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  • हेड कॉन्स्टेबल फिरोज खान की संपत्ति का आंकड़ा 65.71 करोड़ तक पहुंचा, लोकायुक्त को मिले नए प्लॉट और बैंक खातों के रिकॉर्ड

    हेड कॉन्स्टेबल फिरोज खान की संपत्ति का आंकड़ा 65.71 करोड़ तक पहुंचा, लोकायुक्त को मिले नए प्लॉट और बैंक खातों के रिकॉर्ड


    इंदौर  । इंदौर के पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल ड्राइवर फिरोज खान की संपत्तियों को लेकर लोकायुक्त की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। जांच के दौरान देवास की आदर्श कॉलोनी में दो प्लॉट बैंक खातों में जमा रकम और एक आरा मशीन की जानकारी सामने आई है। लोकायुक्त के मुताबिक अब तक फिरोज खान से संबंधित 50 अचल संपत्तियां चिह्नित की जा चुकी हैं। इनकी सरकारी गाइडलाइन के अनुसार कीमत 18.29 करोड़ रुपये आंकी गई है जबकि अनुमानित बाजार मूल्य 65.71 करोड़ रुपये बताया गया है। जांच एजेंसी संपत्तियों के दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रही है ताकि संपत्ति से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटाई जा सके।

    लोकायुक्त ने 14 अक्टूबर को फिरोज खान से जुड़े विभिन्न आवासों और ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया था। इस कार्रवाई के बाद से जमीनों मकानों बैंक खातों और अन्य निवेशों से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है। इसी क्रम में देवास के सीनियर राधागंज क्षेत्र की आदर्श कॉलोनी में दो प्लॉट की जानकारी सामने आई। रिकॉर्ड के अनुसार प्लॉट नंबर 16ए का क्षेत्रफल 958 वर्गफीट और प्लॉट नंबर 45 का क्षेत्रफल 1060 वर्गफीट है। दोनों प्लॉट साहिल ट्रेडिंग कंपनी के नाम पर क्रमशः 8.74 लाख रुपये और 9.32 लाख रुपये में खरीदे गए थे। इनकी मौजूदा अनुमानित बाजार कीमत करीब 60.54 लाख रुपये बताई गई है।

    जांच में बैंक खातों में जमा रकम का विवरण भी सामने आया है। लोकायुक्त को बैंक से मिली जानकारी के मुताबिक महाराजा रियल एस्टेट के खाते में 9.70 लाख रुपये जमा पाए गए हैं। अब तक विभिन्न बैंक खातों में कुल 19.76 लाख रुपये जमा होने की जानकारी मिली है। एजेंसी इन खातों से जुड़े लेनदेन और दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच का उद्देश्य संपत्तियों के स्वामित्व और खरीद से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड की पड़ताल करना है। आगे की जांच में खातों में जमा रकम के स्रोत और संबंधित लेनदेन से जुड़े तथ्यों की पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।

    देवास जिले के सोनकच्छ क्षेत्र के पिपलरावां में लकड़ी की आरा मशीन होने की जानकारी भी जांच के दौरान मिली है। रिकॉर्ड के अनुसार यह आरा मशीन फिरोज खान की मां वहीदा खान के नाम पर 6 लाख रुपये में खरीदी गई थी। लोकायुक्त इस संपत्ति से संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रहा है। इसके साथ ही अन्य संपत्तियों के रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि संबंधित संपत्तियां कब और किसके नाम पर खरीदी गईं और उनके लेनदेन का विवरण क्या है।

    लोकायुक्त के अनुसार अब तक फिरोज खान से संबंधित 50 अचल संपत्तियां चिह्नित की गई हैं। इनकी गाइडलाइन कीमत और बाजार मूल्य में बड़ा अंतर बताया गया है। सरकारी गाइडलाइन के आधार पर इन संपत्तियों की कीमत 18.29 करोड़ रुपये है जबकि अनुमानित बाजार मूल्य 65.71 करोड़ रुपये आंका गया है। जांच एजेंसी संपत्तियों के साथ चल संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रही है।

    इस मामले में पहले भी फिरोज खान और उनसे जुड़े लोगों के नाम कई संपत्तियों बैंक खातों और वाहनों की जानकारी सामने आने की खबरें प्रकाशित हुई थीं। बेटी की शादी में नोट उड़ाने के वीडियो सामने आने के बाद भी यह मामला चर्चा में आया था। अब देवास में दो प्लॉट और आरा मशीन की जानकारी मिलने के बाद जांच का दायरा आगे बढ़ा है। हालांकि संपत्तियों के मूल्य और स्वामित्व से जुड़े अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने तथा संबंधित दस्तावेजों की पुष्टि के बाद ही स्पष्ट होंगे। फिलहाल लोकायुक्त की टीम उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर मामले की जांच जारी रखे हुए है।

  • हेड कॉन्स्टेबल के ठिकानों पर सुबह 6 बजे लोकायुक्त का छापा, बंगले से लेकर जमीन और फर्मों तक जांच, करोड़ों के लेन-देन का पता चला

