Tag: Development

  • माँ नर्मदा के आशीर्वाद से प्रदेश में बह रही है विकास की नई धारा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    माँ नर्मदा के आशीर्वाद से प्रदेश में बह रही है विकास की नई धारा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मां नर्मदा प्रदेश की जीवन रेखा है और उनके आशीर्वाद से मध्य प्रदेश में विकास की नई धारा प्रवाहित हो रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इंदौर में आयोजित नर्मदा के चतुर्थ चरण के भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक रूप से भी होलकर साम्राज्य ने मां नर्मदा के आशीर्वाद से कठिन परिस्थितियों में सनातन संस्कृति को सशक्त बनाए रखा और देशभर के प्रमुख तीर्थ स्थलों पर घाट, धर्मशालाएं एवं अन्नक्षेत्र विकसित किए।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नर्मदा परियोजनाओं को नई गति मिली है। सरदार सरोवर परियोजना के माध्यम से गुजरात, राजस्थान एवं मध्यप्रदेश के निमाड़ क्षेत्र सहित व्यापक भू-भाग में जल उपलब्धता सुनिश्चित हुई है, जिससे कृषि, उद्योग एवं पेयजल की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने इंदौर शहर को पेयजल व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिये मां नर्मदा जल के चतुर्थ चरण के तहत अमृत 2.0 योजना में 1356 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। इससे शहर की पेयजल आपूर्ति संबंधित बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और नागरिकों को बेहतर जलापूर्ति सुविधाएं प्राप्त होंगी। मुख्यमंत्री ने इंदौर के रामसर साइट सिरपुर में 62.72 करोड़ रुपये लागत से निर्मित एसटीपी प्लांट का लोकार्पण भी किया।

    मुख्यमंत्री ने संकल्प से समाधान अभियान के तहत विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण किया। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर संचालित किए गए इस संकल्प से समाधान अभियान के तहत इंदौर जिले में एक लाख 44 हजार से अधिक हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “संकल्प से समाधान” अभियान में इंदौर जिले में एक लाख 44 हजार 912 आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया है। यह अभियान प्रदेश के सभी 55 जिलों में प्रभावी रूप से संचालित हुआ। प्रदेश में अब “जल गंगा संवर्धन अभियान” प्रारंभ किया गया है, जिसके अंतर्गत लगभग पौने तीन लाख कुएं, बावड़ी, तालाब एवं नहरों का निर्माण एवं जल संरचनाओं पुनर्जीवित किया जाएगा। यह अभियान गुड़ी पड़वा से प्रारंभ हो गया है, जो गंगा दशमी तक जारी रहेगा।

    उन्होंने कहा कि केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना से बुंदेलखंड क्षेत्र के 25 जिलों को लाभ मिलेगा, वहीं पार्वती-कालीसिंध-चंबल (PKC) परियोजना से मध्यप्रदेश एवं राजस्थान के 13 जिलों में सिंचाई एवं पेयजल की सुविधाएं सुदृढ़ होंगी। उन्होंने शिप्रा नदी के पुनर्जीवन के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि आगामी सिंहस्थ-2028 में श्रद्धालु शिप्रा के स्वच्छ जल में स्नान कर सकेंगे। इसके लिए बड़े पैमाने पर वर्षा जल संग्रहण एवं निरंतर जल प्रवाह सुनिश्चित किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जल संरक्षण एवं प्रबंधन के लिए व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। कान्ह नदी के जल को शुद्ध कर कृषि कार्यों में उपयोग हेतु उपलब्ध कराया जाएगा। प्रत्येक बूंद जल के संरक्षण के माध्यम से प्रदेश को समृद्ध बनाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तेजी से विकसित हो रहे इंदौर शहर के लिए आगामी 25 वर्षों की जल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए समग्र योजना बनाई गई है, जिससे क्षेत्र में पेयजल की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र देश के प्रमुख विकास केंद्रों में शामिल हो रहा है। आने वाले समय में यह क्षेत्र लगभग डेढ़ करोड़ की आबादी के साथ देश का दूसरा सबसे बड़ा मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र बनेगा।

