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  • बहन से मुलाकात के बाद लौट रहा था युवक, रास्ते में चलती बाइक से गिरा, अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

    बहन से मुलाकात के बाद लौट रहा था युवक, रास्ते में चलती बाइक से गिरा, अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित किया


    देवास देवास में बुधवार को एक दुखद घटना सामने आई जहां बहन से मुलाकात कर घर लौट रहे 30 वर्षीय युवक की चलती बाइक से गिरने के बाद मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में डॉक्टरों ने साइलेंट हार्ट अटैक की आशंका जताई है। हालांकि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है जबकि युवक के दोस्तों के भी अस्पताल पहुंचने से माहौल गमगीन हो गया।

    जानकारी के अनुसार मानकुंड निवासी धर्मेंद्र मालवीय एक निजी कंपनी में कार्यरत था। बुधवार को वह अपनी बहन से मिलने देवास आया था। परिजनों के मुताबिक मुलाकात के बाद वह बाइक से अपने घर लौट रहा था। घर से कुछ ही दूरी पर पहुंचने के दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह चलती बाइक से सड़क पर गिर पड़ा। आसपास मौजूद लोगों और परिजनों ने उसे तुरंत संभाला लेकिन वह बेसुध अवस्था में था।

    घटना के तुरंत बाद परिजन धर्मेंद्र को उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसकी जांच की लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अचानक हुई इस घटना से परिवार और परिचितों को गहरा सदमा लगा है।

    जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. कमल प्रजापति के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला साइलेंट हार्ट अटैक का प्रतीत हो रहा है। कई बार व्यक्ति को बिना किसी स्पष्ट लक्षण के हार्ट अटैक आ जाता है जिससे वह अचानक बेहोश होकर गिर सकता है। हालांकि डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि अभी यह केवल प्रारंभिक आशंका है और मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही की जाएगी। जांच के लिए विसरा भी सुरक्षित रख लिया गया है ताकि आवश्यकता पड़ने पर विस्तृत परीक्षण किया जा सके।

    परिजनों ने बताया कि धर्मेंद्र की शादी करीब चार से पांच वर्ष पहले हुई थी और वह निजी कंपनी में नौकरी कर परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। उसकी अचानक मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। घटना की सूचना मिलते ही इंदौर से उसके कई मित्र भी जिला अस्पताल पहुंच गए और परिजनों को सांत्वना दी।

    पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत साइलेंट हार्ट अटैक से हुई या इसके पीछे कोई अन्य चिकित्सीय कारण था। फिलहाल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रहे हैं।

  • देवास में कॉलोनी की सुरक्षा पर सवाल घर के बाहर खड़ी कार पर हमला महिलाओं ने बताई शराबियों की दहशत

    देवास में कॉलोनी की सुरक्षा पर सवाल घर के बाहर खड़ी कार पर हमला महिलाओं ने बताई शराबियों की दहशत


    देवास । देवास की स्वास्थ्य कर्मचारी कॉलोनी में शुक्रवार देर रात हुई तोड़फोड़ की एक घटना ने इलाके के रहवासियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अज्ञात बदमाशों ने घर के बाहर खड़ी एक कार पर शराब की बोतल फेंककर उसका कांच तोड़ दिया। घटना के बाद कॉलोनी में दहशत और आक्रोश का माहौल है। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुट गई है।

    पीड़ित समता श्रीवास्तव ने बताया कि उनकी कार रोज की तरह घर के सामने खड़ी थी। देर रात किसी अज्ञात व्यक्ति ने शराब की बोतल फेंककर कार का शीशा तोड़ दिया। सुबह या घटना की जानकारी मिलने पर परिवार बाहर आया तो वाहन क्षतिग्रस्त मिला। उन्होंने बताया कि घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी वारदात रिकॉर्ड हो गई है और इसकी फुटेज पुलिस को सौंप दी जाएगी ताकि आरोपियों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जा सके।

    पुलिस ने आसपास लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगालना शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का मानना है कि सीसीटीवी फुटेज से घटना में शामिल लोगों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।

    इस घटना के बाद कॉलोनी की महिलाओं ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता जताई है। समता श्रीवास्तव का आरोप है कि शाम होते ही कुछ असामाजिक तत्व कॉलोनी के आसपास खुलेआम शराब पीते हैं और वहां से गुजरने वाली महिलाओं पर अभद्र टिप्पणियां करते हैं। इससे महिलाओं और परिवारों में लगातार असुरक्षा की भावना बनी रहती है। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