    हेड कॉन्स्टेबल के ठिकानों पर सुबह 6 बजे लोकायुक्त का छापा, बंगले से लेकर जमीन और फर्मों तक जांच, करोड़ों के लेन-देन का पता चला


    इंदौर । मध्य प्रदेश में आय से अधिक संपत्ति के मामले में लोकायुक्त पुलिस ने इंदौर के पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल फिरोज खान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। लोकायुक्त इंदौर और उज्जैन की संयुक्त टीम ने बुधवार सुबह करीब 6 बजे इंदौर और देवास में एक साथ 15 ठिकानों पर सर्चिंग शुरू की। शुरुआती जांच में हेड कॉन्स्टेबल के पास करीब 6.26 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति होने का अनुमान सामने आया है। लोकायुक्त के अनुसार यह संपत्ति उनकी आंकी गई आय से करीब 223 प्रतिशत अधिक है। फिलहाल टीम बैंक खातों निवेश संपत्तियों और कारोबार से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।

    फिरोज खान वर्तमान में पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय में ड्राइवर के पद पर पदस्थ हैं। इससे पहले वह देवास के औद्योगिक थाने और बागली में भी सेवाएं दे चुके हैं। उनकी करीब 20 साल की सरकारी सेवा बताई जा रही है। लोकायुक्त के मुताबिक वेतन के रूप में उनकी आय करीब 75 लाख रुपये आंकी गई है। अन्य स्रोतों से होने वाली आय को जोड़कर कुल आय लगभग 1.93 करोड़ रुपये मानी गई है। इसके मुकाबले शुरुआती जांच में 6.26 करोड़ रुपये की संपत्ति का अनुमान सामने आने के बाद मामले की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।

    शिकायत में आरोप लगाया गया था कि फिरोज खान पुलिस विभाग में अपनी पदस्थापना का प्रभाव दिखाकर देवास क्षेत्र में विवादित जमीनों और प्लॉटों के मामलों में हस्तक्षेप करते थे। उन पर दूसरे लोगों के माध्यम से जमीनों का लेन-देन करने संपत्तियों में निवेश करने और परिवार के सदस्यों के अलावा एक परिचित महिला के नाम पर भी संपत्तियां खरीदने के आरोप हैं। शिकायत में कई वाहन रखने और लकड़ी के कारोबार से जुड़े होने की बात भी कही गई थी। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने और संबंधित साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही स्पष्ट होगी।
    शिकायत में आरोप लगाया गया था कि फिरोज खान पुलिस विभाग में अपनी पदस्थापना का प्रभाव दिखाकर देवास क्षेत्र में विवादित जमीनों और प्लॉटों के मामलों में हस्तक्षेप करते थे। उन पर दूसरे लोगों के माध्यम से जमीनों का लेन-देन करने संपत्तियों में निवेश करने और परिवार के सदस्यों के अलावा एक परिचित महिला के नाम पर भी संपत्तियां खरीदने के आरोप हैं। शिकायत में कई वाहन रखने और लकड़ी के कारोबार से जुड़े होने की बात भी कही गई थी। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने और संबंधित साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही स्पष्ट होगी।

    प्रारंभिक जांच में फिरोज खान की मां और पत्नी के नाम पर साहिल ट्रेडिंग नाम की फर्म होने की जानकारी सामने आई है। लोकायुक्त के अनुसार इस फर्म के खाते में करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ है। वहीं उनकी परिचित रोशनी वर्मा द्वारा रोशनी सेल्स एंड सर्विस नाम से फर्म संचालित किए जाने की जानकारी भी मिली है। जमीनों की खरीद में कथित भूमिका सामने आने के बाद रोशनी वर्मा को भी मामले में आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा रॉयल ग्रीन रियल एस्टेट नाम की फर्म के माध्यम से रियल एस्टेट में निवेश किए जाने की जानकारी की भी जांच की जा रही है।

    जांच में इंदौर जिले की सांवेर तहसील के ग्राम गुरान में करीब 21.75 बीघा कृषि भूमि से जुड़े सौदे का मामला भी सामने आया है। इस जमीन को लेकर शिकायतकर्ता के बेटे और उसके पिता के बीच विवाद बताया गया है। आरोप है कि इस विवाद का फायदा उठाकर फिरोज खान ने अपनी परिचित रोशनी वर्मा के नाम पर शिकायतकर्ता के पिता से कृषि भूमि का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट करवाया। लोकायुक्त की टीम इस सौदे से संबंधित दस्तावेजों और भूमिका की पड़ताल कर रही है।