    कार्यक्रम को नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़ तथा सुमित मिश्रा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर सांसद शंकर लालवानी, जिला पंचायत अध्यक्ष रीना सतीश मालवीय, विधायक रमेश मेंदोला, महेन्द्र हार्डिया, गोलू शुक्ला, मधु वर्मा, उषा ठाकुर, मनोज पटेल, सावन सोनकर, प्रताप करोसिया, श्रवण चावड़ा सहित जनप्रतिनिधि, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल विशेष रूप से मौजूद थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत 1356 करोड रुपए के पेयजल आपूर्ति संबंधी कार्यों का भूमि पूजन किया। इन कार्यों में पैकेज-एक के अंतर्गत 1650 एमएलडी इंटेक, 400 एमएलडी ट्रीटमेंट प्लांट, पंपिंग स्टेशन एवं आधुनिक जल इंफ्रास्ट्रक्चर, पैकेज-2 के अंतर्गत 39 किलोमीटर ग्रेविटी पाइपलाइन, 2870 मीटर लंबी टनल एवं क्लोरिनेशन प्लांट, पैकेज-3 के अंतर्गत 20 नए ओवर हैड टैंक, 29 पुराने टैंकों का उन्नयन, 685 किलोमीटर पाइपलाइन और 1.26 लाख नवीन कनेक्शन तथा पैकेज-4 के अंतर्गत 20 नए ओवर हेड टैंक, 46 पुराने टैंको का उन्नयन, 892 किलोमीटर पाइपलाइन और 1.21 लाख नवीन कनेक्शन देने के कार्य शामिल है।

    दशहरा मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा विकासात्मक गतिविधियों पर केन्द्रित प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माँ नर्मदा के पवित्र जल का अर्पण भी किया और उपस्थित साधू-संतों से आशीर्वाद प्राप्त किया।

  • अधोसंरचना विकास के साथ शिक्षा में गुणात्मक विकास आवश्यक- उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    अधोसंरचना विकास के साथ शिक्षा में गुणात्मक विकास आवश्यक- उप मुख्यमंत्री शुक्ल


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि अधोसंरचना विकास के साथ शिक्षा में गुणात्मक विकास आवश्यक है। रीवा में शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार को बेहतर बनाने के सभी प्रयास जारी हैं। हमारा प्रयास है कि गुणात्मक शिक्षा व बेहतर इलाज की सभी व्यवस्थायें रहें ताकि यहां के लोगों को उच्च शिक्षा व इलाज के लिये बाहर न जाना पड़े।

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रविवार को यह विचार ीवा में लगभग 3 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा भवन के लोकार्पण अवसर पर व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपने संभाग को आदर्श संभाग बनायें। महाविद्यालय के प्राचार्यों का दायित्व है कि वह अपने महाविद्यालय में नवीन पाठ¬क्रम संचालन के लिये प्रयासरत रहें तथा प्राध्यापकों व विद्यार्थियों के साथ जीवंत संबंध बनायें रखें।

    उन्होंने कहा कि अच्छा प्रशासक वही है जो जमीनी फीड बैक लेकर कार्य करे। यह भवन उच्च स्तरीय सुविधाओं से युक्त है। जब कार्यालय अच्छा होता है तो कार्य करने की इच्छा भी बढ़ जाती है। इस कार्यालय भवन के द्वारा संभाग के सभी महाविद्यालयों के विकास व उच्च शिक्षा के गुणात्मक सुधार के सभी प्रयास तत्परता से होंगे।

    अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा डॉ. आर.पी. सिंह ने बताया कि लगभग 3 करोड़ रूपये से निर्मित भवन में सभी सुविधाएँ हैं। यहां से शासकीय, अशासकीय व अनुदान प्राप्त महाविद्यालयों पर नियंत्रण होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विधि विधान से पूजन अर्चन कर भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर आयुक्त रीवा संभाग बीएस जामोद, अध्यक्ष नगर निगम व्यंकटेश पाण्डेय सहित महाविद्यालयों के प्राचार्य, प्राध्यापक व विद्यार्थी उपस्थित रहे।

  • श्रद्धालुओं को नहीं होगी कोई परेशानी मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घाट निर्माण कार्यों की समीक्षा कर दिए अहम निर्देश

    श्रद्धालुओं को नहीं होगी कोई परेशानी मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घाट निर्माण कार्यों की समीक्षा कर दिए अहम निर्देश