    कॉलोनी की अन्य महिलाओं ने भी इसी तरह की शिकायतें दोहराते हुए कहा कि इलाके में शराबियों और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा आम बात हो गई है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में और गंभीर घटनाएं हो सकती हैं। रहवासियों ने पुलिस प्रशासन से नियमित गश्त बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखने की मांग की है।

    स्थानीय लोगों के अनुसार यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कॉलोनी में खड़े वाहनों के साथ तोड़फोड़ और उपद्रव की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं से रहवासियों में नाराजगी बढ़ रही है। उनका आरोप है कि असामाजिक तत्वों के खिलाफ समय पर सख्त कार्रवाई नहीं होने से उनके हौसले बुलंद हो रहे हैं और वे बेखौफ होकर ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।

    पीड़ित परिवार ने मामले की लिखित शिकायत कोतवाली थाने में देने की बात कही है। वहीं कॉलोनी के लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में नियमित पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए शराब पीकर उपद्रव करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो और दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के तहत कड़ी सजा दिलाई जाए ताकि कॉलोनी में रहने वाले परिवार सुरक्षित माहौल में रह सकें।

    कोतवाली पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज सहित उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।

  • सुबह तक सब कुछ सामान्य, कुछ घंटों बाद मातम; बच्चों को स्कूल भेजने के बाद महिला ने की आत्महत्या

    सुबह तक सब कुछ सामान्य, कुछ घंटों बाद मातम; बच्चों को स्कूल भेजने के बाद महिला ने की आत्महत्या


    देवास । मध्य प्रदेश के देवास शहर में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां 38 वर्षीय महिला ने अपने ही घर में फांसी लगाकर जान दे दी। घटना शुक्रवारिया हाट क्षेत्र की है। महिला ने सुबह अपने बच्चों को स्कूल भेजा, मंदिर में पूजा-अर्चना की और घर लौटने के कुछ समय बाद यह कदम उठा लिया। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में शोक और सनसनी का माहौल बन गया। फिलहाल आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है और पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।

    मृतका की पहचान रिंकी पडियार (38) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार मंगलवार सुबह घर का माहौल सामान्य था। रिंकी ने रोज की तरह अपने बच्चों को स्कूल जाने के लिए तैयार किया और उन्हें ऑटो तक छोड़कर आईं। उस समय उनके पति मनोज पडियार सुबह की सैर पर गए हुए थे।

    स्थानीय पार्षद बाली घोषी के मुताबिक बच्चों को स्कूल भेजने के बाद रिंकी पास के मंदिर में दर्शन और पूजा करने गई थीं। पूजा के बाद वह घर लौटीं, लेकिन इसके कुछ ही समय बाद उन्होंने घर के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

    जब पति मनोज पडियार सुबह घर लौटे तो उन्होंने काफी देर तक दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। कई बार आवाज लगाने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद उन्होंने दरवाजा तोड़कर घर में प्रवेश किया। अंदर का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। रिंकी फंदे पर लटकी हुई थीं। उन्होंने तत्काल आसपास के लोगों को सूचना दी, जिसके बाद क्षेत्र में लोगों की भीड़ जमा हो गई।

    घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि घटनास्थल से किसी सुसाइड नोट की जानकारी सामने नहीं आई है।

    कोतवाली थाना प्रभारी श्यामचंद शर्मा ने बताया कि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि महिला ने इतना बड़ा कदम किन परिस्थितियों में उठाया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। सुबह तक सामान्य दिनचर्या निभाने वाली महिला के अचानक इस तरह आत्महत्या करने से परिवार और पड़ोसी भी सदमे में हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

  • गमी में गया परिवार, पीछे से चोरों ने साफ किया घर; देवास में लाखों की ज्वेलरी और नकदी पर हाथ साफ

    गमी में गया परिवार, पीछे से चोरों ने साफ किया घर; देवास में लाखों की ज्वेलरी और नकदी पर हाथ साफ

    देवास  मध्य प्रदेश के देवास जिले में चोरों ने एक बार फिर सूने मकान को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये की चोरी की वारदात को अंजाम दिया। शहर के अलकापुरी क्षेत्र में रहने वाला एक परिवार रिश्तेदारी में गमी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बाहर गया था। इसी दौरान बदमाशों ने मकान का ताला तोड़कर घर में रखी सोने की ज्वेलरी और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। मंगलवार सुबह पड़ोसियों की सूचना पर चोरी का खुलासा हुआ, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