    कार्रवाई के दौरान देवास में 11 और इंदौर में चार ठिकानों की तलाशी ली जा रही है। इनमें मकान फ्लैट कृषि भूमि प्लॉट और व्यावसायिक संपत्तियां शामिल हैं। देवास के आदर्श नगर सहित कई कॉलोनियों में संपत्तियों की जांच की जा रही है। इंदौर के बाणगंगा क्षेत्र में रोशनी वर्मा के निवास के अलावा स्कीम नंबर 94 के मनोरमा अपार्टमेंट और श्रीनगर कॉलोनी के श्रीदेवी अपार्टमेंट स्थित फ्लैट भी जांच के दायरे में हैं। स्कीम नंबर 94 स्थित बड़े बंगले के निचले हिस्से को किराए पर दिए जाने और उससे आय मिलने की जानकारी भी जांच में शामिल है। वीआईपी नंबर 9000 वाली स्कॉर्पियो की भी पड़ताल की जा रही है।

    लोकायुक्त की टीम बैंक खातों फर्मों के वित्तीय लेन-देन निवेश और संपत्तियों के दस्तावेजों की जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार तलाशी पूरी होने के बाद बरामद दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामला जांच के अधीन है और शुरुआती आंकड़ों के आधार पर संपत्ति तथा आय के स्रोतों का मिलान किया जा रहा है।

  • देवास में ऑपरेशन प्रहार की बड़ी कार्रवाई, कॉलेज मैदान में हथियार लेकर घूम रहा युवक गिरफ्तार, रिवॉल्वर और कारतूस जब्त

    देवास में ऑपरेशन प्रहार की बड़ी कार्रवाई, कॉलेज मैदान में हथियार लेकर घूम रहा युवक गिरफ्तार, रिवॉल्वर और कारतूस जब्त


    देवास । देवास जिले के बागली में पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार के तहत कार्रवाई करते हुए एक युवक को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक युवक गांधी कॉलोनी स्थित कॉलेज ग्राउंड में रिवॉल्वर लेकर घूम रहा था। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और युवक को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक देशी रिवॉल्वर और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है।

    पुलिस के अनुसार 27 सितंबर को सूचना मिली थी कि कॉलेज ग्राउंड में एक युवक हथियार लेकर घूम रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए बागली पुलिस ने तत्काल टीम तैयार की और बताए गए स्थान पर पहुंचकर निगरानी शुरू की। टीम ने इलाके में घेराबंदी की ताकि युवक पुलिस को देखकर भाग न सके। कुछ देर बाद पुलिस ने चापड़ा निवासी रवि उर्फ बदिया उम्र 29 वर्ष को पकड़ लिया।

    पुलिस ने युवक की तलाशी ली तो उसके पास से देशी रिवॉल्वर बरामद हुई। इसके साथ ही एक जिंदा कारतूस भी मिला। हथियार और कारतूस मिलने के बाद पुलिस ने दोनों को जब्त कर लिया और युवक को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि युवक के पास अवैध हथियार कहां से आया और वह इसे लेकर कॉलेज ग्राउंड में किस उद्देश्य से घूम रहा था।

    बागली थाने में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। प्रकरण अपराध क्रमांक 401/2026 के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। जांच के दौरान हथियार की सप्लाई से जुड़े संभावित संपर्कों और आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड सहित अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई जा सकती है।

    कॉलेज ग्राउंड जैसे सार्वजनिक स्थान पर हथियार के साथ युवक के पकड़े जाने की घटना के बाद इलाके में पुलिस कार्रवाई को लेकर चर्चा है। ऑपरेशन प्रहार के तहत पुलिस अवैध हथियार रखने और आपराधिक गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कार्रवाई कर रही है। इस कार्रवाई में सूचना के आधार पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवक को पकड़ा और उसके पास मौजूद हथियार को जब्त किया।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर अवैध हथियार लेकर घूमने वाले लोगों की पहचान करना और कानून के तहत कार्रवाई करना है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है और पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि रिवॉल्वर और कारतूस उसके पास कैसे पहुंचे।

    इस कार्रवाई में बागली थाना प्रभारी जीवन भिडोरे उप निरीक्षक गब्रिएल एक्का प्रधान आरक्षक रामप्रताप सिंह चौहान आरक्षक अनिल सिंह और विशाल चन्द्रवंशी की भूमिका रही। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की जांच पूरी होने के बाद ही हथियार के स्रोत और युवक के उद्देश्य से जुड़े अन्य तथ्य सामने आ सकेंगे।

  • देवास में गणेश विसर्जन का भव्य नजारा देर रात तक उमड़ी भीड़ ऑपरेशन सिंदूर की झांकी रही खास आकर्षण

    देवास में गणेश विसर्जन का भव्य नजारा देर रात तक उमड़ी भीड़ ऑपरेशन सिंदूर की झांकी रही खास आकर्षण


    देवास । देवास में अनंत चतुर्दशी के अवसर पर शुक्रवार रात गणेश विसर्जन चल समारोह निकाला गया। शहर की सड़कों पर देर रात तक गणपति बप्पा की भक्ति और देशभक्ति का अनोखा संगम देखने को मिला। अलग अलग क्षेत्रों से निकली गणेश प्रतिमाओं और झांकियों ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। समारोह में धार्मिक और सामाजिक संदेशों के साथ देशभक्ति से जुड़ी झांकियां भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं।

