काफी तेज आर्थिक विस्तार किया. हालांकि, 2010 के दशक में दोनों देशों की ग्रोथ के बीच का अंतर कम होने लगा. वर्ल्ड बैंक के 2025 के आंकड़ों में भारत की ग्रोथ 7.6% और चीन की करीब 5% रही. वहीं, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के जुलाई 2026 अपडेट में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.7% रहने का अनुमान लगाया गया है।


    कभी बराबर थी दोनों देशों की जीडीपी

    दोनों देशों की आर्थिक यात्रा की शुरुआत पूरी तरह अलग नहीं थी. 1987 में भारत और चीन की नॉमिनल GDP लगभग बराबर थी. PPP यानी Purchasing Power Parity के आधार पर भी 1990 में चीन भारत से बहुत आगे नहीं था. उस समय प्रति व्यक्ति आय के मामले में भारत चीन से आगे था. हालांकि, इसके बाद चीन ने बेहद तेज गति से आर्थिक विस्तार किया. 1961 से 2024 के बीच चीन 22 बार 10% से ज्यादा सालाना GDP ग्रोथ दर्ज कर चुका है, जबकि भारत इस अवधि में कभी भी 10% की सालाना वृद्धि दर तक नहीं पहुंचा।

    आर्थिक आकार में चीन अभी बहुत आगे
    तेज ग्रोथ के बावजूद भारत और चीन की अर्थव्यवस्थाओं के आकार में बड़ा अंतर है. 2025 में चीन की नॉमिनल GDP करीब 19.5 ट्रिलियन डॉलर रही, जबकि भारत की GDP करीब 3.96 ट्रिलियन डॉलर थी. PPP के आधार पर चीन की अर्थव्यवस्था करीब 41 ट्रिलियन डॉलर और भारत की लगभग 17.7 ट्रिलियन डॉलर रही. प्रति व्यक्ति GDP में भी दोनों देशों के बीच बड़ा अंतर है. नॉमिनल आधार पर चीन की प्रति व्यक्ति GDP करीब 13,806 डॉलर थी, जबकि भारत में यह लगभग 2,818 डॉलर रही।


    चीन का मॉडल और भारत की ताकत

    चीन ने दशकों तक इंडस्ट्री, एक्सपोर्ट और बड़े पैमाने पर निवेश के सहारे अपनी अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाया. दूसरी ओर, भारत की आर्थिक वृद्धि में घरेलू मांग, सर्विसेज और निजी खपत की बड़ी भूमिका रही है. 2024 में भारत में घरेलू खपत GDP का करीब 61% थी. व्यापक तौर पर देखें तो भारतीय अर्थव्यवस्था का लगभग 70% हिस्सा खपत से जुड़ा है. चीन में घरेलू खपत का GDP में हिस्सा करीब 40% रहा।


    चीन की धीमी रफ्तार के पीछे क्या वजह

    चीन की मौजूदा सुस्ती को सिर्फ एक कमजोर साल के तौर पर नहीं देखा जा सकता. वहां प्रॉपर्टी सेक्टर का संकट, डेवलपर्स पर कर्ज का दबाव, संपत्तियों की गिरती कीमतें, कमजोर उपभोक्ता भरोसा और जनसांख्यिकीय चुनौतियां आर्थिक मांग पर असर डाल रही हैं. इन चुनौतियों के बीच चीन EV, बैटरी, सोलर उपकरण और एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सेक्टर पर जोर दे रहा है. हालांकि, इन क्षेत्रों में बढ़ती उत्पादन क्षमता के कारण ओवरकैपेसिटी की चिंता भी बढ़ी है. इससे चीन की बाहरी बाजारों पर निर्भरता और ट्रेड बैरियर का जोखिम बढ़ सकता है।


    भारत के सामने बड़ा मौका, आर्थिक आंकड़े पॉजिटिव

    पोस्ट-कोविड दौर में ग्लोबल सप्लाई चेन में बदलाव भारत के लिए एक बड़ा अवसर लेकर आया है. कई मल्टीनेशनल कंपनियां भारत को सिर्फ मैन्युफैक्चरिंग बेस नहीं, बल्कि बड़े कंज्यूमर मार्केट के तौर पर भी देख रही हैं. लेकिन यहां एक बड़ी चुनौती भी है. अगर हाई-वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग चीन, वियतनाम और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में बनी रहती है और भारत मुख्य रूप से दूसरे देशों में तैयार सामान का बड़ा बाजार बन जाता है, तो इसका फायदा सीमित रह सकता है. भारत के मौजूदा आर्थिक आंकड़े उम्मीद जगाते हैं. देश का कंजम्पशन इंजन मजबूत है, सर्विस सेक्टर टिकाऊ बना हुआ है, और यहां की आबादी व बाजार का आकार ऐसे मौके देता है जो बहुत कम बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को मिलते हैं।


    असली चुनौती ग्रोथ को रोजगार और आय में बदलना

    भारत का चीन से तेज बढ़ना निश्चित तौर पर एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन सिर्फ GDP ग्रोथ रेट पूरी तस्वीर नहीं बताती. चीन अब भी आर्थिक आकार, प्रति व्यक्ति आय और औद्योगिक क्षमता के मामले में भारत से काफी आगे है. भारत के लिए असली परीक्षा यह होगी कि क्या वह तेज आर्थिक वृद्धि को ज्यादा रोजगार, बेहतर आय, मजबूत मैन्युफैक्चरिंग और जीवन स्तर में सुधार में बदल पाता है. IMF और वर्ल्ड बैंक के अनुमान फिलहाल भारत की ग्रोथ रफ्तार को चीन से बेहतर दिखा रहे हैं. लेकिन अब सबसे जरूरी सवाल यह नहीं है कि क्या भारत चीन से तेजी से विकास कर सकता है. बल्कि सवाल यह है कि क्या भारत उस बढ़त को इतने लंबे समय तक बनाए रख सकता है जिससे इन दो एशियाई दिग्गजों के बीच पैदा हुए भारी आर्थिक अंतर को खत्म किया जा सके।

  • भोपाल मेट्रोपॉलिटिन क्षेत्र के विकास को मिली रफ्तार, भोपाल-विदिशा 4-लेन मार्ग के लिए 1,757 करोड़ से अधिक मंजूर

    भोपाल मेट्रोपॉलिटिन क्षेत्र के विकास को मिली रफ्तार, भोपाल-विदिशा 4-लेन मार्ग के लिए 1,757 करोड़ से अधिक मंजूर

    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक हुई। मंत्रि-परिषद ने भोपाल को मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस पहल करते हुए भोपाल-विदिशा मार्ग के 2-लेन से 4-लेन उन्नयन एवं निर्माण के लिए 1757.57 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस मार्ग के निर्माण से तेजी से औद्योगिक निवेश बढ़ेगा और अधोसंरसचना का भी व्यवस्थित विकास हो पायेगा। सांची स्तूप और कर्क रेखा जैसे प्रमुख स्थलों से गुजरने वाला यह मार्ग प्रादेशिक कनेक्टिविटी को नई मजबूती देगा। मंत्रि-परिषद ने भोपाल बायपास को 6-लेन बनाने के दृष्टिगत भोपाल बायपास- टोल टैक्स शुल्क संग्रहण की अनुमति 2031 तक बढ़ाने की मंजूरी दी है। एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में मंत्रि-परिषद ने स्थानीय मजदूरों और क्षेत्र के रहवासियों को लाभांश वितरण के लिए वन विभाग द्वारा संचालित संयुक्त वन प्रबंध समितियों को लाभांश का प्रदाय योजना के तहत वर्ष 2030-31 तक निरंतर रखे जाने की 918 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है।

    मंत्रि-परिषद ने किसान कल्याण वर्ष में किसानों को बड़ी सौगात देते हुए भारत सरकार के अंतर्गत गठित उपक्रम नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए सीहोर जिले की इछावर तहसील के गांव भाउखेड़ी में 20 हैक्टेयर भूमि स्थायी पट्टे पर आवंटित किये जाने का निर्णय लिया है। प्रदेश के सर्वांगीण विकास, जन-स्वास्थ्य सुदृढ़ीकरण, बुनियादी ढांचे के विस्तार और महिला सशक्तिकरण को गति देने के लिए 47 हजार 990 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की है। इसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 28,083.47 करोड़ रुपये और आयुष्मान भारत योजना के लिए 12 हजार 123 करोड़ 81 लाख रुपये शामिल हैं।