    भोपाल । मध्यप्रदेश में आगामी सिंहस्थ महापर्व 2028 की तैयारियों को लेकर सरकार ने अब जमीनी स्तर पर काम तेज कर दिया है इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उज्जैन पहुंचकर क्षिप्रा नदी पर निर्माणाधीन घाटों का निरीक्षण किया और स्पष्ट रूप से कहा कि श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रखी जाएगी उनका यह दौरा न केवल व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए था बल्कि अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने का संदेश भी था

    मुख्यमंत्री ने श्री अंगारेश्वर और श्री सिद्धवट के मध्य बन रहे नए घाटों का अवलोकन करते हुए वहां की व्यवस्थाओं को विस्तार से परखा उन्होंने निर्देश दिए कि घाटों के लगभग 200 मीटर क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए वस्त्र बदलने की समुचित व्यवस्था की जाए साथ ही सुविधाजनक स्थानों पर स्वच्छ और पर्याप्त संख्या में टॉयलेट भी बनाए जाएं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े

    इसके अलावा मुख्यमंत्री ने प्रमुख घाटों पर हर 200 मीटर की दूरी पर सुविधा घर विकसित करने के निर्देश दिए जिससे स्नान करने आए श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकें उन्होंने यह भी कहा कि घाटों तक पहुंचने के रास्ते सुगम और सुरक्षित होने चाहिए इसके लिए लगभग 500 मीटर की दूरी पर सीढ़ियों या अन्य पहुंच मार्गों का निर्माण सुनिश्चित किया जाए ताकि श्रद्धालु आसानी से मुख्य घाटों तक पहुंच सकें

    निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने श्री सिद्धवट और श्री अंगारेश्वर मंदिर के बीच निर्माणाधीन पुल का भी जायजा लिया अधिकारियों ने उन्हें जानकारी दी कि इस पुल के बन जाने से दोनों प्रमुख धार्मिक स्थलों के बीच आवागमन और अधिक सुगम हो जाएगा और श्रद्धालुओं को एक वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध होगा इससे भीड़ प्रबंधन में भी मदद मिलेगी और आवागमन व्यवस्थित रहेगा

    घाटों के निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि स्नान के लिए लगभग 5 मीटर चौड़े घाट तैयार किए जाएं जिससे श्रद्धालुओं के आने जाने के साथ बैठने की भी पर्याप्त सुविधा मिल सके उन्होंने घाटों पर बैठने की व्यवस्था छायादार स्थान और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित करने के भी निर्देश दिए

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का यह निरीक्षण यह दर्शाता है कि सरकार सिंहस्थ 2028 को लेकर पूरी तरह गंभीर है और श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव देने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं यह पहल न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति देने वाली साबित होगी

  • राज्यपाल मंगुभाई पटेल से वित्त आयोग अध्यक्ष पवैया की मुलाकात प्रदेश विकास में सक्रिय भूमिका पर जोर

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल से वित्त आयोग अध्यक्ष पवैया की मुलाकात प्रदेश विकास में सक्रिय भूमिका पर जोर


    भोपाल । भोपाल स्थित राजभवन में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण औपचारिक मुलाकात देखने को मिली जब राज्यपाल मंगुभाई पटेल से राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने सौजन्य भेंट की इस दौरान आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों ने राज्य वित्त आयोग का कार्यभार ग्रहण करने की जानकारी राज्यपाल को दी और आगामी कार्ययोजना को लेकर चर्चा की

    ज्ञात हो कि 23 मार्च 2026 को जयभान सिंह पवैया ने आयोग के अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाला था उनके साथ आयोग के सदस्य के के सिंह और सदस्य सचिव वीरेन्द्र कुमार ने भी अपने अपने दायित्व ग्रहण किए हैं इस नई जिम्मेदारी के साथ आयोग अब राज्य के वित्तीय ढांचे को मजबूत करने और विकास कार्यों को गति देने की दिशा में कार्य करेगा

    मुलाकात के दौरान राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने वित्त आयोग की भूमिका कार्यप्रणाली और विभिन्न गतिविधियों को लेकर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया उन्होंने कहा कि राज्य वित्त आयोग प्रदेश के समग्र विकास में एक महत्वपूर्ण कड़ी है और इसे अपने उद्देश्यों के अनुरूप कार्य करते हुए वित्तीय संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना चाहिए