    इस बार गणेश विसर्जन चल समारोह में ऑपरेशन सिंदूर और भारतीय सेना के शौर्य पर आधारित झांकी विशेष रूप से चर्चा में रही। झांकी के जरिए सेना के साहस और देश के प्रति समर्पण को दर्शाने का प्रयास किया गया। इसे देखने के लिए रास्ते के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग जमा हुए। जैसे ही झांकी जुलूस के बीच से गुजरी लोगों ने उत्सुकता के साथ इसे देखा।

    समारोह में 80 से ज्यादा गणेश प्रतिमाएं और झांकियां शामिल हुईं। इनमें अलग अलग सामाजिक धार्मिक और देशभक्ति से जुड़े विषयों को प्रदर्शित किया गया। कई प्रतिमाओं को आकर्षक रोशनी और विशेष सजावट से तैयार किया गया था। रंग बिरंगी लाइटों से सजी झांकियां रात के अंधेरे में और भी आकर्षक नजर आ रही थीं।

    गणेश विसर्जन चल समारोह को देखने के लिए शहर के विभिन्न हिस्सों से लोग पहुंचे। जुलूस जिस मार्ग से गुजर रहा था वहां श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दी। परिवारों के साथ लोग प्रतिमाओं के दर्शन करने के लिए देर रात तक सड़कों पर मौजूद रहे। कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने जुलूस का स्वागत किया और गणेश प्रतिमाओं पर फूल बरसाए।

    धार्मिक आस्था के इस आयोजन में देशभक्ति से जुड़ी झांकियों ने समारोह को अलग पहचान दी। ऑपरेशन सिंदूर की झांकी में भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम को प्रदर्शित किया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने रुककर झांकी को देखा और इसके जरिए दिए जा रहे संदेश को समझने की कोशिश की।

    गणेश विसर्जन के दौरान प्रशासन ने भी व्यवस्थाओं पर नजर बनाए रखी। कलेक्टर ऋतुराज सिंह और पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोत ने जुलूस मार्ग का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था के साथ यातायात और भीड़ नियंत्रण की स्थिति का जायजा लिया। जुलूस के दौरान पुलिस बल को अलग अलग स्थानों पर तैनात किया गया था।

    प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही गई। भीड़ वाले स्थानों पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अमला सक्रिय रहा। जुलूस के दौरान लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए मार्ग और यातायात व्यवस्था पर भी नजर रखी गई।

    देर रात तक देवास की सड़कों पर गणेश प्रतिमाओं और झांकियों का सिलसिला चलता रहा। श्रद्धालु गणपति बप्पा के दर्शन करते रहे और विसर्जन के लिए आगे बढ़ती प्रतिमाओं को देखते रहे। धार्मिक उत्साह के साथ सेना के शौर्य को दर्शाती झांकी ने इस बार के गणेश विसर्जन समारोह को खास बना दिया।

  • पूजा के बाद स्कूटी के पास पहुंची युवती तो दिखी सांप की पूंछ: इंजन में जा छिपा था सांप एक घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

    पूजा के बाद स्कूटी के पास पहुंची युवती तो दिखी सांप की पूंछ: इंजन में जा छिपा था सांप एक घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन


    देवास । देवास में एक मंदिर में पूजा करने पहुंची युवती उस समय घबरा गई जब अपनी स्कूटी के पास लौटने पर उसे वाहन के अंदर सांप दिखाई दिया। सांप की पूंछ नजर आते ही युवती ने तुरंत आसपास मौजूद लोगों को इसकी जानकारी दी। कुछ ही देर में मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने स्कूटी को ध्यान से देखा तो पता चला कि सांप वाहन के अंदर काफी गहराई तक जा चुका था। इसके बाद सर्प मित्र को सूचना दी गई और सांप को सुरक्षित बाहर निकालने की कवायद शुरू हुई।

    मामला देवास के उज्जैन रोड स्थित शिव मंदिर का बताया जा रहा है। युवती मंदिर में पूजा करने के लिए पहुंची थी। उसने अपनी स्कूटी मंदिर के पास खड़ी की थी। पूजा पूरी करने के बाद जब वह वापस स्कूटी के पास आई तो उसकी नजर वाहन के अंदर मौजूद सांप की पूंछ पर पड़ी। सांप को देखते ही वह घबरा गई और उसने आसपास के लोगों को बुलाया। कुछ ही समय में वहां बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए।

    सूचना मिलने पर सर्प मित्र शाहिद अली अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उस समय तक सांप स्कूटी के अंदर इंजन के आसपास के हिस्से में जाकर छिप चुका था। सांप को बाहर निकालने के लिए टीम ने पहले वाहन के अलग अलग हिस्सों की जांच की। काफी कोशिश के बाद भी सांप आसानी से बाहर नहीं आया। इसके बाद स्कूटी की डिक्की और दूसरे जरूरी पार्ट्स को खोलकर अंदर छिपे सांप की तलाश की गई।