    जानकारी के अनुसार, मकान मालिक चेतनपुरी गोस्वामी 17 जुलाई की दोपहर करीब दो बजे अपने परिवार के साथ रिश्तेदारी में आयोजित शोक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए शहर से बाहर गए थे। घर कई दिनों तक बंद रहने का फायदा उठाकर अज्ञात बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया। मंगलवार सुबह करीब छह बजे पड़ोसियों ने घर का मुख्य दरवाजा खुला देखा तो उन्हें शक हुआ। इसके बाद उन्होंने तत्काल मकान मालिक को फोन कर घटना की जानकारी दी।

    सूचना मिलने पर चेतनपुरी गोस्वामी के भाई मनीष गोस्वामी सबसे पहले मौके पर पहुंचे। घर के अंदर का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। पूरे मकान का सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था और अलमारी के ताले टूटे हुए थे। अलमारी में रखे मंगलसूत्र समेत कई सोने के आभूषण और नकदी गायब थी। मनीष गोस्वामी ने वीडियो कॉल के माध्यम से चेतनपुरी गोस्वामी को घर की स्थिति दिखाई, जिसके बाद चोरी की पुष्टि हुई।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बदमाश लाखों रुपये मूल्य की ज्वेलरी और नकदी लेकर फरार हुए हैं। हालांकि चोरी की वास्तविक राशि और सामान का सही आकलन मकान मालिक के लौटने के बाद ही हो सकेगा। चेतनपुरी गोस्वामी का शहर में व्यवसाय है और फिलहाल वे परिवार के साथ बाहर होने के कारण विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं करा सके हैं।

    घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने घर से साक्ष्य जुटाए और फोरेंसिक जांच की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि बदमाशों की पहचान की जा सके और उनके आने-जाने के रास्तों का पता लगाया जा सके।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चोरी गए सामान की विस्तृत सूची मिलने के बाद प्रकरण में आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच के लिए आसपास के संदिग्धों और हाल के दिनों में सक्रिय चोरी के गिरोहों की गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है।

    लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि लंबे समय के लिए घर से बाहर जा रहे हों तो इसकी जानकारी विश्वसनीय पड़ोसियों या स्थानीय पुलिस को दें तथा घरों में सीसीटीवी कैमरे और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि इस तरह की वारदातों पर अंकुश लगाया जा सके।

  • देवास में रेलवे माल गोदाम के पास मिले युवक के शव की पहचान, जेब में मिली पर्ची से पहुंची पुलिस परिजनों तक

    देवास में रेलवे माल गोदाम के पास मिले युवक के शव की पहचान, जेब में मिली पर्ची से पहुंची पुलिस परिजनों तक


    देवास । देवास में रेलवे माल गोदाम के पास मिले अज्ञात युवक के शव की पहचान हो गई है। मृतक की शिनाख्त राजाराम नगर निवासी महेंद्र सिंह सिसोदिया के रूप में हुई। रविवार को जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। मामले में पुलिस मौत के कारणों की हर पहलू से जांच कर रही है।

    सिविल लाइन थाना पुलिस के मुताबिक, शव की तलाशी के दौरान मृतक की जेब से एक पर्ची बरामद हुई, जिस पर परिजनों का मोबाइल नंबर लिखा था। इसी नंबर के आधार पर पुलिस ने परिवार से संपर्क किया और शव की पहचान कराई।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, महेंद्र सिंह सिसोदिया 14 जुलाई को घर से निकले थे। इसके बाद वे नागदा क्षेत्र में अपने माता-पिता से मिलने पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि वहां किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद वह वापस घर नहीं लौटे। परिजन उनकी तलाश कर रहे थे, लेकिन चार दिन बाद उनका शव रेलवे माल गोदाम के पास मिला।

    घटनास्थल की जांच के दौरान पुलिस को जहर की कुछ पुड़िया भी मिली हैं। इन्हें जब्त कर जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मौत किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस आत्महत्या, दुर्घटना और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

    थाना प्रभारी अमित सोलंकी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। पुलिस मामले से जुड़े सभी तथ्यों और परिस्थितियों की गहन जांच कर रही है।

  • देवास में NSUI का हल्ला बोल, जर्जर स्कूल भवन हटाने से लेकर कॉलेज का नाम बदलने तक उठाईं कई अहम मांगें

