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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खाचरौद में 78.61 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का किया लोकार्पण
उज्जैन । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन जिले के खाचरौद में 78.61 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस कार्यक्रम में उन्होंने क्षेत्र में शिक्षा, कृषि, और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने के लिए कई योजनाओं का उद्घाटन किया।मुख्यमंत्री ने खाचरौद में 39 विकास कार्यों की शुरुआत की, जिनमें 16 पूर्ण और 23 नए कार्य शामिल हैं। इनमें 35.40 करोड़ रुपये की लागत से सांदीपनि विद्यालय भवन और 11.30 करोड़ रुपये की लागत से नई कृषि उपज मंडी प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालय में आधुनिक शिक्षा सुविधाओं का प्रबंध किया जाएगा, जिससे छात्रों का भविष्य उज्जवल होगा।इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में स्मार्ट क्लासेस, संयुक्त तहसील कार्यालय, जनपद पंचायत भवन और स्वच्छ भारत मिशन से जुड़ी परियोजनाओं का भी भूमिपूजन किया। कृषि उपज मंडी में विश्राम भवन, भोजनालय और पेयजल की सुविधा भी प्रदान की जाएगी, ताकि किसानों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर खाचरौद में फूड प्रोसेसिंग पार्क की घोषणा की, जो क्षेत्र के कृषि उत्पादों को बेहतर बाजार प्रदान करेगा। इसके अलावा, उन्होंने नागदा से खाचरौद होते हुए उज्जैन और जावरा तक फोरलेन हाईवे बनाने की योजना की भी जानकारी दी, जिससे क्षेत्र के नागरिकों को इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र से सीधा लाभ मिलेगा।किसानों के हित में मुख्यमंत्री ने वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ घोषित किया और बताया कि सरकार गेहूं खरीदी पर 175 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दे रही है। इसके साथ ही, अगले तीन वर्षों में 32 लाख किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे वे अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगे।मुख्यमंत्री ने पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक परियोजना और केन-बेतवा परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे प्रदेश की सिंचाई क्षमता 100 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाई जाएगी, जिससे किसानों को फायदेमंद होगा।कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों ने इन विकास कार्यों को क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक बताया। इस मौके पर उज्जैन सांसद अनि फिरोजिया, राज्यसभा सदस्य उमेशनाथ महाराज, खाचरौद विधायक डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान सहित अन्य जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित रहे। -

NDA में भी 'G Ram G' विधेयक पर विरोध TDP और कांग्रेस ने किया प्रदर्शन की तैयारी
नई दिल्ली । केंद्र सरकार के ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक 2025’ को लेकर अब एनडीए में भी विरोध की स्थिति बन गई है। जहां एक ओर विपक्ष ने इस विधेयक को महात्मा गांधी का अपमान मानते हुए उसका विरोध किया है वहीं एनडीए का एक प्रमुख सहयोगी दल तेलुगु देशम पार्टी भी सरकार के खिलाफ खड़ा हो गया है।यह विधेयक मनरेगा योजना के स्थान पर लाया गया है लेकिन विपक्ष और सरकार के सहयोगी दलों में इसके नाम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। तेलुगु देशम पार्टी के सांसद लवु श्री कृष्ण देवरयालु ने विधेयक के तहत राज्यों पर वित्तीय बोझ डालने का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश जैसे राज्य पहले से ही आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं और इस नए बदलाव से उन्हें और ज्यादा बोझ पड़ेगा।
देवरयालु ने आगे कहा “कुछ सालों से मनरेगा में सुधार की आवश्यकता महसूस की जा रही थी और यह विचार संसद के बाहर और अंदर कई बार उठाए गए थे। हाल ही में काम के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 किया गया जो एक सकारात्मक कदम है। लेकिन इस योजना का खर्च राज्यों पर डालने का प्रस्ताव खासकर आंध्र प्रदेश जैसे राज्य के लिए सही नहीं है।