    सर्प मित्र और उनकी टीम करीब एक घंटे तक स्कूटी में सांप की तलाश करती रही। सांप इंजन के पास जाकर इस तरह छिपा हुआ था कि उसे सीधे बाहर निकालना आसान नहीं था। टीम ने बेहद सावधानी के साथ स्कूटी के हिस्से खोले और सांप तक पहुंचने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद आखिरकार सांप को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाल लिया गया।

    सर्प मित्र शाहिद अली ने बताया कि सांप स्कूटी के अंदर काफी गहराई तक चला गया था। इसी वजह से उसे बाहर निकालने के लिए वाहन के कई हिस्सों को खोलना पड़ा। राहत की बात यह रही कि सांप जहरीला नहीं था। इसके बावजूद टीम ने पूरी सावधानी के साथ उसका रेस्क्यू किया ताकि सांप या आसपास मौजूद किसी व्यक्ति को नुकसान न पहुंचे।

    सांप के बाहर निकलने के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। जिस स्कूटी में कुछ देर पहले तक सांप छिपा हुआ था उसे देखने के लिए भी लोगों की भीड़ लगी रही। रेस्क्यू के बाद सांप को किसी तरह की चोट नहीं आई और उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। बाद में उसे जंगल में छोड़ दिया गया।

    इस घटना ने एक बार फिर यह दिखाया कि बारिश और बदलते मौसम के दौरान सांप सुरक्षित और गर्म जगह की तलाश में वाहनों के अंदर भी पहुंच सकते हैं। ऐसे में वाहन खड़ा करने के बाद उसे चलाने से पहले आसपास और खासकर खुले हिस्सों की जांच करना जरूरी है। अगर किसी वाहन में सांप दिखाई दे तो खुद उसे पकड़ने या निकालने की कोशिश करने के बजाय प्रशिक्षित सर्प मित्र या विशेषज्ञ की मदद लेना ज्यादा सुरक्षित रहता है।

  • चीज पिज्जा मांगा था मिला वेज पिज्जा फिर जमकर हुआ विवाद देवास में ग्राहकों और कर्मचारियों पर FIR

    चीज पिज्जा मांगा था मिला वेज पिज्जा फिर जमकर हुआ विवाद देवास में ग्राहकों और कर्मचारियों पर FIR


    देवास । देवास शहर में पिज्जा के एक ऑर्डर को लेकर शुरू हुआ विवाद मारपीट तक पहुंच गया। घटना मंगलवार रात शहर के बस स्टैंड के सामने स्थित एनी टाइम बेकरी में हुई। यहां चीज पिज्जा की जगह वेज पिज्जा दिए जाने और ऑर्डर तैयार होने में देरी को लेकर ग्राहकों और बेकरी कर्मचारियों के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई। घटना के बाद दोनों पक्षों ने कोतवाली थाने पहुंचकर एक दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
    जानकारी के अनुसार राम रहीम नगर निवासी प्रिंस और संजू चौहान मंगलवार रात करीब 11 बजे पिज्जा लेने के लिए बस स्टैंड के सामने स्थित बेकरी पहुंचे थे। दोनों ने वहां चीज पिज्जा का ऑर्डर दिया था। आरोप है कि कुछ समय बाद उन्हें चीज पिज्जा की जगह वेज पिज्जा तैयार करके दे दिया गया। पहले से ही ऑर्डर मिलने में देरी को लेकर नाराज ग्राहक जब कर्मचारियों से इस बारे में बात करने लगे तो दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई।

    शुरुआत में विवाद केवल ऑर्डर को लेकर था लेकिन बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ता चला गया। मामला इतना बढ़ गया कि ग्राहकों और बेकरी कर्मचारियों के बीच मारपीट शुरू हो गई। घटना में बेकरी कर्मचारी देवराज सेन ने पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। देवराज का आरोप है कि प्रिंस और संजू ने उसके साथ मारपीट की। इस दौरान उसके सिर में चोट आई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू की।

    वहीं दूसरी ओर प्रिंस और संजू चौहान ने भी पुलिस के सामने अपनी शिकायत दर्ज कराई। दोनों का आरोप है कि बेकरी कर्मचारी देवराज सेन के अलावा संचालक जसपाल और राजू ने उनके साथ मारपीट की। इस तरह विवाद में दोनों पक्षों की ओर से एक दूसरे पर मारपीट के आरोप लगाए गए हैं।

    घटना की जानकारी मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत को दर्ज किया। कोतवाली थाना प्रभारी शशिकांत चौरसिया के मुताबिक विवाद चीज पिज्जा की जगह वेज पिज्जा दिए जाने और ऑर्डर में देरी को लेकर शुरू हुआ था। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है।

