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  • देवास से जैश मॉड्यूल का संदिग्ध गिरफ्तार, गुजरात ATS का दावा- पाकिस्तान हैंडलर्स से जुड़े थे तार

    देवास से जैश मॉड्यूल का संदिग्ध गिरफ्तार, गुजरात ATS का दावा- पाकिस्तान हैंडलर्स से जुड़े थे तार


    देवास । मध्य प्रदेश के देवास से गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े कथित मॉड्यूल के एक संदिग्ध सदस्य को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार युवक की पहचान 18 वर्षीय बिलाल दुरानी मोहम्मद अम्मार घाघा उर्फ अबू दुजाना के रूप में हुई है। गुजरात ATS का दावा है कि वह उस मॉड्यूल का हिस्सा था, जिसके खिलाफ गुजरात और मध्य प्रदेश में संयुक्त अभियान चलाकर कुल आठ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आरोपों की न्यायिक प्रक्रिया अभी शेष है।

    गुरुवार रात गुजरात ATS की टीम देवास के नाहर दरवाजा क्षेत्र स्थित गफूर बस्ती पहुंची। स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में टीम ने युवक के घर पर पूछताछ की और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे अपनी अभिरक्षा में ले लिया। देवास पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोद ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि गुजरात ATS एक संदिग्ध की तलाश में आई थी और नियमानुसार उसे एजेंसी को सौंप दिया गया।

    गुजरात ATS के अनुसार, खुफिया सूचना के आधार पर पता चला था कि कुछ लोग प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की विचारधारा का प्रचार करने और गुजरात में उसका नेटवर्क तैयार करने की कोशिश कर रहे थे। इसके बाद तकनीकी और मानव खुफिया इनपुट के आधार पर गुजरात के बनासकांठा, मेहसाणा, पाटन, नवसारी तथा मध्य प्रदेश के देवास सहित विभिन्न स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की गई। एजेंसी का दावा है कि आरोपियों ने कथित तौर पर “दारुल इस्लाम गुजरात जैश-ए-मोहम्मद” नाम से एक संगठन बनाकर नए लोगों को जोड़ने का प्रयास किया।

    जांच एजेंसी का यह भी दावा है कि गिरफ्तार आरोपियों के पाकिस्तान स्थित कथित हैंडलर्स अब्दुल्ला और मोहम्मद उमर से संपर्क के सबूत मिले हैं। ATS के अनुसार, मॉड्यूल को लगभग तीन लाख रुपए की फंडिंग मिली थी, जिससे एक पुरानी कार खरीदी गई। आरोप है कि जैश से जुड़े साहित्य का गुजराती भाषा में अनुवाद कर कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने का प्रयास भी किया जा रहा था।

    ATS ने छापेमारी के दौरान मोबाइल फोन, कथित जिहादी दस्तावेज, ऑडियो-वीडियो सामग्री, तस्वीरें, संगठन का झंडा, मसूद अजहर से जुड़ी किताबें, उर्दू में लिखे पत्र और गुजराती में अनूदित साहित्य बरामद करने का दावा किया है। इन आधारों पर सभी आठ आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि न्यायालय में होने वाली सुनवाई और जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

  • रेवाबाग में आबकारी का छापा, 63 बल्क लीटर अवैध शराब बरामद; तस्कर फरार

    रेवाबाग में आबकारी का छापा, 63 बल्क लीटर अवैध शराब बरामद; तस्कर फरार


    देवास । देवास में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 पेटी देशी शराब जब्त की है। मुखबिर से मिली सूचना पर रेवाबाग क्षेत्र में की गई इस कार्रवाई के दौरान करीब 63 बल्क लीटर अवैध शराब बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत 33,400 रुपए बताई जा रही है। हालांकि कार्रवाई के दौरान आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहा। आबकारी विभाग ने उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।