    राज्यपाल ने यह भी अपेक्षा जताई कि आयोग अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ करेगा जिससे प्रदेश के विकास को नई दिशा मिल सके उन्होंने आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सौंपे गए दायित्वों का निष्ठा के साथ पालन करना ही राज्य और देश की सच्ची सेवा है

    इस अवसर पर आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने राज्यपाल को आश्वस्त किया कि आयोग को दिए गए सभी दायित्वों का निर्वहन पूरी प्रतिबद्धता के साथ किया जाएगा उन्होंने कहा कि आयोग राज्य के विकास में अपनी भूमिका को प्रभावी ढंग से निभाने के लिए पूरी तरह तत्पर है और वित्तीय व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में कार्य करेगा

    यह मुलाकात केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि राज्य के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार विमर्श का एक सशक्त मंच भी रही जिसमें भविष्य की योजनाओं और प्राथमिकताओं को लेकर सकारात्मक संकेत मिले अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राज्य वित्त आयोग अपने कार्यों के माध्यम से प्रदेश के आर्थिक और विकासात्मक लक्ष्यों को किस प्रकार गति प्रदान करता है

  • जल जीवन मिशन 2.0 से खुलेगा 3 लाख करोड़ का बड़ा बाजार अब फोकस होगा सेवा और मेंटेनेंस पर

    जल जीवन मिशन 2.0 से खुलेगा 3 लाख करोड़ का बड़ा बाजार अब फोकस होगा सेवा और मेंटेनेंस पर


    नई दिल्ली:देश में हर घर तक साफ पानी पहुंचाने की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन अब एक नए चरण में प्रवेश कर रही है। जल जीवन मिशन 2.0 के तहत सरकार केवल पाइपलाइन और इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि अब फोकस पानी की निरंतर सप्लाई और उसके बेहतर रखरखाव पर किया जा रहा है। एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, इस बदलाव से ऑपरेशन और मेंटेनेंस यानी ओएंडएम सेक्टर में करीब 3 लाख करोड़ रुपये के बड़े अवसर पैदा हो सकते हैं

    रिपोर्ट में बताया गया है कि इस योजना का कुल बजट बढ़कर 8.69 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। इसके साथ ही मिशन को अब सर्विस-डिलीवरी मॉडल में बदला जा रहा है, जिससे इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन यानी EPC सेक्टर को भी बड़ा लाभ मिलने की संभावना है। इसका मतलब है कि कंपनियों को अब सिर्फ प्रोजेक्ट बनाने तक सीमित नहीं रहना होगा, बल्कि उन्हें लंबे समय तक सेवाएं भी देनी होंगी

    इस बदलाव का एक महत्वपूर्ण असर भुगतान व्यवस्था पर भी देखने को मिल सकता है। अभी कई राज्यों में कंपनियों को भुगतान मिलने में 6 महीने से ज्यादा का समय लग जाता है, लेकिन सरकार ने इसे सुधारते हुए सितंबर 2026 तक भुगतान अवधि को घटाकर 60 दिन से कम करने का लक्ष्य तय किया है। इससे सेक्टर में कैश फ्लो बेहतर होगा और कंपनियों की भागीदारी बढ़ेगी

    सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में 100 प्रतिशत नल कनेक्शन देने की समयसीमा को भी 2024 से बढ़ाकर दिसंबर 2028 कर दिया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना को जल्दबाजी में पूरा करने के बजाय गुणवत्ता और स्थायित्व पर ज्यादा ध्यान दिया जाए

    रिपोर्ट के अनुसार, इस मिशन से पीवीसी और एचडीपीई पाइप बनाने वाली संगठित कंपनियों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, जिन कंपनियों के पास मजबूत तकनीक, बेहतर सर्विस नेटवर्क और ऊर्जा दक्ष समाधान हैं, वे इस बदलाव का ज्यादा फायदा उठा पाएंगी

    हालांकि, रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि 2025-26 के बाद बजट आवंटन और वास्तविक खर्च के बीच बड़ा अंतर देखने को मिला है, जिससे यह संकेत मिलता है कि योजना के क्रियान्वयन में अभी भी कुछ चुनौतियां मौजूद हैं। इसी कारण अब सरकार टिकाऊ और प्रभावी सेवा देने वाले मॉडल पर जोर दे रही है