    फिलहाल पुलिस घटना से जुड़े लोगों के बयान दर्ज कर रही है। साथ ही विवाद की वास्तविक वजह और मारपीट की परिस्थितियों को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है। मामूली बात से शुरू हुआ यह विवाद अब पुलिस केस तक पहुंच गया है। पिज्जा के ऑर्डर में हुई गलती और देरी को लेकर शुरू हुई कहासुनी ने कुछ ही देर में ऐसा रूप ले लिया कि ग्राहकों और कर्मचारियों दोनों को थाने पहुंचना पड़ा।

  • देवास में दूध की गुणवत्ता को लेकर जांच से मचा हड़कंप 6 डेयरियों में पहुंची संयुक्त टीम एक के दूध पर शक सैंपल अब भोपाल में होगा टेस्ट

    देवास में दूध की गुणवत्ता को लेकर जांच से मचा हड़कंप 6 डेयरियों में पहुंची संयुक्त टीम एक के दूध पर शक सैंपल अब भोपाल में होगा टेस्ट


    देवास। देवास में दूध की गुणवत्ता को लेकर खाद्य विभाग ने गुरुवार को बड़ी जांच कार्रवाई की। खाद्य विभाग राजस्व विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीम ने उज्जैन रोड स्थित कई दूध डेयरियों का निरीक्षण किया। इस दौरान उज्जैन से पहुंची चलित प्रयोगशाला की मदद से करीब छह डेयरियों में दूध की रैपिड किट के जरिए जांच की गई। जांच के दौरान ज्यादातर डेयरियों में दूध निर्धारित मानकों के अनुरूप पाया गया। हालांकि एक डेयरी के दूध की गुणवत्ता को लेकर अधिकारियों को आशंका हुई जिसके बाद वहां से सैंपल लेकर विस्तृत जांच के लिए भोपाल भेजा गया है।

    अधिकारियों के मुताबिक मौके पर की गई प्रारंभिक जांच के आधार पर दूध की गुणवत्ता को लेकर जहां संदेह सामने आया वहां से नमूना सुरक्षित तरीके से लिया गया। अब इस सैंपल की प्रयोगशाला में जांच की जाएगी। भोपाल से रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दूध में वास्तव में किसी तरह की मिलावट या गुणवत्ता संबंधी कमी है या नहीं। अधिकारियों ने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    संयुक्त जांच टीम में नायब तहसीलदार हरिओम ठाकुर और खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुरेंद्र ठाकुर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल रहे। टीम ने डेयरियों में पहुंचकर दूध की गुणवत्ता की जांच करने के साथ वहां उपलब्ध अन्य दूध उत्पादों को भी देखा। अधिकारियों ने बताया कि जांच का उद्देश्य उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना और दूध तथा दूध से बने उत्पादों में किसी तरह की मिलावट की संभावना को सामने लाना है।

    जांच के दौरान डेयरियों में मौजूद दूध उत्पादों की भी पड़ताल की गई। इनमें सुक्रोज की मात्रा की जांच भी शामिल रही। अधिकारियों ने मौके पर उपलब्ध उत्पादों से जुड़े जरूरी तथ्यों को दर्ज किया। इस तरह की जांच से यह पता लगाने में मदद मिलती है कि उपभोक्ताओं को बेचे जा रहे दूध और अन्य उत्पाद निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हैं या नहीं।

    खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान ज्यादातर दुकानों पर दूध तय मानकों के अनुसार मिला। हालांकि एक डेयरी से लिए गए सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि केवल प्रारंभिक जांच के आधार पर किसी डेयरी के खिलाफ अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। भोपाल से आने वाली प्रयोगशाला रिपोर्ट के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।

    दूध रोजमर्रा की जरूरत से जुड़ा खाद्य पदार्थ है और बड़ी संख्या में लोग इसका सीधे सेवन करते हैं। ऐसे में इसकी गुणवत्ता को लेकर समय समय पर जांच बेहद जरूरी मानी जाती है। देवास में हुई इस कार्रवाई के बाद अब लोगों की नजर भोपाल भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट पर है। यदि जांच में दूध मानकों के विपरीत पाया जाता है तो संबंधित डेयरी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल प्रशासन रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है और उसके आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।

  • देवास नगर निगम में विकास कार्यों को लेकर हंगामा, पार्षद ने दिया धरना; जनता के लिए काम कराने पर अड़े

    देवास नगर निगम में विकास कार्यों को लेकर हंगामा, पार्षद ने दिया धरना; जनता के लिए काम कराने पर अड़े


    देवास । देवास में वार्ड क्रमांक 9 के विकास कार्यों को लेकर नगर निगम और पार्षद के बीच विवाद सामने आया है। बुधवार को वार्ड पार्षद दीपेश कानूनगो ने बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और महिलाओं के साथ नगर निगम कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। पार्षद और उनके साथ पहुंचे लोगों ने निगम परिसर की सीढ़ियों पर बैठकर नारेबाजी की। इस दौरान नगर निगम प्रशासन के साथ महापौर और महापौर प्रतिनिधि के खिलाफ भी नारे लगाए गए। प्रदर्शन के दौरान पार्षद ने वार्ड में विकास कार्यों की अनदेखी किए जाने का आरोप लगाते हुए निगम प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की।