    आबकारी विभाग को सूचना मिली थी कि रेवाबाग क्षेत्र में एक व्यक्ति अपने घर के पास बड़ी मात्रा में अवैध शराब छिपाकर रखता है और स्कूटर के जरिए शहर की अलग-अलग गलियों में इसकी सप्लाई करता है। सूचना के आधार पर विभाग की टीम ने शुक्रवार को इलाके में दबिश दी।

    छापेमारी के दौरान टीम ने मौके से 4 पेटी देशी मसाला और 3 पेटी देशी प्लेन शराब बरामद की। कुल मिलाकर 63 बल्क लीटर अवैध मदिरा जब्त की गई। अधिकारियों के मुताबिक आरोपी आबकारी टीम के पहुंचने से पहले ही मौके से भाग निकला।

    आबकारी विभाग ने जब्त शराब को अपने कब्जे में लेकर आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। अब उसके ठिकानों और संभावित संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है ताकि जल्द गिरफ्तारी की जा सके।

    कार्रवाई आबकारी उपनिरीक्षक प्रेम यादव के नेतृत्व में की गई। विभाग का कहना है कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा तथा ऐसे कारोबार में शामिल लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • कोचिंग सेंटरों में मिली बड़ी लापरवाही: बंद मिले एग्जिट, फायर ऑडिट नहीं; नगर निगम का 2 दिन का अल्टीमेटम

    कोचिंग सेंटरों में मिली बड़ी लापरवाही: बंद मिले एग्जिट, फायर ऑडिट नहीं; नगर निगम का 2 दिन का अल्टीमेटम


    मध्यप्रदेश । देशभर में कोचिंग संस्थानों में हुई दुर्घटनाओं के बाद देवास नगर निगम ने शहर के कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच शुरू कर दी है। निरीक्षण के दौरान कई संस्थानों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आने पर नगर निगम ने संचालकों को दो दिन के भीतर सभी कमियां दूर करने का अंतिम अल्टीमेटम दिया है। तय समय सीमा में सुधार नहीं होने पर संबंधित संस्थानों को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।

    शुक्रवार को नगर निगम की टीम ने शहर के विद्या कोचिंग, पार्थ कोचिंग और वर्मा कोचिंग क्लासेस का निरीक्षण किया। जांच में कई गंभीर खामियां सामने आईं। कई संस्थानों में फायर सेफ्टी और इलेक्ट्रिकल ऑडिट नहीं कराया गया था, जबकि आपातकालीन निकासी की व्यवस्था भी मानकों के अनुरूप नहीं मिली।

    निरीक्षण के दौरान सबसे गंभीर लापरवाही आपातकालीन निकासी मार्गों को लेकर सामने आई। कई स्थानों पर एग्जिट के रास्ते बंद पाए गए और उनमें कबाड़ रखा हुआ था। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में यह छात्रों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है।

    जांच में यह भी पाया गया कि कुछ कोचिंग संस्थानों में पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए थे। इसके अलावा भवन की क्षमता और विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में अग्निशमन उपकरण भी पर्याप्त नहीं थे।

    विद्या कोचिंग के संचालक ने अधिकारियों को बताया कि संस्थान में अभी कक्षाएं शुरू नहीं हुई हैं और जल्द ही एग्जिट व्यवस्था, फायर सेफ्टी सहित सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों को पूरा कर लिया जाएगा।

    वहीं पार्थ कोचिंग में केवल एक निकासी मार्ग चालू मिला, जबकि दो अन्य रास्ते बंद थे और उनमें कबाड़ रखा हुआ था। यहां फायर और इलेक्ट्रिकल ऑडिट भी नहीं कराया गया था। नगर निगम की टीम ने तत्काल सुधार करने, बंद एग्जिट खोलने और अग्निशमन उपकरणों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।