टीडीपी के प्रवक्ता एन विजय कुमार ने इस नए वर्जन का स्वागत तो किया लेकिन साथ ही उन्होंने सरकार से 40 फीसदी भुगतान के प्रावधान पर पुनः विचार करने की अपील की। उनका कहना था कि इस भुगतान व्यवस्था से राज्यों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है।वहीं कांग्रेस ने भी इस विधेयक पर विरोध जताया है। कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि मनरेगा में महात्मा गांधी का नाम हटाना उनके अपमान के समान है। कांग्रेस ने इसे एक “राजनीतिक कदम बताया है और दावा किया कि मोदी सरकार गांधी के विचारों से मुंह मोड़ रही है। कांग्रेस ने इसके खिलाफ बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने की योजना बनाई है।
ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस विधेयक को संसद में पेश करते हुए विपक्ष के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा महात्मा गांधी हमारे दिलों में बसते हैं और उनका नाम किसी योजना से हटाना उनका अपमान नहीं है। यह सरकार गांधीजी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों पर आधारित कई योजनाएं चला रही है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि कांग्रेस सरकार के समय भी ‘जवाहर रोजगार योजना का नाम बदला गया था और तब क्या यह पंडित नेहरू का अपमान था?
चौहान ने कहा कि सरकार ने मनरेगा पर 8.53 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं और अब इस नए विधेयक के तहत 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि इस योजना के लिए प्रावधानित की गई है जो गांवों के समग्र विकास के लिए उपयोग की जाएगी।
यह विधेयक ध्वनिमत से पास हुआ है लेकिन इसके बावजूद विपक्ष और एनडीए के भीतर ही इसकी वैधता पर सवाल उठ रहे हैं। खासकर उन राज्यों के लिए यह विधेयक एक चुनौती बन सकता है जो पहले से ही वित्तीय संकट से जूझ रहे हैं। सरकार की योजना है कि इस विधेयक से ग्रामीण भारत का समग्र विकास होगा और विकसित भारत की दिशा में एक ठोस कदम उठाया जाएगा। लेकिन इसके नाम उद्देश्य और वित्तीय बोझ को लेकर बढ़ते विवाद से यह साफ है कि आगामी दिनों में इस पर और भी राजनीतिक बहस होने की संभावना है। -

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को जन्मदिन की शुभकामनाएं
मध्यप्रदेश / भोपाल के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा को उनके जन्मदिन के अवसर पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने शुभकामना संदेश में श्री शर्मा के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु जीवन और जनसेवा के प्रति उनकी निरंतर सक्रियता की कामना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का नेतृत्व न केवल राजस्थान के विकास को नई दिशा दे रहा है, बल्कि सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में भी राज्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक सिद्ध हो रहा है।डॉ. मोहन यादव ने अपने संदेश में कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए संवेदनशीलता और दृढ़ संकल्प के साथ कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में राजस्थान में विकास की गति तेज हुई है और आमजन के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए अनेक प्रभावी योजनाएं लागू की जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि श्री शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व में राजस्थान आने वाले समय में आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से और अधिक सशक्त राज्य के रूप में उभरेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी कहा कि श्री भजनलाल शर्मा की कार्यशैली ऊर्जा, पारदर्शिता और समर्पण का प्रतीक है। वे जनसेवा को अपना प्रमुख उद्देश्य मानते हुए निरंतर जनता से संवाद बनाए रखते हैं, जिससे शासन और प्रशासन के बीच विश्वास की मजबूत कड़ी स्थापित हो रही है। यह जनभागीदारी ही किसी भी राज्य के समग्र विकास की नींव होती है।