    मंत्रि-परिषद ने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए हर तरह की परिस्थितियों में समाज सेवा करने वाली महिलाओं के लिए ‘रानी दुर्गावती राज्य स्तरीय पुरस्कार’ की राशि भी 2 लाख रुपये करने की स्वीकृति दी है और ‘रानी अवंती बाई राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार’ की राशि को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये करने की मंजूरी दी है। इसी तरह जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के आगामी 5 वर्षों के संचालन के लिए 795 करोड़ 59 लाख रुपये की मंजूरी दी गई। देवास पटाखा फैक्ट्री दुर्घटना जांच आयोग की अवधि 3 माह बढ़ाने तथा एम.पी.पी.एस.सी के वार्षिक प्रतिवेदनों को विधानसभा के पटल पर रखने का अनुमोदन भी बैठक में किया गया।

    भोपाल-विदिशा मार्ग का 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर निर्माण किये जाने के लिए 1,757 करोड़ 55 लाख रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने भोपाल को मेट्रो-पोलिटिन सिटी के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा हाईब्रिड एन्यूटी मोडल (एचएएम) के लिए बनाए गए मॉडल कंसेशन एग्रीमेंट के आधार पर, भोपाल-विदिशा मार्ग लंबाई 44.830 कि.मी. का 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर निर्माण किये जाने के लिए 1,757 करोड़ 55 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। इससे अब औद्योगिक निवेश बढ़ाने के साथ अधोसंरचनात्मक विकास होगा।

    कुल परियोजना निर्माण लागत का 40 प्रतिशत हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल (एच.ए.एम) अंतर्गत मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा राज्य राजमार्ग निधि से परियोजना क्रियान्वयन के दौरान जीएसटी सहित वहन किया जायेगा। कुल परियोजना निर्माण लागत की शेष 60 प्रतिशत राशि संचालन अवधि में 15 वर्षों तक छः माही एन्यूटी के रूप में राज्य बजट के माध्यम से किया जायेगा। इसके अतिरिक्त निर्माण पूर्व कार्यकलाप (भू-अर्जन एवं अन्य कार्य) तथा सुपरविजन चार्जेस की राशि रूपये 364 करोड़ 41 लाख रूपये का भुगतान भी राज्य बजट के माध्यम से किया जायेगा।

    भोपाल विदिशा (राज्य मार्ग-28) मार्ग, अयोध्या बायपास के भानपुर टी-जंक्शन से प्रारंभ होकर राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-146 पर साँची-सलामतपुर जंक्शन पर समाप्त होता है। यह मार्ग भानपुर, चोपड़ाकला, सूखी सेवनिया, डोब, बालमपुर, दीवानगंज और सलामतपुर से गुजरते हुए भोपाल और विदिशा जिलों को जोड़ता है। रायसेन जिले में सांची स्तूप सबसे महत्वपूर्ण बौद्ध तीर्थस्थलों में से एक है, जो कि यूनेस्को का विश्व धरोहर स्थल भी है। कर्क रेखा भी भोपाल-विदिशा मार्ग के कि.मी. 24.550 से गुजरती है। भौगोलिक दृष्टि से भी यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    भोपाल बायपास 4-लेन मार्ग पर वर्ष 2031 तक उपभोक्ता शुल्क संग्रहण की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम अंतर्गत भोपाल बायपास 4-लेन को 6-लेन बनाने के दृष्टिगत मार्ग लम्बाई 51.963 कि.मी. पर 19 जुलाई 2026 से 31 दिसंबर 2031 तक उपयोगकर्ता शुल्क संग्रहण की अनुमति प्रदाय की है। साथ ही इसकी अवधि अतिरिक्त 5 वर्ष तक बढ़ाने के लिए लोक निर्माण विभाग को अधिकृत किया है। भोपाल बायपास पर उपयोगकर्ता शुल्क संग्रहण, पूर्व में जारी अधिसूचना के प्रावधानों के अनुसार यथावत् रखा गया है। उपयोगकर्ता शुल्क संग्रहण का कार्य मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम लिमिटेड अथवा निगम द्वारा चयनित संग्रहण एजेंसी के माध्यम से कराया जाएगा।

    भोपाल बायपास 4-लेन मार्ग की कुल लंबाई 51.963 कि.मी. है, जो कि भोपाल शहर से इन्दौर, रायसेन, विदिशा एवं नर्मदापुरम् जिलों को जोड़ता है। इससे भोपाल शहरी क्षेत्र का यातायात दबाव कम होने के साथ-साथ यात्रियों को निर्बाद्ध रूप से सुगमतापूर्वक मार्ग उपलब्ध होता है। इसका नियमित संचालन, अनुरक्षण एवं रख-रखाव निगम द्वारा किया जाता है। संग्रहित टोल राशि मध्यप्रदेश राजमार्ग निधि अधिनियम 2012 अंतर्गत स्थापित राज्य राजमार्ग निधि में जमा कराई जाती है, जिसका व्यय निगम द्वारा राज्य मार्गों के विकास एवं संधारण सहित अन्य कार्यों में किया जाता है।

    संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को लाभांश प्रदाय करने के लिए 918 करोड़ रूपये की स्वीकृति

    अब श्रमिकों के साथ रहवासियों को भी मिलेगा लाभांश

    मंत्रि-परिषद ने वन विभाग अंतर्गत संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को लाभांश प्रदाय से संबंधित योजना को वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 918 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना का उद्देश्य संयुक्त वन प्रबंधन अंतर्गत वनों के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए श्रमिकों के साथ रहवासियों की जन-भागीदारी प्राप्त करना है। प्रदेश में संयुक्त वन प्रबंधन समितियां वनों के संरक्षण एवं संवर्द्धन में वन विभाग को समुचित सहयोग प्रदान कर रही है। प्रावधानों के अनुरूप काष्ठ के अंतिम पातन से प्राप्त काष्ठ की बिक्री से प्राप्त राजस्व की 20 प्रतिशत राशि संयुक्त वन प्रबंधन समिति को दी जाती है। साथ ही बांस के विदोहन से प्राप्त शुद्ध लाभ का शत-प्रतिशत, कटाई में संलग्न श्रमिकों को प्रदाय किया जाता है।इस योजना के तहत अब श्रमिकों के साथ ही समिति से जुड़े क्षेत्रों के रहवासियों को भी लाभांश दिया जाएगा।

    रानी दुर्गावती राज्य स्तरीय पुरस्कार राशि 2 लाख रुपये और रानी अवन्ती बाई राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार राशि को एक से बढ़ाकर 2 लाख रूपये करने की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने हर परिस्थिति में संघर्ष करते हुये समाज सेवा करने वाली एक महिला को प्रतिवर्ष राज्य स्तरीय रानी दुर्गावती पुरस्कार राशि 2 लाख रूपये प्रदाय करने और वर्ष 2006 से प्रदाय किए जा रहे रानी अवन्ती बाई राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार की राशि को भी एक लाख रूपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये किये जाने की स्वीकृति दी है।

    पुरस्कार प्रदान करने से अत्यन्त गरीब, विकलांग 40 प्रतिशत से अधिक एकल महिला, किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त, एसिड, दहेज, घरेलू हिंसा से पीड़ित अथवा अन्य कोई विपरीत स्थिति में संघर्ष करते हुए समाज सेवा के कार्य कर रही महिलाओं की सेवाओं, कार्यों और योगदान को प्रोत्साहन व पहचान मिलेगी। अन्य महिलाएं भी प्रेरणा लेकर महिलाओं और बच्चों के क्षेत्र में समाजसेवा कार्य करने आगे आएंगी।

    वर्तमान में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कुल 6 पुरस्कार यथा रानी अवंती बाई राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार, राजमाता विजयाराजे सिंधिया समाज सेवा पुरस्कार, श्री विष्णु कुमार महिला बाल कल्याण समाज सेवा सम्मान पुरस्कार, मुख्यमंत्री नारी सम्मान रक्षा पुरस्कार, अरुणा शानबाग वीरता पुरस्कार और राष्ट्रमाता प‌द्मावती पुरस्कार प्रदाय किये जा रहे हैं।

    किसान वर्ष में सौगात-नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट स्थापना के लिए 20 हैक्टेयर भूमि आवंटन को मंजूरी

    मंत्रि-परिषद ने किसान वर्ष में सोयाबीन किसानों को भी सौगात दी है। इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चर रिसर्च भारत सरकार के अंतर्गत गठित उपक्रम नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट के लिए ग्राम भाऊखेड़ी तहसील इछावर जिला सीहोर में 20 हैक्टेयर भूमि स्थायी पट्टे पर आवंटित करने का निर्णय लिया गया है।

    भारतीय कृषि अनुसंधान के राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान भारत सरकार के कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त निकाय है, जिसे केन्द्र सरकार द्वारा पूर्ण रूप से वित्त पोषित किया जाता है। यह संस्थान सोयाबीन अनुसंधान एवं विकास के माध्यम से देश के लगभग 50 लाख सोयाबीन किसानों के हितों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है। प्रस्तावित भूमि का उपयोग विशुद्ध रूप से कृषि विज्ञान केन्द्र स्थापित करने के लिये किया जाएगा। इस केंद्र की स्थापना से मध्यप्रदेश में सोयाबीन की खेती में चहुँमुखी प्रगति की उम्मीद है।

    राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और आयुष्मान भारत सहित स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन के लिए 44 हजार 515.13 करोड़ रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग अंतर्गत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य और आयुष्मान भारत (नॉन एस. ई. सी. सी. हितग्राही), बहुउद्देशीय रोग नियंत्रण कार्यक्रम, स्वास्थ्य संस्थाओं की सुरक्षा एवं सफाई व्यवस्था, जिला स्तरीय अमला से संबंधित योजनाओं के 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए कुल 44 हजार 515.13 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है।

    राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 28,083.47 करोड़ रूपये स्वीकृत किए गए है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन भारत सरकार से 60:40 के अनुपात में संचालित है। यह योजना केन्द्र प्रवर्तित है एवं प्रमुख राष्ट्रीय कार्यक्रम जैसे मातृ स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, टीकाकरण, टी.बी. उन्मूलन, शिशु स्वास्थ्य पोषण, सिकल सेल, किशोर स्वास्थ्य, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, गैर-संचारी कार्यक्रम, अंधत्व निवारण, कुष्ठ उन्मूलन, प्रधानमंत्री डायलिसिस सेवा, निःशुल्क दवा एवं जांच इत्यादि स्वास्थ्य कार्यक्रमों का संचालन किया जाता है।

    स्वीकृति अनुसार आयुष्मान भारत- प्रधानमंत्री जन आरोग्य और आयुष्मान भारत (नॉन एस. ई. सी. सी. हितग्राही) के संचालन के लिए 12 हजार 123 करोड़ 81 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। योजना अंतर्गत गरीब एवं कमजोर वर्ग को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जाती है। स्वास्थ्य व्यय के कारण होने वाली आर्थिक हानि को रोकते हुए सरकारी एवं सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण उपचार कैशलेस रूप में उपलब्ध कराना आवश्यक है। सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लक्ष्य की पूर्ति, उपचार तक सहज पहुँच तथा सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना ही इस योजना का प्रमुख आधार है। स्वास्थ्य संस्थाओं की सुरक्षा एवं सफाई व्यवस्था के लिए 1,159 करोड़ 58 लाख रूपये स्वीकृत किए गये है। जिला स्तरीय अमला योजना के लिए 654 करोड़ 84 लाख रूपये स्वीकृत किए गए हैं। जिला स्तरीय अमला योजना लगभग 40-50 वर्ष से संचालित है।

    कृषि विश्वविद्यालय के निरंतर संचालन के लिए 795 करोड़ 59 लाख रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय को वेतन भत्तों मानदेय आदि के लिए ब्लाक ग्राण्ट योजना के आगामी 05 वर्षो वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 795 करोड़ 59 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। वर्तमान में विश्वविद्यालय के अधीन 11 महाविद्यालय और 8 अनुसंधान केन्द्र संचालित हैं, जिनके माध्यम से कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं कृषि विस्तार संबंधी गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। विश्वविद्यालय में कार्यरत अधिकारियों, वैज्ञानिकों और कर्मचारियों के अतिरिक्त लगभग 500 ओल्ड पेंशनरों के वेतन, भत्तों, मानदेय एवं पेंशन संबंधी वित्तीय दायित्वों के साथ-साथ संस्थानों के आवश्यक प्रशासनिक एवं आकस्मिक व्ययों की पूर्ति राज्य शासन द्वारा ब्लॉक ग्रांट के माध्यम से की जाती है।

    खनिज साधन विभाग की परिसंपत्तियों के संधारण के लिए 2 करोड़ 50 लाख रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने खनिज साधन विभाग अंतर्गत विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण से संबंधित योजना के वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 2 करोड़ 50 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। खनिज साधन विभाग में कुल 54 खनिज भवन है। खनिज भवनों को निर्मित हुए 10 वर्ष से अधिक की अवधि हो चुकी है इसलिए योजना अंतर्गत भवनों में मरम्मत तथा संधारण का कार्य निरंतर रूप से कराया जा रहा है।

    देवास की पटाखा फैक्ट्री में अग्नि दुर्घटना जाँच के लिए गठित एकल सदस्यीय न्यायिक जाँच आयोग का अनुमोदन

    मंत्रि-परिषद द्वारा देवास जिले में 14 मई 2026 को टोकंकला में स्थित पटाखा फैक्ट्री में घटित दुखद अग्नि दुर्घटना की न्यायिक जाँच के लिए श्री सुभाष काकड़े सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति, उच्च न्यायालय जबलपुर की अध्यक्षता में एकल सदस्यीय न्यायिक जाँच आयोग गठित किये जाने और जॉच आयोग के कार्यकाल में तीन माह 14 अगस्त 2026 तक की वृद्धि किये जाने के संबंध में जारी अधिसूचना का अनुसमर्थन किया गया।

    मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के 63वें, 64वें और 68वें वार्षिक प्रतिवेदन को विधान सभा के पटल पर रखने का अनुमोदन

    मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के 63वें, 64वें और 68वें वार्षिक प्रतिवेदन एवं जिन प्रकरणों में आयोग की सलाह स्वीकार नहीं की गई है, उनके संबंध में ज्ञापन के साथ विधान सभा के पटल पर रखे जाने का अनुमोदन दिया है।

  • सीएम योगी आदित्यनाथ ने पीएम मोदी से की मुलाकात, उत्तर प्रदेश के विकास और राजनीतिक स्थिति पर बातचीत

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने पीएम मोदी से की मुलाकात, उत्तर प्रदेश के विकास और राजनीतिक स्थिति पर बातचीत

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री आवास पहुंचे, जहां दोनों नेताओं के बीच उत्तर प्रदेश से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर बातचीत हुई। इस मुलाकात में प्रदेश के विकास कार्यों, प्रशासनिक विषयों और मौजूदा राजनीतिक स्थिति से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के बीच हुई यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब उत्तर प्रदेश में कई विकास परियोजनाओं और प्रशासनिक कार्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। दोनों नेताओं की बातचीत में प्रदेश से जुड़े प्रमुख विकास कार्यों की प्रगति और उनसे संबंधित विषयों पर चर्चा होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, बैठक में किन-किन मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हुई, इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच समय-समय पर उत्तर प्रदेश से जुड़े विषयों को लेकर बैठकें होती रही हैं। राज्य में केंद्र सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन, बुनियादी ढांचे से जुड़े प्रोजेक्ट, निवेश, रोजगार और विकास कार्यों को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में दोनों नेताओं की मुलाकात को इसी व्यापक संदर्भ में देखा जा रहा है।

    बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति से जुड़े विषयों पर भी बातचीत होने की संभावना जताई गई है। हालांकि, दोनों नेताओं की बैठक के बाद किसी विशेष राजनीतिक फैसले या चर्चा का आधिकारिक विवरण सामने नहीं आया है। इसलिए मुलाकात के राजनीतिक पहलू को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना जरूरी है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मिलने उनके आवास पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच भी उत्तर प्रदेश से जुड़े राजनीतिक और संगठनात्मक विषयों पर बातचीत होने की संभावना है। मुख्यमंत्री की दिल्ली यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री और पार्टी अध्यक्ष से मुलाकात को राज्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है और राष्ट्रीय राजनीति में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य में केंद्र और प्रदेश सरकार के स्तर पर चल रही योजनाओं और विकास परियोजनाओं की प्रगति पर नियमित समन्वय की जरूरत रहती है। मुख्यमंत्री की प्रधानमंत्री से मुलाकात में ऐसे विषयों पर चर्चा होना इसी प्रक्रिया का हिस्सा माना जा सकता है।

    प्रदेश में बुनियादी ढांचे, औद्योगिक निवेश, सड़क और परिवहन व्यवस्था, रोजगार तथा विभिन्न केंद्रीय योजनाओं से जुड़े कार्य लगातार सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रहे हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री की बैठक के दौरान इन क्षेत्रों में चल रहे कार्यों की स्थिति और आगे की प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श किया जाना महत्वपूर्ण है।

    फिलहाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात के बाद किसी नए निर्णय या घोषणा की जानकारी सामने नहीं आई है। बैठक में उत्तर प्रदेश से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई है। आने वाले दिनों में यदि सरकार या पार्टी की ओर से बैठक के संबंध में विस्तृत जानकारी जारी की जाती है, तो मुलाकात में चर्चा किए गए मुद्दों की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

  • बस्तर के विकास का नया रोडमैप लेकर पीएम मोदी से मिले सीएम साय, रेल, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग पर हुई बड़ी चर्चा