    गौरतलब है कि इस योजना की शुरुआत अगस्त 2019 में हुई थी, जिसका उद्देश्य हर ग्रामीण घर तक नल से स्वच्छ पानी पहुंचाना था। अब तक इस योजना के तहत नल कनेक्शन वाले घरों की संख्या में करीब पांच गुना वृद्धि हुई है और फरवरी 2026 तक ग्रामीण कवरेज 81 प्रतिशत से अधिक हो चुका है

    फिर भी कई क्षेत्रों में पानी की गुणवत्ता और नियमित सप्लाई को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अब इस योजना को अपग्रेड कर सेवा आधारित मॉडल अपनाने का फैसला किया है

    जल जीवन मिशन 2.0 के तहत डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम जैसे सुजलम भारत प्लेटफॉर्म के जरिए पानी की सप्लाई और गुणवत्ता पर नजर रखी जाएगी। साथ ही ग्राम पंचायतों और स्थानीय संस्थाओं की भूमिका को भी मजबूत किया जा रहा है, ताकि जल आपूर्ति को एक स्थायी और विश्वसनीय सार्वजनिक सेवा के रूप में विकसित किया जा सके

    यह बदलाव न केवल देश के जल प्रबंधन सिस्टम को मजबूत करेगा, बल्कि उद्योगों और कंपनियों के लिए भी एक बड़े आर्थिक अवसर के रूप में सामने आ रहा है
  • दिल्ली को आपदा सरकार से मिली मुक्ति, अब तेजी से आगे बढ़ रहा विकास : प्रधानमंत्री मोदी

    दिल्ली को आपदा सरकार से मिली मुक्ति, अब तेजी से आगे बढ़ रहा विकास : प्रधानमंत्री मोदी


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पिछली सरकार के कारण दिल्ली का विकास लंबे समय तक प्रभावित रहा लेकिन पिछले एक वर्ष में राजधानी में विकास कार्यों को तेज़ी से आगे बढ़ाया गया है और इसका लाभ आम लोगों तक पहुंच रहा है।

    रविवार को बुराड़ी में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने 33,500 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि एक वर्ष पहले दिल्ली जिस आपदा से मुक्त हुई उसकी अहमियत अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि यदि उस समय की सरकार बाधा न बनती तो मेट्रो का चौथा चरण काफी पहले ही पूरा हो सकता था। भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद विकास कार्यों में तेजी आई है।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि दिल्ली में प्रतिदिन लाखों लोग बसों से सफर करते हैं इसलिए उन्हें बेहतर और आरामदायक परिवहन सुविधा देना जरूरी है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में चार हजार से अधिक बसें राजधानी में सेवा दे रही हैं जिनमें इलेक्ट्रिक बसें भी शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग दस वर्षों तक पूर्व सरकार के समय विकास कार्य ठप पड़े रहे लेकिन अब उन्हें तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यमुना नदी की सफाई के लिए भी बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार को लोगों की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं था और गरीबों की अनदेखी की गई। वहीं रेखा गुप्ता के नेतृत्व में अब हालात को लगातार बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है। पिछले एक वर्ष में बड़ी संख्या में आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए गए हैं जिससे लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल रहा है।  प्रधानमंत्री ने कहा कि दिल्ली में अब विकास का नया मॉडल दिखाई दे रहा है जहां काम शुरू हो चुका है और बहानों की जगह परिणाम पर ध्यान दिया जा रहा है।

  • भारत-ब्राजील के बीच हुई ट्रेड डील, पीएम मोदी ने कहा- ‘आतंकवाद और विकास के मुद्दों पर दोनों देश साथ हैं’

    भारत-ब्राजील के बीच हुई ट्रेड डील, पीएम मोदी ने कहा- ‘आतंकवाद और विकास के मुद्दों पर दोनों देश साथ हैं’


    नई दिल्ली । भारत और ब्राजील ने अपने द्विपक्षीय संबंधों में नया मुकाम हासिल किया है। दोनों देशों ने ट्रेड डील पर हस्ताक्षर किए, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा की द्विपक्षीय वार्ता के बाद औपचारिक रूप दिया गया।