    पार्षद दीपेश कानूनगो का कहना है कि वार्ड क्रमांक 9 के लोगों को पिछले करीब एक साल से विकास कार्यों का इंतजार है। उनके मुताबिक इस अवधि में वार्ड के लिए कोई नया विकास कार्य मंजूर नहीं किया गया है। उन्होंने दावा किया कि नगर निगम में करीब 450 विकास कार्यों के टेंडर किए गए हैं लेकिन इनमें वार्ड क्रमांक 9 का एक भी काम शामिल नहीं है। पार्षद का आरोप है कि इस स्थिति के कारण वार्ड के लोगों को मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

    प्रदर्शन के दौरान पार्षद ने कहा कि वार्ड की समस्याओं को लेकर वे लगातार नगर निगम के अधिकारियों से संपर्क करते रहे हैं। कई बार समस्याओं और विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों को ज्ञापन भी दिए गए हैं। इसके बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। पार्षद ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने नगर निगम आयुक्त को पूरे मामले की जानकारी दी है लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।

    पार्षद के अनुसार महापौर प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल से भी उन्होंने वार्ड के विकास को लेकर बातचीत करने की कोशिश की है। उनका आरोप है कि अब महापौर प्रतिनिधि उनका फोन तक नहीं उठा रहे हैं। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ निगम कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और अपनी मांग प्रशासन के सामने रखी।

    प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने भी वार्ड की समस्याओं को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि लंबे समय से विकास कार्यों की जरूरत महसूस की जा रही है लेकिन लोगों को केवल आश्वासन मिल रहे हैं। महिलाओं ने कहा कि जनता को सिर्फ भरोसा दिलाने के बजाय धरातल पर काम शुरू किया जाना चाहिए। उन्होंने निगम प्रशासन से वार्ड की मूलभूत समस्याओं का जल्द निराकरण करने की मांग की।

    वहीं नगर निगम आयुक्त दलीप कुमार ने पार्षद की ओर से रखी गई मांगों को लेकर कहा कि पार्षद ने कुछ मुद्दे सामने रखे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वार्ड में पहले भी विकास कार्य कराए गए हैं। निगम आयुक्त के इस बयान के बाद अब वार्ड में विकास कार्यों को लेकर पार्षद और निगम प्रशासन के दावों में अंतर सामने आया है। प्रदर्शन के जरिए पार्षद ने वार्ड की समस्याओं को लेकर निगम प्रशासन पर दबाव बढ़ाया है। अब देखना होगा कि निगम की ओर से इन मांगों पर क्या कदम उठाए जाते हैं और वार्ड क्रमांक 9 में नए विकास कार्यों को लेकर कब तक स्थिति स्पष्ट होती है।

  • 120 साल से नहीं टूटी देवास की ये शाही परंपरा, पालकी में विराजे लड्डू गोपाल तो जयकारों से गूंजा शहर

    120 साल से नहीं टूटी देवास की ये शाही परंपरा, पालकी में विराजे लड्डू गोपाल तो जयकारों से गूंजा शहर


    देवास । देवास में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व इस बार भी आस्था और वर्षों पुरानी परंपरा के साथ मनाया गया। शहर में जन्माष्टमी के अवसर पर देवास राज परिवार की 120 साल पुरानी दिंडी यात्रा निकाली गई। शनिवार 5 सितंबर की शाम आयोजित इस ऐतिहासिक यात्रा में भगवान लड्डू गोपाल को विशेष रूप से सजाई गई पालकी में विराजित किया गया। पालकी के साथ राज परिवार के सदस्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। यात्रा जिस रास्ते से होकर गुजरी वहां भक्तों का उत्साह और भगवान के दर्शन की लालसा साफ दिखाई दी।

    देवास में दिंडी यात्रा की यह परंपरा संत तुकाराम महाराज की प्रेरणा से शुरू होने की बात कही जाती है। राज परिवार द्वारा पिछले 119 वर्षों से इस परंपरा को लगातार निभाया जाता रहा है और इस वर्ष यह यात्रा 120वीं बार आयोजित की गई। इतनी लंबी अवधि से चली आ रही यह परंपरा देवास की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। हर वर्ष जन्माष्टमी के अवसर पर श्रद्धालु इस यात्रा का बेसब्री से इंतजार करते हैं।

    जन्माष्टमी के दिन शाम करीब 6 बजे सीनियर राजवाड़े स्थित मंदिर में भगवान लड्डू गोपाल की विधिवत पूजा अर्चना की गई। इसके बाद उन्हें पालकी में विराजित किया गया। जन्माष्टमी को देखते हुए राजवाड़े के मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया था। पूजा के बाद जैसे ही भगवान लड्डू गोपाल की पालकी यात्रा के लिए निकली तो श्रद्धालुओं में उत्साह बढ़ गया। लोगों ने भगवान के दर्शन किए और सुख समृद्धि की कामना की।