    बस्तर के विकास का नया रोडमैप लेकर पीएम मोदी से मिले सीएम साय, रेल, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग पर हुई बड़ी चर्चा

    नई दिल्ली । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर राज्य के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बस्तर के कायाकल्प की योजना और राज्य में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं की जानकारी प्रधानमंत्री के सामने रखी। उन्होंने बस्तर को विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के लिए केंद्र सरकार से सहयोग का आग्रह किया।

    मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के सामने राज्य की तीन प्रमुख मांगें रखीं। इनमें राजनांदगांव में प्रस्तावित 10,500 करोड़ रुपये की गैस आधारित यूरिया परियोजना को जल्द मंजूरी देने का आग्रह प्रमुख रहा। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना के लिए भूमि उपलब्ध करा दी गई है और राज्य स्तर की सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जा चुकी हैं। परियोजना शुरू होने से किसानों को उर्वरक की उपलब्धता में सुविधा मिलेगी और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

    इसके अलावा मुख्यमंत्री ने उन 461 गांवों को स्थायी बिजली ग्रिड से जोड़ने के लिए विशेष सहायता की मांग की, जहां सुरक्षा और भौगोलिक चुनौतियों के कारण अब तक ऑफ-ग्रिड बिजली व्यवस्था संचालित हो रही है। उन्होंने रायपुर या बस्तर में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद की स्थापना के प्रस्ताव पर भी सकारात्मक पहल करने का अनुरोध किया।

    बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बस्तर विजन के तहत किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में पहचाने जाने वाला बस्तर अब विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि सरकारी योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं, जिनसे लाखों लोगों को लाभ मिल रहा है। राशन, स्वास्थ्य बीमा, जनधन खाते, वन अधिकार और आवास जैसी योजनाओं का लाभ दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।

    शिक्षा के क्षेत्र में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लंबे समय से बंद पड़े स्कूलों को दोबारा शुरू किया गया है। इसके साथ ही दूरदराज के इलाकों में बेहतर शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नई एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही हैं। सरकार का लक्ष्य है कि बस्तर के बच्चों को बेहतर अवसर और आधुनिक शिक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।

    स्वास्थ्य क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बताया कि विशेष स्वास्थ्य अभियान के तहत बड़ी संख्या में लोगों की जांच कर उन्हें चिकित्सा सुविधाओं से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि बस्तर में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए अस्पतालों और मेडिकल संस्थानों का विस्तार किया जा रहा है, जिससे लोगों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़े।

    मुख्यमंत्री ने बस्तर में बढ़ती कनेक्टिविटी का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि सड़क, रेल और हवाई संपर्क को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम हो रहा है। रेल परियोजनाओं, एक्सप्रेस-वे और सिंचाई योजनाओं से क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

    बस्तर की संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर दशहरा, चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे स्थलों को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने युवाओं की भागीदारी और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी।

    बैठक में छत्तीसगढ़ में बढ़ते निवेश और उद्योगों के विस्तार का मुद्दा भी प्रमुख रहा। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में नई औद्योगिक नीतियों के कारण बड़े निवेश प्रस्ताव आए हैं और कई क्षेत्रों में नई परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है। एआई, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स, विनिर्माण और अन्य आधुनिक उद्योगों को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है।

    मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण, डिजिटल सेवाओं और सुशासन से जुड़े कार्यों की जानकारी भी प्रधानमंत्री को दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों को आसान और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ विकास के नए लक्ष्य हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर में हो रहे बदलाव से क्षेत्र की तस्वीर बदल रही है और आने वाले समय में यह विकास और अवसरों का केंद्र बनेगा।

  • कैबिनेट: मप्र के सर्वांगीण विकास और बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए 2 हजार 480 करोड़ स्वीकृति

    कैबिनेट: मप्र के सर्वांगीण विकास और बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए 2 हजार 480 करोड़ स्वीकृति


    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के सर्वांगीण विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार और जनकल्याण को गति देने के लिए लगभग 2 हजार 480 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई। बैठक में खेल गतिविधियों, सिंचाई, महिला सशक्तिकरण, सूचना प्रौद्योगिकी और किसान कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुहर लगाई गई।

    प्रमुख निर्णयों में अक्टूबर 2026 में भोपाल में ‘महिला एशियन हॉकी चैम्पियन्स ट्रॉफी’ के भव्य आयोजन के लिए 18 करोड़ 74 लाख रुपये की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई, जिससे राज्य की खेल अवसंरचना और पर्यटन को वैश्विक पहचान मिलेगी। कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए रिहन्द एवं मल्हारगढ़ सिंचाई परियोजनाओं और किसानों को समर्थन मूल्य पर बोनस भुगतान योजना की निरंतरता को मंजूरी मिली। प्रदेश को तकनीकी रूप से अग्रणी बनाने के उद्देश्य से आईआईएसईआर (IISER) भोपाल में ड्रोन टेक्नोलॉजी आधारित ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ और आईटी पार्कों के विकास के लिए 857 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। इन निर्णय में आई टी पार्क की स्थापना के वर्ष 2031 तक संचालन की निरंतरता की स्वीकृति महत्वपूर्ण है ,इसके तहत करीब 8000 युवाओं को रोजगार मिल सकेगा। ‘मिशन शक्ति’ के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण के लिए 198 करोड़ रुपये, कर्मचारी कल्याण एवं पेंशन योजनाओं के लिए 982 करोड़ रुपये और ग्वालियर में विद्युत सुरक्षा के निरीक्षकालय के नवीन वृत्त कार्यालय और नारायणगढ़ में 9 नए न्यायिक पदों के सृजन को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।

    महिला एशियन हॉकी चैम्पियन्स ट्रॉफी 2026 के भोपाल में आयोजन के लिए 18 करोड़ 74 लाख रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने माह अक्टूबर 2026 में महिला एशियन हॉकी चैम्पियन्स ट्रॉफी 2026 के भोपाल के बरखेड़ा नाथू में स्थित अन्तर्राष्ट्रीय स्पोटर्स कॉम्पलेक्स में आयोजन के लिए संभावित व्यय राशि 18 करोड़ 74 लाख रूपये के व्यय की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की है।

    हॉकी इण्डिया को अन्तर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ द्वारा देश में हॉकी खेल का संचालन, प्रोत्साहन और अन्तर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए अधिकृत किया गया है। प्रतियोगिता वर्ष 2010 से निरन्तर 2 वर्ष के अन्तराल में आयोजित की जा रही है। इस प्रतियोगिता को आयोजित करने का मुख्य उद्‌द्देश्य एशियाई महिला हॉकी टीमों की प्रतिभा को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करना है। महिला एशियन हॉकी चैम्पियन्स ट्रॉफी 2026 में एशिया की प्रमुख 6 महिला टीमों (भारत, चीन, जापान, मलेशिया, साउथ कोरिया, एवं थाईलैण्ड) के लगभग 200 खिलाडी व सपोर्ट स्टॉफ के सम्मिलित होने की संभावना है।

    यह अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता हॉकी इण्डिया और खेल और युवा कल्याण विभाग ‌द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की जायेगी। अनुबंध अनुसार हॉकी इण्डिया को खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा ‘पेजेंटिंग पार्टनर’ राईटस के लिए 11 करोड़ रूपये दिये जाएंगे। अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए विभाग दवारा 7 करोड़ 74 लाख रूपये का व्यय किया जायेगा। इस प्रकार आयोजन पर लगभग 18 करोड़ 74 लाख रूपये का व्यय होना संभावित है।

    भोपाल के बरखेड़ा नाथू में अन्तर्राष्ट्रीय स्पोटर्स कॉम्पलेक्स को नवीन एवं आधुनिक तकनीकों के अनुरूप अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की प्रमुख प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए तैयार किया गया है। एशिया स्तर की अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता के आयोजन से वैश्विक स्तर पर मध्यप्रदेश में निर्मित खेल अधोसरंचना का प्रचार प्रसार होगा। इससे प्रदेश के हॉकी खिलाड़ियों के मनोबल में वृ‌द्धि होगी और एशिया के प्रमुख देशों से सम्मिलित हुई टीमों के खिलाड़ियों के भोपाल आगमन से प्रदेश में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

    रिहन्द माइक्रो सिंचाई परियोजना के संचालन के लिए 111 करोड़ रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने सिंगरौली की रिहन्द माइक्रो सिंचाई परियोजना को सोलहवें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031 तक निरन्तर संचालन के लिए 111 करोड़ 4 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। रिहन्द माइक्रो सिंचाई परियोजना का मुख्य उद्देश्य गोविन्द वल्लभ पंत सागर रिजर्वायर (रिहन्द नदी पर स्थित) से संचित जल का उद्वहन कर सिंगरौली, माड़ा, वैढन और जावद तहसील के 119 गांवों में 38,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के माध्यम से सिंचाई के लिए जल प्रदान करना है।