    देवास में NSUI का हल्ला बोल, जर्जर स्कूल भवन हटाने से लेकर कॉलेज का नाम बदलने तक उठाईं कई अहम मांगें


    देवास । देवास जिले के हाटपिपल्या में वर्षों से लंबित मांगों को लेकर राष्ट्रीय छात्र संगठन एनएसयूआई ने तहसील कार्यालय का घेराव करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाते हुए प्रशासन पर लगातार अनदेखी का आरोप लगाया।

    एनएसयूआई के अध्यक्ष अरुण माली के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता तहसील कार्यालय पहुंचे। संगठन का कहना है कि पिछले चार वर्षों से विभिन्न समस्याओं को लेकर लगातार ज्ञापन दिए जा रहे हैं लेकिन अब तक किसी भी मांग पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। छात्रों का आरोप है कि प्रशासन केवल आश्वासन देता रहा लेकिन जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं। इसी कारण संगठन को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।

    प्रदर्शन के दौरान सबसे प्रमुख मुद्दा शासकीय बालक विद्यालय के जर्जर भवन का रहा। एनएसयूआई ने बताया कि स्कूल भवन लंबे समय से खस्ताहाल स्थिति में है और वहां पढ़ने वाले छात्र लगातार खतरे के बीच शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। संगठन ने याद दिलाया कि करीब दो वर्ष पहले भवन की छत का प्लास्टर गिरने से दो छात्र घायल हो गए थे लेकिन इसके बाद भी प्रशासन ने नया भवन बनाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। छात्रों ने मांग की कि पुराने और जर्जर भवन को हटाकर वहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया भवन बनाया जाए तथा सीएम राइज स्कूल की स्थापना की जाए ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।

    एनएसयूआई ने शासकीय महाविद्यालय हाटपिपल्या का नाम भारत की पहली महिला शिक्षिका और समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले के नाम पर रखने की भी मांग की। संगठन का कहना है कि शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनके ऐतिहासिक योगदान को सम्मान देने के लिए यह निर्णय लिया जाना चाहिए। इससे नई पीढ़ी को उनके संघर्ष और शिक्षा के प्रति समर्पण से प्रेरणा मिलेगी।

    ज्ञापन में महाविद्यालय के एक छात्र के साथ हुई कथित मारपीट की घटना का भी उल्लेख किया गया। संगठन ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। एनएसयूआई का कहना है कि शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी प्रकार की हिंसा या उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।

    प्रदर्शन के अंत में एनएसयूआई नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। संगठन ने कहा कि छात्र हितों की रक्षा के लिए वह लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगा। फिलहाल प्रशासन की ओर से ज्ञापन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है लेकिन छात्रों ने जल्द सकारात्मक कार्रवाई की उम्मीद जताई है।

  • देवास से जैश मॉड्यूल का संदिग्ध गिरफ्तार, गुजरात ATS का दावा- पाकिस्तान हैंडलर्स से जुड़े थे तार

    देवास से जैश मॉड्यूल का संदिग्ध गिरफ्तार, गुजरात ATS का दावा- पाकिस्तान हैंडलर्स से जुड़े थे तार


    देवास । मध्य प्रदेश के देवास से गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े कथित मॉड्यूल के एक संदिग्ध सदस्य को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार युवक की पहचान 18 वर्षीय बिलाल दुरानी मोहम्मद अम्मार घाघा उर्फ अबू दुजाना के रूप में हुई है। गुजरात ATS का दावा है कि वह उस मॉड्यूल का हिस्सा था, जिसके खिलाफ गुजरात और मध्य प्रदेश में संयुक्त अभियान चलाकर कुल आठ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आरोपों की न्यायिक प्रक्रिया अभी शेष है।

    गुरुवार रात गुजरात ATS की टीम देवास के नाहर दरवाजा क्षेत्र स्थित गफूर बस्ती पहुंची। स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में टीम ने युवक के घर पर पूछताछ की और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे अपनी अभिरक्षा में ले लिया। देवास पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोद ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि गुजरात ATS एक संदिग्ध की तलाश में आई थी और नियमानुसार उसे एजेंसी को सौंप दिया गया।