    पीएम मोदी ने राष्ट्रपति लूला और उनके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व और विजन ने भारत-ब्राजील संबंधों को लंबे समय से मजबूती दी है। मोदी ने जोर देकर कहा कि दोनों देशों के बीच पिछले वर्षों में हुई कई बैठकों ने भारत के प्रति राष्ट्रपति लूला की गहरी मित्रता और भरोसा स्पष्ट किया है।

    व्यापार को 20 अरब डॉलर से आगे ले जाने का लक्ष्य
    प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि ब्राजील लैटिन अमेरिका में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साथी है। दोनों देश अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर से ऊपर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा, “हमारा व्यापार सिर्फ आंकड़ों में नहीं, बल्कि आपसी भरोसे की झलक में भी निहित है। राष्ट्रपति लूला के साथ आया बिजनेस डेलीगेशन इसी भरोसे को दर्शाता है।”

    टेक्नोलॉजी और ग्लोबल साउथ पर ध्यान
    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में सहयोग न केवल भारत और ब्राजील के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि ग्लोबल साउथ के देशों के लिए भी नई संभावनाएं खोलेगा। AI, डिजिटल टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप इकोसिस्टम में साझेदारी से विकासशील देशों को तेजी से विकास का मार्ग मिल सकता है।

  • अब DDA फ्लैट निवासियों को राहत, हर बुधवार साइट-लेवल शिकायत निवारण शुरू

    अब DDA फ्लैट निवासियों को राहत, हर बुधवार साइट-लेवल शिकायत निवारण शुरू



    नई दिल्ली। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने फ्लैट निवासियों को बड़ी राहत दी है। अब DDA के फ्लैट्स में रहने वाले लोगों को रोज़मर्रा की समस्याओं के लिए DDA ऑफिस के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। प्राधिकरण ने हर बुधवार साइट-लेवल जनसुनवाई शुरू करने का फैसला लिया है, जिसमें साइट इंजीनियर सीधे शिकायत सुनकर समाधान करेंगे।

    हर बुधवार 2:30 से 4 बजे तक जनसुनवाई
    DDA के हाउसिंग डिप्टी डायरेक्टर चिन्मय चक्रवर्ती ने 19 जनवरी को एक आधिकारिक सर्कुलर जारी किया है। सर्कुलर के अनुसार यह जनसुनवाई हर बुधवार दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक होगी।

    पानी, बिजली, सीवर, मरम्मत सहित सभी शिकायतों का समाधान
    जनसुनवाई में फ्लैट्स से जुड़ी सभी बुनियादी और तकनीकी समस्याओं पर सुनवाई होगी, जिनमें शामिल हैं

    पीने के पानी की आपूर्ति में बाधा

    सीवर, ड्रेनेज और गंदे पानी की निकासी

    फ्लैट्स की मरम्मत और नियमित मेंटेनेंस

    इलेक्ट्रिकल और स्ट्रक्चरल समस्याएं

    हाउसिंग स्कीम से जुड़े लंबित मामले

    फ्लैट की पोज़िशन, अलॉटमेंट और हैंडओवर से संबंधित शिकायतें

    जमीनी स्तर पर समाधान, पारदर्शिता और जवाबदेही
    DDA अधिकारियों का कहना है कि इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य समस्याओं का समाधान जमीनी स्तर पर और कम समय में करना है। साइट इंजीनियरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे शिकायतों को केवल दर्ज न करें, बल्कि समाधान की स्पष्ट समय-सीमा तय करते हुए कार्रवाई शुरू करें। अब तक फ्लैट निवासियों को अलग-अलग विभागों के बीच भटकना पड़ता था, लेकिन नई व्यवस्था के तहत वे सीधे अपने साइट के जिम्मेदार इंजीनियर से संपर्क कर सकेंगे, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों बढ़ेंगी।

  • मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा के स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव की शुभकामनाएं, देश की ताकत बताया पूर्वोत्तर का विकास

    मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा के स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव की शुभकामनाएं, देश की ताकत बताया पूर्वोत्तर का विकास


    मध्य प्रदेश। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा के स्थापना दिवस के अवसर पर इन राज्यों के नागरिकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर भारत के ये राज्य न केवल प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध हैं, बल्कि देश की एकता और विविधता का भी सशक्त प्रतीक हैं। उन्होंने कामना की कि आने वाले वर्षों में ये राज्य विकास के नए आयाम स्थापित करें और यहां के नागरिकों के जीवन में सुख, समृद्धि और उल्लास बना रहे।