    मल्हारगढ़ दाबयुक्त वृहद उद्वहन सिंचाई परियोजना के संचालन के लिए 184 करोड़ रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने मंदसौर की मल्हारगढ़ दाबयुक्त वृहद उद्वहन सिंचाई परियोजना के सोलहवें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरन्तर संचालन के लिए 184 करोड़ 20 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। मल्हारगढ़ दाबयुक्त वृहद उद्वहन सिंचाई परियोजना लिफ्ट सिंचाई परियोजना है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य मंदसौर जिले की 46,500 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित करना है।

    ड्रोन टेक्नोलॉजी पर आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना सहित विभिन्न योजनाओं के लिए 857 करोड़ रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने आईसर में ड्रोन टेक्नोलॉजी पर आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए 85 करोड़ 51 लाख रूपये सहित विज्ञान एवं प्रौ‌द्योगिकी विभाग की विभिन्न योजनाओं के सोलहवें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरन्तर संचालन के लिए 857 करोड़ 21 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की है।

    आई टी पार्क स्थापना की निरंतरता को मंजूरी: 8000 को मिलेगा रोजगार

    प्रदेश में आईटी पार्क की स्थापना’ संबंधी योजना के लिए 595 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना अंतर्गत प्रदेश में इन्दौर, भोपाल, जबलपुर एवं ग्वालियर में आई.टी. पार्को की स्थापना की गयी है। आई.टी. पार्क एवं आई.टी. टावर्स की स्थापना से प्रदेश में आधुनिक तकनीकी अधोसंरचना का विकास होगा जिससे देश-विदेश के निवेशकों को आकर्षित कर निवेश एवं औ‌द्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। परिणामस्वरुप प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे तथा 8000 से अधिक स्थानीय युवाओं को कौशल आधारित रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। उल्लेखनीय है कि अब तक लगभग 22000 युवाओ को रोजगार प्राप्त हो चुका है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) के अंतर्गत संपादित एमओयू के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से आई.टी. एवं ई.एस.डी.एम. क्षेत्र का विस्तार होगा जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था सुदृढ होगी। डिजिटल एवं तकनीकी दक्षता में वृद्धि होगी तथा मध्यप्रदेश राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक उभरते तकनीकी एवं निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित होगा।

    मंत्रि-परिषद ने भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) भोपाल में ड्रोन टेक्नोलॉजी पर आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) की स्थापना के लिए कुल लागत 85 करोड़ 51 लाख रूपये में से 17 करोड़ 90 लाख रूपये को आगामी तीन वर्षों तक प्रदाय किए जाने की स्वीकृति दी है। यह एक उन्नत अनुसंधान एवं विकास (R&D) आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में कार्य करेगा, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), ड्रोन सिमुलेशन, डिजिटल ट्विन प्रौ‌द्योगिकी, UAV डिजाइन एवं निर्माण, स्वायत्त प्रणालियों तथा उन्नत अनुप्रयोगों पर अनुसंधान एवं नवाचार को बढावा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त केंद्र में स्टार्टअप इन्क्यूबेशन, प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट (PoC), प्रोटोटाइप विकास एवं परीक्षण जैसी सुविधाएँ विकसित की जाएंगी, जिससे राज्य में ड्रोन प्रौ‌द्योगिकी का एक समग्र एवं आत्मनिर्भर पारिस्थितिकी तंत्र विकसित हो सकेगा।

    ‘नई तकनीक के लिए एम.पी.एस.ई.डी.सी. एवं अन्य संस्थाओं को सहायता’ योजना के लिए 110 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य शासन एवं उसके विभिन्न विभागों को नवीनतम सूचना प्रौ‌द्योगिकी एवं डिजिटल समाधान उपलब्ध कराकर प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक दक्ष, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाना एवं नागरिकों को त्वरित, सरल और सुरक्षित ऑनलाइन सेवाएं प्रदान करना है। इसमें AI/ML आधारित बिजनेस इंटेलिजेंस, व्हाट्‌सऐप चैटवॉट, ड्रोन सेवाएं, एसएमएस गेटवे, MP CODE, ई-साइन, राज्य ई-मेल नीति, लो-कोड/नो-कोड प्लेटफॉर्म और सिक्योरिटी ऑडिट लैब जैसी प्रमुख गतिविधियां शामिल हैं।

    ‘मध्यप्रदेश स्टेट स्पाटियल डेटा इन्फ्रास्ट्रक्चर (एम.पी. एस एस डी आई)’ योजना के लिए 40 करोड़ 20 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। योजना के उद्देश्य राज्य में भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) तकनीक का उपयोग कर एकीकृत स्थानिक डाटा (Spatial Data) का निर्माण, संधारण एवं अद्‌यतन करते हुए विभिन्न विभागों, एजेसियों तथा योजनाओं को अद्‌यतन, विश्वसनीय एवं सुगम जीआइएस आधारित सेवाएँ उपलब्ध कराना है। इससे आपदा प्रबंधन, जल आपूर्ति, भूमि प्रबंधन, शहरी विकास एवं सड़क मरम्मत जैसे क्षेत्रों में रियल टाइम मॉनिटरिंग और निर्णय क्षमता में वृद्धि हुई है।

    इसी तरह ‘क्लाउड सेवाओं का प्रदाय व प्रबंधन’ के लिए 26 करोड़ 50 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। इसका उद्देश्य डिजिटल मध्यप्रदेश की परिकल्पना को साकार करने और शासन की सभी सेवाओं में डिजिटल परिवर्तन (डिटिटल ट्रांसफार्मेशन) को गति देना है। इस योजना के अंतर्गत, मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MPSEDC) ‌द्वारा तैयार क्लाउड अंगीकरण रूपरेखा (Cloud Adoption Framework) के आधार पर सभी शासकीय एवं अर्ध-शासकीय विभागों को सुरक्षित, लचीली, स्केलेवल एवं किफायती क्लाउड सेवाएं प्रदान की जा रही है। इसके माध्यम से शासन को अपने आईटी संसाधनों के निर्माण और रखरखाव पर भारी पूंजीगत निवेश की आवश्यकता नहीं होती है। आवश्यकतानुसार कम्प्यूटिंग संसाधन, स्टोरेज, नेटवर्किंग तथा सॉफ्टवेयर सेवाएँ क्लाउड प्लेटफॉर्म से प्राप्त कर सकते है।

    ग्वालियर में वि‌द्युत सुरक्षा निरीक्षकालय के नवीन वृत्त कार्यालय की स्थापना की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने ग्वालियर में वि‌द्युत सुरक्षा निरीक्षकालय के नवीन वृत्त कार्यालय और 9 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति दी है। सृजन संबंधी कार्यवाही के लिए ऊर्जा विभाग को अधिकृत किया गया है। उल्लेखनीय है कि सभी बड़े राजस्व संभागों (सागर, शहडोल, नर्मदापुरम को छोडकर) में विद्युत निरीक्षकालय के वृत्त कार्यालय स्थापित है। वर्तमान में ग्वालियर एवं चंबल संभाग के विद्युत सुरक्षा और राजस्व संग्रहण संबंधी कार्य भोपाल मुख्यालय से संपादित होते हैं। ग्वालियर में नवीन वृत्त कार्यालय प्रारंभ करने से विशेषत: मुरैना के बामौर और भिंड के मालनपुर औ‌द्योगिक क्षेत्र को लाभ प्राप्त हो सकेगा। इसके अतिरिक्त भविष्य में मुरैना में 600 मेगावाट का बैटरी स्टोरेज सोलर पॉवर प्लांट स्थापित किया जाना है जिसके लिए भी ग्वालियर में नवीन वृत्त कार्यालय स्थापित किया जाना आवश्यक है।

    नारायणगढ में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सहित 9 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने मंदसौर के नारायणगढ़ में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश का एक नवीन पद सहित 9 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति दी है। इससे वहां नियमित रूप से न्यायालय का संचालन हो सकेगा जिससे स्थानीय अधिवक्ताओं और लोगों की मांग के साथ प्रकरणों का निराकरण किया जा सकेगा और आम जन को सुलभ व त्वरित न्याय मिल सकेगा।

    प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के संचालन के लिए 129 करोड़ रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने सामान्य प्रशासन विभाग के अंतर्गत आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी की गतिविधियों से संबंधित योजनाओं के सोलहवें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरन्तर संचालन के लिए 129 करोड़ 12 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। स्वीकृति राशि से अकादमी के स्थापना एवं कार्यालयीन व्यय, मिशन कर्मयोगी, विभागीय परिसंपतियों का संधारण एवं प्रशासन अकादमी परिसर में प्रशिक्षण गतिविधियों के लिए भौतिक सुविधाओं का निर्माण संबंधित कार्य किए जायेंगे।