    नगर निगम ने सभी कोचिंग संचालकों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि दो दिन के भीतर सभी सुरक्षा संबंधी कमियां दूर की जाएं। यदि निर्धारित समय में आवश्यक सुधार नहीं किए गए तो संबंधित संस्थानों के खिलाफ सीलिंग सहित सख्त कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान नगर निगम के फायर अधिकारी जितेंद्र सिसोदिया, प्रतीक शर्मा, उमेश चतुर्वेदी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

  • छात्रों की सुरक्षा से समझौता नहीं देवास में फायर सेफ्टी खामियों पर कोचिंग क्लास सील नगर निगम का अभियान तेज

    छात्रों की सुरक्षा से समझौता नहीं देवास में फायर सेफ्टी खामियों पर कोचिंग क्लास सील नगर निगम का अभियान तेज


    देवास । देवास में छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने कोचिंग संस्थानों की जांच का विशेष अभियान शुरू किया है। अभियान के दौरान रामनगर चौराहे के पास स्थित डीसी कोचिंग क्लासेस में गंभीर सुरक्षा खामियां मिलने पर नगर निगम ने संस्थान को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। कार्रवाई के बाद शहर के अन्य कोचिंग संस्थानों में भी हड़कंप की स्थिति बन गई है।

    नगर निगम की टीम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि भवन में आपातकालीन निकास के लिए बनाई गई सीढ़ियां और रैंप बेहद खराब स्थिति में थे। ऐसी स्थिति में किसी भी आपातकाल के दौरान छात्रों के सुरक्षित बाहर निकलने में गंभीर खतरा हो सकता था। इसके अलावा कक्षाओं में भी कई आवश्यक सुरक्षा और मूलभूत व्यवस्थाओं का अभाव पाया गया।

    निरीक्षण में सबसे बड़ी लापरवाही फायर सेफ्टी को लेकर सामने आई। संस्थान में आग लगने जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए न तो पर्याप्त अग्निशमन उपकरण उपलब्ध थे और न ही सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम किए गए थे। नगर निगम अधिकारियों ने इसे विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा मानते हुए कोचिंग संस्थान को सील करने की कार्रवाई की।

    कार्रवाई के दौरान नगर निगम के अधिकारी जितेंद्र सिसौदिया सहित निगम की टीम मौके पर मौजूद रही। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा नियमों का पालन सभी शैक्षणिक संस्थानों के लिए अनिवार्य है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    डीसी कोचिंग क्लासेस के अलावा नगर निगम की टीम ने शहर के अन्य कोचिंग संस्थानों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान संचालकों को भवन सुरक्षा फायर सेफ्टी और आपातकालीन निकास सहित सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिन संस्थानों में खामियां पाई जाएंगी उनके खिलाफ भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    नगर निगम ने कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने सभी कोचिंग संचालकों से अपील की है कि वे निर्धारित सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता दें और समय रहते आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर लें ताकि भविष्य में किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

  • एक साल बाद फिर मंदिर में चोरी देवास के हनुमान मंदिर से चांदी का मुकुट गायब सीसीटीवी बना अहम सुराग

    एक साल बाद फिर मंदिर में चोरी देवास के हनुमान मंदिर से चांदी का मुकुट गायब सीसीटीवी बना अहम सुराग


    देवास । मध्य प्रदेश के देवास शहर में एक बार फिर मंदिर से चोरी की घटना सामने आई है। मोती बंगला क्षेत्र स्थित हनुमान मंदिर से भगवान का चांदी का मुकुट चोरी हो गया। पूरी वारदात मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज के आधार पर पुलिस एक संदिग्ध महिला की तलाश में जुट गई है। खास बात यह है कि इसी मंदिर में करीब एक वर्ष पहले भी मुकुट चोरी की घटना हो चुकी है।

    मंदिर से जुड़े किशोर तिलवंकर ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 10 बजकर 45 मिनट पर एक महिला मंदिर में प्रवेश करती हुई दिखाई दी। वह कुछ समय तक मंदिर के अंदर रही और करीब दो मिनट बाद बाहर निकल गई। सीसीटीवी फुटेज में महिला के हाथ में चांदी के मुकुट जैसा सामान दिखाई दे रहा है जिससे चोरी की आशंका और मजबूत हो गई।