अपने संदेश के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बाबा खाटू श्याम जी से प्रार्थना करते हुए कहा कि राजस्थान निरंतर विकास, सुशासन और जनकल्याण के पथ पर अग्रसर रहे। उन्होंने कामना की कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को सदैव असीम ऊर्जा और सामर्थ्य प्राप्त हो, जिससे वे जनसेवा के अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ करते रहें।मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह शुभकामनाएं दोनों राज्यों के बीच सौहार्द, सहयोग और सकारात्मक राजनीतिक संवाद को भी दर्शाती हैं, जो संघीय व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल है।
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सीएम डॉ. मोहन यादव ने दो साल की उपब्धियां साझा कीलॉ एंड ऑर्डर सुधार पर जोर
भोपाल । मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार को दो साल पूरे हो गए हैं। इस अवसर पर बुधवार को भोपाल में एक पत्रकारवार्ता का आयोजन किया गयाजिसमें मुख्यमंत्रीडिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने सरकार की विभिन्न उपलब्धियों का उल्लेख किया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सरकार द्वारा किए गए कार्यों का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करते हुए भविष्य के लिए सरकार के लक्ष्य को भी साझा किया।मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार ने दो वर्षों में महत्वपूर्ण योजनाओं पर काम कियाजिनमें जल प्रबंधन और लॉ एंड ऑर्डर सुधार सबसे प्रमुख रहे। विशेष रूप से पार्वतीकालीसिंधचंबलकेन-बेतवा और ताप्ती नदी जोड़ो परियोजनाओं को लेकर उन्होंने कहा कि यह योजनाएं नए युग की शुरुआत हैंजो प्रदेश के जल संकट को दूर करने में मददगार साबित होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजनाएं न सिर्फ जल प्रबंधन में सुधार करेंगीबल्कि प्रदेश की कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी बदलाव लाएंगी।
मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाएंक्षिप्रा जल योजना
मुख्यमंत्री ने 800 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हो रही क्षिप्रा योजना का उल्लेख कियाजिसके तहत अब क्षिप्रा नदी का जल प्रयोग कर स्नान की सुविधा उपलब्ध होगी। यह योजना धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।नदी जोड़ो परियोजना
गंभीर और खान नदी को जोड़कर एक नई परियोजना बनाई गई हैजिसमें नदी के नीचे टनल बनाकर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा। यह परियोजना प्रदेश में कृषि क्षेत्र को समृद्ध करने का एक महत्वपूर्ण कदम है।लॉ एंड ऑर्डर सुधार
सीएम ने कहा कि उनके सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति थी। विशेष रूप से माओवादियों का आतंक मध्यप्रदेश के कुछ क्षेत्रों में व्याप्त था। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने माओवादियों के खात्मे के लिए एक ठोस लक्ष्य तय कियाऔर इसके बाद मंडलाबालाघाटडिंडोरी जैसे जिलों में माओवादियों का आतंक खत्म हुआ। इन जिलों को अब लाल आतंक से मुक्त किया गया है।सरकार की आगामी योजनाएं
मुख्यमंत्री ने दो साल की समीक्षा के बाद आगामी तीन वर्षों के लिए एक व्यापक कार्य योजना बनाई है। इस कार्य योजना में मंत्री विभागवार प्रेजेंटेशन देंगेजिससे हर विभाग के कार्यों और योजनाओं का लक्ष्य तय किया जाएगा।
सीएम ने कहा कि उनकी सरकार ने विकास के हर क्षेत्र में सुधार किया हैऔर वे आगामी वर्षों में और अधिक विकास कार्यों को मूर्त रूप देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने किसानोंयुवाओंमहिलाओं और अन्य वर्गों के लिए भी योजनाओं की घोषणा कीजिनसे प्रदेश में समग्र विकास सुनिश्चित होगा।
सीएम डॉ. मोहन यादव के अनुसारउनकी सरकार ने दो वर्षों में कई ऐतिहासिक कार्य किए हैंजिनका लाभ प्रदेशवासियों को मिलने वाला है। जल प्रबंधन और लॉ एंड ऑर्डर में सुधारदोनों ही मामलों में सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। साथ हीआने वाले वर्षों में सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर क्षेत्र में समृद्धि लाना और माओवाद जैसी समस्याओं का पूरी तरह से समाधान करना है।