    संकल्प-हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ़ वुमेन, शक्ति सदन और सखी निवास के लिए 198 करोड़ रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने मिशन शक्ति- उपयोजना सामर्थ्य अंतर्गत संकल्प-हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ़ वुमेन, शक्ति सदन और सखी निवास योजना के वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर क्रियान्वयन के लिए 198 करोड़ 59 लाख रूपये की स्वीकृति दी है।

    संकल्प -हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन योजना का उद्देश्य जिला स्तर पर एक ऐसी इकाई के रूप में कार्य करना है जो महिलाओं को उनके कल्याण और सशक्तिकरण के लिए योजनाओं और नीतियों के बारे में जागरूकता के साथ-साथ पहुंच प्रदान करें। यह योजना पूर्व से सभी 52 जिलों में संचालित है और अब इसे 3 नवगठित जिलों में संचालित किया जायेगा।

    शक्ति सदन का उद्देश्य महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और सक्षम वातावरण बनाना तथा अवैध व्यापार, संकट में फंसी महिलाओं को कठिन परिस्थितियों से उबार कर एक नई शुरुआत करवाना है। वर्तमान में प्रदेश में 14 शक्ति सदन अशासकीय संस्थाओं के माध्यम से संचालित है। भारत सरकार द्वारा 5 नये शक्ति सदन स्वीकृत किये गये हैं।

    शहरी/ग्रामीण कामकाजी महिलाओं को सुविधाजनक व सुरक्षित आवास प्रदान करने के लिए सखी निवास योजना को लागू किया गया है। पूर्व में इस योजना का नाम महिला विश्रामालय था। सखी निवास में सभी वर्ग की कामकाजी महिलाओं को प्रवेश दिया जाता है। सखी निवास में महिला कर्मचारियों के छोटे बच्चों के लिए डे-केयर सेंटर संचालन का भी प्रावधान है। प्रदेश में 3 शासकीय सखी निवास संचालित है।

    कर्मचारी कल्याण, पेंशन, भविष्य निधि और बीमा योजनाओं के लिए 982 करोड़ रूपये की स्वीकृति


    मंत्रि-परिषद ने वित्त विभाग के अंतर्गत कर्मचारी कल्याण, पेंशन, भविष्य निधि और बीमा की योजनाओं के 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल, 2026 से मार्च 2031 तक के लिए निरंतर संचालन के लिए 982 करोड़ 49 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार संचालनालय पेंशन, भविष्य निधि एवं बीमा की योजनाओं, पेंशन तथा कर्मचारी कल्याण संचालनालय, जिला पेंशन कार्यालय, विभागीय परिसंपत्तियों का संधारण, पेंशनर कल्याण कोष, शासकीय सेवक परिवार कल्याण निधि पर ब्याज, शासकीय कर्मचारी समूह बीमा योजना, शासकीय कर्मचारी सह समूह बीमा योजना को संचालित किया जायेगा।

    समर्थन मूल्य पर उपार्जन पर किसानों को बोनस भुगतान योजना की निरंतरता की स्वीकृति
    मंत्रि-परिषद ने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग अंतर्गत 500 करोड़ से अधिक की योजना अंतर्गत समर्थन मूल्य पर किसानों को उपार्जन पर बोनस भुगतान के 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक में निरंतर संचालन की स्वीकृति दी है।

    मध्यप्रदेश विधिक माप विज्ञान नियम 2011 में संशोधन की स्वीकृति


    मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश विधिक माप विज्ञान नियम, 2011 में संशोधन की स्वीकृति दी है। भारत सरकार द्वारा जनविश्वास (प्रावधानों का संशोधन) अधिनियम, 2026 के माध्यम से विधिक मापविज्ञान अधिनियम, 2009 में किए गए संशोधनों को राज्य में प्रभावी रूप से लागू करने, Compliance Reduction and Deregulation के अंतर्गत की गई अनुशंसाओं का अनुपालन सुनिश्चित करने तथा नाप-तौल उपकरणों के सत्यापन शुल्क के पुनरीक्षण के उद्देश्य से यह संशोधन किया गया है।
  • 542 करोड़ की परियोजनाओं के लोकार्पण के बीच सीएम योगी का बड़ा राजनीतिक संदेश, सनातन और विकास को लेकर विपक्ष पर साधा निशाना

    542 करोड़ की परियोजनाओं के लोकार्पण के बीच सीएम योगी का बड़ा राजनीतिक संदेश, सनातन और विकास को लेकर विपक्ष पर साधा निशाना

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में सोमवार को आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास परियोजनाओं के उद्घाटन के साथ-साथ विपक्ष पर भी तीखा राजनीतिक हमला बोला। 542 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 82 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सनातन, विकास और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर अपनी सरकार की नीतियों का उल्लेख किया और समाजवादी पार्टी तथा कांग्रेस की कार्यशैली पर सवाल उठाए।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन परंपरा देश की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक एकता का आधार है। उन्होंने कहा कि जब तक सनातन सुरक्षित रहेगा, तब तक समाज और राष्ट्र भी सुरक्षित रहेंगे। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि यदि सनातन पर किसी प्रकार का खतरा उत्पन्न होता है तो उसका प्रभाव पूरे समाज पर पड़ेगा। अपने भाषण में उन्होंने विपक्षी दलों पर सनातन विरोधी राजनीति करने का आरोप भी लगाया।

    मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि पहले धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास की उपेक्षा की जाती थी। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने आस्था स्थलों के विकास, पर्यटन और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया है। उन्होंने महादेवा स्थित लोधेश्वर महादेव मंदिर और अयोध्या सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर कराए जा रहे विकास कार्यों का भी उल्लेख किया।

    अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश का माहौल बेहतर हुआ है और उद्योगों को बढ़ावा मिलने से रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में महिलाओं, व्यापारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि कानून व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा और उपद्रव करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

    विकास परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार निवेश किया जा रहा है। उन्होंने रक्षा उत्पादन, औद्योगिक विकास और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल किया। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश को निवेश और रोजगार का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए कई योजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने देश के प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ी बाबू केडी सिंह की विरासत का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनकी ऐतिहासिक हवेली के संरक्षण के लिए सरकार आवश्यक कदम उठाएगी ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके योगदान से प्रेरणा ले सकें। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि इस धरोहर को संरक्षित रखते हुए खेल और सांस्कृतिक विरासत दोनों को सम्मान देने का प्रयास किया जाएगा।

    बाराबंकी में आयोजित इस कार्यक्रम ने विकास और राजनीति दोनों को एक साथ केंद्र में ला दिया। एक ओर सरकार ने विभिन्न विकास परियोजनाओं को जनता को समर्पित किया, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री के राजनीतिक बयान भी चर्चा का विषय बने। आगामी समय में इन मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

  • दतिया और हमारी आने वाली पीढ़ियों के विकास के लिए भाजपा को मजबूत बनाना है :डॉ. नरोत्तम मिश्रा

    दतिया और हमारी आने वाली पीढ़ियों के विकास के लिए भाजपा को मजबूत बनाना है :डॉ. नरोत्तम मिश्रा


    दतिया/भोपाल,। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री श्री शिवप्रकाश जी, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल, पार्टी के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री श्री अजय जामवाल, उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा, उपचुनाव प्रभारी व सांसद श्री भारत सिंह कुशवाह, भाजपा प्रत्याशी श्री आशुतोष तिवारी ने शुक्रवार को होटल रतन रॉयल में बनाए गए दतिया उपचुनाव कार्यालय का दीप प्रज्जवलित कर उद्घाटन किया और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। वरिष्ठ नेताओं ने भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को जिताने के लिए मैदान में उतरने का आव्हान किया। इससे पहले सभी वरिष्ठ नेताओं ने भारत माता, डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी एवं श्रद्धेय कुशाभाऊ ठाकरे जी के चित्रों पर माल्यार्पण कर वंदे मातरम् का गायन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