    शाम के समय जब किशोर तिलवंकर के पिता नियमित पूजा के लिए मंदिर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि भगवान हनुमान का चांदी का मुकुट अपने स्थान पर नहीं है। इसके बाद मंदिर परिसर की जांच की गई और सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। रिकॉर्डिंग देखने पर महिला की गतिविधियां संदिग्ध नजर आईं और मुकुट चोरी होने की पुष्टि हुई।

    मंदिर प्रबंधन के अनुसार चोरी हुए चांदी के मुकुट की कीमत सात हजार रुपए से अधिक आंकी जा रही है। घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दी गई जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। अधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में लेकर महिला की पहचान करने और उसे जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास तेज कर दिए हैं।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ही मंदिर में बार बार चोरी की घटनाएं होना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। लगभग एक वर्ष पहले भी इसी मंदिर से भगवान का मुकुट चोरी हुआ था। लगातार दूसरी घटना के बाद श्रद्धालुओं में नाराजगी है और उन्होंने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

    पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्ध महिला की पहचान की जा रही है। आसपास के क्षेत्रों में भी जांच की जा रही है और जल्द ही मामले का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है।

  • एक्स रे विभाग में सांप दिखते ही मची अफरा तफरी देवास जिला अस्पताल में आधे घंटे बाद मिला राहत

    एक्स रे विभाग में सांप दिखते ही मची अफरा तफरी देवास जिला अस्पताल में आधे घंटे बाद मिला राहत


    देवास । देवास जिला अस्पताल में गुरुवार सुबह उस समय अफरा तफरी का माहौल बन गया जब एक्स रे विभाग में अचानक एक सांप दिखाई दिया। सांप को देखते ही मरीजों और अस्पताल कर्मचारियों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही अस्पताल के सुरक्षा गार्ड मौके पर पहुंचे और करीब आधे घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद सांप को सुरक्षित पकड़ लिया गया। इसके बाद उसे जंगल में छोड़ दिया गया जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

    जानकारी के अनुसार सुबह करीब 10 बजे अस्पताल का स्टाफ अपनी ड्यूटी पर पहुंचा था। इसी दौरान एक्स रे विभाग के फर्श पर एक सांप रेंगता हुआ दिखाई दिया। अचानक सांप नजर आने से वहां मौजूद मरीज और कर्मचारी घबरा गए। कुछ ही देर में सांप पास रखी एक अलमारी के भीतर घुस गया जिससे उसे पकड़ना और भी चुनौतीपूर्ण हो गया।

    घटना की सूचना तुरंत अस्पताल प्रबंधन और सुरक्षा गार्डों को दी गई। गार्ड मौके पर पहुंचे और सबसे पहले सुरक्षा के मद्देनजर एक्स रे विभाग में मरीजों और अन्य लोगों का प्रवेश अस्थायी रूप से रोक दिया गया ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।

    इसके बाद गार्डों ने अलमारी में छिपे सांप को बाहर निकालने के लिए सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान शुरू किया। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद सांप को सुरक्षित पकड़ लिया गया और उसे एक थैले में रखकर अस्पताल परिसर से बाहर ले जाया गया। बाद में उसे प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया।

    समय रहते सांप को पकड़ लिए जाने से किसी मरीज या कर्मचारी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और अस्पताल की सेवाएं जल्द ही सामान्य रूप से शुरू कर दी गईं। घटना के बाद कुछ समय तक मरीजों में डर का माहौल जरूर रहा लेकिन रेस्क्यू पूरा होने के बाद स्थिति पूरी तरह सामान्य हो गई।

    अस्पताल प्रशासन ने बताया कि बरसात के मौसम में सांप और अन्य जीव-जंतुओं के निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में परिसर की नियमित साफ-सफाई और निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