    गुजरात ATS के अनुसार, खुफिया सूचना के आधार पर पता चला था कि कुछ लोग प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की विचारधारा का प्रचार करने और गुजरात में उसका नेटवर्क तैयार करने की कोशिश कर रहे थे। इसके बाद तकनीकी और मानव खुफिया इनपुट के आधार पर गुजरात के बनासकांठा, मेहसाणा, पाटन, नवसारी तथा मध्य प्रदेश के देवास सहित विभिन्न स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की गई। एजेंसी का दावा है कि आरोपियों ने कथित तौर पर “दारुल इस्लाम गुजरात जैश-ए-मोहम्मद” नाम से एक संगठन बनाकर नए लोगों को जोड़ने का प्रयास किया।

    जांच एजेंसी का यह भी दावा है कि गिरफ्तार आरोपियों के पाकिस्तान स्थित कथित हैंडलर्स अब्दुल्ला और मोहम्मद उमर से संपर्क के सबूत मिले हैं। ATS के अनुसार, मॉड्यूल को लगभग तीन लाख रुपए की फंडिंग मिली थी, जिससे एक पुरानी कार खरीदी गई। आरोप है कि जैश से जुड़े साहित्य का गुजराती भाषा में अनुवाद कर कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने का प्रयास भी किया जा रहा था।

    ATS ने छापेमारी के दौरान मोबाइल फोन, कथित जिहादी दस्तावेज, ऑडियो-वीडियो सामग्री, तस्वीरें, संगठन का झंडा, मसूद अजहर से जुड़ी किताबें, उर्दू में लिखे पत्र और गुजराती में अनूदित साहित्य बरामद करने का दावा किया है। इन आधारों पर सभी आठ आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि न्यायालय में होने वाली सुनवाई और जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

  • रेवाबाग में आबकारी का छापा, 63 बल्क लीटर अवैध शराब बरामद; तस्कर फरार

    रेवाबाग में आबकारी का छापा, 63 बल्क लीटर अवैध शराब बरामद; तस्कर फरार


    देवास । देवास में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 पेटी देशी शराब जब्त की है। मुखबिर से मिली सूचना पर रेवाबाग क्षेत्र में की गई इस कार्रवाई के दौरान करीब 63 बल्क लीटर अवैध शराब बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत 33,400 रुपए बताई जा रही है। हालांकि कार्रवाई के दौरान आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहा। आबकारी विभाग ने उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।

    आबकारी विभाग को सूचना मिली थी कि रेवाबाग क्षेत्र में एक व्यक्ति अपने घर के पास बड़ी मात्रा में अवैध शराब छिपाकर रखता है और स्कूटर के जरिए शहर की अलग-अलग गलियों में इसकी सप्लाई करता है। सूचना के आधार पर विभाग की टीम ने शुक्रवार को इलाके में दबिश दी।

    छापेमारी के दौरान टीम ने मौके से 4 पेटी देशी मसाला और 3 पेटी देशी प्लेन शराब बरामद की। कुल मिलाकर 63 बल्क लीटर अवैध मदिरा जब्त की गई। अधिकारियों के मुताबिक आरोपी आबकारी टीम के पहुंचने से पहले ही मौके से भाग निकला।

    आबकारी विभाग ने जब्त शराब को अपने कब्जे में लेकर आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। अब उसके ठिकानों और संभावित संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है ताकि जल्द गिरफ्तारी की जा सके।

    कार्रवाई आबकारी उपनिरीक्षक प्रेम यादव के नेतृत्व में की गई। विभाग का कहना है कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा तथा ऐसे कारोबार में शामिल लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • कोचिंग सेंटरों में मिली बड़ी लापरवाही: बंद मिले एग्जिट, फायर ऑडिट नहीं; नगर निगम का 2 दिन का अल्टीमेटम

    कोचिंग सेंटरों में मिली बड़ी लापरवाही: बंद मिले एग्जिट, फायर ऑडिट नहीं; नगर निगम का 2 दिन का अल्टीमेटम


    मध्यप्रदेश । देशभर में कोचिंग संस्थानों में हुई दुर्घटनाओं के बाद देवास नगर निगम ने शहर के कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच शुरू कर दी है। निरीक्षण के दौरान कई संस्थानों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आने पर नगर निगम ने संचालकों को दो दिन के भीतर सभी कमियां दूर करने का अंतिम अल्टीमेटम दिया है। तय समय सीमा में सुधार नहीं होने पर संबंधित संस्थानों को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।