    दतिया, मध्यप्रदेश और देश को विकसित बनाने के लिए भाजपा प्रत्याशी को जिताना है -श्री शिवप्रकाश जी
    भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री श्री शिवप्रकाश जी ने कहा कि हम सभी कार्यकर्ता एक विचार और एक उद्देश्य के लिए कार्य करते हैं। श्रद्धेय कुशाभाऊ ठाकरे जी के बताए मार्ग का अनुसरण करते हुए हमें संगठन को निरंतर मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि श्रद्धेय कुशाभाऊ ठाकरे जी ने कहा था कि जो भी भाजपा के ध्वज को ऊँचा उठाने का कार्य करेगा, मैं समझूँगा कि मेरा जीवन सफल हो गया। आज हम सभी का दायित्व है कि उनके इस संकल्प और सपने को साकार करें। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य विकसित दतिया, विकसित मध्यप्रदेश और विकसित भारत का निर्माण है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए भाजपा प्रत्याशी श्री आशुतोष तिवारी को ऐतिहासिक विजय दिलाना आवश्यक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि सभी लोग पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ घर-घर जाएँ तथा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा संचालित जनहितैषी योजनाओं एवं विकास कार्यों की जानकारी आमजन तक पहुँचाएँ। भारतीय जनता पार्टी ने पिछले वर्षों में देश, प्रदेश और क्षेत्र के विकास के लिए अनेक उल्लेखनीय कार्य किए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत का गौरव और सम्मान पूरे विश्व में बढ़ा है तथा आज विश्व मंच पर भारत की अलग पहचान बनी है। हमें उनके नेतृत्व को और अधिक मजबूत बनाना है। हम सभी कार्यकर्ता इस संकल्प के साथ कार्य करें कि भारत सुरक्षित, समृद्ध और आत्मनिर्भर बने तथा विश्व के प्रत्येक कोने में भारत माता का गौरव बढ़े। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड विजय दिलाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

    स्वाभिमान और सम्मान के लिए भाजपा को विजयश्री दिलाएं कार्यकर्ता-श्री हेमंत खण्डेलवाल
    भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी विचारधारा और समर्पित कार्यकर्ताओं का संगठन है। लेकिन कई अन्य पार्टियां परिवार और व्यक्ति आधारित दल हैं। भाजपा में एक सामान्य कार्यकर्ता को अपनी मेहनत और क्षमता के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। यही भाजपा की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत आज वैश्विक स्तर पर अपनी सशक्त पहचान स्थापित कर रहा है। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। भारतीय जनता पार्टी विकास, सुशासन और सुरक्षा की राजनीति के लिए जानी जाती है। जनता ने हमेशा भाजपा पर विकास के कार्यों के आधार पर विश्वास जताया है और हमें उसी विश्वास को और मजबूत करना है। दतिया उपचुनाव में भाजपा की जीत हमारी सरकार, संगठन, विचारधारा तथा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि दतिया विधानसभा क्षेत्र में लंबे समय तक कांग्रेस के विधायक रहे, लेकिन क्षेत्र के विकास के लिए कोई उल्लेखनीय कार्य नहीं किए। यदि विकास हुआ होता तो कांग्रेस आज विकास के नाम पर जनता से वोट मांगती। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे घर-घर जाकर भाजपा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाएं। ऐसे समय में दतिया विधानसभा का उपचुनाव केवल एक सीट का चुनाव नहीं, बल्कि प्रत्येक भाजपा कार्यकर्ता के स्वाभिमान, सम्मान और संगठन की प्रतिष्ठा का चुनाव है। इसलिए सभी कार्यकर्ता एकजुट होकर भाजपा प्रत्याशी श्री आशुतोष तिवारी को ऐतिहासिक विजय दिलाने के लिए पूरी ताकत से जुट जाएं।
    कांग्रेस ने घोटाले कर देश को पीछे धकेला, भाजपा ने विकसित भारत की मजबूत नींव रखी-डॉ. महेंद्र सिंह
    भाजपा के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में देश ने अनेक बड़े घोटाले देखे। कोयला आवंटन, 2जी स्पेक्ट्रम, बोफोर्स, कॉमनवेल्थ गेम्स, आदर्श हाउसिंग सोसायटी, अगस्ता वेस्टलैंड और नेशनल हेराल्ड जैसे मामलों ने कांग्रेस की कार्यशैली को उजागर किया। इसके विपरीत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकारों ने भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी शासन के साथ विकसित भारत की मजबूत नींव रखने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश ने अनेक ऐतिहासिक और साहसिक निर्णय लिए हैं। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना, समान नागरिक संहिता की दिशा में पहल तथा राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाले निर्णयों ने भारत को नई दिशा दी है। केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से गरीबों को पक्के आवास, निःशुल्क राशन, उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन तथा महिलाओं, किसानों और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह महात्मा बुद्ध, भगवान महावीर, चंद्रगुप्त, स्वामी विवेकानंद, महाराणा प्रताप, रानी लक्ष्मीबाई, महात्मा गांधी और श्रद्वेय अटल बिहारी वाजपेयी जैसे महान विभूतियों की विरासत वाला भारत है। आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में यही भारत विकसित, आत्मनिर्भर और विश्वगुरु बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा कि दतिया उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी को प्रचंड विजय दिलाकर प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व को और अधिक मजबूत बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

    प्रत्याशी केवल माध्यम है, चुनाव कार्यकर्ताओं के परिश्रम से जीता जाता है-श्री जगदीश देवड़ा
    मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने श्री आशुतोष तिवारी को अपना प्रत्याशी बनाया है, लेकिन भाजपा की कार्यपद्धति में प्रत्याशी केवल एक माध्यम होता है, चुनाव की वास्तविक ताकत समर्पित कार्यकर्ता होते हैं। भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता संगठन की शक्ति और विजय का आधार है। उन्होंने कहा कि दतिया उपचुनाव पर केवल मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश की नजर है। इसलिए सभी कार्यकर्ताओं को आपसी समन्वय, एकजुटता और पूरी ऊर्जा के साथ चुनाव मैदान में उतरना है तथा भाजपा प्रत्याशी को ऐतिहासिक और प्रचंड विजय दिलानी है। भारतीय जनता पार्टी सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र पर कार्य करती है। इसी भावना के साथ प्रत्येक कार्यकर्ता अगले 15 दिनों तक पूरी निष्ठा, समर्पण और सक्रियता के साथ घर-घर संपर्क कर केंद्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को जनता तक पहुँचाए तथा भाजपा की विजय सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत से जुट जाएं।
    दतिया और आने वाली पीढ़ियों के विकास के लिए भाजपा को मजबूत बनाएं-डॉ. नरोत्तम मिश्रा
    भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि दतिया विधानसभा में 10 साल तक कांग्रेस के विधायक रहे, 5 साल उनके पिताजी सांसद रहे, लेकिन उन्होंने विकास के नाम पर कुछ नहीं किया। अब वे विकास के नाम पर वोट भी नहीं मांग सकते हैं। केंद्र और प्रदेश में भाजपा की डबल इंजन सरकार विकास कार्यों को गति दे रही है और दतिया उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी श्री आशुतोष तिवारी की जीत इस विकास यात्रा को और मजबूती देगी। डॉ. मिश्रा ने कार्यकर्ताओं से पूरी शक्ति और एकजुटता के साथ चुनाव मैदान में उतरने का आह्वान करते हुए कहा कि दतिया के विकास और आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए भारतीय जनता पार्टी को मजबूत बनाना है।
    कांग्रेस परिवार तक सीमित, भाजपा में कार्यकर्ता को मिलता है सम्मान और अवसर- श्री भारत सिंह कुशवाह
    दतिया उपचुनाव प्रभारी व सांसद श्री भारत सिंह कुशवाह ने कहा कि कांग्रेस की राजनीति परिवारवाद पर आधारित है, जबकि भारतीय जनता पार्टी में प्रत्येक कार्यकर्ता को उसकी मेहनत, समर्पण और क्षमता के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। भाजपा कार्यकर्ता आधारित संगठन है, जहाँ हर कार्यकर्ता के योगदान का सम्मान किया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने किसान, महिला, युवा, गरीब, वरिष्ठ नागरिक सहित समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए अनेक जनहितैषी योजनाएँ संचालित की हैं, जिनका लाभ करोड़ों लोगों तक पहुँचा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा कि भाजपा सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के मंत्र के साथ कार्य कर रही है। दतिया उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी को प्रचंड विजय दिलाकर प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व को और अधिक मजबूत बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
    जब तक तन में प्राण रहेंगे, दतिया की सेवा करता रहूंगा -श्री आशुतोष तिवारी
    भाजपा प्रत्याशी श्री आशुतोष तिवारी ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने मुझ पर विश्वास व्यक्त करते हुए दतिया की सेवा का अवसर दिया है। अब यह विश्वास जनता और कार्यकर्ताओं के आशीर्वाद से और मजबूत होगा। जब तक उनके तन में प्राण रहेंगे, वे दतिया की जनता और भाजपा कार्यकर्ताओं की सेवा के लिए सदैव समर्पित रहेंगे तथा हर सुख-दुख में उनके साथ खड़े रहेंगे। कार्यकर्ता की एक आवाज पर वे उनके द्वार तक पहुँचेंगे और जनता के हितों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। उन्होंने उपस्थित कार्यकर्ताओं और आमजन से आशीर्वाद प्राप्त करते हुए अपील की कि 30 जुलाई को कमल के फूल का बटन दबाकर भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड विजय दिलाएं। कार्यक्रम का संचालन श्री पंकज गुप्ता ने किया एवं आभार श्रीमती मीनाक्षी कटारे ने व्यक्त किया।
    मंच पर ये रहे मौजूद
    चुनाव कार्यालय के उदघाटन के दौरान प्रदेश शासन के मंत्री श्री ऐदल सिंह कंषाना, श्री राकेश शुक्ला, पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री शैलेंद्र बरूआ, सांसद श्रीमती संध्या राय, चुनाव अभियान प्रमुख व पूर्व मंत्री श्री अरविंद भदौरिया, चुनाव अभियान सह प्रमुख एवं प्रदेश उपाध्यक्ष श्री रणवीर सिंह रावत, पार्टी के प्रदेश महामंत्री व दतिया उपचुनाव के सह प्रभारी श्री राहुल कोठारी, अपेक्स बैंक के प्रशासक श्री महेंद्र यादव, प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री आशीष उषा अग्रवाल, संभाग प्रभारी श्री अभय सिंह यादव, पूर्व मंत्री श्रीमती इमरती देवी, जिला प्रभारी श्री गजेंद्र सिंह सिकरवार, जिला अध्यक्ष श्री रघुवीर कुशवाह, विधायक श्री प्रदीप अग्रवाल, श्री प्रीतम लोधी, पूर्व विधायक श्री घनश्याम पिरोनिया, श्रीमती रक्षा सिरोनिया एवं श्री शैतान सिंह पाल सहित पार्टी पदाधिकारी मंचासीन रहे।
  • अयोध्या से विपक्ष पर सीएम योगी का तीखा हमला, हनुमानगढ़ी विवाद का जिक्र कर आस्था और विरासत के मुद्दे पर साधा निशाना