  • शादी समारोह से लौट रहे कारोबारी की सड़क हादसे में मौत टक्कर इतनी भीषण कि मिनी ट्रक के दोनों आगे के पहिए निकल गए

    शादी समारोह से लौट रहे कारोबारी की सड़क हादसे में मौत टक्कर इतनी भीषण कि मिनी ट्रक के दोनों आगे के पहिए निकल गए


    देवास  मध्य प्रदेश के देवास जिले में बुधवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में दूध व्यापारी की मौत हो गई। हाटपीपल्या क्षेत्र के नेवरी चापड़ा मार्ग पर नलकी हनुमान मंदिर के पास कार और मिनी ट्रक की आमने सामने हुई जोरदार टक्कर में कार चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा तफरी का माहौल बन गया और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी।

    पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान नेवरी निवासी 42 वर्षीय राजेश जाट के रूप में हुई है। वे दूध व्यापार के साथ पशु आहार का व्यवसाय भी करते थे। जानकारी के अनुसार राजेश जाट बिजवाड़ क्षेत्र में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद देर रात अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान नेवरी चापड़ा मार्ग पर सामने से आ रहे मिनी ट्रक से उनकी कार की आमने सामने टक्कर हो गई।

    प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार हादसा इतना भीषण था कि टक्कर के प्रभाव से मिनी ट्रक के आगे के दोनों पहिए निकल गए और वाहन का संतुलन बिगड़ गया। वहीं कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कार में लगे एयरबैग खुल गए लेकिन टक्कर इतनी जोरदार थी कि चालक को गंभीर चोटें आईं और उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

    घटना की सूचना मिलते ही हाटपीपल्या थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायल राजेश जाट को अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। गुरुवार सुबह पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

    पुलिस के अनुसार मिनी ट्रक में प्याज भरे हुए थे। हादसे में ट्रक में सवार एक व्यक्ति के घायल होने की भी जानकारी मिली है। हालांकि उसने अभी तक पुलिस से संपर्क नहीं किया है। पुलिस उसके बारे में जानकारी जुटा रही है और दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    प्रारंभिक जांच में दुर्घटना के पीछे तेज रफ्तार या अन्य कारणों की संभावना से इनकार नहीं किया गया है। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी है। अधिकारियों ने वाहन चालकों से रात के समय विशेष सावधानी बरतने और निर्धारित गति सीमा का पालन करने की अपील की है ताकि इस तरह की दर्दनाक घटनाओं से बचा जा सके।

  • मैटरनिटी परिसर की घटना के बाद एक्शन देवास जिला अस्पताल ने बदली व्यवस्था अब प्रसव से पहले होगी विशेष निगरानी

    मैटरनिटी परिसर की घटना के बाद एक्शन देवास जिला अस्पताल ने बदली व्यवस्था अब प्रसव से पहले होगी विशेष निगरानी


    देवास  देवास जिला अस्पताल ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को उनकी संभावित प्रसव तिथि से सात दिन पहले अस्पताल में भर्ती किया जाएगा ताकि प्रसव के दौरान किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। यह निर्णय हाल ही में मैटरनिटी परिसर में हुई एक प्रसव संबंधी घटना के बाद लिया गया है जिसमें महिला के अस्पताल देर से पहुंचने की बात सामने आई थी।

    गुरुवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सरोजनी जेम्स बैक ने जिला अस्पताल की मैटरनिटी विंग का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भर्ती गर्भवती महिलाओं से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि कई हाई रिस्क गर्भवती महिलाएं प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद काफी देर से अस्पताल पहुंचती हैं जिससे मां और नवजात दोनों के लिए गंभीर जोखिम पैदा हो जाता है।

    स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत सभी हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को संभावित प्रसव तिथि से सात दिन पहले अस्पताल में भर्ती कर उनकी नियमित चिकित्सकीय निगरानी की जाएगी। इससे किसी भी जटिल स्थिति का समय रहते उपचार संभव हो सकेगा और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित किया जा सकेगा।