    मेघालय का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राज्य भारत का गौरव है। पर्वतमालाओं से घिरा, हरियाली और प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर मेघालय अपनी समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के लिए जाना जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेघालय की सांस्कृतिक विविधता और पर्यावरण के प्रति जागरूक जीवनशैली देश के अन्य हिस्सों के लिए प्रेरणास्रोत है।मणिपुर को लेकर उन्होंने कहा कि यह राज्य भारत के गहने के रूप में प्रसिद्ध है। मणिपुर की कला, नृत्य और सांस्कृतिक विरासत ने इसे अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मणिपुर की पहचान उसकी अद्वितीय संस्कृति, खेल प्रतिभा और सामाजिक समरसता से जुड़ी हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य शांति, विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ता रहेगा।

    त्रिपुरा के संदर्भ में डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह राज्य माँ त्रिपुरसुंदरी की कृपा से अभिसिंचित है और अपने नैसर्गिक सौंदर्य के लिए सुविख्यात है। उन्होंने त्रिपुरा की सांस्कृतिक परंपराओं ऐतिहासिक धरोहरों और जनजीवन की सरलता को सराहा। मुख्यमंत्री के अनुसार, त्रिपुरा ने सीमित संसाधनों के बावजूद विकास और सामाजिक संतुलन का उदाहरण प्रस्तुत किया है।मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था का भी उल्लेख किया और कहा कि बाबा महाकाल से यही मंगलकामना है कि प्रकृति की गोद में बसे ये तीनों राज्य निरंतर प्रगति करें। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र और राज्यों के समन्वय से पूर्वोत्तर भारत विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है और आने वाला समय इन राज्यों के लिए और अधिक अवसर लेकर आएगा।

    राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में मुख्यमंत्री के इस संदेश को राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है। यह संदेश ऐसे समय में आया है, जब देश के अलग-अलग हिस्सों में क्षेत्रीय पहचान के साथ-साथ राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।स्थापना दिवस के अवसर पर मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, सरकारी आयोजनों और जनउत्सव की तैयारियां की गई हैं। इन आयोजनों के माध्यम से राज्यों की विकास यात्रा, सांस्कृतिक धरोहर और भविष्य की योजनाओं को जनता के सामने रखा जा रहा है।

  • मध्यप्रदेश में सड़कों का मजबूत नेटवर्क तैयार होगा: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी

    मध्यप्रदेश में सड़कों का मजबूत नेटवर्क तैयार होगा: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी

    विदिशा।केंद्रीय सड़क परिवहन एवं महामार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने विदिशा जिला मुख्यालय में शनिवार को सड़कों के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने यहां 4,400 करोड़ रुपए की सड़कों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस मौके पर गडकरी ने 13,000 करोड़ रुपए की लागत से कोटा से दिल्ली-मुंबई तक राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने की भी घोषणा की।

    मध्यप्रदेश की सड़कों के विकास के लिए विशेष प्रावधान
    केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मांग पर मध्यप्रदेश की सड़क परियोजनाओं के लिए 1,600 करोड़ रुपए देने की घोषणा की। इसमें से 400 करोड़ रुपए विशेष रूप से विदिशा संसदीय क्षेत्र की शहरी और आंतरिक सड़कों के निर्माण के लिए आवंटित किए जाएंगे।गडकरी ने बताया कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में लगभग 50 करोड़ रुपए की लागत से नई सड़कें बनाई जाएंगी जिससे प्रदेश के सभी हिस्सों में यातायात सुगम और तेज़ होगा।

    अत्याधुनिक मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर का शिलान्यास
    इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने विदिशा में अत्याधुनिक मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर का भी शिलान्यास किया। यह केंद्र सड़क सुरक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।नितिन गडकरी ने कहा कि प्रदेश में चारों ओर मजबूत सड़क नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जिससे न केवल यातायात सुगमता बढ़ेगी, बल्कि उद्योग और व्यापार को भी नई गति मिलेगी। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों और जनता से कहा कि सड़क सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रति जागरूकता बनाए रखना जरूरी है