    अयोध्या से विपक्ष पर सीएम योगी का तीखा हमला, हनुमानगढ़ी विवाद का जिक्र कर आस्था और विरासत के मुद्दे पर साधा निशाना

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान धार्मिक आस्था, अयोध्या के विकास और विपक्ष की नीतियों को लेकर तीखी राजनीतिक टिप्पणी की। 432 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 217 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास समारोह में संबोधित करते हुए उन्होंने हनुमानगढ़ी से जुड़े एक कथित पुराने विवाद का उल्लेख किया और समाजवादी पार्टी तथा कांग्रेस पर धार्मिक आस्थाओं की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उनके बयान के बाद राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

    मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि अयोध्या करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और हनुमानगढ़ी उसकी प्रमुख धार्मिक पहचान मानी जाती है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर दूसरे धर्म के धार्मिक अनुष्ठान स्वीकार्य नहीं हैं, तो अयोध्या जैसे पवित्र स्थल पर इस प्रकार की घटनाओं को क्यों होने दिया गया। उन्होंने अपने भाषण में इस मुद्दे को पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल से जोड़ते हुए विपक्षी दलों की भूमिका पर प्रश्न उठाए।

    योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार ने अयोध्या की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को मजबूत करने की दिशा में लगातार कार्य किया है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में अयोध्या में आधारभूत ढांचे का तेजी से विकास हुआ है और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं पूरी की गई हैं। उनके अनुसार, इससे न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि हुई है।

    मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भगवान श्रीराम मंदिर निर्माण, आधुनिक परिवहन सुविधाओं और शहर के व्यापक विकास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अयोध्या आज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित हो रही है। उनके अनुसार, हवाई अड्डे, सड़क संपर्क, सार्वजनिक सुविधाओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण से शहर की नई पहचान बनी है।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर यह आरोप भी लगाया कि पूर्व में अयोध्या से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक पहल नहीं की गई। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने विकास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को साथ लेकर आगे बढ़ने की नीति अपनाई है। उनके अनुसार, धार्मिक स्थलों की गरिमा बनाए रखना और उनके समग्र विकास को सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अयोध्या से दिया गया यह बयान ऐसे समय आया है जब प्रदेश में धार्मिक, सांस्कृतिक और विकास संबंधी मुद्दे राजनीतिक विमर्श का महत्वपूर्ण हिस्सा बने हुए हैं। मुख्यमंत्री के वक्तव्य को विपक्ष पर राजनीतिक हमला और अपनी सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

    फिलहाल मुख्यमंत्री के इस बयान पर विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है। वहीं, अयोध्या में विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और धार्मिक विरासत के संरक्षण से जुड़े सरकारी प्रयास भी चर्चा के केंद्र में बने हुए हैं।

  • 5 से 12 साल की उम्र में सही पोषण है सबसे बड़ी पूंजी, संतुलित आहार से मिलेगा तेज दिमाग और मजबूत शरीर

    5 से 12 साल की उम्र में सही पोषण है सबसे बड़ी पूंजी, संतुलित आहार से मिलेगा तेज दिमाग और मजबूत शरीर

    नई दिल्ली । पांच से बारह वर्ष की आयु बच्चों के संपूर्ण विकास का सबसे महत्वपूर्ण दौर माना जाता है। इसी उम्र में शरीर तेजी से बढ़ता है, मांसपेशियां और हड्डियां मजबूत होती हैं तथा मस्तिष्क नई चीजों को सीखने और समझने की क्षमता विकसित करता है। ऐसे में संतुलित और पोषणयुक्त आहार बच्चों के वर्तमान स्वास्थ्य के साथ-साथ उनके भविष्य की सेहत की भी मजबूत नींव तैयार करता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों की दैनिक डाइट में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन शामिल होना चाहिए। प्रोटीन शरीर की कोशिकाओं के निर्माण, मांसपेशियों के विकास और ऊतकों की मरम्मत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। दाल, दूध, दही, पनीर, अंडा, सोया, चना और अन्य प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ नियमित रूप से देने से बच्चों की शारीरिक वृद्धि बेहतर होती है और उनकी ताकत भी बढ़ती है।

    हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए कैल्शियम और विटामिन डी भी बेहद आवश्यक हैं। बढ़ती उम्र में हड्डियों का विकास तेज गति से होता है, इसलिए दूध, दही, पनीर, रागी और अन्य कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों को भोजन का हिस्सा बनाना चाहिए। साथ ही नियमित रूप से कुछ समय धूप में बिताने से शरीर को प्राकृतिक रूप से विटामिन डी प्राप्त करने में मदद मिलती है, जिससे हड्डियां मजबूत बनी रहती हैं।

    फल और हरी सब्जियां बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इनमें मौजूद विटामिन, खनिज और फाइबर शरीर को आवश्यक पोषण प्रदान करते हैं। रंग-बिरंगे फल और विभिन्न प्रकार की सब्जियां खाने वाले बच्चों में संक्रमण का खतरा अपेक्षाकृत कम रहता है और उनका मानसिक विकास भी बेहतर माना जाता है।

    ऊर्जा की निरंतर आपूर्ति के लिए साबुत अनाज को भोजन में शामिल करना लाभदायक होता है। गेहूं, ओट्स, दलिया, ब्राउन राइस और मल्टीग्रेन खाद्य पदार्थ धीरे-धीरे ऊर्जा प्रदान करते हैं, जिससे बच्चे लंबे समय तक सक्रिय रहते हैं और पढ़ाई या अन्य गतिविधियों के दौरान उनकी एकाग्रता बनी रहती है। इसके विपरीत अत्यधिक रिफाइंड आटे और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित रखना बेहतर माना जाता है।

    दिमाग के स्वस्थ विकास के लिए हेल्दी फैट भी जरूरी है। बादाम, अखरोट, मूंगफली और विभिन्न बीजों में मौजूद पोषक तत्व याददाश्त, एकाग्रता और सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने में सहायक माने जाते हैं। इन्हें सीमित मात्रा में नियमित रूप से आहार में शामिल किया जा सकता है।

    पर्याप्त पानी पीना भी बच्चों के स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पानी शरीर में तरल संतुलन बनाए रखने, पाचन प्रक्रिया को बेहतर करने और शरीर को सक्रिय रखने में मदद करता है। वहीं अत्यधिक मीठे पेय और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स का सेवन कम करना चाहिए, क्योंकि इनके अधिक उपयोग से स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बचपन से ही बच्चों में संतुलित भोजन, नियमित शारीरिक गतिविधि और स्वस्थ खान-पान की आदतें विकसित की जाएं तो उनका शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर होता है। यही आदतें आगे चलकर उन्हें स्वस्थ, सक्रिय और ऊर्जावान जीवन की दिशा में मजबूत आधार प्रदान करती हैं।