    सिर्फ हाई रिस्क गर्भवतियों के लिए ही नहीं बल्कि सामान्य गर्भवती महिलाओं के लिए भी नई पहल शुरू की गई है। अस्पताल प्रशासन अब संभावित प्रसव तिथि से चार दिन पहले गर्भवती महिलाओं से फोन पर संपर्क करेगा और उन्हें समय पर अस्पताल पहुंचकर भर्ती होने के लिए प्रेरित करेगा। इसका उद्देश्य अंतिम समय की भागदौड़ और प्रसव के दौरान होने वाली संभावित जटिलताओं को कम करना है।

    निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ ने अस्पताल के सोनोग्राफी केंद्र और चिकित्सकों के कक्ष का भी निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने गर्भवती महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और सरकार द्वारा संचालित मातृ स्वास्थ्य योजनाओं का पूरा लाभ उठाने की सलाह भी दी।

    अस्पताल प्रशासन का मानना है कि समय पर भर्ती और लगातार चिकित्सकीय निगरानी से मातृ मृत्यु और नवजात शिशुओं से जुड़े जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। नई व्यवस्था का उद्देश्य सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देना और हर गर्भवती महिला को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।

  • देवास में दर्दनाक हादसा: तेज बहाव वाले रपटे को पार करना पड़ा भारी, दो युवकों की मौत

    देवास में दर्दनाक हादसा: तेज बहाव वाले रपटे को पार करना पड़ा भारी, दो युवकों की मौत

    देवास ।मध्य प्रदेश के देवास जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। सतवास थाना क्षेत्र के कोथमीर रपटे पर उफनते नाले को पार करने की कोशिश कर रहे बाइक सवार दो युवक तेज बहाव में बह गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय ग्रामीणों ने रातभर संयुक्त सर्च अभियान चलाया। कई घंटों की तलाश के बाद दोनों युवकों के शव अलग-अलग स्थानों से बरामद किए गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक और गम का माहौल है।

    जानकारी के अनुसार मृतक धर्मेंद्र उम्र 34 वर्ष और अमित उम्र 24 वर्ष कन्नौद के निवासी थे। दोनों पीपलकोटा स्थित एक निजी फाइनेंस कंपनी में कार्यरत थे। मंगलवार शाम काम खत्म करने के बाद दोनों बाइक से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान पीपलकोटा और कोथमीर के बीच स्थित खेत वाले रपटे पर पहुंचे तो वहां नाले में तेज बहाव था। स्थानीय ग्रामीणों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने और पानी कम होने तक इंतजार करने की सलाह दी, लेकिन दोनों ने जोखिम उठाते हुए नाले को पार करने का प्रयास किया।

    तेज बहाव के बीच बाइक का संतुलन बिगड़ गया और दोनों युवक बाइक समेत पानी में बह गए। देखते ही देखते वे नाले के तेज प्रवाह में ओझल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही सतवास और कन्नौद पुलिस मौके पर पहुंची। इसके साथ ही एसडीआरएफ देवास की टीम को भी बुलाया गया। रातभर अंधेरे और खराब मौसम के बीच राहत एवं बचाव कार्य जारी रहा।

    सर्च अभियान के दौरान घटनास्थल से कुछ दूरी पर दोनों युवकों की बाइक बरामद कर ली गई थी, लेकिन युवकों का कोई सुराग नहीं मिला। बुधवार सुबह तलाश अभियान को और तेज किया गया। काफी प्रयासों के बाद धर्मेंद्र का शव घटनास्थल से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर मिला, जबकि अमित का शव करीब 6 से 7 किलोमीटर दूर बरामद किया गया। दोनों शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए सतवास शासकीय अस्पताल भेजा गया।