    इस धार्मिक यात्रा में राज परिवार के सदस्य विक्रमसिंह पवार सहित शाही परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल हुए। उनके साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु और धर्मप्रेमी नागरिक यात्रा का हिस्सा बने। शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए दिंडी यात्रा आगे बढ़ी। रास्ते में श्रद्धालुओं ने भगवान लड्डू गोपाल के दर्शन किए और धार्मिक भाव के साथ यात्रा का स्वागत किया। पालकी के साथ चल रहे श्रद्धालुओं के कारण पूरे मार्ग पर भक्तिमय माहौल बना रहा।

    दिंडी यात्रा सीनियर राजवाड़े से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए मीठा तालाब पहुंची। यहां भगवान लड्डू गोपाल की दोबारा पूजा अर्चना की गई। इसके बाद धार्मिक आयोजन का समापन हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और लोगों ने भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।

    देवास की यह 120वीं दिंडी यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही ऐतिहासिक परंपरा की झलक भी है। बदलते समय के बावजूद राज परिवार और श्रद्धालुओं द्वारा इस परंपरा को निरंतर आगे बढ़ाया जाना शहर की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए हुए है। जन्माष्टमी के मौके पर निकली इस यात्रा ने एक बार फिर देवास में भक्ति और परंपरा का अनोखा संगम देखने को मिला।

  • निशान और भव्य झांकियों के साथ निकला गोगादेव महाराज का चल समारोह, दर्शन को उमड़े श्रद्धालु

    निशान और भव्य झांकियों के साथ निकला गोगादेव महाराज का चल समारोह, दर्शन को उमड़े श्रद्धालु


    देवास । देवास में गोगा नवमी के अवसर पर शनिवार रात लोक आराध्य जाहरवीर गोगादेव महाराज के सम्मान में भव्य चल समारोह निकाला गया। धार्मिक आस्था और उत्साह से भरे इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और समाजजन शामिल हुए। पूरे मार्ग पर गोगादेव महाराज के जयकारों से माहौल भक्तिमय नजर आया। समारोह में पारंपरिक निशानों के साथ कई आकर्षक झांकियां शामिल की गईं जिन्हें देखने के लिए शहर के अलग अलग हिस्सों से लोग पहुंचे।

    चल समारोह का आयोजन वाल्मीकि समाज छोटी पाती देवास की ओर से किया गया। आयोजन की शुरुआत उज्जैन रोड स्थित गुरु गोरखनाथ मंदिर से हुई। यहां से श्रद्धालुओं और समाजजनों के साथ चल समारोह शहर के प्रमुख मार्गों की ओर रवाना हुआ। जुलूस के आगे और पीछे बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। जैसे जैसे समारोह शहर के बीच पहुंचा वैसे वैसे झांकियों के दर्शन करने के लिए लोगों की भीड़ बढ़ती गई।

    इस दौरान माता बाछल की गोद में बाल स्वरूप में विराजित वीर गोगादेव महाराज की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। झांकी में गोगादेव महाराज के बाल स्वरूप को बेहद मनमोहक तरीके से प्रस्तुत किया गया था। माता बाछल की गोद में विराजित बाल गोगादेव की छवि देखकर श्रद्धालु भावविभोर नजर आए। बड़ी संख्या में लोगों ने झांकी के दर्शन किए और गोगादेव महाराज से सुख समृद्धि की कामना की।

    चल समारोह में भगवान सांवलिया सेठ की झांकी भी शामिल की गई थी। इस झांकी ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। शहर के जिन जिन मार्गों से समारोह गुजरा वहां श्रद्धालु पहले से ही झांकियों के स्वागत और दर्शन के लिए मौजूद रहे। कई स्थानों पर लोगों ने धार्मिक भाव के साथ चल समारोह का स्वागत किया। गोगादेव महाराज के जयकारों और भक्ति गीतों के बीच पूरा वातावरण उत्सवमय बना रहा।

    गोगादेव महाराज को लोक आस्था में जाहरवीर के नाम से भी जाना जाता है। गोगा नवमी के अवसर पर देश के कई हिस्सों में उनकी पूजा और धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। देवास में भी इस परंपरा के तहत हर वर्ष श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिलता है। इस बार भी चल समारोह में समाज के लोगों के साथ अन्य धर्मप्रेमी नागरिकों ने भाग लेकर आयोजन को भव्यता प्रदान की।

    गुरु गोरखनाथ मंदिर से शुरू हुआ यह चल समारोह एमजी रोड सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए देर रात मीठा तालाब पहुंचा। यहां धार्मिक उत्साह के बीच समारोह का समापन किया गया। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की मौजूदगी और झांकियों की भव्यता ने गोगा नवमी के पर्व को खास बना दिया। माता बाछल की गोद में बाल गोगादेव की झांकी विशेष रूप से लोगों के बीच चर्चा का विषय रही और श्रद्धालु बड़ी संख्या में इसके दर्शन के लिए जुटे।