    शुक्रवार को नगर निगम की टीम ने शहर के विद्या कोचिंग, पार्थ कोचिंग और वर्मा कोचिंग क्लासेस का निरीक्षण किया। जांच में कई गंभीर खामियां सामने आईं। कई संस्थानों में फायर सेफ्टी और इलेक्ट्रिकल ऑडिट नहीं कराया गया था, जबकि आपातकालीन निकासी की व्यवस्था भी मानकों के अनुरूप नहीं मिली।

    निरीक्षण के दौरान सबसे गंभीर लापरवाही आपातकालीन निकासी मार्गों को लेकर सामने आई। कई स्थानों पर एग्जिट के रास्ते बंद पाए गए और उनमें कबाड़ रखा हुआ था। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में यह छात्रों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है।

    जांच में यह भी पाया गया कि कुछ कोचिंग संस्थानों में पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए थे। इसके अलावा भवन की क्षमता और विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में अग्निशमन उपकरण भी पर्याप्त नहीं थे।

    विद्या कोचिंग के संचालक ने अधिकारियों को बताया कि संस्थान में अभी कक्षाएं शुरू नहीं हुई हैं और जल्द ही एग्जिट व्यवस्था, फायर सेफ्टी सहित सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों को पूरा कर लिया जाएगा।

    वहीं पार्थ कोचिंग में केवल एक निकासी मार्ग चालू मिला, जबकि दो अन्य रास्ते बंद थे और उनमें कबाड़ रखा हुआ था। यहां फायर और इलेक्ट्रिकल ऑडिट भी नहीं कराया गया था। नगर निगम की टीम ने तत्काल सुधार करने, बंद एग्जिट खोलने और अग्निशमन उपकरणों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।

    नगर निगम ने सभी कोचिंग संचालकों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि दो दिन के भीतर सभी सुरक्षा संबंधी कमियां दूर की जाएं। यदि निर्धारित समय में आवश्यक सुधार नहीं किए गए तो संबंधित संस्थानों के खिलाफ सीलिंग सहित सख्त कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान नगर निगम के फायर अधिकारी जितेंद्र सिसोदिया, प्रतीक शर्मा, उमेश चतुर्वेदी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

  • छात्रों की सुरक्षा से समझौता नहीं देवास में फायर सेफ्टी खामियों पर कोचिंग क्लास सील नगर निगम का अभियान तेज

    छात्रों की सुरक्षा से समझौता नहीं देवास में फायर सेफ्टी खामियों पर कोचिंग क्लास सील नगर निगम का अभियान तेज


    देवास । देवास में छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने कोचिंग संस्थानों की जांच का विशेष अभियान शुरू किया है। अभियान के दौरान रामनगर चौराहे के पास स्थित डीसी कोचिंग क्लासेस में गंभीर सुरक्षा खामियां मिलने पर नगर निगम ने संस्थान को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। कार्रवाई के बाद शहर के अन्य कोचिंग संस्थानों में भी हड़कंप की स्थिति बन गई है।

    नगर निगम की टीम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि भवन में आपातकालीन निकास के लिए बनाई गई सीढ़ियां और रैंप बेहद खराब स्थिति में थे। ऐसी स्थिति में किसी भी आपातकाल के दौरान छात्रों के सुरक्षित बाहर निकलने में गंभीर खतरा हो सकता था। इसके अलावा कक्षाओं में भी कई आवश्यक सुरक्षा और मूलभूत व्यवस्थाओं का अभाव पाया गया।

    निरीक्षण में सबसे बड़ी लापरवाही फायर सेफ्टी को लेकर सामने आई। संस्थान में आग लगने जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए न तो पर्याप्त अग्निशमन उपकरण उपलब्ध थे और न ही सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम किए गए थे। नगर निगम अधिकारियों ने इसे विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा मानते हुए कोचिंग संस्थान को सील करने की कार्रवाई की।

    कार्रवाई के दौरान नगर निगम के अधिकारी जितेंद्र सिसौदिया सहित निगम की टीम मौके पर मौजूद रही। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा नियमों का पालन सभी शैक्षणिक संस्थानों के लिए अनिवार्य है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    डीसी कोचिंग क्लासेस के अलावा नगर निगम की टीम ने शहर के अन्य कोचिंग संस्थानों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान संचालकों को भवन सुरक्षा फायर सेफ्टी और आपातकालीन निकास सहित सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिन संस्थानों में खामियां पाई जाएंगी उनके खिलाफ भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    नगर निगम ने कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने सभी कोचिंग संचालकों से अपील की है कि वे निर्धारित सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता दें और समय रहते आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर लें ताकि भविष्य में किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।