    घटना की सूचना मिलते ही कन्नौद-खातेगांव क्षेत्र के विधायक आशीष शर्मा भी सतवास शासकीय अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर गहरा दुख व्यक्त किया और उन्हें ढांढस बंधाया। विधायक ने आश्वासन दिया कि शासन स्तर पर पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

    बारिश के मौसम में इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जहां लोग जल्दबाजी या जोखिम उठाने के कारण अपनी जान गंवा बैठते हैं। प्रशासन ने एक बार फिर नागरिकों से अपील की है कि उफनते नालों, पुल-पुलियों और रपटों को पार करने का प्रयास न करें। थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। यह हादसा भी इसी बात की दर्दनाक याद दिलाता है कि प्राकृतिक परिस्थितियों के सामने सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।

  • योग दिवस पर देवास में अनोखा आयोजन, श्रम योग से दिखी परंपरा और स्वास्थ्य की झलक

    योग दिवस पर देवास में अनोखा आयोजन, श्रम योग से दिखी परंपरा और स्वास्थ्य की झलक


    मध्यप्रदेश । देवास में International Yoga Day 2026 के अवसर पर महिलाओं ने एक अनोखा और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध योग प्रदर्शन प्रस्तुत किया, जिसने दर्शकों को भारतीय जीवनशैली की गहराई से परिचित कराया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य योग को केवल आसनों तक सीमित न मानकर उसे एक संपूर्ण जीवन पद्धति के रूप में प्रस्तुत करना था।

    इस विशेष आयोजन में पृथ्वी वंदना, शिव वंदना और श्रम योग जैसे पारंपरिक अभ्यासों को शामिल किया गया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि प्राचीन भारतीय जीवनशैली स्वयं में ही योग का एक स्वरूप थी, जिसमें शरीर, मन और प्रकृति के बीच संतुलन बना रहता था।

    कार्यक्रम में महिलाओं ने श्रम योग का जीवंत प्रदर्शन करते हुए बताया कि पुराने समय में दैनिक जीवन की गतिविधियां ही वास्तविक योग का आधार थीं। खेतों में काम करना, हाथों से घरेलू कार्य करना, जमीन पर बैठकर भोजन करना और पैदल चलना जैसी आदतें शरीर को प्राकृतिक रूप से सक्रिय और स्वस्थ बनाए रखती थीं।

    इस प्रस्तुति के माध्यम से यह भी दर्शाया गया कि आधुनिक जीवनशैली में इन परंपरागत आदतों के धीरे-धीरे समाप्त होने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। शारीरिक निष्क्रियता और मशीनों पर बढ़ती निर्भरता ने जीवन को आसान जरूर बनाया है, लेकिन स्वास्थ्य पर इसका नकारात्मक प्रभाव भी पड़ा है।

    योग संचालिका गौरी शेकटकर ने इस अवसर पर कहा कि भारतीय संस्कृति में हर दैनिक क्रिया अपने आप में एक प्रकार का योग थी। उन्होंने बताया कि हमारे पूर्वज बिना किसी विशेष प्रशिक्षण या योग कक्षाओं के भी स्वस्थ जीवन जीते थे, क्योंकि उनकी दिनचर्या प्रकृति और श्रम से गहराई से जुड़ी हुई थी।

    उन्होंने यह भी कहा कि आज की सबसे बड़ी आवश्यकता यह है कि हम अपनी जड़ों की ओर लौटें और भारतीय जीवन मूल्यों को पुनः अपनाएं। योग को केवल व्यायाम के रूप में नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक समग्र पद्धति के रूप में समझना जरूरी है।

    कार्यक्रम के अंत में यह संदेश प्रमुखता से उभरा कि योग केवल शरीर को फिट रखने का साधन नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, अनुशासन और संतुलित जीवन का आधार भी है। प्रतिभागियों और दर्शकों ने इस प्रस्तुति की सराहना करते हुए इसे अत्यंत प्रेरणादायक बताया।